Servants of Knowledge
Uttarakhand Daily Gazette · Government of Uttarakhand

NOTIFICATION

Published 27 November 2025

Department
Uttarakhand Electricity Regulatory Commission
Type
Daily
Notification no.
F-9(34)(ii)/RG/UERC/2025/1329
Identifier
in.gazette.uttarakhand_daily.2025-11-27.4467-040526110249
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

उत्तराखण्ड शासन

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग

अधिसूचना

27 नवम्बर , 2025 ई ०

सं. F -9 (34 ) ( ii ) RG /UERC/ 2025/1329: विद्युत् अधिनियम , 2023 की धारा 86 ( 1 ) ( e ) के साथ पठित धारा 181 के अधीन प्रदत्त शक्तियों व इस निमित्त समस्त सामर्थ्यकारी शक्तियों का प्रयोग करते हुए व पूर्व प्रकाशन के उपरांत उत्तराखंड विद्युत् नियामक आयोग उविनिआ ( नवीकरणीय उर्जा स्रोतों तथा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह- उत्पादन केन्द्रों से विद्युत् आपूर्ति के लिए टैरिफ व अन्य शर्तें ) अधिनियम, 2023 (मूल अधिनियम ) तथा इसमें किये गए पश्चातवर्ती संशोधन , यदि कोई हों, में एतद्वारा निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थातः

1. संक्षिप्त नाम , प्रारंभ और निर्वचनः

(1 ) इन विनियमों का नाम उविनिआ ( नवीकरणीय उर्जा स्रोतों तथा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह - उत्पादन केन्द्रों से विद्युत् आपूर्ति के लिए टैरिफ व अन्य शर्तें ) ( द्वितीय संशोधन ) विनियम , 2025 होगा।

(2 ) ये अधिनियम इनकी अधिसूचना की तिथि से प्रवृत्त होंगे तथा जब तक कि पहले समीक्षा न कर ली जाये अथवा आयोग द्वारा इनकी अवधि न बढाई जाये , मूल विनियमों के प्रारंभ होने की तिथि से 5 वर्ष की अवधि हेतु प्रवृत्त होंगे ।

2. विनियम 2 , अर्थात मूल अधिनियम, 2023 के 'लागू होने की परिधि और विस्तार' में संशोधनः

संशोधित अधिनियम अधिसूचना की तिथि से प्रवृत्त होगा तथा इसे निम्नलिखित रूप में पढ़ा जायेगा:

(1) ये विनियम उन सभी मामलों में लागू होंगे जहाँ इन विनियमों के प्रभावी होने के पश्चात कमीशंड हुए नवीकरणीय उर्जा आधारित उत्पादन केन्द्रों अथवा बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली (बीईएसएस) से विद्युत् की आपूर्ति इन विनियमों के विनियम 4 में विनिर्दिष्ट योग्यता मापदंडों के पूर्ण होने की शर्त के अधीन उत्तराखंड राज्य के भीतर वितरण अनुज्ञापियों अथवा स्थानीय ग्रामीण ग्रिड्स को की जा रही है ।

परन्तु अवस्थिति और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर, बीईएसएस परियोजनाओं से प्राप्त लाभों की पहचान डिस्कॉम द्वारा की जाएगी। तथापि, यदि इनकी पहचान किसी अन्य संस्था द्वारा की जाती है तो यह डिस्कॉम की स्वीकार्यता के अधीन होगी;

(2)

परन्तु आगे यह कि अध्याय 4 एवं 5 के विनियम (विनियम 27 के उप-विनियम (1 ) के खंड (बी) एवं (सी) को छोड़ कर) उन उत्पादन केन्द्रों पर लागू नहीं होंगे जो इन विनियमों के लागू होने से पहले से कार्यरत हैं तथा उनके वर्तमान टैरिफ ही लागू रहेंगे;

परन्तु यह भी कि विनियम 11 के उप-विनियम (3 ) के खंड (डी), विनियम 15 के उप- विनियम 7 के दूसरे व तीसरे परंतुक उन केन्द्रों पर लागू होंगे जो इन विनियमों के प्रभावी होने से पहले लगाये गए हैं;

परन्तु टैरिफ संगणना के मानक उन केन्द्रों की कमीशनिंग के वर्ष के दौरान प्रचलित विनियमों के अनुसार होंगे;

परन्तु यह भी कि ऐसे केंद्र जो इन विनियमों के प्रभावी होने से पहले कमीशंड हुए हैं उन पर विनियम 16 (1 ) (सी) में विनिर्दिष्ट किये गए अनुसार सौर ताप / पी/वी उत्पादन केन्द्रों के लिए जेनेरिक टैरिफ के अतिरिक्त 12 पैसा / यूनिट तथा लघु जल संयंत्रों पर जेनेरिक टैरिफ के अतिरिक्त 5 पैसा / यूनिट सामान्यीकृत सम टैरिफ भी लागू होगा;

परन्तु यह भी कि अध्याय 4 और 5 के विनियमों को छोड़ कर अन्य विनियम उत्तराखंड राज्य में स्थित उन अन्य उत्पादन केन्द्रों पर लागू होंगे जो ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों पर आधारित हैं, जिनमें गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह-उत्पादन सम्मिलित है और जो राज्य पारेषण और/या वितरण प्रणाली का उपयोग करने वाले राज्य के वितरण अनुज्ञापी से अन्यथा किसी व्यक्ति को विद्युत् पारेषित और/या आपूर्ति करते हों।

(2) वर्तमान विद्युत् परियोजनाएं जो इस समय तृतीय पक्ष को विद्युत् आपूर्ति कर रही हैं, उन के पास यह विकल्प होगा कि वे स्थानीय ग्रिड को अथवा इन विनियमों के विनियम 7 के उपबंधों के अधीन वितरण अनुज्ञापी को आपूर्ति आरम्भ कर सकती हैं। यह आपूर्ति उसी सामान्य टैरिफ पर की जाएगी जो उनकी परियोजना प्रारंभ होने के समय लागू था, अथवा (3)

वे आयोग से परियोजना विशिष्ट टैरिफ भी अवधारित करवा सकती हैं। यह विकल्प परियोजना के शेष जीवन काल के लिए होगा तथा एक बार आरम्भ हो जाने पर इसे परिवर्तित करने की अनुमति नहीं होगी ।

! (3) इन विनियमों के अधीन पवन, बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली, सौर पीवी और सौर ताप ऊर्जा हेतु विनिर्दिष्ट सामान्य टैरिफ अधिकतम टैरिफ होगा तथा वितरण अनुज्ञापी स्वयं अथवा किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से इन उत्पादकों / विकासकर्ताओं से ऊर्जा /बीईएसएस सेवाओं की अधिप्राप्ति हेतु टैरिफ आधारित प्रतियोगी बोली आमंत्रित करेंगे. वितरण अनुज्ञापी न्यूनतम बोली लगाने वाले उत्पादकों / विकासकर्ताओं के साथ ऊर्जा क्रय करार करेंगे।

परन्तु योग्य सरकारी संगठनों द्वारा किसी विकासकर्ता के माध्यम से नहर के ऊपर या नहर के किनारे लगाये जाने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र का कार्यान्वयन टैरिफ आधारित बोली प्रक्रिया द्वारा किंया जायेगा। ऐसे मामलों में इन संयंत्रों से ऊर्जा के विक्रय हेतु पीपीए योग्य सरकारी संगठनों के साथ वितरण अनुज्ञापी के साथ हस्ताक्षरित किया जायेगा जिन्हें अपने संसाधनों के इस्तेमाल हेतु एल 1 बोलीदाता द्वारा बोली लगाये गए टैरिफ का 4% मार्जिन प्राप्त होगा । तथापि, टैरिफ और उस पर 4% मार्जिन का जोड़ कमीशनिंग के वर्ष हेतु आयोग द्वारा अवधारित जेनेरिक टैरिफ से अधिक नहीं होना चाहिए।

परन्तु किसी मध्यस्थ एजेंसी के मामले में, डिस्कॉम हेतु बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली के लागू किये जाने के लिए ट्रेडिंग मार्जिन 5 पैसा प्रति यूनिट होगा । एल-1 टैरिफ और उसमें 5 पैसे का मार्जिन जोड़ कर यह कमीशनिंग के वर्ष हेतु आयोग द्वारा अवधारित जेनेरिक . टैरिफ से अधिक नहीं होना चाहिए ।

परन्तु आगे यह कि वितरण अनुज्ञापी द्वारा ऊर्जा के क्रय हेतु किया जाने वाला ऊर्जा क्रय करार किसी भी दशा में विनियमों के अनुसार आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट टैरिफ सीमा से अधिक पर निष्पादित नहीं किया जायेगा ।

(4) इन विनियमों के अंतर्गत आने वाले उत्पादन केन्द्रों को एक उत्पादक कंपनी का उत्पादन केंद्र माना जायेगा तथा विद्युत् अधिनियम, 2003 के अधीन ऐसी उत्पादक कंपनी को सौंपे गए सभी कृत्य, दायित्व इन उत्पादक केन्द्रों पर लागू होंगे ।

3. मूल विनियम , 2023 के विनियम 3 के उप- विनियम (1 ) (iii ) के पश्चात ' बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली' की परिभाषा जोड़नाः

"(iii ) (ए) 'बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली' अथवा 'बीईएसएस' से ऐसी प्रणाली अभिप्रेत है जिस के द्वारा इलेक्ट्रोकेमिकल बैटरीज (लेड एसिड, लि-आयन, सॉलिड स्टेट बैटरीज, फ्लो बैटरीज, निकेल - केडमिऍम इत्यादि) विधियों व प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किया जायेगा जो ऐसी सुविधा प्रदान करती हो जिसमें रासायनिक ऊर्जा को स्टोर किया जा सके और जो स्टोर की गई ऊर्जा को विद्युत् के रूप में प्रदान कर सके, जिसमें अनुषांगिक सुविधाएँ (ग्रिड सपोर्ट) सम्मिलित हो किन्तु इस तक सीमित न हो । " (4)

4. मूल विनियम , 2023 के विनियम 3 के उप - विनियम ( 1 ) ( iii ) के पश्चात 'चार्ज रैंप रेट' और 'ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की चक्र दक्षता' ( Cycle Efficiency ) की परिभाषा जोड़ना.

" (xxx ) (ए) " चार्ज रैंप रेट" से वह तीव्रता अभिप्रेत है जिसमें विद्युत् भण्डारण संसाधन चार्ज की शून्य अवस्था से चार्ज की पूर्ण अवस्था में परिवर्तित होते हैं।

(xxx) (बी) " ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की साइकिल/राउंड ट्रिप दक्षता " से बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की स्वतः डिस्चार्ज हानि का विचार किये बिना एक एकल चक्र में बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की डिस्चार्ज क्षमता और बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की चार्ज क्षमता के मध्य का अनुपात अभिप्रेत है। "

5. मूल विनियम, 2023 के विनियम 3 के उप- विनियम (1 ) (xvi ) अर्थात 'परिभाषाएं' में संशोधनः " (xvi ) " वाणिज्यिक प्रचालन अथवा कमीशनिंग (सीओडी) की तिथि" से एक यूनिट के सन्दर्भ में एक सफल परिक्षण द्वारा अधिकतम सतत रेटिंग प्राप्त कर लेने पर घोषित तिथि, और एक उत्पादन केंद्र के सन्दर्भ में उत्पादन केंद्र की अंतिम यूनिट अथवा ब्लाक के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि अभिप्रेत है तथा 'कमीशनिंग' शब्द का अर्थ तदनुसार लगाया जायेगा ।

परन्तु लघु जल संयंत्रों के मामले में कमीशनिंग की तिथि अधिकतम सतत रेटिंग की प्राप्ति नहीं जोड़ी जाएगी लेकिन उत्पादकर्ता को कमीशनिंग के तीन वर्ष के भीतर इसे प्रदर्शित करना होगा ।

सौर पीवी संयंत्र की कमीशनिंग की तिथि वह तिथि मानी जाएगी जिस दिन सभी तरह की परियोजना के पूर्ण हो जाने के पश्चात् अनुज्ञापी के ग्रिड में सर्वप्रथम ऊर्जा पहुंचेगी, इससे पहले निम्नलिखित दो पूर्वपेक्षाओं का अनुपालन करना होगा, अर्थात;

(i) वितरण अनुज्ञापी द्वारा विद्युत् मीटरों का संस्थापन. वितरण अनुज्ञापी सभी तरह से पूर्ण आवेदन प्राप्त होने की तिथि से 7 दिन के भीतर मीटर संस्थापित करेगा ।

(ii) विद्युत् निरीक्षक द्वारा अनुमति प्रमाणपत्र जारी करना।

परन्तु न्यूनतम 75% कार्य निष्पादन अनुपात जो किलोवाट या मेगावाट में, आकलित संस्थापन क्षमता पर आधारित हो, उपरोक्त दो पूर्वपेक्षाओं के अनुपालन पर अनुज्ञापी के ग्रिड में ऊर्जा के प्रथम अंतःस्थापन की तिथि से दस (10) दिनों के भीतर प्रदर्शित किया जाये। इससे सम्बंधित प्रमाणपत्र वितरण अनुज्ञापी द्वारा जारी किया जायेगा।

एक बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली के लिए सीओडी से परीक्षण प्रणाली की सफल कमीशनिंग और कार्य निष्पादन परीक्षण के पश्चात् परियोजना विकासकर्ता अथवा कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा घोषित वह तिथि अभिप्रेत होगी जिस पर बीईएसएस सहमत हुए तकनीकी मानदंडों के अनुसार और निम्नलिखित शर्तों के अधीन संविदाकृत क्षमता प्रदान कर रहा है:

(i) प्रणाली की सफलता पूर्वक कमीशनिंग कर ली गई है तथा लागू तकनीकी मानकों (जैसे सीईए ग्रिड मानक विनियम, आईईई/आईईसी मानक, या यूटिलिटी विशिष्ट कमीशनिंग शिष्टाचार) के अनुसार परीक्षण कर लिया गया है तथा विद्युत् निरीक्षक द्वारा अनुमति प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है ।

(5)

! (ii) अंतःस्थापन, ग्रिड सिंक्रोनाईजेशन और मीटरिंग से सम्बंधित सभी संविदाकृत बाध्यताएं पूरी कर ली गई हैं. वितरण अनुज्ञापी सभी तरह से पूर्ण आवेदन की प्राप्ति से 7 दिनों के भीतर मीटर संस्थापित करेगा ।

(iii) वितरण अनुज्ञापी द्वारा नियत किये गए तकनीकी विनिर्देशों (जैसे चार्जिंग डिस्चार्जिंग चक्र, रिस्पांस टाइम, इत्यादि) के अनुसार न्यूनतम अवधि हेतु प्रणाली कार्य निष्पादन का प्रदर्शन।

6. मूल विनियम, 2023 के विनियम 3 के उप-विनियम ( 1 ) (box ) के पश्चात 'डिस्चार्ज रैंप रेट' की परिभाषा जोड़नाः " (xix ) (ए ) " डिस्चार्ज रैंप रेट" से वह तीव्रता अभिप्रेत है जिसमें विद्युत् भण्डारण संसाधन परंपरागत उत्पादकों की रैंप रेट की भांति शून्य आउटपुट से पूर्ण आउटपुट में परिवर्तित होते हैं। "

7. मूल विनियम , 2023 के विनियम 3 के उप- विनियम (1 ) ( bcv ) (vii ) के पश्चात 'बीईएसएस का उपयोगी जीवन' जोड़ना:

" (viii ) बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली- पांच वर्ष के विस्तार हेतु विकल्प के साथ 12 वर्ष. किन्तु विस्तारित अवधि हेतु टैरिफ मूल टैरिफ का 50% होगा ।

तथापि, यदि प्रौद्योगिक व्यवधान/नव परिवर्तन के कारण अथवा किसी अन्य कारण से बीईएसएस के उपयोगी जीवन में परिवर्तन होता है / विस्तारित जीवन काल निर्धारित करने की आवश्यकता होती है तो आयोग इसे निर्धारित कर सकता है ।

8. मूल विनियम, 2023 के विनियम 4 के उप- विनियम 2 (जे ) अर्थात ' गैर परंपरागत / नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत पर आधारित उत्पादन केंद्र के रूप में अर्ह होने के लिए योग्यता मापदंड' के पश्चात उपबंध जोड़नाः " (के) बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली- यह परियोजना विनियम 3 (1) (ii)(ए) के अधीन परिभाषित रूप में एक बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली कहलाने के लिए अर्ह होगी। "

9. मूल अधिनियम, 2023 के विनियम 11 " टैरिफ्स" के उप- विनियम (2 ) के प्रथम परंतुक मैं संशोधनः

"परन्तु निम्नलिखित को परियोजना विशिष्ट टैरिफ की मांग का विकल्प उपलब्ध नहीं होगाः

( i) किसी प्रकार का कोई सौर ऊर्जा संयंत्र;

(ii) पवन ऊर्जा संयंत्र;

( iii ) बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली, और

(iv) 1 मेगावाट तक की संस्थापित क्षमता वाली अन्य आर ई आधारित ऊर्जा परियोजनाएं। "

10. मूल विनियम, 2023 के विनियम 12 अर्थात निंयत्रण अवधि अथवा समीक्षा अवधि में संशोधनः "(1 ) इन विनियमों के अधीन नियंत्रण अवधि अथवा समीक्षा अवधि पांच वर्षों की होगी, जिनमें से प्रथम वर्ष वित्त वर्ष 2023-24 होगा ।

(6)

परन्तु सौर पी वी, कैनाल बैंक एवं कैनाल टॉप सौर पी वी, सौर तापीय, नगरीय ठोस अपशिष्ट आधारित ऊर्जा परियोजनाएं, उच्छिष्ट से प्राप्त ईंधन आधारित ऊर्जा परियोजनाएं, बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली और ग्रिड इंटरैक्टिव रूफ टॉप और लघु सौर पी वी परियोजनाओं की बेंचमार्क पूंजीगत लागत की आयोग द्वारा वार्षिक रूप से समीक्षा की जाएगी।

परन्तु आगे यह कि नियंत्रण अवधि के दौरान कमीशंड आरई परियोजनाओं के लिए इन विनियमों के अनुसार अवधारित टैरिफ सम्पूर्ण अवधि के लिए लागू होना जारी रहेगा।

किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, आयोग जब कभी आवश्यक हो और जिस सीमा तक वह पर्याप्त समझे, केंद्र / राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित नवीकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पृथक बेंचमार्क पूंजीगत लागत और स्तरीकृत टैरिफ भी अवधारित कर सकता है । "

11. मूल विनियम , 2023 के विनियम 18 के उप - विनियम (सी ) अर्थात ' अवक्षय' में संशोधनः

" (सी) टैरिफ अवधि के प्रथम 15 वर्ष हेतु अवक्षय दर 4.67% प्रति वर्ष होगी और शेष अवक्षय परियोजना लागत के 10% के रूप में परियोजना का रक्षित संपत्ति मूल्य मानते हुए, 16वें वर्ष से आगे परियोजना के उपयोगी जीवन में विस्तृत होगा।

परन्तु बैटरी ऊर्जा भण्डारण के उपयोगी जीवन हेतु 7.50% प्रति वर्ष की दर, परियोजना का रक्षित मूल्य परियोजना लागत का 10% मानते हुए ली जाएगी।

12. मूल विनियम, 2023 के विनियम 20 के उप- विनियम (1 ) अर्थात ' कार्यकारी पूँजी पर ब्याज' मैं संशोधनः

"(1) पवन ऊर्जा परियोजनाओं, लघु जल विद्युत्, सौर पीवी, कैनाल बैंक और कैनाल टॉप सौर पीवी, बीइएसएस, सौर ताप और जीआरपीवी/जीएसपीवी ऊर्जा परियोजनाओं के सम्बन्ध में पूंजीगत आवश्यकताओं की संगणना निम्नलिखित के अनुसार की जाएगी। "

13. मूल विनियम, 2023 के विनियम 35 के अधीन सारिणी में संशोधनः

पूँजी लागत

कमीशनिंग के वर्ष हेतु ओ एंड एम व्यय

क्षमता उपयोगिता सौर पीवी संयंत्र प्रकार

कारक

(रु. लाख मेगावाट)

(रु.लाख/मेगावाट)

322.00

कैनाल बैंक सौर पीवी संयंत्र

19%

16.24

343.00

कैनाल टॉप सौर पीवी संयंत्र

" 14. मूल विनियम , 2023 के विनियम 39 के पश्चात विनियम 39. ए अर्थात "बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली" मापदंड जोड़ना:

"39.ए बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली

1. बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली के लिए जेनेरिक टैरिफ के अवधारण हेतु प्रौद्योगिकी विशिष्ट मापदंड इन विनियमों की अधिसूचना की तिथि के पश्चात् कमीशंड किये जायेंगे और वे निम्नलिखित रूप में होंगे:

(7)

अवनति

एक वर्ष में मानकीय उपलब्धता

पूंजीगत लागत (रु. लाख /MWh )

कमीशनिंग के वर्ष के लिए ओ एंड एम् व्ययं

95%

रु.250

टैरिफ अवधि हेतु 2.5%

प्रथम वर्ष हेतु पूंजीगत लागत का 1.25 % तथा टैरिफ अवधि हेतु 5.72 % प्रति वर्ष की वृद्धि

2. बीईएसएस की वार्षिक उपलब्धता से वर्ष के दौरान सभी समय ब्लॉक्स पर प्रणाली की उपलब्धता अभिप्रेत है जिसमें लाभार्थी को बीईएसएस की चार्जिंग/डिस्चार्जिंग हेतु अनुसूचित शक्ति प्राप्त है जिसका परिकलन निम्नांकित तरीके से किया जायेगाः एक समय ब्लाक पर उपलब्धता [ वास्तविक अंतःक्षेपण अथवा ड्रावल MUi (ए) / अनुसूचित अंतःक्षेपण या ड्रावल MUi (बी) ] x 100

i. वर्ष में ith टाइम ब्लाक (15 मिनट) को संदर्भित करता है जहाँ MUi ( बी) # 01

ii . MUi (ए) = अनुज्ञापी अथवा लाभार्थी और बीईएसएसडी के मध्य सहमत प्रेषण अनुसूची जिसे अंततः MUs में ith टाइम ब्लाक में चार्जिंग / डिस्चार्जिंग के लिए एसएलडीसी को भेजा जायेगा ।

iii . MUi (बी) = MUs में ith टाइम ब्लाक में चार्जिंग / डिस्चार्जिंग के लिए वितरण अनुज्ञापी अथवा लाभार्थी द्वारा बीईएसएस को उपलब्ध कराई गई अनुसूची।

3. डिस्चार्ज की मानकीय गहराई 85% होगी।

4. प्रति दिन पूर्ण चार्ज और डिस्चार्ज चक्र के लिए अधिमानतः 2 चक्र होंगे।

5. बीईएसएस के लागत और प्रचालक पहलुओं जैसे चार्जिंग ऊर्जा की लागत, अनुसूचीकरण, चार्ज एवं डिस्चार्ज, अवस्थिति इत्यादि के सम्बन्ध में बीईएसएस के अधिकतम उपयोग हेतु वितरण अनुज्ञापी एसएलडीसी के साथ परामर्श कर एक विस्तृत प्रक्रिया तैयार करेगा और इन विनियमों की अधिसूचना की तिथि से 3 माह के भीतर अनुमोदन हेतु इसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेगा। "

15. मूल विनियम, 2023 विनियम 53 , अर्थात ' कठिनाइयाँ दूर करने की शक्ति' के अधीन निम्नलिखित परंतुक जोड़नाः

"परन्तु बीईएसएस परियोजनाओं के लिए, अनुकूलन के उद्देश्य से और इसे लागू करने में होने वाली किसी विसंगति, कठिनाई को दूर करने के लिए या समय- समय पर जारी सरकारी नीतियों के कारण अथवा उनको प्रभावी करने में या बीईएसएस प्रौद्योगिकियों में कोई प्रौद्योगिक परिवर्तन या इनसे सम्बंधित किन्ही कारणों पर किसी स्पष्टीकरण की आवश्यकता होने पर आयोग आदेश द्वारा इसे उपलब्ध करवा सकता है। " (8)

16. मूल विनियम , 2023 के परिशिष्ट । की सारिणी -7 अर्थात ' कैनाल बैंक सौर पीवी और कैनाल टॉप सौर पीवी ऊर्जा परियोजनाओं के लिए स्थिर प्रभारों (आरएफसी ) की स्तरीकृत दर' मैं संशोधनः

कैनाल टॉप सौर पीवी ऊर्जा संयंत्र

कैनाल बैंक सौर पीवी

ऊर्जा संयंत्र

विवरण

(रु. /lcwh)

4.68

4.50

सकल टैरिफ

0.20

0.19

घटा कर: Acc . Dep लाभ

4.48

4.31

शुद्ध टैरिफ

17. द्वितीय संशोधन के अधीन बीईएसएस हेतु तय किये गए वित्तीय/तकनीकी मानकों पर आधारित मूल विनियम, 2023 के परिशिष्ट -1 के अधीन सारिणी 11. "बायोमास रैंकाईन साइकिल आधारित परियोजनाओं हेतु रु. /kwh में स्थिर प्रभारों (आरएफसी ) की स्तरीकृत दर " के पश्चात सारिणी का जोड़ना जिसे निम्न लिखित रूप में पढ़ा जायेगाः

बीईएसएस परियोजनाओं के लिए रु./lkwh में स्थिर प्रभारों (आरएफसी) की स्तरीकृत दर

बीईएसएस

विवरण

(रु./kwh)

सकल टैरिफ

5.78

0.00

घटा कर: Acc . Dep . लाभ

5.78

शुद्ध टैरिफ

आयोग के आदेश से ,

दीपक पाण्डे,

सचिव ( प्रभारी) ।

टिप्पणी- राजपत्र , दिनांक 03-01-2026 , भाग 1 - क में प्रकाशित ।

[प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित-- ]

पी० एस० यू० (आर०ई ० ) 02 ऊर्जा /45-13-02-2026-250 प्रतियां (कम्प्यूटर /रीजियो)

Cite this issue. Uttarakhand Daily Gazette, Government of Uttarakhand, 27 November 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand_daily.2025-11-27.4467-040526110249/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand_daily.2025-11-27.4467-040526110249.