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Rajasthan Extraordinary Gazette · Government of Rajasthan

Rajasthan Extraordinary Gazette, Part Part 1 (B), 03 June 2026

Published 03 June 2026

Department
Forest department
Type
Extraordinary
Part
Part 1 (B)
Notification no.
nil
Category
Statutory Notification
Document Type
Statutory Notification /Order
Subdepartment
Forest department
Identifier
in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-06-03.5118000
Languages
English, Hindi

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राजस् थान राजपत्र विशेषांक RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary
साधिकार प्रकाशित Published by Authority
ज् येष् ठ 13, बधवार 03, 2026 ु , शाके 1948- जनू Jyaistha 13, Wednesday, Saka 1948- June 03, 2026

भाग-1(ख)

महत्वपर्ण

ू सरकारी आज्ञायें।

वन विभाग (क)

विज्ञप्ति

जयपरु , मार्च 17, 2026

संख्या प. 2(5)वन/2026 :- चंकिू इसके साथ संलग्न प्रथम अनसचीु ू में बतलाई गई वन-भमिू अथवा बन्जर-भमिू सरकार की सम्पत्ति है या उसमें सरकार स्वामित्वाधिकार रखती है अथवा सरकार उसकी सम्पर्ण

ू वन उपज या उसके किसी भाग की हकदार है।

और चंकिू सरकार उपर्यक्तु वन भमिू और बंजर भमिू को राजस्थान वन-अधिनियम,1953 की धारा 29 की उप-धारा (1) के अन्तर्गत रक्षित वन घोषित करने का विचार रखती है।

और चंकिू उपर्यक्तु भमिू में अथवा उस पर सरकार और प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा का अभी तक किसी प्रकार का अभिलेखन नही किया गया है।

और चंकिू सरकार यह भी विचार रखती है कि पर्वोक्तू वन-भमिू अथवा बन्जर भमिू में अथवा उन पर सरकार अथवा प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा के विषय में जांच करवाना और उनका अभिलेखन कराया जाना आवश्यक है, परन्तु इस कार्य में इतना अधिक समय लग जावेगा जिसके बीच में सरकार के अधिकारों को क्षति पह◌ुचाने

ॅ की आशंका है।

अतः अब राजस्थान वन अधिनियम, 1953 (1953 का अधिनियम, संख्या 13) की धारा 29 की उप धारा (3) के (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में सरकार एत(cid:217)(cid:217)वारा, वन बन्दोबस्त अधिकारी/ सहायक वन बन्दोबस्त अधिकारी को पर्वोक्तू वन-भमिू अथवा बंजर भमिू में या उन पर सरकार या प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों की ज◌ाचॅ तथा अभिलेखन करने के लिये नियक्तु करती है और ऐसी ज◌ाचॅ व अभिलेखन जह◌ाॅ तक व्यवहार्थ हो, उपर्यक्तु अधिनियम की धारा 6,7,8,10,11 (1) 12,14,17,18, और 19 में प्रवाहित विधि के अनसारु ही किया जावेगा।

और उपर्यक्तु अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (3) के परन्तकु (Proviso) (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेत्तर अनसरणु में राजस्थान सरकार उक्त ज◌ाचॅ और अभिलेखन होने तक एत(cid:217)(cid:217)वारा कथित वन-भमिू और बन्जर भमिू को रक्षित वन घोषित करती है,परन्तु इससे व्यक्तियों अथवा वर्गों के वतर्मान अधिकारों में कमी नही होगी और न उन पर कोई प्रभाव पडेगा।

और उक्त अधिनियम की धारा 30 (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेत्तर अनसरणु में सरकार यह भी घोषित करती है कि इसके साथ संलग्न (िcid:217)वतीय अनसचीु ू में दिखाये गये कथित रक्षित वन में स्थित वक्षृ इस विज्ञप्ति के राज-पत्र में प्रकाशित होने की तारीख से आरक्षित किये जाते हैं और पर्वोक्तू तारीख में कथित वन में किसी खदान से पत्थर निकालना चनाू या कोयला जलाना या किसी वन उपज का संग्रह किया जाना या किसी निर्माण प्रक्रिया या साधन बनाया जाना और कथित वन में किसी भमिू2384 राजस्थान राज-पत्र, जनू 03, 2026 भाग 1(ख) को कषिृ के लिये या मकान बनाने के लिये या पशपालनु के लिये अथवा किसी अन्य प्रयोजन के लिये तोडा जाना, साफ किया जाना निषि(cid:217)ध करती है।

प्रथम अनसचीु ू (वन भमिू और बंजर भमिू )

(िcid:217)वतीय अनसचीु ू (आरक्षित वक्षृ )

राज्यपाल की आज्ञा से,

बीजो ज◌ायॅ ,

विशिष्ट शासन सचिव, वन।

क्र.सं. नाम ब्ल◌ाक ॅ नाम तहसील नाम जिला सीमा विवरण
ग्राम खसरा नम्बर रकबा ह ैक्टर
1. सामलीपठार -ए बस्सी चित्तौड़गढ़ उत्तर - ग्राम अभयपरु की आ.सं. 409/1 पर्व ू - ग्राम अभयपरु की आ.सं. 409/1 दक्षिण - ग्राम अभयपरु राजस्व भमिू पश्चिम - वनखÖड सामलीपठार अभय परु 408/ 1 17.9 813
योग 408/1 17.98 13

हस्ताक्षर,

राहलु झाझड़िया,

उप वन संरक्षक,

चित्तौड़गढ़।

भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, जन ू 03, 2026 2385

वनख(cid:214)ड-सामलीपठार-ए

ू

(िcid:217)वतीय अनसचीु

आरक्षित वक्षोंृ की सचीू

क्र.सं. ब◌ाटेनिकल ॅ नाम हिन्दी नाम
1. Acacia leucophloea रोंझ
2. Senegalia senegal. कमठा ु
3. Z i z i phus mauritiana बेर

हस्ताक्षर हस्ताक्षर

देवेन्द्र कमारु परोहितु , राहलु झाझड़िया,

क्षेत्रीय वन अधिकारी, उप वन संरक्षक,

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़।

2386 राजस्थान राज-पत्र, जनू 03, 2026 भाग 1(ख)

प्रारम्भिक विज्ञप्ति के प्रकाशन के समय प्रमाण पत्र

वनख(cid:214)ड -सामलीपठार-ए

रेंज - जावदा

वन म(cid:214)डल -चित्तौड़गढ़

प्रत्यावर्तन प्रकरण का नाम- "Widening & Strengthening Road from Semalpura to Bijaypur Via Abhaypur Shadi, District -Chittorgarh (Rajasthan)" & Proposal No. FP/RJ/ROAD/426973/2023" (16.875 Ha.) एवं Strengthening & Widening of Gilund(MDR-209)-Bhatiyo Ka Khera-Nawabpura-Mhamadpura-Pemdiya Khera-Charliya-Nagthun up to MP Border, Tehsil-Nimbahera, District - Chittorgarh (Rajasthan). & Proposal No. FP/RJ/ROAD/406613/2022" (1.1063 Ha.)

1. संलग्न प्रारूप में दर्शाई गई भमिू का वर्गीकरण क्रमशः गैर-ममकिनु पहाड गैर भं ु भाखर/मगरा/व.र्गे. "Widening & Strengthening Road from Semalpura to Bijaypur Via Abhaypur Shadi, District -Chittorgarh (Rajasthan)" एवं Strengthening & Widening of Gilund(MDR-209)-Bhatiyo Ka Khera-Nawabpura-Mhamadpura- Pemdiya Khera-Charliya-Nagthun up to MP Border, Tehsil-Nimbahera, District -Chittorgarh (Rajasthan). में प्रत्यावर्तन से प्राप्त हईु है, जिसे विज्ञप्ति के कालम 6 में विस्ततृ रूप से खसरा नम्बरो के विवरण दर्शाया गया है।

2. वतर्मान में भमिू राजस्व लेखो में वन विभाग के नाम दर्ज है तथा मौके पर विभाग (cid:217)वारा कछु क्षेत्रों में विकास कार्य कराया गया है। कराना है। इनमें कोई अतिक्रमण अथवा खनन कार्य नही हो रहा है। और यथा सम्भव कछु क्षेत्रों की पंचायतो से राजस्व विभाग से सहमति प्राप्त कर ली गई है।

ू क्षेत्र में प्लान्टेशन एवं अन्य विकास कार्य वर्ष .......- 3. वतर्मान में कछु क्षेत्रों में क्रमशः सम्पर्ण

....... से .......-....... में कराये गये है इनमें कोई खनन कार्य नही हएु है भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी विकास कार्य कराये जाने की संभावना है।

4. भमिू पर वक्षोंृ का घनत्व कछु क्षेत्रों में 0.02 प्रतिशत है तथा कछु क्षेत्रों में नग(cid:214)य है। इसमें वनख(cid:214)ड सामलीपठार-ए में नग(cid:214)य प्रतिशत प्रजातियो के पेड है तथा कछु क्षेत्रो में नामा घनत्व नग(cid:214)य है।

5. समीपवर्ती क्षेत्र की स्थिति वन भमिू है तथा चारो और की सीमाओ का विस्ततृ उल्लेख विज्ञप्ति के क◌ालमॅ नं. 5 में कर दिया गया है।

6. वनख(cid:214)डों के वांछित मानचित्र (नक्शे) संलग्न है एवं विज्ञप्ति में दिखाई गई दिशाओं सीमाओ एवं स्थिति के अनरूपु है। प्रस्तावित वन क्षेत्र को नक्शे में लाल स्याही से इंगित किया गया है।

7. प्रस्तावित वनो के प्रारूप यथा विधि पर्व

ू में नही भेजने के कई कारण रहे है किन्तु अब उल्लेखित वन क्षेत्रो के काननीू स्वरूप देने हेतु प्रचलित नियमो के अनरूपु शासकीय गजट में प्रकाशन होना नितान्त आवश्यक है जिससे कि इन भमियोू पर वन विभाग का साक्ष्य सि(cid:217)ध हो सके ।

भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, जन ू 03, 2026 2387

8. उक्त वन भमि का पर्व में राजपत्र में

ू प्रकाशन नही हआ है।ु

हस्ताक्षर हस्ताक्षर

देवेन्द्र कमारु परोहितु , राहलु झाझड़िया,

क्षेत्रीय वन अधिकारी, उप वन संरक्षक,

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़।

राज्य के न्द्रीय मद्रणालयु ,जयपर।ु

Cite this issue. Rajasthan Extraordinary Gazette, Government of Rajasthan, 03 June 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-06-03.5118000/. Archive identifier in.gazette.rajasthan_extraordinary.2026-06-03.5118000.