| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| र्कातकि 07, बुधवार, शाके 1947- अक् टू बर 29, 2025 Kartika 07, Wednesday, Saka 1947- October 29, 2025 |
भाग्5्(घ)
कर्मचारी्राज्य्र्बीा अधनिनर्य्के ्अन््तगमत्यिये्गये्नन्मय।
श्र्र वभिाग
अधधसूचना
जयपुर,्अक््टू र्ब10,्2025
््््संख््या् एफ.14(14)(1)श्र्र/ई.एस.आई/2015/पाटम-1/00181 :-र्कचिारी राज्य र्बीा अधर्धनर्य, 1948 (1948 के के न्द्रीय अधर्धनर्य संख्या-34) की धारा-87 के द्वारा प्रदत्त शक्क्तयों का प्रयोग करते हुये राज्य सरकार द्वारा र्ैससम जे. के . र्सीेन्ट क्सिम, र्ांगरोल, तह0-ननम्बाहेड़ा, जजला-धचत्तौडगढ को ददनांक 17.10.2025 से 16.10.2026 तक की अवधध के लएि उक्त अधर्धनर्य के ािगू होने से र्नम्नलखिति शतो पर छू ट प्रदान की जाती है। शते:-
1.र्नयोजक द्वारा देय धचककत्सा सुववधा का ािभ सभी र्कचिारी क्जर्नें अस्थाई या ठे का श्रर्लक भी सक्र्म्लति हैं, को भी ददये जायेगें।
2.पूवावित ् संस्थान क्जर्सें र्कचिारी र्नयोक्जत है, एक रक्जस्टर रेिगा, क्जर्सें छू ट प्राप्त र्कचिाररयों के र्ना और पद दशायिे जायेंगे।
3.इस छू ट के होते हुए भी र्कचिारी उक्त अधर्धनर्य के अंतगति ऐसे दहतािभ प्राप्त करते रहेंगे क्जनके लएि इस अधधसूचना द्वारा प्रदत्त छू ट के ािगू होने की र्तधथ से पूवि प्रदत्त अंशदानों के आधार पर हकदार हो जाते हैं। 4.छू ट प्राप्त अवधध के लएि यदद कोई अंशदान की अदायगी पहेि ही की जा चुकी है तो वह वापस नहीं की जावेगी।
5.उक्त संस्थान का र्नयोजक उस अवधध की बाबत ् क्जसके दौरान उस संस्थान पर उक्त अधर्धनर्य ािगू था (क्जसे इर्सें इसके पश्चात ्''उक्त अवधध'') कहा गया है ऐसी वववरखयिां, ऐसे प्रारूप और ऐसे ब्यौरे देतें हुए प्रस्तुत करेगा जो र्कचिारी राज्य र्बीा (र्साान्द्य) वर्वनर्य 1950 के अन्द्तगति उक्त अवधध के दौरान भेजी जानी अपेक्षति है।
6.उक्त अधर्धनर्य की धारा-45 की उपधारा(1) के अंतगति र्नर्ग द्वारा र्नयुक्त कोई र्नरीकि अथवा इस संबंध र्ें र्नर्ग का प्राधधकृ त कोई अन्द्य अधधकारी र्नम्नलखिति प्रयोजनों के लएि अधधकृ त होंगे:-
प्रयोजन
(क)धारा-44 की उपधारा(1) के अन्द्तगति प्रस्तुत उक्त अवधध की ककसी वववरीि र्ें ददए गए ब्यौरों का सत्यापन अथवा
(ख)र्कचिारी राज्य र्बीा (र्साान्द्य)वर्वनर्य-1950 द्वारा यथा अपेक्षति उक्त अवधध के रक्जस्टर और ररर्काि 444 राजस्थान राज-पत्र, अक्टू बर 29, 2025 भाग 5 (घ) (ग)इस अधर्धनर्य के अन्द्तगति प्रदान की गई छू ट के प्र्रतफि स्वरूप र्नयोजक द्वारा ददए जाने वाेि नकद तथा वस्तुरूपी दहतािभों के लएि र्कचिाररयों का ऐसे दहतािभ के लएि हकदार बने रहना र्सुनक्श्चत करना अथवा
(घ)यह अलर्भनक्श्चत करने के प्रयोजनाथि कक उस अवधध के दौरान जब उक्त कारािने/स्थापन के संबंध र्ें अधर्धनर्य के उपबन्द्धों की अनुपानिा की गई थी या नहीं।
कायम जजनके ललए सशक्त होंगे:-
(क)प्रधान अथवा आसन्द्न र्नयोजक से ऐसी सूचना प्रस्तुत करने के लएि कह सके गा, क्जसे वह आवश्यक र्सझता है अथवा
(ख)ऐसे प्रधान अथवा आसन्द्न र्नयोजक के कब्जे र्ें ककसी कारािने, स्थापन कायायिि या अन्द्य पररसर र्ें ककसी उपयुक्त र्सय र्ें प्रवेश कर सके गा और उसके प्रभारी से र्नयोक्जत व्यक्क्तयों के रोजगार या र्जदूरी की अदायगी के संबंध र्ें ऐसे ेिेि, बदहयां तथा अन्द्य दस्तावेज प्रस्तुत करने के लएि कह सके गा क्जसको वह आवश्यक र्सझता है अथवा
(ग)प्रधान या आसन्द्न र्नयोजक की उसके अलभकताि या सेवक की या ऐसे ककसी व्यक्क्त की जो ऐसे कारािने, स्थापन कायायिि या अन्द्य पररसर र्ें पाया जावे या ऐसे ककसी व्यक्क्त की क्जसके बारे र्ें उक्त र्नरीकि या अन्द्य अधधकारी के पास ववश्वास करने का युक्क्तयुक्त कारि है कक वह र्कचिारी है, परीाि कर सके गा अथवा
(घ)ऐसे कारािने स्थापन कायायिि अथवा अन्द्य पररसर र्ें रेि गए ककसी रक्जस्टर, ेिाि पुस्तक या अन्द्य दस्तावेज के उद्धरि या उसकी प्र्रतलविप ेि सके गा।
राज्यपाल के आयेश से,
र्धपिाि लसंह,