| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| र्कातकि 21, बुधवार, शाके 1947- नवम् बर 12, 2025 Kartika 21, Wednesday, Saka 1947- November 12, 2025 |
भाग-1(ख) महत्वर्पूण सरकारी आज्ञायें। उद्योग एवं वार्णज्य (ग्रुप-2) ववभाग अधधसूचना
जयपुर,्ससतम््र्ब3,,्030
संख््या्प.1(6)उद्योग/ग्रुप-2/2025/06495
ववश्वकमाण युवा उद्यमी प्रोतसाहन योजना
1. प्रसतावना्:-
राज्य में युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने हेतु ववत्तीय संस्थान के माध्यम से र्माजनि मनी एवं ब्याज अनुदान युक्त ऋण उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से यह योजना प्रारम्भ की जा रही है। ववश्वकमाि युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य स्वयं के उद्यम की स्थापना एवं स्थावपत उद्यम के ववस्तार, ववववधीकरण या आर्धुनकीकरण हेतु कम लागत पर ऋण उपलब्ध कराकर रोजगार के नवीन अवसरों का सृजन करना है। इससे न के वल उद्यम व रोजगार हेतु सुगम ऋण की उपलब्धता संभव हो सके गी, अवपतु इसके उपरांत उन्हें उद्यम के अन्य चरणों हेतु के न्रीय/राज्य सरकार की अन्य प्रकृ र्त की योजनाओं का बेहतर लाभ भी प्राप्त हो सके गा।
2. योजना का नाम एवं प्रवतणन अवधि :-
योजना का नाम ''ववश्वकमाि युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना'' होगा, इसका कायक्षिेत्र राजस्थान राज्य होगा। योजना की अधधसूचना जारी होने की ददनांक से 31 माचि, 2029 तक प्रभावी रहेगी।
3. योजना का सवरूप :-
योजना अन्तगति ववत्तीय संस्थानों के माध्यम से वर्वनमाणि एवं सेवा आधाररत उद्यम हेतु ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा, र्जस पर राज्य सरकार द्वारा र्माजनि मनी तथा ब्याज अनुदान के रूप में ववत्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। नये स्थावपत होने वाले उद्यम के साथ-साथ पूवि स्थावपत उद्यम भी ववस्तार/ववववधीकरण/आर्धुनकीकरण इत्यादद हेतु लार्भान्वत हो सकें गे। योजना अन्तगति व्र्यक्तगत आवेदक के साथ साथ संस्थागत आवेदक (एच.यू.एफ/ सोसायटी/भागीदारी फमि/एल.एल.पी.फमि/कम्पनी) भी पात्र होंगे। योजनान्तगति उद्यम का स्थापना क्षेत्र राजस्थान राज्य होगा।
4. पात्रता्की्शतें्:-
(i) आवेदक की आयु 18 से 45 र्वि होगी।
(ii) एच.यू.एफ, सोसायटी, भागीदारी फमि, एल.एल.पी.फमि एवं कम्पनी की र्स्र्थत में उनका र्नयमानुसार पंजीकृ त होना आवश्यक होगा एवं संस्थान का 51 प्र्रतशत या अधधक स्वाममत्व 18 से 45 र्वि के आयु के व्र्यक्तयों में र्नदहत होना र्अनवायि होगा। (iii) योजना के तहत ऋण एवं ब्याज अनुदान हेतु आवेदन र्तधथ के समय भारत सरकार द्वारा र्नधारिरत पररर्भाा अन्तगति शाममल सूक्ष्म एवं लघु उद्यम पात्र होंगे।
(iv) एक व्र्यक्त एवं उसके पररवार के ककसी भी सदस्य जो ककसी कम्पनी में डायरेक्टर है र्जसके द्वारा योजना में लाभ मलया गया है और यदद वही व्र्यक्त एवं उसके पररवार के ककसी भी सदस्य द्वारा ककसी अन्य कम्पनी में भी डायरेक्टर है तो अन्य दूसरी कम्पनी को योजना अन्तगति लाभ हेतु पात्र होगा।
उक्त शतों के भीतर ववमभन्न संस्थागत आवेदकों के मलये पात्रता, वरीयता आदद से संबंधधत अन्य शतें उद्योग एवं वाणणज्य ववभाग द्वारा र्नधारिरत की जाने वाली योजना के कयिान्वयन की मागदिमशकिा/ददशा-र्नदेशों के अनुसार होंगी।
ननम्न योजना अन्तगणत पात्र नहीं होंगे :-
(V) लाभाथी इकाई द्वारा भारत सरकार अथवा राज्य सरकार की ककसी भी योजना में
ंजीगत अनुदान अथवा ब्याज अनुदान मलया गया हो तो ऐसी लाभाथी ववगत 5 र्वि में पू इकाईयां लाभ प्राप्त मद में योजना अन्तगति पात्र नही होंगी।
(VI) ऐसे आवेदक जो ककसी ववत्तीय संस्थान/बैंक का डडफाल्टर या र्दोी हो।
5. र्ऋदात्री्संसथाएं :-
योजना अन्तगति र्नम्नांककत ववत्तीय संस्थाएं ऋण उपलब्ध करा सकें गी:-
(i) राष्ट्रीयकृ त वाणर्णज्यक बैंक। (ii) भारतीय ररजवि बैंक द्वारा प्राधधकृ त र्नजी क्षेत्र के अनुसूधचत वाणर्णज्यक बैंक तथा अनुसूधचत स्मॉल फाईनेंस बैंक।
(iii) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।
(iv) राजस्थान ववत्त र्नगम।
(v) मसडबी।
(vi) अरबन कॉ-ऑपरेदटव बैंक एवं सेन्रल कॉ-ऑपरेदटव बैंक ।
भारतीय ररजवि बैंक के ददशा-र्नदेशानुसार ऋण की तय सीमा पर ववत्तीय संस्थानों द्वारा सम्र्पाश्वकि प्र्रतर्भूत की मांग नहीं की जायेगी तथा सभी प्रकार के ऋण प्रकरणों को आवश्यकतानुसार ववत्तीय संस्थान द्वारा Credit Guarantee Trust Fund For Micro and Small Enterprises (CGTMSE) योजना से जोड़ा जा सके गा। इसमें गारंटी फीस का वहन लाभाथी द्वारा ककया जायेगा।
भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 12952
6. योजना्क्रयिान्वयन्एजेन्सी्:-
इस योजना का कयिान्वयन उद्योग एवं वाणणज्य ववभाग के अधीन र्जलों में कायरित र्जला उद्योग एवं वाणणज्य के न्रों के माध्यम से ककया जाएगा। कायालिय आयुक्त उद्योग एवं वाणणज्य राज्य स्तर पर योजना के कयिान्वयन एवं पयविेक्षण हेतु नोडल एजेन्सी होगा।
7. र्ऋ संबंीि प्रावािन एवं राजकीय सहायता का सवरूप:-
अनुच्छे द - 7(अ) र्ऋ सीमा:- ववत्तीय संस्थानों द्वारा नए उद्यम की स्थापना तथा ववस्तार, ववववधीकरण एवं आर्धुनकीकरण हेतु भूमम, संयंत्र एवं मशीन, वकि शेड/भवन, फनीचर, उपकरण, कायशिील पू ंजी इत्यादद के मलए अधधकतम 2 करोड़ रूपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा। भूमम एवं भवन प्रोजेक्ट का भाग होने पर भूमम भवन व भूमम हेतु, कु ल ऋण रामश का अधधकतम 25 प्र्रतशत ऋण ब्याज अनुदान हेतु पात्र होगा। प्रोजेक्ट लागत की न्यूनतम 10 प्र्रतशत रामश आवेदक को स्वयं के अशंदान के रूप में लगानी होगी। अनुच्छे द-7(ब) र्ऋ का सवरूपः- ऋण का स्वरूप प्रोजेक्ट की आवश्यकतानुसार कम्र्पोजट ंजी ऋण सी.सी. मलममट के रूप में ही पात्र ऋण अथवा के वल सावधध ऋण होगा। कायशिील पू होगी।
ंजी की अधकितम सीमा :- कम्र्पोजट ऋण का
ंजी की मात्रा वाले प्रोजेक्ट ही योजनान्तगति पात्र होंगें।
ंजी पर ही ब्याज अनुदान देय होगा।
अनुच्छे द -7(स) कम्पोजजट र्ऋ में कायणशील पू अधधकतम 30 प्र्रतशत कायशिील पू अनुच्छे द-7(द) :- ववस्तार/ववववधीकरण/आर्धुनकीकरण के मामलों में ववस्ताररत प्रोजेक्ट हेतु मलए गए सावधध ऋण एवं कायशिील पू अनुच्छे द -7(य) :- योजना के तहत आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट ररपोटि के आधार पर प्रथम बार स्वीकृ त ऋण रामश पर ही ब्याज अनुदान देय होगा। इसके पश्चात ् ववत्तीय संस्थान के स्तर से ऋण रामश में ककसी प्रकार की वृवि ब्याज अनुदान हेतु पात्र नहीं मानी जायेगी। अनुच्छे द -7(र) ववसतार/ववववीिकर्र/आुिननकीकर्र :- पूवि में संचामलत उद्यम द्वारा ववस्तार/ववववधीकरण/आर्धुनकीकरण हेतु ववत्तीय संस्थान से प्रोजेक्ट ररपोटि में वणणति र्नवेश के मदों हेतु र्अतररक्त ऋण प्राप्त कर उद्यम हेतु वर्वनर्योजत ककया जाना ही ववस्तार/ववववधीकरण/आर्धुनकीकरण माना जाएगा। अनुच्छे द -7(ल) अनुदान संबंीि प्रावािन:- (i) र्ऋ श्रेर्णयााँ एवं ब्याज अनुदानः- योजना के अन्तगति ऋण रामश के आधार पर र्नम्नानुसार 2 श्रेणणयों में प्रदत्त ऋण को समय पर चुकाने पर र्नम्नानुसार ब्याज अनुदान देय होगा:-
| ि.सं. | अधधकतम ऋण रामश | ब्याज अनुदान |
| 1. | 1 करोड़ रू. तक | 8% |
| 2. | 1 करोड़ रू. से अधधक एवं 02 करोड़ रू. तक | 7% |
मदहला, एससी/एसटी, ददव्यांगजन (Persons with Benchmark Disabilities) उद्यममयों, ग्रामीण क्षेत्र में स्थावपत उद्यम, भारत सरकार या र्जला उद्योग एवं वाणणज्य के न्रों द्वारा जारी बुनकर काडि धारक बुनकरों तथा हस्तमशल्पी/दस्तकार/मशल्पी काडि धारक मर्शल्पयों को 1 करोड़ रू. से अधधक एवं 02 करोड़ रू. तक के ऋण पर 1% र्अतररक्त ब्याज अनुदान देय होगा। ववत्तीय संस्थान की ऋण पर ब्याज दर उपरोक्त दर के बराबर या उससे कम है, तो शत-प्र्रतशत ब्याज अनुदान देय होगा।
(ii) माजजणन मनी अनुदानः-
योजना के अन्तगति ववत्तीय संस्थानों द्वारा प्रदत्त ऋण का 25 प्र्रतशत अथवा पांच लाख रुपये जो भी कम हो र्माजनि मनी अनुदान रामश देय होगी। ववत्तीय संस्थान द्वारा र्माजनि मनी अनुदान रामश के समतुल्य अथवा अधधक रामश का आवेदक को ऋण भुगतान ककये जाने पर ही उक्त र्माजनि मनी अनुदान देय होगा। र्माजनि मनी अनुदान की रामश संबंधधत ववत्तीय संस्थान में शॉटि टमि डडर्पॉजट के रूप में जमा रहेगी, र्जस पर ववत्तीय संस्थान द्वारा राज्य सरकार को न तो ब्याज रामश का भुगतान ककया जायेगा और न ही इस रामश के समतुल्य ऋण रामश पर संबंधधत ऋणी से ब्याज वसूल ककया जायेगा।
प्रोजेक्ट की स्थापना हेतु ऋण ववतरण उपरांत 3 र्वि तक उद्यम संचामलत करने एवं ऋणी के डडफॉल्टर नहीं होने पर ववभागीय जााँच उपरांत र्माजनि मनी रामश के समायोजन आदेश जारी करने पर ववत्तीय संस्थान द्वारा तदनुसार र्माजनि मनी अनुदान की रामश ऋणी के खाते में समार्योजत कर दी जायेगी। उद्यमी द्वारा 3 र्वि तक उद्यम संचामलत नहीं ककये जाने की र्स्र्थत में समस्त र्माजनि मनी रामश ववत्तीय संस्थान द्वारा उद्योग एवं वाणणज्य ववभाग को बबना ब्याज के लौटा दी जावेगी।
8. र्ऋ अवधि एवं अदायगी अवधि में छू ट:-
ववत्तीय संस्थान द्वारा प्रदत्त ऋण की समयावधध अधधकतम 7 र्वि तक होगी।
योजना में ववत्तीय संस्थानों द्वारा प्रदत्त ऋण पर ब्याज अनुदान की अधधकतम अवधध उद्यम के उत्पादन/संचालन के प्रारंभ से 5 र्वि होगी। ववत्तीय संस्थान द्वारा प्रदत्त ऋण की कु ल अवधध 5 र्वि से अधधक होने की र्स्र्थत में ब्याज अनुदान 5 र्वि तक ही देय होगा। ववत्तीय संस्थानों द्वारा प्रदत्त ऋण पर ऋण अदायगी में अधधकतम 6 माह का Moratorium
गितान क्षमता के Period हो सके गा, जो उद्यम की प्रकृ र्त/लाभप्रदता एवं ऋणी की पुनभु आधार पर ववत्तीय संस्थानों द्वारा र्र्नश्चत ककया जायेगा। Moratorium Period में ब्याज रामश के र्नयममत भुगतान पर योजना अन्तगति ब्याज अनुदान देय होगा।
9. आवेदन प्रक्रयिा एवं योजना का क्रयिान््वयन :-
(i) योजना अन्तगति आवेदन पत्रों की जांच एवं स्ूि टनी हेतु एक र्जला स्तरीय टास्क फोसि समर्मत (DLTFC) का गठन ककया जायेगा। DLTFC की अमभर्शंा पश्चात ् ही आवेदन पत्र ववत्तीय संस्थान को अग्रेर्वत ककये जा सकें गे। ववत्तीय संस्थानों द्वारा उद्यमों को सीधे स्वीकृ त ऋण प्रकरण योजना में लाभ हेतु पात्र नही होंगे।
(ii) ववत्तीय संस्थान/बैंक पररवतनि (Loan Takeover) र्जला स्तरीय टास्क फोसि समर्मत (DLTFC) के अनुमोदन एवं आयुक्त, उद्योग एवं वाणणज्य की अनुर्मत के पश्चात ् के वल एक बार ककया जा सके गा, र्जसकी प्रकयिा योजना की मागदिमशकिा के अनुसार होगी।
(iii) योजना का कयिान्वयन ऑनलाईन पॉटलि के माध्यम से ककया जायेगा, र्जसकी प्रकयिा योजना
कयिान्वयन हेतु र्नधारिरत मागदिमशकिा के अनुसार होगी। योजना में आवेदन की सरलता तथा भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 12954 उनकी काययिोजना की बेहतर पररणाम देयता के मलए प्रत्येक र्जला उद्योग एवं वाणणज्य के न्र द्वारा प्रयास ककये जावेंगे।
10. ननबणन्नि एवं शतें:-
(i) योजना अन्तगति स्वीकृ त ऋण रामश का उपयोग उसी कायि हेतु ककया जा सके गा, र्जसके मलए ऋण स्वीकृ त ककया गया है।
गितान करने पर देय (ii) योजना अन्तगति अनुदान सहायता, उद्यम द्वारा ऋण के समय पर पुनभु
होगी। ऋणदात्री ववत्तीय संस्थान द्वारा प्रेर्वत मांग पत्र में ऋणी के ऋण अदायगी में र्दोी नहीं होने व पररयोजना के कायरित होने का उल्लेख करना होगा। अनुदान भुगतान संबंधधत र्जला उद्योग एवं वाणणज्य के न्र के महाप्रबन्धक के प्रमाणन/मान्यकरण पश्चात ् ककया जा सके गा।
(iii) ऋण खाता NPA (गैर र्नष्ट्पादन र्आस्तयााँ) श्रेणी में आने के बाद उद्यमी द्वारा कालान्तर में र्नयममत कर ददये जाने पर उक्त अवधध का ब्याज अनुदान एवं अन्य पररलाभ देय होंगे, जो ऋण स्वीकृ र्त आदेश की शतों के अध्यधीन होगा।
(iv) अपात्र इकाई द्वारा योजना में लाभ मलए जाने पर र्जला स्तरीय टास्क फोसि समर्मत द्वारा प्रकरण को र्नरस्त ककया जाएगा र्जसके आधार पर भुगतान की गई अनुदान रामश मय 18 प्र्रतशत दण्डनीय ब्याज वसूलनीय होगी।
(v) योजनान्तगति ब्याज अनुदान का लाभ उद्यम के उत्पादन/संचालन प्रारंभ करने के पश्चात ् ही देय होगा।
11. योजना के अन्तगणत अपात्र गनतववधयिों की सूची:-
योजना के अन्तगति र्नम्न र्गतववधधयॉ ं अपात्र होगी :-
(i) मांस, मददरा व मादक पदाथों से बने उत्पादों का र्नमाणि व ववयि।
(ii) ववस्फोटक पदाथ।ि
(iii) वाणर्णज्यक पररवहन वाहन, र्जसकी ऑन-रोड कीमत 15 लाख रु. से अधधक हो।
(iv) भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर प्र्रतर्बन्धत उत्पाद/ र्गतववधधयां।
(v) कृ र्व एवं संबि र्गतववधधयां (पशुपालन, पक्षीपालन, मत्स्यपालन सदहत)
(vi) खनन, ररयल एस्टेट संबंधी र्गतववधधयां।
(vii) अलाभकारी संस्थाओं यथा एनजीओ, रस्ट द्वारा संचामलत र्गतववधधयां।
12. अपीलः-
र्जला स्तरीय टास्क फोसि समर्मत (DLTFC) के ककसी भी र्नणयि के ववरूि आवेदक द्वारा आयुक्त, उद्योग एवं वाणणज्य को अपील की जा सके गी एवं आयुक्त, उद्योग एवं वाणणज्य का र्नणयि र्अंतम होगा।
13. योजना का प्रशार्सनक ववभाग उद्योग एवं वाणणज्य ववभाग होगा। योजना में ककसी भी प्रकार का संशोधन एवं पररवतनि करने हेतु उद्योग एवं वाणणज्य (ग्रुप-2) ववभाग सक्षम होगा। योजना के सुचारु संचालन हेतु प्रकयिा एवं ददशा-र्नदेश आयुक्त, उद्योग एवं वाणणज्य द्वारा पृथक से जारी ककये जायेंगे।
इस योजना में उल्लेणखत प्रावधानों पर व्याख्या, मागदिशनि, योजना कयिान्वयन एवं र्मॉनटररंग के अधधकार आयुक्त, उद्योग एवं वाणणज्य, राजस्थान में र्नदहत होंगे।
राजयपाल की आज्ञा से,
मदहपाल कु मार, शासन उप सधचव।