| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| फाल् गुन 18, सोमवार, शाके 1947- मार्च 09, 2026 Phalguna 18, Monday, Saka 1947- March 09, 2026 |
भाग-1(ख)
महत्वपर्ण
ू सरकारी आज्ञायें।
वन विभाग (क)
विज्ञप्ति
जयपरु , फरवरी 12, 2025
संख्या प. 2(3)वन/2025 :- चकिू ँ निम्नलिखित अनसचीु ू में दिखाई गई वन भमिू सरकार की सम्पति है अथवा उनमें सरकार के स्वत्व है अथवा सरकार उनकी सम्पर्ण
ू वन उपज अथवा किसी अंश की स्वत्वधारी (Entitled) है;
और चकिू ँ सरकार उपर्यक्तु वन भमिू तथा बंजर भमिू को राजस्थान फोरेस्ट एक्ट 1953 की
ँ पर्वोक्तू भमिू में अथवा उस पर सरकारी अथवा वैयक्तिक अधिकारों की सीमा तथा धारा 29, उप धारा (1) के अन्तर्गत रक्षित वन (Protected Forest) घोषित करने का विचार रखती है; और चकिू स्वरूप अभी तक किसी भी प्रकार से लेखब(cid:217)ध नही किये गये है; और चकिू ँ सरकार यह भी विचार रखती है कि पर्वोक्तू वन भमिू अथवा बंजर भमिू में
ँकि इन कार्यो के सम्पादन में जितना समय अथवा उस पर सरकार या वैयक्तिक अधिकारों की सीमा तथा स्वरूप के सम्बन्ध में जाँच किया जाना तथा उन्हें लेखब(cid:217)ध किया जाना आवश्यक है, परन्तु चू
ँ की आशंका है;
लगेगा उस बीच में सरकार के अधिकारों को क्षति पहचाने इसलिए अब राजस्थान फोरेस्ट एक्ट 1953 (1953 का एक्ट संख्या 13) की धारा 29 की उप ु , सरकार इसके (cid:217)वारा फोरेस्ट सेटलमेंट धारा (3) के (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हये
ऑफिसर/असिस्टेन्ट फोरेस्टर सेटलमेन्ट ऑफिसर को पर्वोक्तू वन भमिू अथवा बंजर भमिू में या उन पर सरकारी तथा वैयक्तिक अधिकारों की जाँच करके उन्हें लेखब(cid:217)ध करने हेतु नियक्तु करती हैं, तथा ऐसी जाँच तथा अभिलेखन तथा साक्ष्य उसी प्रणाली में किया जावेगा जैसा कि उक्त एक्ट की धारा 6, 7, 8, 10, 11(1), 12, 13, 14, 17 तथा 19 में प्रवाहित है।
और एक्ट की धारा 29 की उप धारा (3) के परन्तकु (Proviso) (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेत्तर अनसरणु में राजस्थान सरकार उक्त जाँच तथा अभिलेखन सम्पादित होने तक उक्त वन भमिू और बंजर भमिू को इस विज्ञप्ति (cid:217)वारा रक्षित वन (Protected Forest) घोषित करती है परन्तु इससे किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष के वतर्मान अधिकारो में किसी भी प्रकार की कमी नही आवेगी और न उस पर कोई प्रभाव पडेगा। और सरकार उक्त एक्ट की धारा 30 (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेतर अनसरणु में यह भी
ू में अकितं किये घोषणा करती है कि उक्त संरक्षित वन के वे वक्षृ जो इसके संलग्न (िcid:217)वतीय अनसचीु गये है राजपत्र में इस विज्ञप्ति के प्रकाशन की तारीख में आरक्षित (Reserved) है और पर्वोक्तू तारीख से उक्त वन में पत्थरों को हटाया जाना अथवा चनाू या कोयला जलाया जाना अथवा किसी प्रकार की वन उपज का संग्रहित किया जाना अथवा उसे किसी निर्माण प्रक्रिया का साधन बनाया जाना या हटाया22823 राजस्थान राज-पत्र, मार्च 09, 2026 भाग 1(ख) जाना और उक्त वन में किसी भमिू का कषिृ अथवा भवन निर्माण अथवा पशपालनु अथवा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खंडित किया जाना अथवा साफ किया जाना निषि(cid:217)ध करती है।
प्रथम अनसचीु ू (वन भमिू और बंजर भमिू )/
(िcid:217)वतीय अनसचीु ू (संरक्षित वक्षृ )
राज्यपाल की आज्ञा से,
विशिष्ट शासन सचिव, वन।
| क्र.सं. | नाम ब्लाक | नाम तहसील | नाम जिला | सीमा | विवरण | ||
| ग्राम | खसरा नं. | रकबा ह ै0 में | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | ||
| 1 | गबरेडा 'ए' ु | मासलपरु | करौली | उत्तर-सिवायचक भमिू पर्व ू -सरहद ग्राम साहनपरु (वन खÖड गबरेडा ) दक्षिण-वन भमिू ु (वन खÖड गबरेडा ) पश्चिम-वन भमिू ु | गबरेडा ु | 1133/1 295 | 27.8474 |
| योग | 27.8474 |
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
रमेश चन्द मीना, समितु बंसल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, उप वन संरक्षक, मासलपरु । करौली।
ू
(िcid:217)वतीय अनसचीु
पेडो की सचीू
| क.सं. | बोटेनिकल नाम | हिन्दी नाम |
| 1. | Acacia catechu | खैर |
| 2. | Acacia nilotica | द ेशी बबलू |
| 3. | Anogeissus pendula | धोंक |
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
रमेश चन्द मीना, समितु बंसल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, उप वन संरक्षक, मासलपरु । करौली।
भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, मार्च 09, 2026 22824परिशिष्ट-क प्रारम्भिक विज्ञप्ति के प्रस्ताव के साथ उप वन संरक्षक, (cid:217)वारा प्रमात्र-पत्र
वन ख(cid:214)ड - गबरेडाु 'ए' ( 27.8474 हैक्टेयर) रेंज - मासलपरु वनम(cid:214)डल - करौली 1. संलग्न प्रारूप में दर्शाई गई भमिू का वर्गीकरण गैर ममकिनु पहाड़ वन विभाग के नाम दर्ज है। जिसे विज्ञप्ति के क◌ालमॅ संख्या 6 में विस्ततृ रूप से खसरा नम्बर का विवरण दर्शाया गया है।
2. उक्त भमिू वन संरक्षण अधिनियम, 1980 कि तहत प्रत्यावर्तन प्रकरण धौलपरु हीरापराु ट्रान्समिशन लाईन के बदले प्राप्त हईु है।
3. इसमें कोई अतिक्रमण अथवा खनन कार्य नही हो रहा है। 4. वन ख(cid:214)ड में प्रमखु प्रजातियों में धोंक, देशी बबलू एवं खैर है। वन ख(cid:214)ड में प्रमखु प्रजाति धोंक है।
5. समिपवर्ती स्थित क्षेत्र राजस्व सिवायचक बंजड व वन भमिू है। चारों ओर की सीमाओं का विस्ततृ उल्लेख विज्ञप्ति के क◌ालमॅ संख्या 5 में कर दिया गया है।
6. वन ख(cid:214)ड के वांछित मानचित्र (नक्शे) संलग्न है एवं विज्ञप्ति में दर्शाई गई दिशाओं, सीमाओं एवं स्थिति के अनरूपु है। प्रस्तावित वन क्षेत्र की सीमा को नक्शें में लाल स्याही से इंगित किया गया है। प्रस्तावित क्षेत्र को जीटी शीट पर चिन्हित किया जाकर प्रस्ताव के साथ संलग्न किया गया है।
7. उल्लेखित वन क्षेत्रों को काननीू रूप देने हेतु प्रचलित नियमों के अनरूपु शासकीय गजट में प्रकाशन होना नितान्त आवश्यक है। जिससे की इन भमियोंू पर वन विभाग का साक्ष्य सि(cid:217)ध हो सके । 8. उक्त भमिू का पर्व
ू में राजपत्र में प्रकाशन नही हआु है।
हस्ताक्षर हस्ताक्षर
रमेश चन्द मीना, समितु बंसल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, उप वन संरक्षक, मासलपरु । करौली।