| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 25, मंगलवार, शाके 1947- सतिम बर 16, 2025 Bhadra 25, Tuesday, Saka 1947- September 16, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासलकाओं ंिबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125
्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/18621 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात
ंदी द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा नैनवा प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर बू
हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
| र्वाड न. | र्वाड्की्ीिमा्का्वववरण | जनँिख्या |
| 1 | टोडापोल पुराने अस्पताल ेि बांयी और शासमल कर गगररराज माली घां िभैरु ईमाम चोक को ाियी और छोडकर अयूब बबाियती तमोसलयो की हताई राके श कमपाउण्डर के मकान को बांयी और शासमल कर, ीिपक मेडडकल, औकार संिह क े मकान, लिीम की चक्की व शंकर वैरागी कै मकान को ाियी और छोडते ह ुये यहााँ ेि उत्तर की ओर मुडकर कोट को लांघते हुये नवल ािगर तालाब मे होते हुये लिावटो के कु एं व गौशाला को शासमल करते हुये, मनि लाल भावपुरा फीटर को ािंयी और छोडकर नगर रोड तक की बांयी और चलकर जाटों का झोंपडें, बरडा के बालाजी, मोग्या बस्ती भोलाई बड व लबानीयां का क ु आं, कोटवालो का कु आं को बांयी और शासमल कर ुिवानीया रोड, हणतपुरा की नगरीय आबाीि व जमाािर के कु ऐ को शासमल करते हुये चोथमाता मप्दरि को ाियी और छोडते हुये परकोटे की खाई को बांयी और शासमल कर कोट के | 825 |
| हिारे हिारे चलकर चतुभभज यावि के मकान को बायी और शासमल कर टोडापोल रिवाजे मे घुतिे हुये मिस्त आबाीि को शासमल करते हुये टोडापोल अस्पताल पर मिातत। | ||
| 2 | राजघाट बारी ेि प्रारमभ होकर नवल ािगर तालाब में होते हुए लाबननया का क ु आ ब्रजनाथ शमाभ के कु ए को बायीं और शासमल करते हुए लाबननया का कु ए को ाियी और छोडते हुये जवाणो के झोपडे टेक वालो का झोपडे, लाखडो का झोपडे का बांयी और शासमल करते हुए जजावर रोड ककशन बबहारी के कु ए को ािंयी और छोडते हुये प्रेम जी बोहरा के कु ए के बांयी और शासमल कर तालाब की पाल पर चलते हुए महाेिव, माताजी मप्दरि को शासमल करते हुये, बालाजी मप्दरि के बांयी और मुडकर पूवभ की और खाई के हिारे चलते हुये, स्कू ल को बांयी और शासमल कर भंवरलाल माली के मकान, ीिपक खाती के मकान को ािये छोडते हुए बांये और मुडकर कमल कु मार खाती के मकान को शासमल करते हुये आगे चलकर ेिवजी मप्दरि, गणेश शमाभ के मकान को छोडते हुये उतर की और चलकर जगीिश टेलर, ग्यारीि लाल के मकान को बाये और शासमल कर बांयी और मुडकर पप्चचम की ओर ुिरेश भाट के मकान को शासमल कर रामचरण हररजन, ेिवीलाल ढोली के मकान को शासमल कर आशिभ ववघा मप्दरि को ािये छोडते हुये राजघाट बारी तक बांयी और की मिपूणभ आबाीि को शासमल करते हुये मिातत ककया। | 807 |
| 3 | गाडी खाना की गली भंवरलाल लीलगर के मकान ेि प्रारमभ होकर पप्चचम की और जगदनाथ धाकड, लक्ष्मण बैरागी के मकान को ािंयी और छोडते हुये ंितोश संिह, शमभू जोशी के मकान को बांयी और शासमल कर कवरलाल बाबर, हररनारायण शमाभ, गणेश कु महार के मकान को ािंयी और छोडते हुए रामस्वरूप राव, जगीिश कु महार के मकान को बांयी और शासमल कर ुिवालाल कु महार राजघाट बालाजी को ािंयी और छोडते हुए पुरषोंतम कु महार गफार मंूिरी, छोटू जाट के मकान को बांयी और शासमल कर रामचरण हररजन, ेिवीलाल ढोली के मकान को ािंयी ओर छोडते हुए रोड क्रा ि करते ह ुए क्षिणि की और लक्ष्मण संिह, ंिग्राम संिह के मकान को बांयी और शासमल कर पोखर माली, सशवराज संिह के मकान को ाियी और छोडते हुये उतर की ओर मुडकर ुिरेश भाट के मकान को ाियें छोडते हुये बाबू हलवाई को शासमल कर पूवी की और चलकर मिस्त बांयी आबाीि को शासमल कर ग्यारीिलाल के मकान को ािये छोडते हुए ताराचद िािहू को बांये शासमल कर उतरी और चलकर गणेश मप्दरि (लोहडी चोटटी) को ािंये छोडते हुये ीिधे बाजार में चलकर भंवरलाल लीलघर तक की मिस्त बांयी ओर की आबाीि को शासमल करतें हुऐं मिातत ककया। | 820 |
| 4 | चोथमाता ेि प्रारमभ होकर क्षिणिी और कोट-कोट चलते हुये रामद्वारा को शासमल कर यहां ेि क्षिणि की ओर घुमाकर कोट कोट चलकर राजघाट बारी तक यहां ेि पूवी ओर घूमकर ुिवालाल कु महार नदलिाल कु महार के मकान | 1086 |
| को बांयी ओर शासमल करते हुये तथा पुरषोंतम कु महार व माधो कु महार के मकान को ािंये ओर छोडकर यहां ेि उतरी ओर मुडकर रास्ते रास्ते चलकर हररनारायण शमाभ यि ि बुनया ि अली के मकान तक आंयी ओर की आबाीि को शासमल कर यहां ेि रोड काा् ि कर गाडी खाना गली में पूवी ओर चलते ह ुये रामेिव कु महार के मकान तक बांयी शासमल कर गाडी खाना गली में चलते हुये गोववद िेिवली मप्दरि व जगदनाथ नागर के मकान तक की बांयी आबाीि को शासमल कर गौतम जी के मप्दरि कै लाशचद िटेलर के मकान को ािंयी ओर छोडकर उतरी ओर मुडकर के शवराय मप्दरि को शासमल कर आगे आगे बाजार बाजार चलकर लिीचं ि लखारा की ुिकान तक मिस्त बांयी आबाीि शासमल कर बाजार बाजार चलते हुये कालिी बालो के मकान तक की बांयी आबाीि शासमल कर यहां ेि पप्चचम की ओर मुडकर कालू जी मारवाडा, ववमल जी मारवाडा ुिरेश मारवाडा व गोववद ि जी नागर के मकान तक की बायी और आबाीि को शासमल करते हुये तथा ािंयी और मालेिव मंदरि, महावीर पाटोीि व कपूर चद िमारवाडा एवं नाथूलाल मारवाडा के मकानो को ािंयी ओर छोडते हुये रोड क्रा ि कर गोपीलाल माली व ुिखेिव जाट, छोटी मप्स्ज,ि ककशन गोपाल नाई के मकान को बांयी और की आबाीि को शासमल करते हुये ोिकत व मुदना सपिाही के मकान को ािंयी और छोडते हुये यहां ेि आगे चलकर हररशकर महावर, माधोलाल महावर व नदलिाल महावर तथा गोकू ल चद िमहावर के मकानो तक की मिस्त बांयी और आबाीि को शासमल कर क्षिणिी और कोट-काट चलकर चोथमाता मंदरि तक की मिस्त बांयी आबाीि को शासमल कर मिातत। | ||
| 5 | टोडापोल रिवाजे ेि प्रारमभ होकर गगररराज ेिनी के मकान ेि क्षिणिी और परकोटे पर चलते हुये गोकू ल चद िमहावर के मकान को ािये छोडकर यहां ेि रोड क्रा िकर उतरी पूवी और गोबरी लाल खटीक के मकान व नद िककशोर खटीक के मकान को बांयी और लेते हुये तथा कोसलयो का कु आं बाबूलाल अध्यापक, हररशंकर महावर के मकान को ाियें छोडते हुये उतरी पूवी और मुडकर मुदना मोहमम िसपिाही, ईशाक मोहमम,ि शोकत अली के मकान तक बांयी आबाीि को शासमल कर तथा छोटी मप्स्ज ि को ािंयी और छोडते हुये तथा यहां ेि रोड क्रा िकर क्षिणिी और बाये नाथूलाल मारवाडा के मकान को शासमल कर गोपी माली के मकान को ािंयी और छोडते हुये पूवी और गली में मुडकर महावीर मारवाडा के मकान तक बांयी आबाीि शासमल कर ािंयी ओर गोववद िनागर, ुिरेश मारवाडा व कपूर चद िमारवाडा के मकान को छोडते हुये यहां ेि उतरी और मुडकर महावीर चोधरी, घनचयाम गुजभर गीता बाई तेली अयुब खान बबाियती, कल्याण गुजभर के मकान को बाये शासमल कर यहां ेि पप्चचमी और मुडकर आगे रास्ते रास्ते चलते हुये गगररराज ेिनी के मकान तक बांयी आबाीि शासमल मिातत। | 1056 |
| बानो बेगम की चक्की ेि प्रारमभ होकर क्षिणिी और चलते हुये जलालू ू़ | द्दीन व 1015 | |
| 6 | खाना अहीर के मकानो तक बांयी आबाीि शासमल करते हुये तथा शमशुद्दीन व गीता ेिवी के मकान को ािये छोडकर आगे रास्ते रास्ते चलकर कपूरचं िजैन मारवाडा के मकान तक की बांयी आबाीि शासमल करते हुये मांगीलाल रेदजर क े मकान को ािये छोडते हुये यहां ेि पूवी और मुडकर रतनलाल मारवाडा, महावीर पाटोीि आगे मालेिवजी मंदरि को बायें शासमल कर तथा कालू लाल मारवाडा व शानतलाल कालिीवाल के मकान को ािये छोडते हुये यहां ेि रोड क्रा ि कर जैन चैताले को ाियें छोडते हुये ोिहन जी मोडडका के मकान को शासमल करते हुये डिक-डिक चलकर बशीर मोहमम ि व हमता कु एं व ेिई वालो की ुिकान व मकान को बांयी और शासमल कर भैरूजी मंदरि व ेिईवालो क े मकान, बशीर मोहमम,ि ताज रेडडमेट ुिकान को ािंयी और छोडते हुये महावीर शमाभ व जुममा लीलघर के मकान को बांयी और शासमल कर हररराज संिह,जगीिश तहीिलािर व पमि मोडडका के मकान को ािंयी और छोडते हुये प्रताप संिह नाथूलाल मास्टर ोिहन जी मोडडका, ीिपक मेडडकल को बांयी और शासमल कर रज्जाक व अयूब की ुिकानो को ािंयी और छोडते हुये बाबू भाई क े मकान को बायी और शासमल कर बानो की चक्की तक मिातत। | |
| 7 | जैन चैताले ेि प्रारमभ होकर क्षिणिी और आम बाजार चलते हुये चार भुजा मंदरि को शासमल करते हुये तथा छोटू लाल जैन मोडडका के मकान को ाियी छोडते हुये आगे रोड-रोड चलकर कल्याण जी जिी की ुिकान तक की बांयी आबाीि को शासमल करतें हुये तथा ववमल जी मारवाडा की ुिकान को ािंयी छोडकर यहां ेि पूवी और मुडकर नाथूलाल हलवाई, जानकीराय जी के मंदरि तक की आबाीि को शासमल कर तथा तेंसलया के नोहरे व पुरूषोतम ोिनी के मकान को बांयी छोडते हुये आगे बांयी आबाीि को लेते हुये राधेचयाम शमाभ के मकान तक यहां ेि पूवी भैरूजी की गली मे चलते हुये श्री नाथ ोिनी के मकान को शासमल करते हुये तथा अशवनी कु मार शमाभ के मकान को ािंयी छोडते हुये ीिधे चलकर ीिनयिाल नामा के मकान को बांयी और शासमल कर लचं ि पटवा, जगीिश खाती के मकान को ं यहां ेि उतर की और मुडकर मू ािंयी और छोडते हुये मोहमम िअली के मकान को बायी और शासमल कर ेिई वालो के मकान व हमता के कु एं को ाियी और छोडते हुये पप्चचम की और भैरूजी मंदरि, ओमप्रकाश नामा, गजराज जैन के मकान को बांयी और शासमल कर जैन मंदरि नेमीचं ि जैन ुिरेश मोडडका के मकान को ािंयी और छोडते ह ुये ुिरेश गोयल व मनि जी मोडडका के मकान को बांयी और शासमल कर जैन चैताले तक मिातत। | 852 |
| 8 | झण्डे की गली रजलावता वालों की ुिकान ेि प्रारमभ होकर क्षिणि ओर आम बाजार चलते हुये बद्रीलाल खत्री व बाबू हलवाई की ओर व नेमीचं ि जैन के मकान तक की बांये आबाीि को शासमल करते हुये गणेश मप्दरि व प्रेमचद ि बोहरा के मकान के ािये छोडतें हुये पौद्दार जी के मकान तक, की बाये आबाीि को शासमल करते हुये यंहा ेि मालेिवनी मप्दरि को ाियें छोडते हुयें | 815 |
| पूवभ की ओर मुडकर कै लाश जैन बजाज के मकान को ािये छोडकर गली गली खातीयों के मोहल्ले की बाये आबाीि को शासमल करतें हुये टेक पर पंािरीयों क े मकान को ाियें छोडतें हुयें पौद्दार नोहरा को बाये शासमल करतें हुये यंहा ेि ीिधे गली गली चलकर पमि जैन के मकान को ािये छोडतें हुये महबूब के मकान व बबरधी लाल कु महार के मकान को बायें ओर शासमल करतें हुये महावीर संिधव के मकान कों ािये छोडतें हुये राजेदद्र नरूका के मकान कों बाये शासमल करतें हुये यंहा ेि उत्तर की ओर मुडकर ककशनलाल कलाल के मकान को बायें शासमल करतें हुये रामप्राि ि कलाल ,बाबु अली कमपाउण्डर, नाथू खां, के मकान कों ािये छोडतें हुये इनायत हुैिन व मुस्ताक मौहमम िके मकान को बाये शासमल कर गनी के मकान को बाये शासमल कर, करीम के मकान को ािये छोडतें हुये यहां ेि भक्तों के कु ए व नाथु रेवाल , बृजराज शमाभ के मकान कों ािये छोडतें हुये बाबू मोहमम ि समजाभ, ीिताराम शमाभ के मकान को बाये ओर शासमल करतें हुये यंहा ेि पप्चचम की ओर भैरू जी की गली में मुडकर कमलेश शमाभ के मकान को बायें शासमल करतें हुयें महावीर शमाभ के मकान को ािये ओर छोडतें हुये चोथमल पी.टी.आई. के मकान कों शासमल करतें हुयें जानकी राय जी के मप्दरि को ाियें ओर छोडकर महावीर गुढावालें के मकान व तेंलीयों के नोहरें को बायें ओर शासमल करते हुयें राजेंदद्र क ु मार जैन रजलावता वालों की ुिकान पर मिातत। | ||
| 9 | लोहडी चोटटी में गणेश जी व मालेिवनी मप्दरि ेि प्रारमभ होकर महावीर पाि ि शमाभ के मकान को बांये शासमल कर क्षिणि की ओर चलकर ि ेवनारायण मंदरि तक की बाये आबाीि को शासमल कर महेश पप्ण्डत को बाये शासमल करते हुये त्यिनारायण मप्दरि व कमल खाती को ािंये छोडते ह ुये पूवभ की ओर परकोटे के हिारे हिारे चलकर बागर में स्कू ल भवन व रफीक मौहमम ि के मकान को बाये ओर शासमल कर राधाककशन पटवारी के मकान को ाियी ओर छोडते हुये पीर मौहमम िगफार ठे के ािर व ीिनया हेला क े मकान को बांये शासमल करते हुये अमबेडकर किकभ ल रामप्राि ि कलाल लाूिलाल गुजभर के मकान तक की ािंयी आबाीि को छोडते हुये ुिगाभ कलाल दलिीप मीणा के मकान की बांयी आबाीि को शासमल करते हुये आगे चलते ह ुये नूर मोहमम,ि पमि जैन के मकान तक की बाये आबाीि को शासमल करते हुए पोािर नोहरे को ािये छोड़ते हुए राधेचयाम खाती के मकान को ािये छोड़कर मोहन लाल जैन के मकान व कै लाश बजाज के मकान को बाये शासमल करते हुए कमल पोािर के मकान को ािये छोड़ते हुए लोहडी चोटटी में गणेश जी व मालेिवनी मप्दरि पर मिातत । | 1087 |
| 10 | जगीिश खाती के मकान ेि प्रारमभ होकर ेिईपोल रास्तें चलतें हुऐं अहम ि अली व ीिनयिाल नामा के मकान को ािये छोडतें हुऐं फू लचद ि पटवा व बृजराज शमाभ के मकान को बायें ओर शासमल करतें हुऐं कमलेश शमाभ व ीिताराम शमाभ के मकान को ाियें छोडतें हुऐं लाडी जी के कु ऐं व रामनारायण | 1085 |
| तेली व पतपू धोबी के मकान को ाियें ओर छोडतें हुऐं बजरंग लाल रेवाल व पीर मौहमम िके मकान को बायें ओर शासमल करतें हुऐं मिस्त बायें आबाीि को शासमल करतें हुऐं करीम खां के मकान को शासमल कर यंहा ेि रोड क्रा ि कर पप्चचम की ओर मुडकर छोटू लाल कानूनगो इशाक अली व नाथूलाल खां क े मकान को बाये ओर शासमल करते हुये गनी मौहमम िव मुस्ताक मौहमम ि क े मकान को ािये छोडते हुये क्षिणि की ओर चलते हुये बाबू अली कमपाउडर व हेड ािहब के मकान तक को बाये आबाीि को शासमल करते हुये ककशनलाल कलाल व राजेदद्र संिह नरूका के मकान को ाियें छोडतें हुऐं यंहा ेि पूवभ की ओर मुडकर रामप्राि िके मकान, अमबेडकर किकभ ल को बायें शासमल करतें हुऐं ीिदया हेला के मकान कों ाियें छोडतें हुऐं यंहा ेि रोड क्रा िकर पप्चचम की ओर चलतें हुऐं बद्री हेला के मकान को बायें शासमल करतें हुऐं गफ्फार ठे के ािर व जलालूद्दीन के मकान को ाियें छोडतें हुऐं राधाककशन पटवारी के मकान तक की बायें आबाीि को शासमल करतें हुऐं रफीक व स्कू ल को ािये छोडतें हुऐं यंहा ेि पूवभ की ओर चल कर मोजीराम गूजभर व शफी कबाडी तक के मिस्त मकानों को शासमल करतें हुऐं मूलचद िपटवारी के मकान व मिस्त रिाय की आबाीि को शासमल करतें हुऐं यंहा ेि पुरानी चोकी पर जाकर कोट तक चलकर यहां ेि पप्चचम की ओर मुडकर रिवाजें में प्रवेश कर भवरलाल ड्राइवर क े मकान को शासमल करतें हुऐं यंहा ेि गली में उत्तर की ओर चलकर कोट कोट के हिारें की मिस्त आबाीि को शासमल करतें हुऐं के रिलाल के पुरानें मकान , आंगन बाडी के दद्रों को शासमल कर रायािगर परकोटे के हिारे चलत ह ुए रघुनदनि स्वामी उािलाल कोली आसशक भाई व बुजभ के बालाजी तक की आबाीि शासमल करते हुये यहां ेि वावप िपप्चचम की ओर मुडकर चलते हुये मरिाि का शासमल करते हुये कमरुद्धीन मुदना भाई व जागीरािर के मकान को शासमल करते हुये मिस्त बांयी आबाीि को शासमल करते हुये जगीिश खाती के मकान पर मिातत। | ||
| 11 | ि ेईपोल रिवाजे बाहर फररया िअली के मकान ेि प्राा्ररमभ कर बाये ओर की आबाीि को शासमल करतें हुऐं प्रेम मप्दरि टाककज को बाये ओर शासमल करतें ह ुऐ रामस्वरूप कानूनगों के मकान के बांये ओर शासमल कर के शरलाल पटवारी क े मकान को ािंये ओर छोडकर आगे चलकर महावीर सदिधव के मकान को बांये ओर शासमल कर भवंरलाल माली के मकान को ािंये ओर छोडते हुये यहां ि े बूदीि रोड पर उतर की ओर चलकर बाबूलाल रेगर के मकान के बांये ओर शासमल करते हुये ेिवीलाल पटवारी के मकान को ािंये ओर छोडकर आगे चलकर भावेश जैन की ुिकान को बांये ओर शासमल कर बालाजी महाराज के रास्ते की आबाीि को बांये ओर शासमल करते हुये तहीिल परररि को बांये ओर शासमल कर पंचायत सिमनत को ािंये ओर छोडकर जलािय व अािलत परररि बैक आफ बडौाि को बाये ओर शासमल करतें हुऐं हायर ैिकण्ड्री स्कू ल को ािये ओर छोडतें हुऐं उत्तर की ओर रोड रोड चलतें हूऐं ई ि मौहमम ि | 1080 |
| मंूिरी व उममे िोिनी के मकान तक की बाये आबाीि को शासमल करतें हुऐं भगतसंिह किकभ ल को ािये छोडतें हुऐं यंहा ेि पप्चचम की ओर मुडकर रोड रोड चलतें हुऐं ेिई वालों के मकान को शासमल कर गांधी ववश्रांनत गृह तेजाजी धानक, छोटु तमबोली, ववशवकमाभ मप्दरि रिवाजें तक की बाये आबाीि को शासमल करतें हुऐं यंहा ेि क्षिणि की ओर राय ािगर में मुडकर परकोटे के बाहर रायािगर के अदरि की मिस्त आबाीि को शासमल करतें हुऐं परकोटे के हिारें हिारें चलतें हुऐं फररया िअली के मकान को छोडतें हुऐं मिातत ककया। | ||
| 12 | खानपोल रिवाजें बाहर त्यिनारायण माली के मकान ेि प्रारमभ होकर पप्चचम की ओर तालाब की पाल पर चलते हुऐ तेजाजी महाराज के मप्दरि को ािंये छोडते हुये त्यिनारायण के कु ए व मकान को शासमल करते हुए पाल पर चलते हुए सलंक जजावर रोड चलकर छगन मगन के चबुतरे को शासमल करते ह ुऐ जजावर रोड पर चलकर प्रेम जी बोहरे के पेट्रोल पमप को ाियी ओर छोडकर पटवाररयो की कोठी को शासमल करते हुये बाबु अली जी के कमपाउडर क ु ए तक की मिस्त आबाीि को शासमल करते हुऐ खानपुरा नतराया पर ग्यारीिलाल लाल मोग्या के मकान व ुिकान को छोडकर वावप ि बांीि रोड होते हुये गोपाल शमाभ पुरानी क्रे शर मशीन की आबाीि को शासमल कर खाना व कमलेश प्रजापत के मकान को शासमल करते हुये राजेश समतल के बाये ओर के गोािम को शासमल कर, ववनायक नगर कालोनी को ािंयी ओर छोडकर संिचाई ववभाग के बांयी ओर शासमल करते हुए रेगर बस्ती शाला भवन को शासमल कर उतर की ओर चलकर गफ्फार मौहमम ि के बांयी ओर शासमल करते हुऐ बाबू मौहमम ि मकान व आरा मशीन की ािंयी ओर छोडकर बांयी ओर बीज गोािम को शासमल कर भंवर लाल माली के मकान को शासमल करते हुऐ, भोलाशकर कानूगो के मकान को बांयी ओर शासमल करते हुऐ ािंयी ओर राय ािगर की पाल को छोडते हुऐ, कृ ष्णा पैले िव खराडा मैररज गाडभन को बांयी और शासमल करते हुये पप्चचम की ओर रोड रोड चलकर, ककशन गुजभर के मकान को शासमल करते हुऐ वाडभ ीिमा मिातत की गई। | 810 |
| 13 | ि ेईपोल चु ंगीनाके पर शोचालय व जुममा खां की ुिकाने और मंगला माली के मकान को बाये और शासमल करते हुये यहां ेि रोड क्रा िकर मेवालाल रेगर क े मकान व राधा की ुिकान को ािये छोडते हुये लाूिराम ैिननक के मकान को शासमल करते हुये बाबू मौहमम िके मकान व आरा मशीन को शासमल कर गफार मौहमम ि के मकान को ािंयी ओर छोडकर बाबूरि की बावडी को शासमल करते हुये गली के आगे चलकर महेदद्र ैिनी के मकान को बांयी ओर शासमल कर जजावर रोड पर रेगर शाला भवन को ाियी ओर छोडते हुये, ववनायक नगर कालोनी को बांयी ओर शासमल कर संिचाई ववभाग को ािंयी ओर छोडते हुये बांयी रोड पर चलकर ग्यारीिलाल मोग्या के मकान व ुिकान को बांयी ओर शासमल कर संिघाडी तलाई की ओर की मिस्त आबाीि को शासमल कर, बीड बस्ती की आंबाीि को शासमल करते हुए, आवानि मण्डल | 1085 |
| को शासमल कर, इंडडयन पेट्रोल पमप को बांयी ओर शासमल करते हुऐ छीतरलाल शमाभ के खेत व कु ं ए को ािंयी ओर छोडते हुये टाईगर ररोिटभ बटवाडडया टेक की बांयी ओर की आबाीि को शासमल कर ोिगानी की ुिकान को ािंयी ओर छोडकर रोड क्रा िकर उतर की आरे चलते हुये रेखा मैण्डम के मकान को बांये शासमल कर नीरज गौड की ुिकान को ािंयी ओर छोडकर हुये बायपा ि पर मुडकर उतर की ओर रोड रोड चलकर बाये मिस्त आबाीि को शासमल करते हुए लुकमान मोहमम ि व ख्वाजू मोहमम ि के मकान को ािये छोंडते हुये जुममा खां पठान के मकान तक की बाये आबाीि को शासमल करते ह ुये यहां ेि उत्तर की ओर रोड रोड चलकर डा0 मिुरि लाल मीणा तक की बायें आबाीि को शासमल करतें हुऐं ईशाक मौहमम ि व पीर बाबा को ाियें छोडतें हुऐं यंहा ेि पप्चचम की और मुडकर रववदद्रबाल ननके तन स्कू ल की ािये छोडकर महावीर नागर के मकान को बाये शासमल करतें हुये ऐबनेजर स्कू ल व रीि ि मंूिरी के मकान को शासमल करते हुये पंचायत सिमनत के हिारे की आबाीि को छोडकर बद्रीलाल कमपाउण्डर ऐरवाल नाथूलाल अध्यापक ूिरज जी शमाभ के मेडडकल ख्वाजू मौहमम िके मकान तक आबाीि को छोडकर पूवभ की तरफ चलकर चदद्रप्रकाश के मकान राजेदद्रंसंिह जी के मकान पंचायत सिमनत एवं DYSP कायाभलय तक की आबाीि को ािंये छोडकर बांये ओर की आबाीि को शासमल करते हुये। ीिीि रोड चलकर बांये चलकर आबाीि को शासमल करते हुये ख्वाज मौहमम ि के मकान को ािये छोडते हुये यंहा ेि पप्चचम की ओर चलकर बांये आबाीि को शासमल करते हुये आटा चक्की व चदद्रप्रकाश ािहू की ुिकान को बांये शासमल करते हुये ेिईपोल शोचालय व जुममा खां की ुिकान पर मिातत ककया। | ||
| 14 | भगत संिह किकभ ल ेि प्रारमभ होकर बद्रीलाल पोरवाल व डा0 बाबूलाल ािहू के मकान व मोहन लाल मारवाडा के मकान को शासमल करते हुये मनोज बोरखण्डया के मकान व हायर ैिकण्डरी बाउदड्री को बाये शासमल करतें हुऐं रोड रोड चलते हुये बैक आफ बडौाि व वन ववभाग कायाभलय को ािये छोडते ह ुये हशभवधभन व गगररराज योगी पटवारी के मकान को शासमल करते हुये अािलत परररि को ािये छोडते हुये रोड रोड चतले हुये ेिवेदद्र कु मार जैन वकील व ववमल कु मार चमररया के मकान तक की मिस्त बायी आबाीि को शासमल करते हुये जलािय परररि को ािये छोडते कर थाना परररि को बांये ंगीनाका की तरफ शासमल करते हुये DYSP परररि को बाये शासमल कर चु रोड रेाड चलकर पचांयत सिमनत परररि बद्रीलाल कमपाउण्डर ऐरवाल नाथूलाल टीचर ूिरजमल जी शमाभ के मेडडकल स्टोर तक की मिपूणभ आबाीि को शासमल करते हुऐ यहां ेि पूवभ की ओर चलकर ख्वाजू मौहमम िके मकान तक की आबाीि को शासमल कर यहां ेि उतर की ओर मुडकर चदद्रप्रकाश ािहू के मकान तक की आबाीि को शासमल करते हुये आगे चलकर राजेदद्रसंिह जी के मकान को शासमल करते हुये बांये तरफ की आबाीि को शासमल DYSP | 1075 |
| कायाभलय बाउदड्री तक की बांये तरफ की आबाीि को शासमल करते हुये DYSP बाउण्ड्री के हिारे हिारे चलकर यहां ेि मुडकर रीि ि मंूिरी व एबनेजर स्कू ल और महावीर नागर के मकान को ािंये छोडते हुये रववदद्र बाल ननके तन स्कू ल को बांये शासमल करते हुये डा0 मिदरि लाल मीणा के मकान को ािंये छोडते हुये यहां ेि उतर की ओर रोड रोड चलकर पतपू बदना जजावर वालों के मकान का बांये ओर शासमल करते हुये उममे िसंिह जी के मकान को ािंये छोडते हुये आगे रोड रोड चलते हुये जगीिष शमाभ के मकान को बाये शासमल करते हुये यहा भवानी संिह जी अध्यापक के मकान को बाये शासमल करते हुये मिस्त बाये आबाीि को शासमल करते हुये यहा ेि उतर की और रोड रोड स्कू ल बाउदड्री के हिारे चलकर मरिाि की बाये और शासमल करते ह ुये हररराम मीणा के मकान को ािये छोडते हुये यहा ेि पप्चचम की और मुडकर रोड क्रा िकर रफीक कु जडा के मकान को बाये शासमल करते हुये यहा ेि उतर की और गली गली चलकर बाये मिस्त आबाीि को शासमल करते हुये मनि संिह जी के मकान व कालू खटीक के मकान को छोडते हुये ूिरज पत्रकार व ािमोरि बबजली वालो के खाली भूखण्ड के ा बाये शासमल करते हुयें यहा ेि पप्चचम की और मुडकर भदनी मीणा बजरंग ोिनी व नीमलाल खटीक क े मकान की मिस्त बाये आबाीि को शासमल करतें हुये भगत संिह किकभ ल पर मिातत ककया गया। | ||
| 15 | कालू लाल खदटक के मकान ेि प्रारमभ करते हुए क्षिणि की ओर रोड रोड चलते हुए ािमोरि बबजली वाले के खाली भू-खण्ड व ूिरज पत्रकार के मकान को ाियी छोड़ते हुए मनिसंिह जी राजपूत के मकान को बाये शासमल करते ह ुए रूपनारायण शमाभ व अमरसंिह जी अध्यापक के मकान तक की बाये आबाीि को शासमल करते हुए यहा ेि पूवभ की और मुड़कर मरिाि को ािये छोड़ते हुये ईशाक व हररराम मीणा के मकान को बाये ओर शासमल करते हुये होस्टल के उतरी कोने तक की मिस्त बाये आबाीि को शासमल करते हुए होस्टल को ािये छोड़ते हुए यहााँ ेि पूवभ की और चलकर बाये की मिस्त आबाीि को शासमल करते हुए महेंद्र जैन ठोला व ववमल माली, मिपत संिह के मकान तक की मिस्त बाये आबाीि को शासमल करते हुए हरपाल का भट्टा व रमेश धोबी व हरपाल गुजभर के कु वे तक की मिस्त बाये आबाीि को शासमल करते हुए नगर पासलका की ीिमा तक की मिस्त आबाीि को शासमल कर बड़ी पड़ाप रोड व छतपन जी के बरडा व घाीि लाल गोस्वामी तक की मिस्त बायीं आबाीि को शासमल करते हुए यहा ेि पप्चचम की और चलकर बीच शहर स्कू ल व जैन स्कू ल को ािये छोड़ते हुये रोड रोड चलकर बाये और की मिस्त आबाीि को शासमल करते हुए कालू लाल खटीक के मकान पर मिातत। | 850 |
| 16 | बायपा िरोड हास्टल (छात्रावा)ि ेि प्रारमभ करते हुये रोड रोड क्षिणि की और महाेिव जी के मंदरि को शासमल करते हुये महावीर जैन मामा व उममे िसंिह जी के मकान को शासमल करते हुये पतपू बना जजावर वालो के मकान को | 1080 |
| ािये छोडते हुये रोड रोड चलकर ईशाक मोहमम ि अध्यापक के मकान को शासमल करते हुये पीरबाबा के मरिाि को शासमल करते हुये दयू वुिदधरा स्कू ल को ािये छोडते हुये बाये आबाीि को शासमल करते हुये यहां ेि पूवभ की और चलकर ककशन मीणा, महावीर नागर व कोली के मकान को शासमल करते हुये बायपा ि ेि पूवभ की और त्यिनारायण कु महार के मकान जगीिश बाबर के मकान को शासमल करते हुये कालबेसलयां बस्ती को शासमल करतें हुये ोिनी जी के कु एं व नगर पासलका की ीिमा तक मिस्त आबाीि को शासमल करतें हुये रामकु वार माली ककशन माली सशवराज शमाभ के मकान को शासमल करतें हुये ीिधे चलकर मिपत संिह के मकान को शासमल करते हुये मिस्त बाये आबाीि को शासमल करते हुये छात्रावा िभवन के उत्तरी कोनें पर मिातत ककया गया। | ||
| 17 | खाजू के मकान ेि प्रारमभ होकर पप्चचम की ओर चलते हुये लुकमान अध्यापक आई हाप्स्पटल को बायी शासमल कर जुममा खा के मकान नगर पासलका बाउण्ड्री को ािंये छोडते हुये रोड रोड चलते हुऐ ोिगानी की ुिकान, गुजभर छात्रावा ि को बाये शासमल कर मौहनलाल माली बांीि रोड को ािंये छोडते हुये पूवभ की ओर बूदीि रोड पर चलते हुये इप्ण्डयन पेट्रोल पमप ािये छोडते हुये चांनिा हाउ,ि राजकीय महाववघालय को बांये शासमल कर उतर की ओर कालेज बाउण्ड्री के हिारे चलते हुऐ गुजभर छात्रावा ि और पापोलाई के झोपडे को ािंये और छोडते हुऐ आगे मौरी वाले बाबा को बांये शासमल कर लक्ष्मी नारायण के खेत को ािये छोडते हुए बालाजी मप्दरि तक की आबाीि का बाये शासमल करते हुऐ शेख जी खेत को बाये शासमल कर पीर बाबा मरिाि को ािंये छोडते हुए मिस्त कालबेसलया बस्ती को शासमल कर खाजू क े मकान पर मिातत ककया गया। | 1072 |
| 18 | ि ेवनारायण छात्रावा ि ेि प्रारमभ होकर क्षिणि की ओर चलते हुये जयराज महाव ू़ वघालय की बाउड्री को ािये छोडते हुये बूदीि रोड पर पूवभ की ओर चलते ह ुये रामस्वरूप वमाभ मकान कु ं आ को बाये शासमल कर डिक पर चलते हुये वन ववभाग चोकी को ािये छोडते हुये लिेलपूरा रोड उत्तर की ओर मुडकर आगे चलते हूये कालू मोहमम ि के मकान को बाये शासमलकर आगे चलकर ग्राम लिेलपुरा की मिपूणभ आबाीि को शासमल करते हुये रामनारायण मीणा ज के मकान को बाये शासमलकर आगे चलकर लक्ष्मी नारायण जी के भ चतुभू खेत को बाये शासमल कर बालाजी मप्दरि को ािये छोडते हुये आगे चलते हुये मिस्त पापोलाई बस्ती को शासमल कर ेिवनारायण छात्रावा िपर मिातत कर दयिा जाता है। | 1083 |
| 19 | समगश्रलाल प्रजापत के मकान ेि प्रारमभ होकर क्षिणि ओर चलते हुये बडी पडाप माताजी मप्दरि को बाये प्मिमसलत करते हुये बडी पडाप ीिमा पर चलते हुये बैरवा ओर गुजभरो के झोपडा को आबाीि बाये शासमल कर उत्तर की | 815 |
| ओर चलते हुये भेरू गुजभर व मननष गुजभर के मकान खेत तक आबाीि बाये शासमल करते हुये बनजारी बस्ती को ािये छोडते हुये आगे पप्चचम की ओर चलते बंधा पर हरलाल ,त्यिनारायण के मकान को बाये शासमल करते हुये ीिमा पर आगे चल कर मीणा झोपडा, कु महारो की बस्ती को बाये शासमल कर आगे चलते हुये नीमलाल गुजभर को बाये शासमल करते हुये मिातत ककया जाता है। | ||
| 20 | चोथमल प्रजापत के मकान ेि प्रारमभ होकर मारवाडा पेट्रोल पमप को असमत समतल के गोािम को ािये छोडकर आगे चलकर भेरू के मकान तक की आबाीि को शासमल कर पूवभ की ओर चलकर मिस्त रालडी आबाीि को शासमल कर बडी पडाप नजरा बदजारी बावडी की मिस्त आबाीि को शासमल कर रालडी बालाजी को शासमल कर ग्राम रालडी की रजलावता ीिमा तक आबाीि शासमल करते हुये ववघुत ग्रेड 132 के वी को ािये छोडते हुये छीत्तर लाल नाई के मकान तक की आबाीि को शासमल कर मिातत ककया जाता है। | 806 |
| 21 | रजलावता रोड पर गोपीलाल मकान व ुिकान को शासमल कर प्रारमभ करते ह ुऐ हमी ि के मकान ाियी ओर छोडते हूऐ क्षिणि की ओर रोड रोड चलकर बटावपीर बाबा को बांयी ओर शासमल कर होण्डा शोरुम को ािंयी ओर छोडते ह ुये ,पीडब्लल्यूडी ववभाग को ािंयी ओर छोडते हुऐ बांयी बौर की मिस्त आबाीि को शासमल कर बांयी ओर महावीर जैन के मकान को शासमल करते हुए आगे चलकर उननयारा नतराहे पर नाथूलाल तेली के मकान की मिस्त आबाीि को शासमल करते हुऐ रमेशचद िजैन व रामकवर धाकड की होटल को छोडते हुऐ यहां ेि पूवभ की चलकर कालू लुहार के मकान को शासमल करते हुऐ भगतसंिह किकभ ल को ािंयी ओर छोडते हुऐ, पावर हाउ ि को बांयी ओर शासमल करते ह ुऐ, प्रवीण कु मार मकान को शासमल करते हुए, चदद्रािगर दगिमबर जैन स्कू ल को शासमल करते हुऐ, कालूलाल खदटक के मकान को ाियी ओर छोडते ह ुए, बीच शहर स्कू ल को बांयी ओर शासमल कर, मनिलाल नागर के मकान तक भी मिस्त आबाीि को बांयी ओर शासमल करते हुए बदित बबहार व ज्योनत नगर कालोनी बांये ओर की जाट बस्ती, धाकड बस्ती, कालबेसलयां बस्ती, बाबाजी बस्ती एवं ककािन कालोनी की मिस्त आबाीि को शासमल करते हुऐ नैनवा ीिमा तक की आबाीि को शासमल कर गोपीलाल ैिनी के मकान पर मिातत ककया गया। | 829 |
| 22 | आबकारी आकफ िेि प्रारमभ करते हुये पूवभ की और चलकर छोटू तमबोली के मकान व तेजाजी थानक को ािये छोड़ते हुए बीिर मोहमम ि की ुिकान नीलकं ठ महाेिव जी व रामकु वार धाकड़ तक की बाये आबाीि को शासमल करते हुए पोस्ट आकफ ि को ािये छोड़ते हुए यहााँ ेि उतर की और मुड़कर रमेश जैन के मकान को बाये शासमल करते हुए रामनारायण तेली के मकान व प्रमो िजैन के मकान को ािये छोड़ते हुए रोड रोड चलते हुए ववगचत्र संिह की ुिकान को बाये शासमल करते हुए PWD आकफ ितक की बाये आबाीि को | 1076 |
| शासमल करते हुए डाक बंगले को ािये छोड़ते हुए यहो ेि उतर की ओर चलकर कदहैयालाल मीणा, हाबसलया काबसलया एलाईमेदट शाप तक की बांयी आबाीि शासमल कर ववमल माली की ुिकानो को ािये छोडते हुये ोिनी जी के मकान को बाये शासमल कर बाउण्ड्री के ािये छोडते हुऐ नैनवा ीिमा तक की मिस्त बांयी आंबाीि शासमल कर लिीम लुहार के मकान तक आबाीि शासमल कर छोटी पडाप ीिमा टटो का झोपडा को ाियें छोडते हुऐ मिस्त बांयी आबाीि शासमल कर स्कू ल छोडते हुऐ रोड रोड में क्षिणि में चलकर त्यिनारायण चैहान पुरषोंतम ोिनी के मकान तक मिस्त ररगध ीिधी कालोनी की आबाीि शासमल कर मोडडका धमभशाला को शासमल कर नगर रोड चलकर गीता ेिवी के मकान व पटवारी के कु ए की बाये आबाीि को शासमल करते हुए बाबूलाल धाकड़ सशवराज धाकड़ व मोडल स्कू ल को ािये छोड़ते हुए राजीव कोलोनी व मनि धाकड़ के कु ए तक की बाये आबाीि को शासमल करते हुए लिावटो के कु ए को ािये छोड़ते हुए ककशन बबहारी योगी के कु ए को बाये शासमल करते हुए गुल्लू पठान के कु ए को ािये छोड़ते हुए यहााँ ेि क्षिणि की ं ड व शंकर और चलकर कनक ािगर को शासमल करते हुए कोट लांघकर कु बेरागी के मकान को शासमल कर रोड क्रो िकर माप्ज िटेलर व लिीम चक्की वाले को बाये शासमल करते हुए यहााँ ेि हररनारायण ोिनी बीिर मोहमम ितक की बाये आबाीि को शासमल करते हुए महावीर शमाभ व भेरू जी के थानक को ािये छोड़ते हुए उच्छब जी धापाड धींगा इकरामुीिन जामा माप्ज ि व डाक्टर गोरी के मकान को बाये और शासमल करते हुए यहााँ ेि रोड क्रो िकर गडपोल रिवाजा आबकारी आकफ िपर मिातत। | ||
| 23 | गोशाला के ािमने कानभर ेि प्रारमभ होकर पूवभ की ओर चलकर गौशाला को ािये छोडते हुये कालबेसलया बस्ती को बाये शासमल कर रोड रोड चलते हुये माडल स्कु ल को बाये शासमल कर जगीिश धाकड के मकान व ुिकान को बाये ओर शासमल कर उिक पर चलते हुये रमेश जी भटटो वालो की ुिकानो को शासमल कर मोडडका धमभशाला को ािंये छोउते हुये उतर की ओर मुडकर रोड रोड चलते हुये टटो का झोपडा की मिस्त कच्ची बतिी आबाीि शासमल कर पुरुषोतम ोिनी त्यिनारायण चोहान के मकान को ािंये छोडते हुये ककशनलाल गुजभर के मकान को बांये शासमल कर रा0उ0मा0 ववघालय को बाये शासमल कर छोटी पडाप ीिमा पर चलते हुये मिस्त बायी आबाीि को शासमल कर ोिनी के मकान को ािये छोडते हुये बाउड्री को शासमल रोड क्रो ि कर HP प ेट्रोल पमप को बायी शासमल कर छोटी पडाप बालाजी को बायी शासमल कर पडाप ीिमा पर चलते हुये भेरू के मकान को ािये छोडते हुये रजलावता रोड पर चलते हुये अननल समत्तल गौािम को बाये शासमल कर मारवाडा पेट्रोल पमप को ािये छोडते हुये आगे छोटी पडाप ीिमा पर चलकर 148 डी हाईवे के बाये मिपूणभ आबाीि शासमल कर गौशाला के ािमने मिातत ककया जाता है। | 821 |
| भंवरलाल माली के कु वे के उत्तर पप्चचम कोने ेि प्रारमभ होकर रामकु वार 882 | ||
| 24 | माली के मकान को ािये छोडते हुये क्षिणि की ओर चलकर छोटी पडाप तक रजलावता ीिमा तक मिस्त बांयी आबाीि शासमल कर पूवी ओर चलकर मारवाडा पेट्रोल पमप को शासमल कर अननल समतल के गोािम को ािंये छोडते ह ुये रोड क्रो िकर ववघुत 132 के वी को बांये शासमल कर चोथमल कु महार के मकान को ािंये छोडते हुये फू लािगर तालाब पाल पर चलते हुये मिस्त बैरवा बस्ती की आबाीि शासमल कर पुराना रघुनाथ मप्दरि ओर मतीन मौहमम िके मकान को बाये शासमल कर पप्चचम में चलकर माताजी ािहब मप्दरि तक मिस्त बांयी आबाीि शासमल कर नये रघुनाथ मप्दरि एवं महाेिव मप्दरि को ािंये छोडते हुये आगे चलकर गजानद िखाती के मकान तक की आबाीि बाये शासमल कर मोहनलाल के मकान को ािंये छोडते हुये क्षिणि की ओर चलकर जगीिश कु मार के मकान तक की आबाीि बाये शासमल कर रोड क्रॉ िकर पीरु भाई के मकान को ािंये छोडते हुये पानी की टंकी को बाये शासमल कर पप्चचम में चलते हुये हेमराज के मकान को ािये छोडते हुये अमबालाल के मकान तक आबाीि बायी शासमल कर उप स्वास््य के दद्र को बांये शासमल कर भवरलाल के कु ए पर मिातत। | |
| 25 | रामहिाय धाकड़ के मकान ेि प्रारंभ होकर लालगंज वालों का कु आ तक ं आ आबाीि शासमल कर रामननवा ि धाकड़ के कु आ एवं महावीर मामा का कु रजलावता की नाडी तक मिस्त आबाीि शासमल कर रामकु मार माली का मकान शासमल कर पूवभ में चलकर उप स्वास््य कें द्र को ािएं छोड़ते हुए पीरु भाई के मकान तक मिस्त आबाीि शासमल करते हुए घूम कर उत्तर की ओर चलकर जगीिश के मकान को ािएं छोड़ते हुए मोहनलाल के मकान तक आबाीि शासमल कर गजानं िखाती के मकान को ािएं छोड़ते हुए पूवभ में ीिीि रोड चलकर महाेिव मंदरि तक आबाीि शासमल कर नया रघुनाथ मंदरि रामधन धाकड़ के मकान तक आबाीि शासमल कर पुराना रघुनाथ मंदरि को ािएं छोड़ते हुए फू ल ािगर तालाब को बाएं शासमल कर ओमप्रकाश धाकड़ रामधन कामरेठ तक मिस्त धांकड़ों की झोपड़ा की आबाीि शासमल कर बमबूली रोड पर चलकर तेजमल का कु आं शासमल कर 148 डी हाइवे पर मिातत ककया। | 823 |