| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| र्कातकि 06, मंगलवार, शाके 1947- अक् टू बर 28, 2025 Kartika 06, Tuesday, Saka 1947- October 28, 2025 |
भाग्5्(घ)
कर्मचारी्राज्य्र्बीा अधनिनर्य्के ्अन््तगमत्यिये्गये्नन्मय।
श्र्र वभिाग
अधसिूचना
जयपुर,्अक््टू र्ब10,्2025
््््संख््या् एफ.14(14)(3)श्र्र/ई.एस.आई/97/पाटम-4 /00182 :-कमचिारी राज्य बीमा अर्धनियम, 1948 (1948 के के न्द्रीय अर्धनियम संख्या-34) की ािरा-87 के द्वारा प्रदत्त शक्क्तयों का प्रयोग करते हुये राज्य सरकार द्ािरा र्ैससम जे. के . र्सीेन्ट क्सिम, कै लाश नगर, तह0- ननम्बाहेड़ा, जजला-धचत्तौडगढ़ को ददनांक 11.12.2025 से 10.12.2026 तक की अवधि के ललए उक्त अर्धनियम के लागू होने से र्नम्नललखति शतो पर छू ट प्रदान की जाती है। शते:-
1.र्नयोजक द्वारा देय धचककत्सा सुववाि का लाभ सभी कमचिारी क्जनमें अस्थाई या ठे का श्रलमक भी सक्म्मललत हैं, को भी ददये जायेगें।
2.पूवावित ् संस्थान क्जसमें कमचिारी र्नयोक्जत है, एक रक्जस्टर रेिगा, क्जसमें छू ट प्राप्त कमचिाररयों के नाम और पद दशायिे जायेंगे।
3.इस छू ट के होते हुए भी कमचिारी उक्त अर्धनियम के अंतगति ऐसे दहतलाभ प्राप्त करते रहेंगे क्जनके ललए इस अधसिूचना द्वारा प्रदत्त छू ट के लागू होने की र्तधथ से पूवि प्रदत्त अंशदानों के आािर पर हकदार हो जाते हैं। 4.छू ट प्राप्त अवधि के ललए यदद कोई अंशदान की अदायगी पहले ही की जा चुकी है तो वह वापस नहीं की जावेगी।
5.उक्त संस्थान का र्नयोजक उस अवधि की बाबत ् क्जसके दौरान उस संस्थान पर उक्त अर्धनियम लागू था (क्जसे इसमें इसके पश्चात ्''उक्त अवधि'') कहा गया है ऐसी वववरखयिां, ऐसे प्रारूप और ऐसे ब्यौरे देतें हुए प्रस्तुत करेगा जो कमचिारी राज्य बीमा (सामान्द्य) वर्वनयम 1950 के अन्द्तगति उक्त अवधि के दौरान भेजी जानी अपेक्षति है।
6.उक्त अर्धनियम की ािरा-45 की उपािरा(1) के अंतगति र्नगम द्वारा र्नयुक्त कोई र्नरीकि अथवा इस संबंि में र्नगम का प्राधकिृ त कोई अन्द्य अधकिारी र्नम्नललखति प्रयोजनों के ललए अधकिृ त होंगे:-
प्रयोजन
(क)ािरा-44 की उपािरा(1) के अन्द्तगति प्रस्तुत उक्त अवधि की ककसी वववरीि में ददए गए ब्यौरों का सत्यापन अथवा
(ख)कमचिारी राज्य बीमा (सामान्द्य)वर्वनयम-1950 द्वारा यथा अपेक्षति उक्त अवधि के रक्जस्टर और ररर्काि 442 राजस्थान राज-पत्र, अक्टू बर 28, 2025 भाग 5 (घ) (ग)इस अर्धनियम के अन्द्तगति प्रदान की गई छू ट के प्र्रतफल स्वरूप र्नयोजक द्वारा ददए जाने वाले नकद तथा वस्तुरूपी दहतलाभों के ललए कमचिाररयों का ऐसे दहतलाभ के ललए हकदार बने रहना र्सुनक्श्चत करना अथवा
(घ)यह अलर्भनक्श्चत करने के प्रयोजनाथि कक उस अवधि के दौरान जब उक्त कारािने/स्थापन के संबंि में अर्धनियम के उपबन्द्ोिं की अनुपालना की गई थी या नहीं।
कायम जजनके ललए सशक्त होंगे:-
(क)प्रािन अथवा आसन्द्न र्नयोजक से ऐसी सूचना प्रस्तुत करने के ललए कह सके गा, क्जसे वह आवश्यक समझता है अथवा
(ख)ऐसे प्रािन अथवा आसन्द्न र्नयोजक के कब्जे में ककसी कारािने, स्थापन कायालिय या अन्द्य पररसर में ककसी उपयुक्त समय में प्रवेश कर सके गा और उसके प्रभारी से र्नयोक्जत व्यक्क्तयों के रोजगार या मजदूरी की अदायगी के संबंि में ऐसे लेेि, बदहयां तथा अन्द्य दस्तावेज प्रस्तुत करने के ललए कह सके गा क्जसको वह आवश्यक समझता है अथवा
(ग)प्रािन या आसन्द्न र्नयोजक की उसके अलभकताि या सेवक की या ऐसे ककसी व्यक्क्त की जो ऐसे कारािने, स्थापन कायालिय या अन्द्य पररसर में पाया जावे या ऐसे ककसी व्यक्क्त की क्जसके बारे में उक्त र्नरीकि या अन्द्य अधकिारी के पास ववश्वास करने का युक्क्तयुक्त कारि है कक वह कमचिारी है, परीाि कर सके गा अथवा
(घ)ऐसे कारािने स्थापन कायालिय अथवा अन्द्य पररसर में रेि गए ककसी रक्जस्टर, लेाि पुस्तक या अन्द्य दस्तावेज के उद्धरि या उसकी प्र्रतललवप ले सके गा।
राज्यपाल के आयेश से,
मिपिाल लसंह,