| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| ज् येष् ठ 20, बधवार 10, 2026 ु , शाके 1948- जनू Jyaistha 20, Wednesday, Saka 1948- June 10, 2026 |
भाग 4 (ग)
उप-ख(cid:214)ड (I)
राज्य सरकार तथा अन्य राज्य-प्राधिकारियों (cid:217)वारा जारी किये गये (सामान्य आदेशों, उप-विधियों आदि को सम्मिलित करते हएु ) सामान्य काननी नियम।ू
वित्त (वित्तीय नियम) विभाग
अधिसचनाू
जयपरु , जन ू 10, 2026
जी.एस.आर.13.− राजस्थान राजभाषा अधिनियम, 1956 (1956 का अधिनियम संख्या 47) की धारा 4 के परन्तक के अनसरण में इस विभाग की अधिसचना
ू क्रमांक एफ.2(3)/एफडी/एफआर/एसपीएफसी/2025 दिनांक 08-05-2026 का हिन्दी अनवाद सर्वसाधारण की ु
सचनार्थ एत(cid:217)(cid:217)वारा
ू प्रकाशित किया जाता हैः-
महेन्द्र मोहन, संयक्तु शासन सचिव।
वित्त (वित्तीय नियम) विभाग
अधिसचनाू
जयपरु , मई 08, 2026
राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियम, 2013 के नियम 32 के साथ पठित राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम, 2012 (2012 का अधिनियम सं. 21) की धारा 6 की उप-धारा (2) (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए राज्यु सरकार, यह राय होने पर कि के न्द्रीय सरकार और राज्य सरकार की सामाजिक-आर्थिक नीतियों, के न्द्रीय सरकार और राज्य सरकार के विभागों और उ(cid:217)यमों के संसाधनों और विशेषज्ञता के उपयोग और उपापन संस्थाओं के व्यक्तिश: बोलियों के आमंत्रण और प्रक्रिया में अपेक्षित समय, धन और प्रयासों की बचत के लिए यह आवश्यक है, इस विभाग की, समय-समय पर यथासंशोधित, अधिसचना संख्यां
ू क एफ.1(8)/एफडी/जीएफए(cid:214)डएआर/2011 46 राजस्थान राज-पत्र, जनू 10, 2026 भाग 4 (ग) संशोधन उक्त अधिसचना ू की सारणी में, क्रम संख्यांक 65 के सामने स्तंभ 4 में, वि(cid:217)यमान अभिव्यक्ति "प्रत्येक मामले में 50.00 लाख रुपये तक उपापन" के स्थान पर, अभिव्यक्ति "प्रत्येक मामले में 1.00 करोड़ रुपये तक उपापन" प्रतिस्थापित की जायेगी।
[एफ.2(3)/एफडी/एफआर/एसपीएफसी/2025]
राज्यपाल के आदेश से,
महेन्द्र मोहन,
संयुक्त शासन सचिव।
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Government Central Press, Jaipur.