पंजीकरण संख्या-UA/ DO/DDN /30 /2021-2023
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
( संख्या-23 ] रुड़की, शनिवार, दिनांक 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
खण्ड-24
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
वार्षिक चन्दा विषय
पृष्ठ संख्या
रु०
3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1500
501-516
भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500
179-195
भाग 1 -क-नियम, कार्य विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग ३-स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र , नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय ) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल, उत्तराखण्ड
975 भाग 6-बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों कीरिपोर्ट
975 भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
355-385
975 भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
स्टोर्स पर्चेज-स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़- पत्र आदि
1425
501-क 502
[भाग 1
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
श्रम अनुभाग
अधिसूचना
18 मई, 2023 ई ०
संख्या 104/ VIII - 1/23-147(श्रम) /2001 - राज्यपाल , उत्तर प्रदेश औद्योगिक स्थापना (राष्ट्रीय अवकाश ) अधिनियम, 1961 (अधिनियम संख्या 18. सन् 1961 ) की धारा 4 की उपधारा (1 ) सपठित उत्तर प्रदेश सांधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (अधिनियम संख्या 1 सन् 1904) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नीचे दी गयी अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लिखित अधिकारियों को अनुसूची के स्तम्भ-3 में उनके सामने उल्लिखित क्षेत्रों के लिए 'निरीक्षक"
नियुक्त करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
अनुसूची
अधिकारी का पदनाम क्र.सं.
(2) (1)
1
श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड ।
2 अपर श्रम आयुक्त देहरादून ।
क्षेत्राधिकारिता
(3)
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
3 श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड कार्यालय में तैनात समस्त संयुक्त/ उप / सहायक श्रम आयुक्त ।
4 उप श्रम आयुक्त, देहरादून ।
5 उप श्रम आयुक्त, हरिद्वार ।
6 उप श्रम आयुक्त, हल्द्वानी ।
7 उप श्रम आयुक्त, ऊधमसिंह नगर ।
जनपद देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी ।
जनपद हरिद्वार, चमोली, रूद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल ।
जनपद नैनीताल, अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एवं पिथौरागढ़ ।
जनपद नैनीताल ।
8 उप श्रम आयुक्त कार्यालय, हल्द्वानी में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
9
जनपद ऊधमसिंह नगर ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , ऊधमसिंह नगर में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
जनपद देहरादून एवं उत्तरकाशी ।
10 उप श्रम आयुक्त कार्यालय , देहरादून में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
जनपद हरिद्वार ।
11 उप श्रम आयुक्त कार्यालय, हरिद्वार में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
12 सहायक श्रम आयुक्त, अल्मोड़ा ।
13 सहायक श्रम आयुक्त, पिथौरागढ़ ।
14 सहायक श्रम आयुक्त, ऋषिकेश ।
15 सहायक श्रम आयुक्त, कोटद्वार ।
जनपद अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद पिथौरागढ़ एवं चम्पावत ।
जनपद टिहरी गढ़वाल एवं तहसील ऋषिकेश ।
जनपद पौड़ी गढ़वाल, रूद्रप्रयाग एवं चमोली ।
अपने-अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ।
16 जनपद देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल,
चमोली, रूद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल एवं हरिद्वार के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
-तदैव-
17 जनपद नैनीताल, पिथौरागढ़ , चम्पावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं ऊधमसिंह नगर के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
503
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
Inpursuance of the provision of Clause (3) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 104/ VIII -1 /23-147 - Labour/2001 , Dated- May 18, 2023 for general information.
NOTIFICATION
May18, 2023
No.104/VIII -1 /23-147- Labour/ 2001 --In exercise of the powers conferred by sub -section (1 ) of section 4 of the Uttar Pradesh Industrial Establishment ( National Holidays ) Act, 1961 (Act No. 18 of 1961 ) read with section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act , 1904 (Act No. 1 of 1904) , the Governor is pleased to appoint the Officers mentioned in column - 2 of the schedule below as " Inspectors " for the areas mentioned against their names in column -3 of the Schedule below: -
Schedule
S.No.
Designation of the Officer
(2)
(1)
1 Labour Commissioner
2 Additional Labour Commissioner Dehradun
3
Jurisdiction
(3)
Whole state of Uttarakhand .
Whole state ofUttarakhand .
Whole state of Uttarakhand.
All Joint/Deputy/Assistant Labour Commissioners posted inthe office of Labour Commissioner Uttarakhand
4 Deputy LabourCommissioner , Dehradun
5 Deputy Labour Commissioner, Haridwar
6 Deputy Labour Commissioner , Haldwani
7 Deputy LabourCommissioner , Udham Singh Nagar
8
DistrictDehradun, Tehri Garhwal and Uttarkashi
District Haridwar, Chamoli, Rudraprayag and Pauri Garhwal
District Nainital, Almora and Bageshwar
District Udham Singh Nagar, Champawat and Pithoragarh
District Nainital
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner , Haldwani
9
District Udham Singh Nagar
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner, Udham Singh Nagar
10
District Dehradun and Uttarkashi
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner, Dehradun
11
District Haridwar
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner, Haridwar
12 Assistant Labour Commissioner , Almora
13: Assistant Labour Commissioner, Pithoragarh
14 Assistant Labour Commissioner, Rishikesh
15 Assistant Labour Commissioner, Kotdwar
16
District Almora and Bageshwar
District Pithoragarh and Champawat
District Tehri Garhwal and Tehsil Rishikesh
District Pauri Garhwal , Rudraprayag and Chamoli
withintheir respective jurisdiction.
Labour enforcement Officers posted as departmental offices in Dehradun , Uttarkashi , Tehri Garhwal, Chamoli, Rudraprayag, Pauri Garhwal and Haridwar districts .
17
AsAbove
Labour enforcement officers posted as departmental offices in district Nainital, Pithoragarh , Champawat, Almora , Bageshwar and Udham Singh Nagar 504
[भाग 1
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
अधिसूचना
18 मई, 2023 ई०
संख्या 105/VIII- 1/23-147 (श्रम) /2001-राज्यपाल , उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (अधिनियम संख्या 28 सन् 1947) (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) (जिसे इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 11 क सपठित उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम , 1904 (1904 का 01 ) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्त्तियों का प्रयोग करके, तथा पूर्व में जारी की गई अधिसूचना संख्याः 4837/ श्रम एवं सेवायोजन/ 2002 , दिनांक 24.10.2002 का अधिक्रमण करते हुए औद्योगिक विवादों के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 ट के अधीन राज्य सरकार द्वारा प्रयोक्तव्य शक्तियों का प्रयोग नीचे दी गयी अनुसूची के स्तम्भ 2 में उल्लिखित अधिकारियों द्वारा स्तम्भ-3 में उल्लिखित अधिकारिता के क्षेत्र के भीतर स्तम्भ-4 में उल्लिखित विवाद के सन्दर्भ में सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
अधिकारी का पदनाम क्र.सं.
(1)
(2)
1
अनुसूची
संदर्भों का क्षेत्राधिकार क्षेत्राधिकारिता
(4) (3)
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड ।
धारा-2(क) के अन्तर्गत औद्योगिक विवाद ।
-तदैव-
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
2 अपर श्रम आयुक्त, देहरादून।
-तदैव-
समस्त उत्तराखण्ड राज्य।
3 श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड कार्यालय में तैनात समस्त संयुक्त/ उप/ सहायक श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड ।
4 उप श्रम आयुक्त, देहरादून ।
-तदैव-
जनपद देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी ।
5 उप श्रम आयुक्त, हरिद्वार ।
-तदैव-
जनपद हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल ।
-तदैव-
जनपद नैनीताल , अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
उप श्रम आयुक्त, हल्द्वानी ।
6
7 उप श्रम आयुक्त, ऊधमसिंह नगर ।
-तदैव-
जनपद ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एवं पिथौरागढ़ ।
Inpursuance of the provision of Clause (3 ) ofArticle 348 of the Constitution of India the Governor ispleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 105/VIII -1/23- 147-Labour/2001 , Dated May 18, 2023 for general information.
NOTIFICATION
May18, 2023
No.105/VIII -1/23-147-Labour/ 2001 -In exercise of the powers conferredby section 11 (A) of the भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
505 Uttar Pradesh Industrial Disputes Act , 1947 (Act No. 28 of 1947) ( as in force in Uttarakhand) (herein after referred to as the said Act) read with section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act , 1904 (01 of 1904 ) , the Governor by superseding the notification number: 4837/ Labour and Employment /2002 , dated : 24-10-2002 , issued earlier, is pleased to accorded sanction to exercise of all the necessary powers by the State Government , under section 4(k) of the said Act , in relation to industrial disputes , mentioned in column - 4 within the area ofjurisdiction mentioned in column- 3 by the Officers mentioned in column- 2 of the schedule givenbelow: -
Schedule
Designation ofthe Officer No
(1)
Jurisdiction
Jurisdiction of references
(4) (3)
Whole state of Uttarakhand .
Labour Commissioner , Uttarakhand.
1
Industrial dispute under section 2(a)
-As above-
Whole state of Uttarakhand.
2 Additional Labour Commissioner, Dehradun
-Asabove-
Whole state ofUttarakhand .
3
All Joint/Deputy/Assistant Labour Commissioners
Deputy Labour Commissioner 4
-As above-
District Dehradun , Tehri Garhwal and Uttarkashi ...
Deputy Labour Commissioner 5
-As above-
District Haridwar , Chamoli , Rudraprayag and Pauri Garhwal
Deputy LabourCommissioner 6
-As above-
District Nainital, Almora and Bageshwar
Deputy Labour Commissioner 7
-Asabove-
District Champawat, Udham Singh Nagar and Pithoragarh
अधिसूचना
18 मई , 2023 ई ०
संख्या 106/ VIII- 1/23-147 (श्रम) /2001- राज्यपाल , समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 (अधिनियम संख्या 25 सन् 1976) (जिसे इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 7 की उपधारा (6) सपठित उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (1904 का 01 ) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करके, तथा पूर्व में जारी की गई अधिसूचना संख्या 1625/ औ०वि० / 2001-125- श्रम / 2001 को अधिक्रमण करते हुए उक्त अधिनियम की धारा 7 की उपधारा (1 ) के खण्ड (क) और खण्ड (ख) के अधीन परिवादों और दावों की सुनवाई करने और उनका विनिश्चय करने के प्रयोजनार्थ नीचे दी गयी अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लिखित अधिकारियों को अनुसूची के स्तम्भ-3 में उनके सामने उल्लिखित क्षेत्रों के लिए 'प्राधिकारी" नियुक्त करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
506
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1
अनुसूची
क्षेत्राधिकारिता
अधिकारी का पदनाम
क्र० सं०
(3)
(1)
(2)
1
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड कार्यालय में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
जनपद नैनीताल ।
2 उप श्रम आयुक्त कार्यालय , हल्द्वानी में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
जनपद ऊधमसिंह नगर ।
3 उप श्रम आयुक्त कार्यालय , ऊधमसिंह नगर में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
4
जनपद देहरादून एवं उत्तरकाशी ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , देहरादून में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
जनपद हरिद्वार ।
5 उप श्रम आयुक्त कार्यालय, हरिद्वार में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
6
जनपद अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
सहायक श्रम आयुक्त, अल्मोड़ा ।
जनपद पिथौरागढ़ एवं चम्पावत ।
7 सहायक श्रम आयुक्त, पिथौरागढ़ ।
जनपद टिहरी गढ़वाल एवं तहसील ऋषिकेश ।
8 सहायक श्रम आयुक्त, ऋषिकेश ।
जनपद पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग एवं चमोली ।
9 सहायक श्रम आयुक्त, कोटद्वार ।
Inpursuance of the provision of Clause (3 ) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 106/V/!!! -1 /23- 147-Labour/2001 , Dated May 18, 2023 for general information.
NOTIFICATION
May18, 2023
No.106/VIII -1 /23-147- Labour / 2001 --In exercise of the powers conferred by sub -section ( 1 ) of section 7 of Equal Remuneration Act, 1976 (Act No. 25 of 1976 ) ( hereinafter referred to as the said Act ) read with section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act, 1904 ( 01 of 1904 ) , the Governor is pleased to supersede the notification number: 1625 / Industrial Development /2001-125- Labour / 2001 , and under clause (a) and clause (b ) of sub - section ( 1 ) of section 7 of the said Act , hereby approves the appointment of the Officers mentioned in column - 2 of the schedule below as " Authorities " , for the purpose of hearing and deciding the complaints and claims under the Act within the jurisdiction mentioned against them in column-3 of the Schedule below: -
Schedule
Jurisdiction
Designation of the Officer
(3)
S. No. (1)
(2)
Whole state of Uttarakhand
1
Assistant Labour Commissioner posted in the office ofLabour Commissioner , Uttarakhand.
District Nainital .
2 Assistant Labour Commissioner posted in the office ofDeputy Labour Commissioner , Haldwani .
3
District Udham Singh Nagar.
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner , Udhamsingh Nagar.
District Dehradun and Uttarkashi .
4 Assistant Labour Commissioner posted in the office ofDeputy Labour Commissioner, Dehradun.
District Haridwar,
5 Assistant Labour Commissioner posted in the office ofDeputy Labour Commissioner, Haridwar.
DistrictAlmora and Bageshwar .
6 Assistant Labour Commissioner, Almora.
District Pithoragarh and Champawat.
7 Assistant Labour Commissioner, Pithoragarh.
8 Assistant Labour Commissioner , Rishikesh.
District Tehri Garhwal and Tehsil Rishikesh
9 Assistant Labour Commissioner , Kotdwar.
District Pauri Garhwal , Rudraprayag and Chamoli. A 507 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
अधिसूचना
18 मई. 2023 ई०
संख्या 107 / VIII- 1 /23-147 (श्रम) /2001 - राज्यपाल , समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 (अधिनियम संख्या 25 सन् 1976) (जिसे इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 7 की उपधारा (6) सपठित उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (1904 का 01 ) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करके तथा पूर्व में जारी की गई अधिसूचना संख्या 1988 / औ ० वि० / 2001-125 श्रम / 2001, दिनांक 23.07.2001 को अधिक्रमण करते हुए , उक्त अधिनियम की धारा 7 की उपधारा (1 ) के अधीन नियुक्त 'प्राधिकारी" द्वारा दिए गए किसी आदेश से व्यथित किसी नियोजक या कर्मकार द्वारा निग्न अनुसूची के स्तम्भ 2 में उल्लिखित अधिकारियों के समक्ष स्तम्भ-3 में उल्लिखित क्षेत्रान्तर्गत्त अपील प्रस्तुत करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
अनुसूची
क्षेत्राधिकारिता
अधिकारी का पदनाम
क्र०सं०
(3)
(2)
(1)
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
1 श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड कार्यालय में
तैनात उप श्रम आयुक्त ।
2 उप श्रम आयुक्त, देहरादून । जनपद देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी ।
3 उप श्रम आयुक्त, हरिद्वार । जनपद हरिद्वार, चमोली , रूद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल ।
4 उप श्रम आयुक्त, हल्द्वानी । जनपद नैनीताल , अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
5 जनपद ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एवं पिथौरागढ़ ।
उप श्रम आयुक्त, ऊधमसिंह नगर ।
In pursuance of the provision of Clause (3 ) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 107/VIII -1 /23- 147-Labour /2001 , Dated May 18 , 2023 for general information .
NOTIFICATION
May18, 2023
No.107/VIII -1 /23-147 - Labour/ 2001 -In exercise of the powers conferred by sub - section (6 ) of section 7 of Equal Remuneration Act, 1976 (Act No. 25 of 1976) ( hereinafter referred to as the said Act) read with section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act , 1904 (01 of 1904 ), the Governor is pleased to supercedethe notification number: 1988/ Industrial Development /2001-125 Labour /2001 , dated : 23-07-2001 , issued earlier and to grant sanction to any employer or workman aggrieved by any order made by the authority " appointed undersub - section . (1 ) of section 7 of said Act , may submit their appeal before the Officers mentioned in column-2for the jurisdiction mentioned against them in column -3 of the following schedule:-
Schedule
Jurisdiction
Designation of the Officer
S.
No.
(3)
(2)
(1)
Whole state of Uttarakhand.
1 Deputy Labour Commissioner posted in the office of Labour Commissioner, Uttarakhand.
2 Deputy Labour Commissioner, Dehradun . District Dehradun , Tehri Garhwal and Uttarkashi .
3 Deputy Labour Commissioner, Haridwar . District Haridwar, Chamoli , Rudraprayag and Pauri Garhwal .
District Nainital , Almora and Bageshwar .
4 Deputy Labour Commissioner , Haldwani .
District Udham Singh Nagar, Champawat andPithoragarh.
5 Deputy Labour Commissioner , Udham Singh Nagar.
508
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1
अधिसूचना
18मई, 2023 ई०
संख्या 108/VIII- 1/23-147(श्रम) /2001- राज्यपाल , भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 (अधिनियम संख्या 27, सन् 1996) की धारा 42 की उपधारा (3 ) सपठित उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (1904 का 01 ) की धारा -21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके, तथा पूर्व में जारी की गई अधिसूचना संख्या 689 / VIII/ 1063- श्रम/ 2005 , दिनांक 15 अप्रैल, 2005 का अधिक्रमण करते हुए नीचे दी गयी अनुसूची के स्तम्म-2 में उल्लिखित अधिकारियों को अनुसूची के स्तम्भ-3 में उनके सामने उल्लिखित क्षेत्रों के लिए "निरीक्षक नियुक्त करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
अनुसूची
क्र.सं.
अधिकारी का पदनाम
(1)
(2)
1 श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड ।
2 अपर श्रम आयुक्त, देहरादून ।
3
क्षेत्राधिकारिता
(3)
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड कार्यालय में तैनात समस्त संयुक्त/ उप/ सहायक श्रम आयुक्त ।
4 उप श्रम आयुक्त, देहरादून ।
5 उप श्रम आयुक्त, हरिद्वार ।
6 उप श्रम आयुक्त, हल्द्वानी ।
7 उप श्रम आयुक्त, ऊधमसिंह नगर ।
8
जनपद देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी ।
जनपद हरिद्वार, चमोली , रूद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल ।
जनपद नैनीताल , अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एवं
पिथौरागढ़ ।
जनपद नैनीताल ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय, हल्द्वानी में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
9
जनपद ऊधमसिंह नगर ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , ऊधमसिंह नगर में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
जनपद देहरादून एवं उत्तरकाशी ।
10 उप श्रम आयुक्त कार्यालय, देहरादून में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
11
जनपद हरिद्वार ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , हरिद्वार में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
12 सहायक श्रम आयुक्त, अल्मोड़ा ।
13 सहायक श्रम आयुक्त, पिथौरागढ़ ।
14 सहायक श्रम आयुक्त, ऋषिकेश ।
15 सहायक श्रम आयुक्त, कोटद्वार ।
जनपद अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद पिथौरागढ़ एवं चम्पावत ।
जनपद टिहरी गढ़वाल एवं तहसील ऋषिकेश ।
जनपद पौड़ी गढ़वाल, रूद्रप्रयाग एवं चमोली ।
अपने-अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ।
18 जनपद देहरादून, उत्तरकाशी , टिहरी गढ़वाल , चमोली, रूद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल एवं हरिद्वार के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
-तदैव-
17 जनपद नैनीताल , पिथौरागढ़ , चम्पावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं ऊधमसिंह नगर के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
भाग 1 ]
509
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
In pursuance of the provision of Clause ( 3) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 108 /VIII -1/23- 147-Labour/2001 , Dated May 18, 2023 for general information .
NOTIFICATION
May 18, 2023
No.108/VIII -1/23-147- Labour / 2001 --In exercise of the powers conferredby Sub- section (3 ) of section 42 of the Building and Other Construction Workers ( Regulation of Employment and Conditions of Service) Act, 1996 (Act No. 27 of 1995) read with section 21 of the Uttar Pradesh Generai Clauses Act , 1904 (01 of1904) , the Governor, by superseding the notification No. 689 /VIII /1063 - Labour/2005 , dated April 15 , 2005 issued earlier, is pleased to appointment the Officers mentioned in column - 2 of the schedule given below as "Inspectors" within the jurisdiction mentioned against them in column - 3 of schedule below: -
Schedule
Designation of the Officer S No. (1)
(2)
1 Labour Commissioner
2 Additional Labour Commissioner , Dehradun
3
Jurisdiction
(3)
Whole state of Uttarakhand.
Whole state of Uttarakhand.
Whole state of Uttarakhand.
All Joint/Deputy/Assistant Labour Commissioners posted inthe office of Labour Commissioner
4 Deputy Labour Commissioner, Dehradun
5 Deputy Labour Commissioner, Haridwar
6 Deputy Labour Commissioner , Haldwani
7 DeputyLabour Commissioner, Udham Singh Nagar District Dehradun , Tehri Garhwal and Uttarkashi
District Haridwar, Rudraprayag and Pauri Garhwal Chamoli,
DistrictNainital, Almora and Bageshwar
District Udham Singh Nagar, Champawat andPithoragarh
District Nainital
8 Assistant Labour Commissioner posted in the Deputy Labour Commissioner's Office , Haldwani
9 Assistant Labour Commissioner posted in Deputy Labour Commissioner's Office, Udhamsingh Nagar District Udham Singh Nagar
DistrictDehradun and Uttarkashi
10 Assistant Labour Commissioner posted in the Deputy Labour Commissioner's Office, Dehradun
District Haridwar
11 Assistant Labour Commissioner posted in the Deputy Labour Commissioner's Office, Haridwar
12 Assistant Labour Commissioner , Almora
13 Assistant Labour Commissioner, Pithoragarh
14 Assistant Labour Commissioner , Rishikesh .
15 Assistant Labour Commissioner, Kotdwar.
16
DistrictAlmora and Bageshwar
District Pithoragarh and Champawat
District Tehri Garhwal and Tehsil Rishikesh
District Pauri Garhwal , Rudraprayag and Chamoli
Under their respective jurisdiction.
Labour enforcement Officers deployed in departmental offices of Dehradun , Uttarkashi , Tehri Garhwal, Chamoli , Rudraprayag, Pauri Garhwal and Haridwar districts .
As Above
17 Labour enforcement officers posted indepartmental offices Of District Nainital, Pithoragarh, Champawat , Almora, Bageshwar and Udham Singh Nagar 510
[भाग 1
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई ० (ज्येष्ठ 20. 1945 शक सम्वत्)
अधिसूचना
18मई, 2023 ई०
संख्या 109 / VIII - 1/23-147(श्रम) /2001 - राज्यपाल , भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 (अधिनियम संख्या 27 , सन् 1996) की धारा 6 के साथ सपठित उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (1904 का 01 ) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके, तथा पूर्व में जारी की गई अधिसूचना संख्या 687 / VIII/ 1063 - श्रम / 2005 , दिनांक 15 अप्रैल, 2005 एवं कार्यालय ज्ञाप संख्या 1265(1 )/VIII/2010-680( श्रम) / 2002 , टी० सी०- ॥ , दिनांक 09 जुलाई , 2010 का अधिक्रमण करते हुए तथा कार्यालय ज्ञाप संख्या 474/ VIII/12-35(श्रम) /2011 , दिनांक 17 मई, 2012 एवं संख्या 539 / VII /13-34 (श्रम) /2011,10 अप्रैल, 2013 द्वारा भवन और अन्य सन्निर्माण कार्मिकों के पंजीयन हेतु नामित पंजीयनकर्ता अधिकारियों के साथ-साथ नीचे दी गयी अनुसूची के स्तम्भ 2 में उल्लिखित अधिकारियों को अनुसूची के स्तम्भ -3 में उनके सामने उल्लिखित क्षेत्रों के लिए 'पंजीयनकर्ता अधिकारी नियुक्त करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
अनुसूची
अधिकारी का पदनाम क्र.सं.
(2) (1)
1
क्षेत्राधिकारिता
(3)
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड कार्यालय में तैनात समस्त उप/सहायक श्रम आयुक्त ।
2 उप श्रम आयुक्त, देहरादून ।
3 उप श्रम आयुक्त, हरिद्वार ।
4 उप श्रम आयुक्त, हल्द्वानी ।
5 उप श्रम आयुक्त, ऊधमसिंह नगर ।
6
जनपद देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी ।
जनपद हरिद्वार, चमोली, रूद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल ।
जनपद नैनीताल , अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एवं पिथौरागढ़ ।
जनपद नैनीताल ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय, हल्द्वानी में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
7
जनपद ऊधमसिंह नगर ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय, ऊधमसिंह नगर में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
8
जनपद देहरादून एवं उत्तरकाशी ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय, देहरादून में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
9
जनपद हरिद्वार ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , हरिद्वार में तैनात
सहायक श्रम आयुक्त ।
10 सहायक श्रम आयुक्त, अल्मोड़ा।
11 सहायक श्रम आयुक्त, पिथौरागढ़ ।
12 सहायक श्रम आयुक्त, ऋषिकेश ।
13 सहायक श्रम आयुक्त, कोटद्वार ।
जनपद अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद पिथौरागढ़ एवं चम्पावत ।
जनपद टिहरी गढ़वाल एवं तहसील ऋषिकेश ।
जनपद पौड़ी गढ़वाल , रूद्रप्रयाग एवं चमोली ।
अपने-अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ।
14 जनपद देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, चमोली, रूद्रप्रयाग , पौड़ी गढ़वाल एवं हरिद्वार के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
-तदैव-
15 जनपद नैनीताल , पिथौरागढ़ , चम्पावत , अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं ऊधमसिंह नगर के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
511 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
Inpursuance of the provision of Clause ( 3) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 109/VIII -1/23- 147-Labour/2001 , Dated May 18 , 2023 for general information.
NOTIFICATION
May18,2023
No.109/VIII -1 /23-147-Labour/ 2001 --In exercise of the powers conferred by Section 6 of the Building andOther Construction Workers ( Regulation of Employment and Service Conditions ) Act, 1996 (Act No. 27 of 1996) read with section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act, 1904 ( 01 of 1904), the Governor, bysuperseding the Notification No. 687 /VIII/1063 -Labour/2005, dated: April 15, 2005 and OM No.: 1265 ( 1 ) /VIII/2010- 680(Labour) /2002 , TC- II , dated: July 09, 2010 issued earlier, is pleased to approve the appointment of the Officers mentioned in column - 2 of the Schedule below as " Registration Officers " for the jurisdiction mentioned against them in column - 3 of schedule below along with the officers designated as " Registering Officers " for the registration of building and other construction personnel earlier vide Office Memorandum No .: 474 /VIII / 12- 35(Labour)/2011, dated: May 17, 2012 and No .: 539/VIII / 13-34 (Labour) /2011 , April 10, 2013.
Schedule
S.No.
Jurisdiction (3)
(1)
Designation ofthe Officer (2)
Whole state of Uttarakhand.
1 All Deputy/Assistant Labour Commissioner . posted inthe office of Labour Commissioner , Uttarakhand
2
District Dehradun , Tehri Garhwal and Uttarkashi Deputy Labour Commissioner , Dehradun
3 Deputy Labour Commissioner , Haridwar
District Haridwar , Chamoli , Rudraprayag and PauriGarhwal
4
DistrictNainital , Almora and Bageshwar
Deputy Labour Commissioner , Haldwani
5 Deputy Labour Commissioner, Udham Singh Nagar District Udham Singh Nagar , Champawat and Pithoragarh
6
District Nainital
Assistant Labour Commissioner posted in the Deputy Labour Commissioner's Office , Haldwani
7
District Udham Singh Nagar
Assistant Labour Commissioner posted in Deputy Labour Commissioner's Office, Udham Singh Nagar
8
District Dehradun and Uttarkashi
Assistant Labour Commissioner posted in the Deputy Labour Commissioner's Office, Dehradun
District Haridwar
9 Assistant Labour Commissioner posted in the Deputy Labour Commissioner's Office, Haridwar
DistrictAlmora and Bageshwar
10 Assistant Labour Commissioner , Almora
District Pithoragarh and Champawat
11 Assistant Labour Commissioner , Pithoragarh
District Tehri Garhwal and Tehsil Rishikesh
12 Assistant Labour Commissioner, Rishikesh .
13 Assistant Labour Commissioner , Kotdwar.
District Pauri Garhwal , Rudraprayag and Chamoli
14
Under their respective jurisdiction.
Labour enforcement Officers deployed in departmental offices of Dehradun, Uttarkashi, Tehri Garhwal , Chamoli , Rudraprayag, Pauri Garhwal and Haridwar districts .
AsAbove
15 Labour enforcement officers posted in departmental offices . Of District Nainital , Pithoragarh, Champawat, Almora, Bageshwar and Udham Singh Nagar 512
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्) .
[भाग 1
अधिसूचना
18 मई, 2023 ई०
संख्या 110/ VIII- 1/23-147(श्रम) /2001- राज्यपाल ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन ) , अधिनियम, 1970 (अधिनियम संख्या 37. सन् 1970 ) (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त) (जिसे इसके पश्चात उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 11 सपठित्त उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम , 1904 (1904 का 01) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके, तथा पूर्व में जारी की गई अधिसूचना संख्या 2614/Vlli/1-129(श्रम) / 2001 , दिनांक 27 दिसम्बर , 2010 का अधिक्रमण करते हुए नीचे दी गयी अनुसूची के स्तम्भ 2 में उल्लिखित अधिकारियों को अनुसूची के स्तम्भ -3 में उनके सामने उल्लिखित क्षेत्रों के लिए उक्त अधिनियम के द्वारा या उसके अधीन अनुज्ञापन अधिकारी (Licensing Authority) को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
अनुसूची
क्र.सं.
अधिकारी का पदनाम
(1)
(2)
1 अपर श्रम आयुक्त, देहरादून ।
2
क्षेत्राधिकारिता
(3)
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
श्रम आयुक्त , उत्तराखण्ड कार्यालय में तैनात समस्त संयुक्त/ उप / सहायक श्रम आयुक्त ।
3 उप श्रम आयुक्त, हरिद्वार ।
4 उप श्रम आयुक्त, हल्द्वानी ।
5 उप श्रम आयुक्त, ऊधमसिंह नगर ।
6
जनपद हरिद्वार, चमोली, रूद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल ।
जनपद नैनीताल, अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एवं पिथौरागढ !
जनपद नैनीताल ।
श्रम आयुक्त । उप श्रम आयुक्त कार्यालय, हल्द्वानी में तैनात सहायक
7
जनपद ऊधमसिंह नगर ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , ऊधमसिंह नगर में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
8
जनपद देहरादून एवं उत्तरकाशी ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय, देहरादून में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
9
जनपद हरिद्वार ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , हरिद्वार में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
10 सहायक श्रम आयुक्त, अल्मोड़ा ।
11 सहायक श्रम आयुक्त, पिथौरागढ़ ।
12 सहायक श्रम आयुक्त, ऋषिकेश ।
13 सहायक श्रम आयुक्त, कोटद्वार ।
जनपद अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद पिथौरागढ़ एवं चम्पावत ।
जनपद टिहरी गढ़वाल एवं तहसील ऋषिकेश ।
जनपद पौड़ी गढ़वाल , रूद्रप्रयाग एवं चमोली ।
in pursuance of the provision of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 110 // III -1/23- 147-Labour/2001 , Dated May 18, 2023 for general information .
NOTIFICATION
May18, 2023
No.110/VIII -1/23-147 -Labour/ 2001--In exercise of the powers conferred by section 11 of the ContractLabour(Regulation and Abolition ) ,Act , 1970 (Act No. 37 of 1970 ) (as in force in the State of Uttarakhand) 513 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई ० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
read with section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act , 1904 (01 of 1904) , the Governor by superseding the notification number: 2614/VIII /1-129 ( Labour ) /2001 , Dated : December 27 , 2010 issued earlier, ispleased to accord sanctions to exercise the powers as of 'Licensing Authority' to the Officers mentioned in column-2 of the schedule given below under the said Act, for the areas mentioned against them in column - 3 of the Schedule below: -
Schedule
Jurisdiction
Designation of the Officer
S.No.
(3)
(2)
(1)
Whole state of Uttarakhand.
1 Additional Labour Commissioner , Dehradun
Whole state of Uttarakhand .
2 All Joint/Deputy/Assistant Labour Commissioners posted in the office of Labour Commissioner
3 Deputy Labour Commissioner, Haridwar
District Haridwar, Chamoli , Rudraprayag and Pauri Garhwal
District Nainital, Almora and Bageshwar
Deputy Labour Commissioner, Haldwani
4
District Udham Singh Nagar, Champawat and Pithoragarh
5 Deputy Labour Commissioner, Udham Singh Nagar
District Nainital
6 Assistant Labour Commissioner posted in the Office of Deputy Labour Commissioner , Haldwani
District Udham Singh Nagar
7 Assistant Labour Commissioner posted in Deputy Labour Commissioner's Office, Udham SinghNagar
District Dehradun and Uttarkashi
8 Assistant Labour Commissioner posted in the Office of the Deputy Labour Commissioner , Dehradun
District Haridwar
9 Assistant Labour Commissioner posted in the Office of the Deputy Labour Commissioner, Haridwar
DistrictAlmora and Bageshwar
10 Assistant Labour Commissioner, Almora
District Pithoragarh and Champawat
Assistant Labour Commissioner, Pithoragarh
11
District Tehri Garhwal and Tehsil Rishikesh
Assistant Labour Commissioner, Rishikesh .
12
13 Assistant Labour Commissioner, Kotdwar . District Pauri Garhwal , Rudraprayag and Chamoli 514
[भाग 1
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
अधिसूचना
18मई, 2023 ई०
संख्या 111 / VIII- 1/23-147( श्रम) / 2001- राज्यपाल ठेका श्रम ( विनियमन और उत्सादन) , अधिनियम, 1970 (अधिनियम संख्या 37 , सन् 1970) ( जिसे इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 28 की उपधारा (1) सपठित उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (1904 का 01 ) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके , तथा इस सम्बन्ध में पूर्व में जारी की गई अधिसूचना संख्या 2149 / औ ० वि० / 2001-129 (श्रम ) /2001 , दिनांकः 09-08-2001 का अधिक्रमण करते हुए नीचे दी गयी अनुसूची के स्तम्भ 2 में उल्लिखित अधिकारियों को अनुसूची के स्तम्भ-3 में उनके सामने उल्लिखित क्षेत्रों के लिए ' निरीक्षक नियुक्त करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं. जो अनुसूची के स्तम्भ -3 में विनिर्दिष्टअपनी-अपनी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर उक्त अधिनियम के अधीन निरीक्षकों को प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करेंगे: -
अनुसूची
क्र.सं.
अधिकारी का पदनाम
(1)
(2)
1
श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड ।
2 अपर श्रम आयुक्त देहरादून ।
3
क्षेत्राधिकारिता
(3)
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
समस्त उत्तराखण्ड राज्य ।
श्रम आयुक्त, उत्तराखण्ड कार्यालय में तैनात समस्त संयुक्त/उप/ सहायक श्रम आयुक्त ।
4 उप श्रम आयुक्त, देहरादून ।
5 उप श्रम आयुक्त, हरिद्वार ।
6 उप श्रम आयुक्त, हल्द्वानी ।
7 उप श्रम आयुक्त, ऊधमसिंह नगर ।
a
जनपद देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी ।
जनपद हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल ।
जनपद नैनीताल, अल्मोड़ा एवं बागेश्वर !
जनपद ऊधनसिंह नगर, चम्पावत्त एवं पिथौरागढ़ ।
जनपद नैनीताल ।
सहायक श्रम आयुक्त । उप श्रम आयुक्त कार्यालय , हल्द्वानी में तैनात
9
जनपद ऊधमसिंह नगर ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय, ऊधमसिंह नगर में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
जनपद देहरादून एवं उत्तरकाशी ।
10 उप श्रम आयुक्त कार्यालय, देहरादून में तैनात सहायक श्रम आयुक्त ।
11
जनपद हरिद्वार ।
उप श्रम आयुक्त कार्यालय , हरिद्वार में तैनात
सहायक श्रम आयुक्त ।
12 सहायक श्रम आयुक्त, अल्मोड़ा ।
13 सहायक श्रम आयुक्त, पिथौरागढ़ ।
14 सहायक श्रम आयुक्त, ऋषिकेश।
15.सहायक श्रम आयुक्त, कोटद्वार ।
जनपद अल्मोड़ा एवं बागेश्वर ।
जनपद पिथौरागढ़ एवं चम्पावत ।
जनपद टिहरी गढ़वाल एवं तहसील ऋषिकेश ।
जनपद पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग एवं चमोली ।
अपने-अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ।
16 जनपद देहरादून, उत्तरकाशी , टिहरी गढ़वाल , चमोली, रूद्रप्रयाग , पौड़ी गढ़वाल एवं हरिद्वार के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
--तदैव--
17 जनपद नैनीताल , पिथौरागढ़ , चम्पावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं ऊधमसिंह नगर के विभागीय कार्यालयों में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी ।
आज्ञा से,-
आर ० मीनाक्षी सुन्दरम,
सचिव।
515
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
In pursuance of the provision of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 111 /VIII -1/23- 147-Labour /2001 , Dated May 18 , 2023 for general information.
NOTIFICATION
May18, 2023
No.111 /VIII -1 / 23-147-Labour/ 2001 --In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 28 of the Contract Labour ( Regulation and Abolition ) , Act , 1970 (Act No. 37 of 1970 ) read with Section -21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act, 1904 ( 01 - of 1904 ) , the Governor by superseding the notification number: 2149/Industrial Development/2001-129 ( Labour ) /2001 , dated: 09-08-2001 issued earlier in this regard, pleased to appointment " Inspectors " to the Officers mentioned in column -2 of the schedule given below for the areas mentioned against them in column 3, within thelocal limits of their respective jurisdictions specified in column 3 of the schedule ,to exercise the powers as ' Inspectors ' under the saidAct.:-
Schedule
S.No.
Designation of the Officer
(2)
(1)
Labour Commissioner
1
2 Additional Labour Commissioner
3
Jurisdiction
(3)
Whole state of Uttarakhand .
Whole state of Uttarakhand.
Whole state of Uttarakhand.
All Joint/Deputy/Assistant Labour Commissioners posted in the office of Labour Commissioner
4 Deputy Labour Commissioner , Dehradun
5 Deputy Labour Commissioner, Haridwar
6 Deputy Labour Commissioner , Haldwani
7.
District Dehradun, Tehri Garhwal and Uttarkashi
District Haridwar, Chamoli , Rudraprayag and PauriGarhwal
District Nainital , Almora and Bageshwar
District Udham Singh Nagar , Champawat and Pithoragarh
Deputy Labour Commissioner , Udham Singh Nagar
District- Nainital
8 Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner , Haldwani
9
District Udham Singh Nagar
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner, Udham Singh Nagar
10
District Dehradun and Uttarkashi
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner, Dehradun
11
District Haridwar
Assistant Labour Commissioner posted in the office of Deputy Labour Commissioner , Haridwar 516
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई ० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1
12 Assistant Labour Commissioner , Almora
DistrictAlmora and Bageshwar
13 Assistant Labour Commissioner, Pithoragarh
14 District Pithoragarh and Champawat
Assistant Labour Commissioner, Rishikesh.
15 District Tehri Garhwal and Tehsil Rishikesh
Assistant Labour Commissioner, Kotdwar .
16 District Pauri Garhwal , Rudraprayag and Chamoli
Under their respective jurisdiction.
Labour enforcement Officers deployed in departmental offices of Dehradun, Uttarkashi , Tehri Garhwal , Chamoli , Rudraprayag, Pauri Garhwal and Haridwar districts.
17 As Above
Labour enforcement officers posted in departmental offices of District Nainital, Pithoragarh, Champawat , Almora, Bageshwar and Udham Singh Nagar
ByOrder,
R. MEENAKSHI SUNDARAM , Secretary.
पी०एस०यू० (आर०ई०) 23 हिन्दी गजट / 235-भाग 1-2023 (कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN/ 30/2021-2023
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शंक सम्वत्)
भाग 1 - क नियम, कार्य-विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
May22, 2023
No. 230 / XIV - a / 51/ Admin.A/ 2012 --Ms . Anita Kumari , 3rd Additional Civil Judge ( Sr. Div. ) . Dehradun ishereby sanctioned maternity leave for 180 days w.e.f. 26.10.2022 to 23.04.2023 .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/- Registrar General .
HIGH COURT OF UTTARAKHAND AT NAINITAL
NOTIFICATION
May23, 2023
No. 231 / UHC / Admin.A- 2/ 2023 --Pursuant to the Government Notification No.316 /XXX ( 4 ) /2023- 04(1 ) /2018-T.C . dated 22nd May 2023 , Ms. Anjali Benjwal , direct recruit ( Batch - 2022) from the Bar to Uttarakhand Higher Judicial Service ( HJS) , in the pay scale of ₹ 144840-194660 ( J - 5 ) is posted as Additional District & Sessions Judge , Tehri Garhwal in the vacant Court.
This order will come into force with immediate effect.
By Order of the Court, Sd/- ANUJ KUMAR SANGAL, Registrar General .
179-ख [भाग 1-क 180
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
May23, 2023
No. 232/XIV - a- 29/Admin.A/ 2020 -- Shri Ruchika Goel , 1st Additional Civil Judge ( Jr. Div. ) , Nainital ishereby sanctioned earned leave for 25 days w.e.f. 18.04.2023 to 12.05.2023 with permission to suffix 13.05.2023 & 14.05.2023 as second Saturday and Sunday holidays respectively.
NOTIFICATION
May 23, 2023
No. 233 /XIV - 35/Admin.A/ 2008-- Shri Ramesh Singh , Chief Judicial Magistrate , Nainital is hereby sanctioned earned leave for 25 days w.e.f. 18.04.2023 to 12.05.2023 with permission to suffix 13.05.2023 &14.05.2023 as second Saturday and Sunday holidays respectively.
ByOrder of Hon'ble the Administrative Judge, Sd/-
RegistrarGeneral .
निदेशालय पंचायतीराज, उत्तराखण्ड
25मई, 2023 ई०
संख्या 157 / 933 / जि० पं० अ० को०/ 2022-23 देहरादून
जिला पंचायत ऊधमसिंह नगर द्वारा उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (अधिनियम सं0-11 , वर्ष 2016) के भाग-4 की धारा 106 , के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत, ऊधमसिंह नगर, के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि एवं सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबन्ध उपविधि 2023 निर्मित की गई ।
कार्यालय जिला पंचायत ऊधमसिंह नगर
प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक (Single use plastic) उपविधि 2022 कार्यालय जिला पंचायत उधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत एकल उपयोग प्लास्टिक (Single use plastic) का प्रयोग प्रतिबंधित करने के लिए बनायी गई उपविधिया/ उपनियम-
1 उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियत 2016 में दी गई धारा 106 में जिला पंचायतो के प्रयोजन के लिये ऐसे विषय के सम्बन्ध में जिनका उपविधियों द्वारा शासित होना इस अधिनियम द्वारा अपेक्षित है जो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के स्वास्थ, सुरक्षा तथा सुविधा समुन्नती अनुरक्षण के प्रयोजन हेतु एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग प्रतिबंधित करने के लिये जनपद उधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों हेतु उपविधिया / उपनियम का निर्माण किया जाता है जिसमें शासानादेश संख्या 182 /XII (1)/2017- 181 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
70(08)/2017 रिट दिनांक 24.10.2017 द्वारा उत्तराखण्ड की पंचायतों हेतु ठोस प्रबन्धन नीति 2017 प्रख्यापित की गई । इसके प्रावधानों एव रिट याचिका संख्या 93/2022 (पी.आई.एल ) जितेन्द्र यादव बनाम भारत .संघ एंव अन्य में मा० न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देश व दिनांक 08.09.2022 को मा० मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालनार्थ यह उपविधिया निर्मित की जाती है यह उपविधिया सरकारी गजट में प्रकाशित होने के उपरान्त ग्रामीण क्षेत्रों मे प्रवर्त होगीं । यह प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक उपविधि 2023 कहलायेगी ।
1. कोई भी व्यक्ति स्वंय या किसी और के माध्यम से जानबुझकर या अनजाने में निम्नलिखित ! प्लास्टिक / थर्मोकोल /स्टायरोफोम सामान के कय, विक्रय, उत्पादन, आयात, भण्डारण ले जाना उपयोग व आपुर्ति जनपद उधम सिंह नगर के ग्रामीण सीमान्तर्गत नही करेगा ।
क- किसी भी आकार, मोटाई माप व रंग के प्लास्टिक कैरी बैग (हैडल के साथ अथवा बिना हैडल के)और नॉन वोवन पॉली प्रोपाईलिंन बैग परन्तु बायो कम्पोस्टेबल प्लास्टिक बैग एवं 75 (उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किये जाने वाले परिवर्तन के अनुसार परिवर्तनीय ) माइको से अधिक मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग जो जैव चिकित्सा अपशिष्ट व ठोस अपशिष्ट और खतरनाक अपशिष्ट परिवहन में उपयोग किये जाते है, पर उपरोक्त प्रतिबन्ध लागू नही होगा ।
ख- थर्मोकाल (पालीस्टायरीन) पालीयुरेथेन ,स्टायोफोम और इसी तरह के बने एकल उपयोग के लिये डिस्पोजेबल कटलरी या प्लास्टिक जैसे प्लेटे, कटोरे, कप गिलास , काटें, चम्मच , चाकू स्ट्रॉ, ट्रे . स्ट्रिर ( 1 जुलाई 2022 से मिठाई के डिब्बों के इर्द- गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकिट 100 माइकॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पी.वी.सी. बैनर, व्लास्टिक स्टिक युक्त ईयर बड्स, गुब्बारो के लिये प्लास्टिक की डंडिया, प्लास्टिक के झण्डे, कँडी स्टिक आइसक्रीम की डंडियो,पॉलीस्टायरिन( थर्मोकाल) की सजावटी सामग्री) आदि चाहे वह किसी भी आकार व प्रकार के हों ।
ग- एकल उपयोग खाद्य पदार्थ के पैकेजिंग कन्टेनर चाहे किसी भी आकार, माप प्रकार व रंग के हो जो पुनः चकित प्लास्टिक से बने हो व जो खाद्य / तरल पदार्थ को ढक्कर ले जाने व भण्डारित करने मे उपयोग होता हो।
2- उक्त उपनियम कम्पोस्ट योग्य प्लास्टिक से बनी वस्तुयें में लागू नही होगें।
नोट-कम्पोस्ट प्लास्टिक भारतीय मानक जो तत्समय लागू हो की पुष्टि करेगा । बायो कम्पोस्टेबल प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माता या विक्रेता विपणन या विक्रय से पहले केन्द्रीय प्रदुषण नियत्रण बोर्ड/राज्य प्रदुषण नियत्रण बोर्ड (जो भी लागू हो इस हेतु प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा ।
क- कोई भी व्यक्ति जानते हुये या अन्यथा की दशा में सार्वजनिक स्थल मे किसी भी प्रकार के प्लास्टिक को जो इन उपनियमों में प्रतिबंधित प्लास्टिक को न ही फेकेगा तथा उसका प्रयोग भी नहीं करेगा ।
182
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्त्)
[भाग 1-क
3. हाट बाजार संचालक, समस्त व्यवसायी, धार्मिक स्थलों व संस्थानों , सिनेमा घरों, माल ,रेस्तरा, कैफे,मोवाइल, फूड कॉन्टर, कैटर्स और अन्य स्थानों जैसे बारात घर, पर्टी हॉल कार्यालय , संस्थान ,फैक्ट्री स्वामी और प्राधिकरण उक्त उपनियमों का कडाई से अनुपालन करने हेतु उत्तरदायित्व होंगे , इसके साथ ही साथ उनके द्वारा जनित प्लास्टिक अपशिष्ट के एकत्रण हेतु उनके परिसर में स्थान उपलब्ध कराया जायेगा व प्लास्टिक के एकत्रण कराया जायेगा व प्लास्टिक के एकत्रण के पश्चात उसको जिला पंचायत / या अधिकृत ठेकेदार अपने परिवहन द्वारा नियत निस्तारण स्थल पर पृथक्कीकरण, काम्प्रेश करने के उपरान्त पुर्नकरण हेतु भेजेगी/ भेजेगा ।
4. बोतल बन्द पानी की शीतल पेय हेतु पॉली इथायलीन टेरेथलेट (पी ० ई० टी० / पी० ई० टी०ई० ) बोतलों के उतपादनकर्ता विस्तारित निर्माता उत्तरदायित्व के तहत् परसपर सहमत नियमों और शर्तों के अन्तर्गत एक ही खुदरा बिकी नेटवर्क के माध्यम से क्रमशः पौलिथिन, टेरेपथलेट की बोतलों और प्लास्टिक अपशिष्ट कों वापस लेगें अथवा उनके उत्पाद द्वारा जनित प्लास्टिक अपशिष्ट के एकत्रण परिवहन व सुरक्षित निस्तारण हेतु जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा किये खर्चों का भुगतान उनके द्वारा आवश्यक रूप से किया जायेगा ।
5. ऐसी सभी उत्पादन इकाईयां जो बिन्दु संख्या 1 (ख) में निर्दिष्ट उत्पाद बना रही हैं, उन्हें इन उपनिमयों के लागू होने के उपरान्त ग्रामीण क्षेत्रों में उत्त्पादन बन्द करना होगा ।
6. गैर बुना हुआ प्लास्टिक कैरी बैग 60 ग्राम प्रति वर्गमीटर (जी० एस ०एम०) से कम नहीं होगा ।
7. 75 माइकोन (उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किये जाने वाले परिवर्तन के अनुसार परिवर्तनीय) माइको से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग व अन्य प्लास्टिक पर उपरोक्त प्रतिबन्ध लागू होगा । ग्रामीण क्षेत्र के समस्त व्यवसायी, फैक्ट्री, प्रतिष्ठान, संस्थागत ईकाई, घरों से उत्पन्न होने वाला प्लास्टिक अपशिष्ट को पृथक् पृथक् एकत्रित करने की जिम्मेदारी स्वयं समस्त व्यवसायी, फैक्ट्री, प्रतिष्ठान, संस्थागत ईकाई, घरों के उत्पादनकर्ता की होगी । जिससे प्लास्टिक अपशिष्ट को निस्तारीकरण हेतु सुगमता से परिवहन किया जा सके ।
8. उपरोक्त्त उपविधियों का उल्लघंन करने की दशा में निम्नांनुसार जुर्माना आरोपित किया जायेगा ।
उल्लंघनकर्ता
जुर्माने की धनराशि (रूपये में)
उत्पादनकर्ता
रू0 5.00 लाख
परिवहनकर्ता
रू0 2.00 लाख
रू0 1.00 लाख
खुदरा विक्रेता/विक्रेता
रू0 100.00
व्यक्तिगत उपयोग कर्ता
रू0 5000.00 अथवा 500.00प्रति पॉलीथीन
व्यवसायियों द्वारा उपयोग लाये जाने पर
यदि पुनः उल्लंघन करते हुए पाये जाने की दशा में सम्बन्धित उल्लंघनकर्ता पर उपरोक्त का दोगुना जुर्माना आरापेति किया जायेगा।
भाग 1 -क]
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9. जिला पंचायत उधम सिंह नगर के अपर मुख्य अधिकारी या उनके द्वारा निम्न नामित किये जाने वाले अधिकारी कार्य अधिकारी , वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी , अभियन्ता, कनिष्ठ अभियन्ता, कर अधिकारी, समस्त अनु०मुख्य लिपिक/ समस्त सहायक लिपिक, समस्त क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक / वसूली कर्मी जिला पंचायत उधम सिंह नगर उपनियमों /निर्देशों के कार्यान्वयन जुर्माना आरोपित करने हेतु अधिकृत होगें ।
10. उपरोक्त अधिकृत अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा एकत्र किये जाने वाले जुर्मान की धनराशि जिला पंचायत के एक अलग खाते में जमा करायी जायेगी ।
11. जिला पंचायत के अधिकृत अधिकारी/ कर्मी मौके पर यदि उल्लंघन कर्ता जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करता है तो उसे जुर्माने की धनराशि का उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 180 के अन्तर्गत बिल प्रस्तुत किया जायेगा,तदुपरान्त भी 15 दिवस उपरान्त भी धनराशि जमा न की जाय तो जिला पंचायत निम्नांनार कार्यवाही करेंगी ।
12. जिला पंचायत उधम सिंह नगर द्वारा निर्मित उक्त उपविधियों के उल्लंघन किये जाने पर जिला पंचायत जुर्माने की उक्त धनराशि के बकायेदार व्यक्ति विरूद्ध धारा 182 में दिये गये प्राविधान के तहत किसी क्षेत्राधिकार युक्त न्यायालय में वाद संस्थित कर सकेगी ।
दण्ड
उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 149 के अधीन कोई व्यक्ति इस नियम /विधि का उल्लंघन करता है तो जुर्माने से जो (एक हजार रूपये) तक हो सकता है अथवा जैसा विहित किया जाय, दण्डनीय होगा, और यदि ऐसा उल्लंघन जारी रहता है तो वह एक ऐसे जुर्माने से जो प्रथम बार दोषसिद्धि की तिथि के पश्चात प्रत्येक दिन के लिए जिसके दौरान अपराधी द्वारा अपराध का निरन्तर किया जाना सिद्ध हो, (एक सौ रूपये ) तक हो सकता है अथवा जैसा विहित किया जाय दण्डनीय होगा।
ह० (अस्पष्ट),
ह० (अस्पष्ट) ,
अपर मुख्य अधिकारी,
अध्यक्ष,
जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर ।
जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर ।
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उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
जिला पंचायत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि-2022
उत्तराखण्ड प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा- कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन ) अधिनियम 2013 के प्रयोग में एवं उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 106 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 ( 1986 का 29) की धारा 3, 6 एवं 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में केन्द्र सरकार द्वारा बनायी गयी ठोस कचरा प्रबन्धन नियमावली 2016 के नियम 15 (ड़), 15 (च) एवं 15 (यच) के अन्तर्गत शक्तियों के प्रयोग में उत्तराखण्ड ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016, शासनादेश संख्या 182 (1 ) / XII(1 ) /2017-70 (08 )/2017 रिट दिनाँक 24 अक्टूबर 2017 ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन निति 2017, मा० उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा रिट पिटीशन संख्या 80/2012 (पी ०आई ०एल०) श्रीनाथ सेवा मण्डल बनाम राज्य, रिट पिटीशन संख्या 93/2022 (पी ०आई० एल०) जितेन्द्र यादव बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व अन्य में दिये गये निर्देशों को सम्मिलित करते हुए जिला पंचायत ऊधम सिंह नगर द्वारा जनपद ऊधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु निम्नलिखित उपविधियों बनाई गयी है जो शासकीय गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तिथि से पृवत्त होंगी ।:-
अध्याय-1
सामान्य
1- संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीख-
(1) ये उपविधि जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि , 2022 कहलायेगी ।
(2) ये उपविधि जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर के सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तारीख से लागू/ प्रभावी होंगे ।
2-ये उपविधि जनपद ऊधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर लागू होंगे ।
3- परिभाषाएं
(1 ) जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस उपविधि में निम्नाकिंत परिभाषाएं लागू हैं:-
(क) "बल्क उद्यान और बागवान कचरा " का अर्थ है, उद्यानों बागो आदि से उत्सर्जित बल्क कचरा , जिसमें घास कतरन , खरपतवार, कार्बनयुक्त काष्ठ ब्राउन सामग्री जैसे पैडों की छटाई से उत्पन्न कचरा, पेडो की कटिंग, टहनियां, लकडी की कतरन, भूसा, सूखी पत्तियां, पेडों की छटाई आदि से उत्पन्न ठोस कचरा, जो दैनिक जैव अपघटीय कचरे के संकलन में समायोजित नहीं किया जा सकता है ।
(ख) "बल्क कचरा उत्सर्जन " का अर्थ है कि ठोस कचरा प्रबन्धन नियम, 2016 (जिसे बाद में यहां एस ० डब्ल्यू० एम० नियम कहा जाएगा ) के नियम 3 (1 ) (8 ) के अन्तर्गत परिभाषित बल्क कचरा उत्सर्जक और सम्बद्ध क्षेत्रीय कर समाहर्ता / राजस्व निरीक्षक या उससे वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा अधिसूचित ठोस कचरा उत्सर्जक;
(ग) "संग्रह" का अर्थ है, कचरा उत्सर्जन के स्रोत से ठोस कचरे को उठाना और संग्रहण बिंदुओं या किसी अन्य स्थान तक पहुंचाना;
(घ) "सक्षम प्राधिकारी" का अर्थ है अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर अथवा उनके द्वारा अधिकृत कोई कार्मिक।
(ड) "निर्माण एवं विध्वंस कचरा " का वही अर्थ होगा, जो निर्माण एवं विध्वंस कचरा नियम, 2016 नियम 3 (1 ) (ग) में परिभाषित किया जाता है ।
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भाग 1 -क]
(च) "स्वच्छ क्षेत्र " का अर्थ है, किसी परिसर के सामने और चारों ओर या निकटवर्ती फुटपाथ तक विस्तारित स्वच्छ सार्वजनिक स्थल, जिसमें नाली, फुटपाथ और पट्टी के किनारे शामिल है ।
(छ) "सामुदायिक कूड़ाघर (ढलाव) " का अर्थ है, जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा स्थापित और संचालित अथवा एक या अधिक परिसरों के मालिकों और/ या अधिभोगियों द्वारा मिल कर सड़क किनारे/ ऐसे मालिकों/ अधिभोगियों के किसी एक परिसर में अथवा समक्ष अधिकारी द्वारा अधिकृत उनके साझा परिसर में पृथक्कृत ठोस कचरे के संग्रहण के लिए स्थापित और संचालित और संचालित कोई संग्रह केंद्र;
(ज) "कंटेनराइज्ड हैड कार्ट" का अर्थ है, ठोस कचरे के बिन्दु दर बिन्दु संग्रह हेतु जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर या उसके द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति या संस्था या फर्म या संविदाकर्ता या ऐजेंसी या एजेंट द्वारा प्रदत्त कन्टेनर से है ।
(झ) " सुपुर्दगी " का अर्थ है किसी भी श्रेणी के ठोस कचरे को जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर के वर्कर या ऐसे कचरे की सुपुर्दगी के लिए जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति या संस्था या फर्म या संविदाकर्ता या ऐजेंसी या एजेंट द्वारा प्रदान किए गये वाहन में डालना;
(ञ) "ई-कचरा" का अर्थ वही होगा, जो ई- कचरा (प्रबन्धन) नियम , 2016 के नियम 3 (1 ) (आर) में निर्दिष्ट किया गया हैं;
(ट) " फिक्स्ड काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) " का अर्थ है, एक ऊर्जा चालित मशीन , जिसका डिजाइन बिखरे हुए ठोस कचरे को काम्पैक्ट करने के लिए किया गया है और प्रचालन के समय स्थिर रहती है । प्रचालन के समय काम्पैक्टर मोबाईल भी हो सकती है , जिसे मोबाईल ट्रांसफर स्टेशन( एफसीटीएस) कहा जा सकता है;
(ठ) "कूड़ा-कचरा " का अर्थ है , सभी प्रकार का कूड़ा और उसमें कोई भी ऐसा कचरा पदार्थ शामिल जिसे फेंकना अथवा संग्रह करना इन उपविधियों के अन्तर्गत प्रतिबन्धित है और ऐसा करने से किसी व्यक्त्ति, जीव जंतु को परेशानी होने या पर्यावरण अथवा सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के प्रति खतरा पहुंचने की आशंका हो ।
(ड) "गंदगी फैलाने" का अर्थ है, किसी ऐसी बस्ती में गंदगी उत्सर्जित करना, डालना, दबाना, अथवा तत्सम्बन्धी अनुमति देना, जहां वह गिरती, ढलती, बहती, धुलकर, रिसकर अथवा किसी अन्य तरीके पहुंचती हो अथवा गंदगी के उत्सर्जित होने, बहकर आने, धुलकर आने या अन्य किसी तरह से खुले या सार्वजनिक स्थल पर आने की आशंका हो ।
(ढ) "स्वामी " का अर्थ है, जो किसी भवन, या भूमि या किसी भाग के मालिक के रूप में अधिकारों का इस्तेमाल करता हैं;
(ण) " सार्वजनिक स्थल " का अर्थ है, कोई ऐसा स्थान, जो आम लोगों के इस्तेमाल और मनोरंजन के लिए सहज सुलभ हैं, भले ही वह वास्तव में लोगों द्वारा इस्तेमाल या उपभोग किया जा रहा हो या नहीं;
(प) "संग्रहण" का अर्थ है, ठोस कचरे को अस्थायी तौर पर इस तरह से संग्रह करना जिससे गंदगी न फैले और मच्छर आदि कीटों, आवारा पशुओं और अत्याधिक बदबू का प्रकोप रोका जा सके;
(फ) "सैनेटरी वर्कर " का अर्थ है, जिला पंचायत ऊधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा एकत्र करने या हटाने के लिए जिला पंचायत द्वारा नियोजित व्यक्ति;
(ब) "उपयोगकर्ता शुल्क(यूजर चार्ज) / प्रभारी " का अर्थ है , जिला पंचायत द्वारा समय- समय पर सामान्य या विशेष आदेश के जरिए कचरा उत्सर्जक पर लगाया गया शुल्क(यूजर चार्ज) या प्रभार, ताकि ठोस कचरा संग्रह, दुलाई, औरनिपटान सेवाओं की आंशिक अथवा पूर्ण लागत कवर की जा सके;
(म) "खाली प्लाट" का अर्थ है, प्राइवेट पार्टी / व्यक्ति/ सरकारी एजेंसी से सम्बद्ध कोई ऐसी भूमि या खुला स्थान, जिस पर किसी का कब्जा न हो;
(2) यहां प्रयुक्त लेकिन परिभाषित न किए शब्दों और अभिव्यक्तियों, का अर्थ वही होगा, जो ठोस कचरा प्रबन्धन नियम 2016 और निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबन्धन नियम 2016 में अभिप्रेत होगा ।
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[गाग 1-क
अध्याय-2
ठोस कचरे के ढुलाई
4. ठोस कचरे की दुलाई निम्नाकिंत बातों को ध्यान में रखकर की जाएगी:-
(क) ग्रामीण क्षेत्रों में घरों, प्रतिष्ठानों, मेरेझाल आदि से उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे को जिला पंचायत ऊधम सिंह नगर द्वारा अपने सफाई कर्मी लगाकर काम्पैक्टर से अपने वाहनों के द्वारा निस्तारण केन्द्र तक पहुँचाया जायेगा।
(ख) कचरे की ढुलाई के लिए प्रयुक्त वाहन भलीभांति कवर्ड होंगे । ताकि एकत्र कचरे का दुष्प्रभाव मुक्त वातावरण पर न पड़े । इन वाहनों में काम्पैक्टर और मोबाईल ट्रान्सफर स्टेशन शामिल हो सकते हैं, जो जिला पंचायत द्वारा चुनी गई प्रोद्योगिकी पर निर्भर करेगा।
(ग) जिला पंचायत द्वारा स्थापित संग्रहण केन्द्रों से कचरे के निपटान के लिए वाहन सप्ताह के द्वितीय या तृतीय दिवस या साप्ताहिक या जैसा जिला पंचायत दिवस नियत करे काम करेंगे । कूड़ेदान या कन्टेनरों के आस- पास के क्षेत्र को साफ रखा जायेगा ।
(घ) आवासीय और अन्य क्षेत्रों से एकत्र किया गया पृथककृत जैव अपघटिय कचरा प्रोसेसिंग प्लाण्टों से जैसे- कम्पोस्ट प्लाण्ट, बायो-मिथिनेशन प्लाण्ट या अन्य केन्द्र तक कवर्ड तरीके से पहुँचाया जाएगा ।
अध्याय-3
ठोस कचरे की प्रोसेसिंग
5. ठोस कचरे की प्रोसेसिंग के लिए अन्य दिशा-निर्देशः-
(क) जिला पंचायत द्वारा सभी निवासी, कल्याण संगठनों, समूह, आवास समितियों, बाजारों, द्वारबन्द समुदायों और 5000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र रखने वाले संस्थानों, सभी होटलों, एवं रेस्त्राओं, बैंकेट हॉलों और इस तरह के अन्य स्थलों पर यथासम्भव कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन के जरिए जैव अपघटीय कचरे वाले अन्य कचरा उत्सर्जकों को भी जैव अपघटीय कचरे को स्व-स्थाने (उनके मूल स्थान पर) प्रोसेसिंग को वरियता दी जाएगी ।
(ख) जिला पंचायत यह निर्देश पारित करेगी कि सब्जी, फल, मांस, पोल्ट्री और मछली व्यापार गंडिया अपने जैव अपघटीय कचरे को प्रोसेसिंग करते समय स्वच्छ स्थितियां बनाए रखना सुनिश्चित करें:
(ग) जिला पंचायत यह निर्देश पारित करेगी कि बागवानी, उद्यानों और पाकों से उत्सर्जित कचरे का निपटान अलग से यथासम्भव पाकों और उद्यानों में ही किया जाए ।
(घ) जिला पंचायत कचरा प्रबन्धन में समुदाय को शामिल करने और घर पर ही कम्पोस्टिंग , बायो गैस उत्पादन, सामुदायिक स्तर पर कचरे की विकेन्द्रीकृत प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करेगी । परन्तु ऐसा करते समय बदबू को नियन्त्रित रखना तत्सम्बन्धी यूनिट के आस- पास स्वच्छत्ता स्थितियां बनाये रखना अनिवार्य होगा ।
अध्याय-4
ठोस कचरे का निपटान
6. ठोस कचरे का निपटानः-
(क) जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा कूड़ाकचरा निकालने का कार्य स्रोत स्थल पर किया जायेगा ।
(ख) जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा विशेष त्यौहरों पर सफाई की व्यवस्था विशेष प्रकार से की जायेगी ।
भाग 1 -क]
187 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
अध्याय-5
उपयोगकर्ता शुल्क(यूजर चार्ज) और स्थल पर ही जुर्माना/दण्ड लगाना
7. ठोस कचरे का संग्रहण, ढुलाई, निपटान के लिए उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज):-
(क) कचरा उर्त्सजकों से कचरा संग्रहण, दुलाई और निपटान हेतु सेवाएं प्रदान करने के लिए जिला पंचायत द्वारा यूजर चार्ज निर्धारित किया जाएगा । यूजर चार्ज की दरें अलग-अलग निर्धारित होगी जिसमें हाऊस होल्ड, मेरीझाल , चिकन स्टॉल, चाय की दुकान, अन्य प्रतिष्ठान आदि सम्मिलित होंगे । यूजर चार्ज की दरें अनुसूची -1 में निर्दिष्ट है ।
(ख) कचरा उत्सर्जकों से निर्धारित इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली जिला पंचायत के क्षेत्रीय कर समाहर्ता/ राजस्व निरीक्षक/ राजस्व सहायक अथवा अपर मुख्य अधिकारी /अध्यक्ष जिला पंचायत द्वारा अधिकृत कर्मी या व्यक्ति या संस्था या फर्म या संविदाकर्ता या सुपरवाइजर या एजेंसी द्वारा की जाएगी ।
(ग) जिला पंचायत इन उपविधियों के शासकीय गजट में प्रवृत्त होने की तारीख से 3 माह के भीतर, यूजर चार्ज लगाने के प्रयोजन के लिए कचरा उत्सर्जन का डाटाबेस तैयार करेगी और यूजर चार्ज की बिलिंग / संग्रह/वसूली के लिए समुचित व्यवस्था विकसित करेगी । डाटाबेस को नियमित रूप से अद्यतन बनाया जाएगा ।
(घ) जिला पंचायत ऑनलाईन भुगतान के लिए कचरा उत्सर्जकों से यूजर चार्ज की दूसली के लिए विभिन्न पद्वतियां भी अपनाई जा सकती है।
(ड) यूजर चार्ज का भुगतान होगा । कचरा उत्सर्जकों द्वारा यूजर चार्ज का भुगतान प्रत्येक माह की 05 तारिख से पूर्व किया जाना अनिवार्य
(च) वार्षिक और छमाही भुगतान की प्रणाली अपनाई जा सकती है। यदि कचरा उत्सर्जकों द्वारा यूजर चार्ज समूचे वर्ष के लिए अग्रिम अदा
किया जाता है, तो ऐसे में 12 महीने के बजाए 11 महीने का शुल्क लिया जाएगा ।
(छ) यूजर चार्ज का भुगतान कार्यालय जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर में भी किया जा सकता है ।
(ज) यूजर चार्ज से जो भी आय प्राप्त होगी उसे कूड़ा निस्तारण के कार्यों में व्यय किया जायेगा ।
(झ) यदि कोई कचरा उत्सर्जक द्वारा यूजर चार्ज का भुगतान नहीं किया जाता है तो उस पर जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा मासिक
रूप से विलम्ब शुल्क यूजर चार्ज के अतिरिक्त पृथक से लगाया जायेगा, जो कि निम्न प्रकार होगा-
क.सं. यूजर चार्ज की धनराशि रूपये में
विलम्ब शुल्क रूपये में प्रतिमाह
1
50.00 रु० तक
5.00 रु०
2
50.00 रु0 से 100.00 रू० तक
10.00 रु०
3
100.00 रू0 से 200.00 रु० तक
15.00 रु ०
4
200.00 रू0 से 300.00 रु० तक
20.00 रु०
5
300.00 रू0 से 400.00 रु० तक
25.00 रू ०
6
400.00 रू0 से 500.00 रु० तक
30.00 रू०
7
500.00 रु0 से 600.00 रू0 तक
35.00 रु०
8 600.00 रू0 से 700.00 रू ० तक
40.00 रु०
9
700.00 रु0 से 800.00 रू० तक
50.00 रु०
10 800.00 रु0 से 900.00 रू० तक
60.00 रु०
11 900.00 रु 0 से 1000.00 रु० तक
100.00 रु०
1000.00 रू0 से अधिक के यूजर चार्ज पर 100.00 रु ० पर 10.00 रू0 प्रतिमाह की दर से वृद्धि करते हुए विलम्ब शुल्क लिया जायेगा ।
(ट) यूजर चार्ज ग्रामीण बाजारों, प्रतिष्ठानों, हाऊस होल्ड आदि से लिया जायेगा यदि कहीं ग्रामीण परिवारों के द्वारा कूड़ा निस्तारण नहीं किया जाता है तो जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा उनके कूड़ा निस्तारण किये जाने की स्थिति में ऐसे ग्रामीण परिवार से अनुसूची-1 में दी गयी दरों के अनुसार यूचर चार्ज लिया जायेगा । ऐसे ग्रामीण परिवार के द्वारा यूजर चार्ज का भुगतान न किये जाने की स्थिति में उपरोक्तानुसार विलम्ब शुल्क लिया जायेगा।
188
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
(ठ) अनुसूची-1 में वर्णित यूजर चार्ज इन उपविधियों के प्रभावी होने के 02 वर्ष के उपरान्त यूजर चार्ज की दरों में तथा विलम्ब शुल्क की दरों में वृद्धि करने अधिकार अपर मुख्य अधिकारी / अध्यक्ष जिला पंचायत, अथवा जिला पंचायत की सामान्य बैठक में निहित होगा (ढ़) यूजर चार्ज की दूसली केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा एक सामान्य या विशेष आदेश के जरिए अधिकृत संस्था या व्यक्ति या संविदाकार या ऐजेन्सी द्वारा की जाएगी ।
(ण) यूजर चार्ज के भुगतान में चूक होने के मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा चूककर्ता से उसकी वसूली भू- राजस्व के बकाये की भाँती वसूली की जाएगी,अथवा सक्षम क्षेत्रायुक्त मा० न्यायालय में चालान के माध्यम से वसूली की जाएगी ।
उपयोग शुल्क/ पर्यावरण सेवा शुल्क अपशिष्ट संग्रह और निप्टान की प्रकिया में लगने वाली लागत को सेवा शुल्क के रूप में अर्थात यूजर चार्ज के रूप में प्रतिघर/ प्रतिपरिवार प्रतिमाह से न्यूनतम 30.00 रु० तथा व्यवसायिक प्रति प्रतिष्ठानों आदि से अनुसूची-1 में दी गयी दरों के अनुसार श्रेणीवार प्रतिमाह लिया जायेगा ।
8. एसडब्ल्यूएम नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना/ दण्डः-
(क) एसडब्ल्यूएम नियमों अथवा इन उपविधियों के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन अथवा अनुपालन करने में विफलता के लिए इन उपविधियों के परिशिष्ट में दी गई अनुसूची -2 में वर्णित अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा ।
(ख) उपरोक्त खंड (क) में वर्णित अनुसार उल्लंघन या गैर-अनुपालन की स्थिति बार बार आने पर ऐसी प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना प्रतिदिन या महीना, जो भी लागू हो, के अनुसार लागया जाएगा।
(ग) जुर्माना या दण्ड लगाने हेतु निर्दिष्ट/प्राधिकृत अधिकारी अपर मुख्य अधिकारी एवं अध्यक्ष जिला पंचायत सामान्य या विशेष आदेश के अधीन अन्य अधिकारियों/ कर्मियों को भी नामित कर सकते है । जुर्माना/ दण्ड राशि अनुसूचि -2 में दी गई है ।
(घ) अनुसूची-2 में वर्णित जुर्माना अथवा दण्ड राशि इन उपविधियों के प्रभावी होने के 02 वर्ष के उपरान्त जुर्माना अथवा दण्ड की दरों में वृद्धि करने अधिकार अपर मुख्य अधिकारी / अध्यक्ष जिला पंचायत, अथवा जिला पंचायत की सामान्य बैठक में निहित होगा
(ड) निर्दिष्ट/ प्राधिकृत अधिकारियों / कर्मियों द्वारा जुर्माना मौके पर लगाया और वसूली किया जाएगा । जुर्माना का भुगतान मौके पर जमा न करने में उक्त धनराशि भू- राजस्व के बकाये की भांति वूसील की जायेगी, अथवा सक्षम क्षेत्रायुक्त मा० न्यायालय में चालान के माध्यम से वसूली की जाएगी,अथवा एवं मामले में पर्यावरण(संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अन्तर्गत निर्धारित अभियोजन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी ।
(च) कूड़ा कचरा उत्सर्जक/किसी भी प्रतिष्ठान/ हाऊस होलड/ संस्थान/ फैक्ट्री इत्यादि स्थलों का जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी/अध्यक्ष अथवा अधिकृत अधिकारी / कर्मियों द्वारा किसी भी दिवस में निरीक्षण किये जाने के अधिकार होगा और इस उपविधियों के उल्लंघन पाये जाने की दशा में ऐसे उल्लघंनकर्ता का प्रतिष्ठान/ संस्थान/ फैक्ट्री आदि को ताला बन्द किये जाने का अधिकार उक्त निरीक्षणकर्ताओं को होगा ।
उल्लंघन, दंड का प्राविधान- कोई भी व्यक्ति/ प्रतिष्ठान/ संस्थान / जो अपशिष्ट को नालियों, सार्वजनिक सडक, गली, सडक के किनारे, जल स्रोत के किनारे, नदी, नालों, नहरों, या कोई ऐसा स्थान जहाँ पर कचरा डालान वर्जित हो वहां पर कचरा डाले जाने पर उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 106 के अधीन बनाये गये इन उपनियमों का उल्लंघन करने पर सुसंगत उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 149 के अन्तर्गत दण्ड का पात्र होगा । साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं हैंडलिंग नियम पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 29 में पारित किये गये नियमों की अवेहलना पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम में प्राविधानों के अनुसार कार्यवाही किया जाना भी अपेक्षित है ।
अध्याय-6
प्रतिभागियों के दायित्व
9. कचरा उत्सर्जकों के दायित्वः-
(9.1 ) कूड़ाफेकने पर पाबंदी
(क) किसी सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फैलाना अधिकृत स्थलों या अधिकृत कूड़ादानों या निजी कूडादानो के सिवाय कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा न फेंकेगा और न ही कूड़ा न हीं फैलाएगा । कोई व्यक्ति विशेष प्रयोजन के लिए प्रावधान किए गए सार्वजनिक केंद्रो या सुविधाओं को छोड़कर किसी सार्वजनिक स्थल पर वाहनों की मरम्मत , बर्तन या कोई अन्य उपकरण धोने / साफ करने का काम नहीं करेगा या किसी प्रकार का संग्रहण नहीं करेगा ।
(ख) किसी सम्पत्ति पर कूड़ा फैलाना : अधिकृत निजी अथवा सार्वजनिक कूड़ेदानों के सिवाय कोई व्यक्ति किसी मुक्त या रिक्त 189 उत्तराखण्ड गजर, 10 जून, 20:23 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
सम्पत्ति पर कूड़ा न हीं डालेगा ।
(ग) वाहनों से कूड़ा फैंकना : किसी वाहन के ड्राइवर या यात्री के रूप में कोई व्यक्ति किसी गली, सड़क, फुटपाथ, खेल के मैदान, उद्यान, ट्रेफिक आइलैंड या अन्य सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा नहीं फैकेगा ।
(घ) मालवाहक वाहन से गंदगी डालना कोई भी व्यक्ति तब तक किसी ट्रक या अन्य मालवाहक वाहन को नहीं चीलाएगा, जब तक कि ऐसे वाहन का निर्माण और लदान इस प्रयोजन के लिए अधिकृत न किया गया हो ताकि सडक, फुटपाथ, खेल का मैदान, उद्यान, ट्रेफिक आइलैंड या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कोई लोड, पदार्थ अथवा गंदगी डालने से रोका जा सके ।
(ड ) स्वंय / पालतू पशुओं से गंदगी: कुत्ता, बिल्ली आदि पालतू जानवरों के मालिकों का यह भी दायित्व होगा कि गली अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर ऐसे जानवरों द्वारा उत्सर्जित किसी प्रकार की गंदगी को तत्काल उठाएगा/ साफ करेगा और इस तरह के उत्सर्जित कचरे के समुचित निपटान के लिए समुचित उपाय करेगा, जिनमें स्वंय की सीवेज प्रणाली से निपटान को वरीयता दी जाएगी ।
(च) नालियों आदि में कचरे का निपटान कोई व्यक्ति किसी नाली/नदी/खुले तालाब/जल निकायों में गंदगी नहीं डालेगा । (छ) जिला पंचायत ऊधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत समस्त खाद्य पदार्थ विक्रेताओं (जैसे होटल, रेस्टोरेन्ट, ढाबा इत्यादि) को स्वच्छता / सफाई से सम्बन्धित प्रमाण पत्र प्रतिवर्ष जिला पंचायत ऊधम सिंह नगर से प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा। (9.2) कचरे को जलाना: सार्वजनिक स्थानों पर या निजी स्थान पर या निषेध सार्वजनिक सम्पत्ति पर ठोस कचरे के किसी भी प्रकार के जलाने द्वारा निपटान निषिद्ध होगा ।
(9.3) "स्वच्छ क्षेत्र" : प्रत्येक व्यक्ति यह प्रयास करेगा कि उसके स्वामित्व या कब्जे वाले परिसर के सामने कोई भी सार्वजनिक स्थान अथवा आस -पास का क्षेत्र स्वच्छ रहे । इन स्थानों में फुटपाथ और खुली नालियों / गटर, सड़क किनारा शामिल है, जो किसी भी तरह ठोस या तरल कचरे से मुक्त होने चाहिए।
(9.4) सार्वजनिक सभाओं और किसी कारण (जुलूस, प्रर्दशनियां, सर्कस, मेले, राजनैतिक रैलियां, वाणिज्यक, धार्मिक, सामाजिक, सांस्तुतिक कार्यक्रमों, विरोध प्रर्दशनों और प्रर्दशनों आदि सहित) से सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित की जाने वाली गतिविधयों, जिनमें पुलिस विभाग और/ या जिला पंचायत से अनुमति अपेक्षित हो, के मामले में ऐसी गतिविधियों के आयोजनकर्ता का यह दायित्व होगा कि वह उस क्षेत्र और आस- पास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करें ।
(9.5) ऐसे आयोजनों के मामले में आयोजक से जिला पंचायत द्वारा अधिसूचित रिफंड योग्य स्वच्छता धरोहर राशि सम्बद्ध अधिकृत अधिकारी / कर्मियों द्वारा प्राप्त की जाएगी, जो कार्यक्रम की अवधि में उसके पास जमा रहेगी । यह जमा राशि कार्यक्रम पूरा होने के बाद रिफंड की जाएगी लेकिन उससे पहले यह जांच की जाएगी कि उक्त सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता बहाल कर दी गई है या नहीं? यह धरोहर राशि सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता के लिए होगी और सम्पत्ति को पहुंचाई गई किसी भी प्रकार की क्षति का हर्जाना नहीं होगा। यदि आयोजनकर्ता कार्यक्रम के आयोजन के परिणाम स्वरूप उत्सर्जित कचरे की सफाई, संग्रहण और ढुलाई में जिला पंचायत की सेवाए प्राप्त करना चाहते हो , तो उन्हें जिला पंचायत को आवेदन करना होगा तथा इस प्रयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किया गया अपेक्षित शुल्क जमा करना होगा ।
(9.6) खाली प्लाण्ट पर ठोस कचरा डम्प करने और गैर- निर्दिष्ट स्थानों पर निर्माण और विध्वंस कचरा डाले जाने की स्थितियों से जिला पंचायत निम्नाकित ढंग से निपटेगी:-
(क) जिला पंचायत किसी परिसर के मालिक / अधिभोगी को नोटिस भेज सकता है, जिसमें ऐसे मालिक /अधिभोगी से उक्त परिसर पर डाले गए किसी भी प्रकार के कचरे को नोटिस में वर्णित तरीके और समय सीमा के भीतर हटाने को कहा जाएगा ।
(ख) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाएं पूरी करने में विफल रहता है, तो ऐसे व्यक्ति को समय समय पर निर्धारित जुर्माना/ दंड का भुगतान करना होगा ।
(ग ) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाओं का अनुपालन करने में विफल रहता है तो जिला पंचायत निम्नांकित कार्यवाही कर सकती है:-
(1 ) ऐसे परिसर में प्रवेश कर कचरे को साफ करना ।
(2) अधिभोगी से कचरा साफ करने पर किए गए व्यय को वूसल करना ।
190
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
(9.7) डिस्पोजेबल उत्पादों और सेनिटरी नेपकिन तथा डायपर्स के विनिर्माताओं या मालिकों का दायित्व
(क) डिस्पोजेबल उत्पादों जैसे-टिन, कांच, प्लास्टिक पैकेजिंग आदि के सभी विनिर्माताओं अथवा जिला पंचायत के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत वाले बाजारों में ऐसे उत्पाद प्रारम्भ करने वाले ब्रैड मालिकों को कचरा प्रबन्धन प्रणाली के लिए जिला पंचायत को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करनी होगी । जिला पंचायत इस प्रावधान के लिए केन्द्र/ राज्य सरकार के सम्बद्ध विभागों के साथ समन्वय कर सकती है ।
(ख) ऐसे सभी ब्रैड मालिकों को, जो गैर-जैव अपघटीय पैकेजिंग सामग्री में अपने उत्पाद बेचते या विपणन करते हैं, उन्हें ऐसी प्रणाली कायम करनी होगी, जिसमें उनके उत्पादन के कारण उत्सर्जित पैकेजिंग कचरे को वापस लिया जा सके ।
(ग) सेनिटरी नेपकिन और डायपर्स विनिर्माता या ब्रैड मालिक या विपणन कम्पनियां इस बात की सम्भावनाओं का पता लगाएगी कि उनके उत्पादों में सभी रीसाइक्लिंग योग्य पदार्थों का इस्तेमाल किस हद तक किया जा सकता है अथवा वे अपने सेनिटरी उत्पादों के पैकेट के साथ एक ऐसा पाउच या रैपर उपलब्ध कराएंगी, जिनसें नेपकिन या डायपर का निपटान किया जा सके । (घ) ऐसे सभी विनिर्माता, बैंड मालिक या विपणन कम्पनियां अपने उत्पादों की रैपिंग और डिस्पोजल के लिए लोगों को शिक्षित
करेगी ।
10 जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर के दायित्वः- जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित काम्पैक्टरों का संचालन सूचारू रूप से किया जायेगा, काम्पैक्टरों का व सैनिटरी कर्मियों का रख रखाव किया जायेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित काम्पैक्टरों से कूड़ा प्राप्त कर वाहनों के माध्यम से कूड़ा निस्तारण केन्द्रों तक पहुँचाया जायेगा । यूजर चार्ज एकत्रित करने और यूजर चार्ज को खर्च करने का दायित्व जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर का होगा, इसके अतिरिक्त इस सम्बन्ध में शासन द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिये जायेगें, उनको अनुपालन करने का दायित्व भी जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर का होगा ।
अनुसूची-1
ठोस कचरा प्रबन्धन के लिए श्रेणीवार उपयोगं शुल्क (यूजर चार्ज) का विवरण
क०सं०
अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी/अपशिष्ट का प्रकार
1
2
1 प्रति परिवार सामान्य
प्रति परिवार मलिन बस्ती
2 ढाबा
3 रैस्टोरेन्ट
4 पान स्टॉल/टी-स्टॉल/ठेले
5 होटल/लॉजिग/ गेस्ट, हाउस 20 बेड तक
होटल/लॉजिग /गेस्ट, हाउस 20 बेड से अधिक
6 धर्मशाला
7 कार्यालय 50 कर्मचारियों तक
कार्यालय 100 कर्मचारियों तक
कार्यालय 300 कर्मचारियों तक
कार्यालय 300 कर्मचारियों से अधिक
8 फैक्ट्री
वर्कशाप
9 दुकान
10 सिनेमाहॉल
11 बेकरी / फूड ज्वाईन्ट बेकरी आउटलेट
12 हॉस्टल 1 से 10 कमरों तक
हॉस्टल 10 कमरों से अधिक
प्रतिमाह सेवा शुल्क (यूजर चार्जेज रुपये में)
3
रू०40.00
रू0 30.00
रु० 100.00
रू0 200.00
रू० 50.00
रू0 100.00
रू0 200.00
रू0 100.00
रू0 200.00
रू० 300.00
रु0400.00
रु0 500.00
रु० 1000.00
रू0 200.00
रू0 100.00
रू0 200.00
रु० 100.00
रू0 200.00
रू० 300.00 भाग 1-क]
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
13 बैंक
14 फास्ट फूड
15 स्वीट शॉप
16 वेजीटेबिल / फल, शब्जी की दुकान
17 समस्त सरकारी स्कूल
18 निजी स्कूल कक्षा 1 से 8 तक
19 निजी स्कूल इण्टरमीडिएट तक
20 बार
21 बैंकट हॉल/ बरातघर
22 मांस एवं मछली
23
191
रु0 500.00
रू0 100.00
रु० 100.00
रु०60.00
रू0 100.00
60 800.00
रु0 1500.00
रु० 500.00
रू0 1000.00
रु० 100.00
हॉस्पिटल/ नर्सिंग होम 20 बेड तक (बायोमेडिकल वेस्ट को छोडकर)
रू० 800.00
हॉस्पिटल/नर्सिंग होम 21 बेड से 40 बेड तक (बायोमेडिकल वेस्ट को छोडकर)
50 1500.00
रू0 2500.00
हॉस्पिटल /नर्सिंग होम 41 बेड से 100 बेड तक (बायोमेडिकल वेस्ट को छोडकर)
हॉस्पिटल / नर्सिंग होम 100 बेड से अधिक (बायोमेडिकल वेस्ट को छोडकर)
24
50 5000.00
रु० 500.00
क्लीनिक/ डेन्टल क्लीनिक फिजियोथिरोपी / डायगनोस्टिक सैन्टर (जैसे एक्स- रे, सी०टी ०स्केन अल्ट्रासाउण्ड, पैथोलौजी आदि)
25 चाय की दुकान
26 कबाड़ी की दुकान
27
रू० 30.00
रू0 100.00
सार्वजनिक/ निजी स्थलों पर सर्कस / प्रदर्शनी आदि आयोजन जिनसे अपशिष्ट उत्पन्न हो
28 ढहान और निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट 0.50 घन मी ० तक
ढहान और निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट 3.0 घन मी० तक
ढ़हान और निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट 6.0 घन मी0 तक
ढहान और निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट 6.0 घन मी० से अधिक पर
29 गन्ने रस/ अन्य जूश विक्रेता
30
उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य (प्रतिष्ठान की स्थिति के अनुसार)
रू0 0.10 / प्रतिस्कवायर फिट प्रतिदिन/500.00 रू० प्रतिदिन जो अधिक हो
रु० 300.00
रु० 600.00
रु० 1500.00
रू0 2500.00
रू 0 100.00 प्रतिमाह
रू0 100.00 से 1000.00तक
वर्णित यूजर चार्ज इन उपविधियों के प्रभावी होने के 02 वर्ष के उपरान्त यूजर चार्ज की दरों में तथा विलम्ब अधिकार अपर मुख्य अधिकारी/ अध्यक्ष जिला पंचायत, अथवा जिला पंचायत की सामान्य बैठक में निहित होगा शुल्क की दरों में वृद्धि करने
अनुसूची-2 जुर्माना/ दण्ड
क ०सं० नियम/ उप नियम संख्या अपराध
1 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1 ) (क)
निम्नांकित पर लागू
प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना(रूपये में)
100
आवासीय
कचरे को पृथक करने और संग्रह करने तथा पृथक्कृत कचरे को इन नियर्मा के अनुसार सौपने में विफल रहना
बल्क जन्रेटर
500
1000
5000 वर्ग मीटर से कमक्षेत्र वालें विवाह/ पार्टी हाल, फेस्टिवल हाल पार्टी लान प्रदर्शनी और मेले स्थल
5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले 5000 192
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत)
2
[भाग 1-क
क्लब सिनेमाघर पब्स सामुदायिक हॉल, मल्टीप्लेक्सेज औरअन्य
500
ऐसे स्थान 5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले अन्य गैर- आवासीय स्थान
800
फिस, मीट विक्रेता द्वारा कूडे को पृथ्थकरण तरीके से न रखना
1. सडक / गली में कूड़ाफैंकना, थूकना
एसडब्ल्यूएग नियमों का नियम 4(2)
उल्घनकर्ता
200 से 5000 एवं कार्यवाही उत्तराखण्ड कूड़ा फैकना, एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम 2016 के अन्तर्गत होगी।
500
2. नहाना, पैशाब करना जानवरो को चारा खिलाना, कपडे धोना वाहन धोना, गोबर नाली में बहाना
3 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1) (ख) और (घ)
100
आवासीय
500
गैर-आवासीय/ बल्क जन्रेटर
नियमानुसार सेनिटरी कचरे का निपटान करने में विफल रहना । नियम के अनुसार बागवानी और उद्यान कचरे के निपटान में विफल रहना ।
4 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1 )(ग)
500
आवासीय
नियम के अनुसार निर्माण और विध्वंस कचरे के निपटान में विफल रहना ।
5
5000
गैर-आवासीय / बल्क जन्रेटर
उल्लंघनकर्ता
5000से 20000
ठोस कचरे का खुले में जलाना
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2), 15(2)
6 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(4)
10,000
निर्धारित प्रक्रिया काअनुपालन किए बिना किसी गैर लाइसेंसीकृत स्थल पर 100 व्यक्तियों से अधिक की भागीदारी के साथ कार्यक्रम या योजना सभा का आयोजन करना
7 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(5)
ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित करने वाले व्यक्ति अथवा ऐसा व्यक्ति जिसकी ओर से ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित की गई हो और इवेंट मैनेजर यदि कोई हो, जिसने कार्यक्रम या सभा आयोजित की हो
200
उल्लघंनकर्ता
नियम के अनुसार कचरे का निपटान करने में विफल रहने वाले गली विक्रेता/ वेन्डर कूडादान न रखने एवं कुडे को पृथ्थकरण न करने, अपशिष्ट भण्डारंन डिपो या पात्र या वाहन में डालने में विफल रहने पर
8 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2),15(छ)
500
अपराधी
सार्वजनिक स्थलों सड़कों गलियों आदि में गंदगी फैलाना/ कुत्ते/ अन्य जानवरों द्वारा मल त्याग/उत्सर्जित कचरे के निपटान में विफलता भाग 1 -क]
193
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
निम्नांकित उल्लघंनों के लिए महीने में केवल एक बार जुर्माना लगाया जाएगा
9
5000
नियमों के अनुसार कचरे के निपटान मेंविफलता एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(6)
10
निवासी कल्याण एसोसिएशन , आर. डब्ल्यू.ए
बजार एसोसिएशन, संघ
10,000
5000
द्वार बन्द समुदाय
नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(7)
11
एसडब्ल्यूएन नियमों का नियम4(8)
संस्थान
10000
10000
होटल
नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता
12
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम17(2)
रेस्टोरेंट
5000
50000
विनिर्माता और / या ऑनर/स्वामी
उत्पादन के कारण सृजित पैकेजिंग कचरे को वापस लेने की प्रणाली कायम किये बिना डिस्पोजल उत्पादों की बिकी अथवा विपणन
13
25000
नियमों के अनुसार उपाय करने में विफलता एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम17(3)
14
एसडब्ल्यूनियमों का नियम 15य (ड)
विनिर्माता और ब्रॉड स्वामी और विपणन कम्पनियां
25000
उल्लंघनकर्ता, ग्रुप हाउसिंग सोसाईटि या मॉर्केट काम्पलेक्स आदि
नियगों के उपाय करने भवन योजना में अपशिष्ट संग्रहण केन्द्र स्थापित करने में विफलता
15 एसडब्ल्यूनियमों का नियम 20(ग)
उल्लंघनकर्ता/ पर्यटक/वाहन/ चालक 500
गलियों पहाडियों सार्वजनिक स्थलों में अपशिष्ट यथा कागज, पानी की बोतल, सोफ्ट ड्रिंक कैन, टैट्रा पैक अन्य कोई प्लास्टिक या कागज अपशिष्ट का फैकने पर
16
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 20(घ)
500
उल्लंघनकर्ता/होटल/अतिथिगृह स्वामी
नगर निगम की उप विधि का होटल / अतिथिगृह में बोर्ड लगाकर व्यवस्था करने में विफलता
17
आयोजनकर्ता
5000
सार्वजनिक सभाओं जलूस प्रदेशिनियों, सर्कस, मेले राजनैतिक रैलिया, वाणिजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों विरोध प्रर्दशन आदि सहित से सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित गतिविधियों के क्षेत्र एवं आस- पास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करने मेंविफलता 194
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
शास्ति
उपरोक्त उपविधि के अन्तर्गत किसी भाग का उल्लंघन करने पर पंचायतीराज अधिनियम 2016 की सुसंगत धारा के अन्तर्गत दण्डनीय होगा, जो उपयोग शुल्क (यूजर चार्जस) की निर्धारित दरों का 10 गुना तक अधिकतम हो सकता है, और जब ऐसा उल्लंघन निरन्तर किया जाय तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्धि के दिनॉक के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना होगा, प्रत्येक दिन रू 0 100.00 तक हो सकेगा, यह अधिकार अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर में निहित होगा
ह ० (अस्पष्ट), अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर ।
ह० (अस्पष्ट), अध्यक्ष, जिला पंचायत, ऊधम सिंह नगर ।
ओमकार सिंह, निदेशक ।
निदेशालय पंचायतीराज, उत्तराखण्ड
01 जून , 2023 ई ०
संख्या177/933/ जि०पं०अ०को ०/2022-23 देहरादून
जिला पंचायत उत्तरकाशी द्वारा उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा 106 (ख. ड़) का प्रयोग करते हुए अपने प्रस्ताव संख्या-2 दिनांक 27 अप्रैल , 2023 द्वारा जानकी चट्टी यमनोत्री धाम में नारायणपुरी की सीमा में आने वाले समस्त यात्री वाहन जो कि नारायणपुरी जानकीचट्टी यात्रा मार्ग पर स्थित स्थान पालीगाड़ में प्रवेश करेंगे पर्यटकों / यात्रियों को लायेंगे से ईको शुल्क आरोपित करने हेतु उपविधियां निर्मित की गई हैं ।
कार्यालय जिला पंचायत उत्तरकाशी
(इको टैक्स आरोपण / वसूली संबंधी उपविधिया)
उपविधियाँ
जिला पंचायत उत्तरकाशी के बैठक दिनांक 12-10-2022 को पारित प्रस्ताव जिसमें जिला पंचायत द्वारा यमुनोत्री धाम के अन्तर्गत जानकीचट्टी यमुनोत्री मार्ग की सफाई व्यवस्था, जानकीचट्टी, खरसाली, नारायणपुरी (बीफ ) सम्पूर्ण यात्रा क्षेत्र एंव यहां के मार्ग पर पड़ने वाले समस्त बाजारों की सफाई व्यवस्था की जानी है साथ- साथ जिला पंचायत जिले के अधिकांश ग्रामीण बाजारों में सफाई व्यवस्था करती है । उक्त व्यवस्था हेतु यमुनोत्री धाम में आने वाले यात्रियों/ पर्यटकों के वाहनों से ईको शुल्क लिया जाय जिसमें इन यात्रियों/ पर्यटकों के कारण क्षेत्र में होने वाली गन्दगी का समुचित निपटारा किया जा सके । इस हेतु प्रस्ताव पारित हुआ है कि शीघ्र उपविधि तैयार कर सक्षम अधिकारी के माध्यम से गजट नोटिफिकेशन किया जाए ।
पंचायतीराज अधिनियम 2016 उत्ताखण्ड की धारा 106 (ख,ड) का प्रयोग करते हुए जानकी चट्टी यमनोत्री धाम में नरायणपुरी की सीमा में आने वाले समस्त यात्री वाहन जो कि नारायणपुरी जानकीचट्टी में प्रवेश करेंगे पर्यटकों/यात्रियों को लायेंगे से ईको शुल्क आरोपित करने हेतु निम्न उपविधयां है जिनकी पुष्टि निदेशक पंचायतीराज उत्तराखण्ड देहरादून पंचायतीराज अधिनियम की धारा 2016 की धारा 106 (ख, ड) के अन्तर्गत करते है । प्रस्तुत उपविधियां शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होगी ।
भाग 1 -क]
195 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
ईको पर्यटक शुल्क एसे सभी वाहनों जिनसे पर्यटक बड़कोट- जानकीचट्टी मार्ग से नारायणपुरी (बीफ ) बैरियर से आगे पर्यटकों को लेकर जानकीचट्टी आ रहे वाहनों के परिचालक/ कण्डक्टरों द्वारा जिला पंचायत पर्यटक ईको शुल्क वसूली हेतु नियुक्त कर्मचारी/ अधिकृत फर्म निम्नानुसार प्रति प्रवेश पर अदा किया जायेंगा जिसके लिए स्थान पालीगाड़ नाके/ बैरियर / वसूली बूथ पर तैनात जिला पंचायत उत्तरकाशी / फर्म द्वारा जिला पंचायत से प्रमाणित रसीद बुक से दो प्रतियों में रसीद दी जायेगी, जिसमें से परिचालक द्वारा एक रसीद जिला पंचायत द्वारा निर्धारित जानकीचट्टी पर जिला पंचायत के अधिकृत कर्मचारियों / अधिकारियों को मांगने पर उपलब्ध करानी होंगी । जिला पंचायत उत्तरकाशी में जानकीचट्टी यमुनोत्री सीमा अन्तर्गत प्रवेश करने पर निम्नानुसार शुल्क देय होगा-
बस 28 सीट से ऊपर
₹200.00
मिनी बस/28 सीट से कम
₹150.00
₹100.00
कार/जीप/ वैन/ 10 सीट से कम
20.00
दो पहिया वाहन/स्कूटर / मोटर साईकिल
अनुज्ञा/ शस्ति/छूट:-
( 1 ) सभी सरकारी विभागों के यात्री वाहनों को ईको पर्यटक शुल्क से मुक्त रहेंगे ।
1
( II ) स्थानीय निकायों, निगमों, भारत सरकार के वाहन शुल्क मुक्त रहेंगे ।
( III) शव वाहन, एम्बुलेंस, माल वाहक वाहन/ट्रक निबोचन वाहन, विवाह वाहन में प्रयोग किये गये सभी निजी वाहन शुल्क मुक्त रहेंगे ।
(IV) स्थानीय निजी वाहन जिनका उपयोग स्थानीय लोगों द्वारा किया जाता है, शुल्क मुक्त रहेंगे । उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 106 (ख,ड) जिला पंचायत उत्तरकाशी एतद् द्वारा निर्देश देती है कि इस उपविधि - में किसी प्राविधान के उल्लंघन से जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी या अधिकृत अधिकारी न्यूनतम ₹ 2000.00 से अधिकतम ₹ 5000.00 तक किया जा सकेगा ।
ह० (अस्पष्ट) , अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, उत्तरकाशी ।
ओमकार सिंह, निदेशक ।
पी० एस०यू० ( आर० ई० ) 23 हिन्दी गजट/ 235- भाग 1 -क 2023 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/30/ 2021-2023
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
कार्यालय नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड जनपद-उत्तरकाशी
24 फरवरी , 2023 ई०
संख्या-587/सम्पत्ति- कर / 2022-23- नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी की सीमान्तर्गत उ०प्र० नगर पालिका अधिनियम , 1916 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा -298 (1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा-128 (1 ) के तहत भवनों या भूमि या दोनों के वार्षिक मूल्य पर सम्पत्ति कर/ भवनकर आरोपित करने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी द्वारा सम्पत्ति/ भवनकर उपविधि-2023 बनायी गई है ।
सम्पत्ति/ भवनकर उपविधि- 2022-23
1- संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ:-
(क) यह उपविधि नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड, जनपद- उत्तरकाशी (उत्तराखण्ड) "सम्पत्ति/ भवनकर उपविधि- 2022-23 कहलायेगी ।
(ख) यह उपविधि नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड, जनपद - उत्तरकाशी (उत्तराखण्ड) की सीमा मे प्रवृत्त होगी ।
(14) यह उपविधि नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड, जनपद-उत्तरकाशी(उत्तराखण्ड) द्वारा प्रख्यापित अथवा शासकीय गजट मे प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी ।
2- परिभाषाएँ:-
किसी विषय या प्रसंग से कोई बात प्रतिकूल न होने पर इस उपविधि मे -
(क) "नगर पालिका परिषद" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड जनपद उत्तरकाशी से है ।
(ख) "सीमा" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड जनपद उत्तरकाशी की सीमा से है ।
355-ट 356
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
(ग) "अधिशासी अधिकारी " का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड जनपद उत्तरकाशी से है ।
(घ) "अध्यक्ष" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड जनपद उत्तरकाशी के निर्वाचित अध्यक्ष से है ।
(ड) G "बोर्ड" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड के निर्वाचित अध्यक्ष/ सदस्य अथवा प्रशासक से है ।
(च) "अधिनियम" का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड मे यथा प्रवृत्त) से है ।
(छ) "वार्षिक मूल्याकंन" का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-140 व धारा-141 के अन्तर्गत वार्षिक मूल्य से है ।
(
ज) "सम्पत्ति/ भवनकर " का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-128 के अन्तर्गत भवनों या भूमि यो दोनो के वार्षिक मूल्य पर कर से है ।
(झ) "समिति" का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-104 के अन्तर्गत गठित समिति से है ।
(प) "भवन एवं भूमि" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद की सीमान्तर्गत निर्मित भवन एवं भूमि से है ।
(फ) "स्वामी " का तात्पर्य भवन एवं भूमि के स्वामी से है ।
(ब) "अध्यासी " का तात्पर्य नगर पालिका परिषद सीमान्तर्गत निर्मित भवन एवं भूमि से है ।
3- वार्षिक मूल्यांकन:- नगर पालिका परिषद सीमान्तर्गत स्थित भूमि एवं निर्मित भवन पर सम्पत्ति/ भवनकर निर्धारण हेतु नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा -141 (1 ) के अन्तर्गत कर निर्धारण के प्रयोजन के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा समय- समय पर पारिश्रमिक सहित या रहित किसी व्यक्ति या व्यक्त्तियों को चाहे वे सदस्य हों, या न हों अथवा संस्था / एजेन्सी नियुक्त किया गया या किये गये व्यक्ति/ संस्था / एजेन्सी ऐसे प्रयोजन के लिए किसी सम्बद्ध सम्पत्ति का निरीक्षण कर सकते हैं । सम्पत्ति/ भवनकर निर्धारण हेतु निम्नानुसार वार्षिक मूल्यांकन किया जायेगा ।
(क) रेलवे स्टेशनों, कालेजों, स्कूलों, होटलों, कारखानों, वाणिज्यक भवनों और अन्य अनावासीय भवनों की दशा मे भवन व -निर्माण की अनुमानित लागत लो० नि० वि० की प्रचलित शेयडूल रेट और उससे अनुलगन भूमि की अनुमानित मूल्य तत्यमय प्रचलित सर्किल रेट को जोडकर निकाली गयी धनराशि का 5 प्रतिशत से अनाधिक पर वार्षिक मूल्यांकन का आंकलन किया जायेगा ।
(ख) खण्ड ( क) के उपबन्धो के अन्तर्गत न आने वाले किसी भवन या भूमि की दशा मे, यथा स्थिति भवन की दशा मे प्रतिवर्ग फुट कारपेट क्षेत्रफल पर लागू न्यूनतम मासिक किराया दर या भूमि की दशा मे प्रतिवर्गफुट क्षेत्रफल पर लागू न्यूनतम मासिक किराया भवन के कारपेट क्षेत्रफल या भूमि के क्षेत्रफल से गुणा किये जाने पर आए 12 गुना मूल्य से है और इस प्रयोजन के लिए प्रतिवर्ग फुट मासिक किराया दर पर इस प्रकार होगी जैसे कि नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रत्येक दो वर्ष मे एक बार भवन या भूमि की अवस्थिति, भवन निर्माण की प्रकृति, भारतीय स्टाम्प अधिनियम-1899 के प्रयोजन के लिए कलैक्टर द्वारा नियम सर्किल दर के आधार पर नियत किया गया जाये और ऐसे भवन या भूमि के लिए क्षेत्रफल मे चालू न्यूनतम दरं और अन्य कारक इस प्रकार होगें जैसे निहित किया जाये ।
357 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
(ग) खण्ड (क) (ख) के अन्तर्गत न आने वाले किसी भवन या भूमि की दशा मे यथास्थिति, ऐसे आवासीय एवं अनावासीय (दुकानार्थ) जो किराये पर उठाये गये हों, उनका वार्षिक मूल्यांकन शहर की प्रथलित बाजार दर अथवा उस क्षेत्र के लिए कलैक्टर द्वारा तत्समय किराये हेतु प्रचलित सर्किल रेट से जो भी अधिकतम हो , के अनुसार किराये के भवन के प्रतिवर्ग फुट या मीटर मासिक किराया दर पर निर्धारण करना होगा और मासिक किराये को 12 गुना पर वार्षिक मूल्यांकन पर निर्धारण हेतु किया जायेगा ।
प्रतिबन्ध यह है कि जहाँ नगर पालिका परिषद की राय मे असाधारण परिस्थितियों के कारण किसी भवन का वार्षिक मूल्य , यदि उपर्युक्त निधि से गणना की गयी हो, अत्यधिक हो, वहां नगर पालिका परिषद किसी भी कम धनराशि पर जो उसे समयपूर्ण प्रतीत हो वार्षिक मूल्य नियत कर सकती है।
1- वार्षिक मूल्य की गणना के प्रयोजन के लिए कारपेट क्षेत्र की गणना निम्नलिखित रूप से कीजायेगी
(क) कक्ष-आन्तरिक आयाम की पूर्ण माप,
(छ) आछादित बरामदा आन्तरिक आयाम की पूर्ण माप,
(ग) बालकोनी, गलियारा , रसोई घर और भण्डार गृह आन्तरिक आयाम की 50 प्रतिशत माप,
(घ) गैराज-आन्तरिक आयाम की एक चौथाई माप,
(ड) गैराज- आन्तरिक आयाम की एक चौथाई माप,
(日) स्नानागार, शौचालय , द्वारमण्डप और जीना से आच्छादित क्षेत्रफल, कारपेट क्षेत्रफलका अंग नही होगा ।
2- उत्तर प्रदेश शहरी भवन (किराये पर देने, किराये तथा बेदखली का विनियमन) अधिनियम 1972 के प्रयोजन के लिए किसी भवन का मानक किराया, या युक्तियुक्त वार्षिक किराये को भवन के वार्षिक गणना करते समय हिसाब मे नही लिया जायेगा ।
3- सम्पत्ति/ भवन कर निर्धारण हेतु वार्षिक मूल्यांकन एवं सर्वेक्षण निर्धारित प्रपत्र मे प्रत्येक भवन एवं भूमि का मौके पर निरीक्षण करने के उपरान्त यथा स्थिति के अनुसार किया जायेगा।
4- भूमि/ भवन के वार्षिक मूल्यांकन पर कर- भवन एवं भूमि के वार्षिक मूल्यांकन पर 10 प्रतिशत सम्पत्ति/ भवन कर लिया जायेगा, परन्तु निम्नलिखित भवन एवं भूमि अथवा उसके भाग निम्नानुसार कर से मुक्त रहेगें ।
(क) मन्दिर, गुरुद्वारा , मस्जिद अथवा दूसरे धार्मिक संस्थाएं जो सार्वजनिक तथा रजिस्टर्ड ट्रस्ट या संस्था के अधीन हों, परन्तु जो स्थान अथवा स्थानो के भाग रहने अथवा किराये पर या अन्य प्रकार से आय अर्जित की जाती है तो उन पर कर की छूट का नियम लागू नही होगें ।
(ख) अनाथालय , स्कूल, छात्रावास, चिकित्सालय , धर्मशालाएँ तथा इस प्रकार से अन्य भवन तथा भूमि जो इस प्रकार की दान की संस्थाओं की सम्पत्तियों और उन्ही संस्था द्वारा ऐसे कार्य करती हो ।
(ग) नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड की समस्त परिसम्पत्तियाँ ।
5- कर निर्धारण सूचियों का प्रकाशन भूमि एवं भवन के वार्षिक मूल्यांकन पर सम्पत्ति/ भवन कर निर्धारण हेतु नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा -141 के अधीन तैयार की गयी सूचियों का प्रकाशन जनसामान्य के अवलोकनार्थ एवं निरीक्षण के लिए नगर पालिका परिषद कार्यालय के अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रदर्शित की जायेगी तथा समाचार पत्र मे इस आशय की सूचना प्रकाशित करते हुए अपील करनी होगी कि 358
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[भाग 8
पंचवर्षीय गृहकर का निर्धारण किया जा चुका है, जिस किसी व्यक्ति अथवा भवन स्वामी या अध्यासी को कर निर्धारण सूची का अवलोकन एवं निरीक्षण करना हो वे नगर पालिका परिषद कार्यालय में आकर निर्धारण सूचियों का अवलोकन एवं निरीक्षण कर सकते हैं, तथा प्रस्तावित कर निर्धारण की सूचना सम्बन्धित प्रत्येक भवन स्वामी को 15 दिन के अन्दर आपत्ति प्रस्तुत करने हेतु दी जानी आवश्यक होगी और कर निर्धारण सूचियों मे प्राप्त आपत्तियों को मोहल्ले/ वार्ड वार क्रम संख्या देते हुए आपत्ति एवं निस्तारण पंजिका मे अंकित किया जायेगा ।
6- आपत्तियों का निस्तारण भूमि एवं भवन के वार्षिक मूल्यांकन अथवा कर निर्धारण पर प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई एवं निस्तारण हेतु नगर पालिका अधिनियम-1916 की धार-104 के अन्तर्गत गठित समिति अथवा समिति गठित न होने के फलस्वरूप अधिशासी अधिकारी द्वारा निम्न प्रकार से किया जायेगा -
(क) प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई हेतु तिथि एवं समय नियत करते हुए आपत्तिकर्ता को लिखित सूचना प्रेषित करनी होगी ।
(ख) आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति एवं निर्णय सम्बन्धित पत्रावली अथवा आपत्ति निस्तारण पंजिका मे जस्टीफिकेशन के साथ दर्ज करनी होगी ।
(ग) शासनादेश संख्या 2064/ नौ-9-97-79ज /97 दिनांक 28.06.1997 द्वारा वार्षिक मूल्यांकन एवं कर निर्धारण पर प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई और निस्तारण दिये गये निर्देशानुसार दी जायेगी ।
7- कर निर्धारण सूचियों का अभीप्रमाणीकरण और अभिरक्षा-
(क) अधिशासी अधिकारी या इस निमित प्राधिकृत अधिकारी, यथास्थिति, नगर पालिका परिषद क्षेत्र या..उसके किसी भाग के क्षेत्रवार किराया दरों और निर्धारण सूची को अपने हस्ताक्षर से अभिप्रमाणित करेगा ।
(ख) इस प्रकार से अभिप्रमाणित सूची को नगर पालिका परिषद कार्यालय मे जमा किया जायेगा ।
(ग) जैसे सम्पूर्ण नगर क्षेत्र की सूची इस प्रकार से जमा कर दी जाये वैसे ही निरीक्षण हेतु खुले होने के लिए सार्वजनिक सूचना द्वारा घोषणा की जायेगी ।
(घ) कर निर्धारण सूचीयों मे उपरोक्तानुसार सम्पूर्ण कार्यवाही होने के उपरान्त सम्पत्ति/ भवन कर मांग एवं वसूली पंजिका मे अन्तिम रूप से सूची दर्ज करते हुए नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-166 के अन्तर्गत दावों की वसूली हेतु अग्रेत्तर कार्यवाही शासन द्वारा समय- समय पर दिये गये निर्देशानुसार करनी होगी ।
8- कोई भी व्यक्ति किसी समय भवनों की एसेसमेन्ट सूची पर अपना नाम बतौर स्वामी दर्ज करा सकता है और जिस समय तक आवेदन - पत्र को अस्वीकार करने का काफी कारण न हो उसका नाम दर्ज कर लिया जायेगा, अस्वीकृति का कारण लिख दिया जायेगा ।
9- जब इस बात मे शक हो कि भवन या भूमि पर कि जिसका नाम स्वामी के रूप मे दर्ज किया जाये तो बोर्ड या समिति या वह अधिकारी दिया हो, यह तय करेगा कि किसका नाम स्वामी के तौर पर दर्ज होना चाहिए । इसका निश्चय उस समय तक लागू रहेगा जब तक सशक्त न्यायालय उसको रद्द न कर दे ।
10- (1 ) अगर किसी ऐसे भवन या भूमि के स्वामी होने का अधिकार जिस पर यह लागू हो, हस्तान्तरित किया जाये तो अधिकार हस्तान्तरित किया जाये तो अधिकार हस्तान्तरित करने वाला या जिसको हस्तान्तरित किया जाये , वह यदि कोई दस्तावेज न लिखी गयी भाग 8]
359 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
हो तो अधिकार लेने की तिथि से और लिखि गयी हो तो दस्तावेज लिखे जाने या रजिस्ट्री होने या हस्तान्तरित होने की तिथि से तीन माह के अन्दर हस्तान्तरित होने की सूचना अध्यक्ष को अथवा अधिशासी अधिकारी को देगा ।
(2) किसी ऐसे भवन या भूमि का स्वामी जिस पर कर लागू है, की मृत्यु के पश्चात उसका उत्तराधिकारी या जो जायदात का स्वामी हो, इसी प्रकार स्वामी होने के तीन के अन्दर सूचना देगा।
11- (1) सूचना मे जिसका विवरण पहले दिया गया है, उक्त नियम मे उल्लिखित सभी विवरण सफाई से और ठीक तौर पर दिये जायेगें ।
(2) हर ऐसा व्यक्ति जिसको जायदाद हस्तान्तरित की गयी हो, अधिशासी अधिकारी के मांगने पर दस्तावेज (अगर लिखी गयी है) या उसकी एक प्रतिलिपि जो इंडियन रजिस्ट्रेशन एक्ट 1877 ई 0 के अनुसार ली गयी हो, पेश करेगा ।
12- उत्तर प्रदेश नगर पालिका एक्ट 1916 की धारा 151 (2 ) के अधीन कर की थोडी माफी या ऐसी माफी के लिए भवन का स्वामी जिसमें कई किरायेदार रहते हो, भवन पर कर लागू करने के समय बोर्ड से प्रार्थना कर सकता है कि तमाम भवन का कर लागू करने के अलावा हर एक भाग का वार्षिक मूल्य अलग अलग एक नोट मे दर्ज किया जाये और जब कोई भाग, जिसका वार्षिक मूल्य अलग दर्ज हो गया है , या किराये के नब्बे दिन या इससे अधिक समय के लिए किसी साल में खाली रहा हो तो कूल भवन के कर का वह हिस्सा माफ किया जाये जो कि एक्ट की धारा 151 (1 ) के अधीन वापस या माफ किया जाता यदि भवन के भाग पर अलग कर लागू किया होता ।
शास्ति
उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-299 (1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके नगर पालिका परिषद एतद्वारा निर्देश देती है कि उपरोक्त उपविधि उल्लघंन करने के लिए अर्थदण्ड रू0 5000.00 (रूपये पाँच हजार मात्र) तक हो सकता है और यदि उल्लंघन निरन्तर जारी रहा हो तो प्रथम दोष सिद्वी के दिनांक से ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिनके बारे मे यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है, अतिरिक्त जुर्माना किया जा सकता है जो रू0 200.00 (रूपये दो सौ) प्रति दिन तक हो सकता है ।
यदि किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति अथवा सुझाव हो तो इस अधिसूचना के प्रकाशन के 30 दिवस के भीतर अपनी आपत्तियां , सुझाव अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड को उपलब्ध करा सकते है , अन्यथा की स्थिति में यह मान लिया जायेगा कि सम्बन्धित व्यक्ति को प्रस्तावित नियमावली के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नहीं है एवं तदनुसार इस सम्बन्ध में अंतिम अधिसूचना निर्गत कर दी जायेगी ।
यह उप-नियमावली नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड, जनपद - उत्तरकाशी (उत्तराखण्ड) के मा० नगर पालिका परिषद बोर्ड की सहमति पर बोर्ड की बैठक दि० 22.03.2022 में प्रस्ताव संख्या-13 के द्वारा पारित की गयी ।
ह० (अस्पष्ट) अध्यक्ष,
ह० (अस्पष्ट) अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, चिन्यालीसौड ।
नगर पालिका परिषद, चिन्यालीसौड ।
360
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
कार्यालय नगर पालिका परिषद, विकासनगर (देहरादून)
सार्वजनिक सूचना
उपविधि (By laws)
07 सितम्बर, 2022 ई ०
पत्रांक-610/से ०मैने०-उपविधि/ 2022-23- नगरपालिका परिषद विकासनगर जिला देहरादून सीमान्तर्गत उ० प्र ० नगरपालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड राज्य में यथाप्रवृत) की धारा-298 की उपधारा-2 खण्ड-ख के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगरपालिका परिषद विकासनगर द्वारा प्रभारी सचिव शहरी विकास उत्तराखण्ड शासन देहरादून के पत्र सं0-5971V(2)-श०वि०-2017-50 (सा0) /16 दिनांक 22-05-2017 , और उत्तराखण्ड राज्य सेप्टेज प्रबन्धन प्रोटोकोल-2017 एवं माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा पारित आदेश सं0-10/2015 दिनांक 10-12-2012 में दिये गये निर्देशानुसार "फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधकीय उपविधि" बनाई जाती है, जो नगरपालिका अधिनियम-1916 की धारा -301 (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य अथवा जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो , उनसे आपत्ति एवं सुझाव के लिए प्रकाशित की जा रही है ।
अतः जनसामान्य के अवलोकनार्थ उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियां अधिशासी अधिकारी , नगरपालिका परिषद विकासनगर, जिला देहरादून को प्रेषित की जा सकेगी , वाद मियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझाव पर कोई विचार नही किया जायेगा।
भाग 1: उपविधि (By laws)
फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) उपविधि-2021
1. शीर्षक, विस्तार और प्रारंभ
यह उपविधि नगरपालिका परिषद विकासनगर, देहरादून "फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (FSSM ) " उपविधि, 2021 कहलायेगी , जो नगरपालिका परिषद विकासनगर , देहरादून के अधिकार-क्षेत्र में/पर लागू होगी।
यह उपविधिः शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी हो जाएगी ।
2. अधिकार
यह उपविधि निम्नलिखित कानून के प्रावधानों को कार्यान्वयन में लाने के लिए सक्षम करता हैः a. 30प्र 0 नगरपालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त)
b. उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल-2017
c. राष्ट्रीय नीति फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) -2017
d. CPHEEO मैनुअल ऑन सीवरेज एंड सीवेज मैनेजमेंट-2013
e. मॉडल बिल्डिंग उपनियम-2016 और अन्य लागू बिल्डिंग कोड
f. मैनुअल स्कैवेंजर्स ( हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास उपविधि-2013
g. IS Code 2470 Part I & II , 1985 ( Reaffirmed 1996) & Code of Practice for Installation of Septic Tanks (सेप्टिक टैंक की स्थापना के लिए अभ्यास संहिता )
h. केंद्रीय कानून, नियम और विनियम (पर्यावरण संरक्षण उपविधि-1986) 361 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई ० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत)
i. जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण उपविधि-1974
j . उत्तराखंड के समस्त राज्य कानून पानी और स्वच्छता से संबंधित
3. विषय क्षेत्र
यह उपविधि नगर पालिका परिषद विकासनगर, देहरादून की प्रशासनिक सीमा के भीतर FSSM में लगे सभी हितधारको के लिए लागू है-ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के स्वामी और उपयोगकर्ता, डीस्लजिंग और सेप्टज ट्रांसपोर्टेशन आपरेटर, सेप्टेज उपचार और निपटान के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियां, शहरी स्थानीय निकाय , सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (SMC) समेत।
यह उपविधि नगर पालिका परिषद विकासनगर , देहरादून में स्थित सभी भवनो पर लागू होगा चाहे सार्वजनिक या निजी, आवासीय , वाणिज्यिक, संस्थागत , औद्योगिक, प्रस्तावित, नियोजित या मौजूदा।
4. सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (SMC)
उत्तराखंड राज्य सेप्टेज् प्रबंधन प्रोटोकोल-2017 अनुसार , नगर पालिका परिषद विकासनगर, देहरादून एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (SMC) का गठन करेगा , जिनमें निम्नलिखित सदस्य रहेंगेः
i
क्र० पद
सदस्य
1
अध्यक्ष
सब-डिविजनल मजिस्टेण्ट (SDM ) ( Sub - division का नाम)
सदस्य सचिव 2 अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद विकासनगर, देहरादून
सदस्य.
3 उत्तराखंड जल संस्थान के प्रतिनिधि (A.E. के पद से नीचे नहीं)
सदस्य
4 उत्तराखंड पेयजल निगम के प्रतिनिधि (A.E. के पद से नीचे नहीं)
5
सदस्य
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि
6 स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि
सदस्य
7
सदस्य
अन्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जा सकता है जो SMC को तकनीकी सलाह प्रदान कर सके
नगर पालिका परिषद विकासनगर और SMC इस उपविधि का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा इसके अंर्तगत संचालन की निगरानी करेंगे और (non -complying actors) पर पेनल्टी लगा सकते हैं । इस उपविधि में निर्धारित कर्तव्यो और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए SMC की बैठक समय- समय पर आहूत की जाएगी । अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद विकासनगर, जो सदस्य सचिव हैं, SMC बैठक बुलाएँगे। SMC की निगरानी जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति (Monitoring Committee) द्वारा की जाएगी, जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है ।
5. ऑन साइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS ) का निर्माण और रखरखाव
यह खंड ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS) जैसे कि सेप्टिक टैंक , गड्ढेले, बयो-डाइजेस्टर आदि के निर्माण और रखरखाव में विभिन्न हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की रूपरेखा देता है ।
362
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत)
5.1. नगर पालिका परिषद विकासनगर, देहरादून सीमान्तर्गत स्थित आवासीय भवन, व्यवसायिक/ वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS ) के स्वामी के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाः
5.1.1. सेप्टिक टैंक/OSS का डिजाइन और निर्माण
भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके परिसर के शौचालयों में सोख गड्ढे के साथ सेप्टिक टैंक ( septic tank with soak pit) या अन्य OSS का ठीक से निर्माण किया गया है, जैसा कि IS Code 2470 भाग । & ॥ 1985 ( Reaffirmed 1996) और CPHEEO मैनुअल- 2013 में उल्लिखित है ।
भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS का समुचित कार्य हो रहा है ताकि मल या अपशिष्ट का स्राव, रिसना, रिसाव या अन्यथा बचने से पर्यावरण को कोई प्रदूषण न हो। इसके लिए OSS की समय-समय पर मरम्मत का काम ( repair or retrofitting) मालिक द्वारा किया जाएगा।
भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS में छत का पानी , सतह-पानी , रन-ऑफ (run-off) या बारिश का पानी प्रवेश नहीं करेगा।
भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS से अपशिष्टों (effluents ) का सुरक्षित निपटान सोख गड्ढों या सीवर नेटवर्क के माध्यम से किया जाए ।
5.1.2. OSS का खाली कराना डीस्लजिंग
भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि QSS को नियमित रूप से खाली कराएँ (तीन साल में कम से कम एक बार या टैंक दो- तिहाई भरा हो , जो भी पहले हो ) ।
भवन स्वामी नगर पालिका परिषद विकासनगर को सूचित करेंगे जब सेप्टिक टैंक या containment unit की सफाई करनी है।
जहाँ भवन स्वामी निजी डीस्लजिंग ऑपरेटर की सेवाएँ ले रहे हैं, वे केवल उन ऑपरेटरों की सेवा लेंगें जिनके पास FSSM सेवाएँ प्रदान करने के लिये नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा जारी परमिट या लाइसेंस है ।
5.1.3. उपभोक्ता शुल्क का भुगतान
भवन स्वामी नगर पालिका परिषद विकासनगर या लाइसेंस -युक्त निजी ऑपरेटरो द्वारा FSSM सेवाओं के लिए उपभोक्ता शुल्क का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित करेंगे , जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है और बाद में नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा अधिसूचित किया गया है ।
5.2.
नगर पालिका परिषद विकासनगर के कर्तव्य एवं ज़िम्मेदारियाँ-
5.2.1. नगर पालिका परिषद विकासनगर में स्थित सभी OSS (septic tank, pits , biodigester etc. ) की रजिस्ट्री 363 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून , 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्त)
नगर पालिका परिषद विकासनगर अपने अधिकार क्षेत्र में निर्मित सभी OSS के एक रजिस्टर बनाए रखेगा , जिसमें सभी विवरण होंगे जैसे कि भवन स्वामी का नाम, GPS स्थान, OSS का प्रकार , आकार और स्थिति, खाली करने की आवृत्ति आदि जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल-2017 में उल्लिखित है। इसके लिए नगर पालिका परिषद विकासनगर सर्वेक्षण या अन्य तरीकों का उपयोग कर सकता है ।
सभी नए निर्माणों को शामिल करने के लिए OSS की रजिस्ट्री को अपडेट किया जाएगा ।
5.2.2. OSS का उचित निर्माण और डिजाइन सुनिश्चित करनाः-
नगर पालिका परिषद विकासनगर, देहरादून अपने अधिकार क्षेत्र में पंजीकृत नए निर्माणों को केवल तभी अनुमोदित करेगा जब OSS का निर्माण IS CODE 2470 भाग -1 , भाग-1। और CPHEEO मैनुअल में निर्धारित मानकों के अनुसार है, यदि उल्लंघन हैं तो नगर पालिका परिषद विकासनगर दोषपूर्ण निर्माण के मालिकों को नोटिस जारी करेगा ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर, देहरादून जहाँ संभव हो, OSS को डिजाइन विनिर्देशों के अनुरूप में लाने के लिए रेट्रोफिटिंग ( retrofitting ) के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगा।
5.3. SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ-
SMC नगर पालिका परिषद विकासनगर को समय- समय पर निगरानी करने के लिए निर्देशित करेगा यह सुनिश्चित करने के लिए कि OSS का उचित रखरखाव हो ।
SMC समय-समय पर सभी FSSM से संबंधित गतिविधियों की निगरानी करेगा जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है ।
6. मल और सेप्टेज का खाली करवाना और परिवहन
यह खंड हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है ताकि (नगर पालिका परिषद विकासनगर) में स्थित OSS रोकथाम इकाइयों (containment units) से मल और सेप्टेज (FSS) का उचित संग्रह/ खाली करना हो सके तथा उपचार और सुरक्षित निपटान/पुनः उपयोग के लिए , इसका निर्धारित साइटों (designated sit मे/treatment facility ) तक सुरक्षित परिवहन हो सके।
6.1. FSS के संग्रह और परिवहन में नगर पालिका परिषद विकासनगर के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ: -
6.1.1 . डीस्लजिंग ( DESLUDGING ) और सेप्टेज परिवहन वाहनों का लाइसेंसिंग और पंजीकरणः- नगर पालिका परिषद विकासनगर अपने अधिकार-क्षेत्र में उचित पंजीकरण /लाइसेंस/परमिट के बिना कोई भी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को काम करने की अनुमति नहीं देगा । इसमें निजी-स्वामित्व के साथ-साथ सरकार के वाहन भी शामिल हैं ( Nagar Palika Parishad , Jal Santhan आदि) । इसके अलावा यह नगर पालिका परिषद विकासनगर के बाहर से आने वाले वाहनों (दोनों निजी और सरकारी) पर लागू होता है ।
364
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20. 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
नगर पालिका परिषद विकासनगर डीस्ल जिंग और सेप्टेज़ परिवहन ऑपरेटरों को अपने अधिकार -क्षेत्र में संचालित करने के लिए लाइसेंस/परमिट प्रदान करेगा । राज्य FSSM प्रोटोकॉल में उल्लिखित और SMC द्वारा अधिसूचित अनिवार्य तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओंको पूरा करने वाले ऑपरेटरों को ही लाइसेंस/ परमिट दिए जाएँगे (अनुबंध ठ देखें ) ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर के बाहर से आने वाले ऑपरेटरों को भी (दोनो निजी और अन्य ULB, जल संस्थान आदि के स्वामित्व वाले) अपने उद्भव के नगर पालिका परिषद (Nagar Palika Parishad of origin ) द्वारा लाइसेंस प्राप्त होना है , यदि उन्हें नगर पालिका परिषद विकासनगर के भीतर संचालन की अनुमति प्राप्त करनी है । नगर पालिका परिषद विकासनगर ऐसे वाहनों के प्रवेश की एक्लॉग- बुक (सवह इववा) बनाए रखेगा । नगर पालिका परिषद विकासनगर में इन वाहनों के संचालन की शर्तें SMC द्वारा उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएंगी।
नगर पालिका परिषद विकासनगर यह सुनिश्चित करेगा कि ऑपरेटरों के लाइसेंस समय -समय पर नवीनीकृत किए जाएं जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है । लाइसेंस का नवीनीकरण के लिए अनिवार्य तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओंको पूरा करना आवश्यक है।
6.1.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों की प्रप्तिकरण और कर्मचारियों की भर्तीः-
नगर पालिका परिषद विकासनगर यह सुनिश्चित करेगा कि अपने अधिकार-क्षेत्र FSS के संग्रह और परिवहन के लिए डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पर्याप्त संख्या में हों , या तो नगर पालिका परिषद विकासनगर खुद वाहन प्राप्त करे या टेंडर आमंत्रित करके निजी ऑपरेटरों का चयन करें ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर अपने वाहनों को चलाने के लिए केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही नियुक्त करेगा।
जहाँ नगर पालिका परिषद विकासनगर निजी ऑपरेटरों की सेवाएँ टेंडर के माध्यम से ले रही है, अनुबंध प्रतिवर्षनवीनीकृत किया जाएगा । नवीनीकरण सशर्त है ऑपरेटर के निष्पादन पर और उनके स्टेट FSSM प्रोटोकॉल में वर्णित और SMC द्वारा अधिसूचित इन वाहनों के लिए अनिवार्य आवश्यकताओंका अनुपालन पर।
6.1.3 . डीस्लजिंग ऑपरेटरों की निगरानी
नगर पालिका परिषद विकासनगर यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन वाहन नगर पालिका परिषद विकासनगर से एकत्र किया FSS केवल SMC द्वारा चिन्हित स्थलों (site ) / उपचार सुविधाओं (treatment facilities) पर निस्तारण करेंगे ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन टैंकर GPS सिस्टम से युक्त है जिससे उनकी ट्रैकिंग की जा सकती है ।
भाग 8]
365 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई ० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
नगर पालिका परिषद विकासनगर FSS के संग्रह , परिवहन और निपटान के लिए जॉब कार्ड (job card) पंजीकृत डीस्लजिंग ऑपरेटरों को प्रदान करेगा हर डिसग्लिंग ऑपरेशन को रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए जॉब-कार्ड की एक प्रति OSS के मालिक को सौंप दी जाएँगी, एक दूसरी प्रति निपटान स्थल पर , और तीसरी प्रति नगर पालिका परिषद विकासनगर कार्यालय में जमा की जाएगी। इस जॉब-कार्ड पर OSS के मालिक, डीस्लजिंग ऑपरेटर, ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर और नगर पालिका परिषद विकासनगर के नोडल अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।
नगर पालिका परिषद विकासनगर भुगतान का प्रमाण दिखाने के लिए OSS मालिकों को रसीदें प्रदान करेगा ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर इन विनियमों के उल्लंघन में पाए जाने वाले ऑपरेटरो पर penalty /दंड लगाएगा।
नगर पालिका परिषद विकासनगर किसी भी ऑपरेटर का लाइसेंस रद्द करेगा जो लाइसेंस नवीनीकृत करने में विफलता करे, या इन नियमो या मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों) के नियोजन का प्रतिषेधऔर उनका पुनर्वास उपविधि-2013 के प्रावधानों का बार- बार उल्लंघन करे ।
6.1.4
. नगर पालिका परिषद विकासनगर की अन्य जिम्मेदारियाँ-
नगर पालिका परिषद विकासनगर निम्नलिखित जिम्मेदारियां भी निभाएगाः
अपने अधिकार-क्षेत्र में सामुदायिक/सार्वजनिक शोचालयको निर्दिष्ट अंतराल पर खाली करवाना या जब टैंक दो-तिहाई भरा हुआ हो, जो भी पहले हो ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर सीमा के भीतर स्थित भवनों का सर्वेक्षण और निरीक्षण करना और उन मालिकों या भवनों को नोटिस/ जुर्माना जारी करना जो इस उपविधि के अनुरूप नहीं हैं।
नगर पालिका परिषद विकासनगर डीस्लज़िंग और सेप्टेज परिवहन परमिट के लिए अपनी वेबसाइट पर और प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर अपनी वेबसाइट और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर समय-समय पर लाइसेंस प्राप्त/पंजीकृत ऑपरेटरों की सूची को प्रकाशित करेगा।
नगर पालिका परिषद विकासनगर प्रत्येक डीस्लजिंग ऑपरेशन के बाद घरों से एकत्र किए जाने वाले फीडबैक फॉर्म प्रदान करेगा।
नगर पालिका परिषद विकासनगर App-आधारित/फोनकॉल/ डै आधारित डीस्लजिंग सेवाओं जैसे विकल्पों की खोज कर सकता है, जो नगर पालिका परिषद विकासनगर को वास्तविक समय 366
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
(real time) के आधार पर डेटाबेस को अपडेट करने और उपभोक्ता फीडबैक ( user feedback) से अवगत कराने में मदद करे ।
शेड्यूल्ड डीस्लजिंग (Scheduled Desludging)-उपविधि की धारा-5.1.2 में वर्णित समय अवधि के अनुसार नगर पालिका विकासनगर अपने अधिकार-क्षेत्र में स्थित OSS को खाली करने के लिए मासिक कार्यक्रम ( monthly schedule) विकसित कर सकता है ।
6.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों के कर्तव्य एवं ज़िम्मेदारियाँ-
6.2.1 . परमिट/लाइसेंस के लिए आवेदन और मानकों के अनुपालन-
जो भी व्यक्ति नगर पालिका परिषद विकासनगर के अधिकार क्षेत्र में FSS के संग्रह और परिवहन के लिए सेवाएँ प्रदान करना चाहता है, वह नगर पालिका परिषद विकासनगर से अपेक्षित लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा । (फार्मेट के लिये अनुबंध ब्1 देखें)
आवेदन देने से पहले, आवेदक यह सुनिश्चित करेगा कि उनके वाहन डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनो के लिये SMC द्वारा अधिसूचित तकनीकी, प्रशासनिक, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओंको पूरा कर रहे हैं। इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल होगा कि टैंकर पानी-तंग और रिसाव-प्रूफ (water- tight and leak- proof tankers) हो, और यांत्रिक desludging उपकरण (mechanical desludging equipment) के साथ युक्त हो (अनुबंध B देखें) । इसके अतिरिक्त केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षितऔर अनुभवी व्यक्तियों को ही काम पर रखेंगे ।
ऑपरेटरों को लाइसेंस के लिये आवेदन के समय , और नवीनीकरण के समय , SMC द्वारा परिभाषित शुल्क का भुगतान करना होगा । (धारा 6.3.2देखें)
लाइसेंस प्राप्त/ पंजीकृत ऑपरेटर समय- समय पर अपने लाइसेंस/परमिट के नवीनीकरण के लिए आवेदन करेंगे जैसाकि SMC द्वारा तय किए गए।
6.2.2. संचालन के मानदंडों के अनुपालन-
ऑपरेटर SMC द्वारा तय किए गए और नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा अधिसूचित किए गए संचालन के सभी मानदंडों का पालन करेगा । (अनुबंध C 2 देखें)
ऑपरेटर नगर पालिका परिषद विकासनगर की सभी निगरानी आवश्यकताओं का अनुपालन करेंगे जैसे कि सेप्टेज संग्रह और परिवहन टैंकरों पर जीपीएस ट्रैकिंग (GPS tracking ) सक्षम करना।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि सफाई के समय और निपटान के समय के बीच का अंतर 24 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए ।
6.2.3 . अधिसूचित दरों के अनुसार फीस का निर्धारण- 367 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून. 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे डीस्लजिंग सेवाओं के लिए SMC द्वारा अधिसूचित दरों से अधिक शुल्क OSS मालिकों से नहीं लेंगे ।
6.2.4. दस्तावेजों का रखरखांव-
ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेप्टेज संग्रह , परिवहन और निपटान के लिए नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा प्रदान किए गए जॉब कार्ड OSS के मालिक, ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर/ ऑपरेटर , डीस्लजिंग ऑप्रेटर, और नगर पालिका परिषद विकासनगर अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित होंगे , और प्रतियाँ प्रत्येक को सौंपी जाएँगी । (फार्मेट के लिये अनुबंध D देखें)
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन पर नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा जारी ऑपरेटर लाइसेंस की एक प्रति और मोटर वाहन पंजीकरण (motor vehicle registration) को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
6.2.5. श्रमिकों की सुरक्षा और सेप्टेज परिवहन के दौरान सावधानियों का पालनः-
लाइसेंस-युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर FSS के केवल यांत्रिक संग्रह ( mechanical desludging) और परिवहन में संलग्न होंगे, और ' मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेधऔर उनका पुनर्वास उपविधि-2013' के सभी नियमों का अनुपालन करेंगे।
ऑपरेटर सभी कर्मचारी को SMC द्वारा निर्धारित अपेक्षित सुरक्षा गियर प्रदान करेंगे ।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS संग्रह और परिवहन में लगे सभी कर्मचारी पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से हर साल कम से कम एक बार स्वास्थ्य जांच करवाएँ और नगर पालिका परिषद विकासनगर के रिकॉर्ड में जमा करें ।
ऑपरेटर अपने द्वारा नियोजित , सेप्टेज के सफाई , परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित सभी व्यक्तियों का बीमा करेंगे ।
सेप्टेज के सफाई, परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति, संपत्ति, वाहन या पर्यावरण को होने वाली किसी भी नुकसान के लिए लाइसेंस युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर पूरी तरह से उत्तरदायी होंगे। ऑपरेटर ऐसे मामलों में मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे , जैसा कि नगर पालिका परिषद विकासनगर/अदालत द्वारा अधिसूचित है।
FSS के परिवहन के दौरान आकस्मिक रिसाव की स्थिति में , ऑपरेटर तुरंत उसको नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करेगा , पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेगा, और साफ-सफाई की प्रक्रियाओं को पूरा करेगा । ऑपरेटर 24 घंटे में नगर पालिका परिषद विकासनगर के संबंधित अधिकारियों को रिसाव और उसकी उपचारात्मक कार्रवाई के बारे में सूचित करेंगे । इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले लाइसेंस- युक्त ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
6.3. SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ-
6.3.1 . सेप्टेज के संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क निर्धारित करना- 368
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[भाग 8
सेप्टेज संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क डीस्लजिंग संचालन के ओ. एम. की व्यय आवश्यकता(Operation & Maintenance cost) पूरा करने के लिए प्रयुक्त होगा। SMC यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता शुल्क न्यूनतम रखा जाए । सभी दरों का निर्धारण हितधारकों के साथ उचित परामर्शप्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ता ( OSS के स्वामी) पर कोई अनुचित बोझ नहीं है या ऑपरेटरों या नगर पालिका परिषद विकासनगर को कोई अनुचित नुकसान नहीं होगा, और FSSM गतिविधियों को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
SMC नगर पालिका परिषद विकासनगर को निर्देश दे सकता है कि उपभोक्ता शुल्क को संपत्तिकर (property tax) में शामिल करें ।.
SMC यह भी निर्धारित करेगा कि उपयोगकर्ताओं से एकत्र उपयोगकर्ता शुल्क नगर पालिका परिषद विकासनगर (सुविधा शुल्क ), जल संस्थान विकासनगर (O & M शुल्क ) और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर (सेवा शुल्क ) के बीच कैसे साझा किया जाएगा।
SMC संबंधित हितधारका की उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से समय -समय पर इन दरों को संशोधित करेगा और उनको सूचित करेंगे।
6.3.2. लाइसेंसिंग शुल्क को निर्धारित करना-
लाइसेंस देने के लिए आवेदन के प्रसंस्करण के लिए SMC एक मामूली आवेदन शुल्क निर्धारित करेगा । शुल्क का भुगतान चेक (cheque) या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा किया जा सकता है जो अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद विकासनगर के नाम पर निम्नानुसार होगाः
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पंजीकरण शुल्क (- वर्षके लिए )
1. प्रारंभिक पंजीकरण शुल्कः रु प्रति वाहन
11 . पंजीकरण के नवीकरण के लिए शुल्क रु प्रति वाहन
शुल्क संशोधन के अधीन होंगे (अवधि और दर SMC द्वारा तय किया जाएगा)
(सभी दरें उचित परामर्शप्रक्रिया के माध्यम से SMC द्वारा तय किया जाएगा और नगर पालिका परिषद द्वारा अधिसूचित किया जाएगा) ।
6.3.3. निगरानी की गतिविधियाँ-
SMC आवश्यकताके अनुसार , सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिए निष्पादन मानकों (performance standards) को जारी करेगा ।
SMC नगर पालिका परिषद विकासनगर में चलने वाले सेप्टेज परिवहन वाहनों के आवधिक निरीक्षण के लिए जिम्मेदार होगा कि व निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रहे हैं या नहीं।
यदि ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन पाया जाता है , तो SMC नगर पालिका परिषद विकासनगर को सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देगा ।
SMC कोई भी ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन के लिए दंड को परिभाषित करेगा । (अनुबंध F देखें) 369 भाग 8]
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6.3.4. शिकायत निवारण-
SMC FSSM सेवाओं से संबंधित शिकायतें OSS के मालिकों , डीस्लजिंग ऑपरेटरों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से स्वीकार करेगी । यदि आवश्यकहो, SMC अपीलीय निकाय (Appellate Body) या शिकायत निवारण क्रियाविधि ( Grievance Redressal Mechanism) बना सकते हैं ।
7. मन और सेप्टेज ( FSS) का उपचार और पुनःउपयोग/निपटान
7.1 . SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियां-
7.1.1.
उपचार और निपटान स्थल को चिन्हित करना-
SMC नगर पालिका परिषद विकासनगर से 20-25 कि.मी. के भीतर लाइसेंस धारी सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों द्वारा FSS के निपटान के लिए स्थान/उपचार केन्द्र को चिन्हित करेगा और उसको अधिसूचित करेगा ।
CPHEEO की Draft Advisory on Land Application of Faecal Sludge, 2020 में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार, जहां उपचार की सुविधा (STP/ FSTP) उपलब्ध नहीं है तथा अस्थायी उपाय के रूप म SMC FSS की वैज्ञानिक लैंड एप्लिकेशन (scientific land application ) को अधिसूचित कर सकती है ।
7.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियां-
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि नगर पालिका परिषद विकासनगर से एकत्र किया गया FSS , केवल SMC द्वारा अधिसूचित साइट या उपचार केन्द्र में निपटाया जाएगा।
डीस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट-युक्त FSS ( FSS containing industrial waste) का परिवहन या निपटान नहीं किया जाएगा।
7.3. उपचार केन्द्र एजेंसी के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियां-
उपचार केन्द्र के ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर के पास नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा जारी वैध लाइसेंस या परमिट है।
उपचार केन्द्र के प्रबंधक (plant manager) नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा जारी किए गर FSS के संग्रह, परिवहन और निपटान के रिकॉर्ड (job card ) पर हस्ताक्षर करेगा जो निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा उत्पादित किया जाएगा।
उपचार केन्द्र के संचालक FSS के निपटान के लिए टिपिंग शुल्क (tipping fee) के लिए रसीद प्रदान करेंगे ।
उपचार केन्द्र सेप्टेज के उपचार के लिए उपयुक्त तकनीक अपनाएगी । इसके अलावा , उपचार के बाद निस्तारण किया स्लज और अपशिष्ट जल (sludge and waste water) को केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी मानदंडों का पालन करना चाहिए । समय- समय पर 370
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून , 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
उपचारित अपशिष्टों का परीक्षण करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे डिस्चार्ज मानकों (discharge criteria) के अनुरूप है।
उपचार अंतिम उत्पाद (उपचारित अपशिष्टजल और स्लज सहित ) का अधिकतम पुनरु उपयोग , मानकों और मानदंडों के अनुसार , सुनिश्चित करेगा। उपचारित अपशिष्टजल का उद्द्योगों, बिजली संयंत्र, सिंचाई और बागवानी उद्देश्य से पुनः उपयोग किया जाएगा । उपचारित अपशिष्टजल को विभिन्न पुनः उपयोग आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद ही नदी जल में डाला जाएगा।
FSS के निपटान के लिए असाधारण परिस्थितियाँ यदि उपचार केन्द्र के अधिक भार (overloading) या FSS की अवांछनीय गुणदत्ता (undesirable quality) के कारण उपचार केन्द्र FSS को स्वीकार करने में असमर्थ है, उपचार केन्द्र संचालक को सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को अस्वीकृति का कारण लिखित में देना होगा संबंधित कर्मियों के हस्ताक्षर के साथ। इस स्थिति में , सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को सेप्टेज को SMC द्वारा निर्दिष्ट अन्य स्थान पर निपटान करना होगा।
7.4. नगर पालिका परिषद विकासनगर के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियां-
नगर पालिका परिषद विकासनगर उत्तराखंड पेयजल निगम, उत्तराखंड जल संस्थान और उत्तराखंड सरकार द्वारा निर्देशित किसी अन्य एजेंसी की सहायता से, मौजूदा या आगामी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स ( STPs) में फीकल स्लज और सेप्टेज के सह -उपचार (co-treatment) की क्षमता की पहचान कर सकते हैं, और वैज्ञानिक तरीके से STP परिसर में सेप्टेज के उपचार और निपटान के लिए आवश्यक आधारिक संरचना तैयार कर सकते हैं ।
नगर पालिका परिषद विकासनगर उपचारित FSS के पुनः उपयोग की संभावनाओं का पता लगाएगा । खाद के रूप में फिर से उपयोग के लिए, इसे किसानों को मुफ्त में वितरित किया जाएगा।
IEC गतिविधियाँ
8.
नगर पालिका परिषद विकासनगर FSSM के बारे में विभिन्न हितधारकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिये समय -समय पर निम्नलिखित प्म्बू और क्षमता निर्माण ( capacity building) गतिविधियों का कार्य करेगाः
OSS मालिकों, राजमिस्त्री आदि को वैज्ञानिक रूप से OSS का डिजाइन , निर्माण तकनीक, इसके आकार आदि के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए IEC को बढ़ावा देना।
FSSM में लगे कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना ।
सीवरों और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए SOP ( MoHUA 2018) के आधार पर सभी डीस्लजिंग ऑपरेटरों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान करना ।
371 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20. 1945 शक सम्वत्)
भाग ४ ]
भाग 2 अनुबंध (Annexures )
1. अनुबंध A1- परिभाषाएं
सेप्टेज प्रबंधन में मूल परिभाषा के लिए निम्नलिखित व्याख्याएं प्रदान की गई हैं: फीकल स्लज यह गड्ढे शौचालय , सेप्टिक टैंक, एक्वा प्राइवेट और ड्राई टॉयलेट जैसे ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS) के तल पर जमा हुआ पदार्थ हैं , जो कच्चा है या आंशिक रूप से पचा हुआ है, और घोल या अर्धनिर्मित रूप में होता है ।
सेप्टेज- सेप्टिक टैंक , सेसपूल, या इस तरह के ऑनसाइट उपचार सुविधा से पंप की जाने वाली तरल और ठोस ( मैल, स्लज और ग्रीस) पदार्थ जब यह समय के साथ जमा हो जाता है । इसमें कई रोग पैदा करने वाले जीव के साथ ग्रीस , ग्रिट, बाल और अलबे के संदूषण होते हैं ।
एफ्लुएंट ( effluent )- सेप्टिक टैंक से सलह पर तैरने वाला तरल निर्वहन। इसे नालियों और सीवरों के नेटवर्क में एकत्र किया जा सकता है और उचित रूप से डिजाइन किए गए उपचार केन्द्र में उपचार किया जा सकता है ।
ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS) स्वच्छता प्रणाली जहां मल और अपशिष्टजल एकत्र किया जाता है और उसी स्थान पर संग्रहीत या उपचारित किया जाता है । गड्ढे शोचालय और सेप्टिक टैंक इसके उदाहरण हैं।
सेप्टिक टैंक एक भूमिगत टैंक जो अपशिष्टजल का उपचार ठोस पदार्थों के अवसादन (sedimentation) और अवायवीय पाचन (anaerobic digestion) के माध्यम से करता है । अपशिष्ट को सोखता गड्ढों या छोटे बोर के सीवरों में डाला जा सकता है । सेप्टिक टैंक के तल पर जमा होने वाले स्लज को समय -समय पर खाली करने और उपचारित करने की आवश्यकता होती है । (जब यह निर्धारित गहराई तक पहुंच जाता है या निश्चित डीस्लजिंग आवृति (desludging frequency)
डीस्लजिंग ( DESLUDGING ) सेष्टिक/ इम्हॉफ टैंक , इंटरसेप्टर टैंक या अवसादन टैंक जैसे उपचार टैंकों से स्लज/कीचड़ या जमा हुए ठोस पदार्थ को निकालना।
सीवेज शोचालयसे निर्वहन किया गया अपशिष्ट जल जिसमें मानव शरीर के अपशिष्ट पदार्थ (मल और मूत्र आदि), भंग या असंगत , होते हैं । सेप्टिक टैंक या इस तरह की किसी भी सुविधा से निकलने वाली अपशिष्ट भी सीवेज है ।
सीवरेज सिस्टम सीवेज के संग्रह के लिए भूमिगत नाली को सीवर कहा जाता है । सीवरेज सिस्टम सीवर के नेटवर्क को कहलाता है जो प्रत्येक संपत्ति से उत्पन्न सीवेज को सीवेज पम्पिंग स्टेशन तक ले जाता है, जहां से इसे उपचार के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पंप किया जाएगा।
उपचार ( treatment)- यह निर्दिष्ट सुविधाओं में सेप्टेज के आगे के प्रसंस्करण को संदर्भित करता है जिस से इसका पुनरु उपयोग या सुरक्षित निपटान हो सकता है ।
372
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 3
सह-उपचार (co . treatment)-STP पर फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS) का सह- उपचार एक उपचार प्रक्रिया है जिसमें STP FSS को प्राप्त करता है, इसका पूर्व-उपचार करता है, और उचित प्रक्रिया इकाइयों (process units ) में वितरित करता है ।
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन ( Septage Transportation Vehicles)- वैक्यूम पंपों से. युक्त वाटर-टाइट, लीक-प्रूफ टैंकर जो OSS से FSS के सुरक्षित संग्रह, इसके सुरक्षित परिवहन और निर्दिष्ट सेप्टेज उपचार सुविधाओं में इसके निपटान के लिए उपयोग किया जाता है।
सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (SMC) नगर पालिका परिषद विकासनगर स्तर पर FSSM गतिविधियों की निगरानी के लिए गठित निकाय जिसमें सब- डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM ), अधिशासी अधिकारी, उत्तराखंड जल संस्थान, उत्तराखंड पेयजल निगम, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और अन्य तकनीकी सलाहकार शामिल हैं।
11 . अनुबंध 12- लघुरूप
FSS -
Faecal Sludge and Septage
FSSM
Faecal Sludge and Septage Management
FSTP -
Faecal Sludge Treatment Plant
OSS -
Onsite Sanitation Systems
SMC
Septage Management Cell
STP
Sewage Treatment Plant
ULB
Urban Local Body
III . अनुबंध B- डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को लाइसेंस प्रदान करने के लिए नियम और शर्तें (तकनीकी, प्रशासनिक, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताएं)
सभी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन परिचालक, निजी या नगर पालिका परिषद विकासनगर के स्वामित्व वाले, सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण और परिवहन के लिए निम्नलिखित नियम और शर्तों को पूरा करेंगे। ये शर्तें नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अनिवार्य हैं । इन प्रावधानों का उल्लंघन लाइसेंस रद्द करने के लिए उत्तरदायी होगा और उल्लंघन करने वाला ऑपरेटर निर्धारित दंड का भुगतान करने के लिए भी उत्तरदायी होगा।
373 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20. 1945 शक सम्वत्)
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्रदान करने के लिए अनिवार्य शर्तें
तकनीकी आवश्यकताएं
हाँ नही FSS पंपिंग और OSS में पानी मिलाने के लिए होज़ (Hose)
टैंकर रिसाव- प्रूफ , गंध-प्रूफ और स्पिल-प्रूफ ( leak - proof, odour- proof and spill- proof) है और उचित सक्शन और डिस्चार्ज उपकरण से युक्त है।
टैंकर नगर पालिका परिषद विकासनगरद्वारा ट्रैकिंग और निगरानी के लिए GPS से युक्तहै ।
किसी भी औद्योगिक अपशिष्ट(industrial waste) के परिवहन के लिए टैंकर का उपयोग नहीं किया जाता है ।
प्रशासनिक आवश्यकताएँ
हाँ नही वाहन के पास मोटर वाहन विभाग से पंजीकरण प्रमाण पत्र है
वाहन के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वैध प्रमाण पत्र है
वाहन के सभी नामित ड्राइवरों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हैं
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिए नियुक्त सभी कर्मचारियों के पास पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (health certificate ) हैं
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन को नीला रंग दिया गया है जिस पर सफेद रंग में 'SEPTIC TANK WASTE ' अंग्रेजी में और ' मलकुंड अपशिष्ट हिंदी में लिखा है और स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
हाँ नही सुरक्षा आवश्यकताएँ
सभी कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (personal protective gear) से लैस हैं जैसे कि हार्ड हैट ( hard hat ) और कपड़े जो परावर्तक और रासायनिक-स्प्लैश प्रतिरोधक (reflective and chemical splash resistant ) है।
फेस मास्करेस्पिरेटर जो धूल, धुएं, सूक्ष्म जीवों आदि से बचाता है
सुरक्षात्मक हाथ दस्ताने, जूते और सुरक्षा चश्मे ( glove , boot , safety goggles)
आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा किट ( first aid kit )
डिसइंफेक्टेंट और स्पिल्ड सामग्रियों को इकट्ठा करने और साफ करने के लिए बैग
अन्य सुरक्षा गियर जो लागू है
अन्य आवश्यकताएं:
हाँ नही सभी कर्मचारियों/ श्रमिकों को समय-समय पर प्रशिक्षण (वर्ष में कम से कम एक बार ) प्रदान किया जाना है । (उपकरण के उचित उपयोग, स्लज के सुरक्षित संग्रह, परिवहन और निपटान का संचालन, और प्राथमिक चिकित्सा पर)
सरकारी अस्पताल में कर्मचारियों की आवधिक स्वास्थ्य जांच (वर्ष में कम से कम एक बार) की गई है और सेप्टेज के संग्रह , परिवहन और निपटान में लगे सभी कर्मचारियों के फिटनेस प्रमाण पत्र (fitness certificate ) प्रस्तुत की गई ।
374
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई ० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
IV अनुबंध C1- नगर पालिका परिषद विकासनगर में सेप्टेज संग्रह , परिवहन और निपटान की लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र
Application form for License to Collect, Transport and Dispose FSS in Name of ULB
1 Name(s) of the applicant ( Mr./Ms . ) :
2 Nationality: ( Indian/ Others):
3 Address of correspondence :
4 Address of head Office or Registered Office:
5 Contact No.:
(0);
(M):
6 Email ID:
7
Details of Vehicles
Model no .
Type of Vehicle
GPS Details
Register ed no of Vehicles
Tank Capacity (liters)
Insurance Valid Upto
Pollution Certificate valid Upto
i
ii
IV
8 Fitness Certificate of Vehicles Valid Upto:
0
(ii)
(iii)
(iv)
9 List of attacheddocuments (self attested):
Identity Proof
Registration certificates
Pollution certificates
Address Proof
Fitness certificate
Driving License
certificates of insurance and
policy schedules
सेप्टेज परिवहन वाहन का मालिक नोटरीकृत रु.10 ई-स्टांप पर अपने कर्मचारियों की संख्यातथा उनके नाम , पिता का नाम , पता और शैक्षिक योग्यता का विवरण , उनके ड्राइविंग लाइसेंस के प्रति के साथ , देंगे ।
पंजीकरण शुल्क का भुगतान CASH / D.D.No के माध्यम से किया गया है ।
375 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून , 2023 ई ० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
बैंक का नाम: -
दिनांकः
मैं हम इस बात को प्रमाणित करते हैं कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान में यथार्थ है। मैं यह भी प्रमाणित करता हूं कि मैंने ' फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम) उपविधि ( नगर पालिका परिषद विकासनगर) , 2021 पढ़ा और समझा है । मैं सहमत हूं कि यदि मेरे द्वारा दी गई कोई भी जानकारी गलत पाई गई तो लाइसेंस के लिए आवेदन किसी भी समय रद्द करने के लिए उत्तरदायी होगा ।
दिनांकः
संलग्न दस्तावेज की संख्याः
आवेदकों के हस्ताक्षरः 376
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
V. अनुबंध C2- नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा जारी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिये लाइसेंस/पंजीकरण
ULB LOGO
Municipality Corporation/ Municipality/Town Panchayat of
Nagar Palika Parishad Vikasnagar
LICENSE
In accordance with all the terms and conditions of the By -laws / Regulations and any amendments made there under , Municipalities act rules , the special license conditions accompanying this license and applicable rules and laws of Government of Uttarakhand , the permission is hereby granted to:
Licene Holder's Name:
Address of Head/ Regd Office:
For the collection , transportaion and disposal ( at designated sites/STPs) of feacal sludge and septage from onsite containments in Nagar Palika Parishad Vikasnagar
License No .:
Issuing Authority:
EffectiveDate:
Valid upto:
Details of Vehicles:
This license shall be subject to the compliance by the license holders of the conditions stated overleaf.
Signature and Seal of Issuing Authority 377 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
भाग 8]
संचालन के नियम और शर्तें -
1. लाइसेंसधारी 'फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम) उपविधि (नगर पालिका परिषद विकासनगर) , 2021 ' के प्रावधानों का अनुपालन करेगा ।
2. लाइसेंसधारी सभी गतिविधियों को इस तरह निष्पादित करेगा ताकि इस्सुइंग अथॉरिटी/ SMC द्वारा जारी किए गए मानकों को प्राप्त कर सकें।
3. लाइसेंसधारी संभी स्थानीय विधानों का अनुपालन करेगा, जो इस लाइसेंस के तहत की जा रही गतिविधियों के लिए समय - समय पर लागू हो सकते हैं।
4. लाइसेंसधारी निर्दिष्ट वाहनों को अच्छी और व्यावहारिक स्थिति में बनाए रखेगा ताकि किसी भी दुर्घटना को रोका जा सकें।
5. लाइसेंसधारी केवल प्रशिक्षितकर्मियों को नियुक्त करेगा और ऐसे सभी कर्मियों को सुरक्षात्मक गियर प्रदान करेगा। कर्मियों को एक ऑनसाइट रोकथाम इकाई (onsite containment unit) में प्रवेश करने और मैन्युअल स्कैवेंजिंग करने से प्रतिबंधित किया जाएगा । असाधारण स्थितियों में, यह केवल अपेक्षित सावधानियों, सुरक्षा उपकरणों और नगर पालिका परिषद विकासनगर की अनुमति के साथ किया जा सकता है ।
6. यह लाइसेंस किसी भी अन्य सामग्री या तरल पदार्थ या किसी भी प्रकार के औद्योगिक अपशिष्टके संग्रह और परिवहन के लिए मान्य नही है ।
7. इस्सुइंग अथॉरिटी/SMC/ नगर पालिका परिषद विकासनगर इस लाइसेंस की शर्तों को बदलने या इस लाइसेंस की वैधता के दौरान समय- समय पर आगे की शर्तों को लागू करने का अधिकार रखता है ।
8. लाइसेंसधारी ऑपरेटर को नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा निर्देशित सेप्टेज के संग्रह , परिवहन और निपटान की पर्याप्त और सही रिकॉर्ड बनाए रखना है ।
9. लाइसेंसधारी नगर पालिका परिषद विकासनगर की सभी निगरानी आवश्यकताओंका पालन करेंगे जैसे कि टैंकरों की जीपीएस ट्रैकिंग (GPS Tracking) स्थापित करना । उसके एक्सेस राइट्स (access rights) अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद विकासनगर या नगर पालिका परिषद विकासनगर द्वारा अधिसूचित एजेंसी को दिए जाएंगे ताकि वाहन को ट्रैक (जतंबा) किया जा सके।
10. लाइसेंसधारी यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को केवल उन उपचार स्थलों पर ही ले जाया जाएगा जो नगर पालिका परिषद विकासनगर/ SMC द्वारा निर्दिष्ट हैं ।
11. FSS का परिवहन, सुरक्षा और दक्षता के लिए और व्यस्त सड़कों और पीक ट्रैफिक से बचने के लिए, पूर्व-निर्धारित मार्गों द्वारा किया जाएगा ।
12. लाइसेंसधारी ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए ।
13. लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त गतिविधियों के लिए नीचे दी गई फीस और शुल्क लगाएगाः- क्र.स.
गतिविधि
शुल्क 378
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20. 1945 शक सम्वत्)
VI . अनुबंधD-नगर पालिका परिषद विकासनगर में FSS के संग्रह , परिवहन और निपटान का रिकॉर्ड
(नगर पालिका परिषद विकासनगर) में फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS) के संग्रह , परिवहन और निपटान का रिकॉर्ड
दिनांकः
समयः
1. ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS) के स्वामी का विवरण
नामः
संपर्क नंबरः
2. OSS सिस्टम का विवरण
निर्माण का वर्षरू
आउटलेट (outlet) मौजूद है (हां / नहीं):
कन्टेन्मेंट (containment ) का आकारः
कक्षों की संख्यारू
लंबाई:
आयाम (मीटर में)
व्यासः
GPSकोऑर्डिनेट
अक्षांश (Latitude) :
संपत्ति के भीतर कन्टेन्मेंट का स्थानः
3. डीस्लजिंग ( Desludging)
FSS की मात्रा (क्यूबिक मीटर में)
यात्रा की लंबाई ( कि.मी. में)
4. डीस्लजिंग सेवा प्रदाता का विवरण
ऑपरेटर का नाम
पताः
स्थापना का प्रकारः
पिछली डीस्लजिंग (दिनांक):
यदि हाँ, तो इस से जुड़ाः
दीवारें:
परत(हां/नहीं):
प्रत्येक बाफिल वाल (इंविसिम पू०सस) में छिद्र की संख्याः
चैड़ाई:
गहराई
गहराई
देशांतर ( Longitude ) :
डीस्लजिंग में समय (घंटे में)
आने-जाने में समय (घंटे में)
पालिका
वाहन पंजीकरण नंबर
5. हस्ताक्षर
ऑपरेटर ड्यूटी पर कर्मचारी
(नगर
परिषद
विकासनगर) लाइसेंस नंबर
OSS स्वामी
6. निर्दिष्ट साइट / उपचार केंद्र पर निपटान
समय (hh: mm)
सेप्टेज परिवहन कर्मचारियों का नाम
7. हस्ताक्षर
वाहन मालिकः ड्यूटी पर सेप्टेज परिवहन कर्मचारीरू
FSS की मात्रा (क्यूबिक मीटर में)
STP/FSTP ऑपरेटर का नामः
STP/FSTPऑपरेटरः
नगर पालिका परिषद विकासनगर अधिकारीः भाग 8]
379
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
VII . अनुबंध ९- नगर पालिका परिषद विकासनगर में डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन सेवाओं के लिये उपभोक्ता शुल्क की सूची-
S. वर्ग रुपये में शुल्क (प्रति सेप्टिक टैंक को खाली
no चक्कर 3000 लीटर करने के लिए अंत्तराल
1- Kuccha house /Hut 1000 2-3 वर्ष
2- Tin Shed type house 1500 2-3 वर्ष
3- All other house ( Pucca House) 3500 2-3 वर्ष
4- Shop 1500 2-3 वर्ष
5- All govt./Private offices 2000 2-3 वर्ष
6- Bank 3500
2-3 वर्ष
7- Community Toilet/ Public Toilet 3000 2-3 वर्ष
8- Restaurant 2000 2-3 वर्ष
9- Hotel/Guest House 01 to 10 Rooms 3500 2-3 वर्ष
10- Hotel Guest House 11 to 20 Rooms 4000 2-3 वर्ष
11- Hotel/Guest House above 20 Rooms 5000 2-3 वर्ष
12- Dharamshala 01 to 25 Rooms 3500 2-3वर्ष
13- Dharamshala above 25 Rooms 5000 2-3 वर्ष
14-3 - Star Hotel 3500 2-3 वर्ष
15- 5- Star Hotel 5000 2-3 वर्ष
16- Govt . school /college (up to 1000 students) 2000 2-3 वर्ष
17. Govt . school/ college ( above 1000 students) 2200 2-3 वर्ष
18- Private school / college (up to 1000 students ) 2000 2-3 वर्ष
19- Private school / college ( up to 1000 2200 2-3 वर्ष
students)
20- 2-wheeler vehicle showroom (without 2000 2-3वर्ष
service centre)
21- 2-wheeler vehicle showroom (with service 2500 2-3 वर्ष
centre)
22- 4-wheeler vehicle showroom (without 2500 2-3 वर्ष
service centre)
23- 4-wheeler vehicle showroom (with service 3000 2-3 वर्ष
centre)
24- Multiplex 5000 2-3 वर्ष
25- Hostel 01 to 10 Rooms 2500 2-3 वर्ष
26- Hostel 11 to 20 Rooms 3500 2-3 वर्ष
27- Hostel 21 to 50 Rooms 4000 2-3 वर्ष
380
उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
28- Hostel above 50 Rooms 5000 2-3 वर्ष
29- Marriage hall/ Banquet hall 3500 2-3 वर्ष
30- Bar 3500
2-3 वर्ष
31- Govt . Hospital upto 20 Beds½ 3000 2-3 वर्ष
32- Govt . Hospital ( above 20 Beds ) 3500 2-3 वर्ष
33- Nursing home/Clinic ( upto 20 Beds) 3000 2-3 वर्ष
34- Nursing home /Clinic ( above 20 Beds) 3500 2-3 वर्ष
35- Pathological lab 3000 2-3 वर्ष
36- Private Hospital upto 20 beds 3500 2-3वर्ष
37- Private Hospital 21-50 beds 4000 2-3 वर्ष
38- Private Hospital above 50 beds 5000 2-3 वर्ष
39- Rice mill /Other mill 3500 2-3 वर्ष
40- Any Industry in SIDCUL Area 4000 2-3 वर्ष
41- Any Industry outside SIDCUL Area 3500 2-3 वर्ष
42- ANY OTHER TYPE ?? 2000 2-3 वर्ष
नोट- उपभोक्ता शुल्क संशोधन के अधीन होगा ( SMC द्वारा तय की जाने वाली अवधि और दर पर)
VIII- अनुबंध F- Fines and Penalty
S.no.
प्रकार
उपविधि
(भाग संख्या)
सांकेतिक जुर्माना (Rs. में)
कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई
1.
6.1.3
2500
नाली/सड़क/खुले क्षेत्र में अपशिष्टजल का सीधा या असुरक्षित निर्वहन
5000
1.1 . दूसरी बार उल्लंघन
1.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
03 महीने के लिए परमिट सेवा की शिकायत परमिट का निरस्तीकरण
2.
3000
5.1.1
OSS का अवैज्ञानिक डिजाइन औरनिर्माण
3500
2.1. दूसरी बार उल्लंघन
2.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
आर0टी0ओ 0 को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के लिए परमिट को स्थगित करना/परमिट भाग 8 ]
381 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।
3.
6.1.1
1000
बिना नगरपालिका परिषद से पंजीकरण के डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों का संचालन
2000
3.1 . दूसरी बार उल्लंघन
3.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
को आर 0टी0ओ 0 संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के लिए परमिट को स्थगित करना/ परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।
4.
6.2.1
5000
ट्रैफ़िक नियमों में अनुशंसित वैध प्रमाणीकरण के बिना डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों का संचालन
10000
4.1. दूसरी बार उल्लंघन
4.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
को आर 0टी0ओ 0 संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के लिए परमिट को स्थगित करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना।
5.-
1000
6.2
आकस्मिकरिसाव को नियंत्रित करने में गैर-अनुपालन
5.1. दूसरी बार उल्लंघन
करना 06 माह के लिए परमिट को स्थगित
5.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
आर 0टी0ओ 0 को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के 382
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
लिए परमिट को स्थगित करना/ परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना।
6.
6
10000
STP/ STPसेअनुपचारितं FSS का निर्वहन
15000
61. दूसरी बार उल्लंघन
6.2.
परमिट निरस्त तीसरी बारउल्लंघन और आगे
7.3
2500
7. नगर पालिका परिषद विकासनगर/SMC द्वारा सूचित किए गए स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर अनुपचारित FSS का निर्वहन
3000
7.1. दूसरी बार उल्लंघन
5000
7.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
परमिट निरस्त
1. अनुबंध G-ऑनसाइट स्वच्छता रोकथाम इकाई (Onsite Sanitation Containment Unit) का निर्माण विवरण-
यह अनुबंध एक साधारण सेप्टिक टैंक के डिजाइन और निर्माण के विवरण की समझ देना है देता है, जो कि फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) में उपयोग किए जाने वाले कई प्रकार के ऑनसाइट स्वच्छता रोकथाम इकाई में से एक है।
यहां दिए गए विवरण गृह और शहरी मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार (डवभ्न्।) और केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण इंजीनियरिंग संगठन (CPHEEO) द्वारा "मैनुअल ऑनसीवरेज एंड सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम्स" , 2013 से तैयार किए गए हैं। (http://cpheeo.gov .in/ cms/manual-on- sewerage- and- sewage- treatment.php)
इस मैनुअल के भाग A- अध्याय 9 का शीर्षक ऑन-साइट सैनिटेशन सेप्टिक टैंक के निर्माण, संचालन और रखरखाव के विवरण के लिए संदर्भित किया जा सकता है ।
(http://cpheeo.gov.in/upload/uploadfiles/files/engineering-chapter9.pdf ) 383 उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20 , 1945 शक सम्वत्)
भाग 8 ]
1 . सेप्टिक टैंक क्या है?
सेप्टिकटैंक एक संयुक्त अवसादन और पाचन टैंक ( combined sedimentation and digestion tank ) है जहां सीवेज एक से दो दिनो ंके लिए आयोजित किया जाता है। यहां , निलंबित ठोस टैंक के नीचे तक बस जाते हैं और एनारोबिक पाचन से गुजरते हैं । यह स्लज की मात्रा और जैव- निम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थों में कमी के साथ-साथ कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों की रिहाई का कारण बनता है ।
सेप्टिक टैंक से बहने वाले अपशिष्टजल आगे के उपचार की आवश्यकताहोती है, और एक उचित सीवरेज सिस्टम में निपटान किया जाना चाहिए ।
सेप्टिक टैंक केवल व्यक्तिगत घरों और छोटे समुदायों और संस्थानों के लिए अनुशंसित हैं, जिनकी आबादी 300 से अधिक नहीं है ।
II . सेप्टिकटैंक का डिजाइन
सेप्टिक टैंक को पर्याप्त मात्रा में डिजाइन किया जाना चाहिए , और उचित इनलेट और आउटलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। वे आमतौर पर आकार में आयताकार होते हैं और या तो एक सिंगल टैंक या एक डबल टैंक हो सकते हैं। जहां डबल टैंक होता है, पहला कंपार्टमेंट आमतौर पर दूसरे के आकार से दो गुना होता है । तरल की गहराई 1-2 मीटर है और लंबाई से चैड़ाई का अनुपात 2-3 से 1. है। (चित्र A1 देखें )
सेप्टिक टैंक का मुख्य उद्देश्य यह है कि टॉयलेट अपशिष्टका ठोस हिस्सा तल पर बस जाए और सतह पर मैल (scum ) जमा हो जाए। इन दो परतों ( स्लज और मैल, sludge and scum) के बीच पर्याप्त अंतर होना चाहिए ताकि केवल सीवेज बहता है । इसलिए, सेप्टिक टैंक को टॉयलेट अपशिष्ट के लिए स्थिर स्थिति (stilling conditions) प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया जाना चाहिए ताकि निलंबित ठोस वस्तु (suspended solids ) को व्यवस्थितं किया जा सके। स्लज और मैल के संचय के लिए आवश्यकमात्रा की गणना करके, टॉयलेट अपशिष्टसेप्टिक को 24 से 48 घंटे का अवधारण समय के लिए टैंक का डिज़ाइन किया जाना चाहिए ।
सेप्टिक टैंक को नियमित रूप से खाली किया जाना चाहिए। ( 1-3 वर्षों में एक बार) व्यक्तिगत घरों (20 उपयोगकर्ताओं तक) और आवास कालोनियों (300 उपयोगकर्ताओं तक) के लिए सेप्टिक टैंकों के अनुशंसित आकार क्रमशः टेबलA- 1 औरA- 2 में नीचे दिए गए हैं।
टेबल A- 1 : 20 उपयोगकर्ताओं तक सेप्टिक टैंक के अनुशंसित आकार
लंबाई (m)
चैड़ाई (m)
उपयोगकर्ताओं की सफाई अंतराल के संबंध में तरल
संख्या गहराई (m)
2 साल 3 साल
5 1.5 0.75 1.0 1.05
10 2.0 0.90 1.0 1.40
15 2.0 0.90 1.3 2.0
20 2.0 1.10 1.3 1.80
384
उत्तराखण्ड गजट, 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
नोटः
[भाग 8
a. यहा सिफारिश की गई क्षमताएं इस धारणा पर हैं कि सेप्टिक टैंक में केवल शोचालयअपशिष्टका उपचार किया जाएगा। अन्य सभी अपशिष्टजैसे कि रसोई का कचरा पानी, नहाने का पानी , सिंक से पानी का निकास, आदि को सीधे सीवेज सिस्टम में डाला जाएगा।
b. सेप्टिक टैंक के डिजाइन में कम से कम 300 मि.मी. (mm) का एक फ्री बोर्ड ( freeboard) शामिल होना चाहिए ।
c. सेप्टिक टैंक का आकार IS2470 (Part 1 ) से अनुमानित पीक डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन करते समय सटीक गणना की जाएगी ।
Table A- 2: 300 उपयोगकर्ताओं तक की आवासीय कॉलोनी के लिए सेप्टिक टैंक का अनुशासित
लंबाई (m) आकार
चैड़ाई (m)
उपयोगकर्ताओं की संख्या
50
5.0 100
7.5 150
10.0 200
12.0 300
15.0
नोटः
सफाई अंतराल के संबंध में तरल गहराई (m)
2साल
3 साल 2.00
1.0
1.24 2.65
1.0
1.24 3.00
1.0
1.24 3.30
1.0
1.24 4.00
1.0
1.24
a . सेप्टिक टैंक के डिजाइन में कम से कम 300 मि.मी. (mm ) का एक फ्री बोर्ड (freeboard) शामिल होना चाहिए ।
b. सेप्टिक टैंक का आकार IS: 2470 (part 1 )से अनुमानित पीक डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन करते समय सटीक गणना की जाएगी ।
c. 100 से अधिक की आबादी के लिए , टैंक को, रखरखाव और सफाई के लिए, स्वतंत्र समानांतर कक्षों में विभाजित किया जा सकता है ।
निर्माण विवरण
सेप्टिक टैंक का निर्माण करते समय निम्नलिखित विवरणों को ध्यान में रखा जाना चाहिएः-
सेप्टिक टैंकों का निर्माण ईंट के काम , पत्थर की चिनाईया कंक्रीट के इन-सीटू या प्री- कास्ट सामग्रियों में किया जा सकता है । एस्बेस्टस सीमेंट/एचडीपीई ( HDPM) जैसी सामग्रियों से बने प्री-कास्ट टैंक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है , बशर्ते वे पनरोक हो और स्थिर धरती भाग 8]
385 उत्तराखण्ड गजट , 10 जून, 2023 ई० (ज्येष्ठ 20, 1945 शक सम्वत्)
1
(static earth) और सुपरिम्पोज्ड लोड (superimposed loads) को संभालने और स्थापित करने में पर्याप्त ताकत रखते हों
सभी सेप्टिक टैंक पर्याप्त शक्ति के पनरोक कवर के साथ प्रदान किए जाएंगे। टैंक के निरीक्षण और खाली करने के लिए पर्याप्त एक्सेस मैनहोल (न्यूनतम दो, अधिक लंबी दिशा की विपरीत छोरों पर एक- एक) भी प्रदान किए जाएंगे।
टैंक का फर्शसीमेंट कंक्रीट का होना चाहिए और स्लज आउटलेट की ओर ढलान वाला होना चाहिए । सतहों को चिकना करने और उन्हें पनरोक करने के लिए फर्श और साइड की दीवार दोनों को सीमेंट मोर्टार से प्लास्टर किया जाएगा।
टैंक के इनलेटऔर आउटलेट को एक-दूसरे से यथा संभव दूर और विभिन्न स्तरों पर स्थित होना चाहिए। इसके अलावा , उन्हें उन स्तरों पर स्थित नहीं होना चाहिए जहां स्लज या मैल : (sludge or scum) का निर्माण होता है ।
e आउटलेट पाइप के इनवर्ट को इनलेट पाइप के इनवर्ट के स्तर से 5-7 cm के नीचे रखा जाना चाहिए।
इनलेट और आउटलेट दोनों पर बाफ़ल उपलब्ध कराया जाना चाहिए और 25 cm से 30 cm तरल में डुबना चाहिए और तरल से 15 cm ऊपर रहना चाहिए। बफल्स को सीधे इनलेट पाइप के मुंह से टैंक की लंबाई के एक- पांचवें हिस्से की दूरी पर रखा जाना चाहिए ।
बड़ी क्षमताओं के लिए , इनलेट से टैंक की लंबाई की दो- तिहाई की दूरी पर विभाजन-दीवार के साथ निर्मित दो- कम्पार्टमेंट टैंक उचित होगा। ये दो कम्पार्टमेंट को स्लज भंडारण स्तर से ऊपर परस्पर जुड़ा होना चाहिए, पाइप या चैकोर उद्घाटन के माध्यम से, जिसका व्यास या साइड लंबाई 75 mm से कम नहीं है ।
प्रत्येक सेप्टिक टैंक को वेंटिलेशन पाइप के साथ प्रदान किया जाना चाहिए, शीर्ष एक उपयुक्त मच्छर प्रूफ वायर मेष के साथ कवर किया जा रहा है । पाइप की ऊंचाई 20 मीटर के दायरे में उच्चतम इमारत के शीर्ष से कम से कम 2 मीटर ऊपर होनी चाहिए ।
नौशाद हसीन,
विनोद कुमार,
सदस्य समिति/ अधिशासी अधिकारी,
विकासनगर.।
अध्यक्ष/ उप जिलाधिकारी , विकासनगर ।
पी० एस०यू० (आर० ई० ) 23 हिन्दी गजट / 235-भाग 8-2023 (कम्प्यूटर/ रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रूड़की ।