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Rajasthan Extraordinary Gazette · Government of Rajasthan

Rajasthan Extraordinary Gazette, Part Part 6 (A), 16 September 2025

Published 16 September 2025

Department
Local Self Government
Type
Extraordinary
Part
Part 6 (A)
Notification no.
NIL
Category
Statutory Notification
Document Type
Statutory Notification /Order
Subdepartment
Directorate of local bodies
Identifier
in.gazette.rajasthan_extraordinary.2025-09-16.5111729
Languages
English, Hindi

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राजस्‍थान राजपत्र वशिेष ांक RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary
स धकि र प्रक शशत Published by Authority
भाद्र 25, मंगलवार, शाके 1947- सतिम बर 16, 2025 Bhadra 25, Tuesday, Saka 1947- September 16, 2025

भाग 6 (क)

नगरपासलकाओं ंिबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि

स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर

अधसिूचना

जयपुर,्‍सतिम््‍र्ब‍1 ,्‍2125

्‍्‍्‍ंिख््‍या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/19021 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर उदयपुर द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा कानोड हेतु वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वाडा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।

यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।

र ज्यप ल की आज्ञ से,

जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,

ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि

नगर प शलक क नोड क सीम वरििण प्रपत्र-क षिष-2025

र्वाड्‍ंि. ीिमांकन्‍का्‍वववरण जनंिख्या
ब ि स्टेण्ड/तुराब अली की ुिकान ेि प्रारमभ होकर समठालाल चौधरी की ुिकानो को लेते हुये स्व भेरूलाल वे िव अमबालाल ढोली के मकान तक वहा ि े पूवव मे चलकर कोटव जेल स्वास््य के द्र को लेते हुए रोड के बायी ओर का भाग की कॉलोनी की गसलयो को षासमल करते हुये मषान (चौधरी खटीक) तक वहा ेि दषिा पप्चचम मे चल कर खाककयो के ािथ को षासमल करते हुये रामेिव चौराहा तक वहा ेि दषिा पूवव मे चलकर गणेष सहि के मकान तक वहा ेि मकानो व गसलयो ुिकानो को लेते हुये हररजन बस्ती को षासमल करते ह ुये तुलीि अमृत गेट श्री भगवती लाल मेनाररया के ुिकान तक वहा ेि दषिा उत्तर मे चल कर तुराब अली की ुिकान का बीच का क्षैत्र।
ब ि स्टेण्ड ािववजननक धमवषाला ेि तुलीि अमृत रिवाजा ेि प्रारमभ होकर
दषिा पप्चचम मे चल कर पुनमचन् िखटीक के मकान को लेते हुये गलीयो एवं ुिकानो को लेते हूये तुलीि अमृत ववद्यालय को लेते हुये ननगडीया बावजी तक वहा ेि उकांर सहि के मकान को लेते हुये नगारपासलका राजस्व ीिमा के हिारे हिारे चल कर करूमडीया को षासमल करते नन्ुि की होटल वाले मकान को लेते हुये तुलीि अमृतके क्षिक्षण की और के भाग को लेते हुये मनोज कोठारी टायर वाली गली के बाये भाग को लेते हुये टीवी ए िषौरूम तक वहा ि े दषिा उत्तर मे चल कर मनि लाल जी कि के मकान को लेते हुये मनोज कोठारी के व ािववजननक धमवषाला के बीच का क्षैत्र।
श्री ओम जी व्या िके मकान ेि प्रारमभ होकर दषिा पप्चचम मे चल कर टावर वाली गली के बाये भाग को चषासमल करते हुये तुलीि अमृत ववद्यालय के पा िवाली गली के बायी और को षासमल करते हुये भट्टा वाले घरो को षासमल करते हुये तलावा के मिस्त भाग को षासमल करते हुये कण्डेला तालाब को ल ेते हुये वाुिेिव मन्ािवत के मकान तक वहा ेि आकोला रोड क्रो िकर राम सहि के मकान को लेते हुये रमेष चन्द्र पप्ण्डया के मकान तक वहा ेि श्री ओम जी व्या िके बीच का क्षैत्र।
लक्ष्मीलाल चौधरी के मकान ेि प्रारमभ होकर खटीकों की गली के बायी और मोहनलाल खटीक के मकान को लेते हुए बालु खटीक के मकान को लेते हुये चन्द्र शेखर के मकान तक वहा ेि प्रताप बावडी रोड क्रो ि कर गोपाल सहि चौहान के मकान वहा ेि क्षिक्षण में कन्या ववद्यालय नगरपासलका ािमुािनयक शौचालय को लेते हुए ब्रमहपुरी उयिपुर ननमच रोड़ पुचकर जोषी शमभु प्राि ि मकान ुिकान को लेते हुये दषिा पुवव में चल कर गलीयों मकानों को लेते हुयें मांगीलाल मोीि के मकान तक वहा ेि पुवव में चल कर गलीयों को लेते हुये बंषीलाल पुरांदहत के मकान तक वहा ेि उत्तर में चल कर चौहानों के मकानों को लेते हुए गाछों की घाटी का पप्चचमी भाग मनि व्या िके मकान को लेते ह ुये पुनः भैरूसहि गहलोत के क्षिक्षण कोने की गली कोने के बीच का क्षैत्र ।
ब्रामहणों के मप्न्रि ेि दषिा पप्चचम में चल कर ाियी और के मकानों ुिकानों गलीयों को लेते हुये ब्रामहणों के नोहरे तक वहा ेि उयिपुर धररयाव ि रोड़ क े षवलाल के मकान को लेते हुये दषिा क्षिक्षण में चल कर कालु ाि ि के मकान ककषन ाि िके मकान को लेते हुये नरेन्द्र पुरोदहत की ुिकानों तक वहा ि े उत्तर में लच कर मंषा लाल के मकान को लेते हुये रोड क्रो िकर महाेिव मप्न्रि केि लेते हुये ेिव भवन तक वहा ेि उत्तर में चल कर बायी और के मकानों को लेते हुये बंषीलाल व्या िके मकान तक वहा ेि ब्रामहणों की गली क े ािये बाये भाग को शासमल करते हुये पुनः ब्रामहणों के मप्न्रि के बीच का क्षैत्र।
बाबेलो का चौक इन्रिमल स्वणवकार के मकान ेि प्रारमभ होकर पुवव मे चल कर गली मे चौथमल गधीया के मकान को लेते हुये ेिवी लाल भाणावत के मकान तक वहा ेि धीगो की धाटी के ािये भाग को षासमल करते हुये नाथु

भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिमबर 16, 2025 1815

लाल गोबरचन् ि तेली के मकान तक वहा ेि क्षिक्षण मे चल कर भैरू लाल महात्मा के मकान को षासमल करते हुये माणा भोई के मकान तक वहा ेि पप्चचम मे चल कर गभ्भा जी मेघवाल के मकान को षासमल करते हुये पीछे गलीयो को षासमल करते हुये हरिाज मेघवाल के मकान तक वहा ेि मेघवालो क े मप्न्रि के ािये बाये भाग को षासमल करते हुये पुवव की और उयिपूर धररयाव ि रोड तक वहा ेि पप्चचम मे चल कर बंषीलाल कु महार हीरो षोरूम कन्ना मेधवाल तक वहा ेि उत्तर मे चल कर ाियी और के भाग को षासमल करते हुये ेिव त्ति व्या िके मकान को लेते हुये काप्न्त लाल चक्की वाले की ुिकान तक वहा ेि पुवव मे चल कर बाबेलो की पोर को षासमल करते हुये पुनः इन्रिमल स्वणवकार के मकान का बबच का क्षैत्र।
ब्रमहपुरी आकोला चोराहा नृसहि बादटका ेि प्रारमभ होकर दषिा क्षिक्षण मे चल कर रास्ते पुवी भाग कृ वषव भूसम को षासमल करते हुये आगे मोहन ाि िवैचणव को षासमल करते हुये बुटी वली तक चौराहा तक वहा ेि पूवव मे चलकर गापालपुरा एनीकट के घरो को षासमल करते हुये जलेबी रोड तक वहा ेि उत्तर मे चल कर गोपालपुरा आडा वेला के भिी मकान फलो को षासमल करते हुये नन् ि लाल चुन्नी लाल मीणा वाडव 08 के मकान को लेते हुये लवारीिया वेरा वहा ेि उत्तर मे चल कर लवारीिया षमषान को षासमल करते ह ुये षंकर लौहार की ुिकान तक वहा ेि पप्चचम मे चल कर गोववन् िकांठा के मकान को लेते हुये खाखल ेिव मप्न्रि वाली गली षासमल करते हुये षाप्न्त लाल नन्ािवत के मकान को लेते हुये जगन्नाथ रेगर के स्टाक को षासमल करते हुये पानी की नई टंकी के रोड को लेते हुये लक्ष्मी कान्त की डेयरी के नये मकान को षासमल करते हुये पुनः आकोला चोराहा के बीच का क्षैत्र।
श्री भवर लाल अग्रवाल के मकान ेि प्रारमभ होकर दषिा क्षिक्षण मे चल कर बायी और के मकान ुिकान गलीयो को लेते हुए ुिन्रि लाल रातडडया के मकान ुिभाष राका के मकान को लेते हुए रतन लाल अलावत की ुिकान तक ंये गली वहा ेि रोड क्रो िकर ािमने रतन लाल जी षमाव के मकान को लेते हु कानवर कालु लाल महात्मा के मकान को लेते हुये उकार भोई के मकान को ल ेते हुये पी डब्लयू की रोड तक वहा ेि दषिा पुवव मे चल कर बायी और के भाग को लेते हुये गागु तेली को लेते हुये प्जतमल लौहार के मकान तक वहा ि े दगिववजय सहि जी के बाग के पूवी दविार के हिारे नगापासलका के षौचालय तक वहा ेि पप्चचम मे मुड कर पतुर माघ्यसमक ववद्यालय के ािये बाये भाग को षासमल करते हुए पुनः भवर लाल अग्रवाल के मकानके बबच का क्षैत्र।
माधव वादटका ेि प्रारमभ होकर लवारीिया षमषान रास्ते गोपाल पुरोदहत के मकान को लेते हुये ािवतो के फला को षासमल करते हुये नगरपासलका राजस्व ीिमा के हिारे गोडा खेडा ीिमा तक वहा ेि उत्तर मे चल कर गायररयो की महूडी को षासमल करते हुये राजस्व ीिमा को लेते हुये उयिपुर ननमच रोड
क्रो ि कर के रिपुरा को लेते हूये मोग्यो की ढाणी को षासमल करते हूये पुनः पप्चचम मे चल कर नगरपासलका राजस्व ीिमा के हिारे हिारे जोषीला तालाब की पुवी ीिमा के हिारे हिारे चल कर हनूमान मप्न्रि को षासमल करते हुये ुिरजपोल ववद्यालय तक वहा ेि रोड क्रो ि कर उयिपुर धररयाव ि रोड भगवती लाल पूरोदहत व ूिरजपोल के बाहरी क्षैत्र को षासमल करते हुये पूनः माधव वादटका के बबच का क्षैत्र।
रावले के मुख्य द्वार ेि प्रारमभ होकर दषिा पप्चचम मे चल कर उ‐मा‐वव‐ को लेते हुये दषिा पप्चचम मे चल कर लक्ष्मीलाल मेहता के मकान को लेते ह ुये जारोसलयो के पोर के ािमने गली म ेेचल कर बायी और के भाग को लेते हुये दहरा लाल राजावत के मकानो को लेते हुये बाबेलो हे पोर के ािमने रोड पुवव मे मुड कर गगरधारी सहि के मकान तक वहा ेि पुवव मे चल कर अकबर खा के मकान को लेते हुये दषिा उत्तर म ेेचल कर मानमल मेहता क े मकान तक वहा ेि आगे चल कर मथुरा लाल जोषी के मकान को लेते हुये गणेष घाटी के बायी और मकान ुिकान गलीयो को षासमल करते हुये श्रीमासलयो की गली को लेते हुये गाधी चौक ुिन्रिलाल धीग की ुिकान तक वहा ेि दषिा क्षिक्षण मे चल कर गोपाल मप्न्रि रावले के मुख्य द्वार के बीच का क्षैत्र।
र ेगरो के मप्न्रि ेि प्रारमभ होकर दषिा क्षिक्षण मे चलकर मप्न्रि के पा ि माता जी की गली के ािये बाये भाग को लेते हुये श्री मंुिर फकीर के मकान तक वहा ेि क्षिक्षण मे चलकर श्री रतन सहि राव षंकर लाल ोिनी के मकानो को षासमल करते हुए रास्ता क्रो ि कर ुिथारो का मप्न्रि पोखरो का मप्न्रि एव गोपाल ाि िलुलीिाि िके मकानो को लेते हुए रास्ता क्रो िकर श्री कालु लाल दटमबरूया के मकान तक वहा ेि तालाब पर जाने के रास्ते के ािये बाये भाग को लेते हुए श्री खेमराज ुिथार के मकान लेते हुए दषिा क्षिक्षण मे दगिमबर जैन मप्न्रि को लेते हुए श्री मागी लाल कामररया के मकान तक वहा ि े दषिा पूवव मे चलकर लक्ष्मीनारायण ुिभार की फै क्री को लेते हुए श्री डालचन् िुिथार के मकान तक वहा ेि उत्तर मे गुडकर जनानी बाडे को लेते ह ुए तालाब के हिारे हिारे चलकर लक्षकार के मकानो को षासमल करते हुए श्री ुिख लाल रेगर के मकान तक ेि दषिा उत्तर मे चलकर रेगरो की बडी गली के ाियी बाये भाग को षासमल करते हूए तालाब के ककनारे ककनारे जलािय के कु ए तक वहा ेि दषिा क्षिक्षण मे चलकर बायी ओर की कृ वष भूसम मकानो को षासमल करते हुये रेगरो के रिवाजे तक वहा ेि रेगरो की गली के ािये बाये भाग को षासमल करते हुय भगवान लाल रेगर के मकान तक वहा ेि दषिा क्षिक्षण मे चलकर नन् िलाल रेगर के मकान को करते हुए पुनः रेगरो क े मप्न्रि का बीच का क्षैत्र।
श्री वषवनारायण ोिनी की ुिकान ेि प्रारमभ होकर दषिा क्षिक्षण मे चलकर बायी ओर के मकानो ुिकानो गासलयो को षासमल करते हुए गाधी चौक मे श्री

भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिमबर 16, 2025 1817

इन्रिमल स्वणवकार की ुिकान तक वहा ेि दषिा पूवव मे चलकर बायी ओर के मकानो ुिकानो को षासमल करते हुए मागी लाल पोखरणा की ुिकान तक वहा ि े तागा गली के ािये बाये भाग को लेते हुए उयिलाल ोिनी की ुिकान तक वहा ेि पूवव मे मुडकर अमबालाल स्वणवकार की ुिकान को लेते हुए गणेषघाटी क े ािये भाग को षासमल करते हुए राजपूतो की पोल तक वहा ेि दषिा उत्तर म े मुडकर श्री पूरणाि िभगवानाि िजगीिप सहि राव के मकान मप्जज िको षासमल करते हुए श्री तेजसहि राव की ुिकान तक वहा ेि दषिा पप्चचम मे चलकर अकबर षाह के मकान को षासमल करते हुए रास्ता क्रो ि कर दषिा उत्तर गली मे (नायब तहीिल) वाली गली के बाये भाग को षासमल करते हुए चुन्नीलाल मेघवाल के मकान तक वहा ेि दषिा पप्चचम मे खटीको की गली बाये भाग को षासमल करते हुए भैरूलाल ािलवी की ुिकान तक वहा ेि रास्ता क्रो िकर भ्ैिरू लाल चौधरी के मकान ेि दषिा पप्चचम मे चलकर बायी और क े भाग को षासमल करते हुए पूनः वषवनारायण ोिनी के बबच का क्षैत्र।
हीरालाल जोरोली की ुिकान ेि प्रारमभ होकर दषिा उत्तर में चलकर मकानों ुिकानों को लेते हुए बालु लाल भाणावत के मकान तक वहां ेि गसलयों व ुिकानों को लेते हुए वषवनारायण ोिनी की ुिकान तक वहां ेि नाईयों की गली क े ािंये बांये भाग को लेते हुए जगीिष तंतकार वहां ेि वरीिचन् िचौधरी के मकान को लेते हुए राजपुतों के मप्न्रि तक वहां ेि क्षिक्षण में चलकर गांछो की गाटी के बांये भाग को लेते हुए नाना लाल वपतसलयां के मकान जारोसलयों की पोल रोषन भावािर के मकान को लेते हुए चन्द्र शेखर शमाव के मकान को ल ेते हुए छगन लाल ोिनी के मकान तक वहां ेि पुवव में चलकर वषवनारायण चौबीाि के मकान को लेते हुए पार िमेहता के मकान तक वहां ेि उत्तर में चलकर बडा मप्न्रि को लेते हुए पुनः दहरा लाल जारोली की ुिकान के बीच का क्षैत्र ।
श्री भेरू सहि गहलोत के मकान ेि प्रारमभ होकर दषिा उत्तर मे चल कर बाय और के मकानो की गलीयो को लेते हुये नछपो के मप्न्रि तक वहा ेि आगे चल कर अन्रि वाह रिवाजे के पप्चचमी भाग को लेते हुये पप्चचम मे मुड कर राजपुतो के नोहरो को लेते हुये दषिा क्षिक्षण मे मुड कर दनिेष जैन के मकान को राघेचयाम सहि गहलोत नरेन्द्र मोरवनीया को षासमल करते हुये प्रताप बावडी रोड क्रो िकर ािमने ककषन लाल छ ंपा व जिी के मकान को लेते हुये रमेष षमाव गुलाबसहि चौहान ुिलभ षौचालय तक वहा ेि पप्चचम मे चल कर ताजमोहमम िके मकान तक वहा ेि उयिपुर धररयाव िरोड के पुवी भाग के मकान ुिकानो को लेते हुये ुिभाष कॉलोनी को षासमल करते हुये श्री लक्ष्मी कान्त जी के मकान तक वहा ेि उत्तर मे चल कर मनोहर लाल छ ंपा के मकान को लेते हुये नारायण लाल जी कमपाउण्डर के मकान को लेते हुये मोहन कु मार के मकान को लेते हुये धमवनारायण जोषी के मकान को लेते हुये पीछे की गली को षासमल करते हुये ककषन लाल छ ंपा के मकान तक वहा ेि
रोड क्रो ि कर खटीको की गली के बाये भाग को षासमल करते हुये लखमा खटीक के मकान को लेते हुये लखमा खटीक के मकान को लेते हुये पुनः भैरू सहि गहलोत के मकान के बीच का क्षैत्र।
श्री जगीिष जीनगंर के मकान ेि षुरू होकर पटवार मण्डल को लेते हूये ीिकली घरो की गली को षासमल करते हुये बन्तिी लाल छ पा की ुिकान ेि बाय भाग को षसमल करते हुये बोहरा मप्स्ज ि तक वहा ेि रोड क्रो ि करचषकरलाल ािलवी के मकान को लेते हुये बोहरा जमात खाने ेि षाप्न्त लाल भाणावत की ुिकान तक वहा ेि क्षिक्षण मे चल कर बायी और भाग के मकानो को षीतला माता कु ण्ड की गलीयो को षासमल करते हुये भागचन् िकी ुिकान को षासमल कर वहा ेि दषिा उत्तर मे चल कर गली मे चल कर बायी और के भाग को षासमल करते हुये गणेष खटीक के मकान तक वहा ेि रास्ता क्रो ि कर उप तहीिल वाली गली के बायी और के भाग को षासमल करते हुये दषिा उत्तर मे चल कर श्री ुियववीर सहि राव के तलाट तक वहा ेि दषिा पूवव म े चल कर बायी और के भाग को षासमल करते हुये मागी लाल रेगर के मकान ेि रेगर बस्ती कबुतर खाने को लेते बोहरा कब्रीस्तान को प्मिमसलत करते हूये गोरीषकर मेधवाल के मकान तक वहा ेि बाय भाग को लेते हूये ािउ ि चक्की वाले धर को लेते हूये तादहर अली बोहरा के मकान को प्मिमसलत करते ुिखलाल खटीक के मकान ेि होते हूये कालू लाल खटीक के मकान तक।
श्री भंवरलाल तमबोली के मकान ेि प्रारमभ होकर दषिा क्षिक्षण मे चलकर रूपलाल जैन की ुिकान तक वहा ेि रोड क्रो ि कर पन्ना लाल जीनगर की ुिकान को लेते हुये करण्रसहि कोठारी के मकान तक वहा ेि दषिा उत्तर मे चलकर अननल गौरी के मकान को लेते हुये ुिलभषौचालय के रास्ता क्रो िकर अब्ूिल हमी िके मकान को लेते हुये ािदहने भाग के भिी मकानो को लेते हूये चा ि बाई के मकान को प्मिमसलत करते दषिा पप्चचम मे मुडकर भागचन् ि खटीक के मकान को लेते हूये रोडी लाल चौधरी के मकान तक वहा ेि पुनः पुवव दषिा मुडकर कमलतालाब रास्ता क्रां िकर मुस्ताक अहम िके मकान को ल ेते हुये समटटु लाल धोबी के मकान को प्मिमसलत करते हुये कोनवर पर गोववन् िखटीक के धर तक वहा ेि रिािर खान जी के मकान को लेते हुये पुनः भवरलाल तमबोली के मकान तक।
श्री बन्तिी लाल चौधरी की ुिकान ेि प्रारमभ होकर दषिा उत्तर मे चलकर बायी ओर के मकानो ुिकानो को षासमल करते हुए श्री दहरा लाल धोबी के मकान तक वहा ेि दषिा पप्चचम मे चलकर बायी ओर के भाग को षासमल करते हुए किो की गली के ाियें-बायें भाग को षासमल करते हुए श्री डालचन् ि मोरवननया के मकान तक खाखल ेिव जी का ेिवरा एवं हमेर लाल हरकावत नरेन्द्र सहि के मकानो को षासमल करते हुए ब ि स्टेण्ड चुगीं नाका (पुसल ि चौकी) तक यहां ेि पार िधींग की ुिकान तक वहा ेि क्षिक्षण में मे चलकर

भाग 6 (क) राजस्थान राज-पत्र, सतिमबर 16, 2025 1819

वपपली वाले बावजी वपन्टु तेली पृ्वीराज ुिथार तक वहा ेि उत्तर मे चलकर कॉनवर तक वहा ेि रोड क्रो िकर बंषी सहि के मकान तक वहा ेि रोड क्रो ि कर रामचन्द्र लक्ष्यकार के ुिकान विाई लाल जी बालु जी ुिथार के मकान को ल ेते हुये मोहन लाल जी छ पा मनोर जी पटवारी ववनो िजी चौबीाि के मकान तक वहा ेि उत्तर मे चल कर श्री मनि सहि जी गहलोत के मकान को लेते ह ुये महावीर जी कि के मकान तक वहा ेि रोड क्रो िकर बन्तिी लाल चौधरी क े मकान का बबच का क्षैत्र।
श्री पुनमचन् ि धींग के मकान ेि प्रारमभ होकर दषिा उत्तर मे चलकर बायी ओर को षासमल करते हुये कोटव चौराया षब्बीर हुैिन बोहरा की ुिकान तक वहा ेि गली मे क्षिक्षण दषिा मे चल कर बायी ओर के भाग को लेते हुए श्री कफरोज खॉ के मकान को लेते हुए श्री बाबुलाल धींग के मकान तक वहा ेि रास्ता क्रो िकर श्री मोहन लाल जारोली के मकान ेि उत्तर मे चलकर ेिन्रल बैक ऑफ इप्ण्डया वहा ेि रमेष बाबेल की ुिकान तक वहा ेि वेोि की गली व ािये-बाये भाग को षासमल करते हुये ुिरजमल मारू व अन्य मकान को षासमल करते हुए श्री पृ्वीराज तमबोली के मकान को षासमल करते हुये स्वः राम लाल तेली के मकान को लेते हुये ब िस्टेण्ड के पूवव भाग को लेते ऋषभ जैन की ुिकान तक वहा ेि पूवव मे चलकर बायी ओर के भाग को लेते हंए दहरा लाल तमबोली के मकान ुिकान तक वही ेि पुनः पूनम चन् ि धींग के मकान तक।
स्व. धुलचन् िगाछा के मकन ेि प्रारमभ होकर उत्तर में चलकर स्व. घीुिलाल धोबी व गरीब खा वहा ेि कमल काकर रोड़ के पुवव भाग को शासमल करते हुए नगरपासलका ीिमा कमल तालाब को लेते हुए राजपुरा रोड के हिारे पुवव में कमल तालाब को लेते हुए राजपुरा के पा ि तक वहा ेि उत्तर में चलकर कमल वाला तालाब की पाल को शासमल करते हुए मामा ेिव तक वहा ेि पप्चचम में चलकर नाथो के मप्न्रि को लेते हुए उयिलाल ािलवी के मकान तक वहा ेि ािलववयों के मप्न्रि के पा िचौराया ेि रोड़ क्रो िकर मुननर खा क े मकान को लेते हुए रामचन्द्र खटीक मुस्ताक खा के मकान तक वहा ेि रोड़ क्रो ि कर भागचन् ि खटीक के मकान को लेते हुये कालुलाल कु महार व क ु महारों के मोहल्ले को लेते हुये तयारचन् ि भाट के घर तक वहा ेि पुनः धुलचन् िगाछा के मकान का बबच का क्षैत्र।
नगरपासलका कायावलय ेि प्रारमभ होकर पुवव में चलकर कांजी के मकान व शंकरसहि के मकान को शासमल करते हुए कमल काकर तक वहा ेि कमल तालाब की ीिमा के हिारे चलकर नगरपासलका राजस्व ीिमा के हिारे गै ि गौािम तक वहा ेि उत्तर में चलकर आजा िखॉ के मकान को लेते हुए रोड- रोड तहीिल कायावलय तक वहा ेि रोड़-रोड हिकारीय भवन तक वहा ेि रोड़ क्रो िकर होमाखारी रोड पषु गचककत्ािलय लेते हुये आगे गब्बा की भागल के रास्ते चल कर गब्बा जी की भागल को लेते हुये नई बावडी को शासमल करते
ह ुये नगरपासलका राजस्व ीिमा के हिारे हिारे जय जवान जय ककािन प ेरोसलयम तक वहा ेि दषिा क्षिक्षण में चल कर उयिपुर धररयाव ि रोड़ के पप्चचम भाग को लेते हुये हनुमान मप्न्रि तक वहा ेि कबब्रस्तान को लेते हुये रोड क्रो ि कर ोिलतराम हररजन के मकान को लेते हुये माणक चन् ि जी ुिथार के मकान तक वहा ेि आगे चलकर रोड़ के पुवी भाग को लेते हुये भारत मेडडकल स्टोंर तक वहा ेि आगे चलकर ख्याली लाल बाबेल महावीर कॉलोनी को शासमल करते हुये टॉककज तक वहा ेि नगरपासलका के बीच का क्षैत्र ।

राज््‍य्‍कन ्‍्‍रीय्‍मुरणाजयप्‍जयपुर।

Cite this issue. Rajasthan Extraordinary Gazette, Government of Rajasthan, 16 September 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.rajasthan_extraordinary.2025-09-16.5111729/. Archive identifier in.gazette.rajasthan_extraordinary.2025-09-16.5111729.