| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| र्कातकि 06, मंगलवार, शाके 1947- अक् टू बर 28, 2025 Kartika 06, Tuesday, Saka 1947- October 28, 2025 |
भाग-1(ख)
महत्वर्पूण सरकारी आज्ञायें।
राजस्थान ववधान सभा सचविालय
आज्ञा
जयपुर, अक्टू बर 13, 2025 ््््संख्या: 536/संस्था/ववस/2025 :-इस सचविालय की आज्ञा संखया 501/संसथा/ववस/2025 दनिांक 18.09.2025 द्वारा गदति ववभागीय पोिनर्नत समर्मत की अनुशंसा के आधार पर वररषि उप सचवि, उप सचवि (सहायक सचवि संवगि), सहायक सचवि एवं अनुभाग अचधकारी की र्वि 2025-26 की ररक्क्तयों के ववरूद्ध र्नयममत यिन के उपरांत माननीय अधयक्ष, राजसथान ववधान सभा र्नमनांककत काममकिों को उनके नाम के सममुख अंककत दनिांक से र्नमनानुसार पोिननत करते हैं:-
र्वण 2025-26
| क्र.सं. | नाम | आधार | पदोन्नति की ट्रदनांक |
| 1. | श्री संजीव कु मार शमाि | वररष तिा-सह- योग यता | 01.04.2025 |
| 2. | श्री नन ि ककशोर शमाि | वररष तिा-सह- योग यता | 01.12.2025 |
| 1. | श्री नरेन द्र कु मार शमाि (से.दि. 31.07.2025) | वररष तिा-सह- योग यता | 01.04.2025 |
| 2. | श्री भगवान मसंह शेखावत | योग यता-सह- वररष तिा | 01.04.2025 |
| 1. | श्री र्शांत कु मार सैनी | वररष तिा-सह-योग यता | 01.04.2025 |
| 2. | श्री कृ ष ण कु मार शमाि | वररष तिा-सह-योग यता | 01.04.2025 |
| 3. | श्रीमती र्अनता शमाि | वररष तिा-सह-योग यता | 01.04.2025 |
| 4. | श्री भागीरथ मल | वररष तिा-सह-योग यता | 01.04.2025 |
| 5. | श्री पंकज कु मार जैन | वररष तिा-सह-योग यता | 01.04.2025 |
र्यी है।
अनुर्भा अचधकारी (पे मेट्रक्सि लेवल L-12)
| क्र.सं. | नाम | आधार | पदोन्नति की ट्रदनांक |
| 1. | श्री महेश नि ि शमाि | वररष तिा-सह- योग यता | 01.04.2025 |
| 2. | श्री सौरभ काबरा | वररष तिा-सह- योग यता | 01.04.2025 |
| 3. | श्री नरेश कु मार जोशी | वररष तिा-सह- योग यता | 01.04.2025 |
| 4. | श्री संीिप उयिवाल | वररष तिा-सह- योग यता | 01.04.2025 |
उपरोक्त समसत काममकिों को नगि लाभ इनके द्वारा कायभिार संभालने की र्तचथ से ेिय होगा।
वररषि उप सचवि एवं उप सचवि पि पर पोिनर्नत संबंधी प्रकरण माननीय उचि नयायालय, जयपुर खणडपीि में ाियर डी.बी. मसववल ररट वपटीशन संखया 15784/2024 श्री सुशील कु मार शमाि बनाम राजसथान राजय एवं अनय के र्नणयि के अधयधीन रखी जानी है। जब भी माननीय उचि नयायालय का र्अंतम र्नणयि पाररत होगा, र्नणयिानुसार उक्त प्रकरण पर ववािर कर मलया जायेगा।