उत्तराखण्ड शासन
पशुपालन अनुभाग -1
अधिसूचना
28 अगस्त, 2025 ई ०
संख्या-1611 / XV-1 / 25 / 2 ( 6 ) / 2018- राज्यपाल "भारत का संविधान " के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके और इस विषय पर विद्यमान समस्त नियमों और आदेशों का अधिक्रमण करके, उत्तराखण्ड पशुपालन सांख्यिकी सेवा में भर्ती और उसमें नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों को विनियमित करने के लिये निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं: -
उत्तराखण्ड पशुपालन सांख्यिकी सेवा नियमावली , 2025
भाग - एक- सामान्य
संक्षिप्त नाम और
1.
प्रारम्भ
(1) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम 'उत्तराखण्ड पशुपालन सांख्यिकी सेवा नियमावली, 2025 है ।
(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।
2.
सेवा की प्रास्थिति
उत्तराखण्ड पशुपालन सांख्यिकी सेवा में समूह " क " , समूह " ख " एवं समूह " ग " के पद समाविष्ट हैं ।
परिभाषायें
3. जब तक कि विषय या सन्दर्भ में कोई प्रतिकूल बात न हो , इस
नियमावली में-
(क) "नियुक्ति प्राधिकारी ' सेः-
(एक) संगणक / डाटा इण्ट्री आपरेटर , सहायक सांख्यिकीय अधिकारी / सहायक शोध अधिकारी (सांख्यकीय) तथा अपर सांख्यिकीय अधिकारी /अपर शोध अधिकारी (सांख्यकीय ) के पद के सम्बन्ध में निदेशक अभिप्रेत है ।
(दो) सांख्यिकीय अधिकारी , संख्याविद, एवं उप निदेशक (सांख्यिकीय ) के पद के सम्बन्ध में 'राज्यपाल ' अभिप्रेत है ।
(ख ) "भारत का नागरिक " से ऐसे व्यक्ति से है, जो संविधान के भाग - दो के अधीन भारत का नागरिक़ हो या समझा जाये;
(ग) " आयोग " से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग अभिप्रेत है ;
(घ) " अधीनस्थ सेवा चयन आयोग " से उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अभिप्रेत है ;
(ड़) " संविधान " से भारत का संविधान अभिप्रेत है ;
(च) ' निदेशक' से निदेशक , पशुपालन विभाग उत्तराखण्ड अभिप्रेत है;
(छ) "सरकार " से उत्तराखण्ड की राज्य सरकार अभिप्रेत है;
(ज) "राज्यपाल" से उत्तराखण्ड के राज्यपाल अभिप्रेत है;
(2)
(झ) "सेवा का सदस्य " से सेवा के संवर्ग में किसी पद पर इस नियमावली या इस नियमावली के प्रारम्भ होने के पूर्व नियमों या आदेशों के उपबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त व्यक्ति अभिप्रेत है;
(ञ) " सेवा" से उत्तराखण्ड पशुपालन विभाग सांख्यिकीय सेवा अभिप्रेत है;
(ट) "सचिव " से सचिव, पशुपालन, उत्तराखण्ड शासन अभिप्रेत है;
(ठ) " मौलिक नियुक्ति" से सेवा के संवर्ग में किसी पद पर ऐसी नियुक्ति से है, जो तदर्थ नियुक्ति न हो और नियमों के अनुसार चयन के पश्चात् की गयी हो, और यदि कोई नियम न हो तो सरकार द्वारा जारी किये गये कार्यपालक अनुदेशों द्वारा तत्समय विहित प्रक्रिया के अनुसार चयन के पश्चात्की गयी हो;
(ड) " भर्ती का वर्ष" से किसी कलैन्डर वर्ष की पहली जुलाई से प्रारम्भ होने वाली बारह मास की अवधि अभिप्रेत है;
(प) " सुगम- दुर्गम " से उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 में निर्दिष्ट प्राधिकारी एवं उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा चिन्हित किये गये क्षेत्र का निर्धारण अभिप्रेत है; भाग -दो-संवर्ग
4.
सेवा का संवर्ग
(1 ) सेवा की सदस्य संख्या और उसमें प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या उतनी होगी, जितनी सरकार द्वारा समय - समय पर अवधारित की जाय ।
(2) सेवा की सदस्य संख्या और उसमें प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या जब तक उपनियम(1 ) के अधीन उसमें परिवर्तन करने के आदेश न दिये जाय , सेवा की सदस्य संख्या और उसमें प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या उतनी होगी जितनी परिशिष्ट " क" में दी गयी हैं:-
परन्तु
(क) नियुक्ति प्राधिकारी किसी रिक्त पद को बिना भरे हुये छोड़ सकता है या राज्यपाल उसे आस्थगित रख सकते हैं, जिससे कोई व्यक्ति प्रतिकर का हकदार न होगा या
(ख) राज्यपाल समय- समय पर ऐसे अतिरिक्त अस्थायी एवं स्थायी पदों का सृजन कर सकते हैं, जिन्हें वह उचित समझें ।
भाग-तीन-भर्ती
5.
भर्ती का स्त्रोत
1 सेवा में विभिन्न श्रेणियों के पदों पर भर्ती निम्नलिखित स्रोतों से की जायेगीः- (3)
(क) संगणक / डाटा एण्ट्री आपरेटर /निरीक्षक
उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा ।
(ख) सहायक सांख्यिकीय अधिकारी / सहायक शोध अधिकारी ( सांख्यकीय)
85 प्रतिशत पद लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा तथा 15 प्रतिशत पद विभागीय चयन समिति द्वारा ऐसे संगणक/ डाटा इन्ट्री आपरेटर / निरीक्षक जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में 07 वर्ष की निरन्तर की सेवा पूर्ण कर ली हो , अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर पदोन्नति द्वारा ।
(ग) अपर सांख्यिकीय अधिकारी /अपर शोध अधिकारी ( सांख्यिकीय )
सहायक सांख्यिकीय अधिकारी / सहायक शोध अधिकारी (सांख्यकीय) के पद पर मौलिक रूप से नियुक्त पदधारकों में से जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में 07 वर्ष की निरन्तर सेवा (जिसमें दुर्गम क्षेत्रों में की गई न्यूनतम 03 वर्ष की सेवा सम्मिलित हो) पूरी कर ली हो विभागीय चयन समिति के माध्यम से अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर प्रोन्नति द्वारा ।
(घ ) सांख्यिकीय अधिकारी / संख्याविद्
संवर्ग में कार्यरत ऐसे स्थाई सांख्यिकीय अधिकारी अपर /अपर शोध अधिकारी (सांख्यकीय) के पद पर मौलिक रूप से नियुक्त पदधारकों में से जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में 05 वर्ष की निरन्तर सेवा पूरी कर ली हो अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर विभागीय चयन समिति के माध्यम से प्रोन्नति द्वारा ।
(ड) उपनिदेशक, (सांख्यिकी) मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे स्थाई सांख्यिकीय अधिकारी / संख्याविद के पदधारकों में से जिन्होंने भर्ती के . वर्ष के प्रथम (4)
दिवस को इस रूप में 04 वर्ष की निरन्तर सेवा पूरी कर ली हो अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर विभागीय चयन समिति के माध्यम से प्रोन्नति द्वारा ।
2 जहाँ किसी पद पर एक से अधिक प्रवर्गों के पदों पर कार्यरत व्यक्तियों में से पदोन्नति की जानी हो, वहाँ एक संयुक्त पात्रता सूची तैयार की जायेगी , उसमें उच्चतर वेतनमान के व्यक्तियों के नाम उनकी पारस्परिक ज्येष्ठता क्रम में रखे जायेगें और उसके बाद कम वेतनमान वाले व्यक्तियों के नाम उनकी पारस्परिक ज्येष्ठता क्रम में रखे जायेगें और जहाँ वेतनमान समान हो वहाँ उनके नाम तत्समय प्रवृत्त नियमों और आदेशों के अनुसार उनकी लगातार नियुक्ति (जो तदर्थ नियुक्ति न हो ) के दिनांक से यथा अवधारित ज्येष्ठता के आधार पर रखे जायेगें, किन्तु उन व्यक्तियों की पारस्परिक ज्येष्ठता उनके अपने संवर्ग में बनी रहेगी ।
आरक्षण
6. उत्तराखण्ड की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिये आरक्षण भर्ती के समय प्रवृत्त सरकार के आदेशों के अनुसार किया जायेगा ।
भाग -चार-अर्हताएं
7. सेवा में किसी पद पर भर्ती के लिये आवश्यक है, कि :-
राष्ट्रीयता
(क) अभ्यर्थी भारत का नागरिक हो; या
(ख) तिब्बती शरणार्थी हो, जो भारत में स्थायी रूप से बसने के आशय से 1 , जनवरी , 1962 के पूर्व भारत में आया हो ; या
(ग) भारतीय मूल का व्यक्ति, जिसने भारत मे स्थायी रूप से बसने के आशय से पाकिस्तान , बर्मा, श्रीलंका अथवा केनिया, उगान्डा या यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तन्जानिया (पूर्ववर्ती तांगानिका और जंजीवार) के किसी पूर्वी अफ्रीकी देश से प्रव्रजन किया हो :
परन्तु उक्त श्रेणी (ख ) और (ग) से संबंधित अभ्यर्थी वह व्यक्ति होगा जिसके पक्ष में राज्य सरकार के द्वारा पात्रता का प्रमाण पत्र जारी किया गया हो :
परन्तु यह और कि उक्त श्रेणी (ख) से संबंधित अभ्यर्थी के लिए पुलिस महानिरीक्षक , अभिसूचना शाखा, उत्तराखण्ड द्वारा प्रदत्त पात्रता प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा ।
परन्तु यह भी कि यदि अभ्यर्थी उक्त श्रेणी (ग) से संबंधित है तो पात्रता का प्रमाण- पत्र एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए जारी नहीं किया जायेगा और ऐसे अभ्यर्थी को एक वर्ष की (5)
अवधि के बाद उसके द्वारा भारत की नागरिकता प्राप्त करने पर सेवा में रखा जा सकेगा ।
टिप्पणीः- जिस अभ्यर्थी के मामले में पात्रता का प्रमाण पत्र आवश्यक हो, किन्तु इसे न तो जारी किया गया हो और न ही देने से इनकार किया गया हो, उसे परीक्षा या साक्षात्कार में प्रवेश दिया जा सकता है और उसे इस अनन्तिम रूप से नियुक्त भी किया जा सकता है, किन्तु शर्त यह है कि उसके द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया जाय या उसके पक्ष में जारी कर दिया जाय ।
8.
शैक्षिक अर्हताए
सेवा में सीधी भर्ती के लिये अभ्यर्थी की निम्नलिखित अर्हताएं होनी चाहिए:-
1 संगणक/डाटा एण्ट्री आपरेटर/निरीक्षक
गणित , सांख्यिकीय , गणितीय सांख्यिकीय अर्थशास्त्र /वाणिज्य में स्नातक उपाधि के साथ कम्पयूटर में एक वर्षीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण किया हो ।
2 सहायक सांख्यिकीय अधिकारी / सहायक शोध अधिकारी (सांख्यिकीय)
गणित , सांख्यिकीय, गणितीय सांख्यिकीय अर्थशास्त्र / वाणिज्य में स्नातकोत्तर उपाधि के साथ कम्पयूटर में एक वर्षीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण किया हो ।
अधिमानी अर्हता
9. ऐसे अभ्यर्थी को जिसने;
(क) प्रादेशिक सेना में न्यूनतम 2 वर्ष की सेवा की हो, या
(ख) राष्ट्रीय कैडेट कोर का ' बी' अथवा ' सी' प्रमाण- पत्र प्राप्त किया हो,
अन्य बातों के समान होने पर ऐसे अभ्यर्थी को सीधी भर्ती के मामले में अधिमान दिया जायेगा ।
अनिवार्य/वांछनीय अर्हता
10. उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत तथा लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह ' ग' के पदों की भर्ती के लिए अनिवार्य / वांछनीय अर्हता नियमावली, 2010 (समय- समय पर यथासंशोधित) के उपबन्धों के अनुसार होगी ।
आयु
11. सीधी भर्ती के लिए यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी ने उस कलैण्डर वर्ष की जिसमें सीधी भर्ती के लिए रिक्तियाँ विज्ञापित की जाये, उस वर्ष की पहली जुलाई को उतनी न्यूनतम आयु प्राप्त कर ली हो और अधिकतम आयु प्राप्त न की हो जैसी समय - समय पर निर्धारित की जाये ।
परन्तु यह कि अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग तथा अन्य ऐसी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के मामले में जिन्हें सरकार द्वारा समय - समय पर अधिसूचित किया जाय, अधिकतम आयु सीमा उतनी बढ़ाई जायेगी जैसा कि विहित किया जाय ।
(6)
चरित्र
12. सेवा के किसी पद पर सीधी भर्ती के लिये अभ्यर्थी का चरित्र ऐसा होना चाहिये, जिससे वह सरकारी सेवा की नौकरी के लिये सर्वथा उपयुक्त हो । नियुक्ति प्राधिकारी इस सम्बन्ध में स्वयं समाधान करेगा।
टिप्पणी संघ सरकार या राज्य सरकार अथवा संघ सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व में या नियत्रंणाधीन किसी स्थानीय प्राधिकरण या निगम या निकाय द्वारा पदच्युत व्यक्ति सेवा में किसी पद पर नियुक्ति के लिये पात्र नहीं होगें । नैतिक अधमता के अपराध से सम्बद्ध सिद्धदोष व्यक्ति भी नियुक्ति के पात्र नहीं होगें ।
वैवाहिक प्रास्थिति 13. ऐसा पुरूष अभ्यर्थी , जिसकी एक से अधिक पत्नियां जीवित हो या ऐसी महिला अभ्यर्थी , जिसके एक से अधिक पति जीवित हो, सेवा में किसी भी पद पर नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे ।
परन्तु यदि सरकार का समाधान हो जाये कि ऐसा करने के लिए विशेष कारण हैं तो वह किसी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन को मुक्त कर सकेगी ।
शारीरिक स्वस्थता 14. किसी भी ऐसे अभ्यर्थी को सेवा में किसी पद पर नियुक्त नहीं किया जायेगा, यदि वह मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ्य नहीं है और किसी ऐसे शारीरिक दोष से युक्त न हो, जिसके कारण उसे अपने कर्तव्यों का दक्षतापूर्वक पालन करने में बाधा पड़ने की सम्भावना हो । किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिये अनुमोदित करने से पूर्व उससे यह अपेक्षा की जायेगी कि वह मूल नियम -10 के अधीन बनाये गये और वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड- II भाग- III के अध्याय तीन में दिये गये नियमों के अनुसार स्वस्थता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें ;
परन्तु पदोन्नति द्वारा भर्ती किये गये अभ्यर्थियों से स्वस्थता प्रमाण पत्र की अपेक्षा नहीं की जाए ।
परन्तु यह कि (2016 का अधिनियम संख्या 49
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 भारत सरकार) की धारा 33 के कम में इस हेतु चिन्हित पदों तथा धारा 34 के अन्तर्गत चिन्हित श्रेणियों में दिव्यांगों को नियमानुसार नियुक्ति देने से मना नहीं किया जायेगा;
(क) सेवा में किसी राजपत्रित पद की मामले में आयुर्विज्ञान परिषद् परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी;
(ख) सेवा में अन्य पदों के मामले में फंडामेंटल रूल 10 के अधीन बनाये गये और वित्तीय हस्त पुस्तिका खण्ड II भाग III के अध्याय III में समाविष्ट मूल नियम 10 के अधीन बनाये गये नियमों के अनुसार स्वस्थता प्रमाण - पत्र प्रस्तुत करना अपेक्षित हैः (7)
भाग- पांच-भर्ती की प्रक्रिया
रिक्तियों का अवधारण 15. नियुक्ति प्राधिकारी वर्ष के दौरान भरी जाने वाली रिक्तियों की नियम 6 के अधीन उत्तराखण्ड की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों एवं अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित की जाने वाली रिक्तियों की संख्या भी अवधारित करेगा , आयोग को सूचित करेगा ।
सीधी भर्ती की प्रक्रिया 16. संगणक/ डाटा इन्ट्री आपरेटर तथा सहायक सांख्यिकीय अधिकारी / सहायक शोध अधिकारी (सांख्यिकीय ) के पदों पर भर्ती निम्नलिखित प्रकार की जायेगीः-
(1) संगणक / डाटा इन्ट्री आपरेटर के पदों पर चयन हेतु आवेदन पत्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आमंत्रित : किये जाए ।
(2) सहायक सांख्यकीय अधिकारी / सहायक शोध अधिकारी (सांख्यकीय) के पद पर चयन हेतु आवेदन पत्र उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा आमंत्रित किये जाए ।
(3) आयोग अभ्यर्थियों की, योग्यता क्रम में, जैसा कि लिखित परीक्षा में प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा उनके प्राप्त अंको से प्रकट हो, एक सूची तैयार करेगा । यदि दो या अधिक व्यक्ति बराबर- बराबर अंक प्राप्त करें, तो आयोग उस पद के लिये उनकी आयु में वरिष्ठता के आधार पर उनके नाम योग्यताक्रम में रखेगा । सूची में नामों की संख्या रिक्तियों की संख्या से अधिक किन्तु 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, आयोग उक्त सूची नियुक्ति प्राधिकारी को अग्रसारित करेगा ।
पदोन्नति द्वारा भर्ती 17. की प्रक्रिया
सांख्यिकी अधिकारी / संख्याविद् के पदों पर पदोन्नति द्वारा भर्ती उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग परामर्श प्रोन्नति (प्रक्रिया) नियमावली, 2003 (समय - समय पर यथा संशोधित) के अनुसार. की जाए । पदोन्नति द्वारा भर्ती अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुये ज्येष्ठता के आधार पर की जाए ।
18. (1) ऐसे पद जो नियम 16 के अन्तर्गत न आते हों, पदोन्नति द्वारा भर्ती निम्नलिखित रूप से गठित एक चयन समिति के माध्यम से की जायेगी-
ऐसे पद जो नियम-16 के अन्तर्गत न आते हों, पदोन्नति द्वारा भर्ती
(क) उप निदेशक (सांख्यिकीय) पद के लिये
(एक) सचिव, पशुपालन विभाग , उत्तराखण्ड शासन ।
(दो) सचिव , कार्मिक, उत्तराखण्ड शासन द्वारा नाम निर्दिष्ट उत्तराखण्ड सरकार का कोई अन्य सदस्य
(तीन) निदेशक, पशुपालन विभाग , उत्तराखण्ड
(ख) अन्य पदों के लिये अपर सांख्यिकीय अधिकारी / अपर शोध अधिकारी (सांख्यिकीय) के पदों पर (8)
पदोन्नति हेतु गठित चयन समिति की प्रक्रिया नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नामित चयन समिति जिसमें अपर निदेशक / संयुक्त निदेशक तथा श्रेणी- एक का अधिकारी सम्मिलित हो, गठित चयन समिति के माध्यम से अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर ।
(2) नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थियों की ज्येष्ठता क्रम में एक पात्रता सूची तैयार करेगा और उनकी चरित्र पंजियों और उनसे सम्बन्धित ऐसे अन्य अभिलेख के साथ जो उचित समझे जायें , चयन समिति के समक्ष रखेगा ।
(3) चयन समिति उपनियम (2) में निर्दिष्ट अभिलेख के आधार पर अभ्यर्थियों के मामलों में विचार करेगी और यदि व आवश्यक समझें तो अभ्यर्थियों का साक्षात्कार भी कर सकती है ।
(4) चयन समिति चयन किये गये अभ्यर्थियों की ज्येष्ठताकम में एक सूची तैयार करेगी और उसे नियुक्ति प्राधिकारी को अग्रसारित करेगी ।
19.
संयुक्त चयन सूची
(1 ) यदि भर्ती के किसी वर्ष में नियुक्तियां सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों द्वारा की जाय तो एक संयुक्त चयन सूची तैयार की जायेगी , जिसमें सुसंगत सूचियों से अभ्यर्थियों के नाम इस रीति से लेकर रखे जायेंगे कि विहित प्रतिशत बना रहे ; सूची में पहला नाम पदोन्नति द्वारा नियुक्त व्यक्ति का होगा ।
भाग - छः - नियुक्ति, परिवीक्षा, स्थायीकरण और ज्येष्ठता
20.
नियुक्ति
(1 ) उपनियम 2 के उपबन्धों के अधीन रहते हुये , नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थियों की नियुक्तियाँ उसी क्रम से लेकर जिसमें उनके नाम, यथास्थिति नियम 15 , 16 17 अथवा 18 यथास्थिति के अधीन तैयार की गयी सूचियों मे हो, नियुक्तियां करेगा ।
(2) जहां किसी भर्ती के वर्ष में नियुक्तियां सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों प्रकार से की जानी हों, वहां नियमित नियुक्तियां तब तक नहीं की जायेंगी जब तक कि दोनों स्त्रोतों से चयन न कर लिया जाय और नियम 18 के अनुसार एक संयुक्त सूची तैयार न कर ली जाय ।
(3) यदि किसी चयन के सम्बन्ध में एक से अधिक नियुक्ति के आदेश जारी किये जाय, तो एक संयुक्त आदेश भी जारी किया जायेगा जिसमें व्यक्तियों के नाम , यथास्थिति, चयन के समय यथा अवधारित या उस संवर्ग में जिससे उन्हें पदोन्नति किया गया हो, ज्येष्ठता क्रम के अनुसार उल्लिखित किये जायेंगे । यदि नियुक्तियां सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों ही प्रकार से की जायं तो उनके नाम नियम 18 में निर्दिष्ट चकानुकम में कमांकित किये जायेंगें ।
(9)
(4 ) नियुक्ति प्राधिकारी अस्थायी और स्थानापन्न रिक्तियों में भी उपनियम 1 में निर्दिष्ट सूचियों से नियुक्तियां कर सकता है । यदि इन सूचियों का कोई अभ्यर्थी उपलब्ध न हो तो वह ऐसे रिक्तियों में इस नियमावली के अधीन नियुक्ति के लिये पात्र व्यक्तियों में से नियुक्तियां कर सकता है । ऐसी नियुक्तियां एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए या इस नियमावली के अधीन अगले चयन के आगे , उनमें जो भी पहले हो, नहीं चलेंगी और जहां पद आयोग, के अधिकार क्षेत्र में हों, वहां उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) विनियम , 2003 के विनियमन 5 (क) के उपबन्ध लागू होंगे ।
(5) उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम , 2017 में निहित उपबन्धों के अनुसार सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के पद पर प्रथम नियुक्ति अनिवार्य रूप से दुर्गम क्षेत्र में की जायेगी ।
21.
परिवीक्षा
(1 ) सेवा में किसी स्थायी पद पर या उसके विरूद्ध रिक्ति पर नियुक्त किये जाने पर प्रत्येक व्यक्ति को दो वर्ष की अवधि के लिये परिवीक्षा पर रखा जायेगा ।
(2) नियुक्ति प्राधिकारी ऐसे कारणों से जो अभिलिखित किये जाये, पृथक -पृथक मामलों में परिवीक्षा अवधि को बढ़ा सकता है;
परन्तु यह कि अपवादिक परिस्थितियों के सिवाय , परिवीक्षा अवधि एक वर्ष से अधिक और किसी भी परिस्थिति में दो वर्ष से अधिक, नहीं बढ़ायी जायेगी ।
(3) यदि परिवीक्षा अवधि या बढ़ायी गई परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी भी समय या उसके अन्त में नियुक्ति प्राधिकारी को यह प्रतीत हो कि परिवीक्षाधीन व्यक्ति ने अपने अवसरों को पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया है या अन्यथा समाधान प्रदान करने में असफल रहा है , तो उसे उसके मौलिक पद पर, यदि कोई हो, प्रत्यावर्तित किया जा सकेगा या यदि उसका किसी पद पर धारणाधिकार न हो तो उसकी सेवायें समाप्त की जा सकेगी ।
(4) ऐसा परिवीक्षाधीन व्यक्ति जिसे उपनियम(3) के अधीन प्रत्यावर्तित कर दिया है या जिसकी सेवायें समाप्त कर दी गयी हैं , वह किसी प्रतिकर का हकदार नहीं होगा ।
(5 ) नियुक्ति प्राधिकारी सेवाओं के संवर्ग में सम्मिलित किसी पद पर या किसी अन्य समकक्ष या उच्चतर पद पर स्थानापन्न या अस्थायी रूप से की गयी निरन्तर सेवा को परिवीक्षा अवधि की संगणना के प्रयोजनार्थ गिने जाने की अनुमति दी जा सकेगी ।
(10)
स्थायीकरण
22. किसी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को उसकी नियुक्ति में उसकी परिवीक्षा अवधि या बढ़ायी गयी परिवीक्षा अवधि के अन्त में स्थायी कर दिया जायेगा, यदि-
(क) उसका कार्य और आचरण सन्तोषजनक बताया गया हो;
(ख) उसकी सत्यनिष्ठा आदि प्रमाणित है ; तथा
(ग ) नियुक्ति प्राधिकारी का समाधान हो गया है, कि वह स्थायीकरण हेतु अन्यथा योग्य है ।
ज्येष्ठता
23. सेवा में किसी पद पर मौलिक रूप से नियुक्त व्यक्तियों की ज्येष्ठता उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (ज्येष्ठता) नियमावली, 2002 (समय- समय पर यथा संशोधित ) के अनुसार अवधारित की जायेगी ।
भाग - सात - वेतन इत्यादि
24.
वेतनमान
(1) सेवा में विभिन्न श्रेणियों के पदों पर चाहे मौलिक या स्थानापन्न रूप में या अस्थायी आधार पर नियुक्त व्यक्तियों का अनुमन्य वेतनमान ऐसा होगा, जो सरकार द्वारा समय -समय पर अवधारित किया जाय ।
(2) इस नियमावली के प्रारम्भ के समय वेतनमान परिशिष्ट " क" में दिये गये हैं ।
:
25.
परिवीक्षा अवधि में वेतन
(1 ) संगत नियमों में किसी प्रतिकूल उपबन्ध के होते हुये भी, किसी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को, यदि वह पहले से स्थायीं सेवा में न हो, समयमान में उसकी प्रथम वेतनवृद्धि तभी दी जायेगी, जब उसने एक वर्ष की सन्तोषजनक सेवा पूरी कर ली हो और द्वितीय वेतनवृद्धि दो वर्ष की सेवा के पश्चात् तभी दी जायेगी, जब उसने परिवीक्षा अवधि पूरी कर ली हो
और उसे स्थायी भी कर दिया गया हो :
परन्तु यदि सन्तोषजनक सेवा प्रदान न कर सकने के कारण परिवीक्षा अवधि बढ़ायी जाय, तो इस प्रकार बढायी गयी अवधि की गणना वेतनवृद्धि के लिये तब तक नहीं की जायेगी, जब तक कि नियुक्ति प्राधिकारी अन्यथा निदेश न दें ।
(2) ऐसे व्यक्ति का जो पहले से सरकार के अधीन कोई पद धारण कर रहा हो , परिवीक्षा अवधि में वेतन सुसंगत मूल नियमों के द्वारा विनियमित होगा :
परन्तु यदि समाधान प्रदान करने में असफल रहने के कारण परिवीक्षा अवधि बढ़ायी जाय, तो इस प्रकार बढायी गयी अवधि की गणना वेतनवृद्धि के लिये तब तक नहीं गिनी जायेगी , जब तक कि नियुक्ति प्राधिकारी अन्यथा निदेश न दें ।
(11)
(3) ऐसे व्यक्ति का जो पहले से स्थायी सरकारी सेवा में हो, परिवीक्षा अवधि में वेतन राज्य के कार्यकलाप के सम्बन्ध में सामान्यतया सेवारत सरकारी सेवकों पर लागू सुसंगत नियमों द्वारा विनियोजित होगा ।
भाग-आठ-अन्य उपबन्ध
पक्ष समर्थन
26. किसी पद पर या सेवा में लागू नियमों के अधीन अपेक्षित सिफारिशों से भिन्न किन्ही सिफारिशों पर चाहे लिखित हो या मौखिक विचार नहीं किया जायेगा । अभ्यर्थी की ओर से अपनी अभ्यर्थिता के लिये प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन प्राप्त करने का कोई प्रयास उसे नियुक्ति के लिये अयोग्य कर देगा ।
अन्य विषयों का विनियमन
27. ऐसे विषयों के संबंध में जो इन नियमों या विशेष आदेशों के अन्तर्गत नहीं आते हों , सेवा में नियुक्त ऐसे व्यक्ति राज्य के कार्यों से संबंधित सेवारत सरकारी सेवकों पर सामान्यतः लागू विनियमों, और आदेशों द्वारा विनियमित होंगें ।
सेवा की शर्तों में शिथिलता
28. जहाँ राज्य सरकार का समाधान हो जाय , कि सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमित करने वाले किसी नियम के प्रवर्तन से किसी विशिष्ट मामले में अनुचित कढ़िनाई होती है, वहाँ वह उस मामले में लागू नियमों में किसी बात के होते हुये भी , आदेश द्वारा उस नियम की अपेक्षाओं को उस सीमा तक और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुये जिन्हें वह मामले में न्याय संगत और साम्यपूर्ण रीति से कार्यवाही करने के लिए आवश्यक समझें, अभिमुक्त या शिथिल कर सकती हैः
परन्तु यदि कोई नियम आयोग के परामर्श से बनाया गया हो उस नियम की अपेक्षाओं को अभिमुक्त या शिथिल करने से पूर्व उस निकाय से परामर्श किया जायेगा ।
व्यावृत्ति
29. इस नियमावली की किसी बात का कोई प्रभाव ऐसे आरक्षण और अन्य रियायतों पर नहीं पड़ेगा, जिनका इस सम्बन्ध में सरकार द्वारा समय- समय पर जारी किये गये आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों , अन्य पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और विशेष श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिये उपबन्धित किया जाना अपेक्षित हो ।
आज्ञा से , डा ० बी ० वी ० आर ० सी ० पुरुषोत्तम , सचिव ।
(12)
परिशिष्ट 'क'
(नियम 4 (2) और 23 (2) देखें)
पदनाम
क्र० सं०
वेतनमान (रू० में ) पदों की संख्या
राजपत्रित ' क' प्रथम वर्ग के पद
1 उप निदेशक ( सांख्यिकीय)
01 67700-208700 वेतन लेवल -11
राजपत्रित 'ख' द्वितीय वर्ग के पद
2 सांख्यकीय अधिकारी / संख्याविद्
03 56100-177500 वेतन लेवल-10
अराजपत्रित ' ग ' तृतीय वर्ग के पद
3 अपर सांख्यिकीय अधिकारी / अपर शोध अधिकारी (सांख्यिकीय) 4 सहायक सांख्यिकीय अधिकारी / सहायक शोध अधिकारी (सांख्यिकीय) 5
19 44900-142400 वेतन लेवल -7
28 35400-112400 वेतन लेवल -6
05 35400-112400 वेतन लेवल -6
संगणक / डाटा इन्ट्री आपरेटर / निरीक्षक
56
योगः-
आज्ञा से,
डा ० बी ० वी ० आर ० सी ० पुरुषोत्तम ,
सचिव ।
टिप्पणी-राजपत्र , दिनांक 27-09-2025, भाग 1 में प्रकाशित ।
[प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित--]
पी०एस० यू० (आर० ई०) 04 पशुपालन/ 454-15-10-2025-100 प्रतियां ( कम्प्यूटर / रीजियो)