पंजीकरण संख्या- UA/ DO /DDN/ 30 / 2024-2026 क्रम संख्या -86 (ङ)
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
असाधारण
विधायी परिशिष्ट
भाग -4 , खण्ड (क)
(सामान्य परिनियम नियम)
देहरादून, शुक्रवार , 29 अगस्त, 2025 ई ०
भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्
निर्वाचन अनुभाग ,
संख्या- 264 / XXV / 19 (1 ) / 2025 देहरादून , 29 अगस्त, 2025
अधिसूचना
प्रकीर्ण
सा० प० नि0-13
राज्यपाल "भारत का संविधान " के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके और इस विषय पर विद्यमान समस्त नियमों और आदेशों को अधिक्रमित करते हुए निर्वाचन विभाग के अन्तर्गत, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय , उत्तराखण्ड में प्रमुख निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव तथा अपर निजी सचिव सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती एवं सेवा शर्ते विनियमित करने के लिये निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं :-
उत्तराखण्ड निर्वाचन विभाग के अन्तर्गत (मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय , उत्तराखण्ड) प्रमुख निजी सचिव , वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव तथा अपर निजी सचिव सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती सेवा नियमावली, 2025 2
उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्)
भाग-एक
सामान्य
संक्षिप्त नाम और 1.
प्रारम्भ
(1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड निर्वाचन विभाग (मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय , उत्त्तराखण्ड) के अन्तर्गत प्रमुख निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव तथा अपर निजी सचिव सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती सम्बन्धी सेवा नियमावली, 2025 है ।
(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी;
सेवा की प्रास्थिति 2. (1) उत्तराखण्ड निर्वाचन विभाग (मुख्य निर्वाचन अधिकारी , कार्यालय उत्तराखण्ड) प्रमुख निजी सचिव , वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव तथा अपर निजी सचिव सेवा एक ऐसी सेवा है जिसमें समूह " क" , समूह " ख " एवं समूह " ग " के पद सम्मिलित हैं ।
3.
परिभाषाएं
जब तक विषय या सन्दर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो , इस नियमावली में-
(क) ' संविधान' से 'भारत का संविधान' अभिप्रेत है ;
(ख) 'भारत का नागरिक' से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जो "भारत का संविधान " के भाग दो के अधीन भारत का नागरिक हो या भारत का नागरिक समझा जाता है;
(ग) 'राज्यपाल' से उत्तराखण्ड के राज्यपाल अभिप्रेत है;
(घ) 'सरकार' से उत्तराखण्ड की राज्य सरकार अभिप्रेत है;
(ड. ) 'नियुक्ति प्राधिकारी ' से अपर निजी सचिव के पद के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड, निजी सचिव के पदों के संबंध में सचिव / प्रमुख सचिव, निर्वाचन विभाग उत्तराखण्ड से और सेवा में इस से उच्चतर पदों के संबंध में राज्यपाल अभिप्रेत है;
(च) 'आयोग' से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग अभिप्रेत है;
(छ) 'सेवा का सदस्य' से सेवा के संवर्ग में किसी पद पर इस नियमावली के या इस नियमवाली के प्रारम्भ होने से पूर्व प्रवृत्त नियमों या आदेशों के अधीन समय- समय पर मौलिक रूप से नियुक्त व्यक्ति अभिप्रेत है ;
(ज) 'सेवा' से उत्तराखण्ड निर्वाचन विभाग प्रमुख निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव , निजी सचिव तथा अपर निजी सचिव सेवा अभिप्रेत है;
(झ) ' मौलिक नियुक्ति' से सेवा के संवर्ग में किसी पद पर ऐसी नियुक्ति अभिप्रेत है जो तदर्थ नियुक्ति न हो और नियमों के अनुसार चयन के पश्चात् की गयी हो और यदि कोई नियम न हो तो सरकार द्वारा जारी किये गये कार्यपालक अनुदेशों 3 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 29 अगस्त 2025 ई० (भाद्रपद 07, 1947 शक सम्वत्)
द्वारा तत्समय विहित प्रक्रिया के अनुसार चयन के पश्चात् की गयी हो , और सचिव / प्रमुख सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा शासकीय कार्यहित में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में समय - समय पर विभिन्न रिक्त पदों के सापेक्ष तैनात / समायोजित कार्मिकों को सम्बन्धित पद के सापेक्ष मौलिक रूप से नियुक्त समझा जायेगा; तथा
(ञ) ' भर्ती का वर्ष' से किसी कलेण्डर वर्ष में पहली जुलाई के प्रथम दिवस से आरम्भ होने वाली बारह माह की अवधि अभिप्रेत है ।
भाग-दो संवर्ग
सेवा का संवर्ग
4. (1 ) सेवा में नियुक्त अधिकारियों / कर्मचारियों तथा उसमें प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या उतनी होगी, जो समय - समय पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाय ।
(2) सेवा में नियुक्त अधिकारियों / कर्मचारियों तथा उसमें प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या जब तक कि उपनियम (1 ) के अधीन पारित आदेशों के द्वारा परिवर्तन न किया जाय , उतनी होगी, जो परिशिष्ट " क" में दी गयी है: परन्तु यह कि:-
(क) नियुक्ति प्राधिकारी किसी रिक्त पद को बिना भरे खाली छोड़ सकेगें अथवा राज्यपाल किसी पद को इस प्रकार आस्थगित कर सकेंगे , कि कोई व्यक्ति प्रतिकर का हकदार नहीं होगा ।
(ख) राज्यपाल ऐसे अतिरिक्त स्थाई अथवा अस्थाई पद सृजित कर सकते हैं जिन्हें वे उचित समझें ।
भाग तीन भर्ती
भर्ती का स्रोत
5.
सेवा में विभिन्न श्रेणियों के पदों पर भर्ती निम्नलिखित स्रोतों से की जायेगी:-
(1) प्रमुख निजी सचिव ,समूह ' क'
मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे वरिष्ठ निजी सचिवों में से , जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में 05 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, में से अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर चयन समिति के माध्यम से, पदोन्नति द्वारा;
4 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्)
(2) वरिष्ठ निजी सचिव ,समूह 'क'
मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे निजी सचिवों में से, जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में 05 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, में से अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर, चयन समिति के माध्यम से पदोन्नति द्वारा ;
(3) निजी सचिव , समूह 'ख'
मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे अपर निजी सचिवों मे से , जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में 07 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, में से अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर, चयन समिति के माध्यम से पदोन्नति द्वारा ;
(4) अपर निजी सचिव ,समूह ' ग'
अपर निजी सचिव के पदों पर भर्ती आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा की जायेगी ।
आरक्षण
6. उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों , अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग , आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण भर्ती के समय प्रवृत्त सरकारी आदेशों के अनुसार होगा ।
भाग-चार अर्हताएँ
7 .
राष्ट्रीयता
सेवा में किसी पर पर सीधी भर्ती के लिये यह आवश्यक है कि अभ्यर्थीः
(क) भारत का नागरिक हो; या
(ख) तिब्बती शरणार्थी, जो भारत में स्थायी निवास के अभिप्राय से पहली जनवरी , 1962 के पूर्व भारत आया हो;
(ग) भारतीय उद्भव का ऐसा व्यक्ति हो जिसने भारत में स्थायी निवास के अभिप्राय से पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका या किसी पूर्वी अफ्रीकी देश केनिया, युगांडा और यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तन्जानिया (पूर्ववर्ती तांगनिका और जंजीबार) से प्रवर्जन किया होः
परन्तु यह कि उपर्युक्त श्रेणी (ख) अथवा (ग ) का अभ्यर्थी ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसके पक्ष में सरकार द्वारा पात्रता प्रमाण- पत्र जारी किया गया होः
परन्तु यह और कि यदि कोई अभ्यर्थी उपर्युक्त श्रेणी ( ग) का हो तो पात्रता का प्रमाण-पत्र एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए जारी नहीं किया जायेगा और ऐसे अभ्यर्थी को एक वर्ष की अवधि के आगे सेवा में इस शर्त पर रहने दिया जायेगा कि वह भारत की नागरिकता प्राप्त कर ले ।
5 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्)
टिप्पणीः ऐसे अभ्यर्थी को, जिसके मामले में पात्रता का प्रमाण- पत्र आवश्यक हो किन्तु वह न तो जारी किया गया हो और न जारी करने से इन्कार किया गया हो , किसी परीक्षा या साक्षात्कार में सम्मिलित किया जा सकता है और उसे इस शर्त पर अनन्तिम रूप से नियुक्त भी किया जा सकता है कि उसके द्वारा आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया जाय या उसके पक्ष में जारी कर दिया जाय ।
शैक्षिक अर्हताएं 8.
अपर निजी सचिव के पद पर सीधी भर्ती के लिये अभ्यर्थी द्वारा निम्नलिखित अर्हताएँ धारित करना आवश्यक होगाः-
(1) भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उसके समकक्ष कोई अर्हता तथा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्था / विश्वविद्यालय से 01 वर्ष का कम्प्यूटर पाठ्यक्रम का प्रमाण-पत्र;
अथवा
कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ स्नातक की उपाधि ।
(2) हिन्दी आशुलेखन में न्यूनतम 80 (अस्सी) शब्द प्रति मिनट और कम्प्यूटर पर हिन्दी टंकण में 8000 की- डिप्रेशन प्रति घण्टा की गति ।
(3) अंग्रेजी आशुलेखन में न्यूनतम 100 शब्द प्रतिमिनट और कम्प्यूटर पर. अंग्रेजी टंकण में न्यूनत्तम 9000 की- डिप्रेशन प्रति घण्टा की गति ।
स्पष्टीकरण:- अंग्रेजी आशुलेखन परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए वैकल्पिक होगी , किन्तु अंग्रेजी आशुलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को चयन में अधिमान दिया जाएगा ।
अधिमानी अर्हताएँ 9.
अन्य बातों के समान होने पर सीधी भर्ती के मामले में ऐसे अभ्यर्थी को अधिमान दिया जायेगा, जिसनेः -
(1) प्रादेशिक सेना में न्यूनतम दो वर्ष की अवधि तक सेवा की हो, या,
(2) राष्ट्रीय कैडेट कोर का ' बी' अथवा ' सी' प्रमाण- पत्र प्राप्त किया हो ।
10.
आयु
सीधी भर्ती के लिये यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी द्वारा उस कैलेण्डर वर्ष को जिसमें सीधी भर्ती के लिए रिक्तियाँ विज्ञापित की जायं, पहली जुलाई को कम से कम 21 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली गयी हो और 42 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त न की गयी होः
परन्तु यह कि उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग और ऐसी अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के मामले में, जिन्हें सरकार द्वारा समय- समय पर अधिसूचित किया जाय , उच्चतर आयु सीमा उतने वर्ष अधिक होगी जितनी कि विहित की जाय ।
6
उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्)
चरित्र
11.
सेवा में किसी पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी का चरित्र ऐसा होना चाहिए कि वह सरकारी सेवा में सेवायोजन के लिये सभी प्रकार से उपयुक्त हो, नियुक्ति प्राधिकारी इस सम्बन्ध में अपना समाधान कर लेगा ।
टिप्पणी- संघ सरकार या किसी राज्य सरकार अथवा संघ सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व में अथवा नियन्त्रणाधीन किसी स्थानीय प्राधिकरण या निगम या निकाय द्वारा पदच्युत व्यक्ति तथा नैतिक अधमता के किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध व्यक्ति सेवा में किसी पद पर नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे ।
वैवाहिक प्रास्थिति 12.
सेवा में किसी पद पर नियुक्ति के लिए ऐसा पुरुष अभ्यर्थी पात्र न होगा जिसकी एक से अधिक जीवित पत्नियाँ हों या ऐसी महिला अभ्यर्थी पात्र न होगी जिसने ऐसे पुरुष से विवाह किया हो जिसकी पहले से एक जीवित्त पत्नी हो या जिसके एक से अधिक पति जीवित होः
परन्तु यह कि सरकार किसी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकती है यदि उसका यह समाधान हो जाय कि ऐसा करने के लिए विशेष कारण विद्यमान हैं ।
शारीरिक स्वस्थता 13.
किसी अभ्यर्थी को सेवा में किसी पद पर नियुक्त नहीं किया जायेगा जब तक कि वह मानसिक व शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ न हो और वह किसी ऐसे शारीरिक दोष से मुक्त न हो जिससे उसे अपने कर्तव्यों का दक्षतापूर्वक पालन करने में बाधा पड़ने की सम्भावना हो । किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिए अन्तिम रूप से अनुमोदित किये जाने के पूर्व उससे यह अपेक्षा की जायेगी कि वह वित्तीय हस्त पुस्तिका खण्ड-2 (भाग -2 से 4) के अध्याय तीन में दिये गये मूल नियम 10 के अधीन बनाये गये नियमों के अनुसार स्वस्थता प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करेः
परन्तु कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम , 2016 (अधिनियम संख्या-49 वर्ष 2016 ) की धारा 33 के क्रम में इस हेतु चिन्हित पदों तथा धारा 34 के अंतर्गत चिन्हित श्रेणियों में दिव्यांगों को नियममुसार नियुक्ति देने से मना नहीं किया जायेगा ।
भाग-पाँच
भर्ती की प्रक्रिया
रिक्तियों की
14.
अवधारणा
नियुक्ति प्राधिकारी वर्ष के दौरान भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या और नियम 6 के अधीन अनूसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की जाने वाली रिक्तियों की संख्या अवधारित करेगा और आयोग कों सूचित करेगा ।
7 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्)
आयोग के माध्यम 15.
से अपर निजी
सचिव के पद पर
सीधी भर्ती की
(1 ) अपर निजी सचिव के पदों पर आयोग द्वारा भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया जायेगा । प्रतियोगितात्मक परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन- पत्र, विज्ञापन में विहित प्रपत्र में आमंत्रित किये जायेंगे ।
प्रक्रिया
(2) किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में तब तक सम्मिलित नहीं किया जायेगा जब तक कि उसके पास आयोग द्वारा जारी किया गया प्रवेश पत्र न हो ।
(3) लिखित परीक्षा का परिणाम प्राप्त हो जाने और सारणीबद्ध कर लिये जाने के पश्चात् आयोग द्वारा नियम 6 के अधीन अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों को सम्यक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों की, उनकी योग्यता के क्रम में , जैसा कि लिखित परीक्षा में प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त अंको से प्रकट हों, एक सूची तैयार की जायेगी और उसमें उतनी संख्या में अभ्यर्थियों को सम्मिलित किया जायेगा जितने नियुक्ति के लिए उचित समझे जायं । यदि दो या अधिक अभ्यर्थी बराबर - बराबर अंक प्राप्त करें तो आयु में ज्येष्ठ अभ्यर्थी को सूची में ऊपर रखा जायेगा । आयोग सूची को नियुक्ति प्राधिकारी की अग्रसारित करेगा ।.
16. (1) निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव, प्रमुख निजी सचिव के पद पर पदोन्नति द्वारा भर्ती, अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए, ज्येष्ठता के आधार पर चयन समिति के माध्यम से की जायेगी, जिसमें निम्नलिखित होंगे:-
पदोन्नति के माध्यम से निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव , प्रमुख निजी सचिव के पद पर
(1 ) प्रमुख सचिव/ सचिव, निर्वाचन विभाग
अध्यक्ष
भर्ती की प्रक्रिया
सदस्य
(2) प्रमुख सचिव / सचिव , कार्मिक द्वारा नामित एक अधिकारी जो अपर सचिव स्तर से अन्यून न हो
सदस्य
(3) प्रमुख सचिव/ सचिव, निर्वाचन विभाग द्वारा नामित एक अधिकारी जो अपर सचिव स्तर से अन्यून न हो
(2) नियुक्ति प्राधिकारी उत्तराखण्ड (लोक सेवा आयोग के क्षेत्र के बाहर के पदों पर) चयनोन्नति पात्रता सूची नियमावली , 2003 (समय- समय पर यथासंशोधित ) के प्रावधानों के अनुसार अभ्यर्थियों की पात्रता सूची तैयार करेगा और उसे उनकी चरित्र पंजियों और उनसे सम्बन्धित एसे अन्य अभिलेखों के साथ, जो उचित समझे जाये, चयन समिति के समक्ष रखेगा ।
(3) चयन समिति " उत्तराखण्ड (लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर) राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति के लिए चयन प्रक्रिया नियमावली , 2013 " ( समय - समय पर यथासंशोधित) के 8
उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्)
अनुसार उपरोक्त उपनियम(2 ) में निर्दिष्ट अभिलेखों के आधार पर अभ्यर्थियों के मामलों पर विचार करेगी और यदि वह आवश्यक समझे तो अभ्यर्थियों का साक्षात्कार भी कर सकती है ।
(4) चयन समिति, चयनित अभ्यर्थियों की ज्येष्ठता के आधार पर सूची तैयार कर उसे नियुक्ति प्राधिकारी को प्रेषित करेगी ।
भाग-छः नियुक्ति, परिवीक्षा, स्थायीकरण और ज्येष्ठता
17.
नियुक्ति
नियुक्तिप्राधिकारी , अभ्यर्थियों के नाम उसी क्रम में जिसमें वे नियम 15 या 16 के अधीन तैयार की गयी सूची में आये हों नियुक्तियाँ करेगा ।
परिवीक्षा
18. (1 ) सेवा में किसी पद पर मौलिक रूप से नियुक्त किये जाने वाले व्यक्ति को एक वर्ष की अवधि के लिये परिवीक्षा पर रखा जायेगा ।
(2) नियुक्ति प्राधिकारी , ऐसे कारणों से जो अभिलिखित किये जायेंगे अलग- अलग मामलों में परिवीक्षा अवधि को बढ़ा सकता है , जिसमें ऐसा दिनांक विनिर्दिष्ट किया जायगा जब तक अवधि बढ़ायी जायः
परन्तु यह कि आपवादिक परिस्थितियों के सिवाय परिवीक्षा अवधि एक वर्ष से अधिक नहीं बढ़ायी जायेगी ।
(3) यदि परिवीक्षा अवधि या बढ़ायी गई परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी भी समय या उसके अन्त में नियुक्ति प्राधिकारी को यह प्रतीत हो कि परिवीक्षाधीन व्यक्ति ने अपने अवसरों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया है तो उसे उसके मौलिक पद पर, यदि कोई हो , प्रत्यावर्तित किया जा सकता है और यदि उसका किसी पद पर धारणाधिकार न हो तो उसकी सेवायें समाप्त की जा सकती हैं ।
(4) ऐसा परिवीक्षाधीन व्यक्ति, जिसे उपनियम (3) के अधीन प्रत्यावर्तित किया जाय या जिसकी सेवायें समाप्त की जायं किसी प्रतिकर का हकदार नहीं होगा ।
(5) नियुक्ति प्राधिकारी संवर्ग में सम्मिलित किसी पद पर या किसी अन्य समकक्ष या उच्च पद पर स्थानापन्न या अस्थायी रूप में की गयी निरन्तर सेवा को परिवीक्षा अवधि की संगणना करने के प्रयोजनार्थ जोड़े जाने की अनुमति दे सकता है ।
स्थायीकरण
19. (1) उपनियम (1) के उपबन्धों के अधीन रहते हुए किसी परिवीक्षाधीन व्यक्ति की नियुक्ति को परिवीक्षा अवधि या बढ़ाई गई परिवीक्षा अवधि के अन्त में, स्थायी कर दिया जायेगा, यदि 9 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07, 1947 शक सम्वत्)
(क) उसने प्रशिक्षण, यदि कोई विहित हो, सफलतापूर्वक पूरा कर लिया हो;
(ख) उसका कार्य और आचरण संतोषजनक पाया जाय ; और
(ग) उसकी सत्यनिष्ठा प्रमाणित कर दी जाय ।
(2) जहाँ उत्तराखण्ड के सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली, 2002 ( समय - समय पर यथासंशोधित) के उपबन्धों के अनुसार स्थायीकरण आवश्यक नहीं हैं, वहाँ उक्त नियमावली के नियम 5 के उपनियम (3) के अधीन यह घोषणा करते हुए आदेश कि संबंधित व्यक्ति ने परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, स्थायीकरण का आदेश समझा जायेगा ।
ज्येष्ठता
20.
सेवा में किसी श्रेणी के पदों पर मौलिक रूप से नियुक्त व्यक्तियों की ज्येष्ठता उत्तराखण्ड सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 2002 (समय - समय पर यथा प्रावधानों के अनुसार अवधारित की जायेगी । संषोधित) के
भाग -सात वेतन आदि
वेतनमान
21. (1 ) सेवा में विभिन्न श्रेणियों के पदों पर नियुक्त व्यक्तियों का अनुमन्य वेतनमान ऐसा होगा जैसा सरकार द्वारा समय -समय पर अवधारित किया जाय ।
(2) इस नियमावली के प्रारम्भ के समय लागू वेतनमान इस नियमावली के परिशिष्ट 'क' में दिये गये हैं ।
परिवीक्षा अवधि में 22. वेतन
(1) मूल नियमों में किसी प्रतिकूल उपबन्ध के होते हुए भी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को, यदि वह पहले से स्थायी सरकारी सेवा में न हो, समयमान में उसकी प्रथम वेतन वृद्धि तभी दी जायेगी जब उसने एक वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली हो ।
(2) ऐसे व्यक्ति का, जो पहले से सरकार के अधीन कोई पद धारण कर रहा हो , परिवीक्षा अवधि में वेतन सुसंगत मूल नियमों द्वारा विनियमित होगा ।
(3) ऐसे व्यक्ति का, जो पहले से स्थायी सरकारी सेवा में हो , परिवीक्षा अवधि में वेतन राज्य के कार्यकलाप के सम्बंध में सेवारत सरकारी सेवकों पर सामान्यतः लागू सुसंगत नियमों द्वारा विनियमित होगा ।
10
उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 29 अगस्त 2025 ई० (भाद्रपद 07 , 1947 शक सम्वत्)
भाग-आठ
अन्य उपबन्ध
पक्ष समर्थन
23 .
किसी पद पर या सेवा में लागू नियमों के अधीन अपेक्षित सिफारिशों पर , चाहे लिखित हों या मौखिक, विचार नहीं किया जायेगा । किसी अभ्यर्थी की ओर से अपने अभ्यर्थन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन प्राप्त करने का कोई प्रयास उसे नियुक्ति के लिए अनर्ह कर देगा ।
24.
अन्य विषयों का विनियमन
ऐसे विषयों के सम्बन्ध में जो विनिर्दिष्ट रूप से इस नियमावली या विशेष आदेशों के अन्तर्गत न आते हों, सेवा में नियुक्त व्यक्ति राज्य के कार्यकलाप के संबंध में सेवारत सरकारी सेवकों पर सामान्यतः लागू नियमों, विनियमों और आदेशों द्वारा विनियमित होंगे ।
25.
सेवा की शर्तों में शिथिलता
जहाँ राज्य सरकार का यह समाधान हो जाय कि सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों को विनियमित करने वाले किसी नियम के प्रवर्तन से किसी विशिष्ट मामले में अनुचित कठिनाई होती है वहाँ वह उस मामले में लागू नियमों में किसी बात के होते हुए भी, आदेश द्वारा उस नियम की अपेक्षाओं को उस सीमा तक और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए , जिन्हें वह मामले , में न्यायसंगत और साम्यपूर्ण रीति से कार्यवाही करने के लिए आवश्यक समझें अभिमुक्त या शिथिल कर सकती हैं:
परन्तु जहाँ कोई नियम आयोग के परामर्श से बनाया गया हो वहाँ उस नियम की अपेक्षाओं की अभिमुक्त या शिथिल करने के पूर्व आयोग से परामर्श करना आवश्यक होगा ।
26.
व्यावृत्ति
इस नियमावली में किसी बात का कोई प्रभाव ऐसे आरक्षण और अन्य रियायतों पर नहीं पड़ेगा , जिनका इस सम्बन्ध में सरकार द्वारा समय- समय पर जारी किये गये आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्य श्रेणियों के व्यक्तियों के लिए उपबन्ध किया जाना अपेक्षित हो ।
11 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 29 अगस्त 2025 ई ० (भाद्रपद 07, 1947 शक सम्वत्)
परिशिष्ट "क"
पदनाम
क्र. सं.
1.
प्रमुख निजी सचिव (समूह-क)
2.
वरिष्ठ निजी सचिव (समूह-क)
3.
निजी सचिव ( समूह- ख )
4.
अपर निजी सचिव (समूह-ग) वेतनमान
मैट्रिक्स लेवल स्वीकृत पदों की संख्या
01
78800-209200 लेवल-12
01 67700-208700 लेवल-11
01
56100-177500 लेवल-10
02
47600-151100 लेवल-8
आज्ञा से , दिलीप जावलकर, सचिव,
पी० एस ० यू० ( आर ० ई ० ) 45 / निर्वा 0 / 395-2025-100 + 50 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।