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Rajasthan Extraordinary Gazette · Government of Rajasthan

Rajasthan Extraordinary Gazette, Part Part 6 (A), 14 September 2025

Published 14 September 2025

Department
Local Self Government
Type
Extraordinary
Part
Part 6 (A)
Notification no.
NIL
Category
Statutory Notification
Document Type
Statutory Notification /Order
Subdepartment
Directorate of local bodies
Identifier
in.gazette.rajasthan_extraordinary.2025-09-14.5111273
Languages
English, Hindi

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राजस्‍थान‍राजपत्र वशिेष ांक RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary
स धकि र प्रक शशत Published by Authority
भाद्र 23, रवाििर, शाके 1947- सतिम् बर 14, 2025 Bhadra 23, Sunday, Saka 1947- September 14, 2025

भाग 6 (क)

नगरपासकिाओं ंिबंधी वज्ञिप्ततयां आद।ि

स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर

अधसिूचना

जयपुर,‍सतिम्‍बर‍1 ,‍2125

‍‍‍ंिख्‍या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/19041 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर उदयपुर द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा फतहनगर-सनवाड हेतु वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वाडा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।

यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।

र ज्यप ल की आज्ञ से,

जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,

ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि

नगर प शलक फतेहनगर सन िड क सीम वरििण प्रपत्र-क षिष-2025

र्वाड‍न. वववरण जनंिख्या
01 निािड़ नाहर ािगर के पीछे ेि शुरु होकर जोडीि कु ई, रातिो का कु आ शास िि करते हुए, शशिान तक एंि हिा ेि शशिान ािीि रोड के उत्तरी भाग को ेिते ह ुए शीताि ािता प्दिरि कु म्हार ौिहल्ाि के ोिनो तरफ होते हुए गजानद िजी प्दिरि के पीछे कु म्भ ािगर को प्म्सििति करते हुए गजानद िप्दिरि के पा ि ीििचद ि जी के किान ेि होते हुए गोपीाि ि ककर के किान ेि होते हुए निोहर पुरी जी के किान ेि होते हुए ीिधा भैरूाि िजी नाई के किान तक, पुनः पांचातिो की गीि का उत्तरी दशिा का भाग ककशन ाि िएंि बा िककशन जी ब्राह्णि ि जगीिश जी शािा के किान को प्म्सििति करते हुए ािनिे प्रभूाि ि जी ल्ािि के किान ेि होते हुए ािीिियो के किान ेि होते हुए, केििश पाराशर के किान ेि पार ि जी पाेिचा के किान एंि शांतताि ि जी 8 10
अग्राि िकी ुिकान तक एंि रा ितािई पर ोिहन जी ौिहार िािनखण्ड रोड पर तुीििरा िजटीया और आ-िपा िके भिी किान को प्म्सििति करते हुए, शंकर जी जाट के किान को प्म्सििति करते हुए पुनः गजानद ि जी ंिदरि तक। उक्त क्षैत्र ािडा न0-01 ेि प्म्ीििित ककया जाता है।
02 ुिरेश जी बडासियिा की ुिकान ेि दनिेश जी तेीि की ुिकान तक हिा ेि भगािन जी कु म्हार के किान ेि होते हुए गोक िजी ािीि की आराशिीन ेि ा होते हुए, ककशन संिह जी ि अजु न संिह जी के किान ेि होते हुए म्पिूणा ािीि बस्ती, ािडी बाजिी का म्पिूणा क्षेत्र प्म्सििति करते हुए दनिेश जी तेीि की ुिकान ेि होते हुए म्पिूणा बुनकर ोिहल्ाि काुि जी बुनकर के किान तक ोिनो ािईड को प्म्सििति करते हुए सठिु ाि िजी आचाया के पुराने किान ेि बाुि जी तेीि के किान तक एंि उकिे ािनिे राजेश जी गगा के किान (पोस्ट ऑकफ)ि ेि रापिा ि जी आचाया के किान तक का क्षेत्र ािडा न॰-02 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 873
03 निािड़ गजानद िजी रिािजे ेि होते हुए फतहाि िजी नाई के किान ेि होते ह ुए ेिघराज, पृथ्ीिराज जाट, छोगााि िकु ािर, काूिाि,ि काशीरा ि िराजु जी खण्डेािि िके किान ािीि ािईन एंि् ािनिे कक ािईड पुरूषौत्त िजी भटट् क ं म्पिुणा गारीयााि ि ि े किान ेि होते हुए ोिनो ािईड ािीि ािईन एि तुीिि ािटीका ािीि गीि होते हुए ोिनो ािईड िशब्बीर जी होरगर का किान िउ िके ािनिे ािीि ोिनो ािईड। पुनः बाबु जाट का किान िउ िके ािनिे ािीि ािईन श्या िजी भटट् ािीि ािईन होते हुए ोिनो ािईड कक ािईन होते ह ुए जाटो कक हथाई ेि होते हुए नृसंिह प्दिरि ेि होते हुए नृसंिह प्दिरि के पीछे गडोसयिा ािीि गीि ोिनो ािईड ेि एंि शंकर जी ौिहार के किान ेि होते ुिनी िजी डांगी के किान तक िराद्ाििरा ािईड कक बाुिजी वजियगिीय ािीि गीि ोिनो ािईड ि उयिाि ि जी तेीि के किान की ोिनो ािईड ेि बडासियिा की ुिकान के ्े यहा ेि घुतिे हुए पतपु काि िके किान ेि होते हुए नीिर जी के किान तक। पुनः ेिीिाि िजाट के किान ेि होते हुए जदटयो की गीि ेिं नदाि, ककशन जदटया के किान ेि शुरु होकर, शंकरपुरी, ािंगी ाि ि जाट के किान ेि होते हुए, शम्भू पुरी, ओ िपुरी के किान ेि होते हुए हिाेि ि जी की गीि ेिं फतहाि,ि ािधुपुरी एंि् म्पिुणा गीि एंि प्रे ि ाि ि जी के किान ेि जाटों का म्पिुणा ोिहल्ाि। उक्त क्षैत्र ािडा न॰-03 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 835
04 निािड़ बंशीाि ि जी कोठारी के किान ेि गजेदद्र जी जयाि ि के किान ेि होते हुए बाबुाि ि जी आचाया के किान तक एंि उनके ािनिे ईस्ािई ि जी, निि जी क्षिकार के किान ेि होते हुए छगन ाि िजी कु म्हार के किान तक हिा ेि ोिहन जी तेीि के किान तक प्म्सििति करते हुए दहरााि िजी ुिथार क े किान तक हिा ेि पुनः काुि जी ुिथार राेिश्रिजी ुिथार के किान ेि होते ह ुए एंि उकिे पा िािीि गीि को प्म्तििि करते हुए ािुिाि िजी के किान
ि े दीििप जी चपोित तक के किान को प्म्सििति करते हुए कदहैयााि िजी तातेड के किान ेि गोधिान जी ुिथार के किान तक िउकिे ािनिे बाबुाि ि जी वजियगिीय की पो िके स्तिि किानों को प्म्सििति करते हुए गणपत जी तातेड ि वजिर्यगिाय एंि प्रहाि ि जी अग्राि ि का म्पिुणा ोिहल्ाि प्म्सििति करते हुए हिाीिर जी वश्ोिित के किान ेि राकिरण जी ोिनी ि डेयरी ेि घुतिे हुए, रत्त्नाकर भनि होते हुए म्पिुणा पाेिचा गीि को प्म्सििति करते हुए अपु ि जी गडोसयिा के किान ेि होते हुए हिेदद्र जी पाेिचा की ुिकान ेि ीिधा रििथ जी, बाबुाि ि जी उतनया के किान ेि हीरााि िजी ब्राम्हण के किान तक पुनः गोधिान जी ुिथार ेि राजु हिाराज के किान के पा ि ािीि गीि ेिं जयािोि के किान ेि ेिीिाि ि जी टेरि, ािुिाि िजी गडोसयिा, भुरााि िजी तातेड के किान को प्म्सििति करते हुए धनपा ि जी ेिठ, ोिहन जी ुिराणा, अम्बााि ि जी ेिठ के किान को प्म्सििति करते हुए ोिनीयो की म्पिूणा गीि ोिनो ािईड को प्म्सििति करते ह ुए शांतताि िजी गडोसयिा की ुिकान ािीि ािईड ेि दनिेश, अशोक ेिठ की ुिकान ेि होते हुए, ीिधा चां ििि जी चण्डासयिा की ुिकान ि चण्डासयिा पररािर की म्पिुणा गीि को प्म्सििति करते हुए जैन प्दिरि एंि शांतताि ि जी गडोसयिा की म्पिूणा गीि ेि होते हुए ुिनी ि जी ेिदठया की गीि को प्म्सििति करते हुए प्रीिप जी चपोित के किान ेि होते हुए कु दनि िि जी न ाि ि जी तातेड के ा ेिदठया, ुिरेदद्र जी संिघीि के किान ेि होते हुए अजु किान तक का क्षैत्र ािडा न॰-04 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 965
05 निािड़ बोहरािडी वजिय संिह जी के किान ेि शुरू होकर चदुि जी वजियगिीय के किान ेि होते हुए गोपा िजी कोठारी के ुिकान के पा िािीि गीि शाीि ि करते हूए वनिो ि जी ािगरेचा के किान ेि होते हुये अग्राि ि ाििज भनि तक ोिनो ािईड ािीि ािईन िज्ञानचदद्र जी ािगरेचा के किान ि े राािि चौक तक ोिनो ािईड। हरकाि िजी चपोित के किान की म्पिुणा गीि ेि नश्यििा िजी प्दिरि, ेि जगीिश शािा ेि होते हुए चुदनी ाि िजी के किान ेि होते हुए बाुिजी नाई के किान ेि बाुिाि ि जी के किान ेि होते ह ुए काीिका ािता जी प्दिरि ेि ािाि जी आचाया के किान ेि होते हुए काुि जी प्रजापत के किान ेि धोबीयो की गीि को प्म्सििति करते हुए, प्स्जि ि की गीि तक एंि अखाडा प्दिरि म्पिुणा क्षैत्र, ािुि जी तम्बोीि ेि ुिनी िजी चण्डाीिया के किान तक ोिनो तरफ हेेिदद्र संिह जी के किान की ोिनो तरफ ि े रेिश जी ेिन के किान ेि होते हुए भुरााि ि जी ुिराणा ि वनिो ि जी ािेििचा के किान ेि होते हुए निोज जी अग्राि िके किान ेि श्या िजी नाई क े किान तक का क्षैत्र को ािडा न0-05 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 922
06 निािड़ शांतीाि ि संिघीि, ेि (बाफना ौिहल्ाि ोिनो ािईड) ेि अतु ि ेिि के किान ेि होते हुए ािंगीाि िनाई के किान ेि उयिसंिह जी के किान ािीि गीि ेि होते हुए, भैरू संिह जी ािीि गीि ेि होते हुए नारू जी धाबाई के
किान ेि होते हुए काका जी का राािि होते हुए सशजिी पुरोहीत ािीि म्पिुणा गीि ेि होते हुए वपरू जी ािीिि ेि होते हुए अशोक जी तातेड के नये किान तक ि उकिे ािनिे अतन ि जी तातेड के किान ािीि ािईन ेि होते हुए ुिरीिधर जी प्दिरि कक ािईन ेि ाििनी ौिहल्ाि, नगारची के किान ेि होते ह ुए कोताि िबााि के किान ेि होते हुए निोहर जी चपोित के किान ेि होते ह ुए राािि चौक ेि ईश्रिाि ि जी तातेड के किान ािीि गीि, तक ेि आगे वशिोितो ािीि गीि ेि चारभुजा प्दिरि ािीि गीि होते हुए प्रीिण जी तातेड क े किान तक। पुनः फु चिद ि जी चपोित के किान ेि होते हुए अरूण जी चपोित के किान ेि भगतिी ाि िशािा के किान तक। उक्त क्षैत्र ािडा न0- 06 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 866
07 निािड जदटयों के ोिहल्ेि ेिं ककशनाि,ि अरिा के किान ेि शुरु होकर हरचद,ि ेि म्पिुणा जटीया ौिहल्ाि िरेगर ौिहल्ाि िराजपुतो के किान ेि होते हुए म्पिुणा या िि ौिहल्ाि एंि म्पिुणा हररजन बस्ती होते हुए रतन जी या ििके किान के पा िअल्ािनुर के किान ेि ककशन संिह ाि िसंिह भंरि संिह ािीि गीि हो कर जािुिीिन के किान तक उक्त क्षैत्र ािडा न0-07 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 8 93
08 प्रकाश जी वपछोसयिा की ािई ािगर फे क्री के पीछे कॉनार ेि ािनिी ािफी चौराहा होते हुए हाईेि की ुिरिी तरफ दनिेश ैिष्ण िकी ुिकान के ािनिे डिक की ुिरिी और खेत ेि होते हुए रोड के पप्श्च ि दशिा की तरफ के किान भ ेरूाि ि कु ािति का किान ेि होते हुए पीपीि चौक की डिक के पप्श्च ि दशिा की तरफ के भाग को प्म्सििति करते हुए, रेल्ेि ािईन अण्डर पा ितक, र ेल्ेि ािईन अण्डर पा िेि रेल्ेि ािईन के ािथ ािथ पप्श्च िकी तरफ ोिईाि क ु ं आ के पप्श्चीि भाग के किानों को प्म्सििति करते हुए म्पिुणा ओगना खेडा गां ि को ेिते हुए ओगना खेडा चौराहे ेि रा-िश्या ि नगर की और नहर के हिारे होते हुए औडा का घर ेिते हुए नहर ेि बारा बबघा रोड पर प्स्थत घर को छोडते हुए ािखेाि फतहसंिह जी के किान को प्म्सििति करते हुए राजस् ि ीिाि ेि होते हुए उयिपुरर् चतौड हाईेि पर प्स्थत राजपुताना होट िके आ-ि पा ि के किानों को प्म्सििति करते हुए कै ािश जी अग्राि ि की फे क्री तक का क्षैत्र ािडा न॰-08 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 987
09 शोभााि िजी जाट के काम्पेिक्श ेिं सश ििेिडडक िस्टोर ेि हाईेि रोड क्रा ि होकर ोिहन ाि िौिहार की ुिकान ेि कपा िफे क्री को प्म्सििति करते हुए राजस् ि ीिाि ेि होते हुए फतहनगर आद्र्यौगक क्षेत्र को म्सििति करते हुए प्रकाश जी वपछोसयिा की फे क्री को छोडकर डिक ेि होते हुए हाईेि क्रॉ िकर ािनिीािफी चौराहे ेि ािनिीािफी का पूीि भाग प्म्सििति करते हुए पीपीि चौक ेि होते हुए टेीिफॉन एक्ेिंज ािीि डिक के क्षिक्षण दशिा के म्पिूणा घरो को प्म्सििति करते हुए हाईेि ेि पुनः शोभााि ि जी जाट के काम्पेिक्श ेिं सश ििेिडडक िस्टोर तक के क्षेत्र को ािडा न॰-09 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 963
10 धुणी बाईपा िचौराहा पर बाबुाि िजी तातेड के किान ेि अशोक जी अग्राि ि क े गोाि ि को प्म्सििति करते हुए राजस् ि ीिाि के ािथ पूीि दशिा ेिं होते ह ुए बोहरा ोिटाि को छोडकर फतहनगर ुिख्य डिक को क्रॉ ि कर वनिायक प्राई िसटिी के पप्श्चीि भाग को प्म्सििति करते हुए रेल्ेि ािईन ेि होते हुए उयिपुरर् चतौड हाईेि पर प्स्थत हनुािन जी प्दिरि के ािनिे ािीि डिक ेि तनक िकर हाईेि ेि होते हुए आाि ियोजना को प्म्सििति करते हुए ए िपी संिह के किान के ािनिे ािेि क्षेत्र को ेिते हुए चाण्डिा ािता के पा िके घरो को प्म्सििति करते हुए नहर तक रा-िश्या ि नगर को प्म्सििति करते हुए ं आ के पूीि भाग को प्म्सििति करते ओगनाखेडा चौराहे ेि होते हुए ोिईाि कु ह ुए रेल्ेि ािईन के ािथ ािथ कपाीिया के घरों को प्म्सििति करते हुए रेल्ेि अण्डर पा ि ेि ािनिीािफी पीपीि चौक ेि होते हुए टेीिफॉन ऐक्ेिदज ािीि डिक के म्पिूणा उतरी भाग को ेिते हुए हाईेि ेि होते हुए पुनः बाबुाि िजी तातेड के किान तक का क्षेत्र को ािडा न॰-10 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 854
11 निािड राेिश्रि ाि िजी आचाया के किान ेि फतहनगर रोड पर उप तहीि ि कायाायि के ािनिे तक एंि हिा ेि उपतहीि ि कायाायि की दाििर एंि रिकारी स्कु िकी बाउण्री ेि होते हुए जय श्री रा िनगर के ािनिे ािीि नयी रोड ेि होते हुए रोजीय िेिदठया सटिी के ािनिे ेि नयी रोड होते हुए दहरााि ि बस्ती के क्षिक्षण भाग को प्म्सििति करते हुए हाईेि तक, एंि हाईेि ेि पप्श्च िदशिा की तरफ निािड चौकडी होते हुए उत् ििहॉट िएंि हनुािन जी ंिदरि होते हुए, डा. ए.िपी. संिह के किान के ािनिे ािीि डिक ेि होते हुए, दहरा गिरी एंि हिा ेि ीिधा डा. हैडगेािर ािगा ेि होते हुए या ििोिहल्ेि के ािुिाितयक भनि के ािनिे ेि होते हुए, पुनः ीिधा राेिश्रि ाि िजी आचाया क े किान तक के अदरि का स्तिि क्षेत्र ािडा न0-11 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 990
12 निािड चौकडी ेि र्चत्तौड की तरफ चतिे हुए हिेश कॉोिनी को ेिते हुए ंिपूणा घीुि खान के किान ेि होते हुए ुिदशी खान के किान ेि होते हुए गणेश जी ीिणा के किान ेि होते हुए रेल्ेि स्टैशन ािीि रोड ेि शंकर जी गुतता के किान तक का म्पिुणा पप्श्चीि भाग को प्म्ीििित करते हुए रेल्ेि क्ािटार को प्म्सििति करते हुए रेल्ेि अण्डरपा ितक हिा ेि पप्श्चीि दशिा की तरफ पटरी के हिारे-हिारे छोटे अण्डर (पु)ि ेि ीिधा राज्य ािगा तक, यहां ेि हाईेि के हिारे गणपत जी के पेरो िपम्प के बाहर ेि होते हुए ीिधा निािड हाईेि चौकडी तक उक्त क्षैत्र ेिं त्यिि सशिि ुिदरिि इत्याद ि योजनाओ को प्म्सििति करते हुए निािड किा िपर प्स्थत कॅ म्पेिक् िको प्म्सििति करते ह ुए हाईेि किा ि ेि उक्त परर्रध के अदरि प्स्थत हिेश कॉोिनी, वनिायक नगर, दयू वनिायक नगर का कु छ भाग, अम्बेश कॉोिनी, कप्ल्क गिरी इत्याीि किानो की परर्रध ेि प्स्थत भिी क्षैत्र को ािडा न0-12 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 9 95
13 क ै ािश जी पाीिाि िके किान ेि होते हुए श्या िजी ुिदडिा का किान ुिरेश जी सति िके किान ेि होते हुए रेल्ेि ािईन तक हिा ेि रेल्ेि ािईन के हिारे- हिारे पप्श्च ि दशिा की तरफ वनिायक नगर की ुिख्य डिक तक, वनिायक नगर के पुीि दशिा के दहस्ेि को प्म्सििति करते हुए पुनः उयिपुर र्चत्तौड रोड के उत्तर दशिा की तरफ जनिााि िगुजार सशिि एजेदीि पुरण जी संिया ि ेियर हाउ ि ेि कै ािश जी पाीिाि ि के किान तक उक्त ािडा की परर्रध ािितत होती है उक्त परर्रध के अदतगात ब्रहम्पुरी कॉोिनी-1 ब्रहम्पुरी-।। जािहर कॉोिनी, ीिणा ौिहल्ाि, गुरू गोवदि ि संिह नगर, ोिनी जी की ािडी एंि उक्त परर्रध के अदतगात आने ािेि भिी किानो के क्षैत्र को ािडा न0-13 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 974
14 क ै ािश जी अग्राि ि(अनोि िािेि) के किान ेि चंच िजी हिात्ाि का किान ि े होते हुए हनुािन धािशााि ैिन चौराहा ेि नया बाजार के पप्श्च िदशिा के दहस्ेि को प्म्सििति करते हुए रेल्ेि अण्डरपा ि तक, हिा ेि रेल्ेि पटरी के हिारे ककशन पुरी जी के किान के ािनिे ािीि गीि के पुीि दशिा के दहस्ेि को प्म्सििति करते हुए दसिपि जी अग्राि िके किान ेि होते हुए रूपाि िजी ीिणा के किान ेि गोपा ि जी ोिनी के किान ेि अतन ि जी अग्राि ि (घडी ािेि) ेि कै ािश जी अग्राि िके किान तक की परर्रध ेि प्स्थत भिी क्षैत्र को ािडा न0-14 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 877
15 फतहनगर ैिन चौराहा पर शाप्दताि िजी ोिनी की ुिकान ेि होते हुए राजकीय र्चककत्ाियि फतहनगर के पा ि ीितनयर हायर ैिकण्डरी स्कु ि की बाउण्री तक, हिा ेि उत्तर दशिा की तरफ ािरू ाि. के खेत ेि होते ीिधे रेल्ेि ािईन तक, यहा ेि रेल्ेि पटरी के हिारे अण्डर पा ि तक, हिा ेि प्रताप चौराहा ेि होते हुए ेिन बाजार के पुीि दशिा के म्पिुणा भाग को प्म्सििति करते हुए ैिन चौराहा पर काूि ाि ि जी ोिनी की ुिकान तक की परर्रध ेि प्स्थत स्तिि क्षैत्र को ािडा न0-15 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 912
16 फतहनगर ब िस्टेण्ड पर प्स्थत कयु िअीि जी बोहरा की ुिकान ेि ीिि िजी शेख की ुिकानों तक जाने ािीि रोड के म्पिुणा पप्श्चीि भाग को प्म्सििति करते हुए, हिा ेि कृ वष ण्डिी की तरफ कबब्रस्तान ािेि रास्ते पर नानु जी हररजन के किान तक, हिा ेि प्स्जि िािीि ािईन ेिं प्स्थत स्तिि किानों को प्म्सििति करते हुए गिन ाि िजी धोबी के किान तक हिा ेि कदहैया ाि िजी तेीि के किान ेि होते हुए घनश्या िजी जीनगर के किान ेि होते ह ुए ोितनयों की पो ि को छोडते हुए, सयिाकत रंगरेज के किान ेि ीिधा बबहारी ाि िजी अग्राि िकी ुिकान ेि कयु िअीि जी बोहरा की ुिकान तक का म्पिुणा क्षैत्र को ािडा न0-16 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 840
17 गुािब चदद्र जी अग्राि िकी ुिकान ेि पुराना बाजार का पुीि दशिा का क्षेत्र ेिते ह ुए उयिपुर अरबन बैक ेि सश ि प्दिरि तक हिा ेि हिाीिर राष्रीय हिावद्यिायि ािीि गीि ेि होते हुए नाना ाि िजी बंजारा के किान ेि होते
ह ुए पीपीि चौक को प्म्सििति करते हुए, क्ष्णिि पुरी जी के किान ेि ािंगीाि ि जी हररजन के किान तक, हिा ेि कबब्रस्तान रोड पर प्स्थत पुीि दशिा के स्तिि किानों को प्म्सििति करते हुए, हिा ेि नी िचौक होते हुए नानु जी हररजन के किान को प्म्सििति करते हुए राेिश्रि जी बुनकर ेि ैिफु ीिन बोहरा, राजु भाई जैन, ोितनयों की पो,ि फिी भाई का किान ेि होते ह ुए स्कु िके ािनिे कटाररया जी की ुिकान ेि फतहनगर ेिन चौराहा की तरफ क ु ाितिो की गीि के स्तिि किानों को प्म्सििति करते हुए राजस्थान शिीनरीज, ेिदठया जी की ुिकान, बाुि जी कचौरी ािेि की ुिकान ेि होते हुए पुनः गुािब चदद्र जी अग्राि ि की ुिकान तक के अदरि का स्तिि क्षैत्र ािडा न0-17 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 963
18 ािणक जी ेिनाररया की ुिकान ेि ोिनी जी का किान उयिपुर रोड का क्षिक्षणी भाग प्जेििं चतुर बाग पानिधा िेिदट थॉ ििस्कु िएंि द्ािररकाधीश प्दिरि की ुिकानो दिहत चंगेडी रोड रोदहत पासािि िकी ुिकान ेि होते हुए घाीि बा की पो ि द्ािरीकाधीश प्दिरि ेि पुराना बाजार के पप्श्च ि दहस्ाि प्म्सििति करते हुए रेिश जी अग्राि िके गोाि ितक, रेिश जी अग्राि िके गोाि िेि ओ ि जी अग्राि ि काूि ेिठ का किान गणपत जी तातेड, शोभाग जी ािरि का किान, अखाडा प्दिरि की गीि ेि होते हुए रूकणिी बाई तेीि, अम्बा ि अीि बोहरा एेिक्जेण्डर के किान तक प्म्सििति करते हुए उयिपुर र्चत्तौड ुिख्य डिक तक की परर्रध ेि प्स्थत स्तिि क्षैत्र को ािडा न0-18 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 939
19 श्रीाि िजी पाीिाि िकी चक्की ेि गोपा िजी ंित्री का किान िुिकू ट बबहारी शािा िहीराबाई पाीिाि िके किान के पीछे ािेि ािरे किानो को प्म्सििति करते हुए सश ि शप्क्त स्कु ि के पीछे आशिा कॉोिनी का भाग ि पूरी जनता कॉोिनी को प्म्सििति करते हुए गौशााि के पीछे ािेि किानो ेि भारत गै ि क े गोाि िेि प्रकाश रेगर, निोहर रेगर के किान ेि उािीि आश्र िेि चंगेडी रोड पर गौशााि के पा िहोते हुए ोिहन जी ोिर का खेत चुदनीाि िजी बंजारा फतहसंिह ोिभचद ि जी बंजारा घनश्या ि जी अग्राि ि के किान ि अखाडा प्दिरि की गीि ेि रासिंिह जी चुण्डाति जैन भनि प्रकाश जी ंिग ि का किान नया बाजिी ेि सशािि िजी की चक्की तक के क्षैत्र को ािडा न0-19 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 870
20 जनिेश जी अग्राि िका किान झरि ाि. के किान ेि राजेदद्र ािटिी आशिा कॉोिनी के किान दनिेश जी ुिराणा का किान कै ािश जी ािीि का किान, ीिपक पत्रकार के किान के ािनिे ािीि गीि ेि होते हुए सशशिप्क्त स्कु िके ािनिे ािेि ािरे किानो के हिारे फतहनगर जदटया बस्ती ेि भगािनपुरा होते ह ुए नानााि ि कु ािति का किान, जयसंिह राजपुत का किान नाथु भी ि के किान को प्म्सििति करते हुए ोिहन जी जाट के किान ेि गोपीाि िुिथार क े किान को प्म्सििति करते हुए क्ष्ीििाि िजी अग्राि िके किान, हिीिर 874
कॉेिज ेि जनिेश जी के किान तक के क्षैत्र को ािडा न0-20 ेि प्म्ीििित ककया जाता हें
21 ईण्टाीि चौराहा ेिर् चतौड रोड के क्षिक्षण दशिा का म्पिुणा क्षेत्र, भािनी शंकर जी ेिनाररया के किान ेि ुिथारो के किान तक एंि आगे एडािंश ऑय ि फ ै क्री के आगे राजस् िीिाि तक एंि हिा ेि राजस् िीिाि के हिारे ईण्टाीि रोड पर भगािनपुरा चौराहा ेि ईण्टाीि चौराहा की तरफ जाने ािीि डिक का म्पिुणा पूीि भाग एंि ईण्टाीि रोड पर सश ि नगर के भिी किानों को प्म्सििति करते हुए एंि ईण्टाीि चौराहे की तरफ चतिे हुए चनि संिह, गुािब संिह एंि ईण्टाीि चौराहे के कॉल्ड स्टोरेज के आगे की ओर के भिी किानों को प्म्सििति करते हुए पुनः ईण्टाीि चौराहा तक का क्षैत्र प्म्सििति है । उक्त क्षैत्र ािडा न0-21 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 921
22 फतहनगर ब िस्टेण्ड पर रेिश जी बबडीािाि की ुिकान एंि उकिे ािनिे ािीि ािईन ेिं अनि ेिडडक िेि ईण्टाीि चौराहा तक ताराचं िढोकि ािेि की ुिकान एंि उकिे ािनिे ीिािधर फनीचर तक डिक के ोिनो और का म्पिुणा क्षेत्र प्जेििं रोड के उत्तरी तरफ रेेिि ािईन तक एंि क्षिक्षणी तरफ कृ वष ण्डिी के पीछे तक का क्षेत्र प्म्सििति रहेगा, उक्त क्षेत्र ेिं म्पिुणा ब ि स्टेण्ड, जैन कॉोिनी, प्रे ि नगर, आरिी ािता कॉोिनी, पारि हाउ ि एंि उकिे पीछे का म्पिुणा क्षेत्र, एंि क्षिक्षणी तरफ जगीिश वप्रप्दटंग प्रे िािीि म्पिुणा ािईन, कृ वष ण्डिी, शतन हिाराज ंिदरि ािाि क्षेत्र गणेश वहिार एंि उकिे आ ि पा ि के भिी किान प्म्सििति है, पुनः ईण्टाीि चौराहे ेि अण्डरपा ितकर् चत्तौड जाने ािीि ुिख्य डिक के उत्तरी भाग का म्पिुणा क्षेत्र प्म्सििति रहेगा, प्जेििं क े रिरया बाग, ािि ऋतु वािि,ि ोिटर बॉडी कारखाना, बंित वहिार, जेजे नगर, सद्ीिि वनिायक नगर, आद ि म्पिुणा क्षेत्र प्म्सििति रहेगा । उक्त क्षैत्र ािडा न0-22 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 850
23 र ेल्ेि स्टेशन ेि शंकर जी गुतता के किान ेि डिक पर ािुिर खान के किान ि े होते हुएं गणेश जी ीिणा के किान तक के पुीि भाग को प्म्सििति करते ह ुए ीिधा हाईेि ेि होते हुए दयू बंगाि नदािि,ि बंजारा बस्ती को प्म्सििति करते हुए रेल्ेि ािईन के हिारे काुि खान जी के किान ेि पुराने चं्ुगी नाके ि े र्गरधारी पुरा ािीि डिक पर ोिनो ािईड सशसिंिह जी राणाति के किान जगीिश संिह जी के किान ेि रेल्ेि ािईन के हिारे ािीियो के किान ेि होते ह ुए रेल्ेि स्टेशन के पा िशंकर जी गुतता के किान तक के क्षैत्र को ािडा न0- 23 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 9 20
24 निािड पुरूषोत्त ि जी या िि के किान ेि भंरि संिह जी, ोिहन संिह, उयि संिह जी स्तिि राजपुतो के किानों को प्म्सििति करते हुए, हिेदद्र जी बाफना की ुिकान तक, हिा ेि म्पिुणा ािंक्याािर ोिहल्ाि, राति ोिहल्ाि, होीि थडा एंि म्पिुणा भी िबस्ती ेि होते हुए गगन जी ोिची के किान को प्म्सििति करते हुए एबिीआई बैंक के पा िेि होते हुए तुीििरा िजी गाडरी
क े विाि ि ेिदटर तक एंि हिा ेि रिीबा रोड पर पुरण जी खटीक की ुिकान तक हिा ेि ररको रोड पर डिक के क्षिक्षणी भाग के दहस्ेि को प्म्सििति करते ह ुए, डीपी खेडा को प्म्सििति करते हुए राजस् िीिािए नाडी, छात्रााि िरोड को शास िि करते हुए ीितनयर ेिके ण्री स्कु ि के पीछे जनिा ाि ि जी भी,ि ािधुजी भी ि के किान ािीि ािईन ेिं प्रताप जी भी ि तक के किानों को प्म्सििति करते हुए, वद्यिा तनके तन स्कु ि के पा ि अस्पता ि परररि एंि उकिे ािनिे पार िजी तातेड की ुिकान के पा िेि ीिधा तािई ेि होते हुए पुरूषोत्त िजी या ििके किान तक उक्त क्षैत्र ािडा न0-24 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 890
25 निािड ोिहन जी ौिहार के किान ेि होते हुए ीिधा टो िनाके तक रिीबा रोड पर क्ष्णिि संिह जी प्रताप संिह जी के कु ए को प्म्सििति करते हुए नगरपासकिा ीिाि ेि होते हुए रेगर बस्ती एंि राजपुत बस्ती एंि जाट बस्ती को प्म्सििति करते हुए ोिरठ रोड पर उयि ाि िजी जाट के किान ेि होते ह ुए निािड़ ररको एररया को प्म्सििति करते हुए भान संिह जी का कु आं, रिािर संिह जी का कु ं आ, करीािोिं का कु ं आ, नया ेिरिा ेि होते हुए गािरीया बस्ती, ािक्याजी बाजिी ेि होते हुए तुीििरा िजी गाडरी के विाि िेिदटर के पा ि रतन, प्रहाि,ि ोिके श खटीक के किानो को प्म्सििति करते हुए, ि ेनिारायण खटीक के किान ेि जगीिश जी पहाडडया के किान ेि कं चििद ि जी के किान को प्म्सििति करते हुए रोडीाि िजी आचाया के किान ेि होते ह ुए म्पिूणा खटीक ौिहल्ाि प्म्सििति कर पथािरी ेि पूनः ोिहन जी ौिहार क े किान तक का म्पिूणा क्षेत्र ािडा न॰-25 ेि प्म्ीििित ककया जाता है। 953
भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिम्बर 14, 2025 761 भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिम्बर 14, 2025 763 भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिम्बर 14, 2025 765 भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिम्बर 14, 2025 767

राज्‍य‍ेन ्‍‍रीय‍रुरणाजयप‍जयपुर।

Cite this issue. Rajasthan Extraordinary Gazette, Government of Rajasthan, 14 September 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.rajasthan_extraordinary.2025-09-14.5111273/. Archive identifier in.gazette.rajasthan_extraordinary.2025-09-14.5111273.