उत्तराखण्ड शासन
वित्त (वे ० आ०- सा०नि०) अनुभाग -7
अधिसूचना
18 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या -1/ 354126 / Xxvii ( 7 ) 2025/ E- 88441- राज्यपाल " भारत का संविधान " के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्त्ति का प्रयोग करते हुए उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन नियम, 2016 में संशोधन करने की दृष्टि से निम्नलिखित नियम बनाते हैं:-
उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन (प्रथम संशोधन) नियम, 2025
संक्षिप्त नाम एवं प्रारम्भ
1. (1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन (प्रथम संशोधन) नियम, 2025 है ।
(2) यह नियम 01 जनवरी , 2016 से प्रवृत्त समझे जाएंगे ।
01 जनवरी , 2016 को 2. अथवा उसके पश्चात प्रोन्नति पर वेतन का निर्धारण
उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन नियम, 2016 के नियम-13 के उप नियम , (i ) (ii) में दिये गये वर्तमान नियम स्तम्भ -1 के स्थान पर स्तम्भ -2 में उल्लिखित नियम रख दिये जायेंगेः-
स्तम्भ-2
स्तम्भ-1
एतद्वारा प्रतिस्थापित नियम
वर्तमान नियम
स्तर 13 (ⅰ) शैक्षणिक संवर्ग सहित समस्त राज्य से कर्मचारियों की पदोन्नति की स्थिति में वेतन निर्धारण हेतु एक वेतनवृद्धि उस स्तर (Level) में दी जायेगी जिसमें से कर्मचारी पदोन्नति किया जा रहा है और उसे उस पद जिसमें पदोन्नति दी गयी है, के स्तर में (Level) में इस प्रकार प्राप्त राशि के समतुल्य किसी कोष्ठिका में रखा जायेंगा और यदि ऐसी कोई कोष्ठिका उस लेवल जिसमें पदोन्नति दी गयी है, में उपलब्ध नहीं है तो उसे उस लेवल में अगली उच्चतर कोष्ठिका में रखा जायेगा ।
13(i) एक वेतनवृद्धि उस (Level) में दी जायेगी जिसमें कर्मचारी पदोन्नति किया जा रहा है और उसे उस पद जिसमें पदोन्नति दी गयी है, के स्तर (Level ) में इस प्रकार प्राप्त राशि के समतुल्य किसी कोष्ठिका रखा जायेगा और यदि ऐसी कोई कोष्ठिका उस लेवल जिसमें पदोन्नति दी गयी है , में उपलब्ध नहीं है तो उसे उस लेवल से अगली उच्चतर कोष्ठिका में रखा जायेगा ।
(2)
(ii) सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन अथवा समयमान / चयन वेतनमान के मामलों में भी उक्त प्रक्रियानुसार वेतन निर्धारित किया जायेगा ।
(ii) शैक्षणिक संवर्ग को छोड़कर अन्य राज्य कर्मचारियों को अनुमन्य सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन अथवा समयमान/चयन वेतनमान के मामलों में भी उक्त (ⅰ) में निर्धारित प्रक्रियानुसार वेतन निर्धारित किया जायेगा।
शैक्षणिक संवर्ग में प्राथमिक / माध्यमिक शिक्षकों हेतु चयन/ प्रोन्नत वेतनमान संबंधी विशिष्ट व्यवस्था विद्यमान है, जिसके अन्तर्गत 10/12 वर्ष की सेवा पर उच्चतर वेतनमान अनुमन्य किया जाता है । किसी शिक्षक को उक्त लाभ अनुमन्य कराये जाने की स्थिति में वेतन निर्धारण पूर्व निर्धारित व्यवस्थानुसार इस प्रकार किया जायेगाः-
1. - चयन/ प्रोन्नत वेतनमान की अनुमन्यता के मामले में संबंधित शिक्षक को वेतन साधारण वेतनमान /चयन वेतनमान , जैसे भी स्थिति हो, में वेतन मैट्रिक्स के लेवल में प्राप्त कोष्ठिका से चयन / प्रोन्नत वेतनमान , जो भी स्थिति हो, में अगले प्रक्रम / अगली कोष्ठिका में निर्धारित किया जायेगा । चयन वेतनमान /प्रोन्नत वेतनमान के समय वेतनवृद्वि (Increment) देय नहीं होगी ।
2. - चयन / प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त शिक्षकों की पदोन्नति यदि समान वेतनमान में होती है, तो वेतन का निर्धारण प्राप्त वेतन स्तर में अनुमन्य कोष्ठिका से अगली कोष्ठिका में किया जायेगा ।
2- उपनियम-(i ) व (ii ) के पश्चात दी गयी तालिका में उल्लिखित उदाहरण मात्र पदोन्नति व उसके समान वेतन निर्धारण के प्रकरणों हेतु लागू रहेगा ।
आज्ञा से,
दिलीप जावलकर ,
सचिव ।
टिप्पणी-राजपत्र , दिनांक 03-01-2026 , भाग 1 में प्रकाशित ।
[प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित--]
पी ० एस ० यू० ( आर० ई ० ) 05 वित्त / 44-13-02-2026-100 प्रतियां (कम्प्यूटर /रीजियो)