| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 24, सोमवार, शाके 1947- ससतम बर 15, 2025 Bhadra 24, Monday, Saka 1947- September 15, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं संबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125
्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/14981 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर श्रीगंगानगर द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा पदमपुर हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
| र्वाड्.ि | र्वाो्के ्ीिमांकन्का्वववरण | जनंिख्या |
| 01 | उत्तरी-पप्चमिी कोने पर कि 24 बी.बी के मु0नं0 01 से पूवव दशिा में तििे ह ुए मु0नं0 07 को शासम ि करते हुए पमिपुर-श्रीकरणपुर रोड़ तक पमिपुर- श्रीकरणपुर रोड़ के साथ-साथ तििे हुए क्ष्मिी आँगन व ररव-िससव िकॉोिनी को शासम ि करते हुए क्षिणि दशिा में मुड़कर क्षिणिी-पूवी कॉनवर में भारत गैस एजेन्सी तक पप्चमिी दशिा में मुड़कर सज्जना नगर की आबाीि को शासम िकरते हुए व मु0नं 93, 94 में कि 24 बी.बी की ग्रामीण आबाीि को शासम ि करते हुए कि 24 बी.बी के मु0नं0 98 तक पप्चमि में कि 24 बी.बी की सीमा पर तििे हुए मु0नं0 01 तक | 911 |
| 02 | उत्तरी-पप्चमिी कोने पर कि 24 बी.बी के मु0नं0 99 से पूवव दशिा में तििे ह ुए मु0नं0 106 में कि 24 बी.बी की ग्रामीण आबाीि को शासम िकरते हुए एवं खन्ना नगर की आबाीि को शासम िकरते हुए बाबा जगजीवन ससंह ौिक | 773 |
| स े होते हुए मु0नं0 25 तक क्षिणि दशिा में तििे हुए भगत ससंह कॉोिनी को शासम िकरते हुए पमिपुर-गजससंहपुर मुख्य सड़क तक पप्चमि दशिा में तििे हुए भगत ससंह ौिक होते हुए क्ष्मिी नगर को शासम िकरते हुए कि 24 बी.बी के मु0नं0 140 तक कि 24 बी.बी की पप्चमिी सीमा के साथ- साथ तििे हुए मु0नं0 99 तक। | ||
| 03 | उत्तरी-पप्चमिी कोने पर कि 24 बी.बी के मु0नं0 79 से खासिा ौिक होते ह ुए पूवव दशिा में तििे हुए वाटर र्वकसव स्टेडयिम व राजकीय ववद्यायि का समपूणव ेित्र को शासम ि करते हुए पूवव की ओर तििे हुए श्री भजन ाि ि गगरधर के मकान तक श्री भजन ाि िगगरधर के मकान से क्षिणि की ओर तििे हुए क्षिणिी पूवी कोने वपंकी जैन के घर के साथ खाीि तॉिट तक वपंकी जैन के घर के साथ खाीि तॉिट से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए बाबा जगजीवन ससंह ौिक होते हुए क्षिणि-पप्चमिी वाटर र्वकसव कोने तक से उतर में तििे हुए खासिा नगर की आबाीि को शासम िकरते हुए कि 24 बी.बी के मु0नं0 79 पमिपुर-श्रीकरणपुर मुख्य सड़क तक। | 785 |
| 04 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर आशिव कॉोिनी को शासम िकरते हुए पूवव में तििे ह ुए ुिगाव ववहार कॉोिनी की समस्त आबाीि को शासम िकरते हुए प्रीत ववहार कॉोिनी का सुववधा ेित्र के उतर-पूवी कोने तक वहां से क्षिणि में तििे हुए श्री कु ीििप ससंह रंधावा की कोठी तक पूवव दशिा की ओर तििे हुए साववजननक ननमावण ववभाग का राज्य राजमागव सं0 3 को शासम ि करते हुए जैतसर पुसयिा तक वहां से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए संत श्री प्राणनाथ कॉेिज के साथ-साथ तििे हुए कृ व िववज्ञान के न्द्र की पत्थर स0 133/219 तक वहां से पप्चमि दशिा की ओर तििे हुए श्री ज्वााि जी पेट्रो िपमप तक पत्थर स0 140/219 तक वहां से उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए शही ि भगत ससंह ौिक को शासम िकरते हुए पूवव दशिा की ओर मुड़कर श्री ववजय खुराना के खेत तक वहां से उतर की ओर तििे हुए उतर-पप्चमिी कोने पर आशिव कॉोिनी तक। | 837 |
| 05 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर शीत िुिआ से पूवव की ओर तििे हुए श्री गुरूरिण ससंह के घर तक की समस्त आबाीि को शासम िकरते हुए क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए अध्यापक रमेश ाि िजाट के घर तक पूवव की ओर तििे हुए वाप्ममकी ौिक को शासम ि करते हुए एसबीआई बैंक तक एसबीआई बैंक से क्षिणि की ओर तििे हुए बाबा एग्रीकमरि र्वकसव शॉप तक की आबाीि कृ व ि भूसम व्यवसानयक समपूणव ेित्र को शासम िकरते हुए पप्चमि की ओर तििे ह ुए नीकिण्ठ माबव ितक नीकिण्ठ माबव िसे उत्तर की ओर तििे हुए प्रीत ववहार की समपूणव आबाीि को शासम ि करते हुए प्रीत ववहार कॉोिनी के सामने उत्तर दशिा की ओर समपूणव सकि को शासम िकरते हुए पूवव की ओर ॉि आयव गुतता के घर तक का समपूणव ेित्र | 679 |
| 06 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर ज्योनत धीगाि के घर से मैन रो ि पूवव की ओर | 745 |
| तििे हुए राठी वैरायटी स्टोर तक समपूणव आबाीि राठी वैरायटी स्टोर से क्षिणि की ओर तििे हुए समस्त आबाीि को शासम ि करते हुए रामािस नागपा ि पाकव से होते हुए श्री विवस की ुिकान (पै ि स्टोर) तक श्री विवस की ुिकान (पै िस्टोर) से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए श्री तयारा ससंह के घर के क्षिणि-पगमिी कोने तक से उत्तर की ओर तििे हुए ज्योनत धीगाि क े घर तक । | ||
| 07 | उत्तरी पप्चमिी कोने से पप्ण्ति श्री घनचयानम ािस जी फै र्कट्री से पूवी दशिा की ओर तििे हुए शकर ससनेमा के साथ-साथ तििे हुए श्री बविन्त सोनी क े घर तक वहां से क्षिणि दशिा की ओर मुतिे हुए यावि आटा र्किकी के साथ-साथ तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए हिरी टेरि की ुिकान तक वहां से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए 99 शॉप वाप्ममकी ौिक तक वहां से उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए एीििएफसी बैंक के साथ-साथ तििे हुए पप्ण्ति श्री घनचयारम ािस जी फै र्कट्री तक। | 741 |
| 08 | उत्तरी पप्चमिी कोने से श्री हरप्जन्द्र नागपा िके घर से पूवी दशिा की ओर तििे हुए श्री पवन गुतता के मकान तक वहां से क्षिणि दशिा की ओर मुड्ते ह ुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम िकरते हुए समगािनी साउ िके घर से होते ह ुए आटार् किकी के पास से ननकतिे हुए ससडकिे ट बैंक तक वहां से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए उत्सव पैेिस तक वहां से उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम िकरते हुए श्री हरप्जन्द्र नागपा िके मकान तक। | 696 |
| 09 | उत्तरी पप्चमिी कोने से श्री अशोक परनामी के नोहरे से पूवी दशिा की ओर तििे हुए गौशााि की ीिवार के साथ-साथ तििे हुए श्री ववकास गगव के घर क े पास (पटवारी का तॉिट) तक वहां से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए गुरूद्वारा के पास होते हुए श्री जयगोपा िशमाव के घर तक वहां से पप्चमिी दशिा की ओर मुड्ते हुए बााि जी फोटो स्टे िके पास से होते हुए ववकास टेीिकॉम के पास होते हुए श्री रोुि राम ससंधी के घर तक वहां से उत्तर दशिा की समस्त आबाीि ेित्र को शासम िकरते हुए श्री अशोक परनामी के नोहरे तक। | 765 |
| 10 | उत्तरी पप्चमिी कोने से श्री राके श गोय िके घर से पूवी दशिा की ओर तििे ह ुए घनचयाम हरवानी की ुिकान से होते हए रामेिव सादहत्य सनि की ुिकान तक वहां से क्षिणि दशिा की ओर मुड़ते हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए नगरपासकिा रो िके साथ-साथ तििे हुए कम िवैरायटी स्टोर तक वहां से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए पैट्रो िपमप के साथ-साथ तििे हुए बबचनोई धमवशााि के पप्चमिी- क्षिणिी कोने तक वहां से उत्तरी दशिा की ओर मुड़ते हुए गुरूद्वारा श्री ससंह सभा के साथ-साथ तििे समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए श्री | 779 |
| जगमोहन ससंह बरा िके घर से होते हुए तारांि िशमाव के मकान से होते हुए श्री राके श गोय िके मकान तक। | ||
| 11 | उत्तरी-पप्चमिी कोने हरवानी मोबाई िशॉप से पूवव दशिा की ओर तििे हुए रोमी बुदटक तक व रोमी बुदटक उतर की तरफ तििे हुए श्री मंगत सेििवा क े घर तक श्री मंगत सेििवा के घर से पूवव दशिा की ओर तििे हुए हनुमान मंदरि तक हनुमान मंदरि से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए श्री न्द्रिशेखर शमाव के घर तक श्री न्द्रिशेखर शमाव के घर से पूवव दशिा की ओर तििे हुए श्री जयभवानी मेडकि ि तक जयभवानी मेडकि ि से पप्चमि दशिा की ओर तििे हुए श्री गोववन् ितनेजा की ुिकान तक श्री गोववन् ितनेजा की ुिकान से उतर दशिा की ओर तििे हुए हरवानी मोबाई िशॉप तक। | 718 |
| 12 | उत्तरी पप्चमिी कोने में एस.ए िस्कू िसे पूवव में कििर नगरपासकिा सीमा पत्थर सं0 133/215 वहां से क्षिणि दशिा में कििर श्री राजकरण ससंह गग ि क े घर तक श्री राजकरण ससंह गग ि के घर से पप्चमि में कििर श्री रीतू पदटया िके घर तक वहां से उतर दशिा में तििे हुए गीता भवन तक गीता भवन से पप्चमि में कििर सेििवा मेडकि ितक सेििवा मेडकि िसे उतर दशिा में कििर श्री पुरूोितम प्जन् ििके खाीि तॉिट तक वहां से पूवव दशिा म ें कििर संीिप ज्वैसिव के खाीि मकान तक वहां से उतर दशिा में कििर उतर-पप्चमिी कोने में एस.ए िस्कू ितक। | 722 |
| 13 | उत्तरी पप्चमिी कोने में अरोविंश धमवशााि से पूवव दशिा की ओर तििे हुए श्री धमवन् ििआटार् किकी तक श्री धमवन् ििआटार् किकी से क्षिणि दशिा की ओर तििे श्री शंकर गगव की ुिकान श्री शंकर गगव की ुिकान से पूवव दशिा की ओर तििे हुए साधुराम पमप वाेि के घर तक साधुराम पमप वाेि के घर से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए श्री रिण ससंह के घर तक श्री रिण ससंह के घर से पप्चमि दशिा की ओर तििे हुए श्री राणी भटयाणी की ुिकान तक श्री राणी भटयाणी की ुिकान से उतर दशिा की ओर तििे अरोविंश धमवशााि तक। | 809 |
| 14 | उत्तरी पप्चमिी कोने से सुभा िािबाि के घर से पूवव दशिा की ओर तििे हुए श्री बबटु रामगदयिा के मकान तक श्री बबटु रामगदयिा के मकान से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए राजू ससंधी (मननयारी वााि) के घर तक श्री राजू ससंधी (मननयारी वााि) के घर से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए गौशााि की ीिवार के साथ-साथ तििे हुए सुभा िािबाि के घर तक। | 824 |
| 15 | उत्तरी पप्चमिी कोने से श्री रमेश खखंीि के नोहरे से रामपा िके घर के पास होते हुए पूवी दशिा की ओर तििे हुए श्री क्ष्मिण ािस के घर तक श्री क्ष्मिण ािस के घर से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए श्री जोगेन्द्र ससंह हाण्ाि के घर के पास से होते हुए वहां की समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि | 678 |
| करते हुए श्री रामेिव बंस ि के घर तक श्री रामेवि बंस ि से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए श्री सतपा िअग्रवा ि(काकू पतासे वााि) के घर तक श्री सतपा िअग्रवा िके घर उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए श्री मनिाि िबंस ि क े मकान तक वहा से पप्चमि की ओर तििे हुए श्री नरेश गगव के मकान से होते हुए श्री हजारा ससंह के कारखाने तक समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए श्री हजारा राम के कारखाने से उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए गौशााि के ीिवार के साथ-साथ होते हुए श्री रमेश खखंीि के नोहरे तक । | ||
| 16 | उत्तरी पप्चमिी कोने से श्री हरयिा िससंह भंगू फामव कृ व िभूसम से पूवी दशिा की ओर तििे हुए ीिीि माईनर की पुसयिा (पत्थर स0 133/213 तक वहां स े क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए पत्थर स0 133/215 तक व पत्थर स0 133/215 पप्चमिी की ओर तििे हुए श्री प्रद्युमन प्रताप ससंह के मकान तक वहा से क्षिणिी दशिा की ओर तििे हुए श्री नानक रिबार गुरूद्वारा तक वहां स े पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए मोीि गगफ्ट हाउस तक की समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए वहां से उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए राम मंदरि की पास क समस्त आबाीि ेित्र को शासम िकरते हुए सामुािनयक क े न्द्र के पास से होते हुए ेिरा सच्ाि सोाि की भूसम के पास होते हुए श्री पतपू राम धानक के घर तक पतपू राम धानक के घर से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए धानक धमवशााि के पास होते हुए श्री मनीराम कु महार के घर तक वहा से उत्तर दशिा में तििे हुए श्री हरयिा िससंह भंगू की कृ व िभूसम को शासम िकरते हुए पत्थर स0 135/210 तक। | 680 |
| 17 | उत्तरी पप्चमिी कोने में श्री ओम योगी के मकान से पूवव दशिा की ओर तििे ह ुए श्री राके श योगी के घर के पास के खाीि तािंट तक श्री राके श योगी के घर के पास के खाीि तािंट से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए श्री वीरभान वाप्ममकी के घर तक श्री वीरभान वाप्ममकी के घर से पूवव दशिा की ओर तििे गौशााि के उतरी-पूवी कोने तक गौशााि के उतरी-पूवी कोने से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए ऑवर है िटैंक तक ऑवर है िटैंक से पप्चमि दशिा की ओर अमबेकिर ौिक की तरफ तििे हुए ब्राह्ममण धमवशााि की क्षिणिी- पप्चमिी कोने तक ब्राह्ममण धमवशााि की क्षिणिी-पप्चमिी कोने से उतर दशिा की ओर तििे हुए श्री ववजय बहाुिर के मकान तक श्री ववजय बहाुिर के मकान से पूवव दशिा की ओर तििे हुए श्री कृ पा राम के नोहरे तक श्री कृ पा राम के नोहरे से उतर दशिा की ओर तििे हुए श्री ओम योगी के मकान तक। | 915 |
| 18 | उत्तरी पप्चमिी कोने में श्री रमेश आहूजा के घर से पूवव दशिा की ओर तििे ह ुए श्री ववजय कु मार के घर तक श्री ववजय कु मार के घर से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए बैंक ऑफ बड़ौाि तक बैंक ऑफ बड़ौाि से पप्चमि दशिा की | 913 |
| ओर तििे हुए फु टेाि ािबा से फु टेाि ािबा से उतर दशिा की ओर तििे हुए श्री रमेश आहूजा के घर तक। | ||
| 19 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर कि 24 बी.बी के मु0नं0 56 पमिपुर-श्रीकरणपुर सड़क मागव से पूवव दशिा में तििे हुए अप्ननशमन कायावयि चयाम नगर की समस्त आबाीि को शासम ि करते हुए वेयर हाउस के उत्तरी पूवी कोने से क्षिणि की ओर तििे हुए श्री हरेिव ससंह के ुिकान के पास नोहरे तक की पप्चमिी ेित्र को शासम िकरते हुए पूवी-दशिा में तििे हुए श्री के व ि कृ ष्ण धमीजा के घर तक की सकि से क्षिणि दशिा की आबाीि भूसम को शासम ि करते हुए क्षिणि दशिा में तििे हुए सकि के पप्चमिी दशिा की आबाीि शासम ि करते हुए श्री रूुििराम हंसराज की ुिकान से पप्चमिी की व्यवसानयक/आवासीय योजनाओं को शासम िकरते हुए समपूणव धान मण्ीि को शासम िकरते हुए धानमण्ीि पप्चमिी क्षिणि कोने से होते हुए उत्तरी दशिा में पमिपुर-श्रीकरणपुर सड़क मागव के साथ-साथ तििे हुए कि 24 बी.बी के मु0नं0 56 तक। | 840 |
| 20 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर श्री बविीर ससंह राणा (फौजी) के घर के पी े के तॉिट (वेयर हाउस रो)ि से पूवी दशिा की ओर तििे हुए समपूणव आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए श्री मोहनाि ि अराजनवीस के घर से होते हुए श्री हररराम बंस िके घर तक श्री हररराम बसं िके घर से क्षिणिी दशिा की ओर आबाीि ेित्र को शासम िकरते हुए श्री मनी िपरनामी के घर तक श्री मनी ि परनामी के घर से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए श्रीमती भगवती मैमि के घर से होते हुए श्री राके श पुत्र श्री हेमराज के घर तक के ेित्र की समस्त आबाीि को शासम िकरते हुए श्री राके श पुत्र श्री हेमराज के घर से उत्तर की ओर तििे हुए श्री बविीर ससंह राणा (फौजी) के घर के पी े के तॉिट (वेयर हाउस रो)ि तक। | 918 |
| 21 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर श्री ख्मिी सोनी के तॉिट से तििे हुऐ पूवी दशिा की ओर तििे हुए पटवारीर् किकी शांनत फ्ोिर सम िको शासम िकरते हुए श्री बनवारी ाि ि के मकान तक श्री बनवारी ाि ि के घर से क्षिणि की ओर तििे हुए श्री भोजराज जैन के तािंट तक की आबाीि को शासम िकरते हुए श्री भोजराज जैन के तॉिट से पप्चमि की ओर तििे हुए श्री प्रीिप कु मार के तॉिट तक श्री प्रीिप कु मार के मकान के पप्चमिी दशिा के तॉिट वेयर हाउस रो िको शासम िकरते हुए उत्तर दशिा की ओर तििे हुए श्री ख्मिी सोनी के नोहरे तक का समपूणव ेित्र | 918 |
| 22 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर श्री जंगीर ससंह फौजी के तॉिट से तििे हुए पूवी दशिा की ओर श्री ेिसराज के मकान के साथ साथ तििे हुए श्री मनफू ि | 915 |
| ससंह प्रेमी के घर तक व श्री मनफू िससंह प्रेमी के घर से उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए श्री मून् ििि ससंधी के मकान से तििे हुए व श्री सतपा ि बाजीगर के मकान के साथ-साथ होते हुए श्री बजिीत ससंह के नोहरे तक श्री बजिीत ससंह के नोहरे से पूवी दशिा की ओर मुतिे हुए श्री कााि ससंह के मकान के साथ-साथ तििे हुए श्री अवतार ससंह के घर से होते हुए श्री सूरजा राम समस्त्री के मकान के साथ-साथ तििे हुए बाबा श्री सुखैिन ससंह के मकान के साथ-साथ तििे हुए वहां की समस्त आबाीि ेित्र को शासम िकरते ह ुए खटीक धमवशााि तक खटीक धमवशााि से पप्चमिी दशिा की ओर तििे ह ुए श्री सुरेश पुत्र श्री मूंिि िके मकान से आगे कॉनवर के तॉिट तक वहां से उत्तरी दशिा की ओर तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम िकरते हुए श्री जंगीर ससंह फौजी के तॉिट तक। | ||
| 23 | उत्तरी-पप्चमिी कोने पर श्री र्मकखन ससंह की ुिकान से होते हुए माईनर के साथ-साथ तििे हुए पत्थर सं0 136/219 तक व वहां से क्षिणि दशिा की ओर मुड़कर समस्त आबाीि ेित्र व कृ व िभूसम के मध्य से ननकतिे हुए श्री सुखवीर ससंह के मकान से तििे हुए अशोक माीि के घर से होते हुए श्री इन्द्रससंह के मकान तक श्री इन्द्रससंह के मकान से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए श्री बजिीत ससंह के घर तक व श्री बजिीत ससंह के घर से श्री सहीराम ूिणा के मकान के साथ तििे हुए श्री पतपू बाजीगर के घर के मकान तक व वहां से पप्चमिी दशिा की ओर मुतिे हुए श्री सुरेन्द्र कं नि के मकान के साथ-साथ होते हुए श्री राजकु मार के मकान तक श्री राजकु मार के मकान से उत्तरी दशिा की ओर मुतिे हुए श्री सतवीर ससंह के घर के साथ- साथ तििे हुए वहां की समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए श्री सतपा ि ससंह के घर के साथ-साथ तििे हुए राजकीय उच् ि प्राथसमक ववद्यायि के साथ-साथ तििे हुए अमबेड़कर भवन से होते हुए श्री र्मकखन ससंह की ुिकान तक। | 795 |
| 24 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर श्री जीत ससंह पुत्र श्री बख्तावर ससंह के मकान से होते हुए माईनर के साथ-साथ तििे हुए बाबा रामेवि मंदरि तक व बाबा सादहब से क्षिणि दशिा की ओर तििे हुए श्री शंकर मेघवा िके घर से होते ह ुए मप्स्ज िके साथ-साथ तििे माता शीताि माता मंदरि तक शीताि माता मंदरि से पप्चमिी दशिा की ओर तििे हुए श्री बंशी राजपूत के घर से होते ह ंनी ाि ि प्जं िि के नोहरे से ंनी ाि ि प्जं िि के नोहरे तक श्री ुि ुए श्री ुि उत्तरी दशिा की तििे हुए समस्त आबाीि ेित्र को शासम ि करते हुए श्री भगवान ससंह कवाडयिा के गोािम से होते हुए व आमी टॉवर के साथ-साथ तििे हुए श्री तारांि िपुत्र श्रीराम के मकान तक। | 811 |
| 25 | उत्तरी पप्चमिी कोने पर कि 24 बी.बी के मु0नं0 07 का उत्तरी-पूवी कॉनवर | 737 |
| पमिपुर-श्रीकरणपुर मागव से पूवव में कि 24 बी.बी की सीमा के साथ-साथ तििे हुए सजना कॉोिनी की समस्त आबाीि को शासम िकरते हुए पूवव दशिा म ें तििे हुए सशवा कॉोिनी की समस्त आबाीि को शासम ि करते हुए श्री पुरूोितम प्जन् िि के घर तक से धानमण्ीि रो ि पर क्षिणि की ओर तििे ह ुए सहकारी मी िके पूवी-क्षिणिी कोने से होते हुए पप्चमिी दशिा में तििे ह ुए राठी कॉटन फै र्कट्री को शासम ि करते हुए कि 24 बी.बी के मु0न0 43 पमिपुर-श्रीकरणपुर सड़क तक वहां से उतर-पप्चमि में सड़क के साथ-साथ तििे हुए मु0नं0 07 के उत्तरी-पूवी कॉनवर तक |