| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| पौष 10, बुधवार, शाके 1947- दिसम् बर 31, 2025 Pausa 10, Wednesday, Saka 1947- December 31, 2025 |
भाग-1(ख)
महत्वपूर्ण सरकारी आज्ञायें।
वन विभाग (क)
विज्ञप्ति
जयपुर, जुलाई 14, 2025
संख्या प. 2(11)वन/2025 :-चू
ंकि इसके साथ संलग्न प्रथम अनुसूची में बतलाई गई वन-भूमि अथवा बन्जर-भूमि सरकार की सम्पत्ति है या उसमें सरकार स्वामित्वाधिकार रखती है अथवा सरकार उसकी सम्पूर्ण वन उपज या उसके किसी भाग की हकदार है।
और चू ंकि सरकार पूर्वोक्त वन भूमि और बंजर भूमि को राजस्थान वन-अधिनियम, 1953 की धारा 29 की उप-धारा (1) के अधीन रक्षित वन घोषित करने का विचार रखती है।
ंकि पूर्वोक्त भूमि में अथवा उस पर सरकार और प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा और चू का अभी तक किसी प्रकार का अभिलेखन नही किया गया है।
और चू ंकि सरकार यह भी सोचती है कि पूर्वोक्त वन-भूमि अथवा बन्जर भूमि में अथवा उन पर सरकार अथवा प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा के विषय में जांच करवाना और उनका अभिलेखन कराया जाना आवश्यक है, परन्तु इस कार्य में इतना अधिक समय लग जावेगा जिसके बीच में सरकार के अधिकारों को क्षति पहॅ ुचाने की आशंका है।
अतः अब राजस्थान वन अधिनियम, 1953 (1953 का अधिनियम, संख्या 13) की धारा 29 की उप धारा (3) के द्वारा प्रदत शक्तियों के प्रयोग में सरकार एतद्द्वारा, वन बन्दोबस्त अधिकारी/ सहायक वन बन्दोबस्त अधिकारी को पूर्वोक्त वन-भूमि अथवा बंजर भूमि में या उन पर सरकार या प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों की जॅाच तथा अभिलेखन करने के लिये नियुक्त करती है और ऐसी जॅाच व अभिलेखन जहॅा तक र्क्त अधिनियम की धारा 6,7,8,10,11 (1) 12,14,17,18, और 19 में प्रवाहित विधि व्यवहार्थ हो, उपयु
के अनुसार ही किया जावेगा।
और उपयु र्क्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (3) के परन्तुक (Proviso) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रोत्तर अनुसरण में राजस्थान सरकार पूर्वोक्त जॅाच और अभिलेखन होने तक एतद्द्वारा कथित वन-भूमि और बन्जर भूमि को रक्षित वन घोषित करती है, परन्तु इससे व्यक्तियों अथवा वर्गों के वतर्मान अधिकारों में कमी नही होगी और न उन पर कोई प्रभाव पडेगा।
और उसकी धारा 30 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रोत्तर अनुसरण में सरकार यह भी घोषित करती है कि इसके साथ संलग्न द्वितीय अनुसूचि में दिखाये गये कथित रक्षित वन में स्थित वृक्ष इस विज्ञप्ति के राज-पत्र में प्रकाशित होने की तारीख से आरक्षित किये जाते हैं और पूर्वोक्त तारीख में कथित वन में किसी खदान से पत्थर निकालना चूना या कोयला जलाना या किसी वन उपज का संग्रह किया जाना या किसी निर्माण प्रक्रिया या साधन16750 राजस्थान राज-पत्र, दिसम्बर 31, 2025 भाग 1(ख) बनाया जाना और कथित वन में किसी भूमि को कृ षि के लिये या मकान बनाने के लिये या पशुपालन के लिये अथवा किसी अन्य प्रयोजन के लिये तोडा जाना, साफ किया जाना निषिद्ध करती है।
प्रथम अनुसूची (वन भूमि और बंजर भूमि)
द्वितीय अनुसूची (आरक्षित वृक्ष)
राज्यपाल की आज्ञा से,
बीजो जॉय,
विशिष्ट शासन सचिव, वन।
| क्र.सं. | नाम ब्लॅाक | नाम तहसील | नाम जिला | सीमा | विवरण |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1. | बलवाडा- 3A | ड ू ंगरपुर | ड ू ंगरपुर | उ. राजस्व भूमि बिलानाम मौजा बलवाडा खसरा नम्बर 4932, 4934 द. वन विभाग NFL भ ूमि मौजा बलवाडा खसरा नम्बर 7285/352 व 3522/4 प . वन विभाग NFL ू भ ूमि मौजा बलवाडा खसरा नम्बर 3522/1 प. राजस्व भूमि बिलानाम मौजा बलवाडा खसरा नम्बर 7318/7308 | ग्राम- बलवाडा ख0न0 रकबा 7307/7290 3.10 है 7289/7286 1.125 ह ै योग 4.225 हैक्टर |
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
शंकर लाल मीणा रंगास्वामी ई
क्षेत्रीय वन अधिकारी उप वन संरक्षक,
डू
ंगरपुर। डू
ंगरपुर।
द्वितीय अनुसूची
पेडो की सूची
| संख्या | बोटेनिकल नाम | हिन्दी नाम |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Acacia arabica, willd. | बबूल |
| 2. | Acacia senegal. | क ु मठा |
| 3. | Butea monosperma,. | पलास, खाखरा, छोला |
| 4. | Cassia fistula, linn. | अमलतास |
| 5. | Dendrocalamus strictus, Ness. | पतला बांस |
| 6. | Holo ptelia integrifolia, planch. | चुरेल, कन्जु, कांज |
| 7. | Pongamia pinnata. | करंज |
| 8. | Z i zyphus jujuba, Lam. | बेर |
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
शंकर लाल मीणा रंगास्वामी ई
क्षेत्रीय वन अधिकारी उप वन संरक्षक,
डू
ंगरपुर। डू
ंगरपुर।
16752 राजस्थान राज-पत्र, दिसम्बर 31, 2025 भाग 1(ख)परिशिष्ट "क"
प्रमाण पत्र
वन खण्ड - बलवाडा-3A
रेंज - डू ंगरपुर
वन मण्डल - डू ंगरपुर
1. संलग्न प्रारूप में दर्शाई गई भूमि का वर्गीकरण मगरी है जिसे विज्ञप्ति के कॅ ालम 6 में विस्तृत रूप से खसरा नम्बरों का विवरण दर्शाया गया है।
2. वतर्मान में भूमि राजस्व लेखों में वन विभाग के नाम दर्ज है तथा मौके पर विभाग द्वारा कु छ क्षैत्रों में विकास कार्य करवाया गया है, इनमें कोई अतिक्रमण अथवा खनन कार्य नही हो रहा है। क्षैत्र को रक्षित वन घोषित कराना प्रस्तावित है।
3. वतर्मान में कु छ क्षैत्रों में प्लानटेशन एवं अन्य विकास कार्य कराने है। इनमें कोई खनन कार्य नही हुए हैं।
भविष्य में अन्य क्षैत्रों में भी विकास कार्य कराये जाने की संभावना है।
4. भूमि पर वृक्षों का घनत्व नगण्य है। इस वन खण्ड में प्रमुख प्रजातिया नही है। तथा पुरे क्षैत्र का धनत्व नगण्य है।
5. समीपवर्ती स्थित क्षैत्र राजस्व बंजर/खातेदारी भूमि है तथा चारों ओर की सीमाओं का विस्तृत उल्लेख विज्ञप्ति के कॅ ालम संख्या 5 में कर दिया गया है।
6. वनखण्डों के वांछित मानचित्र (नक्शे) संलग्न है एवं विज्ञप्ति में दिखाई गई दिशाओं, सीमाओं एवं स्थिति के अनुरूप है। प्रस्तावित वन क्षैत्रों की सीमा को नक्शे में लाल स्याही से इंगित किया गया है। प्रस्तावित क्षैत्र को जी.टी.शीट पर चिन्हित किया जाकर प्रस्ताव के साथ संलग्न किया गया है।
7. प्रस्तावित क्षैत्रों की विज्ञप्तियों के प्रारूप उल्लेखित वन क्षैत्रों के कानूनी स्वरूप देने हेतु प्रचलित नियमों के अनुरूप शासकीय गजट में प्रकाशन होना नितान्त आवश्यक है, जिससे की इस भूमि पर वन विभाग का साक्ष्य सिद्ध हो सके ।
8. उक्त भूमि FCA के अलग अलग प्रकरण जिसमें देवल-डू ंगरपुर-हिराता-वरदा-सागवाडा राष्ट्रीय राजमार्ग
ंगरपुर के वन विभाग को 927 ए सडक निर्माण अन्तर्गत प्राप्त हुई है जिनके कार्यालय जिला कलक्टर, डू भूमि आवंटन के पत्र संलग्न है।
9. उक्त वन भूमि का पूर्व में राजपत्र में प्रकाशन नही हुआ है।
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
शंकर लाल मीणा रंगास्वामी ई