| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| र्कातकि 27, मंगलवार, शाके 1947- नवम् बर 18, 2025 Kartika 27, Tuesday, Saka 1947- November 18, 2025 |
भाग-7
ववभभन्न ववभाग म ्रदााों क भल े ् र मांगन क ूचननांं क ू्म्मभलत करत ुयों ूावर्निनक ररर् नन ववज्ञापन आदा।
राजसथान्राज्य्वद्यिुत्प्रसारण्ननगम्ललिमटेड
कायााय्सिम्भागीय्मुख्य्अलभयन्ता्(प्र.एंि्नन.)अजमेर
अधूिचनना
अजमेर,नम्र्बि13, 2025
D.1100:भारत ों ववद्ों यत अर्धनिों म 2003 अनय-164 वं भारत ों े लीग्राफ अर्धनिों म 1885 (क न्रीों अध.ि 13/1885) क तुत ्रदात्त श्ततों क अन्तगति ऊना ि ववभाग रानस्थान ूरकार क अधूिचनना दानांक 28.2.2004 ्नू रानस्थान क रानपत्र म दानांक 08.03.2004 क ू.ं. 408 पृष्ठ 393 (13) भाग 4(न ) ता परान्त रानस्थान ूरकार द्वारा नारी ूंशधति अधूिचनना ूं. फ.15 (4) ऊना/ि2017दानांक 03.10.17 ्नू रानस्थान रानपत्र म दानांक 09.10.2017 क ्रदकाभशत ककों ा गों ा। ्नूक अनयूार ूम्भाग ों मयख्ों अभभों न्ता (्रद. वं.र् न.) रारावव्रर्दनभल, अनम र/नों पयर/न पियर क उनक अधकिार क्ष त्र म बबनली क ्रदूारण क भल ों ा काम क उधनत ूमन्वों क भल आवश्ों क े लीफर् नक ों ा े लीग्राकफक ूंनार क उद्द श्ों ू बबनली क लाइन ों ा बबनली ूंों त्र क खड़ा करन क भल माग-िअधकिार अथात ि राइे ऑफ़ व क उपों यतत मंनचरी नारी करन ु तय अधकिृ त ककों ा गों ा ुै। अतः उतत अर्धनिों म क ्रदात्त श्ततों क अन्तगति अ िुस्ताक्षररत ूक्षम अधकिारी द्वारा बबनली क आपर्चत िु तय 400 के . वि. ग्रडि सब सटेशन उदयपुर हेतु 220 के . वि. एकि – पररपग्रथय देबारी – अम्बेरी ािइन से 220 के . वि. द्वि-पररपग्रथय ीिोि ािइन के ननमााण काया हेतु मागा-अग्रर्किाअथाता्राइट्आफ्ेि क उपों यतत मंनचरी नारी करत ुै। "पचव िम नारी अधूिचनना क्रमांक D-913 दानांक 29.09.2025 क अनयक्रम म तथा लाइन क माग ि म पररवतनि ु न क कारण ों ु ूंश धति अधूिचनना नारी क ना रुी ुै।उतत लाईन र्नम्नभलखखत गांव क ू मा/रानस्व क्ष त्र क भ तर ू गयनर ग ।
| क्र.्सं. | गांोि्के ्नाम | क्र.्सं. | गांोि्के ्नाम |
| 1 | खाम क मााड़ | 07 | ूांगवा |
| 2 | ववननवाू | 08 | ववठ ली |
| 3 | गन्ा ली | 09 | राख्ों ावल |
| 4 | झंझ ला | 10 | ा वाली |
| 5 | ख़ मली | 11 | नाग काख ड़ा |
| 6 | आूना | 12 | व र िभलों ा |
लखपत लाल म णा,
सम्भागीय्मुख्य्अलभयन्ता्(प्र.एंि्नन), अजमेर।
200