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Uttarakhand Daily Gazette · Government of Uttarakhand

NOTIFICATION

Published 20 February 2026

Department
Revenue Department
Type
Daily
Notification no.
102/XVIII(3)/2026-02(62)2017
Identifier
in.gazette.uttarakhand_daily.2026-02-20.4458-300426104157
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2024-2026 क्रम संख्या-16 (क)

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

असाधारण

देहरादून , शुक्रवार , 20 फरवरी , 2026 ई ०

फाल्गुन 01 , 1947 शक सम्वत्

उत्तराखण्ड शासन

राजस्व अनुभाग-3

संख्या 102 / XVIII (3 ) / 2026-02 (62) 2017 देहरादून, 20 फरवरी , 2026

126 किमी ० ऋषिकेश - कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाईन परियोजना निर्माण हेतु तहसील एवं जनपद रूद्रप्रयाग के ग्राम नगरासू की 0.011 हे 0 अनुपूरक भूमि अधिग्रहण की धारा -11 की अधिसूचना 2 उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 20 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 01 , 1947 शक सम्वत्)

कार्यालय जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग

संख्या 1557 / आठ-08 (2025-26) रुद्रप्रयाग , 06 फरवरी , 2026

अनुपूरक प्रारम्भिक अधिसूचना

भूमि अर्जन

उत्तराखण्ड राज्य में निर्माणाधीन 126 कि० मी० ऋषिकेश- कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाईन निर्माण भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण परियोजना है । समुचित सरकार लोक परियोजन हेतु निर्माणाधीन उपरोक्त परियोजना हेतु प्रारम्भिक अधिसूचना संख्या 870 / आठ- विविध (2016-17 ) देहरादून 05 दिसम्बर , 2016 के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग के 10 ग्रामों में रेलवे मार्गाधिकार के अन्तर्गत पड़ने वाली नाप भूमि 25.4585 है० अधिग्रहण में सम्मलित है , परियोजना के रेल मार्गाधिकार में आने वाली ग्राम नगरासू की 0.011 है0 अतिरिक्त नाप भूमि तकनीकी सर्वेक्षण के अनुसार अर्जन की जानी है ।

भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (केन्द्रीय अधिनियम संख्या-30 , वर्ष 2013 ) की धारा-11 में विहित प्राविधानों के अनुसार ग्रामीण और में अर्जित की जानी वाली भूमि का धारा -14 के तहत पूर्व में कराये गये धारा -4 की कार्यवाही व्यपगत होने से पुनः अतिरिक्त अर्जन की जाने वाली भूमि का ग्राम नगरासू की 0.011 है० भूमि में सम्मिलित प्रभावित परिवारों के सम्बन्ध में पुनः धारा -04 के तहत सामाजिक समाघात यथा नियत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही पूर्ण करने पर अधिनियम की धारा -11 (1 ) के अन्तर्गत शासन की अधिसूचना के क्रम में अतिरिक्त भूमि अर्जन की प्रख्यापन निम्न रीति के अनुसार प्रकाशित किये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि " दिनांक 13.04.2021 को मुख्य सचिव महोदय , उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आयोजित ऋषिकेश- कर्णप्रयाग नई रेल लाईन परियोना की प्रगति हेतु समीक्षा बैठक का कार्यवृत्त के बिन्दु संख्या-10 अतिरिक्त भूमि के अनुपूरक प्रस्ताव के सम्बन्ध में उल्लेख किया गया है कि जिला, टिहरी / पौड़ी / रुद्रप्रयाग एवं चमोली में अतिरिक्त भू- अधिग्रहण प्रस्तावों पर मुख्य सचिव महोदय द्वारा निर्देश दिये गये कि ऐसे सभी प्रस्तावों जो जिला एवं शासन स्तर पर भू- अधिग्रहण हेतु लंबित हैं, का निस्तारण जिला प्रशासन एवं शासन स्तर से शीघ्रातिशीघ्र भू- अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय । मुख्य सचिव महोदय द्वारा निर्देश दिये गये कि रेल विकास निगम लि० द्वारा अतिरिक्त भूमि हेतु प्रस्तुत अनुपूरक भू-अधिग्रहण के प्रस्ताव सामाजिक समाघात (एसआईए ) का अध्ययन करवाये जाने की आवश्यकता नहीं है , क्योंकि वांछित भूमि पूर्व में अधिग्रहीत भूमि (जिस हेतु सामाजिक समाघात अध्ययन किया जा चुका है) के सापेक्ष अत्यंत न्यून है" ।

क- राजपत्र में ।

ख- दो स्थानीय भाषा के दैनिक समाचार पत्र में ।

ग- पंचायत , नगर पालिका तथा जिला कलेक्टर, उप खण्ड मजिस्ट्रेट तथा तहसील के कार्यालय में स्थानीय भाषा में ।

घ- समुचित सरकार की वेबसाईड पर अपलोड ।

प्रभावित क्षेत्रों में विहित रीति में विशेष बैठक बुलाकर सूचित करना ।

लोक परियोजन के लिए रुद्रप्रयाग जिले में तहसील रुद्रप्रयाग के ग्राम नगरासू की 0.011 है ० भूमि उत्तराखण्ड राज्य में 126 कि० मी० ऋषिकेश- कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाईन निर्माण हेतु अपेक्षित है ।

सामाजिक समाघात अध्ययन के सार बिन्दुः-

(1) ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से प्रभावितों पर पड़ने वाले प्रभावः-(समाघात)

1. समाजिक समाघात के दौरान ग्राम नगरास के प्रभावित परिवारों का कहना है कि रेलवे में उनकी भूमि दो- दो बार अधिगृहीत होने के कारण कृषि, जो कि उनकी आजीविका का मुख्य साधन है , इससे उनके जीवन-यापन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है एवं अधिकतर प्रभावित व्यक्ति रेल लाईन परियोजना के आने से क्षेत्र एवं जनपद का विकास होना मानते हैं ।

2. समाजिक समाघात के दौरान प्रभावितों का कहना है कि उनके प्राकृतिक संसाधनों जैसे- जल, जंगल, जमीन, वायु पर परियोजना का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है ।

3. परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में परियोजना के निर्माण से प्राकृतिक जलस्रोत, पेयजल लाईन , विद्यालय भवन, धार्मिक स्थल, सड़कें, खेल के मैदान , चारागाह पशुशाला, सिंचाई के साधन इत्यादि प्रभावित होंगे ।

3 उत्तराखण्ड असाधारण गजट , 20 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 01 , 1947 शक सम्वत्)

4. परियोजना निर्माण से जहां एक तरफ आवागमन सुगम होगा, वहीं दूसरी तरफ इससे प्रभावितों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है ।

5. परियोजना के पूर्ण होने के पश्चात यहां पर प्रवासी कार्य शक्ति के आने से स्थानीय लोगों के रोजगार पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है वहीं कतिपय व्यक्तियों का मत है कि, नई रेल लाईन परियोजना से प्रभावितों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे ।

6. सुरंग आधारित परियोजना होने के कारण सुरंगों के निर्माण के दौरान निकलने वाले धूल , मिट्टी, कंकड़ पत्थर की उचित डम्पिंग जोन न बनने पर वहां के पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है ।

7. परियोजना के निर्माण से सुरंग बनने की स्थिति में उनके ऊपर बसे गांवों में भू- धंसाव की स्थिति हो सकती है ।

8. परियोजना के निर्माण से सुरंग बनने से वहां पर स्थित भू- जलस्रोत समाप्त हो सकते हैं ।

9. योजना के निर्माण कार्य से निजी स्तर पर भी प्रभाव पड़ सकता है । क्योंकि परियोजना क्षेत्र के अन्तर्गत उनकी भूमि आने से भविष्य में उनकी जमीनों की कीमत बढ़ेंगी, जिला प्रशासन को भू- माफियाओं की सक्रियता न होने की दशा में आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता होगी ।

10. जनपद रूद्रप्रयाग भूगर्भीय दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र है, जो कि जोन -4 में आता है, जिसमें भूकम्प जैसी आपदा आने की बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं ।

(2) परियोजना से लाभः-

1. परियोजना के पूर्ण होने से जहां एक ओर आवागमन सुगम एवं सुरक्षित होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे , जिससे स्थानीय जनता के जीवन स्तर पर सुधार होगा ।

2. पलायन को रोकने में भी यह परियोजना सहायक होगी ।

3. सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दृष्टि से इस परियोजना का बहुत ही महत्व है , जिसकी लागत एवं लाभ के आधार पर आंकलन नहीं किया जा सकता है ।

4. लोकहित एवं जनकल्याण के लिये इस तरह की परियोजना को प्रारम्भ करना आवश्यक है ।

5. पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण यहां शिक्षा , स्वास्थ्य, संचार , परिवहन , रोजगार इत्यादि व्यवस्थाओं का बहुत अधिक विस्तार नहीं हो पाया , जिससे यहां के लोगों को इन सेवाओं के लिए मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायान करना पड़ता है । इन परिस्थितियों को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह परियोजना बहुत अधिक फायदेमंद होगी ।

6. ऋषिकेश से कर्णप्रयाग आने - जाने के लिए बस टैक्सी के माध्यम से 5 से 6 घंटे का समय लगता है, जो कि एक चुनौतीपूर्ण है । वहीं रेल लाईन परियोजना के बन जाने से यह दूरी घट जाएगी तथा समय भी कम लगेगा एवं सुगमता से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक आना जाना हो सकेगा ।

अतः मानवीय दृष्टि से इस परियोजना का बहुत ही अधिक महत्व है जिसका कोई लागत एवं लाभ निर्धारित नहीं किया जा सकता है । इस प्रकार प्रस्तावित 126 कि० मी० ऋषिकेश- कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाईन परियोजना पूर्णतः लोक परियोजन की महत्वपूर्ण परियोजना है । जिससे पड़ने वाले प्रभावों को आधुनिकतम तकनीकों से कम किया जाना आवश्यक होगा ।

(3) समाधात कमी करने के उपायः-

राज्य में निर्माणाधीन 126 कि० मी० ऋषिकेश - कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाईन निर्माण भारतीय रेलवे की एक महत्वपूर्ण परियोजना है । उत्तराखण्ड़, चीन व नेपाल जैसे अन्र्तराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े होने के कारण , राष्ट्रीय आपात तथा उत्तराखण्ड़ के हिमालयी क्षेत्रों में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आपातग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने में अग्रणीय योगदान होगा । अर्थव्यवस्था में अन्तर्देशीय परिवहन का रेल मुख्य माध्यम है । बड़ी मात्रा में वस्तुओं को लाने, ले जाने में अत्यन्त उपयुक्त है । इसका देश के सामाजिक - आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण स्थान है, व्यापार करना, दृश्य दर्शन , तीर्थाटन में अधिक आसान बनाती है, यह जीवन स्तर सुधारती है ।

सामाजिक समाघात परीक्षण के पश्चात और परियोजना से प्रभावित बहुत से लोगों के मन में परियोजना के प्रति आम जन जीवन पर परियोजना द्वारा पड़ने वाले सामाजिक , आर्थिक, पारिस्थितिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक एवं पर्यवर्णीय समस्याओं के बारे में आशंकाएं व्यक्त की गयी हैं ।

सामाजिक समाघात अध्ययन तथा जनसुनवाई में प्राप्त समस्त सुझावों पर शतप्रतिशत अमल किया जायेगा । अपर जिलाधिकारी, रूद्रप्रयाग को प्रभावित कुटुम्बों के पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के प्रयोजन हेतु प्रशासक 4

उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 20 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 01 , 1947 शक सम्वत्)

के रूप में नियुक्त किया जाता है । अतः ज़िला रूद्रप्रयाग के तहसील रूद्रप्रयाग के ग्राम नगरासू की 0.011 है0 निजी नाप भूमि का अतिरिक्त अनुपूरक, जिसका विवरण निम्नानुसार है, का अर्जन किया जाता है: -

यह अधिसूचना इससे संबंधित सभी व्यक्तियों के लिये भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30 ) की धारा 11 (1 ) के उपबन्धों के अधीन जारी की गई है ।

भूमि से संबंधित रेखांकन कलेक्टर और उप जिलाधिकारी , रुद्रप्रयाग के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस को कार्य समय के दौरान देखा जा सकता है ।

समुचित सरकार, उक्त अधिनियम की धारा 12 में यथाउपबंधित एवं विनिर्दिष्ट उप जिलाधिकारी के निर्देशन में सक्षम व्यक्ति को भूमि में प्रवेश करने और उसका सर्वेक्षण करने, किसी भी भूमि के स्तर लेने , अवमृदा में खुदाई करने या वेधन करने और अपने कार्य के उचित निष्पादन के लिये अपेक्षित सभी अन्य कार्य करने के लिये प्राधिकृत करती है ।

अनुपूरक प्रारम्भिक अधिसूचना हेतु अनुसूची

प्रारूप- ।।

126 कि० मी० ऋषिकेश- कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाईन परियोजना के निमार्ण हेतु ग्राम- नगरासू में रेलवे मार्गाधिकार के लिए अर्जित खसरा नम्बरांन का अतिरिक्त अनुपूरक प्रस्ताव ।

भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा -11 में विहित प्राविधानों के

अनुसार ।

जनपद -रूद्रप्रयाग, तहसील- रूद्रप्रयाग , ग्राम- नगरासू

संरचना विवरण

सीमायें

क्र० खाता सं० संख्या

पूर्व में RVNL अर्जित क्षेत्रफल (है ०मे)

पूर्व में NH अर्जित क्षेत्रफल ( है ०मे)

अर्जन हेतु प्रस्तावित क्षेत्रफल (है ०मे

खसरे का सम्पूर्ण क्षेत्रफल (है०मे)

स्वामित्व का प्रकार

भूमि का प्रकार

सर्वेक्षण खसरा संख्या

अभिलेखों के अनुसार अभिलिखि त भू-स्वामी

पश्चिम

प्रकार

दक्षिण

उत्त

thatyejisewoh

100113213362

कुर्सीएरियावर्ग Olfe

60

708

0.025

0.003

0.017 0.005

707 703 709 705

1

निजी नाप भूमि कृषि

नरेन्द्रसिंह पुत्र भगत सिंह आदि

हितबद्ध व्यक्यिों कानाम पता वृक्षों की किस्म तथा संख्या मकान आदि संरचनाओ का प्रकार तथा

0.010

730

1NZA श्रेणी-

0.004

0.071 0.057

हुकम सिंह पुत्रश्याम सिंह आदि 731 727 735 729

2

कृषि

4

निजी नाप भूमि

प्लिंथएरिया सहित प्रतिकर का पूर्ण मूल्यांकन तथा भयन का मूल्यांकन

737

51

0.065 0.061

0.004

194 184 198

3

कृषि

निजी नाप भूमि

धन सिंह

पुत्रलाल 197

सिंह

आदि

तकनीकी विभाग से करा कर प्रतिकर अंतिम रूप से अधिनिर्णय के समय निर्धारित किया जाएगा ।

0.015 0.011

0.135

योग

0.161

(ह० अस्पष्ट) जिलाधिकारी , रुद्रप्रयाग ।

आज्ञा से , सुरेन्द्र सिंह नेगी,

अनु सचिव ।

पी ० एस ० यू० ( आर ०ई ० ) 10 राजस्व / 63-2026-100 + 20 प्रतियां (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

Cite this issue. Uttarakhand Daily Gazette, Government of Uttarakhand, 20 February 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand_daily.2026-02-20.4458-300426104157/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand_daily.2026-02-20.4458-300426104157.