पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN /30 / 2024-2026 क्रम संख्या-19 (च)
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
असाधारण
देहरादून, सोमवार , 09 मार्च , 2026 ई ०
फाल्गुन 18, 1947 शक सम्वत्
उत्तराखण्ड शासन
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग -3
संख्या-1 / 376988 /26 / XXVIII (3) 26 - e - file /Com.No - 88028/ 2025
देहरादून, 09 मार्च , 2026
अधिसूचना
रैबीज एक घातक बीमारी हैं जो, कुत्ते व अन्य जानवरों के द्वारा काटे जाने के उपरान्त होने वाली जूनोटिक बीमारियों में से एक है और यह बीमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है । रोगी को समय पर Post - Exposure Prophylaxis (PEP ) प्राप्त होने पर इस घातक बीमारी पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सकता है ।
2. भारत सरकार के पत्र संख्याः D.O.No. Z- 2283429 /NRCP / DZDP /-NCDC / DGHS , दिनांक 20 सितम्बर 2021 के अनुसार वर्ष 2030 तक कुतों के माध्यम से फैलने वाले रैबीज के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है जिसमें संदिग्ध एवं पुष्टिकृत रोगियों की रिपोर्ट के लिए Standard Case Definition तैयार किया गया है । रोग से मृत्यु होने पर सूचना का प्राविधान IHIP Portal पर किया गया है ।
3. अतः राज्य सरकार Clinical Establishment Registration & Regulation Act 2010 (नैदानिक स्थापन पंजीकरण और विनियम अधिनियम 2010) की धारा 12 (1) (iii) और धारा 42 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री राज्यपाल सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य में Human Rabies को अधिसूचित रोग (Notifiable Disease ) घोषित करने सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
4. उत्तराखण्ड राज्य में Human Rabies के पूर्ण उन्मूलन के लिए सभी राजकीय, निजी चिकित्सा ईकाईयां / संस्थान (मेडिकल कॉलेज सहित ), निजी चिकित्सा व्यवसायी आदि द्वारा Human Rabies के प्रत्येक प्रकरण की सूचना विनिर्दिष्ट प्रारूप / पोर्टल पर अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग / राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड को दी जायेगी ।
आज्ञा से, सचिन कुर्वे , सचिव ।
पी०एस ०यू० ( आर० ई ० ) 03 चिकित्सा / 176-2026-100+ 1000 प्रतियां (कम्प्यूटर / रीजियो) ।