| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 24, सोमवार, शाके 1947- ससतम बर 15, 2025 Bhadra 24, Monday, Saka 1947- September 15, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं संबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125 ्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/15081:- राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर हनुमानगढ द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा भादरा हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलभमत सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलभमत से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
| र्वाड्ंि. | र्वाड्का्वववरण | जनंिख्या |
| 1 | गणपतत होट ि को शासम ि कर नोहर रोड़ की तरफ चतिे हुए सुन्रि ससंह राजपूत के मकान को ेिते हुए सड़क के पप्चचमी तरफ गोािरा कॉेिज व गोािरा फॉमम व क्ष्मिी नगर कॉोिनी के मकानों को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए ररव ि ससव ि कॉोिनी व रीको एररया को शासम ि करते हुए सीधे रेल्वे ािईन से पूवम की ओर चतिे हुए ववद्या नगर पाटम 1 व 2, सशव नगर व रेल्वे अंडरपास से पूवम की ओर श्री कृ ष्णा ववहार व कामधेनू कॉोिनी को शासम ि करते हुए रेल्वे ािईन के साथ-साथ पूवम की ओर चतिे हुए जाििय ववभाग व ससंचाई कॉोिनी गांधी तयाऊ को ेिते हुए क्षिणि की तरफ चतिे हुए करणी चौक व पुससि स्टेशन को छोड़ते हुए पोस्ट ऑफफस को शासम ि कर पूवम की तरफ मुड़ते हुए खे ि स्टेडडयम व राजकीय उच्च माध्यसमक ववद्यायि को छोड़ते हुए नगरपासकिा भारिा को ेिते हुए उत्तर की तरफ मुड़ते हुए आयम समाज भवन को छोड़ते हुए जज क्वाटसम को | 1093 |
| शासम िकरते हुए कृ व िउपज मंडी कायामयि को छोड़ते हुए वाप्ल्मकी चौक से उत्तर की तरफ चतिे हुए झोरड़ सववमस स्टेशन को छोड़ते हुए अनाज मंडी को शासम िकरते हुए ंिहगा सववमस स्टेशन को छोड़ते हुए मनिाि िसैनी के नोहरे व ूिरशिमन ररेि के न्द्र को शासम िकरते हुए प्रताप ससंह गुािब तेीि के मकान को छोड़ते हुए गुतता आईस फै क्री को शासम ि करते हुए भाटी कॉोिनी व ववजय पैेिस को छोड़ते हुए गणपतत होट ितक। | ||
| 2 | हिंगा सववमस स्टेशन को शासम ि करते हुए मनिाि ि सैनी व अनाज मंडी को छोड़ते हुए पूवम की तरफ चतिे हुए कासम तेीि की ुिकान को शासम ि करते हुए रफीक के मकान व अनाज मंडी की ीिवार को छोड़ते हुए पतीि गीि से उत्तर की तरफ चतिे हुए धापा ेिवी के मकान को शासम िकरते ह ुए रामू के मकान को छोड़ते हुए सीधे चतिे हुए रामेिव जी मंदरि को छोड़ते हुए बरकत की ुिकान व सीिक तेीि के मकान को शासम िकरते हुए क्षिणि की तरफ चकिर पूवम की तरफ गीि में मुड़ते हुए सरकारी स्कू िको शासम ि करते हुए अजीज खां व रमजान खां के मकान को छोड़ते हुए पूवम की ओर चकिर उत्तर की तरफ मुड़ते हुए काससम तेीि पूवम पामि ि को शासम िकरते हुए पूवम की तरफ मुड़ते हुए रफीक तेीि के मकान व ुिकान को शासम ि करते हुए मरिसा उस्मातनया फै जु ि को छोड़ते हुए व मुमताज खां को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए आमीन खां व जाफकर खां के मकान को शासम ि करते हुए पप्चचम दशिा की संपूणम आबाीि ेिते हुए पूवम की तरफ चतिे हुए याकू ब तेीि के मकान को शासम िकर कल्याण भूसम की ीिवार से उत्तर की तरफ चतिे हुए ववजयससंह झोरड़ के खेड़े को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए पप्चचम की तरफ मुड़कर बंशीधर शमाम के मकान को शासम िकर सुरेश बेनीवा िके तॉिट व सुमन शमाम के मकान को छोड़ते ह ुए सीधे चतिे हुए मैन रोड़ पर हररससंह ससपाही व गुतता आईस फै क्री को छोड़ते हुए प्रेम स्वामी की ुिकान को शासम ि करते हुए क्षिणि की तरफ चतिे हुए ूिरशिमन ररेि के न्द्र व वनववभाग के कायामयि को छोड़ते हुए मनिाि िसैनी के नोहरें को छोड़ते हुए हिंगा सववमस स्टेशन तक। | 1074 |
| 3 | ि ेवतराम एसडीओ के मकान को शासम िकरते हुए कृ व िउपज मंडी ससमतत कायामयि व जज क्वाटसम को छोड़ते हुए सीधे पप्चचम की तरफ चतिे हुए वाप्ल्मकी चौक को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए चयाम पेतसी ऐजेन्सी को छोड़ते हुए रोहताश कबाड़ी को शासम ि करते हुए ीिनयिा ि खेमका व बबजीि रांसफाममर को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते हुए झोरड़ सववमस स्टेशन को शासम िकरते हुए अनाज मंडी व सीिक खान की ुिकान को छोड़ते हुए रफीक तेीि के मकान व ुिकान को शासम िकरते हुए उत्तर की तरफ मुड़ते हुए धापा ेिवी को छोड़ते हुए रामू को शासम िकरते हुए सीधे चतिे हुए गोगामेड़ी को शासम ि करते हुए बरकत खां की ुिकान व सीिक तेीि को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए सरकारी स्कू िको छोड़ते हुए | 1083 |
| अजीज खां फानण को शासम ि करते हुए पूवम की ओर चकिर क्षिणि की ओर मुड़ते हुए नानू खां को छोड़ते हुए आमीन खां को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर चकिर प्रभुराम को शासम ि करते हुए ेिखराम व रंगीाि ि पुत्र बाािराम को छोड़ते हुए चाचाणों के नोहरें को शासम िकरते हुए पूवम की तरफ सीधे चकिर क्ष्मिण स्वामी के मकान व ुिकान को शासम िकरते हुए हजभज के नोहरे को छोड़ते हुए के शु हविाई को शासम ि करते हुए भारि ुिहार को छोड़ते हुए पूवम की तरफ चतिे हुए भजनािस मंदरि को शासम ि करते हुए भंवराि िसैनी के मकान व ुिकान को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ चतिे हुए सोनू भाटी को शासम िकरते हुए पंकज गोगडड़या को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए ीिाि फकरयाना स्टोर को छोड़ते हुए प्रकाश कबाड़ी को शासम ि करते हुए सीधे चकिर वाप्ल्मकी व रामेिव जी मंदरि तथा ओमप्रकाश सैनी को शासम िकरते हुए मनिाि िसैनी व क्ष्मिीनारायण सैनी को छोड़ते हुए पप्चचम दशिा की तरफ चकिर कृ व ि उपज मंडी व जज क्वाटसम को छोड़ते हुए ेिवतराम एसडीओं के मकान तक। | ||
| 4 कृ व िउपज मंडी ससमतत कायामयि को शासम िकरते हुए ेिवतराम एसडीओ व जज क्वाटसम को छोड़ते हुए पूवम की तरफ चतिे हुए सैनी जनर ि स्टोर व छगनाि ि सैनी के मकान को छोड़ते हुए मनिाि ि सैनी के मकान को शासम ि करते हुए उत्तर की तरफ मुड़ते हुए प्रकाश चचाण को छोड़ते हुए मोहनाि ि रैगर के मकान को ेिते हुए पूवम की तरफ चकिर क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए बाबूाि िगांधीवाेि के मकान को ेिते हुए अमरससंह पुरोदहत को छोड़ते हुए फकशन गंगानगररया के नोहरें को छोड़ते हुए प्रीिप अध्यापक क े मकान को शासम ि करते हुए पूवम की तरफ मुड़ते हुए हुक्माराम स्वामी को शासम िकरते हुए सुरेश अध्यापक को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़ते ह ुए बनवारीाि ि जाट के मकान को शासम ि करते हुए भीखाराम शमाम व सीताराम अध्यापक के मकान को छोड़ते हुए ताराचं ि शमाम के मकान को शासम िकरते हुए झमनाि िशमाम की सम िको छोड़ते हुए पुराने एसबीआई बैंक को शासम ि करते हुए गोसयिा स्कू ि पाफकंि ग को छोड़ते हुए बंशीाि ि नाई की ुिकान को शासम िकरते हुए सुववको इेिप्क्रक को छोड़ते हुए मैन रोड़ पर पप्चचम की ओर चतिे हुए अतन िगोय िव जोधराज आटा चक्की को छोड़ते हुए उप प्जाि चचफकत्सायि को ेिते हुए अशोका मेडडक ि को छोड़ते हुए गांधी पाकम व राजकीय उच्च माध्यसमक ववद्यायि को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चकिर आयम समाज भवन को ेिते हुए जज क्वाटसम को छोड़ते हुए कृ व िउपज मंडी कायामयि तक। | 1083 | |
| 5 | उप प्जाि चचफकत्सायि व अशोका मेडडक िको छोड़ते हुए पन्नााि िपटावरी की ुिकान व मकान को शासम ि करते हुए पूवम की तरफ चकिर जोधराज आटा चक्की को शासम ि करते हुए चमपााि ि जांचगड़ को छोड़ते हुए नागरम ि पनवाड़ी को शासम ि करते हुए रामससंह कपड़ावााि मूततमचौक व | 1089 |
| सहीराम की ुिकान को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए सांवरम ि पनवाड़ी व मांगी फकताबों वाीि ुिकान को शासम िकरते हुए ेिवकी मदहपा ि को छोड़ते हुए ठाकु र जी के मंदरि व शंकर चाचाण की ुिकान को शासम ि करते हुए अंबबका एमपोररयम को छोड़ते हुए हनुमान मदहपा िकी ुिकान को शासम िकरते हुए पूनमचं िनाहटा की गद्दी को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते हुए आगे चकिर मनि डासिमया को छोड़ते हुए गौरीशंकर चाचाण व भोसमया मंदरि को शासम िकरते हुए पतीि गीि में चतिे हुए दहाियत खां क े मकान को छोड़ते हुए फफरोज खां व खामि के मकान को शासम िकरते ह ुए क्षिणि की ओर चकिर ीिनयिा ि गोल्याण को शासम ि करते हुए भूपससंह वकी ि को छोड़ते हुए चमपााि ि ुिहारीवााि को शासम ि करते हुए रफीक रेंजर व मप्स्ज ि को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चकिर श्रीराम ुिहारीवााि को शासम ि करते हुए शंकर ुिहारीवााि को छोड़ते हुए मुके श खरिरया को शासम िकरते हुए सतवीर शमाम की ुिकान को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए संजीव बेनीवा ि के कायामयि को शासम ि करते हुए रिरया ससंह वकी िके कॉमपेिक्स को छोड़ते हुए सीधे चकिर राजेन्द्र शमाम को शासम ि करते हुए गांधी पाकम व अशोका मेडडक ि स्टोर को छोड़ते हुए पन्नााि िपटावरी की ुिकान व मकान तक। | ||
| 6 | नोहर रोड़ नहर के पास माधव कॉोिनी व साथ गिी ढाणी के मकानों को छोड़ते हुए सब्जी मंडी को शासम िकरते हुए हेमू कािणी चौक को ेिते हुए महावीर खाती व गंगाराम सोनी के मकान को शासम ि करते हुए अंडरपास पार करके गोपा िकु महार की ुिकान को शासम िकर पूवम की ओर चतिे हुए गांधी तयाऊ व करणी चौक को छोड़ते हुए पुससि थाना भारिा को शासम ि कर खे ि मैािन व ईगिाह को शासम ि करते हुए पोस्ट ऑफफस तहसी ि कायामयि व नगरपासकिा कायामयि को छोड़ते हुए राजकीय उच्च माध्यसमक ववद्यायि को शासम िकरते हुए उपप्जाि चचफकत्सायि को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए गांधी पाकम को शासम िकरते हुए राजेन्द्र शमाम को छोड़ते ह ुए संजीव बेनीवा िके कायामयि को छोड़ते हुए रिरया ससंह कॉमपेिक्स को शासम िकरते हुए रावतम िकटाि व भगवानािस पेंटर को शासम िकरते हुए सरामफों की ुिकानों को छोड़ते हुए रेल्वे ािईन को क्रॉस कर भगवानािस पेंटर क े नये मकान को शासम िकरते हुए हमी िकी ुिकान को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए गोरू बबसायती को शासम ि करते हुए धन्ना शमाम को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए अीिशेर अध्यापक व ओम नाई व छगनाि िनाई को शासम िकरते हुए सशवनारायण की चक्की को छोड़ते हुए राजकु मार कस्वां को शासम ि करते हुए राहु ि त्यागी को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए पवन शमाम बबजीि बोडम कममचारी को शासम ि करते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए शंकर सैनी को छोड़ते हुए कै ािश भारद्वाज को शासम िकरते हुए नंािि िसैनी के नोहरें को छोड़ते हुए बबजीि बोडम के पीछे | 924 |
| की ीिवार के साथ-साथ पप्चचम की ओर चतिे हुए नहर क्रॉस करके कृ ष्णा परनामी कॉेिज व ुिगाम कॉोिनी को शासम ि करते हुए नोहर रोड़ पार कर सब्जी मंडी तक। | ||
| 7 | सुधीर भारद्वाज मागम के पूवम की ओर चतिे हुए गौशााि की उत्तर साईड की भूसम व बबजीि बोडम के पीछे की ीिवार को छोड़ते हुए सीधे चतिे हुए राजेन्द्र ईन्ोिररया , राजेश स्वामी व नंािि ि सैनी के नोहरे व शंकराि ि सैनी के मकान को शासम ि करते हुए पवन शमाम बबजीि बोडम कममचारी व राहु ि त्यागी को छोड़ते हुए गीता मौसी के मकान को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए हनुमान भाटी को शासम ि करते हुए रामावतार बंस िको छोड़ते हुए रामस्वरूप शमाम व गोपी संाागर को शासम िकरते हुए सीधे चतिे हुए रामू पेटवान को शासम िकरते हुए याससन खिारा को छोड़ते ह ुए पप्चचम की ओर चतिे हुए अमरससंह शेखावत व पाािराम ग्रामसेवक को शासम ि करते हुए हररससंह घासोसयिा को छोड़ते हुए सीधे पप्चचम की ओर चतिे हुए वीरेन्द्र थानेािर व अशोक अध्यापक के मकान को शासम िकरते ह ुए दीििप ठेके ािर व नहर को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए सुधीर भारद्वाज मागम तक। | 955 |
| 8 | एसटीपी के पीछे डू मसागर के पास ईमरान फौजी के मकान को शासम ि करते हुए सीिम धोबी को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए मप्स्ज ि को छोड़ते हुए चयोकत की ुिकान को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर चतिे ह ुए धन्नाराम के तॉिट को शासम िकरते हुए बशीर की ुिकान को छोड़ते हुए पूवम की ओर सािनं िबबजीि वाेि को शासम िकरते हुए चन्द्र वमाम को छोड़ते ह ुए उत्तर की तरफ मोहन कु महार को छोड़ते हुए ेिवचं िकु महार को शासम ि करते हुए पूवम की ओर चतिे हुए उममे िके नोहरें को छोड़ते हुए तनसार खां क े मकान को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर बाबू खां को छोड़ते हुए असगर को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए उममे िखां को छोड़ते ह ुए मुस्ताक ड्राईवर व नत्थू खां को शासम ि करते हुए पूवम की ओर चतिे ह ुए बेििव नाई व रामस्वरूप नागपा ि को शासम ि करते हुए ईकबा ि नगरपासकिा को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर बाबू खां को छोड़ते हुए पूवम की ओर चयाम ससंधी को शासम ि करते हुए व उमर बबसायती को छोड़ते हुए गोपीराम ससंधी के मकान को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए व जवर ससंधी को छोड़ते हुए नागरम ि मी ि को शासम ि करते हुए गफ्फार छ ंपा को छोड़ते हुए जाफकर छ ंपा को शासम ि करते हुए उत्तर में रेल्वे ािईन को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए डाक्टर ईस्पाक व मुरारी मीणा को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए नानक ससंधी को शासम िकरते हुए भगवानािस पेंटर के नये मकान को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए धन्ना शमाम को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए भरत ससंधी को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए अीिशेर अध्यापक को | 1034 |
| छोड़ते हुए सशवनारायण की चक्की को शासम िकरते हुए राजेन्द्र कस्वां को छोड़ते हुए राहु ि त्यागी को शासम ि करते हुए पवन शमाम को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए सुरेश गौड़ के पुराने मकान को छोड़ते हुए नये मकान को शासम िकरते हुए रामू पेटवान को छोड़ते हुए याससन खिारा को शासम ि करते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए रोहताश घोड़ेाि को शासम ि करते हुए पाािराम ग्राम सेवक व ईस्ािम खां को छोड़ते हुए नेतराम मीणा अध्यापक को शासम ि करते हुए ईचवर जग्ग ि को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए सखिमाराम को शासम ि करते हुए पप्चचम की ओर ीििप ठ े के ािर को शासम ि करते हुए अशोक अध्यापक को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए ेिवतराम एसडीओ को शासम िकरते हुए आजम खां की बाड़ी को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए सीधा एसटीपी के पीछे ईमरान फौजी क े मकान तक। | ||
| 9 | एसटीपी के पास सीिम पुत्र चयोकत फकाितनयां को शासम ि करते हुए ईमरान फौजी को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए क्षिणि में प्स्थत मप्स्ज िको शासम िकरते हुए फररया िके मकान को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए क्षिणि में बशीर खां की ुिकान को शासम िकरते हुए धन्नाराम शमाम के नोहरें को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे ह ुए सािनं िबबजीि वाेि को छोड़ते हुए सुरेन्द्र कु महार को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए सोहन कु महार को शासम िकरते हुए भानी कु महार को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए तनसार खान व सुभा ि मुगि ि को छोड़ते हुए उममे िके नोहरें को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए बाबू खां मविाण को शासम ि करते हुए सीिक खां को छोड़ते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए अीिम खां को छोड़ते हुए उममे ि खां को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए मुमताज खां को शासम िकरते हुए फररया िखां को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए ईकबा िखां को शासम िकरते हुए डाक्टर शकू र को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए ऐमन खां चाय िको शासम ि करते हुए सुभा ि खाती व ुिनीराम सेवाि को छोड़ते हुए ज्ञानससंह सेवाि को शासम िकरते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए जीवण माता मंदरि को छोड़ते हुए बृजाि ि सेवाि को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते ह ुए प्रेम सेवाि को शासम िकरते हुए आमीन व रामतनवास जांचगड़ को छोड़ते ह ुए पप्चचम की ओर चकिर क्षिणि की ओर मुड़ते हुए हेमंश ब्यूटी पॉमिर को छोड़ते हुए साप्ज ि फौजी के तॉिट को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए तनसार पुत्र यूनुस खां को छोड़ते हुए तनसार को शासम िकरते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते हुए शौफकन खां को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे ह ुए उत्तर दशिा की संपूणम आबाीि को शासम ि करते हुए क्षिणि दशिा की संपूणम आबाीि को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए नवफिकशोर व गुािम ह ुसैन तथा गफ्फार खां को शासम ि करते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए | 1099 |
| ईकबा ि खां व ववकास सोनी तथा ईंतजार के तॉिट व मकान को शासम ि करते हुए आईशा मप्स्ज िको छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए रफीक की डेयरी व गौशााि के फॉमम को शासम िकरते हुए नहर के साथ-साथ उत्तर की ओर चतिे हुए ेिवतराम एसडीओ को छोड़ते हुए हेमजी पुरोदहत व आजम खां की बाड़ी को शासम िकरते हुए पूवम की ओर चतिे हुए एसटीपी क े पास सीिम पुत्र चयोकत फकाितनयां के मकान तक। | ||
| 10 | र ेल्वे ािईन के क्षिणिी कोने पर चयोकत छ ंपा के नोहरें को शासम ि करते ह ुए क्षिणि की ओर चतिे हुए प्रेमचं ि ससंधी को शासम ि करते हुए नागर बाबू को छोड़ते हुए सीधे चतिे हुए गोपीराम ससंधी को छोड़ते हुए मोहमम ि उमर को शासम िकरते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते हुए मंगतू खां को शासम ि करते हुए उत्तर की ओर मुड़कर पुष्पा ससंधी को छोड़ते हुए ईकबा ि को शासम िकरते हुए रामस्वरूप नागपा िको छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे ह ुए ताज मोहमम िसीआई को छोड़ते हुए धोूि के मकान को शासम िकरते ह ुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए मुमताज खां को शासम ि करते हुए महरूम अीिशेर को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए उममे ि खां पुत्र मोहबीि खां को शासम िकरते हुए उममे िपुत्र युसुफ खां को छोड़ते हुए फररया िके मकान को शासम िकरते हुए कु रसे िबबजीि वाेि को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए गुािम कादरि के मकान को छोड़ते हुए असमि व ईस्माइ िखां क े मकान को ेिते हुए वादह ि खां के मकान को छोड़ते हुए क्षिणि ओर महबूब काि िके मकान को ेिते हुए व रज्जाक खां व अरिीश खां भुवाण क े मकान को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए रामावतार फकरोड़ीवा ि की ुिकान को ेिते हुए ववक्रम स्वामी को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे ह ुए बुधराम पुरोदहत व सावमजतनक पाकम को छोड़ते हुए इसयिास के मकान को ेिते हुए पूवम की ओर चतिे हुए सीिक टैमपों वाेि को ेिते हुए सीिम खां के मकान को छोड़ते हुए कल्याण भूसम की ीिवार को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए सीिक ुिहार के नोहरे को ेिते हुए सावंरम िकु महार व र ेल्वे ािईन को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए च्यानणम ि सैनी व सीिक ुिहार व बाूि खां ससक्का को ेिते हुए रेल्वे ािईन को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए सन्नू खां व सरवर तछमपा और मप्स्ज िको ेिते ह ुए रेल्वे ािईन को छोड़ते हुए रेवाड़ीवाोिं के पुराने बाड़े व चयोकत छ ंपा के नोहरें तक। | 1099 |
| 11 | अरिीश पामि िके मकान से पप्चचम की ओर चतिे हुए साहवा रोड़ व महबूब काि िको छोड़ते हुए जाफकर काजी को शासम िकरते हुए पतीि गीि उत्तर की ओर चतिे हुए भवंरू खां फतेहखानी को शासम ि करते हुए अख्तर जमाखिानी को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए आबब िमतनयार को शासम ि करते हुए बशीर को छोड़ते हुए सीधे चतिे हुए मुमताज फौजी के मकान को शासम िकरतें हुए शमशेर को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते | 1085 |
| ह ुए युनुस खां जमाखिानी को छोड़ते हुए सीधे चतिे हुए डाक्टर शकू र को शासम िकरते हुए ईकबा िखां को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर सीधे चतिे हुए संताि िसेवाि को छोड़ते हुए ुिनीचं िसेवाि को शासम िकरते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए क्षिणि में जीवण माता को छोड़ते हुए ज्ञानससंह सेवाि को शासम ि करते हुए पूवम की ओर चतिे हुए संकरी गीि की तरफ चतिे उस्मान खां ऐमिाण को छोड़ते हुए सत्तार खां ऐमिाण व तनसार खां को शासम िकरते हुए सीधे पूवम की ओर चतिे हुए मुमताज खां के मकान को शासम ि करते हुए आररफ चाय ि को छोड़ते हुए आगे सीधा पूवम की ओर चतिे हुए कायमखानी धममशााि को शासम ि करते हुए पानी की टंकी को छोड़ते हुए बबसारत खां कासू खां को शासम ि करते हुए तनजाम खां व असमि खां को छोड़ते हुए उत्तर की ओर अंडरपास की तरफ चतिे हुए ह ुसैन नसवाण व महबूब काि ि को छोड़ते हुए अरिीश पामि ि के मकान तक। | ||
| 12 | साहवा रोड़ पर सशव वादटका कल्याण भूसम को छोड़ते हुए महेन्द्र कु महार के नोहरे को शासम िकरते हुए क्षिणि की तरफ चतिे हुए गौशााि को छोड़ते ह ुए सरामफ पेरो ि पंप व बबसारत खां पामि ि को शासम ि करते हुए और बबसारत खां की ुिकान के सामने रोड़ क्रॉस करते हुए पूवम की ओर चतिे हुए यूनानी चचफकत्सायि को छोड़ते हुए सुेिमान नाररका के मकान को शासम ि करते हुए पूवम की ओर चतिे हुए गुािम मोहमम िके मकान को छोड़ते हुए पतपू भुवाण की बाड़ी को शासम िकरते हुए कल्याण भूसम के पीछे की ीिवार व सुेिमान की बाड़ी को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ चतिे हुए मोहर ांप्ासह जांचगड़ व जांचगड़ आटा चक्की को शासम ि करते हुए सत्यवान जांचगड़ के मकान को छोड़ते हुए महेन्द्र कु महार के मकान को शासम ि करते हुए व पुराने मकान को छोड़ते हुए सीधे क्षिणि की ओर चतिे हुए हनुमान मंदरि क े पीछे की ीिवार छोड़ते हुए सीधे चकिर क्षिणि में नहर को छोड़कर पप्चचम की ओर चतिे हुए रामचन्द्र बबजारणणयां के नोहरें को शासम िकरते ह ुए बशीर खां नाररका की बाड़ी को शासम ि करते हुए मैन सड़क पार कर सीधे पप्चचम की ओर चतिे हुए माूिराम गोस्वामी की ुिकानों को शासम ि करते हुए नहर के साथ-साथ सीधे चतिे हुए जमााि सववमस स्टेशन को शासम ि करते हुए नहर के साथ साथ चकिर पूवम की ओर मुड़कर अजीज जमााि के फॉमम व मकान को शासम िकरते हुए गौशााि के फॉमम को छोड़ते ह ुए सीधे चतिे हुए आईशा मप्स्ज िको शासम िकरते हुए ईंतजार के मकान व नोहरें को छोड़तें हुए पूवम की ओर चतिे हुए गुािम अीि खां फौजी को छोड़ते हुए तनजू खां की बाड़ी व तािटों को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए साईडों के खाीि तािटों को छोड़कर पूवम की ओर चतिे हुए क्षिणि साईड की संपूणम आबाीि को शासम ि करते हुए सीधे चतिे हुए ईमरान भाईखानी को छोड़ते हुए तनसार पुत्र युनुस खां के मकान को शासम िकरते | 1090 |
| ह ुए सीधे चतिे हुए उत्तर की ओर मुड़ते हुए तनसार ऐमिाण के नोहरें को छोड़ते हुए सीधा उत्तर की ओर चतिे हुए आमीन कायमखानी के तॉिट को शासम िकरते हुए प्रेम सेवाि के मकान व नोहरे को छोड़ते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए जीवण माता के मंदरि को शासम ि करते हुए सुरेन्द्र सेवाि को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ चतिे हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए तनसार ऐमिाण की ुिकान व मकान को छोड़ते हुए ईकबा ि खान के मकान को शासम िकरते हुए सीधे चतिे हुए असगर खां को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए ईमरान पामि िको छोड़ते हुए चीनू खां के मकान को शासम िकरते ह ुए सीधे क्षिणि की तरफ चतिे हुए भवंरू खां के मकान को छोड़ते हुए मुरा ि खां के मकान को शासम ि करते हुए सीधे पूवम की ओर चतिे हुए क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए राजू अन्नू खां के मकान को शासम िकरते हुए सत्तार खां व ईमाि िखां के मकान को छोड़ते हुए बीरब िकु महार के तॉिट को शासम ि करते हुए पूवम की तरफ चतिे हुए मैन रोड़ पर ईमाि ि की ुिकान को छोड़ते हुए सशव वादटका व कल्याण भूसम को छोड़ते हुए महेन्द्र क ु महार के नोहरें तक। | ||
| 13 | साहवा मैन रोड़ से यूनानी चचफकत्सायि को शासम िकरते हुए पूवम की ओर चतिे हुए सुेिमान के मकान व बसारत खां के ुिकान व मकान को छोड़ते ह ुए पूवम की ओर चतिे हुए कल्याण भूसम के पीछे की ीिवार को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर मुड़कर पतपू भुवाण के मकान को शासम ि करते ह ुए मोहरससंह जाचगंड़ व जांचगड़ आटा चक्की को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ सीधा चतिे हुए राजकीय उच्च प्राथसमक ववद्यायि को छोड़ते हुए महेन्द्र क ु महार के मकान को शासम िकरते हुए व महेन्द्र कु महार के नये मकान को छोड़ते हुए हनुमान मंदरि के पीछे की ीिवार को शासम िकरते हुए क्षिणि में नहर को छोड़कर पूवम की ओर चतिे हुए बाबूाि ि बबजारणणयां व ीिूिराम बबजारणणयां व राजस् व ग्राम चक 8 बीएचडी की सम पूणम सीमा को शासम ि करते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए भूपससंह गोस्वामी व इन्द्र गोस्वामी तथा बचन ससंह व चयोकत खां व फू ेि खां को शासम िकरते हुए रेल् वे ािईन के साथ-साथ नगरपासकिा एसटीपी तािंट व पानी की टंकी को शासम ि करते ह ुए एसटीपी तािंट से उत्तर की ओर चतिे हुए पप्चचम की ओर घूमते हुए र ेल्वे ािईन को छोड़ते हुए नथवाना जोहड़ा व राम रहीम कॉोिनी व पशु चचफकत्सायि को शासम िकरते हुए रेल्वे ािईन के साथ चतिे हुए पप्चचम की तरफ सांवरम िकु महार के मकान व चक्की को शासम िकरते हुए रेल्वे ािईन छोड़कर क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए ुिहारों के नोहरें व सत्यनारायण को छोड़ते हुए सीिम खान के मकान को शासम ि करते हुए सयिाकत पटवारी के मकान को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ मुड़ते हुए चयाम मंदरि व कल्याण भूसम की ीिवार सावमजतनक पाकम को शासम ि करते हुए मुप्स्मि धममशााि को छोड़ते हुए सीधे सड़क पार करते हुए असमि की ुिकान व | 1095 |
| याकू ब सब्जी भंडार को छोड़ते हुए असमि की ुिकान व ूिध डेयरी को शासम िकरते हुए बबसारत खां भुवाण व कायमखानी धममशााि को छोड़ते हुए पानी की टंकी को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर मुड़कर ईमरान पामि ि को शासम ि करते हुए चचन्नू खां के मकान को छोड़ते हुए सीधे चतिे हुए क्षिणि की ओर भंवरू खां के मकान को शासम िकरते हुए व मुरा िखां के मकान को छोड़ते हुए सीधे पूवम की ओर चतिे हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए राजू अन्नू खां के मकान को छोड़ते हुए सत्तार खां व ईमाि िखां के मकान को शासम िकरते हुए बीरब िकु महार के तॉिट को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए मैन रोड़ पर ईमाि ि की ुिकान को शासम ि करते हुए घूमकर क्षिणि की ओर मैन रोड़ पर चतिे हुए सरामफ पेरो ि पंप को छोड़ते हुए कल्याण भूसम व गौशााि को शासम िकर यूनानी चचफकत्सायि तक | ||
| 14 | सतवीर शमाम की ुिकान से क्षिणि की ओर चकिर दीििप बेनीवा ि व ड ू मसागर तथा भगवानािस पेंटर को छोड़ते हुए सरामफों की ुिकान व पुराने प ेरो ि पमप व सुभान हविाई की ुिकान को शासम ि पूवम की तरफ साहवा रोड़ से अंडरपास की ओर चकिर गुहिसन के मकान को शासम िकरते हुए आमीन नाररका की ुिकान को छोड़ते हुए आत्माराम ुिहारीवााि के नोहरे को शासम ि कर द्वारका प्रसा ि ससंधी के मकान को शासम ि करते हुए भूणि पंजाबी के मकान को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए नारायण मारू के मकान को शासम िकरते हुए अमरससंह अध्यापक की ुिकान को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए नरेन्द्र मारू के मकान को शासम िकरते हुए गोववं ि सरामफ के नोहरे व संजय चौक को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए डॉ. क ै ािश पंजाबी व बृजमोहन महवमि को शासम िकर सयिाकत खां व गुािमखां को छोड़ते हुए जुग िराठ को शासम िकरते हुए पवन फतेहपुररया को छोड़ते ह ुए शीत ि ससंधी को ेिते हुए पुरूोित्तम कु मार को छोड़ते हुए नाईयों की मप्स्ज िको शासम िकर रफीक रेंजर व चमपााि िुिहारीवााि को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए शंकराि ि ुिहारीवााि को शासम ि कर सतवीर शमाम की ुिकान तक। | 912 |
| 15 | साहवा रेल्वे फाटक से संताि िमदहपा िकी ुिकान को शासम िकरते हुए पूवम की ओर रेल्वे ािईन के साथ साथ चतिे हुए पंचमुखी बाािजी मंदरि को शासम िकरते हुए मुखराम ढाका व णझंडू कमहार को ेिते हुए समाध भवन व र ेल्वे ािईन को छोड़ते हुए उत्तर की ओर जीवणी सांसी के मकान को ेिते ह ुए चयोकत खां ससक्का के नोहरे को छोड़ते हुए जुगफिकशोर सैनी को ेिते ह ुए सुबराती व ओमप्रकाश को छोड़ते हुए जुगाि िसांसी को ेिते हुए शीताि माता मंदरि को छोड़ते हुए ेिवकी शमाम व रूड़म ि सैनी को ेिते हुए मंगािराम आचायम को छोड़ते हुए महावीर डोभीवाेि को ेिते हुए महावीर पुरोदहत को छोड़ते हुए चैनवााि अततचथ सनि को ेिते हुए राजू डडमप िको छोड़ते हुए पूवम की ओर मोहन खां जमाखिानी की ुिकान को ेिते हुए संजय | 1094 |
| चौक को छोड़ते हुए इसयिास अध्यापक की ुिकान को शासम ि करते हुए नारायण मारू को छोड़ते हुए भूणि पंजाबी को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर द्वारकाप्रसा ि ससंधी को छोड़ते हुए गौरीशंकर घेऊवााि को छोड़ते हुए कारगवा िभवन को ेिते हुए आत्माराम ुिहारीवााि के नोहरे को छोड़ते हुए पूवम की ओर साईफक ि वाीि ुिकान को ेिते हुए साहवा रोड़ गोगामेड़ी को छोड़ते हुए सुभा िजोगीवााि की ुिकान को ेिते हुए कारगवा िभवन को ेिते ह ुए संताि िमदहपा िकी ुिकान तक। | ||
| 16 | मनि मकड़ोसयिा के मकान को शासम ि करते हुए महेन्द्र सैनी व जयससंह क ु महार को छोड़ते हुए बजरंग राठ व राजेन्द्र राठ तथा भगवानी ेिवी स्कू ि को शासम ि करते हुए मजी ि व्यापारी व शब्बीर व्यापारी को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़कर पूणमससंह व मानससंह राजपूत को शासम िकरते हुए ं सीधा चतिे हुए मु शीराम को छोड़ते हुए हवाससंह को शासम ि करते हुए मांगीाि ि पुत्र रामू को छोड़ते हुए डाूि धानक व मोूि धानक को शासम ि करते हुए पूवम की तरफ चकिर मंजू पूतनयां के घर को शासम ि करते हुए चयामीिन गफू र खां व राजेन्द्र पूतनयां के नोहरें को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़कर सीधा मोतीपुराबास रोड़ आशिम पप्ब्कि स्कू िको शासम िकरते ह ुए फारूख हसन पुत्र गुहिसन को छोड़ते हुए मुस्ताक खां को शासम िकरते ह ुए तनयामत ग्राम सेवक व मोहमम ि यासीन कु रैशी को छोड़ते हुए पप्चचत की तरफ मुड़कर फकशन के नोहरे को शासम िकर आरा मशीन व ताराचं िव र ेल्वे ािईन को छोड़कर समाध भवन को शासम ि कर रेल्वे ािईन जीवणी सांसी के मकान को छोड़ते हुए सीधा उत्तर की तरफ ओम कु महार व सुबराती को शासम िकरते हुए जुगफिकशोर सैनी व जुगाि िसांसी को छोड़ते ह ुए रूक्मानं ि सोनी व जीवराज पुरोदहत की ुिकान को शासम ि करते हुए शीताि माता को छोड़ते हुए मनि मकड़ोसयिा के मकान तक। | 1098 |
| 17 | समाध भवन के पीछे ताराचं ि की आरा मशीन को शासम ि करते हुए रेल्वे ािईन को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए संीिप बेनीवा िकी ुिकान को शासम िकरते हुए रेल्वे ािईन के साथ साथ राजगढ़ रोड़ की तरफ चतिे हुए रामससंह कु महार की बाड़ी को व राजस् व ग्राम चक 8 बारानी ग्रामीण व 8 बारानी की सम पूणम सीमा को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर चकिर पूवम की ओर मुड़ते हुए बांके बबहारी कॉोिनी व मानससंह गढवा िके धममकांटे को छोड़ते हुए हुड्डा धममकांटे को शासम ि करते हुए उत्तर की तरफ मुड़ते हुए प्रतीक आयरन स्टोर व जय अमबे गैस ऐजेंसी तथा हनुमान मंदरि व ुिीिचं ियावि को शासम िकरते हुए वमाम इंडप्स्रज को छोड़ते हुए व आमीन खां नारीका की बाड़ी पप्चचम की ओर चतिे हुए ीिपा पारीक को शासम ि करते हुए राजम िकस्वां व जेपी अध्यापक तथा उसके पास खाीि तॉिट को छोड़ते हुए प्जतेन्द्र यूपीवाेि को शासम िकरते हुए व जयप्रकाश महाजन को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर मुड़कर पप्चचम की ओर चतिे हुए हाजी ािऊ ि | 1093 |
| खां की बाड़ी की बीच की सड़क से पप्चचम की ओर चतिे हुए राजेन्द्र पूतनयां के नोहरें को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए गफू र खा व मंजू पूतनयां पामि ि तथा आशिम पप्ब्कि स्कू ि को छोड़ते हुए आररफ को शासम ि करते हुए फकशन के नोहरे को छोड़ते हुए तारांच िकी आरा मशीन तक। | ||
| 18 | श्री करणी माता मंदरि को शासम ि कर पूवम की ओर चतिे हुए सुमेर ससंह राजपूत व मोहन दढकिी वाेि के नोहरें को छोड़ते हुए हजारी सोनी को शासम ि कर चेतराम बेनीवा ि के नोहरे को छोड़ते हुए सीधा पूवम की तरफ गंगाससंहपुरा रोड़ की ओर सुरेन्द्र सोनी को शासम ि करते हुए जयससंह मोठसरा को छोड़ते हुए सीधा पूवम की ओर चकिर क्षिणि दशिा की समस्त आबाीि को शासम ि करते हुए ववचवकमाम मंदरि को छोड़ते हुए रामससंह घोदटया व जोगेन्द्र अध्यापक के पप्चचम तरफ के नोहरें को शासम ि करते ह ुए पूवम तरफ के नोहरे व कविातनयां भवन को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे जेपी अध्यापक व प्जतेन्द्र यूपी वाेि के मकान को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते हुए उत्तर की संपूणम आबाीि को शासम िकरते हुए सीधे चतिे ह ुए राजेन्द्र पूतनयां व मंजू पूतनयां को छोड़ते हुए व रामस्वरूप धानक के मकान को छोड़ते हुए मांगेराम धानक को शासम ि करते हुए हवाससंह को छोड़कर उत्तर दशिा की ओर चतिे हुए पूवम दशिा की संपूणम आबाीि को शासम ि करते हुए पप्चचम दशिा को छोड़ते हुए पतपू कु रैशी के नोहरें को शासम िकरते हुए पूवम की ओर चतिे हुए श्री करणी माता मंदरि तक। | 1088 |
| 19 | हररराम पुत्र जाूिराम सोनी चैनवाीि को शासम िकरते हुए चैनवाीि धममशााि को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए शीताि माता मंदरि को शासम ि कर सुभा ि शमाम नगरपासकिा व जीवराज पुरोदहत व मनि मकड़ोसयिा व ं ज महेन्द्र सैनी को छोड़ते हुए सीधा पूवम की ओर चकिर श्री चयाम कु मदहपा ि सनि को शासम ि करते हुए राजेश राठ को छोड़ते हुए मजी ि के मकान को शासम ि करते हुए पूणमससंह व करणी माता मंदरि को छोड़ते हुए रामू भांभी को शासम िकरते हुए सीधा पूवम की तरफ चतिे हुए हजारी सोनी को छोड़ते हुए चेतराम बैनीवा िव ौितिराम के नोहरे को शासम िकर चौधरी ज्ञानससंह के नोहरें व सुरेन्द्र सोनी को छोड़ते हुए सप्जमया बानों पामि िको ेिते ह ुए जयससंह मोठसरां को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ मुड़कर प्रताप जाट के घर व ुिकान को ेिते हुए रामू पानवााि शीशपा ि पुत्र मोतीाि ि धेरड़ को छोड़ते हुए रामस्वरूप शमाम नगरपासकिा को शासम िकर तनसुख ओसशयर व आत्माराम भागमव के नोहरे को छोड़ते हुए नरेश पुत्र मंगतूराम शमाम व पटे ि फौजी को शासम ि कर पप्चचम दशिा में चकिर चयोािन ड्राईवर व हनुमान भागमव को ेिते हुए मोहन पंजाबी व गणेशीाि ि पंचाररया को छोड़ते हुए मनीराम पंचाररया को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर चकिर शीन कु रैशी क े मकान को शासम ि करते हुए सद्दू खां के पुराने मकान को छोड़ते हुए | 1096 |
| यासीन तेीि को शासम ि करते हुए सत्तार कु रैशी को छोड़ते हुए ईस्ािम क ु रैशी को शासम ि करते हुए भानीराम कु महार व नाप्जम व्यापारी को ेिते ह ुए ओंकारम ि धानक व रामस्वरूप समस्त्री को छोड़ते हुए सीधा गुािब मापिानी व रमेश कु मार को ेिते हुए महेन्द्र सरामफ व गुािब ससंधी को छोड़ते हुए सीधा हररराम पुत्र जाूिराम सोनी तक। | ||
| 20 | राजू डडमप िके घर से चकिर मोहन खाती की ुिकान व टेदिटया सम िको शासम िकरते हुए गोववं िसरामफ के मकान को छोड़ते हुए डाक्टर कै ािश की ुिकानों को शासम ि करते हुए पूवम की तरफ मुड़ते हुए मोहन बड़वेवाेि को शासम ि करते हुए शांतत तनके तन स्कू ि को छोड़ते हुए कू रि फै क्टरी को शासम िकरते हुए संताि िमदहपा िव कु रसे िबानों को छोड़ते हुए हनुमान ट ेदिटया को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए गोय िहाईट्स को छोड़ते हुए तनरंजन ुिािनी को शासम ि करते हुए क्षिणि की तरफ मुड़कर सांवरम िबुकसिररया को छोड़ते हुए मांगीाि िगोय िको शासम िकरते हुए खान मोहमम ि को छोड़ते हुए आररफ डॉक्टर को शासम ि करते हुए सीधा चकिर सत्तार पुत्र सद्दू खां को शासम िकरते हुए ईस्ािम कु रैशी को छोड़ते ह ुए क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए धोूि पल्ेिािर को शासम ि करते हुए सीधा चकिर पप्चचम की तरफ मुड़ते हुए मनि डोभीवााि व महेन्द्र सरामफ को शासम िकरते हुए मापिानी को छोड़ते हुए चैनवाीि धममशााि को छोड़ते हुए राजू डडमप िके मकान तक। | 1083 |
| 21 | गोववं ि सरामफ के मकान से उत्तर की ओर कै ािश डाक्टर की ुिकानों व शांतत तनके तन स्कू ि को छोड़ते हुए मोहनाि ि नाई को शासम ि कर महेश सरामफ को छोड़ते हुए रामतनवास सरामफ व मोती सरामफ को शासम िकरते हुए तनमम िुिहारीवााि को छोड़ते हुए नवीन ुिहारीवााि व मुरारी को शासम िकर पतीि गीि से पप्चचम की ओर अग्रसैन स्कू िव धममशााि के पीछे वाेि गेट को छोड़ते हुए महावीर अध्यापक को शासम िकरते हुए मनि डोभीवााि की ुिकान को छोड़ते हुए एमपी ुिहारीवााि को शासम ि कर पप्चचम की तरफ मुड़ते हुए ािचिं ि ससंधी की चक्की व ताराचं ि शमाम के मकान को छोड़ते ह ुए उत्तर की तरफ मुड़ते हुए आत्माराम खेमका के मकान को शासम िकरते ह ुए ववजय सरावगी को छोड़ते हुए जोधराज जी के मकान को शासम िकरते ह ुए पप्चचम की तरफ मुड़ते हुए बल्ूिराम गोल्याण को छोड़ते हुए कासू खां को शासम ि करते हुए क्षिणि की तरफ मुड़़ते हुए ीिनयिा ि गोल्याण को छोड़ते हुए भूपससंह वकी ि के मकान को शासम ि करते हुए चमपााि ि ुिहारीवााि के मकान को छोड़ते हुए रफीक रेंजर के मकान को शासम िकरते ह ुए पूवम की तरफ मुड़ते हुए मप्स्ज िको छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़ते ह ुए सशवभगवान नोखवा िव खुशी मोहमम िपेशकार तथा पुरूोित्तम वमाम व गुािम अीि खां को शासम िकरते हुए कै ािश डाक्टर को छोड़ते हुए डाक्टर ओम ससंोिसयिा व सोहन नाई को शासम ि करते हुए श्रीराम ूिधवााि व | 1060 |
| सरामफों की सम िको छोड़ते हुए सरामफों के नोहरें को शासम िकरते हुए नरेन्द्र मारू को छोड़ते हुए गोववं िसरामफ के मकान तक। | ||
| 22 | बच्छराज वैद्य को छोड़ते हुए ािाि खोखर को शासम िकर वैद्यों की हवेीि को छोड़ते हुए सुभा िखरिरया को शासम िकरते हुए फकशन गुतता को छोड़ते ह ुए ओम सोनी व हैतपी चाचाण को शासम िकरते हुए झमनाि िखरिरया व झमनाि िशमाम के कायामयि को छोड़ते हुए ीिपक शमाम व जुगफिकशोर शमाम को शासम ि करते हुए संताि ि गोयनका व सुशी ि चाचाण को छोड़ते हुए सांवरम िुिहारीवााि व प्रयागचं िखरिरया व नरसी हविाई को शासम िकर चंपााि ि पनवाड़ी, छोटा हनुमान मंदरि व ववचवनाथ सरामफ की ुिकान को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चकिर महेश सरामफ को छोड़ते हुए जुगफिकशोर सोनी को शासम िकरते हुए रामतनवास सरामफ व मोती सरामफ को छोड़ते हुए तनमम ि ुिहारीवााि को शासम ि करते हुए नवीन ुिहारीवााि व मुरारी बसं ि को छोड़ते हुए पतीि गीि से पप्चचम की ओर अग्रसैन स्कू िव धममशााि के पीछे के गेट को शासम ि करते हुए महावीर अध्यापक को छोड़ते हुए मनि डोभीवााि की ुिकान को शासम िकरते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए एमपी ुिहारीवााि की ुिकानों को छोड़ते हुए शंकर सरामफ की ुिकान को शासम ि करते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए ताराचं ि शमाम के मकान को शासम ि करते हुए चयामाि िबांयवााि व आत्माराम खेमका को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए जगीिश अध्यापक को शासम ि करते हुए रवव चगल्होत्रा अध्यापक व जोधराज को छोड़ते हुए ववजय सरावगी के नोहरें को शासम ि करते हुए पप्चचम की ओर मुड़कर मोहन फतेहपुररया व बल्ूि गोल्याण को शासम ि कर कासू खां के नोहरे को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ मुड़कर सांवरम ि गोल्याण व फफरोज अीि को छोड़ते हुए सामने पतीि गीि से खामि के मकान को छोड़ते हुए दहाियत खां के मकान को शासम िकरते हुए गौरीशंकर चाचाण को छोड़ते हुए मनि डासिमया को शासम ि करते हुए हनुमान मदहपा ि की ुिकान को छोड़ते हुए रावतम ि की गद्दी को शासम ि करते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए अंबबका गारमेन्ट को शासम िकरते हुए शंकर चाचाण को छोड़ते हुए सीधे चकिर सहीराम ुिेिसर को शासम िकरते ह ुए सांवरम ि पनवाड़ी व मूततम चौक को छोड़ते हुए पूवम की तरफ चकिर बापूवाीि धममशााि को छोड़ते हुए पुराने राजकीय महाववद्यायि को शासम ि करते हुए क्षिणि की तरफ चतिे हुए रामप्रताप चाचाण व बच्छराज वैद्य को छोड़ते हुए रामतनवास चाचाण को शासम िकरते हुए ािाि खोखर तक। | 1037 |
| 23 | मैन रोड़ मूततमचौक पर सुववको इेिक्रातनक्स व मदहाि बा ि कल्याण के न्द्र गोसयिा स्कू ि पाफकंि ग को शासम ि कर बंशीधर नाई को छोड़ते हुए सीधा उत्तर की तरफ चतिे हुए पुराने एसबीआई बैंक को छोड़ते हुए रामस्वरूप शमाम व झमनाि िशमाम की सम िको शासम िकरते हुए तनरंजन सभरानीवाेि क े मकान को छोड़ते हुए सीताराम शमाम अध्यापक को शासम ि करते हुए | 900 |
| बनवारीाि ि जाट व भीखाराम शमाम के मकान को छोड़ते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए भगवती प्रसा ि जज के मकान को शासम ि कर बेििव शमाम व अजय गांधी आईपीएस को छोड़ते हुए महेश खटीक व युनूस डाक्टर के मकान को शासम िकरते हुए बाबूाि िखटीक के मकान को छोड़ते हुए सीधे क्षिणि की ओर मुड़ते हुए डाक्टर महमू िभाटी व कृ ष्णा टॉकीज को छोड़कर राजफकशन टेदिटया व मनि खरिरया की ुिकानों को शासम ि करते हुए पप्चचम की तरफ मैन रोड़ पर चतिे हुए चाचाण सम ि व पुराने राजकीय महाववद्यायि को छोड़ते हुए बापूवाोिं की धममशााि को ेिते हुए मूततमचौक छोड़ते हुए सुववको इेिक्रातनक्स व मदहाि बा ि कल्याण के न्द्र गोसयिा स्कू िपाफकंि ग तक। | ||
| 24 | ककशनलाल्गंगानगररया्के ्नोहरें्व्मकान्को्शासमल्करते्हुए्रामननवा्ि गांधी्वाले्को्छोड़ते्हुए्उत्र्तकी्तरफ्चलते्हुए्अमरसंिह्पुरोहहत्को् शासमल् करते् हुए् बाबूलाल् व् मोहनलाल् रैर्ग तथा् वाल्ममकी् मंर्हि को् छोड़ते् हुए् चचमनालाल् पटवारी् को् शासमल् करते् हुए् ीिधा् चलते् हुए् नीनू् र्डशवाले्को्छोड़ते्हुए्ीिधा्उत्र्तकी्र्ओचलते्हुए्ीिक्षा्ककरयाना्सर्टो को्शासमल्करते्हुए्प्रकाश्वाल्ममकी्को्छोड़ते्हुए्उत्र्तकी्र्ओचलते् ह ुए्राजकु र्माव्ववशाल्वाल्ममकी्को्शासमल्करते्हुए्ेिवीलाल्को्छोड़ते् ह ुए् भंवरलाल् ैिनी् की् ुिकान् व् मकान् को् शासमल् करते् हुए् भजनाि्ि मंर्हि व् राजू् ैिनी् को् छोड़ते् हुए् ीिधे् पूवड् की् चलते् हुए् ोिनू् व् प्रकाश् वाल्ममकी् तथा् हररसंिह् वाल्ममकी् को् छोड़ते् हुए् रामसंिह् बबजारणणयां् व् छोटा् मंर्हि को् शासमल् करते् हुए् क्षिक्षण् की् तरफ् चलते् हुए् भारत् वाल्ममकी् को् शासमल् करते् हुए् सशव् कु र्मा ािरड़ीवाल् को् छोड़ते् हुए् नागरमल् ैिनी् को् शासमल् करते् हुए् पतली् गली् में् पूवड् की् तरफ् मुड़र्क क्षिक्षण् की् तरफ् चलते् हुए् शंर्क ड़िबेवाले् के ् नोहरे् व् कोकी् की् चककी् तथा् शीतला् मंर्हि को् छोड़ते् हुए् हर्र शमाड् को् शासमल् करते् हुए् ीिधे् चलते्हुए्लक्ष्मण्शमाड्को्शासमल्करते्हुए्लिीप्ठे के ािर्व्हरीश्सवामी् को् छोड़ते् हुए् पल्चचम् की् तरफ् चलर्क शंर्क चगरािर्व को् छोड़ते् हुए् ककशनलाल्गंगानगररया्के ्मकान्व्नोहरे्तक। | 1089 |
| 25 | भीखाराम्शमाड्के ्मकान्ेि्पूवड्की्तरफ्चलते्हुए्ीिताराम्अध्यापक्व् चयामुिर्न्ि खरिरया् को् छोड़ते् हुए् कृ ष्ण् बलेिव् शमाड् व् अजय् गांधी् आईपीए्िको्शासमल्करते्हुए्भगवती्प्राि्िजज्व्भूप्ोिनी्को्छोड़ते् ह ुए् ेिशबंधु् मोीि् को् शासमल् करते् हुए् छत्तरसंिह् बेनीवाल् के ् मकान् व् धमडपाल्बेनीवाल्के ्नोहरे्को्छोड़ते्हुए्उत्र्तकी्तरफ्चलर्कमोमनराम् को् छोड़ते् हुए् ुिलीचं्ि व् छबीलाराम् वकील् को् शासमल् करते् हुए् राजू् खरिरया् को् छोड़ते् हुए् उत्र्त की् तरफ् चलते् हुए् राजकीय् प्राथसमक् ववद्यालय् व् हनुमान् मंर्हि को् शासमल् करते् हुए् ववककी् र्पाड्िको् छोड़ते् ह ुए्आगे्ीिधे्चलर्कुिरेर्न्पर्चाको्शासमल्करते्हुए्रणर्धीखीचड़्व् | 990 |
| ह ेतराम् गोािरा् को् छोड़ते् हुए् पल्चचम् की् र्ओ चलते् हुए् ररशु् एम्पोररयम् को् शासमल् करते् हुए् हररराम् मोठरिां् को् छोड़ते् हुए् आगे् मुड़र्क ीिधे् पल्चचम् की् र्ओ चलते् हुए् महेश् ैिनी् व् इन्राज् मोठरिां् के ् मकान् व् ुिकान् को् छोड़ते् हुए् प्रताप् भाम्भू् को् शासमल् करते् हुए् क्षिक्षण् की् र्ओ चलते् हुए् हरत्त्ि संिह् धामू् प्रधानाचायड् को् छोड़ते् हुए् ीिधे् चलते् हुए् रामजीलाल् गुजर्ड को् छोड़ते् हुए् ुिमतान् र्बुाननयां् को् शासमल् करते् हुए् ववनो्ि छीपां् को् छोड़ते् हुए् पल्चचम् की् र्ओ चलते् हुए् राजवंत् र्रिाि व् हररककशन् शमाड् तथा् अशोक् आयड् को् शासमल् करते् हुए् ओमप्रकाश् अध्यापक्को्छोड़ते्हुए्उत्र्तकी्र्ओचलते्हुए्लिीप्एईएन्व्भंवरा्को् छोड़ते्हुए्फू लाराम्भूर्कव्ंितलाल्वकील्को्शासमल्करते्हुए्भंवरलाल् वाल्ममकी्व्काली्माता्मंर्हकिो्छोड़ते्हुए्बलेिव्मोीि्को्शासमल्करते् ह ुए्ंिजय्चगड़िा्को्छोड़ते्हुए्पल्चचम्की्तरफ्मुड़र्कहर्रवाल्ममकी्व् सशव्कु म्र्हाको्शासमल्र्कपतली्गली्में्नागरमल्ैिनी्को्छोड़ते्हुए् छोटू ् खाती् व् शीतला् मंर्हि तथा् लिीप् ठे के ािर् को् शासमल् करते् हुए् भीखाराम्शमाड्के ्मकान्तक। | ||
| 26 | क ृ ष्णा टॉफकज को शासम िकर रामतनवास टेदिटया की ुिकान को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ सीधे चतिे हुए डाक्टर महमू िभाटी को शासम िकरते हुए कमेिश कवप ि व महेश सांखाि को छोड़ते हुए पूवम की तरफ मुड़ते हुए ि ेशबंधु मोीि को छोड़ते हुए छत्तर ससंह बेनीवा ि व धममपा ि बेनीवा ि के नोहरे को शासम ि करते हुए ुिीिचं ि व छबीािराम वकी ि को छोड़ते हुए मोमनराम को शासम ि करते हुए पूवम से उत्तर की ओर मुड़ते हुए हनुमान मंदरि को छोड़ते हुए पूवम पामि िववक्की को शासम िकरते हुए पूवम की तरफ चतिे हुए आगे क्षिणि की ओर मुड़ते हुए डाक्टर सुरेश चौधरी को छोड़ते हुए बृजाि िससंह को शासम िकरते हुए पूवम की ओर चतिे हुए नरेन्द्र ीिडर के मकान को छोड़ते हुए ओमप्रकाश धूडड़या को शासम िकरते हुए सीधे क्षिणि की ओर चतिे हुए श्री गौशााि व रणससंह फगेडड़या को छोड़ते हुए ववचवनाथ मंगाीिवाेि की बाड़ी व महावीर तननाण वाेि को शासम िकरते हुए सीधे मैन रोड़ पर पप्चचम की ओर मुड़ते हुए शराब ठेका व रामससंह मी िको छोड़ते ह ुए रामववािस अग्रवा िव चयाम स्कू िको शासम िकरते हुए चाचाण सम ि व रामतनवास टेदिटया को छोड़ते हुए कृ ष्णा टॉफकज तक। | 1081 |
| 27 | पुराने राजकीय महाववद्यायि को छोड़ते हुए रामप्रताप चाचाण को शासम ि करते हुए पूवम की ओर चतिे हुए चाचाण सम ि व अमरचं ि छै ािनी को शासम िकरते हुए कृ ष्णा टॉफकज व चयाम स्कू िको छोड़ते हुए रामससंह मी ि व सीमा जनर ि स्टोर को शासम ि करते हुए अंबेडकर चौक व तमन्ना फैिक्स को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए एप्क्सस बैंक व उत्सव मैररज पैेिस को शासम ि करते हुए डाक्टर फू ि मोहमम ि को छोड़ते हुए रूपचं िपटावरी व मुके श तािप्स्टक फै क्री को शासम िकरते हुए मांगीाि िके | 1078 |
| कायामयि को छोड़ते हुए जामा मप्स्ज िको शासम िकरते हुए हनुमानजी की हवेीि को छोड़ते हुए सोनी माके ट व राजफकशन सरामफ को शासम िकरते हुए ववचवनाथ की ुिकान व अाियाि ज्वैिसम को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ चतिे हुए हनुमान मंदरि व चमपााि िपनवाड़ी को शासम िकरते हुए नरसी हविाई को छोड़ते हुए ेिवीाि ि व फकशन की ुिकान को शासम ि करते हुए संकड़ी गीि में उत्तर की ओर मुड़ते हुए सावंरम ि ुिहारीवााि के नोहरे व सुशी ि चाचाण को शासम ि करते हुए जुगफिकशोर शमाम व ीिपक शमाम को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ मुड़ते हुए हैतपी चाचाण व अंजनी खरिरया को छोड़ते हुए फकशन गुतता व धनपत खरिरया को शासम ि करते हुए सुभा ि खरिरया को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ मुड़ते हुए मणणशंकर शमाम के मकान को शासम ि करते हुए शकू र खां ठे के ािर को छोड़ते हुए रामप्रताप चाचाण तक। | ||
| 28 | मैन रोड़ अंग्रेजी शराब ठे का को शासम िकरते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए गौशााि रोड़ पर रामववािस अग्रवा ि को छोड़ते रणससंह अध्यापक को शासम ि करते हुए महावीर तननाण वाेि को छोड़ते हुए गौशााि को शासम ि करते हुए ववचवनाथ मंगाीिवााि की बाड़ी व अुजमनाि िमोीि को छोड़ते हुए नरेन्द्र ीिडर व रामेचवराि िको शासम िकरते हुए ओमप्रकाश की ुिकान को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ मुड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए सुभा ि जोगीवााि के नोहरे व डाक्टर सुरेश चौधरी को शासम िकरते हुए कन्हैयााि ि जोगीवााि व कान्हा स्वामी को छोड़ते हुए सीधे उत्तर की तरफ चतिे हुए हाजी मुस्ताक व मांगू खां को छोड़ते हुए मुमताज खां व अमरससंह जाट तथा याविों के नोहरें को शासम िकरते हुए मुस्ताक खां व जयेिव बबचनोई तथा अशोक व्यास व गुरयिा ि की ुिकान को छोड़ते हुए पूवम की तरफ मुड़कर गुरयिा िके मकान व पूनम अध्यापक को शासम िकरते हुए महावीर फौजी को छोड़ते हुए सीधा क्षिणि की तरफ चकिर बाबूाि ि मोीि व जरीना को शासम िकरते हुए पूवम की तरफ मुड़कर सीिम काजी को छोड़ते हुए हररससंह ब ेनीवा ि को शासम ि करते हुए शमशेर खोखर को छोड़ते हुए रामकु मार क ु महार को शासम ि करते हुए सुल्तान जाखड़ को छोड़ते हुए सीधा चकिर महेन्द्र ग्राम सेवक को शासम ि करते हुए पवन शमाम व बजरंग शमाम बैंक मैनेजर के नोहरे को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ सीधे चतिे हुए गोपा ि कबाड़ी को शासम ि करते हुए फकशन ससंधी को छोड़ते हुए ववकास सीमेंट शॉवपंग मॉ ि व जीवन ज्योतत हॉप्स्पट ि को शासम ि कर पूवम की तरफ मुड़कर हनुमान फनीचर व भगतससंह मसााि वपसाई के न्द्र को छोड़ते हुए एसबीआई बैंक को शासम िकर मैन रोड़ से पप्चचम की ओर चतिे हुए ािऊ ि कटाि व कृ ष्णा इेिक्रातनक्स को छोड़ते हुए आईसीआईसीआई बैंक को शासम ि कर सीधे चतिे हुए नंािि ि गंगाधर दटंबर व बाािजी होट ि को शासम िकरते हुए अंबेडकर चौक को छोड़ते हुए मनि जोगीवााि को शासम ि | 1050 |
| कर सीधा शराब ठेके तक। | ||
| 29 | शांतत तनके तन स्कू ि को शासम ि करते हुए उत्तर की तरफ चकिर मोहन नाई को छोड़ते हुए महेश सरामफ को शासम िकरते हुए अाियाि ज्वैिसम को छोड़ते हुए ववचवनाथ सरामफ की ुिकान को शासम ि करते हुए राजफकशन सरामफ व रामावतार गोल्याण को छोड़ते हुए नागर खिारा व हनुमानजी की हवेीि को शासम िकरते हुए जामा मप्स्ज िको छोड़ते हुए मनीराम सोनी व जसवंत नेहरा को शासम िकरते हुए मांगी मंगाीिवााि की ुिकान को छोड़ते ह ुए पूवम की तरफ गोपा िगोय िव फकशन इन्ोिररया को शासम िकरते हुए गोपी आटा चक्की को छोड़ते हुए हनुमान मंदरि को शासम ि करते हुए काूिराम छानीवाेि की हवेीि को छोड़ते हुए ररसश चगड़िा को शासम िकरते ह ुए नंीि चौक व जेपी मंगाीिवााि को छोड़ते हुए सीधे क्षिणि की ओर चतिे हुए धममराज शास्त्री को शासम िकरते हुए चौधरी ज्ञानससंह की हवेीि ं को छोड़ते हुए सु रि भागमव को शासम िकरते हुए ममू खां व्यापारी को छोड़ते ह ुए भासिसंह कस्वां वकी िव कु रसे िको शासम िकरतें हुए हनुमान टेदिटया को छोड़ते हुए हररससंह इंसियिा को शासम िकरते हुए डाेिश पारीक व कू रि फ ै क्री को छोड़ते हुए शांतत तनके तन स्कू ितक। | 1008 |
| 30 | ववम िफतेहपुररया व सांवरम िबुकसिररया को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर हनुमान टेदिटया को छोड़ते हुए सीधा चकिर ज्ञानससंह की कोठ को ं शासम िकर सु रिाि ि भागमव को छोड़ते हुए जेपी मंगाीिवााि व नंीि चौक को शासम िकर संजय शमाम ऐडवोके ट को छोड़ते हुए सुभा िशमाम को शासम ि कर हनुमान मंदरि को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चकिर गोपी आटा चक्की को छोड़ते हुए चमपााि ि राजगदढ़या को शासम ि करते हुए सीधे चकिर ड ू मसागर को छोड़ते हुए राजू पनवाड़ी को शासम िकरते हुए मनसा ठे के ािर को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़़कर वे ि मदहपा ि को शासम ि करते हुए हनुमान मदहपा ि को छोड़ते हुए सीधा रोशन मदहपा ि को शासम ि कर सीताराम मदहपा ि को छोड़ते हुए जीरीिन व्यापारी को शासम ि कर पतीि गीि में मुड़कर णझंडू नाई को छोड़ते हुए सांवरम ि पंचाररया को शासम ि करते हुए मनीराम पंचाररया को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ चकिर हाजी सद्दू खां को शासम ि कर शीन व्यापारी को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ चकिर शौकीन खां तेीि की ुिकान को छोड़कर खान मोहमम िव हारून को शासम िकरते हुए राके श अग्रवा िव मांगीाि िगोय िको छोड़ते हुए ववम ि फतेहपुररया तक। | 1056 |
| 31 | जयससंह मोठसरां को शासम िकरते हुए उत्तर की तरफ प्रताप ससंह जाट व मनीराम बबजारणणयां को छोड़ते हुए सीधा चतिे हुए रामू पानवााि व मोतीाि ि शमाम को शासम ि कर रामप्रताप नगरपासकिा को छोड़ते हुए रामावतार भागमव व राजू सोनी को शासम ि कर बनवारीाि ि जाट व पटे ि फौजी को छोड़ते हुए सीधे पप्चचम की तरफ मुड़कर आत्माराम भागमव व | 1086 |
| मोहन पंजाबी तथा महेश शमाम को शासम िकर हनुमान भागमव को छोड़ते हुए णझंडू वमाम को शासम ि करते हुए जीरीिन व्यापारी को छोड़ते हुए सीताराम मदहपा िको शासम िकरते हुए रोशन मदहपा िको छोड़ते हुए मुन्ना मदहपा ि को शासम िकरते हुए बाबूाि िमदहपा िको छोड़ते हुए ाि िकोठ व ािडाि ईसमत्र को शासम िकर सुभा िसोनी को छोड़ते हुए सीधे कु दटया रोड़ पर रतन की बाड़ी को छोड़ते हुए रामस्वरूप सोनी को शासम ि करते हुए मंगतूराम शमाम को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़कर भतपू खां व्यापारी को शासम ि कर पूणमससंह राजपूत व द्वारका प्रसा ि को छोड़ते हुए ववजेन्द्र पटवारी व मंगचिं िशमाम को शासम िकर सीधे चतिे हुए ताराचं िशमाम को शासम िकर होसशयारीाि िशमाम व सुरेन्द्र शमाम तथा सुभा िकं डक्टर को छोड़ते हुए मनि हविाई को शासम िकर पप्चचम की तरफ मुड़कर मनीराम पटवारी को छोड़ते ह ुए सीधा चतिे हुए आनं िस्वामी को शासम िकरते हुए रामकु मार जोशी व सुरेश सोनी के नोहरे को छोड़ते हुए जयससंह मोठसरां के घर तक। | ||
| 32 | मंगतूराम शमाम को शासम िकरते हुए रामजस की बाड़ी को छोड़ते हुए सीधे पूवम की ओर चतिे हुए नवाब कबाड़ी को शासम िकरते हुए रदहसा बानो व प्रबजिी कु दटया को छोड़ते हुए मदहपा ि सनि व मोहमम ि अब्बास को शासम िकरते हुए हाजी ािऊ िकी बाड़ी को छोड़ते हुए मैन रोड़ को पार कर चक 8 बारानी की सीमा को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए युवराज धानका की ुिकानों व एसटीपी त ािंट को शासम िकरते हुए आमीन खां नाररका की बाड़ी को छोड़ते हुए वमाम इंडप्स्रज को शासम ि करते हुए हनुमान मंदरि व ुिीिचं ियावि को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए ीिपा पारीक के मकान को छोड़ते हुए जेपी अध्यापक को शासम िकरते हुए प्जतेन्द्र यूपीवाेि को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ मुड़कर सीधे चतिे हुए कविातनयां भवन को शासम ि करते हुए जोगेन्द्र प्रसा ि अध्यापक के नोहरे को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए ववचवकमाम मंदरि को शासम िकरते ह ुए सुभा िहविाई व मनीराम पटवारी को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे ह ुए मंगचिं िशमाम को छोड़ते हुए होसशयारीाि िशमाम व द्वारका प्रसा िको शासम िकरते हुए ववजेन्द्र पटवारी व भतपू व्यापारी को छोड़ते हुए पतपू भांभी व द्वारका शमाम तथा पूणमससंह ठाकु र को शासम ि करते हुए मंगतूराम शमाम तक। | 1078 |
| 33 | एप्क्सस बैंक के सामने सच्छिू समस्त्री की ुिकान को शासम िकरते हुए पूवम की ओर चतिे हुए महबूब धोबी की ुिकान को छोड़ते हुए अंजनी बंस ि व स्वामी बुक डडपो को शासम ि करते हुए ररसासिसंह पूतनयां के नोहरें को छोड़ते हुए सीधे पूवम की ओर चतिे हुए धमेन्द्र झूररया व सुभा िभडड़या को छोड़ते हुए सामने मोहरससंह भडड़या के तॉिट को शासम ि करते हुए क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए एबिीएस स्कू ि व अब्ुि ि कयूम भाटी को छोड़ते हुए महेन्द्र पुत्र कु तुबीिन व डाक्टर हमि शमाम को शासम िकरते हुए सुभा िसोनी | 1067 |
| व ािडाि ईसमत्र तथा डाक्टर सुरेशचन्द्र के मकान को छोड़ते हुए बाबूाि ि मदहपा िको शासम िकरते हुए मुन्ना मदहपा िव रोशन मदहपा िको छोड़ते ह ुए ववद्यासागर मदहपा ि को शासम ि करते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए हनुमान मदहपा ि को शासम ि करते हुए वे ि मदहपा ि को छोड़ते हुए सीधे पप्चचम की ओर चकिर राजू पनवाड़ी को छोड़ते हुए मनसा ठे के ािर व गोपी आटा चक्की को शासम िकरते हुए चमपा राजगदढ़या व गोपा िमंगाीिवााि को छोड़ते हुए हररतनवास शमाम व मांगीाि िगोय िके कायामयि को शासम ि करते हुए जेपी तािप्स्टक फै क्री को छोड़ते हुए सीधे उत्तर की ओर चतिे ह ुए रूपचं ि पटावरी व उत्सव मैररज पैेिस को छोड़ते हुए डाक्टर फू ि मोहमम िको शासम िकरते हुए एप्क्सस बैंक को छोड़ते हुए क्ष्मिण समस्त्री की ुिकान तक। | ||
| 34 | वपतरसैन चाचाण के तॉिट को शासम िकरते हुए पप्चचम मे सुभा िकारेाि व उत्तर में दनिेश महाजन को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए क्षिणि में गौरीशंकर स्वामी को शासम िकरते हुए वीरससंह कारेाि को छोड़ते हुए सीधा पूवम की ओर चतिे हुए तयारेाि िमोची को शासम िकरते हुए पूवम की ओर चतिे हुए उत्तर की ओर मुड़ते हुए ववनो ि सोनी को छोड़ते हुए सुल्तान अध्यापक व अमरससंह जास्ट को शासम िकरते हुए हररससंह बरोड़ को छोड़ते ह ुए प्रताप फौजी को शासम ि करते हुए मोहरससंह बबजारणणयां फौजी व सुरजीत अध्यापक को छोड़ते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए इन्द्राज अध्यापक को शासम ि करते हुए सांवरम ि को छोड़ते हुए ढाका ािईब्रेरी व बद्रीप्रसा ि सैनी के नोहरे को शासम िकरते हुए सुखवीर टोप्क्सया व ीिािधर बेनीवा ि क े तािट को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर मुड़कर आनं ि वकी ि को शासम ि करते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए जगीिश स्वामी को शासम ि करते हुए रामकु मार स्वामी व रोहताश कारेाि को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए मंगतूराम स्वामी को शासम िकरते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए पवन कारेाि को छोड़ते हुए शेरससंह कारेाि व रमेश कारेाि को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर मुड़ते हुए मानससंह स्वामी व भगतससंह स्वामी को छोड़ते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए भासिसंह स्वामी व हरीश मी ि की बाड़ी को छोड़ते हुए भगतराम स्वामी के नोहरें को शासम ि करते हुए मैन राजगढ़ रोड़ को पार कर शमशान भूसम व चक 8 बारानी की सीमा को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर चतिे हुए सीधे एसटीपी त ािंट व मोहमम ि अब्बास व्यापारी को छोड़ते हुए हाजी ािऊ िखां की बाड़ी को शासम िकरते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए मदहपा िअततचथ सनि व नवाब कबाड़ी को छोड़ते हुए प्रबजिी की क ु दटया एवं रदहशा बानों को शासम िकरते हुए सीधा पप्चचम की ओर चतिे ह ुए रतन बेनीवा िकी बाड़ी को शासम िकरते हुए नत्थूराम शमाम को छोड़ते ह ुए सीधा पप्चचम में हमि शमाम को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए धममपा िमदहपा िको शासम िकरते हुए महेन्द्र पुत्र कु तुबीिन को छोड़ते हुए | 1054 |
| ं शी ुिहार व मुमताज भाटी को अब्ुि िकयूम भाटी को शासम िकरते हुए मु छोड़ते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए ससराजुीिन ुिहार व जाफकर फौजी को शासम ि करते हुए पतपू पुत्र काससम व रूपेश मीणा को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए रतन बेनीवा िकी बाड़ी को शासम िकरते हुए हाफकम अीि क ु महार व भारत सैतनक आईटीआई को छोड़ते हुए बेनीवा िबाड़ी व कु दटया की बाड़ी को शासम ि करते हुए उत्तर की ओर मुड़ते हुए अशोक व पवन छ ंपा टेरि को शासम िकरते हुए नानू खां ुिहार को छोड़ते हुए सीधा उत्तर की ओर चतिे हुए याससन खां मविाण को शासम ि करते हुए युनुस खां खोखर को छोड़ते हुए पूवम में वपतरसैन चाचाण के तॉिट तक। | ||
| 35 | सुभा ि कारेाि को शासम ि करते हुए वपतरसैन चाचाण के तॉिट को छोड़ते ह ुए क्षिणि की ओर चतिे हुए याससन खां मविाण को छोड़ते हुए युनुस खां खोखर को शासम िकरते हुए पवन छ पां एवं प्जेि खां ुिहार को छोड़ते हुए नानू खां ुिहार को शासम िकरते हुए क्षिणि में प्रब िजी कु दटया की बाड़ी व ब ेनीवा ि बाड़ी को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए भारत सैतनक आईटीआई व हाकम अीि कु महार तथा रूपेश मीणा को शासम ि करते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए जाफकर फौजी व अब्ुि िकयूम भाटी को छोड़ते ह ुए उत्तर की ओर मुड़ते हुए मुमताज भाटी ुिहार व एबिीएस स्कू ि को शासम िकरते हुए मोहरससंह भडड़या के तॉिट को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते हुए सुभा ि भडड़या व गुािम मोहमम ि कु महार को शासम ि करते हुए बशीर कु महार को छोड़ते हुए धमेन्द्र झूररया को शासम िकरते हुए मौसमीिन ुिहार को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चकिर ररशासिसंह पूतनयां के नोहरे को शासम िकरते हुए अंजनी बंस ितननाण वाेि को छोड़ते हुए महबूब धोबी की ुिकान को शासम िकरते हुए क्ष्मिण समस्त्री की ुिकान व एप्क्सस बैंक को छोड़ते हुए उत्तर की ओर मुड़ते हुए अंबेडकर चौक को छोड़ते हुए उत्तर पूवम की ओर चतिे हुए परमेचवर सैनी के बाड़े को शासम ि करते हुए नंािि ि गंगाधर दटमबर मंचेट को छोड़ते हुए सीधा उत्तरपूवम की ओर चतिे हुए एसबीआई बैंक को छोड़ते हुए कृ ष्णा इेिक्रातनक्स व हाजी ािऊ िखां कटेि को शासम िकरते हुए कबब्रस्तान के मुख्य गेट को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए बजरंग यावि को शासम ि करते हुए कबब्रस्तान को छोड़ते हुए कबब्रस्तान की ीिवार के साथ साथ पूवम की ओर चतिे हुए पवन यावि व अशोक प्जं ििको शासम िकरते हुए कबब्रस्तान को छोड़ते हुए पूवम की ओर चतिे हुए बरकत कु महार व रज्जाक कु महार टेरि तथा रहमान समस्त्री के तॉिट को शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर मुड़ते हुए रहमान के मकान व शफी मोहमम िपेशकार को छोड़ते हुए रज्जाक खां समस्त्री को शासम िकरते ह ुए रणवीर शमाम ािटरी व भारत सैतनक स्कू ि को छोड़ते हुए यासीन खां खोखर को शासम ि करते हुए पूवम की ओर मुड़ते हुए धममपा ि कारेाि को शासम ि करते हुए आररफ खोखर की ुिकान को छोड़ते हुए सुभा ि कारेाि | 1021 |
| तक। | ||
| 36 | पूवड्में्राजगढ़्रोड़्एवं्गणेशर्पुबा्िकी्कमयाण्भूसम्को्छोड़ते्हुए्ीिधा् पल्चचम् की् र्ओ चलते् हुए् हरीश् पुर्त् रामरतन् मील् की् बाड़ी् व् भालसंिह् सवामी्को्शासमल्करते्हुए्क्षिक्षण्की्र्ओमुड़ते्हुए्भगतराम्सवामी्के ् प्लाट्को्छोड़ते्हुए्रणर्वीसवामी्व्मानसंिह्सवामी्को्शासमल्करते्हुए् रमेश् कारेला् को् छोड़ते् हुए् पल्चचम् की् र्ओ मुड़ते् हुए् पवन् कारेला् को् शासमल्करते्हुए्उत्र्तकी्र्ओमुड़ते्हुए्मंगतूराम्सवामी्को्छोड़ते्हुए् रोहताश्कारेला्को्शासमल्करते्हुए्पल्चचम्की्र्ओमुड़ते्हुए्रामकु र्मा सवामी्को्शासमल्करते्हुए्जगीिश्सवामी्को्छोड़ते्हुए्उत्र्तकी्र्ओ मुड़ते् हुए् राजेश् पत्रर्का व् आंन्ि वकील् को् छोड़ते् हुए् पल्चचम् की् र्ओ मुड़ते् हुए् लीलार्ध बेनीवाल् व् ुिखेिव् टोल्कयिा् को् शासमल् करते् हुए् बरीप्राि्िैिनी्व्ढाका्लाईब्रेरी्को्छोड़ते्हुए्ीिधा्पल्चचम्की्र्ओचलते् ह ुए्इन्राज्अध्यापक्को्छोड़ते्हुए्मोहरसंिह्बबजारणणयां्को्शासमल्करते् ह ुए्क्षिक्षण्की्र्ओमुड़ते्हुए्प्रताप्फौजी्व्अमरसंिह्जासट्को्छोड़ते्हुए् हररसंिह्बरोड़्व्ववनो्िोिनी्को्शासमल्करते्हुए्पल्चचम्की्र्ओमुड़ते् ह ुए्प्यारेलाल्मोची्व्गौरीशंर्कसवामी्को्छोड़ते्हुए्वीरसंिह्कारेला्एवं् भारत्ैिननक्सकू ल्को्शासमल्करते्हुए्उत्र्तकी्र्ओमुड़ते्हुए्याीिन् खोर्ख को् छोड़ते् हुए् रणर्वी शमाड् लाटरी् को् शासमल् करते् हुए् रज्जाक् समसत्री् करणपुरा् के ् मकान् व् ुिकानों् को् छोड़ते् हुए् ीिधा् उत्र्त की् र्ओ चलते्हुए्रहमान्समसत्री्के ्मकान्को्शासमल्करते्हुए्नोहरे्को्छोड़ते् ह ुए्कबब्रसतान्की्ीिर्वाके ्ािथ्ािथ्पल्चचम्की्र्ओचलते्हुए्कबब्रसतान् को् शासमल्करते् हुए् अशोक् ल्जंल्ि व् बजरंग् याव्ि को् छोड़ते् हुए् उत्र्त की् र्ओ मुड़ते् हुए् हाजी् ािऊ्ि खां् कटला् व् ववनो्ि ल्जंल्ि की् ुिकान् को् छोड़ते्हुए्कबब्रसतान्के ्मुख्य्गेट्को्शासमल्करते्हुए्पूवड्की्र्ओमुड़ते् ह ुए् कबब्रसतान् की् ुिकानों् को् शासमल् करते् हुए् ववका्ि फनीर्च व् हर्हाि ब्ि सटैर्ण्् को् छोड़ते् हुए् ीिधा् पूवड् की्र्ओ चलते्हुए् भगतसंिह् चौक् व् र्वीीए्िपैले्िको्शासमल्करते्हुए्एर्चीएफीि्बैंक्व्पुरानी्गौशाला्को् छोड़ते्हुए्उत्र्तपूवड्की्र्ओचलते्हुए्र्वीीए्िपेट्रोल्पंप्को्छोड़ते्हुए् र्वीीए्िधमडकांटा्व्ववचवकमाड्चौक्को्शासमल्करते्हुए्ग्रीन्वैली्बीर्य र्बाको्छोड़ते्हुए्उत्र्तपूवड्की्र्ओचलते्हुए्आहत्य्टिार्यको्शासमल् करते्हुए्होटल्माई्बाप्व्अग्रैिन्चौक्को्छोड़ते्हुए्पूवड्की्र्ओमुड़ते् ह ुए् चक् राजस्व् ग्राम् ् बारानी् की् ीिमा् एवं् ढू ककया् रेसटोरेंट ् ववनायक् ववर्हा व् ािर्लाि वाहटका् कॉलोनी् को् शासमल् करते् हुए् मोहन् ढाका् गणेशपुराबा्िकी्ुिकानों्को्छोड़ते्हुए्पूवड्की्र्ओचलते्हुए्पुराना्समसत्री् माके ट् व् राजककशन् रिाडफ् भट्टा् की् आबाीि् को् शासमल् करते् हुए् क्षिक्षण् की्र्ओचलते्हुए्रामजीलाल्भारी्की्कृ र्व्भूसम्को्छोड़ते्हुए्छोगाराम् भाट्व्भगवानाराम्भाट्को्शासमल्करते्हुए्ीिधे्क्षिक्षण्की्र्ओराजगढ् | 1023 |
| रोड़्के ्ािथ-ािथ्चक् ्बारानी्की्ीिमा्को्शासमल्करते्हुए्गणेशपुरा् बा्ि की् कमयाण् भूसम् को् छोड़ते् हुए् हरीश् पुर्त् रामरतन् मील् की् बाड़ी् तक। | ||
| 37 | एसबीआई बैंक को छोड़ते हुए भगत ससंह मसााि वपसाई के न्द्र को शासम ि करते हुए पूवम की तरफ मैन रोड़ पर चतिे हुए कबब्रस्तान की ुिकानों को छोड़ते हुए दहसार बस स्टैण्ड व ऑटो माके ट को शासम ि करते हुए सीधा चतिे हुए वीडीएस पैेिस व बेनीवा िहॉप्स्पट िको छोड़ते हुए वीडीएस पेरो ि पंप को शासम ि करते हुए सीधा चतिे हुए ववचवकमाम चौक को छोड़ते हुए माई बाप होट ि को शासम ि करते हुए आदत्यि टायसम को छोड़ते हुए जेके टायसम व अग्रसैन चौक को शासम ि करते हुए उतर की तरफ चतिे हुए पंजाब टाईल् स को छोड़ते हुए नीकण् ठ कॉोिनी व चक 8 बारानी की राजस् व सीमा को शासम ि करते हुए गणेश तािजा थडम व वववेकानं ि कॉेिज तथा कॉेिज के पीछे की आबाीि व अन्ना हजारे कॉोिनी को शासम ि करते हुए सीधा नोहर बाईपास रोड़ के उतर साईड की चक 8 बारानी की सीमा को साथ ेिकर चतिे हुए सशवम बबप्ल्डंग मैटेररय ि को शासम ि कर खोखर कॉोिनी व वन ववभाग विकु श वादटका को शासम ि करते हुए सीधा चतिे ह ुए चक 8 बारानी के पूवम पप्चचम सीमा के मध् य से पूवम साईड की आबाीि को शासम ि करते हुए व अजीत, मीरा कॉोिनी तथा गोािरा कॉोिनी को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़कर वन ववभाग को शासम ि कर ीििप मोठसरां व रमाकांत शमाम तथा बाािजी ववद्यापीठ को छोड़ते हुए ओम म ेघवा िव रघुवीर गोािरा को शासम िकरते हुए बविंत सहू व कृ ष्ण सहू के मकान को छोड़ते हुए तथा कृ ष्ण सहू के नोहरे को शासम िकरते हुए सतवीर गोािरा के नोहरे को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ शमाम प्जम सेंटर व मंगतूराम अध्यापक को शासम िकरते हुए ओम शमाम व भरत बेरवा ितथा अशोक व्यास को छोड़ते हुए इन्द्र सोनी व सांवरम ि कु महार को शासम ि करते हुए बाबूाि िमोीि व जरीना को छोड़ते हुए सीिम काजी को शासम ि करते हुए पूवम की तरफ मुड़कर शमशेर खोखर को शासम िकरते हुए हररससंह ब ेनीवा ि को छोड़ते हुए सुल्तान जाखड़ को शासम ि करते हुए रामकु मार क ु महार व महेन्द्र ग्रामसेवक को छोड़ते हुए बैंक मैनेजर व बजरंग शमाम तथा पवन शमाम को शासम ि कर क्षिणि की तरफ मुड़कर सीधे चकिर गोपा ि कबाड़ी को छोड़ते हुए फकशन ससंधी को शासम िकर ववकास सीमेंट व जीवन ज्योतत हॉप्स्पट ि को छोड़ते हुए नवाब मारवाड़ी के तॉिट को शासम ि कर एसबीआई बैंक को छोड़ते हुए भगत ससंह मसााि वपसाई के न्द्र तक। | 1088 |
| 38 | नोहर दहसार बाईपास रोड़ पर मीरा कॉोिनी को छोड़ते हुए रोड़ से क्षिणि की ओर चतिे हुए वनववभाग को छोड़ते हुए गोािरा कॉोिनी को शासम िकरते ह ुए ीििप मोठसरां व बाािजी ववद्यापीठ को शासम ि करते हुए ओम म ेघवा िव रघुवीर गोािरा के नोहरें को छोड़ते हुए बविंत सहू व कृ ष्ण सहू | 1091 |
| को शासम िकरते हुए कृ ष्ण सहू के नोहरे व शमाम प्जम सेंटर को छोड़ते हुए सतवीर गोािरा व ओम शमाम को शासम ि करते हुए मंगतूराम अध्यापक व इन्द्र सोनी को छोड़ते हुए भरत मेघवा ि व अशोक शमाम को शासम ि करते ह ुए सांवरम ि कु महार व पूनमचं ि अध्यापक तथा गुरूयिा ि कु महार को छोड़ते हुए जयेिव अध्यापक व बरकत खान के नोहरे को शासम िकरते हुए समची ुिहार व अमरससंह जाट को छोड़ते हुए मांगू खां को शासम िकरते हुए मुमताज खां को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ मुड़कर बशीर खां व इन्द्र शमाम को शासम िकरते हुए सुरेन्द्र काेिरा व ववक्की पामि ितथा हनुमान मंदरि को छोड़कर उत्तर की तरफ चकिर सुरेन्द्र पचार को छोड़ते हुए रणधीर खीचड़ व हेतराम गोािरा को शासम ि कर पप्चचम की ओर चतिे हुए ररशु एमपोररयम को छोड़ते हुए हररराम मोठसरां को शासम ि करते हुए सीधे चकिर पप्चचम की ओर चतिे हुए महेश सैनी को शासम ि करते हुए व शीराम मोठसरां को ं महेश सैनी के नोहरें तथा प्रताप भामभू को छोड़ते हुए मु शासम ि करते हुए पप्चचम से उत्तर की ओर मुड़ते हुए हररप्रसा ि सैनी को शासम िकर मोती हविाई व यशवंत नेहरा को छोड़ते हुए शेराराम भूकर व राजीव कस्वां को शासम ि करते हुए फतेहससंह मोठसरां को छोड़ते हुए मांगीाि िड्राईवर व धमामराम प्रजापत को शासम िकरते हुए रणससंह के नोहरे सियिा व ं व इन्द्र पटवारी को छोड़ते हुए पूवम की तरफ मुड़कर मंगनीराम मु रामपा ि ढाका तथा बद्रीप्रसा ि छ ंपा को शासम ि करते हुए उत्तर की तरफ मुड़कर संपत सहारण को छोड़ते हुए सीधा चतिे हुए सुनी ि अध्यापक को शासम िकरते हुए हीरााि िअध्यापक को छोड़ते हुए कृ ष्ण पुत्र रामयिा िको शासम िकरते हुए ीिािधर बेनीवा िव सुनारों का मकान छोड़ते हुए पूवम की ओर मुड़कर ेिवेन्द्र नेहरा को छोड़ते हुए मनि खीचड़ व नवीन झाझडड़या को शासम िकरते हुए हरपत कस्वां को छोड़ते हुए धममपा िअध्यापक को शासम ि करते हुए जयससंह पुत्र रत्तीराम को छोड़ते हुए ववकास को शासम िकरते हुए सीधा चकिर मनीराम मेघवा ि की कृ व ि भूसम को छोड़ते हुए धममपा ि पटवारी को शासम ि कर पारीक टी-स्टॉ ि व अजय होट ि को छोड़ते हुए गोािरा कॉोिनी तक। | ||
| 39 | मरिसा उस्मातनया फै जु ि को शासम ि करते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए रफीक तेीि को छोड़ते हुए रज्जाक तेीि को शासम िकरते हुए साकि तेीि व आमीन तेीि को छोड़ते हुए पूवम की तरफ मुड़ते हुए कल्याण भूसम की ीिवार तक अीिशेर को शासम िकरते हुए याकू ब तेीि को छोड़ते हुए वावपस क्षिणि की ओर चतिे हुए शमशान भूसम की ीिवार को छोड़ते हुए साथ साथ चतिे हुए पप्चचम दशिा की आबाीि को शासम िकरते हुए शमशान भूसम की ट ंकी को छोड़ते हुए मूचिं िमीणा को शासम िकरते हुए सीधे पूवम की ओर चतिे हुए कल्याण भूसम को छोड़कर सीधे चतिे हुए नौगजा पीर रिगाह को शासम िकरते हुए ववजयपा िझोरड़ के नोहरें व महेन्द्र स्वामी को छोड़ते हुए | 1088 |
| क्षिणि की ओर चतिे हुए राजू वैद्य के नोहरे को शासम िकरते हुए रामससंह बबजारणणयां के नोहरे को छोड़ते हुए व बेििव मोीि को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए सोनू वाप्ल्मकी को शासम िकरते हुए रामससंह बबजारणणयां क े मकान को छोड़ते हुए सीधे चतिे हुए राजू सैनी की ुिकान को शासम ि करते हुए व भंवराि ि सैनी व भजनािस मंदरि को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ सीधे चतिे हुए भारि ुिहार को शासम ि करते हुए के शू हविाई को छोड़ते हुए क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए क्ष्मिण स्वामी व भतरससंह को छोड़ते ह ुए हरभज को शासम ि करते हुए पप्चचम की तरफ चतिे रंगीाि ि पुत्र बाािराम को शासम िकरते हुए यासीन हाजी को छोड़ते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए जाफकर तेीि को शासम ि करते हुए हनीफ व रफीक तेीि की ुिकान व मकान को छोड़ते हुए मरिसा उस्मातनया फै जु ितक। | ||
| 40 | झोरड़पुरा बास कल्याण भूसम व पानी की टंकी को शासम िकरते हुए उत्तर की ओर कृ ष्ण अध्यापक व घड़सीराम कु महार तथा रमेश पत्रकार की बाड़ी व ववजयससंह झोरड़ के खेड़े को शासम िकरते हुए बंशीधर शमाम को छोड़ते हुए पप्चचम दशिा की ओर चतिे हुए हररससंह ससपाही को शासम िकरते हुए प्रेम स्वामी व गुतता आईस फै क्री को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ चतिे हुए ववजय मैररज पैेिस को शासम िकरते हुए सज्जन टी स्टॉ िको छोड़ते हुए सीधा ससरसा रोड़ चतिे हुए सेक्टर पांच की आबाीि च यान पठान का ईंट भटठा राधास् वामी डेरा, सरस डेयरी, बाािजी ईंट उद्योग व राजस् व ग्राम चक 8 बारानी की सम पूणम सीमा को शासम ि करते हुए चक 8 बारानी की पूवम पप्चचम सीमा के मध् य से पप्चचम साईड की आबाीि को शासम िकर वावपस दहसार रोड़ बाईपास पर चतिे हुए मीरा कॉोिनी को शासम ि करते हुए व वनववभाग को छोड़ते हुए व अजय होट िव राठ कॉोिनी तथा एम ए ि2 कॉोिनी व गणपतत एनक्ेिव कॉोिनी के संपूणम दहस्से को शासम िकरते हुए वावपस नोहर रोड़ की तरफ चतिे हुए पारीक टी स्टॉ ि के सामने मनीराम की कृ व िभूसम को शासम िकरते हुए गोािरा कॉोिनी को छोड़ते हुए जयससंह पुत्र रत्तीराम को शासम िकरते हुए पंघा िभवन व ववकास पुत्र रमेश कु मार को छोड़ते हुए हरपत कस्वां को शासम ि करते हुए मनि खीचड़ व नवीन झाझडड़या को छोड़ते हुए पप्चचम की तरफ मुड़कर हरत्ति नेहरा को छोड़ते ह ुए ीिािधर बेनीवा िव सुनारों के मकान को शासम िकर क्षिणि की तरफ मुड़ते हुए कृ ष्ण पुत्र रामयिा िको छोड़ते हुए हीरााि िअध्यापक को शासम ि कर सुनी ि अध्यापक को छोड़ते हुए रामप्रताप न्यौ ि को शासम ि कर बद्रीप्रसार छ ंपा व रामपा ि ढाका को छोड़ते हुए संपत सहारण को शासम ि ं कर पप्चचम की तरफ मुड़कर मंगनीराम मु सियिा को छोड़ते हुए इन्द्र पटवारी व रणससंह के नोहरे को शासम िकरते हुए धमाम प्रजापत को छोड़ते ह ुए क्षिणि की तरफ मुड़कर सुनीता मैडम को शासम ि कर चन्द्रपुरी को छोड़ते हुए फतेहससंह मोठसरां को शासम ि कर राजीव कस्वां को छोड़ते हुए | 1096 |
| यशवंत नेहरा व सुरेश सैनी को शासम िकर हरर सैनी को छोड़ते हुए पूवम की तरफ मुड़कर मनि बबजारणणयां व सांवरम िपनवाड़ी तथा हरत्ति अध्यापक ं शीराम मोठसरां व प्रताप भांभू तथा रामप्रताप को शासम ि करते हुए मु भोबबया को छोड़ते हुए क्षिणि की ओर चकिर राजपा िधेतरवा िको छोड़ते ह ुए हवाससंह भूकर व रामजीाि ि गुजमर को शासम ि करते हुए सुल्तान बुडातनयां को छोड़ते हुए ववनो िछ ंपा को शासम िकरते हुए पप्चचम की तरफ मुड़ते हुए राजवंत ससंह सरािर को छोड़ते हुए ओम अध्यापक को शासम ि करते हुए हररफकशन शमाम व अशोक कु मार आयम को छोड़ते हुए उत्तर की तरफ मुड़ते हुए हेतराम स्वामी को शासम ि करते हुए फू ािराम पटवारी को छोड़ते हुए पप्चचम की ओर मुड़ते हुए महेन्द्र स्वामी को शासम ि करते हुए हवाससंह कस्वां को छोड़ते हुए उत्तर की ओर मुड़ते हुए राजू वैद्य के नोहरें को छोड़ते हुए ववजयससंह झोरड़ के नोहरें को शासम िकरते हुए पप्चचम की ओर चतिे हुए नौगजा पीर की रिगाह को छोड़ते हुए झोरड़पुरा बास कल्याण भूसम व पानी की टंकी तक। |