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Rajasthan Extraordinary Gazette · Government of Rajasthan

Rajasthan Extraordinary Gazette, Part Part 4 (C) II, 16 January 2026

Published 16 January 2026

Department
Finance Department
Type
Extraordinary
Part
Part 4 (C) II
Notification no.
F.2(60)FD/Tax/2007 pt.-120
Category
Statutory Notification
Document Type
Statutory Notification /Order
Subdepartment
Registration & Stamps
Identifier
in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-01-16.5117182
Languages
English, Hindi

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राजस् थान राजपत्र विशेषांक RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary
साधिकार प्रकाशित Published by Authority
पौष 26, शक्रवार , शाके 1947- जनवरी 16, 2026 ु Pausa 26, Friday, Saka 1947- January 16, 2026

भाग 4 (ग)

उप-ख(cid:214)ड(II)

राज्य सरकार तथा अन्य राज्य प्राधिकारियों (cid:217)वारा जारी किये गये काननीू आदेश तथा

अधिसचनाएं

ू ।

वित्त विभाग

(कर अनभागु )

अधिसचनाू

जयपरु , जनवरी 12, 2026

एस.ओ.154 :- राजस्थान राजभाषा अधिनियम, 1956 (1956 का अधिनियम सं. 47) की धारा 4 के परन्तुक के अनसरणु में इस विभाग की अधिसचनाू संख्यांक प. 2(60) वित/कर/2007 पार्ट-120 दिनांक 02.12.2025 का हिन्दी अनवादु सर्वसाधारण के सचनार्थ

ू एतद(cid:217)वारा प्रकाशित किया जाता है:-

राज्यपाल के आदेश से,

नथमल डिडेल,

विशिष्ट शासन सचिव।

(प्राधिकतृ हिन्दी अनवादु )

''अधिसचनाू

जयपरु , दिसम्बर 02, 2025 रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का के न्द्रीय अधिनियम सं. 16) की धारा 69 की उप-धारा (2) (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हएु , महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण, राजस्थान (cid:217)वारा उक्त अधिनियम की धारा 69 की उप-धारा (1) (cid:217)वारा उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हएु बनाये गये निम्नलिखित नियमों को, राज्य सरकार इसके (cid:217)वारा अनमोदितु और प्रकाशित करती है, अर्थात ्:-

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.- (1) इन नियमों का नाम राजस्थान ई-रजिस्ट्रीकरण नियम, 2025 है।

(2) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवत्तृ होंगे।

2. परिभाषाएं.- (1) इन नियमों में, जब तक कि विषय या संदर्भ में कोई बात विरू(cid:217)ध न हो,-

(i) "अधिनियम" से राजस्थान राज्य में यथा लागू रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का के न्द्रीय अधिनियम सं. 16) अभिप्रेत है;

(ii) "ई-फाइलिंग" से दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण या उनसे संबंधित मामलों के संबंध में फाईल या प्रेषित किये जाने वाले अपेक्षित दस्तावेजों का इलैक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से फाईल किया जाना या ज्ञापन या सचनाओं

ू का प्रेषित किया जाना अभिप्रेत है;

502 राजस्थान राज-पत्र, जनवरी 16, 2026 भाग 4(ग)

(iii) "ई-मैसेजिंग" से ई-मेल या ई-पंजीयन पोर्टल (cid:217)वारा यथा उपबंधित अन्य किसी इलैक्ट्रानिक साधन से, किसी मैसेज का परिदान अभिप्रेत है;

(iv) "ई-पंजीयन पोर्टल" से महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण, राजस्थान के कार्यालय (cid:217)वारा विकसित आनलाईन वेब पोर्टल या मोबाइल एप्लीके शन अभिप्रेत है;

(v) "ई-रजिस्ट्रीकरण" से ई-पंजीयन पोर्टल या महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण, राजस्थान (cid:217)वारा विनिर्दिष्ट किसी अन्य डिजीटल रीति के माध्यम से दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण की इलैक्ट्रानिक प्रक्रिया अभिप्रेत है;

(vi) "ई-सर्च" से ई-पंजीयन पोर्टल के माध्यम से अभिलेख सर्च करना, देखना या उसकी प्रति प्राप्त करना अभिप्रेत है;

(vii) "ई-सत्यापन" से दस्तावेज के पक्षकारों और उसके साक्षियों की पहचान का सत्यापन या इलैक्ट्रानिक साधन के माध्यम से ई-पंजीयन पोर्टल पर दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण या अन्य किसी सेवा के लिए जिसके लिए ई-पंजीयन पोर्टल पर ऐसी सविधाु उपलब्ध करवायी गयी है, के संबंध में परीक्षण और जांच संचालित करना अभिप्रेत है;

(viii) "रोकना" से किसी प्रक्रियात्मक या विधिक अपेक्षा के लिए ई-पंजीयन पोर्टल के अधीन दस्तावेज का लौटाया जाना या दस्तावेज का लंबित रखा जाना अभिप्रेत है;

(ix) "रजिस्ट्रीकरण कार्यालय" में जिला रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार दोनों का कार्यालय सम्मिलित है;

और

ं " से ऐसी आनलाईन प्रक्रिया अभिप्रेत है जिसके (cid:217)वारा पक्षकार ई-पंजीयन पोर्टल पर (x) "स्लाट बकिगु

उपलब्ध किसी सेवा के लिए विशिष्ट दिन और समय का चयन और उसे आरक्षित करते हैं।

(2) इसमें प्रयक्तु किन्तु परिभाषित नहीं किये गये शब्दों और अभिव्यक्तियों के वही अर्थ होंगे जो उन्हें क्रमश: अधिनियम, राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 (1999 का अधिनियम सं. 14), आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसविधाओं

ु और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का के न्द्रीय अधिनियम सं. 18), सचनाू प्रौ(cid:217)योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का के न्द्रीय अधिनियम सं. 21) और उनके अधीन बनाये गये या जारी किये गये नियमों, विनियमों, अधिसचनाओं

ू और आदेशों में समनदिष्टु किये गये हैं।

3. ई-रजिस्ट्रीकरण.- दस्तावेज का कोई भी पक्षकार ई-पंजीयन पोर्टल पर सिंगल साइन-ऑन (एसएसओ) आईडी (cid:217)वारा लॉग-इन या मोबाइल आधारित ओटीपी या ई-पंजीयन पोर्टल (cid:217)वारा उपबंधित किसी अन्य रीति (cid:217)वारा ई-रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया आरंभ कर सके गा। सफल लॉग-इन पर पक्षकार, ई-पंजीयन पोर्टल पर उपबंधित चरणों का अनसरणु करते हएु और आवश्यक स्थानों को भरते हएु दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण के लिए आगे बढ़ सकें गे।

4. रजिस्ट्रीकरण के लिए दस्तावेज के प्रतिग्रहण से पर्व

ू परीक्षण.- (1) दस्तावेज के प्रस्ततीकरणु पर, रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर यह परीक्षण और सनिश्चितु करेगा कि दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रतिग्राह्य है या नहीं।

(2) यदि परीक्षण करने पर, दस्तावेज किसी विधि या किसी न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी के किसी आदेश के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रतिषि(cid:217)ध पाया जाता है, तब रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर दस्तावेज को प्रतिगृहीत करने से इंकार करेगा।

भाग 4(ग) राजस्थान राज-पत्र, जनवरी 16, 2026 503

(3) प्रतिग्रहण के पश्चात ्, उप-नियम (2) में विनिर्दिष्ट विसंगति से भिन्न, कोई विसंगति रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर (cid:217)वारा पायी जाती है, तो रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को रोक दिया जायेगा और पक्षकारों से यह अपेक्षित होगा कि वे आगामी प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों का परिशोधन करें और उन्हें अपलोड करें। यदि रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर का यह समाधान हो जाता है कि विसंगतियां परिश(cid:217)धु की जा चकीु हैं, तो रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया हॉल्ड बटन को रिलीज कर प्रारंभ की जायेगी।

(4) दस्तावेज की ग्राह्यता के संबंध में परीक्षण के पश्चात ्, यदि रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर यह पाता है कि दस्तावेज सही हैं, तो अभिस्वीकतिृ रसीद सजितृ की जायेगी और ई-मैसेजिंग के माध्यम से पक्षकारों को प्रेषित की जायेगी।

ं की ओर अग्रसर होंगे।

(5) अभिस्वीकतिृ की सचनाू प्राप्ति के पश्चात ् पक्षकार, सत्यापन के लिए स्लॉट बकिगु

5. सत्यापन के ढंग.- (1) पक्षकार निम्नलिखित ढंगों में से किसी एक का चयन करके सत्यापन मलाकातु का समय निर्धारित कर सकें गे, अर्थात ्:-

(i) वैयक्तिक रूप से सत्यापन: पक्षकार अंगठाू -निशानी, ई-पंजीयन पोर्टल में फोटो खिंचवाने, पहचान सत्यापन, परीक्षण और जांच आदि के लिए रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में शारीरिक रूप से उपस्थित होंगे;

या

(ii) ई-सत्यापन: पक्षकार, आधार आधारित ई-के वाईसी, वीडियो के वाईसी या ई-पंजीयन पोर्टल (cid:217)वारा उपबंधित किये गये किसी अन्य आनलाईन ढंग का उपयोग करते हएु अपनी पहचान अधिप्रमाणित करेंगे।

(2) जब कोई दस्तावेज ई-रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रस्ततु किया जाता है और पक्षकार ई-सत्यापन का चनावु करते हैं, तो किसी भी प्रयोजन के लिए दस्तावेज प्रस्ततु करने के लिए प्राधिकतृ व्यक्ति या पक्षकारों या साक्षियों की शारीरिक उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी।

6. रजिस्ट्रीकरण से पर्व

ू जांच.- (1) रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर, काननीू अपेक्षाओं का अनपालनु सनिश्चितु करने के लिए प्रस्ततु किये गये समस्त दस्तावेजों का ब्यौरेवार परीक्षण संचालित करेगा।

(2) रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर, राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 (1999 का अधिनियम सं. 14) के उपबंधों के अनसारु स्टाम्प-पत्रों को विरूपित करने और अन्य अनपालनोंु को सनिश्चितु करने की ओर अग्रसर होगा।

7. रजिस्ट्रीकरण का पर्ण

ू होना.- (1) रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर (cid:217)वारा आवश्यक परीक्षण और संवीक्षा के पश्चात ्, यदि यह पाया जाता है कि कोई अतिरिक्त सचनाू या दस्तावेज अपेक्षित है, तो वह अनपालनाु के लिए, अगले कार्य दिवस के भीतर ई-मैसेजिंग के माध्यम से पक्षकारों को इसकी सचनाू देगा।

(2) यदि पक्षकार उप-नियम (1) के अधीन सचनाू की तारीख से 30 दिन के भीतर अपेक्षित अतिरिक्त सचनाू या दस्तावेज उपलब्ध करवाने में असफल रहता है, तो दस्तावेज का रजिस्ट्रीकरण कारणों को अभिलिखित किये जाने के पश्चात ् अस्वीकतृ कर दिया जायेगा। स्पष्टीकरण: इस नियम के प्रयोजन के लिए, तीस दिन की कालावधि की गणना करते समय, वह दिन जिस पर आक्षेप उठाया गया है, अपवर्जित किया जायेगा।

(3) रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर, समस्त विधिक और प्रक्रियात्मक अपेक्षाओं का समाधान होने पर, रजिस्ट्रीकरण को डिजीटल रूप से हस्ताक्षरित और पष्ठांकितृ करेगा।

504 राजस्थान राज-पत्र, जनवरी 16, 2026 भाग 4(ग)

(4) पक्षकारों को इलैक्ट्रानिक रूप से सचितू किया जायेगा और विलेख को डिजीटल रूप से पारेषित किया जायेगा।

8. काम के घंटे.- ई-पंजीयन पोर्टल पर ई-रजिस्ट्रीकरण के लिए दस्तावेज को आनलाईन प्रस्तुत करने की सविधाु 24x7 घंटे उपलब्ध रहेगी। दस्तावेज ऐसी विनिर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर रजिस्ट्रीकतृ और परिदत्त किया जायेगा जैसाकि राज्य सरकार या महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण (cid:217)वारा आदेशित किया जाये।

9. शिकायतों को दरू करना.- महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण ई-रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों को दरू करने के लिए मार्गदर्शक सि(cid:217)धांत जारी करेगा।

10. बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के कर्तव्य.- साम्यापर्ण

ू बंधक, जिसके (cid:217)वारा हक विलेखों के निक्षेप (cid:217)वारा स्थावर संपत्ति को बंधकित किया जाता है, के आधार पर उधार अनदत्तु करने वाले समस्त बैंक और वित्तीय संस्थाएं महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण (cid:217)वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रिया के अनसारु ई-पंजीयन पोर्टल पर वास्तविक समय आधार पर ऐसे बंधक विलेखों से संबंधित अपेक्षित डाटा शेयर करेंगी।

11. ई-सर्च, प्रमाणित प्रति इत्यादि.- ई-रजिस्ट्रीकरण या ई-फाइलिंग के माध्यम से रजिस्ट्रीकतृ दस्तावेजों की ई-सर्च या प्रमाणित प्रति के लिए अनरोधु , ई-पंजीयन पोर्टल के माध्यम से आनलाईन किया जायेगा। अपेक्षित फीस, ई-पंजीयन पोर्टल पर उपलब्ध ढंगों के माध्यम से संदत्त की जायेगी। सर्च और प्रमाणित प्रति की सविधाएं

ु के वल आनलाईन उपलब्ध करवायी जायेंगी।

12. प्रकीर्ण.- (1) प्रत्येक पक्षकार, अन्य पक्षकारों और साक्षियों की पहचान के प्रति-सत्यापन के लिए उत्तरदायी होगा। यह सदैव उपधारित किया जायेगा कि हस्ताक्षर करने वाले पक्षकार एक दसरे

ू को जानते हैं और उन्होंने स्वयं पष्टिु की है कि प्रत्येक पक्षकार के पास दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का विधिमान्य प्राधिकार और अधिकार है।

(2) इन नियमों के प्रयोजन के लिए, सदैव यह अर्थ लगाया जाएगा कि दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का अर्थ दस्तावेज को निष्पादित करना, प्रतिगहीतृ करना और स्वीकार करना होगा। (3) रजिस्ट्रीकर्ता आफिसर दिन के अंत में रजिस्ट्रीकतृ दस्तावेजों और सरकारी रसीदों का सार तैयार करेगा। वह इसकी अभिस्वीकतिृ के प्रमाणस्वरूप ऐसे सार पर अपने इलैक्ट्रानिक या, यथास्थिति, डिजीटल हस्ताक्षर करेगा।

(4) फीस, स्टाम्प शल्कु या अन्य प्रभारों के संदाय से संबंधित विसंगतियां, यदि कोई हों, सदैव समचितु प्राधिकारी (cid:217)वारा वसलीू के अध्यधीन होंगी। (5) कोई कार्य या सेवाएं जो इसमें स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं की गयी हैं, राजस्थान रजिस्ट्रीकरण नियम, 1955 (ख(cid:214)ड 1) के ससंगतु उपबंधों के अनसारु उपबंधित की जायेंगी। (6) अधिनियम और तदधीन बनाये गये नियमों के अधीन रखे और संधारित किये जाने वाले अपेक्षित समस्त रजिस्टर पस्तु कें , रजिस्टर, सचियां

ू , परिशिष्ट, प्ररूप, पष्ठां

ृ कन इलैक्ट्रानिक रूप से रखे और संधारित किये जायेंगे।

[सं. एफ. 2 (60)वित/कर/2007 पार्ट-120]

राज्यपाल के आदेश से,

नथमल डिडेल,

संयक्तु शासन सचिव''।

_____________

Government Central Press, Jaipur.

Cite this issue. Rajasthan Extraordinary Gazette, Government of Rajasthan, 16 January 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-01-16.5117182/. Archive identifier in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-01-16.5117182.