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Uttarakhand Gazette · Government of Uttarakhand

Notification

Published 06 November 2021

Notification no.
7/No.-E/XXXVI-A-1/2021-09No.-G/2011
Issued By
RAJENDRA SINGH(PRINCIPAL SECRETARY)
Identifier
in.gazette.uttarakhand.2021-11-06.7_No.-E_XXXVI-A-1_2021-09No.-G_2011
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

[ संख्या-45 खण्ड-22 ] रुड़की , शनिवार, दिनांक 06 नवम्बर, 2021 ई० (कार्तिक 15, 1943 शक सम्वत्)

विषय-सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु०

सम्पूर्ण गजट का मूल्य

3075

573-575

1500 भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

759-762

1500 भाग 1 -क- नियम, कार्य - विधियां, आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975 भाग 3- स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975

975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975 भाग 6- बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

975 भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

367-378

975 भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़- पत्र आदि

1425

573-क 574

उत्तराखण्ड गजट , 06 नवम्बर, 2021 ई० (कार्तिक 15, 1943 शक सम्वत्)

[भाग 1

भाग 1

विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

न्याय अनुभाग -1

अधिसूचना

नियुक्ति

13 अक्टूबर, 2021 ई 0

संख्या-7 / नो ० ई ० /XXXVI - A - 1 / 2021-09 नो 0ई 0/ 2011 - श्री राज्यपाल , नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952) की धारा -3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री ज्योति प्रसाद भट्ट , अधिवक्ता को दिनांक 13-10-2021 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये तहसील जाखणीधार , जिला टिहरी गढ़वाल में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री ज्योति प्रसाद भट्ट का नाम उक्त अधिनियम की धारा-4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।

आज्ञा से, राजेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी ।

In pursuance of the provisions of Clause (3) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 7 / No- E/XXXVI - A- 1 / 2021-09 No.- E/2011 Dated - October 13 , 2021 .

NOTIFICATION

Appointment

October 13 , 2021

No.7 /No - E /XXXVI- A - 1 /2021-09 No. -G /2011 -- In exercise of the powers conferredby Section 3 of theNotaries Act , 1952 ( Act No - 53 of 1952) , the Governor is pleased to appoint Mr. Jyoti Prasad Bhatt, Advocate as Notary for a period of five years with effect from 13-10-2021 for Tehsil Jhakhnidhar , District Tehri Garhwal and in exercise of the powers conferred by sub - rule (4) of rule 8 of Notaries Rules, 1956 also directs that the name of Mr. Jyoti Prasad Bhatt be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act.

ByOrder, RAJENDRA SINGH , Principal Secretary, Law- cum - L.R .

भाग 1 ]

575 उत्तराखण्ड गजट , 06 नवम्बर, 2021 ई० (कार्तिक 15 , 1943 शक सम्वत्)

उच्च शिक्षा अनुभाग -3

अधिसूचना

24 सितम्बर , 2021 ई ०

संख्या-651 /XXIV- C- 3 / 2021-13 ( 21 ) 2020- राज्यपाल, देव भूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 (अधिनियम संख्या 17, वर्ष 2021 ) की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 24 सितम्बर, 2021 को ऐसी तारीख के रूप में नियत करते है, जिस तारीख को उक्त अधिनियम प्रवृत्त होगा ।

आज्ञा से , दीपेन्द्र कुमार चौधरी, सचिव (प्रभारी) ।

In pursuance of the provision of Clause ( 3) of article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following english translation of Notification No. 651 /XXIV-C - 3 /2021-13 ( 21 ) 2020 Dated- September 24, 2021 .

NOTIFICATION

September 24, 2021

No.651 /XXIV- C- 3 /2021-13 (21 ) 2020--In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of section 1 of the Dev Bhoomi Uttarakhand University Act , 2021 (Act No.17 of 2021 ) , the Governor, hereby appoints 24th day of September, 2021 as the date on which the said Act shall come into force .

ByOrder, DEEPENDRA KUMAR CHAUDHARI , Secretary (incharge)

विधान सभा सचिवालय

उत्तराखण्ड

(पटल अनुभाग)

अधिसूचना / प्रकीर्ण

27 सितम्बर , 2021 ई ०

संख्या-758 / वि० स० / 125 / पटल / 2007- चूंकि, जनपद उत्तरकाशी, 01 - पुरोला , विधान सभा क्षेत्र से श्री राजकुमार, उत्तराखण्ड विधान सभा के सदस्य चुने गये थे ;

दिया है; और चूंकि, उक्त श्री राजकुमार ने दिनांक 27 सितम्बर, 2021 को विधान सभा की सदस्यता से त्याग - पत्र दे

और , चूंकि, अध्यक्ष , उत्तराखण्ड विधान सभा ने श्री राजकुमार द्वारा दिये गये त्याग - पत्र को दिनांक 27 सितम्बर , 2021 को स्वीकार कर लिया है;

अतः एतद्वारा सर्वसाधारण की सूचनार्थ यह अधिसूचित किया जाता है कि 01 - पुरोला, विधान सभा क्षेत्र से श्री राजकुमार का स्थान उत्तराखण्ड विधान सभा में दिनांक 27 सितम्बर , 2021 से रिक्त हो गया है ।

मुकेश सिंघल, सचिव (प्रभारी)।

पी० एस० यू० (आर ०ई० ) 45 हिन्दी गजट / 437- भाग -1-2021 (कम्प्यूटर/ रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।

3

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार, दिनांक 06 नवम्बर, 2021 ई० (कार्तिक 15, 1943 शक सम्वत्)

भाग 1 - क

नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

October 5th , 2021

No. 336/ XIV- 45/Admin.A/ 2008-- Shri Malik Mazhar Sultan , District Judge , Almora is hereby sanctioned earned leave for 11 days w.e.f. 15.09.2021 to 25.09.2021 with permission to suffix 26.09.2021 ás Sunday holiday .

NOTIFICATION

October 07, 2021

No. 337 /XIV - 25/ Admin.A/ 2008 -- Ms . Savita Chamoli , Civil Judge (Sr. Div. ) , Nainital is hereby sanctioned child care leave for 17 days w.e.f. 15.09.2021 to 01.10.2021 with permission to suffix 02.10.2021 as Mahatma Gandhi Jayanti & 03.10.2021 as Sunday holiday .

NOTIFICATION

October 07, 2021

No. 338/XIV-a / 33 /Admin.A/ 2013 --Ms . Nazish Kaleem , Civil Judge ( Sr. Div. ) , Champawat is hereby sanctioned maternity leave for 180 days w.e.f. 31.03.2021 to 26.09.2021 .

759-ख 760

भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 06 नवम्बर, 2021 ई ० (कार्तिक 15 , 1943 शक सम्वत्)

NOTIFICATION

October 18, 2021

No. 342/XIV-69/Admin.A/ 2003 --Ms . Rama Pandey , Addl . District & Sessions Judge , Tehri Garhwal is hereby sanctioned child care leave for 19 days w.e.f. 13.09.2021 to 01.10.2021 with permission to prefix 12.09.2021 as Sunday & suffix 02.10.2021 as Mahatma Gandhi Jayanti & 03.10.2021 as Sunday holiday respectively .

NOTIFICATION

October 18, 2021

No. 343 /XIV / a - 46/Admin.A/ 2015 -- Shri Nadeem Ahamad , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Purola , District Uttarkashi , is hereby sanctioned paternity leave for 13 days w.e.f. 12.09.2021 to 24.09.2021 ..

By Order of Hon'ble the Administrative Judge,

Sd/-

Registrar (Inspection) .

NOTIFICATION

October 22, 2021

No. 346 / UHC / Admin.A/ 2021 -- Shri Dharmendra Shah , Judicial Magistrate , Kotdwar, District Pauri Garhwal is transferred and posted as Judicial Magistrate , Tanakpur , District Champawat in the vacantCourt, with immediate effect .

NOTIFICATION

October 23, 2021

No. 347 / UHC /Admin.A/ 2021 --In exercise of the powers conferredby clause (2) of Article 229 of the Constitution of India , and all other powers enabling in that behalf, Hon'ble the ChiefJustice is pleased to make the following amendments in the Allahabad High Court Officers and Staff ( Conditions of Service and Conduct ) Rules , 1976 , (as applicable to High Court of Uttarakhand) , and hereinafter referred to as the ' Principal Rules': -

The Allahabad High Court Officers and Staff ( Conditions of Service and Conduct ) ( as applicable to High Court of Uttarakhand ) ( Amendment ) Rules , 2021

1. (1) These Rules may be called the Allahabad High Court Officers and Staff (Conditions of Service and Conduct) ( as applicable to High Court ofUttarakhand ) (Amendment) Rules , 2021 .

(2) They shall come into force at once.

761 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 06 नवम्बर, 2021 ई० ( कार्तिक 15, 1943 शक सम्वत्)

2. After Rule 22 in the Principal Rules , Rule 22A shall be inserted , as follows: -

22A. Relaxation in Qualifying Service

(1) Where, for promotion to a post under these rules , prescribed length of service in feeding cadre is eligibility and sufficient candidates having such eligibility are not available for the promotion , Chief Justice may relax the eligibility for such length of service, as it deems fit.

(2) The relaxation under sub- rule (1) , may also be given , where an aggregate prescribed length of service is the eligibility.

(3) Where for promotion under these rules, marks are awarded on the basis of entries in annual confidential reports for prescribed service years , and after the relaxation , such years of a personnel fall short of the prescribed years , the marks awarded shall be apportioned, as if, they are for the prescribed service years .

3. After Rule 22A in the Principal Rules , Rule 22B shall be inserted as follows: -

22B. Ad-hoc Promotions

(1) Where for promotion under these Rules, eligible candidates are available, and for exigencies of work, the post can not be left vacant till the regular promotions are made, such post may be filledby Ad - hoc promotion amongst the eligible candidates.

(2) The Ad-hoc promotion under sub - rule (1) shall in no case be treated as regular promotion on the post concerned .

(3) Notwithstanding that pay and allowances of the post held on theAd-hoc promotion are made admissible, but the service rendered on such post, shall not be counted for the purposes of seniority, future promotions or other like service benefits .

(4) Unless procedure for Ad - hoc promotions under this rule is made by Chief Justice, the promotions shall be in accordance with the seniority of eligible candidates in their respective feeding cadre, andby the authority, which is competent to make the regular promotions .

762

[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 06 नवम्बर , 2021 ई ० (कार्तिक 15 , 1943 शक सम्वत्)

NOTIFICATION

October 23, 2021

No. 348/UHC /Admin.A/ 2021 --In exercise of the powers conferred by clause ( 2) of Article 229 of the Constitution of India , and all other powers enabling in that behalf , Hon'ble the Chief Justice is pleased to make the following amendments in the High Court of Uttarakhand Information Technology ( I.T. ) Cadre Service Rules , 2019 , hereinafter referredto asthe ' Principal Rules': -

The High Court of Uttarakhand Information Technology ( I.T. ) Cadre Service ( Amendment ) Rules , 2021

1. (1) These Rules may be called the High Court of Uttarakhand Information Technology ( I.T. ) Cadre Service (Amendment ) Rules , 2021 .

(2) They shall come into force at once .

2. After Rule 13 in the Principal Rules , Rule 13A shall be inserted , as follows: -

13A . Ad- hoc Promotions

(1) Where for promotion under these Rules, eligible candidates are available, and for exigencies of work, the post can not be left vacant till the regular promotions are made, such post may be filled by Ad-hoc promotion amongst the eligible candidates..

(2) The Ad- hoc promotion under sub - rule (1) shall in no case be treated as regular promotion on the post concerned.

(3) Notwithstanding that pay and allowances of the post held on the Ad -hoc promotion are made admissible, but the service rendered on such post, shall not be counted for the purposes of seniority, future promotions or other like service benefits .

(4) Unless procedure for the Ad- hoc promotions under this rule is madeby the Chief Justice, the promotions shall be in accordance with the seniority of eligible candidates in their respective feeding cadre, and by the authority, which is competent to make the regular promotions.

By Order of the Court,

Sd/- DHANANJAY CHATURVEDI , Registrar General .

पी० एस ० यू० (आर० ई 0 ) 45 हिन्दी गजट / 437- भाग - 1 - क-2021 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड , रुड़की ।

اوی

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN /30 / 2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार, दिनांक 06 नवम्बर, 2021 ई ० (कार्तिक 15 , 1943 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

कार्यालय नगर पालिका परिषद बाजपुर, (ऊधमसिंहनगर)

विज्ञप्ति

17 अगस्त, 2021 ई ०

पत्रांक 1140 / प्रो० फा० से० मै ० / उ ० गजट / 2021-22 - सर्वधारण को सूचित किया जाता हैं, माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आवेदन सं0-10 / 2015 दिनांक 10.12.2015 के आदेश के अनुपालन में एवं नगर पालिका अधिनियम 1916, (यथाप्रवृत्त उत्तराखण्ड राज्य में) की धारा 276 में दिये गये प्राविधानों के अनुसार तथा धारा 298 के खण्ड झ ( घ) ञ (घ) में दी गयी उपनियम बनाये जाने की शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-301 के अन्तर्गत दी गयी शक्ति के अनुसार उपविधि का प्रकाशन कराने हेतु नगर पालिका परिषद बाजपुर (ऊ० सिं० नगर) की बोर्ड बैठक दिनांक 05.10.2020 के प्रस्ताव सं0-04 द्वारा सर्व सम्मति से पारित प्रस्ताव के अनुसार उपनियम " प्रोटोकाल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट उपनियम-2020 बनाये जाने की स्वीकृति उपरान्त यह विज्ञप्ति इस आशय से आपत्ति / सुझाव चाहने हेतु प्रकाशित की जा रही हैं, जिन व्यक्तियों पर इसका प्रभाव पड़ने जा रहा हैं ।

अतः लोकहित में सुविधा, सुरक्षा एवं नियंत्रण व विनियमन करने हेतु प्रोटोकाल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट उपनियम- 2020 में यदि किसी संस्था व्यक्ति विशेष फर्म उद्योग को कोई आपत्ति/ सुझाव हो तो वे इस विज्ञप्ति की प्रकाशन तिथि से 30 दिन के भीतर अपनी लिखित आपत्ति कार्यालय नगर पालिका परिषद बाजपुर में प्रस्तुत कर सकता हैं, समय अवधि पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्ति अथवा सुझाव पर किसी भी दशा में विचार नहीं किया जा सकेगा। जो निम्नवत हैं:-

परिभाषा:-

1. संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीख:- यह उपनियम नगर पालिका परिषद बाजपुर "प्रोटोकाल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट' उपनियम 2020, नियमावली कहलायेगी, जो कि विज्ञप्ति सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगी । यह उपनियम नगर पालिका परिषद बाजपुर की सीमा के भीतर लागू होगे।

367-2 368

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 06 नवम्बर , 2021 ई ० (कार्तिक 15 , 1943 शक सम्वत्)

2. नगर पालिका वार्डों की सीमा से हैं। नगर पालिका का आशय नगर पालिका परिषद बाजपुर के परिसीमन 2018 के उपरान्त 13

3. अधिशासी अधिकारी अधिशासी अधिकारी का आशय नगर पालिका परिषद बाजपुर के कार्यपालक अधिकारी से हैं।

4. अध्यक्ष अध्यक्ष का आशय नगर पालिका परिषद बाजपुर के निर्वाचित बोर्ड के अध्यक्ष से हैं, बोर्ड के कार्यकलाप समाप्त हो जाने पर अध्यक्ष के स्थान पर अध्यक्ष/ उपजिलाधिकारी अध्यक्ष के रूप में प्रभारी अधिकारी सेहैं।

5. सेप्टेज मैनेजमेन्ट सेल सेप्टेज मैनेजमेन्ट सेल का आशय नगर पालिका परिषद बाजपुर मे सरकारी सेवा के शासन द्वारा नामित अधिकारियो के समूह की एक गठित इकाई से हैं, जो कि सेप्टेज मैनेजमेन्ट सेल कहलायेगा । जिसके अध्यक्ष उपजिलाधिकारी होगे तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बाजपुर सदस्य सचिव होगे और अधिशासी अभियन्ता पेयजल निगम अधिशासी अभियन्ता कुमायूँ जल संस्थान तथा अधीक्षक, राज्य संयुक्त चिकित्सालय बाजपुर एवं अवर अभियन्ता, नगर पालिका परिषद नामित सदस्य होगे।

1- प्रसंग: - राष्ट्र का यह अनुभव रहा है, कि सैप्टिक टैंक और अवधीय जो डिजायन से सम्बन्धित है, स्थानीय संस्थानों द्वारा वर्षों से अनुपालन किया जा रहा है, जिसके सफल संचालन हेतु कुशल प्रबन्धन की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण है, कि नगर में एक उचित वैज्ञानिक प्रबन्ध के मामलों में सेप्टेज तकनीकी का अनुपालन किया जाता है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए सेप्टज/ फीकल स्लज सेप्टिक टैंक गढढे शौचालय पर्यावरण नदी एवं अन्य पानी आदि स्रोत को प्रदूषित न करें ।

1.1- राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टज प्रबन्धकीय नीति : -

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु शहरी विकास मन्त्रालय भारत सरकार ने एक फार्मूला प्रकाशित किया है । राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धकीय नीति वर्ष 2017 में इस दृष्टिकोण के साथ कि समस्त भारतीय शहर और नगर पूर्ण रूप से स्वच्छ तन्दुरूस्त और जीवित बने रहै एवं अच्छी सफाई भी बनी रहे तथा प्रदूषण से मुक्ति मिल सकें जिसके साथ उन्नत स्थल स्वच्छता सेवा साथ ही फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबन्धक, ताकि सार्वजनिक उत्कृष्ठ स्वास्थय स्तर को अधिकतम प्राप्त किया जा सकें और स्वच्छ वातावरण बना रहे, जिसमे विशेष कर गरीबों पर ध्यान केन्द्रित किया जाये। शहरी नीति का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ वातारण प्रसन्न प्राथमिकता और दिशा निर्धारित करनी है, ताकि राष्ट्रव्यापी अनुपालन इन सेवाओं का समस्त क्षेत्र में हो सके जैसे कि सुरक्षित और स्थाई सफाई व्यवस्था एकवास्तविकता प्रत्येक आय परिवार के लिये गलियों में नगर में और शहरों में बनी रह सके।

1.2 उत्तराखण्ड में सेप्टज प्रबन्धक प्रोटोकाल:-

माननीय एन ० जी० टी०के आदेश सं०- 10/2005 दिनांक 10.12.2015 में निन्न निर्देश निर्गत किये गये है। जो कि उत्तराखण्ड में सेप्टज प्रबन्ध के सम्बन्ध में है। उचित प्रबन्ध योजना या प्रोटोकाल तैयार किया जायेगा और राज्य सरकार द्वारा समस्त एजेन्सी द्वारा सूचित किया जायेगा, यह आशान्वित करने के लिये कि सीवरेज की निकासी जो सामान्य सैप्टिक टैंक में या बायोडाईजस्टर में एक्रित्रत की जाती है नियमित रूप से खाली की जाये ओर उसका समुचित प्रबन्ध किया जायें । उसके परिणाम स्वरूप इस प्रकार जो खाद एकत्रित हुई है वह निःशुल्क किसानों को वितरित की जायें ओर इस उद्देश्य हेतु राज्य प्रशासन एक भागीदारी सम्बन्धित निकाय नगरपालिका परिषद बाजपुर की होगी । उपरोक्त के अनुपालन में जलापूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम 1975 नगरपालिका अधिनियम 1916 शहरी विकास निदेशालय जो कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के समन्वय से होगा उन्होंने एक प्रोटोकाल सेप्टिज प्रबंध के तैयार किया है जो कि सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सूचित किया गया है। ताकि इसका अनुपालनशहरों/ नगरों में हो सकें। आदेश सं ० 597 / (IV ( 2 )- श० वि०- 2017-50 (सा0 ) / 16 दिनांक 22. 05.2017 राज्य का सैप्टिज प्रबन्धन प्रोटोकाल राज्य और शहरों का यह दिग्दर्शन कराता है ताकि वैज्ञानिक सैप्टिज प्रबन्धन बना रहै जो कि एकत्रीकरण, परिवहन, उपचार, सैप्टिज / फीकल स्लज का निस्तारण और पुनः प्रयोग हो सके। इस प्रकार स्पष्ट दिशा निर्देश इस प्रोटोकाल के है, कि राज्य के शहरी अधिकारियों को इस योग्य बनाया जायें कि वह अपने निकाय में सैप्टिज प्रबन्धन का उच्चीकरण कर सकें ओर परियोजना के पूर्ण विनियोग की पहचान कर सके इस प्रोटोकाल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ओर आन्तरिक विभागीय समन्वय हेतु एक सेप्टज मैनेजमेन्ट सैल का गठन का आयोजन किया गया जिसके अन्तर्गत नगर पालिका परिषद बाजपुर पेयजल निगम जल संस्थान होगे ।

भाग 8 ]

369 उत्तराखण्ड गजट, 06 नवम्बर, 2021 ई० (कार्तिक 15 ,1943 शक सम्वत्)

2- नगरीय उपकानून/ "फीकल स्लज एवं सेप्टज का नियमितीकरण:- सेप्टेज प्रबन्ध प्रोटोकाल के अनुसार जो शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार के शा0 सं0- 597/ (IV (2) - श०वि०- 2017-50 (सा0) /16 दिनांक 22.

05.2017 एवं समस्त लागू होने वाले नियम या कानून या समय 2 पर शासन द्वारा संशोधित नियम या नियमावली नगरपालिका परिषद बाजपुर नियमित ढाचां रिक्त करने, एकत्र करने, परिवहन और सेप्टेज और फिकल स्लज के परिवहन एवं निस्तारण हेतु जैसा कि वर्णित है। फिकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धन उपनियम के अन्तर्गत जो कि यहां स्वीकृत किया जाता है और इसके अनुपालन हेतु नगरपालिका परिषद बाजपुर के क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत सूचित किया जाता है।

3- उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र: इस नियमावली के उद्देश्य एव कार्य निम्नवत हैः-

1- निर्माण सैप्टिक टैंक के दैनिक रखरखाव और शौचालय के गढढे परिवहन इलाज ओर सुरक्षित रखरखाब जो किस्लेज ओर सेप्टेंज से सम्बन्धित है ।

2- क्षेत्र के मालिक द्वारा जो कार्य किया जाना है उसको निर्देशित करना जो कि सैप्टिक टैंक ओर शौचालय के गढढे से ओर फिकल स्लज एवं सेप्टेज परिवहन से सम्बन्धित है ताकि वे इन निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित कर सके ।

3- उचित निरीक्षण करना और मशीनरी का अनुपालन ।

4- लागत वसूली सुनिश्चित करना जो कि स्लज और सेप्टेज प्रबन्धन के उचित प्रबन्ध हेतु है।

5- निजि और गैरसरकारी क्षेत्र फिकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्ध में सहभागी की सुविधा देना ।

4- एकत्रीकरण परिवहन इलाज ओर सैप्टिज के खुर्द- बुर्द हेतु एक प्रक्रिया अपनाना ।

4-(1 ) सैप्टिक टैंक ओर सैप्टज/ फीकल स्लज एकत्रीकरण को रिक्त करना: -

सैप्टिक टैकं की तली में जो जमा हो गया है, उसको हटाना और एक बार उसको ठीक करना जो कि गहराई में पहुंच गया है या बार- 2 के आखिर में जो डिजायन है जो कोई भी पहले आये ,

•जबकि स्लज को सुखाना ओर सेप्टिक टैंक में जो द्रव्य है उसको भी सुखाना/मैकेनिकल वैक्यूम टैंकर का उपयोग (जो नगर पालिका परिषद बाजपुर द्वारा उपलब्ध कराया जाता है) नगरीय प्रबन्ध द्वारा सैप्टिक टैंक का खाली करने हेतु उपयोग किया जाना चाहिये ।

०००सुरक्षा प्रक्रिया जैसा कि सैप्टेज प्रबन्ध प्रोटोकाल में वर्णित है को सैप्टिक टैंक के खाली करते समय ओर सैप्टेज के परिवहन के समय इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना चाहियें।

4-(2) सैप्टज/फिकल स्लज का परिवहन : -

1- फिकल स्लज ओर सैप्टज टान्सपोर्टर वाहन के सुरक्षित परिवहन हेतु उत्तरदायी होगें जैसा कि समय- 2 पर सैप्टज मैनेजमेन्ट से ( एस ० एम०सी० ) द्वारा स्वीकृत किये जायेगे।

(2) फिकल स्लज ओर सैप्टज फिकल निर्माता यह आश्वासन देगें कि : -

(अ) पंजीकृत संग्रह वाहन जिसके अन्तर्गत समस्त उपकरण जो कि परिवहन हेतु प्रयोग किये जायेगें फिकल स्लज ओर सैप्टिज हेतु जो छिद्र निरोधी होगा ओर फिकल स्लज ओर सैप्टज हेतु तालाबन्द रहेगा ओर लागू किये जाने योग्य मानदण्ड का अनुपालन करेगे ।

(ब) कोई भी टैंक ओर उपकरण जो कि फिकल स्लज ओर सैप्टज हेतु उपयोग में लाया जायेगा वह किसी अन्य वस्तु या द्रव्य को परिवहन हेतु प्रयुक्त नही करेगा।

4-(3) सैप्टज का निष्पादन ओर इलाज- राज्य सैप्टज मैनेजमेन्ट प्रोटोकाल के अनुसार नगर पालिका परिषद बाजपुर की अपनी एक ईकाई होगी, जिसके अन्तर्गत प्रथक से एक अलग सैप्टेज ट्रीटमेंट प्लान्ट का निर्माण किया जायेगा ।

5- सुरक्षा उपाय : -

(1 ) उचित तकनीकि संयत्र सुरक्षा टियर का प्रयोग करते हुए मल का निस्तारण किया जाना चाहियें ।

(2) फिकल स्लज और सैप्टिज ट्न्सपोर्टर यह सुनिश्चित करें-

(अ) समस्त मल निस्तारण कर्मचारी उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सैफटीगेयर और यन्त्र जिसके अन्तर्गत कन्धे की लम्बाई तक पूरा कोटेड लियोक्रिन, लोयस, रबर बूटचेहरे का मास्क,

आँखों की सुरक्षा हेतु ग्लास या गोगल जैसा कि मेनुअर स्कैबेजर ओर उनके पुर्नवास नियम 2013 में उल्लिखित है ।

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[भाग 8 (ब) समस्त सुरक्षा उपकरण एकत्रीकरण क्षेत्र से पहले अपना लिया जायें ।

(स) समस्त मल निस्तारण कार्यकर्ताओ को सुरक्षा गियर और स्वास्थयवर्धक उपकरण के प्रयोग की शिक्षा दी जानी चाहिये।

(द) प्रथम सहायता किट, गैस का पता करने वाला लैम्प ओर अग्निशमन यन्त्र मल निस्तारण गाडी में रखे जाते है, इससे पहले कि यह एकत्रीकरण क्षेत्र में जाता है।

(य ) सैप्टिक टैकं पिट लैट्रिन में काम चल रहा है। उस समय धुमपान पुर्णतः वर्जित है ।

(र) मल निस्तारण कार्यकर्ता सैप्टिक टैंक में ओर शौचालय गढढे में प्रवेश नहीं करेगें । ओर आच्छादित टैंक को आना जाना रखेगे जो कि इस कार्य का शुरू करने से पहले किया जाना आवश्यक है।

(ल) बच्चों को टैंक के ढक्कन अथवा किट से दूर रखा जायें ताकि वे टैंक के स्क्रू और ताले से सुरक्षित रहे कर्मचारी सावधान रहेगें जब मल निस्तारण प्रक्रिया चल रही हो जो कि ढक्कन पर अधिक भार हेतु है। या मेन हाल का आच्छादन टूटने से बचा रहे।

6- सेप्टेज खाली करना ओर वाहन के पंजीकरण का परिवहन :-

6.1 नगरपालिका परिषद बाजपुर परिवहन वाहन को दर्ज करेगा ओर इसका लाईसेन्स निर्गत करेगा निजि व्यवसायीयों के लिये जिनके पास मशीनीकरण खाली करना और परिवहन गाडी उपलब्ध हो तो इस प्रकार का लाईसेन्स निर्गत करने से पूर्व यह आशान्वित करेगा यह वाहन उचित उपकरण ओर उचित सुरक्षा माप से सुसज्जित है तथा मानकों के अनुरूप है, सेप्टेज टून्सपोर्टर को अपने वाहन का पंजीकरण कराने हेतु नगर पालिका परिषद बाजपुर के समक्ष अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा जिसके साथ वाहन परमिट प्रपत्र व परमिढ प्रपत्र की प्रति प्रार्थना पत्र के साथ सलंग्न करना होगा ।

6.2 नगरपालिका परिषद बाजपुर सीमान्तर्गत कोई भी व्यक्ति या वाहन पंजीकृत सेप्टेज ट्रान्सपोर्टर द्वारा ही प्रयोग किया जायेगा । जो कि एकत्रीकरण परिवहन एवं सेप्टेज के प्रयोजन हेतु अनुमन्य है। जब तक कि इसका पंजीकरण सेप्टेज ट्रान्सपोर्टेशन व्हीकल एस ० एम ०सी ० के साथ इन प्रोटोकालों में पंजीकृत नही है।

सारणी- 1 पंजीकरण व्यय

अ- प्रारम्भिक पंजीकरण-

रू0 2000 = 00 प्रतिवाहन/गाडी

ब- वार्षिक नवीनीकरण-

रू0 1500 = 00 प्रतिवाहन/गाडी

स- नाम परिवर्तन/स्वामित्व का परिवर्तन रू0 100000 प्रतिवाहन/गाडी

रू0 1500= 00 प्रतिवाहन/गाडी द- अन्य संशोधन आवश्यकतानुसार - (समस्त लागत दर 10 प्रतिशत वार्षिक की दर से बढेगा) 7- उपभोक्ता लागत और इसका संचय : -

7.1 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जो सेप्टिक टैंक और शौचालय के गढढे जिसका भुगतान उपभोक्ता करेगा जैसा कि नगर पालिका में फीकल स्लज और सैप्टज उपनियम में समय -2 पर दर्शाया गया है । जो कि सेप्टिक टैंक के भरने शौचालय के गढढे परिवहन और फिकल स्लज एवं सैप्टेज के उपाय हेतु है ।

7.2 नगरपालिका परिषद बाजपुर अपनी लागत से संशोधित करेगा जो कि समय 2 इससे सम्बन्धित है । ऐसी .उपयोगिता लागत परिवहन फिकल स्लज व सैप्टेज के निष्कासन हेतु है।

7.3 उपभौक्ता लागत क्षेत्र विशेष के स्थायी एकत्र किये जायें जो निम्नवत है।

(अ) उपभोक्ता लागत प्रत्यक्ष प्रत्येक रूप से नगरपालिका परिषद बाजपुर द्वारा वसूल किया जायेगा यां नगरपालिका परिषद बाजपुर के कोष में जमा किया जायेगा । जो कि सम्बन्धित भवन / सैप्टिक टैंक मालिक से वसूल किया जायेगा ।

(ब) उपभोक्ता लागत को मासिक सिचाँई लागत या सम्पत्ति कर में जोडा जायेगा अथवा एक विशेष नगरीय पर्यावरण फीस भुगतान जैसा कि कार्यक्रम के अन्तर्गत होगा, करना होगा।

भाग 8 ]

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सारणी- 2 उपभोक्ता लागत

क्र०सं० भवन का वर्ग

प्रतियात्रा लागत

1-

टीनशैड वाला मकान

2-

किराये की अधिकतम अवधि जो सेप्टिक टैंक एवं शौचालय गढढे हेतु निर्धारित है ।

दर सामान्य लागत के मासिक दण्ड 1.5 की लिये जो कि निर्धारित निस्तारण के अनुपालन हेतु होगा

50-00

कम से कम 2-3 वर्ष मे

2500-00

अन्य समस्त मकान

3-

100=00

एकबार जब 2 टैंक होते

2500-00

दुकान

4-

सरकारी/निजि कार्यालय

5- बैकं

125-00

250-00

3500-00

6-

सामुदायिक

शौचालय/मूत्रालय

7- रेस्टोरेन्ट

8-

350-00

हे 2-3 भाग जो भी पहले भरा जाये कम से कम प्रत्येक 2 वर्ष में एक बार ।

500=00

500=00

3500-00

होटल/गेस्ट हाउस ( 1-10 कमरे)

9-

250-00

3500-00

धर्मशाला( 1-25 कमरे )

10- सकारी स्कूल/कालेज

625-00

2500-00

11- निजि स्कूल/कालेज

12-

20 व्हीलर व्हीकल शौरूम

13-

500= 00

625-00

3500-00

विवाह हाल/बैकंट हाल

14-

वार

3500-00

15- सरकारी हास्पिटल

16- नर्सिंग होम/क्लीनिक

17- पैथोलाजी लैब

625-00

625-00

500=00

500-00

3500-00

18- निजी अस्पताल 20 बैड तक

19-

500-00

3500-00

चावल मिल/अन्य मिल

1750-00

नोट : उपरोक्त उपभोक्ता व्यय सांकेतिक है, और उनका निर्णय और स्वीकृति नगरपालिका परिषद बाजपुर द्वारा निर्गत किये जायेगें ।

2- मल निस्तारण समयावधि में होगा या जब टैंक 2/3 की आपूर्ति कर देता है । ( जैसा कि नगरपालिका परिषद बाजपुर द्वारा स्वीकृत है)

3- उपभोक्ता लागत 5 प्रतिशत वार्षिक दर से बढाई जायेगी।

8- मैकेनिज्म का निरीक्षण, क्रियान्वयन और मजबूती देना: -

8.1 कोई भी व्यक्ति जो कि ( एस ० एम ० सी०,सैप्टिक मैनेजमेन्ट सेल )/नगर पालिका परिषद बाजपुर द्वारा अधीकृत है उसको पूर्ण अधिकार होगा कि वह सैप्टिक टैंक एवं हर एक मकान के शौचालय गढढे या सामुदायिक/संस्थागत आदि का निरीक्षण करेगा ।

8.2 मल निस्तारण का अनुपालन न करना जैसा कि उपरोक्त वर्णित है जुर्माना अलग से लगाया जायेगा और जुर्माना से प्राप्त धनराशि नगरपालिका कोष में जमा होगी ।

8.3 नगरपालिका परिषद बाजपुर क्षेत्र के टैंक के खाली होने का अभिलेख रखेगे ।

8.4 अवचेतना कार्यक्रम समय 2 पर चलाया जायेगा जो कि प्रत्येक व्यक्ति सरकार या निजि व्यवसाय के प्रशिक्षण हेतु होगी । जो कि सैप्टिक टैंक बायोडाईजस्टर मल निस्तारण सैप्टिक टैंक का एकत्रीकरण मशीनरी परिवहन निष्पादन और सेप्टज का ईलाज।

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9- दण्ड : -

[भाग 8

दण्ड का ढांचा उपकरण रहित/अकार्यशील जी०पी० एस० प्रणाली निर्धन वर्ग की शिकायतें फिकल स्लज का एकत्र न करना और सैप्टज ईलाज प्लान्ट का/आर० एन ० एल ० का रजिस्टैशन न करना सुरक्षित उपाय मल निस्तारण गाडियों को अनुपालन न करना ।

सारणी- 3 दण्ड

क्र० सं०

शिकायत का प्रकार

दण्डया कार्यवाही प्रपत्र दृष्टया पकडी गई वर्ष में एकवार मल निस्तारण वाहन

1.

दण्ड या कार्यवाही वर्ष मे दोबारा पकडी गयी मल निस्तारण वाहन से सम्बन्धित

दण्ड या कार्यवाही वर्ष में तीसरे वार पकडी गयी विशेष मल निस्तारण वाहन

2500-00

लोगों की सोचनीय सेवा की शिकायत

2. सेप्टेज/फीकल स्लज जैसा कि विशेष कार्य क्षेत्र में

3. पंजीकरण न करना / पंजीकरण का नवीनीकरण न करना ।

तीन महिने के लिये परमिट सेवा की शिकायत पर परमिट का निरस्तीकरण।

6 माह के लिये परमिट को स्थगित करना।

आर० टी० ओ ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 3 महीने के लिये परमिट को स्थगित करना/ परमिट का निरस्तीकरण के लिये स्थगित करना।

शास्ति/दण्ड

नगर पालिका परिषद बाजपुर ऊधम सिंह नगर की सीमान्तर्गत " प्रोटोकाल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट' के अनुपालन हेतु राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आवेदन सं0-10/2015 दिनांक 10.12.2015 के आदेश के अनुपालन में तथा नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 299 ( 1 ) में प्रदत्त अधिकार एवं शक्तियों का प्रयोग करते हुए ऐसे नगरवासी जो प्रोटोकाल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट की उपविधि की किसी भी धारा का उल्लंघन करेगा अथवा करता हुआ पाया जायेगा, दोष सिद्ध पाये जाने पर 5,000-00 ( पाँच हजार ) का अर्थदण्ड किया जायेगा । उल्लंघन निरन्तर जारी रहा तो प्रथम दोष सिद्ध होने की स्थिति में रू0 5,000-00 ( पाँच हजार) के अतिरिक्त प्रतिदिन रू 0 100= 00 (एक सौ) की दर से अतिरिक्त अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा अन्यथा सम्बन्धित के विरूद्ध न्यायालय में वाद दायर किया जायेगा। उस पर होने वाले समस्त व्ययभार हर्जे खर्चे की वसूली भू-राजस्व की भाति वसूल की जायेगी। विवाद होने की स्थिति में न्यायालय क्षेत्र जिला- ऊधम सिंह नगर होगा।

जगदीश चन्द्रा, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद बाजपुर,

(ऊधम सिंह नगर)

गुरजीत सिंह, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद बाजपुर , (ऊधम सिंह नगर) A

P

भाग 8]

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कार्यालय नगर पंचायत थराली (चमोली)

09 जनवरी , 2020 ई ०

पत्रांक 495 / भ ० क , लाई ० , होर्डि ० , यू० / 2018-19

भवन कर उपविधि 2019

1-संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ

(क) यह उपविधि नगर पंचायत थराली जनपद - चमोली (उत्तराखण्ड) भवन कर उपविधि -2018 कहलायेगी ।

(ख) यह उपविधि नगर पंचायत थराली जनपद- चमोली (उत्तराखण्ड) की सीमा में प्रवृत्त होगी ।

(ग) यह उपविधि नगर पंचायत थराली जनपद- चमोली (उत्तराखण्ड)द्वारा यह प्रवृत्त होगी ।

2-परिभाशाए

किसी विसय या प्रसंग से कोई बात प्रतिकूल न होने पर इस उपविधि मे

(क) नगर पंचायत का तात्पर्य नगर पंचायत थराली से है ।

(ख)सीमा का तात्पर्य नगर पंचायत थराली की सीमा से है ।

(ग) अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत थराली से है ।

(घ) अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पंचायत थराली के निर्वाचित अध्यक्ष सदस्य अथवा प्रशासक से है ।

(ङ) बोर्ड का तात्पर्य नगर पंचायत थराली के निर्वाचित अध्यक्ष सदस्य अथवा प्रशासक से है ।

(च)अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम

-1916(उत्तराखण्ड) मे यथा प्रवत्त) से है ।

(छ)वाषिक मूल्याकन का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम - 1916को धारा -140 व धारा 141 के अन्तर्गत वार्षिक मूल्य से है ।

(ज) भवन कर का तात्पर्य नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-128 के अन्तर्गत भवनो या भूमि या दोनो के वार्षिक मूल्य पर कर से है ।

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[भाग 8 (झ) समिति का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नग्र पालिका अधिनियम 1916 की धारा-104 के अर्न्तगत गठित समिति से है ।

(प) भवन का तात्पर्य नगर पंचायत थराली की सीमान्तर्गत निर्मित भवन से है

(फ) स्वामी का तात्पर्य भवन के स्वामी से है

(ब) अधिशासी का तात्पर्य नगर पंचायत थराली की सीमान्तर्गत निर्मित भवन में निवास कर रहे व्यक्ति से है ।

3- वार्षिक मूल्यांकन- नगर पंचायत थराली सीमान्तर स्थित निर्मित भवन कर निर्धारण हेतु नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा -141 (1 ) के अन्तर्गत कर निर्धारण के प्रयोजन के लिए नगर पंचायत द्वारा समय समय पर पारिश्रमिक सहित या रहित किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को चाहे सदस्य हो या न हो अथवा संस्था/ एंजेसी ऐसे प्रयोजन के लिएकिसी सम्बन्द्व सम्पति का निरीक्षण कर सकते हैं । भवन कर निर्धारण के निम्ननुसार वार्षिक मूल्याकंन किया जायेगा ।

(क) रेवले स्टेशनों कालेजों, स्कूलो ,होटलों कारखानों ,वाणिज्य भवनों और अन्य अनावासीयभवनों की दशा मे भवन व निर्माण की अनुमानित लागत लो० नि०वि० की प्रचलित सिडलूड रेट और उससे अनुलागत भूमि की अनुमानित मूल्य तत्तसमय प्रचलित सरकिट रेट को जोडकर निकाली गयी धनराशि का पांच प्रतिशत(5 %) से अनाधिक पर वार्षिक मूल्याकंन का आंकलन किया जायेगा ।

(ख) खण्ड (क) के उपबंधों के अन्तर्गत ना आने वालेकिसी भवन या भूमि की दशा में यथा स्थिति भवन की दशा में प्रतिवर्ग फूट कारपेट क्षेत्रफल पर लागू न्यूनतम मासिक किराया भवन के कारपेट क्षेत्रफल या भूमि के क्षेत्रफल से गुणा किये जाने पर आए 12 गुना मूल्य से है और इस प्रयोजन के लिए प्रतिवर्ग फुट मासिक किराया दर पर इस प्रकार होगी जैसे कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रत्येक 2 वर्ष में एक बार भवन की अवस्थिति भवन निर्माण की प्रकृति भारतीय स्टाम अधिनियम -1899 के प्रयोजन के लिए कलैक्टर द्वारा नियम सरकिल दर के आधार भाग 8]

375 उत्तराखण्ड गजट, 06 नवम्बर, 2021 ई ० (कार्तिक 15, 1943 शक सम्वत्)

पर नियत किया गया जायं और ऐसे भवन के लिए क्षेत्रफल में चालू :

न्यूनतम दर और अन्य कारक इस प्रकार होंगें जैसे निहित किया जाय ।

(ग) खण्ड ( क) (ख) के अन्तर्गत न आने वाले किसी भवन या भूमि की दशा मे यथास्थित ऐसे आवासीय एवं अनावासीय (दुकानार्थ) जो किराये पर उठाए गये हो उनका वार्षिक मूल्याकन शहर की प्रचलित बाजार दर अथवा उस क्षेत्र के लिए कलैक्टर द्वारा तत्समय किराये हेतु प्रचलित सर्किल रेट से जो अधिकतम हो के अनुसार किराये के भवन के प्रतिवर्ग फुट या मीटर मासिक किराया दर पर निर्धारण करना होगा मासिक किराये को 12 गुना पर वार्षिक मूल्याकन पर निर्धारण हेतु किया जायेगा ।

प्रतिबन्ध यह है की जहा नगर पंचायत थराली की राय मे असाधारण परिस्थितियो के कारण किसी भवन का वार्षिक मूल्य यदि उपर्युक्त निधि से गणना की गयी हो वहा नगर पंचायत किसी भी कम धनराशि पर जो उसे समयापूर्ण प्रतीत हो वार्षिक मूल्य नियत कर सकती है ।

1 - वार्षिक मूल्य की गणना के प्रयोजन के लिए कारपेट क्षेत्र की गणना निम्नलिखित रूप से की जायेगी ।

(1 )कक्ष- आन्तरिक आयाम की पूर्ण माप

(2) आच्छादित बरामदा - आन्तरिक आयाम की पूर्ण माप

(3) बालकोनी गलियारा रसोई घर और भण्डार ग्रह- आन्तरिक आयाम की 50प्रतिशत माप

(4)गैराज- आन्तरिक आयाम की चौथाई माप

(5)गैराज-आन्तरिक आयात की चौथाई माप

(6) स्नानागार -शौचालय द्वारमण्डल और जीना से आच्छादित क्षेत्रफल कारपेट क्षेत्रफल का अंग नही होगा ।

2- उत्तर प्रदेश शहरी भवन (किराये पर देनें किराये तथा बेदखली का विनियम) अधिनियम 1972 के प्रयोजन के लिए किसी भवन का मानक किराया या युक्तियुक्त वार्षिक किराये को भवन के वार्षिक गणना करते समय हिसाब में नही लिया जायेगा

3 - भवन कर निर्धारित हेतु वार्षिक मूल्याकन एवं सर्वेक्षण निर्धारित प्रपत्र मे प्रत्येक भवन का मौके पर निरिक्षण करने के उपरान्त यथा स्थित के अनुसार किया जायेगा 4 - भवन के वार्षिक मूल्यांकन पर कर- भवन के वार्षिक मूल्यांकन पर 05 प्रतिशत भवन पर कर लिया जायेगा, परन्तु निम्नलिखित भवन अथवा उसके अन्य निम्नानुसार कर से मुक्त रहेंगे ।

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[भाग 8

(क) मन्दिर गुरूद्वारा मस्जिद अथवा दूसरे धार्मिक संस्थाए जो सार्वजनिक तथा रजिस्टर्ड ट्रस्ट या संस्था के अधीन हो परन्तु जो स्थान अथवा स्थानो के भाग रहने अथवा किराये पर या अन्य प्रकार से आय अर्जित कि जाती है तो उनके अन्य प्रकार से आय अर्जित की जाती है तो उन पर कर की छूट का नियम लागू नही होगे ।

(ख ) सरकारी अनाथालय स्कूल छात्रावास चिकित्सालय धर्मशालाये तथा इस प्रकार से अन्य भवन जो इस प्रकार की दान की संस्थाओ की सम्पत्तियों और उन्ही संस्था द्वारा ऐसे कार्य करती हो ।

(ग) नगर पंचायत थराली की समस्त परिसम्पितियां ।

5 -कर निर्धारण सूचीयो का प्रकाशन भवन के वार्षिक मूल्यांकन पर भवेन कर सूचियो का प्रकाशन जन सामान्य के अवलोकनार्थ एवं परिक्षण के लिय नगर पंचायत थराली कार्यालय के अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रदर्शित की जायेगी तथा समाचार पत्र मे इस आशय की सूचना प्रकाशित करते हुए अपील करनी होगी कि पंचवर्षीय गृह का निर्धारण किया जा चुका है जिस किसी व्यक्ति अथवा भवन स्वामी या अध्यासी को कर निर्धारण सूची का अवलोकन एवं निरीक्षण कर सकते है, यथा प्रस्तावित कर निर्धारण की सूचना सम्बन्धित प्रत्येक भवन स्वामी को 30 दिन के अन्दर आपत्ति प्रस्तुत करने हेतु दी जानी आवश्यक होगी और कर निर्धारण सूचियो मे प्राप्त आपत्तियो को मोहल्ले / वार्ड वार क्रम संख्या देते हुए आपत्ति एव निस्तारण पंजिका मे अंकित किया जायेगा ।

6-आपत्तियो का निस्तारण - भवन के वार्षिक मूल्याकन अथवा कर निर्धारण पर प्राप्त आपत्तियो की सुनवाई एवं निस्तारण हेतु नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा -104 के अन्तगर्त गठित समिति अथवा समिति गठित न होने के फलस्वरूप अधिशासी अधिकारी द्वारा निम्न प्रकार से किया जायेगा ।

(क) प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई हेतु तिथि एवं समय भवन कर एसिसमेन्ट बिल के 30दिन के अन्दर लिखित सूचना प्रेषित करनी होगी ।

(ख) आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति एवं निर्णय सम्बन्धित पत्रावली अथवा आपत्ति निस्तारण पंजिका में जस्टीफिकेशन के साथ दर्ज करनी होगी ।

(ग) शासनादेश संख्या 2064/नौ-9-97-79 ज/97 दिनांक 28-06-1997 द्वारा वार्षिक मूल्यांकन एवं कर निर्धारण पर प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई और निस्तारण दिए गये निर्देशानुसार दी जायेगी ।

7- कर निर्धारण सूचियो का अभि प्रमाणी करण और अभिरक्षाः-

(क) अधिशासी अधिकारी या इस निमित प्राधिकृत अधिकारी यथा स्थिति नगर पंचायत क्षेत्रान्तर्गत उसके किसी भाग के क्षेत्र वाद किराया दरों और निर्धारण सूची को और हस्ताक्षर से अभी प्रमाणित करेगा ।

भाग 8 ]

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(ख) इस प्रकार से अभिप्रमाणित सूची को नगर पंचायत' थराली कार्यालय में जमा किया जाऐगा ।

(ग) जैसे सम्पूर्ण नगर क्षेत्र की सूची इस प्रकार से जमा कर दी जाये वेसे ही निरीक्षण हेतु खुले होने के लिए सार्वजनिक सूचना द्वारा घोषणा की जायेगीं ।

(घ) कर निर्धारण सूचियो मे उपरोक्तानुसार सम्पूर्ण कार्यवाही होने के उपरान्त भवन कर मांग एवं वसूली पंजिका मे अन्तिम रूप से सूची दर्ज करते हुए नगर पालिका अधिनियम-1916की धारा 166 के अन्तर्गत दावों की वसूली हेतु अग्रीम कार्यवाही शासन द्वारा समय - समय पर दिये गये निर्देशानुसार करनी होगी ।

8- नगर पंचायत क्षेत्रांन्तर्गत कोई भी व्यक्ति कार्यालय दिवस पर प्रातः 10:00 बजे से सांय 5:00 बजे तक अपने भवनो की एसेसमेन्ट सूची पर अपना नाम दर्ज कर सकता है जो और जिस समय तक आवेदन पत्र को अस्वीकार करने काफी कारण न हो उसका नाम दर्ज कर लिया जायेगा तथा अस्वीकृति का कारण लिख दिया जायेगा ।

9- जब इस बात मे शक हो की भवन पर की जिसका नाम स्वामी के रूप मे दर्ज किया जाये तो बोर्ड या समिती या वह अधिकारी दिया हो यह तय करेगा कि किसका नाम स्वामी के तौर पर दर्ज होना चाहिए । इसका निश्चय उस समय तक लागू रहेगा जब तक सशक्त न्यायालय उसको रद्व न कर दे ।

10- (1)अगर किसी भवन के स्वामी होने का अधिका जिस पर यह लागू हो हस्तान्तरित किया जाये तो अधिकार लेने की तिथि से और लिखी गयी हो तो दस्तावेज लिखे जाने या रजिस्ट्री होने या हस्तान्तिरित होने की तिथि से 03 माह के अन्दर हस्तान्तरित होने की सूचना अध्यक्ष अथवा अधिशासी अधिकारी को देना होगा 1

(2) किसी ऐसे भवन का स्वामी जिस पर कर लागू है कि मृत्यु के पश्चात उसका उत्तराधिकारी या जो जायदाद का स्वामी हो इसी प्रकार स्वामी होने के 03 माह के अन्दर निकाय कार्यालय में लिखित सूचना देगा जिसका कि आपत्ति हेतु दैनिक समाचार पत्र मे इस कार्यालय द्वारा प्रकाशित किया जायेगा ।प्रकाशित सूचना का बिल भुगतान सम्बन्धित भवन स्वामी द्वारा स्वयं वहन किया जायेगा ।

11- (1 ) सूचना मे जिसका विवरण पहले दिया गया है उक्त नियम मे उल्ललिखित सभी विवरण सफाई से और ठीक तौर दिये जायेगे ।

12- उत्तर प्रदेश नगर पालिका एक्ट 1916 की धारा 151 (2) के अधीन कर की थोडी माफी या ऐसी माफी के लिए भवन का स्वामी जिसमे कई किरायेदार रहते हो भवन पर कर लागू करने के समय बोर्ड से प्रार्थना कर सकता है कि तमाम भवन का कर लगने के अलावा हर एक भाग का वार्षिक मूल्य अलग - अलग एक नोट मे दर्ज किया जाये और जब कोई भाग जिसका वार्षिक मूल्य अलग दर्ज हो गया है या किराये के 90 दिनं या इससे अधिक समय के लिये किसी साल मे खाली रहा हो तो कुल भवन के कर का वह हिस्सा माफ किया जाये जो कि एक्ट कि धारा 151 (1 ) के अधीन वापस या माफ किया जाता है ।

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[भाग 8

शास्ति

उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 कि धारा -299 (1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके नगर पंचायत थराली एततद्वारा निर्देश देती है कि उपरोक्त उपविधि उल्लघन करने के लिये अर्थदण्ड रू 1000.00 (एक हजार )तक हो सकता है और यदि उल्लघन निरन्तर जारी रहा हो तो प्रथम दोषसिद्वी के दिनाक से ऐसे प्रत्येक दिन के लिय जिसके बारे मे यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है अतिरिक्त जुर्माना किया जा सकता है जो रूपया 100.00 (एक सौ) प्रतिदिन तक हो सकता है ।

ह० (अस्पष्ट)

ह० (अस्पष्ट) अधिशासी अधिकारी,

नगर पंचायत थराली ,

जिला-चमोली ।

अध्यक्ष , नगर पंचायत थराली , जिला - चमोली।

पी० एस ० यू० ( आर ० ई 0 ) 45 हिन्दी गजट / 437- भाग-8-2021 ( कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

Cite this issue. Uttarakhand Gazette, Government of Uttarakhand, 06 November 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand.2021-11-06.7_No.-E_XXXVI-A-1_2021-09No.-G_2011/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand.2021-11-06.7_No.-E_XXXVI-A-1_2021-09No.-G_2011.