| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| पौष 10, बुधवार, शाके 1947- दिसम् बर 31, 2025 Pausa 10, Wednesday, Saka 1947- December 31, 2025 |
भाग-1(ख)
महत्वपूर्ण सरकारी आज्ञायें।
वन विभाग (क)
विज्ञप्ति
जयपुर, अक्टू बर 13, 2025
संख्या प. 2(16)वन/2025 :-चू
ंकि इसके साथ संलग्न प्रथम अनुसूची में बतलाई गई वन-भूमि अथवा बन्जर-भूमि सरकार की सम्पत्ति है या उसमें सरकार स्वामित्वाधिकार रखती है अथवा सरकार उसकी सम्पूर्ण वन ंकि सरकार पंचायत भूमि और बंजर भूमि को राजस्थान वन- उपज या उसके किसी भाग की हकदार है। और चू
अधिनियम, 1953 की धारा 29 की उप-धारा (1) के अधीन रक्षित वन घोषित करने का विचार रखती है।
ंकि पूर्वोक्त भूमि में अथवा उस पर सरकार और प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा और चू का अभी तक किसी प्रकार अभिलेखन नही किया गया है।
और चू ंकि सरकार यह भी सोचती है कि पूर्वोक्त वन-भूमि अथवा बन्जर भूमि में अथवा उन पर सरकार अथवा प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा के विषय में जांच करवाना और उनका अभिलेखन कराया जाना आवश्यक है, परन्तु इस कार्य में इतना अधिक समय लग जावेगा कि जिसके बीच में सरकार के अधिकारों को क्षति पहॅ ुचने की आशंका है।
अतः अब राजस्थान वन अधिनियम, 1953 (1953 का अधिनियम, संख्या 13) की धारा 29 की उप धारा (3) के द्वारा प्रदत शक्तियों के प्रयोग में सरकार एतद्द्वारा, वन बन्दोबस्त अधिकारी/ सहायक वन बन्दोबस्त अधिकारी को पूर्वोक्त वन-भूमि अथवा बंजर भूमि में या उन पर सरकार या प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों की जॅाच तथा अभिलेखन करने के लिये नियुक्त करती है और ऐसी जॅाच व अभिलेखन, जहॅा तक र्क्त अधिनियम की धारा 6,7,8,10,11 (1) 12,14,17,18, और 19 में प्रवाहित विधि व्यवहार्य हो, उपयु
के अनुसार ही किया जावेगा।
और उपयु र्क्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (3) के परन्तुक (Proviso) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेतर अनुसरण में राजस्थान सरकार पूर्वोक्त जॅाच और अभिलेखन होने तक एतद्द्वारा कथित वन-भूमि और बन्जर भूमि को रक्षित वन घोषित करती है, परन्तु इससे व्यक्तियों अथवा वर्गों के वतर्मान अधिकारों में कमी नही होगी और न उन पर कोई प्रभाव पडेगा।
और उसकी धारा 30 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेतर अनुसरण में सरकार यह भी घोषित करती है कि इसके साथ संलग्न द्वितीय अनुसूचि में दिखाये गये कथित रक्षित वन में स्थित वृक्ष इस विज्ञप्ति के राज-पत्र में प्रकाशित होने की तारीख से आरक्षित किये जाते हैं और पूर्वोक्त तारीख में कथित वन में किसी खदान से पत्थर निकालना या चूना या कोयला जलाना या किसी वन उपज का संग्रह किया जाना या किसी निर्माण प्रक्रिया या साधन बनाया जाना और कथित वन में किसी भूमि को कृ षि के लिये या मकान बनाने के लिये या पशुपालन के लिये अथवा किसी अन्य प्रयोजन के लिये तोडा जाना, साफ किया जाना निषिद्ध करती है।
प्रथम अनुसूची (वन भूमि और बंजर भूमि)16746 राजस्थान राज-पत्र, दिसम्बर 31, 2025 भाग 1(ख) द्वितीय अनुसूची (आरक्षित वृक्ष)
राज्यपाल की आज्ञा से,
बीजो जॉय,
विशिष्ट शासन सचिव, (वन)।
| स ं ख्या | नाम ब्लॅाक | नाम तहसील | नाम जिला | सीमा | विवरण | |
| खसरा नम्बर | रकबा हे0 में | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | |
| 1. | मोतीपुरा रेंज- छोटीसादडी | छोटी सादडी | प्रतापगढ़ | ग्राम मोतीपुरा | 951/729 | 8.2579 |
| योग | 8.2579 | |||||
| उत्तर:- ग्राम मोतीपुरा का खसरा नम्बर 952/729 दक्षिण:- ग्राम मोतीपुरा का खसरा नम्बर 796 वन भ ूमि प ूर्व:- ग्राम मोतीपुरा का खसरा नम्बर 734 पश्चिम:- ग्राम मोतीपुरा का खसरा 954/952 |
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
प्रतापसिंह चुण्डावत, हरि किशन सारस्वत,
क्षेत्रीय वन अधिकारी उप वन संरक्षक,
छोटीसादडी। प्रतापगढ़।
द्वितीय अनुसूची
वन खण्ड - मोतीपुरा ग्राम - मोतीपुरा
रेंज - छोटीसादडी तहसील- छोटीसादडी वन मण्डल - प्रतापगढ़ जिला - प्रतापगढ
| क्र.सं. | नाम प्रजाति (स्थानीय) | नाम प्रजाति (बोटेनिकल) |
| 1. | रोंझ | Acacia leucophloea |
| 2. | पलाश | Butea monosperma,. |
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
प्रतापसिंह चुण्डावत, हरि किशन सारस्वत,
क्षेत्रीय वन अधिकारी उप वन संरक्षक,
छोटीसादडी। प्रतापगढ़।
16748 राजस्थान राज-पत्र, दिसम्बर 31, 2025 भाग 1(ख)प्रारंभिक विज्ञप्ति के प्रस्ताव के साथ उप वन संरक्षक द्वारा प्रमाण-पत्र
वन खण्ड - मोतीपुरा ग्राम - मोतीपुरा
रेंज - छोटीसादडी तहसील- छोटीसादडी
वन मण्डल - प्रतापगढ़ जिला - प्रतापगढ
1. संलग्न प्रारूप में दर्शाई गई भूमि का वर्गीकरण (मंगरी) है उक्त भूमि को वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रत्यावर्तन प्रकरण DIVERSION OF 8.2579 HA. FOREST LAND For Constructionbari sadri - choti sadri- Nimach New BG Railway line in State of Rajasthan N.W.R. (District-Chittorgarh and Pratapgarh. and District-Nimach, Madhya Pradesh).
(Proposal No. FP/RJ/Rail/434094/2023) के प्रकरण में क्षर्तिपुरक वृक्षारोपण हेतु गैर वनभूमि का आवंटन जिला कलक्टर, प्रतापगढ के आदेश क्रमांक/राजस्व/विविध/2023-24/470-75 दिनांक 15.03.2024 के द्वारा वन विभाग के पक्ष में किया गया। जिसे विज्ञप्ति के कॅ ालम 6 में विस्तृत रूप से खसरा नम्बरो का विवरण दर्शाया गया है।
2. वतर्मान में भूमि राजस्व लेखों में वन विभाग के नाम दर्ज है तथा मौके पर विभाग द्वारा विकास कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। इसमें कोई अतिक्रमण अथवा खनन कार्य नही हो रहा है। क्षैत्र को रक्षित वन घोषित कराना प्रस्तावित है।
3. भूमि पर वृक्षों का धनत्व नगण्य है। इस वनखण्ड में प्रमुख पलाश, रोंझ, लेन्टेना इत्यादि प्राकृ तिक रूप से विद्यमान है।
4. समीपवर्ती स्थित क्षैत्र राजस्व बंजर (राजस्व बंजर/चरागाह/खातेदारी/वन)- भूमि है तथा चारो और की सीमाओ का विस्तृत उल्लेख विज्ञप्ति के कॅ ालम 5 में कर दिया गया है।
5. वनखण्डों के वांछित मानचित्र (नक्शे) संलग्न हे एवं विज्ञप्ति में दिखाई गई दिशाओ, सीमाओ एवं स्थिति के अनुरूप है। प्रस्तावित वन क्षैत्रों की सीमा को राजस्व नक्शे में लाल स्याही से इंगित किया गया है। प्रस्तावित क्षैत्र की जी.टी शीट पर चिन्हित किया जाकर प्रस्ताव के साथ संलग्न किया गया है।
6. प्रस्तावित क्षैत्रों की विज्ञप्तियों के प्रारूप यथा विधि पूर्व में नहीं भेजने के कई कारण रहे है किन्तु अब उल्लेखित वनक्षैत्रों के कानूनी स्वरूप देने हेतु प्रचलित नियमों के अनुरूप शासकीय गजट प्रकाश होना नितान्त आवश्यक है, जिसके कि इन भूमियों पर वन विभाग का साक्ष्य सिद्ध हो सके ।
7. उक्त वन भूमि का पूर्व में राजपत्र में प्रकाशन नही हुआ है। हस्ताक्षर हस्ताक्षर
प्रतापसिंह चुण्डावत, हरि किशन सारस्वत, क्षेत्रीय वन अधिकारी उप वन संरक्षक,