| राजस् थान राजपत्र विशेषांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| साधिकार प्रकाशित | Published by Authority | |
| श्रावण 02, शक्रवार , शाके 1948- जलाई 24, 2026 ु ु Sravana 02, Friday, Saka 1948- July 24, 2026 |
भाग-1(ख)
महत्वपर्ण
ू सरकारी आज्ञायें।
वन विभाग (क)
विज्ञप्ति
जयपरु , अप्रेल 10, 2026
संख्या प.2(7)वन/2026 :-चंकिू इसके साथ संलग्न प्रथम अनसचीु ू में बतलाई गई वन-भमिू अथवा बन्जर-भमिू सरकार की सम्पत्ति है या उसमें सरकार स्वामित्वाधिकार रखती है अथवा सरकार उसकी सम्पर्ण
ू वन उपज या उसके किसी भाग की हकदार है।
और चंकिू सरकार उपर्यक्तु वन भमिू और बंजर भमिू को राजस्थान वन-अधिनियम, 1953 की धारा 29 की उप-धारा (1) के अंतर्गत रक्षित वन घोषित करने का विचार रखती है।
और चंकिू उपर्यक्तु भमिू में अथवा उस पर सरकार और प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा का अभी तक किसी प्रकार का अभिलेखन नही किया गया है।
और चंकिू सरकार यह भी विचार रखती है कि पर्वोक्तू वन-भमिू अथवा बन्जर भमिू में अथवा उन पर सरकार अथवा प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों के प्रकार और सीमा के विषय में जांच करवाना और उनका अभिलेखन कराया जाना आवश्यक है, परन्तु इस कार्य में इतना अधिक समय लग जावेगा जिसके बीच में सरकार के अधिकारों को क्षति पह◌ुचने
ॅ की आशंका है।
अतः अब राजस्थान वन अधिनियम, 1953 (1953 का अधिनियम, संख्या 13) की धारा 29 की उप धारा (3) के (cid:217)वारा प्रदत शक्तियों के प्रयोग में सरकार एत(cid:217)(cid:217)वारा, वन बन्दोबस्त अधिकारी/सहायक वन बन्दोबस्त अधिकारी को पर्वोक्तू वन-भमिू अथवा बंजर भमिू में या उन पर सरकार या प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों की ज◌ाचॅ तथा अभिलेखन करने के लिये नियक्तु करती है और ऐसी ज◌ाचॅ व अभिलेखन जह◌ाॅ तक व्यवहार्थ हो, उपर्यक्तु अधिनियम की धारा 6,7,8,10,11 (1) 12,13,14,17,18 और 19 में प्रवाहित विधि के अनसारु ही किया जावेगा।
और उपर्यक्तु अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (3) के परन्तकु (Proviso) (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेत्तर अनसरणु में राजस्थान सरकार उक्त ज◌ाचॅ और अभिलेखन होने तक एत(cid:217)(cid:217)वारा कथित वन-भमिू और बन्जर भमिू को रक्षित वन घोषित करती है, परन्तु इससे व्यक्तियों अथवा वर्गों के वतर्मान अधिकारों में कमी नही होगी और न उन पर कोई प्रभाव पडेगा।
और उक्त अधिनियम की धारा 30 (cid:217)वारा प्रदत्त शक्तियों के अग्रेत्तर अनसरणु में सरकार यह भी घोषित करती है कि इसके साथ संलग्न (िcid:217)वतीय अनसचीु ू में दिखाये गये कथित रक्षित वन में स्थित वक्षृ इस विज्ञप्ति के राज-पत्र में प्रकाशित होने की तारीख से आरक्षित किये जाते हैं और पर्वोक्तू तारीख में कथित वन में किसी खदान से पत्थर निकालना चनाू या कोयला जलाना या किसी वन उपज का संग्रह किया जाना या किसी निर्माण प्रक्रिया या साधन बनाया जाना और कथित वन में4438 राजस्थान राज-पत्र, जलाई ु 24, 2026 भाग 1(ख) किसी भमिू को कषिृ के लिये या मकान बनाने के लिये या पशपालनु के लिये अथवा किसी अन्य प्रयोजन के लिये तोडा जाना, साफ किया जाना निषि(cid:217)ध करती है।
प्रथम अनसचीु ू (वन भमिू और बंजर भमिू )
(िcid:217)वतीय अनसचीु ू (आरक्षित वक्षृ )
राज्यपाल की आज्ञा से,
बीजो ज◌ायॅ ,
विशिष्ट शासन सचिव, वन।
| क्र. सं. | नाम ब्ल◌ाक ॅ | नाम तहसील | नाम जिला | सीमा | ़ विवरण/क्षैत्रफल है0 |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 . | "बचारा ु सी" | पावटा | कोटपतू ली- बहरोड | उत्तर- ग्राम बचारा खसरा नं.- 395 ु गै.मु. पहाड़ (वन विभाग) | ग्राम बचारा खसरा ु नं0- 2339/2185 किस्म-बजंड कलु रकबा- 4.675 है0 |
| दक्षिण- ग्राम बचारा खसरा नं.- ु 2341/2340 बजंड (वन विभाग) व खसरा नं.- 2342/2340 बजंड (सिवायचक) | |||||
| पर्व - ग्राम बचारा खसरा नं.- 395 ू ु गै.मु. पहाड़ (वन विभाग) | |||||
| पश्चिम- ग्राम बचारा खसरा नं.- ु 2342/2340 बजंड (सिवायचक) |
हस्ताक्षर,
डी.पी.जागावत,
उप वन संरक्षक,
जयपरु (उत्तर)।
भाग 1(ख) राजस्थान राज-पत्र, जलाई ु 24, 2026 4439वन ख(cid:214)ड- "बचाराु सी"
(िcid:217)वतीय अनसचीु ू
आरक्षित वक्षोंृ की सचीू
| S.No. | Local Name | Botanical Name |
| 1. | Tortlis | Vachellia tortilis |
| 2. | Shisam | Dalbergia sissoo |
| 3. | Ber | Z i z i phus mauritiana |
| 4. | Ronj | Acacia leucophloea ( Roxb.) Willd. |
| 5. | Kheri, Kumtha | Acacia senegal |
| 6. | Shahtoot | Morus alba |
| 7. | Ardu | A i l anthus excelsa |
हस्ताक्षर,
डी.पी.जागावत,
उप वन संरक्षक,
जयपरु (उत्तर)।
4440 राजस्थान राज-पत्र, जलाई ु 24, 2026 भाग 1(ख)प्रारंभिक विज्ञप्ति के प्रस्ताव के साथ उप वन संरक्षक (cid:217)वारा प्रमाण-पत्र
वन ख(cid:214)ड- "बचाराु सी"
नाम रेंज- कोटपतलीु
वन म(cid:214)डल- जयपरु (उत्तर)
प्रत्यावर्तन प्रकरण का नाम- "Construction of Road from Viratnagar Kuhada Mod to Upto Bhaloji Mod Via Papda, Bada Kakrana, Khala ki Dhani, Talukabas ki Chhind, Talikabas, Pchhudala ki Chhind, Sitopshinghpura, Bhojawas, Bhankari, Choubala, Pathredi, Chowki Rajnota road (MDR-251) Tehsil Viratnagar,
District- Jaipur (Rajasthan) & Proposal No. FP/RJ/ROAD/431545/2023" (4.675 Ha.)
1. प्रारूप में दर्शाई गई भमिू की प्रकतिृ राजस्व जमाबन्दी में राजकीय वन विभाग जंगलात के नाम से दर्ज हैं। इस भमिू पर वन विभाग (cid:217)वारा वानिकीय विकास कार्य करवाये जाने हैं। तथा यह क्षेत्र वतर्मान में वन विभाग के नाम अमलदरामद हैं।
2. विज्ञप्ति प्रपत्र में उल्लेखित भमिू वन विभाग के अधीन हैं। प्रस्तावित भमिू में प्रथम दृष्(cid:210)या कोई अतिक्रमण, खनन कार्य नही किये हएु है।
3. प्रस्तावित वन क्षेत्रों में समस्त क्षेत्र पर्व
ू से ही विभाग के अधीन हैं। जिन पर भविष्य में वानिकीय विकास कार्य किये जाने की सम्भावना हैं।
4. प्रस्तावित भमिू पर वक्षोंृ का घनत्व 20% से 30% तक का है, एवं इन क्षेत्रों में मख्यतःु संलग्न सचीू के प्रजातियों के पेड एवं झाडियां हैं।
5. प्रस्तावित क्षेत्र की समस्त भमिू वन विभाग के अधीन हैं। तथा समीपवर्ती खातेदारी भमियां
ू वन सीमाओं से पथकृ हैं एवं इससे प्रस्तावित वन क्षेत्रों के संरक्षण में कोई अवरोध नही होगा।
विभागाधीन भमियोंू का विकास कार्यों में उपयोग हो रहा हैं।
6. प्रस्तावित भमियोंू का मानचित्र संलग्न हैं।
7. पर्व
ू में खसरावार भमिू का मौके पर सविज्ञु रूप से सीमाज्ञान नही होने के कारण अधिसचनाू हेतु प्रस्ताव प्रस्ततु नही किये जा सके थे। किन्तु अब सीमाज्ञान के पश्चात ् नये प्रस्ताव प्रारूप बनाये जाकर प्रेषित किये जा रहे हैं।
8. इस वन भमिू का पर्व
ू में राजपत्र में प्रकाशन नही हआु है।
हस्ताक्षर,
डी.पी.जागावत,
उप वन संरक्षक,
जयपरु (उत्तर)।