| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 25, मंगलवार, शाके 1947- सतिम बर 16, 2025 Bhadra 25, Tuesday, Saka 1947- September 16, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासलकाओं ंिबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125 ्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/16881:-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात
ंझुनु द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर झु
जाख ि हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
नगर प शलक ज खल क सीम वरििण प्रपत्र-क षिष 2025
| र्वाड् ंि. | वववरण | जनंिख्या |
| 1. | ुिफी मोहमम ि के मकान ेि चलकर मोहमम ि शकू र के मकान को शासमल करते हुए यूनू ि मास्टर के मकान को शासमल करते हुए उममे ि खोखर को शासमल करते हुए गगरधारी जागगड़ के मकान के उत्तर दशिा की ओर चलते ह ुये जाखल ीिमा तक। ीिमा ेि उत्तर पप्चचम के कोने तक चलते हुये उत्तरी ीिमा के पा ि पा ि शमािन घाट ेि क्षिणिी ओर घुमकर राजकीय उच्च माध्यसमक ववद्यालय स्कू ल को शासमल करते हुये ूिफी मोहमम ि के मकान तक। | 320 |
| 2. | मोहमम िकिू र के मकान ेि चलकर फतेह संिह के मकान को शासमल करते ह ुये महेन्द्द्र संिह के मकान को शासमल करते हुये गगरधारी जागगड़ के मकान को शासमल करते हुये जाखल ीिमा तक। जाखल ीिमा के पा िपा िक्षिणि | 325 |
| दशिा में चलते हुये कारी रोड़ तक। कारी रोड़ ेि कु लीिप मीणा शही िस्मारक को शासमल करते हुये कारी रोड़ के उत्तर दशिा का एररया को शासमल करते ह ुये ओमप्रकाश महाजन के मकान को शासमल करते हुये राम मप्न्द्रि को शासमल करते हुये किू र के मकान तक। | ||
| 3. | अलताफ काजी के मकान ेि युुिफ भानजा के मकान को शासमल करते हुये घनचयाम के मकान को शासमल करते हुये रतन संिह के मकान को शासमल करते हुये राजकीय बासलका स्कू ल को शासमल करते हुये यिाराम के मकान को शासमल करते हुये झाबर ैिनी के मकान को शासमल करते हुये चयाम संिह के मकान को शासमल करते हुये राजेन्द्द्र जागगड़ के मकान को शासमल करते हुये बजरंग मुण्ड के मकान को शासमल करते हुये पांचबत्ती चैराहा तक। ुिरेश अग्रवाल के मकान को शासमल करते हुये ववनो ि कु मावत के मकान को शासमल करते हुये रामप्रताप ेिठ के मकान को शासमल करते हुये अलताफ काजी के मकान तक। | 325 |
| 4. | प्रहला िमीणा के मकान ेि कारी रोड़ के क्षिणि दशिा के एररया को ुिगााराम मीणा के मकान को शासमल करते हुये कारी रोड़ पर जाखल ीिमा तक। जाखल ीिमा के क्षिणि दशिा के पा िपा िचलते हुये सशशराम के मकान को शासमल करते हुये राजू खेड़ि के मकान को शासमल करते हुये बाबूलाल की गोािम को शासमल करते हुये राजस्थान ग्रामीण बैंक को को शासमल करते हुये जोधपुर समष्ठान भण्डार को शासमल करते हुये कृ ष्ण चोदटया की ुिकान को शासमल करते हुये प्रहला िमीणा के मकान तक। | 385 |
| 5. | पैमाराम मेघवाल के मकान को शासमल करते हुये अजीत संिह के मकान को शासमल करते हुये रघूवीर के मकान को शासमल करते हुये डू डी टेण्ट हाउ िको शासमल करते हुये रतन शमाा की ुिकान को शासमल करते हुये बजरंग ोिनी के मकान को शासमल करते हुये पैमाराम मेघवाल के मकान तक। | 402 |
| 6. | ुिखेिव कु मावत के मकान ेि रामीिन के मकान को शासमल करते हुये बलवंत क ु मावत के मकान को शासमल करते हुये चयोपाल के नोहरे को शासमल करते ह ुये मनोज के मकान को शासमल करते हुये ताराचं ि कु मावत के मकान को शासमल करते हुये ुिखेिव कु मावत के मकान तक। | 372 |
| 7. | सशंभूयिाल के मकान ेि रोदहताश के मकान को शासमल करते हुये रामगोपाल क े मकान को शासमल करते हुये फू लचं ि के मकान को शासमल करते हुये रामलाल के मकान को शासमल करते हुये अजय कु मार के मकान को शासमल करते हुये सशंभूयिाल के मकान तक। | 353 |
| 8. | बजरंग कु मावत के मकान ेि भरत के मकान को शासमल करते हुये प्रकाश म ेघवाल के तलोट को शासमल करते हुये ुिशील ोिनी के मकान को शासमल करते हुये हरफू ल मेघवाल के मकान को शासमल करते हुये अनोप संिह रिोगा क े मकान को शासमल करते हुये दसिलप संिह के मकान को शासमल करते हुये अरूण मेडडकल स्टोर को शासमल करते हुये धमाशाला को शासमल करते हुये | 390 |
| बजरंग कु मावत के मकान तक। | ||
| 9. | बनवारी के मकान ेि रामककशन के डडया की ुिकान को शासमल करते हुये बाबूलाल गोयल के मकान को शासमल करते हुये ववमल संिह के मकान को शासमल करते हुये मूलचं ि खेडि के मकान को शासमल करते हुये शीशराम मकान के क्षिणि दशिा के एररया को शासमल करते हुये जाखल ीिमा तक। जाखल ीिमा के पा िपा िक्षिणि दशिा की ओर चलते हुये बांवररयों की ढाणी को छोड़कर बाबा ुिंिराि ि गौशाला की उत्तर दशिा को शासमल करते हुये गगरवर संिह के मकान को शासमल करते हुये प्रताप संिह के मकान को शासमल करते हुये ंिग्राम भवन को शासमल करते हुये मनोज राणा के मकान को शासमल करते हुये बनवारी के मकान तक। | 323 |
| 10. | प्रताप संिह के मकान को शासमल करते हुये ेिठ गणेश नारायण गेस्ट हाउ ि को शासमल करते हुये घनचयाम राणा के मकान को शासमल करते हुये चयाम ुिंिर के मकान को शासमल करते हुये बीएएिनएल टावर को शासमल करते हुये गौशाला को शासमल करते हुये बावररयों की ढाणी को शासमल करते हुये जाखल ीिमा तक। जाखल ीिमा के पा ि पा ि चलते हुये क्षिणि दशिा की ओर क्षिणिी पप्चचमी कोने को शासमल करते हुये डू डडयों के बा ि की ड़िक तक। भगवान संिह रिोगा के खेत को शासमल करते हुये प्जतेन्द्द्र संिह के मकान को शासमल करते हुये बायपा ि चैराहे पर शंकर कु मावत के मकान को शासमल करते हुये मीणा चमािन घाट को शासमल करते हुये ंिपत संिह के मकान को शासमल करते हुये पुराना पटवार घर को शासमल करते हुये गोकु ल वैद्य के मकान को शासमल करते हुये प्रताप संिह के मकान तक। | 315 |
| 11. | मूलचं िके मकान ेि शंकर ैिनी के मकान को शासमल करते हुये रतन ोिनी क े मकान को शासमल करते हुये गोपाल जागगड़ के मकान को शासमल करते ह ुये रामसंिह के मकान को शासमल करते हुये ुिरेन्द्द्र संिह के मकान को शासमल करते हुये कायम संिह के मकान को शासमल करते हुये जाखल नगरपासलका को शासमल करते हुये क्षिणि दशिा की ओर चलते हुये बायपा ि चैराहा तक। शराब ठेके ेि अजीत संिह के कु एं के उत्तर दशिा का एररया शासमल करते हुये बायपा िबायपा िचलते हुये स्वामीयों की ढाणी को छोड़कर वप्रंि स्कू ल को शासमल करते हुये उत्तर दशिा की ओर चलते हुये मूलचं िके मकान तक। | 317 |
| 12. | राजेन्द्द्र के मकान ेि सशशुपाल पटवारी के मकान शासमल करते हुये दसिलप ववडडयो के मकान को शासमल करते हुये ुिभाष मेघवाल के मकान ेि पहले पप्चचम दशिा की तरफ घुमकर रास्ते रास्ते चलते हुये बायपा ि के कोने को शासमल करते हुये पकौड़ी ढाणी को शासमल करते हुये शीशराम कु मावत के मकान को शासमल करते हुये ीिताराम धोबी के मकान को शासमल करते हुये ा़ श्रवण जागगड़ के मकान को शासमल करते हुये गुढा रोड़ की ओर चलते हुये लौहारों को शासमल करते हुये राजेन्द्द्र के मकान तक। | 374 |
| 13. | ड ू डडयों का बा िबायपा िचैाराहा ेि डू डडयों के बा िकी ओर चलते हुये जाखल ीिमा तक। ववक्रम संिह के मकान को शासमल करते हुये जाखल ीिमा के पा ि पा िमें पूवा दशिा में चलते हुये महावीर कु मावत के मकान को शासमल करते ह ुये ुिभाष मेघवाल के मकान को शासमल करते हुये बायपा ि के कोने को शासमल करते हुये अजीत संिह के कु ं ए को शासमल करते हुये हेतराम कु मावत क े मकान को शासमल करते हुये झीरवाल होटल को शासमल करते हुये डू डडयों क े बा िबायपा िचैराहा तक। | 350 |
| 14. | महावीर के मकान ेि चलकर राजकीय उच्च प्राथसमक ववद्यालय को शासमल करते हुये शीशराम खेड़ि के मकान को शासमल करते हुये बायपा ि बायपा ि चलते हुये रिािराराम खेड़ि के मकान को शासमल करते हुये ड़िक ेि क्षिणि की तरफ चलते हुये ताराचं िके मकान को शासमल करते हुये रामस्वरूप खेड़ि क े मकान को शासमल करते हुये क्षिणि दशिा की ओर चलते हुये जाखल ीिमा राम ा़ तक। जाखल ीिमा के पा िपा िपप्चचम दशिा की ओर चलते हुये कु रडा क े मकान को शासमल करते हुये मोरण अड्डा को शासमल करते हुये मक्खन क े मकान को शासमल करते हुये उत्तर दशिा की ओर चलते हुये गीगाराम डॉक्टर के मकान को शासमल करते हुये महावीरजी के मकान तक। | 380 |
| 15. | की ढाणी ा़ बन्द्शी खेड़ि के मकान ेि चयाम मप्न्द्रि को शासमल करते हुये खेडिो को शासमल करते हुये क्षिणि की ओर चलते हुये महावीर के मकान को शासमल करते हुये जाखल ीिमा तक । जाखल ीिमा के पा िपा िपूवा ीिमा की ओर चलते हुये जाखल ीिमा का क्षिणिी पूवी कोना को शासमल करते हुये बनवारी के मकान को शासमल करते हुये जाखल ीिमा के पा िपा िचलते हुये न ेतराम के मकान को शासमल करते हुये ौिंथली रोड़ तक। ौिंथली रोड़ जाखल ीिमा ेि बन्द्शी खेड़ि के मकान तक। | 365 |
| 16. | पावर हाउ िके पा िपूवा दशिा में पानी की टंकी को शासमल करते हुये ुिनील क े मकान को शासमल करते हुये ौिंथली रोड़ पर चलते चलते पेट्रोल पमप को शासमल करते हुये जाखल ीिमा तक । जाखल ीिमा के पा िपा िउत्तर दशिा की ओर चलते हुये जाखल ीिमा का उत्तरी पूवी कोना को शासमल करते हुये रामननवा िके मकान को शासमल करते हुये जाखल ीिमा के पा िपा िपूवा की ओर चलते हुये ववद्याधर के मकान तक। ववद्याधर के मकान ेि क्षिणि की ओर चलते हुये महावीर के मकान को शासमल करते हुये ननवा िके मकान को शासमल करते हुये पावर हाउ िकी तरफ चलते हुये पानी की टंकी तक। | 340 |
| 17. | पावर हाउ ि को शासमल करते हुये उत्तर दशिा की ओर चलते हुये ुिमेर के मकान को शासमल करते हुये पप्चचम दशिा की ओर चलते हुये कमलेश के मकान को शासमल करते हुये ववमला वाप्ममकी के मकान को शासमल करते ह ुये रामप्रताप के मकान को शासमल करते हुये ौिंथली रोड़ के उत्तर दशिा का एररया को शासमल करते हुये बजरंग संिह के मकान को शासमल करते हुये रिकारी अस्पताल को शासमल करते हुये पावर हाउ ितक। | 334 |
| 18. | कमल ेिठ की ुिकान ेि खुशीराम गोड़ के मकान को शासमल करते हुये महेन्द्द्र संिह के मकान को शासमल करते हुये कबीर संिह के मकान को शासमल करते ह ुये ुिरेश के मकान को शासमल करते हुये उत्तर दशिा की ओर चलते हुये ािरासंिह खेड़ि को मकान को शासमल करते हुये करणीराम के मकान को शासमल करते हुये जाखल ीिमा तक। जाखल ीिमा के पा िपा िपप्चचम दशिा की ओर चलते हुये बुगाला रोड़ तक। बुगाला रोड़ पर जाखल ीिमा ेि क्षिणि की ओर चलते हुये नुकु ल संिह के मकान को करते हुये गजेन्द्द्र जागगड़ के मकान को शासमल करते हुये कमल ेिठ की ुिकान तक। | 339 |
| 19. | ओमप्रकाश के मकान ेि बंशी के मकान को शासमल करते हुये बुगाला रोड़ की ओर चलते हुये माताीिन के मकान को शासमल करते हुये बंजरंग संिह के मकान को शासमल करते हुये जाखल ीिमा तक। बुगाला रोड़ जाखल ीिमा के पा िपा िपप्चचम दशिा की ओर चलते हुये कब्रस्तिान को शासमल करते हुये क्षिणि दशिा की ओर चलते हुये गगरवर के मकान को शासमल करते हुये तिवीर संिह के मकान को शासमल करते हुये मप्स्ज िको शासमल करते हुये ा़ महबूब के बाडे को शासमल करते हुये]लतीफ के मकान को शासमल करते हुये क्षिणि दशिा की ओर चलते हुये राजकीय बासलका स्कू ल के पा ि श्रीचं ि जागगड़ के मकान को शासमल करते हुए ओमप्रकाश के मकान तक। | 357 |
| 20. | हनीफ खोखर के मकान ेि पूवा दशिा की ओर चलते हुये करनी संिह के मकान को शासमल करते हुये गजेन्द्द्र संिह के मकान को शासमल करते हुये उत्तर दशिा की ओर चलते हुये जमील गौरी के मकान को शासमल करते हुये लिीम क े मकान को शासमल करते हुये कब्रस्तिान के पा िपा िउत्तर दशिा की ओर चलते हुये जाखल ीिमा तक।जाखल ीिमा ेि पप्चचम दशिा की ओर चलते ह ुये राजकीय हायर ैिकण्डरी स्कू ल को शासमल करते हुये कब्रस्तिान के कोने को शासमल करते हुये ईमरान के मकान को शासमल करते हुये हनीफ खोखर क े मकान तक। | 341 |