पंजीकरण संख्या- यू० ए० /डी० ओ ० /डी०डी० एन ० / 30 / 2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
(संख्या-25 खण्ड-21 ] रुड़की , शनिवार, दिनांक 25 जुलाई, 2020 ई० ( श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें
वार्षिक चन्दा विषय
पृष्ठ संख्या
रु०
3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1500
417-425
भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500
335-341
भाग 1 -क-नियम, कार्य- विधियां, आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6-बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975 भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
211-217
भाग 8 - सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
1425 स्टोर्स पर्चेज स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
417-क 418
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्)
भाग 1
विज्ञप्ति- अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
औद्योगिक विकास अनुभाग -2
कार्यालय ज्ञाप
11 जून, 2020 ई०
संख्या 236 / VII - A- 2/2020/ 17- उद्योग / 2013 - राज्यपाल , " मेगा इण्डस्ट्रियल तथा इन्वेस्टमेंट नीति-2015 (समय- समय पर यथा- संशोधित ) जिसे एतस्मिनपश्चात् उक्त पॉलिसी कहा गया में निम्नलिखित अग्रेत्तर संशोधन करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं , अर्थात्-
1. उक्त पॉलिसी के प्रस्तर-iii के उपप्रस्तर (अ) के स्थान पर निम्नलिखित प्रस्तर अन्तःस्थापित कर दिया जायेगा, अर्थात्-
iii . इस नीति के अंतर्गत आच्छादित / अभिज्ञात क्षेत्रों में स्थापित होने वाले निम्नलिखित चिन्हित नये तथा पर्याप्त विस्तारीकरण की मौजूदा औद्योगिक इकाईयां नीति में प्रदत्त वित्तीय प्रोत्साहनों हेतु पात्र होंगेः-
(अ) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग) , भारत सरकार की अधिसूचना फा. सं-2(2) / 2018 - एसपीएस . दिनांक 23 अप्रैल, 2018 के अनुबन्ध-1 में निषेध सूची (Negative List ) के अन्तर्गत चिन्हित निम्नलिखित उद्योगों को छोड़कर सभी एकल विनिर्माणक उद्योग ।
निषेध सूचीः
(1 ) केन्द्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम , 1985 ( 1986 का 5 ) की प्रथम अनुसूची के अध्याय 24 के अन्तर्गत आने वाले सभी सामान जो तम्बाकू तथा निर्मित तम्बाकू उत्पादों से सम्बन्धित हैं ।
(2) केन्द्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की प्रथम अनुसूची के अध्याय 21 के अन्तर्गत आने वाले पान मसाला ।
(3 ) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अधिसूचना सं० एस०ओ ० 705 (ई) , दिनांक 02.09.1999 तथा एस० ओ० 698 (ई) , दिनांक 17.06.2003 के अन्तर्गत विशिष्ट रूप से उल्लिखित के अनुसार 20 माइक्रोन से कम की प्लास्टिक थैलियां ।
(4) पौधरोपण, शोधशालायें तथा 10 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन की परियोजनायें ।
(5) पेट्रोलियम अथवा गैस शोधशालाओं द्वारा उत्पादित केन्द्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5 ) की प्रथम अनुसूची के अध्याय 27 के अन्तर्गत आने वाला सामान ।
(6) कोक (कैलसाइन्ड पेट्रोलियम कोक सहित ) , फ्लाई ऐश , सीमेंट, स्टील रोलिंग मिल (मेल्टिंग सैक्शन व रोलिंग मिल सहित) ।
(7) पर्यावरण सम्बन्धी मानकों का अनुपालन नहीं करने वाली अथवा पर्यावरण एवं वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय अथवा राज्य पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (एसईआईएए) अथवा सम्बन्धित केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड / राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना तथा प्रचालन हेतु अपेक्षित सहमति नहीं लेने वाली इकाईयां ।
(8) गोल्ड और गोल्ड डोर को छोड़कर ।
(9 ) उच्च कीमत के पैकेजिंग तथा प्रसंस्करण को छोड़कर भण्डारण के दौरान संरक्षण , साफ -सफाई, प्रचालन , पैकिंग , रि- पैकिंग अथवा रि- लैबलिंग, छटनी , खुदरा बिक्री मूल्य में परिवर्तन आदि जैसे कम मूल्य संवर्द्धन के कार्यकलाप ।
419 उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
स्पष्टीकरणः उक्त बिन्दु (अ ) के अन्तर्गत ऐसे एकल उद्योगों को, जिन्होंने नीति में संशोधन सम्बन्धी कार्यालय ज्ञाप जारी होने से पूर्व मेगा इण्डस्ट्रियल एण्ड इन्वेस्टमेंट नीति-2015 के अन्तर्गत उद्योग की स्थापना के लिए एकल खिड़की व्यवस्था के अन्तर्गत भूमि क्रय की अनुमति/ भूखण्ड आवंटन, धारा -143 के अन्तर्गत भू- उपयोग परिवर्तन के आदेश प्राप्त कर सभी सम्बन्धित विभागों से वांछित अनुज्ञा/ अनापत्ति तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति पत्र (Consentto Establish ) प्राप्त कर लिया हो और उद्यम स्थापना हेतु सभी प्रभावी कदम उठा लिये हों, को अर्हता के आधार पर मूल नीति में प्रदत्त वित्तीय प्रोत्साहनों का लाभ उत्पादन प्रारम्भ करने से 5 वर्ष तक यथावत मिलता रहेगा, बशर्ते कि ऐसे उद्योग दिनांक 30 सितम्बर , 2021 से पहले अपना वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ कर दें ।
2. उक्त पॉलिसी के प्रस्तर- vi के स्थान पर निम्नलिखित प्रस्तर अन्तः स्थापित कर दिया जायेगा, अर्थात्-
vi . पूँजी निवेश के आधार पर परियोजनाओं को निम्नवत् वर्गीकृत किया जाता हैः-
1. लार्ज प्रोजेक्टस - ₹ 50 करोड़ से ₹ 75 करोड़ तक पूँजी निवेश ।
2. मेगा प्रोजेक्टस ₹ 75 करोड़ से ₹ 200 करोड़ तक पूँजी निवेश ।
3. अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्टस ₹ 200 करोड़ से अधिक पूँजी निवेश ।
4. सुपर अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स ऐसी सुपर अल्ट्रा मेगा परियोजनायें, जिनमें ₹ 400 करोड़ से अधिक का पूंजी निवेश और न्यूनतम 400 लोगों को नियमित रोजगार दिया जाना प्रस्तावित हो ।
3. उक्त पॉलिसी के प्रस्तर- viii के बिन्दु 3 के पश्चात् निम्नलिखित बिन्दु अन्तःस्थापित कर दिया जायेगा, अर्थात्-
viii नीति के अन्तर्गत योजनाओं को भूमि आवंटन में सिडकुल की वर्तमान प्रचलित दरों में निम्नवत् विशेष छूट प्रदान की जायेगी:-
4. सुपर अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्सः सिडकुल की प्रचलित दरों पर 30 प्रतिशत की छूट ।
स्पष्टीकरणः नीति के अन्तर्गत पात्र गतिविधियों में सम्मिलित लार्ज, मेगा, अल्ट्रा मेगा तथा सुपर अल्ट्रा मेगा होटल /रिसॉर्ट की स्थापना के लिए सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधि ( Commercial Activities ) के लिए आरक्षित भूमि में, भूमि आवंटन पर भूमि की निर्धारित दरों में छूट का लाभ अनुमन्य नहीं होगा ।
4. उक्त पॉलिसी के प्रस्तर- xi के स्थान पर निम्नलिखित प्रस्तर प्रतिस्थापित करते हुए प्रस्तर-12 अन्तःस्थापित कर दिया जायेगा, अर्थात्-
xi . इस नीति के अंतर्गत प्रदत्त वित्तीय प्रोत्साहन एवं छूट/ रियायतें निम्नवत् होंगीः-
1. योजना की वैद्यता अवधिः यह नीति दिनांक 28.07.2015 से प्रवृत्त होकर दिनांक 30.06.2020 तक अथवा नई नीति लागू होने तक वैध रहेगी तथा नीति की वैधता अवधि में स्थापनाधीन /विस्तारीकरण का कार्य प्रारम्भ करने वाले ऐसे उद्योगों , जो कि दिनांक 30 सितम्बर , 2021 से पूर्व उत्पादन प्रारम्भ करेंगे , को ही इस नीति का लाभ अनुमन्य होगा ।
2. उक्त नीति के अन्तर्गत दिनांक 31 मार्च , 2020 तक स्थापित होकर उत्पादन में आने वाले नये तथा पर्याप्त विस्तारीकरण के लार्ज , मेगा, अल्ट्रा मेगा उद्योगों को पूर्ववत लाभ अनुमन्य अवधि तक मिलते रहेंगे ।
420
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्)
3. ब्याज प्रतिपूर्ति सहायताः
(4) ₹ 400 करोड़ से अधिक पूंजी निवेश के सुपर अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक / वित्तीय संस्था से लिये गये सावधि ऋण पर देय ब्याज में 7 प्रतिशत, अधिकतम ₹ 75 लाख प्रतिवर्ष ।
4. मेगा इण्डस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट नीति -2015 (यथासंशोधित-2016/ 2018 ) (यथासंशोधित-2020 ) कहलायेगी के अन्तर्गत राज्य माल एवं सेवा कर (एस.जी.एस.टी. ) की प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा एवं मात्रा निम्नानुसार होगीः-
(2) मेगा प्रोजेक्ट्स/ अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स/ सुपर अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिये उत्पादन तिथि से अग्रिम 5 वर्षों हेतु इनपुट टैक्स क्रेडिट समायोजन के पश्चात् कुल शुद्ध एस.जी.एस.टी. कर देयता , जो राज्य के अन्दर ग्राहक (बी.टू सी) को विक्रय किया गया हो , का 50 प्रतिशत ।
5. विद्युत बिल में प्रतिपूर्ति सहायता (केवल विनिर्माणक उद्योगों के लिए): पात्र उद्यमों को उत्पादन प्रारम्भ करने की तिथि से आगामी 5 वर्ष तक देय विद्युत बिल में ₹ 1.00 प्रति यूनिट की दर से नियत सीमा तक प्रतिपूर्ति सहायता अनुमन्य होगी । विद्युत प्रतिपूर्ति सहायता की अधिकतम वार्षिक सीमा निम्नानुसार होगीः-
1. लार्ज प्रोजेक्टस - ₹ 50 लाख प्रतिवर्ष ।
2. मेगा प्रोजेक्टस ₹ 75 लाख प्रतिवर्ष ।
3. अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्टस ₹ 1 करोड़ प्रतिवर्ष ।
4. सुपर अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स ₹ 1 करोड़ 50 लाख प्रतिवर्ष ।
स्पष्टीकरणः-
1. उक्त नीति में संशोधन जारी होने से पूर्व स्थापित होकर उत्पादन में आने वाले नये तथा पर्याप्त विस्तारीकरण के लार्ज , मेगा, अल्ट्रा मेगा उद्योगों को पूर्ववत विद्युत प्रतिपूर्ति सहायता का लाभ अनुमन्य अवधि तक मिलता रहेगा ।
2. नीति के अन्तर्गत पात्र गतिविधियों में सम्मिलित होटल तथा रिसॉर्ट को विद्युत बिल तथा इलैक्ट्रिक ड्यूटी में प्रतिपूर्ति सहायता का लाभ अनुमन्य नहीं होगा ।
xii . इस नीति के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने के लिये यह आवश्यक होगा कि प्रत्येक इकाई अपने कुल सेवायोजन का न्यूनतम 70 प्रतिशत सेवायोजन / रोजगार जो उत्तराखण्ड राज्य के निवासी हों को प्रदान किया जायेगा ।
उक्त संशोधित मेगा इण्डस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट नीति-2015 (यथासंशोधित-2016 /2018) (यथासंशोधित-2020 ) कहलायेगी, जो तुरन्त प्रवृत्त समझी जायेगी ।
आज्ञा से , मनीषा पंवार , अपर मुख्य सचिव ।
भाग 1 ]
421 उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
वन अनुभाग-02
अधिसूचना
26जून, 2020 ई ०
संख्या 1173 /X- 2-2020-19 (04) 2014-वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (केन्द्रीय अधिनियम संख्या 53 , सन् 1972) की धारा 6 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तराखण्ड राज्य हेतु शासन की अधिसूचना संख्या-432 / X- 2-2015-13 (04) 2014 टी०सी० , दिनांक 31.01.2015 द्वारा गठित राज्य वन्य जीव सलाहकार बोर्ड ( State Wildlife Advisory Board ) में निम्नलिखित सदस्यों को दिनांक 05 दिसम्बर , 2019 से एक वर्ष के लिए राज्य सरकार द्वारा नामित किए जाने की श्री राज्यपाल , सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः-
क. राज्य वन्य जीव सलाहकार बोर्ड में सम्मिलित पद अवधि
सं. महानुभाव/अधिकारी
धारा 6(1 ) ग में प्रदत्त शक्तियों के अधीन राज्य सरकार द्वारा नामित विधान सभा के तीन सदस्य
1 श्री दीवान सिंह बिष्ट, मा ० सदस्य, विधान सभा, उत्तराखण्ड । सदस्य 01 वर्ष
2 श्री सुरेश राठौर, मा ० सदस्य, विधान सभा, उत्तराखण्ड । सदस्य 01 वर्ष
3 श्री धन सिंह नेगी , मा० सदस्य , विधान सभा, उत्तराखण्ड । सदस्य 01 वर्ष
धारा 6(1) घ में प्रदत्त शक्तियों के अधीन राज्य सरकार द्वारा नामित वन्य जीव से सम्बन्धित तीन गैर
सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि
1 हिमालयन एक्सन रिसर्च सेन्टर, इन्दिरानगर , देहरादून । सदस्य 01 वर्ष
2 तितली ट्रस्ट, राजपुर रोड इन्कलेव देहरादून । सदस्य 01 वर्ष
3.हिमालयन इन्वायरमेन्टल , स्टडीज कन्जरवेशन ऑरगेनाईजेशन सदस्य 01 वर्ष
(हेस्को), शुक्लापुर, देहरादून ।
धारा 6 (1 ) (ड.) में प्रदत्त शक्तियों के अधीन राज्य सरकार द्वारा नामित 7 सुविख्यात संरक्षण विज्ञानी,
पारिस्थितिकी विज्ञानी और पर्यावरण विज्ञानी
1 श्री प्रतीक पंवार , बंगाली मौहल्ला, देहरादून । सदस्य 01 वर्ष
2 श्री अनूप शाह, छायाकार, नैनीताल, विशेष छायाकार ख्याति सदस्य 01 वर्ष
प्राप्त वन्य जीव फोटो. ग्राफर ।
3 श्री अनिल कुमार दत्त, सेवानिवृत्त प्रमुख वन संरक्षक (वन्य सदस्य 01 वर्ष
जीव)।
4 श्री बी० एस ० बोनाल, सेवानिवृत्त अपर महानिदेशक वन, भारत सदस्य 01 वर्ष
सरकार, (अनु० जनजाति) ।
5 श्री रामकृष्ण सिंह रावत, जोशीमठ , चमोली (अनु० जनजाति) । सदस्य 01 वर्ष
6 श्री प्रकाश थपलियाल, सेवानिवृत्त वरिष्ठ संवाददाता, प्रसार सदस्य 01 वर्ष
भारती, विवेक विहार, बालावाला , देहरादून ।
7 श्री दरपान सिंह बोरा सिमलासग्रान्ट, डोईवाला, देहरादून । सदस्य 01 वर्ष
422
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
2- उपरोक्तानुसार गठित राज्य वन्य जीव सलाहकार बोर्ड द्वारा अनुसरण की जाने वाली : प्रक्रिया वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (अधिनियम संख्या 53 , सन् 1972) की धारा 7 में उल्लिखित प्राविधानानुसार होगी ।
3- प्रश्नगत राज्य वन्य जीव बोर्ड के कर्तव्य वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (अधिनियम संख्या 53 , सन् 1972) की धारा 8 के अनुसार होगें ।
आज्ञा से , आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव ।
खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले अनुभाग -1
विज्ञप्ति/ पदोन्नति
08 जून, 2020 ई ०
संख्या 397 / XIX - 1 /2020-203 खाद्य / 2011 - तात्कालिक प्रभाव से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग , उत्तराखण्ड के अधीन चयन वर्ष 2019-20 में उपलब्ध जिला पूर्ति अधिकारी वेतनमान ₹ 15600-39100 (ग्रेड वेतन ₹ 5400 ) के रिक्त पद पर लोक सेवा आयोग , उत्तराखण्ड हरिद्वार की संस्तुति के आधार पर निम्नलिखित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को नियमित चयनोपरान्त एतद्वारा जिला पूर्ति अधिकारी वेतनमान ₹ 15600-39100 ( ग्रेड वेतन ₹ 5400 ) (7वें वेतन आयोग में वेतन मैट्रिक्स लेविल -10) ₹ 56100-177500 ) पर पदोन्नत करते हुए अग्रिम आदेशों तक वर्तमान स्थान पर ही तैनात करते हुए अस्थाई रूप से पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः-
(1 ) श्री जसवंत सिंह कण्डारी ,
(2) श्री गोपाल सिंह मटुड़ा,
(3) श्री के० के ० अग्रवाल ,
(4) श्री मनोज कुमार वर्मन,
2. पदोन्नति के फलस्वरूप उक्त अधिकारियों को 01 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है ।
3. उक्त अधिकारियों को निर्देशित किया जाता हैं कि वह उपरोक्त पद पर तत्काल अपना कार्यभार ग्रहण कर कार्यभार प्रमाणक सम्बन्धी सूचना शासन / आयुक्त खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड देहरादून को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।
4. उक्त अधिकारियों के तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेगें ।
5. प्रश्नगत पदोन्नति उत्तराखण्ड राज्य हेतु होने वाले अन्तिम आवंटन के अधीन होगी । भारत सरकार द्वारा राज्य परामर्शी समिति की संस्तुतियों के अनुसार यदि उत्तर प्रदेश के अन्य कार्मिक उत्तराखण्ड राज्य को आवंटित होते हैं, तो तपरिणाम से वरिष्ठता प्रभावित होने की स्थिति में , इस आदेश को तत्क्रम में निर्धारित होने वाली वरिष्ठता के आधार पर यथावश्यक परिवर्तित / प्रत्यावर्तित किया जायेगा ।
आज्ञा से , सुशील कुमार, सचिव ।
423 उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग -1
अधिसूचना पदोन्नति
10 जून, 2020 ई०
संख्या 639 / XXVIII - 1 / 20-01 (92 ) 2006 टी० सी० एतद्वारा उत्तराखण्ड पी०एम ० एच ०एस ० संवर्ग के अन्तर्गत अपर निदेशक वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 8900 / - के पद पर कार्यरत डा० सुरेन्द्र कुमार गुप्ता को नियमित चयनोपरान्त, वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निदेशक , चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (पूर्व वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 10000 / -) में पदोन्नति प्रदान करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है । इनका वेतन विभाग में रिक्त निदेशक के पद के सापेक्ष आहरित किया जायेगा ।
डा० सुरेन्द्र कुमार गुप्ता के तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
अधिसूचना पदोन्नति
10 जून, 2020 ई0
संख्या 640 / XXVIII - 1 / 20--01 (92 ) 2006 टी० सी० एतद्वारा उत्तराखण्ड पी० एम ० एच ० एस ० संवर्ग के अन्तर्गत अपर निदेशक वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 8900 / - के पद पर कार्यरत डा० संजय कुमार शाह को नियमित चयनोपरान्त, वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (पूर्व वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 10000 / -) में पदोन्नति प्रदान करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है । इनका वेतन विभाग में रिक्त निदेशक के पद के सापेक्ष आहरित किया जायेगा ।
डा० संजय कुमार शाह के तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
अधिसूचना पदोन्नति
10 जून, 2020 ई0
संख्या 641 / XXVIII - 1 / 20-01 (92 ) 2006 टी०सी ० एतद्वारा उत्तराखण्ड पी० एम ०एच ०एस ० संवर्ग के अन्तर्गत अपर निदेशक वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 8900/ - के पद पर कार्यरत डा ० मीनाक्षी जोशी को नियमित चयनोपरान्त , वर्तमान तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (पूर्व वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 10000 / -) में पदोन्नति प्रदान करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है । इनका वेतन विभाग में रिक्त निदेशक के पद के सापेक्ष आहरित किया जायेगा ।
डा० मीनाक्षी जोशी के तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
424
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्).
अधिसूचना पदोन्नति
10 जून, 2020 ई0
संख्या 642 / XXVIII - 1 / 20-01 (92) 2006 टी० सी० - एतद्वारा उत्तराखण्ड पी० एम ०एच०एस० संवर्ग के अन्तर्गत अपर निदेशक वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 8900 / - के पद पर कार्यरत डा० पद्मा रावत को नियमित चयनोपरान्त, वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निदेशक , चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (पूर्व वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 10000 / -) में पदोन्नति प्रदान करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है । इनका वेतन विभाग में रिक्त निदेशक के पद के सापेक्ष आहरित किया जायेगा ।
डा० पद्मा रावत के तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
अधिसूचना पदोन्नति
10 जून , 2020 ई0
संख्या 643 / XXVIII -1 / 20-01 (92 ) 2006 टी० सी० एतद्वारा उत्तराखण्ड पी ०एम ०एच ० एस ० संवर्ग के अन्तर्गत अपर निदेशक वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 8900 / - के पद पर कार्यरत डा ० शैलजा भट्ट को नियमित चयनोपरान्त, वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निदेशक , चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (पूर्व वेतनमान ₹ 37400-67000 ग्रेड पे ₹ 10000/ -) में पदोन्नति प्रदान करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है । इनका वेतन विभाग में रिक्त निदेशक के पद के सापेक्ष आहरित किया जायेगा ।
डा० शैलजा भट्ट के तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
आज्ञा से , अमित सिंह नेगी, सचिव ।
न्याय अनुभाग -1
अधिसूचना नियुक्ति
29 जून, 2020 ई0
संख्या 06 / नो ० सी० / XXXVI -A- 1 / 2020-924 (1 )/ 90 - नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952 ) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री राज्यपाल , श्री रविन्द्र सिंह रावत अधिवक्ता को दिनांक 29-06-2020 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिए जिला उत्तरकाशी की तहसील पुरोला में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री रविन्द्र सिंह रावत का नाम उक्त अधिनियम की धारा-4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से, प्रेम सिंह खिमाल , सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी ।
425 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई ० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
Inpursuance of the provisions of clause ( 3) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 06/ No - C /XXXVI - A- 1 / 2020-924 (1 )/90, dated June 29 , 2020
NOTIFICATION
Appointment
June29,2020
No. 06/No-C/XXXVI - A- 1 /2020-924 ( 1 )/90-- In exercise of the powers conferredby Section 3 of the Notaries Act , 1952 (Act No. 53 of 1952) , the Governor is pleased to appoint Mr. Ravindra Singh Rawat, Advocate as Notary for a period of five years with effect from 29.06.2020 for Tehsil Purola , District Uttarkashi and in exercise of the powers conferred by sub - rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Ravindra Singh Rawat be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act.
By Order,
PREM SINGH KHIMAL , Secretary, Law- cum-L.R .
उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार
कार्यालय ज्ञाप
01 जुलाई , 2020 ई ०
पत्रांक 34 / 07 / DPC/SO / अधि0 / 2019-20- उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग कार्यालय में समीक्षा अधिकारी से अनुभाग अधिकारी पद पर पदोन्नति हेतु गठित चयन समिति की बैठक दिनांक 01 जुलाई , 2020 की संस्तुति एवं मा० अध्यक्ष महोदय के अनुमोदन के क्रम में निम्न समीक्षा अधिकारियों को अनुभाग अधिकारी के पद पर लेवल -10 (वेतनमान ₹ 56,100 / - से ₹ 1,77,500 / -) में 01 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के अधीन नियमित प्रोन्नति प्रदान की जाती है:-
अधिकारी का नाम
क्र०सं०
2
1
श्री कैलाश लाल
1.
2.
श्री हरीश चन्द्र
प्रश्नगत पदोन्नति रिट याचिका संख्या 122 ऑफ 2017 कैलाश लाल बनाम उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग एवं अन्य तथा रिट याचिका संख्या 1854 (एस/ एस) 2007 सगीर अहमद बनाम उत्तराखण्ड राज्य / उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अधीन की जाती है ।
राजेन्द्र कुमार, सचिव।
पी०एस ०यू० (आर०ई०) 25 हिन्दी गजट / 241 -भाग 1-2020 ( कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- यू० ए ० / डी० ओ ० / डी० डी०एन ० /30 /2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
भाग 1 - क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
June29, 2020
No. 185 /XIV- a/32/ Admin.A/2019-- Shri Vikram , 2nd Addl . District Judge , Roorkee , District Hardwar is hereby sanctioned earned leave for 21 days w.e.f. 11.05.2020 to 31.05.2020 .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge,
Sd/-
Registrar (Inspection) .
NOTIFICATION
June30, 2020
No. 186/ UHC /Admin.B /2020 --In continuation to this Court's Notification No. 100/ UHC /Admin.B/2020 dated May 26, 2020 , Hon'ble the Court has been pleased to modify the Para 11 of the said Notification as under;
"The District Judges / Principal Judges / Judges , Family Courts are authorised to sanction Casual Leaves/ Station Leave of Judicial Officers , other than for officers under suspension" .
ByOrder of the Court ,
Sd/-
HIRA SINGH BONAL , Registrar General .
335 -ख 336
उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई , 2020 ई ० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
NOTIFICATION
July08, 2020
No. 187 /XIV/ a - 40 /Admin.A/ 2017--Ms . Nisha Devi , Civil Judge (Jr. Div. ) , Doiwala , District Dehradun is hereby sanctioned earned leave for 09 days w.e.f. 10.01.2020 to 18.01.2020 with permission to suffix 19.01.2020 as Sunday holiday.
ByOrder ofHon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar( Inspection) ..
कार्यालय राज्य कर आयुक्त , उत्तराखण्ड
(विधि-अनुभाग)
17 जून , 2020 ई ०
ज्वाइण्ट कमिश्नर (कार्य० ) , राज्य कर, देहरादून / हरिद्वार / रुड़की/ रुद्रपुर / हल्द्वानी सम्भाग ।
पत्रांक 461 / रा ० कर आयु० उत्तरा ०/ विधि-अनुभाग / Noti . Vol. I / 2020-21 / देहरादून-उत्तराखण्ड शासन वित्त अनुभाग 8 द्वारा जारी अधिसूचना संख्याएं 397/2020/5 ( 120 )/XXVII ( 8 )/2020 /CT- 38 ; 398/2020/5 ( 120 )/XXVII ( 8 )/ 2020/CT-39 ; 399/2020/5 ( 120 ) /XXVII (8 )/2020/CT- 40; समदिनांकित 12 जून , 2020 तथा शुद्धिपत्र संख्या 365 / 2020/ 5 (120)/XXVII ( 8 )/2020 दिनांक 15 जून, 2020 का संदर्भ ग्रहण करें, जिनके द्वारा क्रमशः उत्तराखण्ड माल और सेवा कर (पांचवां संशोधन) नियम , 2020 ; अधिसूचना संख्या 328/2020 तथा 344/2020 समदिनांकित 20 मई, 2020 में संशोधन तथा अधिसूचना संख्या 204/2020 दिनांक 19 फरवरी, 2020 में प्रारंभिक पैराग्राफ के क्रम संख्या (1 ) में , "4 " के स्थान पर "3" पढ़ा जाना अधिसूचित किया गया है ।
उपरोक्त अधिसूचनाओं एवं शुद्धिपत्र की प्रति आपको इस आशय से प्रेषित है कि उक्त अधिसूचनाओं की अतिरिक्त प्रतियां कराकर अपने अधीनस्थ समस्त कर निर्धारण अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों/ व्यापारी संगठनों के अध्यक्ष / सचिव को सूचनार्थ उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।
337 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
वित्त अनुभाग -8
अधिसूचना
12जून, 2020 ई 0
संख्या 397/2020/5 (120) /XXVII (8 ) /2020 /CT-38- राज्यपाल, उत्तराखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम संख्या 06 , वर्ष 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , सहर्ष उत्तराखण्ड माल और सेवा कर नियम, 2017 को अग्रेत्तर संशोधित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्: -
उत्तराखण्ड माल और सेवा कर ( पांचवां संशोधन) नियम, 2020
संक्षिप्त नाम एवं 1.
प्रारम्भ
( 1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड माल और सेवाकर (पांचवां संशोधन) नियम , 2020 है।
(2) यथा उपबन्धित के सिवाए , ये दिनांक 05 मई, 2020 से प्रवृत्त समझे जायेंगे ।
नियम 26 में संशोधन
2. उत्तराखण्ड माल और सेवाकर नियम, 2017 (जिसे इसके पश्चात उक्त नियम कहा गया है) केनियम 26 के उपनियम ( 1 ) में, 21 अप्रैल 2020 से, परन्तुक के पश्चात् निम्नलिखित परन्तुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: --
" परंतु और कि किसी भी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति को, जो कि कम्पनी अधिनियम , 2013 ( 2013 का 18 )के उपबंधों के अधीन रजिस्ट्रीकृत हो, को 21 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 तक की अवधि के दौरान , धारा 39 के तहत प्ररूप जीएसटीआर-3 ख में प्रस्तुत की जाने वाली विवरणी को इलेक्ट्रानिक सत्यापन कोड (ईवीसी) के माध्यम से सत्यापित करने की भी अनुमति है । "
नये नियम 67क 3. क़ा अन्तःस्थापन
उक्त नियम के नियम 67 के पश्चात, बाद में अधिसूचित किये जाने वाली तारीख से , निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: --
" 67क. लघु संदेश सेवा सुविधा के द्वारा विवरणी प्रस्तुत करने का प्रबंध- इस अध्याय मेंकिसी बात के होते हुए भी, ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति के मामले में जिससे धारा 39 के अंतर्गत प्ररूप जीएसटीआर -3 ख में किसी कर अवधि की 'शून्यविवरणी भरना अपेक्षित हो , इलेक्ट्रानिक तरीके से भरे जाने के किसी भी संदर्भ में उक्त विवरणी को रजिस्ट्रीकृत मोबाइल का प्रयोग करके लघु संदेश सेवा के माध्यम से भरे जाने की बात भी शामिल होगी और उक्त रिटर्न का सत्यापन उसके रजिस्ट्रीकृत मोबाइल नंबर आधारित 'वन टाइम पासवर्ड' की सुविधाके आधार पर किया जाएगा ।
स्पष्टीकरणः- इस नियम के प्रयोजन के लिए, 'शून्य'विवरणी का मतलब धारा 39 के अधीन किसी कर अवधि से संबंधित कोई ऐसी विवरणी है जिसमें प्ररूप जीएसटीआर -3 ख की सभी सारणी में शून्य दर्शाया गया हो या उसमें कोई प्रविष्टि न हो । " [भाग 1 -क 338
उत्तराखण्ड गजट, 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
Inpursuance of the provisions of clause (3 ) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of the Notification No. 397/2020/5 (120) / XXVII (8 )/2020/CT-38 , dated June 12, 2020 for general information .
NOTIFICATION
June12, 2020
No.397/ 2020/5 ( 120) /XXVII ( 8 ) / 2020/CT- 38-- In exercise of the powers conferred by Section 164 of the Uttarakhand Goods and Services Tax Act , 2017 (Act No. 06 of 2017) , the Governor is pleased to make the following rules to further amend the Uttarakhand Goods and Services Tax Rules , 2017, namely : --
The Uttarakhand Goods and Services Tax (Fifth Amendment ) Rules , 2020
1.
Short Title and Commencement
(1) These rules may be called the Uttarakhand Goods and Services Tax (Fifth Amendment) Rules , 2020 .
(2) Save as otherwise provided , they shall deemed to have beeri come into force from 05-05-2020 .
Amendment in Rule 26
2. In the Uttarakhand Goods and Services Tax Rules , 2017 (hereinafter referred to as the said rules ) , with effect from the 21st April, 2020, in rule 26 in sub - rule ( 1 ) , after the proviso , following proviso shall be inserted, namely : -
"Provided further that a registered person registered under the provisions of the Companies Act , 2013 ( 18 of 2013 ) shall, during the period from the 21st day of April , 2020 to the 30th day of June , 2020, also be allowed to furnish the return under section 39 in FORM GSTR - 3B verified through electronic verification code (EVC) ."
Insertion of new rule 67A
3. In the said rules , after rule 67, with effect from a date to be notified . later, the following rule shall be inserted, namely: -
"67A.Manner of furnishing of return by short messaging service facility. Notwithstanding anything contained in this Chapter , for a registered person who is required to furnish a Nil return under section 39 in FORM GSTR - 3B for a tax period , any reference to electronic furnishing shall include furnishing of the said return through a short messaging service using the registered mobile number and the said return shall be verified by a registered mobile number based One Time Password facility.
Explanation . For the purpose of this rule , a Nil return shall mean a return under section 39 for a tax period that has nil or no entry in all the Tables in FORM GSTR- 3B . " .
339 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
अधिसूचना
12जून, 2020 ई0
संख्या 398/2020/5 (120 ) /XXVII (8 ) / 2020 /CT-39-चूँकि राज्य सरकार का समाधान हो गया है कि लोक हित में ऐसा करना समीचीन है;
अतएव, अब, राज्यपाल, उत्तराखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( 2017 का 06) की धारा 148 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद् की सिफारिशों पर, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 328/2020/5( 120) /XXVII ( 8 ) /2020 / CT - 11 दिनांक 20 मई, 2020 में निम्नलिखित संशोधन करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं, अर्थात्ः-
उक्तअधिसूचना में-
(i ) प्रथम पैरा में, निम्नलिखित परन्तुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: -
"परंतु व्यक्तियों के ऐसे वर्ग में वे निगमित ऋणी नहीं आयेंगे जिन्होंने आईआरपी/ आरपी की नियुक्ति के पहले तक कीसभी कर अवधियों के लिए उक्त अधिनियम की धारा 37 के अधीन विवरण और धारा 39 के अधीन विवरणी भर दिया है । " :
(ii ) पैरा 2 के स्थान पर, तारीख 21 मार्च, 2020 से, निम्नलिखित पैरा रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"2. रजिस्ट्रीकरण - ऐसे व्यक्तियों के उक्त वर्ग को, आईआरपी/ आरपी तारीख की नियुक्ति की तारीख से प्रभावी निगमित ऋणी के सुभिन्न व्यक्ति के रूप में माना जाएगा और प्रत्येक राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में जहां वह निगमित ऋणी पूर्व में रजिस्टर्ड था, आईआरपी/ आरपी की नियुक्ति के तीस दिन के भीतर या 30 जून, 2020 तक, जो भी पश्चातवर्ती हो, नया रजिस्ट्रीकरण (जिसे इसमें इसके पश्चात नया रजिस्ट्रीकरण कहा गया है) कराने के लिए उत्तरदायी होगा । "
Inpursuance of the provisions of clause (3 ) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of the Notification No. 398/2020/5 (120) / XXVII (8)/ 2020/CT- 39 , dated June 12 , 2020 for general information .
NOTIFICATION
June12, 2020
No. 398/2020/5 (120 ) /XXVII (8 )/ 2020/CT- 39 -- WHEREAS , the State Government is satisfied that it is expedient so to do in public interest ;
NOW, THEREFORE, In exercise of the powers conferred by section 148 of the Uttarakhand Goods and Services Tax Act, 2017 (Act No. 06 of 2017), the Governor, on the recommendations of the Council , is pleased to allowto make the following amendments in the notification of the Government of Uttarakhand No. 328/2020/5 (120 )/XXVII ( 8 ) / 2020 / CT- 11 dated 20 May, 2020, namely: -
In the said notification
(i) in the first paragraph, the following proviso shall be inserted, namely: -
"Provided that the said class of persons shall not include those corporate debtors who have furnished the statements under section 37 and the returns under section 39 of the saidAct for all the tax periods prior to the appointment of IRP /RP . ";
340
[भाग 1 क उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई , 2020 ई० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्)
(ii) for the paragraph 2, with effect from the 21st March, 2020 , the following paragraph shall be substituted, namely: -
" 2. Registration. The said class of persons shall , with effect from the date of appointment of IRP / RP, be treated as a distinct person of the corporate debtor , and shall be liable to take a new registration (hereinafter referred to as the new registration) in each of the States or Union territories where the corporate debtor was registered earlier, within thirty days of the appointment of the IRP /RP or by 30th June , 2020, whichever is later. "
अधिसूचना
12जून , 2020 ई0
संख्या 399/2020/5 ( 120 ) /XXVII (8 ) / 2020/CT-40-चूँकि राज्य सरकार का समाधान हो गया है कि लोक हित में ऐसा करना समीचीन है;
अतएव , अब, राज्यपाल, उत्तराखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम संख्या 06 वर्ष 2017 ) (जिसे इसके पश्चात् इसअधिसूचना में उक्त अधिनियम कहा गया है ) की धारा 168 क के साथ पठित एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (2017 का 13) की धारा 20 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , परिषद् की सिफारिशों पर , उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 344/2020/5 ( 120 ) /XXVII (8 ) /2020/ CT- 35 दिनांक 20 मई , 2020 में निम्नलिखित संशोधन करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं, अर्थात्: -
उक्त अधिसूचना के प्रथम पैरा में, खंड (ii ) में, निम्नलिखित परन्तुक को अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: - "परंतु जहां उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर नियम, 2017 के नियम 138 के अधीन, मार्च, 2020 के 24वें दिन तक या उसके पूर्व, ई-वे बिल सृजित किया गया है और जिसकी वैधता की अवधि, मार्च, 2020 के 20वें दिन से अप्रैल , 2020 के 15वें दिन के दौरान समाप्त हो गई है , ऐसे ई- वे बिल की वैधता अवधि को मई, 2020 के 31 वें दिन तक बढ़ा दिया गया माना जाएगा । "
आज्ञा से, अमित सिंह नेगी, सचिव।
In pursuance of the provisions of clause (3 ) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of the Notification No. 399/2020/5 (120)/ XXVII (8 )/2020/CT- 40 , dated June 12, 2020 for general information .
NOTIFICATION
June12, 2020
No. 399/2020/5 ( 120 ) /XXVII (8 ) / 2020 /CT - 40 -- WHEREAS , the State Government is satisfied that it is expedient so to do in public interest;
NOW, THEREFORE , In exercise of the powers conferred by section 168A of the Uttarakhand Goods and Services Tax Act , 2017 (Act No. 06 of 2017 ) (hereafter in this notification referred to as the said Act) , read with section 20 of the Integrated Goods and 341 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई , 2020 ई० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्)
Services Tax Act , 2017 ( 13 of 2017) , the Governor , on the recommendations of the Council', ... is pleased to allow to make the following amendment in the notification of the Government ofUttarakhand No. 344/2020/5 ( 120 )/XXVII (8 ) / 2020 /CT-35 dated 20 May, 2020 , namely: -
In the said notification, in the first paragraph , in clause (ii) , the following proviso shall be inserted, namely : -
"Provided that where an e - way bill has been generated under rule 138 of the Uttarakhand Goods and Services Tax Rules , 2017 on or before the 24th day of March , 2020 and its period ofvalidity expires during the period 20th day of March, 2020 to the 15th day ofApril, 2020, the validity period of such e-way bill shall be deemed to have been extended till the 31st day ofMay, 2020. " .
ByOrder,
AMIT SINGH NEGI , Secretary.
शुद्धिपत्र
15 जून, 2020 ई०
संख्या 365/2020/5 ( 120 ) / XXVII (8 ) / 2020- उत्तराखण्ड शासन वित्त अनुभाग-8 की अधिसूचना संख्या 204/2020/04 ( 120 ) / XXVII ( 8 ) / 2019 / CT-01 दिनांक 19 फरवरी , 2020 , में प्रारंभिक पैराग्राफ के क्रम संख्या (1 ) में, " 4 " के स्थान पर " 3 " पढ़ा जाए ।
अमित सिंह नेगी, सचिव ।
In pursuance of the provisions of clause (3 ) of Article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of the Notification No. 365/2020/5 ( 120)/ XXVII (8)/2020 , dated June 15, 2020 for general information.
CORRIGENDUM
June15, 2020
No. 365/2020/5 (120) /XXVII ( 8 )/ 2020-- In the notification of the Government of Uttarakhand Finance Section-8 No. 204/2020/04 ( 120 ) /XXVII ( 8 ) /2019 /CT- 01 , dated 19th February , 2020, in serial no. (1 ) to the opening paragraph, for " 4 " read "3 "..
AMIT SINGH NEGI , Secretary.
विपिन चन्द्र,
अपर आयुक्त (वि० वे० ) राज्य कर, मुख्यालय, देहरादून ।
पी० एस ०यू० (आर०ई० ) 25 हिन्दी गजट / 241 -भाग 1- क-2020 (कम्प्यूटर/ रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- यू०ए ० / डी० ओ ० / डी०डी० एन ०/ 30 / 2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मेरे हाईस्कूल के प्रमाण-पत्र में त्रुटिवश नाम की स्पेलिंग में मेरा नाम AJIM AHMAD KHAN हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम AZIM AHMAD KHAN है । भविष्य में मुझे AZIM AHMAD KHAN पुत्र ZAFAR AHMAD के नाम से जाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई है ।
AZIM AHMAD KHAN पुत्र ZAFAR AHMAD
निवासी क्यू नं 0 209, टाईप-2,
सेक्टर-3 , बी० एच ०ई० एल० , रानीपुर, हरिद्वार ।
211-ट [भाग 8 212
उत्तराखण्ड गजट , 25 जुलाई, 2020 ई० (श्रावण 03, 1942 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर पंचायत बदरीनाथ , चमोली
सार्वजनिक सूचना
13 जनवरी , 2020 ई ०
पत्रांकः 379 / फी० स्ल० उपविधि / 2019-20- नगर पंचायत बदरीनाथ , चमोली सीमान्तर्गत उ० प्र० नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-298 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की उपधारा -2 खण्ड- (ख ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत बदरीनाथ द्वारा " फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धकीय उपनियम-2019" बनायी जाती हैं, जो नगर पालिका अधिनियम-2016 की धारा-30 (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो , उनसे आपत्ति एवं सुझाव हेतु प्रकाशित की जा रही है ।
अतः समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बदरीनाथ, चमोली को प्रेषित की जा सकेगी । वाद मियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा:-
अध्याय-1
सामान्य
1. संक्षिप्त नाम और लागे होने की तारीखः
(1) ये उपनियम नगर पंचायत बदरीनाथ, चमोली "फीकल स्लज एंव सेप्टेज प्रबंधकीय उपनियम-2019" कहलायेगा ।
(2) ये उपनियम नगर पंचायत बदरीनाथ, चमोली के सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होंगे ।
2. ये उपनियम नगर पंचायत बदरीनाथ की सीमाओं के भीतर लागू होंगे ।
1. प्रसंगः-
देश का विगत अनुभव दिखाता है कि सेप्टिक टैंक और अवधीय जो डिजाइन से सम्बन्धित है और परिवार और ग्रामीण संस्थाओं द्वारा वर्षो से अनुपालन किया जा रहा है , वह इस समय सोचनीय प्रबंधन में है । यह महत्वपूर्ण है कि एक उचित वैज्ञानिक प्रबंध इन मामलों में / सेप्टेज का अनुपालन किया जाता है, ताकि सेप्टेज / फीकल स्लज सेप्टिक टैंक, गड्ढे, शौचालय , पर्यावरण नदी एंव अन्य पानी के स्रोत को प्रदूषित न करें ।
1.1 राष्ट्रीय फीकल स्लज एंव सेप्टेज प्रबंधकीय नीतिः
इस पहलू को संबोधित करने हेतु ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने एक फामूर्ला प्रकाशित किया है, राष्ट्रीय फीकल स्लज एंव सेप्टेज प्रबंध नीति " वर्ष 2017 में इस दृष्टिकोण के साथ कि समस्त भारतीय शहर और नगर पूर्ण रुप से स्वच्छ, तंदुरुस्त और जीवित बने रहे और अच्छी सफाई भी बनी रहे । जिसके साथ उन्नत स्थल स्वच्छता सेवा साथ ही फीकल स्लज और सेप्टेज और सेपटेज प्रबंधक, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर को अधिकतम प्राप्त किया जा सके और स्वच्छ वातावरण बना रहे, जिसमें गरोबो पर ध्यान केंन्द्रित किया जाये ।
शहरी नीति का मुख्य उद्देश्य एक प्रसन्न, प्राथमिकता और दिशा निर्धारित करनी है, ताकि राष्ट्रव्यापी अनुपालन इन सेवाओं का समस्त क्षेत्र में हो सके, जैसे कि सुरक्षित और स्थायी सफाई व्यवस्थां एक वास्तविकता प्रत्येक परिवार के लिये गलियों में नगर और शहरों में बनी रह सके ।
213 उत्तराखण्डं गजट , 25 जुलाई , 2020 ई० (श्रावण 03 , 1942 शक सम्वत्)
भाग 8]
उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोलः
1.2
आदरणीय एन०जी०टी० आदेश सं० 10/2015 दिनाँक 10-12-2015 ने निम्न निर्देष निर्गत किये है, जो कि उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रबंध से सम्बन्धित है । " उचित प्रबंध योजना या प्रोटोकोल तैयार किया जायेगा और राज्य द्वारा तथा समस्त एजेन्सी द्वारा सूचित किया जायेगा । यह आशान्वित रकने के लिए कि सीवरेज की निकासी जो कि सामान्य सेप्टिक टैंक में या बायो डाइजेस्टर में एकत्रित की जाती है, नियमित रुप से खाली की जाये और उसका उचित प्रबंध किया जाये और उसके परिणामस्वरुप खाद जो इस प्रकार से एकत्रित हुई है वह निशुल्क किसानो में वितरित हीं जाये और इस उद्देश्य हेतु राज्य प्रशासन एक प्रभावी भागीदारी सम्बन्धित नगर पंचायत कहलायेगी ।
उपरोक्त के अनुपालन में और जल आपूर्ति एंव सीवेरेज अधिनियम 1975 / नगरपानिका अधिनियम 2016 शहरी विकास निर्देशालय जा कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के समन्वय से होगा, उन्होने एक प्रोटोकोल सेप्टेज प्रबंध के लिय तैयार किया है, जो कि सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सराकार द्वारा सूचित किया गया है, ताकि इसका अनुपालन शहरों/ नगरों में हो सके आदेश संख्या 597 / iv(2)-श०वि०-2017-50 (सा0) / 16 दिनाँक 22-05-2017 राज्य का सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल राज्य और शहरों को यह दिग्दर्शन कराता है, ताकि वैज्ञानिक सेप्टेज प्रबंध बना रहे, जो एकत्रीकरण , परिवहन, इलाज , सेप्टेज/ फीकल स्लज का निस्तारण और पुनः प्रयोग हो सके । स्पष्ट दिशा निर्देश इस प्रोटोकोल के है कि राज्य और शहरी अधिकारियों को इस योग्य बनाया जाये कि वे अपने सेप्टेज प्रबंध का उच्चीकरण कर सके और परियोजना के पूर्ण विनियोग की पहचान कर सके । इस प्रोटोकोल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए और आंतरिक विभागीय समन्वय हेतु एक सेप्टेज मैनेजमेन्ट सेल का आयोजन किया गया है, जिसके अन्र्तगत नगर पंचायत बदरीनाथ , जल निगम, जल संस्थान होंगे ।।
2- नगरीय उपकानून / फीकल स्लज एंव सेप्टेज प्रबंध का नियमितिकरणः
सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल के अनुसार जो कि शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार के शासनादेश संख्या- 597/ iv (2)- श० वि०-2017-50 (सा०)/ 16 दिनाँक 22-05-2017 एंव समस्त लागू होने योग्य नियम कानून या नियमावली नगर पंचायत बदरीनाथ नियमित ढॉचा रिक्त करने , एकत्र करने परिवहन और सेप्टेज / फीकल स्लज के परिवहन एंव निस्तारण हेतु जैसा कि संदर्भित है । फीकल स्लज एंव सेप्टेज प्रबंध उपनियम के अर्न्तगत, जो कि यहाँ स्वीकृत किया जाता है और इसके अनुपालन हेतु नगर पंचायत बदरीनाथ के क्षेत्राधिकार के अर्न्तगत सूचित किया जाता है ।
3. उद्देश्य एंव कार्यक्षेत्रः
नियमावली के उद्देश्य एंव कार्यक्षेत्र निम्नवत् हैः
1. निर्माण , सेप्टिक टैंक के दैनिक रखरखाव और शौचालय के गढडे , परिवहन इलाज और सुरक्षित रखरखाव जो कि सलज और सेप्टेज से सम्बन्धित है ।
2. क्षेत्र के मालिक द्वारा जो कार्य किया जाना है, उसको निर्देशित करना जो कि सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे से और फीकल स्लज एंव सेप्टेज परिवहन से सम्बन्धित है, ताकि वे इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कर सके ।
3. उचित निरीक्षण प्रदान करना और मशीनरी का अनुपालन ।
4. लागत वसूली सुनिश्चित करना जो सलज के और सेप्टेज प्रबंध के उचित प्रबंध हेतु है ।
5. निजी और गैर सरकारी क्षेत्र फीकल सल्ज़ एंव सेप्टेज प्रबंध में सहभागी की सुविधा देना ।
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4. एकत्रीकरण, परिवहन , इलाज और सेप्टेज के खुर्द-खुर्द हेतु एक प्रक्रिया अपनानाः
4.1 सेप्टिक टैंक और सेप्टेज / फीकल स्लज एकत्रीकरण को रिक्त करनाः
सेप्टिक टैंक की तली में जो जमा हो गया है, उसको काटना और एक बार उसको ठीक करना, जो कि गहराई में पहुँच गया है , या बार बार के आखिर में जो डिज़ाइन, जो कोई भी पहले आवे ।
जबकि सल्ज को सुखाना और सेप्टिक टैंक को जो द्रव्य, उसको भी सुखाना । मैकेनिकल वेक्यून टैंकर का भी उपयोग नगरीय अधिकारियों द्वाराः सेप्टिक टैंक को खाली करने हेतु उपयोग किया जाना चाहिए ।
सुरक्षा प्रक्रिया जैसा कि सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल मे वर्णित है, को सेप्टिक टैंक के खाली करते समय और सेप्टेज के परिवहन के समय इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए ।
4.2 सेप्टेज / फीकल स्लज का परिवहनः
1. फीकल सल्ज एंव सेप्टेज ट्रार्सपोर्टर वाहन के सुरक्षित परिवहन हेतु उत्तरदायी होंगे । जैसा कि समय - समय पर एस ० एम० सी ० द्वारा स्वीकृत किये जायेंगे ।
2. फीकल सल्ज एंव सेप्टेज परिवहन निर्माता यह आश्वासन देंगे किः
अ. पंजीकृत संग्रह वाहन जिसके अर्न्तगत समस्त उपकरण जो कि परिवहन हेतु इस्तेमाल किये जायेंगे. फीकल सल्ज एंव सेप्टेज हेतु । जो कि छिद्र निरोधी होगा और फीकल सल्ज एंव सेप्टेज के सुरक्षा हेतुं ताला बंद रहेगा और लागू किये जाने योग्य मानदंड का अनुपालन करेंगे ।
ब. कोई भी टैंक और उपकरण जो फीकलं सल्ज एंव सेप्टेज हेतु उपयोग में लाया जायेगा वह किसी अन्य वस्तु या द्रव्य को परिवहन हेतु इस्तेमाल नही किया जायेगा ।...
4.3 सेप्टेज का निष्पादन और इलाजः
राज्य सेप्टेज मैनेजमेट प्रोटोकोल के अनुसार प्रत्येक नगर को अपनी एक इकाई होगी । अगर पहले से 25 किमी0 के अंर्तगत स्थित है तो सेप्टेज को नजदीकी एस ०टी० पी० में परिवहन किया जायेगा, अन्यथा एक अलग सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लान का निर्माण किया जायेगा ।
5. सुरक्षा उपायः-
1. उचित तकनीकी शयंत्र, सुरक्षा, दियर का प्रयोग करते हुये मल निस्तारण किया जाना चाहिए जैसा कि उत्तराखण्ड राज्य सेप्टेज प्रबंधक प्रोटोकोल 2017 में वर्णित हैं ।
2. फीकल सल्ज एंव सेप्टेज ट्रासंपोर्टर यह आशान्वित करें किः
अ. समस्त मल निस्तारण कर्मचारी उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सेपटी गेयर और यंत्र जिसके अर्न्तगत कंधे की लंबाई तक पूरा काटेड लियोप्रीन लोपस, रबड बूट, चेहरे का मास्क और ऑखो की सुरक्षा जैसा कि रोजगार का नियन्त्रण जो कि मेनवल स्कोबेंजर और उनके पुनर्वास नियम 2013 में उल्लिखित है ।
ब. समस्त सुरक्षा उपकरण एकत्रीकरण क्षेत्र से पहले अपना लिया जाये ।
स. चाहिए । समस्त मल निस्तारण कार्यकर्ताओ को सुरक्षा गियर और स्वास्थ्यवर्धक उपकरण की शिक्षा दी जानी द. प्रथम सहायता किट, गैस का पता करने वाला लैंप , आग बुझाने वाले यन्त्र, मल निस्तारण गाडी में रखे जाते हैं , जिससे पहले कि यह एकत्रीकरण क्षेत्र में जाता है ।
य धुम्रपान जबकि सेप्टिक टैंक और पिट लैट्रिन में काम चल रहा हो, धुम्रपान वर्जित है ।
र. मल निस्तारण कार्यकर्ता सेप्टिक टैंक में और शौचालयय गड्ढे में प्रवेश नही करेंगे और आच्छादित टैंक को हवा के लिऐ आना - जाना रखेंगे , जो कि इस कार्य को शुरु करने से पहले किया जाना आवश्यक है ।
ल. बच्चों को टैकं के ढक्कन से दूर रखा जाये , ताकि वे टैंक के स्कू और ताले से सुरक्षित रहे । कर्मचारी सवाधान रहेंगे कि जब मल निस्तारण प्रक्रिया चल रही हो, जो कि ढक्कन कर अत्यधिक भार हेतु है या मेन हॉल का आच्छादन टूटने से बचा रहे ।
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भाग 8]
6. सेप्टेज खाली करना और वाहन के पंजीकरण का परिवहनः
6.1 नगर पंचायत बदरीनाथ चमोली दर्ज करेगा और लाईसेन्स निर्गत करेगा । निजी व्यवसायों के लिए जिनके पास मशीनीकरण खाली करना और परिवहन उपलब्ध हो । इस प्रकार का लाईसेंस निर्गत करने से पहले यह आशान्वित करेगा कि वह ट्रक उचित उपकरण और उचित सुरक्षा माप से सुसज्जित है । सेप्टेज ट्रांसपोर्टर और उसका पंजीकरण हेतु प्रार्थना-पत्र प्रस्तु करेगा, जो कि गाडियों के परिवहन हेतु होगा । ये निजी व्यक्ति को भी अपने इस कार्य में उत्साहित करेंगे । पंजीकरण प्रपत्र और परमिट परिशिष्ट- ए, 2 में संलग्न है ।
6.2. कोई भी व्यक्ति या वाहन पंजीकृत सेप्टेज ट्रॉसपोर्टर द्वारा प्रयोग किया जायेगा, जो कि एकत्रीकरण परिवहन और सेप्टेज के प्रयोजन हेतु है । जब तक इसका पंजीकरण सेप्टेज ट्रांसपोट्रेशन व्हीकल एस०एम०सी० के साथ इन प्रोटोकोलों में जब तक पंजीकृत नही हैं ।
सारणी 1 पंजीकरण व्यय
: रु० 2,000.00 प्रति गाडी
अ. प्रारम्भिक पंजीकरण
: रु० 1,500.00 प्रति गाडी
ब. नवीनीकरण
: रु० 1,000.00 प्रति गाडी
स. नाम परिवर्तन या स्वामित्व का परिवर्तन
: रु० 1,000.00 प्रति गाडी
द. अन्य संशोधन आवश्यकतानुसार
(समस्त लागत दर 10 प्रतिशत वार्षिक के हिसाब से बढेगा)
पंजीकरण व्यय जैसा कि सांकेतिक है निकाय के बोर्ड द्वारा जो स्वीकृत है, उसमें अंतर आ सकता है ।
7. उपभोक्ता लागत और इसका संचयः
7.1 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जो सेप्टिक टैंक और षौचालय के गड्ढे जिसका भुगतान उपभोक्ता करेगा जैसा कि निकाय में फीकल सल्ज एंव सेप्टेज उपनियम में समय - समय पर दर्शाया गया है जो कि सेप्टिक. टैंक के भरने, शौचालय के गड्ढे, परिवहन और फीकल सल्ज एंव सेप्टेज के उपाय हेतु है ।
7.2 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जिनके अपने क्षेत्र में निरर्थक पानी के निष्कासन की प्रणाली उपलब्ध है , जो कि निकाय कार्य एंव शिकायत हेतु प्रमाणित है और वे भी जो कि सीवर नेटवर्क से सम्बन्धित है, उनको उपभोक्ता के भुगतान से विमुक्त किया जाता है ।
7.3 निकाय अपनी लागत संशोधित करेगा, जो कि समय- समय पर इससे सम्बन्धित है । ऐसी उपभोक्ता लागत जिसके अंर्तगत मल निस्तारण लागत परिवहन एंव फीकल सल्ज एंव सेप्टेज के निष्कासन हेतु ।
7.4 उपभोक्ता लागत क्षेत्र विशेध के स्वामी से एकत्र किये जाये जो निम्नवत् है ।
अ. उपभोक्ता लागत प्रत्यक्ष रुप सेः निकाय द्वारा वसूल किया जायेगा या निकास फण्ड मे जमा किसा जायेगा । सम्बन्धित भवन सेप्टिक टैंक मालिक से ।
ब. निकाय किसी भी व्यक्ति को अधिकृत कर सकता है जिसके अन्र्तगत फीकल सल्ज एंव सेप्टेज परिवहन जो कि उपभोक्ता लागत से एकत्रित की जायेगी । जो कि उस क्षेत्र विशेष स्वामी का है और सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे से सम्बन्धित है । एक यादगार समझदारी निकाय और अधिकृत फीकल सल्ज एंव सेप्टेज परिवहनकर्ता के बीच अनुबंधित होगी । जो यह अधिकारी देगा कि वह इसकी लागत वसूल करें और उसका भुगतान निकाय को करना होगा ।
स. उपभोक्ता लागत का मासिक सिचाई लागत सा सम्पत्ति कर मे जोडा जायेगा या एक विशेष नगरीय पर्यावरण फीस या भुगतान जैसा कि कार्यक्रम के अंतर्गत होगा, करना पडेगा ।
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सारणी 2: उपभोक्ता लागतः- क० वर्ग सं० 1 टीनशेड वाला मकान 2 अन्य समस्त मकान 3 दुकान 4 समस्त सरकारी / निजी कार्यालय 5 बैंक 6 सामुदायिक शौचालय / मूत्रालय 7 रेस्टोरेंट 8 होटल/ गेस्ट हाउस 1-10 कमरें 9 होटल/ अतिथि गृह 11-20 कमरें 10 होटल/ अतिथि गृह 20 कमरें से ज्यादा 11 धर्मशाला 1-25 कमरें 12 धर्मशाला 15 कमरें से ज्यादा 13 3 स्टार होटल 14 5 स्टार होटल 15 सरकारी स्कूल / कॉलेज 16 निजी स्कूल/ कॉलेज 17 2 व्हीलर व्हीकल शौरुम 18 4 व्हीलर वाहन शौरुम 19. सिनेमा हॉल 20 होटल 0-20 कमरें 21 होटल 21 से 50 कमरें 22 होटल 50 कमरें से अधिक 23 विवाह हॉल/ बैंकेट हॉल 24 बार 25 सरकारी हॉस्पीटल 26 नर्सिंग हॉम/ क्लीनिक 27 पैथोलोजिकल लैब 28 निजी अस्पताल 20 विस्तर तक 29 निजी अस्पताल 20 से 50 विस्तर तक 30 निजी अस्पताल 50 विस्तर से अधिक 31 चवल की मिल/ अन्य मिलि 32 अन्य उद्योग शिड्कूल क्षेत्र में 33 अन्य उद्योग शिड्कूल क्षेत्र से बाहर
नोट:-
प्रति यात्रा विराम की अधिकतम मासिक दंड 1.5 की दर
लागत अवधि जो कि सेप्टिक सामान्य लागत के लिए जो
टैंक एंव शौचालय कि निर्धारित मल निस्तारण
गड्डे हेतु निर्धारित है के अनुपालन हेतु होगा
1000 कम से कम 2-3 वर्ष 50
में एक बार
3500 जब टैंक 2 होते है 100
2500 2/3 जों भी पहले भरा 125
2000 जाये कम से कम 250
3500 प्रत्येक 2 वर्ष में एक 312
3000 बार जब टैंक का 2/3 500
2000 भाग पहले भरा हो 500
3500 250
4000 250
5000 500
3500 625
5000 200
3500 400
5000 750
2000 1000
2500 500.
2000 625
2500 500
3500 625
3500 1250
4000 500
5000 550
3500 1100
3500 625
3000 625
3000 500
3000 500
3500 500
4000 1250
5000 1500
3500 1750
4000 500
3500 1500
1. उपरोक्त उपभोक्ता व्यय सांकेतिक है, और उनका निर्णय और स्वीकृति नगर पंचायत बदरीनाथ चमोली द्वारा निर्णित किये जायेगें ।
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भाग 8]
2. मल निस्तारण विशेष समयावधि में होगा या जब टैंक 2/3:की आपूर्ति कर देता है (जैसा कि नगर पंचायत बदरीनाथ चमोली द्वारा स्वीकृतहै).।
3. उपभोक्ता लागत 5 प्रतिशत वार्षिक दर से बढायी जायेगी ।
8. मैकेनिजम का निरीक्षण , कियान्वयन और मजबूती देनाः
8.1 कोई भी व्यक्ति जो कि एस० एम० सी० / नगर पंचायत बदरीनाथ चमोली क्षरा अधिकृत है, उसको पूर्ण अधिकार होगा कि वह सेप्टिक टैंक एंव हर एक मकान के शौचालय गड्ढे या सामुदायिक/संस्थागत आदि का निरीक्षण करेगा ।
8.2 मल निस्तारण का अनुपालन न करना जैसा कि उपरोक्त वर्णित है, जुर्माना अलग से लगायया जायेगा, और इससे प्राप्त धनराशि नगर पंचायत बदरीनाथ में जमा होगी ।
8.3 नगर पंचायत बदरीनाथ के अपने क्षेत्र के सेप्टिक टैक के खाली होने का अभिलेख रखेगें ।
8.4 अवचेतना कार्यकम समय- समय पर चलाया जायेगा, जो कि प्रत्येक व्यक्ति सरकार या निजी व्यवसायी के प्रशिक्षण हेतु होगी। जो कि सेप्टिक टैंक, बायोडाइजेस्टर, मल निस्तारण सेप्टिक टैंक का एकत्रीकरण ,मशीनरी , परिवहन निष्पादन और सेप्टेंज का इलाज ।
9. दण्ड-
दंड का ढॉचा उपकरण से रहित / अकार्यशील जी०पी० एस० प्रणाली निर्धन वर्ग की शिकायतें, फीकल सल्ज एंव सेप्टेज का एकत्र न करना और सेप्टेज इलाल प्लांट का /आर.एन.एल. का रजिस्ट्रीकरण न करना । सुरक्षित उपाय मल निस्तारण गाडियों का अनुपालन न करना । सारणी 3: दंड
शिकायत का प्रकार
क० सं०
दंड या कार्यवाही वर्ष में दुबारा पकडी गयी मल निस्तारण वाहन
दंड या कार्यवाही प्रथम दृष्टया पकडी गयी वर्ष में एक बार मल निस्तारण वाहन
A
2500 1
लोगो की सोचनीय सेवा कीं शिकायत
1000
कि 2 सेप्टेज / फीकल सल्ज जैसा विशेष कार्यक्षेत्र में
1000 3 पंजीकरण न करना / पंजीकरण का नवीनीकरण न करना
4
5000 विशेष सुरक्षा उपायो का पालन न करना
5000 5 जी०पी०एस० जो वाहन पर लगाया गया है उसका कार्य न करना
सुनील पुरोहित ,
अधिशासी अधिकारी,
नगर पंचायत बद्रीनाथ ।
दंड या कार्यवाही वर्ष में तीसरे समय पकडी गयी विशेष रुप से मल निस्तारण वाहन
500
03 महीने के लिए परमिट सेवा की शिकायत परमिट का निरस्तीकरण
6 माह कि लिये परमिट को स्थगित करना
20000
10000
10000
आर०टी०ओ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण करने हेतु 3 महीने के लिए परमिट को स्थगित करना / परमिट का निरस्तीकरण लिए स्थगित करना
अनिल कुमार चन्याल , प्रभारी अधिकारी, नगर पंचायत बद्रीनाथ ।
पी०एस०यू० (आर० ई०) 25 हिन्दी गजट / 241 -भाग 8-2020 (कम्प्यूटर /रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।