क्रम संख्या-21 (ख)
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
असाधारण
विधायी परिशिष्ट
भाग -4 , खण्ड (ख)
(परिनियत आदेश)
देहरादून, बुधवार , 18 मार्च , 2026 ई०
फाल्गुन 27,1947 शक सम्वत्
उत्तराखण्ड शासन
न्याय अनुभाग-1
संख्या 108 / XXXVI - A - 1 / 2026-105 / 2012 Т.С.
देहरादून , 18 मार्च , 2026
अधिसूचना
प० आ०-09-0
उत्तराखण्ड वादकारिता नीति, 2011 एवं उच्चतम न्यायालय तथा उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में राज्य के विधि अधिकारियों की नियुक्ति तथा पदावधि के लिए सामान्य अनुदेश , 2016 के प्रस्तर-4 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने हेतु निम्न वर्णित पूर्व से आबद्ध विधि अधिकारियों को उच्चीकृत करते हुए उनके नाम के सम्मुख अंकित पद पर तत्काल प्रभाव से अग्रेत्तर आदेश तक, आबद्ध किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष : स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
क्र.सं.
विधि अधिकारी का नाम/ पदनाम
उच्चीकृत पदनाम
1. श्री गणेश काण्डपाल, उप महाधिवक्ता
अपर महाधिवक्ता
2. श्री राजीव सिंह बिष्ट, सहायक शासकीय अधिवक्ता
उप महाधिवक्ता (क्रि० )
3 .
सहायक शासकीय अधिवक्ता श्री राकेश कुमार जोशी, ब्रीफ होल्डर (क्रि० )
4.
सहायक शासकीय अधिवक्ता श्री प्रभात काण्डपाल , ब्रीफ होल्डर (क्रि०)
5. श्री हिमांशु सेन, ब्रीफ होल्डर (क्रि० )
सहायक शासकीय अधिवक्ता 2
उत्तराखण्ड असाधारण गजट, 18 मार्च , 2026 ई ० (फाल्गुन 27, 1947 शक सम्वत्)
2- उपरोक्त के अतिरिक्त निम्नलिखित अधिवक्ताओं को उनके नाम के सम्मुख पदनाम पर तत्काल प्रभाव से अग्रेत्तर आदेश तक आबद्ध किये जाने की भी श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
क्र.सं.
अधिवक्ता का नाम
श्रीयोगेश पाण्डे
1.
श्री घनश्याम जोशी
2 .
3 . श्री रंजन घिल्डियाल
4. श्री भानू प्रताप मेर
श्री मनीष बिष्ट
5.
6 . श्री मनोज चन्द्र भट्ट
7. श्री महावीर प्रसाद कोहली
8. श्रीमती स्वाति वर्मा
श्री निखिल बिष्ट
9 .
10. श्री सुनील उपाध्याय
पदनाम
उप महाधिवक्ता (सिविल)
अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता स्थायी अधिवक्ता
स्थायी अधिवक्ता
ब्रीफ होल्डर (सि०)
ब्रीफ होल्डर ( सि० )
ब्रीफ होल्डर (सि ० )
ब्रीफ होल्डर (सि०)
ब्रीफ होल्डर (क्रि०)
ब्रीफ होल्डर (क्रि० )
3- उक्त आबद्धता इस शर्त के साथ प्रदान की जाती है कि यह एक व्यावसायिक आबन्धन है , किसी 'सिविल पद ' पर नियुक्ति नहीं है । इस आबन्धन को राज्य सरकार द्वारा किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के और बिना कोई कारण बताये समाप्त किया जा सकता है तथा आबद्ध अधिवक्ता भी इसे कभी भी लिखित सूचना देकर समाप्त कर सकते हैं । आबद्ध अधिवक्तागण अपनी आबद्धता के दौरान उत्तराखण्ड राज्य के विरुद्ध किसी भी न्यायालय में किसी भी प्रकार के मामले में किसी अन्य व्यक्ति/ संस्था की आबद्धता स्वीकार नहीं करेंगे और न ही राज्य के बिरुद्ध कोई विधिक परामर्श देंगे तथा चे विधि परामर्शी निदेशिका के उपबन्धों का कड़ाई से पालन करेंगे ।
4- आबद्ध अधिवक्ता राज्य सरकार का पक्ष पूर्ण तैयारी के साथ एवं मजबूती से रखना सुनिश्चित करेंगे । आबद्ध अधिवक्ता प्रत्येक माह की कारगुजारी का विवरण निर्धारित प्रारूप में महाधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता अथवा मुख्य स्थाई अधिवक्ता के माध्यम से अगले माह की 7 तारीख तक प्रमुख सचिव , न्याय को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे ।
5- महाधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता अथवा मुख्य स्थायी अधिवक्ता आबद्ध अधिवक्तागण द्वारा उनको प्रस्तुत कारगुजारी पर अपना स्पष्ट मंतव्य प्रस्तुत करेंगे तथा उसे पृथक रूप से प्रमुख सचिव, न्याय को अगले माह की 10 तारीख को प्रस्तुत करेंगे ।
6- शासकीय अधिवत्ता अथवा मुख्य स्थाई अधिवक्ता, वादों/ याचिकाओं / अपीलों आदि का आवंटन समान रूप से एवं इस प्रकार से सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित अधिवक्ता की जिस क्षेत्र में विशेषज्ञता हो यथासंभव उसे उस क्षेत्र से संबंधित वाद / अपील/ याचिका आदि आवंटित की जाए तथा प्रारंभ से लेकर, वाद /याचिका/ अपील आदि के निस्तारण तक, यथासंभव समान अधिवक्ता द्वारा ही प्रभावी पैरवी की जा सके ।
7- उक्त आबद्ध अधिवक्ताओं को संलग्न शासनादेश सं0-111 / XXXVI - 1-1/2020-43 एक (1) /2003 दिनांक 18.03.2020 के अनुसार फीस देय होगी ।
आबद्ध अधिवक्ता इस आशय का प्रमाण-पत्र भी महाधिवक्ता, उत्तराखण्ड के माध्यम से शासन को प्रस्तुत करेंगे कि उक्त शर्तों पर कोई आपत्ति नहीं है । 8-
आज्ञा से ,
अमित कुमार सिरोही, प्रमुख सचिव ।
पी०एस ० यू० (आर०ई० ) 09 न्याय / 91-2026-100+ 20 प्रतियां (कम्प्यूटर / रीजियो) ।