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Rajasthan Extraordinary Gazette · Government of Rajasthan

Rajasthan Extraordinary Gazette, Part Part 1 (B), 13 March 2026

Published 13 March 2026

Department
Industries
Type
Extraordinary
Part
Part 1 (B)
Notification no.
nil
Category
Statutory Notification
Document Type
Statutory Notification /Order
Subdepartment
Industries(Group-2)
Identifier
in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-03-13.5117561
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

राजस् थान राजपत्र विशेषांक RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary
साधिकार प्रकाशित Published by Authority
, शाके 1947- मार्च 13, 2026 फाल् गुन 22, शक्रवार ु Phalguna 22, Friday, Saka 1947- March 13, 2026

भाग-1(ख)

महत्वपर्ण

ू सरकारी आज्ञायें।

उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य (ग्रपु -2) विभाग

अधिसचनाू

जयपरु , जनवरी 15, 2026

ु

मख्यमंत्री यवा स्वरोजगार योजना

संख्या APS/ACS/Industry/2025 26.11.25-06877-8633429 :-

1- प्रस्तावना एवं उ(cid:217)देश्य :-

राज्य के मल ू निवासी यवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने हेत वित्तीय संस्थान के माध्यम से ब्याज मक्त ऋणु , मार्जिन मनी, CGTMSE Fee का पनर्भरण कराये ु

जाने के उ(cid:217)देश्य से यह योजना प्रारम्भ की जा रही है। मख्यमंत्री यवा स्वरोजगार योजना का उ(cid:217)देश्य सक्ष्म उ(cid:217)यमों की स्थापना के (cid:217)वारा 1 लाख यवाओं को स्वरोजगार प्रदान करना है।

इससे न के वल उ(cid:217)यम व रोजगार हेत सगम ऋण की उपलब्धता संभव हो सके गी ] अपित इसके ु उपरांत उन्हें उ(cid:217)यम के अन्य चरणों हेत राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्राप्त हो सके गा।

2- योजना का नाम एवं प्रवर्तन अवधि :-

योजना का नाम ''मख्यमंत्री यवा स्वरोजगार ु

ु योजना'' होगा] इसका कार्यक्षेत्र राजस्थान राज्य होगा। योजना अधिसचना जारी होने की दिनांक से ू 31 मार्च] 2029 तक प्रभावी रहेगी।

3- योजना का स्वरूप :-

योजना अन्तर्गत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार आधारित नवीन उ(cid:217)यमों सहित स्थापित उ(cid:217)यम के विस्तार, विविधीकरण या आधनिकीकरण हेत ऋण उपलब्ध ु

करवाया जाएगा, जिस पर राज्य सरकार (cid:217)वारा मार्जिन मनी तथा शत-प्रतिशत ब्याज अनदान ु एवं CGTMSE Fee का पनर्भरण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। योजना अन्तर्गत व्यक्तिगत आवेदक के साथ साथ संस्थागत आवेदक (एच.यू.एफ/सोसायटी/भागीदारीफर्म/एल.एल.पी.फर्म/कम्पनी/स्वंय सहायता समहू ) भी पात्र होंगे।

योजनान्तर्गत उ(cid:217)यम का स्थापना क्षेत्र राजस्थान राज्य होगा।

4. पात्रता की शर्तें :-

(i) आवेदक की आय ु 18 से 45 वर्ष होगी।

22872 राजस्थान राज-पत्र, मार्च 13, 2026 भाग 1(ख)

(ii) एच.यू.एफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एल.एल.पी.फर्म एवं कम्पनी की स्थिति में उनका नियमानसार पंजीकत होना आवश्यक होगा एवं संस्थान का 51 प्रतिशत या अधिक स्वामित्व 18 से 45 वर्ष के आय के व्यक्तियों में निहित होना अनिवार्य होगा।

(iii) लाभार्थी (cid:217)वारा इस योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने पर राज्य सरकार की अन्य

ु योजना में भी पात्रतानसार लाभ हेत पात्र होंगे।ु

उक्त शर्तों के भीतर विभिन्न आवेदकों के लिये पात्रता, वरीयता आदि से संबंधित अन्य शर्तें

ु योजना के क्रियान्वयन की मार्गदर्शिका/दिशा-निदशों के अनसार होंगीर्।े

निम्न योजना अन्तर्गत पात्र नहीं होंगे:-

(i) ऐसे आवेदक जो किसी वित्तीय संस्थान/बैंक का डिफाल्टर या दोषी हो।

5. ऋणदात्री संस्थाएं:-

योजना अन्तर्गत निम्नांकित वित्तीय संस्थाएं ऋण उपलब्ध करा सकें गी:-

(i) राष्ट्रीयकत वाणिज्यिक बैंक।ृ

(ii) भारतीय रिजर्व बैंक (cid:217)वारा प्राधिकत निजी क्षेत्र के अनसचित वाणिज्यिक बैंक तथा अनुसचित स्मॉल फाईनेंस बैंक।ू

(iii) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।

(iv) राजस्थान वित्त निगम।

(v) सिडबी।

(vi) अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक एवं सेन्ट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक ।

भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निदशानसार ऋण की तय सीमा पर वित्तीय संस्थानों (cid:217)वारा सम्पाश्र्विक प्रतिभति की मांग नहीं ू की जायेगी तथा सभी प्रकार के ऋण प्रकरणों को आवश्यकतानसार वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा ु Credit Guarantee Trust Fund For Micro and Small Enterprises (CGTMSE) योजना से जोड़ा जायेगा। इसमें वार्षिक गारंटी फीस का वहन राज्य सरकार (cid:217)वारा किया जायेगा।

6. योजना क्रियान्वयन एजेन्सी:-

मख्यंमत्री यवा स्वरोजगार योजना का क्रियान्वयन उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य विभाग के अधीन जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्रों के माध्यम से किया जाएगा। कार्यालय आयक्त उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य ु

राज्य स्तर पर योजना के क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण हेत नोडल एजेन्सी हो

ु गा।

7. ऋण संबंधी प्रावधान एवं राजकीय सहायता का स्वरूप:-

योजना के अन्तर्गत वित्तीय संस्थानों (cid:217)वारा नए उ(cid:217)यम की स्थापना तथा विस्तार, विविधीकरण एवं आधनिकीकरण हेत राजस्थान के निवासी यवाओं को

ु शत-प्रतिशत ब्याज अनदान निम्न प्रकार ु

उपलब्ध कराया जायेगाः-भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, मार्च 13, 2026 22873 1. 8वीं से 12वीं कक्षा पास आवेदक

 सेवा एवं व्यापार क्षेत्र - 3.5 लाख रुपये तक की अधिकतम ऋण सीमा

 विनिर्माण क्षेत्र- 7.5 लाख रुपये तक की अधिकतम ऋण सीमा

उक्त ऋण पर लोन राशि के 10 प्रतिशत अधिकतम 35 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता।

2. ग्रेजएटु /आई.टी.आई प्रमाण पत्र धारक एवं उससे अधिक योग्यता वाले आवेदक

 सेवा एवं व्यापार क्षेत्र - 5 लाख रुपये तक की अधिकतम ऋण सीमा

 विनिर्माण क्षेत्र- 10 लाख रुपये तक की अधिकतम ऋण सीमा

उक्त ऋण पर लोन राशि के 10 प्रतिशत अधिकतम 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता।

योजना के तहत आवेदक (cid:217)वारा प्रस्तत प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर प्रथम बार स्वीकत ऋण राशि पर ही ब्याज अनदान देय होगा। इसके पश्चात वित्तीय संस्थान के स्तर से ऋण राशि में किसी प्रकार की व(िcid:217)ध ब्याज अनदान हेत पात्र नहीं मानी जायेगी।

(i) मार्जिन मनी अनदानःु -

वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा मार्जिन मनी अनदान राशि के समतल्य अथवा अधिक राशि का आवेदक को ऋण वितरण किये जाने पर ही उक्त मार्जिन मनी अनदान देय ु होगा। मार्जिन मनी अनदान की राशि संबंधित वित्तीय संस्थान में शॉर्ट टर्म डिपॉजिट के रूप में जमा रहेगी, जिस पर वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा राज्य सरकार को न तो ब्याज राशि का भगतान किया जायेगा और न ही इस राशि के समतल्य ऋण राशि पर संबंधित ऋणी से ब्याज वसल किया जायेगा। ू

प्रोजेक्ट की स्थापना हेत ऋण वितरण उपरांत ु 2 वर्ष तक उ(cid:217)यम संचालित करने एवं ऋणी के डिफॉल्टर नहीं होने पर विभागीय जाँच उपरांत मार्जिन मनी राशि के समायोजन आदेश जारी करने पर वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा तदनसार मार्जिन मनी ु

अनदान की राशि ऋणी के खाते में समायोजित कर दी जायेगी। उ(cid:217)यमी (cid:217)वारा 2 वर्ष तक उ(cid:217)यम संचालित नहीं किये जाने की स्थिति में समस्त मार्जिन मनी राशि वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य विभाग को बिना ब्याज के लौटा दी जावेगी।

(ii) प्रशिक्षण हेत सहायताःु -

(RSLDC) योजनान्तर्गत लाभार्थी राजस्थान स्किल एंड लाइवलीहड डवलपमेंट कॉरपोरेशन ु

के शॉर्ट टर्म स्किल कोर्स में निःशल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें गे।

8. ऋण अवधि एवं अदायगी अवधि:-

22874 राजस्थान राज-पत्र, मार्च 13, 2026 भाग 1(ख)

वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा प्रदत्त ऋण की समयावधि अधिकतम 5 वर्ष तक होगी। योजना में वित्तीय संस्थानों (cid:217)वारा प्रदत्त ऋण पर ब्याज अनदान की अधिकतम अवधि प्रथम ऋण वितरण की तिथि से 5 वर्ष तक होगी।

वित्तीय संस्थानों (cid:217)वारा प्रदत्त ऋण पर ऋण अदायगी में अधिकतम 6 माह का Moratorium Period हो सके गा, जो उ(cid:217)यम की प्रकतिृ /लाभप्रदता एवं ऋणी की पनर्भगतान क्षमता के आधार पर वित्तीय संस्थानों (cid:217)वारा निश्चित किया जायेगा। Moratorium Period में ब्याज राशि के नियमित भगतान पर ु

योजना अन्तर्गत ब्याज अनदान देय होगा।ु

9. आवेदन प्रक्रिया एवं योजना का क्रियान्वयन:-

i. योजना अन्तर्गत आवेदन पत्रों की जांच जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्रों (cid:217)वारा की जायेगी एवं स्क्रटनी के बाद अभिशंषा सहित आवेदन पत्र वित्तीय संस्थान को अग्रेषित किये जायेंगे।

ii. योजना का क्रियान्वयन ऑनलाईन पॉर्टल के माध्यम से किया जायेगा, जिसकी प्रक्रिया योजना क्रियान्वयन हेत निर्धारित मार्गदर्शिका के अनसार होगी। योजना में आवेदन की सरलता तथा उनकी कार्ययोजना की बेहतर परिणाम देयता के लिए संबंधित जिला कलेक्टर एवं जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र (cid:217)वारा प्रयास किये जावेंगे।

10. निर्बन्धन एवं शर्तें:-

, (i) योजना अन्तर्गत स्वीकत ऋण राशि का उपयोग उसी कार्य हेत किया जा सके गा जिसके लिए ऋण स्वीकत किया गया है।ृ

(ii) योजना अन्तर्गत अनदान सहायताु , उ(cid:217)यम (cid:217)वारा ऋण के समय पर पनर्भगतान करने ु

पर देय होगी। ऋणदात्री वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा प्रेषित मांग पत्र में ऋणी के ऋण अदायगी में दोषी नहीं होने व परियोजना के कार्यरत होने का उल्लेख करना होगा।

अनदान भगतान संबंधित जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र के महाप्रबन्धक के प्रमाणन/मान्यकरण पश्चात किया जा सके गा।्

(iii) ऋण खाता NPA (गैर निष्पादन आस्तियाँ) श्रेणी में आने के बाद उ(cid:217)यमी (cid:217)वारा कालान्तर में नियमित कर दिये जाने पर उक्त अवधि का ब्याज अनदान एवं अन्य ु

परिलाभ देय होंगे, जो ऋण स्वीकति आदेश की शर्तों के अध्यधीन होगा।

, (iv) इकाई (cid:217)वारा गलत तथ्य प्रस्तत कर योजना में लाभ लिए जाने पर महाप्रबन्धक जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्रों (cid:217)वारा प्रकरण को निरस्त किया जाएगा जिसके आधार पर भगतान की गई अनदान राशि मय

ु 18 प्रतिशत द(cid:214)डनीय ब्याज वसलनीय ू होगी।

11. योजना के अन्तर्गत अपात्र गतिविधियों की सचीू :-

योजना के अन्तर्गत निम्न गतिविधियां अपात्र होगी:-

भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, मार्च 13, 2026 22875

(i) वाणिज्यिक परिवहन वाहन, जिसकी ऑन-रोड कीमत 15 लाख रु. से अधिक हो।

(ii) भारत सरकार/राज्य सरकार (cid:217)वारा समय-समय पर प्रतिबन्धित उत्पाद/ गतिविधियां।

(iii) खनन, रियल एस्टेट संबंधी गतिविधियां।

(iv) अलाभकारी संस्थाओं यथा एनजीओ, ट्रस्ट (cid:217)वारा संचालित गतिविधियां।

12. योजना का प्रशासनिक विभाग उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य विभाग होगा। योजना में किसी भी प्रकार का संशोधन एवं परिवर्तन करने हेत उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य ु

(ग्रपु -2) विभाग सक्षम होगा। योजना के सचारु संचालन हेत मार्गदर्शिका अधिसचना के परिशिष्ट

ू -अ पर संलग्न है। इस योजना में उल्लेखित प्रावधानों पर व्याख्या, मार्गदर्शन, योजना क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग के अधिकार आयक्तु , उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य, राजस्थान में निहित होंगे।

यह अधिसचना वित्त विभाग की सहमति दिनांक 11.01.2026 से जारी की जा रही है।

राज्यपाल की आज्ञा से,

महिपाल कमारु ,

शासन उप सचिव।

परिशिष्ट- अ

मख्यमंत्री यवा स्वरोजगार योजना

-◌ःयोजना क्रियान्वयन की मार्गदर्शिकाः-

मख्यमंत्री यवा स्वरोजगार योजना के प्रशासनिक क्रियान्वयन हेत निम्नानसार दिशानिदश जारी किये जाते हैं:-

1. आवेदन पत्रों की जांच हेत समिति ु :-

योजना अन्तर्गत ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से आवेदन पत्र प्राप्त किये जायेंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच महाप्रबन्धक की अध्यक्षता में उनके (cid:217)वारा गठित तीन सदस्यीय कार्यालय कार्मिकों की समिति (cid:217)वारा की जायेगी।

महाप्रबन्धक (cid:217)वारा गठित उक्त समिति की बैठक सप्ताह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से आयोजित की जायेगी।

2. संस्थागत आवेदकों हेत पात्रता शर्तें ु :-

संस्थागत आवेदकों - एच.यू.एफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एल.एल.पी. फर्म एवं कम्पनी की स्थिति में योजना के अनसार उनका नियमानसार पंजीकत होना आवश्य

ृ क होगा एवं संस्थान का 51 प्रतिशत या अधिक स्वामित्व 18 से 45 वर्ष के आय के व्यक्तियों में निहित होना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार योजना के प्रावधान संख्या 7 के अनसार संस्थान का ु 51 प्रतिशत या अधिक स्वामित्व 8वीं से 12वीं22876 राजस्थान राज-पत्र, मार्च 13, 2026 भाग 1(ख) कक्षा पास या ग्रेजएटु /आई.टी.आई प्रमाण-पत्र धारकों में निहित होना अनिवार्य होगा। इस हेत उपयक्त ु

दस्तावेज प्राप्त किये जायेंगे।

3. विस्तार/विविधीकरण/आधनिकीकरण ु :-

विस्तार/विविधीकरण/आधनिकीकरण के प्रकरणों मे इकाई के वि(cid:217)यमान निवेश में 25 प्रतिशत व(िcid:217)ध ृ आवश्यक होगी।

4. योजना अन्तर्गत आवेदन एवं क्लेम की प्रक्रिया निम्नानसार होगीःु -

(i) आवेदक (cid:217)वारा योजना अन्तर्गत विभाग (cid:217)वारा निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर संबंधित जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र को आवेदन किया जायेगा। समिति के सदस्य सचिव प्राप्त आवेदनों एवं संलग्न दस्तावेजों की जांच कर योजना अन्तर्गत आवेदनों को समिति के समक्ष प्रस्तत करेंगे। समिति (cid:217)वारा आवेदनों के प्रकरणों में प्रस्तावित उ(cid:217)यम के संबंध में

, उ(cid:217)यम में आवेदक की रुचि, शैक्षणिक व तकनीकी योग्यता, पैतकृ /अनभव से प्राप्त ज्ञानु

आवेदक की उ(cid:217)यमिता योग्यता, उ(cid:217)यम की सफलता की संभावना, बाजार संभावना, आदि के आधार पर योग्य/पात्र लाभार्थियों का चयन किया जायेगा। समिति (cid:217)वारा चयन होने पर आवेदक का आवेदन पत्र ऋणदात्री वित्तीय संस्थान शाखा को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से ऋण स्वीकति एवं वितरण हेत अग्रेषित किया जायेगा।

(ii) जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र कार्यालय में आवेदन प्राप्ति के अधिकतम 7 दिवस में आवेदन को समिति में रखा जाना अनिवार्य होगा।

(iii) ऑनलाईन पोर्टल पर प्राप्त आवेदन में किसी प्रकार की कमीपर्ति हेत आक्षेप लगाये जाने ू

पर आवेदक (cid:217)वारा अधिकतम 15 दिवस में कमीपर्ति की जानी अनिवार्य होगी। उक्त अवधि में कमीपर्ति नहीं किये जाने पू र आवेदन पोर्टल से स्वतः निरस्त हो जायेगा।

(iv) समिति के निर्णय के विरू(cid:217)ध कार्यालय आयक्त उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य को अपील की जा सके गी, जिस पर कार्यालय आयक्त उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य का निर्णय अंतिम होगा।

(v) वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा ऋण स्वीकत होने से पर्व आवेदक के प्रा

ू र्थना पत्र के आधार पर, महाप्रबन्धक के स्तर से आवेदक का बैंक परिवर्तन किया जा सके गा।

(vi) भारतीय रिजर्व बैंक (cid:217)वारा निर्धारित समय सीमा में प्राप्त आवेदन पत्रों को ऋणदात्री वित्तीय संस्थान शाखा (cid:217)वारा नियमानसार ऋण स्वीकति एवं वितरणु

ृ /निस्तारित किया जा सके गा, ऋण स्वीकति पश्चात उक्त सचना वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा ऑनलाईन पोर्टल पर अधिकतम 30 दिवस में दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा।

(vii) वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा ऋण स्वीकतिृ /वितरण की तिथि, जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र (cid:217)वारा आवेदन को वित्तीय संस्थान को अग्रेषित किये जाने से पर्व की होने पर ू

लाभ देय नहीं होगा।

भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, मार्च 13, 2026 22877

(viii) वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा समिति से अनमोदित ऋण राशि से अधिक ऋण स्वीकत किये जाने पर समिति (cid:217)वारा प्रथम बार अनमोदित राशि पर ही लाभ देय होगा।

(ix) योजना के तहत ऋण हेत प्राप्त आवेदन पत्रों एवं ब्याज अनदान हेत क्लेम प्रपत्रों

ु का निस्तारण प्रथम आओ प्रथम पाओं के सि(cid:217)धान्त पर किया जायेगा। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर शेष आवेदन पत्र आगामी वित्तीय वर्ष तक ही निर्धारित लक्ष्यों की पर्ति हेत ू समिति (cid:217)वारा अभिशंषित किये जा सकें गे। राज्य के लक्ष्यों का आवंटन कार्यालय आयक्त उ(cid:217)योग एु वं वाणिज्य (cid:217)वारा जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्रों को किया जायेगा। जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्रों को आवंटित लक्ष्यों को महाप्रबन्धक, जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र संबंधित जिले के जिला अग्रणी प्रबन्धक की सहायता से सहभागी बैंकों एवं अन्य पात्र वित्तीय संस्थानों के मध्य आवंटित करायेंगे।

(x) वित्तीय संस्थान ऋण स्वीकति उपरान्त संबंधित आवेदक को नियमानसार ऋण वितरण करेंगें। ऋण वितरण पश्चात ब्याज अनदान्

ु , मार्जिन मनी अनदान एवं ु

CGTMSE Fee का पनर्भरण क्लेम की प्रक्रिया निम्नानसार होंगीः

ु -

अ) मार्जिन मनी अनदान ु –

i. मार्जिन मनी के समतल्य अथवा अधिक ऋण राशि के वितरण पश्चात वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा मार्जिन मनी क्लेम संबंधित महाप्रबन्धक, जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र को प्रेषित किये जायेंगे। क्लेम के आधार पर मार्जिन मनी राशि महाप्रबंधक (cid:217)वारा वित्तीय संस्थान को हस्तांरित की जायेगी। उक्त राशि संबंधित वित्तीय संस्थान में शॉर्ट टर्म डिपोजिट के रूप में जमा रहेगी।

ii. 2 वर्ष तक उ(cid:217)यम संचालित होने के पश्चात वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा मार्जिन

, जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य मनी समायोजन हेत संबंधित महाप्रबन्धकु

के न्द्र को आवेदन किया जायेगा।

iii. संबंधित जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र के (cid:217)वारा इकाई का निरीक्षण किया जावेगा एवं इकाई का लगातार 2 वर्ष तक संचालन में होना सनिश्चित होने ु

पर मार्जिन मनी राशि के समायोजन आदेश 30 दिवस में जारी किया जायेगा। वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा उक्त अनदान की राशि ऋणी के ु खाते में समायोजित कर दी जायेगी।

मार्जिन मनी क्लेम संबंधित सम्पर्ण प्रक्रिया ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से सम्पादित की जायेगी।

ब) ब्याज अनदानु - ऋणी (cid:217)वारा वित्तीय संस्थान को चकाये गये ब्याज के पनर्भरण ु

हेत प्रत्येक तिमाही की समाप्ति के पश्चात वित्तीय सं

् स्थान (cid:217)वारा क्लेम संबंधित22878 राजस्थान राज-पत्र, मार्च 13, 2026 भाग 1(ख) महाप्रबन्धक, जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र को प्रेषित किये जायेंगे। क्लेम संबंधित सम्पर्ण प्रक्रिया ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से सम्पादित की जायेगी।

स) CGTMSE Fee का पनर्भरणु - ऋणी (cid:217)वारा वित्तीय संस्थान को चकाये गये वार्षिक ु

CGTMSE Fee का पनर्भरण क्लेम प्रत्येक वर्ष की समाप्ति के पश्चात महाप्रबन्धक, जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र को प्रेषित किये जायेंगे। क्लेम का पनर्भरण जिला उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य के न्द्र (cid:217)वारा ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा।

5. पैनल्टी के प्रावधान –

योजना के अन्तर्गत गलत तथ्य प्रस्तुत कर लाभ लिये जाने पर निम्नानसार वसली की ु

जावेगी:-

i. ब्याज अनदानु – भगतान की गई कल ब्या

ु ज अनदान राशि मय ु 18 प्रतिशत द(cid:214)डनीय ब्याज वसलनीय होगी।ू

ii. मार्जिन मनी – वित्तीय संस्थान में शॉर्ट टर्म डिपोजिट के रूप में जमा राशि की समतल्यु ऋण राशि पर वित्तीय संस्थान (cid:217)वारा ऋणी से कोई ब्याज नहीं वसला जायेगा जिसके फलस्वू रूप ऋणी को ब्याज का अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

अत: गलत तथ्य प्रस्तुत किये प्राप्त लाभ की कल राशि ु 18 प्रतिशत द(cid:214)डनीय ब्याज लाभार्थी से वसलनीय होगी।ू

iii. CGTMSE Fee का पनर्भरणु - भगतान की गई राशि मय ु 18 प्रतिशत द(cid:214)डनीय ब्याज वसलनीय होगी।ू

6. मॉनिटरिंग :-

इस योजना की निरन्तर मॉनिटरिंग ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति, जिला स्तरीय बैंकर्स समिति एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के माध्यम से की जावेगी।

, 7. मख्यमं

-निदशों में उल्लेखित प्रावधानों पर व्याख्या ु त्री यवा स्वरोजगार योजना एवं उक्त दिशा

मार्गदर्शन, योजना क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग के अधिकार आयक्तु , उ(cid:217)योग एवं वाणिज्य में निहित होंगे।

राज्य के न्द्रीय मद्रणालयु ,जयपर।ु

Cite this issue. Rajasthan Extraordinary Gazette, Government of Rajasthan, 13 March 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-03-13.5117561/. Archive identifier in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-03-13.5117561.