पंजीकरण संख्या- यू० ए० /डी०ओ ० /डी०डी ० एन०/ 30/ 2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
[ संख्या -51 खण्ड-20] रुड़की, शनिवार, दिनांक 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
विषय - सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग-अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें
वार्षिक चन्दा विषय
पृष्ठ संख्या
रु०
सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
723-734
1500 भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति , स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500
1211-1216
भाग 1 - क-नियम, कार्यविधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
493-495
975 भाग 3 -स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल, उत्तराखण्ड
975 भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975 भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
219-223
भाग 8 -सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
1425 स्टोर्स पर्चेज-स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़- पत्र आदि
723-क 724
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग
कार्यालय ज्ञाप
06 दिसम्बर, 2019 ई ०
संख्या 2351 / VII-3-19 / 41- एम० एस ० एम०ई ० / 2016-प्रदेश में इन्क्यूबेशन एवं स्टार्ट-अप क्षेत्र में पूँजी निवेश को बढ़ावा दिए जाने तथा राज्य के विभिन्न तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षित छात्रों को एक उद्यमी के रूप में विकसित किए जाने के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की अधिसूचना संख्या 610 /VII- 2-18 /41- एम० एस ०एम ०ई० /2016, दिनांक 06 अप्रैल , 2018 द्वारा प्रख्यापित उत्तराखण्ड राज्य की स्टार्ट-अप नीति के क्रियान्वयन आदेश-2018 लागू है ।
2. उक्त के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि सम्यक् विचारोपरान्त उत्तराखण्ड राज्य की स्टार्ट -अप नीति के कियान्वयन आदेश-2018 में निम्नानुसारं संशोधन किये जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
प्रस्तावित संशोधन
वर्तमान प्राविधान
क० सं०
प्रस्तर सं०
स्टार्ट-अप
3.3 स्टार्ट-अप
1 3.2
(क) किसी एनटिटि को निम्नानुसार स्टार्टअप माना जाएगाः
उत्तराखण्ड स्टार्ट-अप नीति के अंतर्गत एक इकाई को "स्टार्ट-अप " माना जाएगा, यदि वह नीचे दी गई चार शर्तों को पूरा करेगी या यदि इकाई स्टार्ट-अप इंडिया की पहल के तहत मान्यता प्राप्त है और नीचे चौथी शर्त को पूरा करती है: -
(1 ) उसके निगमीकरण / पंजीकरण की तिथि से सात वर्ष तक; यथापि, जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के स्टार्ट-अप के मामले में, यह अवधि उसके निगमीकरण / पंजीकरण की तिथि से दस वर्ष तक होगी; और.
(4) निगमीकरण / पंजीकरण की तारीख से दस वर्ष की अवधि तक, यदि यह भारत में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (कंपनी अधिनियम , 2013 में यथा परिभाषित ) के रूप में निगमित हो अथवा एक भागीदार फर्म (भागीदार अधिनियम 1932 की धारा 59 के तहत पंजीकृत) के रूप में पंजीकृत हो अथवा एक सीमित देयता भागीदारी (सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के तहत) के रूप में पंजीकृत हो, तथा उत्तराखण्ड में एंटिटि में कुल नियोजित रोजगार में से 50 प्रतिशत उत्तराखण्ड के निवासियों को उपलब्ध कराया गया हो, अथवा उत्तराखण्ड में निगमित / पंजीकृत हो ।
(2) निगमीकरण / पंजीकरण के बाद से यदि किसी वित्तीय वर्ष में उसका कारोबार रू 0 25 करोड़ से अधिक नहीं हुआ हो; और
(5) निगमीकरण / पंजीकरण के समय से किसी भी वित्तीय वर्ष में एनटिटि का कुल कारोबार सौ करोड़ रूपये से अधिकं न हो । (6) यदि यह उत्पादों या प्रक्रियाओं या सेवाओं के अभिनवीकरण , विकास या सुधार (3 ) पहले से ही मौजूद किसी व्यवसाय के विभाजन या उसके पुनर्निर्माण के माध्यम से बनायी गयी किसी संस्था (एन्टिटि) को 'स्टार्ट-अप' नहीं माना 725 भाग 1]
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
जाएगा ।
के संबंध में कार्य कर रही है अथवा यह रोजगार सृजन या धन सृजन की उच्च संभावना वाला एक स्केलेबल व्यावसायिक मॉडल है ।
(4) उत्तराखण्ड में इसे निगमित / पंजीकृत किया गया हों अथवा कुल अर्ह कर्मचारियों की कम से कम 50 प्रतिशत संख्या उत्तराखण्ड से हों, जिसमें अनुबंध कर्मचारियों को सम्मिलित नहीं किया जाएगा ।
पहले से ही मौजूद किसी व्यवसाय के विभाजन या उसके पुनर्निर्माण के माध्यम से बनायी गयी किसी एनटिटि को स्टार्ट- अप नहीं माना जायेगा ।
स्पष्टीकरण-
उपरोक्त क्रमांक सं० 1 से 3 में भारत सरकार द्वारा समय-समय पर किये जाने वाले परिवर्तन / परिवर्द्धन उत्तराखण्ड राज्य में भी लागू माने जायेंगे ।
किसी एनटिटि को उसके निगमीकरण / पंजीकरण की तिथि से दस वर्ष पूरे होने पर अथवा किसी विगत वर्ष में उसका कारोबार सौ करोड़ रूपये से अधिक होने पर स्टार्ट-अप नहीं माना जायेगा ।
2 3.9 टास्कफोर्स
टास्कफोर्स
आयुक्त उद्योग की अध्यक्षता में , उद्योग निदेशालय स्तर पर एक टास्क फोर्स गठित की जायेगी जो स्टार्ट-अप पहचान तथा नीति के अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहनों (रू 0 10.00 लाख तक) को प्रदान करने हेतु अधिकृत होगी ।
आयुक्त उद्योग की अध्यक्षता में, उद्योग निदेशालय स्तर पर एक टास्क फोर्स गठित की जायेगी जो स्टार्ट -अप पहचान तथा नीति के अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहनों (रू0 15.00 लाख तक) को प्रदान करने हेतु अधिकृत होगी । टास्क फोर्स में नोडल एजेंसी के प्रभारियों को भी सदस्य के रूप में सम्मिलित किया जायेगा ।
नोटः-1 . उत्तराखण्ड स्टार्ट-अप नीति-2018 के अंतर्गत प्रदत्त मासिक प्रोत्साहन भत्ता, आवश्यकता आधारित सहायता, विपणन प्रोत्साहन सहायता पूर्व की भांति रू0 25.00 करोड़ तक के टर्नओवर वाले मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप को ही देय होंगी ।
2. पेटेंट व्यय प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी छूट, राज्य माल एवं सेवा कर प्रतिपूर्ति तथा उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली, 2017 (यथा संशोधित 2019) के आलोक में प्रख्यापित "प्रदेश के सूक्ष्म व लघु उद्यमों (कुटीर, खादी ग्रामोद्योग , हथकरघा व हस्तशिल्प एवं स्टार्टप्स सहित) के लिए कय वरीयता नीति-2019 का लाभ समस्त स्टार्ट-अप को देय होगा ।
3. यह सुनिश्चित किया जाय कि उपरोक्त प्रोत्साहन/ लाभ में दोहराव (duplicacy) न हो ।
4. "उत्तराखण्ड राज्य की स्टार्ट-अप नीति के कियान्वयन आदेश -2018 " उपरोक्त सीमा तक संशोधित समझा जाय । कियान्वयन आदेश -2018 में शेष प्राविधान यथावत रहेंगे ।
5. यह आदेश वित्त विभाग की अ०शा०सं०-648 /XXVII( 2) / 2019 दिनांक 29 नवम्बर, 2019 में प्रदत्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं ।
आज्ञा से, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव।
726
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
अल्पसंख्यक कल्याण अनुभाग
अधिसूचना
09 दिसम्बर, 2019 ई०
संख्या 2337 / XVII - B - I / 19-01 (13 ) / 2018- राज्यपाल, उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा परिषद् से. मान्यता प्राप्त मदरसों के आधुनिकीकरण एवं कम्प्यूटर शिक्षा के प्रोत्साहन के उद्देश्य की पूर्ति हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराये जाने के प्रयोजनार्थ निम्नलिखित नियमावली बनाये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा आधुनिकीकरण सहायता नियमावली, 2019
संक्षिप्त नाम, विस्तार 1.
और प्रारम्भ
(1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम "उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा आधुनिकीकरण सहायता नियमावली, 2019" है ।
(2) यह सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य में लागू होगी ।
(3) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।
2.
क्रियान्वयन
राज्य में मदरसों के आधुनिकीकरण / कम्प्यूटर शिक्षा हेतु सहायता दिये जाने के लिए निम्नानुसार कार्यवाही सम्पादित कीजायेगीः-
(क) जिला स्तर पर सम्बन्धित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी /जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा प्रस्तावों को तैयार कर अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय को प्रेषित किये जायेंगे । जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी / जिला समाज कल्याण अधिकारी , जैसा लागू हो, प्रस्तावों को तैयार करते समय यथा-आवश्यकतां जिला स्तरीय पन्द्रह सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति से भी सुझाव प्राप्त करेंगे ।
(ख) अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय द्वारा स्वयं प्रस्ताव तैयार करके तथा जिला स्तर से औचित्यपूर्ण प्रस्ताव प्राप्त कर संकलित रूप से शासन को प्रेषित किये जाएंगे ।
(ग) संबंधित प्रस्ताव स्वीकृत करने एवं प्रभावकारी क्रियान्वयन/ मूल्याकंन तथा अनुश्रवण हेतु प्रमुख सचिव / सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग , उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में एक संचालन समिति गठित की जाएगी । समिति की संस्तुति के क्रम में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएंगी । उक्त समिति का स्वरूप निम्नवत होगा:-
(1) प्रमुख सचिव / सचिव, अल्पसंख्यक अध्यक्ष कल्याण विभाग, उत्तराखण्डे शासन
(2) निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड, देहरादून ।
(3) अपर सचिव, वित्त विभाग, उत्तराखण्ड शासन सदस्य 727 भाग 1]
उत्तराखण्ड गजट, 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
सदस्य
(4) अपर सचिव/ संयुक्त सचिव/ उप सचिव/अनु सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग , उत्तराखण्ड शासन ।
सदस्य
(5) महानिदेशक, शिक्षा या उनके द्वारा नामित अधिकारी, जिसका स्तर अपर निदेशक, से कम न हो ।
(6) वित्त अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय । सदस्य
(7) उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण संयोजक निदेशालय, देहरादून । सदस्य
(घ) मदरसे में अवस्थापना सुविधाओं, फर्नीचर, कम्प्यूटर, पुस्तकालय , विद्युत उपकरण, स्वच्छ पेयजल, शौचालय , जनरेटर आदि के लिए धनराशि की मांग की जा सकेगी ।
(ड.) उक्त योजनान्तर्गत मदरसों में कक्षा-कक्ष निर्माण आदि अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु भी सहायता प्रदान की जाएगी , जिसमें ऐसे मदरसों को प्राथमिकता दी जायेगी, जो भारत सरकार की " अल्पसंख्यक संस्थानों में अवसंरचना विकास योजना" (आई.डी.एम.आई.- Infrastructure Development in Minority Institutes) योजना की गाईड-लाईन से आच्छादित नहीं हैं, लेकिन वास्तविक रूप से मदरसे में अवस्थापना विकास किया जाना आवश्यक हो ।
(च) राज्य के मदरसों में अवस्थापना निर्माण एवं शौचालय निर्माण हेतु अधिकतम ₹ 30.00 लाख की सीमा तक (अनावर्तक) सहायता उपलब्ध करायेगी, जिसमें 75 प्रतिशत राज्य सरकार एवं 25 प्रतिशत सम्बन्धित मदरसें द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा ।
(छ) राज्य के मदरसों में कम्प्यूटर शिक्षा/ आधुनिक पुस्तकालय की स्थापना हेतु अधिकतम ₹ 5.00 लाख की धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी ।
गणपूर्ति
3. उक्त नियम-2 (ग) के अनुसार गठित संचालन समिति की बैठक के लिए न्यूनतम गणपूर्ति आधी से एक अधिक होगी ।
संचालन समिति की बैठक
4. समिति की त्रैमासिक बैठक होगी, जिसके लिए 15 दिन पूर्व सूचना दी जायेगी । विशेष परिस्थितियों में अध्यक्ष द्वारा किसी भी समय बैठक आहूत की जा सकेगी , परन्तु विशेष/ अपरिहार्य परिस्थितियों में अध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव स्वीकृत करते हुए इसका कार्योत्तर अनुमोदन समिति की अगली बैठक में कराया जायेगा । योजना के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु समिति द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण करते हुए योजना के संचालन हेतु निर्धारित बजट व्यवस्था की सीमा में ही विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान की जायेगी । शेष प्रस्ताव, जिन पर समिति द्वारा विचार नहीं किया जाएगा अथवा अस्वीकृत किया जाएगा, वित्तीय वर्ष के अन्त में कालातीत समझे जाएंगे ।
728
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
5. इस योजना के अन्तर्गत ऐसे मदरसों को अनुदान दिया जायेगा, जो कि निम्नलिखित मानक पूर्ण करते होः-
मदरसों को अनुदान दिये जाने हेतु मानक
(i) योजना के अन्तर्गत ऐसे मदरसों को ही अनुदान दिये जाने पर विचार किया जायेगा, जो मदरसे में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को दीनी तालीम के साथ- साथ गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, कम्प्यूटर शिक्षा आदि आधुनिक शिक्षा भी प्रदान करते हों ।
(ii) उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा परिषद् से मान्यता प्राप्त मदरसों को ही योजनान्तर्गत सम्मिलित किया जायेगा।
(iii) अनुदान हेतु सम्बन्धित मदरसे की मान्यता कम से कम 3 वर्ष पूर्व की होनी चाहिए ।
(iv) मदरसे द्वारा छात्र/छात्राओं से ₹ 500/- मासिक से अधिक शिक्षण शुल्क की वसूली न की जा रही हो ।
(v) यदि किसी संस्था द्वारा मदरसे एवं स्कूल दोनों की मान्यता प्राप्त की गयी है, तो ऐसी स्थिति में वही संस्था उक्त योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त कर सकेगी, जहां मदरसा एवं स्कूल पृथक- पृथक संचालित हों तथा नियमानुसार आधुनिक विषय व दीनी- तालीम के शिक्षक तैनात हो, योजना के अन्तर्गत उपलब्ध करायी जाने वाली धनराशि केवल मदरसे हेतु ही व्यय की जायेगी ।
(vi) जनपद स्तर से प्रस्ताव प्रेषित करते समय यह भी संज्ञान लिया जायेगा कि सम्बन्धित मदरसे में समस्त छात्र/छात्राओं के भारत सरकार अथवा राज्य सरकार कीछात्रवृत्ति योजनाओं के फार्म भरवाये जाते है अथवा नहीं। साथ ही अन्य विभागीय कार्यों जैसेः-छात्र/ छात्राओं/शिक्षकों/ प्रबंधन से संबंधित समस्त व्यक्तियों के आधार पंजीकरण, विभाग द्वारा समय -समय पर मांगी जाने वाली सूचनाओं को समय से उपलब्ध कराया जाना, सर्वशिक्षा अभियान योजना को सही से लागू किये जाने आदि के संबंध में मदरसे का सहयोगात्मक कार्यव्यवहार रहा हो ।
(vii) मदरसे द्वारा कभी कोई वित्तीय / प्रशासनिक अनियमितता न की गयी हो ।
(viii) यदि किसी मदरसे द्वारा अल्पसंख्यक विकास निधि योजनान्तर्गत धनराशि प्राप्त की गयी है, तो ऐसी स्थिति में सम्बन्धित मदरसे को उक्त योजनान्तर्गत 05 वित्तीय वर्ष के पश्चात् ही धनराशि स्वीकृत किये जाने पर विचार किया जायेगा ।
(ix) किसी मदरसें को उक्त योजनान्तर्गत एकबार धनराशि प्राप्त हो जाने के उपरान्त सम्बन्धित मदरसे के प्रस्ताव पर 05 वित्तीय वर्ष के पश्चात् ही समिति द्वारा नियमानुसार विचार किया जायेगा ।
729 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
(x) जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों का गहन परीक्षण अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय स्तर से किया जायेगा तथा तदोपरान्त औचित्यपूर्ण प्रस्ताव ही शासन को प्रेषित किये जायेगें, जिस पर समिति द्वारा गुण- दोष के आधार पर विचार करते हुए यथोचित निर्णय लिया जायेगा ।
(xi ) मदरसों का आधुनिकीकरण / कम्प्यूटर शिक्षा हेतु प्रस्तुत नियमावली के प्रख्यापन के फलस्वरूप उक्त योजनान्तर्गत लाभान्वित मदरसों को भविष्य में अल्पसंख्यक विकास निधि संचालन नियमावली, 2012 के अन्तर्गत आच्छादित नहीं किया जायेगा एवं शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-125 / XVII- 3 /13- 07 (11 ) / 2012 , दिनांक 26.02.2013 द्वारा प्रख्यापित अल्पसंख्यक विकास निधि संचालन नियमावली-2012 को उक्त सीमा तक संशोधित समझा जायेगा ।
(xii ) उक्त योजनान्तर्गत लाभान्वित मदरसे द्वारा धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र, फोटोग्राफ सहित निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण को उपलब्ध कराया जाएगा ।
6.
अभिलेख
समिति के आवश्यक अभिलेख संयोजक सदस्य अर्थात उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय द्वारा तैयार एवं रक्षित किये जायेंगे ।
7.
अनुश्रवण
दी गई सहायता धनराशि की समय - समय पर नियमानुसार सम्परीक्षा करायी जाएगी ।
8.
प्रकीर्ण
किसी बिन्दु पर अस्पष्टता की स्थिति उत्पन्न होने की स्थिति में शासन का निर्णय अन्तिम होगा ।
आज्ञा से,
एल० फैनई , सचिव ।
730
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
Inpursuance of the provisions of clause (3) of article 348 of the " Constitution of India " , the Governor is pleased to order the publication ofthe following English translation of Notification No. 2337/XVII -B- 1/ 19- 01(13)/2018, dated December 09 , 2019 for general information.
NOTIFICATION
December 09 , 2019
No. 2337 /XVII - B- 1 /19-01 ( 13 )/2018-The Governor is pleased to allow to make the following rules or providing financial aid for fulfilling the purposes of encouragement for modernization of Madrasas and computer education-
The Uttarakhand Madarsa Education Modernization Aid Rules , 2019
(1) These rules may be called the Uttarakhand Madrasa Education Modernization Aid Rules , 2019 .
(2) It shall extend to the whole state of Uttarakhand .
Short title and commencement
(3) They shall come into force at once .
Execution
2. For the aid of the modernization of Madrasas/ computer education in the State , the following proceeding shall be executed-
(a) At district level the concerned District Minority Welfare Officer/ District Social Welfare Officer shall prepare and forward the proposals to Directorate of Minority Welfare . The District Minority Welfare Officer/ District Social Welfare Officer , as applicable , while preparing the proposal shall also get suggestions from the District Level 15 Point Program Committee , as required;
(b) Directorate of Minority Welfare, shall collectively forward the proposals prepared by itself and the relavent proposals received at district level to the Government ;
(c) A Management Committee shall be constituted under the Chairmanship of Principal Secretary/ Secretary Minority Welfare Department , Uttarakhand Government for approving and effective implementation/ evaluation and monitoring of the proposals . Financial approval shall be 731 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
provided in the order of the recommendations of the committee . The structure of the above committee shall be as follows-
Chairman (1) Principal Secretary/ Secretary Minorities Welfare Department of Government Uttarakhand
:
Vice Chairman (2) Director , Minorities Welfare of Government Uttarakhand
Member (3) Additional Secretary , Finance Department , Government of Uttarakhand
Member (4) Additional Secretary/ Joint Secretary/ Deputy Secretary/ Under Secretary, Minorities Welfare Department Government of Uttarakhand
Member (5) Director General , Education or an officer nominated by him, whose rank shall not be below then Additional Director
Member (6) Finance Officer, Directorate of Minority Welfare
Convener Member (7) Deputy Director, Directorate of Minority Welfare Dehradun
(d) Funds may be demanded for infrastructure development , furniture , computer , library , electric appliances , clean drinking water, toilet , generator etc in Madrasa;
(e) Under the above scheme , the aid shall be provided for the construction of classes rooms infrastructure development etc in Madarsas , such Madrasa shall be given priority which are not covered under the guidelines of the "Infrastructure Development in Minority Institutions Scheme" Government of India, but in reality , it is necessary to develop infrastructure in the Madarasas ;
(f) In the Madrasas of the State, for construction of infrastructure and construction of toilets maximum upto 30 lakh rupees shall be provided, in which 75 percent of total amount shall be borne by the State Government and remaining 25 percent amount shall be borne by the Madrasa itself;
(g) Maximum 5 lakh rupees shall be provided for establishment of computer education/ modern library in the Madrasas .
732
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
Quorum
3. The minimum quorum for the meeting of the Management Committee formed under the above rule 2(c) shall be one more than the half.
Meetings of Management Committee
4. The meeting of the committee shall be organized quarterly, for which 15 days prior notice shall be given . The meetings may be convened by the Chairman at any time in special circumstances , but in the case of special/ indispensable circumstances , the proposal shall be accepted by the Chairman and the post facto approval shall be made at the next meeting of the committee . In order to fulfill the objectives of the scheme, the committee shall approve by examining proposals received in each financial year considering the limit of budget set for the operation of the scheme. The remaining proposals which are not considered by committee or rejected by the committee shall be lapsed at the end of the financial year .
5. Under this scheme , the grant shall be given to such Madrasas which fulfills the following norms-
Norms for grant to Madrasas
(i ) Under the scheme , only such Madrasas shall be considered for grant which provides Deeni Talim as well as modern education like Maths , Science , English, Computer education etc to the studying students in the Madrasa;
(ii) Only those Madrasas shall be taken under the scheme , which are recognized by the Uttarakhand Madrasa Education Board;
(iii ) For grant , the related Madrasa shall be recognized atleast 3 years prior;
(iv) Tuition fee of more than Rs . 500 has not been collected by the Madarsa students;
(v) If an institution has been recognized by both Madrasa and school , in such situation, only such institution shall be able to get the benefit under this scheme , where Madrasa and school are operated separately and modern and Deeni Talim teachers are deployed as per rules, the amount provided under this scheme shall be spent only for the Madrasa ;
733 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
(vi) While forwarding the proposal from the district level , it shall also be taken into account that whether all the students of the Madrasas fill the form of the scholarship schemes provided by the Government of India or State Government , Besides it, other departmental works such as Aadhar registration of all persons related to students/ teachers /management to provide information to the department from time to time , co - operative behavior of madarsa in respect of implementation of Sarv Sikhsa Abhiyan properly etc.
(vii ) No financial/ administrative irregularity has ever been done by the Madrasa.
(viii) If any Madrasa has received funds under the Minority Development Fund Scheme , then in such a situation , the concerned Madrasa shall be considered for sanctioning fund only after 5 financial years under this scheme .
(ix) Once a Madrasa has received the funds under this scheme , then the committee shall consider on the proposal of the concerned Madrasas only after 5 financial years as per rules.
(x) The proposals received from the districts shall be intensively examined at the Directorate of Minority Welfare level and thereafter only the relevant proposals shall be forwarded to the Government, on which the committee shall consider the matter on the basis of merits and shall reasonably decide the same .
(xi ) As the result of declaration of rules laid down for the modernization of Madrasas/ computer education , the Madrasa benefited in this scheme shall not be covered in future under Minority Development Fund Management , 2012 published by the office Memorendum No. 125/xvii- 3/13-07 ( ii )/2012 dated 26-02-2013 shall deemed amended to the said extent .
(xii) The benefited Madrasa, under the said scheme shall made available the utilization certificate of funds along with photograps to the Director, Minority welfare fund.
734
उत्तराखण्ड गजट, 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अंग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
[भाग 1
Records
6. The necessary records of the committee shall be prepared and kept by the convening member, i.e. Deputy Director, Directorate of Minority Welfare .
Monitoring :
7. The amount of aid given shall be reviewed time to time, as per rules.
Miscleneous 8. In the case of ambiguity at any point , the decision of Government shall be valid.
ByOrder,
L. FANAI , Secretary.
पी०एस०यू० (आर०ई०) 51 हिन्दी गजट / 596-भाग 1-2019 (कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- यू० ए००/डी० ओ ० /डी०डी०एन०/30/2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
November 23, 2019
No. 306/XIV- 94/Admin.A/ 2003 --Smt. Archana Sagar, Additional District & Sessions Judge/Special Judge , POCSO , Hardwar is hereby sanctioned:
1. Medical leave for 07 days w.e.f. 20.09.2019 to 26.09.2019 .
2. Medical leave for 32 days w.e.f. 12.10.2019 to 12.11.2019.
NOTIFICATION
November 27, 2019
No. 307 /XIV/ a - 46 /Admin.A/ 2012 - Sri Sanjeev Kumar, 3rd Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Rudrapur, DistrictUdham Singh Nagar is hereby sanctioned medical leave for 10 days w.e.f. 14.10.2019 to 23.10.2019.
NOTIFICATION
November 28, 2019
No. 308 /XIV/ a - 10 /Admin.A/ 2009-Ms . Gunjan Singh , Additional Judge , Family Court , Roorkee, District Hardwar is hereby sanctioned medical leave for 04 days w.e.f. 04.11.2019 to 07.11.2019 .
NOTIFICATION
November 28, 2019
No. 309 /XIV - a / 42 / Admin.A/ 2016 - Sri Prakash Chandra , Civil Judge (Jr. Div. ) , Jaspur, District Udham Singh Nagar is hereby sanctioned medical leave for 15 days w.e.f. 18.10.2019 to 01.11.2019 .
1211-ख [भाग 1 -क 1212
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
November 28, 2019
No. 310 /XIV/ a - 17 /Admin.A/ 2009 -Sri Hemant Singh , Principal Magistrate , Juvenile Justice Board, Udham Singh Nagar is hereby sanctioned medical leave for 07 days w.e.f. 31.10.2019 to 06.11.2019 .
NOTIFICATION
November 29, 2019
No. 311 /XIV / a - 31 /Admin.A/ 2012-Sri Sayed Gufran , Additional Chief Judicial Magistrate, Kashipur, District Udham Singh Nagar is hereby sanctioned earned leave for 18 days w.e.f. 06.11.2019 to 23.11.2019 with permission to suffix 24.11.2019 as Sunday holiday.
NOTIFICATION
December 02, 2019
No. 312 / XIV-a/44/Admin.A/ 2015 -Ms . Anamika , Civil Judge (Jr. Div. ) , Rishikesh , District Dehradun is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 18.11.2019 to 27.11.2019 .
NOTIFICATION
December 04, 2019
No. 313 /XIV/a -46 /Admin.A/ 2012 -Sri Sanjeev Kumar, 3rd Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Rudrapur, District Udham Singh Nagar is hereby sanctioned medical leave for 20 days w.e.f. 01.11.2019 to 20.11.2019 .
NOTIFICATION
December 04, 2019
No. 314/XIV/ a- 26 /Admin.A/2018-Ms. Vijay Lakshmi Vihan , FTC/ADJ /Special Judge ( POCSO), Rudrapur, DistrictUdham Singh Nagar is hereby sanctioned medical leave for 11 days w.e.f. 28.10.2019 to 07.11.2019.
NOTIFICATION
December 07, 2019
No. 315 /XIV/38 /Admin.A/ 2008 -Ms . Anita Gunjiyal , Civil Judge (Sr. Div. ) , Roorkee , District Hardwar is hereby sanctioned earned leave for 18 days w.e.f. 11.11.2019 to 28.11.2019 with permission to prefix 09.11.2019 & 10.11.2019 as holidays .
NOTIFICATION
December 07, 2019
No. 316 /XIV-a/36/Admin.A/ 2015-Sri Alok Ram Tripathi , Judicial Magistrate , Rishikesh , District Dehradun ishereby sanctioned medical leave for 14 days w.e.f. 11.11.2019 to 24.11.2019.
NOTIFICATION
December 07, 2019
No. 317 /XIV- a/ 39/Admin.A/2016 -Ms . Kalpana, Judicial Magistrate, Vikasnagar, District Dehradun is hereby sanctioned medical leave for 05 days w.e.f. 04.11.2019 to 08.11.2019.
1213 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
भाग 1 क]
NOTIFICATION
December09, 2019
No. 318 /XIV- a -47 /Admin.A/ 2002- Sri Ashish Naithani , District & Sessions Judge , Champawat is hereby sanctioned medical leave for 13 days w.e.f. 14.11.2019 to 26.11.2019 .
NOTIFICATION
December10, 2019
No. 319 /XIV-90 /Admin.A- Sri Mithilesh Jha, the then Judge, Family Court , Tehri Garhwal (Voluntarily retired on 08.11.2019 ) is hereby sanctioned medical leave for 09 days w.e.f. 30.10.2019 to 07.11.2019 .
NOTIFICATION
December 11 , 2019
No. 320 /XIV-a/49 /Admin.A/2012-Ms . Shama Nargis , Civil Judge (Sr. Div. ), Bageshwar is hereby sanctioned medical leave for 28 days w.e.f. 05.11.2019 to 02.12.2019 .
ByOrder of Hon'ble the Administrative Judge , Sd/-
Registrar (Inspection) :
NOTIFICATION
December12, 2019
No. 321 /UHC /Admin.A/ 2019-In exercise of the powers vested under Section 11 (2) of the Code of Criminal Procedure , 1973 (Act No. 2 of 1974) , the High Court is pleased to confer powers upon Sri Puneet Kumar, 5thAdditional Chief Judicial Magistrate, Dehradun, to exercise jurisdiction in respect of areas of all the districts of Uttarakhand to try or enquire into all such cases arising out of offences punishable under the water (Prevention and Control of Pollution ) Act, 1974 , the Air (Prevention and Control of Pollution ) Act , 1981 and the Environment (Protection) Act , 1986, within the said area, in addition to his duties.
By Order of the Court, Sd/- HIRA SINGH BONAL , Registrar General.
NOTIFICATION
December12, 2019
No. 322/XIV- a/ 35 / Admin.A/ 2018 -Ms . Karishma Dangwal , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Almora is hereby sanctioned earned leave for 30 days w.e.f. 05.11.2019 to 04.12.2019.
ByOrder of Hon'ble the Administrative Judge,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
1214
[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट, 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , रुद्रप्रयाग
आदेश
31 अक्टूबर , 2019 ई०
संख्या 723 / प्रवर्तन / लाइसेन्स / 2019- सर्वोच्च न्यायालय के अधीन गठित सड़क सुरक्षा समिति के सन्दर्भ संख्या 05/ 2014/ सी०ओ ०आरएस ० पार्ट-3 , दिनांक 18.08.2015, सन्दर्भ संख्या 05/ 2014/-पार्ट-3, दिनांक 17.11.2015 के अनुपालन में मो ०वि०अधि० के नियमों का उल्लंघन करने के विदित अभियोग में वाहनों के चालान कर , वाहन चालकों के लाइसेन्स के विरुद्ध कार्यवाही की संस्तुति की गई है । अतः दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने व जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए , लाइसेन्सिंग अधिकारी, रुद्रप्रयाग के रूप में, मैं, मोहित कुमार कोठारी , मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा -19 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , निम्न चालकों के लाइसेन्स तत्काल प्रभाव से निलम्बित करता हूँ:-
चालक का नाम व पता डी०एल० संख्या व वैधता
क्र० सं०
2
3 1
अभियोग
निलम्बन अवधि चालानकर्ता प्रवर्तन अधिकारी
4
6
5
S.P., RUDRAPRAYAG
UK -1320180000206 ,
VALIDITY ( NT),
08.02.2038
1. श्री देव दर्शन सिंह पुत्र श्री बलराम सिंह, ग्राम सिंघाटा कोटी, पो ० अगस्तमुनि , ऊखीमठ, जनपद रुद्रप्रयाग पिन-246421
बिना हेलमेट वाहन का संचालन
31.10.2019 से 30.01.2019
ARTO, RUDRAPRAYAG
ओवरस्पीड व खतरनाक संचालन
31.10.2019 से 30.01.2019
UK-1319990001641 ,
VALIDITY ( NT) ,
31.03.2024
2. श्री बीर सिंह पुत्र श्री सते सिंह, ग्राम पौठी, जखोली, रुद्रप्रयाग , पिन-246141
ARTO, RUDRAPRAYAG
UA- 0720070029618 ,
VALIDITY (NT ) ,
10.12.2027
3. श्री नरेन्द्र लाल पुत्र श्री पदमू लाल, 102, रायपुर, देहरादून, पिन-248001
4. श्री देवी प्रसाद पुत्र श्री उमा दत्त, C/O योग आश्रम, ऋषिकेश, देहरादून, पिन-249201
31.10.2019 से 30.01.2019 ओवरलोड सवारी (यात्री वाहन)
ARTO, RUDRAPRAYAG
31.10.2019 से 30.01.2019 वाहन संचालन के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग
UK-1419710052026 , VALIDITY( NT) , 20.03.2021, VALIDITY(T), 09.03.2022
ARTO,
RUDRAPRAYAG
UK-1420150081198 VALIDITY(NT) , 15.04.2035 5. श्री अनूप कुनियाल पुत्र श्री भुवन चंद्रा कुनियाल, C/O श्री प्रवीण डिमरी, 406, ढालवाला, मुनि-की- रेती, टिहरी गढ़वाल , पिन-249201
ओवरस्पीड व खतरनाक संचालन
31.10.2019 से 30.01.2019
ARTO, RUDRAPRAYAG
31.10.2019 से 30.01.2019 वाहन संचालन के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग
UK-1419930040365, VALIDITY(NT) , 31.05.2025, VALIDITY (T) , 24.04.2021 6. श्री नरेश प्रसाद पुत्र श्री बी०एम० नौटियाल , चिन्नी गोदाम , ढालवाला, टिहरी , जनपद टिहरी गढ़वाल पिन-
7. श्री गजेन्द्र प्रसाद भट्ट पुत्र श्री एन० पी० भट्ट, ग्राम व पो ० भटवारी , उत्तरकाशी , पिन-249193
ARTO, RUDRAPRAYAG
31.10.2019 से 30.01.2019 ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
UK-1419960050629 , VALIDITY ( NT) , 09.07.2023, VALIDITY(T) , 24.10.2020
ARTO, RUDRAPRAYAG
31.10.2019 से 30.01.2019 ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
UP-202007016923 , VALIDITY (NT), 31.12.2024, VALIDITY(T), 8. श्री ब्रिजेश कुमार पुत्र श्री सुमेर सिंह, ग्राम मण्डावली, तहसील नजीवाबाद, बिजनौर, पिन-246763 1215
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
2
1
6 4
5
3
ARTO, RUDRAPRAYAG
31.10.2019 से 30.01.2019
4081/ RPR/06 , VALIDITY(NT) , 21.06.2026
श्री अंगराज सिंह, ग्राम ढाकी, रामपुर, उ०प्र० *9. श्री गुरदयाल सिह पुत्र
10.
ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
ARTO, RUDRAPRAYAG
UK - 1120180017511 ,
VALIDITY(NT) ,
11.02.2038
श्री तनुज कुमार पुत्र श्री राजेश कुमार, ग्राम भाट नगर, पो० गौचर, जनपद चमोली, पिन-246429
11.
31.10.2019 से 30.01.2019 बिना हेलमेट वाहन का संचालन
ARTO, RUDRAPRAYAG
खतरनाक संचालन
VALIDITY ( NT), 15.09.2029 UK-0920190003656,
श्री कुलवीर सिंह राणा पुत्र श्री जोत सिंह, ग्राम जाडगाव, पो० जरगाँव , धनोल्टी, टिहरी गढ़वाल , पिन-249145
12. श्री अमित कुमार पुत्र श्री मान सिंह, ग्राम व पो ० शखुपरु रौअरा जहानगीरा बाद, बुलंदशहर,
31.10.2019 से 30.01.2019
S.P. , RUDRAPRAYAG
31.10.2019 से 30.04.2019 नशे की हालत में वाहन का संचालन
VALIDITY(NT) , 21.10.2027, VALIDITY( T) , 12.03.2021 UP13 20070014637 ,
13.
S.P. , CHAMOLI
VALIDITY( NT), 14.05.2028 UK-1320130004816,
श्री यशवंत चंद्रा पुत्र श्री नंद लाल , ग्राम खेडा, लमगौंडी, जनपद रुद्रप्रयाग , पिन-246439
14.
31.10.2019 से 30.01.2019 ओवरस्पीड व खतरनाक संचालन
S.P. , TEHRI GARHWAL
31.10.2019 से 30.01.2019
VALIDITY(NT) , 02.07.2023 UK1320081270294 ,
श्री अमिताव काला पुत्र श्री राम प्रसाद काला, अपर बाजार , रुद्रप्रयाग , पिन-246171
15.
ओवरस्पीड व खतरनाक संचालन
S.P. ,CHAMOLI 31.10.2019 से 30.01.2019 बिना सीट बेल्ट वाहन का संचालन
UK-1320120002207 ,
VALIDITY(NT) ,
02.05.2032,
VALIDITY(T),
26.08.2018
श्री मनोज रावत पुत्र श्री फते सिंह, ग्राम व पो० सुमेरपुर, जनपद रुद्रप्रयाग , पिन-246171
16.
S.P. , CHAMOLI 31.10.2019 से 30.01.2019
VALIDITY ( NT) , 14.05.2020 UK-1320150007585 ,
श्री चिंतामणी सेमवाल पुत्र श्री हीरामणी सेमवाल , मकान सं0-10, ग्राम जाखवाड़ी तल्ली, पो० कोटबांगर, जनपद रुद्रप्रयाग, पिन-246448 बिना सीट बेल्ट वाहन का संचालन
आदेश
06 नवम्बर , 2019 ई०
संख्या 752 / प्रवर्तन / लाइसेन्स / 2019- सर्वोच्च न्यायालय के अधीन गठित सड़क सुरक्षा समिति के सन्दर्भ संख्या 05/ 2014/ सी० ओ ०आरएस० पार्ट-3, दिनांक 18.08.2015 , सन्दर्भ संख्या 05/ 2014/ सी०ओ ०आर० एस०- पार्ट-3 , दिनांक 17.11.2015 के अनुपालन में मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने के विदित अभियोग में "वाहनों के चालान कर, वाहन चालकों के लाइसेन्स के विरुद्ध कार्यवाही की संस्तुति की गई है । अतः दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने व जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए , लाइसेन्सिंग अधिकारी, रुद्रप्रयाग के रूप में, मैं , मोहित कुमार कोठारी , मोटर वाहन अधिनियम , 1988 की धारा -19 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, अग्रसारित चालकों के लाइसेन्स तत्काल प्रभाव से निलम्बित करता हूँ:-
1216
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
चालक का नाम व पता
[भाग 1 -क
डी०एल० संख्या व वैधता
क्र० सं०
2
3 1
अभियोग
निलम्बन अवधि चालानकर्ता प्रवर्तन अधिकारी
6
5
4
ARTO, RUDRAPRAYAG
06.11.2019 से 05.02.2019 ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
UP-1120120010754 ,
VALIDITY( NT) ,
29.05.2032 ,
VALIDITY(T),
16.10.2021
1. श्री इरशाद पुत्र श्री इस्लाम, 226 ग्राम उग्राहु, खंड-2 , पो० कैलाशपुर, पुर थाना गागलहेडी, सहारनपुर, पिन-247001
2. श्री नाहर सिंह पुत्र श्री रती राम, ग्राम डुंडेरा , गाजियाबाद , पिन-250002
ARTO, RUDRAPRAYAG
06.11.2019 से 05.02.2019 ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
UP-1419890002367,
VALIDITY( NT) ,
09.02.2020 ,
VALIDITY(T),
10.12.2021
आदेश
15 नवम्बर , 2019 ई०
संख्या 777 / प्रवर्तन / लाइसेन्स / 2019- सर्वोच्च न्यायालय के अधीन गठित सड़क सुरक्षा समिति के सन्दर्भ संख्या 05/2014/ सी०ओ०आरएस ०- पार्ट-3, दिनांक 18.08.2015 , सन्दर्भ संख्या 05 / 2014 / सी०ओ ०आर० एस०-पार्ट-3 , दिनांक 17.11.2015 के अनुपालन में मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने के विदित अभियोग में वाहनों के चालान कर , वाहन चालकों के लाइसेन्स के विरुद्ध कार्यवाही की संस्तुति की गई है । अतः दुर्घटनाओं, पर अंकुश लगाने व जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए , लाइसेन्सिंग अधिकारी, रुद्रप्रयाग के रूप में, मैं , मोहित कुमार कोठारी, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-19 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, निम्न चालकों के लाइसेन्स तत्काल प्रभाव से निलम्बित करता हूँ:-
चालक का नाम व पता
अभियोग
डी० एल० संख्या व वैधता
क्र० सं०
2
3 1
चालानकर्ता प्रवर्तन अधिकारी
निलम्बन अवधि
4
6
5
ARTO, RUDRAPRAYAG
15.11.2019 से 14.02.2019 ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
UP-1120130022083 , VALIDITY( NT), 25.12.2033 , VALIDITY(T) , 16.01.2020 1. श्री रहीस पुत्र श्री जमशेद, गली नं0-02, गढ़ी मलूक / नूर बस्ती, अमन कॉलोनी, थाना कोतवाली नगर, सहारनपुर, पिन-247001
SDM, RUDRAPRAYAG
UK-1320120002585 , VALIDITY ( NT) , 06.07.2032 2. श्री जगदीश सिंह पुत्र श्री धीना सिंह, ग्राम व पो ० उनियाणा, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग
15.11.2019 से 14.02.2019 ओवरलोड सवारी (यात्री वाहन)
ARTO, RUDRAPRAYAG
15.11.2019 से 14.02.2019 ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
RJ -1320010055591 , VALIDITY ( NT) , 17.12.2021 , VALIDITY(T), 19.10.2019 3. श्री अजित कुमार पुत्र श्री हरी कुमार, दूलापुर, खेरी, : जनपद गंगानगर, राजस्थान, पिन-335001
4. श्री सुरेन्द्र पुत्र श्री ज्ञान सिंह, ग्राम कुतुबपुर, तहसील नकुर, थाना सरसावा, सहारनपुर, उ०प्र० , पिन-247232
ARTO, RUDRAPRAYAG
15.11.2019 से 14.02.2019 ओवरलोड सवारी (भार वाहन),
UP11-20150024952, VALIDITY(NT), 10.12.2035, VALIDITY(T), 31.05.2021
मोहित कुमार कोठारी,
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी,
रुद्रप्रयाग ।
पी० एस ०यू० ( आर० ई० ) 51 हिन्दी गजट / 596- भाग 1- क-2019 (कम्प्यूटर /रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रूड़की ।
पंजीकरण संख्या - यू०ए ०/डी०ओ ० /डी० डी० एन० / 30 /2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
भाग 3
स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया , टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया कार्यालय जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी (पं०) , हरिद्वार
संशोधित सूचना
06 दिसम्बर , 2019 ई०
संख्या 873 / पंचास्थानि/ त्रि०पं०उप निर्वा. (सूचना)/ 2019- राज्य निर्वाचन आयोग , उत्तराखण्ड, देहरादून की अधिसूचना संख्या-3262 / रा० नि०आ०अनु०-2/ 2812/2019, दिनांक 03 दिसम्बर, 2019 के क्रम में, इस कार्यालय की सूचना सं०-859/पंचास्थानि/त्रि० पं०उप०निर्वा०-2019, दिनांक 04.12.2019 के माध्यम से जनपद हरिद्वार के समस्त विकास खण्डों के अन्तर्गत सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत तथा सदस्य जिला पंचायत के रिक्त पदों/ स्थानों पर अधिसूचना जारी होने की तिथि तक विभिन्न प्रकार से रिक्त हुए पदों/ स्थानों, जो किसी न्यायालय के स्थगन आदेश से बाधित न हों, पर उप निर्वाचन शीघ्र कराये जाने की सूचना जारी की गई है ।
इस संबंध में अवगत कराना है कि राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र सं०-3321 / रा०नि०आ०-2 / 2812 /2019, दिनांक 06.12.2019 के साथ मा ० उच्च न्यायालय , नैनीताल में रिट याचिका सं0-3706 (एम ०एस०) / 2019 विजयपाल सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य, सचिव, पंचायतीराज एवं अन्य में मा० उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 05.12.2019 को पारित आदेश theHon'ble Court has been pleased to stay the impugened order dated 29.11.2019 passed by the respondent no . 1. the Hon'ble Court has also granted THREE WEEKS TIME to file counter affidavit to the respondents positively and the writ petition has been posted for hearing immediately after three weeks . के क्रम विकास खण्ड भगवानपुर की वार्ड सं0-13 मजाहिदपुर सतीवाला के जिला पंचायत सदस्य पर स्थगन आदेश के फलस्वरूप उप निर्वाचन कराये जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है ।
493-घ 494
[भाग 3 उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
अतः उपरोक्त निर्देशों के क्रम, मैं , जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी (पं० ), हरिद्वार, एतद्वारा निर्देश देता हूँ कि जनपद हरिद्वार के विकास खण्ड भगवानपुर के वार्ड सं0-13 मजाहिदपुर सतीवाला के सदस्य जिला पंचायत के उप निर्वाचन को मा० उच्च न्यायालय , उत्तराखण्ड, नैनीताल के आदेश के क्रम स्थगित करता हूँ । शेष रिक्त पदों/ स्थानों पर उप निर्वाचन-2019 राज्य निर्वाचन आयोग , उत्तराखण्ड, देहरादून के पूर्व अधिसूचना संख्या-3262 / रा०नि०आ०अनु-2/ 2812/2019 , दिनांक 03 दिसम्बर, 2019 के निर्धारित कार्यक्रम अनुसार कराया जायेगा, इस कार्यालय की सूचना सं०-859/ पंचास्थानि/ त्रि ०पं०उप०निर्वा०-2019, दिनांक 04.12.2019 को तद्नुसार संशोधित समझा जायें ।
दीपेन्द्र कुमार चौधरी, जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी (पं०) , हरिद्वार ।
कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी , पंचायत, देहरादून
विज्ञप्ति
04 दिसम्बर , 2019 ई०
पत्रांक 1145 / त्रि0 पंचा ०उप निर्वा0-2019 - राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड, देहरादून, अधिसूचना संख्या-3262 / रा ०नि ०आ०अनु०-2/ 2812 / 2019 , देहरादून दिनांक 04.12.2019 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2019 के पश्चात् कतिपय ग्राम पंचायतों के सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं सदस्य जिला पंचायत के पदों / स्थानों पर नामांकन न होने के कारण अथवा अन्य कारणों से रिक्त रह गए ऐसे सभी पदों/ स्थानों के निर्वाचन का कार्यक्रम अधिसूचित किया गया है । उक्त अधिसूचना के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जनपद के सम्बन्धित समस्त निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता दिनांक 03.12.2019 से दिनांक-21.12.2019 तक तत्काल प्रभाव से प्रभावी की जाती है ।
स्थान- देहरादून
दिनांक-04.12.2019
सी० रविशंकर, जिला मजिस्ट्रेट/ जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) , देहरादून ।
निदेशालय पंचायतीराज, उत्तराखण्ड, देहरादून
अधिसूचना
04 दिसम्बर , 2019 ई ०
संख्या 1745 /3- पं०/ग्रा०पं०/ 139/2019-20- शहरी विकास अनुभाग-3 , उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 921 / IV (3)2018-1 (3 न0नि0) / 2017 , दिनांक 05.04.2018 के द्वारा विकासखण्ड विण (पिथौरागढ़ ) की कतिपय राजस्व ग्रामों के साथ राजस्व ग्राम ऐंचोली को नगरपालिका परिषद्, पिथौरागढ़ में विलीन किया गया । निदेशालय पंचायतीराज , उत्तराखण्ड की अधिसूचना संख्या 1533 /3 - पं० / ग्रा०पं० /139/2018-19, दिनांक 29 सितम्बर, 2018 के द्वारा जिलाधिकारी , पिथौरागढ़ के त्रुटिपूर्ण प्रस्ताव / संस्तुति के आधार पर सम्पूर्ण ग्राम पंचायत ऐंचोली, जिसमें भाग 3]
495
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
राजस्व ग्राम ऐंचोली व राजस्व ग्राम किरीगाँव सम्मिलित हैं, को नगरपालिका परिषद्, पिथौरागढ़ में विलुप्त किया गया। जिलाधिकारी , पिथौरागढ़ के पत्र संख्या 808 / दिनांक 01.12.2019 के द्वारा ग्राम किरीगाँव , विकास खण्ड विण (पिथौरागढ़ ) , जो ग्राम पंचायत ऐंचोली में सम्मिलित था, को ग्राम पंचायत चैंसर में सम्मिलित किए जाने हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव के क्रम में उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा-3 (क) , धारा 4-1 (1 ) एवं धारा 4-1 (2) के अधीन तथा पंचायतीराज अनुभाग -1 , उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 912 / XII / 2017-86(20)/2017, दिनांक 09.06.2017 एवं अधिसूचना संख्या 913 /XII / 2017-86 (20)/2017, दिनांक 09.06.2017 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए. मैं, हरि चन्द्र सेमवाल, निदेशक, पंचायतीराज, उत्तराखण्ड, विकास खण्ड विण (पिथौरागढ़ ) , जनपद पिथौरागढ़ की ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन से सम्बन्धित पूर्व प्रकाशित अधिसूचना संख्या 1533 / दिनांक 29 सितम्बर, 2018 एवं अधिसूचना संख्या 2873 / दिनांक 08 मार्च, 2019 में संशोधन करते हुए , एतद्वारा निम्न सारणी के स्तम्भ 2 , 3 व 4 में उल्लिखित राजस्व ग्राम, ग्राम सभा एवं पंचायत क्षेत्र को तद्नुसार स्तम्भ 6, 7 एवं 8 में विनिर्दिष्ट राजस्व ग्राम , ग्राम सभा एवं पंचायत क्षेत्र में सम्मिलित किए जाने की स्वीकृति प्रदान करता हूँ:-
क्षेत्र पंचायत का नाम विण (पिथौरागढ़)
वर्तमान स्थिति
जनपद का नाम पिथौरागढ़
संशोधित स्थिति
ग्राम पंचायत का नाम
ग्राम सभा का नाम
राजस्व ग्राम का नाम
गजट क्र०
ग्राम पंचायत
का नाम
ग्राम सभा का नाम
राजस्व ग्राम का नाम
गजट क्र०
4
3
2
1
चैंसर
चैंसर
18 1. चैंसर
2. बदलानी
3. मैथाना
8
7
6
5
चैंसर
चैंसर
1. चैंसर
18
2. बदलानी
3. मैथाना
4. किरीगांव
हरि चन्द्र सेमवाल , निदेशक ।
पी० एस ०यू० (आर० ई ०) 51 हिन्दी गजट / 596 - भाग 3-2019 (कम्प्यूटर/रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- यू० ए ० /डी ०ओ ० /डी० डी०एन ० /30 /2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 21 दिसम्बर, 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
भाग 8 सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि कार्यालय , नगर पंचायत बद्रीनाथ , जिला चमोली नगर पंचायत बद्रीनाथ उपविधि-2019
21 अक्टूबर, 2019 ई०
पत्रांक 276/ उपविधि / 2019-20- नगरपालिका/ पंचायत अधिनियम, 1916 की धारा 298 झ (घ) के एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (1986 का 29) की धारा 3, 6 एवं 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में केन्द्र सरकार द्वारा बनाई गई ठोस कचरा प्रबन्धन नियमावली , 2016 के नियम 15 (ङ), 15(च) एवं 15 (यच) के अन्तर्गत शक्तियों तथा निदेशक, शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय पत्रांक संख्या 586 / श०वि० नि०/ 2019, दिनांक 21.05.2019 द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में नगर पंचायत बद्रीनाथ , जिला चमोली द्वारा बनाए गए निम्नलिखित ठोस कचरा प्रबन्धन के लिए (By- Laws) उपविधियों को अपने क्षेत्राधिकार आपत्ती एवं सुझाव हेतु प्रकाशित किया जाता है । अतः समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत बद्रीनाथ को प्रेषित की जा सकेंगी, वाद- मियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जा सकेगा, ठोस अपशिष्ट कूड़ा प्रबन्धन नियम-2016 के क्रियान्वयन से सम्बन्धित अन्य शर्तें किसी भी कार्यदिवस पर नगर पंचायत बद्रीनाथ में देखी जा सकती हैः-
नगर पंचायत बद्रीनाथ, जिला चमोली
अपशिष्ट एवं अपशिष्ट
क्रमांक
उत्पाद की श्रेणी / प्रकार
प्रतिमाह सेवा शुल्क (User Charges) की राशि ₹ में
मिश्रित कूड़ा, जो व्यक्ति
सड़ सड़क तक घर/स्त्रोत
पहुँचाने पर पर मिश्रित
कूड़ा दे
जैविक, अजैविक
कूड़ा अलग-अलग
कर सड़क तक
पहुँचाने पर
2
1
गरीबी रेखा से नीचे के घर 1.
2. कम आय वाले घर
उपरोक्त के अतिरिक्त घर 3.
4. होटल / लॉजिंग / गेस्ट हाउस
जैविक-अजैविक कूड़ा घर/स्त्रोत पर ही अलग-अलग देने पर
4
5
3
6
15 05
10
20 10
05
15
15
25
20
10
200 50
150
100
219- ट 220
[भाग 8 उत्तराखण्ड गंजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
6
5
3
4
2.
1
40
30
20
10
धर्मशाला
5.
500
800
700
300
6.
बरातघ्र
250
200
125
100
बेकरी
7.
150
75
100
50
कार्यालय
8.
250
150
200
100
9. सब्जी एवं फल विक्रेता
300
400
200
150
रेस्टोरेन्ट
10.
250
200
150
100
11. स्कूल, कॉलेज एवं आवासीय शिक्षण संस्थाएँ
400
300
250
100
12. हॉस्पिटल / नर्सिंग होम
150
100
75
50
मेडिकल स्टोर
13.
200
100
150
50
14.
दुकान
800
400
700
300
15. वर्कशॉप /कबाड़ी
100
80
70
30
16.
गन्ने का रस / जूस विक्रेता
इस्तेमालकर्ता शुल्क/ प्रभार का भुगतान मांग जारी होने से 30 दिन के भीतर न किए जाने की स्थिति में इस्तेमालकर्ता शुल्क / प्रभार पर 10 प्रतिशत की दर से विलम्ब भुगतान/ प्रभार (एलपीएससी) लगाया जाएगा ।
अनुसूची-2
जुर्माना/ दण्ड
अपराध
निम्नांकित पर लागू
क्र० सं०
प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना (₹ में) नियम/उप नियम संख्या
100
1.
300
आवासीय बल्क जनरेटर
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1) (क)
3000
कचरे को पृथक करने और संग्रह करने तथा पृथक्कृत कचरे को इन नियमों के अनुसार सौंपने में विफल रहना
5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले विवाह / पार्टी हाल , फेस्टिवल हाल , पार्टी लान , प्रदर्शनी और मेले स्थल
2000
5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले क्लबों, सिनेमाघरों , पब्स, सामुदायिक हॉल, मल्टीप्लेक्सेज और अन्य ऐसे स्थान 221
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
भाग 8]
अपराध क्र ० सं०
नियम/उप नियम संख्या
सड़क/ गली में
1. कूड़ा फेंकना, थूकना एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2)
निम्नांकित पर लागू,
प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना (₹ में)
500 5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले अन्य गैर- आवासीय स्थान
500 फिस , मीट विक्रेता द्वारा कूड़े को पृथ्थकरण तरीके से न रखना
उल्लंघनकर्ता
200 से 500 एवं कार्यवाही उत्तराखण्ड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम, 2016 के अन्तर्गत होगी
500
2. नहाना, पेशाब करना , जानवरों को चारा खिलाना, कपड़े धोना, वाहन धोना , गोबर नाली में बहाना
2.
200
आवासीय
नियमानुसार सेनिटरी कचरे का निपटान करने में विफल रहना
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1 ) (ख) और (घ)
500
गैर-आवासीय / बल्क जनरेटर
नियम के अनुसार बागवानी और उद्यान कचरे के निपटान में विफल रहना
3.
1000
आवासीय
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1 )(ग)
3000
नियम के अनुसार निर्माण और विध्वंस कचरे के निपटान में विफल रहना
4.
ठोस कचरे को खुले में जलाना
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2) , 15(ट)
5. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(4)
गैर-आवासीय/ बल्क जनरेटर
3000 उल्लंघनकर्ता
3000
निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना किसी गैर लाइसेंसीकृत स्थल पर 100 व्यक्तियों से अधिक की भागीदारी के साथ कार्यक्रम या सभा का आयोजन करना ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित करने वाले व्यक्ति अथवा ऐसा व्यक्ति जिसकी ओर से ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित की गई हो और इवेंट मैनेजर , यदि कोई हो, जिसने कार्यक्रम या सभा आयोजित की हो 222
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30, 1941 शक सम्वत्)
[भाग 8
अपराध
निम्नांकित पर लागू
क्र० सं०
नियम/उप नियम संख्या
प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना (₹ में)
6.
200
उल्लंघनकर्ता
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(5)
नियम के अनुसार कचरे का निपटान करने में विफल रहने वाले गली विक्रेता / वेन्डर , कुड़ादान न रखने एवं कूड़े को पृथ्थकरण न करने, अपशिष्ट भण्डारण डिपो या पात्र या वाहन में डालने में विफल रहने पर
7.
500
अपराधी
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2) , 15(छ)
सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, गलियों आदि में गन्दगी फैलाना/ कुत्ते/अन्य जानवरों द्वारा मल त्याग/ उत्सर्जित कचरे के निपटान में विफलता
निम्नांकित उल्लंघनों के लिए महीने में केवल एक बार जुर्माना लगाया जाएगाः-
8.
3,000 नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में, विफलता
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(6)
निवासी कल्याण एसोसिएशन, आर०डब्ल्यू०ए०
10000
बजार एसोसिएशन , संघ
9.
5,000
द्वारबंद समुदाय
नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता
एसडब्ल्यूएम नियमों कां नियम 4(7)
संस्थान
20,000
5,000
होटल
नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता
10. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(8)
रेस्टोरेंट
5,000
20,000
विनिर्माता और / या ब्रॉड ऑनर/ स्वामी
11. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 17 (2)
उत्पादन के कारण सृजित पैकेजिंग कचरे को वापस लेने की प्रणाली कायम किए बिना डिस्पोजल उत्पादों की बिक्री अथवा विपणन
20,000 नियमों के अनुसार उपाय करने में विफलता
12. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 17(3)
विनिर्माता और ब्रॉड स्वामी और विपणन कुपनियाँ 223
उत्तराखण्ड गजट , 21 दिसम्बर , 2019 ई० (अग्रहायण 30 , 1941 शक सम्वत्)
भाग 8]
अपराध क्र० सं०
नियम/ उप नियम संख्या
13. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 15य (ङ)
निम्नांकित पर लागू
प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना (₹ में)
20,000 उल्लंघनकर्ता, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी या मॉर्केट काम्पलेक्स आदि
नियमों के उपाय करने , भवन योजना में अपशिष्ट संग्रहण केन्द्र स्थापित करने में विफलता
14. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 20(ग)
500 उल्लंघनकर्ता / पर्यटक/ वाहन / चालक
गलियों, पहाड़ियों, सार्वजनिक स्थलों में अपशिष्ट यथा कागज , पानी की बोतल, शराब की बोतल, सॉफ्ट ड्रिंक, कैन, टैट्रा पैक अन्य कोई प्लॉस्टिक या कागज़ अपशिष्ट को फेंकने पर
15. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 20(घ)
500 उल्लंघनकर्ता/ होटल / अतिथि गृह स्वामी
नगर पंचायत बद्रीनाथ उपविधि को होटल/ अतिथिगृह में बोर्ड लगाकर व्यवस्था करने में विफलता
16.
3,000 आयोजनकर्ता
सार्वजनिक सभाओं (जलूस प्रदर्शनियों, सर्कस, मेले, राजनैतिक रैलिया, वाणिज्यिक, धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विरोध प्रदर्शन आदि सहित से सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित गतिविधियों के क्षेत्र एवं आस- पास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करने में विफलता)
ह० (अस्पष्ट)
अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बद्रीनाथ, जिला चमोली ।
ह० (अस्पष्ट)
प्रभारी अधिकारी, नगर पंचायत बद्रीनाथ, जिला चमोली ।
पी० एस ०यू० (आर ० ई० ) 51 हिन्दी गजट / 596- भाग 8-2019 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।