| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| चैत्र 27, शक्रवार , शाके 1948- अप्रेल 17, 2026 ु Chaitra 27, Friday, Saka 1948- April 17, 2026 |
भाग 4 (ग)
उप-ख(cid:214)ड (I)
राज्य सरकार तथा अन्य राज्य-प्राधिकारियों (cid:217)वारा जारी किये गये (सामान्य आदेशों, उप-
विधियों आदि को सम्मिलित करते हएु ) सामान्य काननी नियमू ।
वित्त (वित्तीय नियम) विभाग
अधिसचनाू
जयपरु , अप्रेल 17, 2026
जी.एस.आर.145 :-राजस्थान राजभाषा अधिनियम, 1956 (1956 का अधिनियम संख्या 47) की धारा 4 के परन्तक के अनसरण में इस विभाग की अधिसचना क्रमांक
ू एफ.2(1)foÙk@जी & टी - एसपीएफसी/2017 दिनांक 19.03.2026 का हिन्दी अनवाद सर्वसाधारण की सचनार्थ एत(cid:217)(cid:217)वारा प्रकाशित किया जाता हैः-
राज्यपाल के आदेश से,
महेन्द्र मोहन, संयक्त शासन सचिवु ।
वित्त (वित्तीय नियम) विभाग
अधिसचनाू
जयपरु , मार्च 19, 2026
राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम, 2012 (2012 का अधिनियम सं. 21) की धारा 58 (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हएु राज्य सरकार, यह समाधान होने पर कि लोकहित में ऐसा किया जाना आवश्यक है, कि राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम, 2012 और तदधीन बनाये गये नियमों के उपबंधों के अनसारु उपापन की प्रक्रिया राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) (cid:217)वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के लिए चिकित्सा उपस्करों के उपापन के निष्पादन के लिए साध्य नहीं है, इसके (cid:217)वारा राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड को, निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हएु , राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियम, 2013 के नियम 11 के उपबंधों के लागू होने से 31.03.2027 तक छटू देती है कि:-
(क) बोली प्रक्रिया एनएचएम से चिकित्सा उपस्कर के लिए उपदर्शित मात्राओं और प्राक्कलित वित्तीय परिव्यय की प्राप्ति पर आरएमएससीएल (cid:217)वारा प्रारंभ की जा सके गी;
15 राजस्थान राज-पत्र, अप्रेल 17, 2026 भाग 4 (ग) (ग) बोली प्रक्रिया सर्वथा के वल बोलियों को आमंत्रित करने और संविदा दर को अंतिम रूप देने तकसीमित होगी। कोई भी वित्तीय दायित्व या संविदात्मक बाध्यता के वल बोली प्रक्रिया प्रारंभ किये जाने से ही प्रो(cid:217)भतू नहीं होगी; और
(घ) कोई भी कार्य आदेश, प्रदाय आदेश, या क्रय प्रतिब(cid:217)धता तब तक जारी नहीं की जायेगी जब तक कि बजट उपबंध उपलब्ध नहीं हैं और विधिमान्य प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकतियां
ृ अभिप्राप्त नहीं की गयी हैं।
[प.2(1)वित्त/जी&टी-एसपीएफसी/2017] राज्यपाल के आदेश से,
महेन्द्र मोहन,
संयक्तु शासन सचिव।
____________
Government Central Press, Jaipur.