Servants of Knowledge
Uttarakhand Gazette · Government of Uttarakhand

Notification

Published 20 August 2022

Notification no.
I/35699/XX-4/2022
Issued By
RADHA RATURI(Addl Chief Secretary)
Identifier
in.gazette.uttarakhand.2022-08-20.I_35699_XX-4_2022
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN /30/ 2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

[ संख्या-34 रुड़की, शनिवार, दिनांक 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

खण्ड-23 ]

विषय- सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग-अलग खण्ड बन सकें

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

विषय

रु०

3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य

1500

657-661

भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

1500

699-707

भाग 1 - क-नियम, कार्य- विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975 भाग 6-बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

975 भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975

391-424

भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

1425 [भाग 1 658

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 1

विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

गृह अनुभाग-04

अधिसूचना

02 जून, 2022 ई०

संख्या 1/35699/XX -4/2022- राज्यपाल, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , 1988 (Prevention of Corruption Act, 1988) के अध्याय -2, धारा-3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर कुमॉयूं परिक्षेत्र में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , 1988 के अन्तर्गत पंजीकृत अभियोगों के विचारण हेतु अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- प्रथम , नैनीताल को विशेष न्यायालयं (Special Court ) के न्यायाधीश के रूप में पदाभिहित किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

आज्ञा से,

राधा रतूडी, अपर मुख्य सचिव ।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-3

अधिसूचना

03 जून, 2022 ई०

संख्या 201 / XXVIII-3-2022-28/2019- राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना संख्या-1028 / XXVIII-3- 2019-28/2019, दिनांक 31 दिसम्बर, 2019 (अधिसूचना संख्या-778 /XXVIII - 3-2021-28/2019 दिनांक 06 अगस्त, 2021 द्वारा यथासंशोधित) , द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के विभिन्न जिलों में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विलोकन बोडों का गठन किया गया है । अतः अब राज्यपाल मानसिक स्वास्थ्य देख- रेख अधिनियम, 2017 की धारां 74 की उपधारा (1 ) के खण्ड (ग) के अधीन उक्त बोर्डों में सदस्य के रूप में मनोरोग विशेषज्ञों को नामित किये जाने हेतु मानसिक रोग विशेषज्ञों की अनुपलब्धता के दृष्टिगत् NIMHANS (National Institute of Mental Health and Neurosciences ), Bengaluru से DPCP (Diploma in primary care Psychiatry) में 01 वर्ष का डिप्लोमा प्राप्त चिकित्साधिकारियों को एतदसम्बन्धी समस्त क्रियाकलापों / उत्तरदायित्वों का निर्वहन किये जाने हेतु मनश्चिकित्सक के रूप में घोषित किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

आज्ञा से ,

राधिका झा, सचिव ।

659 उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त , 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 1 ]

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-5

अधिसूचना नियुक्ति

16 जून, 2022 ई0

संख्या 42706 /XXVIII ( 5)/ 2022-36 (मे 0 का 0 )/2016 (e- 25482)- उत्तराखण्डं चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग के अन्तर्गत सृजित / रिक्त पदों के सापेक्ष उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा किये गये चयन के फलस्वरूप की गई संस्तुति के आधार पर चयनित अभ्यर्थी डॉ० राज किशोर बिष्ट को असिस्टेन्ट प्रोफेसर (मेडिकल फिजिसिस्ट) के पद पर वेतन मैट्रिक्स लेवल -11 वेतन ₹ 67,700-2,08,700 में निम्नलिखित शर्तों के अधीन अस्थाई रूप से नियुक्त करते हुए कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से राज्य कैंसर संस्थान, हल्द्वानी में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-

(1 ) उक्त अभ्यर्थी सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य के समक्ष अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगें । योगदान दिये जाने के पश्चात अभ्यर्थी के समस्त वांछित प्रपत्र/ प्रमाण पत्रों का सत्यापन सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा कराया जायेगा ।

(2) उक्त चयनित अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन पृथक से सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा किया जायेगा। अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के चयनित अभ्यर्थी के जाति प्रमाण पत्र की जॉच भी सम्बन्धित शासनादेशों के निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाय । अभ्यर्थी की सत्यापन संबंधी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायी जायेगी । यदि संबंधित अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सेवा में नियुक्ति हेतु उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो

की उनकी यह नियुक्ति तात्कालिक प्रभाव से निरस्त समझी जायेगी एवं इसकी सूचना तत्काल शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को प्रेषित जायेगी।

(3) अभ्यर्थी अपने नियुक्ति पत्र सहित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु संक्षम चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थिति होंगें । स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित किये गये अभ्यर्थी के प्रकरण शासन को संदर्भित किये जायेंगें ।

(4)(4) उक्त नव नियुक्त अभ्यर्थी को उक्त वेतनमान में वेतन के अतिरिक्त समय- समय पर जारी शासनादेशों के अन्तर्गत अनुमन्य मंहगाई भत्ता तथा अन्य भत्ते भी देय होंगे ।

(5) नवनियुक्त अभ्यर्थी 07 दिनों के भीतर अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु योगदान कर दें । इस अवधि के भीतर वे अपने तैनाती से संबधित वांछित सभी प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करेंगे । यदि वे इस अवधि के भीतर अपने योगदान स्थल पर योगदान की सूचना नहीं देते हैं, तो उनका अभ्यर्थनः स्वतः समाप्त माना जायेगा ।

[भाग 1 660

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(6) नियुक्ति स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु अभ्यर्थी को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता आदि देय नही होगा ।

(7) अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण से पूर्व सम्बन्धित प्राचार्य के समक्ष निम्न प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करने होंगे :-

1. स्वयं के विरूद्ध अभियोजन न चलाये जाने तथा न्यायालय द्वारा दण्डित न किये जाने के संबंध में एक घोषणा- पत्र (संलग्न प्रारूप में) ।

ii . उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल द्वारा निर्गत स्थाई पंजीकरण की दो प्रतियां ।

III . ओथ एलीजियन्स का प्रमाण -पत्र ।

iv . गोपनीयता का प्रमाण-पत्र ।

v. चल तथा अचल सम्पत्ति का प्रमाण-पत्र ।

vi . लिखित रूप से एक अन्डरटेकिंग कि यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन के पश्चात उन्हे सरकारी सेवा के लिए उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो उनकी यह नियुक्ति स्वतः निरस्त समझी जायेगी , जिसके लिए वे किसी क्षतिपूर्ति के हकदार नही होंगे ।

vii . एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने का घोषणा-पत्र (संलग्न प्रारूप में) ।

viii . सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदत्त स्वस्थता प्रमाण-पत्र ।

ix. दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण ।

2- चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग में उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता उत्तराखण्ड, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से प्राप्त वरिष्ठता क्रम के आधार पर सुसंगत नियमों के अनुसार अवधारित की जायेगी ।

3- चयनित पद पर मौलिक रूप से नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत 02 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है ।

4- सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा यह देख लिया जाए की अभ्यर्थी उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल में पंजीकृत है तथा उनके मेडिकल काउन्सिल प्रमाण-पत्र एवं स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री /डिप्लोमा के प्रमाण- पत्र का मूल रूप से जांच कर , इन प्रमाण-पत्रों की दो-दो प्रतियां स्वयं प्रमाणित कर उत्तराखण्ड शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को उपलब्ध कराया जाय ।

5- यह नियुक्ति आदेश मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में योजित रिट याचिका सं0-310 (एस0 बी0) 2020 डॉ० भुपेन्द्र सिंह राणा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य में पारित निर्णय दिनांक 21 मार्च, 2022 के क्रम में उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा की गयी संस्तुति के आधार पर निर्गत किये जा रहे है ।

6- चयनित अभ्यर्थी की सेवायें उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत राज्य के अन्य मेडिकल कालेजों में स्थानान्तरणीय होंगी ।

आज्ञा से,

राधिका झा,

सचिव ।

661 उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 1 ]

पशुपालन अनुभाग-01

अधिसूचना

25 जुलाई , 2022 ई०

संख्या 881 /XV- 1/22/7 (25)/2007- एतद्द्वारा पशुओं में संक्रामक और संसर्गजन्य रोगों के नियन्त्रण और रोकथाम , 2009 (केन्द्रीय अधिनियम संख्या-27 वर्ष 2009) की धारा-6 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुऐ African Swine Fever (ASF) रोग के नियन्त्रण एवं रोकथाम हेतु राज्य में सूकर प्रजाति के पशुओं के अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्जनपदीय परिवहन को निरूद्ध करने सहित ASF रोगग्रस्त क्षेत्र जनपद देहरादून एवं पौड़ी में उक्त बीमारी के दृष्टिगत संबंधित जनपदों मे सूकर प्रजाति के पशुओं का आवागमन निरूद्ध करने, प्रभावित क्षेत्र में सूकर मांस का विक्रय प्रतिबंधित करने एवं एक जनपद से दूसरे जनपद में सूकरों को लाने एवं ले जाने आदि गतिविधियों पर रोक लगाये जाने हेतु श्री राज्यपाल द्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान की जाती है ।

2- यह अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से दिनांक 01 जुलाई 2022 से 31 अगस्त , 2022 तक प्रभावी रहेगा ।

आज्ञा से ,

डा० बी०वी० आर० सी० पुरुषोत्तम, सचिव ।

पी० एस ०यू० (आर० ई० ) 34 हिन्दी गजट/ 531-भाग 1-2022 (कम्प्यूटर / रीजियो) !

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/ 30/ 2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की , शनिवार, दिनांक 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 1 -क

नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND NAINITAL

NOTIFICATION

July18,2022

.196 / XIV / 54 / Admin.A -- Shri Prem Singh Khimal , District & Sessions Judge , No.194 Udham Singh Nagar is hereby sanctioned earned leave for 15 days w.e.f. 13.06.2022 to 27.06.2022 with permission to prefix 11.06.2022 as second Saturday & 12.06.2022 as Sunday holiday for the purpose of L.T.C.

NOTIFICATION

July18, 2022

No. 195197 / XIV/ 10 / Admin.A/ 2008 --Ms . Parul Gairola , Judge , Family Court , Almora is hereby sanctioned earned leave for 13 days w.e.f. 20.06.2022 to 02.07.2022 with permission to prefix) 19.06.2022 & suffix 03.07.2022 as Sunday holidays .

By Order of Hon'ble the Administrative Judge, Sd/- Registrar ( Inspection ) [भाग 1 -क 700

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

UTTARAKHAND ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION

NOTIFICATION

July 19,2022

Uttarakhand Electricity Regulatory Commission (Deviation Settlement Mechanism and Related Matters) ( First Amendment) Regulations , 2022.

No. F-9 (26) ( i )/RG/UERC/2022/510 : In exercise of the powers conferred under Section 181 of the Electricity Act , 2003 (36 of 2003) and all other powers enabling it in this behalf, the Uttarakhand Electricity Regulatory Commission hereby makes the following Amendments in Uttarakhand Electricity Regulatory Commission (Deviation Settlement Mechanism and Related Matters) Regulations, 2017 (Principal Regulations), namely:

1. Short Title and Commencement

(1) These Regulations may be called the Uttarakhand Electricity Regulatory Commission (Deviation Settlement Mechanism and Related Matters) (First Amendment) Regulations , 2022.

(2) These Regulations shall come into force after 6 months from the date of Gazette notification.

2. Amendment of Regulation 2 of the Principal Regulations :

(1) New definition shall be added after the definition (d) of Regulation 2 of the Principal Regulations , as under:

"(da) "Area Clearing Price (ACP) " means the price of a time block electricity contract established on the Power Exchanges after considering all valid purchase and sale bids in particular area (s) after market splitting, i.e. , dividing the market across constrained transmission corridor(s)."

(2) New definitions shall be added after the definition (i) of Regulation 2 of the Principal Regulations , as under:

"(ia) "DailyBase DSM Charge " means the sum of charges for deviations for all time blocks in a day payable or receivable as the case may be, excluding the additional charges under Regulation 8." 701 उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 1-क]

"(ib)" Day Ahead Market (DAM) " means a market where physical delivery of electricity occur on the next day (T+ 1 ) of the date of transaction (T) and is governed by the Central Electricity Regulatory Commission (Power Market) Regulation, 2010 (as amendedfrom time to time) , the Rules and Bye- Laws of the Power Exchanges as approved by the Central Commission."

(3) Definition (u) of Regulation 2 of the Principal Regulations shall be substituted by the following:

"(u) "Time Block" means a time block of15 minutes, for which specified electrical parameters and quantities are recorded by special energy meter, with first time block starting from 00.00 hrs; subject to revision by the commission from time to time considering the provisions in CERC (Indian Electricity Grid Code) Regulation, 2010 and any amendments in this regard."

3. Amendment of Regulation 5 of the Principal Regulations :

(1) In Sub- regulation (1) of Regulation 5 of the Principal Regulations the Table -1 shall be substituted by the following table along with the note, as under:

Table- 1: Frequency-based Charges for Deviation

Average Frequency of the

Charges for Deviation

timeblock (Hz)
         Not Below            Paise/kWh
Below
                               0.0
         50.05
50.05    50.04                 Slope determined by joining the price at Not Below 50.05 Hz and
50.04    50.03                 identified price at 50.00 Hz, and as detailed in the note below this
50.03    50.02

Regulation

50.02    50.01
                                Daily (simple) average Area Clearing Price discovered in the Day
50.01    50.00                 AheadMarket segment ofpower exchange *
 50.00   49.99                  Slope determined by joining the price identified at 50.00 Hz and
 49.99   49.98                  price at below 49.85 Hz, and as detailed in the note below this

Regulation

49.97

49.98

49.96

49.97 [भाग 1-क 702

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

Table-1: Frequency-based Charges for Deviation

Charges for Deviation

Average Frequency of the timeblock (Hz)

Paise/kWh

Not Below

Below

49.95

49.96

49.94

49.95

49.93

49.94

49.92

49.93

49.91

49.92

49.90

49.91

49.89

49.90

49.88

49.89

49.87

49.88

49.86

49.87

49.85

49.86

800.00

49.85

*Thedaily simple average Area Clearing Price (ACP) in Paisa/ kWh shall be as discovered in Day-Ahead Market Segment of Power Exchange for N2 - North Region as considered by NLDCfor declaring daily DSM rates on its website.

Note:-

i. The Deviation Settlement Mechanism (DSM) rate vector will have a dynamic slope determined by joining the identified price points at 50 Hz. (daily simple average ACP), frequency of49.85 Hz (Rs . 8 per unit) and 50.05 Hz (zero) on a daily basis.

ii . The maximum ceiling limit applicable for the average Daily ACP discovered in the DAM segment of Power Exchange at 50.00 Hz shall be 800 Paise/kWh .

iii . Charges for deviation for each 0.01 Hz step shall be equivalent to the Slope determined by joining the price at 'Not below 50.05 Hz' and ' identified price at 50.00 Hz' in the frequency range of50.05-50.00 Hz, and to the Slope determined by joining the 'price identified at 50,00 Hz' and price at ' below 49.85 Hz' in frequency range ' below 50 Hz ' to ' below 49.85 Hz' .

iv. The daily simple average ACP of the Power Exchange having a market share of80% or more in energy terms on a daily basis shall be taken into consideration for linking to the DSM price vector. If no single Power Exchange is having a market share of 80 % or more, the weighted average day- ahead price shall be used for linking to the DSM price.

703

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29,1944 शक सम्वत्)

भाग 1-क]

v. Daily simple average Area Clearing Prices (ACP ) in the day-ahead market (exclusive ofany transmission charges and transmission losses) shall be used as the basis for market linked DSM price at 50 Hz .

Provided that based on a review of the above mechanism within one year or in such time period as maybe decided by the Commission, if the Commission is satisfied that the market conditions permit, the basis for market linked DSM price shall be substituted, by the time- block-wise ACP in the day ahead market or as and when the real time market is introduced, by the hourlyACP or the ACP of such periodicity as may be considered appropriate by the Commission .

vi. In case ofnon- availability of daily simple average ACP due to no -trade on a given day, daily simple average ACP of the last available day shall be considered for determining the DSM charge.

vii . Deviation price shall be rounded off to nearest two decimal places .

viii . An illustration to the DSM price vector specified in table above, is provided as Annexure -I

ix . The National Load Despatch Centre (NLDC) shall act as the Nodal Agency to declare the daily DSM rates and shall display all relevant information on its website. "

(2) In Sub- regulation (3) of Regulation 5 of the Principal Regulations, the words " RLNG Rs . 8.24 / kWh sent out" shall be substituted by "RLNG Rs. 8.00/ kWh sent out" .

4. Amendment of Regulation 7 of the Principal Regulations :

(1) In Sub - regulation (1) of Regulation 7 of the Principal Regulations , the words "49.70 Hz and above and below 50.10 Hz " shall be substituted by the words " 49.85 Hz and above and below 50.05Hz".

(2) In first proviso to Sub- regulation (1) of Regulation 7 of the Principal Regulations, the words "below 49.70 Hz " shall be substituted by the words "below 49.85 Hz" and the words "50.10 Hz and above" shall be substituted by the words " 50.05 Hz and above" .

(3) In Sub-regulation (2) of Regulation 7 of the Principal Regulations, the words " 49.70 Hz and above and below 50.10 Hz " shall be substituted by the words " 49.85 Hz and above and below 50.05Hz" .

(4) In first Proviso to Sub- regulation (2) of Regulation 7 of the Principal Regulations, the words "below 49.70 Hz " shall be substituted by the words "below 49.85 Hz " and the words "50.10 Hz and above " shall be substituted by the words "50.05 Hz and above" .

[भाग 1 -क 704

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(5) In third Proviso to Sub - regulation (2) of Regulation 7 of the Principal Regulations, the words "49.70Hz and above " shall be substituted by the words "49.85 Hz and above" .

5. Amendment of Regulation 8 of the Principal Regulations :

(1) In Sub - regulation (1) of Regulation 8 of the Principal Regulations, the words " 49.70 Hz and above " shall be substituted by the words " 49.85 Hz and above " .

(2) In Sub-regulation (2) of Regulation 8 of the Principal Regulations , the words "50.10 Hz and above " shall be substituted by the words "50.05 Hz and above"

(3) In Sub -regulation (4) ofRegulation 8 of the Principal Regulations, the words "below 49.70Hz in accordance with the methodology specified in sub - Regulation (6) of this regulation and the same shall be equivalent to 100% of the Charge for Deviation of 824.04 Paise / kWh corresponding to the grid frequency of 'below 49.70 Hz ' " shall be substituted by the words "below 49.85 Hz in accordance with the methodology specified in sub -Regulation (6) of this regulation and the same shall be equivalent to 100 % of the Charge for Deviation of 800 Paise / . kWh corresponding to the grid frequency of 'below 49.85 Hz ' " .

(4) In Sub -regulation (5) of Regulation 8 of the Principal Regulations, the words " 49.70 Hz and above " shall be substituted by the words "49.85 Hz and above" .

(5) In Sub - regulation (6) of Regulation 8 of the Principal Regulations, the words "below 49.70 Hz" shall be substituted by the words "below 49.85 Hz" .

(6) In proviso to Sub - regulation (6) of Regulation 8 of the Principal Regulations, the words "below 49.70Hz" shall be substituted by the words "below 49.85Ηz" .

(7) Sub- regulation (7) of Regulation 8 of the Principal Regulations shall be substituted by the following:

"In the event of sustained deviation from schedule in one direction (positive or negative) by any state entity (buyer or seller) , such entity shall correct its position in the manner as specified below:

Ifthe sustained deviation from schedule continues in one direction (positive or negative) for 6 time blocks, the state entity (buyer or seller), shall correct its position, by making the sign of its deviation from schedule changed or by remaining in the range of +/- 2 % with reference to sto schedule, at least once, latest by 7th time block.

705 उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 1 -क]

Provided that violation of the requirement under this Sub - regulation shall attract an additional charge as specified in the table below:

Additional Charge Payable

No. of Violation in Day

From first to fifth violation For each violation , an additional charge @ 3 % of daily base DSM charge payable or receivable

From sixth to tenth violation For each violation, an additional charge @ 5% of daily base DSM charge payable or receivable

From eleventh violation onwards For each violation, an additional charge @ 10% of daily base DSM charge payable or receivable

Providedfurther that counting of number of sign change violations under this Sub-regulation shall start afresh at 00.00 Hrs for each day .

Provided also that payment of additional charge for failure to adhere to sign change requirement as specified under this Sub -regulation shall not be applicable to:

a. renewable energy generators which are State entities .

b. run of riverprojects without pondage .

c. any infirm injection ofpower by a generating station prior to CoD of a unit during testing and commissioning activities.

d. any drawal ofpower by a generating station for the start-up activities ofa unit.

Illustration:

A state entity having a sustained deviation from time blocks t1 to 17, shall correct its position either by changing the sign of its deviation (from positive to negative or negative to positive as the case may be) or come back in the range of +/- 2 % with reference to its schedule latest by the end of time block t7. In case, such sign change does not take place or it fails to come back in the aforesaid range by the end of time block t7, but such correction ofposition takes place from time block t8 up to time block t12, then an additional charge shall be levied equivalent to one violation. Further, in case, the sign change does not take place or it fails to come back in the range as aforesaid latest by the end of t13, but the correction in position takes place from time block t14 upto time block t18 , then the additional charge shall be levied for two violations and so on . " [भाग 1-क 706

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

6. Amendment of Annexure - I (Methodologies for the computation of Charges of Deviation andAdditional Charges for Deviation for each Buyer/Sellerfor crossing the volume limits specified for the over- drawal / under- injection by buyer/seller) of the Principal Regulations:

(1) In para 1 of Annexure- I to the Principal Regulations, the words " 49.70 Hz and above " shall be substituted by the words "49.85 Hz and above " .

(2) In para 2 of Annexure - I to the Principal Regulations, the words "below 49.70 Hz" shall be substituted by the words "below 49.85 Hz" .

(3) In para 2 ofAnnexure- I to the Principal Regulations , the words "824.04 Paise / kWh " shall be substituted by the words " 800 Paise / kWh" .

7. Amendment of Annexure- II (Methodologies for the computation of Charges of Deviation and Additional Charges for Deviation for each Buyer/Seller for crossing the volume limits specified for the under- drawal / over- injection by buyer/seller) of the Principal Regulations:

(1) In para C ofAnnexure- II to the Principal Regulations, the words " 50.10 Hz or above " shall be substituted by the words " 50.05 Hz or above " .

707

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 1 -क]

Annexure -I

Illustration of the DSM Price Vector specified in Table under Regulation 3 (1) of this. Regulations:

Average Frequency of the time block

(Hz)

NotBelow

Below

50.05

50.04

50.05

50.03

50.04

50.02

50.03

50.01

50.02

50.00

50.01

49.99

50.00

49.98

49.99

49.97

49.98

49.96

49.97

49.95

49.96

49.94

49.95

49.93

49.94

49.92

49.93

49.91

49.92

49.90

49.91

49.89

49.90

49.88

49.89

49.87

49.88

49.86

49.87

49.85

49.86

49.85

Charges for Deviation (Paise/kWh)

0.00

1XP/5

2XP/5

3XP/5

4XP/5

P

50.00+15xP/16

100.00+14xP/16

150.00 +13xP/16

200.00+ 12xP/16

250.00 + 11xP/16

300.00+10xP/16

350.00+ 9xP/16

400.00+8xP/16

450.00+ 7xP/16

500.00+6xP/16

550.00+ 5xP/16

600.00+4xP/16

650.00+3xP/16

700.00+2xP/16

750.00+1xP/16

800.00

Where P is the Daily average Area Clearing Price in paisa per kWh discovered in the Day Ahead Market segment of power exchange for N2 - North Region as considered by NLDC for declaring daily DSM rates on its website .

By Order of the Commission ,

NEERAJ SATI ,

Secretary,

Uttarakhand Electricity Regulatory Commission .

पी० एस ०यू० (आर० ई० ) 34 हिन्दी गजट / 531 -भाग 1 -क-2022 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

कोत्तर कड़की ।

पंजीकरण संख्या-UA/ DO /DDN / 30 / 2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की , शनिवार, दिनांक 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

सूचना

सूचित किया जाता है कि मैंने अपना नाम सुशील कुमार से बदलकर सुशील कुमार चन्द्रा पुत्र यशपाल सिंह चन्द्रा निवासी बेहडेकी सैदाबाद, तहसील भगवानपुर जिला-हरिद्वार रख लिया है भविष्य में मुझे इसी नाम से जाना जाये ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

सुशील कुमार चन्द्रा पुत्र यशपाल सिंह चन्द्रा निवासी बेहडेकी सैदाबाद, तहसील भगवानपुर जिला- हरिद्वार [भाग 8 392

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

कार्यालय नगर पंचायत कपकोट जनपद-बागेश्वर

सार्वजनिक सूचना

01 दिसम्बर, 2021 ई ०

पत्रांक-340/ उपविधि / 2021-22- सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि नगर पंचायत कपकोट जिला बागेश्वर की बोर्ड बैठक दिनांक 15.12.2020 में पारित प्रस्ताव सं० 06(1 ) द्वारा नगर पंचायत कपकोट क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न व्यवसाइयों / फर्मों द्वारा अपने उत्पादों/प्रतिष्ठानों/ व्यवसायों आदि के प्रचार प्रसार हेतु लगाये जाने वाले होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट पर रू 0 80.00 (रूपये अस्सी) प्रतिवर्ग फिट / प्रतिवर्ष का शुल्क लगाये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है ।

अतः नगर पंचायत कपकोट जिला बागेश्वर नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 298 सूची-2 के खण्ड(ज) के (च) अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-294 के अन्तर्गत, नगर पंचायत कपकोट, क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न व्यवसाइयों/फर्मों द्वारा अपने उत्पादों आदि के व्यवसाय हेतु लगाये जाने वाले होर्डिंग/विज्ञापन सम्बन्धी उपविधि 2020 तैयार की गई है जो नगरपालिका अधिनियम की धारा 301 के अन्तर्गत जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो, उनसे आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त करने हेतु प्रकाशित कीजा रही है ।

अतः समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाषन की तिथि से 30 दिवस के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियां अधिषासी अधिकारी , नगर पंचायत कपकोट के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में कार्यावधि के दौरान उपलब्ध करानी होंगी , बाद मियाद प्राप्त होने वाली किसी भी आपत्तिों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा ।

होर्डिंग/विज्ञापन पट्ट शुल्क उपविधि-2020

संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ-

1. यह उपविधि नगर पंचायत कपकोट की होर्डिंग/विज्ञापन पट्ट उपविधि, 2020 कहलायेगी ।

2. यह उपविधि नगर पंचायत कपकोट के सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रभावी होगी ।

3. यह उपविधि सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।

परिभाषायें- संदर्भ के अन्यथा प्रतिकूल न होने पर-

1. "अधिनियम" का तात्पर्य उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त नगर पालिका अधिनियम 1916 से है ।

2. " उपविधि " से तात्पर्य नगर पालिका अधिनियम 1916 के उपबन्धों के अधीन बनाई गई उपविधि से है।

3. "नगर पंचायत " से तात्पर्य नगर पंचायत कपकोट से है ।

4. " अधिशासी अधिकारी " से तात्पर्य अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत कपकोट से है ।

5. " निरीक्षण अधिकारी " का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी के अधीन कार्यरत अवर अभियन्ता/कर अधीक्षक/कर निरीक्षक अथवा ऐसे अधिकारी/कर्मचारी से है जिन्हें समय- समय पर अधिशासी अधिकारी के आदेशानुसार निरीक्षण के लिये अधिकृत किया गया हो।

6. " होर्डिंग /विज्ञापन पट्ट " का तात्पर्य ऐसे प्रचार - प्रसार संसाधनों से है, जो किसी व्यवसायी /फर्म द्वारा अपने व्यवसाय अथवा फर्म के प्रचार प्रसार हेतु तैयार किया गया हो

7. " नगर पंचायत प्राधिकारी "( Municipal authority) से तात्पर्य नगर पंचायत कपकोट द्वारा सुसंगत कानूनों के अन्तर्गत नियुक्त या गठित कोई व्यक्ति, समिति या अन्य स्थानीय निकाय अभिप्रेत है, जिसे नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं हथालन हेतु अधिकृत किया जाता है ।

नियम वशर्तें

1 -किसी भी व्यवसायी/फर्म को नगर क्षेत्र में अपने व्यवसाय फर्म का होर्डिंग/विज्ञापन पट्ट नगर क्षेत्र में लगाने से पूर्व अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत कपकोट से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा

2-अनुमतिउपरान्तव्यवसायी/फर्म को निर्धारित शुल्क पंचायत में जमा कर रसीद प्राप्त करनी होगी ।

3 -अनुमति केवल एक वर्ष हेतु मान्य होगी ।

किसी भी व्यवसायी को ऐसे होर्डिंग लगाये जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो कि जनसामान्य की भावना के 393

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8 ]

शास्ति

उपरोक्त उपविधि के अन्तर्गत किसी भाग का उल्लघंन करने पर नगरपालिका अधिनियम 1916 (उत्तराखण्ड में यथावत्त) की धारा 299 ( 1 ) में प्रदत्त अधिकार के तहत कार्यवाही/जुर्माना/अर्थदण्ड जो रू 0 500.00 (पांच सौ रु० मात्र) और जब ऐसा भंग निरन्तर किया जाय तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा जो प्रथम दोष सिद्धि के दिसक के पश्चात ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना होगा , प्रत्येक दिन रू 0 200.00 (दो सौमात्र) तक हो सकेगा, यह अधिकार अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत कपकोट, में निहित होगा ।

श्री राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी,

श्री गोविन्द सिंह विष्ट, अध्यक्ष, नगर पंचायत कपकोट ।

नगर पंचायत कपकोट ।

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

394

कार्यालय नगर पंचायत कपकोट जिला बागेश्वर

विज्ञप्ति

18 अगस्त, 2021 ई०

पत्रांकः-274 / सेप्टेज मैनेजमेन्ट-उपविधि / 2021-22- सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आवेदन सं0-10 / 2015 दिनांक 10.12.2015 के आदेश के अनुपालन में एवं नगर पालिका अधिनियम 1916 (यथाप्रवृत्त उत्तराखण्ड राज्य में) की धारा 276 में दिये गये प्राविधानों के अनुसार तथा धारा 298 के खण्ड झ (घ) ञ (घ) में दी गयी उपनियम बनाये जाने की शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा-301 के अन्तर्गत दी गयी शक्ति के अनुसार उपविधि का प्रकाशन कराने हेतु नगर पंचायत कपकोट की बोर्ड बैठक दिनांक 16 / जून / 2021 के प्रस्ताव संख्या 07 द्वारा सर्व सम्मिति से पारित प्रस्ताव के अनुसार उपनियम " प्रोटोकॉल फार सेप्टेज मैनेजमेंट" उपनियम-2021 बनाये जाने की स्वीकृति उपरान्त यह विज्ञप्ति इस आशय से आपत्ति/ सुझाव चाहने हेतु प्रकाशित की जा रही है, जिससे व्यक्तियों पर इसका प्रभाव पड़ने जा रहा है ।

अतःलोक हित में सुविधा सुरक्षा एवं नियंत्रण व विनियमन करने हेतु प्रोटोकाल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट उपनियम-2021 में यदिकिसी संस्थाव्यक्ति, व्यक्ति विशेष फर्म उद्योग, को कोई आपित्त/ सुझाव हो तो वे इस विज्ञप्ति की प्रकाशन तिथि से 30 दिन के भीतर अपनी लिखित आपत्ति कार्यालय नगर पंचायत कपकोट जिला बागेश्वर में प्रस्तुत कर सकता है, समय पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्ति अथवा सुझाव पर किसी भी दशा में विचार नहीं किया जा सकेगा । जो निम्नवत् हैं०: -

परिभाषाः-

10: -संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीखः यह उपनियम नगर पंचायत कपकोट नगर फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट उपनियम- 2021 , नियमावली कहलायेगी जो कि विज्ञप्ति सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित्त होने की तिथि से प्रभावी होगी । यह उपनियम नगर पंचायत कपकोट की सीमा के भीतर लागू होंगे।

2-नगर पंचायतः नगर पंचायत का आशय नगर पंचायत कपकोट जिला बागेश्वर के 07 वार्डो की सीमा से हैं ।

3-अधिशासी अधिकारीः-अधिशासी अधिकारी का आशय नगर पंचायत कपकोट के कार्यपालक अधिकारी से है ।

4-अध्यक्षः- अध्यक्ष का आंशय नगर पंचायत कपकोट के निर्वाचित बोर्ड से हैं, बोर्ड के कार्यकलाप समाप्त हो जाने पर अध्यक्ष के स्थान पर प्रशासक/ उपजिलाधिकारी , अध्यक्ष के रूप में प्रभारी अधिकारी से हैं ।

5- सेप्टेज मैनेजमेन्ट सेलः सेप्टेज मैनेजमेन्ट सेल का आशय नगर पंचायत कपकोट में सरकारी सेवा के शासन द्वारा नामित अधिकारियों के समूह की एक गठित इकाई से हैं, जो कि सप्टेज मैनेजमेन्ट सेल कहलायेगा। जिसके अध्यक्ष उपजिलाधिकारी कपकोट होंगे तथा अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कपकोट सदस्य होंगे और सहायक अभियन्ता जल संस्थान कपकोट,प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कपकोट, क्षेत्रीय अधिकारी उत्तराखण्ड प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड हल्द्वानी , तथा एस ० एम० सी० परार्मश हेतु आमंत्रित अन्य तकनीकि विशेषज्ञ नामित सदस्य होंगे।

1-प्रसंग: - राष्ट्र का यह अनुभव रहा है, कि सैप्टिक टैंक और अवधीय जो डिजायन से सम्बन्धित है, स्थानीय संस्थानों द्वारा वर्षों से अनुपालन किया जा रहा है, जिसके सफल संचालन हेतु कुशल प्रबन्धन की आवश्यकता है । यह महत्वपूर्ण है, कि नगर में एक उचित वैज्ञानिक प्रबन्ध के मामलों में सेप्टेज तकनीकी का अनुपालन किया जाता है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टिगत रखते हुए सेप्टेज/फीकल स्लज सेप्टिक टैंक गड्ढे शौचालय पर्यावरण नदी एवं अन्य पानी आदि स्रोत को प्रदूषित न करें ।

1.1- राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धकीय नीतिः- इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार ने एक फार्मूला प्रकाशित किया है। राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धकीय नीति वर्ष 2017 में इस दृष्टिकोण के साथ कि समस्त भारतीय शहर और नगर पूर्ण रूप से स्वच्छ तन्दुरूस्त और जीवित बने रहें एवं अच्छी सफाई भी बनी रहें तथा प्रदूषण से मुक्तिमिल सकें जिसके साथ उन्नत स्थल स्वच्छता सेवा साथ ही फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबन्धक , ताकि सार्वजनिक उत्कृष्ट स्वास्थय स्तर को अधिकतम प्राप्त किया जा सकें और स्वच्छ वातावरण बना रहे , जिसमें विशेषकर ग्रीबों पर ध्यान केन्द्रित किया जाये। शहरी नीति का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ वातावरण प्रसन्न प्राथमिकता और दिशा, निर्धारित करनी है , ताकि राष्ट्रव्यापी अनुपालन इस सेवाओं का समस्त क्षेत्रों में हो सके जैसे कि सुरक्षित और स्थाई सफाई व्यवस्था एक वास्तविक प्रत्येक आय परिवार के लिये गलियों में नगर में और शहरों में बनी रह सकें । उसकोटका माननीय एन० जी ०टी आदेश सं0-10/2005 दिनांक 10-12-2015 में निम्न निर्देश या प्रोटोकाल तैयार किया जायेगा 395 उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8 ]

सामान्य सैष्टिक टैंक में या बायोडाईजस्टर में एकत्रित की जाती है नियमित रूप से खाली की जाये और उसका समुचित प्रबन्ध किया जायें । उसके परिणाम स्वरूप इस प्रकार जो खाद एकत्रित हुई है वह निःशुल्क किसानों को वितरित की जायें और इस उद्देश्य हेतु राज्य प्रशासन एक भागीदारी सम्बन्धित निकाय नगर पंचायत कपकोट की होगी। उपरोक्त के अनुपालन में जलापूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम 1975/नगर पालिका अधिनियम 1916 शहरी विकास निदेशालय जो कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के सम्बन्धसे होगा उन्होंने एक प्रोटोकाल सेष्टिज प्रबन्ध तैयार किया है जो कि सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सूचित किया गया है। ताकि इसका अनुपालन शहरों/नगरों में हो सकें । आदेश सं0 . 597 /ट ; 2 द्ध- श 0 वि0-2017-50 (सा0)/ 16 दिनांक -22-05-2017 राज्य का सैप्टिक प्रबन्धन प्रोटोकाल राज्य और शहरों का यह दिग्दर्शन कराता है ताकि वैज्ञानिक सैष्टिक प्रबन्धन बना रहे जो कि एकत्रीकरण, परिवहन, उपचार , सैप्टिक/फीकल स्लज का निस्तारण और पुनः प्रयोग हो सके । इस प्रकार स्पष्ट दिशा निर्देश इस प्रोटोकाल के हैं। कि राज्य के शहरी अधिकारियों को इस योग्य बनाया जायें कि वह अपने निकाय में सैष्टिज प्रबन्धन का उच्चीकरण कर सकें और परियोजना के पूर्ण विनियोग की पहचान कर सकें इस प्रोटोकाल के प्रभावी क्रियान्वयन कि लिये और आन्तरिक विभागीय समन्वय हेतु एक सेप्टेज मैनेजमेंट सैल का गठन का आयोजन किया गया जिसके अन्तर्गत नगर पंचायत कपकोट, पेयजल निगम , जल संस्थान होंगे ।

2- नगरीय उपकानून/ " फीकल स्लज एवं सेप्टेज का नियमितीकरण " ०ः- सेप्टेज प्रबन्धन प्रोटोकाल के अनुसार जो शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार के शा0 सं-597/ ; ष्ट ( 2 ) -श 0 वि0-2017-50 ( सा 0 )/ 16 दिनांक 22-05-2017 एवं समस्त लागू होने वाले नियम या कानून या समय -2 पर शासन संशोधित नियम या नियमावली नगर पंचायत कपकोट जिला बागेश्वर नियमित ढांचों रिक्त करने एकत्र करने, परिवहन और सेप्टेज और फीकल स्लज के परिवहन एवं निस्तारण हेतु जैसा कि वर्णित है । फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धन उपनियम के अन्तर्गत जो कि यहां स्वीकृत किया जाता है और इसके अनुपालन हेतु नगर पंचायत कपकोट के क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत सूचित किया जाता है।

उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्रः- इस नियमावली के उद्देश्य एवं कार्य निम्नवत् हैं०:-

1- निर्माण सैप्टिक टैंक के दैनिक रखरखाव और शौचालय के गड्ढे परिवहन इलाज और सुरक्षित रखरखाव जो कि स्लेज और सेप्टेज से सम्बन्धित है ।

2- क्षेत्र के मालिक द्वारा जो कार्य किया जाना है उसको निर्देशित करना जो कि सैप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे से और फीकल स्जल एवं सेप्टेज परिवहन से सम्बन्धित है ताकि वे इस निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित कर सकें ।

3- उचित निरीक्षण करना और मशीनरी का अनुपालन।

4- लागत वसूली सुनिश्चित करना जो कि स्लज और सेप्टेज प्रबन्धन के उचित प्रबन्ध हेतु है ।

5- निजि और गैर सरकारी क्षेत्र फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्ध में सहभागी की सुविधा देना।

4- एकत्रीकरण परिवहन इलाज सैष्टिक के खुर्द- बुर्द हेतु एक प्रक्रिया अपनाना ।

4-( 1 ) सैष्टिक टैंक और सेप्टेज /फीकल स्लज एकत्रीकरण को रिक्त करनाः- सैप्टिक टैंक की तली में जो जमा हो गया है, उसको हटाना और एक बार उसको ठीक करना जो कि गहराई में पहुँच गया है या बार - बार के आखिर में जो डिजाइन है जो कोई भी पहले आये , जबकि स्लज को सुखाना और सेप्टिक टैंक में जो द्रव्य है उसको भी सुखाना/मैकेनिकल वैक्यूम टैंकर का उपयोग (जो नगर पंचायत कपकोट द्वारा उपलब्ध कराया जाता है) नगरीय प्रबन्ध द्वारा सैप्टिक टैंक को खाली करने हेतु उपयोग किया जाना चाहियें । सुरक्षा प्रक्रिया जैसा कि सैप्टेज प्रबन्ध प्रोटोकाल में वर्णित है को सैप्टिक टैंक के खाली करते समय और सैप्टेज के परिवहन के समय इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना चाहिये।

4 (2 ) सैप्टेज/फीकल स्लज का परिवहन 1- फिकल स्लज और सैप्टेज टान्सपोर्टर वाहन के सुरक्षित परिवहन हेतु उत्तरदायी होंगे जैसा कि समय- समय पर सैप्टेज मैनेजमेन्ट से (एस० एम० सी० ) द्वारा स्वीकृत किये जायेंगे ।

(2) फिकल स्लज और सेप्टेज फिकल निर्माता यह आश्वासन देंगे किः-

(अ) पंजीकृत संग्रह वाहन जिसके अन्तर्गत समस्त उपकरण जो कि परिवहन हेतु प्रयोग किये जायेंगे फिकल स्लज और सैष्टिज हेतु जो छिद्र निरोधी होगा और फिकल स्लज और सैप्टेज हेतु तालाबन्द रहेगा । और लागू किये जाने योग्य मानदण्ड का अनुपालनकरेंगे।

(ब) कोई भी टैंक और उपकरण जो कि फिकल स्लज और सैप्टेज हेतु उपयोग में लाया जायेगा वह किसी अन्य वस्तु या द्रव्य को परिवहन हेतु प्रयुक्त नही करेगा।

4(3) सैष्टेज का निष्पादन और इलाज- राज्य सैप्टेज मैनेजमेन्ट प्रोटोकाल के अनुसार नगर पंचायत कपकोट की अपनी एक होगी जिसके अन्तर्गत पथक से एक अलग सैल्टेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट का निर्माण किया जायेगा ।

[भाग 8 396

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई0 (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

5-सुरक्षा उपायः-

( 1 ) उचित तकनीकि संयत्र सुरक्षा टियर का प्रयोग करते हुए मल का निस्तारण किया जाना चाहियें ।

: (2 ) फिकल स्लज और सैष्टिज ट्रांसपोर्टर यह सुनिश्चित करें: -

> समस्त मल निस्तारण कर्मचारी उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सैफटीगेयर और यन्त्र जिसके अन्तर्गत कन्धे की लम्बाई तक पूरा कोटेड लियोक्रिन , लोयर, रबर बूट , चेहरे का मास्क, आँखों की सुरक्षा हेतु ग्लास या गोगल जैसा कि: मैनुवल स्केवेंजर और उनके पुर्नवास नियम 2013 में उल्लिखित है ।

> समस्त सुरक्षा उपकरण एकत्रीकरण क्षेत्र से पहले अपना लिया जाये।

> समस्त मल निस्तारण कार्यकर्ताओं को सुरक्षा गियर और स्वास्थ्य वर्धक उपकरण के प्रयोग की शिक्षा दी जानी चाहियें।

> प्रथम सहायता किट, गैस का पता करने वाला लैम्प और अग्निशमन यन्त्र मल निस्तारण गाड़ी में रखे जाते हैं । इससे पहलेकि यह एकत्रीकरण क्षेत्र में जाता है।

> सैष्टिक टैंक पिट लैट्रिन में जब काम चल रहा हो उस समय धुम्रपान पुर्णतः वर्जित है।

> मल निस्तारण कार्यकर्ता सैप्टिक टैंक में और शौचालय गड्ढे में प्रवेश नही करेंगे । और आच्छादित टैंक को आना जाना रखेंगे। जो कि इस कार्य का शुरू करने से पहले किया जाना आवश्यक है ।

> बच्चों को टैंक के ढक्कन अथवा किट से दूर रखा जायें ताकि वे टैंक के स्कू और ताले से सुरक्षित रहें, कर्मचारी सावधान रहेंगे जब मल निस्तारण प्रकिया चल रही हो जो कि ढक्कन पर अधिक भार हेतु है । या मेन हाल का आच्छादन टूटने से बचा रहे ।

> उपभोक्ता लागत को मासिक सिंचाई लागत या सम्पत्ति कर में जोड़ा जायेगा अथवा एवं विशेष नगरीय पर्यावरण محمد

फीस भुगतान जैसा कि कार्यक्रम के अन्तर्गत होगा, करना होगा ।

6- सेप्टेज खाली करना और वाहन के पंजीकरण का परिवहन-

6.1 नगर पंचायत कपकोट वाहन को दर्ज करेगा और इसका लाइसेन्स निर्गत करेगा, निजी व्यवसायियों के लिए जिनके पास मशीनीकरण खाली करना और परिवहन गाड़ी उपलब्ध हो तो इस प्रकार का लाईसेन्स निर्गत करने से पूर्व यह आशान्वित करेगा यह वाहन उचित उपकरण और उचित सुरक्षा माप से सुसज्जित है, तथा मानकों के अनुरूप है, सेप्टेज ट्रान्सपोर्टर को अपने वाहन का पंजीकरण करने हेतु नगर पंचायत कपकोट के समक्ष अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसके साथ वाहन का परमिट व परमिट की प्रति प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करना होगा ।

6.2 नगर पंचायत कपकोट सीमात्र्तगत कोई भी व्यक्ति या वाहन पंजीकृत सेप्टेज ट्रान्सपोर्टर द्वारा ही प्रयोग किया जायेगा । जो व्हीकल एस ० एम ० सी० के साथ इन प्रोटोकालों में पंजीकृत नही है।

सारणी- 1 पंजीकरण व्यय

अ-प्रारम्भिक पंजीकरण- रू 0 2000.00 प्रतिवाहन

ब-वार्षिक नवीनीकरण- रू 0 1500.00 प्रतिवाहन

स-नाम परिवर्तन/स्वामी का परिवर्तन- रू0 1000.00 प्रतिवाहन

द-अन्य संशोधन आवश्यकतानुसार- रू 0 1500.00 प्रतिवाहन

7- उपभोक्तालागत और इसका संचय-

i 7.1 इस क्षेत्र के समस्त मालिका जो सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे जिका भुगतान उपभोक्ता करेगा जैसा कि नगर पंचायत में फीकल स्लज और सैप्टेज उपनियम में समय - समय पर दर्शाया गया है, जो कि सेप्टिक टैंक के भरने शौचालय के गड्ढे , परिवहन और फिकल स्लज एवं सैष्प्टेज के उपाय हेतु है ।

7.2नगर पंचायत कपकोट अपनी लागत से संशोधित करेगा कि समय - समय इससे सम्बन्धित है । ऐसी उपयोगिता लागत परिवहन फिकल स्लज व सैप्टेज के निश्कासन हेतु है ।

7.3 उपभोक्तालागत क्षेत्र विशेष के स्थायी एकत्र किये जाये जों निम्नवत है-

(अ)- उपभोक्ता लागत प्रत्यक्ष प्रत्येक रूप से नगर पंचायत कपकोट द्वारा वसूला जायेगा या नगर पंचायत कपकोट के कोष में जमा किया जायेगा। जो कि सम्बन्धित भवन/सैष्टिक टैंक मालिक से वसूल किया जायेगा।

397

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

सारणी-2 उपभोक्ता लागत

भवनकावर्ग क्र०सं०

1 टीनशेड वाला मकान

2 अन्य समस्त आवास

3 दुकान

4 सरकारी/निजी कार्यालय

बैंक

5

6 सामुदायिक शौचालय/मूत्रालय

7 रेस्टोरेन्ट

8

प्रतियात्रा लांगत

किराये की अधिकतम अवधि जो सेप्टिक टैंक एवं शौचालय गड्ढे हेतु निर्धारित हैं

मासिक दण्ड 1.5 की दर सामान्य लागत के लिये जो कि निर्धारित निस्तारण के अनुपालन हेतु होगा

50.00

कम से कम 2-3 वर्ष में

1000.00

100.00

2500.00 एकबार जब 2 टैंक होतें हैं

125.00

2/3 भाग जो भी पहले भरा

2500.00

250.00

जाये कम से कम प्रत्येक 2

2000.00

350.00

वर्षमें एक बार

3500.00

500.00

3000.00

2000.00

3500.00

होटल /गेस्ट हाउस ( 1 से 10 कमरें)

9 धर्मशाला ( 1 से 25 कमरें)

10 सरकारी स्कूल/कालेज

11 निजीस्कूल/का०लेज

12 व्हीकल शोरूम

13 विवाह हा०ल बैंकट हा०ल

14 बार

15 सरकारी हास्पिटल

16

नर्सिंगहोम/क्लीनिक

17 पैथोलाजी लैब

18

निजी अस्पताल 20 बैड तक

अन्य

19

नोट-

3500.00

2000.00

2500.00

2000.00

3500.00

3500.00

3000.00

3000.00

3000.00

3500.00

3000.00

1 उपरोक्तउपभोक्ताव्यय सांकेतिक है , और उनका निर्णय और स्वीकृति नगर पंचायत कपकोट द्वारा निर्गत किये जायेगे। 2 मल निस्तारण समयावधि में होगा या जब टैंक 2/3 की आपूर्ति कर देता है । (जैसा कि नगर पंचायत कपकोट द्वारा स्वीकृत है)

3 उपभोक्ता लागत 5 प्रतिशत वार्षिक दर से बढाई जायेगी।

8-मैकेनिजम का निरीक्षण, क्रियान्वयन और मजबूती देनाः-

8.1 कोई भी व्यक्ति जो एस ० एम० सी ० (सैष्टिक मैनेजमेन्ट सेल)/ नगर पंचायत कपकोट द्वारा अधिकृत है , उसको पूर्ण अधिकार होगा कि वह सैष्टिक टैंक एवं हर एक मकान के शौचालय , गड्ढे या सामुदायिक/संस्थागत आदि का निरीक्षण करेगा।

8.2 मल निस्तारण का अनुपालन न करना जैसा कि उपरोक्त वर्णित है जुर्माना अलग से लगाया जायेगा और जुर्माने से प्राप्त धनराशिनगर पंचायत कोष में जमा होगी ।

8.3 नगर पंचायत कपकोट क्षेत्र के टैंक के खाली होने का अभिलेख रखेगें ।

8.4अवचेतना कार्यक्रम समय- समय पर चलाया जायेगा जो कि प्रत्येक व्यक्ति, सरकार या निजी व्यवसाय के प्रशिक्षण हेतु होगी, जो कि सैप्टिक टैंक बायोडाईजेस्टर मल निस्तारण सैष्टिक टैंक का एकत्रीकरण , मशीनरी, परिवहन निष्पादन और सैष्टिक का ईलाज।

9-दण्डः-

दण्डका ढाचा उपकरण रहित/अकार्यशील जी० पी० एस ० प्रणाणी निर्धन वर्ग की शिकायतें फिकल स्लज का एकत्र नकरना और सैप्टेज ईलाल प्लांट का/ आर ०एन०एल ० का रजिस्ट्रेशन न करना सुरक्षित उपाय मल निस्तारण गाडियों को अनुपालन [भाग 8 398

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

सारणी-3 दण्ड

शिकायत का प्रकार

क्रसं

दण्ड या कार्यवाही वर्ष में तीसरें बार पकडी गयी विशेष रूप से मूल निस्तारण वाहन

दण्ड या कार्यवाही वर्ष में दोबारा पकडी गयी मल निस्तारण वाहन से सम्बन्धित

दण्ड या कार्यवाही प्रपत्र दृष्टया पकडी गयी वर्ष में एकवार मल निस्तारण

5000.00

2500.00

1 लोगोकीशोचनीय सेवा की शिकायत

तीन महिने के लिये परमिट सेवा की शिकायत पर परमिट का निरस्तीकरण

1000.00

2

6माहके लियेपरमिंट कोस्थगित करना

सेप्टेज/फिकल स्लल जैसा कि विशेष कार्य क्षेत्र में

2000.00

1000.00

3

पंजीकरण न करना/पंजीकरण कानवीनीकरण न करना

आर ० टी ० ओ ० को संस्तुति वाहन पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 3' महीने के लिये परमिट को स्थगित करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिये स्थगित करना

शास्तिदण्ड

नगर पंचायत कपकोट की सीमान्तर्गत " प्रोटोकॉल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट" के अनुपालन हेतु मा० राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आवेदन सं0-10/2015 दिनांक 10.12.2015 के आदेश के अनुपालन में तथा नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा 299 ( 1 ) में प्रदत्त अधिकार एवं शक्तियों का प्रयोग करतें हुए ऐसे नगरवासी जो प्रोटोकाल फार सेप्टेज मैनेजमेन्ट की उपविधि कीकिसी भी धारा का उल्लघंन करेगा अथवा करता हुआ पाया जायेगा, दोष सिद्ध पाये जाने पर रू 0 5000.00 (रू० पाच हजार) का अर्थदण्डकिया जायेगा । उल्लघंन निरन्तर जारी रहा तो प्रथम दोष सिद्ध होने की स्थिति में रू 0 5000.00 (रू ० पाच हजार) के अतिरिक्त प्रतिदिन रू 0 100.00 (रू ० एक सौ) की दर से अतिरिक्त अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा । अन्यथा सम्बन्धित के विरूद्ध न्यायालय में वाद दायर किया जायेगा।

गोविन्द सिंह विष्ट, अध्यक्ष, नगर पंचायत कपकोट ।

नवीन कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत कपकोट ।

399 उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

कार्यालय नगर पालिका परिषद बागेश्वर

"उपविधि"

05 अगस्त, 2021 ई0

पत्रांकः-2945 / कचरा प्रबन्धन उपविधि प्रकाशन / 2020-21-नगर पालिका अधिनियम 1916की धारा 298झ (घ) एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986(1986 का 29) की धारा 3 , 6 एंव 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में केन्द्र सरकार द्वारा बनायी गयी ठोस कचरा प्रबन्धन नियमावली-2016 के नियम 15(ङ) , 15(च) एवं 15(यच) के अन्तर्गत शक्तियों के प्रयोग में नगर पालिका परिषद, बागेश्वर द्वारा बनाये निम्नलिखित ठोस कचरा प्रबन्धन के लिए उपविधियों को अपने क्षेत्राधिकार में नगरपालिका क्षेत्र बागेश्वर में लागू करने हेतु नगर पालिका परिषद्, बागेश्वर बोर्ड की बैठक दिनांक 01.08.2019 के प्रस्ताव सं० 01 के माध्यम से रखा गया एवं इस आपत्ति एवं सुझाव हेतु विषेश संकल्प से ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन अधिनियम के तहत उपविधि तैयार करते हुवे पालिका के पंत्राक 604 / कचरा प्रबन्धन उपविधि प्रकाशन/2019-20 दिनांक 02.8.2019 द्वारा उपविधि की विज्ञप्ति का प्रकाशनार्थ विज्ञप्ति जारी की गई थी जिस क्रम में दैनिक समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा एवं दैनिक समाचार पत्र के दिनांक 03.08.2019 में विज्ञापन का प्रकाशन किया गया था । पालिका द्वारा विज्ञप्ति प्रकाशन के 01 माह भीतर सम्बन्धित उक्त उपविधि के सम्बन्ध में सुझाव एवं आपत्ति प्राप्त करने का समय निर्धारित किया गया था । परन्तु निर्धारित अवधि भीतर पालिका द्वारा जारी की गई उक्त विज्ञप्ति के सम्बन्ध में कोई आपत्ति अथवा सुझाव निकाय को प्राप्त नहीं हुवे ।

उक्त सम्बन्ध में निकाय को कोई सुझाव अथवा आपत्ति प्राप्त ना होने के कारण नगरपालिका परिषद बागेश्वर बोर्ड बैठक दिनांक 04.11.2019 के प्रस्ताव सं० 3 द्वारा सर्वसम्मति से नगरीय ठोस कचरा प्रबन्ध नियम 2019 की उपविधि लागू किये जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया । अतः सम्बन्धित इस निकाय में गजट नोटिफिकेशन की तिथि से प्रभावी मानी जाएंगी ।

ठोस कचरा प्रबन्धन उपविधि

अध्याय -1

सामान्य

1. संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीखः

(1 ) ये उप- नियम नगर पालिका परिषद बागेश्वर ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन उप-नियम, 2019 कहलाएंगी ।

(II) ये उप-नियम सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होंगी।

( III) उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सरकारी गजट दिनांक 14 जुलाई, 2018 में प्रकाशित नगर पालिका परिषद बागेश्वर नगरीय ठोस अपशिष्ठ (प्रबन्धन एवं हथालन) यूजर चार्ज उपविधि 2017 यथावत लागू रहेगी।

2. ये उप- नियम नगर पालिका परिषद , बागेश्वर की सीमाओं के भीतर लागू होंगे।

3. परिभाषा

(1 ) जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस उप नियमों में निम्नांकित परिभाषाएं लागू है- [भाग 8 400

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(क) " बल्क उ‌द्यान और बागवान कचरा " का अर्थ है , उ‌द्यानो , बागो आदि से उत्सर्जित बल्क कचरा, जिसमें घास कतरन, खरपतवार, कार्बनयुक्त काष्ठ ब्राउन सामग्री जैसे पेड़ों की छटाई से उत्पन्न कचरा, पेड़ो की कटिंग, टहनियां, लकंड़ा की कतरन, भूसा, सूखी पत्तियां आदि से उत्पन्न ठोस कचरा , जो दैनिक जैव अपघटीय कचरे के संकलन में समायोजित नहीं किया जा सकता है।

(ख) " बल्क कचरा उत्सर्जन " का अर्थ है, कि ठोस कचरा प्रबन्धन नियम, 2016 ( जिसे बाद में यहाँ एस 0डब्लू० एम० ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम कहा जाएगा) के नियम 3 (1 ) (8) के अन्तर्गत परिभाषित बल्क कचरा उत्सर्जक।

(ग) " संग्रह" का अर्थ है , कचरा उत्सर्जन के स्त्रोत से ठोस कचरे का उठाना और संग्रहण बिंदुओ या किसी अन्य स्थान तक पहुंचना।

(घ) "सक्षम प्राधिकारी " का अर्थ है, नगर पालिका का अध्यक्ष, अथवा उसके द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति।

(इ) "निर्माण एंव विध्वंस कचरा" का वही अर्थ होगा, जो निर्माण एंव विध्वंस कचरा नियम, 2016 नियम 3(1 ) (ग) में परिभाषित किया गया है।

(च) "स्वच्छ क्षेत्र" का अर्थ है , किसी परिसर के सामने और चारो ओर या निकटवर्ती फुटपाथ तक विस्तारित स्वच्छ सार्वजनिक स्थल , जिसमें नाली, फुटपाथ और पटरी के किनारे शमिल है, जिनका रख - रखाव इन उपनियमों के अन्तर्गत किया जाना है ।

(छ) "सामुदायिक कूड़ा घर (डलाव)" का अर्थ है, नगर पालिका द्वारा स्थापित और संचालित अथवा एक या अधिक परिसरों के मालिकों और/ या अधिभोगियों द्वारा मिल कर सड़क किनारे ऐसे मालिकों/अधिभोगियों के किसी एक परिसर में अथवा समक्ष अधिकारी द्वारा अधिकृत उनके साझा परिसर में पृथक्कृत ठोस कचरे के संग्रहण के लिए स्थापित और संचालित कोई संग्रह केन्द्र ।

(ज) "कंटेनराइज्ड हैड कार्ट " का अर्थ है, ठोस कचरे के बिन्दु दर बिन्दु संग्रह हेतु नगर पालिका या उस‌के द्वारा नियुक्त ऐजेन्सी/एजेन्ट द्वारा प्रवृत्त ठेला

(झ) "सुपुर्दगी" का अर्थ है, किसी भी श्रेणी के ठोस कचरे को नगर पालिका के वर्कर या ऐसे कचरे की सुपुर्दगी के लिए नगर पालिका द्वारा नियुक्त, प्राधिकृत या लाइसेंन्स प्रदत्त व्यक्ति को सौंपना अथवा उसे नगर पालिका या नगर पालिका द्वारा अधिकृत लाइसेन्स प्रदत्त एंजेन्सी द्वारा प्रदान किए गये वाहन में डालना।

(ञ) "ई- कचरा" का अर्थ वही होगा, जो ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2016 के नियम 3( 1 ) (आर) में निर्दिष्ट किया गया है (ट) "फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस ) " का अर्थ है, एक ऊर्जा चालित मशीन, जिसका डिजाइन बिखरे हुए ठोस कचरे को कम्पैट करने के लिए किया गया है और प्रचालन के समय स्थिर रहती है । प्रचालन के समय कम्पैक्टर मोबाईल भी हो सकती है, जिसे मोबाईल ट्रांसफर स्टेशन (एमटीएस) कहां जा सकता है।

(ठ) "कूड़ा - कचरा " का अर्थ है, सभी प्रकार का कूड़ा और उसमें कोई भी ऐसा कचरा पदार्थ शामिल है, जिसे फेंकना अथवा संग्रह करना इन उप-नियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित है और ऐसा करने से किसी व्यक्ति, जीव जंतु को परेशानी होने या पर्यावरण अथवा सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के प्रति खतरा पहुंचाने की आशंका हो ।

(3) "गंदगी फैलाने" का अर्थ है, किसी ऐसी बस्ती स्थल में गंदगी उत्सर्जित करना, डालना, दबाना अथवा तत्संबंधी अनुमति देना, जहां वह गिरती, ढलती, बहंती, घुल कर, रिस कर अथवा किसी अन्य तरीके से पहुंचती हो अथवा गंदगी के उत्सर्जित होने, बह कर आने , घुल कर आने या अन्य किसी तरह से खुले या सार्वजनिक स्थल पर आने की आशंका हो।

(ढ) "स्वामी " का अर्थ है, जो किसी भवन, या भूमि या किसी भाग के मालिक के रूप में अधिकारों का इस्तेमाल करता हैं ।

401 उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

(ण) "अधिभोगी/पट्टेदार" का अर्थ है, ऐसा व्यक्ति जो किसी भूमि या भवन या उसके हिस्से का अधिभोगी/पट्टेदार हो, इसमें ऐसे व्यक्ति भी शमिल है, जो तत्समय किसी प्रयोजन के लिए किसी भूमि या भवन या उसके हिस्से का इस्तेमाल कर रहा

(प) " पैलेटाइजेशन " का अर्थ है, एक प्रक्रिया, जिसमें पैलेट तैयार की जाती है, जो ठोस कचरे से बने छोटे क्यूब अथवा सिलिंडरीकल टुकड़े होते है, और उनके ईधन पैलेट्स भी शमिल होते है, जिन्हें रिफ्यूज डेराइब्ड ईधन कहा जाता है ।

(फ) "निर्धारित " का अर्थ है, एसडब्यूएम नियमों या इन उपनियमों द्वारा निर्धारित।

(ब) "सार्वजनिक स्थल" का अर्थ है, कोई ऐसा स्थान, जो आम लोगो के इस्तेमाल और मनोरंजन के लिए सहज सुलभ है, भले ही वह वास्तव में लोगो द्वारा इस्तेमाल या उपभोग किया जा रहा हो या नहीं।

(भ) "संग्रहण" का अर्थ है, ठोस कचरे को अस्थायी तौर पर इस तरह से संग्रह करना जिससे गंदगी न फैले और मच्छर आदि कीटो, आवारा पशुओं और अत्यधिक बदबू का प्रकोप रोका जा सके।

(म)."सैनेटरी वर्कर " का अर्थ है , नगर पालिका के इलाकों में ठोस कचरा एकत्र करने या हटाने अथवा नालियों को साफ करने के लिए नगर पालिका/एजेंन्सी द्वारा नियोजित व्यक्ति।

(य) "शेड्यूल" का अर्थ है, इन उप नियमों से सम्बद्ध शेड्यूल

(२) "इस्तेमालकर्ता शुल्क/प्रभार " का अर्थ है, नगर पालिका द्वारा समय - समय पर सक्षम प्राधिकारी के सामान्य या विशेष आदेश के जरिए कचरा उत्सर्जक पर लगाया गया शुल्क या प्रभार, ताकि ठोस कचरा संग्रह , ढुलाई , प्रोसेसिंग और निपटान सेवाओ की आंशिक अथवा पूर्ण लागत कवर की जा सकें।

(ल) "खाली प्लाट" का अर्थ है, प्राइवेट पार्टी/व्यक्ति/ सरकारी एजेंन्सी से सम्बद्ध कोई ऐसी भूमि या खुला स्थल, जिस पर किसी 'का कब्जा/निर्माण न हो

(2) यहां प्रयुक्त लेकिन परिभाषित न किए शब्दों और अभिव्यक्तियों, का अर्थ वही होगा, जो ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 और निर्माण एंव विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम 2016 में अभिप्रेत होगा !

अध्याय 2

ठोस कचरे का स्त्रोंत पर पृथक्करण और संग्रहण

4. ठोस कचरे का स्त्रोंत पर पृथक्करण और संग्रहण

(1 ) सभी कचरा उत्सर्जकों के लिए अनिवार्य होगा कि वे उनके स्वयं के स्थलों से उत्सर्जित होने वाले ठोस कचरे को नियमित रूप से पृथक करें और उसे संग्रहीत करे। यह पृथक्करण मुख्य रूप से निम्नांकित 03 वर्गों में किया जाएमाः 12 (क) गैर- जैव अपघटीय या सूखा कचरा।

(ख) जैव अपघटीय या गीला कचरा ।

(ग) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा और तीनो श्रेणियों के कचरे को कवर्ड कचरा डिब्बो में रखा जाएगा तथा समय-समय पर जारी नगर पालिका के निर्देशों के अनुसार पृथक्कृत कचरे को निर्दिष्ट कचरा संग्रहकर्ताओ को सौपेंगा।

(II) प्रत्येक बल्क कचरा उत्सर्जक के लिए अनिवार्य होगा कि वह स्वयं के स्थलों पर उज्सर्जित ठोस कचरे को पृथक करे और उसे संगृहित करे निम्नांकित 03 वर्गों में:-

(क) गैर- जैव अपघटीय या खुश्क कचरा ।

(ख) जैव अपघटीय या गीला कचरा ।

(ग) उपयुक्त कूड़ेदानों में जोखिमपूर्ण कचरा, जैविक (गीला ) कचरे को अपने परिसर में प्रोसेस कर कम्पोस्ट या बायोगैस आदि तैयार करना एवं पृथक्कृत कचरे को अधिकृत कचरा संग्रहण एंजेसी के जरिए अधिकृत कचरा प्रसंस्करण अथवा निपटान केंन्द्रो को सौपेंगा और उसके लिए नगर पालिका द्वारा समय समय पर निर्धारित ढुलाई शुल्कों का भुगतान नगर पालिका अधिकत कचरा संग्रह एजेन्सी को करेगा।

[भाग 8 402

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(III) पृथक किए गए कचरे के संग्रहण के लिए कूड़ेदानों का रंग इस प्रकार होगाः-

हराः जैव अपघटीय कचरे के लिए।

नीलाः गैर जैव अपघटीय या खुश्क कचरे के लिए ।

कालाः घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के लिए।

(IV) सभी निवासी, कल्याण और बाजार संगठन, नगर पालिका के भागीदारी से, यह सुनिश्चित करेंगे कि उत्सर्जकों द्वारा स्त्रोंत पर कचरे का पृथक्करण किया जाए, पृथक किए गये ठोस कचरे को अलग -अलग डिब्बो में संगृहीत किया जाये और फिर से इस्तेमाल करने वालों को सौंपी जाएं । जैव अपघटीय कचरें की प्रोसेसिंग, उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो- मिथेनेशन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा। इससे बचे कचरे को नगर पालिका द्वारा निर्देशित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंन्सी को दिया जाएगा।

(V) 5000 वर्गमीटर क्षेत्र से अधिक क्षेत्र कब्जा रखने वाले सभी ‌द्वारबंद समुदाय तथा संस्थान नगर पालिका की भागीदारी के साथ, सुनिश्चित करेंगे कि उत्सर्जको द्वारा कचरे का स्त्रॉत पर पृथक्करण हो, पृथक किए गए कचरे को अलग-अलग डिब्बों में रखेंगे और पुनः उपयोग आने वाली सामग्री को अधिकृत कूड़ा संग्रहकर्ताओं या अधिकृत पुनः इस्तेमाल करने वाले को सौंपेगे। जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग , उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा । इससे बचे हुए कचरे को नगर पालिका द्वारा निर्देशित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंन्सी को दिया जाएगा।

(VI ) सभी होटल , बारात घर और रेस्त्रां, नगर पालिका के भागीदारी से, कचरे का स्त्रोंत पर पृथक्करण सुनिश्चित करेंगे , पृथक किए गए ठोस कचरे को अलग -अलग डिब्बे में संग्रहीत करेंगे और फिर से इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री अधिकृत कचरा संग्रहकर्ताओं अथवा अधिकृत पुनः इस्तेमाल करने वाले को सौंपेगे। जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग, उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो- मिथेनेशन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा। इससे बचे हुए कचरे को नगर पालिका द्वारा निर्देशित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंन्सी को दिया जाएगा।

(VII ) कोई व्यक्ति गैर-लाइसेंन्सी स्थान पर कोई ऐसा कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा, जिसमें 100 से अधिक व्यक्ति एकत्र हो, ऐसा करने के लिए यह जरूरी होगा कि अनुसूची में निर्धारित इस्तेमाल कर्ता शुल्क का भुगतान करते हुए नगर पालिका को कम से कम 03 कार्य दिवस अग्रिम लिखित जानकारी देनी होगी और ऐसा व्यक्ति या आयोजक यह सुनिश्चित करेगा कि ठोस कचरे को स्त्रोंत पर अलग-अलग किया जाए, ताकि नगर पालिका द्वारा निर्धारित संग्रहकर्ता या एजेंन्सी को सौंपा जा सकें।

(VIII) सेनिटरी उत्पादों से उत्सर्जित कचरे को तत्संम्बन्धी विनिर्माताओं या ब्रांड मालिकों द्वारा प्रदान किए गए पाऊचों अथवा अखबारों या उपयुक्त जैव अपघटीय संलेपन सामग्री में सुरक्षित तरीके से संलेपित किया जाए और उसे गैर- जैव अपघटीय या... खुश्क कचरे के लिए बनाए गए कूड़ेदान में रखा जाना चाहिए ।

(IX) प्रत्येक गली विक्रेता अपने क्रियाकलाप के दौरान उत्सर्जित होने वाली खाद्य सामग्री , निपटान योग्य प्लैंटे , कप , डिब्बे, रैपर्स, नारियल के खोल, बचा खुचा भोजन, सब्जियां, फल आदि को अलग-अलग करके उपयुक्त कूड़ेदानों में संग्रहित करेगा और उसे नगर पालिका द्वारा अधिसूचित डिपो या कन्टेनर या वाहन को सौंपेंगा ।

(X) उ‌द्यान और बागवानी के कचरा उत्सर्जक अपने परिसर में उत्सर्जित कचरें को अलग से एकत्र करेंगे, और समय-समय नगर पालिका के निर्देशों के अनुसार उसका निपटान करेंगे।

403 उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

(XI ) घरेलु जोखिमपूर्ण कचरे को प्रत्येक कचरा उत्सर्जक द्वारा स्टोर किया जाएगा, और उसे नगर पालिका या उसके द्वारा अथवा उत्तराखण्ड सरकार या प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा ऐसे कचरे का संग्रहण के लिए साप्ताहिक/ समय -समय पर उपलब्ध करायें गये वाहन तक पंहुचाया जाएगा, अथवा ऐसे कचरे को उत्तराखण्ड सरकार या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अधिसूचित तरीके से निपटान के लिए निर्दिष्ट कचरा संग्रह केन्द्र तक पहुंचाया जाएगा।

(xii) निर्माण कार्य और भवनों को ढहाए जाने से उत्सर्जित कचरा निर्माण एंव विध्वंस कचरा प्रबन्ध नियम-2016 के अनुसार अलग से एकत्र और निपटान किया जाएगा।

(xiii ) बायोमेडिकल कचरा, ई-कचरा, जोखिमपूर्ण रसायनिक एंव औ‌द्योगिक कचरा बिना उपचारित किए ठोस कचरे में मिश्रित नहीं किया जाएगा। ऐसे कचरे का निपटान पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 केअन्तर्गत बनाये गये तत्सम्बंधी नियमों के अनुसार किया जाएगा।

(xiv) निर्दिष्ट बूचड़ खानो और बाजारों को छोड़कर अन्य परिसरों के प्रत्येक ऐसे मालिक/कब्जाधारी, जो किसी वाणिज्यिक गतिविधि के परिणामस्वरूप पौल्ट्री, मछली और पशुवध संबंधित कचरा उत्सर्जित करते हो, उन्हें ऐसे कचरे को अलग से बन्द कैन्टनर में स्वास्थ्यकर स्थिति में एकत्र करना होगा और रोजमर्रा के आधार पर निर्दिष्ट समयानुसार नगर पालिका द्वारा इस प्रयोजन के लिए प्रदान किये गये कचरा वाहन/स्थल तक पहुंचाना होगा। ऐसे कचरे को सामुदायिक कूड़ा घरों में डालना निषेध होगा।

(XV) प्रत्येक जैव अपअघटीय ठोस कचरे को यदि उत्सर्जको द्वारा कम्पोस्ट न किया गया हो, तो उसे उन्हें अपने परिसर में अलग से एकत्र करना होगा, और उसकी डिलवरी नगर निकाय श्रमिक/वाहन/ कचरा एकत्र कर्ता कचरा संग्रहकर्ता अथवा बल्क में जैव अपघटीय कचरा उत्सर्जित करने वाले निर्दिष्ट वाणिज्यिक उत्सर्जकों के लिए प्रदान करायें गये कचरा संग्रह वाहन तक पहुंचाया जाएगा। यह सुपुर्दगीय समय समय पर अधिसूचित समयानुसार करनी होगी।

अध्याय 3

ठोस कचरा संग्रह

5. ठोस कचरे संग्रह का निम्नांकित अनुसार किया जाएगाः

(i ) नगर पालिका के सभी क्षेत्रों या वार्डों में पृथक किए गए ठोस कचरे को घर-घर जाकर संग्रह करने के बारे में एसडब्लूएम नियमों का अनुपालन किया जाएगा, जिनके अनुसार मलीन और अनौपचारिक बस्तीयों सहित दैनिक आधार पर प्रत्येक घर सें कचरा एकत्र किया जाएगा । इस के लिए घर-घर जाकर कचरे एकत्र करने की अनौपचारिक प्रणाली को नगर पालिका संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत किया जाएगा ।

(ii ) प्रत्येक घर से कचरा एकत्र करने के लिए क्षेत्रवार विषेश समय निर्धारित किया जाएगा और उसके सम्बन्ध में क्षेत्र में खास-खास स्थानों पर प्रचारित किया जाएगा और नगर पालिका बेवसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। घर-घर जाकर कचरे एकत्र करने का समय सामान्यतया प्रातः 6:00 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित किया जाएगा व्यापारिक प्रतिष्ठानों वाणिज्यिक क्षेत्रों में दुकानों में या किसी अन्य संस्थागत कचरा उत्सर्जकों से कचरा एकत्र करने का समय प्राप्त 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगा अथवा नगर पालिका द्वारा समय समय पर निर्धारित समय पर होगा ।

(iii) कचरे को स्व स्थान प्रोसेस करने वाले बल्क कचरा उत्सर्जकों से ठोस अपशिष्ठ एकत्र करने का प्रबन्ध किया जायेगा।

की फन्न फूल,मांस पोल्ट्री, और मछली बाजार से अपशिष्ठ ठोस कचरे को रोजमर्रा के आधार पर एकत्र किया जाएगा।

[भाग 8 404

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29 , 1944 शक सम्वत्)

(v) बागवानी और उ‌द्यान सम्बंधी कचरा अलग से एकत्र किया जाएगा और उसका निपटान किया जाएगा । इस प्रायोजन के लिए सप्ताह मे एक या दो दिन निर्दिष्ट किए जावेंगे ।

(vi ) फलो और सब्जी बाजारों , मांस और मछली बाजारों, बल्क बागवानी और उ‌द्यानों से उत्सर्जित जैव अपघटीय कचरे का अनुकूलतम इस्तेमाल करने और संग्रहण एवं ढुलाई की लागत में कमी लाने के लिए ऐसे कचरे को उस क्षेत्र के भीतर प्रोसेस या उपचारित किया जाएगा, जिसमें में वह उत्सर्जित होता है।

(vii) कन्टेनरों में कचरे का हाथ से परिचालन निषेध हैं । यदि दबावों के कारण अपरिहार्य हो तो कचरे का हाथ से निपटान श्रमिकों की उचित देखभाल और सुरक्षा के साथ समुचित संरक्षण के तहत किया जाएगा।

(viii) कचरा उत्सर्जक अपने पृथक किए गए कचरे को नगर पालिका द्वारा अथवा अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा तैनात होपर/ऑटो-टिप्पर्स/ रिक्सा वाहनो आदि में डालने के लिए जिम्मेदार होगें। बहुमंजिला इमारतों, अपार्टमेंटो, आवास परिसरों ( इन उपनियमों के खंड 4 व उप-खंड (प अ) और (अ) के अंतर्गत आने वालों को छोड कर) से उत्सर्जित पृथक किए गए कचरे को ऐसे परिसरों के मुख्य द्वार से अथवा किसी अन्य निर्दिष्ट स्थान से एकत्र किया जाएगा । (ix) कचरा संग्रह उपकरणों और वाहनों के चयन के लिए बदलती जरुरतों और प्रौ‌द्योगिकी में नई खोजो को ध्यान में रखा जाएगा। कचरा एकत्र करने के लिए विशेष क्षमता वाले ऐसे ऑटो टिप्पर या वाहन इस्तेमाल किए जाएगें, जो ऊपर से हाईड्रोलिक तरीके से संचालित हूपर कवरिंग व्यवस्था से युक्त होगे और उनमें जैव अपघटीय और गैर- जैव अपघटीय कचरे के लिए अलग अलग दो कम्पार्टमेंट होंगे। ऐसे वाहनो पर हूटर भी लगा होगा।

(x) स्वचालित ध्वनि रिकार्डिड उपकरण , घंटी या शोर के स्वीकार्य स्तर तक सीमित हॉर्न भी कचरा संग्रह वाहन में कचरा संग्रहकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा।

(xi ) प्रत्येक प्राथमिक संग्रहण तथा ढुलाई वाहन के लिए मार्ग योजनाए और नगर पालिका द्वारा या अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। ये योजनाएं तालिकाबद्ध और जीआईएस मानचित्र में होगी , जो नगर पालिका द्वारा विधिवत रुप से अनुमोदित होगी और उनमें प्रारंभिक बिन्दु, प्रारंभ करने का समय , प्रतीक्षा स्थलों, मार्ग में रुकने का समय, अंतिम बिंदु और निर्दिष्ट मार्ग के अंतिम समय का उल्लेख होगा। नगर निकाय अथवा अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा प्रत्येक गली में एक बोर्ड लगाया जाएगा, जिस पर प्राथमिक कचरा संग्रह और ढुलाई वाहनों की समय सारणी प्रदर्शित की जाएगी , ताकि क्षेत्र के निवासी निर्धारित समय पर इस सुविधा का लाभ उठा सकें। ऐसी जानकारी नगर पालिका की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

(xii ) तंग गलियों में , जहां ऑटो टिप्पर या वाहन की सेवाएं संभव न हों, वहां एक थ्रीव्हीलर अथवा छोटे मोटरयुक्त वाहना साईकिल रिक्शा काम पर लगाया जाएगा, जो ऊपर से हाईड्रोलिक तरीके से संचालित हूपर कवरिंग व्यवस्था से युक्त होंगा और उसमें गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग दो कम्पार्टमेंट होंगे। ऐसे वाहनो में हूटर लगा होगा और वह मोबाइल ट्रांसफर स्टेशन के अनुकूल होगा।

(xiii ) अत्यंत भीड़ भाड़ वाले और अधिक तंग गलियों वाले क्षेत्रों में जहां थ्रीव्हीलर या छोटे वाहन भी न जा सकें वहां साइकिल रिक्शाअथवा अन्य प्रकार के उपयुक्त उपकरण तैनात किए जाएंगे ।

(xiv) ऐसी छोटी, तंग और भीडी गलियों/लेनो में जहां थ्रीव्हीलर/ रिक्शा आदि का संचालन संभव न हो, ऐसे स्थानों पर बस्ति/ गली के छोर पर खास जगह तय की जाएगी , जहां कचरा संग्रह वाहन खड़ा किया जा सके और वाहन के हेल्पर के पास एक सीटी होगी और वे सीटी बजाते हुए गली में ठोस कचरा संग्रहण के लिए वाहन के आगमन की घोषणा करेंगे । इस तरह की संग्रह प्रणाली की समय सारिणी नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी और नगर पालिका की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

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भांग 8]

(xv) ऑटो टिप्पर, थ्रीव्हीलर्स , रिक्शा और सेवा में संलग्न किसी अन्य तरह के वाहन केवल घरों से कचरा एकत्र करेंगे , और अन्य स्त्रोत जैसे ढलाव , खुले स्थलों , मैदान, कूड़ेदानों और नालियों आदि से कचरा एकत्र नहीं करेंगे।

(xvi) नगर पालिका या उसके अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहर्ता प्राथमिक कचरा संग्रहण के लिए क्षेत्र की सभी गलियों/लेनों को कवर करने के लिए जिम्मेदार होगें।

अध्याय - 4

ठोस कचरे का द्वितीयक संग्रहण

6.द्वितीयक संग्रहण बिंदुओ में ठोस कचरे का संग्रहण निम्नाकित अनुसार किया जाएगा

(i) घरों में एकत्र किया गया पृथक ठोस कचरा , कचरा स्टोरेज डिपो, सामुदायिक कूडा घरों या अचल या चल अंतरण स्थलों या कचरे के द्वितीयक संग्रहण के लिए नगर पालिका द्वारा निर्दिष्ट स्थानों पर ले जाया जाएगा।

(ii ) ऐसे द्वितीयक संग्रहण बिंदुओ को कंटेनरों ( निर्दिष्ट रंग के) से कवर किया जाएगा, जिनसे निम्नांकित के लिए अलग अलग स्टोरेज होंगे-

(क) गैर-जैव अपघटीय अथवा सूखा कचरा

(ख) जैव अपघटीय अथवा गीला कचरा

(ग) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा।

(iii) पृथक किए गए कचरे के संग्रहण के लिए नगर पालिका द्वारा चिन्हित अलग अलग कंटेनरो का इस्तेमाल निम्नांकित अनुसार किया जायेगाः-

हराः जैव अपघटीय कचरे के लिए

नीलाः गैर-जैव अपघटीय कचरे के लिए

कालाः घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के लिए

नगर पालिका समय समय पर विभिन्न प्रकार के ठोस कचरे के संग्रहण और वितरण के लिए निर्धारित गोदामों की रंग संहिता और अन्य मानदंड अधिसूचित करेगी ताकि कचरे का सुगम और सुरक्षित संग्रहण हो सके और किसी प्रकार का मिश्रण या रिसाव न हो, जिनका अनुपालन विभिन्न प्रकार के ठोस कचरा उत्सर्जकों को करना होगा।

(iv) नगर पालिका स्वयं अथवा बाहरी एजेंसियों के जरिए ठोस कचरा संग्रहण केंद्रो का संचालन इस ढंग से करेगी कि उनके आस पास अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छ स्थितियां पैदा न हों।

(v) द्वितीयक संग्रहण डिपुओं में विभिन्न आकार के कंटेनर नगर पालिका या किन्ही अन्य निर्दिष्ट एजेंसियों द्वारा प्रदान किये जाएंगे , जो इस उप- नियमों में वर्णित अनुसार अलग- अलग रंगो के होगे।

(vi ) संग्रहण केन्द्रों का निर्माण और स्थापना इस बात को ध्यान में रख कर की जाएगी कि किसी निर्दिष्ट क्षेत्र में कचरें के उत्सर्जन की मात्रा कितनी है और जनसंख्या का घनत्व कितना है ।

(vii) संग्रहण केन्द्र इस्तेमालकर्ता अनुकूल होंगे और उनका डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि उनसे कचरा ढका रहे और संग्रहण किए गये कचरे का खुले वातावरण में कोई दुष्भाव न पड़े।

(vii) सभी आवास सहकारी समितियों , एसोसिएशनों, रिहायसी और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और द्वार बंद समुदायों का यह दायित्व होगा कि वे इनउप- नियमों द्वारा निर्धारित रंगीन कूड़ेदान रखें और स्वयं के परिसरों में समुचित स्थानो पर पर्याप्त संख्या में ऐसे कंटेनर रखें ताकि वहां हर रोज उत्सर्जित कचरा ठीक ढंग से संगृहीत किया जा सकें।

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( ix ) नगर पालिका या उसकी कोई निर्दिष्ट एजेंसी का यह दायित्व होगा कि, वे सप्ताहिक आधार पर सभी कूडाघरों की धुलाई और संक्रमण मुक्त बनाने की व्यवस्था करें ।

(x) सूखे कचरे (गैर-जैव उपघटीय कचरा) के लिए रीसाइकलिंग सेंटर

(क) नगर पालिका अपने वर्तमान ढलावों अथवा पहचान किए गए खास स्थानों को आवश्कतानुसार रीसाइकलिंग केंद्रों के रुप में परिवर्तित करेगा, जिनका इस्तेमाल गलियों घर घर जाकर कचरा एकत्र करने संबंधी सेवा के जरिए एकत्र किए गए सूखे कचरे को पृथक करने के लिए किया जाएगा । प्राप्त सूखे कचरे की मात्रा के अनुसार रीसाइकलिंग केंद्रों की संख्या बढाई जा सकती है।

(ख) गली/घर घर जाकर कचरा संग्रहण प्रणाली के जरिए और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से प्राप्त केवल सूखा कचरा (गैर-जैव अपघटीय) इन निर्दिष्ट रीसाइकलिंग केंद्रो को स्थानातरित किया जाएगा । ये निर्दिष्ट केंद्र केवल सूखा कचरा प्राप्त करेंगे ।

(xi ) परिवारों के लिए प्राविधान भी होगा कि वे अपना रिसाइकिल योग्य सूखा कचरा इन रिसाइक्लिंग केंद्रों पर सीधे जमा करा सकते है अथवा अधिकृत एजेंटो या नगर पालिका से अधिकृत कचरा व्यापारियों को पूर्व अधिसूचित दरो के अनूसार बेच सकते हैं । इस प्रयोजन के लिए प्रत्येक रीसाइकलिंग यूनिट पर एक धर्मकांटा और काउंण्टर उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकृत एजेंट और/या अधिकृत कचरा व्यापारी को इस बात की अनुमति होगी कि वे रीसाइकिल योग्य कचरे को एसडब्ल्यूएम नियमों के प्रावधानों के अनुसार द्वितीयक बाजार अथवा रीसाइकलिंग यूनिटों को बेच सकते है। अधिकृत एजेंट और/ या अधिकृत व्यापारी बिक्री से प्राप्त धनराशि रखने का हकदार होंगे ।

(xii ) निर्दिष्ट घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के लिए संग्रहण केंद्र

(क) घरेलू जोखिम पूर्ण कचरे के संग्रह के लिए एक संग्रहण केंद्र उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा, जहा निर्दिष्ट घरेलू जोखिम पूर्ण कचरे को प्राप्त किया जाएगा, ऐसा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुसार यथा संभव प्रत्येक वार्ड में स्थापित किया जाएगा और उसे कचरा प्राप्त करने का समय अधिसूचित करना होगा।

(ख) नगर पालिका अपनी एजेंसी को या छूटग्राही को यह दायित्व सौप सकती है कि वह सभी कचरा उत्सर्जकों से घरेलू जोखिम पूर्ण कचरा पृथककृत तरीके से एकत्र करें ।

(ग) इस तरह प्राप्त किया गया कचरा सरकार द्वारा स्थापित जोखिम पूर्ण कचरा निपटान केंद्रो पर अलग से लाया जाएगा।

अध्याय-5

ठोस कचरे की ढुलाई

7. ठोस कचरे की दुलाई निम्नांकित बातों को ध्यान में रख कर की जाएगीः-

( i ) कचरे की ढुलाई के लिए प्रयुक्त वाहन भली भांति कवर्ड होंगे ताकि एकत्र कचरे का दुष्प्रभाव मुक्त वातावरण पर न पडे। इन वाहनो में कम्पैक्टर और मोबाइल ट्रांसफर स्टेशन शमिल हो सकते है, जो नगर पालिका द्वारा चुनी गई प्रौ‌द्योगिकी पर निर्भर करेंगे ।

(ii) नगर पालिका द्वारा स्थापित संग्रहण केंद्र कचरे के निपटान के लिए हर रोज काम करेंगे। कूड़ेदान या कंटेनरों के आस पास के क्षेत्र को साफ रखा जाएगा।

(iii) आवासीय और अन्य क्षेत्रों से एकत्र किया गया पृथककृत जैव अपघटीय कचरा प्रोसेसिंग प्लांटो जैसे कम्पोस्ट प्लांट, बायो-मिथिनेशन प्लांट या अन्य केंद्र तक कवर्ड तरीके से पहुंचाया जाएगा ।

जहां कहीं प्रयोज्य हो, जैव अपघटीय कचरे के लिए, ऐसे कचरे की स्व-स्थाने प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी ।

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भाग 8]

(v) एकत्र किया गया गैर-जैव अपघटीय कचरा सम्बद्ध प्रोसेसिंग केंद्रो अथवा द्वितीयक संग्रहण में पहुंचाया जाएगा।

(vi ) निर्माण और विध्वंस जन्य कचरे की ढुलाई निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम ,2016 के प्रावधानो के अनुसार की जाएगी ।

(vii ) नगर पालिका कचरे की समुचित ढंग से ढुलाई के प्रबंध करेगा। गलियों को सुधारने से उत्पन्न कचरा और नालियों से निकाली गई गाद काम समाप्त होने के तत्काल बाद हटाई जाएगी।

(viii ) ढुलाई वाहनों का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि अंतिम निपटारे से पहले कचरे के बार बार परिचालन से बचा जा सकें।

(ix) कचरा संग्रहण के लिए काम में लगाए गए वाहन कचरे को केवल एमटीएस अथवा एफसीटीएस, जहां कही प्रदान किए गए हों , में जमा/स्थानांतरित करेंगे ।

(x) यदि किसी कारणवश एमटीएस/एफसीटीएस निर्दिष्ट स्थल पर खड़े नही पाए जाएगें, तो लदा वाहन एमटीएस अथवा एफसीटीएस के अगले निर्दिष्ट स्थल अथवा कचरे को उतारने के लिए नगर पालिका द्वारा निर्दिष्ट स्थल तक जाएगा ।

(xi ) फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफार्मर स्टेशन को हूक लोडर के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाएगा।

(xii ) कचरे की ढुलाई के दौरान विभिन्न स्त्रोत से उत्सर्जित कचरे का परस्पर मिश्रण नहीं होना चाहिए।

(xiii) कचरे के गली स्तरीय संग्रहण और ढुलाई सेवाएं अवकाश के दिनों सहित हर दिन उपलब्ध कराई जाएंगी।

(xiv) इस सेवा में संलग्न एमटीएस केवल गली स्तरीय प्रचालनों से कचरा संग्रह करनें वाले निर्दिष्ट ऑटो-टिप्परों, तिपहिया या अन्य वाहनों/कूडादानों से कचरा प्राप्त करेंगा।

(xv) परिवारों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से गली स्तरीय और घर घर जाकर ठोस कचरा संग्रह करने में लगे ऑटो-टिप्परों ,तिपहिया वाहनो, रिक्शा आदि से कचरा प्राप्त करने के लिए एक अनुमोदित रुट प्लान के अनुसार निर्दिष्ट स्थानों पर प्रतिबद्ध एमटीएस तैनात किए जाएगें ।

(xvi) एमटीएस और एफसीटीएस का डिजाइन ऐसा होगा, जो कचरे को प्राथमिक संग्रहण वाहनों से उतारने में कम से कम समय लें और कूड़ा करकट इधर उधर न फैले।

(xvii) ठोस कचरे को स्थानांतरित करते समय एमटीएस और एफसीटीएस के इर्द- गिर्द रिसे हुए कचरे को साफ किया जाना चाहिए, ताकि कोई रिसाव न बचे। ऐसे स्थान पर सफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद संक्रमण विरोधी पदार्थ इस्तेमाल किए जाने चहिए ।

(xviii) नगर पालिका अथवा उसकी निर्दिष्ट एजेंसी सभी द्वितीयक संग्रहण केंद्रो पर सीसीटीवी कैमरे लगाएगी।

अध्याय-6

ठोस कचरे की प्रोसेसिंग

8. ठोस कचरे की प्रोसेसिंगः-

(i ) नगर पालिका ठोस कचरा प्रोसेसिंग केंद्रो और सम्बद्ध ढांचे के निर्माण , प्रचालन और रख -रखाव की स्वयं व्यवस्था करेगा अथवा किसी एजेंसी के द्वारा इस कार्य को अंजाम देगा, ताकि ठोस कचरे के विभिन्न घटकों का अनुकूलतम उपयोग किया जा सके। इसके लिए निम्नांकित प्रौ‌द्योगिकी सहित उपयुक्त प्रौ‌द्योगिकी अपनाई जाएगी और शहरी विकास मंत्रालय द्वारा समय- समय पर जारी दिशा-निर्देशों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानको का अनुपालन किया जायेगाः- 408

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(क) दुलाई की लागत और पर्यावरणीय दुष्भावों को निम्नवत रखने के लिए विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी, जैसे बायो-मिथेनेशन, माइक्रोवियल कम्पोस्टिंग, वर्मी कम्पोस्टिंग , एनायरोबिक डाइजेशन अथवा जैव अपघटीय कचरे की जैव-स्थिरता के लिए कोई अन्य उपयुक्त प्रोसेसिंग पद्धति। .

(ख) केंद्रीकृत स्थलों पर स्थित माध्यम/ बड़े कम्पोस्टिंग/बायो- मिथेनेशन प्लांटो के जरिए।

(ग) कचरे से ऊर्जा प्रक्रियाओं के जरिए, ठोस कचरा अधारित बिजली संयंत्रो को कचरे के ज्वलनशील अंश के लिए रिफ्यूज डेराइव्य ईधन के रुप में अथवा फीड स्टॉक आपूर्ति के रुप में ईधन प्रदान करते हुए।

(घ) निर्माण और विध्वंस कचरा प्रबंधन प्लांटों के जरिए ।

(i ) नगर पालिका रिफ्यूज डेराइव्य फ्यूल (आरडीएफ) की खपत के लिए बाजार सृजित करने का प्रयास करेगा।

(ii) कचरे से बिजली बनाने वाले प्लांट में सीधे भष्मीकरण के लिए कचरे का पूर्ण पृथक्करण अनिवार्य होगा और ऐसा करना सम्बद्ध अनुबंधो की कार्यशर्तों हिस्सा होगा ।

(iii) नगर पालिका सुनिश्चित करेगा कि कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच, कपडा आदि रीसाइकिल योग्य पदार्थ रीसाइकिल करने वाली अधिकृत एजेंसियो को भेजा जाए।

9. ठोस कचरे की प्रोसेसिंग के लिए अन्य दिशा-निर्देश-

(i) नगर पालिका सभी निवासी कल्याण संगठनों, समूह आवास समितियों , बाजारों, द्वारबंद आवास समुदायों और 5000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र रखने वाले संस्थानों, सभी होटलो एवं रेस्त्राओं , बैक्वेट हालों और इस तरह के अन्य स्थलों पर यथासंभव कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन के जरिए जैव अपघटीय कचरे वाले अन्य कचरा उत्सर्जकों को भी जैव अपघटीय कचरे की स्व-स्थाने प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी।

(ii) नगर पालिका यह नियम प्रवृत्त करेगा कि सब्जी, फल , मांस, पोल्ट्री और मछली व्यापार मंडियां अपने जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग करते समय स्वच्छ स्थितियां बनाए रखना सुनिश्चित करें ।

(iii) नगर पालिका यह नियम प्रवृत्त करेगा कि बागवानी, उ‌द्यानों और पार्कों से उत्सर्जित कचरे का निपटान अलग से यथासंभव पार्को और उ‌द्यानों में ही किया जाए।

(iv) नगर पालिका कचरा प्रबंधन में समुदाय को शामिल करने और घर पर ही कम्पोस्टिंग , बायो गैस उत्पादन, सामुदायिक स्तर पर कचरे की विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करेगा। परंतु ऐसा करते समय बदबू को नियंत्रित रखना और तत्संबंधी यूनिट के आसपास स्वच्छता स्थितियां बनाए रखना अनिवार्य हागा

अध्याय-7

ठोस कचरे का निपटान

10. ठोस कचरे का निपटान-

नगर पालिका अपशिष्ठ कचरे और गलियों में झाडू लगाने से उत्सर्जित कचरे तथा नालियों से निकलने वाली गाद का निपटान एसडब्ल्यूएम नियमों के अंतर्गत निर्धारित ढंग और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य कानून द्वारा लागू किए गए किसी अन्य दायित्व के अनुरुप करने के लिए स्वयं अथवा किसी अन्य एजेंसी के जरिए सेनिटरी लैंडफिल और सम्बद्ध ढांचे का निर्माण, प्रचालन और रख-रखाव करेगा।

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भाग 8]

अध्याय-8

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इस्तेमालकर्ता शुल्क और स्थल पर ही जुर्माना/दंड लगाना

11. ठोस कचरे का संग्रहण , ढुलाई, निपटान के लिए इस्तेमालकर्ता शुल्क-

(क) कचरा उर्सजकों से कचरा संग्रहण , ढुलाई और निपटान हेतु सेवाएं प्रदान करने के लिए नगर पालिका द्वारा इस्तेमाल कर्ता शुल्क निर्धारित किया जाएगा । इस्तेमालकर्ता शुल्क की दरें अनुसूची-1 में निर्दिष्ट है।

(ख) कचरा उत्सर्जकों से निर्धारित इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली नगर पालिका अथवा अध्यक्ष/अधिशासी नगर पालिका द्वारा अधिकृत एजेंसी या अधिकृत व्यक्ति द्वारा की जाएगी।

(ग) नगर पालिका इन उपनियमों की अधिसूचना की तारीख से 3 माह के भीतर , इस्तेमालकर्ता शुल्क लगाने के प्रयोजन के लिए कचरा उत्सर्जन का डाटाबेस तैयार करेगा और इस्तेमालकर्ता शुल्क की बिंलिग/संग्रहण/वसूली के लिए समुचित व्यवस्था विकसित करेगा । डाटाबेस को नियमित रुप से अद्यतन बनाया जाएगा।

(घ) नगर पालिका ऑनलाइन भुगतान के सहित इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली के लिए विभिन्न पद्धतियाँ अपनाएगा।

(ङ) इस्तेमालकर्ता वसूली के लिए महीने में विशेष दिन निर्धारित किए जाएंगे, जिसमें प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह को वरीयता दी जाएगी।

(च) वार्षिक और छमाही भुगतान की प्रणाली अपनाई जाएगी। यदि इस्तेमालकर्ता शुल्क समूचे वर्ष के लिए अग्रिम अदा किया जाता है, तो ऐसे में 12 महीने के बाजए 10 महीने का शुल्क लिया जाएगा। इसी प्रकार यदि इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली का भुगतान 6 महीने के लिए किया जाता है तो शुल्क की मांग की राशि छह महीने के बजाये साढे पांच महीने के लिए वसूल की जाएगी।

(छ) अनुसूची 1 में वर्णित इस्तेमालकर्ता शुल्क प्रत्येक परवर्ती वर्ष की पहली जनवरी से स्वतः 10 प्रतिशत बढ जाएगा । (ज) इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा एक सामान्य या विशेष आदेश के जरिए स्वयं नगर पालिका या नगर पालिका द्वारा अधिकृत संस्थान/ व्यक्ति द्वारा की जाएगी।

(झ) इस्तेमालकर्ता शुल्क के भुगतान में चूक होने के मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा चूककर्ता से उसकी वसूली भू- राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी ।

12. एसडब्ल्यूएम नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माला/दंड:-

(क) एसडब्ल्यूएम नियमों अथवा इन उप- नियमों के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन अथवा अनुपालन करने में विफलता के लिए इन उप- नियमों के परिशिष्ट में दी गई अनुसूची 2 में वर्णित अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।

(ख) उपरोक्त खंड (क) में वर्णित अनुसार उल्लंघन या गैर-अनुपालन की स्थिति बार बार आने पर ऐसी प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना प्रतिदिन या महीना, जो भी लागू हो , के अनुसार लगाया जाएगा।

(ग) जुर्माना या दंड लगाने हेतु निर्दिष्ट/ प्राधिकृत अधिकारी अध्यक्ष नगर पालिका, अधिषासी अधिकारी होगें या उनके द्वारा नामित अन्य कर्मचारी यथा अवर अभियन्ता, स्वास्थ्य निरीक्षक, या अन्य कर्मचारी होगें या जिला मजिस्ट्रेट , उपजिला मजिस्ट्रेट किसी अन्य अधिकारी को नामित कर सकेंगे । जुर्माना /दंड राशि अनुसूचि 2 में दी गई है ।

(घ) निर्दिष्ट/प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा जुर्माना मौके पर लगाया और वसूल किया जाएगा । जुर्माने का भुगतान मौके पर जमा न करने में उक्त धनराशी भू-राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी एवं मामले में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत निर्धारित अभियोजन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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[भाग 8

अध्याय-9

प्रतिभागियों के दायित्व

13. कचरा उत्सर्जकों के दायित्वः-

(i ) कूडा फेकने पर पाबंदी

(क) किसी सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फैलानाः अधिकृत सार्वजनिक या निजी कूडादानो के सिवाय कोई व्यक्ति किसी सर्वाजनिक स्थल पर कूडा नही फैलाएगा। कोई व्यक्ति विशेष प्रयोजन के लिए प्रावधान किए गए सार्वजनिक केन्द्रों या सुविधाओं को छोडकर किसी सार्वजनिक स्थल पर वाहनों की मरम्मत, बर्तन या कोई अन्य उपकरण धोने/साफ करने का काम नहीं करेगा या किसी प्रकार का संग्रहण नहीं करेंगा ।

(ख ) किसी संपत्ति पर कूडा फैलानाः अधिकृत निजी अथवा सार्वजनिक कूडेदानों के सिवाय कोई व्यक्ति किसी मुक्त या रिक्त संपत्ति पर कूड़ा नहीं डालेगा ।

(ग) वाहनों से कूडा फेकनाः किसी वाहन के ड्राइवर या यात्री के रुप में कोई व्यक्ति किसी गली, सडक, फुटपाथ, खेल के मैदान , उ‌द्यान , ट्रैफिक आइलैंड, सार्वजनिक सम्पत्ति /जलश्रोत या अन्य सार्वजनिक स्थान पर कूडा नहीं फैकेगा।

(घ) मालवाहक वाहन से गंदगी डालनाः कोई भी व्यक्ति तब तक किसी ट्रक या अन्य मालवाहक वाहन को कूड़ा करकट उठान हेतु नहीं चलाएगा, जब तक कि ऐसे वाहन का निर्माण और लदान इस प्रयोजन के लिए अधिकृत न किया गया हो ताकि सडक, फुटपाथ, खेल का मैदान, उ‌द्यान , ट्रैफिक आइलैंड, सार्वजनिक सम्पत्ति /जलश्रोत या अन्य सार्वजनिक स्थलो पर कोई लोड, पदार्थ अथवा गंदगी डालने से रोका जा सकें।

(ड. ) स्वयं/ पालतू पशुओं से गंदगीः कुत्ता, बिल्ली, दुधारू पशु, माल वाहक पशु आदि पालतू जानवरों के मालिकों का यह भी दायित्व होगा कि गली अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर ऐसे जानवरो द्वारा उत्सर्जित किसी प्रकार की गंदगी को तत्काल उठाएगा/साफ करेगा और इस तरह के उत्सर्जित कचरे के समुचित निपटान के लिए समुचित उपाय करेगा, जिनमें स्वयं की सीवेज प्रणाली से निपटान को वरीयता दी जाएगी ।

(च) नालियों आदि में कचरे का निपटानः कोई व्यक्ति किसी नाली नदी/खुले तालाब/जल निकायों में गंदगी नहीं डालेगा।

(ii ) कचरे को जलानाः सार्वजनिक स्थानों पर या निजी स्थान पर या निषेध सार्वजनिक संपत्ति पर ठोस कचरे के किसी भी प्रकार के जलाने द्वारा निपटान निषिद्ध होगा।

(iii) "स्वच्छ क्षेत्र": प्रत्येक व्यक्ति यह प्रयास करेगा कि उसके स्वामित्व या कब्जे वाले परिसर के सामने कोई भी सार्वजनिक स्थान अथवा आस पास का क्षेत्र स्वच्छ रहें । इन स्थानो में फुटपाथ और खुली नालियां/ गटर, सडक किनारा सामिल है, जो किसी भी तरह ठोस या तरल कचरे से मुक्त होने चाहिए।

(iv) सार्वजनिक सभाओं और किसी कारण (जुलूस , प्रदर्शनियों, सर्कस , मेले , राजनैतिक रैलियां, वाणिज्यक, धार्मिक, सामाजिक, सास्कृतिक कार्यक्रमों, विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनी आदि सहित) से सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित की जाने वाली गतिविधयों, जिनमें पुलिस विभाग और/ या नगर पालिका से अनुमति अपेक्षित 'हो, के मामले में ऐसी गतिविधियों के आयोजनकर्ता का यह दायित्व होगा कि वह उस क्षेत्र और आस पास के क्षेत्रों की स्वस्च्छता सुनिश्चित करें।

(v) ऐसे आयोजनो के मामले में आयोजक से नगर पालिका द्वारा अधिसूचित रिफंड योग्य स्वच्छता धरोहर राशि सम्बद्ध जोनल अधिकारी द्वारा प्राप्त की जाएगी, जो कार्यक्रम की अवधी में उसके पास जमा रहेगी। यह जमा राशि कार्यक्रम पूरा होने के बाद रिफंड की जाएगी लेकिन उससे पहले यह जांच की जाएगी कि उक्त सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता बहाल कर दी गई हैं।

411 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

यह धरोहर राशि सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता के लिए होगी और इसमें संपत्ति को पहुंचाई गई किसी भी प्रकार की क्षति का हर्जाना नही होगा। यदि आयोजनकर्ता, कार्यक्रम के आयोजन के परिणाम स्वरुप उत्सर्जित कचरे की सफाई, संग्रहण और ढुलाई में नगर पालिका की सेवाए प्राप्त करना चाहते हो , तो उन्हे नगर पालिका के सम्बद्ध जोनल अधिकारी को आवेदन करना होगा तथा इस प्रायोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किया गया अपेक्षित शुल्क जमा करना होगा ।

(vi ) खाली प्लान्ट ठोस कचरा डम्प करने और गैर-निर्दिष्ट स्थानों पर निर्माण और विध्वंस कचरा डाले जाने की स्थितियों से नगर पालिका निम्नांकित ढंग से निपटेगाः-

(क) नगर पालिका किसी परिसर के मालिक/अधिभोगी को नोटिस भेज सकता है , जिसमें ऐसे मालिक/अधिभोगी से उक्त परिसर पर डाले गए किसी भी प्रकार के कचरे को नोटिस में वर्णित तरीके और समय सीमा के भीतर हटाने को कहा जाएगा । (ख) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाएं पूरी करने में विफल रहता है, तो ऐसे व्यक्ति को समय समय पर निर्धारित दंड का भुगतान करना होगा।

(ग) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाओ का अनुपालन करने में विफल रहता है तो नगर पालिका निम्नांकित कार्यवाई कर सकता है:-

(i) ऐसे परिसर में प्रवेश कर कचरे को साफ करना, और

(ii) अधिभोगी से कचरा साफ करने पर किए गए व्यय को वसूल करेंगा।

(iii) डिस्पोजेबल उत्पादों और सेनिटरी नेपकिन तथा डायपर्स के विनिर्माताओं या मालिकों का दायित्वः

(क) डिस्पोजेबल उत्पादो जैसे टिन , काँच , प्लास्टिक पैकेजिंग आदि के सभी विनिर्माताओं अथवा नगर पालिका के अधिकारिक क्षेत्र में आने वाले बाजारों में ऐसे उत्पाद प्रारम्भ करने वाले ब्रॉण्ड मालिकों को कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए नगर पालिका को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करनी होगी । नगर पालिका इस प्रावधान के लिए केन्द्र सरकार/ राज्स सरकार के सम्बद्ध विभागों के साथ समन्वय कर सकती है ।

(ख) ऐसे सभी ब्रॉण्ड मालिको को, जो गैर -जैव अपघटीय पैकेजिंग सामग्री में अपने उत्पाद बेचते या विपणन करते हैं , उन्हे ऐसी प्रणाली कायम. करनी होगी , जिसमें उनके उत्पादन के कारण उत्सर्जित पैकेजिंग कचरे को वापस लिया जा सके।

(ग) सेनिटरी नेपकिन और डायपर्स विनिर्माता या ब्रॉण्ड मालिक या विपणन कंपनियां इस बात की संभावनाओं का पता लगाएंगी कि उनके उत्पादो में सभी रीसाइकिल योग्य पदार्थों का इस्तेमाल किस हद तक किया जा सकता है अथवा वे अपने सेनिटरी उत्पादों के पैकेट के साथ एक ऐसा पाउच या रैपर उपलब्ध कराएंगी, जिनसें नेपकिन या डायपर का निपटान किया जा सके।

(घ) ऐसे सभी विनिर्माता, ब्रॉण्ड मालिक या विपणन कंपनियां अपने उत्पादों की रैंपिग और डिस्पोजल के लिए लोगो को शिक्षित करेगी।

14. नगर पालिका के दायित्वः

(i ) नगर पालिका अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले भू-भाग में सभी साझा गलियों/मार्ग , सार्वजनिक स्थलों, अस्थाई बस्तियों, मलिन क्षेत्रों, बाजारों , स्वयं के उ‌द्यानों, बागों, नालियों आदि की सफाई की नियमित प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगी। वह इसके लिए मानव संसाधन और मशीने लगाएगी तथा घोषित संग्रहण कंटेनर से कचरा एकत्र करने और उसे हर रोज बंद वाहनों में अंतिम निपटान स्थल तक पहुचाने के लिए बाध्य होगा, जिसके लिए नगर पालिका अपने सफाई स्टाफ और वाहनों के अलावा, अनुबंध के आधार पर प्राइवेट पार्टियों को काम पर लगा सकता है, अथवा सरकारी -निजी भागीदार व्यवस्था का सहारा ले सकता है । इसके अतिरिक्त नगर पालिका सभी वाणिज्यक क्षेत्रों ऐसे वाणिज्यक क्षेत्रो की पहचान करेगा , जिनमें दिन में दो बार झाडू लगाने की आवश्यता हौं ।

412

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(ii ) नगर पालिका अथवा उसके द्वारा संलग्न अधिकृत एजेंसी सार्वजनिक मार्गो, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, धार्मिक स्थलों और वाणिज्यिक क्षेत्रो आदि के आसपास पर्याप्त संख्या में और पर्याप्त आकार के कूड़ेदानों का रख रखाव करेगा।

(iii) नगर पालिका विकेंद्रीकृत और नियमित ढंग से ठोस कचरा प्रबंधन गतिविधियों के प्रयोजन के लिए प्रत्येक वार्ड में एक वार्ड अधिकारी निर्दिष्ट करेगा, ताकि वह कंटेनरों , सार्वजनिक शौचालयों, सामुदायिक शौचालयों अथवा सर्वाजनिक स्थलो पर बने पेशाबघरों, सर्वाजनिक कचरे के लिए बनाए ट्रांसफर स्टेशन, लैंडफिल प्रोसेसिंग यूनिटों आदि स्थानो की निगरानी रख सके।

( iv) सक्षम प्राधिकारी ठोस कचरे के पृथक्करण, संग्रहण , ढुलाई , प्रसंस्करण और निपटान कार्यो की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए पर्याप्तः संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा , जिसमें कम से कम अधिषासी अधिकारी या सक्षम रैंक के अधिकारियों को वरीयता दी जाएगी ।

(v) प्रत्येक वार्ड निर्धारित मानदंड के आधार पर स्वीपिंग बीट्स में विभाजित किया जाएगा और उसमें तदनुरुप कार्मिक तैनात किए जाएंगे या वर्तमान तैनाती युक्तिसंगत बनाया जाएगा तथा अद्यतन प्रौ‌द्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए उनके काम पर निगरानी रखी जाएगी। नगर पालिका जहां कही अपने स्टाफ से स्वीपिंग कराने में असमर्थ होगा, तो वह अनुबंध के जरिए बाहरी एजेंसियों से यह काम करा सकती हैं । प्रत्येक बीट का निरीक्षण दिशा निर्देशों के अनुसार निर्धारित दैनिक आधार पर सुपरवाइजिंग अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

(vi ) नगर पालिका अद्यतन सडक/गलीक्लिनिंग मशीनों, मैकेनिकल स्वीपरो अथवा उपकरणों का इस्तेमाल करेगा, जिनसे झाडू लगाने और नालियों की सफाई की सक्षमता में सुधार होगा ।

(vii ) नगर पालिका सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियान के माध्यम से जागरुकता और संवेदनशीलता पैदा करेगा तथा कचरा उत्सर्जकों और अन्य हितभागियों को एसडब्ल्यूएम नियमों और इन उप-नियमों के विभिन्न प्रावधानों के बारे में प्रशिक्षित करेंगा, जिसमें इस्तेमालकर्ता शुल्क और जुर्माना दंड संबंधी प्रावधानो की जानकारी पर विशेष बल दिया जाएगा ।

(viii ) नगर पालिका कचरा उत्सर्जकों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करेगा कि वे गीले कचरे का स्त्रोत पर ही उपचार करे । नगर पालिका विकेंद्रीकृत प्रौ‌द्योगिकियों, जैसे बायो-मिथेनेशन, कम्पोस्टिंग आदि अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने पर भी विचार कर सकता है। इन प्रोत्साहनों में परिवारों, निवासी कल्याण संगठनो और संस्थानों आदि को पुरस्कृत और सम्मान प्रदान करना, उनके नाम सम्बद्ध वेबसाइटों में प्रकाशित करना अथवा संपत्ति कर आदि में छूट प्रदान करना शमिल हो सकते है।

(ix) नगर पालिका स्वयं द्वारा रख रखाव किए जा रहें सभी पार्को, उ‌द्यानों और जहां कही संभव हो , अपने अधिकार क्षेत्र वाले अन्य स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग समाप्त करेगा और उनमें कम्पोस्ट का इस्तेमाल करेगा । अनौपचारिक कचरा रीसाइकलिंग क्षेत्र द्वारा किए जाने वाले रीसाइकलिंग उपायों के लिए प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा सकते है।

(x) नगर पालिका ठोस कचरा प्रबन्धन प्रणालियों को सुचारु और औपचारिक बनाने के उपाय करेगा और यह प्रयास करेगा कि कचरा प्रबन्धन में अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों (कचरा बीनने वालों) को वरीयता दी जाए, ताकि उनके कार्य स्थितियों को उन्नत बनाया जा सके और उन्हे ठोस कचरा प्रबन्धन की औपचारिक प्रणाली में समाहित एवं एकीकृत किया जा सकें।

(xi ) नगर पालिका यह सुनिश्चित करेगा कि स्वच्छता सेवा के सुविधा प्रदाता द्वारा अपने उन श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सहित वर्दी , फ्लोरेसेंट जैकेट, दस्ताने, रेनकोट, समुचित फुटवेयर और मास्क प्रदान किए जाएं, जो ठोस कचरा परिचालन कार्य करते है और यह भी कि ऐसे श्रमिकों द्वारा इन वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाए।

(xii) नगर पालिका कचरे के संग्रहण , परिवहन और परिचालन में शामिल स्वयं और बाहरी एजेंसी के स्टाफ की आवश्यकीय सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत संरक्षा के उपयुक्त और समुचित उपकरण प्रदान करेगा।

413 भाग 8

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(xill) किसी ठोस कचरा प्रोसेसिंग या उपचार या निपटान केंद्र अथवा लैंडफिल साइट पर कोई दुर्घटना होने की स्थिति में , उस केंद्र का प्रभारी अधिकारी तत्काल नगर पालिका को रिर्पोट करेगा, जो स्थिति की समीक्षा करने के बाद उस केंद्र के प्रभारी अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी करेगा ।

(xiv) नियमित जांचः अध्यक्ष, अधिषासी अधिकारी नगर पालिका द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी वार्ड के विभिन्न भागों और ठोस कचरे के संग्रहण, ढुलाई, प्रोसेसिंग और निपटान से संबंधित अन्य स्थानों की नियमित जांच करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एसडब्ल्यूएम नियमों और इन उप- नियमों के विभिन्न प्रावधानों का पालन हो रहा हैं।

(xv) नगर पालिका अपने मुख्यालय में कॉल सेंटर की स्थापना के जरिए सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली (पीजीआरएस) विकसित करेगा । इस पीजीआरएस में एसएमएस आधारित सेवा, मोबाइल एप्लीकेशन अथवा वैब आधारित सेवाएं शमिल हो सकती हैं।

(xvi) नगर पालिका एसडब्ल्यूएम नियमों और उप- नियमों के कार्यान्वयन से सम्बद्ध कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए कार्ड प्रो‌द्योगिकियों/आईसीटी प्रणाली कायम करेगा तथा ऐसी प्रणाली को वेतन/ दिहाड़ी/ पारिश्रमिक के साथ एकीकृत करने के प्रयास करेगा।

(xvii ) पारदर्शिता और सार्वजनिक पहुंचः अधिक पारदर्शिता और सार्वजनिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका अपनी वेबसाइट से सारी आवश्यक सूचनाऐ प्रदान करेगा।

(xviii ) नगर पालिका एसडब्ल्यूएम नियमों में वर्णित सभी अन्य दायित्व पूरे करेगा , जो इन उपनियमों में विषेश रुप से उल्लिखित नही किए गये हैं ।

अध्याय-10

विविध

15. इन उपनियमों की व्याख्या या कार्यान्वयन में कोई संदेह या कठिनाई आने की स्थिति में उसे अध्यक्ष/प्रशासक, नगर पालिका के समक्ष रखा जाएगा, जिसका निर्णय ऐसे मामले में अंतिम होगा ।

16. सरकारी निकायों के साथ समन्वयः नगर पालिका अन्य सरकारी एजेंसियों और प्राधिकरणों के साथ समन्वय करेगा, ताकि इन उपनियमों का अनुपालन ऐसे निकायों के अधिकार क्षेत्र या नियंत्रण में आने वाले इलाकों सुनिश्चित किया जा सके। कोई. कठिनाई विवाद/सीमा विवाद होने की स्थिति में उत्तराखण्ड सरकार के मुख्य सचिव के समक्ष विचारार्थ रखा जाएगा। 17. सक्षम प्राधिकारी ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 और इन उप-नियमों के समुचित कार्यान्वयन के लिए समय समय पर सामान्य या विशेष आदेश जारी कर सकते हैं ।

अनुसूची-1

ठोस कचरा प्रबंधन के लिए इस्तेमालकर्ता (यूजर चार्ज ) शुल्क

यूजर चार्ज नगर पालिका परिषद बागेश्वर द्वारा पूर्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित सरकारी गजट शनिवार दिनांक 14, जुलाई 2018 ई ० (आषाढ 1940 शक सम्वत) में प्रकाशित उपविधि के अनुसार लागू होगा ।

414

[भाग 8

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त , 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

अनुसूची-2

जुर्माना/दण्ड

नियम/उप नियम संख्या

अपराध क्र.सं

1. ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(1) (क)

कचरे को पृथक करने और संग्रह करने तथा पृथक्कृत कचरे को इन नियमों के अनुसार सौपने मैं विफल रहना निम्नांकित पर लागू

प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना (रुपये में)

200.00 आवासीय

500.00 गैर आवासीय/बल्क जनरेटर

5000.00

5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले विवाह/पार्टी हाल, फेस्टिवल हाल, पार्टी लान, प्रदर्शनी और मेले स्थल

5000.00 तक

5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले क्लबों, सिनेमाघरों, पब्स, सामुदायिक हॉल, मल्टीप्लेक्सेज और अन्य ऐसे स्थान

500.00

5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले अन्य गैर-आवासीय स्थान

500.00

फिश मीट विक्रेता द्वारा कूडे को पृथ्थकरण तरीके से न रखना

एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2)

1 -सडक / गली में कूडा फेकना, थूकना

2-नहाना, पेशाब करना, जानवरो को चारा खिलाना, कपडे धोना, वाहन धोना,गोबर नाली में बहाना ।

2 ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(1) (ख) और ( घ)

नियमानुसार सेनिटरी पैड, डायपर कचरे का निपटान करने में विफल रहना।

200.00 से 500.00 उल्घनकर्ता

एवं कार्यवाही उत्तराखण्ड कूडा फेकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम 2016के अन्तर्गत होगी ।

500.00

200,00

आवासीय

500.00

गैर-आवासीय/बल्क जनरेटर

नियम के अनुसार बागवानी और उ‌द्यान कचरे के निपटान में विफल रहना।

415

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

3

1000.00 आवासीय

5000.00 गैर-आवासीय बल्क जनरेटर

नियम के अनुसार निर्माण और विध्वंस कचरे के निपटान में विफल रहना।

ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(1 )(ग)

4

5000.00 उल्लंघनकर्ता

ठोस कचरे को खुले में जलाना

ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(2)

5 ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(4)

5000.00

निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना किसी गैर अनुज्ञप्ति स्थल पर 100 व्यक्तियों से अधिक की भागीदारी के साथ कार्यक्रम या सभा का आयोजन करना

6 ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(5)

ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित करने वाले व्यक्ति अथवा ऐसा व्यक्तिजिसकी ओर से ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित की गई हो और इवेंट मैनेजर यदि कोई हो, जिसने कार्यक्रम या सभा आयोजित की हो

उल्लंघनकर्ता

200.00 से 500.00 तक

नियम के अनुसार कचरे का निपटान करने में विफल रहने वाले गली विक्रेता/वेन्डर कूडादान नं रखने एवं कूडे को पृथ्थकरण न करने, अपशिष्ठ भण्डारन डिपो या पात्र या वाहन में डालने में विफल रहने पर

7 ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(2), 15 (छ)

अपराधी

200.00 से 500.00 तक

सार्वजनिक स्थलों, सड़कों गलियों आदि में गंदगी फैलाना/कुत्ते/ अन्य जानवरो द्वारा मल त्याग/ उत्सर्जित कचरे के निपटान में विफलता

निम्नांकित उल्लंघनों के लिए महीने में केवल एक बार जुर्माना लगाया जाएगा

8

नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता

एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(6)

9

निवासी कल्याण एसोसिएशन, (आर.डब्ल्यू.ए)

बजार ए एसोसिएशन, संघ

10,000 द्वारबंद समुदाय

नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता

ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(7)

संस्थान

20,000 416

[भाग 8

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

10

होटल

नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता

ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 4(8)

11 एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 17 (2)

रेस्टोरेंट

विनिर्माता और/या ब्रॉड ऑनर/स्वामी

उत्पादन के कारण सृजित पैकेजिंग कचरे को वापस लेने की प्रणाली कायम किये बिना उत्पादों की बिक्री अथवा विपणन

12

25,000.00

नियमों के अनुसार उपाय करने में विफलता ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016का नियम, 17(2)

13

विनिर्माता और ब्रॉड स्वामी और विपणन कंपनियां

नियमों के उपाय करने, भवन योजना में अपशिष्ठ संग्रहण केन्द्र स्थापित करने में विफलता

ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 15(य ङ)

14 ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016 का नियम 20(ग)

उल्लंघनकर्ता, ग्रुप हाउसिंग सोसाईटि या मॉर्केट काम्पलेक्स आदि

200 से 1000 तक उल्लंघनकर्ता/ पर्यटक/वाहन/चालक

गलियों, पहाडियों, सार्वजनिक स्थलो में अपशिष्ठ यथा कागज, पानी की बोतल, शराब की बोतल , सोफ्ट ड्रिकं, कैन , टैट्रा पैक अन्य कोई प्लास्टिकया कागज अपशिष्ठ को फैकने पर

15

1000.00 उल्लंघनकर्ता/होटल/ अतिथिग्रह स्वामी

नगर पालिका की उपविधि को होटल/अतिथिग्रह में बोर्ड लगाकर व्यवस्था करने में विफलता

ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियम 2016का नियम 20(घ)

16

5000.00 आयोजनकर्ता

सार्वजनिक सभाओं (जलूस प्रदर्शनियों, सर्कस, मेले, राजनैतिक रैलिया, वाणिजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों विरोध प्रर्दशन आदि सहित से सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित गतिविधियों के क्षेत्र एवं आस-पास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करने में विफलता )

राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद बागेश्वर ।

सुरेश सिंह खेतवाल , अध्यक्ष, नगर पालिका परिषदं बागेश्वर ।

417 उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8 ]

कार्यालय नगरपालिका परिषद , बागेश्वर जिला बागेश्वर

'सम्पत्ति एवं स्वकर निर्धारण उपविधि-2020"

30 दिसम्बर , 2021 ई०

पत्रांकः-3947 / उपविधि / 2020-21 - सर्वसाधारण के सूचनार्थ विज्ञापित नगरपालिका परिषद , बागेश्वर की बोर्ड दिनांक 01-08-2019 में पारित प्रस्ताव संख्या 4 (1 ) के क्रम में नगर पालिका परिषद , बागेश्वर द्वारा नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत प्रचलित पूर्व भवन एवं भूमि कर निर्धारण सम्बन्धी उपविधि को पूर्णतया समाप्त कर नगरपालिका परिषद बागेश्वर नगर क्षेत्रान्तर्गत नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 128 (1 ) 130 (क), (2) 140, 141, 141 -क, 141 ख , (1 ) (2 ) के साथ पठित नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 298 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करके नगर क्षेत्रान्तर्गत आवासीय , व्यवसायिक , गैर आवासीय , किराये के भवनों व्यवसायिक भवनों पर भवन कर निर्धारण करने हेतु " सम्पत्ति एवं स्वकर निर्धारण " उपविधि -2020 तैयार की सूचना नगरपालिका कार्यालय बागेश्वर के पत्रांक 1960 / 2020-21 दिनांक 29-01-2021 द्वारा आम नागरिकों से विज्ञप्ति प्रकाशन के जारी होने के 30 दिन भीतर आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त करने हेतु जारी की गई थी । जिसका प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र दैनिक जागरण दिनांक 30-01-2021 में भी करवाया गया था । के बाद निर्धारित अवधि तक कोई भी आपत्ति/ सुझाव इस कार्यालय को प्राप्त ना होने के कारण नगर पालिका परिषद , बागेश्वर की पालिका बोर्ड की बैठक दिनांक 06-12-2021 के प्रस्ताव संख्या 05 द्वारा सर्वसम्मति से नगर पालिका परिषद बागेश्वर जिला बागेश्वर सीमान्तर्गत उक्त उपविधि लागू किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया हैं ।

अतः पूर्व प्रकाशन के उपरान्त नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 301 ( 2) के अन्तर्गत नगर पालिका परिषद बागेश्वर की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोकहित में सुविधा एवं नियंत्रण विनियम करने हेतु जनसमान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पडने वाला हो, उनसे आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त करने हेतु गई " सम्पत्ति एवं स्वकर निर्धारण " उपविधि - 2020 उत्तराखण्ड शासकीय गजट में प्रकाशनार्थ स्वीकृति प्रदान की जाती हैं । इस गजट प्रकाशन के पश्चात पालिका में पूर्व से प्रचलित भवन कर निर्धारण की उपिवधि स्वतः ही निःस्प्रभावी हो जायेंगी । उक्त उपविधि इस निकाय में गजट प्रकाशन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी ।

" सम्पत्ति एवं भवन स्वकर निर्धारण " उपविधि 2020

1- संक्षित शीर्षनाम और लागू होने की तारीख

(1 ) यह उपविधि नगरपालिका परिषद बागेश्वर जिला बागेश्वर के सम्पूर्ण सीमान्तर्गत रिक्त भवनों पर आरोपित किये जाने हेतु तैयार की गई हैं जो " सम्पत्ति एवं भवन स्वकर निर्धारण " उपविधि - 2020 कहलाएगी ।

+ (2) यह उपविधि उत्तराखण्ड शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रवृत होगी।

(3) नगरपालिका परिषद बागेश्वर द्वारा पूर्व में बनायी गयी भूमि एवं भवन कर उपविधि संख्या

172/ न० पा०उ ० नि०/2002 दिनांक 14 जून , 2002 जो पूर्व में उत्तरांचल गजट भाग 8 दिनांक 07 दिसम्बर 2002 द्वारा

प्रकाशित की गई थी, नयी उपविधि के प्रकाशन की तिथि से समाप्त हो जाएगी ।

2- परिभाषायें - किसी विषय या प्रसंग में कोई प्रतिकूल न होने पर इस नियवावली में -

(क) "अधिनियम" का तात्पर्य नगरपालिका अधिनियम 1916 (यू०पी० म्युनिस्पैलटीज एक्ट संख्या 2 , 1916 ) से हैं ।

(ख) "नगर" का तात्पर्य नगरपालिका परिषद बागेश्वर से हैं ।

(ग) "अध्यक्ष" का तात्पर्य नगरपालिका परिषद बागेश्वर के निर्वाचित अध्यक्ष से है ।

[भाग 8 418

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(ड) "अधिशासी अधिकारी " का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी , नगरपालिका परिषद बागेश्वर से हैं ।

(च) "प्रशासक" का तात्पर्य जिलाधिकारी अथवा जिलाधिकारी द्वारा नामित प्रशासनिक अधिकारी से हैं ।

(छ) "अवर अभियन्ता" का तात्पर्य नगरपालिका में कार्यरत अथवा नगर पालिका हेतु नामित अवर अभियन्ता से हैं।

(ज) "कर निरीक्षक" का तात्पर्य कर निरीक्षक नगरपालिका परिषद बागेश्वर अथवा अधिशासी अधिकारी द्वारा नर्मित सम्बन्धित कर्मचारी से है ।

(झ) "कर संग्रहकर्ता " का तात्पर्य नगरपालिका में कार्यरत कर संग्रहकर्ता या ऐसे पालिका कर्मचारी से है जिसे अधिशासी अधिकारी द्वारा कर वसूली हेतु समय समय पर अधिकृत किया गया हो।

(ञ) " भवनों का समूह " का तात्पर्य भूमि के उस भाग से है जिस भाग पर भवन निर्मित हैं ।

( ट) "कबर्ड एरिया" का तात्पर्य भूमि के उस भाग से है जिस भाग पर भवन निर्मित हैं ।

(ठ) " आवासीय भवन " का तात्पर्य ऐसे भवन से है जिसका उपयोग भवन स्वामी/अध्यासी/ पट्टाधारक आदि द्वारा निवास हेतु किया जा रहा है।

(ड) "अनावासीय भवन" का तात्पर्य ऐसे भवन से है जिसका उपयोग व्यवसायिक रूप से लिया जा रहा हो या जिससे आय सृजन हो रही हो ।

(च) "खाली भवन" का तात्पर्य ऐसे भवन से जिसका उपयोग किसी रूप में यथा आवासीय/व्यवसायिक/ भण्डारंण आदि से रूप में लगातार 90 दिन तक ना किया गया हो ।

(छ) "व्यवसायिक अनुलग्न भूमि" का तात्पर्य ऐसी भूमि से है जिसका उपयोग व्यवसायिक रूप से किया जा रहा हो (कृषि कार्य को छोडकर)

(ज) "दूरी" का तात्पर्य मोटर मार्ग व भवन के मध्य हवाई दूरी या भूगत दूरी से जो कम हो लागू होगी ।

3 - किसी भवन या भूखण्ड के कबर्ड एरिया और अन्य क्षेत्र का विवरण -

(1) नगर पालिका द्वारा सूचना प्रकाशित कर के सम्पत्ति कर के भुगतान के लिए मुख्यतः दायी स्वामी या अध्यासी उपभोगकर्ता से इस नियमावली में संलग्न प्रपत्र "क" में यथा स्थिति आवासीय भवन या भूखण्ड पेः कबर्ड एरिया और अन्य क्षेत्रफल का विवरण भर कर प्रत्येक पांच वर्ष में कर निर्धारण के प्रयोजनार्थ उक्त सूचना में नियत दिनांक तक प्रस्तुत करने की अपेक्षा करेगा । :

(2) अधिशासी अधिकारी सम्पति के स्वामी या अध्यासी की सुविधा के लिए प्रपत्र "क" में विवरण प्रस्तुत करने के लिए नगर के विभिन्न वार्डों के लिए विभिन्न स्थलों को नियत कर सकता है ।

(3 ) जंब कभी स्वामी द्वारा स्व-अध्यासिक या खाली भवन को किराये पर दिया जाय या इसके विपरीत हो तो ऐसा होने के साठ दिन भीतर स्वामी के लिए प्रपत्र "क" में एक नया विवरण प्रस्तुत करना आज्ञापक होगा ।

(4) जब किसी भवन में निर्माण या पुनर्निर्माण के फलस्वरूप आच्छादित क्षेत्रफल में 25 प्रतिशत या अधिक वृद्धि हो जाती है तो निर्माण के समापन या अध्यासक के दिनांक से साठ दिन के भीतर यथास्थिति स्वामी या अध्यासी के लिए प्रपत्र " क" में एक नया विवरण प्रस्तुत करना होगा ।

(5) व्यवसायिक भवन के साथ अनुलग्न भूमि की माप व अनुलग्न भूमि पर कर निर्धाकरण यदि उसका' उपयोग व्यवसासियक रूप में किया जा रहा हो तो उसी प्रकार आरोपित होगा जैसे वह भूमि कोई एक मंजिला भवन हैं ।

(*) जसर में ऐसे समस्थापित टावर, होर्डिंग वाले भवन, दूर संचार खबर या अन्य टावर जो भवन की सतह पर या 419 उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

(7) नगर स्थित विद्युत विभाग के सार्वजनिक/निजि भूमि पर स्थापित किये जाने वाले विद्युत ट्रांसफार्मर वाली भूमि चाहरदीवारी सहित , विद्युत पोल जिसमें पोल स्थापित किये जाने वाली भूमि के अतिरिक्त एक वर्गफुट की एरिया सम्मिलित होगी में माप के अनुसार भवन कर उपविधि के उपनियम 4 ख के अनुसार लागू होगा ।

4 - सम्पत्तियों का वर्गीकरण-

(1 ) अध्यक्ष/प्रशासक/ बोर्ड/अधिशासी अधिकारी/ नगरपालिका परिषद, बागेश्वर द्वारा नगरपालिका सीमार्गत आने वाली सम्पत्ति/भवन की उवस्थिति का वार्डवार वर्गीकरण करेगा और तत्पश्चात प्रत्येक वार्ड के भीतर तीन विभिन्न प्रकार के मार्गो पर सम्पत्ति की अवस्थिति के आधार पर इसे वर्गीकृत किया जाएगा अर्थात -

(क) मोटरेबल रोड से 0 से 50 मीटर तक की दूरी पर

(ख) मोटरेबल रोड से 50 से 100 मीटर तक की दूरी पर

(ग) मोटरेबल रोड से 100 से अधिक तक की दूरी पर

(2) अधिशासी अधिकारी उपबन्ध के अन्तर्गत आने वाले भवनों के निर्माण की प्रकृति का वर्गीकरण निम्नलिखतः आधार पर करेगा -

(क) पक्का भवन आर० आ०सी० छल या आर ०बी० छत सहित या

(ख) अन्य पक्का भवन, या

(ग) कच्चा भवन अर्थात समस्त अन्य भवन जो खण्ड (क) और (ख) से आच्छादित हैं ।

(3) अध्यक्ष/प्रशासक/बोर्ड/अधिशासी अधिकारी/नगरपालिका परिषद, बागेश्वर तद्‌नुसार वार्ड में नीचे दर्शाये गये अनुसार सभी भवनों को 9 विभिन्न समूहों की अधिकतम संख्या में व्यवस्थित करेंगा -

(एक) मोटरेबल रोड से 0 से 50 मीटर तक की दूरी पर स्थित आर०सी०सी० छत या आर०बी० छत सहित पक्का मकान।

(दो) मोटरेबल रोड से 50 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित आर०सी०सी० छत या आर०बी० छत सहित पक्का भवन ।

(तीन) मोटरेबल रोड' से 100 मीटर से अधिक की दूरी पर स्थित आर ०सी०सी० छत या आर०बी० छत सहित पक्का भवन ।

(चार) मोटरेबल रोड से 0 से 50 मीटर तक की दूरी पर स्थित अन्य पक्का भवन ।

(पांच) मोटरेबल रोड से 50 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित अन्य पक्का भवन ।

(छः ) मोटरेबल रोड से 100 मीटर से अधिक की दूरी पर स्थित अन्य पक्का भवन ।

(सात) मोटरेबल रोड से 0 से 50 मीटर तक की दूरी पर स्थित कच्चा भवन जो उपरोक्त ( 1,2,3,4,5,6 ) में सम्मिलित नहीं है ।

(आठ) मोटरेबल रोड से 50 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित कच्चा भवन जो उपरोक्त ( 1,2,3,4,5,6) में सम्मिलित नहीं है ।

(नौ) मोटरेबल रोड से 100 मीटर से अधिक तक की दूरी पर स्थित कच्चा भवन जो उपरोक्त (1,2,3,4,5,6) में सम्मिलित नहीं है ।

(नोट - सम्बन्धित भवनों की दूरी भवन के समीप स्थित भोटर मार्ग/जीपेबल मार्ग से हवाई दूरी के आधार पर आंकी जाएगी)

(4) - (क) न्यूनतम मासिक किराये की दर का निर्धारण अध्यक्ष/प्रशासक/ बोर्ड/अधिशासी अधिकारी/नगरपालिका परिषद , बागेश्वर तद्नुसार वार्ड के भीतर प्रत्येक पांच वर्ष में एक बार यथास्थिति भवनों के प्रत्येक समूह के लिए कबर्ड एरिया की प्रति इकाई ( वर्गफ्ट) न्यूनतम मासिक किराये की दर तैयार करेगा और निम्न को ध्यान में रखते हुए नियत करेगा-

और 420

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

प्रतिबन्ध यह है कि ऐसे मासिक किराये की दर नियत करने के पूर्व अध्यक्ष/प्रशासक/बोर्ड/अधिशासी अधिकारी/नगरपालिका परिषद , बागेश्वर ऐसी प्रस्तावित दरों को ऐसे नगर में परिचालन करने वाले दैनिक समाचार पत्र में अधिसूचित करेगा और तत्पश्चात हितबद्ध व्यक्तियों को आपत्तियां दाखिल करने के लिए न्यूनतम 30 दिन का समय देंगा। प्राप्त आपत्तियों की पच्चीस भिन्न भिन्न बण्डलों की अधिकतम संख्या में समूह बनाने के पश्चात ऐसी सभी आपत्तियों पर वार्डवार सुनवाई की जायेगी । प्रत्येक बण्डल में यथास्थिति भवनों के एक समूह के लिए आपत्तियों रहेंगी । सभी आपत्तियों का निस्तारण अध्यक्ष/प्रशासक/बोर्ड/अधिशासी अधिकारी/ नगरपालिका परिषद, बागेश्वर द्वारा स्वयं अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा आपत्तिकर्ताओं की कुल संख्या के कम से कम दस प्रतिशत व्यक्तियों को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात किया जाएगा । यह आवश्यक नहीं होगा कि सभी आपत्तिकर्ताओं को या हितबद्ध व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से सुना जाय । आपत्तियों का बण्डलवार विनिश्चित किया जाएगा ।

(तीन) - आवासीय भवन का प्रस्तावित समस्त वार्डों के लिए कबर्ड एरिया की मासिक किराया दर प्रति वर्ग किट/ माह

क्र०सं० वार्ड का नाम/ नम्बर

पक्कभवन आर ०सी०सी० आर० बी० छत

0 से 50 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

50 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

100 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

1.

बिलौनासेरा वार्ड /01

.75

.65

.55

2.

.65 नारायणदेव वार्ड /02

.75

.55

3.

.65 ज्वालादेवी वार्ड/03

.75

.55

4

.65

.55.

सैममन्दिर वार्ड/04

.75

5:

.75

बागनाथ वार्ड/05

.65

.55

6.

.75

.65

.55

ठाकुर‌द्वारा वार्ड/06

7.

कठायतबाडा वार्ड/07

.75

.65

.55

8.

.65

55 मण्डलसेरा उत्तरी वार्ड/08

.75

.75

'.65

.55 9. मण्डलसेरा दक्षिणी वार्ड/09

10.

.75

.65

.55 मां चण्डिका वार्ड /10

11.

.75

.55 वैणीमाधव वार्ड / 11

65 अन्य कच्चा भवन

कच्चा भवन

0 से 50 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

100 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

0 से 50 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

100 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन 50 से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

50से 100 मीटर तक की दूरी पर स्थित भवन

65

.55

.45

.35

.25

30

.65

.55

.45

25

.35, .30

.65

.55.

.45

.30

.25

.35

.65

.55

.45

.30

.35

.25

.65

.55

.45

.25

.35 .30

.65

.55

.45

.30

.25

.35

.45

.65

.55

.35 .30 .25

.65

.55

.45

.25

.35 .30

.65

.55

.45

.35 30 .25

.65

.55

.45

.30

.35

.25

.65

.55

.45

.35 .30 .25.

(4) - (ख) अनावासिक भवनों के आच्छादित क्षेत्रफल और भूमि का प्रति इकाई क्षेत्रफल भासिक किराये की दर उपनियम (4 क) के अधीन नियत किराये की मासिक दर का गुणांक होगा, जैसा कि नीचे अनुसूची में उल्लिखित हैं 421

उत्तराखण्ड गजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

अनुसूची
श्रेणी                     सम्पत्ति का विवरण                       ...      अनांवासिक भवन
 1.   आवासीय भवन का व भाग जो किराये पर दिया हो                     उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
                                                                   नियत दर पर तीन गुना
 2.   प्रत्येक प्रकार के वाणिज्यिक काम्पलैक्स , दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान , उपनियम (4क) (तीन ) के अधीन
      बैंक कार्यालय , होटल तीन स्टार तक, निजी होटल , कोचिंग और     नियत दर पर पांच गुना
      प्रशिक्षण संस्थान ( राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त को छोडकर )
 3.   प्रत्येक प्रकार के निजी क्लीनिक, पालीक्लीनिक , डायग्नोस्टिक केन्द्र, उपनियम (4क) (तीन) के, अधीन
      प्रयोगशालाएं , नर्सिंग होम, चिकित्सालय मेडिकल स्टोर और स्वास्थय नियत दर पर चार गुना
      परिचर्या केन्द्र या कोचिंग
 4.  क्रीडा केन्द्र यथा, जिम, शारीरिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि और थियेटर तथा उपनियम (4क). (तीन) के अधीन
     सिनेमागृह                                                     नियत दर पर तीन गुना
 5.   छात्रावास और शैक्षणिक संस्थान/ वि‌द्यालय ( केन्द्र सरकार/राज्य सरकार उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
      द्वारा पूर्णतः संचालित को छोड़कर)                            नियत दर पर पांच गुना
 6.   पेट्रोल पम्प, गैस एजेन्सी , डिपो और गोदाम आदि                उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
                                                                   नियत दर पर चार गुना
 7.   मॉल्स, चार सितारा और उससे उपर के होटल , पब्स, बार , वासगृह जहां उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
      भोजन के साथ मदिरा भी परोसी जाती हैं                          नियत दर पर छः गुना
 8.  सामाजिक भवन , कल्याण मण्डप, विवाह क्लब , बारात घर और इसी      उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
      प्रकार के भवन                                                नियत दर पर पांच गुना
9.   औद्योगिक इकाइयां , सरकारी , अर्द्धसरकारी और सार्वजनिक उपक्रम  उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
      कार्यालय ( समस्त राजकीय चिकित्सालयों को छोडकर)               नियत दर पर तीन गुना
10.  टावर और होर्डिंग वाले भवन, टी०पी० टावर दूरसंचार टावर या कोई   उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
      अन्य टावर जो भवन की सतह पर या शिखर या खुले स्थान पर          नियत दर पर पांच गुना
      प्रतिस्थापित किये जाते है। विद्युत विभाग/अन्य विभाग द्वारा स्थापित
      किये गये विद्युत ट्रांसफार्मर वाली भूमि चाहर दीवारी सहित, विद्युत
      पोल/अन्य पोल के आस- पास एक वर्ग फुट की भूमि माप में सम्मिलित
     होगी ।
11.   मन्दिर , मस्जिद, गुरुद्वारा , चर्च, एवं अन्य धार्मिक स्थल, पूजा स्थल उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
      के ऐसे भवन जिनका उपयोग, धर्मशाला , पडाव, मुसाफिरखाना, सराय   नियत दर पर दो गुना
     के लिए होता है , को छोड़ कर अन्य भाग , भवन जिनका उपयोग
     व्यवसायिक रूप में किया जा रहा है या जिस भाग से कोई शुल्क या
     आर्थिक लाभ प्राप्त किया जाता हो ।
12.  अन्य सरकार के अनावासिक भवन जो उपर्युक्त श्रेणियों में उल्लिखित उपनियम (4क) (तीन) के अधीन
      नहीं है                                                      नियत दर पर तीन गुना
13.   समस्त  व्यवसायिक   भवन से अनुलग्न भूमि जिसका उपयोग           भवन के निर्धारित प्रति वर्गफुट के दर
      व्यवसायिक भवन के साथ व्यवसायिक रूप में किया जा रहा हैं ।     के बराबर

[भाग 8 422

उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

4- (ग) कर निर्धारण कर का निर्धारण निम्नांकित आधार पर किया जायेगा

(एक) आवासीय भवन के वार्षिक मूल्य की गणना -

कबर्ड एरिया × निर्धारित प्रति वर्ग फुट क्षेत्रफल मासिक किराया दर x 12 =

(दो) अनावासिक भवनों की वार्षिक मूल्य की गणना -

आच्छादित क्षेत्रफल x अनावासिक भवनों की दर के सम्बन्ध में गुणक के आधार पर नियत प्रति वर्ग फुट क्षेत्रफल की दर दर x 12 =

(तीन) संदेय कर ग ( एक) , ग (दो) के अनुसार निर्धारित वार्षिक मूल्यांकन का 10 प्रतिशत वार्षिक भवन कर देय होगा।

(चार) संदेय कर का उत्तरदायित्व भवन स्वामी या अध्यासी या उपभोगकर्ता या पट्टादाता का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह स्थानीय निकाय द्वारा भवन/भूमि का विवरण/ वार्षिक मूल्यांकन निर्धारित करने हेतु निर्धारित प्रपत्र "क" नगर निकाय से प्राप्त कर अपने भवन/प्रष्ठिान का पूर्ण विवरण व वार्षिक मूल्यांकन स्वयं निर्धारित कर उपनियम 4(ग) के अनुसार नगर पालिका को उपलब्ध करायेगा ।

(पांच) ग (एक) , ग (दो) के अनुसार निर्धारित वार्षिक मूल्यांकन पर ग (तीन) के अनुसार नियत संदेय कर को जमा करने की अंतिम तिथि प्रत्येक वर्ष के माह 31 अक्टूबर होगी।

अथवा

कोई कर दाता नियमावली के उपनियम 5 के द्वारा निर्धारित छूट का लाभ तभी प्राप्त कर सकेगा जब वह प्रत्येक वर्ष के माह 31 अक्टूबर या उससे पूर्व देय कर को नगर पालिका कोष में जमा कर उक्त तिथि तक रसीद या सूचना प्राप्त कर लेवें।

(5) छूट - आवासिक भवनों के देय कर में छूट अनुमन्य होगी और जो निम्नानुसार होगी ।'

(क) 1. भवन कर वित्तीय वर्ष के माह अक्टूबर तक जमा करने की स्थिति में भवन स्वामी को देय भवन कर पर 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी।

2. भवन 20 से 30 वर्ष पुराना होने पर देय कर में 5 प्रतिशत की छूट।

3. भवन 31 , से 40 वर्ष पुराना होने पर देयं कर में 10 प्रतिशत की छूट।

4. भवन 41 वर्ष से अधिक पुराना होने पर देय कर में 15 प्रतिशत की छूट।

(ख) व्यवसायिक भवनों पर देय कर की छूट मात्र 5 क ( 1 ) ही अनुमन्य होगी।

प्रतिबन्ध यह है कि-

1. उपरोक्त 5(1 ) की छूट प्राप्त करने पर ही अन्य 2,3,4 में से किसी एक छूट (जो लागू हो) का लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं ।

2. उपरोक्त बिन्दु सं0 2,3,4 पर भवन कर से छूट प्राप्त करने हेतु भवन स्वामी भवन की आयुगणना व स्वामित्व प्रमाण हेतु निम्न अभिलेख मान्य होगा -

(क) खतौनी, विक्रय पत्र, दान पत्र , पट्टाभिलेख , वारिसान प्रमाण पत्र आदि की छाया प्रति

(ख) विहित प्राधिकारी, नगरपालिका या अधिकृत संस्था द्वारा स्वीकृत मानचित्र की छायाप्रति

मिल गडकर रसीट पानी का बिल या अन्य प्रमाण आदि जिसमें भवन की आयु की 423 उत्तराखण्ड गजट, 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

।.. וואותל 1. नगर पालिका अधिनियम - 1916 की धारा 157 के तहत छूट अनुमन्य होगी

2. भवन स्वामी, अध्यासी उपभोग कर्ता द्वारा भवन कर जमा न करने की स्थिति में भवन कर की वसूली नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 173 ( क) के तहत भू- राजस्व की भांति वसूली की जायेगी।

नोट- शहरी विकास अनुभाग 3 उत्तराखण्ड शासन , देहरादून की अधिसूचना सं 0 934 / IV ( 3 ) / 2018 - 1 (2न0 नि0) / 2017 /2018 दिनांक 28 सितम्बर , 2019 से प्राप्त मा0 मु0मु० घोशणा सं0 323/2018 के क्रम में सीमा विस्तार के उपरान्त नगर में सम्मिलित किये गए आवासीय भवनों पर 10 वर्ष तक भवन कर आरोपित नहीं किये जाने के निर्देश दिये गए हैं । अतः मा० मुख्यमन्त्री जी की उक्त घोषणा के क्रम में ऐसे आवासीय भवनों पर भवन कर आरोपित नहीं किया गया है परन्तु उक्त घोषणा सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 28 सितम्बर , 2019 के दस वर्षपरान्त भवन स्वामी को पालिका द्वारा निर्धारित भवन कर देय होगा । ऐसे भवन स्वामी जो कि परिसीमन के उपरान्त नगर में सम्मिलित हुवे हैं उन्हें अपने भवन का विवरण पालिका द्वारा निर्धारित प्रारूप "क " पर देना अनिवार्य होगा । (6) स्वनिर्धारण- आवासिक भवन के विषय में भवन कर के भुगतान के लिए मुख्यतयः दायी व्यक्ति या अन्य दायी व्यक्ति नियम 4 और 4-ग के अनुसार कर निर्धारित करते हुवे नियम 3 में अपेक्षित विवरणी के साथ इस नियमावली के प्रपत्र " क " में सम्पत्ति कर का विवरण अंकित करते हुए नियम 3 के उपनियम ( 1 ) के अधीन निर्धारित दिनांक यथा स्थिति प्रपत्र "क" के साथ नगरपालिका परिषद् बागेश्वर में धनराशि जमा कर सकेगा ।

(7)- कर निर्धारण सूची का तैयार किया जाना

(1 ) सभी भवनों की कर निर्धारण सूची गणना के पश्चात निम्नलिखित आधार पर तैयार की जाएगी-

(क) भवन के स्वामी या अध्यासी द्वारा प्रपत्र ' क' पर प्रस्तुत किये गये विवरण के आधार पर

या

(ख ) नियत समय के भीतर प्रपत्र यथा स्थिति 'क' में सूचनायें न देने की स्थिति में अध्यक्ष/प्रशासक/अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद बागेश्वर या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी द्वारा एकत्र की गई सूचनाओं के आधार पर,

(ग) कर निर्धारण सूची में निम्नलिखित समाविष्ट होंगे -

(एक) सड़क या मोहल्ले, जिसमें सम्पत्ति स्थिति हो , का नाम,

(दो) नाम या संख्या या किसी अन्य विर्निदिष्ट द्वारा जो पहचान के लिए पर्याप्त हों , सम्पत्ति का अभिधान,

(तीन) स्वामी का नाम , यह उल्लेख करते हुए कि यह स्वामी द्वारा अध्यासित है या किराये पर है, यदि किराये पर है तो किरायेदार का नाम,

(चार) भवन या भवन से अनुलग्न समूह के लिए कबर्ड एरिया आधारित तथा आच्छादित क्षेत्रफल आधारित प्रति वर्ग फुट किराये की न्यूनतम मासिक दर।

(पांच) भवन का कबर्ड एरिया अथवा आच्छादित क्षेत्रफल या भूमि का क्षेत्रफल या दोनों ,

(छः) भवन निर्माण का वर्ष;

(सात) भवन निर्माण की प्रकृति, [भाग 8 424

उत्तराखण्ड गंजट , 20 अगस्त, 2022 ई० (श्रावण 29, 1944 शक सम्वत्)

(2) स्वकर निर्धारण के सम्बन्ध में सूची ऐसे आवासिक भवनों को, जिनके विषय में प्रपत्र " क" पर और अनावासिक भवनों , जिनके विषय में प्रपत्र पर विहित अवधि के भीतर स्वनिर्धारित कर जमा कर दिया हो, उपनियम (1 ) के अन्तर्गत तैयार की गई सूची में प्रविष्ट तो किया जायेगा परन्तु भवन नियम 5 -क के उपलब्ध ऐसे भवनों पर लागू नहीं होगे । प्रतिबन्ध यह है कि किसी शिकायत या जांच के आधार पर यदि कोई विवरण सहीं नहीं पाया जाता है तो सूची में प्रविष्ट विवरण एवं उसमें निर्धारित कर को पुनरीक्षित किया जायेगा तथा कारण बताओ के पश्चात शास्ति अधिरोपित की जायेगी ।

(8)- स्वकर निर्धारण- किसी भवन या भूमि या दोनों के सम्बन्ध में कर के भुगतान के लिए मुख्यतः दायी स्वामी या अध्यासी अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार सम्पत्ति कर को स्वतः अवधारित कर सकता है और उसके द्वारा इस प्रकार निर्धारित सम्पत्ति कर को स्वकर निर्धारण विवरण के साथ पालिका में नगद अथवा पालिका द्वारा अधिसूचित बैंक खाते में ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कर सकता है ।

(9) शास्ति ( 1 ) - यदि किसी भवन स्वामी , अध्यासी, उपभोगकर्ता द्वारा उपविधि के उपबन्धों के अनुसार स्वकर निर्धाकरण सम्बन्धी सूचना/ कोई तथ्य छिपता है त्रुटि करता है/ भवन कर आंगणन में कमी करता है और ऐसा पाये जाने पर त्रुटि/ छिपाये गये कर का दो से चार गुना जैसा कि कर निर्धारण समिति निर्धाकरण करें भवन स्वामी/अध्यासी/उपभोगकर्ता से वसूल किया जा सकेगा।

(2) - संदेय कर प्रत्येक वित्तीय वर्ष तक पालिका कोष में जमा न करने पर आगामी वित्तीय वर्ष में संदेय कर पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार देना होगा जो प्रत्येक बकाया वर्ष पर लगातार लागू रहेगा ।

( 10) स्वामित्व - उपरोक्त उपविधि का प्रकाशन भात्र पालिका करों की वसूली के प्रयोजनार्थ किया गया है संदेय कर से सम्पत्ति के स्वामित्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सुरेश सिंह खेतवाल , अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद्, बागेश्वर ।

सतीश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, बागेश्वर ।

पी०एस ० यू० (आर० ई० ) 34 हिन्दी गजट / 531-भाग 8-2022 (कम्प्यूटर/रीजियो) ।

Cite this issue. Uttarakhand Gazette, Government of Uttarakhand, 20 August 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand.2022-08-20.I_35699_XX-4_2022/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand.2022-08-20.I_35699_XX-4_2022.