उत्तराखण्ड शासन
कार्यालय आयुक्त
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग , उत्तराखण्ड,
काशीपुर (ऊधमसिंह नगर)
विज्ञप्ति
06 अक्टूबर , 2025 ई ०
पत्रांक -1461 / C / ख - क्रय अनुभाग / ग 0 आ 0 / 2025-26 - उत्तराखण्ड गन्ना ( पूर्ति एवं खरीद विनियमन ) अधिनियम, 1953 की धारा 12 (2) के अन्तर्गत चीनी मिलों की गन्ना आवश्यकता निर्धारित किये जाने का प्राविधान है । उत्तराखण्ड राज्य की चीनी मिलों को पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना आवश्यकता निर्धारण किये जाने के सम्बन्ध में कार्यालय पत्र संख्या 754 / सी दिनांक 19 जुलाई, 2025 द्वारा प्रस्ताव / सूचनाऐं उपलब्ध कराये जाने हेतु राज्य की समस्त सहकारी , सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों को निर्देशित किया गया । तद्क्रम में राज्य की समस्त सहकारी , सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना आवश्यकता निर्धारण के सम्बन्ध में प्रस्ताव / सूचनाऐं उपलब्ध कराई गई ।
पेराई सत्र 2024-25 में राज्य में कुल 90365 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई की गईं तथा अनुमानित 731 . 10 लाख कुन्तल गन्ने का उत्पादन हुआ । गन्ना उत्पादन के सापेक्ष राज्य की चीनी मिलों द्वारा कुल 391.40 लाख कुन्तल गन्ना पेराई की गई , इस प्रकार औसत ड्राल लगभग 54 प्रतिशत रहा । प्रायः यह अनुभव किया जाता रहा है कि जिस पेराई सत्र में चीनी मिलों द्वारा गन्ना औषकों के गन्ना मूल्य का निर्यामत रूप से भुगतान नहीं किया जाता है, तो आगामी पेराई सत्र में औषकों की गन्ने की खेती के प्रति रूचि कम हो जाती है तथा गन्ने का व्यावर्तन होने की प्रबल सम्भावना बनी रहती है , जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव चीनी मिलों को आगामी पेराई सत्र में होने वाली गन्ना पेराई पर पड़ता है एवं चीनी मिलों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पाती है । पेराई सत्र 2024-25 हेतु राज्य की चीनी मिलों द्वारा की गई गन्ना पेराई के सापेक्ष राज्य सरकार द्वारा निर्धारित गन्ना मूल्य दर के अनुसार कुल देय गन्ना मूल्य अंकन रूपये 1449.97 करोड़ के सापेक्ष अद्यावधिक अंकन रूपये 1429.79 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है तथा चीनी मिल इकवालपुर पर अंकन रूपये 20.17 करोड़ गन्ना मूल्य की धनराशि वर्तमान मे भी अवशेष है, जो कि कुल देयता का 01 प्रतिशत है । उक्त के अतिरिक्त जनपद हरिद्वार स्थित निजी क्षेत्र चीनी मिल इकबालपुर के विरूद्ध वर्तमान में भी पेराई सत्र 2018-19 का रूपये 106.04 करोड़ गन्ना मूल्य वर्तमान में भी लम्बित है । चीनी मिल इकबालपुर के चकाया गन्ना मूल्य भुगतान के सम्वन्ध में माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड. नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या 215 ( PIL) 2019 नितिन बनाम केन्द्र सरकार व अन्य में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णयादेश दिनांक 11 फरवरी , 2020 एवं दिनांक 03 मार्च , 2020 के अनुपालन में अग्रेत्तर कार्यवाही गतिमान है ।
उपरोक्त र्वार्णत तथ्यों एवं तविषयक चीनी मिलों की पंजीकृत पेराई क्षमता, विगत तीन पेराई सत्रों में की गई गन्ना पेराई, औसत गन्ना पेराई तथा चीनी मिलों के कुल कार्य दिवसों एवं औसत कार्य दिवसों का परीक्षण करने उपरान्त प्रकाश में आया कि:-
1. पेराई सत्र 2024-25 में राज्य की सहकारी ( वाजपुर एवं नादेही) तथा सार्वजनिक ( किच्छा एवं डोईवाला ) द्वारा औसतन 99 दिवस पेराई कार्य किया गया एवं विगत तीन पेराई सत्रों में औसतन 112 दिवस पेराई कार्य किया गया। अतः राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों के संदर्भ में पेराई सत्र 2025-26 हेतु उक्त चीनी मिलों की मांग /प्रस्ताव /उपलब्धता के अनुसार ही गन्ना आवश्यकता का निर्धारण किया जा रहा है ।
2. पेराई सत्र 2024-25 में राज्य की निजी क्षेत्र की चीनी लकसर 159 दिवस , चीनी मिल लिव्वरहेड़ी 158 दिवस , चीनी मिल इकवालपुर 115 दिवस तथा चीनी मिल सितारगंज द्वारा 106 दिवस ही कार्य किया गया । इस प्रकार उक्त चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2024-25 में औसतन 135 दिवस पेराई कार्य किया गया है । निजी क्षेत्र के चीनी मिलों के संदर्भ में चूंकि चीनी मिलों द्वारा. उपलब्ध कराई मांग अत्यधिक है तथा चारों निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा विगत 03 पेराई सत्रों में औसतन 139 दिवसां में पेराई कार्य किया गया है। अतः पेराई सत्र 2025-26 हेतु निजी क्षेत्र की चीनी मिलों की गन्ना आवश्यकता 160 कार्य दिवसों के अनुसार निर्धारित की जा रही है ।
(2)
3. गन्ना आवश्यकता निर्धारण उपरान्त यदि किसी चीनी मिल द्वारा अपनी पेराई क्षमता में वृद्धि की जाती है, तो विस्तारीकरण उपरान्त पेराई क्षमता के आधार पर गन्ना आवश्यकता मानी जायेगी । जिनं चीनी मिलों द्वारा पेराई क्षमता में वृद्धि कर ली गई है, उनके द्वारा अपने परिक्षेत्र में ही गन्ना उत्पादन बढ़ाकर गन्ने की आवश्यकता की पूर्ति की जायेगी , किसी अन्य चीनी मिल के गन्ना क्षेत्र दिये जाने की मांग नहीं की जायेगी ।
अतः सम्यक् विचारोपरान्त उत्तराखण्ड गन्ना ( पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम , 1953 की धारा 12 (2) के अन्तर्गत मैं त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग , उत्तराखण्ड राज्य में अवस्थित चीनी मिलों की पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ने की आवश्यकता का अनुमान निम्नानुसार निर्धारण करते हुए सरकारी गजट में प्रकाशित करने की आज्ञा देता हूँ:-
पेराई सत्र 2025-26 हेतु उत्तराखण्ड राज्य की चीनी मिलों की गन्ना आवश्यकता
क्र०सं०
नाम चीनी मिल जनपद
पंजीकृत पेराई क्षमता (T.C.D.)
निर्धारित गन्ना आवश्यकता (लाख कु०)
(अ) सहकारी क्षेत्र
1..
दि बाजपुर कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लि० , बाजपुर ऊधमसिंह नगर 4000 45.00
2. दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लि० , नादेही
ऊधमसिंह नगर 2000 28.00
(ब) सार्वजनिक क्षेत्र
3 . किच्छा शुगर कम्पनी लि० , किच्छा
4. डोईवाला शुगर कम्पनी लि०, डोईवाला ऊधमसिंह नगर 4000
45.00
2500
30.00 देहरादून
(स) निजी क्षेत्र
5.
2500
40.00 जे ० जी ०एन ० शुगर एण्ड बायोफ्यूल्स प्रा०लि० , सितारगंज
6. उत्तम शुगर मिल्स लि० , लिब्बरहेड़ी
7.
धनश्री एग्रो प्रोडक्ट्स प्रा० लि० , इकबालपुर
8.
आर ०बी ०एन ०एस ० शुगर मिल्स लि० , लकसर ऊधमसिंह नगर
हरिद्वार
8000
128.00
हरिद्वार
5500
88.00
हरिद्वार
13000
208.00
उपरोक्तानुसार निर्धारित गन्ना आवश्यकता से अधिक पेराई किये जाने की स्थिति में तद्नुसार संज्ञान लिया 'जायेगा ।
त्रिलोक सिंह मर्तोलिया,
आयुक्त,
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तराखण्ड ।
टिप्पणी-राजपत्र , दिनांक 01-11-2025 , भाग 1 - क में प्रकाशित ।
[प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित--]
पी० एस ० यू० (आर० ई० ) 01 गन्ना चीनी सह0/ 515-06-12-2025-100 प्रतियां (कम्प्यूटर / रीजियो)