पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN /30/ 2024-2026 क्रम संख्या-103 (क)
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
असाधारण
देहरादून , शनिवार , 04 अक्टूबर, 2025 ई ०
आश्विन 12 , 1947 शक सम्वत्
उत्तराखण्ड शासन
बेसिक शिक्षा अनुभाग -1
संख्याः 335780 / XXIV - A-1 / 2025-12983 / 2022
देहरादून , 04 अक्टूबर , 2025
अधिसूचना
प्रकीर्ण
राज्यपाल , "भारत का संविधान" के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तराखण्ड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 2012 में अग्रेत्तर संशोधन करने की दृष्टि से निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं, अर्थात्: -
उत्तराखण्ड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2025
संक्षिप्त 1. (1) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक)
नाम और
(संशोधन) सेवा नियमावली , 2025 है ।
प्रारम्भ
(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।
नियम 3 2. उत्तराखण्ड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली , 2012 , जिसे यहाँ आगे मूल नियमावली कहा गया है में नीचे स्तम्भ -1 में दिए गये विद्यमान नियम 3 के खण्ड (क) के स्थान का
संशोधन पर स्तम्भ -2 में दिया गया नियम रख दिया जायेगा , अर्थात्:-
स्तम्भ-2 एतदद्वारा प्रतिस्थापित नियम
स्तम्भ-1 विद्यमान नियम
(क ) ' नियुक्ति प्राधिकारी' से सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय / सम्बद्ध राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय /राजकीय आदर्श विद्यालय एवं प्रधानाध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय / राजकीय आदर्श विद्यालय के संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक शिक्षा) अभिप्रेत है ;
( क ) ' नियुक्ति प्राधिकारी' से सहायक अध्यापक / सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) राजकीय प्राथमिक विद्यालय / सम्बद्ध राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय / राजकीय आदर्श विद्यालय एवं प्रधानाध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय / राजकीय आदर्श विद्यालय के संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक शिक्षा) अभिप्रेत है;
2
उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 04 अक्टूबर , 2025 ई ० (आश्विन 12, 1947 शक सम्वत्)
नियम 5 3. मूल नियमावली में नीचे स्तम्भ -1 में दिए गये विद्यमान नियम 5 के उपनियम (1 ) के स्थान पर का स्तम्भ-2 में दिया गया उपनियम (1 ) रख दिया जायेगा, अर्थात्:-
संशोधन
स्तम्भ-1
विद्यमान नियम
स्तम्भ-2
एतदद्वारा प्रतिस्थापित नियम
(1) प्रत्येक जनपद के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय / सम्बद्ध राजकीय प्राथमिक विद्यालय /राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय / राजकीय आदर्श विद्यालय के सहायक अध्यापकों और राजकीय प्राथमिक विद्यालय/ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं राजकीय आदर्श विद्यालय के प्रधानाध्यापकों का सेवा का एक संवर्ग होगा;
(1 ) प्रत्येक जनपद के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय / सम्बद्ध राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय /राजकीय आदर्श विद्यालय के सहायक अध्यापकों तथा सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) , और राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं राजकीय आदर्श विद्यालय के प्रधानाध्यापकों का सेवा का एक संवर्ग होगा;
नियम 6 4. मूल नियमावली में विद्यमान नियम 6 में खण्ड (घ) के पश्चात् निम्नलिखित खण्ड अन्तः स्थापित का कर दिया जायेगा, अर्थात्:-
(ङ) सहायक अध्यापक /अध्यापिका
(विशेष शिक्षा)
संशोधन नये खण्ड का अन्तः स्थापन
सीधी भर्ती के द्वारा जैसा की नियम 14 एवं 15
में उपबन्धित है
नियम 9 5. मूल नियमावली में नीचे स्तम्भ -1 में दिए गये विद्यमान नियम 9 के खण्ड (क) के उपखण्ड (एक) से (चार) के स्थान पर स्तम्भ 2 में दिये गये उपखण्ड रख दिये जायेंगे , अर्थात्:-- का
संशोधन
स्तम्भ-1
विद्यमान उपखण्ड
स्तम्भ-2
एतदद्वारा प्रतिस्थापित उपखण्ड
( एक ) भारत में विधि द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि:
परन्तु यह कि सहायक अध्यापक, प्राथमिक के पद पर भर्ती हेतु विज्ञापित पदों में 50 प्रतिशत पद विज्ञान वर्ग एवं 50 प्रतिशत पद विज्ञानेत्तर वर्ग के लिए आरक्षित होंगे । अभ्यर्थी द्वारा डी ०एल ० एड ० जिस वर्ग के विषय में उत्तीर्ण की है, उसी वर्ग में उनका निर्धारण किया जायेगा:
परन्तु यह और कि स्नातक स्तर पर विषय संयोजन के आधार पर यदि विज्ञान / विज्ञानेत्तर वर्ग के निर्धारण में कठिनाई /असमंजस की स्थिति उत्पन्न होने पर इण्टर स्तर पर निर्धारित विषयों के अनुसार वर्ग निर्धारित किया जायेगा:
परन्तु यह भी कि सहायक अध्यापक उर्दू के पद पर भर्ती हेतु स्नातक उपाधि उर्दू मुख्य विषय के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है ।
( एक ) भारत में विधि द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि; परन्तु यह कि सहायक अध्यापक, प्राथमिक के पद पर भर्ती हेतु विज्ञापित पदों में 50 प्रतिशत विज्ञान एवं 50 प्रतिशत विज्ञानेत्तर के होंगे । विज्ञान विषय के पदों के अन्तर्गत 40 प्रतिशत पद स्नातक स्तर पर भौतिक विज्ञान व गणित से विज्ञान स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों; 40 प्रतिशत पद स्नातक स्तर पर रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान व जन्तु विज्ञान विषय से विज्ञान स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों एवं 20 प्रतिशत पद ऐसे स्नातक योग्यताधारी अभ्यर्थियों, जो उक्त विषयों से इत्तर अन्य विषयों से विज्ञान स्नातक हैं अथवा जिनके द्वारा डी० एल ० एड ० प्रवेश परीक्षा विज्ञान वर्ग के अन्तर्गत उत्तीर्ण की है, हेतु आरक्षित रहेंगी । विज्ञानेत्तर विषय के पदों के अन्तर्गत 15 प्रतिशत पद अंग्रेजी भाषा के लिए स्नातक स्तर पर अंग्रेजी मुख्य विषय के साथ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों एवं 15 प्रतिशत पद हिन्दी भाषा के लिए स्नातक स्तर पर हिन्दी मुख्य विषय के साथ उत्तीर्ण व न्यूनतम इण्टर स्तर पर संस्कृत विषय वाले अभ्यर्थियों तथा 70 प्रतिशत पद अन्य मानविकी वर्ग के अन्य विषयों से स्नातक योग्यताधारियों अथवा ऐसे अभ्यर्थी जिनके द्वारा डी० एल ० एड० प्रवेश परीक्षा विज्ञानेत्तर वर्ग के अन्तर्गत उत्तीर्ण की हैं, हेतु आरक्षित होंगे; परन्तु यह कि सहायक अध्यापक उर्दू के पद पर भर्ती हेतु स्नातक उपाधि उर्दू मुख्य विषय के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है;
3 उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 04 अक्टूबर , 2025 ई ० (आश्विन 12, 1947 शक सम्वत्)
परन्तु यह और कि विज्ञान विषयान्तर्गत स्नातक स्तर पर किसी एक विषय संयोजन में, आवंटित पदों के अनुसार पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में ऐसे पदों को विज्ञान स्नातक के अन्य विषय संयोजन के अभ्यर्थियों से भरे जा सकेंगे । इसी प्रकार विज्ञानेत्तर विषयान्तर्गत अंग्रेजी अथवा हिन्दी भाषा में, आवंटित पदों के अनुसार पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में ऐसे पदों को अन्य भाषा (अंग्रेजी अथवा हिन्दी ) के अभ्यर्थियों से भरे जा सकेंगे ।
( दो ) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रारम्भिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा (डी० एल ०एड०) (जिसे उत्तराखण्ड राज्य में बी० टी ० सी० के नाम से जाना जाता था) अथवा चार वर्षीय बी ० एल ० एड ० अथवा शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा ) में द्विवर्षीय डिप्लोमा (डी०एड०):
(दो) राज्य के किसी भी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान / जिला संशाधन केन्द्र से प्रारम्भिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा डी०एल ०एड ० (जिसे उत्तराखण्ड राज्य में द्विवर्षीय बी० टी० सी ० के नाम से जाना जाता था) अथवा उसके समकक्ष राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रारम्भिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा डी०एल ० एड ० / चार वर्षीय बी०एल० एड ० प्रशिक्षण सम्बन्धी अभिलेख अभ्यर्थी को प्राप्त हो चुके हों अथवा शिक्षा शास्त्र ( विशेष शिक्षा) में द्विवर्षीय डिप्लोमा (डी०एड ०) किन्तु इस प्रकार कक्षा (1 - V) तक पढ़ाने के लिए अध्यापक के रूप में नियुक्त व्यक्ति को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के दो वर्ष के भीतर एन ०सी० टी०ई ० द्वारा मान्यता प्राप्त प्राथमिक शिक्षा में 6 महीने का एक सेतु पाठ्यक्रम ( ब्रिज कोर्स) आवश्यक रूप से पूरा करना होगा ।
परन्तु यह कि भारतीय पुनर्वास परिषद (आर ० सी ० आई ०) द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में द्विवर्षीय डिप्लोमा तथा आर ० सी ० आई० से वैध रूप से पंजीकृत (CRR No.) हो, एवं इस प्रकार कक्षा ( I -V) तक पढ़ाने के लिए अध्यापक के रूप में नियुक्त व्यक्ति को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के दो वर्ष के भीतर एन ० सी० टी ०ई ० द्वारा मान्यता प्राप्त प्राथमिक शिक्षा में 6 महीने का एक सेतु पाठ्यक्रम (ब्रिज कोर्स) आवश्यक रूप से पूरा करना होगा:
परन्तु यह कि शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में द्विवर्षीय डिप्लोमा भारतीय पुनर्वास परिषद (आर ०सी० आई ०) द्वारा मान्यता प्राप्त हो;
परन्तु यह और कि राज्य के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षा मित्र, जिनके द्वारा मानव संसाधन, विकास मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली की अधिसूचना संख्या-856 दिनांक 17 अक्टूबर, 2017 के क्रम में दिनांक 31-03-2019 तक इस सेवा नियमावली के नियमों के अनुसार सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियुक्ति हेतु दी गयी अर्हताऐं पूर्ण कर ली गई हैं, को सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियमित रूप से नियुक्त किया जायेगा,
परन्तु यह और कि राज्य के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षा मित्र / सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नितान्त औपबन्धिक रूप से सहायक अध्यापक , जो मानव संसाधन, विकास मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली की अधिसूचना संख्या-856 दिनांक 17 अक्टूबर , 2017 के क्रम में दिनांक 31-03-2019 तक सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियुक्ति हेतु अर्हता पूर्ण नहीं कर सके थे, को भविष्य में उनके द्वारा शैक्षिक अर्हता पूर्ण करने की स्थिति में सेवा नियमावली के अनुसार सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर नियुक्ति के समय शिक्षा मित्र के रूप में उनके द्वारा किये गये शिक्षण अनुभव का लाभ (भारांक) दिया जायेगा । शैक्षणिक अर्हता के सम्बन्ध में एन ०सी० टी ० ई० एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के संशोधन यथावत् लागू रहेंगे :
परन्तु यह और कि ऐसे शिक्षा मित्र जो दिनांक 31-03-2019 तक सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियुक्ति हेतु अर्हता पूर्ण नहीं करते हैं, को भविष्य में उनके द्वारा शैक्षिक अर्हता पूर्ण करने की स्थिति में सेवा नियमावली के अनुसार सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर नियुक्ति के समय शिक्षा मित्र के रूप में उनके द्वारा किये गये शिक्षण अनुभव का लाभ (भारांक) दिया जायेगा । शैक्षणिक अर्हता के सम्बन्ध में एन० सी० टी० ई० एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के संशोधन यथावत् लागू रहेंगे ।
परन्तु यह भी कि मा ० सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिब्यू पिटीशन संख्या : 4961/2024 में पारित निर्णयादेश दिनांक 10-12-2024 के अनुपालन में बेहतर भविष्य के प्रयोजन (to make better their prospects and Promotional avenues ) हेतु एम.एच.आर.डी. के पत्र दिनांक 03-08-2017 के क्रम में सितम्बर 2017 से 31 मार्च , 2019 के मध्य एन.आई.ओ. एस. द्वारा दूरस्थ शिक्षा (ODL) के माध्यम से कराये गये सेवारत डी ० एल ० एड ० प्रशिक्षण वैध डिप्लोमा होगा ।
4
उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 04 अक्टूबर , 2025 ई ० (आश्विन 12, 1947 शक सम्वत्)
(तीन) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निरूपित मार्गदर्शी सिद्धान्तों के अधीन राज्य सरकार / केन्द्र सरकार द्वारा कक्षा I - V के लिए आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण
(तीन) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निरूपित मार्गदर्शी सिद्धान्तों के अधीन राज्य सरकार / केन्द्र सरकार द्वारा कक्षा I - V के लिए आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा ( यू ० टी० ई ० टी०-1 / सी० टी ०ई० टी०-१ ) उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा ।
(यू०टी०ई ० टी०-1 / सी ० टी ०ई ० टी०--1 ) होना अनिवार्य होगा और,
(चार) सहायक अध्यापक प्राथमिक की भर्ती हेतु उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत तथा लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह " ग " के पदों की भर्ती के लिए अनिवार्य/ वांछनीय अर्हता नियमावली 2010 के नियम 4 के उप नियम 2 में वर्णित अपेक्षायें पूर्ण करता हो ।
(चार) उक्त एक से तीन के अतिरिक्त सहायक अध्यापक प्राथमिक की भर्ती हेतु, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत तथा लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह "ग " के पदों की भर्ती के लिए अनिवार्य /वांछनीय अर्हता नियमावली 2010 के प्रावधान लागू होंगे ।
नियम 9 6. का
मूल नियमावली में विद्यमान नियम 9 में खण्ड (ग) के पश्चात निम्नलिखित खण्ड अन्तः स्थापित कर दिया जायेगा अर्थात्:-
संशोधन
पद क्र.
शैक्षिक अर्हता एवं अनुभव
सं.
नये खण्ड का अन्तः स्थापन
भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से स्नातक की एक) उपाधिः
(घ) सहायक ( अध्यापक/
सहायक
शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में द्विवर्षीय डिप्लोमा अथवा भारतीय पुनर्वास परिषद (आर० सी ०आई० ) द्वारा मान्यता प्राप्त समकक्ष योग्यता जो
अध्यापिका ( दो) (विशेष शिक्षा)
आर ० सी ०ई ० से मान्यता प्राप्त हो एवं वैध रूप से पंजीकृत (CRR No. ) हो, तथा इस प्रकार कक्षा (I -V ) तक पढ़ाने के लिए अध्यापक के रूप में नियुक्त व्यक्ति को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के दो वर्ष के भीतर एन ०सी ०टी० ई ० द्वारा मान्यता प्राप्त प्राथमिक शिक्षा में 6 महीने का एक सेतु पाठ्यक्रम ( ब्रिज कोर्स) आवश्यक रूप से पूरा करना होगा:
(तीन) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निरूपित मार्गदर्शी सिद्धान्तों के अधीन राज्य सरकार / केन्द्र सरकार द्वारा कक्षा I - V के लिए आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा ( यू० टी० ई० टी०-1 / सी ०टी० ई० टी०-१ ) उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा और
(चार) सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) की भर्ती हेतु, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत तथा सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह " ग" के पदों की भर्ती के लिए अनिवार्य / वांछनीय अर्हता नियमावली, 2010 (समय - समय पर यथा संशोधित) में वर्णित अपेक्षायें पूर्ण करता हो ।
नियम 15 7. मूल नियमावली में नीचे स्तम्भ -1 में दिए गये विद्यमान नियम 15 के उपनियम (1 ) एवं (3 ) के स्थान पर स्तम्भ-2 में दिये गये उपनियम रख दिये जायेंगे , अर्थात्:-
( 1) एवं
(3)का
संशोधन
स्तम्भ-2 एतदद्वारा प्रतिस्थापित उपनियम
स्तम्भ-1 विद्यमान उपनियम
(1) जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा, जनपद की संकलित रिक्तियों को, जनपद स्तर पर समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर विहित प्रशिक्षण अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित करेगा तथा विज्ञापन के अनुसरण में प्राप्त आवेदन पत्रों , जो विहित शैक्षिक अर्हता रखते हों, नियम-15 (6) के अनुसार श्रेष्ठता क्रमानुसार सूची तैयार करेगा,
(1 ) जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा, जनपद की संकलित रिक्तियों को, जनपद स्तर पर समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर विहित प्रशिक्षण अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित करेगा तथा विज्ञापन के अनुसरण में प्राप्त आवेदन पत्रों, जो विहित शैक्षिक अर्हता रखते हों, की श्रेष्ठता क्रमानुसार सूची तैयार करेगाः 5 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 04 अक्टूबर , 2025 ई ० (आश्विन 12, 1947 शक सम्वत्)
परन्तु यह कि उर्दू भाषा के अध्यापन के लिए इस नियमावली के नियम 6 (क) में उल्लिखित पद पर नियुक्ति हेतु अभ्यर्थी का अन्य विषयों के साथ उर्दू में स्नातक अथवा परास्नातक योग्यताधारी होना अनिवार्य है;
परन्तु यह कि उर्दू भाषा के अध्यापन के लिए इस नियमावली के नियम 6 (क) में उल्लिखित पद पर नियुक्ति हेतु अभ्यर्थी का अन्य विषयों के साथ उर्दू में स्नातक योग्यताधारी होना अनिवार्य है ;
i
यह और कि किसी विशेष भाषा यथा उर्दू के लिए सहायक अध्यापक राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय सम्बद्ध प्राथमिक विद्यालय में नियुक्ति हेतु सम्बन्धित भाषा की प्रवीणता सिद्ध करने के लिए चयन समिति लिखित परीक्षा आयोजित कर सकती है , जिसमें तत्कालीन समसामयिक विषयों पर उस भाषा में अभ्यर्थियों से एक निबन्ध लिखवाया जायेगा । यह परीक्षा अधिकतम 100 अंक की होगी । लिखित परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक 50 प्रतिशत होंगे , 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी नियुक्ति हेतु पात्र नहीं होंगे;
(3) उपनियम (1 ) के अधीन तैयार की गयी सूची में द्विवर्षीय डी० एल ० एड० / चार वर्षीय बी०एल ०एड० प्रशिक्षितों के चयन हेतु अभ्यर्थी के नाम उनके द्वारा बी०टी०सी० अथवा डी०एल ०एड ० /चार वर्षीय बी०एल ० एड ० / शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में द्विवर्षीय डिप्लोमा (डी०एड० ) प्रशिक्षण प्रमाण पत्र परीक्षा में प्राप्तांकों के प्रतिशत का 60 प्रतिशत तथा टी ०ई ० टी०-प्रथम परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांकों के प्रतिशत का 40 प्रतिशत के योग के अवरोही क्रम में रखें जायेंगे ,
परन्तु यह और कि किसी विशेष भाषा यथा उर्दू के लिए सहायक अध्यापक राजकीय प्राथमिक विद्यालय / राजकीय सम्बद्ध प्राथमिक विद्यालय में नियुक्ति हेतु सम्बन्धित भाषा की प्रवीणता सिद्ध करने के लिए चयन समिति लिखित परीक्षा आयोजित करायेगी , जिसमें समसामयिक विषयों पर उस भाषा में अभ्यर्थियों से एक निबन्ध लिखवाया जायेगा । यह परीक्षा अधिकतम 100 अंक की होगी । लिखित परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक 50 प्रतिशत होंगे , 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी नियुक्ति हेतु पात्र नहीं होंगे; (3) उपनियम (1 ) के अधीन तैयार की गयी सूची में अभ्यर्थी के नाम उनके द्वारा द्विवर्षीय डिप्लोमा (डी०एल ०एड०) (उत्तराखण्ड राज्य में जिसे बी०टी०सी० के नाम से जाना जाता था) अथवा चार वर्षीय बी०एल ०एड० अथवा शिक्षा शास्त्र ( विशेष शिक्षा) में द्विवर्षीय डिप्लोमा (डी०एड०) अथवा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान द्वारा दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से कराये गये सेवारत डी ०एल ० एड० प्रशिक्षण (18 माह) (वर्ष 2017-2019) प्रशिक्षण प्रमाण पत्र परीक्षा में प्राप्तांकों के प्रतिशत का 60 प्रतिशत तथा टी०ई ०टी०- प्रथग परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांकों के प्रतिशत का 40 प्रतिशत के योग के अवरोही क्रम में रखें जायेंगे ,
परन्तु यह और कि उत्तराखण्ड राज्य की राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत ऐसे शिक्षा मित्र / औपबन्धिक रूप से सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर दिनांक 31-03-2019 को कार्यरत शिक्षा मित्र (जिनके मानदेय का भुगतान राज्य सरकार अथवा परियोजनान्तर्गत किया गया है) , जो नियुक्ति हेतु पात्र हो , को शिक्षण अनुभव के प्रतिवर्ष 1.0 अंक के अनुसार, किन्तु अधिकतम 12 अंक प्रदान किये जायेंगे एवं अनुभव के कुल गुणांकों को शैक्षिक एवं प्रशिक्षण के आधार पर प्राप्त गुणांकों के साथ जोड़ते हुए श्रेष्ठता सूची में सम्मिलित किया जायेगा (सेवा की गणना, संशोधित नियम -7 में दी गयी व्यवस्था के अनुसार विज्ञप्ति प्रकाशन के वर्ष की 01 जुलाई के अनुसार निर्धारित की जायेगी)
परन्तु यह कि उत्तराखण्ड राज्य की राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत ऐसे शिक्षा मित्र/ औपबन्धिक रूप से सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर दिनांक 31-03-2019 को कार्यरत शिक्षा मित्र (जिनके मानदेय का भुगतान राज्य सरकार अथवा परियोजनान्तर्गत किया गया है) , जो नियुक्ति हेतु पात्र हो, को शिक्षण अनुभव के प्रतिवर्ष 1.0 अंक के अनुसार, किन्तु अधिकतम 12 अंक प्रदान किये जायेंगे एवं अनुभव के कुल गुणांकों को शैक्षिक एवं प्रशिक्षण के आधार पर प्राप्त गुणांकों के साथ जोड़ते हुए श्रेष्ठता सूची में सम्मिलित किया जायेगा (सेवा की गणना, नियम -7 में दी गयी व्यवस्था के अनुसार विज्ञप्ति प्रकाशन के वर्ष की 01 जुलाई के अनुसार निर्धारित की जायेगी) :
परन्तु यह और कि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की श्रेष्ठता सूची में अंक समान होने की स्थिति में अधिक आयु वाले अभ्यर्थी का नाम सूची में ऊपर रखा जायेगा । यदि उक्त में भी दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की जन्मतिथि समान हो तो वर्णमाला (अंग्रेजी) के क्रम में सूची में नाम रखा जायेगा ।
परन्तु यह और कि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की श्रेष्ठता सूची में अंक समान होने की स्थिति में अधिक आयु वाले अभ्यर्थी का नाम सूची में ऊपर रखा जायेगा । यदि उक्त में भी दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की जन्मतिथि समान हो तो वर्णमाला (अंग्रेजी) के क्रम में सूची में नाम रखा जायेगा ।
6 उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 04 अक्टूबर, 2025 ई० (आश्विन 12, 1947 शक सम्वत्)
नियम 15 8. मूल नियमावली में विद्यमान नियम 15 में उपनियम (5) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अन्तः
(5) के स्थापित कर दिये जायेंगे , अर्थात्:-
1
(6) ऐसे शिक्षक जो पूर्व में विभाग अन्तर्गत समान पद पर कार्यरत है , (अर्थात राज्यान्तर्गत किसी राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर कार्यरत हैं) वे समान पद पर (अर्थात राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर ) पुनः अभ्यर्थन (Apply) हेतु अर्ह नहीं होंगे ।
उपरान्त नये उपनियमों का अन्तः स्थापन
(7) जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा, जनपद की संकलित रिक्तियों को, जनपद स्तर पर समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर विहित प्रशिक्षण अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित करेगा तथा विज्ञापन के अनुसरण में प्राप्त आवेदन पत्रों को डी०एड० (विशेष शिक्षा) प्रशिक्षितों अथवा भारतीय पुर्नवास परिषद ( RCI ) द्वारा मान्यता प्राप्त समकक्ष योग्यताधारियों के चयन हेतु अभ्यर्थियों के नाम, उनकी शैक्षिक , प्रशिक्षण योग्यता एवं अध्यापक पात्रता परीक्षा में प्राप्त गुणांकों के योग की श्रेष्ठता के अवरोही क्रम में रखें जायेगें :
गुणांकों की गणना निम्नवत् की जायेगी:-
क्र
गुणांक
परीक्षा/ उपाधि का नाम
सं
1
हाईस्कूल
अंकों का प्रतिशत × 0.75 10
2
इण्टरमीडिएट
अंकों का प्रतिशत × 1.5 10
3
स्नातक
अंकों का प्रतिशत × 2.25 10
(क)- सिद्धान्त
अंकों का प्रतिशत × 3 10
4
मान्यता प्राप्त संस्थान से समकक्ष डिप्लोमा डी०एड ० (विशेष शिक्षा) / आर ० सी ० आई ० द्वारा
(ख)- प्रयोगात्मक
अंकों का प्रतिशत × 1.5 10
5
अंकों का प्रतिशत × 1 10
अध्यापक पात्रता परीक्षा-प्रथम (I -V)
परन्तु यह और कि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की श्रेष्ठता सूची में अंक समान
होने की स्थिति में अधिक आयु वाले अभ्यर्थी का नाम सूची में ऊपर रखा जायेगा । यदि उक्त में भी दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की जन्मतिथि समान हो तो वर्णमाला (अंग्रेजी) के क्रम में सूची में नाम रखा जायेगा ।
का
परिशिष्ट 9. मूल नियमावली में परिशिष्ट " क" में क्रमांक 3 के उपरान्त क्रमांक 4 पर सहायक अध्यापक/ अध्यापिका (विशेष शिक्षा) का निर्धारित वेतनमान एवं सादृश्य वेतन का विवरण अन्तः
संशोधन स्थापित कर दिया जायेगा:
क्र० सं०
अध्यापक
सादृश्य वेतन बैण्ड
वेतनमान बैण्ड
( में)
सादृश्य ग्रेड वेतन ( में)
4. सहायक अध्यापक/
अध्यापिका (विशेष शिक्षा)
4200
ग्रेड- III - 9300-34800
वेतन बैण्ड-2
(क) साधारण वेतनमान
4600
वेतन बैण्ड-2
(ख) चयन वेतनमान ग्रेड- II-9300-34800
4800
वेतन बैण्ड--- 2
ग्रेड-1-9300-34800
(क) प्रोन्नत वेतनमान
आज्ञा से ,
रविनाथ रामन ,
सचिव ।
पी ० एस ० यू० ( आर ० ई ० ) 08 / शिक्षा / 461-2025-100 + 300 प्रतियां (कम्प्यूटर / रीजियो) ।