| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 24, सोमवार, शाके 1947- ससतम बर 15, 2025 Bhadra 24, Monday, Saka 1947- September 15, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं संबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125
्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/18241:-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर बाडमेर द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पररषद बाडमेर हेतु वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषषत ककये गये हैं। वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वाडा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
| िडष स. | सीम ज्ञ न | जनसांख्य |
| 1. | षवशााि रोड़ पर क्स्थत पररषद के उत्तरी सीमा से उत्तरी पक्श्चम कोने से पक्श्चमी सीमा के सहारे चतिे हुए षवशााि रोड़ पर क्स्थत जैन मक्न्दर के ंचकर मुख्य सड़क के सहारे सहारे उत्तरी रास्ते से मुख्य सड़क षवशााि मागा पहु उत्तर चतिे हुए उत्तरी सीमा तक । सुथार बस्ती, हररजन बस्ती, दक्जायों का वास, राणी रूपादे संस्थान के आस पास का क्षेत्र | 1717 |
| 2. | तनलसंह सकका ि से षवशााि रोड़ के सहारे सहारे उत्तर चतिे हुए जैन मक्न्दर ंचकर तक पहु ंचकर उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए पररषद सीमा तक पहु सीमा के सहारे सहारे दक्षक्षण चतिे हुए लशव मुण्डी को ेिते हुए पूवा चकिर वैणासर की दक्षक्षणी सीमा को ेिते हुए जोलशयों की बगेची रास्ते से पूवा चतिे ह ुए तनलसंह सकका ितक। (ािदो का वास, शरणाथी बस्ती लशव मुण्डी रोड़ | 1672 |
| 3. | जोलशयों की पो ि के पास क्स्थत पणणहारी हेण्डीक्राफ्ट के उत्तरी रास्ते से | 1507 |
| पक्श्चम चतिें हुए तनलसंह सकका ितक वहां से सीाि पररषद की पक्श्चमी सीमा तक पहु ंचकर वहां से सीमा के सहारे सहारे चतिे हुए जोसयिों के उपरेि वास तक पूवा की ओर चकिर श्री दमजी जगन्नाथ जोशी के मकान के उत्तरी रास्ते स े पूवा चतिे हुए सीाि चौक में वहां से पूवा की ओर रोड़ के सहारे श्री गोपा ि जोशी की दुकान के आगे से होते हुए पूवा दािि में आशिि ववद्या मक्न्दर स्कू ि क े आगे से पूवा में चतिे हुए सुथारो का मकान (अरूण मेडडक ि स्टोर तक) पंहुचकर उत्तर मुड़कर थोड़ा चतिे हुए पक्श्चम दािि में जोसयिों की प्रा ि के पास क्स्थत पणणहारी हेण्डीक्राफ्ट तक। जोलशयों का ननचाि वास, जोसयिों का उपराि वास | ||
| 4. | पनघट रोड़ पर क्स्थत श्री पारसम िपुत्र श्री रूपचन्द की दुकान से उत्तर सड़क क े सहारे सहारे चतिे हुए श्री ररखबदास पुत्र श्री फोजम ि सोनी के मकान के उत्तरी रास्ते से पक्श्चम में सीाि चतिे हुए दामोदर जोशी के मकान से चकिर जोलशयों का उपराि वास में क्स्थत दमजी जगन्नाथ के उत्तरी रास्ते से आगे पहाड़ पर पररषद की सीमा तक वहां से दक्षक्षण में नगर पररषद सीमा के सहारे चतिे हुए रफीक खां के मकान तक पंहुचकर दक्षक्षणी रास्ते से पूवा चतिे हुए अल्ािरख के मकान तक पंहुचकर पप्चमिी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए श्री बंीिधर पुत्र श्री ककस्तुरचन्द के मकान से पूवा चतिे हुए दक्जायो के नोहरे की दक्षक्षणी गीि से पूवा चतिे हुए सोनी पारसम िकी दुकानों की दक्षक्षण हद तक। मोधचयों का वास, दक्जायों का वास, जोलशयों का उपराि वास | 1976 |
| 5. | श्री बंीिधर पुत्र श्री ककस्तुरचन्द के मकान से उत्तर मुड़कर सीाि चतिे हुए वीरचन्द ंिसाीि के मकान के उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए सु िि कॉम्पप्ेितस तक पंहुचकर पहाड़ पर नगर पररषद सीमा के सहारे दक्षक्षण की तरफ चतिे हुए रावत त्रत्रुिवनलसंह के मकान से पूवा चतिे हुए आजाद चौक पहु ंचकर वहां से बावडी के उत्तरी रास्ते पूवा चतिे हुए थोडा उत्तर चकिर पूवा मुड़कर सीाि चतिे हुए लशव प्रकाश सोनी की दुकान तक। मूथों वाीि गीि वृवन् िििजैन की गीि, खाग िपारि मोहल्ाि, एवं सेवको का वास | 1942 |
| 6. | बाजार क्स्थत कबूतरों के चौतरे के पक्श्चम और बावडी तक चतिे हुए उत्तरी रास्ते से पक्श्चम की और सीेि षवजय रामावत के मकान के पास से होते हुए गढ पहाड़ को ेिते हुए जवानम िखत्री की पुरानी फै तरी के सामने वाेि रास्ते स े उतरते हुए कन्हैयााि ि खत्री सेन्चुरी वाेि के मकान तक पंहुचकर मुड़कर आगे चकिर श्री वतिमन् िि जी जैन के मकान के आगे से होते हुए गायत्री चौक के सामने वाीि गीि से सीाि चतिे हुए राजू सोनी के मकान तक पंहुचकर गाडा चौक को ेिते हुए बाजार क्स्थत कबूतरों के चौक तक। (ड़िूिजों की गीि, मासयिों का वास, खत्रत्रयो का वास, नाईयों का वास | 1862 |
| 7. | पहाडी पर क्स्थत गोतम आचाया के मकान से उत्तर चतिे हुए अनन िजैन के मकान के दक्षक्षणी रास्ते से मुड़कर अनन िजैन के मकान तक पंहुचकर उत्तर ंचकर सीाि चतिे हुए आचायो के चौक पर क्स्थत रामस्वरूप के मकान तक पहु | 1831 |
| चतिे हुए राजू सोनी के मकान तक पंहुचकर पक्श्चम मुड़कर सीाि चतिे हुए गायत्री चौक पंहुचकर पक्श्चम चतिे हुए श्री षप्रतम जैन के सामने वाीि गीि तक पंहुचकर श्री जवानम िखत्री की पुरानी फै तरी तक पंहुचकर सामने क्स्थत श्री कन्हैयााि िखत्री सेन्चुरी वाोिं मकान के पास वाीि गीि से गढ पहाड़ी की पक्श्चमी तक वहां से सीमा के सहारे मेघवाोि की खागीि में नगर पररषद सीमा तक, आगे दक्षक्षण ढािई तक, वहां से सीाि पूवा की ओर गोतम आचाया क े मकान तक। आचायो का वास, मेघवाोि की खांगीि, चचं ि प्राग मठ के पास | ||
| 8. | पुरानी ढाणी पोस्ट ऑकफस से थोडा पक्श्चम चतिे हुए पुनः दक्षक्षण चतिे हुए आचायो के कु ं ए तक पंहुचकर पूवी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए अनन िजैन के मकान की दक्षक्षणी गीि से थोड़ा चकिर मुड़कर दक्षक्षणी चतिे हुए पहाडी की ुँचकर वहां से दक्षक्षण की ढा ितक वंहा से पूवा चतिे हुए पानी के होज तक पहु तरफ पाईप ािईन के सहारे सहारे नीचे चतिे हुए श्री जीयाराम मोची के मकान ंचकर तक पहु ंचकर उत्तर हदशा मे चतिे हुए पीपीि से गाडा चौक तक पहु थोडा पक्श्चम चकिर पुराने पोस्ट ऑकफस विन की पूवी सीमा तक। ढाणी बाजार, सेवको का वास, ढाणी जैन मक्न्दर के आस पास, मिासी मागा | 1939 |
| 9. | ढाणी बाजार क्स्थत चन्डिियिों की जा िके पास क्स्थत पानी के होद से सीाि पक्श्चम की ओर चतिे हुए सांवताराम नाई के मकान को ेिते हुए पररषद की पक्श्चमी सीमा तक पहु ंचकर वहां से सीमा के सहारे सहारे दक्षक्षण चतिे हुए गढरा रोड़ तक पहु ंचकर पूवा चतिे हुए महावीर सका िसे जूना के राडु मागा होते ह ंचकर उपर पानी के होद तक। जुना ुए जीयाराम मोची के मकान तक पहु क े राडु मागा | 1369 |
| 10. | जुना के राडू मागा क्स्थत मोहनाि िउतमाराम मोची के मकान से पक्श्चम चतिे ह ंचकर गढरा रोड़ दक्षक्षण की तरफ पररषद की ुए महावीर सका ि तक पहु पक्श्चमी सीमा तक पहु ंचकर दक्षक्षण पररषद सीमा के सहारे सहारे चतिे हुए र ंचकर ेल्वे ािईन तक पहु ंचकर रेल्वे ािईन के सहारे सहारे घरनााि तक पहु उत्तर हदशा मे चतिे हुए चन्डिियिों की जा ितक पहु ंचकर पक्श्चम चतिे हुए मोहनाि िउतमाराम के मकान तक। रोहहडा पाड़ा, जुना के राडु मागा का दक्षक्षणी ािग | 1860 |
| 11. | बाािजी आयुवेहदक स्टोर से दक्षक्षण चतिे हुए घरनााि तक वहां से रेल्वे ािईन क ंचकर उत्तर मुड़कर नेमीचन्द े सहारें पूवा चतिे हुए रेल्वे क्रोलसंग तक पहु क ंचकर े सरीम िके मकान से उत्तर चतिे हुए रामाि िजैन के मकान तक पहु उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए बाािजी आयुवेहदक स्टोर तक। नाहटो की गीि, ढाणी बाजार शमशान मागा का पूवी ािग, महाबार मागा का पक्श्चमी ािग | 1867 |
| 12. | ढाणी बाजार पीपीि के पास क्स्थत लसंघवी रेस्टोरेन्ट से दक्षक्षण चतिे हुए मोतीाि ि के मकान तक पहु ंचकर पूवा मुड़कर सीाि चतिे हुए ैिरव साड़ी ंचकर दक्षक्षण मुड़कर वहां से सेन्टर के आगे से सीाि चतिे हुए डी पी तक पहु | 1450 |
| थोडी दूर दक्षक्षण चकिर पुनः पूवा मे चकिर श्री सुरजम िके मकान को ेिते ह ंचकर वहां से दक्षक्षण चकिर श्री ुए श्री अब्दू ि रहमान की दुकान तक पहु ुँचकर वहां से नारायण काि ि के मकान को ेिते हुए गीि के नुतकड तक पहु दक्षक्षणी रास्ते से पूवा चकिर नुतकड पर क्स्थत चन्दुाि/िहीराजी के मकान तक पहु ुँचकर पुनः उत्तर चतिे हुए श्री शंकराि िहदशान्तरी के मकान के आगे से होते हुए थोडा पूवा में चकिर पुनः उत्तर चकिर श्री अजीम ढोीि के मकान को ेिते हुए उत्तरी रास्ते तक पहु ुँचकर वहां से सीाि पक्श्चम चतिे हुए अब्दू ि रहमान एंव ताज मोहम्पद के मकान को ेिते हुए श्री गुािब मोहम्पमद के मकान क े उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए गंगा स्कु ि वहां से सीाि उत्तर चतिे ह ुँचकर वंहा से रोड़ के सहारे पक्श्चम ुए श्री बस्तीराम माीि की दुकान तक पहु ुँचकर वहां से दक्षक्षण की चतिे हुए श्री के व िचन्द/तगाम िकी दुकानो तक पहु ंचकर पक्श्चम मुड़कर थोडा ओर चतिे हुए श्री हजारीम ि के मकान तक पहु चकिर पीपीि के पास क्स्थत लसंघवी रेस्टोरेन्ट तक। नोहरे वाीि गीि, ढाणी न. 3 के आस पास, कसाईयों का वास का आाि ािग | ||
| 13. | करमुजी की गीि मे क्स्थत ैिरव साड़ी सेन्टर के पक्श्चमी रास्ते से सीाि ंचकर पूवा मुड़कर इक्ण्डयन ऑय िपम्पप दक्षक्षण चतिे हुए न. 4 स्कु ितक पहु क े पक्श्चम की तरफ गीि से उत्तर चकिर श्री सुल्तानम/िहरदासम ि के मकान को ेिते हुए सीाि उत्तर चतिे हुए जहटयों के वास मे क्स्थत श्री ंचकर वहां से सड़क शंकराि/िराणाम ि जैन का बना चीणो का हत्था तक पहु ंचकर वहां से सीाि पार कर श्री आन्नद/द्वारकादास राठी के बने गेरेज तक पहु ंचकर वहां से थोडा उत्तर पूवा चतिे हुए श्री शम्पुिनाथ जी के मकान तक पहु चतिे हुए श्री चन्दुाि ि के मकान के दक्षक्षणी गीि से पक्श्चम चतिे हुए श्री सुरतान म/िचोथम ि के मकान की सी ि तक पहु ंचकर पुनः उत्तर चतिे हुए गीि के नुतकड़ तक वहां से पक्श्चम चतिे हुए श्री सम्पपतराम के मकान तक ंचकर वहां से सड़क पार कर क्स्थत श्री टी िचन्द/क्ष्मिणदास के विन तक पहु वहां से उत्तरी रास्ते से पक्श्चम की तरफ चतिे हुए ैिरव साड़ी सेन्टर तक। महाबार रोड़ पूवी, जामवन्त जी गीि, कसाईयों का चौक दक्षक्षणी ािग, जहटयों की गीि | 1424 |
| 14 | जहटयों के वास मे क्स्थत श्री शंकर ाि ि जी/राणाम ि के बने चौत्रबते के पूवी रास्ते से सीाि दक्षक्षण चतिे हुए इक्ण्डयन ऑय िपेंरो िपम्पप के पक्श्चमी कोने ंचकर रोड़ पार कर थोड़ा सा पक्श्चम चकिर रेल्वे क्रोससंग के पास तक पहु पहु ंचकर रेल्वे ािईन के सहारे पूवा चतिे हुए उत्तर मुड़कर श्री तोगाराम जी की दुकान को ेिते हुए सड़कपार कर श्री हीरा नाई के गैरेज तक, वहॉ से पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुये श्री चेतन कबाड़ी, श्री छगनाि िपूवा पाषाद के मकान तक पंहुचकर वहां से थोड़ा उत्तर चकिर पुनः पक्श्चम चकिर श्री ताराचन्द ंचकर वहां से थोड़ा दक्षक्षण की ओर चकिर पुनः माीि के मकान तक पहु पक्श्चम चकिर श्री शंकराि ि हदशान्तरी के मकान तक के आगे होते हुए | 1753 |
| दक्षक्षण की ओर चकिर कबूतरों के चबुतरे तक वहॉ से पक्श्चम की ओर चतिे ह उत्तरी रास्ते से सीाि चतिे ह ुए गंगाबाई के मक्न्दर के ुए श्री शंकराि/िराणाराम जैन के चीणों के चौत्रबते की उत्तरी सीमा तक। जहटयों का वास, शरणाथी तवाटार | ||
| 15. | चौहटन रोड़ पर क्स्थत बंीिाि ि जैन के मकान के उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए दक्षक्षण मुड़कर सविकर रोड़ पंहुचकर पक्श्चम चतिे हुए श्री हस्तीम ि ंचकर वहां से पक्श्चम रास्ते से जैन के मकान से के शरीम ि के मकान पहु ंचकर पक्श्चमी की दक्षक्षण चतिे हुए प्रताप जी की प्रो ि मुख्य सड़क तक पहु और सीाि चतिे हूए बस्तीराम माीि की दूकान से पूवी रास्ते से दक्षक्षण चतिे ह ूए अब्दु िशकु र कसाई के मकान के उत्तरी गीि से र्पूव चतिे हुए देवाराम द ेशान्तरीं के मकान तक पहु ंचकर वहां से थोडा दूर चतिे हूए श्री श्रीचन्द मास्टर की उत्तरी गीि से पूवा चतिे हुए वहां से दक्षक्षण चतिे हूए चौक पहु ंचकर उत्तर मुड़कर चेतनजी के मकान तक पंहुचकर पूवा मुड़कर सीाि चतिे ह ुए चौहटन रोड़ क्स्थत पांचाराम माीि की चारे की टा ितक पंहुचकर रोड़ के सहारे सहारे उत्तर चतिे हुए बंीिाि ि जैन के मकान के मकान तक। हमीरपुरा, प्रतापजी की प्रो िरोड़ | 1527 |
| 16. | चौहटन रोड़ क्स्थत जगतम्पबा माता मक्न्दर से चौहटन रोड़ चतिे हूए मां वांक ि ंचकर पक्श्चम मुड़कर सीाि चेतन जी के मकान तक प्रोषवजन स्टोर तक पहु पंहुचकर वहां से दक्षक्षण चतिे हुए चेतन जहटया की दुकान चौक पंहुचकर मुख्य ंचकर रेल्वे ािईन के सहारे उत्तर चौहटन रोड़ पार कर रेल्वे ािईन तक पहु हदशा की तरफ चतिे हुए रेल्वे क्रोलसंग पार कर आगे पक्श्चम मुड़कर चौहटन रोड़ क्स्थत जगतम्पबा माता मक्न्दर तक। पुराना जाटावास, कॉपरेहटव सोसायटी क े पास का क्षेत्र, जहटयो का वास | 1495 |
| 17. | अम्पबेडकर सका ि पर बनी मोहनलसंह राजपुरोहहत की दुकानों के दक्षक्षण कोनार स े पूवा चतिे हुए मारवाड़ मोटसा तक पहु ंचकर उत्तर चतिे हूए रेल्वे ािईन के पास बने सुरेश गंगाराम जहटया के मकान तक पहु ंचकर पक्श्चम चतिे हुए रेल्वे ंचकर सड़क पार कर पेरो िपम्पप के पीछे ािईन के सहारे सहारे क्रोलसंग तक पहु स े ंचकर वहां से पूवा मुड़कर मोहनलसंह दक्षक्षण चतिे हुए चौहटन रोड़ तक पहु की ुिकानों तक। रैन बसेरा के पीछे वाीि गीियाुँ व जहटयो के कु ण्ड | 1793 |
| 18. | न ेशन िहाईवे पर क्ष्मिी बेटरी दुकान (रक युननयन की दुकानों) से पूवा चतिे ह ुए मांगीाि/ि ररखबदास की दुकान तक पहु ंचकर उत्तर चतिे हुए रेल्वे ािईन क े पास क्स्थत अहम्पमद खां के मकान तक पहु ंचकर पक्श्चम चतिे हुए सुखदेव हीरााि िजहटया के मकान तक पहु ंचकर दक्षक्षण चतिे हूए क्ष्मिी बेटरी दुकान तक। जहटयो का नया वास | 1857 |
| 19. | र ेल्वे ािईन के पास क्स्थत वहीद खां के मकान से रेल्वे ािईन के सहारे-सहारे ंचकर रेल्वे बाउण्री के सहारे सहारे पूवा हदशा चतिे हुए पुलयिा न. 45 तक पहु म े अमरलसंह/ककशनलसंह के मकान से प्रेमचन्द मेवाडा का मकान को ेिते हुए | 1756 |
| क े वचिन्द माीि के मकान तक पहु ंचकर पक्श्चम चतिे हुए मेघराज क्ष्मिणदास के मकान तक पहु ंचकर उत्तर चतिे हुए वहीद खां के मकान तक। शास्त्री नगर | ||
| 20. | क े वचिन्द माीि के मकान के सामने क्स्थत बाडे से एन. एच. 15 पर क्स्थत टी. वी. एस शो रूम तक पहु ंचकर पक्श्चम चतिे हुए कोगटा फाईनेन्स तक पहु ंचकर उत्तर मूड़कर बाबुाि/िुिराराम के मकान तक पहु ंचकर पूवा चतिे हुए क े वचिन्द के मकान के सामने क्स्थत बाडे े़ तक। शास्त्री नगर) | 1400 |
| 21. | अम्पबेडकर सकका िसे चौहटन जाने वाेि रोड़ से दक्षक्षण चतिे हुए मोहन जी का क्र े शर पर स्कु ि जाने की सड़क से वन षवािग क्षेत्र की सीमा के सहारे सहारे ंचकर मागा पार कर पररषद की सीमा के सहारे-सहारे पूवा महाबार मागा तक पहु ंचकर उत्तर मुड़कर एन. एच 68 चतिे हुए टाउनलशप 60'0'' फीट रोड़ तक पहु ंचकर पक्श्चम चकिर अम्पबेडकर सकका ि तक। मोहन जी का क्रे सर तक पहु जोधगयों की दडी, टाउनसपि | 2054 |
| 22. | बजरंग ककराणा स्टोर के दक्षक्षणी रास्ते से पक्श्चम चकिर करनाराम फड़ौदा के मकान के पप्चमिी रास्ते से सीाि उत्तर चतिे हुए नैनम िजैन के मकान के पास तक पंहुचकर वहां से पक्श्चम चतिे हुए ब्राह्मण ॉिज वाोिं के मकान को ंचकर वहां से दक्षक्षण मुड़कर ेिते हुए श्री ररड़म ि लसंह चौहान के मकान पहु ंचकर पूवा पुलयिा न.45 की मुख्य सड़क को ेिते हुए एन. एच. 15 तक पहु चकिर जोपिुर मोटसा तक पहु ंचकर पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए श्री अमराराम गोािरा के मकान के पास क्स्थत बाडे े़ क ंचकर पूवा मुड़कर े सामने पहु बजरंग ककराणा स्टोर तक। शास्त्री नगर का पक्श्चमी ािग | 1870 |
| 23. | श्री मूलिसंह डडप्टी के मकान के सामने क्स्थत षवजय कु मार गौड़ की ननलमात दुकानों के कोनार से एन.एच-15 जाने वाीि सड़क से दक्षक्षण चतिे हुए रेविे बाउण्री के सहारे पक्श्चम मुड़कर नैनम िजैन के मकान तक पंहुचकर पप्चमिी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए करनाराम फड़ौदा के मकान तक पंहुचकर पूवा मुड़कर बजरंग ककराणा स्टोर के सामने तक पहु ंचकर पक्श्चम चतिे हुए श्री अमराराम ंचकर पक्श्चमी रास्ते से दक्षक्षण गोदारा के मकान के पास क्स्थत बाड़े तक पहु ंचकर आगे चतिे हुए एन. एच. 15 पर क्स्थत राजु टायर टु युब पेंधचग तक पहु ंचकर पररषद टाउन लशप योजना 60 फीट रोड़ के पूवा में पररषद सीमा तक पहु सीमा के सहारे सहारे जोगमाया मक्न्दर तक, जोगमाया मक्न्दर के कोनार से तनलसंह गैरेज सड़क होते हुए बायीं तरफ चतिे हुऐ श्री मूलिसंह डडप्टी के मकान के सामने क्स्थत षवजय कु मार गौड़ की ननलमात दुकानों के कॉनार तक। शास्त्री नगर का पूवी ािग | 1711 |
| 24. | श्री मूलिसंह डडप्टी के मकान से तनलसंह गैरेज होते हुए एन.एच. 15 जाने वाीि सड़क के बांयी तरफ चतिे हुए एन.एच. 15 के सहारे सहारे पररषद सीमा में बांयी तरफ हदशा की तरफ चतिे हुए एन एच 15 पर क्स्थत मेरो माबशल्स के पास क्स्थत गीि से पक्श्चम हदशा की तरफ चतिे हुए सुथारों के नोहरे के पास | 2182 |
| होते हुए सुथारों के नोहरे के उत्तर हदशा की तरफ चतिे हुये श्री सवाई राम ा /अजु नराम सुथार के मकान के कोनार से पक्श्चम चतिे हुए थोड़ा सा उत्तर चकिर पुनः पक्श्चम चतिे हुए श्री नारणाराम जी ैिराराम जी हररजन के ंचकर रेल्वें बाउण्री तक, रेविे बाउण्री से मूलिसंह डडप्टी के मकान मकान पहु तक। गांीि नगर, राजपूतों एवं सुथारो रावणा राजपूतो की बस्ती | ||
| 25. | पूवा षवाियक गंगाराम जी के मकान से आगे बने रेल्वे क्रोलसग 327 से आगे क ृ षष मण्डी रोड़ के सहारे सहारे चतिे हुए रेल्वे सीमा के सहारे सहारे सीाि उत्तर चतिे हुए श्री गोरनि पुरी/ककशनपुरी के मकान से पूवा की तरफ चतिे ह ुए नवािराम/खुमाराम चौरिी के मकान से दक्षक्षण चतिे हुऐ सुथारो के नोहरे क े सामने पहू ंचकर पूवा चतिे हुए एन. एच. 15 क्स्थत मेरो माबा ि के आगे पररषद सीमा तक पहु ंचकर पररषद सीमा के सहारे उत्तर की तरफ चतिे हुए क ंचकर मुख्य सड़क के सहारे बीएसएफ की ृ षष मण्डी के उत्तरी पूवी कोनार पहु ंचकर वहां से पक्श्चमी सीमा से उत्तर चतिे श्री दक्षक्षणी तारबन्दी तक पहु दुगााराम चौरिी के मकान तक पहु ंचकर वहां से पक्श्चम चतिे हुए मुख्य रोड़ पर रोड़ के सहारे चतिे हुए हेमलसंह/ुिरलसंह के मकान को ेिते हुए रेल्वे ािईन ंचकर रेल्वे ािईन के सहारे पुनः रेल्वे फाटक सं. 327 तक। गांीि नगर तक पहु चौरिीयों की बस्ती, रेल्वे कोोिनी, नेहरू नगर | 2086 |
| 26. | हहन्दूस्तान पेरो ि पम्पप के उत्तरी रास्ते से थोडा पक्श्चम चतिे हुए उत्तर मुड़कर पुनः पक्श्चम चतिे हुए कल्याणपुरा माणक होस्पीट ि को ेिते हुए श्री मेवाराम जैन के बने मकान तक वंहा से दक्षक्षण चकिर गोषवन्दराम के मकान तक पहु ंचकर वहां से पक्श्चम चतिे हुए ंिवराि िहरसाणी वाोि के मकान के पूवा रास्ते तक वहां से दक्षक्षण चतिे हुए गीि के नुतकड़ पर क्स्थत श्री आसुाि िके मकान के पूवा रास्ते तक वहां से पूवा चतिे हुए श्री जोरावरम िके ंचकर सामने क्स्थत ररखबदास हरसाणी वाोि के मकान के दक्षक्षण सीमा तक पहु मकान को ेिते हूए श्री ुिरचन्द/गणेशम िके मकान के आगे से पूवा चकिर श्री ंचकर वहां से श्री सुरतानम ि जैन के शेरम ि ढाटी के मकान के सामने पहु मकान के पक्श्चम रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए पूवा मुड़कर चौहटन रोड़ पंहुचकर थोड़ा उत्तर दािि में चकिर चौहटन रोड़ क्स्थत जगतम्पबा माता मक्न्दर के दक्षक्षणी रास्ते से पूवा चतिे हुए रेविे ािईन तक पंहुचकर रेविे ािईन के सहारे-सहारे उत्तर चतिे हुए रेविे तवाटारों तक पंहुचकर पक्श्चम मुडकर हहन्दुस्तान पेरो िपम्पप तक। (महावीर चौक, कल्याणपुरा, माणक अस्पता िके पास, मेढ़ सुनारो का वास | 1772 |
| 27. | कल्याणपुरा मागा न. 4 पर क्स्थत डॉ रणजीतम ि जैन के मकान के दक्षक्षणी ंचकर दक्षक्षण रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए बंशीाि ि वडेरा के मकान तक पहु चतिे हुए मालयिो के नोहरे में क्स्थत ीिखचन्द ूिणणया की दुकानों के आगे से पूवा मुड़कर सीाि चकिर शंकराि ि ािरीवा ि के मकान से उगमणी गीि से उत्तर चतिे हुए श्री मेवाराम/गंगाराम के मकान के पूवी रास्ते से उत्तर चतिे | 1503 |
| ह े़ ड़ पर क्स्थत श्री दयाराम/शम्पुिराम के मकान के आगे से पूवा ूए लशवकर रो चतिे हुए श्री चान्दम ि के मकान से पूवी गीि से उत्तर चतिे हुए शेरम ि ढाटी के मकान से पक्श्चम मुड़कर सीाि आगें चकिर थोडा उत्तर चकिर डॉ रणजीतम िजैन के मकान के दक्षक्षणी कोनार तक। वजीरो का वास, अफीम के ठ े के वाीि गीि | ||
| 28. | पुरानी सब्जी मण्डी क्स्थत महादेव नमकीन ण्डिार पक्श्चमी रास्ते से दक्षक्षण ंचकर पूवा मुड़कर ओसवा िन्यानत नोहरे के चतिे हुए बाबु हेयर रेसर तक पहु ंचकर वहां से र्पूव चतिे आगे से थोडा पूवा चकिर प्रतापजी की प्रो ितक पहु ह ुए ीिखाराम ुिणणया की दुकान के पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए मोबताराम वजीर के मकान से नरगासर से आने वाीि मुख्य सड़क पर क्स्थत डामरचन्द क ंचकर पूवा मुड़कर थोडा चकिर उत्तमचन्द के मकान के पूवी े मकान तक पहु ंचकर पक्श्चम रास्ते से उत्तर चतिे हुए तैलयिो का वास मुख्य सड़क तक पहु चतिे हुए महादेव नमकीन ण्डिार तक। गोेिच्छा गीि ,रतनलसंह बाजार, खत्रत्रयो का ननचाि वास नरगासर के पास | 1471 |
| 29. | तैलयिो का वास क्स्थत ओसवा िहाटो वााि विन के पक्श्चमी रास्ते से दक्षक्षण ंचकर पक्श्चम मुड़कर थोडा चकिर चतिे हुए ताराचन्द के मकान तक पहु ुिरचन्द गणेशम िके मकान के पक्श्चम रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए पूवा मुड़कर ंचकर सीाि दीपक राठी के पूवा पाषाद क्ष्मिीनारायण खत्री के मकान तक पहु ंचकर उत्तर मकान को ेिते हुए मिेन्र धचन्तामणदास के मकान तक पहु मुड़कर थोडा चकिर पूवा मुड़कर अरूण मेडीक ि वाोि के मकान को ेिते हुए ंचकर पक्श्चम चतिे पुनः उत्तर चकिर तैलयिो का वास मुख्य सड़क तक पहु ह ुए ओसवा ि हाटो वााि नोहरा तक। कल्याणपुरा, खत्रत्रयो का ननचाि वास, तैलयिो की गीि का दक्षक्षणी ािग | 1446 |
| 30. | गांीि चौक से पक्श्चम चतिे हुए हनुमान जी के मक्न्दर चौक तक वहां से श्री ंचकर दक्षक्षणी रास्ते से सीाि पूवा सत्यनारायण मक्न्दर के दक्षक्षणी कोने तक पहु की ओर चतिे हुए तैलयिों का वास क्स्थत अािदीन तैीि की दुकान से दक्षक्षण चतिे हुए पूवा मुड़कर माणक अस्पता ि के उत्तरी रास्ते से सीाि चतिे हुए गल्सा स्कु िके पूवी रास्ते में उत्तर मुड़कर थोडा चकिर मा िगोदाम रोड पार कर लसन्ीि मक्न्दर से पक्श्चम चतिे हुए डॉ. अनन ि सेहठया के मकान तक पंहुचकर उत्तर मुड़कर मुख्य स्टेनि रोड़ तक पंहुचकर मानसरोवर आईस्क्रीम तक पंहुचकर पूवा मुड़कर हंसराज सोनी की बनी दुकानों तक पंहुच कर पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए हाई स्कू िरोड़ पार कर व्हाईट हाउस के सामने बने मकान तक पंहुचकर उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए आयुतत आवास के सामने वाेि कॉनार तक पंहुचकर दक्षक्षण मुड़कर थोड़ा चकिर पुलसि कोतवाीि क े आगे से गांीि चौक तक। तैलयिों का वास का उत्तरी ािग, राजपूत छात्रावास स्कु ि न.1 के पास का क्षेत्र, माहेचवरी विन की गीि व गितों की गीि का पप्चमिी ािग | 1513 |
| 31. | सुािष चौक क्स्थत नारायण माीि की दुकान से क्ष्मिी टॉककज होते हुए रेल्वे ंचकर रेल्वे ािईन के सहारे सहारे मुख्य द्वार से मागा चकिर ािईन तक पहु पक्श्चमी चतिे हुए हाई स्कु ि मुख्य मागा क्स्थत पीप ि के पुराने पेड़ तक पंहुचकर दक्षक्षण मुड़कर मुख्य स्टेनि रोड़ तक पंहुचकर रोड़ पार कर पक्श्चम चतिे हुए स्वगीय वैद्य वल् ििशास्त्री के मकान तक पंहुचकर दक्षक्षण चकिर ंचकर दक्षक्षण सरााफों की दुकानों तक पंहुचकर पूवा चतिे हुए मक्न्दर तक पहु चतिे हुए मा ि गोदाम रोड़ पार कर दक्षक्षण चतिे हुए सुािष चौक क्स्थत नारायण माीि की दुकान तक। गुरूद्वारा रोड़, मा ि गोदाम रोड़, अग्रवा ि मोहल्ाि, पुरानी पोस्ट ऑकफस गीि, गितो की गीि, हाई स्कु िरोड़ दक्षक्षणी ािग | 1723 |
| 32. | स्टेनि रोड़ क्स्थत पुलसि कोतवाीि के पूवी कॉनार से उत्तर चतिे हुए पूवा मुड़कर थोड़ा चकिर श्री मोहनलसंह/प्रहािदलसंह वाीि गीि में सीाि चतिे हुए बापू कॉोिनी पंहुचकर उत्तर मुड़कर उत्तर चतिे हुए कत्रब्रस्तान के पास वाीि ंचकर दक्षक्षण रोड़ तक पंहुचकर पक्श्चम चतिे हुए पाताेिश्वर मक्न्दर तक पहु चतिे हुए पूवा मुड़कर पुरूषोतमदास/प्रेमचन्द जी खत्री के मकान तक पंहुचकर नगर पररषद् कायाायि की दीवार से ऐ.के . चौपड़ा के मकान के उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए पनघट रोड़ पंहुचकर पक्श्चमी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए हनुमान जी के मक्न्दर के पक्श्चमी कोनार तक पंहुच कर वहां से दक्षक्षणी रास्ते स े सीाि पूवा चतिे हुए पुलसि कोतवीि के पास पूवी कोनार तक। (कत्रब्रस्तान क े आस-पास का क्षेत्र, सुथारो का वास, हनुमान मक्न्दर के पीछे की गीि | 1796 |
| 33. | बापू कॉोिनी में क्स्थत कषप/िसुखदेव घारू के मकान के दक्षक्षणी रास्ते से पूवा चतिे हुए व्हाईट हाउस तक पंहुचकर पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए कन्या महाषवद्यायि के पक्चचमी कॉनार तक पंहुचकर पक्श्चम मुड़कर क्ष्मिीपुरा क्स्थत माहेचवरी चौक तक पंहुचकर प्रेमजी शमाा के मकान तक पंहुचकर दक्षक्षण मुड़कर सीाि बापू कॉोिनी मुख्य रोड़ पंहुचकर मोहनलसंह/प्रहािदलसंह के मकान की गीि में मुड़कर सीाि माहेचवरी विन के पीछे तक पंहुचकर पूवा मुड़कर बापू कॉोिनी में क्स्थत कषप/िसुखदेव घारू के मकान तक। हररजन बस्ती, सुमेर गौशााि के पास का क्षेत्र | 1448 |
| 34. | राय कॉोिनी क्स्थत स्व. श्री आत्माराम खत्री के मकान से पक्श्चम रास्ते से सड़क के सहारे दक्षक्षण चतिे हुए श्री गंगाराम माहेश्वरी के मकान को ेिते हुए थोडा दक्षक्षण चतिे हुए पुनः पूवा की ओर सड़क के सहारे पूवा चतिे हुए कन्या महाषवद्यायि के सामने जाने वाीि मुख्य सड़क तक पहु ंचकर उत्तर चतिे हुए ंचकर वहां से पक्श्चम चकिर स्व. आत्माराम खत्री के षवश्वकमाा सकका ितक पहु मकान तक। क्ष्मिीपुरा, सुखाणणयों की गीि, माहेश्वरी बस्ती | 1472 |
| 35. | शहीद उगमलसंह सकका ि के पास क्स्थत पुलसि ािईन दीवार के सहारे दक्षक्षण चतिे हुए डाक बंगाि षववेकान्नद सकका ि तक को ेिते हुए ककसान छात्रावास क े सामने क्स्थत रेल्वे क्रोलसंग तक पहुचंकर रेल्वे ािईन के सहारे सहारे उत्तर | 1857 |
| ंचकर वहां से पूवा चतिे हुए रेल्वे क्रोंलसग तक पहु ंचकर सकका ट हाउस तक पहु पक्श्चम चकिर बीएसएफ बाउण्डरी के उत्तरी कोनार के सहारे पक्श्चम चतिे हुए बीएसएफ तारबन्दी के पास क्स्थत महेन्र रूघाराम की दुकानों से उत्तर चतिे ह ंचकर पक्श्चम ुए मुख्य सी. सी. रोड़ पर क्स्थत मोहनाि िके मकान तक पहु ंचकर वहां से मुड़कर सीाि चतिे हुए षवद्युत षवािग की बाउण्री तक पहु दक्षक्षण चतिे हुए शहीद उगमलसंह सकका िके पास क्स्थत पुलसि ािईन दीवार तक। पुलसि ािईन, मुिबन कॉोिनी, पंचायत सलमनत के आस पास का क्षेत्र कमाचारी कोोिनी, इक्न्दरा कोोिनी | ||
| 36. | न ेहरू नगर रेल्वे ािईन के सहारे क्स्थत हाजी मौ. माजी खां के मकान से पूवा चतिे हुए अवरत्रब्रज के नीचे से जाने वाेि रास्ते में उत्तर मुड़कर डॉ. आर.आर. चौरिी के ननमााणाीिन विन के पास से अवरत्रब्रज के नीचे की मुख्य सड़क पार कर गुािम तैीि की दुकान तक पहु ंचकर पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए कोटड़ा विन तक पंहुचकर पक्श्चम मुड़कर थोड़ा चकिर उत्तर दािि में मुड़कर ोिजाराम अध्यापक के सामने क्स्थत साि विन से रेविे ािईन तक पंहुचकर र ेल्वे ािईन के सहारे सहारे दक्षक्षण चतिे हुए रेल्वे ािईन के सहारे क्स्थत हाजी मौ. माजी खां के मकान तक। मेघवा िीि िोिहार बस्ती, नेहरू नगर | 1947 |
| 37. | न ेहरू नगर रेविे ािईन के पास क्स्थत जाट चैरीटेब िरस्ट से रेल्वे ािईन के ंचकर वहां सहारे-सहारे दक्षक्षण चतिे हुए श्री ािुिराम षवश्नोई के मकान तक पहु स े पूवा चतिे हुए बीएसएफ की पक्श्चमी सीमा के पास क्स्थत दुगााराम चौरिी क े मकान तक पहु ंचकर वहां से बीएसएफ की सीमा के सहारे उत्तर चतिे हुए जोपिुर रोड़ पार कर, पुि धचककत्सायि की ओर जाने वाीि रोड़ से स्टेडडयम क े दक्षक्षण द्वार तक पहु ंचकर वहां से स्टेडडयम बाऊण्री के सहारे चतिे हुए स्टेडडयम के पुराने मुख्य द्वार की मुख्य सड़क तक पंहुचकर उत्तर मुड़कर ंचकर रेविे माणणतयाि िवमाा छात्रावास को ेिते हुए सीाि रेल्वे ािईन तक पहु ािईन के सहारे-सहारे श्री ोिजाराम अध्यापक के मकान के सामने बने सामुदानयक साि विन के पास वाीि गीि से मुड़कर सीाि चतिे हुए कोटड़ा विन वाीि गीि से कोटड़ा विन तक पंहुचकर मुख्य सड़क पार कर श्री करण लसंह की पवन होट ि तक पहु ंचकर सड़क पार कर दक्षक्षण चतिे हुए पक्श्चम मुड़कर जाट चैरीटेब िरस्ट तक। नेहरू नगर, लसंीि कॉोिनी | 2003 |
| 38. | ंचकर रामुबाई स्कू िसे पूवा चतिे हुए जदिाय षवािग की पानी टंकी तक पहु उत्तर चतिे हुए 80 फीट रोड़ तक पहु ंचकर पक्श्चम चतिे हुए स्टेडडयम बाउण्री तक पहु ंचकर कचरा पोईन्ट रेल्वे बाउण्री के सहारे चतिे हुए पोस्ट ऑकफस कॉोिनी ेिते हुए स्टेडडयम बाउण्री के सहारे जानवरो के अस्तपता िके आगे से होते हुए रामुबाई स्कु ितक। महावीर नगर व स्टेडडयम के पास | 1906 |
| 39. | वृषचिन्द जैन बस स्टेण्ड के सामने क्स्थत खननज षवािग कायाायि से पूवा ंचकर वहां से उत्तर चतिे हुए शहीद चौराहा से आगे पररषद सीमा तक पहु ंचकर पक्श्चम मुड़कर गोपा िलसंह चौरिी के चतिे हुए बजाज शो रूम तक पहु | 1767 |
| ंचकर दक्षक्षणी मुड़कर मकान से पक्श्चम चतिे हुए सराि चौरिी तवाटर तक पहु हरजीराम के मकान को ेिते हुए पक्श्चम चकिर महेश कु मार/खुशाािराम के ंचकर दक्षक्षण मुड़कर 80 फीट रोड़ मकान के सामने क्स्थत खाीि प्ािट तक पहु पार कर खननज षवािग तक। महावीर नगर के आस पास का क्षेत्र | ||
| 40. | बजाज शो रूम से रेल्वे क्रोलसग सकका ट हाउस होते हुए रेल्वे ािईन के सहारे ंचकर सीाि 80 फीट मुख्य सड़क का उत्तरी ािग ेिते सहारे कचरा पोईन्ट पहु ह ंचकर उत्तर मुड़कर महेशकु मार/खुशारिाम के मकान ुए पानी की टंकी तक पहु ंचकर उत्तर मुड़कर तक पहु ंचकर पूवा चतिे हुए ननमााणाीिन मकान तक पहु सोनाराम/ीिमाराम की दुकानो/मकान को ेिते हुए पूवा चकिर कस्टम तवाटर से बजाज शोरूम तक। महावीर नगर | 1598 |
| 41. | एन. एच. 68 पर क्स्थत बीएसएफ के उत्तरी कॉनार से उत्तर दािि में चतिे ह ुए नगर पररषद् की सीमा तक पंहुचकर वापस नगर पररषद् की सीमा के सहारे सहारे पक्श्चम चतिे हुए कािकार छात्रावास के सामने वाीि त्रबक्ल्डंग तक पंहुचकर दक्षक्षण मुड़कर सदारामजी के मठ के आगे से होते हुए श्रीयादे मागा (मुख्य सीसी रोड़) तक पंहुचकर सड़क पार कर दक्षक्षण दािि में चतिे हुए नतोिकचन्द प्रजापत के खाीि प्ॉिट से होकर बीएसएफ की तारबन्दी तक पंहुचकर पूवा मुड़कर बीएसएफ तारबन्दी के सहारे सहारे एन.एच. 68 तक। इक्न्दरा कॉोिनी का पूवी ािग | 1638 |
| 42. | श्रीयादे माता मागा मुख्य सीसी रोड़ इन्रा कॉोिनी पर क्स्थत तेजराज गौड़ की फ ै न्सी स्टोर दुकान के सामने वाीि गीि में उत्तर चतिे हुए पररषद् सीमा तक पंहुचकर सीमा के सहारे सहारे पक्श्चम चतिे हुए विानीलसंह लमस्त्री के मकान तक पंहुचकर दक्षक्षण मुड़कर श्रीयादे माता मागा मुख्य सी सी रोड पार कर कमलिसंह ािटी की बनी दुकानों के पप्चमिी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए बीएसएफ तारबन्दी तक पंहुचकर तारबन्दी के सहारे सहारे पूवा चतिे हुए उम्पमेदाराम प्रजापत के घर के आगे से उत्तर चतिे हुए श्रीयादे माता मागा मुख्य सीसी रोड़ इन्रा कॉोिनी पर क्स्थत तेजराज गौड़ की फै न्सी स्टोर दुकान तक। इक्न्दरा कॉोिनी का मध्य ािग | 1794 |
| 43. | इक्न्दरा कॉोिनी मुख्य सीसी सड़क पर सुरे ि सोनी के मकान के पास क्स्थत खाीि प्ॉिट के पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए पररषद सीमा तक वहां से सीाि पक्श्चम की तरफ सीमा के सहारे सहारे चतिे हुए चारण छात्रावास तक पहु ंचकर आन्नद मंग ि षवहार कोोिनी के पूवी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए उगमलसंह सका ि से मुख्य सड़क के सहारे सहारे उत्तरी ािग को ेिते हुए दक्षक्षण मुड़कर मोहनाि ि के मकान के पूवी रास्ते से सीाि चतिे हुए रमे ि रोज के मकान तक पंहुचकर न्यू पंकज ज्वैसिा के पास से सीाि चतिे हुए सीसी रोड़ पार कर सुरे ि सोनी के मकान के पास क्स्थत खाीि प्ॉिट तक। इक्न्दरा कॉोिनी का उत्तरी व दक्षक्षणी ािग, न्याय वाहटका, षवद्युत कोोिनी | 1603 |
| 44. | उगमलसंह सकका ि के पास क्स्थत षवद्युत षवािग को ेिते हुए आनन्द मंग ि | 1815 |
| ुँचकर पक्श्चम हदशा की तरफ षवहार कॉोिनी के उत्तरी पूवी कोनार तक पहु पररषद सीमा के सहारे सहारे हहंगािज कॉोिनी संस्कृ त षवद्यायि होते हुए बोडार होमगाडा वाीि मुख्य सड़क तक पहु ुँचकर दक्षक्षण चतिे हुए मुख्य सी.सी. ुँचकर वहां से पूवा हदशा की तरफ रोड़ पार कर वन षवािग बाउण्री तक पहु चतिे हुए बोडार होम गाडा को ेिते हुए आकाशवाणी के मुख्य द्वार तक ुँचकर थोड़ा पूवा चकिर दक्षक्षण मुड़कर क्जाि कारागृह के उत्तरी रास्ते से पूवा पहु चतिे हुए उगमलसंह सकका िके पास क्स्थत षवद्युत षवािग तक। इक्न्दरा नगर, बोडार होम गाडा, आनन्द-मंग िषवहार कॉोिनी, क्जाि कारागृह | ||
| 45. | इक्न्दरा नगर क्स्थत सरस्वती षवद्या मक्न्दर षवद्यायि के पक्श्चमी कोनार से ंचकर दक्षक्षण हदशा की तरफ चतिे हुए कचराराम मेघवा ि के मकान तक पहु दक्षक्षणी रास्ते से पूवा चतिे हुए सरस्वती षवद्या मक्न्दर जाने वाेि रास्ते तक ंचकर पक्श्चम मुड़कर पहु ंचकर दक्षक्षण मुड़कर थोडा चकिर मुख्य सी.सी. रोड़ पहु थोडा चकिर दक्षक्षण चतिे हुए मोडीि ािखरी षवद्यायि के आगे से वन षवािग बाउण्री तक पहु ंचकर वन षवािग बाउण्री के सहारे सहारे पूवा चतिे हुए बोडार होम गाडा के पक्श्चमी कोनार तक पहु ुँचकर उतर चतिे हुए मुख्य सड़क पार कर नगर पररषद् सीमा तक पंहुचकर उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए सरस्वती षवद्या मक्न्दर षवद्यायि के पक्श्चमी कोनार तक। इक्न्दरा नगर, हहंगािज मक्न्दर के पास | 1476 |
| 46. | क्जाि कारागृह के उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए आकाविाणी की ओर जाने वाीि रोड़ तक वहां से पक्श्चम चतिे हुए आकाविाणी तक पंहुचकर वहां स े वन षवािग की हदवार के सहारे सहारे दक्षक्षण चतिे हुए गुमनाराम चौरिी के मकान के पास वाीि गीि से पूवा चकिर मुख्य सड़क पार कर थोड़ा चकिर उत्तर चतिे हुए बेनीवा िकु न्ज तक पंहुचकर बेनीवा िकु न्ज के दक्षक्षणी रास्ते स े पूवा चतिे हुए मुख्य पुलसि ािईन रोड़ पर क्स्थत महदना सैनेरी तक पंहुचकर उत्तर चकिर क्जाि कारागृह तक। क्ष्मिी नगर | 1446 |
| 47. | क्जाि केितरेट रोड़ पर क्स्थत सेवा सदन विन से सीाि उत्तर चतिे हुए श्रीमान ् प्जािधी िव श्रीमान ् क्जाि पुलसि अीिक्षक ननवास को ेिते हुए शुमि मेडडक ि स्टोर तक पंहुच कर उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए श्री सुखदेव ववचनोई के घर तक पंहुचकर दक्षक्षण मुड़कर थोड़ा चकिर जीयाराम चौरिी के मकान के उत्तरी रास्ते से वन षवािग की दीवार के सहारे दक्षक्षण चतिे हुए श्री हरीराम चौरिी के मकान तक पंहुचकर दक्षक्षण मुड़कर सीाि चतिे हुए सीएमएचओ ऑफीस तक पंहुचकर पक्श्चम मुड़कर थोड़ा चकिर राजकीय अस्पता िव अन्तरी बाई स्कू िके बाउण्री के सहारे-सहारे चतिे हुए मुख्य बा ि मक्न्दर स्कू ि रोड़ तक पहु ंचकर पूवा चतिे हुए सेवा सदन विन तक। क्ष्मिीनगर आकाशवाणी तवाटर, राजकीय अस्पता िव ऑफीसर कॉोिनी | 1469 |
| 48. | षवश्वकमाा सकका ि के पास क्स्थत श्री अक्श्वनी कु मार पररहार के मकान से ंचकर पक्श्चम पक्श्चमी गीि से दक्षक्षण चतिे हुए कन्या महाषवद्यायि तक पहु | 1448 |
| मुड़कर हाई स्कू िकी बाउण्री के सहारे सहारे चकिर हाई स्कू िमुख्य रोड़ तक पंहुचकर पूवा दािि में मुड़कर सीाि चतिे हुए मुख्य रोड़ पार कर रेविे ािईन तक पंहुचकर रेविे ािईन के सहारे-सहारे उत्तर चतिे हुए रेविे द्वार तक पंहुचकर पक्श्चम मुड़कर मुख्य रोड़ पार कर सीाि चतिे हुए अन्तरीबाई स्कू ि वाीि गीि में मुड़कर थोड़ा चकिर पूवा मुड़कर उत्तर चतिे हुए मुख्य राय कॉोिनी रोड़ तक पंहुचकर रोड़ पार कर पूवा मुड़कर थोड़ा चकिर उत्तर चतिे ह ुए हररराम चौरिी के मकान के पास वाीि गीि से वन षवािग की दीवार तक पहु ंचकर वहां से दीवार के सहारे पक्श्चम चतिे हुए श्री बदिेव अध्यापक के मकान वाेि रास्ते से सीाि दक्षक्षण चतिे हुए षवश्वकमाा सकका िके पास क्स्थत श्री अक्श्वनी कु मार के मकान की उत्तरी सीमा तक। श्रीमालयिों की गीि, रााि क ृ चण मक्न्दर के आस पास का क्षेत्र, क्ष्मिीपुरा | ||
| 49. | राय कॉोिनी रोड पर क्स्थत पररहार ननवास से पूवा चतिे हुए षवश्वकमाा सका ि ंचकर वन षवािग तक पहु ंचकर उत्तर चतिे हुए वन षवािग बाउण्री तक पहु बाउण्री के सहारे पक्श्चम हदशा में चतिे हुए पीताम्पबर माीि के मकान तक ंचकर पक्श्चम पहु ंचकर दक्षक्षण मुड़कर सीाि पुखराज दवे के मकान तक पहु ंचकर मुड़कर दुगाादान बारहठ के मकान को ेिते हुए ुिरलसंह के मकान तक पहु पक्श्चम रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए राय कॉोिनी रोड पर क्स्थत पररहार ननवास तक। बेररयो का वास का पूवी ािग, रामदेव मक्न्दर की गीि | 1502 |
| 50. | जाजु विन से पूवा चतिे हुए पुखराज दवे के मकान के पक्श्चम रास्ते से उत्तर ंचकर चतिे हुए दीनानाथ पाण्डे का मकान ेिते हुए वन षवािग बाउण्री तक पहु वन षवािग बाउण्री के सहारे सहारे पक्श्चम हदशा मे चतिे हुए जगमालिसंह राव के मकान के पक्श्चमी रास्ते से दक्षक्षण चकिर पक्श्चम मुड़कर सुरेन्र लसंह क े गेरेज के पक्श्चमी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए नीम्पबराज देथा मागा के गिे पत्थर तक पहु ंचकर दक्षक्षणी रास्ते से पूवा चतिे हुए घमण्डीराम खत्री के मकान तक पहु ंचकर दक्षक्षण चतिे हुए आसुाि िसोनी के मकान को ेिते हुए घनश्याम दवे के मकान तक पहु ंचकर वहां से पूवा चतिे हुए मोतीाि िसोनी के मकान तक पहु ंचकर वहां से पूवा चतिे हुए जाजु विन तक। बेररयो का वास का पक्श्चमी ािग सरदारपुरा | 1491 |
| 51. | पाुँच बत्ती चौराहे से पूवा चतिे हुए स्वः पं. देवदत नतवारी के मकान तक पहु ंचकर वहां से पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए श्री जुगतलसंह राव के मकान ंचकर वहां से सड़क के सहारे थोडा पक्श्चम चकिर उत्तर मुड़कर तक पहु सुधीन्द्र दवे के मकान को ेिते हुए उत्तर चकिर चैनलसंह सौढा के मकान के पूवी कोने तक पहु ंचकर उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए सड़क पार कर नरलसंहदान चारण के मकान के उत्तरी कॉनार तक पंहुचकर पप्चमिी रास्ते से ंचकर वहां से दक्षक्षण चतिे हुए श्रवण शमाा के मकान के उत्तरी सीमा तक पहु पक्श्चम चतिे हुए सड़क पार कर खत्रत्रयों के नोहरे के सामने वाीि गीि तक पहु ंचकर दक्षक्षण मुड़कर थोडा चकिर पक्श्चम मुडते हुए दक्षक्षण चतिे हुए पुराना | 1838 |
| पावर हाउस तक पहु ंचकर वहां से थोडा पक्श्चम चकिर दक्षक्षण चतिे हूए कत्रब्रस्तान के सहारे सहारे पूवा चकिर पुनः उत्तर चकिर पाुँच बत्ती चौराहे तक। (राय कॉोिनी, सरदारपुरा | ||
| 52. | तनलसंह सका िपर क्स्थत दी मेन्स टेसिा से पूवा चतिे हुए पाताेिश्वर मक्न्दर ंचकर सड़क पार कर उत्तर की तरफ उत्तर मुड़कर सीाि मुख्य सड़क तक पहु ंचकर वहां से थोडा पूवा चकिर पुनः चतिे हुए ािरथाणणयो के मकान तक पहु उत्तर मुड़कर पूवा चतिे हुए सड़क पार कर गोरनि छीपा के मकान तक ंचकर पहुचंकर पूवी रास्ते से उत्तर चतिे हुए आंटा हाउस के कोनार तक पहु ंचकर उत्तरी रास्ते से पक्श्चम चतिे हुए शंकर जी दजी के मकान तक पहु दक्षक्षण मुड़कर सीाि चकिर पक्श्चम मुड़कर आोिक बा ि सदन षवद्यायि के आगे षवशााि रोड़ तक पंहुच कर दक्षक्षण मुड़कर दी मेन्स टेसिा तक। (सुथारो का वास, पाताेिश्वर मक्न्दर के पास, सरदारपुरा | 1888 |
| 53. | जोसयिों के शमशान के मुख्य द्वार से सीाि पक्श्चम चतिे हुए मोहनलसंह ंचकर पक्श्चम रास्ते से दक्षक्षण चतिे सोढा के विन नारायण ननवास तक पहु ह ंचकर आोिक बा िसदन षवद्यायि के रास्ते ुए सागर प्रोषवजन स्टोर तक पहु ंचकर पूवा चतिे े़ पूवा चतिे हुए उत्तर मु ड़कर बाबुाि िदजी के मकान तक पहु ह ंचकर पूवी रास्ते से उत्तर ुए सड़क पार कर क्जतेन्र सोनी के मकान तक पहु चतिे हुए नरसींगदान के मकान के सामने वाीि गीि में मुड़कर थोड़ा चकिर उत्तर मुड़कर जोलशयों के शमशान के मुख्य द्वार तक। दक्जायों का वास जोशी शमशान के पास | 1576 |
| 54. | षवशााि रोड़ पर क्स्थत स्वगीय श्री पारसम िजैन के मकान के पूवी कोनार से ंचकर वहां से पूवा की तरफ उत्तर चतिे हुए नारायण ननवास के सामने पहु चतिे हुए जोलशयों के शमशान के मुख्य द्वार तक पंहुचकर पप्चमिी रास्ते से दक्षक्षण चतिे हुए श्री प्रतापजी दजी के मकान तक पंहुचकर पूवा दािि में मुड़कर उत्तर ेिते हुए वासुदेव सोनी के मकान तक पंहुचकर पूवी रास्ते से ंचकर उत्तर हदशा मे वन उत्तर चतिे हुए ीिखाराम सुथार के मकान तक पहु ंचकर बाउण्री के सहारे सहारे चकिर दजी षवािग की बाउण्री तक पहु ंचकर उत्तर की तरफ चकिर प्रकाशचन्र खंगारम िके प्ािट के कोनार तक पहु र ंचकर श्री प्रहािद जी ेल्वे कु आ न. 3 के पास श्री जगुजी दजी के मकान पहु ंचकर मागा के सहारे सहारे दजी के मकान से होते हुए त्रबशााि मागा तक पहु दक्षक्षण चतिे हुए षवशााि रोड़ पर क्स्थत स्वगीय श्री पारसम िजैन के मकान तक। षवशााि मागा का पूवी ािग, वन षवािग कॉोिनी | 1685 |
| 55. | मोडीि ािखरी षवद्यायि के पास क्स्थत वन षवािग की बाउण्री से उत्तर हदशा की तरफ चतिे हुए सरस्वती षवद्या मक्न्दर षवद्यायि की ओर जाने वाेि रास्ते में थोडा चकिर पक्श्चम मुड़ते हुए सुखाराम त्रबजािराम के मकान तक ंचकर पररषद सीमा के सहारे पहु ंचकर उत्तर चतिे हूए पररषद सीमा तक पहु ंचकर वहां से पुनः दक्षक्षण पक्श्चम हदशा मे चतिे हुए षवशााि मागा तक पहु | 1780 |
| हदशा में चतिे हुए जेठाजी दजी के मकान पहु ंचकर वहां से पूवा चतिे हुए ंचकर दक्षक्षण मुड़कर प्रकाशचन्र खंगारम िके प्ािट खीमाजी दजी के मकान पहु ंचकर वन षवािग की बाउण्री के सहारे मोडीि ािखरी के षवद्यायि तक पहु तक। (मदरसे वाीि गीि, हहगंािज मक्न्दर के आस पास का क्षेत्र |