| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 27, गुरूवार, शाके 1947- सतिम बर 18, 2025 Bhadra 27, Thursday, Saka 1947- September 18, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं ंिबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125
्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/19201 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर धचत्तौडगढ़ द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा कपासन हेतु वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वाडा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
नगर पालकिा कपासन का सीमा षववरण प्रपत्र -क वाि-2025
| र्वाड़्ंि. | ्ीिमा्वववरण | जनंिख्या |
| 1 र्पुबयिा मौहल्ाि में प्थति श्री चतुरभुज र्पुबयिा चैककािर के मकान ेि ेिवमंगरी की ओर जाने वाेि राथते की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते हुए गणपत संिह के मकान को ेिते हुए ेिवमंगरी के पप्चचम की मिपुण ि आबाीि प्जमिें जाशमा रोड़ गाडयिाौिहार बथती की आबाीि/भैरूाि ि राव का मकान/जाििय ववभाग की टंकी शासम िहोगी, को ेिते हुए रामसंिह का मकान, नारायण ुिािर का मकान, न्याततयों,बाघमारों का नोहरा को शासम ि करते हुए पुराने पशु चचककत्ाियि तक जाने वाेि राथते की बायीं ओर की कु सयिा आबाीि जो पुराने पशु चचककत्ाियि भवन तक मिातत होगी। | 864 | |
| 2 | र ेगर मौहल्ेि की ओर जाने वाीि ेिवमंगरी के क्षिणिी तरफ वाेि राथते की बायीं ं ई तक वहां ेि रेगर मौहल्ेि की ओर ओर की आबाीि को ेिते हुए रेगरों की कु | 822 |
| जाने वाेि राथते की ोिनों ओर की आबाीि/रामेिव मप्न्रि व उकिे आ ि पा ि की आबाीि को ेिते हुए ुिािरो,जाटों के मकान को शासम ि करते हुए शोककनाि िकु मावत के कोने वाेि मकान तक वहां ेि रूपतािई की ओर जाने वाेि राथते की बांई ओर की आबाीि को ेिते हुए पुनः पुराने पशु चचककत्ाियि भवन ेि र्भांबयान/बािईयान के मकान को शासम ि करते हुए श्री नाना ना ि योगी के छात्रावा ि वाेि मकान तक की बाई ओर की आबाीि वहां ेि सरिोया मौहल्ाि की ओर जाने वाीि ड़िक की बायीं ओर की आबाीि को शासम िकरते ह ुए श्री चतुरभुज र्पुबयिा चोककािर के मकान तक की आबाीि। | ||
| 3 | प्रताप चैराया पर प्थति अकबर बोहरा के मकान ेि उयिपुर माग िआई.टी.आई. तक बायीं ओर की आबाीि मुख्य माग ि की आबाीि प्जनके रिवाजे उत्तर की ओर खुतिे हैं को शासम ि करते हुए उयिपुर रो ि प्थति नया पेट्रो ि पमप ेि क ृ व ि उपज मण्ीि उकिे पीछे की आबाीि को शासम ि करते हुए श्री ुिगाशिंकर ततवाीि के मकान को ेिते हुए धमाणा रोड़ चैराये तक की बायीं ओर की आबाीि वहां ेि धमाणा की ओर जाने वाीि ड़िक पर प्थति श्री ुिरेन्द्र कु मार ौिमानी का मकान, रंगाि िोिनी का मकान,कै ािश टॉकीज प्जमिें नई हररजन बथती भी शासम िहोगी की कु सयिा आबाीि। | 764 |
| 4 | धमाणा रोड़ पर प्थति थवगीय क्ष्मिणसंिह राजपुत के मकान ेि शहर की ओर आने जाने वाीि ड़िक की बांई ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए हरकाि ि भािाि के मकान तक वहां ेि नन्ािि िख्याीिाि ितमबोीि के मकान ेि पुराना उयिपुर रोड़ ेि शहर में आने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते हुए श्री चुन्नीाि िचाथटा के मकान तक। पुनः चुन्नीाि िचाथटा के मकान ि े अथपता ि के ािमने की आबाीि को ेिते हुए मांगीाि ि छीपा का मकान, ािचिन् िरेगर का मकान वहां ेि ेिवमंगरी के पप्चचम की ओर जाने वाेि राथते की बायीं ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए थवगीय क्ष्मिण संिह राजपुत के धमाणा रोड़ पर प्थति मकान तक प्जमिें चमारों की गीि,ववजयवगीयों की गीि,नन्विानों की गीि भी शासम िहोगी। | 956 |
| 5 | आशि िकोोिनी, महावीर नगर,निसटिी कोोिनी,निसटिी ववथतार कोोिनी,ुिभा ि नगर , 60 फीट रो िप्थति जाट कोोिनी की मिपुण िआबाीि ेिवी ाि िजी गग ि क े मकान तक। प्जमिें आई.टी.आई. ेि अकबर भाई बोहरा तक में मुख्य ड़िक पर उत्तर की ओर रिवाजे वाीि आबाीि शासम िनहीं होगी। | 805 |
| 6 | राष्ट्ट्रीय राजमाग ि ेि प्रारमभ होकर ौिमानी बाग ोिमेचवर महाेिव जी की ओर आने वाीि ड़िक की बायीं ओर की आबाीि को ोिमेचवर महाेिव तक शासम ि करते हुए पुनः ोिमेचवर महाेिव ेि ड़िक की ोिनों ओर की ड़िक पर खुनिे वाेिं मकानो को ेिते हुए श्रीराम कोोिनी को शासम ि करते हुए श्री मांगीाि ि बंजारा के मकान तक । श्रीना िजपिान गृह (पोि िजी की ुिकान) ेि थटेशन की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए पेट्रो ि पमप ताि ौिमानी की धमशिााि तक वहां ेि थटेशन की ओर आने वाीि ड़िक | 950 |
| की ोिनों ओर प्जमिें मामा भाणेज रिगाह,पुस ििािना, महाराणा हायर ेिके ण्री थकु िशासम िहोगा। राष्ट्ट्रीय राजमाग िपर प्थति गणपतत नगर,राजीव नगर, जय अमबे कोोिनी,ुिगामिाता मप्न्रि,आरएनटी कोोिनी के आ-िपा,िसशवशप्तत नगर,रोकडयिा हनुमान तक की कु सयिा आबाीि शासम िहोगी। | ||
| 7 | रिगाह के पीछे की शे ि नन्विाना कोोिनी की आबाीि को शासम ि करते हुए ररद्धी-सद्धिी नगर,अपणि नगर की आबाीि। | 970 |
| 8 | र ेल्वे पुसयिा ेि भाोििड़ा की ओर जाने वाीि ड़िक की बायीं ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए बुद्धाखेड़ा एवं चमनपुरा ेित्र की आबाीि एवं गुजररया खेड़ा की मिपुण िआबाीि शासम िहोगी। | 959 |
| 9 | राष्ट्ट्रीय राजमाग ि प्थति बी.ए.िएन.ए.ि ऑकफ िके पीछे होण्ाि शोरूम की ओर जाते हुए श्री याीिन भाई हिारा इप्ण्यिा वाेि के मकान तक। पुनः श्री याीिन भाई के मकान ेि रप्ण्यिारीि रो ि की ओर जाने वाेि राथते की बांई ओर को शासम िकरते हुए श्री याीिन शाह के मकान ेि श्री योगी की होट ितक। वहां ेि चचत्तौड़गढ़ की ओर जाने वाीि ड़िक की ािंयी ओर की आबाीि को ेिते हुए ािंवसयिा चैराया तक। वहां ेि थटेशन की ओर जाने वाीि ड़िक के ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए भाोििड़ा के तरफ गुमने वाेि राथते पर महेन्द्र मारवाड़ी के मकान तक। इमिें अध्यापक कोोिनी , त्तिारा खान आवाीिय योजना,गुािब नगर,ऐम नगर, चचचती कोोिनी ,ािबरी बाग कोोिनी, दविाना नगर,उपखण् ि कायायिि,पंचायत सिमतत,रिगाह,बुद्धाखेड़ा थकु ि के पीछे की आबाीि,र्कथितान ेि शमशान घाट तक की रोड़ की ाियीं ओर की आबाीि भी शासम िहोगी। रमेश आंचसयिा की ुिकान ेि रेल्वे थटेशन तक की ोिनों ओर की आबाीि, ौिमानी टाईल् िएवं मोीि के मकान शासम िहोंगे | | 877 |
| 10 | थटेशन की ओर जाने वाीि ड़िक प्थति श्री झमकु ाि ि ौिमानी तक,ोिकिकया बाजार की ओर जाते हुए रिि बाजार,तातेोि की हवेीि तक की बाई ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए पुनः वहां ेि ोिकिकया बाजार,जगन्ना िके मकान ि े प्रारमभ होकर कु महारों के मौहल्ेि की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते ह ुए जगीिश मप्न्रि, ब िथटेण्,िनृसंिहद्वारा,रामद्वारा को शासम िकरते हुए थटेट बैंक,बौिाि बैंक, पशु चचककत्ाियि को ेिते हुए ौिमानी रिाय की बाईं ओर की आबाीि ेिते हुए। पुनः ुिखाडयिा माके ट की आबाीि को शासम ि करते हुए ोिकिकया बाजार में प्थति श्री जगन्ना िड्ािि के मकान तक की ािईं ओर की आबाीि। इमिें उपाध्यायों गीि भी शासम ि होगी। खारी बावड़ी के ािमने वाीि गीि की ाियीं ओर की आबाीि प्जमिें भैरूजी की गीि भी शासम िहोगी। | 827 |
| 11 | प्रताप चैराया प्थति श्री त्यिनारायण पोि िके मकान ेि पांच बत्ती चैराया तक ोिनों ओर की आबाीि। प्जमिें मनि जी ततवाीि के मकान,बौिाि राजथािन ेित्रीय ग्रामीण बैंक के आ-िपा ि की गीि,बंजारा मिाज के मकान प्मिमसति रहेंगे। श्री भगतराम ौिमानी के मकान ेि मुरीि जी पोि िकी चतकी तक बाईं ओर की आबाीि। यहां ेि पुराना उयिपुर माग ि पर बंशीाि ि जी हररजन के | 768 |
| मकान तक की बायीं ओर की आबाीि। प्जमिें हररजन बथती शासम िहोगी। पुनः नंगजीराम चाथटा के मकान ेि ओमजी काबरा की गीि व महेष्ट्वरी ट्रे ििि होते ह ुए पुनः नंगजीराम चाथटा के मकान तक शासम िहोगी। | ||
| 12 | ौिमानी मौहल्ेि प्थति श्री रामनारायण नन्विाना व हनुमानजी ेिवरी के पा ि प्थति बंीिाि ि ौिमानी के मकान ेि पुराने ब ि थटेण् ि की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते ह र्बल्ीि का ुए ि ेवरा,भाणोाि,ुिािरों का मौहल्ाि को शासम ि करते हुए बाुिाि ि काबरा के मकान तक। पुनः श्री बाुिाि ि काबरा के मकान ेि अथपता ि की ओर जाने वाीि ड़िक की ािईं ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए चैमि िबापना की गीि, रामाि िजाट का मकान, मुखजी ठे के ािर के मकान को ेिते हुए अथपता ि की ािईं ओर की आबाीि वहां ेि कचहरी घाटी की ओर जाने वाेि राथते की ोिनों ओर की आबाीि को ेिते हुए शंकराि िोिढ़ा का मकान व ोिबचन् िजाट क े कोने वाेि मकान तक प्जमिें शफी मोहमम िशेख की गीि व अथपता िके पीछे की आबाीि शासम िहोगी। | 761 |
| 13 | भण्ािरी की तयाऊ ेि सरिोया मौहल्ाि की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए मोहमम िअीि जी वकी ितक। यहां ेि ुिरेश बाघमार के मकान ेि ाियीं ओर की आबाीि भंवर ाि ि जी हविाई के मकान तक। यहां ेि पुरानी कचहरी की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए ािोिं की हवेीि तक पुनः हनुमान जी के ेिवरे ेि ऊपर की ओर जाते हुए अथपता िकी ओर जाने वाेि ड़िक की बांयीं ओर की आबाीि को ेिते हुए रोशन ाि ि सरिोया व ववजेचवर ना ि योगी के मकान तक। प्जमिें जिीयों के मकान,क्ष्मिीना िमप्न्रि की गीि,जाजु एवं झंवरों का मौहल्ाि ताि बांतयाािरों की गीि प्मिमसति होगी। | 865 |
| 14 | ुिनाररया मप्न्रि के बाहर बने क्रॉ िेि रिि बाजार की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते हुए वपपीि बाजार में प्थति श्री नंकिकशोर काकाि की ुिकान तक प्जमिें चण्ािसयिों की गीि,पाचवनिा िमप्न्रि क े पा ि की आबाीि,कल्याणरायजी मप्न्रि के पुव,िउत्तर व क्षिणि की आबाीि,मिाितनयों की गीि, वपपीि बाजार ेि पुरानी ब्जिी मण्ीि ेि नीचे की ओर चतिे हुए ुिग्गड़ों,चण्ािसयिों की गीि में प्रवेश कर गीि के ोिनों ओर की आबाीि को ेिते हुए ओविाोिं के थािनक तक पुनः ोिहरों के मप्न्रि ेि नाुिाि ि चण्ािसयिा, भंवराि ि चण्ािसयिा की गीि की ोिनों ओर की आबाीि ेिते हुए कोठाररयों की गीि की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते हुए ोिहारों के मप्न्रि के ािमने बोहरवाड़ी की ोिनों ओर की आबाीि। | 759 |
| 15 | श्री धनराज ुिािर के मकान ेि ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते हुए महाेिवजी के चबुतरे तक वहां ेि चारभुजा मप्न्रि की तरफ जाने वाीि पुरी गीि की ोिनों ओर की आबाीि को समािते हुए चारभुजा मप्न्रि के आगे पीछे का मौहल्ाि, श्री भंवराि िकी गीि को समािते हुए श्री मुिरााि िपोि िकी ुिकान | 856 |
| ि े रिि बाजार होते हुए ाियीं ओर की आबाीि को समािते हुए माहेचवररयों का पंचायती नोहरा मातिनया बाजार के कोने पर प्थति श्री काकाि के मकान तक वहां ेि नीचे उतरते हुए ाियीं ओर की आबाीि को ेिते हुए, र्धोबयों के मकान माहेचवरी पंचायती नोहरे के उत्तरी रिवाजे की आबाीि को शासम ि करते हुए नीचे र्धोबयों की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते हुए श्री ोिहन ाि िधोबी के मकान तक प्जमिें भैरूाि िेिन, ोिहन ाि ि चण्ािसयिा, ततवाीियान एवं ड्ोििं के मकान शासम िहोंगे। | ||
| 16 | श्री हररशंकर बारेगामा मकान में नगर पासकिा, ंितोीि माता मप्न्रि के पा िकी आबाीि को ेिते हुए पुराने कृ व िववभाग तक वहां ेि पुनः ह्मिमपुरी में जाते हुए ोिनों ओर की आबाीि को ेिते हुए महाेिवजी के मप्न्रि के चबुतरे के पा ि बाुिराम ािधीच का मकान व उकिे ािमने वाेि मकान तक। प्जमिें गोपीाि ि पण्ाि की गीि मप्थज ि का चोक, बारेगामा की गीि तक एवं गल् िि थकु ि की गीि ोिनों ओर की कु सयिा आबाीि। | 756 |
| 17 | अब्ुि ि गनी के मकान ेि पुराने राशमी रोड़ तक की ोिनों ओर की आबाीि प्जमिें बराि चैक,हारून राईवर की गीि की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि ह ै। कन्द्रिी मप्थज ि ेि पुराने राशमी रोड़ की ाियीं ओर की आबाीि नाुि वपन्जारा के मकान तक। ताि पुराना राशमी रोड़ कन्द्रिी मप्थज ि के ािमने प्थति गोवधनि ाि ि ोिनी के मकान ेि बायीं ओर की आबाीि मन्ुिररयों की गुवाीि तक। नाुि वपन्जारा के मकान ेि मौमीन मौहल्ेि में प्रवेश करते हुए नहर क े पा िप्थति ेिवजी खटीक के मकान की ािईं ओर की आबाीि प्जमिें जामा मप्थज िके आ-िपा िकी चारों ओर की आबाीि शासम िहोगी। | 911 |
| 18 | चचत्तौड़गढ़ रोड़ प्थति मप्थज िके पा िप्थति खटीक मौहल्ाि को शासम िकरते ह ुए श्री कै ािश बारेगामा के मकान ेि चचत्तौड़गढ़ ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि प्जमिें मोटाखेत आबाीि को शासम िकरते हुए चचत्तौड़ रोड़ प्थति बथती की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए अमबेकिर भवन तक ताि इमिें बाािरड़ा रोड़ की मिपुण ि बथती थटेट हाईवे-09 तक प्जमिें राजकीय उप प्जाि चचककत्ाियि भी प्मिमसति होगा। एवं गुािबािगर में प्थति भीोिं की बथती थटेट हाईवे-09 तक को समािते हुए, रघुनाद्विारा, पुराना थकु ि की कु सयिा आबाीि शासम िहोगी। इमिें पुराना राशमी रोड़ प्थति श्री रघुना िखटीक वाीि गीि की ोिनों ओर की आबाीि शासम िहोगी। | 960 |
| 19 | पुराने राशमी रोड़ प्थति श्री मोहमम िहुैिन के मकान ेि चचत्तौड़ रोड़ की ओर जाने वाेि राथते की बायीं ओर की की आबाीि को शासम ि करते हुए नहर के पा िप्थति श्री मोहमम ियाकु ब के मकान तक। वहां ेि चमनपुरा की शौचायि वाीि गीि की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए मरड़ा खान के राथते तक, प्जमिें श्री मनिाि ि आचाय,ि त्यिनारायण आचाय ि वाीि गीि की ोिनों ओर की आबाीि शासम ि नहीं होगी। प्जमिें ीिवाना शाह बावजी व मोहमम ि ह ुैिन के पा िवाीि गीि व उकिे पा िगिी मिथत मध्य की गसयिां शासम ि | 819 |
| होगी। | ||
| 20 | पुराने राशमी रोड़ प्थति उयिाि िछीपा के मकान ेि शहर की ओर आने वाीि ड़िक की ािईं ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए बशीर की ुिकान तक वहां ि े खान्ोिसयिा मौहल्ाि की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि, गरूओं की हवेीि। ढ़ोसयिों की गीि की ोिनों ओर की आबाीि, नाईयों का चौक,ुिािरों के मप्न्रि की मिपुण ि आबाीि को समािते हुए मोतीाि ि टांक के मकान तक प्जमिें मन्ुिररयों की गुवाीि की आबाीि प्मिमसति नहीं रहेगी। | 769 |
| 21 | थवगीय श्री समठु ाि ि पायक एवं श्री कमरूद्दीन तनयारगर के मकान ेि पुराने राशमी रोड़ शहर की ओर आने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए बाबों का चौक तक, वहां ेि भैरूजी का चैक तक की बाईं ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए मराि खाने जाने वाेि राथतो की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए चमनपुरा श्री मनिाि िआचाय िवाीि गीि में ोिनों ओर की आबाीि को ेिते हुए आबाीि शासम िहोगी। बविन्त संिह के मकान ेि ािईं ओर की आबाीि जो भैरूजी का चौक होते हुए रशी िभाटी के मकान तक की आबाीि शासम िरहेगी। | 667 |
| 22 | चचत्तौड़ रोड़ प्थति अमबेकिर भवन ेि प्रारमभ होने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम ि करते हुए आरामशीन की बथती, ववका ि नगर, मोीि पेट्रो िपमप, करणजी का खेड़ा तक की कु सयिा आबाीि। इमिें समयाचन् िखेड़ा, काबिेसयिा बथती की कु सयिा आबाीि ताि भोपाखिेड़ा प्थति चामुण्ाि माताजी ि े भंवर ाि िधोबी तक की गीि की ोिनों ओर की आबाीि प्मिमसति रहेगी। | 760 |
| 23 | धोबीखेड़ा (भोपाखिेड़ा), शमशान घाट के पा िकी कु सयिा आबाीि, राजराजेचवर ताािब की पा,ि गोपाद्विारा की कु सयिा आबाीि। प्जमिें चामुण्ाि माताजी ेि भंवर ाि िधोबी तक गीि की ोिनों ओर की आबाीि प्मिमसति नहीं होगी। | 688 |
| 24 | पायक मौहल्ाि में प्थति जनानी बाेि की गसयिां शासम ि करते हुए पुराना राशमी रोड़ पर प्थति क्रॉ िेि ताािब की ओर जाने वाीि ड़िक की ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए चमपााि ितेीि के मकान तक, वहां ेि फकीर मौहल्ेि के ोिनों ओर की आबाीि को शासम िकरते हुए भैरूाि िेिन के मकान तक पुनः वहां ेि राशमी रोड़ ेि फकीर मौहल्ाि चमपााि ितेीि के मकान तक की बायीं ओर की आबाीि प्जमिें आचाय ि गीि, मासयिों की गीि, व्याोिं का चौक, ओविाोिं का पंचायती नोहरा व उकिे ािमने की गीि भी शासम िहोगी। | 870 |
| 25 | नीगिरों की गीि ेि शुरू होकर गीि के ोिनों ओर की आबाीि को समािते हुए ताािब की ओर जाते हुए राशमी रोड़ की बायीं ओर की आबाीि को समािते हुए ुिनाररया मप्न्रि के ािमने खुरे की ोिनों ओर की आबाीि को समािते हुए जमा ि तांगा वााि के मकान को ेिते हुए कावडयिा मप्न्रि के पा ि प्थति चयामाि िबेणीराम के मकान तक की बायीं ओर की आबाीि पुनः राजराजेचवर ताािब पर प्थति जाििय ववभाग ि े प्रारमभ होकर कावडयिा मप्न्रि,नारायणाि,िऊं काराि ि के मकान को ेिते हुए श्री फिाकत अीि की | 866 |
| ीिमेन्ट गीि की बायीं ओर की आबाीि को ेिते हुए मांगीाि िगेािि के पप्ब्कि हाईेिन्ट के पा ि प्थति मकान तक की बायीं ओर की आबाीि को ेिते हुए ोिहनाि ि चोपाि, भंवराि ि हविाई के मकान तक। पुनः श्री त्यिनारायण गेािि के मकान ेि फिाकत अीि जी की गीि ेि नीचे उतरते हुए बायीं ओर की ेिते हुए र्पुबयिा मौहल्ाि की बायीं ओर की आबाीि को ेिते हुए ड़िक श्री पन्नााि,ितुीििराम ुिािर के नीम के नीचे वाेि मकान तक इ िबीच में आने वाीि क्ष्मिणसंिह राईवर वाीि गीि (ोिकत अीि के पीछे ) की कु सयिा आबाीि पुनः रतनाि िर्पुबयिा के मकान ेि र्पुबयिा मौहल्ेि की ओर जाते हुए बायीं ओर की आबाीि प्जमिें श्री चमपााि ि बागड़ा, ािािप्राि,ि गोपीाि ि कु मावत, मुमताज अीि के मकानों को ेिते हुए जाििय ववभाग तक। |