Servants of Knowledge
Uttarakhand Gazette · Government of Uttarakhand

Memorandum

Published 01 October 2022

Notification no.
1/52168/XX-4/2022
Issued By
RADHA RATURI(Addl Chief Secretary)
Identifier
in.gazette.uttarakhand.2022-10-01.1_52168_XX-4_2022
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/30/2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

खण्ड-23] रुड़की, शनिवार, दिनांक 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्) ( संख्या-40

विषय-सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग-अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग-अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु ० सम्पूर्ण गजट का मूल्य

3075

भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस:

769-773

1500

भाग 1 -क-नियम, कार्य- विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

745-760

1500

भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975

भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975

भाग 6-बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

975

भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975

भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

487-520

975

स्टोर्स पर्चेज-स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि

1425

769-क 770

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

भाग 1

विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

गृह अनुभाग-04

अधिसूचना

25 जुलाई, 2022 ई ०

संख्या 1/52168/XX- 4/2022- राज्यपाल , भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , 1988 (Prevention of CorruptionAct, 1988) के अध्याय -2, धारा -3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मा ० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर सी०आर० पी० सी० की धारा -11 के अन्तर्गत साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून (गढवाल परिक्षेत्र) में पंजीकृत अभियोगों के विचारण हेतु न्यायिक मजिस्ट्रेट- II , देहरादून को विशेष न्यायालय (Special Court) के न्यायाधीश के रूप में पदाभिहित किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

आज्ञा से , राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव ।

नियोजन अनुभाग-2

विज्ञप्ति/ नियुक्ति

14 जुलाई, 2022 ई ०

संख्या 113/XXVI/दो (3) /2004-अर्थ एवं संख्या विभाग में कार्यरत निम्नांकित अपर अर्थ एवं संख्याधिकारियों को लोक सेवा आयोग , उत्तराखण्ड की संस्तुति के आधार पर उनके नियमित चयनोपरान्त अर्थ एवं संख्याधिकारी के पद पर वेतनमान ₹ 56100-177500 (लेवल -10) में अस्थाई रूप से प्रोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः-

1- श्री शेर सिंह नेगी

2- श्री अतुल आनन्द

3- श्री गोपाल गुप्ता

4- श्रीमती मोनिका श्रीवास्तव

2. उक्त अधिकारियों के तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत की जायेंगे ।

3. उक्त अधिकारियों को अर्थ एवं संख्याधिकारी के पद पर नियमानुसार 2 वर्ष की परिवीक्षा पर रखा जाता है

आज्ञा से, डॉ० रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव ।

771 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग

कार्यालय ज्ञाप

15 जुलाई , 2022 ई०

संख्या 706/VII -3-22/02 (07)- एम० एस ०एम०ई० / 2020 - शासनादेश संख्याः-773 /VII -3-21/02( 07)- एम ० एस ०एम ०ई ० / 2020 दिनांक 21 जून, 2021 के द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म (नैनो) उद्यम एवं शासनादेश संख्याः-1424 / VII-3-21 / 02 (07)- एम ० एस ० एम०ई ० / 2020 दिनांक 26 अक्टूबर , 2021 के द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म (नैनो ) उद्यम (प्रथम संशोधन-2021 ) का प्रख्यापन किया गया है ।

2. तक्रम में शासनादेश संख्याः-1424 / VII- 3-21/ 02 (07 )-एम ० एस ० एम ० ई ० / 2020 दिनांक 26 अक्टूबर , 2021 के द्वारा निर्गत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म (नैनो) उद्यम (संशोधन-2021 ) के शीर्षक " बैंकों को ऋण हेतु आवेदन पत्रों का अग्रसारण" एवं " कार्यदल द्वारा अनुमोदित आवेदन पत्रों का निस्तारण के अन्तर्गत नीचे स्तम्भ -1 में दिये गये वर्तमान प्राविधानों के स्थान पर स्तम्भ-2 में नये प्राविधान/ प्रतिस्थापित करने के लिये एतद्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म (नैनो ) उद्यम ( द्वितीय संशोधन -2022) निर्गत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-

स्तम्भ-2

स्तम्भ -1

प्रस्तावित नये प्राविधान

वर्तमान प्राविधान

बैंकों को ऋण हेतु आवेदन पत्रों का अग्रसारण:

बैंकों को ऋण हेतु आवेदन पत्रों का अग्रसारण:

पृष्ठ-7

ऑनलाइन प्राप्त सभी आवेदन पत्रों का महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र के स्तर पर अपेक्षित दस्तावेज एवं प्रस्तावित संक्षिप्त परियोजना रिपोर्ट के आधार पर परीक्षण किया जायेगा ।

ऑनलाइन प्राप्त सभी आवेदन पत्रों का जिला उद्योग केन्द्र के स्तर पर प्रारम्भिक परीक्षण किया जायेगा । योजना के क्रियान्वयन हेतु विभागीय वेबसाइट www.msy.uk.gov.in के माध्यम से क्रियान्वयन में सहभागी विभागों / संस्थाओं / बैंकों को लाभार्थियों को स्वीकृत/ संवितरित ऋण तथा अनुदान के विवरण साझा किये जायेंगे । आवेदन पत्रों के प्रारम्भिक परीक्षण एवं संस्तुति के लिए महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र की अध्यक्षता में गठित निम्नलिखित कार्यदल द्वारा की जायेगीः

1. सम्बन्धित जनपद के महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र अध्यक्ष ।

2. जिला अग्रणी बैंक के प्रबन्धक सदस्य ।

सदस्य। 3. प्रमुख बैंकों के जिला समन्वयक

4. जिला विकास अधिकारी द्वारा नामित प्रतिनिधि सदस्य ।

आवेदन पत्रों का निस्तारणः

कार्यदल द्वारा अनुमोदित आवेदन पत्रों का निस्तारणः

पृष्ठ-7

(क)

(क) परीक्षणोपरान्त कार्यदल से अनुमोदित आवेदन पत्र जिला उद्योग केन्द्र द्वारा अपनी अनुशंसा के साथ बैंक शाखाओं को अग्रसारित कियेजायेंगे ।

महाप्रबन्धक , जिला उद्योग केन्द्र ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण कर पात्र आवेदन पत्रों को तीन दिन के भीतर सम्बन्धित बैंक शाखाओं को अनुशंसा के साथ सीधे ऑनलाइन अग्रसारित किये जायेंगे ।

(ख) बैंक द्वारा 21 दिन के भीतर प्रकरण का निस्तारण किया जायेगा। दिवसों की गणना बैंक में आवेदन- पत्र प्राप्त होने की तिथि से की जायेगी ।

(ख) बैंकों द्वारा 30 दिवस के अन्दर प्रकरण का निस्तारण किया जायेगा। दिवसों की गणना बैंक में आवेदन- पत्र प्राप्त होने की तिथि से की जायेगी ।

(ग)

(ग)

21 दिन के भीतर बैंक से प्रकरण के निस्तारण के सम्बन्ध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं होने पर, जिला स्तर पर गठित समीक्षा समिति द्वारा इसकी समीक्षा की जायेगी ।

45 दिवस में बैंक से प्रकरण के निस्तारण के सम्बन्ध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं होने पर, गठित कार्यदल द्वारा इसकी समीक्षा कीजायेगी।

चिलोपित किया जाता है ।

कार्यदल की बैठक प्रत्येक सप्ताह में आयोजित की जायेगी ।

(घ)

(घ)

3. यह आदेश उक्त सीमा तके संशोधित समझा जाय । शेष शर्तें यथावत रहेंगी ।

4

आज्ञा से ,

डॉ० पंकज कुमार पाण्डेय ,

सचिव ।

772

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

[भाग 1

वित्त अनुभाग-8

अधिसूचना/ स्थानान्तरण

22 जुलाई , 2022 ई०

संख्या 554/2022/10 ( 100 ) /XXVII ( 8 ) /2022- आयुक्त राज्य कर, उत्तराखण्ड , देहरादून के पत्र संख्या-195/ आयु०रा ०क ० उत्तरा० / स्था० अनु० / रा ० कर / 2022-23 / देहरादून, दि० 13.04.2022 के द्वारा किये गये प्रस्ताव के क्रम में स्थानान्तरण अधिनियम की धारा -16 (1 ) के अंतर्गत गठित स्थायी स्थानान्तरण समिति द्वारा लिये गये निर्णय / संस्तुति के क्रम में राज्य कर विभाग , उत्तराखण्ड में कार्यरत निम्नलिखित अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख कॉलम -4 में अंकित स्थान पर तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-

अधिकारी का नाम

वर्तमान तैनाती

प्रस्तावित्त नवीन तैनाती अभ्युक्ति क्र. सं.

1

2

4

5 1 श्री विपिन चन्द्र

अनुरोध के आधार पर ।

राज्य सदस्य , वाणिज्य कर अधिकरण, हल्द्वानी।

3 अपर आयुक्त (वि०वे० ), कर मुख्यालय, देहरादून ।

2 श्री आई०एस० बृजवाल

कर

अधिकरण, हल्द्वानी । सदस्य, वाणिज्य

उक्त के सापेक्ष ।

अपर आयुक्त (वि०वे० ), राज्य कर मुख्यालय, देहरादून ।

02- उपरोक्त अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि अपनी तैनाती के स्थान पर तत्काल योगदान देते हुए योगदान आख्या शासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।

आज्ञा से,

सौजन्या, सचिव ।

उच्च शिक्षा अनुभाग-02

कार्यालय ज्ञाप

19जुलाई , 2022 ई०

संख्या 50908/XXIV- C- 2 /2022-13 ( 06) 2013- एतद्द्वारा सम्यक विचारोपरान्त तत्काल प्रभाव से राजकीय महाविद्यालय , देवीघूरा (चम्पावत) का नाम ' राजकीय आदर्श महाविद्यालय , देवीघूरा (चम्पावत) " किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है ।

एम०एम० सेमवाल , अपर सचिव ।

1

गृह अनुभाग-01

प्रोन्नति/विज्ञप्ति

22 जुलाई, 2022 ई०

संख्या 51766/2022-अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग, उत्तराखण्ड में अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत श्री जगदम्बा प्रसाद पुजारी को विभागीय चयन समिति की संस्तुति के क्रम में पुलिस उपाधीक्षक (एम) , अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय , उत्तराखण्ड वेतन लेवल-10 (वेतनमान रू 0 56,100-1,77,500 ) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पदोन्नति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

2- पदोन्नत अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 01 वर्ष की अवधि तक परिवीक्षाधीन रहेंगे ।

आज्ञा से .

अतर सिंह,

अपर सचिव ।

773 भाग 1]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

पंचायतीराज अनुभाग-2

कार्यालय आदेश

29जुलाई , 2022 ई ०

संख्या 395/XII ( 2 )/ 2022-92 ( 02 ) / 2011- उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार के पत्र संख्याः 114 /01 / ई-1/डी०पी०सी०/ क ०अधि०/ 2022-23, दिनांक 29 जुलाई, 2022 के द्वारा की गई संस्तुति के क्रम में श्री मातबर सिंह नेगी, प्रशासनिक अधिकारी , जिला पंचायत, चमोली को चयन वर्ष 2021-22 की रिक्ति के सापेक्ष कार्य अधिकारी वेतनमान रू0 15,600-39,100 ग्रेड वेतन रू0 5400 (लेवल-10) के पद पर पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

2- उक्त पदोन्नत कार्मिक कार्य अधिकारी के पद पर 01 वर्ष की परिवीक्षा में रहेंगे । इनकी तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।

कार्यालय आदेश

29जुलाई , 2022 ई ०

संख्या 396/XII ( 2 )/ 2022-92 ( 02 ) /2011- उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार के पत्र संख्याः 114/01 / ई-1 /डी० पी० सी० / का0अधि०/2022-23 , दिनांक 29 जुलाई, 2022 के द्वारा की गई संस्तुति के क्रम में श्री ईश्वरी सिंह कण्डवाल , लेखाकार, जिला पंचायत टिहरी गढ़वाल को चयन वर्ष 2021-22 की रिक्ति के सापेक्ष कार्य अधिकारी वेतनमान रू0 15,600-39,100 ग्रेड वेतन रू0 5400 (लेवल-10) के पद पर पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

2- उक्त पदोन्नत कार्मिक कार्य अधिकारी के पद पर 01 वर्ष की परिवीक्षा में रहेंगे । इनकी तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।

आज्ञा से, ओमकार सिंह, अपर सचिव ।

सचिवालय प्रशासन (अधि०) अनुभाग-4

कार्यभार-प्रमाणक

20 जुलाई, 2022 ई ०

संख्या 12/xxxi ( 14)/2022- प्रमाणित किया जाता है कि सचिवालय प्रशासन (अधि०) अनुभाग -4 , उत्तराखण्ड शासन के कार्यालय आदेश संख्या 581 /xxxi (4)/ 20 / 08 (विविध)/ 2015 दिनांक 20 जुलाई, 2022 के क्रम में जैसा कि इसमें व्यक्त किया गया है, के अनुपालन में आहरण वितरण अधिकारी कोड संख्या-4651 का कार्यभार आज दिनांक 20 जुलाई, 2022 के पूर्वाहन/ अपराहन में ग्रहण किया गया है ।

अवमुक्त अधिकारी,

अवमोचक अधिकारी,

अश्वनी कुमार वर्मा,

नरेन्द्र सिंह,

संयुक्त सचिव (लेखा) /

आहरण वितरण अधिकारी ,

उप सचिव (लेखा) / आहरण वितरण अधिकारी-4651 , उत्तराखण्ड शासन ।

उत्तराखण्ड शासन ।

प्रतिहस्ताक्षरित,

विनोद कुमार सुमन,

सचिव (प्रभारी),

सचिवालय प्रशासन विभाग,

उत्तराखण्ड शासन ।

पी०एस ०यू० (आर०ई०) 40 हिन्दी गजट / 608 - भाग 1-2022 (कम्प्यूटर /रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/DDN / 30/2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार, दिनांक 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

भाग 1 -क

नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

August26, 2022

No. 256/UHC/Admin.A/ 2022--Ms . Shama Nargis , officer of Civil Judge ( Senior Division ) Cadre of Uttarakhand Judicial Service , at present serving the post of Deputy Director ( Law) , Competition Commission ofIndia(CCI) on deputation basis , is hereby withdrawn from deputation with immediate effect and posted as 5thAdditional Chief Judicial Magistrate , in the vacant Court .

Ms. Shama Nargis is directed to take over the charge of the Court of 5th Additional Chief Judicial Magistrate , Dehradun at the earliest after getting relieved from Competition Commission ofIndia.

745-ख 746 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

NOTIFICATION

August26, 2022

No. 257/UHC /Admin.A/ 2022--Ms . Anita Kumari , Joint Registrar ( Judicial & Admin . ), Uttarakhand Public Service Tribunal , Dehradun is repatriated and posted as 4th Additional Civil Judge (Sr. Div . ), Dehradun, viceShri Dayaram .

NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 258/UHC /Admin.A/ 2022 -- Shri Dayaram , 4th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun is posted as5th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun , vice Ms. Afiya Mateen .

NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 259/UHC /Admin.A/ 2022 --Ms . Afiya Mateen , 5th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) is posted as 6th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun , vice Shri Ravindra DevMishra .

NOTIFICATION

August26, 2022

No. 260/UHC /Admin.A/2022 --Shri Ravindra Dev Mishra , 6th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun isposted as 7th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun , vice Shri Dharmendra Shah .

NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 261/UHC /Admin.A/2022 --Shri Dharmendra Shah , 7th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun is posted as 8th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun , vice Ms. Suman .

NOTIFICATION

August26, 2022

No. 262/UHC/Admin.A/2022 --Ms . Suman , 8th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun is posted as 9th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun , vice Shri Sachin Kumar.

NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 263/UHC/Admin.A/ 2022--Shri Sachin Kumar, 9th Additional Civil Judge ( Sr. Div. ) , Dehradun is posted as 10th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun , in the vacant Court.

Note: The above orders will come into force with immediate effect .

ByOrder of the Court,

Sd/-

VIVEK BHARTI SHARMA,

RegistrarGeneral .

भाग 1-क

747 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

CORRIGENDUM / NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 264/UHC/Admin.A/2022 -In 4th line of the earlier issued notification No.256/UHC/Admin.A/2022 datedAug 26 , 2022 of this Court the word "5th Additional Chief Judicial Magistrate, in the vacant Court " be read as " 1st Additional Civil Judge (Sr. Div.), Rudrapur, District Udham Singh Nagar, vice Ms. Nazish Kaleem".

Further, in 5th & 6th line of the abovementioned notification, the word "5th Additional Chief Judicial Magistrate, Dehradun " be read as " 1 " Additional Civil Judge (Sr. Div.), Rudrapur, DistrictUdham Singh Nagar".

Restpart of the said notification shall remain intact.

ByOrder of the Court, Sd/-

VIVEK BHARTI SHARMA, Registrar General.

NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 265 /UHC/Admin.A/ 2022 --Ms . Nazish Kaleem , 1st Additional Civil Judge ( Sr. Div. ), Rudrapur, DistrictUdham Singh Nagar is posted as 2nd Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Rudrapur , District Udham Singh Nagar, vice Ms. Rashmi Goyal .

NOTIFICATION

August26, 2022

No. 266 /UHC /Admin.A/ 2022--Ms . Rashmi Goyal , 2nd Additional Civil Judge ( Sr. Div. ) , Rudrapur, District Udham Singh Nagar is posted as 3rd Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Rudrapur, District Udham Singh Nagar, vice Shri Nadeem Ahamad.

NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 267 /UHC /Admin.A/ 2022 -- Shri Nadeem Ahamad , 3rd Additional Civil Judge ( Sr. Div. ), Rudrapur, District Udham Singh Nagar is posted as 4th Additional Civil Judge ( Sr. Div. ) , Rudrapur, District Udham Singh Nagar, vice Ms. Sahista Bano.

NOTIFICATION

August 26, 2022

No. 268/UHC/Admin.A/2022 --Ms. Sahista Bano , 4th Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Rudrapur, DistrictUdham Singh Nagar is posted as 5th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Rudrapur, District Udham Singh Nagar, in the vacant Court .

Note: The above orders will come into force with immediate effect.

ByOrder of the Court, Sd/-

VIVEK BHARTI SHARMA ,

RegistrarGeneral .

748

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

[भाग 1-क

कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड

विज्ञप्ति

15 जुलाई, 2022 ई ०

संख्या 2744/एसटीए/ दस-82/2022- उत्तराखण्ड शासन, परिवहन विभाग की अधिसूचना संख्या-619/ix /166/2005 दिनांक 17-01-2005 एवं अधिसूचना संख्या-53 /ix-1 / 166/ 2004/2019 दिनांक 11-01-2019 के अधीन प्रदत्त अधिकारों के अन्तर्गत, राज्य परिवहन प्राधिकरण , उत्तराखण्ड द्वारा बैठक दिनांक 13-07-2022 के संकल्प संख्या-07 व अन्य संकल्प संख्या-08 (1 ) में प्राधिकरण द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार यात्री किराया की दरों से सम्बन्धित विज्ञप्ति संख्या-565/ एस.टी.ए. / दस-82 / 2020 दिनांक 18-02-2020 (जो वर्तमान में लागू है) को, अधिक्रमित करते हुये , मंजिली गाड़ियों, ठेका गाडियों , मालयानों, ई - रिक्शा, मोटर साईकिल किराया योजना के अन्तर्गत संचालित दुपहिया वाहनों, एम्बुलेन्स एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अधीन निर्वाचन कार्यों तथा आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 के अधीन आपदा एवं अन्य प्रयोजनों हेतु अधिग्रहीत वाहनों का अधिकतम यात्री किराया एवं माल भाड़े की दरें निम्न प्रकार से निर्धारित की गई हैं:-

मंजिली गाड़ियों के लिए किराये की दरें:-

(एक) नगर निगम या नगर पालिका क्षेत्र के बाहर चलायी जाने वाली निजी क्षेत्र एवं परिवहन निगम की मंजिली गाड़ियों हेतु यात्री किराया दरें:-

श्रेणी

क्र० सं०

निर्धारित दर

पर्वतीय मागों हेतु

मैदानी मार्गों हेतु

2

1

4

4

3

183.00 पैसे प्रति किमी० प्रति

128.00 पैसे प्रति किमी० प्रति

(1 ) साधारण (Non Deluxe Bus) यात्री (मूल दर)

यात्री (मूल दर)

(2) वातानुकूलित सेवा

मूल दर का 1.25 गुणा

मूल दर का 1.25 गुणा

क-(3x2) सीटिंग ले-आउट

(A.C. Non Deluxe Bus)

मूल दर का 1.90 गुणा

मूल दर का 1.90 गुणा

ख-(2x2) सीटिंग ले-आउट

(A.C. Deluxe Bus) Integral Coach

मूल दर का 3.00 गुणा

मूल दर का 3.00 गुणा

开- Super Luxury Coach with monocoque body

स्पष्टीकरणः- परिवहन निगम के स्वामित्वाधीन संचालित मंजिली वाहनों पर उक्त दरों के अतिरिक्त कर्मचारी कल्याण अधिभार के रूप में आधारभूत किराए का अधितम 20 प्रतिशत तक पृथक से उदंगृहीत किया जा सकेगा।

(3) चारधाम/हेमकुंड यात्रा हेतु विशेष/ अस्थायी परमिट पर संचालित बसों की किराया दरें :-

वाहन की श्रेणी सीटिंग क्षमता

निर्धारित दर

किराया (रू०/प्रति किमी०)

2

1

20सीट तक

साधारण

21 से 30 सीट

डीलक्स (पुशबैक2x2)

वातानुकूलित

प्रतीक्षा शुल्क (रु० /प्रतिदिन)

4

3

70.00

3500.00

63,00

5000.00

76.00

5500.00

89.00 749 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

1

4

2

3

31से 45 सीट

76,00

साधारण

5000.00

83.00

डीलक्स (पुश बैंक)

95.00

7000.00

वातानुकूलित

(दो) केवल नगर निगम या नगर पालिका की क्षेत्रीय सीमा के भीतर 30 कि०मी० से अनधिक यांत्रा की दूरी तक चलायी जाने वाली साधारण मंजिली गाड़ियों (ई- बसों को छोड़कर) हेतु अधिकतम यात्री किराया की दरें:-

क्र०सं०

निर्धारित स्लैब

निर्धारित दर (रू०)

2

3

1

1. प्रथम 02किमी ० तक

9.00

2.

12.00

02 से अधिक किन्तु 06 कि० मी० तक

3.

18.00

06 से अधिक किन्तु 10 कि० मी० तक

4.

25.00

10 से अधिक किन्तु 14 कि० मी० तक

5.

30.00

14से अधिक किन्तु 19 कि०मी ० तक

6.

35.00

19से अधिक किन्तु 24 कि 0 मी0 तक

7.

40.00

24 से अधिक किन्तु 29 कि० मी०, तक

8. 29कि०मी० से अधिक

45.00

ठेका यान के लिए किराये की दरें:-

(एक) ऑटोरिक्शा

मद

निर्धारित दरें

1

2

(1 ) किराये की

दरें

प्रथम 02 कि० मी० या उसके भाग के लिए रू0 60.00 तत्पश्चात प्रत्येक अतिरिक्त कि० मी० या उसके भाग के लिए रू० 18.00

(2) रात्रि किराया उपरोक्त दर से 50 प्रतिशत अधिक (रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 5.00 बजे तक)

(दो) टैम्पो (चालक को छोडकर 5 से 7 सवारी क्षमता वाले तिपहिया वाहन)

किराये की दरें प्रथम 2 कि०मी० या उसके भाग के लिए रू. 50.00 तत्पश्चात प्रत्येक अतिरिक्त कि० मी० या उसके भाग के लिए रू0 18.00

(तीन) टैक्सी/मैक्सी कैब

का

निर्धारित दरें

वाहन प्रकार

वाहन का मूल्य (लाख रू० में) मैदानी मार्ग हेतु किराये की दर (रू० प्रति किमी०)

पर्वतीय मार्ग हेतु किराये की दर (सं ० प्रति किमी०)

साधारण सेवा

साधारण सेवा

वातानुकुलित

वातानुकुलित

1

3

2

4

5

6

ऑर्डिनरी 08लाख से अनाधिक

16.00

18,00

18.00

20.00

डीलक्स

20.00

22.00

22.00

25.00 08 लाख से अधिक परन्तु 15 लाख से अनधिक

लग्जरी

25.00

27.00

15 लाख से अधिक परन्तु 25 लाख से अनधिक

सुपर लग्जरी 25लाख से अधिक

35.00

40.00 750

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

[भाग 1-क

प्रतीक्षा भाड़ा

श्रेणी

प्रथम 02 घण्टे के लिए

02 घण्टे के पश्चात् प्रत्येक घण्टे के लिए

1

2

3

ऑर्डिनरी

50

50

75

डीलक्स

100

100

लग्जरी

150

125

200

सुपर लग्जरी

स्पष्टीकरण-1-80 कि०मी० से कम संचालन होने पर 80 किमी० का किराया देय होगा और 80 किमी से अधिक संचालन होने पर प्रति कि०मी० की दर से किराया देय होगा।

2- 8 घन्टे तक कोई प्रतीक्षा भाड़ा देय नहीं होगा । एक दिवस में 200 कि0मी0 से अधिक संचालन होने पर भी कोई प्रतीक्षा भाड़ा देय नहीं होगा ।

3- 80 किमी0 से 200 किमी तक संचालन की स्थिति में 80 किमी का किराया तथा ४घन्टे से अधिक का प्रतीक्षा भाड़ा जोडने अथवा वास्तविक रूप से संचालित किं०मी० के किराये मे से जो किराया अधिक होगा, वह देय होगा ।

(चार) ठेका बस

सीटिंग क्षमता

वाहन की श्रेणी

निर्धारित दरें

किराया (रू०/ प्रति किमी०)

मैदानी मार्ग

पर्वतीय मार्ग

1

2

3

4

20सीट तक

67.00

61,00

21से 30सीट

58.00

61.00

साधारण

70.00

73.00

डीलक्स (पुश बैक)

80.00

85.00

वातानुकूलित

31से अधिक साधारण

70.00

73.00

77.00

79.00

डीलक्स (पुश बैंक)

88.00

91.00

वातानुकूलित

प्रतीक्षा भाड़ा 80. किं०सी० से कम संचालन होने पर 80 किमी० का किराया देय होगा और 80 किमी० से अधिक संचालन पर प्रति किमी की दर से किराया देय होगा । 08 घन्टे तक कोई प्रतीक्षा भाड़ा देय नहीं होगा । किन्तु उसके पश्चात् प्रत्येक घन्टे के लिए रू0 200.00 अतिरिक्त देय होगा ।

(पांच) ई-रिक्शा

श्रेणी

दर (रू०)

ई-रिक्शा

रू0 12.00 प्रत्येक कि० मी० या उसके भाग के लिए भाग 1 -क]

751 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

small p )

(छः) मोटर साईकिल योजना 1997 के अन्तर्गत्त किराये पर संचालित वाहनों हेतु अधिकतम किराये की दरें-

मूल्य के आधार पर वाहनों की श्रेणी

निर्धारित दरें (रू०)

पहले 02 घंटे के

लिये

2 घंटे के पश्चात प्रत्येक अतिरिक्त घंटे के लिये

24घंटे के लिये

1

2

3

4

125.00

50 01 लाख तक के वाहन हेतु

75.00

700.00

175,00

100.00

800.00 रु० 01 लाख से अधिक व02 लाख तक के वाहन हेतु

250.00

100.00

1000.00 रू० 02 लाख अधिक व 05 लाख तक के वाहन हेतु

325.00

150.00

1600.00 रु० 05 लाख अधिक व 10 लाख तक के वाहन हेतु

800.00

400:00

4000.00

रू0 10 लाख अधिक व 20 लाख तक के वाहन हेतु

1000.00

रू0 20 लाख अधिक मूल्य के वाहन हेतु

600,00

5000.00

स्पष्टीकरण-किराया इंधन रहित देय होगा।

(सात) एम्बुलेन्स

अधिकतम निर्धारित दरें रू० में

आई.सी.यू. कार्डियाक एम्बुलेंस

आधार भूत एम्बुलेंस (Non AC) ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ

आधार भूत एम्बुलेंस (AC) ऑक्सीजन

सिलिंडर के साथ

2

3

1 (1) किराया- रू0 800.00

किराया- रू0 1200.00

15 कि० मी० की परिधि का एक तरफा छोडने का (अवधि एक घंटा)

15 कि० मी० की परिधि का एक तरफा छोडने का (अवधि एक घंटा)

किराया रू० 3000.00 15 कि० मी० की परिधि तक रू० 4000.00 नर्सिंग स्टाफ के साथ रू0 6000.00 डॉक्टर के साथ

(2) 15 कि० मी० से अधिक दूरी हेतु रू० 18.00 प्रति कि०मी० या उसके भाग के लिये

15 कि0मी0 से अधिक दूरी हेतु रू0 20. 00 प्रति कि० मी० या उसके भाग के लिये

15 कि०मी० से अधिक दूरी हेतु रू० 45.00 प्रति कि०मी० या उसके भाग के लिये

01 घंटे के पश्चात रू 0 200 प्रति घंटा प्रतीक्षा भाडा ।

01 घंटे के पश्चात रू० 250 प्रति घंटा

प्रतीक्षा भाडा।

(आठ) माल वाहनों के लिए अधिकतम भाड़े की दरें

1- मैदानी मार्ग हेतु

40.00 पैसा प्रति कुन्तल प्रति कि.मी.

2- पर्वतीय मार्ग हेतु

60.00 पैसा प्रति कुन्तल प्रति कि.मी.

स्पष्टीकरण- 1-80 कि०मी० से कम संचालन होने पर 80 किमी0 का किराया देय होगा और 80 किमी से अधिक संचालन होने पर प्रतिकि०मी० की दर से किराया देय होगा ।

2- 8 घन्टे तक कोई प्रतिक्षा भाडा देय नहीं होगा । एक दिवस में 200 कि०मी० से अधिक संचालन होने पर भीकोई प्रतीक्षा भाडा देय नहीं होगा।

3- 80 किमी0 से 200 किमी तक संचालन की स्थिति में ४० किमी का किराया तथा ४घन्टे से अधिक का प्रतीक्षा भाडा जोडने अथवा वास्तविक रूप से संचालित कि०मी० के किराये मे से जो किराया अधिक होगा, वह देय होगा ।

752

[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09. 1944 शक सम्वत्)

(नौ) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अधीन निर्वाचन कार्यों, आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 के अधीन आपदा तथा अन्य प्रयोजनों हेतु अधिग्रहीत किये जाने वाले यात्री/ भार वाहनों के लिये भाड़े की दरें:-

टैक्सी/मैक्सी/ बस

वाहन का प्रकार

वाहन का एक्स शोरूम मूल्य (लाख में)

1

2

आर्डिनरी कैब

08लाख से अनधिक

डीलक्स कैब

अधिग्रहण हेतु किराये की दर का आगणन

वाहन की अधिग्रहण अवधि

पूरेदिन के लिये निर्धारित किराये की दरें (रूपये में)

प्रतीक्षा भाडा (रूपये में).

3

4

5

750

1430 08 घंटे (न्यूनतम 80 किमी)

1475

2355

08 घंटे (न्यूनतम 80 किमी)

08 लाख से अधिक परन्तु 15 लाख से अनधिक

लक्जरी कैब

2200

3480

08 घंटे (न्यूनतम 80 किमी)

15 लाख से अधिक परन्तु 25 लाख से अनधिक

25लाख से अधिक

सुपर लक्जरी कैब

30सीट अथवा कम क्षमता वाली बसें

30 सीट से अधिक क्षमता वाली बसें

एम्बुलेंस

2925

4825 08 घंटे (न्यूनतम 80 किमी)

2840

08 घंटे (न्यूनतम 80 किमी)

08 घंटे

3800

(न्यूनतम 80 किमी)

तालिका में उल्लिखित वाहन के प्रकार की दर के अनुसार

भार वाहन

वाहन का प्रकार

वाहन का एक्स शोरूम मूल्य (लाख में).

3000 कि० ग्रा० तक

अधिग्रहण हेतु किराये की दर

का आगणन

पूरेदिन के लिये निर्धारित किराये की दरें (रूपये में) वाहन की अधिग्रहण अवधि

प्रतीक्षा भाडा (रूपये में)

332

572

पेलोड 20 कुन्तल

3000-7500 किग्रा०

न्यूनतम 80किमी

712

332

पेलोड 40 कुन्तल

7500-12000 किग्रा०

न्यूनतम 80किमी

496

1216

पे लोड 60 कुन्तल

12000-16200 किग्रा

न्यूनतम 80किमी

496

1616

पे लोड 80 कुन्तल

16200 कि0ग्रा से अधिक

न्यूनतम 80किमी

496

2576

पे लोड 140 कुन्तल

स्पष्टीकरण

न्यूनतम 80किमी

1- ऑटो रिक्शा का तात्पर्य तीन पहिये वाली ऐसी गाड़ी से है जिसमें चालक को छोड़कर 3 से अनधिक सीटें हों ।

2- टैम्पो का तात्पर्य तीन पहिये वाली गाड़ी से है. जिसमें चालक को छोड़कर 3 से अधिक परन्तु 6 से अनधिक सीटें हों ।

753 भाग 1-क]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

3- ऑर्डिनरी कैब का तात्पर्य चालक सहित 13 सीटिंग क्षमता से अनधिक चार पहिये वाली ऐसी गाड़ी से है, जो भाड़े या पारिश्रमिकं पर संचालित होती हो और जिसका मूल्य रू 0 8.00 लाख से अनधिक न हो ।

(MD SOC

4- डीलक्स कैब का तात्पर्य चालक सहित 13 सीटिंग क्षमता से अनधिक चार पहिये वाली ऐसी गाड़ी से है, जो भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित हो और जिसका मूल्य रू0 8.00 लाख से अधिक हो परन्तु रू0 15.00 लाख से अधिक न हो ।

5- लग्जरी कैब का तात्पर्य चालक सहित 13 सीटिंग क्षमता से अनधिक चार पहिये वाली ऐसी गाड़ी से है, जो भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित हो और जिसका मूल्य रू0 15.00 लाख से अधिक हो , परन्तु रू 0 25.00 लाख से अधिक न हो ।

6- सुपर लग्जरी कैब का तात्पर्य चालक सहित 13 सीटिंग क्षमता से अनधिक चार पहिये वाली ऐसी गाड़ी से है, जो भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित हो और जिसका मूल्य रू0 25.00 लाख से अधिक हो ।

7- ठेका बस के सम्बन्ध में एक घण्टे का समय वाहन में चढ़ने तथा उतरने के लिए दिया जाएगा और उसे प्रतीक्षा की अवधि में नहीं जोड़ा जाएगा ।

8- संगणित यात्री किराये की राशि 1.00 रू 0 के गुणांक में निर्धारित की जाएगी और 50 पैसे या कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा तथा 50 पैसे से अधिक की राशि को 1.00 रु० तक पूर्णांकित किया जाएगा ।

उदाहरणार्थ:-

1.01 रू0 से 1.50 रु ० = 1.00 रु ०

1.51 रु0 से 1.99 रू0 = 2.00 रू०

9- यात्री किराए की संगणना करने के प्रयोजन के लिए आधे किलोमीटर (0.5 कि.मी) से कम का भाग यात्री के पक्ष में छोड़ दिया जाएगा तथा आधा कि.मी. से अधिक का भाग एक कि.मी. (1 . 00 कि.मी.) तक पूर्णांकित किया जाएगा ।

10- औसत दैनिक भाड़े की गणना के प्रयोजनार्थ दिनों की संख्या की गणना करने के लिए 24 घण्टे का दिन माना जाएगा और किसी दिन का 8 घण्टे से कम का भाग छोड़ दिया जाएगा ।

11- किराये के अतिरिक्त उत्तराखण्ड मोटर कराधान (सुधार) अधिनियम, 2003 के प्राविधानों के अधीन देय मोटरयान कर, अथवा विशेष कर अथवा ग्रीन सैस की वसूली यात्रियों से नहीं की जाएगी । मंजिली गाडियों के स्वामियों द्वारा किसी किराया शुल्क या उगाही, जो यथास्थिति, किसी 12- स्थानीय प्राधिकारी या लोक निर्माण विभाग द्वारा उत्तराखण्ड में मंजिली गाडियों पर लगायी गयी हो, के कारण अतिरिक्त किराया भी यात्रियों से वसूली किया जा सकेगा ।

13- सीटों की माप एवं बसों की श्रेणी के अन्तर्गत्त साधारण (Non Deluxe) , सेमी डीलक्स (Semi Deluxe) , डीलक्स (Deluxe) एवं सुपर डीलक्स (Super Luxery Coach with Monocoque Body) का अभिप्राय AIS 052 में निर्धारित मानकों से है ।

14- पर्वतीय मार्गों का तात्पर्य पिथौरागढ़ , चम्पावत , अल्मोड़ा, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल जिले , देहरादून जिले की चकराता तहसील, नैनीताल , चम्पावत और पौडी गढवाल जिलों के उन भागों, जो पूर्व में टनकपुर से होकर पश्चिम में काठगोदाम , रामनगर, कोटद्वार से लक्ष्मणझूला तक तलहटी के आधार पर उत्तर की ओर पड़ता है और देहरादून शहर नगर निगम सीमा से आगे मसूरी की ओर की सभी सड़कों से है ।

सनत कुमार सिंह, सचिव, राज्य परिवहन प्राधिकरण,

उत्तराखण्ड | 754

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

[भाग 1-क

OFFICE OF THE DIRECTOR GENERAL MEDICAL HEALTH & FAMILY WELFARE (

C.M.S.D. SECTION ) UTTARAKHAND , DEHRADUN

NOTIFICATION NO 02 (M)

RATE CONTRACT OF MEDICINES /ITEMS

July01,2022

LetterNo.15P/Store /45/2020/ 15630 -In exercise of the power delegated in G.O. No 712 /XXVIII - 3-2019-15/

1 2019 dated 27-09-2019 the rate contract of medicine mentioned in Annexure 'B ' is made with the firms mentioned in Annexure 'A' for the supply in the state Government in Medical & Health services Department for the period ending on the following terms and conditions:

1. The firms shall made supplies in manufactures original packing as indicated in column-3 of Annexure B for name of makes unless otherwise stated. The supplying firms will be required to clearly mention on the label the name of the manufacturer .

2. The firms will have to give a written warranty in accordance with drugs Act 1940 Rule 19 Para3 (8) to the effect that supplies confirm to the approved standard prescribed in the Drugs rule 1940 enforced and as given in this notifications .

3. Indenting Officers may place order direct on these firms as mentioned is attached Annexure A andB.

4. Delivery Schedule

The Purchaser requires that the medicine, surgical items and chemicals under the Rate Contract shall be delivered within six (06) weeks starting from the date of signing of the Purchase order .

5. All the Medicines/surgical items and chemicals to supply, shall not be older than 1 /6th of interval of manufacturing and expiry date i.e. to say, if any medicine expires after 3 years of its manufacturing date , then at the time of supply the manufacturing date should not be more than 6 months old . Vaccines , biological products and imported medicines/surgical items, the remaining life shouldbe 3/5th (60 %) . In special circumstances , with approval of Director General, MH &FW, an exemption of 3 months maybe accepted with the condition that if any of the item(s) may not be used before the date of expiry, the Bidder shall replace remaining quantity of such items , but remaining life of such items should be more than 50 %, for which Bidder had submitted an affidavit.

6. Packing of medicines /drugs/vaccines

6.1 Outside the cartons, all other type of packing's , each vials, ampoules, bottles , medicines & capsule's sterilized safe packing's , the supplier should clearly print U.K. GOVT. SUPPLY, NOT FOR SALE " with indelible ink.

6.2The Supplier shall provide such packing of the Medicine , surgical items and chemicals as is required to prevent their damage or deterioration during transit to their final destination as indicated in the Contract . The packing shall be sufficient to withstand, without limitation, rough handling during transit and exposure to extreme temperatures, salt and precipitation during transit and open storage . Packing case size and weights shall take into consideration, where appropriate , the remoteness of the Medicine, surgical items and chemicals' final destination and the absence of heavy handling facilities at all points in transit .

755 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

6.3 The packing, marking and documentation within and outside the packages shall comply strictly with such special requirements as shall be provided for in the Contract including additional requirements , if any, and in any subsequent instructions ordered bythePurchaser .

7. Transportation

Where the Supplier is required under the Contractto transport the Medicine, surgical items and chemicals to a specified place of destination i.e. consignee with in Uttarakhand, transport to such place of destination/consignee in Uttarakhand including insurance , as shall be specified in the Contract, shallbe arranged by the Supplier, and the related cost shall be included in the Contract Price.

8.Quality of medicines

8.1 The Supplier shall mandatorily submit in house test report at the time of supply of medicine(s) , surgical item (s) and chemical (s) for all the batches .

8.2 All medicine, surgical items and chemicals found of below standard shall be the responsibility of the Supplier .

8.3 Samples of all the batches ofmedicine , surgical items and chemicals supplied under Contract, shall be tested at reputed Government approved laboratories/institution .

8.4 Maximum permissible limit of the size of tablets, capsules, injection , syrup, iv fluids etc shall be up to rupees 1.0 lakh quantity-2 batches, above 1.0 lakh and up to 3 lakh quantity-5 batches, above 3.0 lakh and up to 5 lakh quantity - 7 batches and above 5.0 lakh , 1 batch per lakh quantity. The cost incurred on above quality testing shall be borne by the Purchaser. If Supplier supplies medicines beyond above limit, additional cost incurred on the quality testing shall be deducted from the Bills of the Supplier. 1

8.5 The Supplier supplying vaccines , serum and biological products shall mandatorily submit a quality assurance certificate from Government laboratory.

8.6 If supplied medicine, surgical items and chemicals are found below standard in testing, the supplier shall have to replace the full stocks of Indent / ordered medicine , surgical items and chemicals quantity, with fresh standard quality medicine, surgical items and chemicals , within 60 days, even if some part of the drug from received stock has been consumed.

8.7 Besides this, the Purchaser will be free to take actions against the Supplier for any compensation.

8.8 The Supplier may be blacklisted and/or debarred , for a product purchased by indenter, is declared SUB STANDARD, for producing wrong documents , non supply of medicine, surgical items and chemicals under contract or any other errors . The duration of blacklist and/or debar shall be for 3 years .

8.9 If supplied medicine, surgical items and chemicals are found of below standard in testing, in such case all the cost incurred in testing will be borne by the Supplier .

9. Payments

Payment for Medicine , surgical items and chemicals and Services shall be made as follows:

9.1 The Supplier's request(s) for payment shall be made to the Purchaser in writing, accompanied by an invoice in triplicate copies describing, as appropriate, the Medicine, surgical items and chemicals delivered and the Services performed, and upon fulfillment of other obligations stipulated in the contract.

756

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

[भाग-1-क

9.2 In case the consignee is other than I/C Central Ware House Dehradun , then the invoice/bill , in triplicate should have receiving from the consignee(s) , along with stock book page entry, duly verified, signed and stampedby consignee(s).

9.3 Ninety percent (90%) of the contract price shall be paid within one month of receipt of Invoice as described above of Medicine , surgical items and chemicals from the consignee (s)

9.4 The invoice shall be raised after complete supply of the Medicines, Surgical Items and Chemicalsetc. as per the Purchase Order . Part payment will not be done for a Purchase Order.

9.5 From the supplied product the purchaser will collect samples of all batches on random basis and these samples shall be sent to the State government approved testing center Laboratories . After receiving the successful test results i.e. found of standard quality, the balance payment of 10% shall be released within 30 days.

9.6After opening of each Bid and up to the Contract Period, any change in the tax rates shallbe applicable as per the Government Orders .

9.7 Those manufacturer or supplier who does not have Depot/C& F in Uttarakhand, they can supply their product only after they enter into a contract with a local distributor, and will supply their product through such distributor . The bill willbe accepted from distributor of Uttarakhand Stateonly.

10. Delays in Supplier's performance

10.1 Delivery of the Medicine , surgical items and chemicals and performance of the Services shall be made by the Supplier in accordance with the time schedule specified by the Purchaser in the Schedule of Requirements / purchase order .

10.2 If at any time during performance of the Contract , the Supplier or its sub- contractor(s ) should encounter conditions impeding timely delivery of the Medicine , surgical items and chemicals and performance of Services , the Supplier shall promptly notify the Purchaser in writing about the fact of the delay, it's likely duration and its cause (s) . As soon as practicable after receipt of the Supplier's notice , the Purchaser shall evaluate the situation and may , at its discretion , extend the Supplier's time for performance with or without liquidated damages , but to a maximum of21 days .

11. Liquidated damages

If the Supplier fails to deliver any or all of the Medicine, surgical items and chemicals or to perform the Services within the period (s) specified in the Contract, the Purchaser shall, without prejudice to its other remedies under the Contract, 0.5 % per week shall be deducted ofthe cost of Medicine, surgical items and chemicals on unperformed Services which are not supplied/ performed as per the time schedule . Maximum deduction shall be 10 % of total cost of Contract amount and DG, Medical Health shall be intimated for, further actions which may be termination of the Contract and the Performance Security of the Bidder may be forfeited whole or proportionate.

12. Force majeure

(A) The Supplier shall not be liable to forfeit its performance security, liquidated damages or termination for default , if and to the extent that, it's delay in performance or other failure to perform its obligations under the Contract is the result of an event of Force Majeure .

(B) For purposes of this Clause, "Force Majeure " means an event beyond the control of the 757 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

भाग 1 -क]

Supplier and not involving the Supplier's fault or negligence and not foreseeable. Such events may include, but are not limited to, acts of the Purchaser either in its sovereign or contractual capacity , wars or revolutions, fires , floods , epidemics , quarantine restrictions and freight embargoes .

(C) If a Force Majeure situation arises , the Supplier shall promptly notify the Purchaser in writing of such conditions and the cause thereof. Unless otherwise directed by the Purchaser inwriting, the Supplier shall continue to perform its obligations under the Contract as far as is reasonably practical , and shall seek all reasonable alternative means for performance not prevented by the Force Majeure event.

13. The supplying firms will Emboss /Print U.K.G Supply Not for Sale will be printed on each label of the Bottle/Vials/Strips /Boxes or Cartons etc. No supplies should be accepted if such embossing &Printing is not done on the supplies .

14. Every care has been taken to see that rates quoted and approved have been correctly notified in the Notification but in case of any discrepancy either in rates or in specification or any nature in other details, it will be the duty of the firm that they should intimate to the C.M.S.D. DG Medical Health under registered cover latest within a month so that necessary action may be taken.

15. The Firms while sending the bills will certify that the rates charged are applicable and have also been approvedby the CMSD and in case of any default they are prepared to make adjustments .

16. The firms should also certify on the bills that the supplies are according to specification and the makes approved by the Director General Medical Health & F.W. Uttarakhand and are in accordance with the latest DRUG ACT .

17.The attention of the Indenting Officers is drawn to the various lists of items published by the firms . It has been found that in some cases the firms includes unapproved items in their lists of approved items . It is responsibility of the Indenting Officers to consult the Gazette Notification before placing the actual order and see that the order for only approved items is placed . Such cases of misrepresentation should immediately be brought to the notice of Director General of Medical Health & F.W. Uttarakhand ( CMSD) Dehradun sending copy of the list printed, by the particular firms . In case any firm is found doing so , strict action will be taken against them and their names will be deleted from Rate Contract without any notice to them and in addition they may be debarred.

18.No Assistance will be provided for release of the raw material or procurement of import license.

19. The Director General Medical Health & F.W. Uttarakhand CMSD Dehradun reserves the right to call Tender for Quantity Contract or parallel Rate contract and also to finalize them at any time during the period of the rate contract .

20. It will be condition of the contract that although during the currency of the contract the price approved in this rate Contract arrangement will remain firm but however in the event of prices going down the contractor will promptly furnish such information to enable this office to amend the contracted rates for supplies at Rate lower than the rate contract, the attention of the firm is drawn to it .

21. Director General Medical Health & F.W. Uttarakhand Dehradun or his authorized representative may inspect the premises of the manufacturing units to assess and verify that the item quoted as own made are actually manufactured by them.

22. All supplies shall have to be made strictly confirming to approved specification in accordance with the latest drug Act and Drug Act 1940.

758

[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

23. If, during the Contract period, the Firm under Contract supplies any Medicine (s), Surgical Item(s) or Chemical (s) , to any individual, institution , organization , state or any department or organization of Gol and/or State at the rate lesser than the rate under Rate Contract, in such case the Firm shall immediately inform the Director General Medical Health &F.W. Uttarakhand Dehradun and supply at the same reduced rate . The above stipulation will not however apply

a. Exports by the Contractor .

b. Sale of goods as original goods at a price lower than the price charged for normal replacement.

24.Supplies must be completed within six weeks (42 days ) from the date of issue of the Purchase Order from the Indenting Officers . If the Firm does not supply within six weeks (42 days) time from the date of issue of the Purchase Order from indenting officer , a further period can be extended up to three weeks if the firm apply for such extension before the expiry of six weeks (42 days) time giving valid satisfactory reasons . In case of non supply , the names of such defaulting firms should be intimated to CMSD section of the Directorate by registered post so that the necessary action against the firm.

25.All supplies shall be made as per IP/ BP or USP/ BPC whenever this has been Omitted due to printing error wise it shall be or other as per IP and in its absence BP taken for all purpose that supplies are to make as per IP.

26.Director General Medical Health &F.W . Uttarakhand Dehradun authorizes the Drug controller of the State his access him to prosecute and take suitable action against firms defaulting as per drug act or per terms of contract .

27. During the pendency of contract if the license is withdrawn or any other action is taken by Drug Controller or his agent etc. the contract shall automatically come to a close with the firm . Against whom the action is being taken , firms shall see that they have valid drug license for the products approved in their favour and which they may supply during its pendency else they themselves shall be responsible for the same .

28. In the event of the prices being gone dawn the contracting firm may please intimate the same to the Director General Medical of Health services Uttarakhand Dehradun immediately for issuing necessary corrigendum in this regards and they will also charge the reduced rates from the Indenting Officers of the State. In case such information is received from the contracting firm that they are selling items approved in their favour at reduce rates either in open market or anywhere else. The Director General Medical Health & F.W. Uttarakhand Dehradun reserves the right to cancel the items of entire contract finalized with them and to debar the firm from further tendering.

29. This contract shall exclusively be governed by the terms and conditions mentioned in this notification the relevant conditions mentioned in the tender notice CMSD, tender form and relevant conditions mentioned in the agreement form (sent to the firm along with acceptance letter separately)

30. The Indenting Officers are advised to report the damages /defects notice in supplies to suppliers for notification repair replacement as the case may be, within fifteen days of the receipt / of the material .

31. In case of any complaint against the supplier for delay in supplies or defective supplies etc. The Indenting Officers are advised to report the matter under registered post to the Director General Medical Health & F.W. Uttarakhand Dehradun (CMSD) Section promptly for necessary action by. registered post/e-mail .

759 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई ० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

भाग 1 -क]

NOTIFICATION No. 02 [M]

Dated 01.7.2022

Enclosure of Notification no . 15P/Store/45/2020/ 15630

ANNEXURE ' A '

Phone No./Fax No. & E - mail

SN

Name of Firm

Tel: 91-124-454-0907, 9818447785

e-mail: [email protected]

M/sSD Biosensor, Unit# 202, A-D , 2nd Floor, Tower-A, Unitech Signature Tower, South City- I , Gurugram- 122001 .

2

Tel: 91-141-2970334, 2981944, 9414060500

e-mail: [email protected] ,

M/sVivek Pharmachem ( India) Limited, A- 1 , Sethi Colony, Jaipur 302004

NOTIFICATION No. 02 [M]

ANNEXURE ' B '

Dated: 01.7.2022 Enclosure ofNotification no . 15P/Store/45/2020/ 15630.

Listofmedicines/drugs /items approved in Rate Corntract, validity period and description of

Consignee

SN Name of medicine

Pack form

GST [in

Name of approved firm

Rate contract Validity of

INRJ

Unitcost

withGST

[inINR]

Consignee/ State DrugWare House

Unitcost without GST [in INRI

9

6

5

7

8

4

2

3

1

F.O.R

0.7450 15.6450

14.90

1

Testperkit

DualTest kit for HIV &syphilisscreening

04.06.2021 to 03.06.2023

M/sSD Biosensor, Gurugram- 122001 .

F.O.R

1.86

17.36

USP 5 ml 15.50

2

03.03.2021 to 02.03.2023

Inj . Iron Sucrose IV ampoule Each ml consists of 20 mg of elemental iron

M/sVivek Pharmachem (India) Limited, Jaipur

SHAILJA BHATT,

Director General .

760

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

[भाग 1-क

कार्यालय मुख्य विकास अधिकारी , अल्मोड़ा

प्रभार प्रमाण पत्र

bet

reland

28जुलाई, 2022 ई०

पत्रांक 1303 /वैय०सहा० / व्य ०पं ० / मु ०वि०अ ०- उत्तराखण्ड शासन, कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग -1 के स्थानान्तरण/ तैनाती आदेश संख्या-279 /XXX /-1-2022 दिनांक 09 जुलाई 2022 के अनुपालन में जैसा कि व्यक्त किया गया है , मुख्य विकास अधिकारी अल्मोड़ा का पदभार आज दिनांक 28-07-2022 के पूर्वान्ह/ अपरान्ह में हस्तान्तरित / ग्रहण किया गया ।

मुक्त अधिकारी

के०एन० तिवारी

मोचक अधिकारी

अंशुल सिंह

पी०एस० यू० ( आर० ई० ) 40 हिन्दी गजट / 608- भाग 1- क-2022 (कम्प्यूटर/ रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN /30/2021-2023

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार, दिनांक 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदिकार्मिकों स

सूचना

मैंने अपने पुत्र सन्दीप कुमार खनेडा एवं पुत्रवधू निशा से संबंध विच्छेद करते हुए अपनी चल -अचल सम्पत्ति से बेदखल कर दिया है । मेरे परिवार का भी इनसे कोई संबंध नहीं हैं । भविष्य में दोनों अपने कृत्यों के स्वयं जिम्मेदार होंगे ।

समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

बिरेन्द्र खनेडा पुत्र चेतराम खनेडा निवासी सरिता विहार गली नं0 1 भंगेडी महावतपुर रूडकी, जिला हरिद्वार

487-ट 488

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

सूचना

मैने अपना नाम प्रमोद कुमार से बदल कर प्रमोद कुमार रवि कर लिया है । भविष्य में मुझे प्रमोद कुमार रवि पुत्र स्व० श्री शिवलाल सिंह के नाम से जाना पहचाना जाये समस्त विधिक ओपचारिकताऐ मेरे द्वारा पुर्ण कर ली गई है ।

प्रमोद कुमार रवि पुत्र स्व० श्री शिवलाल सिंह मं० न0-124 शेखपुरी रूडकी तहसील रूडकी जिला हरिद्वार ।

माधीकार र सूचना

मैंने अपना नाम योगेश थापा से बदलकर योगेश राठौर कर लिया है, भविष्य में मुझे योगेश राठौर पुत्र दीपचन्द के नाम से जाना पहचाना जाए ।

समस्तविधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

योगेश राठौर पुत्र दीप चन्द निवासी सेवला कलां, माजरा , जनपद देहरादून उत्तराखण्ड ।

भाग 8]

489 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

कार्यालय नगर पंचायत लालकुआँ जिला- नैनीताल

सार्वजनिक सूचना

07 मार्च, 2022 ई०

पत्रांक 648 / न०पं ० /से ० प्र० प्रो ० / उपविधि / प्रका0 / 2021-22- सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि सचिव उत्तराखण्ड शासन के पत्र संख्या 597 दिनांक 22 मई 2017 के अनुपालन में नगर पंचायत लालकुआँ, जिला-नैनीताल द्वारा नगर पालिका अधिनियम 1916 (यथा प्रवृत्त उत्तराखण्ड राज्य में ) की धारा 276 में दिये गये प्राविधानों के अनुसार तथा धारा 298 के खण्ड झ (घ) में दी गई उपनियम बनाये जाने की शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा 301 के अन्तर्गत दी गई शक्ति के अनुसार उपविधि का प्रकाशन करने हेतु नगर पंचायत लालकुओं की बोर्ड की बैठक दिनांक 29.01.2021 के प्रस्ताव सं०-09 द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के अनुसार प्रॉटोकॉल फॉर सेप्टेव मैनेजमैन्ट 2021 बनाये जाने की स्वीकृति के उपरान्त यह विज्ञप्ति आपत्ति एवं सुझाव चाहने हेतु प्रकाशित की जा रही है , जिससे नागरिको पर प्रभाव पड़ने जा रहा हैं ।

अतः लोकहित में सुविधा, सुरक्षा एवं नियन्त्रण व विनियमन करने हेतु प्रॉटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमैन्ट 2021 में यदि किसी संस्था, व्यक्ति विशेष, फर्म, उद्योग, विभाग आदि की कोई आपत्ति एवं सुझाव हो तो इस विज्ञप्ति के प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अपनी लिखित आपत्ति कार्यालय नगर पंचायत लालकुओं में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्ति एवं सुझाव पर कोई विचार नही किया जाएगा ।

उत्तराखण्ड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकॉल 20217 के अनुसार फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ . एस . एस . एम) उपनियम नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल)

भाग 1 : उपनियम ( Bylaws )

1. शीर्षक , विस्तार और प्रारंभ

यह उपनियम नगर पंचायत लालकुओं (नैनीताल ) स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ.एस. एस . एम ) उपनियम , 2021 " कहलाएँगे । ये नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) के अधिकार क्षेत्र में / पर लागू होंगे। यह उपनियम शासकीय गजट मे प्रकाशित होने कीतिथि से मान्य होंगे ।

2. अधिकार

यह उपनियम निम्नलिखित कानून के प्रावधानों को कार्यान्वयन में लाने के लिए सक्षम करते है:

a ) उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल , 2017

b ) राष्ट्रीय नीति फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ . एस . एस. एम ) , 2017

CPHEEO मैनुअल ऑन सीवरेज एंड सीवेज मैनेजमेंट , 2013

C ) d ) मॉडल बिल्डिंग. उपनियम , 2016 और अन्य लागू बिल्डिंग कोड

e) मैनुअल स्कैवेंजर्स ( हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम , 2013

f) IS Code 2470 Part I & II , 1985 ( Reaffirmed 1996 ) Code of Practice for Installation of Septic Tanks ( सेप्टिक टैंक की स्थापना के लिए अभ्यास संहिता)

g ) केंद्रीय कानून , नियम और विनियम ( पर्यावरण संरक्षण अधिनियम , 1986)

h ) जल ( प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम , 1974

i ) उत्तराखंड के समस्त राज्य कानून पानी और स्वच्छंता से संबंधित

3. विषय क्षेत्र

यह उपनियम नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल ) की प्रशासनिक सीमा के भीतर FSSM में लगे सभी हितधारकों के लिए लागू है ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( ओ. एस. एस) ( OSS ) के स्वामी और उपयोगकर्ता , डीस्लजिंग और सेप्टज ट्रांसपोर्टेशन आपरेटर , सेप्टेज उपचार और निपटान के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियां , शहरी स्थानीय निकाय , सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( एस . एम.सी) समेत।

यह उपनियम नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) में स्थित सभी भवनों पर लागू होंगे चाहे सार्वजनिक या निजी , आवासीय , वाणिज्यिक , संस्थागत , औद्योगिक , प्रस्तावित , नियोजित या मौजूदा।

490

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

4. सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( एस . एम.सी ) ( SMC )

[भाग 8

उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 अनुसार नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल ) एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( SMC ) का गठन करेगा जिन में निम्नलिखित सदस्य रहेंगे:

S.No.

पद 1.

सब-डिविजनलमजिस्ट्रेट ( SDM ) , लालकुआँ 2.

सदस्य

अध्यक्ष

सदस्य सचिव

अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल)

3.

सदस्य

उत्तराखंड जल संस्थान के प्रतिनिधि (A.E. के पढ़ से नीचे नहीं)

4.

सदस्य

उत्तराखंड पेयजल निगम के प्रतिनिधि (A.E. के पद से नीचे नहीं)

5.

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि 6.

स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि सदस्य

सदस्य

अन्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जा सकता है जो SMCको तकनीकी सलाह प्रदान कर

7.

सके सदस्य

नगर पंचायत लालकुओं और SMC इस अधिनियम का अंनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा इसके अंर्तगत संचालन की निगरानी करेंगे और ( non-complying actors ) पर पेनल्टी लगा सकते हैं। इन उपनियमों में निर्धारित कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए SMC की बैठक समय - समय पर आहूत की जाएगी। अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल) , जो सदस्य सचिव हैं, SMC की बैठक बुलाएँगे।

SMC की निगरानी जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति ( Monitoring Committee ) द्वारा की जाएगी , जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल , 2017 में उल्लिखित है ।

5. ऑन साइट सैनिटेशन सिस्टम ( ओ . एस. एस) ( oss ) का निर्माण और रखरखाव

यह खंड ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) (जैसे कि सेप्टिक टैंक , गड्ढे , बायो- डाइजेस्टर आदि ) के निर्माण और रखरखाव में विभिन्न हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की रूपरेखा देता है।

5.1. नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल ) में स्थित घरों , वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के स्वामी के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ:

सेप्टिक टैंक/OSS का डिजाइन और निर्माण 5.1.1.

स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके परिसर के शौचालयों में सोख गड्ढे के साथ सेप्टिक टैंक ( septic tank with soak pit ) या अन्य OSs का ठीक से निर्माण किया गया है, जैसा कि IS Code 2470 भाग I & II , 1985 ( Reaffirmed 1996 ) और CPHEEO मैनुअल , 2013 में उल्लिखित है। ( देखें अनुबंध G ) स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS का समुचित कार्य हो रहा है ताकि मल या अपशिष्ट का स्राव , रिसना, रिसाव या अन्यथा बचने से पर्यावरण में कोई प्रदूषण न हो। इसके लिए oss की समय- समय पर मरम्मत का काम ( repair or retrofitting ) मालिक द्वारा किया जाएगा।

स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि oss में छत का पानी , सतह पानी , रन- ऑफ ( run- off ) या बारिश का पानी प्रवेश नहीं करेगा।

स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे. कि OSS से अपशिष्टों ( effluents ) का सुरक्षित निपटान सोख गड्डों या सीवर नेटवर्क के माध्यम से किया जाए।

5.1.2 . oss का खाली कराना ( डीस्लजिंग ) ( desludging )

स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि oss को नियमित रूप से खाली कराएँ ( दो वर्ष छः माह में कम से कम एक बार या टैंक दो- तिहाई भरा हो , जो भी पहले हो ) ।

स्वामी नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) को सूचित करेंगे जब सेप्टिक टैंक या containment unit की सफाई करनी है।

जहाँ स्वामी निजी डीस्लजिंग ऑपरेटर की सेवाएँ ले रहे हैं, वे केवल उन ऑपरेटरों की सेवा लेंगें जिन के पास FSSM सेवाएँ प्रदान करने के लिए नगर पंचायत लालकुओं द्वारा जारी परमिट या लाइसेंस है।

491 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

5.1.3 . उपभोक्ता शुल्क का भुगतान

स्वामी, नगर पंचायत लालकुओं या लाइसेंस युक्त निजी ऑपरेटरों द्वारा FSSM सेवाओं के लिए उपभोक्ता शुल्क का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित करेंगे , जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है,और बाद‌ में नगर पंचायत लालकुओं द्वारा अधिसूचित किया गया है।

5.2. नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) के कर्तव्य एवं ज़िम्मेदारियाँ

5.2.1. नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) में स्थित सभी oss ( septic tank , pits , biodigester etc ) की रजिस्ट्री

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) अपने अधिकार क्षेत्र में निर्मित सभी oss के एक रजिस्टर बनाए रखेगा , जिसमें सभी विवरण होंगे जैसे कि स्वामी का नाम , GPS स्थान , OSS का प्रकार , आकार और स्थिति , खाली करने की आवृत्ति आदि जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है। इसके लिए नगर पंचायत लालकुओं सर्वेक्षण या अन्य तरीकों का उपयोग कर सकता है।

सभी नए निर्माणों को शामिल करने के लिए oss की रजिस्ट्री को अपडेट किया जाएगा ।

5.2.2. oss का उचित निर्माण और डिजाइन सुनिश्चित करना

नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल ) अपने अधिकार क्षेत्र में पंजीकृत नए निर्माणों को केवल तभी अनुमोदित करेगा जब OSS का निर्माण IS Code 2470 भाग I और II और CPHEEO मैनुअल में निर्धारित मानकों के अनुसार है। यदि उल्लंघन हैं, तो. नगर पंचायत लालकुओं. दोषपूर्ण निर्माण के मालिकों को नोटिस जारी करेगा ।

नगर पंचायत लालकुआँ, जहाँ संभव हो , oss को डिजाइन विनिर्देशों के अनुरूप में लाने के लिए रेट्रोफिटिंग ( retrofitting ) के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

5.3 .

SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ

SMC नगर पंचायत लालकुओं को समय - समय पर निगरानी करने के लिए निर्देशित करेगा यह सुनिश्चित करने के लिए कि OSS का उचित रखरखाव हो ।

SMC समय- समय पर FSSM से संबंधित सभी गतिविधियों की निगरानी करेगा जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है।

6. मल और सेप्टेज का खाली करवाना और ' परिवहन

यह खंड हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है ताकि नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल) में स्थित OSS रोकथाम इकाइयों ( containment units ) से मल और सेप्टेज ( FSS ) का उचित संग्रह/ खाली कर न हो सके तथा उपचार और सुरक्षित निपटान/पुनः उपयोग के लिए , इसका निर्धारित साइटों ( designated sites / treatment facility) तक सुरक्षित परिवहन हो सके।

6.1. FSS के संग्रह और परिवहन में नगर पंचायत लालकुओं के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ

6.1.1. डीस्लजिंग ( Desludging ) और सेप्टेज परिवहन वाहनों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) अपने अधिकार क्षेत्र में उचित पंजीकरण/लाइसेंस /परमिट के बिना कोई भी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को काम करने की अनुमति नहीं देगा। इसमें निजी- स्वामित्व के साथ- साथ सरकार के वाहन भी शामिल हैं ( नगर पंचायत लालकुआँ, जल संस्थान आदि) । इसके अलावा यह नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल) के बाहर से आने वाले वाहनों ( दोनों , निजी और सरकारी ) पर भी लागू होता है।

नगर पंचायत लालकुआँ स्लर्जिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों को अपने अधिकार क्षेत्र में संचालित करने के लिए लाइसेंस परसिद प्रदान करेगा । राज्य FSSM प्रोटोकॉल में उल्लिखित और SMC द्वारा अधिसूचित अनिवार्य तकनीकी , प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले ऑपरेटरों को ही लाइसेंस/ परमिट दिए जाएँगे ( अनुबंध B देखें ) ।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) के बाहर से आने वाले ऑपरेटरों को भी ( दोनों, निजी और अन्य ULB , जल संस्थान आदि के स्वामित्व वाले ) अपने उद्भव के ULB ( ULB of origin ) द्वारा लाइसेंस प्राप्त होना आवश्यक है, यदि उन्हें नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) के भीतर संचालन की अनुमति प्राप्त करनी है। नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) ऐसे वाहनों के प्रवेश की एक लॉग- बुक 492

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

(log book) बनाए रखेगा। नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) में इन वाहनों के संचालन की शर्ते SMC द्वारा उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएंगी।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल) यह सुनिश्चित करेगा कि ऑपरेटरों के लाइसेंस समय - समय पर नवीनीकृत किए जाएं जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है। लाइसेंस का नवीनीकरण के लिए अनिवार्य तकनीकी , प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करना आवश्यक है। ( अनुबंध B देखें )

6.1.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों की प्रप्तिकरण और कर्मचारियों की भर्ती

नगर पंचायत लालकुआँ (नैनीताल ) यह सुनिश्चित करेगा कि अपने अधिकार क्षेत्र में FSS के संग्रह और परिवहन के लिए डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पर्याप्त संख्या में हों , या तो नगर पंचायत लालकुआँ खुद वाहन प्राप्त करे या टेंडर आमंत्रित करके निजी ऑपरेटरों का चयन करें।

नगर पंचायत लालकुआँ अपने वाहनों को चलाने के लिए केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही नियुक्त करेगा।

यदि नगर पंचायत लालकुओं द्वारा निजी ऑपरेटरों की सेवाएँ टेंडर के माध्यम से प्राप्त करी जाएँगी तो अनुबंध प्रतिवर्ष नवीनीकृत किया जाएगा। नवीनीकरण सशर्त है ऑपरेटर के निष्पादन पर और उनके स्टेट FSSM प्रोटोकॉल में वर्णित और SMC द्वारा अधिसूचित इन वाहनों के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं का अनुपालन पर ( अनुबंध B देखें ) ।

6.1.3. डीस्लजिंग ऑपरेटरों की निगरानी

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन वाहन , नगर पंचायत लालकुओं से एकत्र किया FSS केवल SMC द्वारा चिन्हित स्थलों ( site ) / उपचार सुविधाओं (treatment facilities ) पर निस्तारण करेंगे ।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन टैंकर GPS सिस्टम से युक्त है जिससे उनकी ट्रैकिंग ( tracking ) , की जा सकती है ।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) FSS के संग्रह, परिवहन और निपटान के लिए जॉब- कार्ड ( job card) पंजीकृत डीस्लजिंग ऑपरेटरों को प्रदान करेगा हर डिसग्लिंग ऑपरेशन को रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए ( फार्मेट के लिये अनुबंध देखें ) । जॉब कार्ड की एक प्रति oss के मालिक को सौंप दी जाएँगी , एक दूसरी प्रति निपटान स्थल पर , और तीसरी प्रति नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल) कार्यालय में जमा की जाएगी। इस जॉब कार्ड पर Oss के मालिक , डीस्लजिंग ऑपरेटर , ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर और नगर पंचायत लालकुओं के नोडल अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।

नगर पंचायत लालकुआँ भुगतान का प्रमाण दिखाने के लिए Oss मालिकों को रसीदें प्रदान करेगा।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) इन विनियमों के उल्लंघन में पाए जाने वाले ऑपरेटरों पर penalty /दंड लगाएगा। ( अनुबंध F देखें )

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) किसी भी ऑपरेटर का लाइसेंस रद्द करेगा जो लाइसेंस नवीनीकृत करने में विफलता करें , या इन नियमों या मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का बार- बार उल्लंघन करे ।

6.1.4. नगर पंचायत लालकुओं की अन्य जिम्मेदारियाँ

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) निम्नलिखित जिम्मेदारियां भी निभाएगा:

अपने अधिकार- क्षेत्र में सामुदायिक / सार्वजनिक शौचालय को निर्दिष्ट अंतराल पर खाली करवाना या जब टैंक दो- तिहाई भरा हुआ हो , जो भी पहले हो ।

नगर पंचायत लालकुआँ सीमा के भीतर स्थित भवनों का सर्वेक्षण और निरीक्षण करना और उन मालिकों या भवनों को नोटिस / जुर्माना जारी करना जो इस अधिनियम के अनुरूप नहीं हैं।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन परमिट के लिए अपनी वेबसाइट पर और प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा ।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) अपनी वेबसाइट और प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर समय - समय पर लाइसेंस प्राप्त / पंजीकृत ऑपरेटरों की सूची को प्रकाशित करेगा।

नगर पंचायत लालकुआँ प्रत्येक डीस्लजिंग ऑपरेशन के बाद घरों से एकत्र किए जाने वाले फीड बैंक फॉर्म प्रदान करेगा ।'

नगर पंचायत्त लालकुआँ App-आधारित / फोन कॉल / SMS आधारित डीस्लजिंग सेवाओं जैसे विकल्पों की खोज कर सकता है , जो नगर पंचायत लालकुओं को वास्तविक समय ( real - time ) के आधार पर 493 भाग 8]

дасть

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

'डेटाबेस को अपडेट करने और उपभोक्ता फीड बैंक ( user feedback ) से अवगत कराने में मदद करे।

अधिनियम की धारा 5.1.2 में वर्णित समय- शेड्यूल्ड डीस्लजिंग ( Scheduled Desludging ) अवधि के अनुसार नगर पंचायत लालकुओं अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित oss को खाली करने के लिए मासिक कार्यक्रम ( monthly schedule ) विकसित कर सकता है ।

6.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों के कर्तव्य एवं ज़िम्मेदारियाँ

6.2.1. परमिट / लाइसेंस के लिए आवेदन और मानकों के अनुपालन

जो भी व्यक्ति नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल ) के अधिकार क्षेत्र में FSS के संग्रह और परिवहन के लिए सेवाएँ प्रदान करना चाहता है, वह नगर पंचायत लालकुओं से अपेक्षित लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा। ( फार्मेट के लिये अनुबंध C1 देखें ।

आवेदन देने से पहले , आवेदक यह सुनिश्चित करेगा कि उन के वाहन डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिये SMC द्वारा अधिसूचित तकनीकी , प्रशासनिक , सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं । इस में यह सुनिश्चित करना शामिल होगा कि टैंकर पानी तंग और रिसाव- प्रूफ ( water- tight and leak - proof tankers ) हो , और यांत्रिक desludging उपकरण (mechanical desludging equipment ) के साथ युक्त हो ( अनुबंध देखें ) । इसके अतिरिक्त केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही काम पर रखेंगे।

ऑपरेटरों को लाइसेंस के लिये आवेदन के समय , और नवीनीकरण के समय , SMC द्वारा परिभाषित शुल्क का भुगतान करना होगा । ( धारा 6.3.2 देखें )

लाइसेंस प्राप्त/ पंजीकृत ऑपरेटर समय - समय पर अपने लाइसेंस / परमिट के नवीनीकरण के लिए आवेदनं करेंगे जैसा कि SMC द्वारा तय किए गए हों।

6.2.2. संचालन के मानदंडों के अनुपालन

ऑपरेटर SMC द्वारा तय किए गए और नगर पंचायत लालकुआँ द्वारा अधिसूचित किए गए संचालन के सभी मानदंडों का पालन करेगा। ( अनुबंध C2 देखें )

ऑपरेटर नगर पंचायत लालकुओं (नैनीताल ) की सभी निगरानी आवश्यकताओं का अनुपालन करेंगे जैसे कि सेप्टेज संग्रह और परिवहन टैंकरों पर जीपीएस ट्रैकिंग ( GPS tracking ) सक्षम करना।

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनाधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए।

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि सफाई के समय और निपटान के समय के बीच का अंतर 24 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए ।

6.2.3. अधिसूचित दरों के अनुसार फीस का निर्धारण

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे डीस्लजिंग सेवाओं के लिए SMC द्वारा अधिसूचित दरों से अधिक शुल्क OSS मालिकों से नहीं लेंगे ।

6.2.4. दस्तावेजों का रखरखाव

ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेप्टेज संग्रह , परिवहन और निपटान के लिए नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल) द्वारा प्रदांन किए गए जॉब कार्ड ( job card ) OSS के मालिक , ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर/ ऑपरेटर , डीस्लजिंग ऑपरेटर , और नगर पंचायत लालकुओं के अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित होंगे , और प्रतियाँ प्रत्येक को सौंपी जाएँगी । ( फार्मेट के लिये अनुबंध D देखें)

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन पर नगर पंचायत लालकुआँ (नैनीताल ) द्वारा जारी ऑपरेटर लाइसेंस की एक प्रति और मोटर वाहन पंजीकरण (motor vehicle registration ) को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

6.2.5 . श्रमिकों की सुरक्षा और सेप्टेज परिवहन के दौरान सावधानियों का पालन :

लाइसेंस- युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर FSS के केवल यांत्रिक संग्रह (mechanical desludging ) और परिवहन में संलग्न होंगे, और ' मैनुअल स्कैवेंजर्स ( हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 'के सभी नियमों का अनुपालन करेंगे।

ऑपरेटर सभी कर्मचारी को SMC द्वारा निर्धारित अपेक्षित सुरक्षा गियर ( safety gear ) प्रदान करेंगे।

494

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS संग्रह और परिवहन में लगे सभी कर्मचारी पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से हर साल कम से कम एक बार स्वास्थ्य जांच करवाएँ और नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) के रिकॉर्ड में जमा करें।

ऑपरेटर अपने द्वारा नियोजित , सेप्टेज के सफाई , परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित सभी व्यक्तियों का बीमा करेंगे।

सेप्टेज के सफाई , परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति, संपत्ति , वाहन या पर्यावरण को होने वाली किसी भी नुकसान के लिए लाइसेंस- युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर पूरी तरह से उत्तरदायी होंगे। ऑपरेटर ऐसे मामलों में मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे , जैसा कि नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) / अदालत द्वारा अधिसूचित है।

FSS के परिवहन के दौरान आकस्मिक रिसाव की स्थिति में , ऑपरेटर तुरंत उसको नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करेगा , पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेगा , और साफ- सफाई की प्रक्रियाओं को पूरा करेगा। ऑपरेटर 24 घंटे में ' नंगर पंचायत लालकुओं के संबंधित अधिकारियों को रिसाव और उसकी उपचारात्मक कार्रवाई के बारे में सूचित करेंगे । इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले लाइसेंस-युक्त ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

6.3.

SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियों

6.3.1 . सेप्टेज के संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क निर्धारित करना

सेप्टेज संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क डीस्लजिंग संचालन के ओएम की व्यव आवश्यकता ( Operation & Maintenance cost ) पूरा करने के लिए प्रयुक्त होगा । SMC यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता शुल्क न्यूनतम रखा जाए। सभी दरों का निर्धारण हितधारकों के साथ उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ता ( OS3 के स्वामी) पर कोई अनुचित बोझ नहीं है या ऑपरेटरों या नगर पंचायत लालकुओं को कोई अनुचित नुकसान नहीं होगा, और FSSM गतिविधियों को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।

SMC नगर पंचायत लालकुओं को निर्देश दे सकता है कि उपभोक्ता शुल्क को संपत्ति कर ( property tax) में शामिल करें।

SMC यह भी निर्धारित करेगा कि उपयोगकर्ताओं से एकत्र उपयोगकर्ता शुल्क नगर पंचायत लालकुओं (नैनीताल) ( सुविधा शुल्क) , जलसंस्थान ( 0 & M शुल्क) और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर (सेवा शुल्का के बीच कैसे साझा किया जाएगा।

SMC संबंधित हितधारकों की उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से समय- समय पर इन दरों को संशोधित करेगा और उनको सूचित करेंगे।

6.3.2. लाइसेंसिंग शुल्क को निर्धारित करना

लाइसेंस देने के लिए आवेदन के प्रसंस्करण के लिए SMC एक मामूली आवेदन शुल्क निर्धारित करेगा। शुल्क का भुगतान चेक ( cheque ) या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा किया जा सकता है जो अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल ) के नाम पर निम्नानुसार होगाः

डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पंजीकरण शुल्क ( एक वर्ष के लिए ): -

मद

क्रम संख्या

निर्धारित शुल्क/वाहन

प्रारंभिक पंजीकरण शुल्क

अ.

रु 2000.00

रु 1500.00

पंजीकरण के नवीकरण के लिए शुल्क

नोट: -प्रारंभिकं पंजीकरण के पश्चात प्रति वर्ष डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन का पंजीकरण नवीनीकरण करवाना आवश्यक होगा अन्यथा की दशा मे प्रारंभिक पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।

शुल्क संशोधन के अधीन होंगे ( अवधि और दरें SMC द्वारा तय की जाएँगी ) ( सभी दरें उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से SMC द्वारा तय की जाएँगी और नगर पंचायत लालकुओं द्वारा अधिसूचित की जाएँगी ) ।

495 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

निगरानी की गतिविधियों

6.3.3.

SMC , आवश्यकता के अनुसार , सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिए निष्पादन मानकों ( performance standards ) को जारी करेगा ।

SMC नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) में चलने वाले सेप्टेज परिवहन वाहनों के आवधिक निरीक्षण के लिए जिम्मेदार होगा कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रहे हैं या नहीं।

यदि ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन पाया जाता है, तो SMC नगर पंचायत लालकुओं को सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देगा।

SMC कोई भी ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन के लिए दंड को परिभाषित करेगा । ( अनुबंधा देखें)

6.3.4. शिकायत निवारण

SMC FSSM सेवाओं से संबंधित शिकायतें OSS के मालिकों, डीस्लजिंग ऑपरेटरों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से स्वीकार करेगी। यदि आवश्यक हो , SMC अपीलीय निकाय ( Appellate Body ) या शिकायत निवारण क्रियाविधि ( Grievance Redressal Mechanism ) बना सकते हैं।

7. मल और सेप्टेज ( FSS ) का उपचार और पुनः उपयोग/निपटान

7.1. SMC के कर्तव्य औय ज़िम्मेदारियाँ :

7.1.1. उपचार और निपटान स्थल को चिन्हित करना

SMC नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल) से 20-25 कि.मी. के भीतर लाइसेंसधारी सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों द्वारा FSS के निपटान के लिए स्थान / उपचार केन्द्र को चिन्हित करेगा और उसको अधिसूचित करेगा ।

CPHEEO कीDraft Advisory on Land Application of Faecal Sludge , 2020 में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार , जहां उपचार की सुविधा ( STP/ FSTP) उपलब्ध नहीं है तथा अस्थायी उपाय के रूप में, SMC FSS की वैज्ञानिक लैंड एप्लिकेशन ( scientific land application ) को अधिसूचित कर सकती है।

7.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल) से एकत्र किया गया FSS , केवल SMC द्वारा अधिसूचित साइट या उपचार केन्द्र में निपटाया जाएगा।

डीस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट युक्त PSS ( FSS containing industrial waste) का परिवहन या तिप्पटान नहीं किया जाएगा।

7.3. उपचार केन्द्र एजेंसी के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ :

उपचार केन्द्र ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर के पास नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) द्वारा जारी वैध लाइसेंस या परमिट है।

उपचार केन्द्र के प्रबंधक ( plant manager ) नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) द्वारा जारी किए गए FSS के संग्रह, परिवहन और निपटान के रिकॉर्ड ( job card ) पर हस्ताक्षर करेंगे जो निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा उत्पादित किया जाएगा।

उपचार केन्द्र के संचालक FSS के निपटान के लिए टिपिंग शुल्क ( tipping fee ) के लिए रसीद प्रदान करेंगे।

उपचार केन्द्र सेप्टेज के उपचार के लिए उपयुक्त तकनीक अपनाएगी। इसके अलावा , उपचार के बाद निस्तारण किया स्लज और अपशिष्ट जल ( sludge and wastewater ) को केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी मानदंडों का पालन करना चाहिए। समय - समय पर उपचारित अपशिष्टों का परीक्षण करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे डिस्चार्ज मानकों ( discharge criteria ) के अनुरूप है ।

उपचार केन्द्र अंतिम उत्पाद ( उपचारित अपशिष्ट जल और स्लज सहित) का अधिकतम पुनः उपयोग, मानकों और मानदंडों के अनुसार , सुनिश्चित करेगा। उपचारित अपशिष्ट जल का उद्योगों , बिजली संयंत्र , सिंचाई और बागवानी उद्देश्य से पुनः उपयोग किया जाएगा । उपचारित अपशिष्ट जल को विभिन्न पुनः उपयोग आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद ही नदी जल में डाला जाएगा।

FSS के निपटान के लिए असाधारण परिस्थितियाँ : यदि उपचार केन्द्र के अधिक भार (overloading ) या FSS की अवांछनीय गुणवत्ता ( undesirable quality) के कारण उपचार 496

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

केन्द्र FSS को स्वीकार करने में असमर्थ है , उपचार केन्द्र संचालक को सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को अस्वीकृति का कारण लिखित में देना होगा संबंधित कर्मियों के हस्ताक्षर के साथ। इस स्थिति में , सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर द्वारा सेप्टेज को SMC द्वारा निर्दिष्ट अन्य स्थान पर निपटान करना होगा।

7.4. नगर पंचायत लालकुओं के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ :

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) उत्तराखंड पेयजल निगम , उत्तराखंड जल संस्थान और उत्तराखंड सरकार द्वारा निर्देशित किसी अन्य एजेंसी की सहायता से , मौजूदा या आगामी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPS) में फीकल स्लज और सेप्टेज के सह- उपचार ( co -treatment ) की क्षमता की पहचान कर सकते हैं , और वैज्ञानिक तरीके से STP परिसर में सेप्टेज के उपचार और निपटान के लिए आवश्यक आधारिक संरचना तैयार कर सकते हैं।

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) उपचारित FSS के पुनः उपयोग की संभावनाओं का पता लगाएगा। खाद के रूप में फिर से उपयोग के लिए , इसे किसानों को मुफ्त में वितरित किया जाएगा।

8. IEC गतिविधियाँ

नगर पंचायत लालकुओं FSSM के बारे में विभिन्न हितधारकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिये समय - समय पर निम्नलिखित IEC और क्षमता निर्माण ( capacity building ) गतिविधियों का कार्य करेगाः

OSS मालिकों, राजमिस्त्री आदि को वैज्ञानिक रूप से Oss का डिजाइन , निर्माण तकनीक , इसके आकार आदि के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए IEC को बढ़ावा देना।

FSSM में लगे कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना।

सीवरों और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए SOP ( MOHUA 2018 ) के आधार पर सभी डीस्लजिंग ऑपरेटरों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान करना।

भाग 2 : अनुबंध (Annexures )

I. अनुबंध A1 परिभाषाएं

सेप्टेज प्रबंधन में मूल परिभाषा के लिए निम्नलिखित व्याख्याएं प्रदान की गई हैं:

फीकल स्लज यह गड्ढे शौचालय , सेप्टिक टैंक , एका प्राइवेट और ड्राई टॉयलेट जैसे ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के तल पर जमा हुआ पदार्थ हैं , जो कच्चा है या आंशिक रूप से पचा हुआ है, और घोल या अर्धनिर्मित रूप में होता है ।

सेप्टेज सेप्टिक टैंक , से सपूल , या इस तरह के ऑनसाइट उपचार सुविधा से पंप की जाने वाली तरल और ठोस ( मैल , स्लज और ग्रीस) पदार्थ जब यह संमय के साथ जमा हो जाता है। इसमें कई रोग पैदा करने वाले जीव के साथ ग्रीस , ग्रिट , बाल और मलबे के संदूषण होते हैं ।

एफ्लुएंट (effluent ) सेप्टिक टैंक से सतह पर तैरने वाला तरल निर्वहना इसे नालियों और सीवरों के नेटवर्क में एकंत्र किया जा सकता है और उचित रूप से डिजाइन किए गए उपचार केन्द्र में उपचार किया जा सकता है ।

ऑन साइटसैनिटेशन सिस्टम (OSS) स्वच्छता प्रणाली जहां मल और अपशिष्ट जल एकत्र किया जाता है और उसी स्थान पर संग्रहीत या उपचारित किया जाता है। गड्ढे शौचालय और सेप्टिक टैंक इसके उदाहरण हैं ।

सेप्टिक टैंक एक भूमिगत टैंक जो अपशिष्ट जल का उपचार ठोस पदार्थों के अवसादन ( sedimentation ) और अवायवीय पाचन ( anaerobic digestion ) के माध्यम से करता है। अपशिष्ट को सोखता गड्डों या छोटे बोर के सीवरों में डाला जा सकता है। सेप्टिक टैंक के तल पर जमा होने वाले स्लज को समय समय पर खाली करने और उपचारित करने की आवश्यकता होती है ( जब यह निर्धारित गहराई तक पहुंच जाता है या निश्चित डीस्लजिंग आवृति ( desludging frequency ) पर ) ।

डीस्लजिंग (Desludging ) सेप्टिक / इम्हॉफ टैंक , इंटरसेप्टर टैंक या अवसादन टैंक जैसे उपचार टैंकों से स्लज/कीचड़ या जमा हुए ठोस पदार्थ को "निकालना ।

497 भाग 8]

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सीवेज शौचालय से निर्वहन किया गया अपशिष्ट जल जिस में मानव शरीर के अपशिष्ट पदार्थ ( मल और मूत्र आदि) , भंग या असंगत , होते हैं। सेप्टिक टैंक या इस तरह की किसी भी सुविधा से निकलने वाली अपशिष्ट भी सीवेज है ।

सीवरेज सिस्टम सीवेज के संग्रह के लिए भूमिगत नाली को सीवर कहा जाता है। सीवरेज सिस्टम सीवर के नेटवर्क को कहलाता है जो प्रत्येक संपत्ति से उत्पन्न सीवेज को सीवेज पम्पिंग स्टेशन तक ले जाता है, जहां से इसे उपचार के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पंप किया जाएगा ।

उपचार ( treatment ) यह निर्दिष्टं सुविधाओं में सेप्टेज के आगे के प्रसंस्करण को संदर्भित करता है जिस्से इस का पुनः उपयोग या सुरक्षित निपटान हो सकता है ।

सह-उपचार (co - treatment ) STP पर फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS ) का सह- उपचार एक उपचार प्रक्रिया है जिसमें STP FSS को प्राप्त करता है, इसका पूर्व उपचार करता है , और उचित प्रक्रिया इकाइयों (process units ) में वितरित करता है।

डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन (Septage Transportation Vehicles ) वैक्यूम पंपों से युक्त वाटर -टाइट , लीक- प्रूफ टैंकर जो OSS से FSS के सुरक्षित संग्रह , इसके सुरक्षित परिवहन और निर्दिष्ट सेप्टेज उपचार सुविधाओं में इसके निपटान के लिए उपयोग किया जाता है ।

सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (एस. एम.सी) (SMC) नगर पंचायत लालकुआँ स्तरपर FSSM गतिविधियों की निगरानी के लिए गठित निकाय जिसमें सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ( SDM ) , अधिशासी अधिकारी , उत्तराखंड जल संस्थान , उत्तराखंड पेयजल निगम , राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और अन्य तकनीकी सलाहकार शामिल हैं

II . अनुबंध A2 लघुरूप

FSSM Faecal Sludge and Septage Management

FSTP Faecal Sludge Treatment Plant

OSS Onsite Sanitation Systems

SMC Septage Management Cell

FSS Faecal Sludge and Septage STP Sewage Treatment Plant

ULB Urban Local Body 498

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III. अनुबंध B डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को लाइसेंस प्रदान करने के लिए नियम और शर्तें (तकनीकी, प्रशासनिक , सुरक्षा और अन्य आवश्यकताएं ):

सभी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन परिचालक , निजी यां नगर पंचायत लालकुओं के स्वामित्व वाले , 'सेप्टेज कैं सुरक्षित संग्रहण और परिवहन के लिए निम्नलिखित नियम और शर्तों को पूरा करेंगे । ये शर्तें नगर पंचायत लालकुओं द्वारा डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अनिवार्य हैं। इन प्रावधानों का उल्लंघन लाइसेंस रद्द करने के लिए उत्तरदायी होगा और उल्लंघन करने वाला ऑपरेटर निर्धारित दंड का भुगतान करने के लिए भी उत्तरदायी होगा।

डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्रदान करने के लिए अनिवार्य शर्तें

तकनीकी आवश्यकताएं

हाँ नही OSS और मैनहोल का पता लगाने और मैनहोल खोलने के लिए बेलचा , pry बार, स्क्रू ड्राइवर्स और अन्य हाथ उपकरण

FSS पंचिंग और OSS में पानी मिलाने के लिए होज़ ( Hose )

टैंकर रिसाव- प्रूफ, गंध- प्रूफ और स्पिल प्रूफ ( leak- proof , odour -proof and spill - proof ) है और उचित सक्शन और डिस्चार्ज उपकरण से युक्त है।

टैंकर नगर पंचायत लालकुओं द्वारा ट्रैकिंग और निगरानी क्रेः लिए GPS से युक्त है ।

किसी भी औद्योगिक अपशिष्ट ( industrial waste ) के परिवहन के लिए टैंकर का उपयोग नहीं किया जाता है ।

प्रशासनिक आवश्यकताएँ

हाँ नही वाहन के पास मोटर वाहन विभाग से पंजीकरण प्रमाण पत्र है ।

वाहन के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वैध प्रमाण पत्र है ।

वाहन के सभी नामित ड्राइवरों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हैं ।

डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिए नियुक्त सभी कर्मचारियों के पास पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र ( health certificate ) हैं ।

डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन को नीला रंग दिया गया है जिस पर सफेद रंग में 'SEPTIC TANK WASTE ' अंग्रेजी में और 'मल कुंड अपशिष्ट' हिंदी में लिखा है और स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है ।

हाँ

सुरक्षा आवश्यकताएँ

नही सभी कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों ( personal protective gear ) से लैस हैं जैसे कि हार्ड हैट ( hard hat ) और कपड़े जो परावर्तक और रासायनिक स्प्लैश प्रतिरोधक ( reflective and chemical splash resistant ) है ।

फेसमास्क/ रेस्पिरेटर जो धूल, धुएं, सूक्ष्म जीवों आदि से बचाता है ।

सुरक्षात्मक हाथ दस्ताने, जूते और सुरक्षा चश्मे ( glove , boot , safety goggles ) |

आपातकालीन प्राथमिक चिकित्साकिट ( first aid kit ) I

डिसइंफेक्टेंट और स्पिल्ड सामग्रियों को इकट्ठा करने और साफ करने के लिए बैग ।

अन्य सुरक्षा गियर जो लागू है ।

अन्य आवश्यकताएं

हाँ

नंही सभी कर्मचारियों / श्रमिकों को समय -समय पर प्रशिक्षण ( वर्ष में कम से कम एक बार) प्रदान किया जाना है (उपकरण के उचित उपयोग , स्लज के सुरक्षित संग्रह, पूरिवहन और निपटान का संचालन , और प्राथमिक चिकित्सा पर ) ।

सरकारी अस्पताल में कर्मचारियों की आवधिक स्वास्थ्य जांच ( वर्ष में कम से कम एक बार) की गई है और सेप्टेज के संग्रह, परिवहन और निपटान में लगे सभी कर्मचारियों के फिटनेस प्रमाण पत्र ( fitness certificate) प्रस्तुत की गई ।

IV . अनुबंधC1 आवेदन पत्र नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल ) में सेप्टेज संग्रह , परिवहन और निपटान की लाइसेंस के लिए भाग 8]

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उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई ० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

Application form for Licenseto Collect, Transport ajad Dispose FSS in Name Of ULB

Name( s) of the applicant (Mr./Ms . ) :

2 Nationality: ( Indian/ Other) :

3 Address of correspondence:

Address ofHead Office or Registered Office:

5 Contact No .:

(0):

6 Email ID:

7

SelfAttested Recent PassportSizePhotograph

(M) :

Details of Vehicles

Model No.

Type of Vehicle

Registration noof Vehicles

GPS Details

Insurance ValidUpto

Tank Capacity (ltres)

8 Fitness Certificate of Vehicles Valid Upto:

(0)

9 List of attached documents ( self attested):

Identity Proof

Pollution certificates

Fitness Certificate

Pollution Certificate validUpto

( iv)

Registration certificates

Address Proof

Driving License

सेप्टेज परिवहन वाहन का मालिक नोटरी कृत रु .10 ई - स्टांप पर अपने कर्मचारियों की संख्या तथा उनके नाम , पिता का नाम, पता और शैक्षिक योग्यता का विवरण , उनके ड्राइविंग लाइसेंस के प्रति के साथ देंगे ।

के माध्यम से किया गया है।

दिनांक:

पंजीकरण शुल्क का भुगतान CASH / D.D.No. बैंक का नाम:

मैं / हम इस बात को प्रमाणित करते हैं कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान में यथार्थ है।मैं, यह भी. प्रमाणित करता हूं कि मैंने 'फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ. एस . एस. एम) उपनियम नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) , 2021' पढ़ा और समझा है। मैं सहमत हूं कि यदि मेरे द्वारा दी गई कोई भी जानकारी गलत पाई गई तो लाइसेंस के लिए प्रस्तुत किया गया मेरा/ हमारा आवेदन किसी भी समय रद्द किया जा सकता है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी मेरी /हमारी होगी।

दिनांक:

संलग्न दस्तावेज की संख्याः

आवेदकों के हस्ताक्षरः 500

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

V. अनुबंध C2 / पंजीकरण नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) द्वारा जारी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिये लाइसेंस

ULB LOGO

Municipal Corporation / Municipality / Town Panchayat of

Name of ULB

LICENSE

In accordance with all the terms and conditions of the By- laws/ Regulations and any amendments made there under, Municipalities act rules , the special lisence conditions accompanying this lisence and applicable rules and laws of Government of Uttarakhand, the permission is hereby granted to:

License Holder's Name:

Address of Head/Regd

Office:

Photo

For the collection , transportation and disposal (at designated sites/ STPs ) of faecal sludge and septage from onsite containments In Nashe of ULB

LisenceNo.:

Issuing Authority:

Effective Date:

Valid upto:

Details of Vehicle:

This license shall be subject to the compliance by the license holder of the conditions stated overleaf.

Signature and Seal of Issuing Authority भाग 8]

501 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

संचालन के नियम और शर्तें -

1. लाइसेंसधारी 'फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ . एस . एस . एम ) उपनियम नगर पंचायत लालकुओं (नैनीताल ) , 2021' के प्रावधानों का अनुपालन करेगा ।

2. लाइसेंसधारी सभी गतिविधियों को इस तरह निष्पादित करेगा ताकि नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल) / SMC द्वारा जारी किए गए मानकों को प्राप्त कर सकें ।

3. लाइसेंसधारी सभी स्थानीय विधानों का अनुपालन करेगा , जो इस लाइसेंस के तहत की जा रही गतिविधियों के लिए समय- समय पर लागू हो सकते हैं ।

4. लाइसेंसधारी निर्दिष्ट वाहनों को अच्छी और व्यावहारिक स्थिति में बनाए रखेगा ताकि किसी भी दुर्घटना को रोका जा सके।

5. लाइसेंसधारी केवल प्रशिक्षित कर्मियों को नियुक्त करेगा और ऐसे सभी कर्मियों को सुरक्षात्मक गियर प्रदान करेगा। कर्मियों को एक ऑनसाइट रोकथाम इकाई ( onsite containment unit ) में प्रवेश करने और मैन्युअल स्कैवेंजिंग करने से प्रतिबंधित किया जाएगा । असाधारण स्थितियों में , यह केवल अपेक्षित सावधानियों, सुरक्षा उपकरणों और नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) की अनुमति के साथ किया जा सकता है ।

6. यह लाइसेंस किसी भी अन्य सामग्री या तरल पदार्थ या किसी भी प्रकार के औद्योगिक अपशिष्ट के संग्रह और परिवहन के लिए मान्य नहीं है ।

7. नगर पंचायत लालकुआँ ।इस्सुइंग अथॉरिटी / SMC इस लाइसेंस की शर्तों को बदलने या इस लाइसेंस की वैधता के दौरान समय - समय पर आगे की शर्तों को लागू करने का अधिकार रखता है ।

8. लाइसेंसधारी ऑपरेटर को नगर पंचायत लालकुओं द्वारा निर्देशित सेप्टेज के संग्रह , परिवहन और निपटान की पर्याप्त और सही रिकॉर्ड बनाए रखना है ।

9. लाइसेंसधारी नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) की सभी निगरानी आवश्यकताओं का पालन करेंगे जैसे कि टैंकरों की जीपीएस ट्रैकिंग ( GPS Tracking ) स्थापित करना। उसके एक्सेस राइट्स ( access rights) अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लालकुओं ( नैनीताल) या नगर पंचायत लालकुओं द्वारा अधिसूचित एजेंसी को दिए जाएंगे ताकि वाहन को ट्रैक ( track ) किया जा सके ।

10. लाइसेंसधारी यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को केवल उन उपचार स्थलों पर ही ले जाया जाएगा जो नगर पंचायत लालकुओं / SMC द्वारा निर्दिष्ट हैं

11. FSS का परिवहन , सुरक्षा और दक्षता के लिए और व्यस्त सड़कों और पीक ट्रैफिक से बचने के लिए , पूर्व- निर्धारित मार्गों द्वारा किया जाएगा।

12. लाइसेंसधारी ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए।

13. लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त गतिविधियों के लिए इन उपनियमो के अंतर्गत भाग -2 के बिंदु VI (अनुबंध- D) के अनुसार शुल्क लगाएगा।

502

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन09, 1944 शक सम्वत्)

VI. अनुबंध D नगर पंचायत लालकुआँ (नैनीताल ) में FSS के संग्रह , परिवहन और निपटान का रिकॉर्ड:

नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) में फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS ) के संग्रह , परिवहन, और निपटान का रिकॉर्ड

समयः

दिनांकः

1. ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS) के स्वामी का विवरण

पता:

नामः

स्थापना का प्रकार:

संपर्क नंबरः

2. OSS सिस्टम का विवरण

पिछली डी स्लजिंग (दिनांक):

निर्माण का वर्षः

यदि हाँ, तो इस से जुड़ाः

आउटलेट(outlet ) मौजूद है (हां / नहीं):

दीवारें:

परत(हां / नहीं):

कन्टेन्मेंट ( containment ) का आकार:

तलः

प्रत्येक वाफिल वाल ( baffle wall ) में छिद्र की संख्या:

कक्षों की संख्याः

गहराई:

चौड़ाई:

लंबाई:

आयाम(मीटरमें)

व्यासः

गहराईः

देशांतर(Longitude) :

GPSको ऑर्डिनेट

अक्षांश( Latitude):

संपत्ति के भीतर कन्टेन्मेंट का स्थानः

3. डीस्लजिंग ( Desludging)

डीस्लजिंग में समय (घंटे में):

FSS की मात्रा (क्यूबिक मीटर में) :

आने-जाने में समय (घंटे में):

यात्रा की लंबाई (कि. मी. में):

4. डीस्लजिंग सेवा प्रदाता का विवरण

नगर पंचायत लालकुआँलाइसेंस नंबरः ऑपरेटर का नामः

वाहन पंजीकरण नंबरः

5. हस्ताक्षर

OSS स्वामीः

ऑपरेटरः

ड्यूटी पर कर्मचारीः

6. निर्दिष्ट साइट/ उपचार केंद्र पर निपटांन

FSSकी मात्रा (क्यूबिक मीटर में):

समय(hh:mm):

STP/ FSTP ऑपरेटर का नामः

सेप्टेज परिवहन कर्मचारियों का नामः

7. हस्ताक्षर

STP/FSTP ऑपरेटर:

वाहन मालिकः

नगर पंचायत लालकुआँ अधिकारीः

ड्यूटी पर सेप्टेज परिवहन कर्मचारी:

503

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन09, 1944 शक सम्वत्)

भाग 8]

 VII .  अनुबंध - नगर पंचायत लालकुआँ ( नैनीताल ) में डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन सेवाओं के लिये उपभोक्ता शुल्क
        की सूची
   No                                                        रुपये में शुल्क (प्रति चक्कर सेप्टिक टैंक को खाली करने
                                                                 3000 लीटर तक)             के लिए अंतराल
 1.      Kucchahouse/Hut                                             1000
 2.      Allother house(Pucca House)                                 3500
 3.      Shop                                                        3000
 4.      Allgovt./Privateoffices                                     3500
 5.      Bank                                                        3500
 6.      CommunityToilet/Public Toilet                               3000
 7.      Restaurant                                                  3000
 8.      Hotel/Guest House 01 to 10 Rooms                            3500
 9.      Hotel Guest House 11 to 20 Rooms                            4000
 10.     Hotel/Guest House above 20 Rooms                            5000
11.      Dharamshala 01 to 25 Rooms                                  3500
 12.     Dharamshala above 25 Rooms                                  5000
13.      3-StarHotel                                                 4000
 14.     5-StarHotel                                                 5000
15.      Govt. school/college ( up to 1000 students)                 3000
16.      Govt.school/college ( above 1000 students)                  3500
17.      Privateschool/ college ( up to 1000 students)               3000
18.      Privateschool/college ( up to 1000 students)                3500
19.      2-wheelervehicle showroom:                                  3000            दो वर्ष 6 माह में कम से कम
20.      4-wheelervehicle showroom                                   3500             एक बार या टैंक दो-तिहाई
21.      Multiplex                                                   3500              भरा हो , जो भी पहले हो।
22.      Hostel 01 to 10 Rooms                                       3000
23.      Hostel 11 to 20 Rooms                                       3500
24.      Hostel 21 to 50 Rooms                                       4000
25.      Hostelabove50 Rooms                                         5000
26.      Marriagehall/Banquet hall                                   4000
27.      Bar                                                         3500
28.      Govt.Hospital(upto 20 Beds)                                 3000
29.      Govt.Hospital( above 20 Beds)                               3500
30.      Nursing home/Clinic ( upto 20 Beds)                         3000
31.      Nursinghome/Clinic ( above 20 Beds)                         3500
32.      Pathological lab                                            3000
33.      PrivateHospital upto 20beds                                 3500
34.      PrivateHospital21-50beds                                   4000
35.      PrivateHospital above 50 beds                               5000
36.      Ricemill/Othermill                                         3500
37.     AnyIndustry in SIDCUL Area                                  4000
38.     AnyIndustry outside SIDCUL Area                             3500
39.      ANY OTHER TYPE                                             3500

504

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

V! अनुबंध F - Fines and Penalty¹

S.No.

प्रकार

1.

नाली/ सड़क / खुले क्षेत्र में अपशिष्ट जल का सीधा या असुरक्षित निर्वहन

दूसरी बार उल्लंघन

1.1.

तीसरी बार उल्लंघन और आगे

1.2.

2. OSS का अवैज्ञानिक डिजाइन और निर्माण

2.1. दूसरी बार उल्लंघन

2.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे

3.

[भाग 8

सांकेतिक जुर्माना ( Rs . में )

कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई

1000

2000

5000

1000

2000

5000

1000

बिना ULB से पंजीकरण के डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों का संचालन

3.1. दूसरी बार उल्लंघन

तीसरी बार उल्लंघन और आगे

3.2.

4.

5000

वाहन का पंजीकरण निरस्त करने हेतु आर ० टी० ओ ० को संस्तुति/ 3 माहके लिए परमिट निरस्त करना

2000

ट्रैफ़िक नियमों में अनुशंसित वैध प्रमाणीकरण के बिना डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों का संचालन

4.1. दूसरी बार उल्लंघन

4.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे

5. आकस्मिकरिसाव कोनियंत्रित करने में गैर-अनुपालन

दूसरी बार उल्लंघन

5.1.

तीसरी बार उल्लंघन और आगे

5.2.

6. FSTP/STP से अनुपचारित FSS का निर्वहन

6.1. दूसरी बार उल्लंघन

7.

3000

5000

1000

2000

5000

3000

5000

3500

(ULB / SMC ) द्वारा सूचित किए गए स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर अनुपचारित FSS का निर्वहन

दूसरी बार उल्लंघन

7.1.

तीसरी बार उल्लंघन और आगे

7.2.

5000

सम्बंधित डिस्लजिंग और सेप्टेज वाहन का पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा 505 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

1. अनुबंध G- ऑनसाइट स्वच्छता रोकथाम इकाई ( Onsite Sanitation Containment Unit ) का निर्माण विवरण

यह अनुबंध एक साधारण सेप्टिक टैंक के डिजाइन और निर्माण के विवरण की समझ देना है देता है, जो कि फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM) में उपयोग किए जाने वाले कई प्रकार के ऑनसाइट स्वच्छता रोकथाम इकाई में से एक है।

यहां दिए गए विवरण गृह और शहरी मामलों के मंत्रालय , भारत सरकार ( MOHUA ) और केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण इंजीनियरिंग संगठन ( CPHEEO ) द्वारा "मैनुअल ऑन सीवरेज एंड सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम्स ", 2013 से तैयार किए गए हैं (http://cpheeo.gov.in/cms/manual-on-sewerage-and-sewage-treatment.php )

इस मैनुअल के भाग A अध्याय 9 का शीर्षक 'ऑन-साइट सैनिटेशन' सेप्टिक टैंक के निर्माण, संचालन और रखरखाव के विवरण के लिए संदर्भित किया जा सकता है।

(http://cpheeo.gov.in/upload/uploadfiles/files/engineering chapter9.pdf)

i. सेप्टिक टैंक क्याहै ?

सेप्टिक टैंक एक संयुक्त अवसादन और पाचन टैंक ( combined sedimentation and digestion tank) है जहां सीवेज एक से दो दिनों के लिए आयोजित किया जाता है। यहां , निलंबित ठोस टैंक के नीचे तक बस जाते हैं और एनारोबिक पाचन से गुजरते हैं। यह स्लंज की मात्रा और जैव-निम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थों में कमी के साथ -साथ कार्बनडाइ ऑक्साइड, मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइङ्ग जैसी गैसों की रिहाई का कारण बनता है।

सेप्टिक टैंक से बहने वाले अपशिष्ट जल आगे के उपचार की आवश्यकता होती है, और एक उचित सीवरेज सिस्टम में निपटान किया जाना चाहिए ।

सेप्टिक टैंक केवल व्यक्तिगत घरों और छोटे समुदायों और संस्थानों के लिए अनुशंसित हैं, जिनकी आबादी 300 से अधिक नहीं है ।

ii. सेप्टिक टैंक का डिजाइन

सेप्टिक टैंक को पर्याप्त मात्रा में डिजाइन किया जाना चाहिए, और उचित इनलेट और आउटलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। वे आमतौर पर आकार में आयताकार होते हैं और या तो एक सिंगल टैंक या एक डबलटैंक हो सकते हैं। जहां डबल टैंक होता है । पहला 'कंपॉर्टमेंट आमतौर पर दूसरे के आकार से दो गुना होता है। तरल की गहराई 1-2मीटर है और लंबाई से चौड़ाई का अनुपात 2-3 से 1. है (चित्र A1 देखें)

सेप्टिक टैंक का मुख्य उद्देश्य यह है कि टॉयलेट अपशिष्ट का ठोस हिस्सा तल पर बस जाए और सतह पर मैल ( scum) जमा हो जाए। इन दो परतों ( स्लज और मैल , sludge and scum ) के बीच पर्याप्त अंतर होना चाहिए ताकि केवल सीवेज बहता है। इसलिए, सेप्टिक टैंक को टॉयलेट अपशिष्ट के लिए स्थिर स्थिति ( stilling conditions ) प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया जाना चाहिए ताकि निलंबित ठोस वस्तु ( suspended solids ) को व्यवस्थित किया जा सके।

स्लज और मैल के संचय के लिए आवश्यक मात्रा की गणना करके, टॉयलेट अपशिष्ट सेप्टिक को 24 से 48 घंटे का अवधारण समय के लिए टैंक का डिज़ाइन किया जाना चाहिए।

सेप्टिक टैंक को नियमित रूप से खाली किया जाना चाहिए (1-3 वर्षों में एक बार) ।

व्यक्तिगत घरों (20 उपयोगकर्ताओं तक) और आवास कालोनियों (300 उपयोगकर्ताओं तक) के लिए सेप्टिक टैंकों के अनुशंसित आकार क्रमशः टेबल A- 1 और A- 2 में नीचे दिए गए हैं।

506

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन09,1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

miya

टेबल A-1: 20 उपयोगकर्ताओं तक सेप्टिक टैंक के अनुशंसित आकार

लंबाई (m) उपयोगकर्ताओं की संख्या

1.5

5

2.0 10

2.0 15

2.0 20

नोटः

सफाई अंतराल के संबंध में तरल गहराई (m) चौड़ाई (m)

3साल

2साल

0.75

1.05

1.0

1.40 0.90

1.0

2.00-

1.3.

0.90

1.80

1.3

1.10

a ) यहां सिफारिश की गई क्षमताएं इस धारणा पर हैं कि सेप्टिक टैंक में केवल शौचालय अपशिष्ट का उपचार किया जाएगा। अन्य सभी अपशिष्ट जैसे कि रसोई का कचरा पानी , नहाने का पानी, सिंक से पानी का निकास, आदि को सीधे सीवेज सिस्टम में डाला जाएगा।

b ) सेप्टिक टैंक के डिजाइन में कम से कम 300 मि.मी. ( mm ) का एक फ्रीबोर्ड( freeboard ) शामिल होना चाहिए।

c) सेप्टिक टैंक का आकार IS: 2470 ( part 1) से अनुमानित पीक डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन ' करते समय सटीक गणना की जाएगी।

Table A-2: 300 उपयोगकर्ताओं तक की आवासीय कॉलोनी के लिए सेप्टिक टैंक का अनुशंसित आकार

लंबाई (m) उपयोगकर्ताओं की संख्या

50

5.0 100

7.5 150

10.0

200

12.0 300

15.0

नोटः

सफाई अंतराल के संबंध में तरल गहराई (m) चौड़ाई (m)

2साल

3साल

1.0

2.00

1.24

1.0

1.24 2.65

1.24

1.0

3.00

1.24 3.30

1.0

1.24 4.00

1.0

a ) सेप्टिक टैंक के डिजाइन में कम से कम 300 मि.मी. ( mm) का एक फ्रीबोर्ड ( freeboard ) शामिल होना चाहिए।

b) सेप्टिक टैंक का आकार IS: 2470 ( part 1 )से अनुमानित पीक़ डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन करते समय सटीक गणना की जाएँगी।

c) 100 से अधिक की आबादी के लिए, टैंक को , रखरखाव और सफाई के लिए , स्वतंत्र समानांतर कक्षों में विभाजित किया जा सकता है ।

निर्माण विवरण

सेप्टिक टैंक का निर्माण करते समय निम्नलिखित विवरणों को ध्यान में रखा जाना चाहिए

सेप्टिक टैंकों का निर्माण ईंट के काम, पत्थर की चिनाई या कंक्रीट के इन-सीटू या प्री-कास्ट सामग्रियों से किया जा सकता है। एस्बेस्टस सीमेंट / एच डी पी ई ( HDPE ) जैसी सामग्रियों से बने प्री-कास्ट टैंक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते वेपन रोक हों और स्थिर धरती( static earth ) और सुपरिम्पोज्ड लोड( superimposed loads ) को संभालने और स्थापित करने में पर्याप्त ताकत रखते हों।

सभी सेप्टिक टैंक पर्याप्त शक्ति के पनरोक कवर के साथ प्रदान किए जाएंगे। टैंक के निरीक्षण और खाली करने के लिए पर्याप्त एक्सेस मैनहोल (न्यूनतम दो, अधिक लंबी दिशा की विपरीत छोरों पर एक - एक) भी प्रदान किए जाएंगे।

507 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09.1944 शक सम्वत्)

टैंक का फर्श सीमेंट कंक्रीट का होना चाहिए और स्लज आउटलेट की ओर ढलान वाला होना चाहिए। सतहों को चिकना करने और उन्हें पनरोक करने के लिए फर्श और साइड की दीवार दोनों को सीमेंट मोर्टार से प्लास्टर किया जाएगा ।

टैंक के इनलेट और आउटलेट को एक-दूसरे से यथासंभव दूर और विभिन्न स्तरों पर स्थित होना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें उन स्तरों पर स्थित नहीं होना चाहिए जहां स्लज या मैल ( sludge or scum) का निर्माण होता है।

आउटलेट पाइप के इनवर्ट को इनलेट पाइप के इनवर्ट के स्तर से 5-7 cm के नीचे रखा जाना चाहिए।

इनलेट और आउटलेट दोनों पर बाफ़ल उपलब्ध कराया जाना चाहिए और 25 cm से 30 cm तरल में डुबना चाहिए और तरल से 15cm ऊपर रहना चाहिए । बफल्स को सीधे इनलेट पाइप के मुंह से टैंक की लंबाई के एक-पांचवें हिस्से की दूरी पर रखा जाना चाहिए।

12

बड़ी क्षमताओं के लिए, इनलेट से टैंक की लंबाई की दो-तिहाई की दूरी पर विभाजन- दीवार के साथ निर्मित दो-कम्पार्टमेंट टैंक उचित होगा। ये दो कम्पार्टमेंट को स्लज भंडारण स्तर से ऊपर परस्पर जुड़ा होना चाहिए , पाइप या चौकोर उद्घाटन के माध्यम से , जिसका व्यास या साइड लंबाई 75 mm से कम नहीं है।

प्रत्येक सेप्टिक टैंक को वेंटिलेशन पाइप के साथ प्रदान किया जाना चाहिए, शीर्ष एक उपयुक्त मच्छर प्रूफ वायरमेष के साथ कवर किया जा रहा है। पाइप की ऊंचाई 20 मीटर के दायरे में उच्चतम इमारत के शीर्ष से कम से कम 2 मीटर ऊपर होनी चाहिए।

लालवन्द्र सिंह, अध्यक्ष, नगर पंचायत लालकुऑ जिला-नैनीताल ।

राजू नवियाल, अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत लालकुआँ जिला-नैनीताल ।

508

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09/1944 शक सम्वत्)

कार्यालय नगर पंचायत लालकुआँ , जिला-नैनीताल

नगर पंचायत लालकुऑ -प्रस्तावित उपविधि

07 मार्च , 2022 ई०

पत्रांक 649 / न ०पं० / ठो ० क ०प्र ० / उपनियमावली / प्रका०/ 2021-22- नगर पालिका अधिनियम की धारा 298 झ (घ) के एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 (1986 का 29) की धारा 3, 6 एवं 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में केन्द्र सरकार द्वारा बनायी गयी ठोस कचरा प्रबन्धन नियमावली 2016 के नियम 15 (ङ) , 15(च) एवं 15 (यच) के अन्तर्गत शक्तियों के प्रयोग में नगर पंचायत लालकुआँ द्वारा बनाए गए निम्नलिखित ठोस कचरा प्रबन्धन के लिए उपविधियों को अपने क्षेत्राधिकार में नगर पंचायत की मा ० बोर्ड की बैठक दिनांक 19-12-2019 में प्रस्ताव सं0-38 के माध्यम से रखा गया एवं आपत्ति एवं सुझाव के प्रकाशन हेतु सर्वसम्मति से पारित हुआ ।

अतः समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियों जिस त/ दुकान / प्रतिष्ठान / कार्यालय आदि को इस उपविधि का प्रभाव पडता हो वह अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लालकुओं जिला-नैनीताल को प्रेषित की जा सकती है । वादमियाद प्राप्त आपत्तियों एंव सुझावों पर कोई विचार नही किया जायेगा ।

अध्याय-1 सामान्य

1. संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीख:

(1 ) ये उप-नियम नगर पंचायत लालकुओं ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन उप-नियम, 2021 कहलाएंगे ।

(2) ये उप-नियम नगर पंचायत के सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होंगे ।

(3) नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन उपविधि 2009 , गजट नोटिफिकेशन द्वारा प्राख्यापित उपविधि नगर पंचायत लालकुऑ ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन उप- नियम, 2021 लागू होने की तिथी से स्वतः समाप्त हो जायेगी ।

2. ये उप- नियम नगर पंचायत लालकुओं की सीमाओं के भीतर लागू होंगे ।

3. परिभाषाएं

(1 ) जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित त्त हो.. इस उप नियमों में निम्नाकित परिभाषाएं लागू हैं: -

(क) 'बल्क उधान और बागवान कचरा" का अर्थ हैं, उघानो, बागो आदि से उत्सर्जित बल्क कचरा , जिसमें घास कतरन, खरपतवार, कार्बनयुक्त काष्ठ ब्राउन सामग्री जैसे पेडों की छटाई से उत्पन्न कचरा, पेडो की कटिंग, टहनियां, लकडी की कतरन, भूसा, सूखी पत्तियां, पेडों की छटाई आदि से उत्पन ठोस कचरा , जो दैनिक जैव अपघटीय कचरे के संकलन में समायोजित नही किया जा सकता हैं ।

(ख) "बल्क कचरा उत्सर्जन का अर्थ हैं कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 (जिसे बाद में यहा एस.डब्ल्यू.एस नियम कहा जाएगा) के नियम 3 (1 ) (8) के अंतर्गत परिभाषित बल्क कचरा उत्सर्जक और सम्बद्ध वार्ड कार्यालय के सहायक आयुक्त या उससे वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा अधिसूचित ठोस कचरा उत्सर्जक;

(ग) "संग्रह" का अर्थ है, कचरा उत्सर्जन के स्रोत से ठोस कचरे को उठाना और संग्रहण बिंदुओं या किसी अन्य स्थान तक पहुचाना;

(घ) "सक्षम प्राधिकारी" का अर्थ हैं नगर पालिका का अध्यक्ष, अथवा उसके द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति ।

(ड) "निर्माण एवं विध्वंस कचरा का वही अर्थ होगा, जो निर्माण एवं विध्वंस कचरा नियम, 2016 नियम 3 (1 ) (ग) में परिभाषित किया गया हैं ।

(च) "स्वच्छ क्षेत्र" का अर्थ है , किसी परिसर के सामने और चारो ओर या निकटवर्ती फुटपाथ तक विस्तारित स्वच्छ सार्वजनिक स्थल , जिसमें नाली, फुटपाथ और पटरी के किनारे शामिल हैं, जिनका रख - रखाव इन उपनियमों के अर्न्तगत किया जाना हैं ।

(छ) "सामुदायिक कूडा घर (ढलाव)" का अर्थ है , नगर पंचायत द्वारा स्थापित और संचालित अथवा एक या अधिक परिसरों के मालिकों और/ या अधिभोगियों द्वारा मिल कर सडक किनारे/ ऐसे मालिकों/ अधिभोगियों के किसी एक परिसर में अथवा समक्ष अधिकारी द्वारा अधिकृत उनके साझा परिसर में पृथक्कृत ठोस कचरे के संग्रहण के लिए स्थापित और संचालित कोई संग्रह केंद्र;

(ज) "कंटेनराइज्ड हैड कार्ट" का अर्थ है, ठोस कचरे के बिन्दु दर बिन्दु संग्रह हेतु नगरं पंचायत या उसके द्वारा नियुक्त ऐजेंसी/ एजेंट द्वारा प्रदत्त ठेला;

(झ) 'सुपुर्दगी" का अर्थ है किसी भी श्रेणी के ठोस कचरे को नगर पालिका के वर्कर या ऐसे कचरें की सुपुर्दगी के लिए नगर पालिका द्वारा नियुक्त, प्राधिकृत या लाइसेंस प्रदत्त व्यक्ति को सौपना अथवा उसे नगर पंचायत या नगर पंचायत द्वारा अधिकृत लाइसेंस प्रदत्त एजेंसी द्वारा प्रदान किए गये वाहन में डालना;

(ञ) "ई- कचरा " का अर्थ वही होगा, जो ई- कचरा (प्रबंधन) नियम,2016 के नियम 3 (1 ) (आर ) में निर्दिष्ट किया गया हैं;

भाग 8]

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(ट) "फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) का अर्थ है, एक ऊर्जा चालित मशीन, जिसका डिजाइन बिखरे हुए ठोस कचरे को कम्पैट करने के लिए किया गया है और प्रचालन के समय स्थिर रहती हैं । प्रचालन के समय कम्पैक्टर मोबाईल भी हो सकती हैं , जिसे मोबाईल ट्रांसफर स्टेशन (एमटीएस) कहां जा सकता है;

(ठ) "कूडा-कचरा" का अर्थ है , सभी प्रकार का कूडा और उसमें कोई भी ऐसा कचरा पदार्थ शामिल जिसे फेकना अथवा संग्रह करना इन उप- नियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित है और ऐसा करने से किसी व्यक्ति, जीव जंतु को परेशानी होने या पर्यावरण अथवा सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के प्रति खतरा पहुंचाने की आशंका हो ।

(ड) "गंदगी फैलाने" का अर्थ है, किसी ऐसी बस्ती में गंदगी उत्सर्जित करना, डालना, दबाना अथवा तत्संबंधी अनुमति देना, जहां वह गिरती, ढलती, बहती, धुल कर, रिस कर अथवा किसी अन्य तरीके से पहुंचती हो अथवा गंदगी के उत्सर्जित होने, बह कर आने, धुल कर आने या अन्य किसी तरह से खुले या सार्वजनिक स्थल पर आने की आषंका हो ।

(ढ) "स्वामी" का अर्थ है, जो किसी भवन, या भूमि या किसी भाग के मालिक के रुप में अधिकारों का इस्तेमाल करता हैं, (ण) "अधिभोगी/ पट्टेदार " का अर्थ है, ऐसा व्यक्ति जो किसी भूमि या भवन या उसके हिस्से का अधिभोगी / पट्टेदार हो, इसमें ऐसे व्यक्ति भी शामिल है, जो तत्समय किसी प्रयोजन के लिए किसी भूमि या भवन या उसके हिस्से का इस्तेमाल कर रहा हैं ।

(प) "पैलेटाइजेशन" का अर्थ है, एक प्रक्रिया, जिसमें पैलेट तैयार की जाती हैं, जो ठोस कचरे से बने छोटे क्यूब अथवा सिलिंडरीकल- टुकडे होते हैं; और उनके ईधन पैलेट्स भी शामिल होते हैं, जिन्हे रिफ्यूज डेराइब्ड ईधन कहा जाता हैं ।

(फ) "निर्धारित" का अर्थ है, एसडब्यूएम नियमो और / या इन उप नियमों द्वारा निर्धारित;

(ब) "सार्वजनिक स्थल" का अर्थ है, कोई ऐसा स्थान,जो आम लोगों के इस्तेमाल और मनोरंजन के लिए सहज सुलभ हैं, भले ही वह वास्तव में लोगों द्वारा इस्तेमाल या उपभोग किया जा रहा हो या नही;

(भ) संग्रहण" का अर्थ है, ठोस कचरे को अस्थायी तौर पर इस तरह से संग्रह करना जिससे गंदगी न फैले और मच्छर आदि कीटों, आवारा पषुओं और अत्यधिक बदबू का प्रकोप रोका जा सके;

(म) "सैनेटरी वर्कर" का अर्थ है, नगर पंचायत के इलाकों में ठोस कचरा एकत्र करने या हटाने अथवा नालियो को साफ करने के लिये नगर पालिका/ एजेंसी द्वारा नियोजित व्यक्ति;

(य) "शेड्यूल" का अर्थ है, इन उप नियमों से सम्बद्व शेड्यूल;

(२) "इस्तेमालकर्ता शुल्क/ प्रभारी" का अर्थ है, नगर पंचायत द्वारा समय - समय पर सक्षम प्राधिकारी के सामान्य या विशेष आदेष के जरिए कचरा उत्सर्जक पर लगाया गया शुल्क या प्रभार, ताकि ठोस कचरा संग्रह, ढुलाई, प्रोसेसिंग और निपटांन सेवाओं की आंषिक अथवा पूर्ण लागत कवर की जा सकें; (ल) "खाली प्लाट " का अर्थ है, प्राइवेट पार्टी/ व्यक्ति/ सरकारी एजेंसी से सम्बद्ध कोई ऐसी भूमि या खुला स्थाल , जिस पर किसी का कब्जा न हो;

(2) यहां प्रयुक्त लेकिन परिभाषितं न किए शब्दों और अभिव्यक्तियों का अर्थ वही होगा, जो ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016और निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम 2016 में अभिप्रेत होगा ।

अध्याय -2

ठोस कचरे का स्त्रोत पर पृथक्करण और संग्रहण

4. ठोस कचरे का स्रोत पर पृथक्करण और संग्रहण

(i) सभी कचरा उत्सर्जको के लिए अनिवार्य होगा कि वे उनके स्वयं के स्थलो से उत्सर्जित होने वाले ठोस कचरे को नियमित रुप से पृथक करें और उसे संगृहीत करें । यह पृथक्करण मुख्य रुप से निम्नांकित 3 वर्गों में किया जायेगाः-

(क) गैर-जैव अपघटीय या सूखा कचरा

(ख) जैव अपघटीय या गीला कचरा

(ग) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा और तीनो श्रेणियों के कचरे को कवर्ड कचरा डिब्बो में रखा जाएगा तथा समय समय पर जारी नगर पंचायत के निर्देषों के अनुसार पृथ्थकृत कचरे को निर्दिष्ट कचरा संग्रहकर्ताओं को सोपेगा ।

(ii) प्रत्येक बल्क कचरा उत्सर्जक के लिए अनिवार्य होगा कि वह स्वयं के स्थलों पर उज्सर्जित ठोस कचरे को पृथक करे और उसे संगृहीत करे निम्नाकित 3 वर्गों में:-

(क) गैर-जैव अपघटीय या खुश्क कचरा

(ख) जैव अपघटीय या गीला कचरा

(ग) उपयुक्त कूड़ेदानों में जोखिमपूर्ण कचरा, जैविक (गीला) कचरे को अपने परिसर में प्रोसेस कर कम्पोस्ट या बायोगैस आदि तैयार करना एवं पृथक्क्त कचरे को अधिकृत कचरा संग्रहण एंजेसी जरिए अधिकृत कचरा प्रसंस्करण अथवा निपटान केंद्रो या संग्रहण केंद्रो को सौपेगा और उसके लिए को नगर पंचायत द्वारा समय समय पर निर्धारित दुलाई शुल्कों का भुगतान अधिकृत कचरा संग्रह एजेंसी को करेगा ।

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( iii) पृथक किए गए कचरे के संग्रहण के लिए कूड़ेदानों का रंग इस प्रकार होगाः-

हराः- जैव अपघटीय कचरे के लिए;

नीलाः- गैर- जैव अपघटीर्य या खुश्क कचरे के लिए;

कालाः- घरेलु जोखिम पूर्ण कचरे के लिए

(iv) सभी निवासी कल्याण और बाजार संगठन , नगर पंचायत के भागीदारी से, यह सुनिश्चित करेंगे कि उत्सर्जकों द्वारा स्रोत पर कचरे का पृथक्करण किया जाए , पृथक किए गए ठोस कचरे को अलग अलग डिब्बों में संगृहीत किया जाए और फिर से इस्तेमाल करने वालों को सौपी जाएं । जैव अपघटीय कचरें की प्रोसेंसिग , उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग, अथवा बायो-मिथेनेशन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा । इससे बचे कचरे को नगर पालिका द्वारा निर्देशित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंसी को दिया जाएगा ।

(v) 5000 वर्गमीटर क्षेत्र से अधिक क्षेत्र कब्जा रखने वाले सभी द्वारबंद समुदाय तथा संस्थान नगर पंचायत की भागीदारी के साथ, सुनिश्चित करेंगे कि उत्सर्जकों द्वारा कचरे का स्रोत पर पृथक्करण हो, पृथक किए गए कचरे को अलग अलग डिब्बों में रखेंगे और पुनः उपयोग आने वाली सामग्री को अधिकृत कूडा संग्रहकर्ताओं या अधिकृत पुनः इस्तेमाल करने वाले को सौपेगें । जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग, उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो- मिथेनेषन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा । इससे बचे हुए कचरे को नगर पंचायत द्वारा निर्देषित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंसी को दिया जाएगा ।

(vi ) सभी होटल और रेस्त्रां, नगर पंचायत के भागीदारी सें, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण सुनिश्चित करेंगे , पृथक किए गए गये ठोस कचरे को अलग अलग डिब्बे में संग्रहीत करेगें और फिर से इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री अधिकृत कचरा संग्रहकर्ताओं अथवा अधिकृत पुनः इस्तेमाल करने वालो को सौपेगे । जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग, उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेषन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा। इससे बचे हुए कचरे को नगर पंचायत द्वारा निर्देषित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंसी को दिया जाएगा ।

(vii) कोई व्यक्ति गैर- लाइसेंसी स्थान पर कोई ऐसा कार्यक्रम आयोजित नही करेगा, जिसमें 100 से अधिक व्यक्ति एकत्र हों, ऐसा करने के लिए यह जरुरी होगा कि अनुसूची में निर्धारित इस्तेमालकर्ता शुल्क का भुगतान करते हुए नगर पंचायत को कम से कम 3 कार्य दिवस अग्रिम लिखित जानकारी देनी होगी और ऐसा व्यक्ति या आयोजक यह सुनिश्चित करेगा कि ठोस कचरे को स्रोत पर अलग अलग किया जाए , ताकि नगर पंचायत द्वारा निधारित संग्रहकर्ता या एजेंसी को सौपा जा सकें ।

(viii) सेनिटरी उत्पादों से उत्सर्जित कचरे को तत्संबंधी विनिर्माताओं या ब्रॉड मालिकों द्वारा प्रदान किए गए पाउचों अथवा अखबारों या उपयुक्त जैव अपघटीय संलेपन सामग्री में सुरक्षित तरीके से संलेपित किया जाए और उसे गैर-जैव अपघटीय या खुक कचरे के लिए बनाए गए कूड़ेदान में रखा जाना चाहिए । (ix) प्रत्येक गली विक्रेता अपने क्रियाकलाप के दौरान उत्सर्जित होने वाली खाघ सामग्री, निपटान योग्य प्लेटें, कप, डिब्बे, रैपर्स, नारियल के खोल , बचा खुचा भोजन, सब्जियां, फल आदि को अलग अलग करके उपयुक्त कूडेदानो में संग्रहित करेगा और उसे नगर पंचायत द्वारा अधिसूचित डिपो या कंटेनर या वाहन को सौपेगा ।

(x) उद्यान और बागवानी के कचरा उत्सर्जक अपने परिसर में उत्सर्जित कचरे को अलग से एकत्र करेंगे और समय समय पर नगर पालिका के निर्देषों के अनुसार उसका निपटान करेंगे ।

(xi) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे को प्रत्येक कचरा उत्सर्जट द्वारा स्टोर किया जाएगा और उसे नगर पंचायत या उसके द्वारा अथदा उत्तराखण्ड सरकार या प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा ऐसे कचरे का संग्रह के लिए साप्ताहिक/ समय समय पर उपलब्ध कराए गए वाहन तक पहुंचाया जाएगा अथवा ऐसे कचरे को उत्तराखण्ड सरकार या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अधिसूचित तरीके से निपटान के लिए निर्दिष्ट कचरा संग्रह केंद्र तक पहुंचाया जाएगा ।

(xii) निर्माण कार्यों और भवनों को ढहाए जाने से उत्सर्जित कचरा, निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के अनुसार अलग से एकत्र और निपटान किया जायेगा ।

(xiii) बायो मेडिकल कचरा, ई- कचरा , जोखिमपूर्ण रासायनिक एवं औद्योगिक कचरा बिना उपचारित किए ठोस कचरे में मिश्रित नही किया जाएगा। ऐसे कचरे का निपटान पर्यावरण (संरक्षण ) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए तत्संबंधी नियमों के अनुसार किया जाएगा ।

(xiv) निर्दिष्ट बूचडखानों और बाजारों को छोड कर अन्य परिसरों के प्रत्येक ऐसे मालिक/ कब्जाधारी, 'जो किसी वाणिज्यिक गतिविधि के परिणाम स्वरुप पोल्ट्री, मछली और पशुवध संबधी कचरा उत्सर्जित करते हो, उन्हे ऐसे कचरे को अलग से बंद कंटेनर में स्वास्थ्यकर स्थिति में एकत्र करना होगा और रोजमर्रा के आधार पर निर्दिष्ट समयानुसार नगर पालिका द्वारा इस प्रयोजन के लिए प्रदान किए गए कचरा वाहन / स्थल तक पहुंचाना होगा । ऐसे कचरे को सामुदायिक कूडा घरो में डालना निषेध होगा।

(xv) पृथक किए गए जैव अपघटीय ठोस कचरे को यदि उत्सर्जकों द्वारा कम्पोस्ट न किया गया हो, तो उसे उन्हे अपने परिसर में अलग से एकत्र करना होगा और उसकी डिलिवरी पंचायत श्रमिक/ वाहन / कचरा एकत्रकर्ता/ कचरा संग्रहकर्ता अथवा बल्क में जैव अपघटीय कचरा उत्सर्जित करने वाले निर्दिष्ट वाणिज्यिक उत्सर्जकों के लिए प्रदान कराए गए कचरा संग्रह वाहन तक पहुंचाया जाएगा । यह सुपुर्दगी समय समय पर अधिसूचित समयानुसार करनी होगी ।

511 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

अध्याय-3

ठोस कचरा संग्रह

5. ठोस कचरे का संग्रह निम्नांकित अनुसार किया जाएगाः-

(i ) नगर पंचायत के सभी क्षेत्रों था वार्डों में पृथक किए गए ठोस कचरे को घर घर जाकर संग्रह करने के बारे में एसडब्लूएम नियमों का अनुपालन किया जाएगा, जिनके अनुसार मलिन और अनौपचारिक बस्तियों सहित दैनिक आधार पर प्रत्येक घर से कचरा एकत्र किया जाएगा । इसके लिए घर घर जाकर कचरा एकत्र करने की अनौपचारिक प्रणाली को नगर पंचायत संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत किया जाएगा ।

(ii) प्रत्येक घर से कचरा एकत्र करने के लिए क्षेत्रवार विशेष समय निर्धारित किया जाएगा और उसे सम्बद्ध क्षेत्र में खास खास स्थानों पर प्रचारित किया जाएगा और नगर पंचायत वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा । घर घर जाकर कचरा एकत्र करने का समय सामान्यतया प्रातः 6 बजे से. 11 बजे तक़ निर्धारित किया जाएगा । व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक क्षेत्रों में दुकानों या किसी अन्य संस्थागत कचरा उत्सर्जकों से कचरा एकत्र करने का समय प्रातः 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा अथवा नगर पंचायत द्वारा समय समय पर निर्धारित समय पर होगा ।

(iii ) कचरे को स्व- स्थाने प्रोसेस करने वाले बल्क कचरा उल्सर्जकों से अवषिष्ट ठोस कचरे को एकत्र करने का प्रबंध किए जाएगे ।

(iv) सब्जी फल, फूल, मांस , पोल्ट्री और मछली बाजार से अवषिष्ट ठोस कचरे को रोजमर्रा के आधार पर एकत्र किया जाएगा ।

(v) बागवानी और उद्यान संबंधी कचरा अलग से एकत्र किया जाएगा और उसका निपटान किया जाएगा । इस प्रायोजन के लिए सप्ताह में एक या दो दिन निर्दिष्ट किए जाएंगें ।

(vi) फलों और सब्जी बाजारों , मांस और मछली बाजारों, बल्क बागवानी और उद्यानों से उत्सर्जित जैव अपघटीय कचरे का अनुकूलतम इस्तेमाल करने और संग्रहण एवं ढुलाई की लागत में कमी लाने के लिए ऐसे कचरे को उस क्षेत्र के भीतर प्रोसेस या उपचारित किया जाएगा, जिसमें वह उत्सर्जित होता हैं ।

(vii) कंटेनरों में कचरे का हाथ से परिचालन निषेध हैं । यदि दबावों के कारण अपरिहार्य हो तो कचरे का हाथ से निपटान श्रमिकों की उचित देखभाल और सुरक्षा के साथ समुचित संरक्षण के तहत किया जाएगा ।

(viii) कचरा उत्सर्जक अपने पृथक किए गए कचरे को नगर पंचायत द्वारा अथवा अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा तैनात होपर/ऑटो-टिप्पर्स/ रिक्षा आदि वाहनो में डालने के लिए जिम्मेदार होगें । बहुमंजिला इमारतों, अपार्टमेंटो, आवास परिसरों (इन उपनियमों के खंड 4 व उप- खंड (iv) और (v) के अंतर्गत आने वालों को छोड कर ) से उत्सर्जित पृथक किए गए कचरे को ऐसे परिसरों के मुख्य द्वारें से अथवा किसी अन्य निर्दिष्ट स्थान से एकत्र किया जाएगा ।

(ix) कचरा संग्रह उपकरणों और वाहनों के चयन के लिए बदलती जरुरतों और प्रौद्योगिकी में नई खोजो को ध्यान में रखा जाएगा । कचरा एकत्र करने के लिए विषेष क्षमता वाले ऐसे ऑटो टिप्पर या वाहन इस्तेमाल किए जाएगें, जो ऊपर से हाईड्रोलिक तरीके से संचालित हूपर कवरिंग व्यवस्था से युक्त होगे और उनमें जैव अपघटीय और गेर- जैव अपघटीय कचरे के लिए अलग अलग दो कम्पार्टमेंट होंगे । ऐसे वाहनो पर हूटर भी लगा होगा ।

(ग) स्वचालित ध्वनि रिकार्डिड उपकरण , घंटी या शोर के स्वीकार्य स्तर तक सीमित हॉर्न भी कचरा संग्रह वाहन में कचरा संग्रहकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा ।

(xi) प्रत्येक प्राथमिक संग्रहण तथा ढुलाई वाहन के लिए मार्ग योजनाए और नगर पंचायत द्वारा या अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा । ये योजनाएं तालिकाबद्ध और जीआईएस मानचित्र में होगी, जो नगर पंचायत द्वारा विधिवत रुप से अनुमोदित होगी और उनमें प्रारंभिक बिन्दु, प्रारंभ करने का समय, प्रतीक्षा स्थलों, मार्ग में रुकने का समय , अंतिम बिंदु और निर्दिष्ट मार्ग के अंतिम समय का उल्लेख होगा। नगर पंचायतं अथवा अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा प्रत्येक गली में एक बोर्ड लगाया जाएगा, जिस पर प्रार्थमिक कचरा संग्रह और दुलाई वाहनों की समय सारणी प्रदर्षित की जाएगी, ताकि क्षेत्र के निवासी निर्धारित समय पर इस सुविधा का लाभ उठा सकें । ऐसी जानकारी नगर पंचायत की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

(xii ) तंग गलियों में, जहां ऑटो टिप्पर या वाहन की सेवाएं संभव न हों, वहां एक श्रीव्हीलर अथवा छोटे मोटरयुक्त वाहन/ साईकिल रिक्षा काम पर लगाया जाएगा, जो ऊपर से हाईड्रोलिक तरीके से संचालित हूपर कवरिंग व्यवस्था से युक्त होंगा और उसमें गीले और सूखे कचरे के लिए अलग अलग दो कम्पार्टमेंट होंगे । ऐसे वाहनो में हूटर लगा होगा और वह मोबाइल ट्रांसफर स्टेषन के अनुकूल होगा ।

(xiii) अत्यंत भीड भाड वाले और अधिक तंग गलियों वाले क्षेत्रों में जहां श्रीव्हीलर या छोटे वाहन भी न जा सकें वहां साइकिल रिक्षाअथवा अन्य प्रकार के उपयुक्त उपकरण तैनात किए जाएंगे ।

(xiv) ऐसी छोटी , तंग और भीडी गलियों/ लेनों में जहा श्रीव्लीहर / रिक्क्षा आदि का संचालन संभव न हो, ऐसे स्थानों पर बस्ति/ गली के छोर पर खास जगह तय की जाएगी, जहां कचरा संग्रह वाहन खडा किया जा सके और वाहन के हेल्पर के पास 512

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

एक सौटी होगी और वे सीटी बजाते हुए गली में ठोस कचरा संग्रहण के लिए वाहन के आगमन की घोषणा करेंगे । इस तरह की संग्रह, प्रणाली की समय सारिणी नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी और नगर पंचायत की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी ।

(xv) ऑटो टिप्पर, श्रीव्हीलर्स , रिक्क्षा और सेवा में संलग्न किसी अन्य तरह के वाहन केवल घरों से कचरा एकत्र करेंगे , और अन्य स्रोतो जैसे ढलाव, खुले स्थलों, मैदान, कूडेदानों और नालियों आदि से कचरा एकत्र नहीं करेंगे ।

(xvi ) नगर पंचायत या उसके अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहर्ता प्राथमिक कचरा संग्रहण के लिए क्षेत्र की सभी गलियों/लेनों को कवर करने के लिए जिम्मेदार होगें ।

अध्याय-4

ठोस कचरे का द्वितीयक संग्रहण

6. द्वितीयक संग्रहण बिंदुओ में ठोस कचरे का संग्रहण निम्नाकित अनुसार किया जाएगा

(प) घरो में एकत्र किया गया पृथक ठोस कचरा, कचरा स्टोरेज डिपो, सामुदायिक कूडा घरों या अचल या चल अंतरण स्थलों या कचरे के द्वितीयक संग्रहण के लिए नगर पंचायत द्वारा निर्दिष्ट स्थानों पर ले जाया जाएगा ।

(पप) ऐसे द्वितीयक संग्रहण बिंदुओ को कंटेनरों (निर्दिष्ट रंग के) से कवर किया जाएगा, जिनसे निम्नांकित के लिए अलग अलग स्टोरेज होगें:-

(क) गैर-जैव अपघटीय अथवा सूखा कचरा .

(ख) जैव अपघटीय अथवा गीला कचरा

(ग) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा ।

(iii) पृथक किए गए कचरे के संग्रहण के लिए नगर पंचायत द्वारा चिन्हित अलग अलग कंटेनरो का इस्तेमाल निम्नांकित अनुसार किया जायेगाः-

हराः जैव अपघटीय कचरे के लिए नीलाः गैर- जैव अपघटीय कचरे के लिए

कालाः घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के लिए

नगर पंचायत समय समय पर विभिन्न प्रकार के ठोस कचरे के संग्रहण और वितरण के लिए निर्धारित गोदामों की रंग संहिता और अन्य मानदंड अधिसूचित करेगी ताकि कचरे का सुगम और सुरक्षित संग्रहण हो सके और किसी प्रकार का मिश्रण या रिसाव न हो , जिनका अनुपालन विभिन्न प्रकार के ठोस कचरा उत्सर्जकों को करना होगा ।

(iv) नगर पालिका स्वयं अथवा बाहरी एजेंसियों के जरिए ठोस कचरा संग्रहण केंद्रो का संचालन इस ढंग से करेगी कि उनके आस पास अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छ स्थितियां पैदा न हों ।

(v) द्वितीयक संग्रहण डिपुओं में विभिन्न आकार के कंटेनर नगर पंचायत या किन्ही अन्य निर्दिष्ट एजेंसियों द्वारा प्रदान किये जाएंगे, जो इस उप- नियमों में वर्णित अनुसार अलग अलग रंगो के होगे ।

(vi ) संग्रहण केन्द्रो का निर्माण और स्थापना इस बात को ध्यान में रख कर की जाएगी कि किसी निर्दिष्ट क्षेत्र में कचरे के उत्सर्जन की मात्रा कितनी है और जनसंख्या का घनत्व कितना है ।

(vii) संग्रहण केन्द्र इस्तेमालकर्ता अनुकूल होंगे और उनका डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि उनसे कचरा ढका रहे और संग्रहण किए गये कचरे का खुले वातावरण में कोई दुष्प्रभाव न पडे ।

(viii ) सभी आवास सहकारी समितीयों, एसोसिएषनों, रिहायशी और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और द्वारबंद समुदायों का यह दायित्व होगा कि वे इन उप- नियमों द्वारा निर्धारित रंगीन कूड़ेदान रखें और स्वयं के परिसरों में समुचित स्थानो पर पर्याप्त संख्या में ऐसे कंटेनर रखें ताकि वहां हर रोज उत्सर्जित कचरा ठीक ढ़ग, से संगृहीत किया जा सकें ।

(ix) नगर पंचायत या उसकी कोई निर्दिष्ट एजेंसी का यह दायित्व होगा कि वे सप्ताहिक आधार पर सभी कूडाघरों की धुलाई और संक्रमणमुक्त बनाने की व्यवस्था करें ।

(x) सूखे कचरे (गैर-जैव उपघटीय कचरा ) के लिए रिसाइकलिंग सेंटर

(क) नगर पंचायत अपने वर्तमान ढलावों अथवा पहचान किए गए खास स्थानों को आवष्यकतानुसार रीसाइकलिंग केंद्रों के रुप में परिवर्तित करेगा, जिनका इस्तेमाल गलियों / घर घर जाकर कचरा एकत्र करने संबंधी सेवा के जरिए एकत्र किए गए सूखे कचरे को पृथक करने के लिए किया जाएगा । प्राप्त सूखे कचरे की मात्रा के अनुसार रीसाइकलिंग केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है । (ख) गली/घर घर जाकर कचरा संग्रहण प्रणाली के जरिए और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से प्राप्त केवल सूखा कचरा (गैर-जैव अपघटीय) इन निर्दिष्ट रीसाइकलिंग केंद्रो को स्थानातरित किया जाएगा । ये निर्दिष्ट केंद्र केवल सूखा कचरा प्राप्त करेंगे।

(ग) परिवारों के लिए प्रावधान भी होगा कि वे अपना रीसाइकिल योग्य सूखा कचरा इन रिसाइकलिंग केंद्रों पर सीधे जमा करा सकते है अथवा अधिकृत एजेंटो और/ या नगर पंचायत से अधिकृत कचरा व्यापारियों को पूर्व अधिसूचित दरो के अनुसार बैच सकते है । इस प्रयोजन के लिए प्रत्येक रिसाइकलिंग, यूनिट पर एक धर्मकांटा और काउंटर उपलब्ध कराया जाएगा । अधिकृत एजेंट और / या अधिकृत कचरा व्यापारी को इस बात की अनुमति होगी कि वे रिसाइकिल योग्य कचरे को एसडब्ल्यूएम नियमों के प्रावधानों के अनुसार द्वितीयक बाजार अथवा रिसाइकलिंग यूनिटों को बेच सकते है । अधिकृत एजेंट और/ या अधिकृत व्यापारी बिक्री से प्राप्त धनराशि रखने का हकदार होंगे ।

(xi) निर्दिष्ट घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के लिए संग्रहण केंद्र 513 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

(क) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के संग्रह के लिए एक संग्रहण केंद्र उप्रयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा, जहा निर्दिष्ट घरेलू जोद्धिमपूर्ण कचरे को प्राप्त किया जाएगा, ऐसा सरकार द्वारा निर्धारित दिषा निर्देषों के अनुसार यथासमम्भव प्रत्येक वार्ड में स्थाधित किया जाएगा और उसे कचरा प्राप्त करने का समय अधिसूचित करना होगा ।

(ख) नगर पंचायत अपनी एजेंसी को या छूटग्राही को यह दायित्व सौप सकती है कि वह सभी कचरा उत्सर्जकों से घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा पृथककृत तरीके से एकत्र करें ।

(ग) इस तरह प्राप्त किया गया कचरा सरकार द्वारा स्थापित जोखिमपूर्ण कचरा निपटान केंद्रो पर अलग से लाया जाएगा ।

अध्याय-5

ठोस कचरे की दुलाई

7. ठोस कचरे की ढुलाई निम्नांकित बातों को ध्यान में रख कर की जाएगीः-

(i) कचरे की दुलाई के लिए प्रयुक्त वाहन भलीभाति कवर्ड होंगे ताकि एकत्र कचरे का दुष्प्रभाव मुक्त वातावरण पर न पडे । इन वाहनो में कम्पैक्टर और मोबाइल ट्रांसफर स्टेषन शामिल हो सकते है , जो नगर पंचायत द्वारा चुनी गई प्रौद्योगिकी पर निर्भर करेंगे ।

(ii) नगर पंचायत द्वारा स्थापित संग्रहण केंद्र कचरे के निपटान के लिए हर रोज काम करेंगे । कूड़ेदान या कंटेनरों के आस पास के क्षेत्र को साफ रखा जाएगा ।

(iii) आवासीय और अन्य क्षेत्रों से एकत्र किया गया पृथककृत जैव अपघटीय कचरा प्रोसेसिंग प्लांटो जैसे कम्पोस्ट प्लांट, बायो-मिथिनेषन प्लांट या अन्य केंद्र तक कवर्ड तरीके से पहुचाया जाएगा ।

(iv) जहा कही प्रयोज्य हो , जैव अपघटीय कचरें के लिए , ऐसे कचरे की. स्व- स्थाने प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी ।

(v) एकत्र किया गया गैर-जैव अपघटीय कचरा सम्बद्ध प्रोसेसिंग केंद्रो अथवा द्वितीयक संग्रहण में पहुंचाया जाएगा ।

(vi) निर्माण और विध्वंस जन्य कचरे की दुलाई निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के प्रावधानो के अनुसार की जाएगी ।

(vii) नगर पंचायत कचरे की समुचित ढंग से ढुलाई के प्रबंध करेगा । गलियों को बुहारने से उत्पन्न कचरा और नालियों से निकाली गई गाद काम समाप्त होने के तत्कालं बाद हटाई जाएगी ।

(viii) दुलाई वाहनों का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि अंतिम निपटारे से पहले कचरे के बार बारं परिचालन से बचा जा सकें ।

(पग) कचरा संग्रहण के लिए काम में लगाए गए वाहन कचरे को केवल एमटीएस अथवा एफसीटीएस , जहां कही प्रदान किए गए हों, में जमा/ स्थानांतरित करेंगे ।

(x) यदि किसी कारणवष एमटीएस / एफसीटीएस निर्दिष्ट स्थल पर खडे नही पाए जाएगें, तो लदा वाहन एमटीएस अथवा एफसीटीएस के अगले निर्दिष्ट स्थल अथवा कचरे को उतारने के लिए नगर पंचायत द्वारा निर्दिष्ट स्थल तक जाएगा ।

(xi ) फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रासफर स्टेषन को हूक लोडर के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाएगा ।

(xii ) कचरे की ढुलाई के दौरान विभिन्न स्रोतों से उत्सर्जित कचरे का परस्पर मिश्रण नही होना चाहिए ।

(xiv) कचरे के गली स्तरीय संग्रहण और दुलाई सेवाएं अवकाष के दिनों सहित हर दिन उपलब्ध कराई जाएंगी ।

(xv) इस सेवा में संलग्न एमटीएस केवल गली स्तरीय प्रचालनों से कचरा संग्रह करनें वाले निर्दिष्ट ऑटो-टिप्परों, तिपहिया या अन्य वाहनों/ कूडादानों से कचरा प्राप्त करेंगा ।

(xvi ) परिवारों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से गली स्तरीय और घर घर जाकर ठोस कचरा संग्रह करने में लगे ऑटो- टिप्परों, तिपहिया वाहनो, रिक्षा आदि से कचरा प्राप्त करने के लिए एक अनुमोदित रुट प्लान के अनुसार निर्दिष्ट स्थानों पर प्रतिबद्ध एमटीएस तैनात किए जाएगें ।

(xvii) एमटीएस और एफसीटीएस का डिजाइन ऐसा होगा, जो कचरे को प्राथमिक संग्रहण वाहनों से उतारने में कम से कम समय लें और कूड़ा करकट इधर उधर न फैले।

(xviii) ठोस कचरे को स्थानांतरित करते समय एमटीएस और एफसीटीएस ले इर्द गिर्द रिसे हुए कचरे को साफ किया जाना चाहिए , ताकि कोई रिसाव न बचे । ऐसे स्थान पर सफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद संक्रमण विरोधी पदार्थ इस्तेमाल किए जाने चहिए ।

(xvx) नगर पंचायत अथवा उसकी निर्दिष्ट एजेंसी सभी द्वितीयक संग्रहण केंद्रो पर सीसीटीवी कैमरे लगाएगी ।

अध्याय-6

ठोस कचरे की प्रोसेसिंग

8. ठोस कचरे की प्रोसेसिंग:-

(i ) नगर पंचायत ठोस कचरा प्रोसेसिंग केंद्रो और सम्बद्ध ढांचे के निर्माण, प्रचालन और रख- रखाव की स्वयं व्यवस्था करेगा अथवा किसी एजेंसी के द्वारा इस कार्य को अजाम देगा, ताकि ठोस कचरे के विभिन्न घटकों का अनुकूलतम उपयोग किया जा सके । इसके लिए निम्नांकित प्रौद्योििकयों सहित उपयुक्त प्रौद्योगिकी अपनाई जाएगी और शहरी विकास मंत्रालय द्वारा समय समय पर जारी दिशा-निर्देशों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानको का अनुपालन किया जायेगाः- 514

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई ० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

(क) दुलाई की लागत और पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को निम्नवत रखने के लिए विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएंगी, जैसे बायो-मिथेनेशन, माइक्रोवियल कम्पोस्टिंग , वर्मी कम्पोस्टिंग , एनायरोबिक डाइजेशन अथवा जैव अपघटीय कचरे की जैव-स्थिरता के लिए कोई अन्य उपयुक्त प्रोसेसिंग पद्वतिः

(ख) केंद्रीकृत स्थलों पर स्थित मध्यम / बडे कम्पोस्टिंग / बायो-मिथेनेशन प्लांटो के जरिए ;

(ग) कचरे से ऊर्जा प्रक्रियाओं के जरिए, ठोस कचरा अधारित बिजली संयंत्रो को कचरे के ज्वलनशील अंश के लिए रिफ्यूज डेराइव्य ईधन के रुप में अथवा फीड़ स्टॉक आपूर्ति के रुप में ईधन प्रदान करते हुए;

(घ) निर्माण और विध्वंस कंचरा प्रबंधन प्लांटों के जरिए ।

(ii) नगर पालिका रिफ्यूज डेराइव्य फ्यूलं (आरडीएफ) की खपत के लिए बाजार सृजित करने का प्रयास करेगा ।

(iii) कचरे से बिजली बनाने वाले प्लांट में सीधे भस्मीकरण के लिए कचरे का पूर्ण पृथक्करण अनिवार्य होगा और ऐसा करना सम्बद्ध अनुबंधो की कार्यषों का हिस्सा होगा ।

(iv) नगर पंचायत सुनिष्चित करेगा कि कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच, कपडा आदि रिसाइकिल योग्य पदार्थ रीसाइकिल करने वाली अधिकृत एजेंसियो को भेजा जाए ।

9. ठोस कचरे की प्रोसेसिंग के लिए अन्य दिशा-निर्देशः

(i ) नगर पंचायत सभी निवासी कल्याण संगठनों, समूह आवास समितियों, बाजारों, द्वारबंद समुदायों और 5000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र रखने वाले संस्थानों, सभी होटलो एवं रेस्त्राओं, बैक्वेट हालों और इस तरह के अन्य स्थलों पर यथासंभव कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन के जरिए जैव अपघटीय कचरे वाले अन्य कचरा उत्सर्जकों को भी जैव अपघटीय कचरे की स्व- स्थाने प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी।

(ii) नगर पंचायत यह नियम प्रवृत्त करेगा कि सब्जी, फल , मांस , पोल्ट्री और मछली व्यापार मंडियां अपने जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग करते समय स्वच्छ स्थितियां बनाए रखना सुनिश्चित करें ।

(iii) नगर पंचायत यह नियम प्रवृत्त करेगा कि बागवानी, उद्यानों और पार्कों से उत्सर्जित कचरे का निपटान अलग से यथासंभव पार्को और उद्यानों में ही किया जाए ।

(iv) नगर पंचायत कचरा प्रबंधन में समुदाय को शामिल करने और घर पर ही कम्पोस्टिंग , बायो गैस उत्पादन , सामुदायिक स्तर पर कचरे की विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करेगा । परंतु ऐसा करते समय बदबू को नियंत्रित रखना और तत्संबंधी यूनिट के आसपास स्वच्छता स्थितियां बनाए रखना अनिवार्य हागा ।

अध्याय-7

ठोस कचरे का निपटान

10. ठोस कचरे का निपटान

नगर पंचायत अवषिष्ठ कचरे और गलियों में झाडू लगाने से उत्सर्जित कचरे तथा नालियों से निकलने वाली गाडु का निपटान एसडब्ल्यूएम नियमों के अंतर्गत निर्धारित ढंग और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य कानून द्वारा लागू किए गए किसी अन्य दायित्व के अनुरुप करने के लिए स्वयं अथवा किसी अन्य एजेंसी के जरिए सेनिटरी लैंडफिल और सम्बद्ध ढाचे का निर्माण, प्रचालन और रख- रखाव करेगा ।

अध्याय-8

*इस्तेमालकर्ता शुल्क और स्थल पर ही जुर्माना/ दंड लगाना

11. ठोस कचरे का संग्रहण, ढुलाई , निपटान के लिए इस्तेमालकर्ता शुल्कः-

(क) कचरा उर्त्सजकों से कचरा संग्रहण, ढुलाई और निपटान हेतु सेवाएं प्रदान करने के लिए नगर पंचायत द्वारा इस्तेमालकर्ता शुल्क निर्धारित किया जाएगा । इस्तेमालकर्ता शुल्क की दरें अनुसूची-1 में निर्दिष्ट है ।

(ख) कचरा उत्सर्जकों से निर्धारित इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली नगर पंचायत अथवा अध्यक्ष / नगर पंचायत द्वारा अधिकृत एजेंसी या अधिकृत व्यक्ति द्वारा की जाएगी ।

(ग) नगर पंचायत इन उपनियमों की अधिसूचना की तारीख से 3 माह के भीतर, इस्तेमालकर्ता शुल्क लगाने के प्रयोजन के लिए कचरा उत्सर्जन का डाटाबेस तैयार करेंगा और इस्तेमालकर्ता शुल्कं की बिंलिग / संग्रह / वसूली के लिए समुचित व्यवस्था विकसित करेगा । डाटाबेस को नियमित रुप से अद्यतन बनाया जाएगा ।

(घ) नगर पंचायत ऑनलाइन भुगतान के सहित इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली के लिए विभिन्न पद्धतियां अपनाएगा ।

(ड) इस्तेमालकर्ता वसूली के लिए महीने में विषेष दिन निर्धारित किए जाएंगे , जिसमें प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह को वरीयता दी जाएगी ।

(च) वार्षिक और छमाही भुगतान की प्रणाली अपनाई जाएगी । यदि इस्तेमालकर्ता शुल्क समूचे वर्ष के लिए अग्रिम अदा किया जाता है, तो ऐसे में 12 महीने के बाजए 10 महीने का शुल्क लिया जाएगा । इसी प्रकार यदि इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली का भुगतान 6 महीने के लिए किया जाता है तो शुल्क की मांग की राशि छह महीने के बजाये साढे पांच महीने के लिए वसूल की जाएगी ।

(छ) अनुसूची 1 में वर्णित इस्तेमालकर्ता शुल्क प्रत्येक परवर्ती वर्ष की पहली जनवरी से स्वतः 10 प्रतिषत बंढ जाएगा । (ज) इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा एक सामान्य या विशेष आदेश के जरिए अधिकृत संस्थान/ व्यक्ति द्वारा की जाएगी ।

515 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09.1944 शक सम्वत्)

(झ) इस्तेमालकर्ता शुल्क के भुगतान में चूक होने के मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा चूककर्ता से उसकी वसूली भू- राजस्व के बको की भाँती वसूल की जायेगी ।

12. एसडब्ल्लूएम नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माला/ दंड:-

(क) एसडब्लूएम नियमों अथवा इन उप- नियमों के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन अथवा अनुपालन करने में विफलता के लिए इन उप-नियमों के परिषिष्ट में दी गई अनुसूची 2 में वर्णित अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा ।

(ख) उपरोक्त खंड (क) में वर्णित अनुसार उल्लंघन या गैर-अनुपालन की स्थिति बार बार आने पर ऐसी प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना प्रतिदिन या महीना, जो भी लागू हो, के अनुसार लगाया जाएगा ।

(ग) जुर्माना या दंड लगाने हेतु निर्दिष्ट/ प्राधिकृत अधिकारी अधिशासी अधिकारी एंव उनके द्वारा नामित कर्मचारी , सब इन्स्पेक्टर, चौकी, थाना प्रभारी होगें तथा मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष सामान्य या विशेष आदेश के अधीन अन्य अधिकारियों को भी नामित कर सकते हैं । जुर्माना / दंड राशि अनुसूचि 2 में दी गई है ।

(घ) अनुसूची 2 में वर्णित जुर्माना अथवा दंड राशि प्रत्येक परवर्ती वर्ष की पहली जनवरी से स्वतः 5 प्रतिशत बढ जाएगी ।

(ड) निर्दिष्ट/ प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा जुर्माना मौके पर लगाया औरे वसूल किया जाएगा । जुर्माने का भुगतान मौके पर जमा न करने में उक्त धनराशि भू- राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी एवं मामले में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत निर्धारित अभियोजन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी ।

अध्याय-9

प्रतिभागियों के दायित्व

13. कचरा उत्सर्जकों के दायित्वः-

(i) कूडा फेकने पर पाबंदी

(क) किसी सार्वजनिक स्थल पर कूडा फैलाना अधिकृत सार्वजनिक या निजी कूडादानो के सिवाय कोई व्यक्ति किसी सर्वाजनिक स्थल पर कूडा नही फैलाएगा । कोई व्यक्ति विषेष प्रयोजन के लिए प्रावधान किए गए सार्वजनिक केंद्रों या सुविधाओं को छोडकर किसी सार्वजनिक स्थल पर वाहनों की मरम्मत, बर्तन या कोई अन्य उपकरण धोने/ साफ करने का काम नही करेगा या किसी प्रकार का संग्रहण नही करेगा ।

(ख) किसी संपत्ति पर कूडा फैलाना अधिकृत निजी अथवा सार्वजनिक कूड़ेदानों के सिवाय कोई व्यक्ति किसी मुक्त या रिक्त संपत्ति पर कूडा नही डालेगा ।

(ग) वाहनों से कूडा फेकना किसी वाहन के ड्राइवर या यात्री के रुप में कोई व्यक्ति किसी गली, सडक, फुटपाथ, खेल के मैदान , उद्यान, ट्रैफिक आइलैंड या अन्य सार्वजनिक स्थान पर कूडा नही फैकेगा ।

(घ) मालवाहक वाहन से गंदगी डालना कोई भी व्यक्ति तब तक किसी ट्रक या अन्य मालवाहक वाहन को नही चलाएगा, जब तक कि ऐसे वाहन का निर्माण और लदान इस प्रयोजंग के लिए अधिकृत न किया गया हो ताकि सडक, फुटपाथ, खेल का मैदान, उद्यान, ट्रेफिक आइलैंड या अन्य सार्वजनिक स्थलो पर कोई लोड, पदार्थ अथवा गंदगी डालने से रोका जा सकें ।

(ड) स्वयं/पालतू पशुओं से गंदगी कुत्ता, बिल्ली आदि पालतू जानवरों के मालिकों का यह भी दायित्व होगा कि गली अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर ऐसे जानवरो द्वारा उत्सर्जित किसी प्रकार की गंदगी को तत्काल उठाएगा/ साफ करेगा और इस तरह के उत्सर्जित कचरे के समुचित निपटान के लिए समुचित उपाय करेगा , जिनमें स्वयं की सीवेज प्रणाली से निपटान को वरीयता दी जाएगी ।

(च) नालियों आदि में कचरे का निपटान कोई व्यक्ति किसी नाली / नदी/ खुले तालाब/ जल निकायों में गंदगी नही डालेगा ।

(ii) कचरे को जलाना सार्वजनिक स्थानों पर या निजी स्थान पर या निषेध सार्वजनिक संपत्ति पर ठोस कचरे के किसी भी प्रकार के जलाने द्वारा निपटान निषिद्ध होगा ।

(iii) "स्वच्छ क्षेत्र" : प्रत्येक व्यक्ति यह प्रयास करेगा कि उसके स्वामित्व या कब्जे वाले परिसर के सामने कोई भी सार्वजनिक स्थान अथवा आस पास का क्षेत्र स्वच्छ रहें । इन स्थानो में फुटपाथ और खुली नालियां/ गटर, सडक किनारा सामिल है, जो किसी भी तरह ठोस या तरल कचरे से मुक्त होने चाहिए ।

(iv) सार्वजनिक सभाओं और किसी कारण (जुलूस , प्रर्दषनियां, सर्कस , मेले, राजनैतिक रैलियां, वाणिज्यक, धार्मिक, सामाजिक, सास्कृतिक कार्यक्रमों, विरोध प्रर्दषनो और प्रर्दशनो आदि सहित) से सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित की जाने वाली गतिविधयों, जिनमें पुलिस विभाग और/ या नगर पंचायत से अनुमति अपेक्षित हो, के मामले में ऐसी गतिविधियों के आयोजनकर्ता का यह दायित्व होगा कि वह उस क्षेत्र और आस पास के क्षेत्रों की स्वस्च्छताः सुनिश्चित करें ।

(v) ऐसे आयोजनो के मामले में आयोजक से नगर पंचायत द्वारा अधिसूचित रिफंड योग्य स्वच्छता धरोहर राशि सम्बद्ध जोनल अधिकारी द्वारा प्राप्त की जाएगी , जो कार्यक्रम की अवधी में उसके पास जमा रहेगी । यह जमा राशि कार्यक्रम पूरा होने के बाद रिफंड की जाएगी लेकिन उससे पहले यह जांच की जाएगी कि उक्त सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता बहाल कर दी गई हैं । यह धरोहर राशि सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता के लिए होगी और इंसमें संपत्ति को पहुंचाई गई किसी भी प्रकार की क्षति का हर्जाना नही होगा । यदि आयोजनकर्ता, कार्यक्रम के आयोजन के परिणाम स्वरुप उत्सर्जित कचरे की सफाई, संग्रहण और दुलाई में नगर पंचायत की सेवाए प्राप्त करना चाहते हो, तो उन्हे नगर पंचायत के सम्बद्ध नामित अधिकारी / कर्मचारी को आवेदन करना होगा तथा इस प्रायोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किया गया अपेक्षित शुल्क जमा करना होगा ।

516

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

(vi ) खाली प्लांट पर ठोस कचरा डम्प करने और गैर - निर्दिष्ट स्थानौ पर निर्माण और विध्वंस कचरा डाले जाने की स्थितियों से नगरे, पंचायत निम्नांकित ढंग से निपटेगा:-

(क) नगर पंचायत किसी परिषर के मालिक/ अधिभोगी को नोटिस भेज सकता है, जिसमें ऐसे मालिक/ अधिभोगी से उक्त परिसर पर डाले गए किसी भी प्रकार के कचरे को नोटिस में वर्णित तरीके और समय सीमा के भीतर हटाने को कहा जाएगा ।

(ख) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाएं पूरी करने में विफल रहता है, तो ऐसे व्यक्ति को समय समय पर निर्धारित दंड का भुगतान करना होगा ।

(ग) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाओ का अनुपालन करने में विफल रहता है तो नगर पंचायत निम्नांकित कार्यवाई कर सकता है:-

(i) ऐसे परिसर में प्रवेश कर कचरे को साफ करना, और (ii ) अधिभोगी से कचरा साफ करने पर किए गए व्यय को वसूल करेंगा ।

(vii) डिस्पोजेबल उत्पादों और सेनिटरी नेपकिन तथा डायपर्स के विनिर्माताओं या मालिकों का दायित्व:

(क) डिस्पोजेबल उत्पादो जैसे टिन, काच, प्लास्टिक पैकेजिंग आदि के सभी विनिर्माताओं अथवा नगर पालिका के अधिकारी क्षेत्र में आने वाले बाजारो में ऐसे उत्पाद प्रारंभ करने वाले ब्रैड मालिकों को कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए नगर पंचायत को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करनी होगी । नगर पालिका इस प्रावधान के लिए केन्द्र सरकार / राज्य सरकार के सम्बद्ध विभागों के साथ समन्वय कर सकती है ।

(ख) ऐसे सभी ब्रैड मालिको को, जो. गैर-जैव अपघटीय पैकेजिंग सामग्री में अपने उत्पाद बेचते या विपणन करते हैं, उन्हे ऐसी प्रणाली कायम करनी होगी, जिसमें उनके उत्पादन के कारण उत्सर्जित पैकेजिंग कचरे को वापस लिया जा सके ।

(ग) सेनिटरी नेपकिन और डायपर्स चिनिर्माता या ब्रैड मालिक या विपणन कंपनियां इस बात की संभावनाओं का पता लगाएंगी कि उनके उत्पादो में सभी रिसाइकिल योग्य पदार्थों का इस्तेमाल किस हद तक किया जा सकता है अथवा वे अपने सेनिटरी उत्पादों के पैकेट के साथ एक ऐसा पाउच या रैपर उपलब्ध कराएंगी, जिनसें नेपकिन या डायपर का निपटान किया जा सके ।

(घ) ऐसे सभी विनिर्माता, ब्रैड मालिकं या विपणन कंपनियां अपने उत्पादों की रैंपिग और डिस्पोजल के लिए लोगो को षिक्षित करेगी ।

14. नगर पंचायत के दायित्व:

(i) नगर पंचायत अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले भूभाग में सभी साझा गलियों / मार्ग, सार्वजनिक स्थलों, अस्थाई बस्तियों, मलिन क्षेत्रों, बाजारों, स्वयं के उद्यानों, बागों, नालियों आदि की सफाई की नियमित प्रणाली सुनिष्चित करने के लिए जिम्मेदार होगी । वह इसके लिए मानव संसाधन और मशीने लगाएगा तथा घोषित संग्रहण कंटेनर से कचरा एकत्र करने और उसे हर रोज बंद वाहनों में अंतिम निपटान स्थल तक पहुंचाने के लिए बाध्य होगा, जिसके लिए नगर पंचायत अपने सफाई स्टाफ और वाहनों के अलावा, अनुबंध के आधार पर प्राइवेट पार्टियों को काम पर लगा सकता है, अथवा सरकारी- निजी भागीदार व्यवस्था का सहारा ले सकता है । इसके अतिरिक्त नगर पंचायत सभी वाणिज्यक क्षेत्रों ऐसे वाणिज्यक क्षेत्रो की पहचान करेगा, जिनमें दिन में दो बार झाडू लगाने की आवश्यता हों ।

(ii) नगर पंचायत अथवा उसके द्वारा संलग्न अधिकृत एजेंसी सार्वजनिक मार्गो, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, धार्मिक स्थलों और वाणिज्यिक क्षेत्रो आदि के आसपास पर्याप्त संख्या में और पर्याप्त आकार के कूड़ेदानों का रख रखाव करेगा ।

(iii) नगर पंचायत. विकेंद्रीकृत और नियमित ढंग से ठोस कचरा प्रबंधन गतिविधियों के प्रयोजन के लिए प्रत्येक वार्ड में एक वार्ड अधिकारी निर्दिष्ट करेगा, ताकि वह कंटेनरों, सार्वजनिक शौचालयों, सामुदायिक शौचालयों अथवा सर्वाजनिक स्थलो पर बने प्रेषाबघरों, सर्वाजनिक कचरे के लिए बनाए ट्रांसफर स्टेशन , लैंडफिल प्रोसेसिंग यूनिटों आदि स्थानो की निगरानी रख सके ।

(iv) सक्षम प्राधिकारी ठोस कचरे के प्रथक्करण, संग्रह, दुलाई, प्रसंस्करण और निपटान कार्यों की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए पर्याप्त संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा, जिसमें कम से कम अपर नगर आयुक्त या समकक्ष रैंक के अधिकारियों को वरीयता दी जाएगी ।

(अ) प्रत्येक वार्ड निर्धारित मानदंड के आधार पर स्वीपिंग बीट्स में विभाजित किया जाएगा और उसमें तदनुरुप कार्मिक तैनात किए जाएंगे या वर्तमान तैनाती सुक्तिसंगत बनाया जाएगा तथा अद्यतन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए उनके काम पर निगरानी रखी जाएगी । नगर पंचायत जहां कही अपने स्टाफ से स्वीपिंग कराने में असर्मथ होगा, तो वह अनुबंध के जरिए बाहरी एजेंसियों से यह काम करा सकती हैं । प्रत्येक बीट का निरीक्षण दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित दैनिक आधार पर सुपरवाइजिंग अधिकारियों द्वारा किया जाएगा ।

(vi ) नगर पंचायत अद्यतन सडक/ गली क्लिनिंग मशीनों, मैकेनिकल स्वीपरो अथवा उपकरणों का इस्तेमाल करेगा, जिनसे झाडू लगाने और नालियों की सफाई की सक्षमता में सुधार होगा ।

(vii) नगर पंचायत सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियान के माध्यम से जागरुकता और संवेदनशीलता पैदा करेगा तथा कचरा उत्सर्जको और अन्य हितभागियो को एसडब्ल्यूएम नियमों और इन उप- नियमों के विभिन्न प्रावधानों के बारे में प्रषिक्षित करेंगा, जिसमें इस्तेमालकर्ता शुल्क और जुर्माना/ दंड संबंधी प्रावधानो की जानकारी पर विशेष बल दिया जाएगा ।

(viii) नगर पंचायत कचरा उत्सर्जकों' को इस बात के लिए प्रोत्साहित करेगा कि वे गीले कचरे का स्त्रोत पर ही उपचार करे । नगर पंचायत विकेंद्रीकृत प्रौद्योगिकियों, जैसे बायो-मिथेनेशन , कम्पोस्टिंग आदि अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने पर भी विचार भाग 8]

517 उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

कर सकता है । इन प्रोत्साहनों में परिवारों , निवासी कल्याण संगठनो और संस्थानों आदि को पुरस्कृत और सम्मान प्रदान करना, :उनकै नाम सम्बद्ध वेबसाइटों में प्रकाषित करना अथवा संपत्ति कर आदि में छूट प्रदान करना शामिल हो सकते है ।

(ix) नगर पंचायत स्वयं द्वारा रख रखाव किए जा रहें सभी पार्को, उद्यानों और जहां कही संभव हो, अपने अधिकार क्षेत्र वाले अन्य स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग समाप्त करेगा और उनमें कम्पोस्ट का इस्तेमाल करेगा । अनौपचारिक कचरा रीसाइकलिंग क्षेत्र द्वारा किए जाने वाले रीसाइकलिंग उपायों के लिए प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा सकते है ।

(ग) नगर पंचायत ठोस कचरा प्रबंधन प्रणालियों को सुचारु और औपचारिक बनाने के उपाय करेगा और यह प्रयास करेगा कि कचरा प्रबंधन में अनौपचारिक क्षेत्र के. श्रमिकों (कचरा बीनने वालों) को वरीयता दी जाए , ताकि उनके कार्य स्थितियों को उन्नत बनाया जा सके और उन्हे ठोस कचरा प्रबंधन की औपचारिक प्रणाली में समाहित एवं एकीकृत किया जा सकें ।

(xi) नगर पंचायत यह सुनिश्चित करेगा कि स्वच्छता सेवा के सुविधा प्रदाता द्वारा अपने उन श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सहित वर्दी, फ्लोरेसेंट जैकेट, दस्ताले, रेनकोट, समुचित फुटवेयर और मास्क प्रदान किए जाएं, जो ठोस कचरा परिचालन कार्य करते है और यह भी कि ऐसे श्रमिकों द्वारा इन वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाए ।

(xii) नगर पंचायत कचरे के संग्रहण, परिवहन और परिचालन में शामिल स्वयं और बाहरी एजेंसी के स्टाफ की व्यवसायिक सुरक्षा सुनिष्चित करेगा और इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत संरक्षा के उपयुक्त और समुचित उपकरण प्रदान करेगा ।

(xiii) किसी ठोस कचरा प्रोसेसिंग या उपचार या निपटान केंद्र अथवा लैंडफिल साइट पर कोई दुर्घटना होने की स्थिति में, उस केंद्र का प्रभारी अधिकारी तत्काल नगर पंचायत को रिर्पोट करेगा , जो स्थिति की समीक्षा करने के बाद उस केंद्र के प्रभारी अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी करेगा ।

(xiv) नियमित जांच अध्यक्ष द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी वार्ड के विभिन्न भागों और ठोस कचरे के संग्रहण, दुलाई , प्रोसेसिंग और निपटान से संबंधित अन्य स्थानों की नियमित जांच करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एसडब्ल्यूएम नियमों और इन उप- नियमों के विभिन्न प्रावधानों का पालन हो रहा हैं ।

(xv) नगर पंचायत अपने मुख्यालय में कॉल सेंटर की स्थापना के जरिए सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली (पीजीआरएस) विकसित करेगा । इस पीजीआरएस में एसएमएस आधारित सेवा, मोबाइल अप्लीकेशन अथवा वैब आधारित सेवाएं शामिल हो सकती हैं ।

(xvi ) नगर पंचायत एसडब्ल्यूएम नियमों और उप- नियमों के कार्यान्वयन से सम्बद्ध कर्मचारियों की उपस्थिकत दर्ज करने के लिए कार्ड प्रोद्योगिकियों / आईसीटी प्रणाली कायम करेगा तथा ऐसी प्रणाली को वेतन/ दिहाडी / परिश्रमिक के साथ एकीकृत करने के प्रयास करेगा ।

(xvii) पारदर्शिता और सर्वाजनिक पहुच अधिक पारदर्शिता और सार्वजनिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नगर पंचायत अपनी वेबसाइट से सारी आवश्यक सूचनाऐ प्रदान करेगा ।

(xviii) नगर पंचायत एसंडब्ल्यूएम नियमों में वर्णित सभी अन्य दायित्व पूरे करेगा, जो इन उपनियमों में विशेष रुप से उल्लिखित नही किए गये हैं ।

अध्याय-10

विविध

15. इन उपनियमों की व्याख्या या कार्यान्वयन में कोई संदेह या कठिनाई आने की स्थिति में उसे अध्यक्ष, नगर पंचायत के समक्ष रखा जाएगा, जिसका निर्णय ऐसे मामले में अंतिम होगा ।

16. सरकारी निकायों के साथ समन्वय नगर पालिका अन्य सरकारी एजेंसियों और प्राधिकरणों के साथ समन्वय करेगा, ताकि इन उपनियमों का अनुपालन ऐसे निकायों के अधिकार क्षेत्र या नियंत्रण में आने वाले इलाकों सुनिश्चित किया जा सके । कोई कठिनाई होने की स्थिति में उत्तराखण्ड सरकार के मुख्य सचिव के समक्ष विचारार्थ रखा जाएगा।

17. सक्षम प्राधिकारी ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 और इन उप-नियमों के समुचित कार्यान्वयन के लिए समय समय पर सामान्य या विशेष आदेश जारी कर सकते हैं

अनुसूची-1

ठोस कचरा प्रबंधन के लिए इस्तेमालकर्ता शुल्क

क्र सं अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी / अपशिष्ट प्रतिमाह सेवा शुल्क (यूजर चार्जेज रुपये में) प्रतिमाह

का प्रकार

कूड़ा तक पर

जैविक-अजैविक

कुडा अलग-

अलग पहुँचाने पर

(रू०)

मिश्रित सड़क पहुँचाने (रू०)

जो व्यक्ति घर/ श्रोत पर ही मिश्रित कुड़ा देने पर (रू०)

जैविक-अजैविक कूड़ा घर/ श्रोत्र पर ही अलग अलग देने पर (रू०)

1

2

3

4

5

6 1.

10

15

20

25 गरीबी रेखा से नीचे के घर (बी.पी.एल कार्ड धारक) 518

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09 , 1944 शक सम्वत्)

2. कम आय वाले घर (बी.पी.एल कार्ड धारक के अतिरिक्त रु 5000.00 प्रतिमाह तक की आय वाले घर)

3, मध्यम आय वाले घर (रु . 5000.00 से अधिक रु. 10000.00 तक प्रतिमाह आय वाले घर)

4. उपरोक्त के अतिरिक्त घर

5. सब्जिएवं फल विक्रेता

6. मांस. एवं मछली विक्रेता

7.. रेस्टोरेन्ट

8. होटल/लॉजिग / गेस्ट हाऊस

9. धर्मशाला

10. बरातघर (चेरिटेबिल) बरातघर (नॉन-चेरिटेबिल)

11. बेकरी

12. कार्यालय

13. स्कूल/ शिक्षण संस्थाएं (आवासीय) प्रति परिवार

14.

स्कूल/ षिक्षण संस्थाएं(अनावासीय)

15.

हॉस्पिटल/ नर्सिंग होम (बायोमेडिकल वेस्ट को छोडकर)

16.

क्लीनिक/पैथोलोजी (बायोमेडिकल वेस्ट को छोडकर)

17.

दुकान/चाय की दंकान

18. फैक्ट्री

वर्कशॉप

19.

कबाडी

20.

21.

जूस / गन्ने का रस विक्रेता

22. सार्वजनिक/निजी स्थलों पर सर्कस/ प्रदर्शनी / विवाह आदि आयोज़न जिनमें अपशिष्ट उत्पन्न हो प्रतिदिन

23. ढहान तथा निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट

24. उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य(प्रतिष्ठान की स्थितिके अनुसार)

25

15

30 20

30

20

35 25

40 25

30

35

150

150

175 250

150

250

175

150

600

300 300

250

400 250

350

350

45

50 25

35

1500

2000

1500

2000

200

250

250

200

75

75

125

100

150

250 250

250

35

35

35 30

450

250

200 250

225 150

250

200

200

225 150

250

250

450

350

500

2000

1000

1500

1500

2000

1000

1500 1500

175

200 100

150

500

800

1500 1000

400

700

1000 800

इस्तेमालकर्ता शुल्क/ प्रभार का भुगतान मांग जारी होने से 30 दिन के भीतर न किए जाने की स्थिति में इस्तेमालकर्ता शुल्क/ प्रभार पर 10 प्रतिशत की दर से विलंब भुगतान / प्रभार (एलपीएससी) लगाया जाएगा ।

अनुसूची-2 जुर्माना/दंड

अपराध

नियम

क्रसं नियम/ उप संख्या

1.

एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 4(1 ) (क)

निम्नांकित पर लागू

प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना (रुपये में)

200 500

आंवासीय बल्क जन्रेटर

5000

कचरे को पृथक करने और संग्रह करने तथा पृथक्कृत कचरे को इन नियमों के अनुसार सौपने में विफल रहना

5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले विवाह/ पार्टी हाल , फेस्टिवल हाल , पार्टी लान, प्रदर्शनी और मेले स्थल

5000

5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले क्लबों, सिनेमाघरों, पब्स, सामुदायिक हॉल , मल्टीप्लेक्सेज भाग 8]

519

उत्तराखण्ड गजट, 01 अक्टूबर, 2022 ई० (आश्विन 09,1944 शक सम्वत्)

सडक/ गली में फैकना,थूकना एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 4(2)

और अन्य ऐसे स्थान

4000

5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले अन्य गैर-आवासीय स्थान

500

फिस, मीट विक्रेता द्वारा कूडे को पृथ्थकरण तरीके से न रखना

1.कूडा उल्घनकर्ता

200से 500 एवं कार्यवाही उत्तराखण्ड कूडा फेकना एवं थूकना प्रतिशेध अधिनियम 2016के अन्तर्गत होगी.।

2000

2.नहाना,पैशाब करना, जानवरो कों चारा खिलाना, कपडे धोना, वाहन धोना , गोबर नाली में बहाना

2. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1 )(ख) और(घ)

200

आवासीय

1000

गैर- आवासीय / बल्क जन्रेटर

नियमानुसार सेनिटरी कचरे का निपटान करने में विफल रहना । नियम के अनुसार बागवानी और उद्यान कचरे के निपटान में विफल रहना ।

3. एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 4(1 )(ग)

1000

आवासीय

5000

गैर-आवासीय / बल्क जन्रेटर

नियम के अनुसार निर्माण और विध्वंस कचरे के निपटान में विफल रहना ।

4.

5000

उल्लंघनकर्ता

ठोस कचरे को खुले में जलाना

एसडब्ल्यूएम का 15(ट), नियमों नियम 4(2),

5. एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 4(4)

5000

निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना किसी गैर लाइसेंसीकृत स्थल पर 100 व्यक्तियों से अधिक की भागीदारी के साथ कार्यक्रम या सभा का आयोजन करना

6. एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 4(5)

ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित करने वाले व्यक्ति अथवा ऐसा व्यक्ति जिसकी ओर से ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित की गई हो और इवेंट मैनेजर यदि कोई हो, जिसने कार्यक्रम या सभा आयोजित की हो

1000

उल्लंघनकर्ता

नियम के अनुसार कचरे का निपटान करने में विफल रहने वाले गली विक्रेता/ वेन्डर कूडादान न रखने एवं कूडे को पृथ्थकरण न करने, अपपष्टि भण्डारन डिपो या पात्र या वाहन में डालने में विफल रहने पर

7. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2) , 15(छ)

1000

अपराधी

सार्वजनिक स्थलो , गुलियों आदि में गंदगी सडको, फैलाना / कुत्ते / अन्य जानवरो द्वारा मल त्याग/उत्सर्जित कचरे के निपटान में विफलता 520

उत्तराखण्ड गजट , 01 अक्टूबर , 2022 ई० (आश्विन 09, 1944 शक सम्वत्)

[भाग 8

निम्नांकित उल्लंघनों के लिए महीने में केवल एक बार जुर्माना लगाया जाएगा

8.

एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 4(6)

नियमों के

10,000

विफलता अनुसार कचरे का निपटान में

9.

निवासी कल्याण एसोसिएशन, आर. डब्ल्यूए

बजार एसोसिएशन ,संघ

20,000

10,000 द्वारबंद समुदाय

नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता

एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(7)

10.

संस्थान

20,000

होटल

10,000

नियमों के अनुसार कचरे का

निपटान में विफलता

एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 4(8)

11. एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 17(2)

रेस्टोरेंट

5000

25000 विनिर्माता और/ या ब्रॉड ऑनर स्वामी

उत्पादन के कारण सृजित पैकेजिंग कचरे को वापस लेने की प्रणाली कायम किये बिना डिस्पोजल उत्पादों की बिक्री अथवा विपणन

12.

50,000

नियमों के अनुसार उपाय करने में

विफलता

एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 17(3)

13 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 15य (ङ) विनिर्माता और ब्रॉड स्वामी और विपणन कुपनियां

25,000

नियमों के उपाय करने, भवन योजना में अपषिष्ट संग्रहण केन्द्र स्थापित करने में विफलता

14

एसडब्ल्यूएम नियमों कानियम 20(ग)

उल्लंघनकर्ता, ग्रुप हाउसिंग सोसाईटि या मॉर्केट काम्पलेक्स आदि

1000 उल्लंघनकर्ता/पर्यटक वाहन/चालक

गलियों, पहाडियों, सार्वजनिक स्थलो में अपशिष्ट यथा कागज, पानी की बोतल, शराब की बोतल, सोफ्ट ड्रिक, कैन , टैट्रा पैक अन्य कोई प्लास्टिक या कागज अपशिष्ट को फैकने पर

15 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 20(घ)

1000 उल्लंघनकर्ता/होटल अतिथिग्रहं स्वामी

नगर पंचायत की उप विधि को होटल/ अतिथिग्रह में बोर्ड लगाकर व्यवस्था करने में विफलत्ता

16

5000 आयोजनकर्ता

सार्वजनिक सभाओं (जलूस प्रर्दशिनियों, सर्कस, मेले,राजनैतिक रैलिया ,वाणिजिक, धार्मिक,

सास्कृतिक कार्यक्रमों, विरोध प्रर्दशन आदि सहित से सार्वजनिक स्थलो पर आयोजित गतिधियों के क्षेत्र एवं आस-पास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करने में विफलता)

राजू नबियाल,

अधिशासी अधिकारी,

नगर पंचायत लालकुआँ ।

लालचन्द्र सिंह ,

अध्यक्ष,

नगर पंचायत लालकुआँ ।

पी०एस० यू० (आर०ई ० ) 40 हिन्दी गजट / 608-भाग 8-2022 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

Cite this issue. Uttarakhand Gazette, Government of Uttarakhand, 01 October 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand.2022-10-01.1_52168_XX-4_2022/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand.2022-10-01.1_52168_XX-4_2022.