| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 24, सोमवार, शाके 1947- ससतम बर 15, 2025 Bhadra 24, Monday, Saka 1947- September 15, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं संबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125
्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/18761 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर बारां द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा मांगरो ि हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
नगर पालकिा मांगरो िका सीमा षववरण प्रपत्र -क वाि-2025
| र्वाड्न. | र्वाो्के ्ीिमांकन | जनंिख्या |
| 1 | 132 KVGSS छात्रावास इटावा रोड़ होते हुये समर्पूण सात चबूतरा बस्ती व यततजी महाराज के बाग पुसयिा तक। | 610 |
| 2 | समर्पूण भगवानपुरा क्षैत्र व इटावा रोड़ जनता टोड़ी में राजूाि िसुमन के मकान से होते हुये पूवी ओर चकिर बजरंगाि िगूजर के मकान से होते ह ुये धीरेन्द्द्र ससंह जी के मकान को शासम ि कर क्षिक्र्षी में च ि कर रामककशन माीि के मकान को शासम िकरते हुये मकान भंवर ससंह जी एडवोके ट को शासम िकर वापस राजूाि िसुमन के मकान तक। | 625 |
| 3 | रामद्वारा स्कू ि के सामने रोड़ के क्षिक्र्षी साईड से कजोड़ माीि के मकान को शासम िकर राधेश्याम सुमन के मकान को शासम िकरते हुये भैरूजी तक रोड़ के ोिनों तरफ की बस्ती व चन्द्द्रससंह जी के मकान से | 645 |
| बामिुकन्द् िसुमन बाबू के मकान तक एवं इटावा रोड़ के ोिनों तरफ की बस्ती, पीर बाबा की बस्ती ईगिाह, मारुती नगर, जवाहर नगर व तािव बस्ती व सीसवाीि रोड़ की बस्ती को शासम ि कर सीसवाीि ततराहे ववनो िजी चैपडा के मकान तक । | ||
| 4 | सीसवाीि ततराहे से ककशनपुरा रोड़ ओडडया बस्ती को शासम िकर रघुराज माहेश्वरी की ुिकान से रोड के उत्तरी ओर ईगिाह बस्ती , मोती कु आ बस्ती को शासम िकर र्बांगंगा नीि तक व सड़क के पप्श्चमी ओर की बस्ती कमशिंकर जी गावि के मकान तक सडक के उत्तरी ओर की समर्पूण बस्ती। | 620 |
| 5 | आव ििचैपड़ा के मकान से रघुराज जी माहेश्वरी की ुिकान से होते हुये रोड-रोड पुवी ओर चकिर महेन्द्द्र डेयरी की ुिकान को शासम ि कर फाफू जी के चबूतरे को शासम िकर बाािजी के सामने बजरंग ाि िनायक क े मकान को शासम िकर क्ष्मिीनारार्य जी सैन के मकान को शासम ि कर नगर पासकिा के सावणजतनक शौचायि के पास की समर्पूण बस्ती। | 650 |
| 6 | राधेश्याम राठोर के मकान से फाफू जी के चबुतरे को शासम िकर बाािजी मंदरि होते हुये बजरंग ाि ि तनमबाकण के मकान व माधो कु महार के मकान को शासम ि कर समर्पूण गूजरो की बस्ती, जाटवो की बस्ती, काजीयान बस्ती व चैरससया मैररज हाॅ ि से रोड-रोड धनप्रकाश गावि क े मकान को शासम िकर रोड़ के पप्श्चम की ओर चकिर राधेश्याम जी राठौर के मकान तक। | 615 |
| 7 | जो घाट बाािजी से बारां रोड इश्हाक कलााि के मकान व श्योपुर बस स्टेण्ड से रोड के पूवण की ओर चकिर व्यास पेट्रो िपंप को शासम िकर थाने के सामने मकान इकबा ि हुसैन के सामने के मकानो को शासम ि कर प्जसमे मास्टर मो. इलायास के मकान से पप्श्चम की ओर च िकर नरोत्तम भाण्ड के मकान के सामने प्स्थत नाेि से उत्तर की और चकिर शमशुद्दीन कारीगर के मकान के पास मकान को शासम ि कर सावकि पटवारी के मकान को शासम ि कर हीिम भाई की टा ि को शासम िकर हीिम ड्राईवर के मकान को शासम िकर समर्पूण र्घाा चैक, पीरेशाह टोड़ी को शासम िकर वापस जो घाट बाािजी तक। | 780 |
| 8 | तिीफ भाई कबाड़ी के मकान से उत्तरी ओर चकिर गाविान सत्ती व आईडडया टावर की बस्ती को शासम ि कर मुप्ततधाम से सीधे करीम नगर की समर्पूण बस्ती को शासम ि करते हुये वापस तिीफ भाई के मकान से क्षिक्र्षी ओर चकिर फािसयिों के कब्रस्तिान के पास की बस्ती को शासम िकर, खीि िशाह के सामने से चकिर पीयू िजी ववजय के टीवीएस शोरुम तक, वापस इकबा ि ािडा के मकान को शासम ि कर वापस पप्श्चम की ओर च ि कर नरोत्तम भाण्ड के मकान को शासम ि कर मीिना मप्स्ज ि को शासम ि कर, खीि ि शाह के मकान के सामने | 785 |
भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, ससतमबर 15, 2025 1067
| वापस उत्तरी ओर चकिर तिीफ भाई कबाड़ी के मकान नाेि तक, पूवण की ओर सयिाकत भाई के मकान को शासम िकर वापस नरोतम भाण्ड क े मकान तक। | ||
| 9 | मुबाररक कमपोडर के मकान से क्षिक्र्षी ओर चकिर समर्पूण रहमत नगर की नई बस्ती व सींगी वाेि की बस्ती को शासम िकर, हाईड िकाोिनी को शासम ि कर सामने की बैरवा बस्ती को शासम ि करते हुये पुससि तवाटर को शासम ि कर, नहर के पास मारवाड़ी बस्ती को शासम ि कर वापस हाईड िकाोिनी को शासम िकरते हुए बमबोरी रोड़ तक। | 738 |
| 10 | बमबोरी ततराहे से बमबोरी कािं रोड़ से उत्तरी ओर के पूवी साईड की बस्ती, सहररया बस्ती कु आं बड़ तक पूवण साईड की समर्पूण बस्ती के बा ि रोड़ क्रोस करके रामचर्र सहररया के मकान से पप्श्चमी ओर चकिर रास्ते रास्ते मकान राजाराम बैरवा के मकान को शासम िकरते हुये मीठे क ु आं के क्षिक्र्षी ओर चकिर मकान अहम िअीि कु रेशी को शासम िकर सत्यनारार्य जी का फामण को शासम ि कर वापस यू.पी.एस. स्कू ि को शासम ि कर थाना, सीएडी. काोिनी व अस्पता ि के पीछे तक का क्षैत्र बमबोरी ततराहे तक शासम िहैं। | 772 |
| 11 | रामचर्र सहररया के मकान से बमबोरी रोड़ रोड़ उत्तर की ओर चकिर नाेि तक व नाेि से पप्श्चमी ओर चकिर पतका नाेि-नाेि सहररया बस्ती स्कू ि तक व मीठे कु आं के पीछे की बस्ती को शासम ि कर राजाराम के मकान के पास होते हुये वापस रामचर्र सहररया के मकान तक। | 743 |
| 12 | सहररया बस्ती के पास प्स्थत राज. प्राथ. ववद्या. नाेि से पप्श्चमी ओर चकिर पन्द्नााि ि कु महार के मकान को शासम ि करते हुये रोड़ रोड़ क्षिक्र्षी ओर मकान जहीरूद्दीन ठे ाि वाेि के मकान को शासम ि कर मकान अीिमुद्दीन मजबूर के मकान को शासम िकर पूवण की ओर रसू ि क े मकान को शासम िकर अजीज भाई कपड़े वाेि के मकान से अजीज चतकी वाेि के मकान से बारां रोड़ पूवी ओर चकिर तनसार ठके ािर के मकान को शासम िकर बुनकर काॅ ोिनी से वापस सत्यनारार्य जी के फामण के सामने की बस्ती को शासम िकर मीठे कु ऐ के बाग के सामने प्स्थत मकान को शासम िकरते हुये वापस सहररया बस्ती स्कू ितक। | 725 |
| 13 | व्यास पेट्रोपिमप के सामने बुनकर काॅ ोिनी में हीिम मुगे वाेि के मकान से बारां रोड़ के पप्श्चमी ओर चकिर रोड़ रोड़ बरिूद्दीन स्टाक वाेि के मकान को शासम ि कर जाककर चतकी वाेि के मकान को शासम ि कर सागर मेडडक ि वाेि के मकान व ुिकान को शासम ि कर पूवी ओर चकिर फे ज मो0 मेटाडोर वाेि के मकान को शासम िकर व शरीफ ब्रबजीि वाेि के मकान को शासम िकर वही िगोस वाेि व यासीन क े मकान से घूमते हुये क्षिक्र्ष की ओर नेकवा िसनि को शासम िकर | 735 |
| क्षिक्र्षी ओर चकिर अकीाि बैगम के मकान को शासम ि कर असरफ ं मू शी के मकान को शासम िकर पूवी ओर चकिर अख्तर ककराने वाेि के मकान व ुिकान को शासम ि कर क्षिक्र्षी ओर चकिर रहमत अीि कबाड़ी के मकान को शासम िकर वापस हीिम मुगे वाेि के मकान तक। | ||
| 14 | महात्मा गांधी स्कू ि के पूवी ओर चकिर राजू कण्डारा के मकान को शासम िकरते हुये उत्तरी ओर चकिर रूस्तम भाई के मकान को शासम ि करते हुये मकान क्ष्मिीचन्द् िखटीक के मकान से पप्श्चमी ओर चकिर नूर उस्ता िके मकान को शासम िकर नााि क्रोस कर नाेि-नाेि अािव चैक की पुसयिा से क्षिक्र्षी ओर चकिर तनजामुद्दीन खाती के मकान को शासम िकर हाजी फे ज मो0 के मकान को शासम िकर व मो0 हुसैन के मकान को शासम िकर वापस महात्मा गांधी स्कू ितक। | 720 |
| 15 | कबीर के मकान से पूवी ओर चकिर खासकि के मकान से उत्तरी ओर हाकफज अ0 कीिर के मकान को शासम ि कर रफीक समची वाेि के मकान को शासम ि करते हुये उत्तर की ओर आराम शाह मप्स्ज ि की ओर क्षिक्र्ष की ओर मरिसा सूईवाािन चकिर आब्रब ि घी वाेि के मकान से रमजान सेठ, मास्टर शराफत भट्टी, मो0 यूसूफ, तिीफ पटे ि क े मकान को शासम िकरते हुये वापस कबीर के मकान तक। | 736 |
| 16 | तनसार कबाड़ी के मकान से जाकीर समस्त्री के मकान को शासम िकरते ह ुये उत्तरी ओर हुसैन नाई के मकान को शासम ि करते हुये इकबा ि कपड़े वाेि मुस्ताक सेठ व मुख्तार टेरि के मकान को शासम िकरते हुये मरिसा सूईवाािन को शासम िकरते हुये जाककर फकीर को शासम िकरते ह ुये पप्श्चमी ओर रास्ते रास्ते चकिर चन्द्गिीराम व बाबू के मकान को शासम ि करते हुये क्षिक्र्षी ओर चकिर हथाई सूईवाािन की ुिकान को शासम ि करते हुये नाेि-नाेि क्षिक्र्षी ओर फतेह मोहमम ि राजगढ वाेि क े मकान को शासम ि करते हुये रोड़-रोड़ कु तुबुद्दीन टेरि के मकान को शासम िकरते हुये तनसार कबाड़ी के मकान तक। | 760 |
| 17 | अ0 रहीम 16 मी िवाेि के मकान से रंगबाड़ी बाािजी के सामने वाेि रोड़ रोड चकिर डा0 सीमा के मकान को शासम ि करते हुये दहन्द्ुि धमणशााि को शासम ि कर चन्द्द्र जी पान वाेि की ुिकान से पूवी ओर गीि में उपर चकिर राधा रानी के मकान के सामने से घूमकर सीधे सीताराम जी के मप्न्द्रि को शासम ि कर इक्रामुद्दीन टेरि के मकान से सीढ़ीया उतर कर तनयाज ड्राईवर के मकान को शासम िकरते हुये वापस क्षिक्र्षी ओर चकिर इकराम अण्डे वाेि के मकान को शासम िकर वापस अ0 रहीम के मकान तक। | 753 |
| 18 | ववजेन्द्द्र जी गावि आजा िचैक के मकान से पूवी ओर टेक चढ़कर छीतर जी गावि के मकान को शासम िकर नन्द्किकशोर जी धोबी के मकान को शासम ि कर क्षिक्र्षी ओर गीि-गीि चकिर प्रेम बाई ािधीच के मकान | 764 |
भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, ससतमबर 15, 2025 1069
| को शासम ि कर सुभान जी के मकान को शासम ि कर उत्तर की ओर चकिर रईस नाई के मकान को शासम ि कर नाेि नाेि पप्श्चमी ओर चकिर ेिवकर्र जी के कटेि तक एवं प्रेम जी सोनी के कटेि से आजा ि चैक पुरुोित्तम सेन के मकान से क्षिक्र्ष ओर चकिर जो घाट बाािजी तक | ||
| 19 | ववक्रान्द्त नरवााि के मकान से पूवी ओर नाेि-नाेि चकिर अ0 गफू र के मकान को शासम ि कर नगर पासकिा शौचायि के उतरी ओर उपर के मकानों को शासम ि करते हुये पूवण चेयरमैन अशोक जी जैन के मकान गर ससंह के मकान से ोिनों ओर की बस्ती को ं को शासम िकरते हुये डू शासम ि कर रामावतार पप्ण्डत के मकान को शासम ि कर पूवण की ओर बाजार-बाजार मप्न्द्रि गोवणधननाथ जी को शासम िकर आगे रामचन्द्द्र जी ं ज चैक मप्न्द्रि को शासम िकर भटवाडड़या की ुिकान को शासम िकर कु गगरधारी राठोर की ूिध डेयरी को शासम िकरते हुये यततजी महाराज की गीि में महाेिव मप्न्द्रि को शासम ि करते हुये गीि-गीि हररशंकर जी ट ेरि के मकान को शासम िकरते हुये बाबू अीि के मकान तक व आगे चकिर जगीिश जी वैद्य के मकान को शासम ि कर वापस नीि के ककनारे से नाकोड़ा सनि को शासम िकर ववक्रांत नरवााि के मकान तक। | 714 |
| 20 | अ. रहीम के मकान से खा-िखा ि पूवी ओर चकिर तनजामुद्दीन के मकान को शासम ि कर ऊपर उत्तरी ओर चकिर मप्न्द्रि कु महारों के शासम िकरके हकीम ड्राईवर का मकान, मास्टर इसयिास के मकान को शासम िकर गीि नं. 1, 2, 3, 4 मो0 ससीिक भाई व0 स0ि के मकान को शासम िकरते हुये वापस अ. रहीम के मकान तक एवं समर्पूण ऊपर गुवाड़ी बस्ती शासम।ि | 740 |
| 21 | रमेश जी समोसा वाेि के मकान से उत्तरी ओर चकिर मकान श्याम सोनी के मकान को शासम ि कर मधुकान्द्त जी गुतता के मकान को शासम ि कर चन्द्द्र जी सोनी के मकान से सशवराज जी पी.टी.आई. के मकान से पूवी ओर चकिर सीधे बृजककशोर शमाण मऊ वाोिं को शासम ि कर वापस क्षिक्र्षी ओर चकिर पटवाघर को शासम ि कर पानाचन्द् ि जी जैन के मकान को शासम ि कर वापस बाजार-बाजार रमेश समोसा वाेि क े मकान तक। | 735 |
| 22 | मकान सत्यनारार्य गावि से पूवी ओर चकिर पशु गचककत्सायि के पीछे से उत्तरी ओर चकिर मोहन ससंह के मकान को शासम ि कर गुािबचन्द् ि गूजर के मकान के सामने आगे चकिर अमराि ि खाती AEN के मकान को शासम ि कर वापस क्षिक्र्षी ओर भीम ससंह जी के मकान को शासम ि कर सीधे रास्ते रास्ते सत्यनारार्य गावि पुत्र मनिशंकर जी के मकान तक। | 763 |
| 23 | सुरेन्द्द्र राव ड्राईवर मकान से पूवी ओर गीि-गीि ववद्याप्रकाश जी के | 749 |
| मकान को शासम ि कर सुनी ि जी माहेश्वरी के मकान को शासम ि कर अतन िजी सींधी के मकान को शासम िकर मारू जी वाेि के मकान को शासम ि करते हुये जगीिश सोनी के मकान को शासम ि कर मासयिान मप्न्द्रि को शासम ि कर पतपूाि ि सुमन नाेि के पास के मकान को शासम िकर वापस पप्श्चमी ओर चकिर नाेि-नाेि सावणजतनक शौचायि को शासम ि कर भागीरथ जी के मकान को शासम ि कर सुरेन्द्द्र राव ड्राईवर के मकान तक एवं मठ के सामने नीि ककनारे की बस्ती। | ||
| 24 | सशवनन्द्नि जी गोड़ के मकान से उतरी ओर चकिर मकान बाबूाि ि म ेमबर के मकान को शासम ि करते हुये मकान छीतराि ि सुमन को शासम ि कर नाेि-नाेि पूवी ओर चकिर रामेश्वर जी शास्त्री के मकान को शासम िकरते हुये भगवान गूजर के मकान को शासम िकर क्षिक्र्षी ओर चकिर मनि जी राठोर के मकान को शासम ि कर उतरी ओर राजेन्द्द्र जी चकिर पुरूोित्तम जाजू के मकान को शासम ि कर खण्डेविा ि के मकान को शासम ि कर वापस सशवनन्द्नि जी गौड़ के मकान तक। | 770 |
| 25 | जुग ि जी भूकर के मकान से पूवी ओर चकिर मकान अ0 गफू र जी अध्यापक के मकान को शासम ि करते हुऐ महेन्द्द्र पारेता के मकान को शासम िकर के सरा रेगर के मकान से संजय रेगर जानकी बाई मेमबर के मकान से वापस उत्तरी ओर चकिर नाईयों का मप्न्द्रि से मांगीाि िजी न िवाेि के मकान को शासम िकर भागणव गीि को शासम िकरते हुये चमेीि खिारा के मकान को शासम ि कर क्षिक्र्षी ओर चकिर वापस जुग िजी भूकर के मकान तक। | 760 |
| 26 | मनि ाि ि कामड़ के मकान से नाेि-नाेि मोना पारेता के मकान को शासम िकर पूवी ओर समर्पूण इन्द्द्रा बस्ती को शासम िकर नगर पासकिा का सुभि काॅ मपेितस को शासम िकरते हुये नाथूाि िकामड़ की आरा मशीन को शासम ि कर वापस क्षिक्र्षी ओर चकिर माताजी पाड़ा को शासम िकर मनि कामड़ कारीगर के मकान तक। | 750 |
| 27 | ऊ ं कार खटीक के मकान से सामने पूवी ओर चकिर नाेि के क्षिक्र्षी दहस्सा नाेि के सहारे सहारे खािनों तक वापस नाेि के क्षिक्र्षी ओर की समर्पूण रेगर बस्ती प्जसमें भैयाजी की गीि, ससंघोाि वाोिं की गीि से नगर पासकिा सावण0 शौचायि से पप्श्चमी ओर चकिर के ािर हररजन के मकान को शासम िकर रेगरान मप्न्द्रि से आगे ऊं कार खटीक के मकान तक। | 759 |
| 28 | ऊ ं कार खटीक के मकान को शासम ि कर उत्तरी ओर चकिर घनश्याम जी आमेररया के मकान को शासम िकर पूवी ओर घूमकर सत्यनारार्य मप्न्द्रि को शासम िकर गूजरों की पप्श्चमी साईड की बस्ती को शासम ि कर नाेि की पुसयिा से वापस नाेि नाेि पप्श्चमी ओर चकिर वापस | 741 |
भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, ससतमबर 15, 2025 1071
| ऊ ं कार खटीक के मकान तक। | ||
| 29 | सोरती बावड़ी के सामने क्षिक्र्षी ओर गूजरों के मोहलााि बारह खमभ की छतरी को शासम ि कर नाेि के पूवी ओर चकिर रामयिा ि सुमन की चाय की ुिकान से क्षिक्र्षी ओर चकिर पटेोिं के कु ए को शासम ि कर रोड़ क्रोस कर सहररया बस्ती के सामने कु ए व बड़ के पास नाेि से वापस उत्तरी ओर बमबोरी रोड़ के पूवी ओर की समर्पूण बस्ती, काका धमणपा िजैन का फामण, मीठे कु ए की बस्ती, ािड़ाि कु आं की बस्ती को शासम ि करते हुये रोड़ क्रोस कर सूरज्या ताािब की बस्ती को शासम ि कर वापस क्ष्मिीचन्द् ि वमाण के मकान को शासम ि कर वापस सड़क के पप्श्चमी ओर चकिर सोरती बावड़ी तक की बस्ती। | 695 |
| 30 | प्रभुाि िजी चोपडा के पुराने मकान से पूवी चकिर असगर अीि मछीि वाेि के मकान को शासम िकरते हुऐ पूवी ओर के सरा रेगर के मकान को शासम िकर क्षिक्र्ष ओर चकिर नरेन्द्द्र खींची के मकान को शासम िकर नाेि नाेि आगे अमि आवि चैक से क्षिक्र्ष ओर चतिे हुऐ तनजाम खाती के मकान को शासम ि करते हुऐ हुसैन फकीर के मकान को शासम ि करते हुऐ पप्श्चम ओर रास्ते-रास्ते इकरामुद्दीन व हफु जुलााि के मकान को शासम ि करते हुऐ हुसैन कवा ि के मकान को शासम ि करते ह ुऐ क्षिक्र्ष ओर अटकलाया भैरूजी के पास मोईनुद्दीन व इरिीश इन्द्ोिरी क े मकान को शासम ि करते हुऐ नाेि नाेि उत्तरी ओर चतिे हुऐ बाबू खीि ि व बाबू हमी ि के मकान को शासम ि करते हुऐ नाेि नाेि पूवी ओर अब्ुि ि कारि के मकान को शासम ि करते हुऐ अलाािद्दीन टेरि के मकान को शासम िकरते हुऐ हररओम जी गावि के मकान को शासम ि करते हुऐ प्रभुाि िजी चोपडा के मकान तक का क्षैत्र। | 730 |
| 31 | पूरर्म िजी वेर्ष्व पटवारी के मकान से पूवी ओर चकिर सड़क सड़क सोरती बावड़ी के पीछे मोहनाि िमेमबर के मकान को शासम िकर वापस महाेिव मप्न्द्रि को शासम ि कर अशोक मास्टर के नये मकान को शासम ि करते हुये मनि ससंह जी की गीि के ोिनों ओर की बस्ती को शासम ि कर शिरथ ससंह जी की पुसयिा से पप्श्चमी ओर नाेि-नाेि चकिर मोहन ससंह के मकान से वापस पूरर्म ि पटवारी वेर्ष्व के मकान मवेशी अस्पता िके पीछे तक। | 692 |
| 32 | रूप ससंह का मकान नाेि से शुरू होकर पूवी ओर रघुराज ससंह जी के मकान को शासम िकर पूवी ओर चकिर सुरीि के आस-पास की बस्ती बमबोरी रोड़ तक सैतनक स्कू ि को शासम ि कर बमबोरी रोड़ से उत्तरी ओर रोड़ रोड़ चकिर बसन्द्त जी सरािर की ुिकान को शासम िकरते हुये रतन कण्डारा के मकान से पप्श्चमी ओर चकिर मोहन कण्डारा के मकान को शासम ि कर, छीतर बोहरा के मकान को शासम ि करते हुये क्षिक्र्षी ओर चकिर भैरूजी के आगे रूप ससंह के मकान तक। | 732 |
| 33 | हजूर सरािर के मकान से पूवी ओर चकिर टिू र गूजर के मकान को ं शासम ि कर गुािबचन्द् ि मु शी के मकान को शासम ि कर बद्रीाि ि गुजणर क े मकान से रामाि िगूजणर के मकान को शासम िकरते हुये श्रर्वाि ि गोचर पृथ्वीराज र्मीा अध्यापक के मकान से उत्तरी ओर चकिर समर्पूण बंगाि बस्ती को शासम ि कर रामचन्द्द्र रार्व के मकान से क्षिक्र्षी ओर चतिे हुये वापस हजूर सरािर के मकान तक की समर्पूण बस्ती। | 667 |
| 34 | तहसी ि पररसर के पीछे से पूवी ओर चकिर नारार्य बाबा की चतकी को शासम ि कर मकान हिमानन्द् ि जी गोतम के मकान से उत्तरी ओर ि ेहीि पप्ब्कि स्कू ि को शासम ि कर रोड रोड मकबरा की टंकी को शासम िकर सत्यनारार्य जी कारीगर के मकान को शासम िकर घूमकर पप्श्चम की ओर चकिर बडे कफलाड से वापस स्कू िआणिश ववद्या मप्न्द्रि को शासम िकर तहसी िपररसर तक के पीछे की पूरी बस्ती शासम िहै | 645 |
| 35 | धूीिाि ि जी पांचा ि के मकान से पप्श्चम ओर स्टेडडयम होते हुये भैरूपुरा के रास्ते से चकिर मकान हेमराज व मूचिन्द् िसुमन के मकान से आगे ोिनो ओर से मकानो को शासम ि कर नगर पासकिा के सावणजतनक शौचायि को शासम िकर मकान ेिखराज गुजर के मकान को शासम ि करते हुऐ बमबोरी रोड से रोड रोड वापस क्षिक्र्ष ओर चकिर राधाककशन के मकान को शासम ि कर ज्योततबा फू ेि भवन को शासम ि कर मांगीाि िगौस्वामी के मकान तक का क्षैत्र | 655 |