| राजस्थानराजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 23, रवाििर, शाके 1947- सतिम् बर 14, 2025 Bhadra 23, Sunday, Saka 1947- September 14, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं ंिबंधी वज्ञिप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,सतिम्बर1 ,2125
ंिख्या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/18601 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात
ंदी द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर बू
के शवरायपाटन हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
नगर प शलक के शरि यप टन क सीम वरििण प्रपत्र -क षिष-2025
| र्वाड न. | वववरण | जनंिख्या |
| 1 | रराियं िपेट्रो िपंप के पा िेि नगर पासकिा ीिमा प्रारम्भ कापरेन की और चकिर शुगर सम िगेट ेि कापरेन रोड तक मेगा हाईेि चतिे हुए सश िमंदरि तक शुगर सम िकी ाियी आबाीि को शासम िकरते हुए अम्बेडकर भनि तक ीि रोड पर ं IDSMT योजना की ड़िक पर चतिे हुए के शोराय पाटन रोड ेि ब {उत्तर} ािए और FCI गोािम को शासम ि कर उकिे ािमने ािीि श्री जी वहिार कॉोिनी को शासम िकर कॉोिनी के पीछे माइनर पर चतिे हुए सश ि प री के आबाीि को शासम ि कर रराियं ि पेट्रो ि पंप तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र है | 902 |
| 2 | ब िस्टैंड के ािमने घनश्याम पुत्र जगन्नाथ के मकान ेि पप्श्चम दशिा नहर पार कर क्षिक्र्ष की तरफ रंगाि ि जी के मकान ेि ािए तरफ की आबाीि | 919 |
| को शासम ि करते हुए रामबाब जी माीि के मकान तक फफर ािए घ म कर ुिरेश जी पंािर के माकन को शासम िकर रामबाब जी के टि के मकान को ेिते हुए ािये और घ म कर गुरुयिा िसंिह जी के मकान तक गुरुयिा िसंिह जी के मकान ेि पीछे ेि बेिड़ा बस्ती में ुिसमत बेिड़ा के मकान की गीि ि े ेिाि बेिड़ा के मकान को ेिते हुए नहर तक फफर नहर ेि पप्श्चम दशिा की और चकिर ािये तरफ प्रताप नगर II िJJ वहिार कॉोिनी को शासम ि कर नहर के हिारे नगर पासकिा ीिमा तक फफर उत्तर दशिा की और चकिर के श िवहिार कॉोिनी के पीछे ािडण की ीिमा तक चकिर के श ि वहिार कॉोिनी में ईश्रि जी चौधरी का मकान शासम िकर छीतराि ि जी ुिमन के मकान को ेिते हुए BPCL गै ितािंट को शासम िकर भोजराज जी गुजणर के मकान को ेिते हुए पाटन रोड गौर िपथ ेि ब िस्टेण्ड की और चकिर घनश्याम पुत्र जगन्नाथ तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र है | ||
| 3 | श्री बद्री पंडडत जी के मकान ेि राजराजेश्रि रोड की और ािए तरफ की आबाीि को शासम िकरते हुए नगर पासकिा ीिमा तक फफर उत्तर की और नहर के हिारे प णि की और चकिे ािये और बेिड़ा बस्ती के पीछे काितिी बाई बैरागी के मकान को शासम ि कर बाए और घ म कर बद्रीाि ि जी पीटीआई मास्टर के मकान को शासम िकर प णि की और चकिर ािए गीि में उत्तर की और घ मकर आशीष जी माीि के मकान को शासम िकर के फफर ुिरेश जी पंािर के ािमने गुजणरो के मकान को ेिते हुए हनुमान मंदरि ािीि गीि में प णि की और चकिर रामबाब जी माीि के मकान को शासम ि कर उत्तर दशिा चकिर ािए तरफ आबाीि को शासम ि कर नहर तक फफर रामरतन बंजारा के मकान ेि क्षिक्र्ष की और घ म कर सशािजी माध्यसमक वद्यिायि को शासम िकर ाियी और की आबाीि को शासम िकरते हुए बद्री पंडडत के मकान तक की आबाीि का म्पिर् ण क्षेत्र है | 992 |
| 4 | मात्रा चौराहे पर अमर मेडडक ि ेि राजराजेश्रि रोड की और चकिर ािए तरफ की आबाीि को शासम ि कर बाकि पंडडत के मकान तक ि उनके मकान को शासम िकर ािए और घ म कर नहर की और च िकर ािए तरफ की आबाीि शासम िकरते हुए ेिािंशु जोशी का मकान शासम िकर नहर तक प णि दशिा घ म कर शुभम होट ि मात्रा चौराहा की और च ि कर अमर मेडडक ितक आबाीि का म्पिर् ण क्षेत्र है | 931 |
| 5 | कब्रस्तिान ेि पप्श्चम दशिा राजराजेश्रि रोड पर च ि कर बीिर के मकान तक क्षिक्र्ष दशिा में मुड़कर झरननया बस्ती रास्ते चतिे हुए त्यिनारार्य ज जी का ण राठौर िमोंट रिािर का मकान शासम िकर बाए म ड कर चतुभु मकान शासम िकर फफर ािए म ड रामफकशन जी का मकान शासम िकर बाए और की आबाीि शासम िकर पतप जी के मकन तक फफर त्यिनार्रा राठौर क े मकन ेि बाए और की आबाीि को शासम िकरते हुए तहीि ि रोड तक वप्रयांशु बेकरी ेि मुड़कर मक्के शाह रिगाह होते हुए कब्रस्तिान तक फक | 1078 |
भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिम्बर 14, 2025 753
| आबाीि का म्पिर् ण क्षेत्र है | ||
| 6 | राजराजेश्रि रोड़ पर रघु माीि के मकान ेि झरननया बस्ती के रास्ते ािए तरफ की आबाीि को ेिते हुए महाीिर जी ुिमन के मकान को शासम िकर ुिगाणाि िुिमन के मकान को ेिते हुए मनि ाि िैिनी के मकान तक फफर आगे ेिीिाि िुिमन का मकान ािसम िकर नन्ािि िुिमन को ेिते हुए श्री नाथ ाि िजी तक करीररया भेरू जी को शासम िकरते हुए धमणराज जी को ेिते हुए नीि तक नीि के हिारे च ि कर राजराजेश्रि मंदरि को शासम ि कर नगर पासकिा ीिमा तक हिॉ ेि उत्तर की और च ि कर आईटीआई को शासम ि करते हुए राजराजेश्रि रोड़ ेि पाटन की तरफ चतिे हुए ािए और की आबाीि को शासम िकरते हुए रघुमाीि के मकान तक फक आबाीि का म्पिर् ण क्षेत्र है | 990 |
| 7 | बाब ाि ि माीि के मकान ेि करीररया भेरू जी के नाेि ेि बाए और की आबाीि को शासम िकरते हुए ेिनिारार्य मदरि के पा िकी आबाीि गढ़ी के हनुमान जी होते हुए चम्ब िनीि तक , चम्ब िनीि ेि च िकर उत्तर दशिा म ें मुड़कर जाििय वभिाग होते हुए जाििय के ािमने की गीि की बाए आबाीि ेिकर प्रभुाि ि के टि के मकान को शासम ि कर अशोक ुिमन के मकान ेिते हुए जगन्नाथ ुिमन को शासम ि कर बाए तरफ घ म कर रिस्तिी स्क िके ािमने कन्हैयााि िके मकान को ेिते हुए ुिगाण ाि ि जी ेि ािए च िकर कॉनणर मकान बाब ाि िजी माीि के मकान शासम ि कर बाब ाि िमाीि तक फक आबाीि का म्पिर् ण क्षेत्र है | 1011 |
| 8 | अरवन् िि शमाण के मकान ेि प्रारम्भ करके पप्श्चम दशिा (करकरा बाजार रास्ते पर) में चतिे हुए पुराने तहीि ि रोड़ को क्रा ि कर रामातिार खण्डेािि िके मकान को शासम िकरते हुए बाब ाि िके मकान ेि गीि में रोड़ तक नाघिाट रोड़ पर उत्तर मुड़कर नाघिाट दशिा में मुड़कर क्ष्मिीनारार्य जी मंदरि के पा ि पुरुषोतम गुतता की ुिकान को शासम ि करके पप्श्चम दशिा में मुड़कर रामधन के टि के मकान को शासम िकरते हुए चन्द्रप्रकाश के टि गुािबचन् ि के टि के मकान को शासम ि कर चम्ब ि नीि नगर पासकिा ीिमा तक चम्ब ि नीि ेि प णि दशिा में मुड़कर नाघिाट रोड़ पर चतिे हुए जैन मंदरि के ािमने गीि में महाीिर जांगीड़ के मकान को शासम िकरते हुए मप्स्ज ितक, मप्स्ज िेि ीिधे चतिे हुए रामजानकी मंदरि को शासम ि कर महाीिर जैन की गीि शासम ि करते हुए ािुिेि ि जी के मकान को शासम ि कर मकान ेि उत्तर दशिा में मुड़कर मनि मोहन जी मंदरि ेि होते हुए अरवन् ििशमाण के मकान तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 1050 |
| 9 | महाीिर ुिमन तहीि िरोड ेि घनश्याम घनश्याम शमाण तक घनश्याम शमाण क े मकान ेि पप्श्चम दशिा मुड़कर बृजमोहन शमाण के मकान को शासम िकर गीि में होते हुए त्यिनारार्य ोिनी के मकान तक त्यिनारार्य के मकान ि े उत्तर दशिा में घ मकर बाािजी की छतरी तक बाािजी की छतरी को | 1023 |
| शासम िकर मासयिो के मंदरि होते हुए बद्रीाि िजी का मकान शासम िकर उत्तर दशिा की और कॉनणर महाेि िमंदरि तक हिां ेि प णि दशिा घ म कर रिरता बाई का मकान िरमेश कु मार का मकान शासम िकरते हुए क्षिक्र्ष की और अशोक प्रजापनत का मकान शासम िकर ािडण no .10 की ीिमा के हिारे चतिे हुए महीिर जी ुिमन तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | ||
| 10 | पुरानी तहीि ि रोड पर फकशन गोपा ि ैिनी के मकान ेि प्रारम्भ होकर क्षिक्र्ष दशिा में चकिर महेंद्र राठौर के मकान ेि पप्श्चम दशिा में मुड़कर भोाि शंकर के मकान ेि क्षिक्र्ष दशिा घ म कर रामेि िजी महारि के मकान को शासम िकर ाियी तरफ की आबाीि शासम िकरते हुए गुरुयिा िजी का मकान ेिते हुए महाीिर जी जैन के मकान तक पप्श्चम की तरफ मुड़ कर रामस्रिूप जी को शासम िकरते हुए नरेंद्र जी के मकान तक क्षिक्र्ष की और मुड़ कर रिस्तिी स्क िशासम िकरते हुए जमनााि िशंकर माीि तक उत्तर की और घनश्याम गुजणर िभंरि ाि िजी धाकड़ का मकान ेिते हुए पुरानी तहीि िरोड पर फकशन गोपा िैिनी के मकान तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 905 |
| 11 | रिगाह के ािमने तयाऊ ेि प्रारम्भ होकर पुराने तहीि िरोड़ पर चतिे हुये मनीष ुिमन की ुिकान तक, ुिकान ेि करकरा बाजार के रास्ते पर चतिे ह ुये मन्द्रासयिा हनुमान जी तक, हनुमान जी के मंदरि ेि उत्तर दशिा में मुड़कर चौमुखा बाजार होते हुये, मुख्य बाजार होते हुए तयाऊ तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 993 |
| 12 | कम िपान ािेि ेि प्रारम्भ कर मात्रा रोड़ पर चतिे हुए महाीिर दक्षिक्षत की गीि में मुड़कर क्षिक्र्ष की और चकिर गीि की ोिनों तरफ की आबाीि को ेिते हुए अनन िजी जोहरी िप्रेम शंकर जी का मकान ेिते हुए मन्ना ाि ि जी के मकान तक फफर प्रेम शंकर ैिनी के माकन को शासम ि करते हुए पीछे की गीि में ािए तरफ की आबाीि को ेिते हुए ुिरजीत संिह िरई ि भाई के मकान को शासम िकर गुरुद्ािरा के पीछे होते हुए ीििम अंािरी क े मकान तक फफर ािए तरफ फक अबाीि को ेिते हुए ीििम अंािरी जी ेि आगे चकिर मेघािोि का मोहल्ाि की ोिनों तरफ की आबाीि को ेिते हुए मेघराज जी मेघाि ि ि राजेंद्र जी के मकानों को शासम ि करते हुए नन् ि फकशोर जी मेघाि ि के मकान तक फफर नन् ि फकशोर जी मेघाि ि के पीछे की गीि मजी िभाई के मकान ेि ािए तरफ की आबाीि को ेिते हुए मजहर अीि के मकान को शासम िकर गल्णि स्क िकी ािए और बाए तरफ की आबाीि को शासम िकर मुख्य बाजार ेि चतिे हुए कम िपान ािेि तक की मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 999 |
| 13 | भंरि संिह के मकान ेि प्रारम्भ होकर प णि दशिा में चकिर जगीिश राठौर के मकान को शासम ि कर उत्तर दशिा में मुड़कर अब्ुि ि ाििम ि कन्हैया भगत के मकान को शासम िकर फज ि कािई की गीि की ाियी आबाीि को शासम िकर गो िचबुतरा होते हुए जुम्मा पठान के मकान होते हुए करकरा | 909 |
भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिम्बर 14, 2025 755
| बाजार के रास्ते में रामेश्रि ेिन के मकान होते हुए करकरा बाजार के रास्ते मंद्रासयिा हनुमान जी होते हुए भंरि जाौिन के मकान तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | ||
| 14 | श्रृ ंगीयो के मंदरि ेि प णि दशिा में चतिे हुए नाप्जम ािहब के नोहरे को शासम िकर छीतर ाि िचोधरी के मकान ेि चतिे हुए र्गेश जी की छतरी तक र्गेश जी छतरी ेि करकरा बाजार के रास्ते पर चतिे हुए बद्री जी मकान ेि मुड़कर क्षिक्र्ष दशिा में चतिे हुए। आदनिाथ जैन के मकान को शासम ि करते हुए नीि पर जाने ािेि रास्ते चतिे हुए रामेि ि मंदरि को शासम ि कर नीि तक नगर पासकिा ीिमा तक नीि ेि पप्श्चम दशिा में मुड़कर ना िघाट रोड़ पर चतिे हुए गगराणज शमाण की गीि में मुड़कर पुस िि ंगीयों के मंदरि के तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। चोकी ेि चतिे हुए श्रृ | 926 |
| 15 | सशनिारार्य जी गुतता के मकान ेि प्रारम्भ होकर आदनिाथ जैन के ािमने की आबाीि को शासम ि कर रास्ते-रास्ते नीि तक बाये आबाीि को शासम ि कर नीि ेि प णि दशिा पर चकिर हिम घाट तक, घाट ेि मुड़कर रमेश मेघाि िके मकान को शासम िकर, रामचन्द्र मेघाि ितक ोितिराम मास्टर ि े चतिे हुए राधेश्याम मेघाि ि के मकान के ािमने की गीि में होते हुए टि र माीि के मकान को शासम िकर भैरू जी छतरी होते हुए सशनिारार्य गुतता के मकान तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 1128 |
| 16 | ननजामुद्दीन के मकान ेि प्रारम्भ होकर बड़ी मप्स्ज ि के रास्ते होते हुए इरिी िके मकान के ािये आबाीि को शासम ि करते हुए सयिाकत अीि के मकान के ािमने होते हुए त्तिार के मकान को शासम ि कर पुणि दशिा में राधेश्याम मेघाि िके मकान ेि मुड़कर गीि में होते हुए राजम िमा ििके मकान को शासम िकरकरा बाजार रास्ते ेि होते हुए भेरू जी की छतरी के ािमने होते हुए मुरारीाि ि कहासयिा का मकान होते हुए राधेश्याम बाहेती शंकर जी के मकान ेि होते हुए ननजामुद्दीन के मकान तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 1107 |
| 17 | खदटक मिाज छात्रााि िकी बाउण्रीाि िेि प्रारम्भ होकर भंरिाि िगुजणर के मकान को शासम िकर कमाि बाई के मकान को शासम िकरते हुए जोसशयो की नतबारी रोड़ तक छीतर भाई के मकान तक छीतर के ािमने पतप भाई क े मकान ेि जोसशयो की स्कु िहोते हुए ािपििीर रिगाह को शासम ि कर मनि गोड के मकान होते हुए हिार-हिारे रास्ते होते हुए बाािजी मंदरि होकर रामस्रिूप का मकान ि प्रभुाि ि जी का मकान ेिते हुए नगर पासकिा ीिमा तक ुिनगर नहर की बीच की उं ट की बस्ती शासम ि कर माधोराजपुरा रोड़ होते हुए खदटक मिाज धमणशााि की बाउण्री तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 953 |
| 18 | करकरा बाजार रास्ते पर भैरूाि िजी के मकान ेि प्रारम्भ होकर सरिाज के मकान होते हुए डोट्या के मकान तक मो० अीि के मकान ेि होते हुए ाियी | 981 |
| आबाीि को शासम िकर पहाििन जी की टेक तक, पहाििन जी की टेक ेि उत्तर दशिा में चकिर जमी ि के मकान ेि होते हुए अल्ताफ के मकान तक, अल्ताफ के मकान ेि पप्श्चम दशिा में चकिर इकराम के मकान तक इकराम के मकान ेि मजी ि के मकान होते हुए इकराम के मकान तक, इकराम के मकान ेि सरिाज के मकान होते हुए पीछे की गीि कािई गीि म ें अब्ुि िहिी िके मकान होते हुए गो िचबुतरा, ुिहार गीि में पीरू सभस्ती क े मकान होते हुए कम िके मकान ेि नाथ ाि िहाीििाि िके मकान होते ह ुए भैरू के मकान के मध्य का क्षेत्र | ||
| 19 | ािािपिीर चौक ेि ीििम ढाबे ािेि ेि दािििर ि पतप ाि ि हररजन का मकान ेिते हुए समट्ट जी का बाड़ा शासम िकर जगीिश जी हररजन िमोहन जी के मकान को छोड़ते हुए शौचिायि की गीि में बाए तरफ की आबाीि को शासम िकर बीिर भाई ेि ािए घ म कर अब्ुि िदिह िािीि गीि में बाए और की आबाीि को ेिते हुए मोहम्म ि नफी ि तक फफर क्षिक्र्ष घ म कर ऑक्फ़िोडण स्क ि शासम िकर ीिधा बाए तरफ की आबाीि ेिते हुए ीििम जी के माकन तक ीििम जी के मकान ेि प णि घ म कर ीििम जी का मकान शासम िकर मरीज गाडणन में ेि ािए िबाए ोिनों तरफ की आबाीि को शासम िकरते हुए ुिेिमान जी वपंजरा के मकान तक ुिेिमान जी वपंजरा क े मकान ेि मरीज गाडणन को करते हुए उत्तर दशिा चकिर नीिर हुैिन की गीि घ म कर मोहम्म िजख़ीर ि आजा ि जी के मकान को ािसम ि कर ािपििीर रोड़ तक, ािपििीर रोड़ ेि उत्तर दशिा में मुड़कर ीििम ढाबे ािेि तक तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 928 |
| 20 | ािमुािनयक भनि ेि रुकािना िमोहन जी के मकान को शासम िकर बंिता पचेराि िका मकान शासम ि हुए राज जी का मकान िंितोष जी का मकान ेिते हुए बाब ाि ि जी के मकान तक क्षिक्र्ष की और ािपििीर चौक ेि प णि की और चकिर बाए तरफ की आबाीि को शासम िकरते हुए कय म अीि के मकान को करते हुए छीतर जी के ािमने ीििम रजाक मो. जी के मकान तक फफर उत्तर की और च िकर पीर मोहम्म िके मकान को शासम ि करते हुए अनन ि पांचा ि और छीतराि ि मेघाि ि के मकान को शासम िकर खटीक छात्रााि िकी बॉउं री के हिारे मात्रा रोड तक फफर प णि में माधोराजपुरा रोड पर बाए तरफ की आबाीि को शासम ि करते हुए नगर पासकिा ीिमा ेि तीन ंिख्या नाेि तक तीन ंिख्या नाेि ेि ािडण 22 की ीिमा के हिारे नहर के रास्ते महेंद्र जी हाडा के बाए तरफ और ािमने की आबाीि को ेिते हुए धुतपड़ मकान ि भुनिेश जी का मकान शासम ि कर मात्रा रोड पर पप्श्चम की और चकिर बाए तरफ की आबाीि िईगिाह को शासम ि कर महब ब अीि जी का मकान शासम ि कर क्षिक्र्ष की तरफ च ि कर बा िितम्बोीि जी के मकान को शासम िकर गीि प णि की च िकर बाए तरफ की आबाीि को शासम िकरते हुए ािप िािमुािनयक भनि तक मध्य | 1129 |
भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिम्बर 14, 2025 757
| का म्पिर् ण क्षेत्र। | ||
| 21 | बद्रीाि ि नागर की ुिकान ेि प्रारम्भ छीतर जी चौधरी के मकान तक ेि क्षिक्र्ष दशिा च िकर ाियी तरफ की आबाीि को शासम िकर शंकराि िजी डंगोररया की गीि की ािये तरफ की आबाीि को ेिकर ािप िशंकराि िजी डंगोररया के मकान ेि प णि च िकर प्रेम जी हररजन के मकान को शासम ि कर पतप जी हररजन के मकान को ेिते हुए फफर पप्श्चम च िकर ािए तरफ की आबाीि ेिते हुए पतप जी मास्टर ि महेन्द्र जी के मकान हुए , ािमुािनयक भनि तक फफर आगे ािचिं ि जी के मकान को शासम ि करते ह ुए बीिर भाई के मकान तक ािए तरफ ेिते हुए, मन्ना जी मेघाि िकी गीि ािये तरफ दहस्ेि को शासम ि करते हुए याीिन बाबा के मकान को शासम िकर के बाए और मुड़ कर ािए तरफ की आबाीि को शासम ि करते ह ुए ुिरजीत संिह जी के मकान को शासम ि करके उत्तर की गीि में ािए तरफ की आबाीि शासम िकरते हुए मात्रा रोड बद्रीाि िनागर जी की ुिकान तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र हे | 1018 |
| 22 | प्रताप मेडीक ि ेि प्रारम्भ कर मात्रा रोड़ पर चतिे हुए बायी आबाीि को शासम ि कर भुनेश जी के मकान तक ेि उत्तर दशिा में मुड़कर ुितपड़ जी का मकान शासम िकर बाया गीि में घ म कर महेन्द्र जी हाडा का मकान शासम िकरके पीछे ुिनगर ािंच नहर तक नहर ेि चतिे हुये ुिगाण कॉोिनी शासम िकर इन्द्रपुररया मागण तक, इन्द्रपुररया मागण ेि बाब ाि िजी नागर के मकान को शासम िकर पप्श्चम दशिा में मुड़कर के ० पाटन की मुख्य ड़िक गोरपिथ तक, गोरपिथ पर क्षिक्र्ष दशिा में मुड़कर प्रताप मेडीक ि तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र। | 935 |
| 23 | तीन ंिख्या नाेि ेि पप्श्चम दशिा नहर चतिे हुए मुख्य मागण ब िस्टेण्ड ेि ं ब ीि रोड पर च िकर ािए तरफ की आबाीि को शासम िकरते हुए रागधका मरीज गाडणन को शासम ि कर पुस िि थाना के ािमने के श ि वहिार कॉोिनी को शासम ि कर ि मारािड़ा बस्ती को शासम ि कर प णि की तरफ मुड़ कर अंबेडकर भनि के रास्ते आईडीएएिमटी योजना के पीछे रेन तक, रेन के हिारे चतिे हुए नहर पर तीन ंिख्या नाेि तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र हे | 940 |
| 24 | र ेेिि स्टेशन आबकारी ऑफफ िेि उत्तर दशिा में रेेिि ािइन क्रॉ िकर नहर तक नहर के हिारे च िकर कापरेन की ीिमा की तरफ नगर पासकिा के . पाटन की ीिमा तक क्षिक्र्ष दशिा मुड़कर र्गेश जी मंदरि और पेट्रो िपंप के पा ि की आबाीि को शासम ि कर शुगर सम ि के पीछे की बाई आबाीि को शासम ि करते हुए तीन ंिख्या नाेि होकर शुगर सम ि के पीछे ेि होते हुए सश िमंदरि के पा िमेगा हाइेि तक मेघा हाइेि ेि कापरेन की तरफ च ि कर गल्णि कॉेिज तक ािई तरफ की आबाीि को ािसम िकरते हुए आबकारी ऑफफ ितक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र हे | 940 |
| 25 | र ेेिि स्टेशन ओमप्रकाश जी गुतता के मकान ेि उत्तर दशिा में रेेिि ािइन 940 | |
| ीि रोड क्रॉ ि ं क्रॉ ि कर के नहर ेि पप्श्चम दशिा में चकिर नहर नहर ब ीि रोड ेि ं करके बाए तरफ की आबाीि को शासम ि करते हुए रेेिि की ब कोटा की और िरिे नंबर की फाटक तक फाटक पार कर कोटा-ािोििट हाइेि पर ेि कापरेन की तरफ बाई आबाीि के .पाटन चौराहा पंचायत सिमनत को शासम ि करते हुए रेेिि स्टेशन ओमप्रकाश जी गुतता के मकान तक मध्य का म्पिर् ण क्षेत्र हे |