| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 24, सोमवार, शाके 1947- ससतम बर 15, 2025 Bhadra 24, Monday, Saka 1947- September 15, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं संबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125
्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/18341 :- राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर बाोितरा द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा लसवाना हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
| र्वाड न. | ीिमा्वववरण | जनंिख्या |
| 1 | आमबनाथ के मकान से क्षिणि पूवव की ओर च िकर मोतीककशन के मकान से पूवव की ओर चतिे हुए ेिवाससयों के मोहल्ेि की ओर चतिे हुए रामेिवजी के मंदरि से फोजाराम जी के घर से होते हुए हरेिवा राम खटीक के घर से चतिे ह ुए राउप्रावव सं0 1 से CBEO ऑकफस से होते हुए उत्तर की ओर बाोितरा रोड के क्षिणि ेित्र को सप्ममसति करते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए पारिडी रोड पर आमबनाथ के मकान तक का ेित्र। | 1023 |
| 2 | रोशनजी कमपाउडर के मकान से पप्चचम की ओर चतिे हुए जामि ससंह एवं ि ेवीससंह के मकान को सप्ममसति करते हुए पारसम िराठोड के मकान से होते ह ुए रामेिवजी मंदरि के पास से जिीयों के घरों को सप्ममसति करते हुए भायोि के वास को सप्ममसति करते हुए एवं श्री अमरगुरु मंछाराम जी की जन्म स्थीि को सप्ममसति करते हुए जैन न्याती भवन, जैन मंदरि, हनुमान ं ड ि जी का मंदरि क्षिणि की ओर चतिे हुए समठौडा का वास, उममेपिुरा, कु की वास से पूवव में चतिे हुए बाोितरा रोड से उत्तर की ओर चतिे हुए रोशनजी कमपाउडर के मकान तक का ेित्र। | 1028 |
| 3 | उत्तर में जवेरीाि िजीनगर के मकान से पप्चचम दशिा की गीि से होते हुए आशिव स्कू ि की पीछे वाीि गीि को सप्ममसति करते हुए तथा जवेरीाि ि जीनगर के मकान के आगे से होकर आशिव स्कू ि से होते हुए जीनगरों का वास की ोिनों गसयिों एवं पहाड वाीि गीि एवं मोयोि की वास को सप्ममसति करते हुए राउप्रावव जीनगरों का वास में नैनम ि जैन के घर को सप्ममसति करते हुए नीचे उतरते हुए धुकाराम सुथार के मकान एवं शननचर मंदरि के आगे से होकर होीि थान से नीचे उतरते हुए कोटव के सामने मनिाि िबक्शीराम के घर से पुनमचन् िरामेिव के घर से गो िचबूतरा तक एवं कोटव पररसर, तहसी ि कायावयि, pwd रेस्ट हाउस, ािाि अन्जनेचवर बाािजी मंदरि से होते हुए जीवराजजी वमाव की गीि एवं सामने वाीि सेाि की वास में सुथारों के घरों को सप्ममसति करते हुए आशिव ववद्या मंदरि स्कू िके आगे से ननक िकर जवेरीाि िजीनगर के सामने वाेि मकान तक। | 1022 |
| 4 | शांप्न्ताि िजैन के मकान से क्षिणि दशिा में जंगाित चौकी की गसयिों को सप्ममसति करते हुए एस एम जैन के बंगेि से नीचे उतरते हुए प्रेम नगर की गीि संख्या 01, 02, 03 को सप्ममसति करते हुए गांधी चौक से होकर उपर की ओर कु ण्ड ि की वास, तीन ननमबडी की गीि, समठौडा का वास एवं सेाि की वास ोिनो गसयिों का सप्ममसति करते हुए बासकिा स्कू ि के आगे से होकर पुनः शांनताि िजैन के घर तक का ैित्र। | 938 |
| 5 | मनिाि िसुथार के मकान से आगे सुथारों की वास से होते हुए होीि चौक से होते हुए मेहता स्रीट होते हुए क्षिणि पप्चचम दशिा में आगे बढते हुए मामाजी की गीि खेजड़ी की वास को सप्ममसति करते हुए नीचे पूवव की ओर बाफना की वास प्रधानसा वाीि गीि और चौमुख मंदरि की गीि तक का सप्ममसति ेित्र। | 955 |
| 6 | भादटयों का वास जयन्तीाि ि सोनी के मकान से पानीबाई का मकान तक, चारभुजा मंदरि से रतनजी के मकान तक भंवरािजिी श्रीमाीि से नाईयों के मकान तक, शाप्न्ताि िसोनी के मकान से गोववन्जिी संत का मकान हनुमान चबूतरा व ककेि से असमि के मकान तक, सुखेिवजी सेवक के मकान से भरतजी सेवक का मकान, कन्हैयाािजिी सेवक के मकान से गौतमजी सेवक चामुण्डा माताजी मंदरि तक, कै ािश के मकान से गोववन्जिी सोनी से क्ष्मिीजी | 1040 |
| मंदरि तक का ेित्र। | ||
| 7 | श्री समाधध मंदरि व श्री श्री 1008 श्री नृत्यगोपारिामजी महाराज से उत्तर की ओर होते हुए पूवव की तरफ महावीर मागव से धारीवा ि छात्रावास के पूवव की तरफ मोकसिर रोड सप्ममसति करते हुए क्षिणि की तरफ से वापस पंचायत ससमनत की कॉोिनी, राजीव गांधी सेवा के न्द्र को सप्ममसति करते हुए पप्चचम दशिा की ओर ससटी स्कू िके पास से आगे उत्तर की तरफ घोयों की वास व नयापुरा, नयाकु आं क्षिणि की और से वापस उत्तर दशिा की ओर आमखिाता की वास से वापस उत्तर दशिा, भीखजी वििानी की वास से वापस उत्तर की ओर, सुभाष गीि से वापस क्षिणि की तरफ, मेीि की वास से उत्तर की तरफ, राखी वाीि वास से क्षिणि की तरफ, चैाधररयों की वास से उत्तर की ंगों की वास से क्षिणि की ओर, वििाननयों की वास से वापस उत्तर तरफ, झु पप्चचम की ओर श्री समाधध मंदरि तक का ेित्र। | 1021 |
| 8 | नतरूपनत गाडवन से क्षिणि में भेराराम मेघवा ि के मकान से आगे बढने पर सोमानी हॉप्स्पट िसे आगे बढने पर कोने पर ाििराम मेघवा िके घर तक एवं पारसम िमेघवा िके घर से पूवव में आगे बढने पर कोने पर मीठााि िसरगरा क े मकान से होते हुए उत्तर दशिा में आगे बढने पर जवेरीाि िके मकान से आगे बढने पर उत्तर दशिा में अंनतम गणेशाराम के मकान तक का ेित्र। | 995 |
| 9 | श्री समाधध मंदरि से क्षिणि दशिा की तरफ राधेचयामजी के मकान के कोने पर फरसरामजी के मकान से पप्चचम में बद्रीनाथ के घर तक, गौर का चौक, सुरेश सोनी के मकान से क्षिणि में आगे कोने पर जनकराज सोनी के मकान के पप्चचम में भवरू खां के मकान से होते हुए क्षिणि में हनुमानाराम के मकान तक, रामाि िमेघवा िके मकान से पूवव दशिा से आगे बढने पर ककराणा की ुिकान से क्षिणि में बाबूाि िसरगरा से ररजवेश के मकान से होते हुए भट्टाराम भी ि व जैसाराम भी ि के घर तक खासिों का वास, रसू िखां के मकान से क्षिणि में जीवन खान के मकान से होते हुए सकाराम सरगरा की आटा चक्की स े उत्तर में नाथू खान के मकान तक पारिू रोड, सीिक खां मोयाि से उत्तर म ें वििाननयों का वास व श्रीमासयिों की बगीची से पप्चचम में नाईयों का वास स े होते हुए उत्तर में गौर का चौक तक होते हुए वापस श्री समाधध मंदरि का ेित्र। | 1052 |
| 10 | गंगाािस के मकान से क्षिणि मे भवानी ससंह भाय िके मकान से क्षिणि में ं आगे बढने पर डू गरससंह के मकान से होते हुए गाडोसयिा ोिहारों के मकान से होते हुए उकाराम मेघवा िके घर की गीि को सप्ममसति करते हुए जोगाराम माीि के मकान से पूवव दशिा में पारिू रोड होते हुए कोने पर पोािराम मेघवा ि क े घर से उत्तर दशिा में आगे बढने पर खासिों का वास आंगनवाडी से होते ह ुए कोने पर पिित मेघवा िके घर से होते हुए उत्तर दशिा में मामाजी का थान से पप्चचम दशिा में पुनः गंगाािस के मकान तक का ेित्र। | 1026 |
| 11 | गोववन्सिसहजी के मकान के शुरू होकर पप्चचम की ओर चतिे हुए ीिपससंह के मकान से पप्चचम की ओर चतिे हुए इमामखांजी के मकान से उत्तर की ओर न ेिवासी के मकान से मांगीाि ि घांची के मकान से क्षिणि व चतिे हुए अजु की ओर चतिे हुए ववजय ससंह सोड़ के मकान से उत्तर की ओर चतिे हुए स्वरूपससंह के मकान से पूवव की ओर नीमबससंह के मकान से उत्तर की ओर गोववन्सिसंहजी के मकान का ेित्र। | 1011 |
| 12 | पुरोदहतों का वास नं0 1 की उत्तर दशिा की ओर मतािता बारिजी/वसनाजी पुरोदहत से शुरू होकर पप्चचम में पुखराज/सांवजिी से होकर जबराराम/मानजी स े होते हुए क्षिणि से होकर मडी से क्षिणि की ओर राजेन्द्र/छोगजी से होकर आगे की ओर का ेित्र, मेघवाोिं की वास के क्षिणि दशिा में हीराराम/राणाराम स्कू िके पास पारिू रोड पूवव की ओर ाििराम/के शाराम से आगे की ओर तथा सरगरों का वास पूवव की ओर वरािराम के घर से होकर उत्तर की ओर अचसिसंह/धनजी के घर तक, सरगरों का वास से आगे उत्तर की ओर, पीजारों का वास के नरपतखां/बरगखिान के उत्तर से होकर आगे पूवव की ओर उसबािस/मंछाराम से होकर क्षिणि दशिा में रमेश खां/इब्रादहम खां तक तथा पींजारों की वास से होकर पुरोदहतों की वास तक सीमांकन समाप्तत तक का ेित्र। | 1024 |
| 13 | पप्चचम से क्षिणि पारिू रोड से चकिर पीपूिन गांव की सीमा से होते हुए क्षिणि की तरफ गोसयिा गांव की सीमा होते हुए पीपूिन रोड होते हुए पारिू रोड का क्षिणि भाग ेिते हुए वावपस पप्चचम दशिा की ओर चकिर अशोक बंजारा के घर से आगे श्री मंछगुरू गौशााि तक का ेित्र। | 1005 |
| 14 | पारिू रोड से क्षिणि की तरफ पीपूिन रोड से चकिर शुक्ेिचवर रोड़ पर गांव की सीमा से होते हुए क्षिणि से पूवव की ओर उमसर की सरह ि ेित्र पर पुरोदहतों का बेरा से होते हुए श्री श्री 1008 श्री नृत्यगोपारिामजी महाराज के खेत को सप्ममसति करते हुए मेाि की वास का पप्चचम भाग ेिते हुए सुन्रि चैाराहा से पीपूिन रोड तक का ेित्र। | 905 |
| 15 | राव कल्ािजी चौक मोकसिर रोड से उपप्जाि अस्पता ि की चार दविारी के सहारे सहारे ससपावटो का बेरा, नवोड़ा बेरा, कोािजी का बेरा, सांयों का बेरा, भायोिं का बेरा को सप्ममसति करते हुए राजस्व गााँव उमसर की सीमा के सहारे सहारे नवोड़ा बेरा, भादटयों का बेरा, काबातर बेरा, संेिडा बेरा, टबाराम की ढाणी को सप्ममसति करते हुए मवडी सरह िेित्र से मोकसिर रोड से होते हुए राव कल्ािजी चौक तक का ेित्र | 1017 |
| 16 | मुप्स्मि चौराया नवाब खां के घर से हाकफज खां के घर तक, नवाब खां अध्यापक के घर से रमेश सरगरा के घर तक साथ ीिवाीि व पारस हररजन के घर तक गोववन् ि की ुिकान तक, ससकन्रि खां की गीि - मोहमम ि तादहर पत्रकार, पंक्चर वााि से गफार खां का घर व समझाई नाथजी के मंदरि तक, मरिसा व ईगिाह कॉोिनी एवं नाडी के आसपास के घर समझाई नाथजी रोड, बविन्तससंह के घर राजपूत व पुरोदहत होस्ट ि व उपप्जाि अस्पता ि पररसर तक का ेित्र। | 923 |
| 17 | बाािजी मंदरि से बाबा रामेिव मंदरि मोकसिर रोड होते हुए आशापुरा माताजी मंदरि से पहेि की कॉोिननयों (अमरनतया बेरा) को सप्ममसति करते हुए उत्तर की तरफ रामससंहजी (समठाई वाेि) के घर से होते हुए पारिू की वास का प्रथम आबाीि ेित्र बाबूखां के मकान को सप्ममसति करते हुए पप्चचम की तरफ रायचन् ि उषाबेन के घर से होते हुए सत्कार कॉमतेिक्स को सप्ममसति करते हुए बाािजी मंदरि तक का ेित्र। | 1019 |
| 18 | मोकसिर रोड पर नागणेची मेडडक ि से नब्बू खां की ढाणी को सप्ममसति ंडडया कृ वष फामव को जाने वाेि मागव के ोिनों तरफ के पारिू की करते हुए हु वास के आबाीि ेित्र के ब्ॉिक को सप्ममसति करते हुए भीोि के घरों से होते ह ुए मंगािजी कु महार के घर से होते हुए शांनतेिवी पूवव संरपंच के घर के पास स े होते हुए पप्चचम की तरफ बाोितरा रोड पर राणम िके घर को सप्ममसति करते हुए सब्जी मंडी नागणेची मेडडक ितक का ेित्र। | 1007 |
| 19 | मंछापूणव बाािजी मंदरि से भगजी के घर से होते हुए पारिू की वास में पूवव की तरफ शांनतेिवी पूवव सरपंच के घर को सप्ममसति करते हुए ननमबीि बेरा को सप्ममसति करते हुए डायाराम/हकमाजी माीि के घर से आचायव के जाव को सप्ममसति करते हुए चैाधररयों के घरों को सप्ममसति करते हुए महावीर नगर को सप्ममसति करते हुए महाेिव कॉमतेिक्स को छोडते हुए पोस्ट ऑकफस ससवाना से होते हुए बाोितरा रोड पर मंछापूणव बाािजी मंदरि तक का ेित्र। | 904 |
| 20 | बाोितरा रोड पर चु ंगी नाका से होते हुए LIC ऑकफस से श्री महाेिवजी के मंदरि से महाेिव कॉमतेिक्स को सप्ममसति करते हुए ताराराम घांची, मूािराम घांची के मकान एवं रावणा राजपूतों के घरों को सप्ममसति करते हुए आंगन बाड़ी कें द्र, राणाराम घांची का घर, गणपत ससंह ससणेर का मकान, नरपत ससंह ि ेवड़ा के मकान को सप्ममसति करते हुए ेिवन्ीि रोड पर गवाररयों के घरों को सप्ममसति करते हुए (रामेिवजी मंदरि के पीछे भीोि की वास, अरट का जाव समपूणव, घांची न्यानत भवन की गीि, सुनारों तथा सुथारों की वास) बाोितरा ंगी नाका तक का ेित्र रोड अरठ का जाव से चु | 923 |
| 21 | श्री आशापुरा माताजी मंदरि से मोकसिर की तरफ सेवारनी बेरा व दटपााि बेरा स े नेमाजी का बेरा, ािता का बेरा, नरपत कृ वष फामव खखंधचयो का बेरा, गाय का थान से मवडी राजस्व ग्राम की सीमा के सहारे-सहारे मगरा भोमजी बेरा, दहंगोंटा बेरा, बोंधगया बेरा, पुनमजी का बेरा, सुथारों का बेरा, छत्तरससंह का बेरा होते हुए बगतावरजी सुथार एवं ेिवन्ीि गांव की सीमा से ेिवन्ीि रोड के सहारे सहारे,अरट का जाव के पास होते हुए ननमबीि बेरा को छोड़ते हुए पारिू की ंडडया कृ वष फामव से श्री आशापुरा माताजी मंदरि वास के सहारे सहारे होते हुए हु तक का ेित्र। | 880 |
| 22 | क ृ वष मण्डी ेिवन्ीि रोड से होते हुए पाबूनाडा को सप्ममसति करते वाडडया बेरा, भायोि का बेरा होते हुए बरडडया मगरा न्तिााि की रोड के सहारे-सहारे न्तिााि सीमा एवं खानुराम ेिवासी की ढाणी होते हुए भाखर राम ेिवासी की ढाणी से होते हुए अमराराम ेिवासी की ढाणी से होते हुए रूगाराम ेिवासी की ढाणी से होते हुए वागाराम ेिवासी की ढाणी को सप्ममसति करते हुए खाखरािई सीमा से समडिी रोड पर हररराम जी माीि के बेरे को सप्ममसति करते हुए गुरु ेिव नगर, महाेिव कॉोिनी, थानाराम भी,ि गणेशा राम प्रजापत और गडु का राम भी िकी गीि को सप्ममसति करते हुए कृ वष मण्डी तक का ेित्र। | 891 |
| 23 | समाज कल्याण छात्रावास से आरंभ होते हुए ेिवंीि रोड के कृ वष मंडी के पास हनीफ खां के मकान से होते हुए खेताराम माीि के मकान से होते हुए रामा राम ेिवासी की चक्की से होते हुए अजय सेन के तािट से होते हुए मेािराम भी ि का घर, फोजाराम का घर, जबरससंह भोपाजी के तािट से होते हुए क े साराम भी,ि तेजाराम भी,ि हुक्माराम बुल्ाि के घरों को सप्ममसति करते ह ुए हरजी माीि के बेरे के पास से गुजरते हुए मदहाि कॉेिज को सप्ममसति करते हुए समडिी रोड पर पुससि थाना, ससंचाई ववभाग, बबजीि घर, वन ववभाग से होते हुए समाज कल्याण छात्रावास तक का ेित्र। | 917 |
| 24 | क्षिणि पप्चचम दशिा में भगवानजी के बेरे पर जसराज सुथार के घर से आइटीआई कॉेिज होते हुए जज साहब के आवास से होते हुए उत्तर दशिा में मेीि रोड के राईकों की ढाणी, भंडाररयों का बेरा एवं कोजससंह के बेरे को सप्ममसति करते हुए खाखरािई सरह िके पास से होते हुए पररहारों के बेरे से होते हुए कु सीप सरह िके गोगावाडी भी िबस्ती से गुजरते हुए राईको की ढाणी स े होते हुए ताराजी सुथार के बेरे से होते हुए पुनः जसराजजी सुथार के पास तक का ेित्र। | 965 |
| 25 | क्षिणि पूवव दशिा से अमबेडकर सकव िसे जीव यिा गौशााि होते हुए एसडीएम आकफस के पास से होते हुए प्रताप कॉोिनी ािनाराम बागरी के घर से होते हुए मेािराम मेघवा िके बेरे को शासम िकरते हुए मोतीससंह जी के बेरे से बाोितरा रोड के बोमबे गाडवन होट िहोते हुए पारिडी सरह िसे पुनः नट कॉोिनी से होते ह ुए अमबेडकर सकव ितक का ेित्र। | 896 |