| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| ज् येष् ठ 06, बधवार , शाके 1948- मई 27, 2026 ु Jyaistha 06, Wednesday, Saka 1948- May 27, 2026 |
भाग 4 (ग)
उप-ख(cid:214)ड (I)
राज्य सरकार तथा अन्य राज्य-प्राधिकारियों (cid:217)वारा जारी किये गये (सामान्य आदेशों, उप- विधियों आदि को सम्मिलित करते हएु ) सामान्य काननी नियमू । खान एवं पेट्रोलियम (ग्रपु -1) विभाग
अधिसचनाू
जयपरु , 19 मई, 2026
जी.एस.आर 213.- राजस्थान राजभाषा अधिनियम, 1956 (1956 का अधिनियम संख्या 47) की धारा 4 के परन्तुक के अनसरणु में इस विभाग की अधिसचनाू संख्या एफ.12(47)खान/ग्रपु -1/2016 दिनांक 15 सितम्बर, 2020 का हिन्दी अनवादु सर्वसाधारण की सचनार्थ
ू एत(cid:217)(cid:217)वारा प्रकाशित किया जाता हैं:-
राज्यपाल के आदेश से,
न(cid:296)ता वष्णिृ ,
विशिष्ट शासन सचिव
(प्राधिकतृ हिन्दी अनवादु )
खान (ग्रपु -1) विभाग
अधिसचनाू
जयपरु ,15 सितम्बर, 2020
खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (1957 का कें द्रीय अधिनियम सं. 67) की धारा 15 की उप-धारा (1क) के ख(cid:214)ड (छ) (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हएु राज्य सरकार, इसके (cid:217)वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात ्:- 1. संक्षिप्त नाम, प्रसार और प्रारंभ.- (1) इन नियमों का नाम राजस्थान राज्य खनिज खोज न्यास नियम, 2020 है।
(2) इनका प्रसार संपर्ण
ू राजस्थान राज्य में होगा और यह सभी गौण खनिजों पर लागू होंगे।
(3) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवत्तृ होंगे ।
33 राजस्थान राज-पत्र, मई 27 2026 भाग 4 (ग)2. परिभाषाएं.- (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,- (क) "अधिनियम'' से खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (1957 का कें द्रीय अधिनियम सं. 67) अभिप्रेत है;
(ख) "अध्यक्ष, संचालक मंडल'' से राजस्थान राज्य खनिज खोज न्यास के संचालक मंडल का अध्यक्ष अभिप्रेत है;
(ग) "अध्यक्ष, कार्यकारी समिति" से राजस्थान राज्य खनिज खोज न्यास की कार्यकारी समिति का अध्यक्ष अभिप्रेत है;
(घ) "विभाग'' से खान एवं भू-विज्ञान विभाग, राजस्थान सरकार अभिप्रेत है; (ङ) "निधि'' से नियम 7 में निर्दिष्ट निधि अभिप्रेत है;
(च) "सरकार'' से राजस्थान सरकार अभिप्रेत है;
(छ) "संचालक मंडल'' से न्यास का संचालक मंडल अभिप्रेत है;
(ज) "कार्यकारी समिति'' से न्यास की कार्यकारी समिति अभिप्रेत है;
(झ) "सदस्य, संचालक मंडल'' से न्यास के संचालक मंडल का सदस्य अभिप्रेत है;
(ञ) "सदस्य, कार्यकारी समिति''इसे न्यास की कार्यकारी समिति का सदस्य अभिप्रेत है;
(ट) "सुस्पष्ट भू-गर्भीय संभावना क्षेत्र'' से भारत के भू-गर्भीय सवक्षर्णे (cid:217)वारा समय-समय पर पहचान किया गया खनिज संभावित क्षेत्र अभिप्रेत है; और
(ठ) "न्यास" से नियम 3 में निर्दिष्ट राजस्थान राज्य खनिज खोज न्यास अभिप्रेत है।
(2) इन नियमों में प्रयुक्त किये गये और परिभाषित नहीं किये गये कितं ु अधिनियम में परिभाषित किये गये शब्दों और अभिव्यक्तियों का वही अर्थ होगा जो उन्हें अधिनियम में समनदिु ष्ट किया गया है।
3. न्यास की स्थापना.- राज्य स्तर पर राजस्थान राज्य खनिज खोज न्यास के नाम से जाना जाने वाला एक न्यास होगा। न्यास का उदेश्य राज्य में खनिज संसाधनों का योजनाब(cid:217)ध विकास और उनकी खोज करना होगा।
4. संचालक मंडल.- (1) न्यास का संचालक मंडल निम्नलिखित से मिलकर बनेगा,
| 1. | प्रभारी मंत्री, खान एवं पेट्रोलियम विभाग | अध् यक्ष |
| 2. | सचिव/प्र.सचिव /सचिव, वित्त अति. मख् यु | सदस् य |
| 3. | सचिव/प्र.सचिव /सचिव, पर्यावरण, वन अति. मख् यु | सदस् य |
| 4. | सचिव/प्र.सचिव /सचिव, राजस् व अति. मख् यु | सदस् य |
| 5. | प्रबंध निदेशक, राजस् थान राज् य खान एवं खनिज (आर.एस.एम.एम.एल.) | सदस् य |
| 6. | उप महानिदेशक (राजस् थान इकाई) जी.एस.आई. (डब् ल् यू.आर.) | सदस् य |
| 7. | निदेशक, खान एवं भू-विज्ञान | सदस् य |
| 8. | मिनरल एक् सप् लोरेशन कोरपोरेशन लिमिटेड से नामनिदशिती ेर् | सदस् य |
| 9. | सचिव/प्र.सचिव/सचिव, खान एवं पेट्रोलियम अति. मख् यु | सदस् य-सचिव |
(2) संचालक मंडल का अध्यक्ष, खनिज खोज के क्षेत्र में विशेष ज्ञान रखने वाले किसी व्यक्ति को आमंत्रित कर सके गा। ऐसे आमंत्रित व्यक्ति को बैठक में मत देने का कोई अधिकार नहीं होगा कितं ु वे ऐसी बैठक फीस और अन्य भत्ते, जो समय-समय पर सरकार (cid:217)वारा विनिश्चित किये जायें, प्राप्त करने के हकदार होंगे।
5. कार्यकारी समिति के सदस्य.- (1) न्यास की कार्यकारी समिति निम्नलिखित से
| 1. | सचिव/प्र.सचिव/सचिव, खान एवं पेट्रोलियम अति. मख् यु | अध् यक्ष |
| 2. | निदेशक तकनीकी समन् वय, राज् य इकाई राजस् थान, जी.एस.आई. (डब् ल् यू.आर.) | सदस् य |
| 3. | क्षेत्रीय खान नियंत्रक, भारतीय खान ब् यूरो का प्रतिनिधि | सदस् य |
| 4. | राजस् थान राज् य खान एवं खनिज लिमिटेड से नामनिदशिती ेर् | सदस् य |
| 5. | मिनरल एक् सप् लोरेशन कोरपोरेशन लिमिटेड से नामनिदशिती ेर् | सदस् य |
| 6. | सचिव, खान एवं पेट्रोलियम संयक् तु | सदस् य |
| 7. | निदेशक, खान एवं भू-विज्ञान | सदस् य-सचिव |
(2) कार्यकारी समिति का अध्यक्ष, खनिज खोज के क्षेत्र में विशेष ज्ञान रखने वाले किसी व्यक्ति को आमंत्रित कर सके गा। ऐसे आमंत्रित व्यक्ति को बैठक में मत देने का कोई अधिकार नहीं होगा कितं ु वे ऐसी बैठक फीस और अन्य भत्ते, जो समय-समय पर सरकार (cid:217)वारा विनिश्चित किये जायें, प्राप्त करने के हकदार होंगे।
6. संचालक मंडल और कार्यकारी समिति के कृ त्य.- (1) संचालक मंडल, न्यास के कृ त्यों के लिए व्यापक नीतिगत संरचना को अधिकथित करेगा और उसके कार्य का पनर्विलोकनु करेगा।
(2) संचालक मंडल, कार्यकारी समिति की सिफारिशों पर न्यास की वार्षिक योजना और वार्षिक बजट का अनमोदनु करेगा और यह वर्ष में कम से कम एक बार बैठक करेगा।
(3) कार्यकारी समिति न्यास का प्रबंध, प्रशासन और पर्यवेक्षण करेगी, नियमित अन्तरालों पर न्यास निधि के व्यय को मानीटर और उसका पनर्विलोकनु भी करेगी।
(4) कार्यकारी समिति अपने कृ त्यों का निर्वहन करते हएु , नीतिगत संरचना और संचालक मंडल के निदेशों की समय-समय पर पालना करेगी।
7. न्यास के अधीन एक निधि का गठन.- (1) राज्य सरकार आदेश (cid:217)वारा न्यास के अधीन राजस्थान राज्य खनिज खोज न्यास निधि के नाम से जानी जाने वाली एक निधि स्थापित करेगी जिसका प्रबंधन न्यास की कार्यकारी समिति (cid:217)वारा किया जायेगा।
35 राजस्थान राज-पत्र, मई 27 2026 भाग 4 (ग)(2) न्यास निधि, नियम 8 के उपबंधों के अनसारु संदत्त की जाने वाली रकम प्राप्त करेगी और कार्यकारी समिति (cid:217)वारा यथाअनमोदितु स्रोतों से अभिदाय/सहायता/सहायताएं भी प्राप्त कर सके गी।
(3) निधि का उपयोग नियम 10 में विनिर्दिष्ट उ(cid:217)देश्यों और कृ त्यों के लिए किया जायेगा।
8. न्यास निधि में अंशदान.- (1) न्यास को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का कें द्रीय अधिनियम सं. 2) की दसरीू अनसचीु ू में यथाविनिर्दिष्ट किसी भी अनसचितु ू बैंक में अपने स्वयं के नाम से पीडी खाता/बैंक खाता खोलने और प्रचालित करने की शक्ति होगी।
(2) न्यास, प्राप्तियों और संदायों के प्रयोजनों के लिए निदेशक, खान एवं भू-विज्ञान, राजस्थान सरकार को इसके पीडी खाते/बैंक खाते की विशिष्टियां संसचितू करेगा।
(3) गौण खनिजों का खनन प(cid:210)टाधारक, खदान अनज्ञु प्तिधारी और अनज्ञापत्रधारकु उसको आबंटित/अनज्ञु प्त क्षेत्र भीतर-भीतर उसके (cid:217)वारा हटाये गये और/या उपभुक्त किसी खनिज के संबंध में, पहले पांच वर्ष के लिए राजस्थान गौण खनिज रियायत नियम, 2017 की अनसचीु ू 2 के निबंधनों के अनसारु संदत्त रॉयल्टी के दो प्रतिशत के समतुल्य राशि और उसके पश्चात रॉयल्टी के एक प्रतिशत के समतुल्य राशि का न्यास निधि में अंशदान संदेय करेगा।
(4) उप-नियम (3) के अधीन न्यास निधि के प्रति संदाय, अग्रिम ई-संदाय के माध्यम से किसी पथृ क उप-शीर्ष के अधीन रॉयल्टी के साथ अग्रिम रूप से संगहीतृ किया जायेगा और न्यास के खाते में जमा किया जायेगा, और रॉयल्टी के निर्धारण के समय यदि कोई अन्तर प्रो(cid:217)भतू होता है, तो तत्काल उसे न्यास के खाते में जमा किया जायेगा।
(5) न्यास निधि की वसलीू संविदाकार, जिसे अधिक रॉयल्टी संग्रहण संविदा/रॉयल्टी संग्रहण संविदा अवार्ड की गयी है, के माध्यम से की जायेगी, और ऐसे मामले में, न्यास निधि में अंशदान की मासिक किस्त न्यास निधि के खाते में सीधे ही जमा की जायेगी।
(6) सरकार, राजस्थान गौण खनिज रियायत नियम, 2017 के अध्याय 10 के अधीन शास्ति के रूप में प्राप्त राजस्व का दस प्रतिशत, न्यास को अन्तरित करेगी।
(7) संबंधित खनि अभियंता/सहायक खनि अभियंता, राजस्थान गौण खनिज रियायत नियम, 2017 के अध्याय 10 के अधीन शास्ति के रूप में संगहीतृ रकम न्यास के पीडी खाते/बैंक खाते में जमा करेगा।
(8) संबंधित खनि अभियंता/सहायक खनि अभियंता, उप-नियम (3), (4) और (5) के अधीन रकम के संग्रहण के लिए उतरदायी होंगे। संबंधित खनि अभियंता/सहायक खनि अभियंता, न्यास खाते में इसकी जमा और लेखा पुस्तकें संधारित करेगा।
(9) निदेशक, खान एवं भू-विज्ञान इस प्रकार संगहीतृ रॉयल्टी के डाटाबेस के साथ न्यास के पीडी खाते/बैंक खाते को अन्तरित रकम का एक अ(cid:217)यतन अभिलेख संधारित करेगा और मासिक आधार पर ऐसी सचनाू न्यास को उपलब्ध करवायेगा।
भाग 4 (ग) राजस्थान राज-पत्र, मई 27, 2026 369. कार्यालय और बैंक खाता.- (1) न्यास का कार्यालय जयपरु में या ऐसे अन्य स्थान पर होगा जो कार्यकारी समिति (cid:217)वारा अवधारित किया जाये।
(2) न्यास का बैंक खाता निदेशक, खान एवं भू-विज्ञान और विभाग के वित्तीय सलाहकार या कार्यकारी समिति (cid:217)वारा प्राधिकतृ किसी अन्य अधिकारी के माध्यम से खोला और संचालित किया जायेगा।
10. न्यास के उदेश्य और कृ त्य.- न्यास के उदेश्य और कृ त्य निम्नानसारु होंगे:-
(i) राज्य में खनिज संसाधनों के योजनाब(cid:217)ध विकास और उनकी खोज के लिए
लघु-अवधि, मध्यम-अवधि और दीर्घ-अवधि का विज़न और मिशन योजनाएं तैयार करना;
(ii) खोज की मास्टर योजना तैयार करना और संसाधनों की प्रादेशिक और विस्तत ृ खोज और उनका आंकलन करना;
(iii) वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अधीन अनज्ञाु अभिप्राप्त करने के पश्चात वन क्षेत्र में खोज करना;
(iv) स्पष्ट भू-वैज्ञानिक संभावित क्षेत्रों के भू-भौतिकीय, भू और हवाई सवक्षर्णे और भू-रासायनिक सवक्षर्णे को सकरु बनाना;
(v) खनिज विकास, अविरत खनन, उन्नत वैज्ञानिक और प्रौ(cid:217)योगिकी प(cid:217)धति को अंगीकतृ करने और निष्कर्षण धातु विज्ञान का अध्ययन और पक्ष समर्थन का जिम्मा लेना;
(vi) न्यास में लगे हएु विभाग के कार्मिकों का तकनीकी सामथ्र्य बढ़ाने के लिए सामथ्र्य निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना;
(vii) खनिज विश्लेषण और अयस्कों के परीक्षण हेतु विभाग, पब्लिक सेक्टर उपक्रमों, निजी सेक्टर खनिज उ(cid:217)योगों, अनसंधानु संस्थानों, प्रयोगशालाओं आदि (cid:217)वारा प्रस्तुत च(cid:210)टानों और खनिज नमनोंू में सहयुक्त अपद्रव्यों की पहचान के क्षेत्र में अनसंधानु और विकास का जिम्मा लेना जिससे कि इस बारे में न लाभ न हानि के आधार पर रासायनिक, भौतिक परीक्षण और उपकरण विश्लेषण (cid:217)वारा अयस्कों, खनिजों की गणवत्ताु निर्धारित की जा सके ;
(viii) विभाग की प्रयोगशाला को सशक्त और उन्नत करने की कार्रवाई प्रारंभ करना और अनसंधानु और विकास को प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय परीक्षण अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एन.ए.बी.एल.) से एक्रीडिएशन अभिप्राप्त करने के पश्चात खनिज आधारित उत्पादों के निर्यातकों को परीक्षण और विश्लेषण के आधार पर प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाना;
(ix) अधिकारियों, भू-विज्ञानी या वैज्ञानिकों, तकनीकी व्यक्तियों, वित्तीय परामर्शीयों, प्रबंध परामर्शीयों और अन्य कर्मचारियों, जो न्यास के कृ त्यों के37 राजस्थान राज-पत्र, मई 27 2026 भाग 4 (ग) पालन के लिए आवश्यक हैं, को प्रतिनियक्तिु /संविदात्मक आधार पर नियुक्त करना;
(x) राज्य के लिए राज्य खनिज निदशिर्काे , राज्य खनिज एटलस/भू-सचनाू विज्ञान खनिज संपदा सचनाू प्रणाली विकसित करना और लोकाधिकारी क्षेत्र के लिए अंकीय रूपविधान में भू-विज्ञान और अन्य भू-वैज्ञानिक डाटा रखना;
(xi) सरकार को नवाचार से परिचय कराना और नई तकनीक अपनाने में तकनीकी परामर्शी सेवाएं उपलब्ध करवाने में सहायता करना;
(xii) आवश्यकताओं का निर्धारण, अर्हित व्यक्तियों को समर्थ बनाने के लिए, पाठयक्रमों की डिजाइनिंग और कौशल विकास, कौशल विकास के लिए बनाने संस्थानों की पहचान;
(xiii) निम्न श्रेणी खनिजों पर खनिज सज्जीकरण और मूल्य परिवर्धन अध्ययनों का जिम्मा लेना;
(xiv) खोज परियोजनाओं के लिए प्रचालनिक सहायता जैसे जीपीएस, जीएनएसएस, मोटरयान आदि उपलब्ध कराना;
(xv) खनिज आधारित उ(cid:217)योगों के विनिधानकर्ताओं को प्रोन्नत करना और सहायता के लिए कारबार विकास के न्द्र स्थापित करना; और
(xvi) ऐसे अन्य प्रयोजन जो राज्य में खनिज संसाधनों के विकास और दोहन के लिए संचालक मंडल विनिश्चित करे।
(xvii) राज्य में आधनिकु तकनीकों जैसे ड्रोन, सवक्षर्णे आदि के माध्यम से खनन और संबंधित गतिविधियों को मानीटर करना।
11. न्यास का प्रबंध.- (1) न्यास का संपर्ण
ू नियंत्रण, आवधिक समीक्षा और नीति निदेश संचालक मंडल में निहित होगा।
(2) कार्यकारी समिति, न्यास के दिन-प्रतिदिन के क्रियाकलापों का प्रबंध, प्रशासन और पर्यवेक्षण करेगी।
(3) कार्यकारी समिति वित्तीय शक्तियों के प्रत्यायोजन के लिये स्कीम बनायेगी और अंतिमता देगी।
12. समितियां.- (1) कार्यकारी समिति न्यास के उ(cid:217)देश्यों या ऐसे अन्य कार्यों, जो कार्यकारी समिति (cid:217)वारा समनदेशितु या प्रत्यायोजित किये जायें, को पराू करने के लिए समितियां या उप-समितियां गठित कर सके गी।
(2) उप-नियम (1) के अधीन इस प्रकार गठित समिति या उप-समिति इन नियमों के अधीन अपने कत्र्तव्यों और उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेगी और ऐसी शक्तियों और कृ त्यों का पालन करेगी जैसी कार्यकारी समिति (cid:217)वारा विनिर्दिष्ट की जायें।
भाग 4 (ग) राजस्थान राज-पत्र, मई 27, 2026 3813. कार्यपालिका समिति (cid:217)वारा परिलक्षित परियोजनाओं का कार्यान्वोयन .- (1) कार्यकारी समिति, संचालक मंडल (cid:217)वारा यथा अनमोदितु न्यास के उ(cid:217)देश्यों से संगत परिलक्षित परियोजनाओं का कार्यान्वोयन करेगी।
(2) उप-नियम (1) में निर्दिष्ट परियोजनाओं के कार्यान्वोयन में कार्यकारी समिति, अधिनियम और त(cid:217)धीन बनाये गये नियमों से संगत अपनी स्वयं की प्रक्रिया विरचित करेगी।
14. खोज परियोजनाओं की मानिटरिंग.- (1) न्यास या तो स्वयं या किसी इकाई (cid:217)वारा परियोजनाओं के कार्यान्वोयन को मानीटर करेगा।
(2) उप-नियम (1) के प्रयोजनों के लिए, न्यास अधिनियम और त(cid:217)धीन बनाये गये नियमों से संगत अपनी स्वयं की प्रक्रिया विरचित करेगा।
15. संचालक मंडल की बैठक.- (1) संचालक मंडल एक वर्ष में कम से कम एक बार बैठक करेगा।
(2) संचालक मंडल की बैठक की अध्यक्षता संचालक मंडल के अध्यक्ष (cid:217)वारा की जायेगी।
(3) संचालक मंडल के समस्त विनिश्चय या संकल्प सर्वसम्मति से किये या अंगीकतृ किये जायेंगे।
(4) किसी असहमति या विसम्मति के मामले में, संचालक मंडल के अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा।
(5) संचालक मंडल की बैठक या तो भौतिक रूप से या वर्चअलीू या परिचालन (cid:217)वारा या दोनों के संयोजन (cid:217)वारा की जा सके गी:
परन्तु परिचालन (cid:217)वारा बैठक न्यास के लेखाओं के अंगीकरण, न्यास की वार्षिक योजना, वार्षिक बजट और वार्षिक रिपोर्ट के अनमोदनु को लागू नहीं होगी।
16. कार्यकारी समिति की बैठक.- (1) कार्यकारी समिति प्रत्येक तीन मास में कम से कम एक बार बैठक करेगी।
(2) कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी समिति के अध्यक्ष (cid:217)वारा की जायेगी।
(3) कार्यकारी समिति की बैठक या तो भौतिक रूप से या वर्चअलीू या परिचालन (cid:217)वारा या दोनों के संयोजन से की जा सके गी:
परन्तु परिचालन (cid:217)वारा बैठक न्यास के लेखाओं के अंगीकरण, न्यास के वार्षिक योजना, वार्षिक बजट और वार्षिक रिपोर्ट के अनमोदनु के लिए संचालक मंडल को सिफारिश लागू नहीं होगी।
17. संचालक मंडल और कार्यकारी समिति की बैठक के लिए सचनाू और कार्यसचीू .- (1) संचालक मंडल का अध्यक्ष या अध्यक्ष, संचालक मंडल की सहमति से सदस्य-सचिव सभी सदस्यों को कम से कम पन्द्रह दिन की सचनाू देते हएु संचालक मंडल की बैठक बलायेगाु :
परन्तु संचालक मंडल का अध्यक्ष लघु अवधि के नोटिस से बैठक का संयोजन प्राधिकतृ कर सके गा।
39 राजस्थान राज-पत्र, मई 27 2026 भाग 4 (ग)(2) कार्यकारी समिति का अध्यक्ष या अध्यक्ष, कार्यकारी समिति की सहमति से सदस्य-सचिव सभी सदस्यों को कम से कम पन्द्रह दिन की सचनाू देते हएु कार्यकारी समिति की बैठक बलायेगाु :
परन्तु कार्यकारी समिति का अध्यक्ष लघु अवधि के नोटिस से बैठक का संयोजन प्राधिकतृ कर सके गा।
(3) किसी बैठक के लिए सचनाू में, बैठक की कार्यसचीू , पर्वतरू बैठक का प्रारूप कार्यवत्तृ और पर्वतरू बैठक के कार्यवत्तृ पर की गयी कार्रवाई रिपोर्ट सम्मिलित हो सकें गे।
18. बैठक की गणपर्ति
ू .- (1) संचालक मंडल की किसी बैठक की गणपर्ति
ू चार से होगी।
(2) कार्यकारी समिति की किसी बैठक के लिए गणपर्ति
ू चार से होगी।
19. कार्यकारी समिति के सदस्य-सचिव की शक्तियां, कत्र्तव्य और उत्तरदायित्व.- (1) कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव,-
(i) कार्यकारी समिति के अधीक्षण, नियंत्रण और निदेशन के अधीन रहते हए ु न्यास का प्रशासन और प्रबंध करेगा; और
(ii) ऐसी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का प्रयोग करेगा, जो कार्यकारी समिति (cid:217)वारा प्रत्यायोजित की जायें या जो अध्यक्ष, कार्यकारी समिति (cid:217)वारा समनदेशितु की जायें।
(2) कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव उप-नियम (1) की व्यापकता पर प्रतिकलू प्रभाव डाले बिना निम्नलिखित कत्र्तव्यों और उत्तरदायित्वों का पालन करेगा, अर्थात ्:-
(i) वार्षिक योजना और संबंधित वार्षिक बजट तैयार करना और उनको संचालक
मंडल के विचार और सिफारिश के लिए कार्यकारी समिति को प्रस्तुत करना;
(ii) यह सनिश्चितु करना कि न्यास (cid:217)वारा परियोजनाओं और अपने जिम्मे लिए जाने वाले प्रस्तावों पर विचार करने से पर्व
ू कार्यकारी समिति की सर्वोत्तम प्रथाओं, प्रक्रियाओं, नियमों या निदेशों के अनसारु सम्यक तत्परता का प्रयोग किया गया है;
(iii) यह सनिश्चितु करना कि न्यास के क्रियाकलाप, वार्षिक योजना और संबंधित वार्षिक बजट के अनसारु संचालित किए जा रहे हैं; और
(iv) संचालक मंडल को प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए अनमोदिु त वार्षिक योजना और संबंधित वार्षिक बजट सरकार को पर्ववर्तीू वित्तीय वर्ष के जनवरी के अंत तक प्रस्तुत करना।
20. वार्षिक योजना.- (1) कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में, आगामी वित्तीय वर्ष में न्यास (cid:217)वारा जिम्में लिए जाने वाली प्रस्तावित लघु अवधि और दीर्घ अवधि परियोजनाओं के साथ ऐसे समय के दौरान पर्ण
ू किये जाने वाले या जिम्मे लिये जाने वाले क्रियाकलापों और परियोजनाओं के पर्ण
ू किये जाने के अनमानितु समय औरभाग 4 (ग) राजस्थान राज-पत्र, मई 27, 2026 40 ऐसी परियोजना के लिए लागत के ब्यौरों को सम्मिलित करते हएु योजनाओं, जिसे वार्षिक योजना के रूप में निर्दिष्ट किया गया है, की तैयारी की प्रक्रिया प्रारंभ करेगा।
(2) वार्षिक योजना में न्यास (cid:217)वारा अपने उ(cid:217)देश्यों को प्राप्त करने के लिए अपने जिम्मे लिए जाने हेतु प्रस्तावित समस्त परियोजनाएं, कार्यक्रम, क्रियाकलाप अंतर्विष्ट होंगे और लक्ष्य सुस्पष्ट रूप से निर्धारित होंगे।
21. वार्षिक बजट.- कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव, प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से पर्व
ू आगामी वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक योजना के अंतर्गत आने वाले क्रियाकलापों पर प्रस्तावित आय और व्यय के ब्यौंरों से अंतर्विष्ट करते हएु अग्रिम रूप से वार्षिक बजट की तैयारी की प्रक्रिया प्रारंभ करेगा, जिसके अंतर्गत इस संबंध में निधिकरण अपेक्षाओं के ब्यौरों सहित न्यास (cid:217)वारा उपगत किए जाने हेतु प्रस्ताव विधिक, प्रशासनिक और अन्य लागतें हैं, जिसे वार्षिक बजट के रूप में निर्दिष्ट किया जाएगा, जो कार्यकारी समिति (cid:217)वारा अनमोदितु होगा और अग्रिम रूप से अनमोदनु के लिए संचालक मंडल को भेजा जायेगा।
22. वार्षिक योजना और वार्षिक बजट का अनमोदनु .- (1) वार्षिक योजना और वार्षिक बजट प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से तीस दिन पर्व
ू संचालक मंडल के समक्ष उसके अनमोदनु के लिए रखे जाएंगे।
(2) कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव, संचालक मंडल के सदस्य-सचिव से सम्यक रूप से अनमोदितु वार्षिक योजना और संबंधित वार्षिक बजट की प्रतियां प्राप्त करने पर, उनको संचालक मंडल के अनमोदनु की प्राप्ति की तारीख से तीस दिन की कालावधि के भीतर सरकार को प्रस्तुत करेगा।
(3) उप-नियम (2) के उपबंधों पर प्रतिकलू प्रभाव डाले बिना न्यास, अध्यक्ष, संचालक मंडल के विनिर्दिष्ट अनमोदनु के अध्यधीन रहते हएु , ऐसे क्रियाकलापों हेतु व्यय का जिम्मा ले सके गा जो वार्षिक योजना में अनमोदितु नहीं किये गए हैं, जिनको अगले वार्षिक बजट में संचालक मंडल के समक्ष रखा जायेगा।
(4) वार्षिक योजना और संबंधित वार्षिक बजट, अध्यक्ष, संचालक मंडल के अनमोदनु के अध्यधीन रहते हएु किसी भी समय संशोधित किए जा सकें गे, जिनको अगले वर्ष की योजना या बजट में संचालक मंडल के समक्ष रखा जायेगा।
23. वार्षिक रिपोर्ट.- (1) कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति से नब्बे दिन के भीतर ऐसी सचनाू , जो कार्यकारी समिति (cid:217)वारा समचितु समझी जाए, से अंतर्विष्ट एक वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(2) वार्षिक रिपोर्ट कार्यकारी समिति (cid:217)वारा अनमोदितु की जायेगी और उसमें, अन्य बातों के साथ-साथ, वित्तीय वर्ष के दौरान न्यास (cid:217)वारा परे
ू किए गए क्रियाकलापों और ऐसे वित्तीय वर्ष के दौरान न्यास (cid:217)वारा उपगत व्यय के ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे।
41 राजस्थान राज-पत्र, मई 27 2026 भाग 4 (ग)(3) वार्षिक रिपोर्ट की एक प्रति, कार्यकारी समिति के अनमोदनु के पश्चात संचालक मंडल (cid:217)वारा उसके अनमोदनु की तारीख से तीस दिन की कालावधि के भीतर, सरकार को भेजी जाएगी।
24. वित्तीय वर्ष.- (1) न्यास का लेखांकन या वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगा।
(2) न्यास की संक्रियाओं का प्रथम वर्ष आंशिक वर्ष हो सके गा।
25. लेखाओं का अनरक्षणु और संपरीक्षा.- (1) न्यास के लेखे ऐसे प्ररूप, ढंग और रीति में अनरक्षितु रखे जायेंगे, जो कार्यकारी समिति (cid:217)वारा विनिश्चित किये जाएं।
(2) न्यास निधि के लेखे ऐसे रीति में संपरीक्षित किये जाएंगे जो कार्यकारी समिति (cid:217)वारा विनिश्चित की जाये।
(3) न्यास, उप-नियम (2) में निर्दिष्ट संपरीक्षा के पश्चात वार्षिक रिपोर्ट संचालक मंडल को प्रस्तुत करेगा।
[सं. एफ.12(47)खान/ग्रु-1/2016]
राज्यपाल के आदेश से,
ओम कसेरा,
संयक्तु शासन सचिव।
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Government Central Press, Jaipur.