| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| माघ 15, बधवार , शाके 1947- फरवरी 04, 2026 ु Magha 15, Wednesday, Saka 1947- February 04, 2026 |
भाग 6 (ख)
जिला बोर्डो, परिषदों एवं नगर आयोजना संबंधी, विज्ञप्तियां आदि
नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग
अधिसचनाू
जयपरु , सितम्बर 12, 2025
नगरीय क्षेत्र में स्थित पहाड़ों के संरक्षण हेतु मॉडल विनियम-2024
संख्या प. 18(10) नविवि/Hill Policy/2024 :-
1. संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ तथा विस्तार :-
1.1 यह विनियम "उदयपुर नगरीय क्षेत्र में स्थित पहाड़ों के संरक्षण हेतु मॉडल विनियम- 2024" कहलायेंगे।
1.2 यह विनियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवत्तहोंगे।ृ 1.3यह विनियम राजस्थान राज्य के अधिघोषित नगरीय क्षेत्र (माउन्ट आबू इकोसेंसिटिव जोन के अधिसचितू क्षेत्र को छोड़कर) में प्रभावशील होंगे। 2. परिभाषाएं :-
इन विनियमों में जब तक विषय अथवा संदर्भ (cid:217)वारा अन्यथा अपेक्षित नहीं हो, -
2.1 "पहाड़" से अभिप्राय ऐसे भू-क्षेत्र से है जो अपने आस-पास के धरातल से शंखाकार अथवा वत्ताकारृ आकतिृ में ऊपर उठा हआु है एवम ् जिसकी क्रे स्टलाइन/क्रे स्ट हो। 2.2 "नगरीय क्षेत्र" से अभिप्राय राज्य सरकार (cid:217)वारा नगर सधारु अधिनियम, 1959 के अन्तर्गत अधिसचितू नगरीय क्षेत्र अथवा अधिसचितू विकास प्राधिकरण क्षेत्र अथवा राजस्थान नगर पालिका अधिनियम के तहत अधिसचितू नगर पालिका/परिषद्/निगम क्षेत्र से है।
2.3 "बफर क्षेत्र" से अभिप्राय उस क्षेत्र से है जो कि किसी जलाशय, पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र,वन क्षेत्र इत्यादि महत्वपर्ण
ू क्षेत्र से निर्धारित दरीू तक के खले
ु क्षेत्र से है जिसमें किसी भी प्रकारका स्थाई निर्माण वर्जित है।
2.4 "क्रे स्ट" से अभिप्राय किसी पहाड़ के शीर्ष भाग से है।
2.5 "क्रे स्टलाईन" से अभिप्राय किसी पहाड़ एवम ् इससे जड़े
ु रेखीये श्रंखलाृ /क्षेत्र के शीर्ष भाग से है, जिसकी निरन्तरता हो।
1161 jktLFkku jkt&i=] फरवरी 04, 2026 Hkkx 6 ¼[k½2.6 "नगरीय निकाय/स्थानीय निकाय" किसी विकास प्राधिकरण, नगर विकास न्यास, नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका जैसी भी स्थिति हो, अभिप्रेत है।
2.7 इन विनियमों में प्रयक्तु अन्य शब्दों की परिभाषाएं वह ही होगी जो कि नगरीय निकाय के प्रचलित भवन विनियमों में परिभाषित की गई है।
3. पहाड़/पहाड़ी का वर्गीकरण (ढ़लान आधारित) :-
3.1 'अ' श्रेणी (A category) के पहाड़/पहाड़ी से अभिप्राय उस भू-भाग से है जो 8 डिग्री तक के ढलान वाला क्षेत्र हो।
3.2 'ब' श्रेणी (B category) के पहाड़/पहाड़ी से अभिप्राय उस पहाड़◌़◌ी भू-भाग से है जो 'अ' श्रेणी से बाहर का क्षेत्र हो तथा जिसका ढलान 8 डिग्री से अधिक एवम ् 15 डिग्री तक हो।
3.3 'स' श्रेणी (C Category) के पहाड़/पहाड़ी से अभिप्राय उस भू-भाग से है जो 'अ' एवम ् 'ब' श्रेणी से बाहर का क्षेत्र हो तथा जिसका ढलान 15 डिग्री से अधिक हो।
4. 'अ' श्रेणी (A category) के क्षेत्रों में निर्माण के मापद(cid:214)ड निम्नानसारु होंगे :- 4.1 'अ' श्रेणी में स्थित नगरीय क्षेत्रों में अधिसचितू मास्टर प्लान में अनज्ञेयु भू-उपयोग, भू- उपयोग परिवर्तन नियम, 2010 एवम ् राजस्थान नगरीय क्षेत्र (कषिृ भमिू का अकषिृ प्रयोजन के लिए उपयोग की अनज्ञाु और आवंटन) नियम, 2012 एवम ् उपरोक्त नियमों के क्रम में समय-समय पर जारी राजकीय आदेशों/नियमों/विनियमों के अनसरणु में संपरिवर्तन/रूपान्तरण अनज्ञेयु होंगे।
4.2इस श्रेणी की भमियोंू /भू-भाग पर प्रचलित भवन विनियम एवम ् टाऊनशिप पॉलिसी के प्रावधानों के अनसारु निर्माण अनज्ञेयु होंगे।
5. 'ब' श्रेणी (B category) के क्षेत्रों में निर्माण के मापद(cid:214)ड निम्नानसारु होंगे :- 5.1 इस क्षेत्र में पहाड़ों का सरंक्षण सनिश्चितु करने की दृष्टि से निम्न घनत्व की गतिविधियां यथा फार्महाउस, एम्यजमेन्टू पार्क , रिसोर्ट, प्राकतिकृ चिकित्सा एवम ् वेलनेस सेंटर, कै म्पिंग साईट एवम ् सौर ऊर्जा फार्म/संयत्र अनज्ञेयु होंगे।
5.2 सार्वजनिक उपयोगिताऐं यथा वि(cid:217)यतु आपर्ति
ू , जल आपर्ति
ू इत्यादि से संबंधित उपयोग भी निम्न घनत्व में रखते हएु अनज्ञेयु किये जा सकें गे।
5.3 विशिष्ट प्रकरणों में राज्य सरकार (cid:217)वारा निम्न घनत्व के अन्य उपयोग भी अनज्ञेयु होंगे। 5.4 फार्म हाउस उपयोग हेतु भख(cid:214)डू का न्यनतमू क्षेत्रफल 5000 वगर्मीटर रहेगा तथा अधिकतम भू-आच्छादन क्षेत्रफल 500 वगर्मीटर एवम ् अधिकतम ऊँ चाई भतलू + 1 मंजिल (अधिकतम ऊँ चाई 9 मीटर) अनज्ञेयु होगी।
5.5(i) 'ब' श्रेणी में रिसोर्ट हेतु भख(cid:214)डू का न्यनतमू क्षेत्रफल 2 हैक्टेयर रहेगा तथा अधिकतम ऊँ चाई 9 मीटर (भतलू + 1) अनुज्ञेय होगी। भू-आच्छादन क्षेत्र अधिकतम 20 प्रतिशत ही देय होगा।
Hkkx 6 ¼[k½ jktLFkku jkt&i=] फरवरी 04] 2026 11625.5(ii) 'ब' श्रेणी में न्यनतमू 1 हैक्टेयर क्षेत्रफल होने पर धार्मिक स्थल, आध्यात्मिक के न्द्र, योग के न्द्र तथा प्राकतिकृ चिकित्सा एवम ् वेलनेस सेन्टर अनज्ञेयु होंगे जिनमें अधिकतम भू- आच्छादन क्षेत्र 15 प्रतिशत देय होगा तथा अधिकतम ऊँ चाई 9 मीटर (भतलू + 1 तल) अनमतु होगी।
5.6 एम्यजमेन्टू पार्क हेतु न्यनतमू क्षेत्रफल 5 हैक्टेयर एवम ् अधिकतम भू-आच्छादन क्षेत्र 10प्रतिशत तथा भवन की अधिकतम ऊँ चाई 9 मीटर (भतलू + 1 तल) रहेगी एवम ् एम्यजमेन्टू पार्क के उपकरणों/झलोंू की ऊँ चाई 9 मीटर से अधिक भी अनज्ञेयु की जा सके गी।
5.7 'अ' एवम ् 'ब' श्रेणी में मास्टर प्लान में दर्शित पहाड़ी संरक्षित क्षेत्र में निम्न घनत्व के उपयोग मास्टर प्लान में अनज्ञेयु अनसारु एवम ् प्रचलित प्रावधानों के अनसारु अनज्ञेयु रहेंगे।
5.8 उपरोक्त ऊँ चाई के अतिरिक्त प्रस्तावित भवन के टैरेस पर मम्टी/मशीन रूम/वॉटर टेंक आदि संरचनाओं की अधिकतम ऊँ चाई 3 मीटर अनज्ञेयु होगी। 5.9 इस श्रेणी के प्रस्तावित भवन में बेसमेंट निर्माण अनज्ञेयु नहीं होगा। 5.10 इस श्रेणी के प्रस्तावित भवन में स्टील्ट फ्लोर का निर्माण अनुज्ञेय नहीं होगा। 5.11उपरोक्त के अतिरिक्त शेष मापद(cid:214)ड प्रचलित भवन विनियम अनसारु रहेंगे।
6. 'स' श्रेणी (C category) के क्षेत्रों में निर्माण के मापद(cid:214)ड निम्नानसारु होंगे :- 6.1 'स' श्रेणी के अन्तर्गत 15 डिग्री से अधिक के ढलान वाला क्षेत्र होगा जिसमें किसी भी प्रकार की गतिविधि एवम ् निर्माण अनज्ञेयु नहीं होगा।
6.2इस श्रेणी में सार्वजनिक उपयोगिताऐं यथा वि(cid:217)यतु आपर्ति
ू , जल आपर्ति
ू इत्यादि से संबंधित उपयोग भी निम्न घनत्व में रखते हएु अनज्ञेयु किये जा सकें गे।
7. 'ब' एवम ् 'स' श्रेणी हेतु निर्माण निषेध क्षेत्र :- 7.1 जल स्त्रोतों के किनारे बफर :-
नगरीय विकास विभाग के आदेश दिनांक 20.02.2023 अनसारु जल निकायों (water bodies)के साथ बफर, जो किसी अधिनियम/संविधि/मास्टर प्लान के तहत अधिसचितू नहीं हैं, जोन हेतु निम्नलिखित प्रावधान है :-
क) 10 मीटर से अधिक चौड़ाई वाले नहर/नाला/स्टॉर्म वाटर ड्रेन की परिभाषित सीमा से न्यनतमू 9 मीटर। ख) 10 मीटर तक की चौड़ाई वाले नहर/नाला/लघु जल निकायों/स्टॉर्म वाटर ड्रेन की परिभाषित सीमा से न्यनतमू 6 मीटर। ग) बावड़ी से सभी तरफ न्यनतमू 6 मीटर।
नोट :-
1163 jktLFkku jkt&i=] फरवरी 04, 2026 Hkkx 6 ¼[k½1. यदि कोई जलाशय सिंचाई विभाग/जल संसाधन विभाग/जिला परिषद् के क्षेत्राधिकार में हो, तो ऐसी स्थिति में सिंचाई विभाग/जल संसाधन विभाग/जिला परिषद् (cid:217)वारा एचएफएल/एफटीएल तय किया जाएगा और ऐसे मामलों के लिए इस विभाग से एनओसी प्राप्त की जानी होगी। एचएफएल/एफटीएल सीमा में आने वाली भमिू का संपरिवर्तन नहीं किया जावेगा।
2. ऐसे जलाशय जिनकी राजस्व सीमा निर्धारित नहीं है, तो ऐसी स्थिति में सिंचाई विभाग/जल संसाधन विभाग (cid:217)वारा सीमा निर्धारित की जा सके गी।
3. यदि नदी/नाला की नहरबंदी की गई है, तो बफर को विकास योजना (मास्टर प्लान/जोनल प्लान/स्कीम प्लान) के अनसारु अथवा राज्य सरकार (cid:217)वारा समय-समय पर जारी दिशा- निदर्शोंे के अनरूपु बफर रखा जायेगा।
7.2 राजस्थान झील (संरक्षण एवम ् विकास) प्राधिकरण अधिनियम, 2015 की धारा 2(X) के तहत ् परिभाषित "झील" तथा वन्य जीव अभ्यार(cid:214)य/वन एवम ् पर्यावरण मंत्रालय/वेट ले(cid:214)ड/अन्य संबंधित विभागो की अधिसचनाू ऐं भी मान्य रहेगी। 8. सामान्य शर्ते/प्रावधान :
8.1 'ब' श्रेणी के क्षेत्रों में प्रस्तावित भमिू के कलु क्षेत्रफल के 40 प्रतिशत भाग में स्थानीय वक्षोंृ से सघन वक्षारोपणृ करना होगा जो कि कम से कम 6 मीटर ऊँ चाई ग्रहण कर सके तथा उपरोक्त के अतिरिक्त आन्तरिक सड़कों के सहारे एवम ् फटपाथु के सहारे तथा पार्किं ग क्षेत्र में वक्षारोपणृ करना आवश्यक होगा।
8.2 'ब' श्रेणी के क्षेत्रों में अधिकतम 3 मीटर की खड़ी गहराई तक पहाड़ी का कटाव अनज्ञेयु होगा। साथ ही कटाव से पर्व
ू विकासकर्ता को कन्टरू प्लान तथा कटिंग व फिलिंग प्लान आवश्यक रूप से प्रस्ततु करना होगा। भवन की कर्सीु तल (प्लिन्थ लेवल) पर विकासकर्ता (cid:217)वारा संबंधित निकाय को मौका निरीक्षण हेतु सचितू करना होगा, तथापि सम्बन्धित निकाय के सक्षम अधिकारी (cid:217)वारा अनापत्ति जारी करने पर ही शेष निर्माण कार्य अनमतु किया जावेगा।
8.3 जल-मल निस्तारण हेतु Bio-Digesterकी व्यवस्था करना अनिवार्य होगा एवम ् किसी भी प्रकार का जल-मल का अपशिष्ट भख(cid:214)डू क्षेत्र से बाहर प्रवाहित नहीं किया जायेगा। 8.4 निर्माण के समय प्राकतिकृ नालों को किसी भी रूप में अवरू(cid:217)ध नहीं किया जावेगा। 8.5 समस्त प्रकरणों में समीपीय स्थानीय निकाय के प्रचलित भवन विनियम के प्रावधानों के अनसारु आवश्यक पार्किं ग की जानी होगी।
8.6 वाहनों की पार्किं ग एवम ् वाहनों का आवागमन आवेदित भमिू के यथासंभव निचले भू- भाग तक ही सीमित करना होगा। पार्किं ग की उपलब्धता भख(cid:214)डू में पर्णरूपू से उपलब्ध नहीं होने पर आवेदक (cid:217)वारा स्वयं के स्वामित्व की अन्यत्र समतल भमिू पर भी (500 मीटर की परिधि में) पार्किं ग अनज्ञेयु की जा सके गी। उक्त भमिू का पार्किं ग प्लान भी भवन निर्माण स्वीकतिृ का अभिन्न हिस्सा रहेगा।
Hkkx 6 ¼[k½ jktLFkku jkt&i=] फरवरी 04] 2026 11648.7 किसी नगरीय क्षेत्र के अधिसचितू मास्टर प्लान में दर्शित पहाड़ी वक्षारोपणृ क्षेत्र तथा पहाड़ी संरक्षण क्षेत्र में इन प्रावधानों के अनसारु अनज्ञेयु उपयोग ही स्वीकतृ किये जा सकें गे।
8.8 नगरीय क्षेत्रों में सम्बन्धित विकास प्राधिकरण/नगर सधारु न्यास अथवा स्थानीय निकाय (जहां विकास प्राधिकरण/नगर सधारु न्यास नहीं हो) (cid:217)वारा इन विनियमों के लागू होने से छः माह की अवधि में सम्बन्धित स्थानीय निकाय (cid:217)वारा State Remote Sensing Agency/ Survey of Indiaअथवा अन्य समकक्ष तकनीकी संस्था के सहयोग से पहाड़ी क्षेत्रों की 'अ', 'ब' एवम ् 'स' श्रेणीयों का निर्धारण तथा विकास योग्य एवम ् गैर-विकास योग्य (Developable and Non-Developable) क्षेत्र का निर्धारण जी.आई.एस. सोफ्टवेयर (ARC GIS PROअथवा समकक्ष) आधारित डिजीटल एलिवेशन मॉडल डेटा के माध्यम से किया जाना होगा (रिजोल्यशनू State Remote Sensing Agency/ Survey of India (cid:217)वारा प्रस्तावित) जिससे कि किसी भी प्रकार की मानवीय त्रटिु नहीं रहे तथा भू-धारकों को स्वयं की भमिू की पर्ण
ू जानकारी हो सके गी।
8.9 पहाड़ी क्षेत्रों की 'अ', 'ब' एवम ् 'स' श्रेणीयों तथा विकास योग्य एवम ् गैर-विकास योग्य (Developable and Non-Developable) क्षेत्र का निर्धारण पश्चात ् इन्हे विकास प्राधिकरण/नगर सधारु न्यास अथवा स्थानीय निकाय की सक्षम स्तर की बैठक में अनमोदनु उपरान्त राज्य स्तर से अधिसचितू करवाया जाना होगा।
8.10 'स' श्रेणी तथा गैर-विकास योग्य क्षेत्र में भू-रूपान्तरण/संपरिवर्तन/भू-उपयोग परिवर्तन/भमिू आवंटन राज्य सरकार (cid:217)वारा विशेष परिस्थिति में प्रकरण की महत्वता के आधार पर ही अनमतु किया जा सके गा।
8.11 उक्त विनियम में किसी भी प्रकार के विचलन/विरोधाभास होने की स्थिति में प्रस्ताव स्थानीय निकाय की सक्षम स्तर की बैठक की अनशंषाु के साथ अनमोदनु हेतु राज्य सरकार को मख्यु नगर नियोजक, राजस्थान के माध्यम से प्रेषित करना होगा।
8.12 नगरीय विकास विभाग (cid:217)वारा भविष्य में तैयार किये जाने वाले मास्टर प्लान/जोनल डवलपमेंट प्लान के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों की 'अ', 'ब' एवम ् 'स' श्रेणीयों का निर्धारण तथा विकास योग्य एवम ् गैर-विकास योग्य (Developable and Non-Developable) क्षेत्र का निर्धारण किया जाना होगा।
8.13 'ब' श्रेणी में भवन निर्माण स्वीकतिृ हेतु विकासकर्ता (cid:217)वारा आवेदन पत्र के साथ प्रोजेक्ट की डी.पी.आर., जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर आधारित कन्टरू प्लान (कन्टरू इन्टर्वल अधिकतम 5 मीटर), आवेदित भमिू का सर्वे (आवेदित भमिू से 200 मीटर तक), नवीनतम गगलू मानचित्र, सर्वे एवम ् गगलू मानचित्र पर खसरा सपरइम्पोज्डु प्लान, कटिंग/फिलिंग प्लान, ड्रेनेज प्लान, लैंडस्के प प्लान, वर्षा जल संचयन एवम ् सीवेज ट्रिटमेन्ट प्लान भी आवश्यक रूप से सम्बन्धित तकनीकीविद् से प्रमाणित करवाकर1165 jktLFkku jkt&i=] फरवरी 04, 2026 Hkkx 6 ¼[k½ प्रस्ततकरनाु होगा। 'ब' श्रेणी में स्थानीय निकाय के सक्षम अधिकारी (cid:217)वारा ही निर्माण स्वीकतिृ दी जा सके गी।
8.14 जल संभरण क्षेत्र (Watershed) के संरक्षण के दृष्टिगत यह आवश्यक होगा कि 'ब' श्रेणी के समस्त प्रोजेक्ट हेतु जल निकास योजना (Drainage Plan) यथासम्भव GISतकनीक के माध्यम से तैयार करवाकर आवेदक (cid:217)वारा प्रस्ततु करनी होगी। जल निकासी योजना (Drainage Plan) का अनमोदनु नगरीय निकाय के सम्बन्धित अभियंता (जो कि सहायक अभियंता के स्तर से नीचे नहीं हो) (cid:217)वारा किया जाना होगा।
8.15 'ब' श्रेणी के रिसोर्ट प्रयोजनार्थ प्रस्तावित भवनों को ग्रीन रेटिंग एजेन्सी यथा LEED/GRIHA/ASSOCHAM GEM/IGBC/EDGE (cid:217)वारा गोल्ड अथवा समतल्यु श्रेणी से प्रमाणित होने पर ही भवन निर्माण स्वीकतिृ जारी की जा सके गी। ग्रीन बिल्डिंग को प्रोत्साहन स्वरूप प्रचलित भवन विनियम अनसारु अतिरिक्त बी.ए.आर. निःशल्कु देय होगा।
8.16 कोई भी निर्माण पहाड़ों की कटी हईु सतह से जोड़ कर नहीं किया जायेगा। टो वॉल का निर्माण आवश्यक होगा जिसका निर्माण कटी हईु सतह से न्यनतमू 01 मीटर दरीू पर ही किया जा सके गा।
8.17 'ब' श्रेणी के पहाड़ों की क्रे स्टलाईन/क्रे स्ट पर भवन निर्माण अनमु त नहीं होगा परन्तु क्रे स्टलाईन/क्रे स्ट पर प्राकतिकृ रूप से समतल सतह प्राप्त होने पर राज्य सरकार के (cid:217)वारा तकनीकी परीक्षण उपरान्त क्रे स्टलाईन पर भवन निर्माण अनज्ञेयु किये जाने के संबंध में निर्णय लिया जा सके गा।
8.18 सेटबैक्स का निर्धारण भख(cid:214)डू के क्षेत्रफल के आधार पर प्रचलित भवन विनियम के अनसारु किया जायेगा।
8.19 पार्किं ग की गणना व अन्य मानद(cid:214)ड जिनका उल्लेख इन विनियम में नहीं किया गया है, वह प्रचलित भवन विनियम के अनसारु लागू होंगे।
8.20 'ब' श्रेणी के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन हेतु छोटे जलाशय निर्मित किये जाने होंगे जिससे कि वर्षा जल का भमिू में प्राकतिकृ रूप से रिसाव/भरण हो सके । साथ ही 2 मीटर तक की ऊँ चाई के सनियोजितु तटबंधो का निर्माण भी अनज्ञेयु होगा।
8.21 'ब' श्रेणी के समस्त उपयोगों में मख्यु मार्ग की न्यनतमू चौडाई प्रचलित टाऊनशिप पॉलिसी के निर्धारित मापद(cid:214)डों के अनसारु अनिवार्य होगी परन्तु मख्यु सड़क से ँ मार्ग (Dedicated Road) न्यनतमू 9 मीटर रखते हएु इन आवेदित भख(cid:214)डू हेतु पहचु
ँ मार्ग विनियम में उल्लेखित उपयोग अनज्ञेयु किये जा सकें गे एवम ् आवेदित भमिू में आन्तरिक पाथ-वे अधिकतम 6 मीटर रखे जा सकें गे। इस श्रेणी में पहचु (Dedicated Road) एवम ् आन्तरिक पाथ-वे हेतु बी.टी. रोड एवम ् सी.सी. रोड़ के स्थान पर ग्रेवल सड़क/स्टोन ब्लॉक/पेवर ब्लॉक से निर्मित सड़कें ही अनज्ञेयु होगी।
Hkkx 6 ¼[k½ jktLFkku jkt&i=] फरवरी 04] 2026 11668.22 स्थानीय निकाय (cid:217)वारा क्षेत्रीय आवश्यकताओं को देखते हएु बी.टी. रोड एवम ् सी.सी. रोड़ निर्माण की अनमतिु जारी की जा सके गी।
8.23 पहचु
पहचु
ँ मार्ग का निर्माण समच्चयु रेखा (Contour Lines) के समानान्तर करना होगा एवम ् ँ मार्ग के किनारे पंक्तिब(cid:217)ध रूप से वक्षारोपणृ किया जाना अनिवार्य होगा। 8.24 आन्तरिक फटपाथु /सड़कों का ढाल (Road Gradient) अधिकतम अनुपात 1◌ः10 अनमतु होगा।
8.25 आन्तरिक पाथ-वे का निर्माण हेतु स्टोन ब्लोक्स/ग्रेवल सड़क का उपयोग किया जाना आवश्यक होगा जिन पर पर्यावरण के दृष्टिगत बैट्री संचालित वाहन/गोल्फ कार्ट का उपयोग किया जा सके गा।
8.26 किसी प्रकरण में आवेदित भमिू 'अ', 'ब' एवम ् 'स' श्रेणियों के अन्तर्गत विभक्त होने पर निम्नानसारु निर्माण स्वीकतिृ दी जा सके गी :-
'अ' श्रेणी में अधिकतम निर्माण प्रचलित भवन विनियम अनसारु अनमतु होगा। 'ब' श्रेणी में अधिकतम निर्माण इन विनियम में प्रस्तावित मापद(cid:214)ड अनसारु अनमतु होगा। 'स' श्रेणी में निर्माण अनमतु नहीं होगा। 8.27 व्यापक जनहित से संबंधित के न्द्र एवम ् राज्य सरकार की योजनाओं एवम ् परियोजनाओं में निम्न घनत्व के उपयोग स्थानीय निकाय की कार्यकारी समिति/ले-आउट प्लान समिति (cid:217)वारा अनमतु किये जा सकें गे। इनके अतिरिक्त अन्य योजनाओं/परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार की पर्वानमतिू ु आवश्यक होगी।
9. द(cid:214)डात्मक व्यवस्था :-
9.1 भवन निर्माण में निर्धारित मानद(cid:214)डों के उल्लंघन होने या निर्माण मानक स्तर के अनरूपु नहीं होने पर 15 दिवस की समयावधि हेतु नोटिस जारी किया जाकर सनवाईु का अवसर दिया जाएगा एवम ् संबंधित निर्माण को रोका जा सके गा व इसे आंशिक या पर्णरूपू से
ू में ध्वस्त किया जा सके गा जिसकी पनर्भरणु राशि अनज्ञाधारीु से वसलीू जाएगी एवम ् पर्व प्रदत्तनिर्माण स्वीकतिृ को अविलम्ब निरस्त किया जा सके गा।
ू आवेदित भमिू पर/तक किसी भी प्रकार की 9.2 विकासकर्ता (cid:217)वारा स्वीकतिृ प्राप्त करने से पर्व
कटिंग/फिलिंग इस विनियम के प्रावधान अनसारु पाये जाने पर प्रचलित भवन विनियम के तहत ् शास्ति अध्यारोपित कर इन विनियम के प्रावधानों अनसारु भवन निर्माण स्वीकतिृ दी जा सके गी।
9.3 ऐसे किसी पंजीकतृ तकनीकीविद् अथवा नगरीय विकास विभाग/न्यास /प्राधिकरणों (cid:217)वारा
किया जाना अथवा सारवान तथ्यों को छपाये
अधिकतृ तकनीकी विशेषज्ञों जिसके (cid:217)वारा व्यवसाय की आचरण संहिता का उल्लघंन ु जाना पाया जाता है, के विरू(cid:217)ध सक्षम अधिकारी (cid:217)वारा पंजीयन निलम्बित/र(cid:217)द किया जा सके गा एवम ् अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जा सके गी।
1167 jktLFkku jkt&i=] फरवरी 04, 2026 Hkkx 6 ¼[k½9.4नगरीय निकाय (cid:217)वारा दी गई भवन निर्माण स्वीकतिृ को स्वामित्व का आधार नहीं माना जायेगा एवम ् विवादित स्वामित्व की भमिू पर दिये गये निर्माण स्वीकतिृ के लिये नगरीय निकाय जिम्मेदार नहीं होगा, क्योंकि निर्माण स्वीकतिृ मात्र प्रश्नगत भमिू पर क्या एवम ् किस प्रकार से निर्माण अनमतु किया गया है, यही दर्शाता है।
10. निरसन तथा व्यावतिृ :- 10.1 इन विनियमों के प्रभावशील होने के साथ ही पहाड़ों के संरक्षण हेतु पर्व
ू प्रचलित राजस्थान राज्य के नगरीय क्षेत्र में स्थित पहाडो के संरक्षण हेतु विनियम-2018 स्वतः निरस्त हो जावेंगे।
10.2 इन विनियमों के प्रभावशील होने पर नगरीय क्षेत्र में प्रचलित किसी अन्य अधिनियम/नियम के प्रावधानों में विरोधाभास होने पर इन विनियम के प्रावधान संख्या 7.2 पर उल्लेखित अधिनियम के प्रावधानों के अतिरिक्त इन विनियम के प्रावधान लागू होंगे।
10.3 'ब' श्रेणी में इन विनियम के लागू होने से पर्व
ू यदि आवासीय/वाणिज्यिक/ संस्थागत/अन्य उपयोग की योजनाओं के सम्परिवर्तन आदेश/प(cid:210)टे जारी किये गये हो,
ु य होगी। अन्य परन्तु भवन निर्माण स्वीकतिृ जारी नहीं की गई हो, ऐसे प्रकरणों में प(cid:210)टे में उल्लेखित उपयोग हेतु अधिकतम ऊँ चाई 9 मीटर (भतलू + 1 तल) ही अनज्ञे मापद(cid:214)ड प्रचलित भवन विनियम अनसारु रहेंगे।
10.4 जिन प्रकरणों में इन विनियम के लागू होने से पर्व
ू भवन निर्माण स्वीकतिृ जारी की जा चकीु हो, ऐसे प्रकरणों का संबंधित स्थानीय निकाय (cid:217)वारा पनर्वालोकनु किया जाकर पहाड़ी क्षेत्र में संरक्षण के दृष्टिगत आवश्यक शर्ते अध्यारोपित करते हएु भवन निर्माण स्वीकतिृ को संशोधित किया जा सके गा।
हेमेन्द्र नागर,
सचिव,
उदयपरु विकास प्राधिकरण, उदयपरु ।