| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| र्कातकि 21, बुधवार, शाके 1947- नवम् बर 12, 2025 Kartika 21, Wednesday, Saka 1947- November 12, 2025 |
भाग्6 (ग)
्ग्राम्पंचायत्संबंधी्वज्ञिप्ततयां्आद।ि
र ज्य न ििाचि आयोग, र जस्थ ि
अधसिूचना
जयपुर,्अक््टू र्ब, ,्252
्््संख््या्प.4(5)(1)पांच /र नआि/19/4196 :-राजस्थान राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के लएि सभी नर्नााचनों में अीिक्षण, नर्नदेशन तथा ननयन्त्रण की शक्ततयां भारत के संर्वािन के अनुच्छे र्द 243 ट के अन्त्र्तात राज्य नर्नााचन आर्यो में ननहति ैि,
और क्जाि पररर्षद र्सदस्यों तथा पंचायत सलमनत र्सदस्यों के नर्नााचनों के शुद्ध र्एं सुचारू संचानि के लएि नर्नााचन प्रतीकों को और उनके आरक्षण, चयन, र्आंटन र्एं तत्संबंीि र्वषयों को र्वननर्हदाष्ट करने की र्आश्यकता ैि,
अत: राज्य नर्नााचन आर्यो, राजस्थान पंचायती राज (नर्नााचन) ननयम, 1994 के ननयम 58 के उपननयम (6) के खण्ड (क) के साथ पहति भारत के संर्वािन के अनुच्छे र्द 243 ट र्द्ारा प्र्रदत्त शक्ततयों का प्रर्यो करते ुिए और इस ननलमत्त आर्यो को समथा बनाने र्ाीि सभी शक्ततयों का प्रर्यो करते ुिए समय-समय पर यथा संशोधति अपनी र्पूा अधसिूचना क्रमांक संख्या 4(5)(1)पंचा/राननआ/2019/1427 र्हदनांक 26.04.2019, अधसिूचना क्रमांक संख्या 4(5)(1)पंचा/राननआ/2019/3872 र्हदनांक 07.10.2019, अधसिूचना क्रमांक संख्या 4(5)(1)पंचा/ राननआ/2019/1921 र्हदनांक 25.05.2023, अधसिूचना क्रमांक संख्या 4(5)(1)पंचा/ राननआ/2019/384 र्हदनांक 28.01.2025 र्एं अधसिूचना क्रमांक संख्या 4(5)(1)पंचा/ राननआ/2019/2445 र्हदनांक 28.07.2025 को अधक्रिलमत करते ुिए ननम्न र्आदेश जारी करता ैि:-
1. सांक्षप्ति िम, वस्ति र, ल गू हो ि और प्र रम्भ:- (i) इस र्आदेश का नाम राजस्थान क्जाि पररर्षद र्एं पंचायत सलमनत र्सदस्य नर्नााचन प्रतीक (सूची और र्आंटन) र्आदेश, 2025 ैि,
(ii) इसका र्वस्तार सम्पूणा राजस्थान राज्य में ैि तथा यि क्जाि पररर्षद र्ए पंचायत सलमनत के र्सदस्यों के नर्नााचन के संबंि में ािर्ू ोिर्ा, और
(iii) यि र्आदेश राजपर में प्रकाशन की तारीख से प्रर्भाी ोिर्ा।
2. पररभ ष ए :- इस र्आदेश में जब तक कक र्वषय या र्संदभा से अन्त्यथा अपेक्षक्षत न ोि, -164 राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 भाग 6 (ग)
(i) सर्वरोि नर्नााचन से क्जाि पररर्षद अर्था पंचायत सलमनत र्सदस्य के नर्नााचन क्षेर के
लएि ऐसा नर्नााचन अलभप्रेत ैि क्जसमें मर्तदान ोिता ैि
(ii) नर्नााचन से क्जाि पररर्षद अर्था पंचायत सलमनत र्सदस्य के नर्नााचन क्षेर के लएि
साािरण नर्नााचन और उप नर्नााचन अलभप्रेत ैि
(iii) प्ररूप क से इस र्आदेश के संग्नि प्ररूप क अलभप्रेत ैि
(iv) प्ररूप ख से इस र्आदेश के संग्नि प्ररूप ख अलभप्रेत ैि
(v) खण्ड से इस र्आदेश का खण्ड अलभप्रेत ैि
(vi) र्दि से मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दि अलभप्रेत ैि
(vii) मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दि से नर्नााचन प्रतीक (आरक्षण र्एं र्आंटन) र्आदेश, 1968
के अीिन राजस्थान राज्य में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दि अलभप्रेत ैि
(viii) ननयम से राजस्थान पंचायती राज (नर्नााचन) ननयम, 1994 अलभप्रेत ैि
(ix) उप-खण्ड से उस खण्ड का उप-खण्ड अलभप्रेत ैि क्जसमें यि शर्ब्द आता ैि
(x) सारणी-1 से इस र्आदेश के संग्नि सारणी-1 अलभप्रेत ैि
(xi) सारणी-2 से इस र्आदेश के संिग्न सारणी-2 अलभप्रेत ैि
(xii) सारणी-3 से इस र्आदेश के संिग्न सारणी-3 अलभप्रेत ैि
(xiii) नर्नााचन क्षेर से ककसी क्जाि पररर्षद अर्था पंचायत सलमनत के नर्नााचन क्षेर अलभप्रेत
ैि; और
(xiv) जो शर्ब्द और र्पद इस र्आदेश में प्रयुतत ककये र्ये ैि ककन्त्तु पररभावषत नीिं ककये र्ये ैि
और राजस्थान पंचायती राज अधनिनयम, 1994 अर्था राजस्थान पंचायती राज
(नर्नााचन) ननयम, 1994 में पररभावषत ैि, उनके र्ीि अथा ोिंर्े, जो उतत अधनिनयम
और ननयम में क्रमश: समनुर्हदष्ट ककए र्ये ैिं।
3. न ििाचि प्रतीकों क आािंटि :- नर्नााचन ड़िने र्ाेि अभ्यधथायों को इस र्आदेश के उपबन्त्ोिं के
अीिन प्रत्येक सर्वरोि नर्नााचन में एक प्रतीक र्आंहटत ककया जार्येा तथा ककसी नर्नााचन क्षेर
के नर्नााचन में लभन्त्न-लभन्त्न अभ्यधथायों को लभन्त्न-लभन्त्न प्रतीक र्आंहटत ककयें जार्येंे।
4. न ििाचि प्रतीकों क गिीकरण :- (i) इस र्आदेश के प्रयोजन के लएि प्रतीक, या तो आरक्षक्षत ैि
अर्था मुतत।
भाग 6 (ग) राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 165
(ii) पंचायत सलमनत र्सदस्य और क्जाि पररर्षद र्सदस्य के लयिे नर्नााचन में आरक्षक्षत प्रतीक र्ि प्रतीक ैि जो सारणी-1 के स्तंभ 2 में र्र्णात र्दि के लएि, उस र्दि के सम्मुख स्तंभ 3 में र्वननर्हदाष्ट ककया र्या ैि।
(iii) पंचायत सलमनत र्सदस्य के नर्नााचन में मुतत प्रतीक ऐसा प्रतीक ैि जो आरक्षक्षत प्रतीक से लभन्त्न ैि और क्जसे सारणी-2 के स्तंभ 2 में र्वननर्हदाष्ट ककया र्या ैि।
(iv) क्जाि पररर्षद र्सदस्य के नर्नााचन में मुतत प्रतीक ऐसा प्रतीक ैि जो आरक्षक्षत प्रतीक से लभन्त्न ैि और क्जसे सारणी-3 के स्तम्भ-2 में र्वननार्हदष्ट ककया र्या ैि।
5. दलों के अभ्यधथायों द् िर प्रतीकों क चयि तथ उकि आािंटि :-
(i) सारणी-1 के स्तम्भ 3 में र्वननर्हदाष्ट आरक्षक्षत प्रतीक उसके सम्मुख स्तम्भ 2 में र्र्णात र्दि र्द्ारा ककसी नर्नााचन में खड़े ककये र्ये अभ्यथी को ीि र्आंहटत ककया जार्येा, अन्त्य अभ्यथी को नीिं।
(ii) सारणी-1 के स्तम्भ 2 में र्र्णात र्दि र्द्ारा ककसी नर्नााचन में खड़े ककये र्ये अभ्यथी को उस र्दि के सम्मुख स्तंभ 3 में र्वननर्हदाष्ट प्रतीक ीि र्आंहटत ककया जार्येा, कोइा अन्त्य प्रतीक नीिं।
6. र्कोा अभ्यथी ककसी दल द् िर खड ककय गय कब म ि ज येग :- कोइा अभ्यथी ककसी मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दि र्द्ारा खड़ा ककया र्या तभी माना जार्येा, जबकक :-
(क) उस अभ्यथी ने अपने नाम नर्नदेशन पर में इस आशय की घोषणा की ोि,
(ख) संबंधति राजनैनतक र्दि की राज्य इकाइा के अध्यक्ष/र्मुखया अर्था इनके र्द्ारा प्राधकिृ त व्यक्तत के र्द्ारा प्ररूप 'ख' में इस आशय की र्लखित सूचना िम नदिेशि पत्र प्रस्तुत करेि के अन्ततम दद िांक को 3 बजे अपर तह तक ररटनर्ना अधकिारी को प्र्रदत्त कर र्दी र्इा ोि,
र्() यर्हद राजनैनतक र्दि की राज्य इकाइा के अध्यक्ष र्द्ारा ननयम 58 के उपननयम (5) के प्र्राािनों के अन्त्र्तात ककसी अन्त्य व्यक्तत को प्राधकिृ त ककया ैि और इस प्रकार प्राधकिृ त व्यक्तत र्द्ारा ररटनर्ना अधकिारी को पर प्रेवषत ककया ोि तो प्राधकिृ त व्यक्तत के नमूने के स्तिाक्षर प्ररूप 'क' में ररटनर्ना अधकिारी को िम नदिेशि पत्र प्रस्तुत करेि की अन्ततम त रीख को अपर तह 3.00 बजे तक उपब्िि करा र्हदये र्ये ोिं, और
(घ) प्ररूप 'क' और प्ररूप 'ख' र्पूोतत र्पदाधकिारी अर्था प्राधकिृ त व्यक्तत र्द्ारा के र्ि स्याीि से स्तिाक्षररत ककये र्ये ोिं।
166 राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 भाग 6 (ग)स्पष्टीकरण-1 इस खण्ड के उप खण्ड (ख) र्एं र्() में ककसी राजनैनतक र्दि की राज्य
इकाइा के अध्यक्ष से अलभप्रेत र्दि की राज्य इकाइा के अध्यक्ष और जािाँ
र्दि की राज्य इकाइा का अध्यक्ष र्पद नीिं ैि, र्ािाँ सधर्च से ैि।
स्पष्टीकरण-2 राजनैनतक र्दोिं र्द्ारा उनके र्दि की राज्य इाकाइा के अध्यक्ष र्एं जािाँ
अध्यक्ष का र्पद नीिं ोिकर सधर्च का र्पद ैि, र्ािाँ सधर्च के नमूने के स्तिाक्षर नर्नााचन की ोिकसूचना जारी ोिने की नतधथ से र्पूा आर्यो को उपब्िि कराए जार्येंे। आर्यो र्द्ारा उतत नमूने के स्तिाक्षर संबंधति ररटनर्नंि अधकिारी को क्जाि नर्नााचन अधकिारी के र्माा त प्रेवषत ककए
जार्येंे।
स्पष्टीकरण-3 प्ररूप 'क' और, यथाक्स्थनत, प्ररूप 'ख' पर यर्हद र्दि के ककसी र्पदाधकिारी
या प्राधकिृ त व्यक्तत के अनुलविप (Facsimile) स्तिाक्षर या रबड स्टाम्पों के स्तिाक्षर ैि तो उन्त्ेिं नीिं माना जार्येा तथा र्ै तस/इा-मे/ि व्ािट्सअप
इत्यार्हद र्द्ारा प्रेवषत कोइा प्ररूप भी र्स्ीकार नीिं ककया जार्येा।
7. दल द् िर खड ककय गय प्रनतस्थ ीि अभ्यथी (Substitute Candidate) :-
(क) प्ररूप 'ख' के स्तम्भ 6 में र्र्णात प्रनतस्थानी उम्र्मीर्दार (Substitute Candidate) क्जसका नाम-नर्नदेशन पर र्संीक्षा में खाररज नीिं ककया र्या ोि र्एं उसके र्द्ारा अभ्यधथाता र्ापस नीिं ीि र्इा ोि, को उस र्दि र्द्ारा खड़ा ककया र्या तभी माना जार्येा जबकक उस र्दि के मुख्य अनुमोर्हदत उम्र्मीर्दार के नामनर्नदेशन-पर को ननयम-27 के अन्त्र्तात र्संीक्षा में रद्द कर र्हदया र्या ोि या क्जसने अपनी अभ्यधथाता ननयम-28 के अन्त्र्तात र्ापस ेि ीि ोि।
(ख) ऐसी क्स्थनत में जािाँ र्दि के मुख्य अनुमोर्हदत अभ्यथी का नाम-नर्नदेशन पर र्स्ीकार कर लयिा जाता ैि और र्ि अपनी अभ्यधथाता र्ावपस नीिं ेिता ैि, यर्हद प्ररूप 'ख' के स्तम्भ 6 में र्र्णात प्रनतस्थानी उम्र्मीर्दार (Substitute Candidate) का कोइा नामनर्नदेशन-पर र्स्ीकार कर लयिा जाता ैि तथा ऐसा प्रनतस्थानी उम्र्मीर्दार भी अपनी अभ्यधथाता र्ावपस नीिं ेिता ैि तो ऐसे प्रनतस्थानी उम्र्मीर्दार (Substitute Candidate) को र्दि र्द्ारा खड़ा ककया र्या नीिं माना जार्येा और उसे मुतत प्रतीक अोिर्लखित खण्ड 12 के अनुसार र्आंहटत ककया र्र्जाेा।
8. दल द् िर अुिमोददत अभ्यथी को प्रनतस्थ वपत ककय ज ि :- यर्हद ककसी र्दि र्द्ारा र्पूा में अनुमोर्हदत अभ्यथी का मनोनयन ननरस्त करते ुिये अन्त्य अभ्यथी को अनुमोर्हदत ककया र्या ैि तो अन्त्य अभ्यथी को ीि र्दि का अनुमोर्हदत अभ्यथी माना जार्येा।
परन्त्तु र्दि र्द्ारा र्पूा में अनुमोर्हदत अभ्यथी का मनोनयन ननरस्त करते ुिये अन्त्य अभ्यथी का मनोनयन तभी माना जार्येा जबकक प्ररूप 'ख' में यि स्पष्ट उल्ेिख ोि कक र्पूा में अनुमोर्हदत अभ्यथी का मनोनयन ननरस्त कर र्हदया र्या ैि और प्राधकिृ त व्यक्तत र्द्ारा स्तिाक्षररत प्ररूपभाग 6 (ग) राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 167 'ख' इस र्आदेश के खण ्ड 6 में बतायी र्यी समर्याधि के भीतर ररटनर्ना अधकिारी को प्राप्त ोि र्या ोि।
परन्त्तु यि और कक यर्हद ककसी एक ीि नर्नााचन क्षेर के नर्नााचन के लयिे एक से अधकि प्ररूप 'ख' लभन्त्न लभन्त्न अभ्यधथायों का मनोनयन र्र्णात करते ुिये ररटनर्ना अधकिारी को प्राप्त ोिते ैिं और र्दि यि बताने में अर्सि रतिा ैि कक र्र्पूाती प्ररूप 'ख' र्ावपस ेि लयिा र्या ैि या ेि लयिे र्ये ैिं, तो ररटनर्ना अधकिारी के र्ि ऐसे एक अभ्यथी को ीि उतत र्दि र्द्ारा खड़ा ककया ुिआ मार्नेा क्जसका नाम नर्नदेशन पर सबसे पेिि प्राप्त ुिआ ैि और शेष अभ्यथी या अभ्यधथायों के लयिे यि माना जार्येा कक र्े र्दि र्द्ारा खड़े नीिं ककये र्ये ैिं।
9. दल द् िर एक न ििाचि ेित्र के शलये एक से अधकि अभ्यधथायों के मोियिि पर नषिेि :- यर्हद ककसी र्दि र्द्ारा एक ीि नर्नााचन क्षेर के नर्नााचन के लएि और प्ररूप 'ख' में एक नोहटस र्द्ारा, स्तम्भ 6 में र्र्णात उम्र्मीर्दार से लभन्त्न, एक से अधकि अभ्यधथायों को अनुमोर्हदत ककया जाता ैि तो कोइा भी अभ्यथी उस र्दि र्द्ारा खड़ा ककया ुिआ नीिं माना जार्येा, ेिककन यर्हद र्दि ने प्ररूप 'ख' में ककसी पश्चार्तती नोहटस से र्र्पूाती सभी अभ्यधथायों का मनोनयन ननरस्त कर एक र्पद के लएि एक ीि अभ्यथी का मनोनयन खण्ड 6 के अनुसार कर र्हदया ैि तो पश्चार्तती नोहटस में अनुमोर्हदत अभ्यथी को र्दि र्द्ारा खड़ा ककया र्या माना र्र्जाेा।
10. वनिदिदाष्ट प्रतीकों से शभति प्रतीकों के चयि ि आािंटि पर नषिेि :- जो अभ्यथी मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दोिं र्द्ारा खड़े नीिं ककये र्ये ोिं, उन्त्ेिं पंचायत सलमनत र्सदस्य के नर्नााचन में संग्नि सारणी-2 के स्तम्भ 2 तथा क्जाि पररर्षद र्सदस्य के नर्नााचन में संग्नि सारणी-3 के स्तंभ-2 में र्वननर्हदाष्ट मुतत प्रतीकों में से ीि नर्नााचन प्रतीक र्आंहटत ककये र्र्जाेंे। अभ्यधथायों को नर्नााचन प्रतीक र्आंहटत करते समय उनके र्द्ारा नामनर्नदेशन-पर में उक्र्ल्खित रूधच को ध्यान में रखा र्र्जाेा। कोइा भी अभ्यथी उपरोततानुसार र्वननर्हदाष्ट नर्नााचन प्रतीकों के अनतररतत अन्त्य ककसी प्रतीक की र्मां नीिं कर सकता ैि और यर्हद उसके र्द्ारा अपने नामनर्नदेशन-पर में ककसी अन्त्य प्रतीक का उल्ेिख ककया र्या ोि तो उस पर र्वचार नीिं ककया जार्येा।
11. प्रथम िम नदिेश-िपत्र में चुेि गये प्रतीकों पर वचि र ककय ज ि :- अभ्यथी र्द्ारा प्रस्तुत प्रथम नामनर्नदेशन-पर में र्दशााये र्ये प्रतीकों पर ीि र्वचार ककया जार्येा, भेि ीि र्ि नामनर्नदेशन-पर र्संीक्षा के र्दौरान खाररज ीि तयों न ोि र्या ोि। अभ्यथी र्द्ारा प्रस्तुत र्बाद के ककसी नामनर्नदेशन-पर में उक्र्ल्खित (Mentioned) प्रतीकों को र्वचार में नीिं लयिा र्र्जाेा
परन्त्तु ककसी र्दि र्द्ारा खड़े ककये अभ्यथी के प्रकरण में ऐसे नामनर्नदेशन पर, क्जसमे अभ्यथी ने र्स्यं को उस र्दि र्द्ारा खड़ा ककया जाने की घोषणा की ोि, में र्दशााये र्ये र्दि के आरक्षक्षत प्रतीक पर र्वचार ककया जार्येा, भेि ीि ऐसा नाम नर्नदेशन पर प्रथम नीिं ोि
परन्त्तु यि और कक यर्हद ककसी अभ्यथी ने अपने लभन्त्न-लभन्त्न नामनर्नदेशन परों में लभन्त्न-लभन्त्न र्दोिं र्द्ारा र्स्यं को खड़ा ककया र्या ोिने की घोषणा इस अधसिूचना के खण्ड 6(क) के अन्त्र्तात की ैि तो ऐसे नाम नर्नदेशन पर, क्जसमें र्दशााये र्ये र्दि ने खण्ड 6 के अन्त्र्तात नोहटस र्द्ारा अभ्यथी का मनोनयन ककया ैि, पर र्वचार ककया र्र्जाेा और यर्हद अभ्यथी का एक से अधकि168 राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 भाग 6 (ग) र्दोिं ने खण्ड 6 के अंर्तात नोहटस र्द्ारा मनोनयन ककया ैि तो ऐसे नामनर्नदेशन परों में पश्चार्त्ती नाम नर्नदेशन पर में की र्यी घोषणा पर ीि र्वचार ककया र्र्जाेा तथा र्र्पूाती नामनर्नदेशन परों में की र्यी घोषणाओं पर र्वचार नीिं ककया जार्येा।
स्पष्टीकरण-1. यर्हद अभ्यथी ने प्रथम नाम नर्नदेशन पर में र्स्यं को ककसी र्दि र्द्ारा खड़ा ककये जाने की घोषणा की ैि, साथ ीि मुतत नर्नााचन प्रतीकों का भी चयन ककया ैि और अभ्यथी को र्दि र्द्ारा अनुमोर्हदत नीिं ककया जाता ैि तब उतत प्रथम नाम नर्नदेशन में र्दशााये र्ये मुतत प्रतीकों पर ीि र्वचार ककया जार्येा।
2. ऐसे मामेि में जािाँ अभ्यथी ने ककसी र्दि र्द्ारा खडे ककये जाने की उम्र्मीद में प्रथम नाम नर्नदेशन पर में र्स्यं को र्दि र्द्ारा खड़ा ककया जाना घोवषत ककया ैि, ेिककन नर्नााचन प्रतीकों का चयन नीिं ककया ैि और र्दि ने उसे अनुमोर्हदत नीिं ककया ैि तो द्र्वतीय नाम नर्नदेशन पर में उर्ल्ेिखत नर्नााचन प्रतीक के र्आंटन के प्रयोजनाथा प्रथम माना जार्येा। यर्हद द्र्वतीय और तृतीय नाम नर्नदेशन पर भी इसी प्रकार र्दि र्द्ारा खड़े ककये जाने की घोषणा करते ुिए प्रस्तुत ककये र्ये ैिं और प्रतीकों का चयन नीिं ककया र्या ैि तो चतुथा नाम नर्नदेशन पर में र्दशााये र्ये प्रतीकों पर र्वचार ककया जार्येा। यर्हद ककसी भी नाम नर्नदेशन पर में प्रतीकों का चयन नीिं ककया र्या ैि तो खण्ड 12 के अर्न्र्तत मुतत प्रतीक र्आंहटत ककये जार्येे।
12. अतय अभ्यधथायों (नदिालीय अभ्यधथायों) को प्रतीकों क आािंटि :- ऐसे अभ्यथी, क्जन्त्ेिं ककसी र्दि ने खड़ा नीिं ककया ैि, उनके प्रथम नामनर्नदेशन पर में अंककत प्राथलमकता क्रम के आािर पर सारणी-2 (पंचायत सलमनत र्सदस्य के लएि) सारणी-3 (क्जाि पररर्षद र्सदस ्य के लएि) में से ननम्नानुसार मुतत नर्नााचन प्रतीक र्आंहटत ककये जार्येंे :-
(क) यर्हद रूधच में प्रथम र्रीयता पर उक्र्ल्खित प्रतीक को एक ीि अभ्यथी र्द्ारा चााि र्या ैि तो र्ि उसी उम्र्मीर्दार को र्आंहटत कर र्हदया जार्येा,
(ख) यर्हद एक ीि प्रतीक को एक से अधकि अभ्यधथायों ने अपनी रूधच में प्रथम र्ररयता पर रखा ैि तो मुतत प्रतीक के र्आंटन का ननणाय 'ॉिट' (Lot) र्द्ारा ककया जार्येा। क्जस अभ्यथी के पक्ष में ॉिट (Lot) ननकेि उसे ीि र्ि प्रतीक र्आंहटत ककया जार्येा। ॉिट (Lot) ननकानिे की कार्यााीि उपक्स्थत अभ्यधथायों और उनके नर्नााचन अलभकतााओं के समक्ष की जार्एी,
र्() रूधच में प्रथम र्रीयता पर उक्र्ल्खित प्रतीकों का र्आंटन ोि जाने पर, शेष बचे अभ्यधथायों को उनकी रूधच में द्र्वतीय र्रीयता पर उक्र्ल्खित प्रतीकों का र्आंटन उपरोतत प्रकक्रया के अनुसार ककया जार्येा।
भाग 6 (ग) राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 169(घ) तत्पश्चात ् शेष रेि अभ्यधथायों को उनकी रूधच में तृतीय र्रीयता पर उक्र्ल्खित नर्नााचन प्रतीकों का र्आंटन उपरोततानुसार ीि ककया जार्येा, और
(ड.) प्रथम, द्र्वतीय र्एं तृतीय र्रीयता के सभी नर्नााचन प्रतीक र्आंहटत ोि जाने के पश्चात ् यर्हद कोइा अभ्यथी ऐसा रि जाता ैि, क्जसे अपनी रूधच का (तीन में से) कोइा प्रतीक र्आंहटत न ुिआ ोि या क्जसने कोइा रूधच नीिं र्दी ोि तो उसे पंचायत सलमनत र्सदस्य नर्नााचन में सारणी-2 के स्तम्भ 2 तथा क्जाि पररर्षद र्सदस्य नर्नााचन में सारणी-3 के स्तम्भ-2 में र्वननर्हदाष्ट मुतत नर्नााचन प्रतीकों में से क्रम में सबसे ऊपर र्ााि र्ि प्रतीक र्आंहटत ककया जार्येा जो ककसी को र्आंहटत नीिं ककया र्या ैि। प्रतीकों का क्रर्मार इस प्रकार का र्आंटन, अभ्यधथायों को हन्र्त्दिी र्णाक्रमानुसार चुर्ना ड़िने र्ाेि अभ्यधथायों की सूची में, उनके नामों के अनुसार (एक के र्बाद एक) ककया जार्येा।
13. न ििाचि प्रतीको के आािंटि में ररटनंििग अधकि री क नणिाय एािं उकि पुरिीणि :- ररटनर्नंि अधकिारी र्द्ारा ककसी भी अभ्यथी को ककसी भी प्रतीक का र्आंटन, लर्साय र्ािाँ के अंनतम ोिर्ा, जािं राज्य नर्नााचन आर्यो र्द्ारा इस ननलमत्त जारी ककए र्ए ककन्त्ीिं भी नर्नदेशों से अर्संत ोि, ऐसे मामोिं में राज्य नर्नााचन आर्यो र्आंटन को ऐसी रीनत से पुनरीक्षक्षत कर सके र्ा, जो र्ि ीिक समझे।
14. अुिदेश तथ नदिेश नकि लेि की आयोग की शन्तत :- राज्य नर्नााचन आर्यो,-
(क) इस र्आदेश के उपबन्त्ोिं में से ककसी का स्पष्टीकरण करने के लएि
(ख) ककसी ऐसी कहनिाइा को र्दूर करने के लएि, जो ककन्त्ीिं ऐसे उपबंोिं के कायाान्र्त्यन के संबंि में उत्पन्त्न ोि तथा
र्() प्रतीकों के आरक्षण तथा र्आंटन के ककसी मामेि के संबंि में क्जसके लएि इस र्आदेश में कोइा उपबन्त्ि नीिं ैि या उपबन्त्ि अपयााप्त ैि, तथा क्जसके लएि नर्नााचनों के ननबााि तथा व्र्यक्स्थत संचानि के लएि आर्यो की राय में उपबन्त्ि करना र्आश्यक ैि, अर्नुदेश तथा नर्नदेश ननकाि सके र्ा।
स रणी-1
| क्र.सां. | म तयत प्र प्त दल न्जसके शलये आरक्षति है | आरक्षति प्रतीक |
| 1. | 2. | 3. |
| A- र ष्रीय दल | ||
| 1. | आम र्आदमी पाटी | झाडू |
| 2. | बुिजन समाज पाटी | ािथी |
| 3. | भारतीय जनता पाटी | कमि |
| 4. | कम्युननस्ट पाटी र्ऑ इंडडया (मातसालसस्ट) | थिौड़ा, ािँलसया और लसतारा |
| 5. | इ ंडडयन नेशनि कााँग्रेस | ािथ |
| 6. | न ेशनि पीपुल्स पाटी | ककताब |
| B- र ज्यीय दल (र जस्थ ि र ज्य के शलए) | ||
| 1. | राष्रीय ोिकतांत्ररक पाटी | बोति |
| 2. | भारत आर्हर्दासी पाटी | ॉिकी और बॉि |
स रणी-2
(पांच यत सशमनत सदस्य के न ििाचि के शलये मुतत प्रतीकों की सूची)
| क्र.सां. | मुतत प्रतीक | क्र.सां. | मुतत प्रतीक |
| 1. | 2. | 1. | 2. |
| 1. | अमिारी | 2. | चप्पेिं |
| 3. | सेब | 4. | कोट |
| 5. | र्ुब्बारा | 6. | चारर्पाइ |
| 7. | चूडड़यााँ | 8. | लमतसी |
| 9. | मोनतयों का ािर | 10. | पेक्न्त्सि डडब्बा |
| 11. | बेन्त्च | 12. | तककया |
| 13. | र्आदमी र् पाि युतत नौका | 14. | त्रबजीि का खंभा |
| 15. | बतसा | 16. | बााँसुरी |
| 17. | इंिटें | 18. | फ्राक |
| 19. | बाल्टी | 20. | र ेकफ्रजरेटर |
स रणी-3
(न्जल पररषद सदस्य के न ििाचि के शलये मुतत प्रतीकों की सूची)
| क्र.सां. | मुतत प्रतीक | क्र.सां. | मुतत प्रतीक |
| 1. | 2. | 1. | 2. |
| 1. | र्र्लािा | 2. | ट ेीिर्वजन |
| 3. | र्र्व्ारा | 4. | ट ेीिर्ोन |
| 5. | र् ू र्ोिभी | 6. | र्ैस का चूल्ाि |
| 7. | जंजीर | 8. | टॉर्कयााँ |
| 9. | चतकी | 10. | साइककि पम्प |
| 11. | र्अंूर | 12. | आरी |
| 13. | रिी लमचा | 14. | स्कू ि का बस्ता |
| 15. | ािथ र्ाड़ी | 16. | क ैं ची |
| 17. | ािरमोननयम | 18. | लसािइा की मशीन |
| 19. | आइस क्रीम | 20. | जूता |
प्ररूप - 'क'
र ज्य में म तयत प्र प्त र जैिनतक दल द् िर खडे ककये गये उम्मीद िरों के िमों
की सूच ि के शलये प्र धकिृ त व्यन्ततयों के सांबांि में सूच ि
र्(र्देखए अधसिूचना संख्या र्ए4(5)(1)पंचा/राननआ/2019/4196 र्हदनांक: 17.10.2025 का खण्ड 6)
प्रेवषनत-
ररटनर्ना अधकिारी,
.........................................................
* क्जाि पररर्षद/पंचायत सलमनत र्सदस्य चुर्ना
वषिय:- न्जल पररषद/पांच यत सशमनत सदस्य के न ििाचि हेतु न ििाचि प्रतीकों क आािंटि -
उम्मीद िरों के िमों की सूच ि देेि के शलये व्यन्ततयों क प्र धकिृ त ककय ज ि।
र्मोिदय,
अधसिूचना संख्या र्ए र्ए 4(5)(1)पंचा/राननआ/2019/4196 र्हदनांक: 17.10.2025 के खण्ड (6) के अनुसरण में, मैं, इसके र्द्ारा संसूधचत करता/करती ूि ाँ कक ऊपर उद्धृत नर्नााचन में र्दि र्द्ारा खड़े ककये जाने के लयिे प्रस्तार्वत उम्र्मीर्दारों के नामों की सूचना र्देने के लयिे .....................................................................र्(दि का नाम) जो ननचााचन प्रतीक (आरक्षण र्एं र्आंटन) र्आदेश, 1968 के अंर्तात राजस्थान में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दि ैि, र्द्ारा ननम्नर्लखित व्यक्तत/व्यक्ततयों को प्राधकिृ त ककया र्या ैि :-
| सूचना भेजने के लयिे प्राधकिृ त व्यक्तत का नाम | र्दि में ािररत र्पद का नाम | * क्जाि पररर्षद/पंचायत सलमनत का नाम और नर्नााचन *क्षेर/क्षेरों का क्रम संख्याक *क्जसके /क्जनके संबंि में उसे प्राधकिृ त ककया र्या ैि |
| 1. | 2. | 3. |
2. इस प्रकार प्राधकिृ त ऊपर उक्र्ल्खित *व्यक्तत/व्यक्ततयों के स्तिाक्षरों के नमूने नीचे र्हदये र्ये ैिं :-
1. श्री ................................................................... के स्तिाक्षरों के नमूने
(1) ............................. (2) ........................... (3) ...........................
2. श्री .................................................................. के स्तिाक्षरों के नमूने
(1) ........................ (2) .......................... (3) ................................
र्र्भदीय,
स्थान: .........................
र्हदनांक .........................
अध्यक्ष के स्तिाक्षर र्एं नाम
र्दि का नाम र्एं र्दि की मोरि सहति
नोट :-
1. यि प्ररूप नाम नर्नदेशन-पर प्रस्तुत करने की अंनतम तारीख को 3.00 बजे अपरान्त्ि तक ररटनर्ना अधकिारी को
र्आश्यक रूप से प्रस्तुत ककया जाना चाहयिे।
2. प्ररूप उपयु ातत र्पदाधकिारी या प्राधकिृ त व्यक्तत र्द्ारा स्याीि से स्तिाक्षररत ककया जाना चाहयिे।
ककसी र्पदाधकिारी
या प्राधकिृ त व्यक्तत के अनुकृ नत स्तिाक्षर या रबड़ स्टाम्प के स्तिाक्षरों को र्स्ीकार नीिं ककया जार्येा।
3. र्ै तस/इा-मे/िव्ािट्सअप इत्यार्हद से भेजा र्या प्ररूप मान्त्य नीिं ोिर्ा।
--------------------------------------------------------------
* जो ािर्ू नीिं ोि उसे काट र्दीक्जये
प्ररूप-'ख'
र ज्य में म तयत प्र प्त र जैिनतक दल द् िर खडे ककये गये
उम्मीद िरों के िमों के ब रे में सूच ि
र्(र्देखए अधसिूचना संख्या र्ए 4(5)(1)पंचा/राननआ/2019/4196 र्हदनांक: 17.10.2025 का खण्ड 6)भाग 6 (ग) राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 173 प्रेवषनत:-
ररटनर्ना अधकिारी,
............................................
* क्जाि पररर्षद/पंचायत सलमनत र्सदस्य चुर्ना
र्वषय:- न्जल पररषद/पांच यत सशमनत सदस्यों के न ििाचि हेतु उम्मीद िर खडे कर ि।
र्मोिदय,
अधसिूचना संख्या र्ए4(5)(1)पंचा/राननआ/2019/4196 र्हदनांक: 17.10.2025 के अनुसरण में ......................................................... र्(दि का नाम) जो नर्नााचन प्रतीक (आरक्षण र्एं र्आंटन) र्आदेश, 1968 के अंर्तात राजस्थान में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दि ैि, ने ननम्नर्लखित व्यक्ततयों को ऊपर उद्धृत नर्नााचन में अपने उम्र्मीर्दारों के रूप में उनके सामने बताये र्ये र्ाडा से खड़ा ककया ैि । मैं
ाँ कक र्ि व्यक्तत क्जसका र्र्वरण नीचे :-
उतत र्दि की ओर से एर्त्दर्द्ारा सूचना र्देता ूि
1. (i) स्तम्भ 3 से 5 में र्हदया र्या ैि उतत र्दि का अनुमोर्हदत अभ्यथी ैि, और
(ii) र्ि व्यक्तत क्जसका र्र्वरण नीचे अंककत सारणी के स्तम्भ 6 से 8 में र्र्णात ैि, र्दि का प्रनतस्थानी अभ्यथी ैि, जो अनुमोर्हदत अभ्यथी के नाम नर्नदेशन-पर की र्संीक्षा में खाररज ककये जाने अर्था उसके अभ्यधथाता र्ापस निे पर उसका स्थान ेिर्ा, यर्हद प्रनतस्थानी अभ्यथी अभी भी ननचााचन ड़िने र्ााि अभ्यथी ैि :-
| *पंचाय त सलमनत / क्जाि पररर्षद का नाम | नर्नााच न क्षेर का क्रम संख्या क | अनुमोर्हद त उम्र्मीद र्ार का नाम | अनुमोर्हद त उम्र्मीद र्ार के *वपता/ पनत का नाम | अनुमोर्हद त उम्र्मीद र्ार का डाक का पता | प्रनतस्थानी उम्र्मीर्दार का नाम (जो अनुमोर्हदत उम्र्मीर्दार के नामनर्नदेशन- पर को र्संीक्षा में रद्द कर र्हदये जाने/अभ्यधथाता र्ापस ेिने पर उसका स्थान ेिर्ा यर्हद प्रनतस्थानी अभ्यथी अभी भी नर्नााचन ड़िने र्ााि अभ्यथी ैि) | प्रनतस्था नी उम्र्मीर्दा र के *वपता/ पनत का नाम | प्रनतस्था नी उम्र्मीद र्ार का डाक का पता |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. | 7. | 8. |
2. प्ररूप 'ख' में र्दि के अनुमोर्हदत अभ्यथी के रूप में श्री/श्रीमती/सुश्री .................................... के पक्ष में पेिि र्दी र्इा सूचना एर्त्दर्द्ारा र्वखंडडत की जाती ैि।
3. प्ररूप 'ख' में र्दि के प्रनतस्थानी अभ्यथी के रूप में श्री/श्रीमती/सुश्री .................................... के पक्ष में पेिि र्दी र्इा सूचना एर्त्दर्द्ारा र्वखंडडत की जाती ैि।
174 राजस्थान राज-पत्र, नवम्बर 12, 2025 भाग 6 (ग)4. यि प्रर्माणत ककया जाता ैि कक प्रत्येक अभ्यथी क्जसके नाम का ऊपर उल्ेिख ककया र्या ैि, इस राजनैनतक र्दि का एक र्सदस्य ैि उसका नाम, इस र्दि के र्सदस्यों की नार्माीि में र्वर्धति ् शालमि ैि।
र्र्भदीय,
स्थान: ....................
र्हदनांक: ..................
अध्यक्षर्/दि के प्राधकिृ त व्यक्तत का नाम र्एं स्तिाक्षर र् र्दि का नाम र्दि की मोरि सहति
नोट:- 1. यि प्ररूप नाम नर्नदेशन-पर प्रस्तुत करने की अंनतम तारीख को 3.00 बजे अपरान्त्ि तक ररटनर्ना अधकिारी को र्आश्यक रूप से प्रस्तुत ककया जाना चाहयिे। 2. प्ररूप उपयु ातत र्पदाधकिारी या प्राधकिृ त व्यक्तत र्द्ारा स्याीि से स्तिाक्षररत ककया जाना चाहयिे। ककसी र्पदाधकिारी या प्राधकिृ त व्यक्तत के अनुकृ नत स्तिाक्षर या रबड़ स्टाम्प के स्तिाक्षरों को र्स्ीकार नीिं ककया जार्येा।
3. र्ै तस/इा-मे/िव्ािट्सअप इत्यार्हद से भेजा र्या प्ररूप मान्त्य नीिं माना ोिर्ा।
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* जो ािर्ू नीि ोि उसे काट र्दीक्जये। -------------------------------------------------------------
उतत आदेश समि स्तर से अुिमोददत है।
भदिीय ,
नलनिी कोिनतया,
सधच।ि