Servants of Knowledge
Uttarakhand Gazette · Government of Uttarakhand

Office Order

Published 19 January 2019

Notification no.
533/XXXIV/2018-17/Su.Pro./2018
Issued By
R. K. Sudhansu(Secretary)
Identifier
in.gazette.uttarakhand.2019-01-19.533_XXXIV_2018-17_Su.Pro._2018
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- यू० ए ० /डी० ओ ० /डी०डी० एन० / 30/2018-2020

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

खण्ड

-20] रुड़की, शनिवार, दिनांक 19 जनवरी , 2019 ई ० (पौष 29 , 1940 शक सम्वत्) [ संख्या--03

विषय-सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग - अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग-अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु ०

सम्पूर्ण गजट का मूल्य

3075

13-38

1500 भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

25-35

1500 भाग 1 - क- नियम, कार्य - विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975

भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975

975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975 भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

975 भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975 भाग 8 - सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

स्टोर्स पर्चेज स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़- पत्र आदि

1425

13-क 14

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1

भाग 1

विज्ञप्ति- अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

कार्यालय ज्ञाप

26 दिसम्बर , 2018 ई०

संख्या 533 / XXXIV / 2018-17 / सू० प्रौ 0 / 2018--प्रदेश में दूरसंचार कम्पनियों द्वारा मोबाइल टॉवर स्थापित किए जाने एवं Optical Fibre Cable बिछाये जाने की अनुमति प्रदान करने के परिप्रेक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के पत्र संख्या-476 / XXXIV / 2018-17 / सू० प्रौ ० / 2018 , दिनांक 26 नवम्बर, 2018 द्वारा " Right of Way & Installation of Mobile Tower guidelines / instructions " का प्रख्यापन किया गया था ।

2. उक्त guidelines/instructions की हिन्दी प्रति (उत्तराखण्ड मार्ग का अधिकार, 2018) संलग्न कर आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की जा रही है ।

शासनादेश संख्या 476 / XXXIV / 2018-17/ सू० प्रौ 0/ 2018 , दिनांक 26 दिसम्बर , 2018 का अनुलग्नक

उत्तराखण्ड शासन

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग- निजी / सरकारी स्थलों , भूमि और भवनों में ऑप्टीकल फाइबर केबिल के बिछाने और मोबाइल टॉवर की स्थापना के लिए दिशा-निर्देश / निर्देश और अनुमति की स्वीकृति ।

अध्याय-एक

प्रारम्भिकी

उत्तराखण्ड दूरसंचार क्षेत्र ने अभूतपूर्व विकास देखा है एवं पिछले एक दशक में राज्य में विशेष रूप से मोबाइल टेलीफोनी में क्रांतिकारी बदलाव आये है । राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए उत्तराखण्ड में बेहतर दूरसंचार / उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी अनिवार्य है । मोबाइल टॉवर बेहतर कनेक्टिविटी (संयोजकता) प्रदान करने के लिए अभिन्न भाग है , जबकि भूमिगत / ऊपरी प्रकाशिक फाइबर केवल सेल्यूलर नेटवर्क के साथ इन टॉवरों को जोड़ना समान रूप से आवश्यक है । आधारिक संरचना की अनुपस्थिति के फलस्वरूप सेवा की गुणवत्ता में गिरावट , धीमी इंटरनेट गति एवं कॉल ड्राप होती हैं दिशा निर्देश सहित नीति के निर्माण से राज्य में स्थापित अधितल (मोबाइल टॉवर) एवं भूमिगत (प्रकाशिक फाइबर केबल) आधारिक संरचना का कार्यान्वयन सुगम होगा एवं राज्य में सभी जगह आधारिक संरचना के लिए आवेदन करने , अनुमोदन एवं उसे स्थापित करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया सुगम हो जायेगी । लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) , अनुमोदन, भुगतान, अनुमति देने के लिए विद्यमान सभी तकनीकी प्रणालियों एवं ऑनलाइन प्रणालियों के सरलीकरण एवं व्यापक मंच के विकास द्वारा सर्वोत्तम अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति को दृष्टि में रखते हुए अनुज्ञप्तियों एवं विनियामक अनुपालन अपेक्षाओं को कम करने की आवश्यकता है । उत्तराखण्ड सरकार , स्टार्ट- अप कम्पनियों का संवर्धन करना चाहती है जिससे राज्य में व्यवसाय के अवसर उत्पन्न हो , इस प्रकार राज्य में रोजगार बढ़ेगा ।

प्रकाशित फाइबर केबल द्वारा दूरस्थ ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा तक प्रत्येक एवं सभी मकानो तक नेटवर्क प्रदान करने की दृष्टि से निम्नलिखित दिशानिर्देश ध्यान में रखे जा सकते है । सरकार ने विस्तृत रूप से मामले का परीक्षण कर लिया है एवं तद्‌नुसार अनुमोदित स्वीकृति प्रदान करती है एवं इसके अधीन दी गई कतिपय शर्तों के समाधान और इस संबंध में दी गई सम्पूर्ण नीति के अधीन रहते हुए बेहतर संचार कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखण्ड राज्य में कार्य कर रहे किसी अनुज्ञप्ति अनुज्ञप्तिधारी / आधारिक संरचना प्रदाता द्वारा मोबाइल टॉवर लगाने एवं प्रकाशित फाइबर केबल बिछाने के लिए दिशानिर्देश जारी करती है ।

15 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

संक्षिप्त नाम

1. इस आदेश का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड मार्ग का अधिकार , 2018 (यूकेआरओडब्लू-18 ) है

परिभाषाएं

2.1 इन नियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) " अधिनियम " से भारतीय तार अधिनियम , 1885 (अधिनियम संख्या 13 , वर्ष 1885) अभिप्रेत है;

(ख ) " समुचित प्राधिकारी" से केन्द्रीय सरकार , संबंधित राज्य सरकारें, स्थानीय प्राधिकारी या ऐसे समुचित प्राधिकारी के नियंत्रण या प्रबन्ध में निहित या के अधीन तार अवसंरचना जिन्हें स्थापित किया जाना है या जिनका रख रखाव किया जाना है, के अधीन, के ऊपर के साथ, के सामने उसमें या उस पर संपत्ति के सम्बंध में केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा निगमित या स्थापित ऐसे प्राधिकारी , निकाय , कंपनी या संस्था अभिप्रेत है ;

(ग) " राज्य सरकार" से उत्तराखण्ड सरकार और जिसके अंतर्गत प्रशासन सम्मिलित है, अभिप्रेत है;

(घ) " डी ओ टी' से दूरसंचार विभाग , भारत सरकार अभिप्रेत है;

(ड. ) "टी ई आर एम प्रकोष्ठ " से भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के दूरसंचार प्रवर्तन संसाधन नियंत्रण प्रकोष्ठ है, जो मोबाइल टावरों के विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र विकिरण संबंधी मामलों पर सलाह देने के लिए एक सक्षम एजेंसी है, अभिप्रेत है;

(च) "एस ए सी एफ ए" से दूरसंचार विभाग , भारत सरकार की आवृत्ति आवंटन पर मानक सलाहकार समिति अभिप्रेत है;

(छ) " एस टी सी" से दिशा निर्देश 19 के अंतर्गत गठित राज्य दूरसंचार समिति अभिप्रेत है;

(ज) " डीटीसी " से दिशा निर्देश 19 के अंतर्गत गठित जिला दूरसंचार समिति अभिप्रेत है ;

(झ) अनुज्ञप्तिधारी " से संरचनात्मक प्रदाता और / या टेलीकॉम सेवा प्रदाता जो तार अधिनियम कि धारा 4(1 ) के अन्तर्गत लाइसेन्स धारी सम्मिलित व अभिप्रेत है;

(ञ) भूमि के ऊपर तार संरचना " से भूमि के ऊपर स्थापित तार या तार लाईन अभिप्रेत है और जिसके अंतर्गत खंबे, चॉकियां, तार/ टेलीकाम तार लाईन, जैसे मोबाइल टॉवर तथा तार या तार लाईन के स्थापन या रख रखाव के प्रयोजन के लिए, भूमि के ऊपर अन्य प्रयुक्तियां , साधित्र और यंत्र सम्मिलित हैं , अभिप्रेत है ;

(ट) " आदेश " से उत्तराखण्ड मार्ग (यूकेआरओडब्लू-18 ) अभिप्रेत है; का अधिकार, 2018 16

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

(ठ) " भूमिगत तार संरचना " से भूमि के भीतर बिछी हुई तार लाईन अभिप्रेत है और जिसके अंतर्गत तार लाईन के स्थापन या रख रखाव के प्रयोजन के लिए मेन होल, मार्कर - पत्थर, साधित्र और यंत्र अभिप्रेत है;

(ड) " विवाद निस्तारण अधिकारी " से यूकेआरओडब्लू-18 के क्रियान्वन्यन के दौरान यदि कोई मामला उत्पन्न होता है तो उसके समाधान के लिए विवाद निस्तारण अधिकारी के रूप में पदाविहित प्रमुख सचिव / सचिव के श्रेणी के राज्य सरकार का अधिकारी अभिप्रेत है;

(ढ)"नोडल अधिकारी " से यूकेआरओडब्लू-18 के क्रियान्वयन के लिए समुचित प्राधिकारी द्वारा पदाविहित राज्य सरकार का वरिष्ठ अधिकारी अभिप्रेत है;

(ण ) " प्ररूप " से इन नियमों में संलग्नक प्ररूप अभिप्रेत है;

(त) ' संरचनात्मक प्रदाता " में कोई व्यक्ति, फर्म, व्यक्तियों का संगठन या कम्पनी जो कि सम्यक रूप से विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा रजिस्ट्रीकृत हो और गैर विभेदकारी आधार पर टीएसपी सहित अंशों के लिए पेसिब टेलीकॉम संरचना के संस्थापन के लिए सम्यक रूप से प्राधिकृत है, सम्मिलित है;

(थ) " टेलीकॉम सेवा प्रदाता " में कोई व्यक्ति, फर्म, व्यक्तियों का संगठन या कम्पनी जो कि सम्यक रूप से विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भारतीय तार अधिनियम , 1885 की धारा 4 के अधीन मोबाइल फोन सेवा, इंटरनेट और डाटा अंतरण सेवायें इत्यादि उपलब्ध कराने का कार्य करता है , सम्मिलित है;

(द) तार / टेलीकॉम संरचना में निम्न सम्मिलित है :-

(एक) संचार प्रकोष्ठ स्थल या आधार स्टेशन या टेलीकॉम टावर या मोबाइल टावर, टावर के लिए स्थल , डेल्टा, एकल पोल एंटीना , माइकोवेब एंटीना, टेलीकॉम ट्रांसरीसिबर मशीनरी, सहयुक्त सिविल कार्य , अपेक्षितं तार और केबिल , विद्युत आपूर्ति उपस्कर, डीजल जनरेटर सेट, केबिल या उपर्युक्त में से कोई या उपर्युक्त समस्त मदों में आवश्यक वस्तु किसी घर के लिए कप बोर्ड;

(दो) भू- आधारित टॉवर, भू- आधारित मास्ट / मोनोपोल , छत के ऊपर टॉवर , छत के ऊपर पोल,;

(तीन) सेल फोन टावर, माइक्रोसेल टावर, साधित्र एंटीना, विरचित एंटीना, टेलीफोन लाईन संस्थापन के लिए टॉवर और वाई-फाई एंटीना;

17 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

भाग 1 ]

(चार ) विरचन से पूर्व या चिनाई संरचना आश्रय या बेस ट्रांसरीसिवर स्टेशन और अन्य उपस्कर;

(पांच) नलिकाओं, भूमिगत ओएफसी, पोल या विद्युत पोलों पर केबलिंग और घरों की फाइबर से स्थलीय कनेक्टिंग ।

यद्यपि तार संरचना में इन नियमों के प्रयोजन के लिए घरेलू उदेश्यों के लिए लगाये जाने वाले टेलीविजन एंटीना या डिश एंटीना सम्मिलित नही हैं:

परन्तु यह और कि सीओडब्लू और कोई अस्थाई अवस्थापना आयोजित त्यौहार , मेले (अधिकतम 90 दिन जो कि अग्रेतर विस्तारित किये जा सकते है) , या खाली क्षेत्र को कुछ अवधि के लिए आच्छादित करने के लिए इन आदेशों के प्रयोजनं तार संरचना में सम्मिलित नही होंगे समुचित नोडल अधिकारी अस्थाई संरचनाओं के संस्थापन की अनुमति के लिए सशक्त होंगे जो अनुज्ञप्तिधारी द्वारा किए गए आवेदन पर ऐसी संस्थापना को स्वीकार या अस्वीकार करेगा ।

हालांकि स्वीकृति या निरस्त, इस सम्बन्ध में 20 दिन के अन्दर आवेदन प्राप्ति के दिन से देने की अपेक्षा नोडल प्राधिकारी से की जाएगी । कोई भी आवेदन तब तक निरस्त नहीं किया जाएगा जब तक आवेदक अनुज्ञप्तिधारी को निरस्त करने के कारण पर सुनवाई का अवसर प्रदान नहीं किया जाता ।

2.2 : उन शब्दों और पदों के जो इसमें प्रयुक्त है और परिभाषित नहीं है किन्तु अधिनियम में परिभाषित है, वहीं अर्थ होंगे , जो उनके उस अधिनियम में है ।.

3.

लागू होना

कोई अनुज्ञप्तिधारी द्वारा जिस पर तार प्राधिकारी की शक्तियां अधिनियम की धारा 19 ख के अधीन अधिसूचना द्वारा प्रदत्त की गयी है, भूमिगत या भूमि के ऊपर तार अवसंरचना के स्थापन और रख- रखाव के लिए आवेदन पर समुचित प्राधिकारी नियमों के अधीन शक्तियां, उक्त अधिसूचना के अध्यधीन का प्रयोग करेगा । यह आदेश उत्तराखण्ड राज्य के भीतर सभी समुचित प्राधिकारियों सहित विभिन्न विकास प्राधिकारियों, औद्योगिक विकास प्राधिकारियों, अन्य सांविधिक प्राधिकारियों, लोक निर्माण विभाग और सभी स्थानीय निकायों जिसमें नगर पालिका, नगर निगम, नगर पालिका परिषद्, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत, जिला पंचायत / परिषद् इत्यादि जो कि राज्य विधान मण्डल द्वारा स्थापित है, पर लागू होंगे । समुचित प्राधिकारी किसी अनुज्ञप्तिधारी द्वारा भूमिगत या भूमि के ऊपर तार संरचना की स्थापना और अनुरक्षण के लिए आवेदन पर इन आदेशों के अधीन शक्तियों का प्रयोग करेंगे ।

18

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

प्रत्येक समुचित प्राधिकारी इन आदेश के प्रयोजनों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा । नोडल अधिकारी के कार्य निम्नवत होंगे किन्तु वह निम्न तक सीमित नहीं होंगे।

स्थानीय प्राधिकारी 4. द्वारा नोडल अधिकारी पदाभिहित किया जाना

दिन- प्रतिदिन की गतिविधियों और कम्पनियों से संचार के लिए उत्तरदायित्व;

समय पर अनुमोदन / अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए समन्वय;

प्राधिकरणीय क्षेत्राधिकार में बनाई गयी सम्पूर्ण संरचना का नियमित रूप से पर्यवेक्षण किया जाएगा ।

शिकायतों / मुद्दों पर अनुवर्ती ।

अध्याय-दो

भूमिगत तार संरचना का स्थापन और रख- रखाव

भूमिगत तार संरचना 5. को रखने की अनुमति हेतु निबंधन और शर्ते

5.1 अनुज्ञप्ति को ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) नेटवर्क / भूमिगत तार संरचना डालने और फाइबर को घर तक सड़क के लिए नीचे से या ऊपर से ले जाने के लिए समुचित प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करनी होगी ।

5.2 यह कार्य शहर के बाहरी क्षेत्रों या मुख्य क्षेत्र से प्रारम्भ किया जायेगा और बाद में मुख्य क्षेत्र में ।

:

5.3 भूमिगत तार संरचना और घर तक फाइबर ले जाने के दौरान हुए गढढे और सड़कों की क्षति की मरम्मत सम्बन्धित स्थानीय निकाय / समुचित प्राधिकारी द्वारा की जाएगी और क्षतिग्रस्त सड़क की बहाली के लिए सम्पूर्ण व्यय स्थानीय निकाय द्वारा अनुज्ञप्तिधारी से लिया जाएगा । इस प्रकार के व्यय पर शुल्क समय - समय पर राज्य सरकार द्वारा समान प्रकृति के काम पर लागू दरों की अनुसूची के आधार पर तय किया जायेगा । लोक निर्माण विभाग द्वारा दिशानिर्देशों और बीएसआर का पालन बहाली शुल्क की. गणना के लिए किया जायेगा । इस प्रकार के शुल्क का शतप्रतिशत अनुमति मिलने के 30 दिनों की अवधि के भीतर अग्रिम में और आधारभूत भूमिगत तार संरचना बिछाने के कार्य शुरू होने से पहले जमा किया जायेंगे;

परन्तु यह कि अन्य कोई शुल्क (उपरोक्त उल्लिखित बहाली शुल्क और निर्धारित प्रासंगिक प्रशासनिक शुल्क को छोड़कर) जैसे उपयोगकर्ता शुल्क इत्यादि अनुज्ञप्तिधारी पर नही लगाया जायेगा ।

5.4 मानसून के दौरान माइक्रोचिंग विधि के माध्यम से ओएफसी लगाने की अनुमति दी जायेगी, परन्तु आवेदक सभी सुरक्षा उपायों करेगा और नुकसान के तत्काल बहाली के लिए व्यवस्था करेगा ।

19 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

5.5 अनुमानित आकार 1.5 मीटर × 1.5 मीटर × 1.5 मीटर गहराई के गढढे या साइट पर व्यवस्था के अनुसार सड़कों में खुदाई की जायेगी जहां 100 मीटर से कम की दूरी पर ऑप्टीकल फाइबर केबल लगाये जायेंगे । गढढे का केवल दानेदार सामग्री से पुनर्भराव किया जायेगा, और विनिर्देशों के अनुसार संकलित किया जायेगा । गडढे / खाईयों को 48 घण्टों के भीतर बहाल किया जायेगा, उस स्थान पर कार्य समाप्त होने के पश्चात्, 48 घंटों के भीतर दोहराना बहाल किया जायेगा, ऐसा ना कर पाने कि दशा में, अनुमति के रद्दीकरण के अलावा लागू दंड इत्यादि दिये जायेगे ।

5.6 सड़कों के नीचे नलिकाओं की संख्यां जिसके लिए अनुमति दी जाएगी अनुज्ञप्तिधारी की आवश्यकता के अनुसार होगी ।

5.7 अनुज्ञप्तिधारी स्थानीय निकाय को अपने स्थान पर वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त करने हेतु सक्षम करने के लिए सभी भूमिगत टेलीग्राफ आधारभूत संरचना के उपयुक्त प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्थितिगत खुफिया प्रावधान सुनिश्चित करेगा ।

5.8 अनुज्ञप्तिधारी मार्ग के समानांतर जहां भी आवश्यक हो, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रेडार ( जीपीएस) सर्वेक्षण करेगा जहां मौजूदा उपयोगिताओं का पता लगाने के लिए नलिकाओं को रखा जायेगा । जीपीआर सर्वेक्षण के माध्यम से अनुज्ञप्तिधारी द्वारा एकत्र की गई यूटिलिटीज का डेटा बिना शर्त के व बिना किसी मूल्य के स्थानीय निकाय के साथ साझा किया जाना चाहिए ।

5.9 क्षैतिज दिशात्मक ड्रिलिंग ( एचडीडी) पद्धति का उपयोग करके नलिकाओं को बिछाते समय किसी भी भूमिगत उपयोगिताओं को कोई क्षति नहीं पहुँचाई जाएगी । यदि किसी उपयोगिता को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है तो उपयोगिता को होने वाली अनुज्ञप्तिधारी द्वारा अपनी लागत पर सुधारेगा ।

5.10 नलिकाएं सड़क की परत से लगभग 2 मीटर नीचे रखी जायेंगे , लेकिन हार्ड रॉक स्ट्रैट के मामले में जहां एचडीडी पद्धति संभव नही है, 400 मिलीमीटर की गहराई पर पीसी 71 के साथ कवर किए गए जी.आई. पाइप के अन्दर नलिकाएं इंस्टाल की जाएगी ।

5.11 जहां भी आवश्यक हो, नाली / ओएफसी को स्थानांतरण की लागत, अनुज्ञप्तिधारी द्वारा वहन की जायेगी, संबंधित स्थानीय निकाय के निर्देशों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पालन किया जायेगा ।

5.12 अधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते समय सरकारी कर्मचारी यां स्थानीय निकाय के किसी भी कार्य के कारण ओएफसी को नुकसान और परिणामी घाटे के लिए स्थानीय निकाये जिम्मेदार नहीं होगी मगर पूर्व लिखित सूचना स्थानीय निकाय द्वारा अनुज्ञप्तिधारी को दी जायेगी ।..

20

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1

5.13 अनुज्ञप्तिधारी नलिकाओं और कक्षों के दुरूपयोग / अवैध उपयोग से बचने के लिए कक्षों के अभिगम नियंत्रण के लिए उचित व्यवस्था करेंगा ।

अनुज्ञप्तिधारी आवेदन प्रस्तुत द्वारा 6. 6.1 अनुज्ञप्तिधारी , किसी समुचित प्राधिकारी के नियंत्रण या प्रबंध में निहित या के अधीन किसी अचल सम्पत्ति के अधीन तार संरचना के स्थापन के प्रयोजन के लिए प्रारूप 1 में ऐसे दस्तावेजों सहित, ऐसी रचना और ढंग में उस प्राधिकारी को आवेदन करेगा जैसा कि इस आदेश में विनिर्दिष्ट किया गया है ।

6.2 दिशा-निर्देश 6.1 के अधीन किये गये आवेदन में अनुज्ञप्तिधारी द्वारा प्रदान किए जाने वाले समर्थक दस्तावेजों के साथ सूचना में निम्नलिखित सम्मिलित होगा

(एक) केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रदान की गई अनुज्ञप्ति / पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रति;

(दो) प्रस्तावित तार अवसंरचना दर्शाते हुए स्थान मानचित्र जिसमें नियोजित मार्ग, सही अक्षांश और दिशांतर, भूमि की प्रकृति शामिल हो;

(तीन) प्रस्तावित भूमिगत तार संरचना का विवरण एकल पंक्ति आरेखण सहित;

(चार) कार्य के निष्पादन के लिए ढंग और समय अवधि;

(पांच) उस दशा में जब अनुज्ञप्तिधारी दिन की किसी विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर कार्य किये जाने की अपेक्षा करता है दिन . व समय जब ऐसा कार्य किया जाना अपेक्षित है;

(छः) ऐसे व्ययों का ब्यौरे जो समुचित प्राधिकारी द्वारा, अनुज्ञप्तिधारी द्वारा प्रस्तावित कार्य के परिणामस्वरूप आवश्यक रूप से लगाया जाना हो;

(सात) असुविधा जो लोक को कारित होना संभाव्य है और ऐसी असुविधा को कम करने के लिए उठाये जाने के लिए प्रस्तावित विनिर्दिष्ट उपाय;

(आठ) कार्य के निष्पादन के दौरान लोक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए जाने वाले प्रस्तावित विनिर्दिष्ट उपाय;

(नौ) कोई अन्य सुसंगत मामला जो अनुज्ञप्तिधारी की राय में किये जाने के लिए प्रस्तावित कार्य से सहबद्ध या सुसंगत हो; और केन्द्रीय सरकार या समुचितं राज्य सरकार या समुचित स्थानीय प्राधिकारी द्वारा साधारण अथवा विशेष आदेश के माध्यम से विनिर्दिष्ट किये गये कार्य में संबंधित कोई अन्य मामले को भी अनुज्ञप्तिधारी प्रस्तुत कर सकेगा;

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भाग 1 ]

परन्तु यह कि अनुज्ञप्तिधारी , आवेदन करते समय , कि क्या वह नुकसानी जो संमुचित प्राधिकारी जिम्मे लिए गये प्रस्तावित कार्य के परिणामस्वरूप आवश्यक रूप से अधिरोपित करेगा, के युक्तियुक्त और प्रज्ञायुक्त विस्तार तक प्रत्यास्थापन के लिए दायित्व के निर्वहन का जिम्मा लेता है, पर विनिर्दिष्ट अभिबंधन देगा ।

6.3 दिशानिर्देश 6.1 के अधीन प्रत्येक आवेदन , आवेदन और प्रस्तावित कार्यों की परीक्षण के लिए प्रशासनिक व्ययों को पूरा करने के लिए रूपया एक हजार प्रति किलोमीटर की दर से अप्रतिसंदेह फीस को संलग्न करेगा ।

समुचित प्राधिकारी 7. द्वारा अनुज्ञा प्रदान किया जाना

7.1 समुचित प्राधिकारी निम्नलिखित पैरामीटर की बाव्त आवेदन का परीक्षणं करेगा , लेकिन निम्नलिखित तक ही सीमित नही रहेगा, अर्थात-

(क) प्रस्तावित भूमिगत तार अवसंरचना के लिए योजनाबद्ध मार्ग और किसी अन्य लोक अवसंरचना जो प्रस्तावित मार्ग के साथ बिछाई जानी है, के साथ ऐसी तारं अवसंरचना के या तो स्थापन या रख रखाव में संभाव्य बाधा;

(ख) निष्पादन की रीति;

(ग) कार्य के निष्पादन की समयावधि और दिन का वह समय जब प्रस्तावित कार्य निष्पादित किया जाना है ;

(घ) व्ययों का प्राक्कलन जो समुचित प्राधिकारी जिम्मे लिए गए प्रस्तावित कार्य के परिणामस्वरूप आवश्य रूप से अधिरोपित करेगा

(ड.) किसी भी नुकसान बहाली और बहाली शुल्क के भुगतान की जिम्मेदारी;

(च) लोक सुरक्षा और असुविधा जो प्रस्तावित कार्य के परिणाम स्वरूप लोक को कारित होना संभाव्य हो, को सुनिश्चित करने हेतु उपायों और अनुज्ञप्तिधारी द्वारा उपदर्शित ऐसी असुविधा को कम करने हेतु उपायों का निर्धारण;

(छ) केंन्द्रीय सरकार, समुचित राज्य सरकार या समुचित स्थानीय प्राधिकारी द्वारा साधारण या विशिष्ट आदेश के माध्यम से भूमिगत तार अवसंरचना के स्थापन या रख रखाव से सहबद्ध या संबंधित, अधिनियम और इन दिशा निर्देश के उपबंधों से संगत कोई अन्य मामला;

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उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी, 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1 7.2 समुचित प्राधिकारी दिशानिर्देश 5 के अधीन किए गए आवेदन की तारीख से साठ दिवसों से अनधिक की अवधि के भीतर निम्नलिखित करेगा।

(क) ऐसी शर्तों पर जिसके अंतर्गत समय , निष्पादन की रीति, लोक असुविधा में कमी करने के उपाय या लोक सुरक्षा में वृद्धि और प्रत्यास्थापित भार की संदाय , जो विनिर्दिष्ट किया जाय , भी है लेकिन इन तक सीमित न रहते हुए , अधिनियम और इन दिशानिर्देशों के उपबंधों के अधीन रहते हुए अनुज्ञा प्रदान करेगा, या

(ख) उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किए जाए, आवेदन अस्वीकार करेगा परन्तु कोई आवेदन तब तक अस्वीकार नहीं किया जायेगा जब तक कि आवेदक को इस तरह के अस्वीकृति के कारण पर सुनवाई का अवसर नहीं दिया जाता ।

7.3 जहां समुचित प्राधिकारी नुकसानी जो समुचित प्राधिकारी द्वारा कार्य के परिणामस्वरूप ऐसा समुचित प्राधिकारी आवश्यक रूप से अधिरोपित करेगा , के प्रत्यास्थापन के उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए अनुज्ञप्तिधारी द्वारा किए गए वचनबंध को स्वीकार करता है , समुचित प्राधिकारी अनुज्ञा प्रदान करते समय दायित्व के निर्वहन के पालन के लिए प्रतिभूति के रूप में ऐसी नुकसानी के प्रत्यावर्तन के लिए व्ययों के स्थान पर रकम के लिए बैंक प्रत्याभूति चाह सकेगा ।

7.4 समुचित प्राधिकारी , अनुज्ञप्तिधारी से भूमिगत तार संरचना के स्थापन के लिए कोई फीस जो दिशानिर्देश 5.3 और 6.2 (क) के अधीन विहित भिन्न फीस नही लेगा ।

i

कार्य का जिम्मा लेने 8 . में अनुज्ञप्तिधारी की | बाध्यताएं

:

8.1 अनुज्ञप्तिधारी , अनुज्ञा प्रदान करने की तारीख से तीस (30 ) दिवसों की अवधि के भीतर और भूमिगत तार संरचना बिछाने का कार्य प्रारम्भ करने से पहले समुचित प्राधिकारी द्वारा यथा अवधारित व्ययों का संदाय या बैंक प्रत्याभूति प्रस्तुत करेगा । बैंक प्रत्याभूति प्रारंभिक अवधि में एक वर्ष के लिए उसे जारी करने की तारीख से लिया जायेगा और उसे वार्षिक आधार पर अग्रेतर रूप से नवीनीकृत किया जायेगा ।

परन्तु यह कि समुचित प्राधिकारी , स्वविवेकानुसार ऐसा विस्तार चाहने वाले अनुज्ञप्तिधारी द्वारा किए गए आवेदन पर प्रत्याभूति जमा करने की समय अवधि बढ़ा सकेगा ।

23 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

भाग 1]

8.2 अनुज्ञप्तिधारी यह सुनिश्चित करेगा कि-

(क) भूमिगत तार अवसंरचना बिछाने का कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व और कार्य के निष्पादन के दौरान पूरे समय , लोक असुविधा कम करने के और लोक सुरक्षा प्रदान करने के उपाय क्रियान्वित किये गए है, और

(ख) भूमिगत तार अवसंरचना बिछाने का कार्य समुचित सरकार द्वारा अनुज्ञा के प्रदान करने में विनिर्दिष्ट शर्तों के अनुसरण में किया गया है;

8.3 अनुज्ञप्तिधारी , उसकी अवस्थिति पर वास्तविक समय सूचना प्राप्त करने के लिए समुचित प्राधिकारी को समर्थ बनाने हेतु सभी भूमिगत तार अवसंरचनाओं की समुचित प्रौद्योगिकी के माध्यम से, स्थितीय अभिसूचना के उपबंध सुनिश्चित करेगा ।

कार्य का पर्यवेक्षण 9. करने के लिए समुचित प्राधिकारी की शक्तियां

9.1 समुचित प्राधिकारी , यह अभिनिश्चित करने के लिए क्या अनुज्ञप्तिधारी द्वारा दिशानिर्देश 7.2 (क) के अधीन अनुज्ञा प्रदान करने पर अधिरोपित शर्तों का पालन किया जाता है, कार्य के निष्पादन का पर्यवेक्षण कर सकेगा ।

9.2 समुचित प्राधिकारी , ऐसे पर्यवेक्षण के आधार पर ऐसी अन्य युक्तियुक्त शर्त जैसा वह उचित समझे, अधिरोपित कर सकेगा ।

9.3 यदि समुचित प्राधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अनुज्ञप्तिधारी ने दिशानिर्देश 7.2 (क) के अधीन अनुज्ञा प्रदान करने की किसी शर्त का जानबूझकर उल्लंघन किया है, उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किये जाए , अनुज्ञप्तिधारी द्वारा प्रस्तुत बैंक प्रत्याभूति को पूर्णतः या भागतः समपहृत कर सकेगा और अनुज्ञप्तिधारी को प्रदत्त अनुज्ञा प्रत्याहृत कर सकेगाः

परन्तु यह कि इस दिशानिर्देश के अधीन कोई कार्यवाही तब तक नहीं की जाएगी जब तक अनुज्ञप्तिधारी को सुनवाई का अवसर प्रदान नहीं कर दिया जाता ।

टिप्पणीः उपर्युक्त अध्याय दो के दिशानिर्देश किसी भी कार्यप्रणाली से ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने पर लागू होंगे जैसे की खुली ट्रेचिंग , सूक्ष्म ट्रेकिंग क्षैतिज दिशात्मक ड्रिलिंग और मोइलिंग ।

अनुज्ञप्तिधारी द्वारा ओएफसी बिछाने के दौरान अवस्थापित मेन होल के लिये किसी प्रकार के भुगतान या किराया नही दिया जायेगा ।

अनुज्ञप्तिधारी से इन मेन होलों के माध्यम से कम्पनी द्वारा किये जा रहे कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए नई अनुमति लिये जाने की अपेक्षा नही की जायेगी और वे लिखित में सम्बंधित प्राधिकारी को 10 दिन पूर्व सूचना देते हुए कार्य की स्थिति का पर्यवेक्षण कर सकेंगे ।

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[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

आकाशीय संरचना

कठिन क्षेत्रों या चट्टानों या पवर्तीय क्षेत्रों जहां ओएफसी भूमि के नीचे बिछाया जाना सम्भव नही है वहां अनुज्ञप्तिधारी समुचित प्राधिकारी से इस सम्बंध में उसके द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में एक मीटर एक मीटर के क्षेत्र में खम्बें स्थापित करते हुए ऐसे क्षेत्रों में एरियल केबिल बिछाने के लिए अनुमति लेगा । इन खम्बों की ऊचाई 5मीटर से अधिक और इनके मध्य एक खम्बें से दूसरे खम्बे की दूरी 30 मीटर से कम नहीं होगी । अनुज्ञप्तिधारी या तो आवेदन पत्र देकर समुचित प्राधिकारी से विद्यमान खम्बों के स्वयं प्रयोग या नये खम्बों के संस्थापन के लिये आवेदन कर सकेगा । इन खम्बों का पट्टा किराया रूपया 500 प्रति खम्बा प्रतिवर्ष होगा । आवेदक / अनुज्ञप्तिधारी के पास यह विकल्प होगा . कि' वह इन खम्बों का पट्टा किराया पांच वर्ष की अवधि के लिए संयुक्त रूप से जमा कर सकेगा और ऐसे मामलों में अनुज्ञप्तिधारी उसके पश्चात् किसी किराये को भुगतान करने के लिए छूट प्राप्त कर सकेगा । यदि अनुज्ञप्तिधारी नये खम्बे स्थापित करने के लिए आवेदन देता है तो यह पट्टा अधिभार समुचित प्राधिकारी द्वारा खम्बा मालिकों को भुगतान किया जायेगा । यद्यपि इस प्रकार के खम्बों के संस्थापन के लिए एक बार अनुमति शुल्क का भुगतान किया जायेगा ।

गैर संरक्षित वन क्षेत्र में ऑप्टीकल फाइबर केबिल के बिछाने के सम्बंध में अनुज्ञप्तिधारी बैंक गारंटी के जमा करने के आंधार पर एचडीडी / खुले ट्रेंच या सूक्ष्म ट्रेंच पद्धति के माध्यम से समेकित क्षेत्र (जो कि एक हेक्टेअर से अधिक हो सकता है) के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत करेगा । अग्रेतर यह कि गैर संरक्षित वन क्षेत्रों के लिए पूर्व से स्थापित दिशा निर्देशों के दृष्टिगत अनुमति प्रदान की जायेगी और यह अनुमति सम्बंधित जिला वन अधिकारी द्वारा प्रदान की जायेगी ।

अध्याय तीन भूमि के ऊपर तार संरचना की स्थापना और रखरखाव

10 भूमि के ऊपर संरचना (मोबाइल टावर इत्यादि) स्थापित करने की अनुमति देने के लिए निबंधन और शर्तेंः-

10.1 डीओटी द्वारा निर्धारित विकिरण मानदंडों का अनुज्ञप्तिधारी द्वारा सख्ती से पालन किया जाना चाहिए । विकिरण से संबंधित किसी भी मुददे पर शिकायत के संबंध में कोई भी नागरिक टीईआरएम सेल से संपर्क कर सकता है ।

10.2 डीओटी के दिशानिर्देशों के अनुसार साइन बोर्ड और चेतावनी संकेत (खतरे' , चेतावनी' , सावधानी आदि) टावरों और एंटीना साइटों पर प्रदान किए जायेंगे जो स्पष्ट रूप से दिखाई देने योग्य और पहचान योग्य है ।

25 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

भाग 1 ]

10.3 आवेदक को खुली भूमि पर टेलीग्राफ निर्माण को स्थापित करने की अनुमति दी जायेगी , जिसमें सरकारी / सरकारी स्वामित्व/ नियंत्रित वैधानिक या गैर- वैधानिक संस्थान/ निकायों या अन्य सार्वजनिक / निजी स्थानों पर सड़कों, पार्क, खेल का मैदान, अस्पताल , स्कूल, सार्वजनिक उपयोगिता के लिए निर्धारित भूमि शामिल है ।

10.4 वाल्ड शहर में या विरासत के क्षेत्र में विरासत चरित्र को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जायेगा ।

10.5 अनुज्ञप्तिधारी को माइक्रोलाइट / वाईफाई एक्सेस पॉइन्टस और स्ट्रीट लाइट खम्बे / बस आश्रय / सरकारी भवनों पर अन्य आवश्यक सेवाओं को स्थापित करने की अनुमति दी जाएंगी ।

10.6 अनुज्ञप्तिधारी उपकरण को ठीक करेगा, जो मोबाइल टावर/ पोस्ट के निकट निर्धारित सीमा में बिजली बैकअप के लिए न्यूनतम शोर और पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनता है ।

10.7 टावरों / पदों और भवनों की संरचनात्मक स्थिरता जिसमें इसे बनाया गया है, अनुज्ञप्तिधारी और टावरों/ पदों द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा और उनकी नींव तद्नुसार तैयार की जाएगी । टावरों के निर्माण के दौरान या उसके बाद होने पर वह किसी दुर्घटना के लिए पूरी तरह उत्तरदायी होगा।

10.8 उत्कृष्ट शहरी विकास करं या टेलीग्राफ निर्माण की स्थापना के लिए और भवन पर देय किसी अन्य बकाया राशि के कारण अनुमति को रोक नही दिया जायेगा । परन्तु नोडल अधिकारी अनुज्ञप्तिधारी और भूमि तथा भवना के स्वामी को इस तरह के कर या देनदारियों को संवाद करेगा और यदि शहरी विकास कर या किसी अन्य बकाया राशि को जमा करने के लिए स्वामी द्वारा उपक्रम प्रस्तुत किया जाता है तो यह मामला हो सकता है, किन्तु नोडल अधिकारी आवश्यक अनुमति प्रदान करेगा ।

10.9 मोबाइल टावर / पोस्ट अस्थायी संरचना और प्रकृति में आवश्यक सेवा किसी भी प्रकार की भूमि / भवन पर निर्दिष्ट भूमि उपयोग के अधीन स्थापित की जा सकती है और किसी भी विधि के अधीन भूमि उपयोग में परिवर्तित की आवश्यकता नही होगी ।

द्वारा 11

अनुज्ञप्तिधारी आवेदन

11.1 अनुज्ञप्तिधारी , किसी समुचित प्राधिकारी के नियंत्रण या प्रबंध में निहित किसी अचल संपत्ति पर भूमि के ऊपर तार अवसंरचना के स्थापन के प्रयोजन के लिए ऐसे दस्तावेजों से समर्थित आवेदन ऐसे प्ररूप 2 औरऐसी रीति से जो समुचित प्राधिकारी द्वारा विहित जाय , उस समुचित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा ।

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उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1

11.2 दिशानिर्देश 11.1 के अधीन अनुज्ञप्तिधारी द्वारा किए गए आवेदन में समर्थक दस्तावेजों के साथ प्रदान की जाने वाली सूचना में निम्नलिखित सम्मिलित होगा

क. केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रदान की गई अनुज्ञप्ति/ पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रतिः

ख. चौकी या उपरोक्त वृत्ताकार प्रयुक्ति जिसका स्थापन किया जाना प्रस्तावित है , की प्रकृति और अवस्थति , जिसके अंतर्गत सटीक अक्षांक और देशांतर रेखांश भी हो,

ग . भूमि के ऊपर तार संरचना के स्थापन के लिए अपेक्षित भूमि का विस्तार ;

घ. भवन या संरचना के ब्यौरे, जहां भूमि के ऊपर तार संरचना का स्थापन किया जाना प्रस्तावित है;

ड.. अनुज्ञप्तिधारी द्वारा मोबाइल टावर / बेस टंसिवर स्टेशन के स्थापित किये जाने के सम्बध में यह प्रमाणित करने वाले स्वप्रमाण पत्र कि टावर के समीप आने वाले, सभी जन सामान्य क्षेत्र , ऐंटिना के. विकीरण प्रारम्भ करने के पश्चात् शिखर यातायात माप के अनुसार सुरक्षित विद्युत चुम्बकीय विकीरण प्रदर्शन सीमा में होंगे , की टीईआरएम प्रकोष्ठ द्वारा जारी पावति प्राप्ति;

{टिप्पणीः- यह टॉवर के विकीरण के 90 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जा सकता है । }

च. डी.ओ.टी की वायरलेस प्लानिंग व कोर डिनेशन विंग को कथित स्थान / आवास्थिति के लिये एस.ए.स.एफए. भुगतान की प्रति/ एस.स.स.एफ.ए प्रार्थना पत्र की प्रति रजिस्ट्रेशन नम्बर सहित जैसे कि डब्लूपीसी पावति इस वचन के साथ कि किसी आपत्ति/ अस्वीकृति की दशा में अनुज्ञप्तिधारी सुधारात्मक कार्रवाही करेगा या टॉवर को हटायेगा ।

{टिप्पणी- प्रति स्थान / अवस्थिति के निर्धारण होने एवं टॉवर के विकीरण प्रारम्भ करने पर यथाशीघ्र नोडल अधिकारी को प्रस्तुत की जा सकती है ।

छ. भारतीय मोटर वाहन अनुसंधान संघ द्वारा जारी डीजल जनरेटर सेट का निर्माताओं का टाइप परीक्षण प्रमाण पत्र की प्रति (डीजल जनरेटर की क्षमता का 1 एमवीए से अधिक होने की दशा में)

ज. नोडल अधिकारी / स्थानीय निकाय , छत आधारित टॉवर की दशा में भवन स्वामी / सबसे ऊपर की छत के स्वामी या भूतल आधारित टॉवर की दशा में भू स्वामी से अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रति भी मांग सकेंगे;

27 भांग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी, 2019 ई ० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

झ. केवल ऊंची ईमारतों की दशा में जहां अग्नि भुगतान अनिवार्य हो, अग्नि सुरक्षा विभाग से भुगतान की प्रति;

ञ. राज्य पर्यावरण एवं वन विभाग से वन संरक्षित क्षेत्र क लिये भुगतान की प्रति;

ट. अधिसूचित विरासत ईमारतों में मोबाइल टॉवर की स्थापना के लिये सम्बंधित प्राधिकारी से विनिर्दिष्ट भुगतान पूर्ववर्ती शर्त होगी;

ठ. असुविधा जो जनता को होने की सम्भावना हो एवं ऐसी असुविधा से बचने के लिए उठाये जाने वाले विनिर्दिष्ट उपाय प्रस्तावित हो;

ढ. कार्य के निष्पादन के दौरान जन सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये प्रस्तावित उपाय;

ण. पद के विस्तृत तकनीकी डिजाइन व आरेखणों या अन्य उपरोक्त युक्तियों के आधार ;

त. भूमि आधारित टावरों के लिए संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र की प्रति । छत के ऊपर बीटीएस टावर के मामले में राज्य / स्थानीय निकाय / केन्द्रीय भवन, शोध संस्थान / रुड़की आईआईटी / एनआईटी या राज्य सरकार द्वारा समय समय पर प्राधिकृत कोई अन्य एजेंसी के किसी प्राधिकृत संरचनात्मक इंजीनियम के लिखित अनुमोदन के आधार पर भवन और टावर आधार हेतु संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा;

थ. विद्यमान मोबाइल टावर जीआईएस विवरण , कोष गठन और पर्यवेक्षण के लिए कम्पनी द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा;

द. किए गये आवेदन की बावत पत्र व्यवहार के प्रयोजनों के लिए अनुज्ञप्तिधारी के कर्मचारियों के नाम और संपर्क ब्यौरे;

ध. जिम्मे लिए गए प्रस्तावित कार्य से सहबद्ध या इसके संबंध में, अनुज्ञप्तिधारी की राय में कोई अन्य सुसंगत मामला;

न. केन्द्रीय सरकार या समुचित राज्य सरकार या समुचित स्थानीय प्राधिकारी द्वारा साधारण या विशेष आदेश के माध्यम से कार्य जिसे विनिर्दिष्ट किया जाय , से सहबद्ध या से सुसंगत कोई अन्य मामले ।

11.3 दिशानिर्देश (1 ) के अधीन प्रत्येक आवेदन पत्र आवेदन पत्र के परीक्षण के लिए प्रशासकीय व्यय के रूप में रूपया एक हजार मात्र की अप्रतिसंहरित एकल शुल्क आवेदन पत्र के साथ प्रस्तावित कार्य सहित प्रस्तुत की जायेगी । सरकारी भूमि के मामले में मोबाइल टावर के संस्थापन के लिए आवंटित स्थल हेतु वार्षिक पटटा किराया प्रति वर्ग मीटर के आधार पर भूमि के बाजारी दर 28

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी, 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1

का दस प्रतिशत होगा । भूमि का बाजारी दर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियत किया जायेगा जो कि प्रत्येक पांच वर्ष में नवीनीकृत किया जायेगा । परन्तु यह कि मोबाइल टावर के लिए प्रतिमाह लिये जाने वाला पटटा किराया 10,000 रूपया प्रतिमाह से अधिक नही होगा। आवेदक के पास यह विकल्प होगा कि वह किसी वृद्धि के बिना प्रारम्भिक रूप से निर्धारित दर पर आंगणित पाचं वर्षों की अवधि के लिए संयुक्त से एकमुश्त धन. राशि पटटा अधिभार को जमा कर सकेगा। यह सभी प्रकार के मोबाइल टावरों के लिए सरकारी भूमि पर यथा जीवीटी / जीबीएल / आरटीटी/ आरटीपी पर लागू होगा ।

रूपया 5000 मात्र की धनराशि प्रति टावर प्रत्येक अनुज्ञप्तिधारी / संरचनात्मक प्रदाताओं से एक समय में अनुमति शुल्क के रूप में पटटा शुल्क के अतिरिक्त जमा किया जायेगा । अन्य अनुज्ञप्तिधारी / संस्चनात्मक प्रदाता द्वारा टावरों की अंशदान के मामले में प्रत्येक अनुज्ञप्तिधारी रूपया 5000 मात्र की धनराशि अनुमति शुल्क के रूप में अतिरिक्त रूप से भुगतान करेगा । यह जमा किया गया शुल्क कार्यालय के लेखा शीर्षक द्वारा लेखे के समुचित शीर्षक में जमा किया जायेगा ।

सरकारी स्वामित्व वाली भूमि या भवन के मामलो में पटटा किराया सम्बंधित जो जिस भूमि और भवन का वह मालिक है, जहां अनुज्ञप्तिधारी / संरचनात्मक प्रदाता भूमि के ऊपर संरचना का संस्थापन के लिए नहीं करेगा , एकमुश्त अनुमति शुल्क यथास्थिति सम्बंधित विकास प्राधिकारी / विनियामक क्षेत्र/ ग्राम पंचायत को भुगतान किया जायेगा ।

12.1 समुचित प्राधिकारी निम्नलिखित प्राचलों की बाबत आवेदन का परीक्षण करेगा परन्तु इस तक सीमित नहीं रहेगा , -

समुचित प्राधिकारी 12 द्वारा अनुज्ञा प्रदान किया जाना

(क) सिवाय् जैसा इसके पश्चात् कहा गया है , किसी सरकारी भवन या स्कूल या अस्पताल या गैर आवासीय या आवासीय क्षेत्रों के किसी स्थानों को छोड़कर किसी भी स्थान पर टॉवर के संस्थापन के लिए कोई प्रतिबंध नही होगा । स्कूल , कॉलेज , अस्पताल , पुलिस स्टेशन और आंगनबाडी में टॉवर के संस्थापन के लिए अनुमति ली जायेगी , चूंकि ये महत्वपूर्ण स्थानों मे सम्मिलित है जहां नेटवर्क अपेक्षित है अतः ऐसे स्थानों पर संस्थापन प्राथमिकता के आधार पर अनुमति देकर किया जायेगा;

(खं) भूमि के ऊपर तार संरचना के लिए अपेक्षित भूमि का विस्तार;

(ग) प्रस्तावित विस्थिति;

29 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई ० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

(घ) समुचित प्राधिकारी , ऐसे व्ययों का प्राक्कलन, जो अनुज्ञप्तिधारी द्वारा किए जाने वाले प्रस्तावित कार्य के परिणामस्वरूप होंगे , आवश्यक रूप से प्रस्तुत करेगा;

(ड) भूमि के ऊपर तार संरचना के स्थापन या रख रखाव के परिणामस्वरूप लोक को कारित संभाव्य असुविधा का निर्धारण और अनुज्ञप्तिधारी द्वारा उपदर्शित ऐसी असुविधा को कम करने के उपाय;

(च) केन्द्रीय सरकार, समुचित राज्य सरकार द्वारा साधारण या विशिष्ट आदेश के माध्यम से भूमि के ऊपर तार संरचना बिछाने के स्थापन या रखरखाव से सहबद्ध या संबंधित, अधिनियम और दिशानिर्देशों के उपबंधों से संगत कोई अन्य मामला ।

12.2 जहां भूमि के ऊपर तार संरचना की स्थापना, अचल संपत्ति जिस पर ऐसी भूमि के ऊपर तार संरचना का स्थापन किया गया है , समुचित प्राधिकारी के नियंत्रण या प्रबंध में निहित है , जिसका किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग किया जाना असंभाव्य है, समुचित प्राधिकारी दिशानिर्देश 11.3 में उपबंधित दरों पर आंकलित करें, दूरी पर निर्धारित अचल संपत्ति के मूल्य के लिए प्रतिकर का, या तो एक बार या वार्षिक रूप से हकदार होगा ।

12.3 समुचित प्राधिकारी दिशा निर्देश 11.1 के अधीन किये गये आवेदन की तारीख से साठ दिवसों से अनधिक की अवधि के भीतर निम्नलिखित करेगा-

(क) ऐसी शर्तों पर जिसके अंतर्गत समय , निष्पादन की रीति, लोक असुविधा में कमी करने के उपाय या लोक सुरक्षा में वृद्धि और प्रत्यास्थापित भार की संदाय , जो विनिर्दिष्ट किया जाय , भी है लेकिन इन तक सीमित न रहते हुए, अधिनियम और इन दिशानिर्देशों में उपबंधों के अधीन रहते हुए अनुज्ञा प्रदान करेगा; या

(ख) उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किये जाय , आवेदन अस्वीकार कर सकेगा, परन्तु यह कि कोई आवेदन, आवेदक अनुज्ञप्तिधारी

को ऐसी अस्वीकारी के कारणों पर सुनवाई की अवसर दिये बिना

अस्वीकार नहीं किया जायेगाः

12.4 समुचित प्राधिकारी , अनुज्ञप्तिधारी से भूमिगत तार अवसंरचना के स्थापन के लिए कोई फीस जो दिशानिर्देश 11.3 के अधीन विहित से भिन्न है , प्रभारित नहीं करेंगे ।

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[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

13.1 अनुज्ञप्तिधारी यह सुनिश्चित करेगा कि-

अनुज्ञप्तिधारी के कार्य 13 निष्पादन में कर्तव्य

(क) भूमि के ऊपर तार अवसंरचना के स्थापन और रख रखाव के प्रारम्भ होने से पहले और पूरे समय लोक असुविधा में कमी के उपाय और लोक सुरक्षा , जिसके अंतर्गत ऐसे भूमि के ऊपर तार अवसंरचना की संरचनात्मक सुरक्षा कार्यान्वित है;

(ख) भूमि के ऊपर तार अवसंरचना के स्थापन और रख रखाव का कार्य समुचित प्राधिकारी द्वारा प्रदान की गई अनुज्ञा में विनिर्दिष्ट शर्तों के अनुसरण में किया जायेगा;

(ग) टॉवर संस्थापन नीति के अनुसरण और समय- समय पर यथासंशोधित भारत सरकार अधिसूचित दिशानिर्देश दिनांकित 1 अगस्त , 2013 और डीओटी और आरओडब्लू नियम, 2016 के अनुसार होना चाहिए । अनुज्ञप्तिधारी से इसके पालन की अपेक्षा की जायेगी । इसका अनुपालन न होने पर इस सम्बंध में कार्यवाही जैसा आवश्यक समझा जाय, की जायेगी;

(घ) यदि कोई क्षतिं किसी व्यक्ति या सम्पति को संचालक द्वारा स्थापित टॉवर , मशीन कक्ष, बैटरी उपस्कर इत्यादि से हुई हो , संचालक सम्बंधित को ऐसी क्षतिपूर्ति और क्षति के समस्त कार्यों के भुगतान के स्वयं उत्तरदायी होगा और किसी सिविल या आपराधिक कार्यवाही के लिए भी उत्तरदायी होगा ।

(ड. ) किसी मामले में यदि सांविधक अपेक्षाओ का उल्लंघन किया जाता है तो अनुज्ञप्तिधारी को तीस दिन के लिए शोकाज नोटिस जारी किया जायेगा, जिस पर अनुज्ञप्तिधारी अपना स्पष्टीकरण देगा, यदि अनुज्ञप्तिधारी का स्पष्टीकरण संतोषजनक नही होता है तो टॉवर को हटाने या सील करने की कार्यवाही के अतिरिक्त दण्ड भी अधिरोपित किया जायेगा ।

समुचित प्राधिकारी 14 की कार्य के पर्यवेक्षण कीशक्ति

14.1 समुचितः प्राधिकारी, यह अभिनिश्चित करने के लिए क्या अनुज्ञप्तिधारी द्वारा दिशानिर्देश 12.3 के खण्ड (क) के अधीन अनुज्ञा प्रदान करने पर अधिरोपित शर्तों का पालन किया जाता है, भूमि के ऊपर तार अवसंरचना के स्थापन और रख रखाव का पर्यवेक्षण कर सकेगा ।

14.2 समुचित प्राधिकारी , ऐसे पर्यवेक्षण के आधार पर ऐसी अन्य युक्तियुक्त शर्त जैसा वह उचित समझे, अधिरोपित कर सकेगा ।

14.3 यदि समुचित प्राधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अनुज्ञप्तिधारी ने दिशानिर्देश 10.3 के खण्ड (क) के अधीन अनुज्ञा प्रदान करने की किसी शर्त का जानबूझकर उल्लंघन किया है, उन कारणों के लिए जो लेखबद्ध किए जाए, अनुज्ञप्तिधारी को प्रदत्त अनुज्ञा प्रत्याहृत कर सकेगा;

31 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट, 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

परन्तु यह कि इस दिशानिर्देश के अधीन कोई कार्यवाही तब तक नहीं की जायेगी जब तक अनुज्ञप्तिधारी को सुनवाई का अवसर प्रदान नहीं कर दिया जाता ।

14.4 जिला प्रशासन / राज्य सरकार के पदाधिकारियों में बिना पूर्व सूचना के सभी समयों पर स्थल का निरीक्षण करने की अधिकारिता होगी ।

अध्याय चार

समुचित प्राधिकारी के भूमिगत और भूमि के ऊपर तार अवसंरचना का

हटाया जाने सम्बन्धित अधिकार

15

समुचित प्राधिकारी का हटाया जाना चाहने , इत्यादि का अधिकार

15.1 जहां समुचित प्राधिकारी उन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जो उस समुचित प्राधिकारी के नियंत्रण या प्रबंध में निहित या उसके अधीन किसी अचल संपत्ति के अधीन, उस पर, उसके साथ उसके सामने , उसमें या उसके ऊपर किसी भूमिगत या भूमि के ऊपर स्थापन से उत्पन्न हुई है , यह विचार करता है कि ऐसी तार अवसंरचना को हटाया जाना या परिवर्तित करना आवश्यक और समीचीन है वह ऐसी तार अवसंरचना का स्वामी होते हुए , अनुज्ञप्तिधारी को उसकी अवस्थिति हटाने या परिवर्तित करने हेतु लिखित रूप में नोटिस जारी करेगा ।

15.2 दिशानिर्देश 15.1 के अधीन नोटिस प्राप्त होने पर, अनुज्ञप्तिधारी तत्काल और तीस (30) दिवस की अवधि के भीतर, ऐसी तार संरचना को हटाये जाने या उसके परिवर्तन के लिए विस्तृत योजना समुचित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा ।

15.3 समुचित प्राधिकारी , दिशानिर्देश 15.2 के अधीन अनुज्ञप्तिधारी द्वारा प्रस्तुत विस्तृत योजना की परीक्षा के पश्चात ऐसा आदेश जैसा वह उचित समझे , पारित करेगाः

परन्तु यह कि समुचित प्राधिकारी, ऐसी तार अवसंरचना के हटाये जाने या परिवर्तित के जाने के लिए अपेक्षित आपातिक और समीचीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए , ऐसी तार अवसंरचना को हटाने या परिवर्तित करने के लिए अनुज्ञप्तिधारी को नब्बे (90) दिवसों से अन्यून युक्तियुक्त समय देगाः

परन्तु यह और कि उत्तरदायित्व और दायित्व जिसके अंतर्गत ऐसी तार अवसंरचना को हटाये जाने या परिवर्तित की लागत भी है अनुज्ञप्तिधारी द्वारा वहन की जायेगी ।

32

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1

अध्याय पांच

विद्यमान मोबाइल टॉवर इत्यादि का विनियमन

16.

विद्यमान टावर के विनियमन मोबाइल के लिए प्रकिया

16.1 जहां पूर्ववर्ती नीति / आदेशों के अधीन कोई अनुमति पूर्व से ही प्राप्त है, वह जारी रहेगी और इन दिशानिर्देशों के अंतर्गत उससे नये रूप में अनुमति लेने की आवश्यकता नही होगी ।

16.2 जहां पूर्व में ही अनुमति प्राप्त कर ली गयी है या पूर्ववर्ती आदेशों /नीतियों के अधीन प्राप्त कर ली गयी थी , वहां इन दिशानिर्देशों के अधीन नयी अनुमति की आवश्यकता नही होगी , यद्यपि समस्त विद्यमान मोबाइल टावर इत्यादि जहां समुचित प्राधिकारियों के सम्बंधित नोडल अधिकारियों द्वारा औपचारिक अनुमति जारी नही की गयी है , वहां इन दिशानिर्देशों के अधीन विहित शुल्क / अधिभार के भुगतान के पश्चात् प्ररूप 2 में यथाविनिर्दिष्ट सूचनाओं और अभिलखों के साथ आवेदन के प्रस्तुतिकरण पर विनियमन किया जायेगा । ऐसा आवदेन पत्र इस आदेश के जारी होने के छः माह के भीतर प्रस्तुत किया जायेगा, यदि कोई शुल्क पूर्व में अनुज्ञप्तिधारी द्वारा जमा की गयी है तो उसे समायोजित किया जायेगा । समय के भीतर प्रस्तुत किये गये आवेदन पत्र पर नोडल अधिकारी द्वारा आवेदन पत्र के निस्तारण होने तक किसी मोबाइल टावर के संचालन को विच्छेदित नहीं किया जायेगा ।

16.3 ऐसे मामलों में जहां आवेदन पत्र अनुमति के लिए पूर्ववर्ती शासनादेशों / नीतियों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है किन्तु कोई शुल्क या अभिलेख पूर्ववर्ती नीति के अनुसार जमा नही किये गये है और अनुमति जारी नही की गयी है तब ऐसे मामलों में अभिलेख यूकेआरओडब्लू 18 के अनुसार और / या रूपया एक हजार का प्रशासकीय शुल्क (यदि पूर्व में भुगतानित नही किया गया है) प्रस्तुत किया जायेगा और अनुमति यूकेआरओडब्लू-18 के अनुसरण में जारी की जायेगी ।

16.4अन्य सभी मामलों में जहां कोई आवेदन नही किया गया है वहां अनुज्ञप्तिधारी एक बार अवसर का प्रयोग करके प्रारूप 2 में आवेदन पत्र अभिलेखों और इस यूकेआरओडब्लू-18 के अनुसार शुल्क जमा कर इस यूकेआरओडब्लू-18 के जारी होने की तारीख से छः माह के भीतर जमा कर सकेगा और ऐसी टावर की संरचना विनियमित हो जायेगी । यदि पूर्व में शुल्क का भुगतान नही किया गया है तो एक बार की अनुमति शुल्क रूपया पांच हजार मात्र प्रति टावर अनुज्ञप्तिधारी को जमा करनी होगी । अग्रेत्तर यह कि यह एक बार की अनुमति शुल्क सभी विद्यमान टावरों को जो कि इस यूकेआरओडब्लू-18 के जारी होने के पूर्व के हैं, भुगतान करने होंगे । समय के भीतर प्रस्तुत किये गये आवेदन पत्र पर नोडल अधिकारी 33 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

द्वारा आवेदन पत्र के निस्तारण होने तक किसी मोबाइल टावर के संचालन को विच्छेदित नहीं किया जायेगा ।

टेलीकॉम संरचना की 17. सुरक्षा और बचाव

टेलीकॉम संस्थापन सम्पूर्ण जीवन के लिए संस्थापन है और मोबाईल संचार में महत्वपूर्ण संरचना है । मोबाईल संचार में किसी प्रकार के विघटन को दूर करने के लिए यह एक आवश्यकीय सेवा है ।

(क) ई.एम.एफ विकरण सम्बंधी मामलों के सम्बंध में विद्यमान एवं परिचालन आधार ट्रांसीवर स्टेशन टावरों की सीलिंग या ऐसे टावर की विद्युत का वियोजन सम्बंधित टी.ई.आर.एम. प्रकोष्ठ की सहमति के बिना बहाल नही किया जायेगा ।

(ख) भारतीय तार अधिनियम, 1885 और भारतीय दण्ड संहिता के संगत धाराओं के अधीन कठोर विधिक कार्रवाई सम्बंधित विधि और प्रवर्तन प्राधिकारियों द्वारा टेलीकॉम संरचना के जानबूझकर या असावधानी से किसी क्षति के लिए जिसके फलस्वरूप नेटवर्क संयोजिकता में व्यवधान उत्पन्न हुआ है , के विरूद्ध की जा सकेगी ।

अध्याय छः

विवादों का समाधान

अनुज्ञप्तिधारी और 18. समुचित प्राधिकारी के मध्य विवाद

18.1 इन आदेशों के परिणामस्वरूप अनुज्ञप्तिधारी और समुचित प्राधिकारी के मध्य कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो उसे डीआरओ को निर्दिष्ट किया जायेगा ।

18.2 यदि मामले केन्द्रीय नीति, नियमों या अधिनियमों या किसी विभाग से सम्बंधित हो तो विवाद समाधान अधिकारी डीआरओ ऐसे मामलों को केन्द्रीय सरकार द्वारा पदाविहित अधिकारी को विवाद के लिए निर्दिष्ट करेगा ।

18.3 केन्द्रीय सरकार पदाविहित अधिकारी साठ दिन के भीतर उसे संदर्भित विवाद को निस्तारित करेगा ।

जिला एवं राज्य 19. -स्तरीय समिति

19.1 मोबाइल टावर की स्थापना और उत्तराखण्ड राज्य में दूरसंचार बुनियादी ढांचे से संबंधित अन्य मामलों के लिए सार्वजनिक शिकायत से संबंधित मामलों से निपटने हेतु राज्य में प्रत्येक जिले और राज्य टेलीकाम समिति होगी ।

19.2 जिला टेलीकाम समितिः जिला टेलीकाम समिति नीचे उल्लिखित सदस्यों से संरचित होगी । परन्तु जिला टेलीकाम समिति के अध्यक्ष को आवश्यकतानुसार किसी भी विशेषज्ञ को सह चयन करने के लिए अधिकृत किया गया हैः 34

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई ० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

(क) जिला मजिस्ट्रेट

[भाग 1

अध्यक्ष,

सदस्य,

(ख) स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि / विकास प्राधिकरण / ऊर्जा / पुलिस / स्वास्थ्य/ लोक निर्माण विभाग/ स्वास्थ्य / बीएसएनएल-

सदस्य- सचिव ।

(ग) अपर जिला मजिस्ट्रेट –

19.3 राज्य टेलीकॉम समितिः राज्य टेलीकॉम समिति निम्नलिखित सदस्यों से संरचित होगी । परन्तु राज्य टेलीकॉम समिति के अध्यक्ष आवश्यक किसी भी दो विशेषज्ञों / अधिकारियों को सह चयन कर सकते है:

(क) अध्यक्ष,

प्रमुख सचिव / सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी-

(ख) प्रमुख सचिव/ सचिव, शहरी विकास-

(ग) सदस्य

प्रमुख सचिव / सचिव, स्वास्थ्य-

(घ) सदस्य,

प्रमुख सचिव / सचिव, ग्रामीण विकास- सदस्य,

(ड. ) प्रमुख सचिव / सचिव, राजस्व-

(च) सदस्य,

प्रमुख सचिव / सचिव, ऊर्जा

(छ) सदस्य ,

प्रमुख सचिव/ सचिव, वन

सदस्य,

(ज) प्रमुख सचिव / सचिव , लोक निर्माण

विभाग

(झ) सदस्य,

प्रमुख सचिव / सचिव, गृह

(ञ) सदस्य,

सदस्य ,

सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड-

(ट) निदेशक , आईटीडीए

19.4

सदस्य सचिव

जिला टेलीकॉम समिति / राज्य टेलीकॉम समिति बुनयादी ढांचे की स्थापना से सम्बंधित मुद्दों का निपटारे करेगी,

(क) टावरों की स्थापना आदि हेतु सार्वजनिक शिकायतें,

(ख) अनुमति या नवीनीकरण हेतु आवेदन की समय पर निपटान,

(ग ) अनुमति अस्वीकार करने हेतु शिकायतें,

(घ) अनधिकृत टावरों को जब्त/ हटाने हेतु शिकायतें,

शिकायत / शिकायतों को दाखिल करने/प्राप्त करने की तारीख से

30 दिनों के भीतर, ऐसे सभी मुद्दे / विवादों को यथासंभव बिचार/ निर्णय

लिया जायेगा ।

35 उत्तराखण्ड गजट, 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

भाग 1 ]

ऑन लाइन पोर्टल 20. सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक विभाग , उत्तराखण्ड सरकार के अधीन किसी एक अभिकरण से, इन नियमों के जारी होने की तारीख से एक वर्ष के भीतर ऑन लाईन पोर्टल को तैयार और अनुरक्षित करने की अपेक्षा कर सकेगा । ऑन लाइन आवेदन उसके स्थानीय विकास प्राधिकारियों के माध्यम से पोर्टल के द्वारा अपेक्षित अनुमोदन के लिए भेजे जायेंगे ।

20.1 सभी अनुमोदन अभिकरणों अर्थात स्थानीय प्राधिकारियों/ विभागों से पोर्टल की पहुंच होगी ।

20.2 प्रत्येक आवेदन के लिए एक विशिष्ट संदर्भ संख्या होगी जो कि उससे सम्बंधित सभी संचारों के लिए वैद्य होगी ।

20.3 पोर्टल में शिकायत निवारण संयंत्र, भारत सरकार की वैबसाइट निर्देश, समर्पित सहायक संख्या, एफएक्यू सरकारी आदेश आदि से सम्बंधित सूचनाएं होंगी ।

20.4 टावर अनुरोध के बाह्य / पुनर्भावंटन/ सटडाउन से सम्बंधित आवेदन पोर्टल के माध्यम से ही प्रकिया में लिये जायेंगे ।

20.5 पोर्टल से एमआईएस रिपोर्ट का प्रयोग आवेदन की प्रगति के सम्बंध में मापने के लिए किया जा सकेगा ।

20.6 त्रैमासिक एमआईएस रिपोर्ट यथा नीचे परिभाषित दोनों समितियों को भेजी जायेंगी ।

20.7 पोर्टल के अन्य भाग इसमें सम्मिलित होंगेः

(क ) आरओडब्लू की अनुमति के लिए आवेदन का प्रस्तुतिकरण समस्त उत्तराखण्ड राज्य में किया जा सकेगा ।

(ख) अनुमोदन प्रक्रिया के लिए कार्य ।

(ग) प्रत्येक प्रस्तुत आवेदन पत्र में उसकी विशिष्ट संदर्भ संख्या होगी ।

(घ) आवेदन से सम्बंधित सभी सहायक अभिलेख आवेदक द्वारा ऑन लाइन अपलोड किये जायेंगे ।

(ड) आवेदन की स्थिति के सम्बंध में एसएमएस / ई- मेल अलर्ट ।

(च) किसी प्रकार की वित्तीय व्यवस्था यथा भुगतान इत्यादि के लिए अपेक्षित शुल्क का प्रस्तुतिकरण पोर्टल के साथ समेकित किया जायेगा ।

36

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1

प्रारूप 1

(दिशानिर्देश 6.1 देखें)

भूमिगत टेलीकॉम संरचना ऑप्टीकल फाइबर के बिल स्थापन के लिए अनुमति /नवीनीकरण/नियमितिकरण की अनुमति के लिए आंवेदन

सेवा में,

नोडल अधिकारी ,

क अनुज्ञप्तिधारी आवेदक का विवरण

1. अनुज्ञापत्र/ पंजीकरण प्रमाण पत्र का विवरण

2. रजिस्ट्रार / अनुज्ञप्तिधारी का नाम

3. पंजीकृत पता

4. उत्तराखण्ड परिक्षेत्र कार्यालयी पता

5. प्राधिकृत व्यक्ति का नाम तथा पद

6. प्राधिकृत व्यक्ति का फोन / मोबाइल नम्बर

7. ई-मेल

ख प्रस्तावित कार्य को रखे जाने का विवरण

1. प्रस्तावित कार्य की लम्बाई इत्यादि

2. प्रस्तावित कार्य हेतु मार्ग योजना

3: प्रस्तावित कार्य की प्रकृति

4. प्रस्तावित कार्य की निष्पादन हेतु कार्यप्रणाली

5. वार्ड संख्या, कालोनी इत्यादि सहित स्थल का विवरण

6. शहर / नगर / गांव, तहसील तथा जिला

ग ज़मा शुल्क और प्रभार का विवरण

घ संलग्नक अभिलेखों की सूची

क्या संलग्न है ? ( हां / नही) एक केन्द्रीय सरकार द्वारा सम्बंधित अनुज्ञा / रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र की प्रति स्वीकृत

दो भूमि की प्रकृति निश्चित लम्बाई और चौडाई, पथ योजना सहित भूमिगत या भूमि के ऊपर ओएफसी / तार संरचना का विवरण दर्शाते हुए स्थल नक्शा

तीन ( भूमि के ऊपर की केबिल के मामले में) पोस्ट या अन्य उपर्युक्त भूमि संगत के तकनीकी आरेखण और आलेखन का विवरण

ड. प्रस्तावित कार्य के लिए अन्य सूचनाएं

एक जहां ओएफसी / तार संरचना को बिछाने का कार्य प्रस्तावित है, की भूमि या भवन या संरचना का विवरण 37 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

दो कार्य के निष्पादन के लिए रीति और समयावधि

तीन दिवस का समय जब कार्य को पूरा करना सम्भावित हो । आवेदक के मामले में दिवस के विशिष्ट समय के दौरान कार्य किये जाने की सम्भावना

चार लोगों के कारण होने वाली असुविधा और असुविधा को दूर करने के लिए उठाये जाने वाले विशिष्ट कदम

पांच कार्य के सम्पादन के दौरान लोक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित विशिष्ट कदम

छः विज्ञान प्रौद्योगिकी, राज्य सरकार या स्थानीय निकाय के किसी आदेशों के अधीन अपेक्षित कोई अन्य सूचना

घोषणा

1- मैं एतदद्वारा यह घोषणा करता हूँ कि मैने नीति को भलिभाति पढ़ लिया है । मैं उसमें उल्लिखित शर्तों और निबंधनों को पूर्ण रूप से पालन करूंगा ।

2- मैं यह समझता हूँ कि यह आवेदन पत्र किसी भी रूप में पूर्ण नही पाया जाता है और / या किन्हीं शर्तों के अधीन पाया जाता है या प्रक्रिया शुल्क जमा नही है तो वह सरसरी तौर पर खारिज कर दिया जायेगा ।

3- मैं यह समझता हूँ कि प्रक्रिया शुल्क अप्रतिसंदेह है या किसी अन्य मामले में उसे वापस लिये जाने की मुझे अनुज्ञा नही होगी ।

मैं घोषणा करता हूं कि यदि किसी समय मेरे द्वारा दी गयी उपर्युक्त कोई सूचना या किया गया कार्य त्रुटिपूर्ण या गलत होगा तो मेरा आवेदन पत्र खारिज करने योग्य होगा और उक्त सूचना/ अभिलेखों के आधार पर दी गयी कोई अनुज्ञा निरस्त / खारिज करने योग्य होगी ।

प्राधिकृत हस्ताक्षरी का हस्ताक्षर और नाम सील सहित

स्थानः

दिनांकः 38

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

प्रारूप 2

(दिशानिर्देश 11.1 देखें)

भूमि के ऊपर टेलीकॉम संरचना स्थापन के लिए अनुमति / नवीनीकरण / नियमितिकरण की अनुमति के लिए आवेदन

सेवा में ,

नोडल अधिकारी ,

क. अनुज्ञप्तिधारी आवेदक का विवरण

1. अनुज्ञा / रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र का विवरण

2. अनुज्ञप्तिधारी / रजिस्ट्री धारक का नाम

रजिस्टर्ड पता

3.

उत्तराखण्ड परिक्षेत्र कार्यालयी पता

4.

5. प्राधिकृत व्यक्ति का नाम और पद

6. प्राधिकृत व्यक्ति का फोन / मोबाईल नम्बर

ई मेल

7.

ख. प्रस्तावित स्थापना के ऊपरी सतह या पोस्ट की प्रकृति/टावर

ग. अपेक्षित भूमि का विस्तार (आकार और क्षेत्रफल मीटर में)

घ. भूमि के स्थल का विवरण और प्रस्तावित स्थल

2. प्रस्तावित स्थल का कुल लम्बाई और चौड़ाई

भवन और प्रस्तावित स्थल की संरचना का विवरण

ड.

1. भवन /संरचना का नाम

भवन की ऊंचाई और तल

2.

3. भवन /संरचना का क्षेत्र

4. भवन / संरचना का पूर्ण पता

5. प्रस्तावित स्थल का कुल लम्बाई और चौड़ाई

च. भूमि या भवन के स्वामी का नाम और पता

छ. अन्य सम्बंधित सूचनाएं

1 कार्य के निष्पादन के लिए रीति और समयावधि

2 लोगों के कारण होने वाली असुविधा और असुविधा को दूर करने के लिए उठाये जाने वाले विशिष्ट कदम

3 कार्य के सम्पादन के दौरान लोक सुरक्षा सुनिश्चित करने

आर० के० सुधांशु,

सचिव ।

पी० एस ०यू० (आर० ई० ) 03 हिन्दी गजट / 04 - भाग 1-2019 ( कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की।

पंजीकरण संख्या- यू० ए० / डी० ओ० /डी०डी०एन ० / 30 /2018-2020

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार , दिनांक 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

भाग 1 - क

नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

December 19, 2018

No. 377 /XIV/ 38 /Admin.A/2008 -Ms . Anita Gunjiyal , Civil Judge ( Sr. Div. ) , Roorkee , District Hardwar is hereby sanctioned earned leave for 26 days w.e.f. 12.11.2018 to 07.12.2018 with permission to prefix 10.11.2018 & 11.11.2018 as public holidays and suffix 08.12.2018 & 09.12.2018 as public holidays .

NOTIFICATION

December 19, 2018

No. 378 /XIV - a -32 /Admin.A/ 2016-Ms . Aishwarya Bora , Judicial Magistrate - l , Rudrapur, District Udham Singh Nagar is hereby sanctioned medical leave for 39 days w.e.f. 23.10.2018 to 30.11.2018.

By Order of Hon'ble the Administrative Judge,

Sd/-

Registrar ( Inspection) .

NOTIFICATION

December 19, 2018

No. 379 /UHC /Admin.A/ 2018 -Sri Bhupendra Singh Shah , 5th Additional Civil Judge ( Jr. Div. ) , Dehradun istransferred - and-posted-as-Civil-Judge (Jr. Div. ) , Narendra -Nagar, District Tehri Garhwal-in-the-vacant Court .

Theorder will come into force with immediate effect .

25-ख 26

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

NOTIFICATION

December 21 , 2018

No. 380/UHC/Admin.A/2018 -Sri Alok Kumar Verma , Principal Secretary ( Law) -cum - L.R . , Government ofUttarakhand is repatriated and posted as District & Sessions Judge , Dehradun in the vacant Court .

Heisdirected to take charge of his new assignment in the forenoon of 02.01.2019.

By Order of the Court , Sd/- PRADEEP PANT, Registrar General .

NOTIFICATION

December 22, 2018

No. 381 /XIV/ 86 /Admin.A/ 2003 - Sri Mahesh Chandra Kaushiwa , Judge , Family Court , Udham Singh Nagar ishereby sanctioned medical leave for 18 days w.e.f. 11.10.2018 to 28.10.2018 .

By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,

Sd/-

Registrar ( Inspection) .

कार्यालय राज्य कर आयुक्त , उत्तराखण्ड

(विधि-अनुभाग)

22 दिसम्बर , 2018 ई ०

ज्वाइण्ट कमिश्नर (कार्य ० ) , राज्य कर,

देहरादून / हरिद्वार / रुड़की / रुद्रपुर/ हल्द्वानी सम्भाग ।

पत्रांक 7378 / रा 0 कर आयु ० उत्तरा० / रा ० क० मु ० / विधि- अनुभाग / 18-19 / देहरादून - उत्तराखण्ड शासन , वित्त अनुभाग 8 द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 1152/2018/5 ( 120 ) / XXVII (8 ) / 2018/ CT-61 , दिनांक 21.12.2018 का सन्दर्भ ग्रहण करें , जिसके द्वारा अधिसूचना संख्या 858 , दिनांक 27 सितम्बर, 2018 में संशोधन किया जाना अधिसूचित किया गया है ।

उपरोक्त अधिसूचना की प्रति इस आशय से प्रेषित है कि उक्त की अतिरिक्त प्रतियाँ कराकर अपने अधीनस्थ समस्त कर निर्धारण अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों / व्यापारी संगठनों के अध्यक्ष / सचिव को सूचनार्थ उपलब्ध कराने तथा आदेश की प्रति अधीनस्थ कार्यालयों को उपलब्ध कराते हुए नियमानुसार कार्यवाही कराया जाना सुनिश्चित करें ।

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्) 27 भाग 1 - क]

वित्त अनुभाग -8

अधिसूचना

21 दिसम्बर , 2018 ई ०

संख्या 1152/2018/5 (120 ) / XXVII (8) / 2018 / CT- 61-चूँकि, राज्य सरकार का समाधान हो गया है कि लोकहित में ऐसा करना समीचीन है;

अतएव, अब , राज्यपाल , उत्तराखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम संख्या 06 , वर्ष 2017 ) , की धारा 51 सपठित उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (अधिनियम संख्या 1 , वर्ष 1904) (उत्तराखण्ड राज्य में यथाप्रवृत्त ) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , परिषद् की सिफारिशों पर, उत्तराखण्ड शासन द्वारा जारी एवं यथासंशोधित अधिसूचना संख्या 858/2018/16 (120) / 2018 /XXVII (8) / 2018 / CT-50, दिनांक 27 सितम्बर , 2018 (जिसे इस अधिसूचना में इसके पश्चात् उक्त अधिसूचना कहा गया है) में , निम्नलिखित अग्रेत्तर संशोधन करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं; अर्थात्-

उक्त अधिसूचना के परंतुक के पश्चात् निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्-

' परन्तु यह और कि इस अधिसूचना की कोई बात किसी पब्लिक सेक्टर उपक्रम से किसी अन्य पब्लिक सेक्टर उपक्रम में , चाहे वह सुभिन्न व्यक्ति हो या न हो , माल या सेवाओं या दोनों की पूर्ति पर 01 अक्टूबर , 2018 से लागू नहीं होगी ।"

आज्ञा से, अमित सिंह नेगी, सचिव ।

Inpursuance of the provisions of clause ( 3 ) ofArticle 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of the Notification No. 1152/2018/5 ( 120 )/ XXVII ( 8 )/ 2018 /CT- 61 , dated December 21 , 2018 for general information .

NOTIFICATION

December 21 , 2018

No. 1152/2018/5 ( 120 ) / XXVII ( 8 ) / 2018/ CTR - 61 -- WHEREAS the State Government is satisfied that it is expedient so to do in public interest ;

NOW THEREFORE , in exercise of the powers conferred by Section 51 of the Uttarakhand Goods and Services Tax Act , 2017 ( Act No. 06 of 2017) read with Section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act , 1904 (Act no . 1 of 1904 ) ( as applicable in the State of Uttarakhand ) , on the recommendations of the Council , theGovernor is pleased to allow to make the following further amendment in the notification no . 858 /2018/ 16 ( 120 ) /XXVII ( 8 )/2018 /CT-50 , dated September 27, 2018 ( hereafter in this notification referred to as the said notification ) issued and as amended by government of Uttarakhand;

namely:-- Inthe said notification , after the proviso , the following proviso shall be inserted , namely: --

"Provided further that nothing in this notification shall apply to the supply of goods or services or both from a public sector undertaking to another public sector undertaking, whether ornot a distinct person ,with effect from the 1st day of October, 2018. "

ByOrder, AMIT SINGH NEGI , Secretary.

विपिन चन्द्र, अपर आयुक्त राज्य कर मुख्यालय , देहरादून ।

28

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी, 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

कार्यालय उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी , टनकपुर (चम्पावत)

कार्यालयादेश

29 अक्टूबर , 2018 ई ०

पत्रांक 1048 निलम्बन / 2016- निम्नलिखित चालकों के चालन अनुज्ञप्ति का निलम्बन तीन माह हेतु वाहन दुर्घटनाओं पर नियन्त्रण एवं जनसुरक्षा को दृष्टिगत ओवरलोडिंग व शराब पीकर वाहन चलाना आदि अभियोगों में संलिप्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानानुसार अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया जाता है:-

अभियोग निलम्बन अवधि संस्तुतिकर्ता अधिकारी

लाइसेन्स संख्या / श्रेणी एवं वैधता

लाइसेन्स धारक का नाम व पता

1

29.10.2018 से 28.01.2019 अल्मोड़ा टीआई दन्या नशे की हालत में वाहन का संचालन । ।

UK-0320090009695 मोटरसाइकिल, हल्का मोटर यान (NT), TRANS , TR वैधता 02.07.2021 लाल नाथ पुत्र खीम नाथ निवासी खरही पो० भिंग राड़ा तह ० पाटी जिला चम्पावत ।

2 महेन्द्र सिंह पुत्र सुन्दर सिंह निवासी ग्राम मंच बकोड़ा जिला चम्पावत ।

अधिक सवारी । क्षमता से

29.10.2018 से 28.01.2019 प्रवर्तन दल टनकपुर ।

UK- 03200110006102 मोटर साइकिल, हल्कामोटर वाहन NT; TRANS TR PSV BUS TR वैधता 07.03.2019

3 दीप नारायाण चौधरी पुत्र नभीर प्रसाद थारू निवासी दधर्कछी रूपन देही नेपाल।

उपरोक्तानुसार । 29.10.2018 से 28.01.2019 प्रवर्तन दल टनकपुर ।

DL no 7-120932 मोटरसाइकिल, हल्का मोटर वाहन NT; LMVCAB [ TR ] , PSV BUS TR वैधता मिति 14.11.2077

4 मनसुख पुत्र हरपाल सिंह निवासी बदली टांडा रामपुर जिला रामपुर उ० प्र ०

उपरोक्तानुसार

29.10.2018 से 28.01.2019 क्षमता से अधिक सवारी ।

UK0320150028093 मोटरकिल विद गियार, एल एम वी (NT) , TRANS TR ] PSV BUS TR वैधता। 29.08.2021

5

उपरोक्तानुसार

29.10.2018 से 28.01.2019 क्षमता से अधिक भार ।

UK- 0420000104320 मोटरसाइकिल, हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR ; PSV BUS TR वैधता 24.04.2019

ओम प्रकाश पुत्र जसवंत सिंह निवासी बुधियावाला जसपुर ऊ० सिं० नगर ग्राम

6

उपरोक्तानुसार

29.10.2018 से 28.01.2019 भार वाहन में सवारी ।

UP- 3120170008263 हल्कावाहन, मो. साइकिल (NT) वैधता 27.07.2037

ओम प्रकाश पुत्र राम लखन निवासी ग्राम बुधनापुर महेवा पो० महेवागंज लखीमपुर खीरी

उपरोक्तानुसार । 29.10.2018 से उपरोक्तानुसार

28.01.2019 7 धरमबीर सिंह पुत्र UP- 2120150017038 गोपाल सिंह निवासी हल्का वाहन, मो.साइकिल (NT)

77 ग्राम समथल TRANS TR, वैधता

25.11.2035-

मुरादाबाद उ०प्र० ।

भाग 1-क]

29

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

कार्यालयादेश

30 अक्टूबर, 2018 ई ०

पत्रांक 1049 निलम्बन / 2016-निम्नलिखित चालकों के चालन अनुज्ञप्ति का निलम्बन तीन माह हेतु , वाहन दुर्घटनाओं पर नियन्त्रण एवं जनसुरक्षा को दृष्टिगत ओवरलोडिंग व शराब पीकर वाहन चलाना आदि अभियोगों में संलिप्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानानुसार अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया जाता हैः-

लाइसेन्सधारक का नाम व पता

अभियोग

संस्तुतिकर्ता अधिकारी

लाइसेन्स संख्या / श्रेणी

एव वैधता

2

1

3

1. श्री खत्री राम पुत्र श्री मनी राम, निवासी ग्राम बडाना , पो० पौन्टा साहिब , जिला सिमौर, हिमांचल प्रदेश

निलम्बन अवधि

4

5

6

टीआई , बनबसा क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

HP17-19950020823, वैधता 07.10.2019 मोटर साइकिल विद गियर, TRANS PSV BUS TR,

2. श्री अमरोज अहमद पुत्र श्री शकील अहमद, निवासी ग्राम बनबसा, पो० चंदनी, जिला चम्पावत

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0320170039140, मोटर साइकिल , हल्का मोटर वाहन , NT; TRANS PSV BUS TR , वैधता 14.11.2037

उपरोक्तानुसार भार वाहन में सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UP-2219929212384, हल्का मोटर वाहन, NT; TRANS [ TR] , वैधता 01.02.2019 3. श्री सलीम मैन पुत्र श्री छोटे मैन , निवासी म० नं0 78, घेरतोगा, रामपुर

UP- 252007437933, एल एम वी ( NT) , TRANS [TR] , वैधता 17.08.2021 4. श्री अमन कपूर पुत्र श्री नरेन्द्र कपूर, निवासी 183 , कटरा, राय बड़ा बाजार , बरेली

5. मौ० इकराम पुत्र इब्राहिम, निवासी गोंटिया, पो० व तह० खटीमा, ऊ०सिं० नगर

उपरोक्तानुसार क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

उपरोक्तानुसार खतरनाक संचालन

30.10.2018 से 29.01.2019

UK - 0620100025072, मोटर साइकिल , हल्का वाहन (NT) ; TRANS [TR] , वैधता 22.01.2019

उपरोक्तानुसार क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UP32-19880011362, हल्का वाहन ( NT) , TRANS [ TR ] , वैधता 22.12.2020 6. श्री रमेश कुमार पुत्र श्री दशरथ प्रसाद , निवासी ग्राम माल , मलीहाबाद, लखनऊ

7. श्री सोनू पुत्र श्री शिव दयालउ, निवासी 474 , तिलक नगर, सुभाष नगर, बरेली, उ०प्र०

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UP- 2520040014266 , हल्का वाहन , मो ० साइकिल (NT) , TRANS TR , PSV, BUS TR, वैधता 15.10.2020

8. श्री दीपक सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह, निवासी सैन्दर्क, चम्पावत

उपरोक्तानुसार दक्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UK-0320180002811, मोटर साइकिल विद गियर, हल्का मोटर वाहन (NT) ; वैधता 26.09.2038

9. श्री हरि नंदन पुत्र श्री राम चन्द्र, निवासी नवाब गंज , लम्बाखेड़ा तालिब हुसैन, बरेली

उपरोक्तानुसार क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UP -2520020012826 , हल्का वाहन (NT); LMV CAB TR , TRANS (TR) PSV BUS TR, वैधता 26.04.2019 30

उत्तराखण्ड गजट, 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

3

2

1

10.

[भाग 1 -क

6 4

5

क्षमता से अधिक सवारी

टीआई , लोहाघाट

30.10.2018 से 29.01.2019

UK - 0320050001041, मोटर साइकिल , हल्का वाहन (NT) , TRANS ( TR) , वैधता 09.08.2019 श्री नरेश सिंह पुत्र श्री नाथ सिंह निवासी रायकोट महर पाटन , लोहाघाट, चम्पावत

11.

टीआई, पंचेश्वर क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UK -0320080005654, मोटर साइकिल, हल्का मोटर वाहन ( NT) , TRANS TR, वैधता 12.05.2021 श्री नरेश चंद पुत्र श्री प्रेम चंद, निवासी ग्राम डुंगरालेटी, मडलक

12. श्री किशन चंद राजपूत पुत्र श्री लाली चंद , निवासी पासम, लोहाघाट, चम्पावत

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0319900006793, मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन ( NT ) ; LMV CAB TR , LMV GV TR , वैधता 01.05.2020

13. श्री कुंदन सिंह सामंत पुत्र श्री मान सिंह , निवासी थारकोट, जिला पिथौरागढ़

टीआई , चम्पावत खतरनाक संचालन

30.10.2018 से 29.01.2019

UK - 0419970093282 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन ( NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 27.09.2020

14. श्री मनोज सिंह चौधरी पुत्र श्री गोपाल सिंह चौधरी , निवासी डुंगरासेटी, चम्पावत

उपरोक्तानुसार नशे में वाहन का संचालन

30.10.2018 से 29.01.2019

UK -0320120010183, मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन ( NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधत्ता 09.05.2032

15. श्री किशोर कुमार पुत्र श्री सुरेश चन्द्र जोशी, निवासी धूरा , तह० पूर्णागिरी , टनकपुर, चम्पावत्त

टीआई, चल्थी क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UK - 0320110004471 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT ) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 04.07.2019

16. श्री हजारी चंद पुत्र श्री तारा चंद, निवासी डुंगरालेटी, थाना रौसाल , जिला चम्पावत

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0320120011 , मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR, PSV BUS TR , वैधत्ता 31.03.2021.

17. श्री कुंदन सिंह पुत्र श्री लाल सिंह, निवासी गोली, पो० बिरगुल, चम्पावत

टीआई, टनकपुर क्षमता से अधिक भार

30.10.2018 से 29.01.2019

UK -0320050012455, मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन ( NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 09.05.2022

18.

टीआई, टनकपुर क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UK - 0320170035388 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन NT, वैधता 10.04.2037 श्री सत्तविन्दर सिंह पुत्र श्री करमवीर सिंह, निवासी बोरागोठ , पो० व तह० टनकपुर, चम्पावत

19.

टीआई, टनकपुर

UK- 0419890112781, मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन ( NT ) ; TRANS

श्री खीम सिंह पुत्र श्री गंगा सिंह , निवासी चौकनी. जिला पिथौरागढ़

30.10.2018 से 29.01.2019

नशे की हालत में वाहन का संचालन

TR , PSV BUS TR ,

वैधता 25.07.2019

20. श्री कुंदन सिंह पुत्र श्री चंचल सिंह, निवासी गैंडाखाली, टनकपुर, चम्पावत

टीआई, टनकपुर क्षमता से अधिक -सवारी-

30.10.2018 से 29.01.2019

UK - 0320060013363 , मोटर साइकिल-विद-गियर, हल्का वाहन ( NT) ; TRANS TR , LMV GV TR , वैधता 06.12.2018 भाग 1 -क]

31

उत्तराखण्ड गजट, 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

3 1

2

21. श्री प्रदीप कुमार पुत्र श्री लालता प्रसाद, निवासी पकड़िया नौगांव, थाना सुनगढ़ी, पीलीभीत

6 4

5

टीआई , टनकपुर क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UP - 2620120000127 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT ) ; TRANS TR , वैधता 15.02.2020

22. श्री मुकेश पुत्र श्री मदन सिंह, निवासी नायकगोठ , टनकपुर, चम्पावत

टीआई, टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

वैधता 12.12.2018 UP - 0320050006293 , मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन ( NT) ; TRANS TR ,

23. श्री हेमंत सिंह पुत्र श्री गोविंद सिंह, निवासी गैंडाखाली, टनकपुर, चम्पावत

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK -0320010015277 , मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 11.03.2021

24. श्री सुनील कुमार पुत्र श्री त्रिलोक सिंह , निवासी उँचौलीगोठ, टनकपुर, चम्पावत

टीआई, टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK -0320160029980 , मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 17.07.2020

25. श्री नारायण सिंह पुत्र श्री चंदन सिंह, निवासी उँचौलीगोठ, टनकपुर, चम्पावत्त

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK0320120012001 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 24.01.2021

26. श्री छोटे पुत्र श्री शादिक , निवासी रेलवे वार्ड नं0 10, टनकपुर, चम्पावत

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK -0320150027421 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 13.09.2021

27. श्री उमेश पुत्र श्री ओमपाल , निवासी , वार्ड नं0 4, टनकपुर, चम्पावत

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0320150027821 , मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन (NT) ; वैधता 18.11.2035

28. श्री महेन्द्र सिंह महर पुत्र श्री अमर सिंह महर , निवासी ऊँचौलीगोठ, टनकपुर, चम्पावत

टीआई, टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0320150026716, मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधत्ता 26.10.2020

29. श्री दीपक पुत्र श्री राम प्रसाद, निवासी वार्ड नं0 3, टनकपुर, चम्पावत

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0420040587458 , मोटर साइकिल विद गियर, हल्का वाहन (NT) ; LMV CAB TR , वैधता 02.12.2030

30.

टीआई, टनकपुर

30.10.2018 से

भार वाहन में सवारी

UK- 0320110033986 , मोटर साइकिल विद गियर ,

श्री हेमंत कुमार पुत्र श्री प्ररन लाल , निवासी मल्ला

हल्का वाहन ( NT) ;

बापरू , लोहाघाट, जिला चम्पावत

29.01.2019

TRANS TR , PSV BUS TR,

वैधता 15.03.2020

31.

टीआई , टनकपुर क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0320160031096 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT) , वैधता 28.06.2036 श्री- अमित राठौर पुत्र श्री टीकाराम, निवासी वार्ड नं0 1 शारदाचुंगी कोतवाली, टनकपुर, चम्पावत 32

[भाग 1 -क

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

3 1

2

32. श्री राहुल श्रीवास्तव पुत्र श्री अनिल श्रीवास्तव, निवासी रोडवेज कॉलोनी, टनकपुर, चम्पावत

4

5

6

टीआई , टनकपुर क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UK -0320120009328 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR, PSV BUS TR , वैधता 19.02.2021

33. श्री पंकज कुमार पुत्र श्री भूपाल राम, निवासी ग्राम पट्टी पुरान , पिथौरागढ़

UK- 0520110005332, मोटर साइकिल, हल्का वाहन (NT) ; LMV CAB TR, वैधता 27.12.2020

34. श्री ओम प्रकाश शर्मा पुत्र श्री राम स्वरूप, निवासी खेतीखान रोड, चम्पावत

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

टीआई , टनकपुर क्षमता से अधिक भार

30.10.2018 से 29.01.2019

UK -032010001433 , मोटर साइकिल विद गियर, हल्कावाहन (NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 07.06.2020

35.

टीआई , बनबसा खतरनाक संचालन

30.10.2018 से 29.01.2019

(NT) , UK- 0320170034783 , मोटर साइकिल विद गियर वैधता 05.03.2037 श्री राजेन्द्र सिंह बोरा पुत्र श्री ललित मोहन बोरा, निवासी चंद फार्म, बनबसा , पो० चंदनी, चम्पावत

36.

टीआई , टनकपुर क्षमता से अधिक सवारी

30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0320090000039, मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT) ; TRANS TR, वैधता 16.12.2018 श्री चंदन सिंह पुत्र श्री दलीप सिंह, निवासी गैंडाखाली, वार्ड नं0 3 , टनकपुर, चम्पावत

37.

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK-0320010001725, हल्का मोटर वाहन (NT) ; TRANS TR , PSV BUS TR , वैधता 04.07.2019 श्री जगदीश चंद्र भट्ट पुत्र श्री गंगादत्त भट्ट, निवासी बजौन धौन, चम्पावत

38.

टीआई , टनकपुर उपरोक्तानुसार 30.10.2018 से 29.01.2019

UK- 0320170034522 , मोटर साइकिल विद गियर , हल्का वाहन (NT ) , वैधता 20.02.2037 श्री प्रवीन सिंह पुत्र श्री कुदन सिंह , निवासी मल्ला खतेड़ा, लोहाघाट, चम्पावत

रश्मि भट्ट, लाइसेसिंग अथॉरिटी, टनकपुर , चम्पावत ।

कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , रूद्रप्रयाग

आदेश

19 नवम्बर , 2018 ई ०

सन्दर्भ संख्या 774 / प्रवर्तन/ लाइसेन्स / 2018 - मा ० सर्वोच्च न्यायालय के अधीन गठित सड़क सुरक्षा समिति के संख्या 05 / 2014 / सी० ओ ० आर० एस ० पार्ट-3 , दिनांक 18.08.2015 , सन्दर्भ संख्या 05 / 2014 / सी ० ओ ० आर ० एस०-पार्ट-3 ,

विदित

दिनांक 17.11.2015 के अनुपालन में , मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने के अभियोग में वाहनों के चालान कर, वाहन चालकों के लाइसेंस के विरूद्ध कार्यवाही की संस्तुति की गई है । अतः दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने व जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइसेन्सिंग अधिकारी , रूद्रप्रयाग के रूप में , मैं , मोहित कुमार कोठारी , मोटर वाहन अधिनियम , 1988 की धारा -19 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , अग्रसारित चालकों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलम्बित करता हूँ:-

भाग 1 -क]

33

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

चालक का नाम व पता

अभियोग

डी० एल ० संख्या व वैधता

क्र० सं०

चालानकर्ता प्रवर्तन अधिकारी

निलम्बन अवधि

ARTO, RUDRAPRAYAG

19.11.2018 से 18.02.2019 ओवर लोड सवारी (भार वाहन)

UK- 12 2008 0010874, VALIDITY( NT) - 15.02.2033 , VALIDITY(T) - 09.06.2019 श्री रणजीत सिंह, 1. श्री अर्जुन सिंह पुत्र ग्राम कोठार पट्टी, इडवालसयूं, जनपद पौड़ी गढ़वाल-246001

2. श्री शंकर नाथ गोस्वामी पुत्र श्री कल्याण नाथ गोस्वामी, कोर्णक ट्रेवेल्स शिव मूर्ति, हरिद्वार

ARTO, RUDRAPRAYAG

19.11.2018 से 18.02.2019 ओवर लोड सवारी (यात्री वाहन)

UK- 0819910100381, VALIDITY( NT) - 07.07.2020, VALIDITY(T) - 17.02.2019

3. श्री वीरबल पुत्र श्री वेदराम , ग्राम अल्लीपुर खादेर हसनपुर, ज्योतिबा फूले नगर-244241 , अमरोहा (उ०प्र०)

ARTO, RUDRAPRAYAG

19.11.2018 से 18.02.2019 ओवर लोड सवारी (भार वाहन)

UP-2320120006502, VALIDITY (NT) - 04.06.2032, VALIDITY(T)- 15.10.2021

आदेश

16 दिसम्बर , 2018 ई ०

संख्या 849 / प्रवर्तन/ लाइसेन्स / 2018- मा० सर्वोच्च न्यायालय के अधीन गठित सड़क सुरक्षा समिति के सन्दर्भ संख्या 05 / 2014 / सी० ओ ०आर०एस ० पार्ट-3, दिनांक 18.08.2015 , सन्दर्भ संख्या 05 / 2014 / सी० ओ ० आर०एस०- पार्ट-3 , दिनांक 17.11.2015 के अनुपालन में, मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने के विदित अभियोग में वाहनों के चालान कर, वाहन चालकों के लाइसेंस के विरूद्ध कार्यवाही की संस्तुति की गई है । अतः दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने व जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइसेन्सिंग अधिकारी , रूद्रप्रयाग के रूप में , मैं , मोहित कुमार कोठारी , मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा -19 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , निम्न चालकों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलम्बित करता हूँ:-

चालक का नाम व पता डी०एल० संख्या व वैधता

क्र० सं०

1. श्री जहांगीर आलम पुत्र श्री असलुव अहमद, 84, गुलाब नगर, रुड़की , हरिद्वार-247667

अभियोग

चालानकर्ता प्रवर्तन अधिकारी

निलम्बन अवधि

ARTO, RUDRAPRAYAG

16.12.2018 से 15.03.2018 ओवर लोड सवारी (भार वाहन)

UK -08 2009 0017354 , VALIDITY( NT) - 26.06.2029, VALIDITY(T) - 17.05.2019

2. श्री सागर छेत्री पुत्र श्री राम बहादुर, 196, ईश्वर विहार, देहरादून-248001

ARTO, RUDRAPRAYAG

16.12.2018 से 15.03.2018 ओवर लोड सवारी, (भार वाहन)

UA - 0720090082289 , VALIDITY( NT) - 17.07.2029, VALIDITY(T)- 15.05.2021

ARTO, RUDRAPRAYAG

UK- 1320160010468, VALIDITY(NT)- 29.09.2036 3. श्री सुरेश कुमार पुत्र श्री प्रेम लाल, ग्राम चौरा जनपद रुद्रप्रयाग -246171

4. श्री आनंद सिंह पुत्र श्री वीपेन्द्र सिंह,

16.12.2018 से 15.03.2018 ओवर लोड सवारी (यात्री वाहन)

ARTO, RUDRAPRAYAG

16.12.2018 से ओवर लोड सवारी

UK -1320040005482, VALIDITY( NT) -

14.12.2021

ग्राम तयूंकार, पो० चिरबाटिया, जनपद रूद्रप्रयाग

15.03.2018 (यात्री वाहन)

मोहित कुमार कोठारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, रूद्रप्रयाग ।

34

उत्तराखण्ड गजट, 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , प्रशासन , ऊधमसिंह नगर

कार्यालय आदेश

14 दिसम्बर , 2018 ई ०

पत्रांक 3029 / टी० आर० / पंजी०नि० / UK06AB - 2340 / 2018- वाहन संख्या UK06AB - 2340 ( M / CYCLE) , मॉडल 2013 , चेसिस संख्या MBLJA05EKD9K13265 तथा इंजन नं० JA05ECD9K13297, कार्यालय में श्री धनसिंह खडायत पुत्र श्री जमन सिंह खडायत , निवासी म० नं० 31 , पीएसी रूद्रपुर, जिला ऊधमसिंह नगर के नाम पंजीकृत है । वाहन स्वामी ने दिनांक 01.12.2018 को आवेदन पत्र के साथ वाहन का मूल चेसिस नं ० प्लेट प्रस्तुत करते हुए , अवगत कराया है कि उनका वाहन दुर्घटना होने के कारण पूरी तरह नष्ट हो गया है , जो मार्ग में संचालित करने योग्य नहीं है । वाहन का पंजीयन निरस्त करने हेतु अनुरोध किया है । वाहन फाइनेन्स से मुक्त है । सम्भागीय निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार वाहन मार्ग में चलने योग्य नहीं है । कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन का कर एकबारीय जमा है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।

अतः , मैं, नन्द किशोर, पंजीयन अधिकारी , मोटर वाहन विभाग , ऊधमसिंह नगर , मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 55 (2) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , वाहन संख्या UK06AB - 2340 ( M/CYCLE ) का पंजीयन चिन्ह एवं चेसिस संख्या MBLJA05EKD9K13265 तत्काल प्रभाव से निरस्त करता हूँ ।

नन्द किशोर,

सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, रूद्रपुर, ऊधमसिंह नगर ।

कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , प्रशासन , काशीपुर

कार्यालय आदेश

17 दिसम्बर, 2018 ई ०

पत्रांक 1884 / कर पंजीयन - निरस्त / UK06Q9723 / 2018- वाहन संख्या UK06Q9723 (कार) , मॉडल 2010 , चेसिस नं 0 MA1YA2BVNA2K14493 , इस कार्यालय में श्री खालिद पुत्र श्री अ० वाहिद , निवासी - म ० नं ० 90 , सरबरखेड़ा , जसपुर , जिला- ऊधमसिंह नगर के नाम दर्ज है । वाहन स्वामी ने दिनांक 22.10.2018 को आवेदन किया तथा चेसिस का टुकड़ा खो जाने की रिपोर्ट के साथ चेसिस के टुकड़े के फोटोग्राफ प्रस्तुत करते हुए , अवगत कराया है कि उक्त वाहन क्षतिग्रस्त होने से मार्ग पर संचालन योग्य न होने के कारण वाहन का पंजीयन निरस्त करने हेतु अनुरोध किया है । वाहन फाइनेन्स से मुक्त है । प्रवर्तन अनुभाग की आख्या के अनुसार वाहन पर कोई चेक चालान लम्बित नहीं है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन / चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।

अतः , मैं , अनिता चन्द , कर पंजीयन अधिकारी , मोटर वाहन विभाग , काशीपुर, ऊधमसिंह नगर , मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 55(2) के अन्तर्गत प्र अधिकारों वाहन संख्या UK06Q9723 (कार) का पंजीयन चिन्ह एवं चेसिस संख्या MATYA2BVNA2K14493 तत्काल प्रभाव से निरस्त करती हूँ।

सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ,

(प्रशासन) , काशीपुर ।

35 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट , 19 जनवरी , 2019 ई० (पौष 29, 1940 शक सम्वत्)

कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , प्रशासन , ऊधमसिंह नगर

कार्यालय आदेश

26 दिसम्बर , 2018 ई ०

पत्रांक 3071 / टी० आर० / पंजी० नि० / UK06R -7300 / 2018 - वाहन संख्या UK06R- 7300 ( LMV CAR) . मॉडल 2011 , चेसिस संख्या MA3EWDE1S00233507 तथा इंजन नं ० K10BN7012112 कार्यालय में श्री पलविन्दर सिंह पुत्र श्री करनैल सिंह, निवासी वार्ड नं0 4 , भदईपुरा, किच्छा रोड, रूद्रपुर, जिला ऊधमसिंह नगर के नाम पंजीकृत है । वाहन स्वामी ने दिनांक 17.12.2018 को आवेदन पत्र के साथ वाहन का मूल चेसिस नं ० प्लेट प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया है कि उनका वाहन दुर्घटना होने के कारण पूरी तरह नष्ट हो गया है , जो मार्ग में संचालित करने योग्य नहीं है । वाहन का पंजीयन निरस्त करने हेतु अनुरोध किया है । वाहन फाइनेन्स से मुक्त है । सम्भागीय निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार वाहन मार्ग में चलने योग्य नहीं है । कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन का कर एकबारीय जमा है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।

अतः, मैं , पूजा नयाल, पंजीयन अधिकारी , मोटर वाहन विभाग , ऊधमसिंह नगर, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 55 (2) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , वाहन संख्या UK06R - 7300 ( LMV CAR ) का पंजीयन चिन्ह एवं चेसिस संख्या MA3EWDE1S00233507 तत्काल प्रभाव से निरस्त करती हूँ ।

कार्यालय आदेश

26 दिसम्बर, 2018 ई ०

पत्रांक 3072 / टी० आर० / पंजी ०नि० / UK06AE - 5035 / 2018- वाहन संख्या UK06AE - 5035 ( LMV CAR ) , मॉडल 2014 , चेसिस संख्या MA3FJEB1S00638015 तथा इंजन नं ० D13A2477449 कार्यालय में श्री पुनीत त्यागी पुत्र श्री मुखराम सिंह त्यागी , निवासी आवास विकास , रूद्रपुर, जिला ऊधमसिंह नगर के नाम पंजीकृत है । वाहन स्वामी ने दिनांक 14.12.2018 को आवेदन पत्र के साथ वाहन का मूल चेसिस नं ० प्लेट प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया है कि उनका वाहन दुर्घटना होने के कारण पूरी तरह नष्ट हो गया है , जो मार्ग में संचालित करने योग्य नहीं है । वाहन का पंजीयन निरस्त करने हेतु अनुरोध किया है । वाहन फाइनेन्स से मुक्त है । सम्भागीय निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार वाहन मार्ग में चलने योग्य नहीं है । कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन का कर एकबारीय जमा है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।

अतः, मैं , पूजा नयाल , पंजीयन अधिकारी, मोटर वाहन विभाग , ऊधमसिंह नगर, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 55 (2 ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , वाहन संख्या UK06AE - 5035 ( LMV CAR ) का पंजीयन चिन्ह एवं चेसिस संख्या MA3FJEB1S00638015 तत्काल प्रभाव से निरस्त करती हूँ ।

पूजा नयाल,

सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ,

रुद्रपुर , ऊधमसिंह नगर।

पी० एस ०यू० ( आर० ई०) 03 हिन्दी गजट / 04 - भाग 1 - क-2019 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की।

Cite this issue. Uttarakhand Gazette, Government of Uttarakhand, 19 January 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand.2019-01-19.533_XXXIV_2018-17_Su.Pro._2018/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand.2019-01-19.533_XXXIV_2018-17_Su.Pro._2018.