पंजीकरण संख्या--UA/ DO/ DDN/ 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-25] रुड़की, शनिवार, दिनांक 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्) [ संख्या-03
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु० सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
27-34
भाग 1 - विज्ञप्ति- अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500
15-18
भाग 1 -क-नियम, कार्य-विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
1500 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975
भाग 3- स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975
भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975
भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975 भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
11-55
975
स्टोर्स पर्चेज-स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़- पत्र आदि
1425
27 क 28
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति , स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण अनुभाग-2
अधिसूचना
08 जनवरी, 2024 ई०
संख्या. 40 / II (2)/2024-06 (65) / 2016 - राज्यपाल , उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 07 वर्ष 2013 ) की धारा 12 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनपद हरिद्वार के तहसील हरिद्वार के अन्तर्गत आने वाले हरिपुर कलां से चण्डी पुल तक गंगा नदी के दायें तट हेतु पूर्वमें जारी अधिसूचना संख्या 726/ II (2 )/2022-06(65 )/2016, दिनांक 13 जुलाई , 2022 में संलग्न प्रतिषिद्ध / निर्बन्धित क्षेत्रों की अनुसूची 01 और 02 में निर्दिष्ट क्षेत्रों को बाढ़ मैदान परिक्षेत्र घोषित करते हुए , इन क्षेत्रों में निम्नवत् कार्य सम्पादित करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ; अर्थात्:-
क्र.सं. क्षेत्र
अनुमन्य कार्यों का विवरण
1 प्रतिषिद्ध तटबन्ध / बाढ़ प्रबन्धन, खनन, वृक्षारोपण , कृषि, स्नान घाट निर्माण , नदी तटीय क्षेत्र विकास , सिंचाई , पेयजल योजना, जलक्रीड़ा, जल परिवहन, सेतु आदि से सम्बन्धित निर्माण/ गतिविधियां ।
"परन्तु राज्य सरकार अधिनियम की मूल भावना का अनुपालन करते हुए , कि नदी की धारा / प्रवाह में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, जनहित में, प्रकरण विशेष में, उपरोक्त उल्लिखित कार्य के साथ- साथ समान प्रकृति के अतिरिक्त अन्य कार्यों को भी करने की अनुमति राजपत्र में अधिसूचना के द्वारा प्रदान कर सकेगी । "
2 निर्बन्धित पार्क, खेल का मैदान, मत्स्य पालन , कृषि आदि के सम्बन्ध में क्षेत्र निर्माण / गतिविधियों और समय - समय पर होने वाले धार्मिक मेलों हेतु अस्थाई/ स्थाई निर्माण इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य होंगे कि उक्त गतिविधियों द्वारा उत्सर्जित होने वाला जल- मल व ठोस अपशिष्ट का पूर्णतः समुचित प्रबन्धन सुनिश्चित करते हुये उक्त का अनापत्ति प्रमाण पत्र / परीक्षण उत्तराखंड पेयजल निगम से कराया जायेगा, इस क्षेत्र में पूर्व से विद्यमान निर्माण , जो जीर्ण- शीर्ण अवस्था में हैं, की विद्यमान भू-आच्छादन 35 प्रतिशत, तल क्षेत्र अनुपात 1:5 व भवन की अधिकतम ऊंचाई 7.50 मी० अथवा दो मंजिल की सीमा तक पुनर्निर्माण इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य होगा कि क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध हो। निर्माण अनुमन्य होने की स्थिति में उच्च बाढ़ तल (High Flood Level ) से भवन का न्यूनतम प्लिंथ लेवल ( Plinth Level ) 1.00 मीटर होगा एवं क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था का समुचित प्रबन्धन सुनिश्चित करने के साथ- साथ उत्तराखंड पेयजल निगम से परीक्षण /अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाना आवश्यक होगा ।
"परन्तु राज्य सरकार अधिनियम की मूल भावना का अनुपालन करते हुए , कि नदी की धारा / प्रवाह में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, जनहित में, प्रकरण विशेष में, उपरोक्त उल्लिखित कार्य के साथ- साथ समान प्रकृति के अतिरिक्त अन्य कार्यों को भी करने की अनुमति राजपत्र में अधिसूचना के द्वारा प्रदान कर सकेगी । " भाग 1 ]
29 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
Inpursuance ofthe provision of clause (3 ) of article 348 of the ' Constitution of India' , theGovernor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 40/II (2)/2024-06(65 )/2016 , dated January 08 , 2024 for general information.
NOTIFICATION
January 08, 2024
No. 40/11 (2 )/2024-06 ( 65 )/2016 -- In exercise of the powers conferred by sub section (1) ofsection 12 of the Uttarakhand Flood Plain Zoning Act , 2012 (Uttarakhand Act, No. 07 of2013 ) , the Governor is pleased to allow to sanction the execution of following work in these areaby declaring the flood plain zoning to the mentioned area annexed schedule 1 and 2 of Prohibited/Restricted areas of the previous notification no . 726/II (2) /2022-06 (65 )/2016 , Dated 13 July, 2022from Haripur kalan to the Chandi Ghat, Right Side of Ganga river of district Haridwar, namely: -
S.No. Area
Details ofPermissible Works
1. Prohibited Area
Construction activities regarding embankment/ flood management , mining, plantation , agriculture, construction of bathing ghats, river front development , irrigation , drinking water scheme , water sports , watertransportation and bridge etc.
Provided that compliance the basic spirit of the Act, the state government may by Gazette notification allow to permit in public interest, for a particular case , to do other works of similar nature in addition to the works as mentioned above, in such manner that river stream/ flow shall not get obstructed.
2. Restricted Area
Activities regarding park, sports field, fisheries, agriculture etc. and the temporary/ permanent construction required for religious fairs from time to time shall be permissible after getting No Objection Certificate (N.O.C. )/examination from Uttarakhand Pey Jal Nigam that there are appropriate management for disposal of sewerage and solid waste created by the said activities in this area, the construction of existing reinous state structure shall be admissible up to limitation ofexisting land covering 35 percent floor area ratio 1 : 5 and up to inaximum height 7.50 meter or double storey building with the restriction that the sewerage system is available in the area. In case of admissibility of construction , minimum plinth level of the building from High Flood Level (H.F.L) shall be kept 1.0 M high and the examination/ No Objection Certificate (N.O.C. ) shall be necessary from the Uttarakhand Pey Jal Nigam for ensuring that there are appropriate provision of Sewerage treatment:
Provided that compliance the basic spirit of the Act, the state government may by Gazette notification allow to permit in public interest, for a particular case , to do other works of similar nature in addition to the works as mentioned above, in such manner that river stream/ flow shall not get obstructed.
30
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1
अधिसूचना
08 जनवरी , 2024 ई०
संख्या 41/11 (2 )/2024-06 ( 18 ) / 2020- राज्यपाल, उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 07 वर्ष 2013 ) की धारा 12 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनपद देहरादून के सीमान्तर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में ढालवाला ड्रेन से पशुलोक बैराज एवं पशुलोक बैराज एवं हरिपुर कलां तक गंगा नदी के दायें तट तक (ऋषिकेश , खड़कमाफ, गौहरीमाफी, रायवाला एवं हरिपुर परगना- परवादून) हेतु पूर्व में जारी अधिसूचना संख्या 727/ II(2)/2022-06( 18)/2020, दिनांक 13 जुलाई, 2022 में संलग्न प्रतिषिद्ध /निर्बन्धित क्षेत्रों की अनुसूची 01 और 02 में निर्दिष्ट क्षेत्रों एवं जनपद देहरादून के राजस्व ग्राम वीरपुर खुर्द से सम्बन्धित संलग्न तालिका में उल्लिखित क्षेत्र को भी अन्तिम अधिसूचना में सम्मिलित कर बाढ़ मैदान परिक्षेत्र घोषित करते हुए , इन क्षेत्रों में निम्नवत् कार्य सम्पादित करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं; अर्थात्ः-
क्र.सं. क्षेत्र
अनुमन्य कार्यों का विवरण
1 प्रतिषिद्ध क्षेत्र तटबन्ध/ बाढ़ प्रबन्धन, खनन, वृक्षारोपण , कृषि, स्नान घाट निर्माण , नदी तटीय विकास, सिंचाई, पेयजल योजना, जलक्रीड़ा, जल परिवहन, सेतु आदि से सम्बन्धित निर्माण/ गतिविधियां ।
"परन्तु राज्य सरकार अधिनियम की मूल भावना का अनुपालन करते हुए, कि नदी की धारा / प्रवाह में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, जनहित में, प्रकरण विशेष में, उपरोक्त उल्लिखित कार्य के साथ- साथ समान प्रकृति के अतिरिक्त अन्य कार्यों को भी करने की अनुमति राजपत्र में अधिसूचना के द्वारा प्रदान कर सकेगी। "
2 निर्बन्धित पार्क, खेल का मैदान, मत्स्य पालन, कृषि आदि के सम्बन्ध में निर्माण / गतिविधियों क्षेत्र और समय - समय पर होने वाले धार्मिक मेलों हेतु अस्थाई / स्थाई निर्माण इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य होंगे कि उक्त गतिविधियों द्वारा उत्सर्जित होने वाला जल-मल व ठोस अपशिष्ट का पूर्णतः समुचित प्रबन्धन सुनिश्चित करते हुये उक्त का अनापत्ति प्रमाण पत्र / परीक्षण उत्तराखंड पेयजल निगम से कराया जायेगा , इस क्षेत्र में पूर्व से विद्यमान निर्माण, जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, की विद्यमान भू-आच्छादन 35 प्रतिशत, तल क्षेत्र अनुपात 1 :5 व भवन की अधिकतम ऊंचाई 7.50 मी0 अथवा दो मंजिल की सीमा तक पुनर्निर्माण इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य होगा कि क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध हो । निर्माण अनुमन्य होने की स्थिति में उच्च बाढ़ तल (High Flood Level ) से भवन का न्यूनतम प्लिंथ लेवल (Plinth Level ) 1.00 मीटर होगा एवं क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था का समुचित प्रबन्धन सुनिश्चित करने के साथ- साथ उत्तराखंड पेयजल निगम से परीक्षण / अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाना आवश्यक होगा ।
"परन्तु राज्य सरकार अधिनियम की मूल भावना का अनुपालन करते हुए , कि नदी की धारा / प्रवाह में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, जनहित में, प्रकरण विशेष में, उपरोक्त उल्लिखित कार्य के साथ-साथ समान प्रकृति के अतिरिक्त अन्य कार्यों को भी करने की अनुमति राजपत्र में अधिसूचना के द्वारा प्रदान कर सकेगी ।"
आज्ञा से, हरिचन्द्र सेमवाल, सचिव ।
भाग 1]
31
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
संलग्न तालिका
राजस्व ग्राम वीरपुर खुर्द (प्रतिषिद्ध क्षेत्र)
ग्राम का नाम
खाता खतौनी संख्या
खसरा नं०/ गाटा संख्या वर्तमान भू उपयोग
भूमि का प्रकार संरचना का प्रकार
बाढ़ मैदानी परिक्षेत्र में स्थित भूमि की माप क्षेत्रफल है ० में
273
94 घ
0.0270
वीरपुरखुर्द
94ङ
भवन निर्मित
संक्रमणीय भूमि
0.0486
95ख
0.0078
128
94ग
0.1280
274
94क
खाली भूमि
संक्रमणीय भूमि
0.0778
95 ग जलमग्न भूमि खाला (रम्भा नदी)
राजस्व ग्राम वीरपुर खुर्द (निर्बन्धित क्षेत्र)
ग्राम का नाम
खाता खतौनी संख्या
खसरा नं० / गाटा संख्या वर्तमान भू उपयोग
भूमि का प्रकार संरचना का प्रकार
बाढ़ मैदानी परिक्षेत्र में स्थित भूमि की माप क्षेत्रफल है० में
273
94घ
0.0180
वीरपुर खुर्द
94ङ
भवन निर्मित
संक्रमणीय भूमि
0.0324
95ख
0.0052
128
94 ग
0.0740
274
94क संक्रमणीय भूमि खाली भूमि
0.0959
95 ग जलमग्न भूमि खाला (रम्भा नदी)
आज्ञा से ,
हरिचन्द्र सेमवाल,
सचिव ।
32
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1
Inpursuance of the provision of clause (3 ) of article 348 of the ' Constitution of India ' , theGovernor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 41/ II (2)/2022-06 ( 18)/2020 , dated January 08 , 2024 for general information.
NOTIFICATION
January 08 , 2024
No. 41 / II (2)/2022-06 ( 18 )/ 2020 -- In exercise of the powers conferred by sub section (1) of section 12 of the Uttarakhand Flood Plain Zoning Act, 2012 ( Uttarakhand Act , No. 07 of 2013), the Governor is pleased to allow to sanction the execution of following work in these area by declaring flood plain zoning to the mentioned area annexed schedule 1 and 2 of Prohibited/Restricted areas of the previous notification no . 727/II ( 2 ) /2022-06 ( 18 )/2020 , Dated 13 July, 2022 from Dhalwala Drain to Pashulok Barradge , and Pashulok Barradge to Haripur kalan Right Side of Ganga river in Rishikesh area ( Rishikesh , Khadakmaf, Gauhrimafi , Raiwala andHaripur Pargana Parawadun) along with area mentioned in attached table of revenue Village Veerpur Khurd of district Dehradun will also be included in the final notification namely: -
S.No. Area
Details of Permissible Works
1. Prohibited
Area
Construction activities regarding embankment / flood management, mining, plantation, agriculture , construction of bathing ghats , river front development, irrigation, drinking water scheme , water sports , watertransportation and bridge etc.
Provided that compliance the basic spirit of the' Act, the state government may by Gazette notification allow to permit in public interest, for a particular case, to do other works of similar nature in addition to the works as mentioned above , in such manner that river stream/ flow shall not get obstructed.
2. Restricted Area
Aactivities regarding park, sports field , fisheries , agriculture etc. and the temporary/ permanent construction required for religious fairs from time to time shall be permissible after getting No Objection Certificate (N.O.C .)/examination from Uttarakhand Pey Jal Nigam that there are appropriate management for disposal of sewerage and solidwaste created by the said activities in this area, the construction ofexisting unsafe structure shall be admissible up to limitation of existing land covering 35 percent floor area ratio 1 : 5 and up to maximum height 7.50 meter or double storey building with the restriction that the sewerage system is available in the area. In case of admissibility of construction, minimum plinth level of the building from High Flood Level (H.F.L) shall be kept 1.0 M high and the examination/ No Objection Certificate (N.O.C. ) shall be necessary from the Uttarakhand Pey Jal Nigam for ensuring that there are appropriate provision of Sewerage treatment.
Provided that compliance the basic spirit of the Act, the state government may by Gazette notification allow to permit in public interest, for a particular case, to do other works of similar nature in addition to the works as mentioned above , in such manner that river stream/ flow shall not get obstructed.
ByOrder, H.C. SEMWAL , Secretary.
भाग 1]
33
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
Attached Table
Revenue Village Virpur Khurd (Prohibited Areas)
Khasra No./ GataNo.
Nameof Village
Khata Khatauni No.
Current Type of Land Use
Type of Land Type of Structure
Measurement of
area of land in
Flood Plain
Zone(Inha.)
273
94D
0.0270
Virpur Khurd
94 E Transferable Land
Building Constructed
0.0486
95 B
0.0078
128
94 C
0.1280
274
94 A
Vacant Land Transferable Land
0.0778
95 C Submerged Land
Khala(Rambha River)
Revenue Village Virpur Khurd (Restricted Areas )
Khasra No./ GataNo.
Name of Village
Khata Khatauni No.
CurrentType of Land Use
Type of Land Typeof Structure
Measurement of
area of land in
FloodPlain
Zone(Inha.)
273
94D
0.0180
Virpur Khurd
94E Transferable Land
Building Constructed
0.0324
95B
0.0052
128
94 C
0.0740
274
94A
Vacant Land
Transferable Land
0.0959
95 C Submerged Land
Khala (Rambha River)
ByOrder, H.C. SEMWAL , Secretary.
34
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30. 1945 शक सम्वत्)
कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-4
विज्ञप्ति/नियुक्ति
11 जनवरी, 2024 ई०
संख्या 08 /XXX(4)/2024-04(1)/ 2018-टी ०सी० उत्तराखण्ड उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली, 2004 यथासंशोधित नियमावली, 2016 के नियम -22 (2) के प्राविधानानुसार, मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय , नैनीताल द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड उच्चत्तर न्यायिक सेवा चयन परीक्षा-2019 में सीधी भर्ती के माध्यम से चयनित अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रदान किये जाने हेतु , महानिबन्धक, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के पत्र संख्या -4947/ UHC/Admin.A- 2/2023 , दिनांक 05 सितम्बर, 2023 द्वारा रिट पिटीशन (S/B ) संख्या-35 / 2021 , अजय डुंगराकोटी बनाम उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में मा ० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय , नैनीताल द्वारा दिनांक 22.08.2022 को पारित आदेश के अनुपालनार्थ की गई संस्तुति के सापेक्ष निम्नलिखित अभ्यर्थी को उत्तराखण्ड उच्चतर न्यायिक सेवा संवर्ग के वेतनमान 51550-1230-58930-1380-63070 (दिनांक 08 सितम्बर , 2022 से पुनरीक्षित वेतनमान ₹ 144840-194660 , लेवल J- 5) में दिनांक 01.04.2020 से अस्थायी रूप से नियुक्त किये जाने तथा उनकी ज्येष्ठत्ता एवं वेतन का निर्धारण भी नोशनली दिनांक 01.04.2020 से किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
वर्तमान पता
नाम
क्र.सं.
अभ्युक्ति
सीधी भर्ती 1.
श्री अजय डुंगराकोटी कस्तुरी विहार, निकट बाई चांस स्टोर, भोटिया पड़ाव, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखण्ड
2- श्री अजय डुंगराकोटी की ज्येष्ठता एवं वेतन का निर्धारण दिनांक 01.04.2020 से किया जायेगा तथा दिनांक 01.04.2020 से उनके उत्तराखण्ड उच्चतर न्यायिक सेवा में वास्तविक योगदान किये जाने की तिथि तक कोई भी पूर्व वेतन (Back Wages) देय नहीं होगा ।
3- उक्त अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की अवधि के लिये श्री राज्यपाल परिवीक्षा पर रखते हैं । उक्त अभ्यर्थी के तैनाती आदेश मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय , नैनीताल द्वारा पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
राज्यपाल की आज्ञा से ,
शैलेश बगौली, सचिव ।
चिकित्सा स्वास्थ्यएवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग -1
अधिसूचना/ त्याग-पत्र स्वीकृति
09जनवरी, 2024 ई०
E./Comp . No. 180644 /XXVIII - 1-55132/2023- एतद्द्वारा महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड , देहरादून के पत्र संख्या-2 प/ रा ० मा० / 53 / 2020/ 37937 , दिनांक 13.12.2023 के क्रम में उत्तराखण्ड सरकारी सेवक त्याग - पत्र नियमावली, 2003 मे निहित प्राविधानों के अन्तर्गत्त डा० पल्लवी टोलिया, स्त्रीरोग विशेषज्ञ , महिला चिकित्सालय हल्द्वानी , नैनीताल का त्याग पत्र दिनांक 06.01.2024 से स्वीकृत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
आज्ञा से, अमनदीप कौर, अपर सचिव ।
पी०एस ०यू० (आर ०ई०) 03 हिन्दी गजट / 03 - भाग 1-2024 (कम्प्यूटर /रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/DO/DDN /30/2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
December 18 , 2023
No. 404/XIV-14/Admin.A/2008 --Shri Dharmendra Singh Adhikari , the then 3rd Additional District & Sessions Judge , Dehradun presently posted as 4th Additional District & Sessions Judge , Dehradun is hereby sanctioned medical leave for 11 days w.e.f. 07.10.2023 to 17.10.2023 ..
ByOrder ofHon'ble the Administrative Judge , Sd/- Registrar (Vigilance) .
NOTIFICATION
December 18, 2023
No. 405/XIV/a - 36/Admin.A/ 2018--Ms . Tanuja Kashyap , Civil Judge ( Jr. Div. ) Nainital is hereby sanctioned child care leave for 20 days w.e.f. 11.09.2023 to 30.09.2023 with permission to prefix 09.09.2023 &10.09.2023 as second Saturday and Sunday holidays respectively and suffix 01.10.2023 and 02.10.2023 as Sunday and Mahatma Gandhi holidays respectively.
By Order ofHon'ble the Administrative Judge , Sd/- Registrar General .
15-ख 16
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30. 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
December 22, 2023
No. 406/UHC/Admin.A- 2/2023--Vide letter No. 523 /XXX( 4 )/ 2023-04 ( 27 ) / 2023 dated 22.12.2023, Shri Karmendra Singh Additional Secretary , Personnel & Vigilance Section - 04 , Government of Uttarakhand has communicated to this Hon'ble Court that Technical Resignation of Ms. Shristi Shukla , Judicial Magistrate - II , Dehradun has been accepted w.e.f. afternoon of 22.12.2023 to join U.P. Judicial Service . The above stated letter reads as under:
" उपरोक्त विषय से संबंधित आपके पत्र दिनांक 05 दिसम्बर, 2023 के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तराखण्ड सरकारी सेवक त्यांग पत्र नियमावली, 2003 के नियम-2 के खण्ड (दो) के परन्तुक में दी गयी व्यवस्थानुसार, नोटिस की बाध्यता से छूट प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में योगदान दिये जाने हेतु सुश्री सृष्टि शुक्ला, द्वितीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, देहरादून का, इस आदेश के जारी होने के दिनांक के अपराहन से तकनीकी त्याग पत्र स्वीकार किया जाता है ।
NOTIFICATION
December 22, 2023
No. 407/UHC /Admin.A- 2/ 2023--Vide letter No. 524 /XXX( 4 ) / 2023-04( 27 ) /2023 dated 22.12.2023, Shri Karmendra Singh Additional Secretary, Personnel & Vigilance Section - 04 , Government of Uttarakhand has communicated to this Hon'ble Court that Technical Resignation of Ms. Shaifali Chandravanshi , Judicial Magistrate- III , Dehradun has been accepted w.e.f. afternoon of 22.12.2023 to join U.P. Judicial Service. The above stated letter reads as under:
" उपरोक्त विषय से संबंधित आपके पत्र दिनांक 12 दिसम्बर, 2023 के क्रम में मुझे यह कहुने का निदेश हआ है कि उत्तराखण्ड सरकारी सेवक त्याग पत्र नियमावली, 2003 के नियम-2 के खण्ड (दो) के परन्तुक में दी गयी व्यवस्थानुसार, नोटिस की बाध्यता से छूट प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में योगदान दिये जाने हेतु सुश्री शैफाली चन्द्रवंशी, तृतीय न्यायिक .. मजिस्ट्रेट, देहरादून का, इस आदेश के जारी होने के दिनांक के अपराह्न से तकनीकी त्याग पत्र स्वीकार किया जाता है ।
भवदीय, कर्मेन्द्र सिंह , अपर सचिव"
ByOrder ofHon'ble the Acting Chief Justice, Sd/-
ASHISH NAITHANI , Registrar General .
भाग 1-क]
17 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
December 23, 2023
No. 408/XIV- a - 31/Admin.A/ 2016--Shri Vishal Vashisht , Civil Judge ( Jr. Div. ) Joshimath District Chamoli is hereby sanctioned earned leave for 13 days w.e.f. 09.10.2023 to 21.10.2023 with permission to prefix 08.10.2023 as Sunday holiday and suffix 22.10.2023 to 24.10.2023 as Dussehra holidays .
NOTIFICATION
December 23, 2023
No. 409 /XIV- a -43/Admin.A/ 2015 --Ms. Mamta Pant, 5th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) Dehradun is hereby sanctioned medical leave for 09 days w.e.f. 16.09.2023 to 24.09.2023 .
ByOrder ofHon'ble the Administrative Judge, Sd/-
Registrar General.
NOTIFICATION
December 27, 2023
No. 410/ XIV- a - 22/Admin.A/ 2011--Ms . Rinky Sahni , Civil Judge (Sr. Div. ) Dehradun is hereby sanctioned Child Care leave for 21 days w.e.f. 25.09.2023 to 15.10.2023 with the permission to prefix 24.09.2023 as Sunday holiday.
NOTIFICATION
December 27, 2023
No. 411 /XIV- a - 28/Admin.A/ 2020--Ms . Jasmeet Kaur, Civil Judge (Jr. Div. ) Ranikhet District Almora ishereby sanctioned Child Care leave for 41 days w.e.f. 11.09.2023 to 21.10.2023 with permission to prefix 10.09.2023 as Sunday holiday and suffix 22.10.2023 to 24.10.2023 as Dussehra holidays .
NOTIFICATION
December 27, 2023
No. 412/XIV- a /45/Admin.A/ 2012 --Ms . Lalita Singh , Additional Judge , Family Court , Rishikesh, District Dehradun is hereby sanctioned child care leave 23 days w.e.f. 05.09.2023 to 27.09.2023 with permission to suffix 28.09.2023 as Milad - Un - Nabi holiday.
NOTIFICATION
December 27, 2023
No. 413 /XIV- 35/Admin.A/ 2008--Shri Ramesh Singh , Chief Judicial Magistrate , Nainital is hereby sanctioned medical leave for 14 days w.e.f. 20.11.2023 to 03.12.2023.
18
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
December 27, 2023
No. 414/XIV - a/ 34/Admin.A/ 2012 --Ms . Niharika Mittal Gupta , 1st Additional Chief Judicial Magistrate , Dehradun is hereby sanctioned earned leave for 15 days w.e.f. 16.11.2023 to 30.11.2023 with permission to prefix 11.11.2023 to 14.11.2023 as Deepawali holidays and 15.11.2023 as local holiday respectively.
NOTIFICATION
December 28, 2023
No. 415 /XIV/ 50/Admin.A-- Shri Pradeep Pant, District & Sessions Judge , Dehradun is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 03.10.2023 to 12.10.2023.
NOTIFICATION
December 28, 2023
No. 416/XIV - 2/Admin.A/ 2008 -- Shri Pradeep Kumar Mani , Judge , Family Court , Tehri Garhwal ishereby sanctioned earned leave for 06 days w.e.f. 16.10.2023 to 21.10.2023 with permission to prefix 14.10.2023 & 15.10.2023 as second Saturday and Sunday holidays respectively and suffix 22.10.2023 to 24.10.2023 as Dussehra holidays.
NOTIFICATION
December 28, 2023
No. 417/XIV- a - 22 /Admin.A/ 2011--Ms . Rinky Sahni , Civil Judge ( Sr. Div. ) Dehradun is hereby sanctioned maternity leave for 180 days w.e.f. 20.03.2023 to 15.09.2023 .
ByOrder of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar (Vigilance) .
पी०एस०यू० (आर० ई०) 03 हिन्दी गजट / 03-भाग 1 -क-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 /2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
Inthe educational certificate of my daughter Rachel High School Board ICSC year 2014 Unique ID 5756662 my name Pooja is wrongly entered , Correct name is Pooja Masih. In future my daughter should be known as Rachel D/ o Pooja Masih W/ o Mukesh Masih .
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Pooja Masih W/ o Mukesh Masih Resident Seventh Day Adventist Inter College, Ashafnagar Roorkee , Haridwar Uttarakhand.
सूचना
मैं जुगेंद्री देवी माता जी नं. JC- 779330K नायब सूबेदार सिंह देवराज चौधरी यूनिट 606 EME BN पिन 906606 , C/O 56 APO मेरे पुत्र के सर्विस रिकॉर्ड मे मेरा नाम Jugandri Devi गलत दर्ज है , जबकि मेरा सही नाम Jugendri Devi है ।
समस्तविधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Jugendri Devi C/ o नायब सूबेदार सिंह देवराज चौधरी 119 Fd Wksp Coy EME , Pin - 906119 C/ o 56 APO , Roorkee , Distt.- Haridwar .
11 -ट 12
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
सूचना
मेरे पुत्र की हाईस्कूल की मार्कशीट में त्रुटिवश पुत्र का नाम अमन दर्ज हो गया है जबकि पुत्र का सही नाम अमन सिंह है । भविष्य में पुत्र को अमन सिंह के नाम से जाना जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
विक्रम सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह निवासी- ग.नं. 69अम्बेडकर कालोनी प्रथम, डी.एल.रोड़, देहरादून उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरा नाम विवाह से पूर्व निशि रावत (Nishi Rawat ) पुत्री श्री विश्वेश्वर सिंह रावत था विवाह के पश्चात्मैंने अपना नाम प्राज्ञीका हीत बिष्ट कर लिया है , भविष्य में मुझे ( Pragyeeka Heet Bisht) पत्नी श्री कविन्द्र हीत बिष्ट के नाम से जाना, पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Pragyeeka Heet Bisht पत्नी श्री कविन्द्र हीत बिष्ट निवासी 61 न्यू कालोनी बल्लूपुर देहरादून ।
सूचना
कुछ शैक्षिक अभिलेखों में मेरा नाम पूनम रानी तथा कुछ में पूनम चौधरी अंकित है जबकि वर्तमान में मेरा प्रचलित नाम पूनम चौधरी है अतः भविष्य में मुझे पूनम चौधरी पत्नी श्री लोकेश कुमार निवासी कपूरी निवास निकट चौधरी कॉम्पलैक्स , हरिद्वार रोड, लक्सर हरिद्वार के नाम से जाना-पहचाना पढ़ा व लिखा जाए ।
पूनम चौधरी पत्नी श्री लोकेश कुमार निवासी कपूरी निवास निकट चौधरी कॉम्पलैक्स, हरिद्वार रोड , लक्सर हरिद्वार 13 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30. 1945 शक सम्वत्)
कार्यालय- नगर निगम, काशीपुर जिला- ऊधमसिंह नगर
हाट बाजार हेतु उपविधि
21 फरवरी , 2023 ई ०
पत्रांक 1802/ मु0कार्यालय /2022-23 - नगर निगम काशीपुर, जिला ऊधमसिंह नगर (उत्तराखण्ड) ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 ( यथा प्रवृत्त उत्तराखण्ड) की धारा 541 के अन्तर्गत नगर निगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित हाट बाजार सम्बन्धी एवं नगर निगम सम्पत्ति / सरकारी सम्पत्ति पर लगने वाले फड़ / ठेला आदि से तहबाजारी शुल्क वसूली एवं नगर निगम सम्पत्ति/ सरकारी सम्पत्ति पर अस्थायी अतिक्रमण बाबत् जुर्माना लगाये जाने का निर्णय लिया गया है ।
अतः इस विज्ञप्तिके प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर आपत्ति नगर आयुक्त, नगर निगम काशीपुर को सम्बोधित करते हुए कार्यालय नगर निगम काशीपुर में प्रस्तुत किये जा सकते है, नियत अवधिके उपरान्त प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहींकिया जायेगा।
नगरनिगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाले हाट बाजार हेतु उपविधि
01- नगरनिगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाले हाट बाजार हेतु उपविधि विद्यमान उपविधियों को अतिक्रमित करते हुए, यह उपविधि नगर निगम काशीपुर की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित हाट बाजार कोनियन्त्रित करने हेतु निजी सम्पत्ति पर हाट बाजार हेतु उपविधि वर्ष 2023 कहलायेगी जो यह गजट प्रकाशन की तिथि से प्रभावीहोगी ।
02- परिभाषा:-
(क)- अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश अधिनियम 1959 यथा प्रभावी उत्तराखण्ड से है।
(ख)- नगर निगम सीमा से तात्पर्य नगर निगम काशीपुर हेतु शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्र से है ।
नगर आयुक्तका तात्पर्य नगर निगम काशीपुर में शासन के कार्मिक विभाग से तैनात नगर आयुक्त से है । (ग)-
(घ)- मेयर का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित मेयर( महापौर) सेहै ।
प्रशासक का तात्पर्य राज्य सरकार द्वारा मेयर के स्थान पर नामित अधिकारी से होगा ।
(ङ) -
(च)- बोर्ड कातात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित बोर्ड से है।
(छ)- शासन से तात्पर्य उत्तराखण्ड शासन से है ।
(ज)- प्रतिवर्षसे तात्पर्य वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च तक है ।
03- नगरनिगम, काशीपुर की सीमा के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी निजी सम्पत्ति पर हाट बाजार लगाने हेतु नगर निगम, काशीपुर द्वारा इस उपनियम के तहत निर्धारित शुल्क का भुगतान कर अनुमति उपरान्त ही हाट बाजार का स्थापन/संचालन कर सकते हैं ।
04- निजी सम्पत्ति पर हाट बाजार संचालन हेतु नगर निगम, काशीपुर द्वारा नगरान्तर्गत व्यवसाय करने हेतु जारी किये जाने वाला ट्रेड लाईसेन्सप्राप्त करना अनिवार्य होगा । 05- हाट बाजार संचालन हेतु निम्नानुसार व्यवस्थाएं हाट बाजार संचालक द्वारा स्वयं की जानी अनिवार्य होंगी:-
(1) पार्किंग हेतु पर्याप्त क्षेत्र (बाजार लगने वाले कुल क्षेत्र का 10 से 15 प्रतिशत)
बाजार में संचरण हेतु पथ मार्ग/रास्ता (बाजार लगने वाले कुल क्षेत्र का 20 से 25 प्रतिशत) (2)
(3) पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था ।
(4) शौचालय कीव्यवस्था (महिला/पुरूष के लिए पृथक-पृथक)
(5) दुकानदारोंके लिएविद्युत संयोजन तथा स्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था।
(6) अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था।
(7) सुरक्षा की दृश्टि से सी० सी० टी०वी० व पर्याप्त कैमरे तथा इसका कम- से- कम 01 माह के बैकअप की व्यवस्था कीजाये।
(8) बाजार का अधिकृत मानचित्रकार द्वारा बना नक्शा प्रस्तुत करना होगा ।
(9) बाजार में लगने वाले सभी फड़ व्यवसायियों को प्रस्तावित दुकानों की लम्बाई, चैड़ाई के अनुसार निर्धारित दर सार्वजनिक स्थल पर दृश्यव्य स्थान पर बड़े अक्षरों में जिसे कि आसानी से पढ़ा जा सके, प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। जिसकी एक प्रतिनगर निगम कार्यालय में जमा करनी अनिवार्य होगी ।
(10) हाट बाजार का प्रबन्धन एवं संचालन इस प्रकार किया जायेगा कि बाजार से लगे हुए सार्वजनिक मार्ग में यातायात किसी भी प्रकार से बाधित न हो । हाट बाजार के कारण यातायात बाधित होने पर लाईसेन्स प्राप्तकर्ता नियमानुसार दण्ड का भागी होगा, द्वितीय बार दण्ड की धनराशि दुगनी होगी ।
14
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
[ भाग 8
( 11) बाजार सम्बन्धी भूमि के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे एवं यदि भूमि किराये पर ली गयी है, तो नॉन ज्यूडिशल शपथ पत्र पर किरायानामा प्रस्तुत करना होगा ।
06- हाट बाजार का समय-समय पर/आवश्यकतानुसार निरीक्षण करने का अधिकार नगर आयुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (सहायक नगर आयुक्त/कर अधीक्षक/कर निरीक्षक) को होगा।
07- हाट बाजार मेंकिसी भी सामग्री की बिक्री प्रतिबन्धित पॉलीथीन/प्लास्टिक/थर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादोंमें नहीं कीजायेगी तथा प्रतिबन्धित पॉलीथीन/प्लास्टिक/थर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादों का उपयोग किये जाने पर नियमानुसार जुर्माना आरोपित किया जायेगा।
08- नगर निगम सीमान्तर्गत लगने वाले हाट बाजार में कोई भी व्यक्ति/संस्था ऐसी वस्तुओं का व्यवसाय नहीं करेगा जिस पर राज्यसरकार/ शासन द्वारा पूर्ण निशेध किया जा चुका हो।
09- केन्द्रया राज्यसरकार या अन्य विधिनिहित संस्था केके द्वारा निगम केके नियन्त्रण हेतु लाईसेन्स इन उपविधियों से भिन्न होंगे। 10- निजी सम्पत्ति पर व्यक्ति/संस्था द्वारा हाट बाजार संचालन हेतु नगर निगम में कर-विभाग के दुकान किराया
अनुभाग में शुल्कजमा करना अनिवार्य होगा । जिस हेतु निम्न शुल्क देय होगा: -
01- सप्ताह में एक दिन लगने वाले हाट बाजार हेतु: -
(01से 50 तक दुकानें/फड़ होने पर) रू0 60,000/- (साठ हजार) प्रतिवर्ष
(51से 100 तक दुकानें/फड़ होने पर) रू0 1,00,000/- (एक लाख) प्रतिवर्ष
(101से अधिक दुकानें/फड़ होने पर) रू01,30,000/-(एक लाख तीस हजार) प्रतिवर्ष 02- सप्ताहमें दो दिन लगने वाले हाट बाजारों हेतुः-
रू0 1,20,000/- (एक लाख बीस हजार) प्रतिवर्ष (01से 50 तक दुकानें/फड़ होने पर)
(51से 100 तक दुकानें/फड़ होने पर) रू0 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार) प्रतिवर्ष
( 101से अधिक दुकानें/फड़ होने पर) रू0 2,20,000/- (दो लाख बीस हजार) प्रतिवर्ष 03- सप्ताह में तीन दिन या तीन दिन से अधिक दिन लगने वाले हाट बाजारों हेतुः-
(01से 50 तक दुकानें/फड़ होने पर) रू0 1,80,000/-(एक लाख अस्सी हजार) प्रतिवर्ष
रू0 1,60,000/- (एक लाख साठ हजार) प्रतिवर्ष (51से 100 तक दुकानें/फड़ होने पर)
(101से अधिक दुकानें/फड़ होने पर) रू0 2,50,000/-(दो लाख पचास हजार) प्रतिवर्ष 11- नियम-10 में निर्धारित शुल्क का 25 प्रतिशत जमा करने के उपरान्त ही लाईसेन्स देय होगा।
12- नियम-10के उपनियम (1,2,3) में अंकित शुल्क में प्रतिवर्ष15 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी।
13- उपविधि द्वारा लिए जाने वाले शुल्क की धनराशि पूर्णांक में नहीं होने पर निकटतम अधिकतम पूर्णांक के रूप में गणना कीजायेगी।
14- हाट बाजार में आने वाले बाहरी व्यक्तियों (उत्तराखण्ड से पृथक) का अभिलेखीय सत्यापन अनिवार्य होगा।
15- मांस की बिक्री हेतु लगने वाली दुकानों एवं फड़ों में प्रत्येक प्रकार के मांस का रख- रखाव विक्रय मानकों के अनुरूप किया जाना भी अनिवार्य होगा ।
16- हाट बाजार की कुल राशि को दो समान किस्तों में माह अप्रैल व जुलाई में जमा कराना अनिवार्य होगा। अपरिहार्य परिस्थिति में नगर आयुक्त की अनुमति से साधारण ब्याज के साथ किस्त जमा की जा सकती है, परन्तु उसमें दो माह से अधिक का विलम्ब स्वीकृत नहींहोगा ।
हाट बाजार लगाये जाने हेतु उपरोक्त शर्तों में से किसी एक शर्त का भी उल्लंघन करने पर बाजार लगाये जाने वाले व्यक्ति/संस्था पर 25,000/- तक का अर्थदण्ड लगाया जा सकता है । आरोपित शर्तों का तीन बार से अधिक उल्लंघन करने पर अनुज्ञप्तिनिरस्त की जायेगी । अर्थदण्ड को यदि व्यक्ति/ संस्था द्वारा निगम कोष में नहीं जमा किया जाता है , तो भू- राजस्व की भांति वसूलाजायेगा।
तहबाजारी उपविधि
01- तहबाजारी उपविधि इस सम्बन्ध में विद्यमान उपविधियों को अतिक्रमित करते हुए, यह उपविधि नगर निगम काशीपुर कीसम्पूर्ण सीमाके अन्तर्गत तहबाजारी वसूली हेतु तहबाजारी वसूली हेतु उपविधि वर्ष 2023 कहलायेगी जो यह गजट प्रकाशन कीतिथिसे प्रभावी होंगे ।
02-परिभाषा:-
(क) - अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश अधिनियम 1959 यथा प्रभावी उत्तराखण्ड से है।
(ख)- नगर निगम सीमा से तात्पर्य नगर निगम काशीपुर हेतु शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्र से है ।
भाग 8 ]
15 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० ( पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
( ग)- नगर आयुक्त का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर में शासन के कार्मिक विभाग से तैनात नगर आयुक्तसे है ।
(घ)- मेयर का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित मेयर(महापौर) से है ।
(ड़)- प्रशासक कातात्पर्य राज्य सरकार द्वारा मेयर के स्थान पर नामित अधिकारी से होगा।
(च)- बोर्ड का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित बोर्ड से है।
(छ)- शासन का तात्पर्य उत्तराखण्ड शासन से है ।
(ज)- प्रतिवर्ष कातात्पर्य वित्तीय वर्ष01 अप्रैल से 31 मार्च तक है ।
(झ) - तहबाजारी शुल्क का तात्पर्य नगर निगम सीमान्तर्गत फड़, ठेले, पटरी, सड़क, निजी भूमि (वैध/अवैध),
सरकारी भूमि पर व्यापार करने वालों से नगर निगम द्वारा लिये जाने वाले दैनिक शुल्क से होगा।
(ञ)- फड़ से तात्पर्य लकड़ी या किसी धातु से बना स्ट्रक्चर, सड़क के किनारे जमीन पर खुले में बैठकर व्यवसाय
करने वाले व्यक्तिया व्यक्तियों द्वारा फल, सब्ज़ी, खाने की सामग्री एवं अन्य वस्तुएं आदि (प्रतिबन्धित वस्तुओं
कोछोड़ते हुए) काव्यापार करने हेतु उपयोग किया जा रहा है ।
(ट)- ठेला से तात्पर्य- ऐसे व्यवसायी से है, जो बिना किसी स्थायी निर्मित संरचना के अस्थायी या चलायमान दुकानपर
सामग्री रखकर बिक्री करता है ।
03- तहबाजारी शुल्क रसीद नियम-2 के उपनियम(झ) में परिभाशित शुल्क हेतु नगर निगम से शुल्क प्राप्ति के सम्बन्ध में दी
जाने वाली रसीद से है । इस रसीद से व्यापारी के सम्बन्धित व्यापार स्थल पर कोई अधिकारी आरोपित नहींहोंगे ।
04- फड़/ठेला स्वामियों से लिये जाने वाला तहबाजारी शुल्क निम्नानुसार है: -
05- तहबजारी शुल्कः-
(1) 4x6 वर्ग फिट फड़/ठेला = 50 रू ० प्रतिदिन। ( 24 वर्ग फिट तक)
(2) 6x 8 वर्गफिट फड़/ठेला = 75 रू० प्रतिदिन (25 वर्ग फिट से 48 वर्ग फिट तक)
(3) 6 x 8वर्गफिटसे अधिक फड़/ठेला = 150 रू ० प्रतिदिन। ( 48 वर्ग फिट से अधिक)
06- नियम-6 के उपनियम ( 1,2,3) में अंकित शुल्क में प्रतिवर्ष10 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी । फड़/ठेला व्यवसायी द्वारा
सामान की बिक्री प्रतिबन्धित पॉलीथीन/ प्लास्टिक थर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादों में नहीं की जायेगी तथा
प्रतिबन्धित पॉलीथीन/प्लास्टिक थर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादों का उपयोग किये जाने पर नियमानुसार जुर्माना
आरोपित किया जायेगा ।
07- उपविधि द्वारा लिए जाने वाले शुल्क की धनराशि पूर्णांक में नहीं होने पर निकटतम अधिकतम पूर्णांक के रूप
में गणना की जायेगी।
08- जिस दिवस में पूरे 24 घण्टे व्यवसाय नहीं करने पर उस दिवस की तहबाजारी देय नहीं होगी, दिन के किसी भी भाग में
व्यवसाय करने पर तहबाजारी देय होगी ।
10- फड़/ठेला स्वामी द्वारा नगर निगम, काशीपुर द्वारा व्यापार करने हेतु जारी किये जाने वाला ट्रेड लाईसेन्स प्राप्त करना
अनिवार्यहोगा ।
11- खाद्य सामग्री, फास्टफूड आदि सम्बन्धी व्यवसाय करने वाले फड़/ठेला/फूड वैन व्यवसायी को अपने आस- पास सफाई
व्यवस्था एवं सूखा, गीला कूड़ा निस्तारण हेतु पृथक- पृथक डस्टबिन ठेले पर लगाना अनिवार्य होगा, अन्यथा की स्थिति में
सार्वजनिक स्थल पर थूकना एवं कूड़ा फेंकना प्रतिशेध अधिनियम 2016 की सम्यक धाराओं के अन्तर्गत अर्थदण्ड
आरोपित किया जायेगा (सार्वजनिक स्थल पर अतिक्रमण उपविधि-2023) 1
12- हाट बाजार में फड़/ठेला स्वामी द्वारा व्यवसाय इस तरह से किया जाये कि सफाई व्यवस्था में बाधा, जन सामान्य के
आवागमनमें बाधा एवं अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो , ऐसा होने की स्थिति में नियमानुसार जुर्माना आरोपित करते हुए
सम्बन्धित सामान को जब्त करने की कार्यवाही कीजायेगी ।
13- तहबाजारी वसूली नगर निगम सीमान्तर्गत व्यापार करने हेतु की जाती है, इसके अन्तर्गत दी जाने वाली तहबाजारी की
रसीद सम्बन्धित का उस स्थान पर कब्जा, स्थायी कब्जा या स्वामित्व निर्धारित नहीं करेगी ।
अतिक्रमण उपविधि
नगरनिगम भूमि, भवन, सम्पत्ति (वाहन, पार्क, पोल आदि) मार्ग आदि पर अस्थायी अतिक्रमण करना प्रतिशेध उपविधि-2023 नगरनिगम भूमि, भवन, सम्पत्ति (वाहन, पार्क, पोल आदि) मार्ग आदि पर अस्थायी अतिक्रमण करना प्रतिशेध उपविधि 01- विद्यमान उपविधियों को अतिक्रमित करते हुए, यह उपविधि नगर निगम, काशीपुर की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत भूमि, भवन, सम्पत्ति(वाहन, पार्क, पोल आदि) मार्ग आदि पर अस्थायी अतिक्रमण करना प्रतिशेध उपविधि-2023 कहलायेगी जो यह गजटमें प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।
16
[ भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
02-परिभाषा:-
(क) - अधिनियम कातात्पर्य उत्तर प्रदेश अधिनियम 1959 यथा प्रभावी उत्तराखण्ड से है ।
(ख)- नगरनिगम सीमा से तात्पर्य- नगर निगम काशीपुर हेतु शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्र से है।
(ग)- नगर आयुक्तका तात्पर्य नगर निगम काशीपुर मेंशासन के कार्मिक विभाग से तैनात नगर आयुक्त से है।
(घ)- मेयर कातात्पर्य नगरनिगम काशीपुर के निर्वाचित मेयर (महापौर) सेहै ।
(ड) - प्रशासक का तात्पर्य राज्य सरकार द्वारा मेयर के स्थान पर नामित अधिकारी से होगा ।
(च)- बोर्डका तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित बोर्ड से है ।
(छ)- शासन से तात्पर्य उत्तराखण्ड शासन से है ।
(ज)- प्रतिवर्ष से तात्पर्य वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च तक है ।
03- नगरनिगमके भूमि, भवन, सम्पत्ति मार्ग आदि पर अतिक्रमण कर उपयोग करने/ व्यापार करने एवं सार्वजनिक कार्यों में बाधा डालने वाले व्यक्ति को प्रथम दृश्ट्या मौखिक रूप से नगर निगम के नगर आयुक्त, उनके प्रतिनिधि द्वारा भूमि, भवन, रास्ते को तत्काल प्रभाव से जुर्माना आरोपित करते हुए खाली करने के निर्देश दिये जायेंगे ।
04- अतिक्रमी के लिए स्थल, भवन, मार्ग खाली करना बाध्यकारी होगा ।
05- दूसरी बार अतिक्रमण करते हुए पाये जाने पर जुर्माने की रकम दुगनी होगी।
06- अतिक्रमण स्थल से जब्त की हुई वस्तुएं नगर आयुक्त के निर्णयानुसार 0, 15 , 30 दिन तक जब्त रखते हुए जुर्माने के बराबर की धनराशि जमा कराकर छोड़ी जायेगी।
07- नियम-3के अन्तर्गत आरोपित जुर्माना निम्नानुसार होगा: -
( 1) ठेले (चलायमान) द्वारा अतिक्रमण रू0 100/- प्रति ठेला
(2) फड़ खोखा द्वारा रोड पटरी पर अतिक्रमण रू0 200 /- प्रति ठेला
(3) रोड/पटरी पर दुकान द्वारा अतिक्रमण -रू0 100/- प्रति वर्ग फुट
(4) किसीस्थायी दुकानदार के सामने पटरी पर, ठेले पर अतिक्रमण की दशा में ठेले से रू0 100/-
जबकि दुकानदार से रू0 100/- प्रति वर्ग फुट ।
08- विवाद की स्थिति मेंस्थानीय न्यायालय, काशीपुर का क्षेत्राधिकार रहेगा ।
09- उपविधि द्वारा लिए जाने वाले शुल्क की धनराशि पूर्णांक में नहीं होने पर निकटतम अधिकतम पूर्णांक के रूप मेंगणना कीजायेगी ।
10- अर्थदण्डके बाद भी खाली न करने पर बलपूर्वक खाली कराये जाने पर होने वाला व्यय तत्समय में प्रभावी बाजार दर से वसूला जायेगा ।
11- अर्थदण्डकी धनराशिया अतिक्रमण हटाने में होने वाले व्यय की धनराशि या दोनों जमा न करने पर धनराशि भू- राजस्व की भांति वसूल की जायेगी ।
12- अर्थदण्ड आरोपित/निर्धारित करने की शक्ति नगर आयुक्त या नगर आयुक्त द्वारा इस हेतु प्राधिकृत अधिकारी को होगी ।
स्थानःकाशीपुर
दिनांकः 09.10.2023
ऊषा चौधरी,
विवेक राय,
महापौर,
नगर आयुक्त,
नगर निगम काशीपुर ।
नगर निगम, काशीपुर ।
भाग 8 ]
17 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
पशुओं उपविधि
मा० उच्चन्यायालय, नैनीताल के आदेशों के अनुरुप, पालतू श्वानपशुओं के अनुज्ञाकरण एवं नियमन हेतु प्रस्तावित नियमावली का आलेख
Proposed Draft Rules for Licensing & Regulation of Pedigreed Pet Dogs , in compliance to orders from Hon'ble Nainital High Court 18
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल के आदेशों के अनुरूप पालतू श्वानपशुओं के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु आदर्श नियमावली के सृजन हेतु विभिन्न कानूनी प्राविधानों, मा० उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली एवं मा ० उच्च न्यायालयों द्वारा
निर्गतविभिन्न मार्गदर्शी निर्णयों की सन्दर्भ सूची (Reference List):-
Reference विषय
पृष्ठ सं०
प्रस्तावित आदर्श नियमावली
Reference-1
20 मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा जनहित याचिका संख्या 84/17 (गिरीश चन्द्र खोलिया बनाम उत्तराखण्ड सरकार) पर दिनांक 14 जून, 2018 को निर्गत अन्तरिम आदेश
Reference-2
20 दिनांक 02 जुलाई 2018 को मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत बैठकके कार्यवृत्त (बिन्दु संख्या - 4)
Reference-3
20 मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन स्तर से निर्गत शासनादेश संख्या 560/XV- 1 /18/4 (20) /2017 पशुपालन अनुभाग-1 दिनांक 17 जुलाई, 2018
Reference-4
20 दिनांक 08 फरवरी, 2019 को सचिव शहरी विकास, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत प्रान्तीय श्वानपशु बन्ध्यकरण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक के कार्यवृत्त (बिन्दु संख्या-5)
Reference-5
20-21 दिनांक 04 सितम्बर, 2020 को सचिव शहरी विकास , उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत प्रान्तीय श्वानपशु बन्ध्यकरण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक के कार्यवृत्त (बिन्दु संख्या-8)
Reference-6
21 भारत सरकार द्वारा प्राख्यापित, पशु क्रूरता निवारण, श्वानपशु प्रजनन एवं विपणन नियम, 2017 (Prevention of Cruelty to Animals, Dog Breeding and Marketing Rules, 2017)
Reference-7
21-23 भारत सरकार द्वारा प्राख्यापित, पशु क्रूरता निवारण, पालतूपशु दुकान नियम, 2018 (Prevention of Cruelty to Animals , Pet Shop Rules , 2018)
Reference-8
23-24 भारत सरकार द्वारा प्राख्यापित, पशु क्रूरता निवारण, केस विषयक पशुओं की देखरेख एवं भरण-पोषण नियम, 2017 ( Prevention of Cruelty to Animals , Care & Maintenance of Case Property Animals Rules, 2017
Reference-9
24 भारत सरकार द्वारा प्राख्यापित, पशु जन्म नियंत्रण (श्वानपशु) नियम, 2001 (Animals Birth Control (Dog) Rules, 2001
Reference - 10
24 पीडाविहीन रीति से दयामृत्यु दिये जाने के क्रम में भारतीय जीव- जन्तु कल्याण बोर्ड की मार्गदर्शिका(Euthanasia Guidelines from AWBI )
Reference- 11A
24 पशु जन्म नियंत्रण (श्वानपशु) नियम, 2001 (Animals Birth Control (Dog) Rules , 2001 के अनुरुप श्वानपशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किये जाने के क्रम में मा० उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों निर्गत आदेश -Order dated 18th Nov. , 2015 from Hon'ble Supreme Court of India on SLP No. 691 of 2009 (AWBI vs People for Elimination of Stray Troubles & others) -Order dated 04th March , 2014 from Hon'ble Nainital High Court on PIL
WP No 41 of 2013 (Gauri Maulekhi vs State of Uttarakhand & others)
Reference- 11B
24 मा० उच्च न्यायालयों द्वारा पशु जन्म नियंत्रण (श्वानपशु) नियम, 2001 (Animals Birth Control (Dog) Rules, 2001 के आलोक में, पशु कल्याण संस्थाओं के प्रतिनिधियों / पशुप्रेमियों द्वारा निराश्रित श्वानपशुओं के पशुपोषण हेतु स्थान एवं समय का निर्धारण किये जाने तथा रेजीडेन्ट वैलफेयर एसोसिएसन से विवाद के सामाधान के क्रम में निर्गत विभिन्न आदेश
-Order dated 04-02-2010 from Hon'ble Delhi High Court on Crl . M.C. 1862/2009, W.P. (Crl . ) Nos .467/2009 , 1101/2009 , 1102/2009 , 1103/2009 , 1104/2009, 1105/2009 , 1106/2009 and 1107/2009 भाग 8 ]
19 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
24 Order dated 10-05-2011 from Hon'ble Punjab -Haryana High Court on CRM No. M 13967 of 2010 (Ms Sonia Rogers vs State of Haryana And Another) -Order dated 12-07-2017 from Hon'ble Delhi High Court on LPA 301/2016 (Om Prakash Saini vs State Government of NCT Delhi & others )
Reference- 12
24 निराश्रित श्वानपशुओं के पशुपोषण हेतु स्थान एवं समय का निर्धारण किये जाने तथा रेजीडेन्ट वैलफेयर एसोसिएसन से विवाद के सामाधान हेतु मा० उच्च न्यायालय के । आदेशों के अनुपालन में भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड की मार्गदर्शिका (AWBI | Guidelinesfor Pet Owners, Colony Care Takers / Dog Feeders & Resident WelfareAssociations/ Apartment Owner's Associations 20
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30. 1945 शक सम्वत्)
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मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल के आदेशों के अनुरूप पालतू श्वानपशुओं के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु आदर्श नियमावलीके सृजन का प्रस्तावः
मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल के आदेशों के अनुरूप पालतू श्वानपशुओं के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु मा ० उच्च न्यायालय , नैनीताल द्वारा जनहित याचिका संख्या 84/17 ( गिरीश चन्द्र खोलिया बनाम उत्तराखण्ड सरकार) पर दिनांक 14 जून, 2018 को निर्गत अन्तरिम आदेश ( Reference - 1 ) के अनुपालन के क्रम में दिनांक 02 जुलाई 2018 को मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत बैठक के कार्यवृत ( Reference- 2) बिन्दु संख्या-4 तथा मुख्य संचिव, उत्तराखण्ड शासन स्तर से निर्गत शासनादेश संख्या 560 /XV- 1 /18 /4 ( 20)/2017 पशुपालन अनुभाग-1 दिनांक 17 जुलाई, 2018 ( Reference- 3 ) के अनुपालन के क्रममें, स्थानीय निकाय अधिनियमों के तहत पालतू श्वानपशुओं के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु नियमावली ( Rules for Licensing &Regulation of Pedigreed Pet Dogs ) का सृजन अपेक्षित है । इस क्रम में श्वानपशुओं से सम्बन्धित विभिन्न कानूनी प्राविधानों मा० उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली एवं मा० उच्च न्यायालयों द्वारा निर्गत विभिन्न मार्गदर्शी निर्णयों का सन्दर्भ ( reference ) लेते हुए सगग्रतापूर्ण अभिसरण ( holistic convergence ) का प्रयास करते हुए आदर्श नियमावली का आलेख प्रस्तावित है । इस क्रम में दिनांक 08 फरवरी , 2018 को सचिव शहरी विकास, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत प्रान्तीय श्वानपशु बन्ध्यकरण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक के कार्यवृत्त ( Reference -4) बिन्दु संख्या-5 एवं दिनांक 04 सितम्बर, 2020 को सचिव शहरी विकास, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत प्रान्तीय श्वानपशु बन्ध्यकरण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक के कार्यवृत्त ( Reference- 5) बिन्दु संख्या-8 के आलोक निम्नानुसार प्रस्ताव प्रेषित है: -
मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल के आदेशों के अनुरुप पालतू श्वानपशुओं के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु आदर्श नियमावली केसृजनका प्रस्ताव:
मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल द्वारा जनहित याचिका संख्या 84/17 (गिरीश चन्द्र खोलिया बनाम उत्तराखण्ड सरकार) पर दिनांक 14जून, 2018 को निर्गत अन्तरिम आदेश ( Reference- 1) के अनुपालन के क्रम में दिनांक 02 जुलाई 2018 को मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत बैठक के कार्यवृत ( Reference - 2 ) बिन्दु संख्या-4 तथा मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन स्तर से निर्गत शासनादेश संख्या 560/XV- 1/18/4 ( 20 )/ 2017 पशुपालन अनुभाग-1 दिनांक17 जुलाई, 2018 (Reference- 3) के अनुपालन के क्रम में, स्थानीय निकाय अधिनियमों के तहत पालतू श्वानपशुओं के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु नियमावली ( Rules for Licensing & Regulation of Pedigreed Pet Dogs ) का सृजन अपेक्षित है । इस क्रम में श्वानपशुओं से सम्बन्धितविभिन्न कानूनी प्राविधानों, मा० उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली एवं मा० उच्च न्यायालयों द्वारा निर्गत विभिन्न मार्गदर्शी निर्णयों का सन्दर्भ ( reference ) लेते हुए समग्रतापूर्ण अभिसरण ( holistic convergence ) का प्रयास करते हुए आदर्श नियमावली का आलेख प्रस्तावित है । इस क्रम में दिनांक 08 फरवरी 2019 को सचिव शहरी विकास, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत प्रान्तीय श्वानपशु बन्ध्यकरण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक के कार्यवृत्त ( Reference - 4) बिन्दु संख्या -5 एवं दिनांक 04 सितम्बर, 2020 को सचिव शहरी विकास, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आहूत प्रान्तीय श्वानपशु बन्ध्यकरण एवं अनुश्रवण समितिकी बैठक के कार्यवृत्त ( Reference -5) बिन्दु संख्या-8 के आलोक में निम्नानुसार प्रस्ताव प्रेषित है: -
उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 (उत्तरप्रदेश अधिनियम, संख्या-2 1959) जोकि उत्तराखण्ड राज्यान्तर्गत अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश 2002 के तहत प्रभावी है, की धारा -540 ( 1 ) के तहत राज्य की नगर निगमों के पथ- प्रदर्शन (guidance ) एवं क्रियान्वयन के निमित्त, मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल के आदेशों के अनुपालन में निम्नानुसार राज्य के नगर निगमोंके क्षेत्राधीन पालतू श्वानपशुओं के अनिवार्य अनुज्ञाकरण, नियंत्रण एवं विनियमन हेतु आदर्श नियमावली ( Model Rules) काप्राख्यापन प्रस्तावित है: -
1. सक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ-
(1.1 ) यह नियम , "पालतू श्वानपशुओं का अनुज्ञाकरण एवं नियंत्रण नियम, 2019 कहा जायेगा।
(1.2) यह नियम राजकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगा।
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(1.3) यहनियम राज्यके नगर निगम काशीपुर के क्षेत्रों के भीतर प्रभावी होगा।
(1.4) इस नियम के प्राख्यापन से पूर्व किसी विशेष नगर निगम द्वारा पूर्व में सृजित प्रचलित इस नियम के प्राख्यापन के उपरान्त निष्प्रभावी होजायेगा।
2. परिभाषा
(2.1) अधिनियम: अधिनियम से तात्पर्य उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 ( उत्तरप्रदेश अधिनियम, संख्या -2 1959 ) से है, जोकिउत्तराखण्ड राज्यान्तर्गत अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश 2002 के तहत प्रभावी है ।
( 2.2) नगर निगम: नगर निगम से तात्पर्य उत्तराखण्ड राज्यान्तर्गत स्थापित नगर निगम से है ।
(2.3) पालतू श्वानपशु: पालतू श्वानपशु से तात्पर्य नस्लीय श्वानपशुओं ( Pedigreed Pet Dogs ) से है जिन्हें उत्तराखण्ड राज्यान्तर्गत कीनगर निगमों की सीमा के भीतर निजी सुरक्षा हेतु अथवा श्वानपशु के प्रति रुचि/ पशुप्रेम के उद्देश्य से पाला जाता है ।
(2.4) निरीक्षण अधिकारी: निरीक्षण अधिकारी से तात्पर्य नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत, नगर आयुक्त द्वारा प्राधिकृत पशुचिकित्सा अधिकारीसेहै ।
(2.5) क्षेत्रीय पशुचिकित्सा : अधिकारी क्षेत्रीय पशुचिकित्सा अधिकारी से तात्पर्य नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत राजकीय पशुचिकित्सालय परनियुक्तपशुचिकित्सा अधिकारी से है ।
(2.6) अनुज्ञापित व्यक्ति अनुज्ञापित व्यक्ति से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो कि उत्तराखण्ड राज्य के नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत पालतू श्वानपशु का स्वामी हो तथा निजी सुरक्षा अथवा श्वानपशु के प्रति रुचि / पशुप्रेम के कारण श्वानपशु पाले जाने हेतु सक्षम प्राधिकारी से अनुज्ञा प्राप्त कर ली गई हो . इस क्रम में पालतूपशु दुकान ( Pet Shop ) तथा श्वानपशु प्रजनक (Dog Breeder ) भी इन शर्तों के तहत सम्मिलित है कि. पालतू पशु दुकानस्वामी ( Pet Shop Owner ) तथा श्वानपशु प्रजनक ( Dog Breeder ) द्वारा केन्द्रीय अधिनियम- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के अन्तर्गत प्राख्यापित के नियमों के तहत उत्तराखण्ड राज्य पशु कल्याण बोर्ड अन्तर्गत अनिवार्य रूप से पंजीकरण करा लिया गया हो।
(2.7)' श्वानपशु प्रजनक श्वानपशु प्रजनक से तात्पर्य ऐसे श्वानपशुस्वामी से है जिसके द्वारा केन्द्रीय अधिनियम अन्तर्गत प्राख्यापित पशु क्रूरता निवारण , श्वानपशु प्रजनन एवं विपणन नियम, 2017 ( Prevention of Cruelty to Animals, Dog Breeding and Marketing Rules , 2017) के तहत उत्तराखण्ड राज्य पशु कल्याण बोर्ड अन्तर्गत अनिवार्य पंजीकरण करा लिया गया हो (Reference-6) 1
(2.8) पालतू पशु दुकान: पालतूपशु दुकान से तात्पर्य ऐसे पालतूपशु दुकानस्वामी से है जिसके द्वारा केन्द्रीय अधिनियम अन्तर्गत प्राख्यापित " पशु क्रूरता निवारण , पालतूपशु दुकान नियम, 2018 ( Prevention of Cruelty to Animals , Pet Shop Rules, 2018) " के तहत उत्तराखण्ड राज्य पशु कल्याण बोर्ड अन्तर्गत अनिवार्य पंजीकरण करा लिया गया हो ( Reference -7) ।
(2.9) अनुज्ञा: अनुज्ञा का तात्पर्य इस नियम के अधीन प्रदत्त अनुज्ञा से है ।
(2:10) वर्ष: वर्ष से तात्पर्य वित्तीय वर्ष से है ।
( 2.11) ऐसे शब्दों/पदों जो कि इस नियम में परिभाषित नहीं है किन्तु नियम / अधिनियम में प्रयुक्त हैं, उनका वही अर्थ होगा जोकिअधिनियममें दिया गया हो।
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3. प्रतिषेध - कोई भी व्यक्ति उत्तराखण्ड राज्यान्तर्गत नगर निगम काशीपुर क्षेत्र में किसी भी भवन/ स्थान पर अपने निजी सुरक्षा हेतु अथवा अपनी श्वानपशु के प्रति रुचि/ पशुप्रेम के वजह से नहीं पालने देगा जबतक की उस व्यक्ति के द्वारा नगर निगम से पालतू श्वानपशु पालन हेतु अनुज्ञा न प्राप्त कर ली गई हो।
4. अनुशा एवं अनुज्ञा की अवधि सम्बन्धित नगर निगम अन्तर्गत प्राधिकृत निरीक्षण अधिकारी द्वारा अनुज्ञा की शर्तोंके पूर्ण होने की दशा में वित्तीय वर्ष की अवधि हेतु अनुज्ञा दी जा सकेगी किन्तु कभी भी अनुज्ञा की शर्तों का उल्लघन किये जाने पर निर्गत अनुज्ञा निलम्बित की जा सकेगी अथवा निरस्त की जा सकेगी।
5. अनुझा कीशर्तें -
(5.1) प्रत्येक श्वानपशुस्वामी द्वारा श्वानपशु प्राप्त करने / क्रय करने के 15 दिनों के भीतर अपने पालतू श्वानपशु को नगर निगम काशीपुर अन्तर्गत अनुज्ञाकरण हेतु 'प्ररूप -1' के अनुरुप आवेदन करना आवश्यक होगा ।
(5.2) निर्गत अनुज्ञा वित्तीय वर्ष के अन्त तक विधिमान्य होगी । स्वानपशुस्वामी द्वारा अपने श्वानपशु का प्रत्येक वर्ष यथासमय अनिवार्य कृमिरोधीदवापान (De- worming) के उपरान्त अनिवार्य रैबीजरोधी टीकाकरण (Anti Rabies Vaccination) के उपरान्त, अप्रैल माह में अपने पालतू श्वानपशु के अनुज्ञा के नवीनीकरण हेतु आवेदन करना आवश्यक होगा ।
(5.3) श्वानपशुस्वामी द्वारा अपने पालतू श्वानपशु को सार्वजनिक स्थानों पर सड़कों, गलियों एवं पार्क अथवा किसी भी स्थान के आस-पास खुला नहींछोड़ा जायेगा।
(5.4) श्वानपशुस्वामी द्वारा अपने श्वानपशु का उचित भरण-पोषण, देखमाल, आवासीय प्रबन्धन, रोगरोधी टीकाकरण एवं कृमिरोधी दवापान, कृमिरोधीदवास्नान एवं बीमारी की दशा में उचित निदान एवं उपचार कराया जायेगा । श्वानगृह / श्वानपशु को रखेजाने का स्थान को स्वच्छ रखा जायेगा तथा उस स्थान की प्रतिदिन भली प्रकार से घुलाई और कीटनाशको का छिड़काव किया जायेगा।
(5.5) श्वानपशुस्वामी द्वारा अपने पालतू श्वानपशु के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु सम्बन्धित नगर निगम के पक्ष में, नगर निकाय द्वारा निर्धारित अनुज्ञा शुल्क का भुगतान करते हुए, अनुज्ञा / पुनर्नवीनीकरण हेतु आवेदन किया जायेगा ।
(5.6) श्वानपशुस्वामी द्वारा अनुझा / अनुज्ञा के पुनर्नवीनीकरण हेतु आवेदन के समय , राजकीय पशुचिकित्सालय के क्षेत्रीय पशुचिकित्सा अधिकारी द्वारा सत्यापित अभिलेखों सहित आवेदन हेतु आवेदन प्रकरण प्रस्तुत करना होगा । सत्यापित अभिलेखों में सम्बन्धित पालतूश्वानपशु की त्रिआयामी फोटोग्राफ्स ( Three Side Photographs ) . व्यक्तिगत पहचान, नगर निगम द्वारा पूर्व में आबंटित टोकन नम्बर , रंग, आयु नस्ल, माइक्रोचिप संख्या (यथास्थिति उपलब्धतानुरुप), कृमिरोधी दवापान अभिलेख, रोगरोधी टीकाकरण अभिलेख, चिकित्सा अभिलेख तथा अन्य निजी देखभाल (Grooming Details) के अभिलेख सम्मिलित होंगे । श्वानपशुस्वामी के श्वानपशु प्रजनक (Dog Breeder) अथवा पालतूपशु दुकानस्वामी ( Petshop Owner ) होने की दशा में सम्बन्धित पशुस्वामी द्वारा वे सभी अभिलेख संरक्षित रखे जायेंगे जो कि केन्द्रीय अधिनियम के तहत प्राख्यापित "पशु क्रूरता निवारण, श्वानपशु प्रजनन एवं विपणन नियम, 2017 ( Prevention of Crueltyto Animals , Dog Breeding and Marketing Rules, 2017) " अथवा "पशु क्रूरता निवारण, पालतूपशु दुकान नियम, 2018 ( Prevention of Cruelty to Animals , Pet Shop Rules, 2018) में प्राविधानित है । निरीक्षण अधिकारी द्वारा अभिलेखों के परीक्षण उपरान्त, गुण- दोष के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में प्ररूप- 2के अनुरूप अनुज्ञाकरण प्रमाणपत्र निर्गत किये जाने अथवा न किये जाने हेतु संस्तुति की जायेगी जिसे नगर आयुक्त स्तर से स्वीकृतकिया जायेगा । ।
(5.7) नगर निगम द्वारा अनुज्ञा प्रदत्त पालतूश्वानपशुओं का प्ररूप-3' के अनुरुप अभिलेखीकरण किया जायेगा।
(5.8) नगर निगम द्वारा निर्गत अनुज्ञा प्रमाणपत्र अहस्तान्तरणीय होगा। यदि किन्ही परिस्थितियों में स्वानपशुओं की मृत्यु हो जाती है अथवा श्वानपशु को किसी दूसरे घर में स्थानान्तरित कर दिया जाता है. इस दशा में श्वानपशुस्वामी द्वारा 15 दिनों के भीतर भाग 8 ]
23 उत्तराखण्ड गंजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
इसकी सूचना नगर आयुक्त, नगर निगम को देना आवश्यक होगा । नवीन पशुस्वामीस्वामी द्वारा , अनुज्ञाकरण हेतु पुनः आवेदन करनाहोगा ।
(5.9) केवल श्वानपशु प्रजनक द्वारा ही श्वानपशु प्रजनन कराया जाना अपेक्षित है। किसी भी दशा में श्वानपशुस्वामी द्वारा अपने श्वानपशुओं को घर से निस्कासित ( abandon ) कर शहरी क्षेत्र में निराश्रित श्वानपशुओं की संख्या में अवांछित बृद्धि नहीं की जायेगी।
(5.10) श्वानपशुस्वामी द्वारा अनिवार्य रूप से अपने श्वानपशु का नियमित रैबीजरोधी टीकाकरण ( Regular Anti Rabies Vavccination ) कराया जायेगा।
(5.11) श्वानपशुस्वामी द्वारा आक्रामक व्यवहार वाले श्वानपशुओं ( aggressive dogs ) को सार्वजनिक स्थान पर घुमाये जाने पर, श्वानपशु की गर्दन के कॉलर को सुरक्षित प्रकार से मजबूत पट्टे के बन्धन (Sturdy Tether fitted on Neck Collar ) एवं मुखबन्ध (Muzzel ) में रखा जायेगा।
(5.12 ) श्वानपशुस्वामी द्वारा श्वानपशु को खुले में घुमाते समय सड़क पर शौच ( defication on road) नहीं कराया जायेगा ।
8. निरीक्षण का अधिकार- नगर आयुक्त द्वारा प्राधिकृत निरीक्षण अधिकारी द्वारा समय- समय पर पालतू श्वानपशुओं का कभी भी निरीक्षण किया जा सकताहै ।
7. अनुज्ञा शुल्क, विलम्ब शुल्क, अनुज्ञा की अवधि एवं शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण-श्वानपशुस्वामी द्वारा प्रत्येक श्वानपशु कीअनुज्ञा हेतु सम्बन्धित नगर निगम के पक्ष में ₹ 200/- का शुल्क जमा किया जायेगा । यह शुल्क एक वर्ष की अवधि अथवा वित्तीय वर्ष के 31 मार्च (जो भी पहले हो) तक प्रभावी होगा। श्वानपशुस्वामी द्वारा श्वानपशु की अनुज्ञा हेतु यथासमय आवेदन न किये जाने की दशा में ₹50/- प्रतिमाह की दर से विलम्ब शुल्क जमा किया जायेगा । सम्बन्धित नगर निगम के बोर्ड द्वारा समय- समय पर अनुज्ञा शुल्क तथा विलम्ब शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण किया जायेगा ।
8. अनुज्ञा प्रदत्त श्वानपशु हेतु पहचान चिन्ह टोकन अनुज्ञा निर्गत किये जाने हेतु प्राधिकृत अधिकारी द्वारा श्वानपशुस्वामी को प्रत्येक अनुज्ञा के साथ पहचान चिन्ह टोकन' निर्गत किया जायेगा जो कि पशुस्वामी द्वारा भली प्रकार से सुरक्षित रखा जायेगा तथा यथासम्भव द्वारा इस टोकन को पालतू श्वानपशु के गले में पट्टे में बांध कर रखा जायेगा । -
9. अनुज्ञाहीन तथा परित्यक्त श्वानपशुओं का जन्तीकरण, बन्ध्यकरण , रैबीजरोधी टीकाकरण एवं निस्तारण- श्वानपशुस्वामी द्वारा श्वानपशु के प्रति लापरवाही बरते जाने अथवा श्वानपशु को सार्वजनिक स्थानों पर आवारा छोड़े जाने की दशा में, कभी भी नगर निगम द्वारा आवारा श्वानपशुओं को जब्त किया जा सकता है अथवा इसे ए०बी०सी० कार्यक्रम के तहत बन्ध्यकरण शल्यचिकित्सा उपरान्त इयरनोंचिंग एवं रैबीजरोधी टीकाकरण किया जा सकता है तथा केन्द्रीय अधिनियम के तहत प्राख्यापित " पशु क्रूरता निवारण, केस विषयक पशुओं की देखरेख एवं भरण-पोषण नियम, 2017 ( Prevention of Cruelty to Animals, Care & Maintenance of Case Property Animals Rules , 2017) " के प्राविधानों के अनुरूप निस्तारण किया जा सकता है ( Reference-8)
10. अनुज्ञा का निरस्तीकरण एवं शास्ति श्वान- पशुस्वामी द्वारा अनुशा की शर्तों का उल्लघन किये जाने की दशा में अनुज्ञा का निलम्बन अथवा स्थायी निरस्तीकरण किया जा सकता है। अनुज्ञा के निलम्बन की स्थिति में, नगर आयुक्त द्वारा अनुज्ञाधारक को स्वयं का पक्ष रखे जाने हेतु युक्तियुक्त अवसर दिये जाने के उपरान्त नियमों का उल्लंघन का दोषी पाये जाने पर शमन द्वारा ₹2,000/- तक अर्थदण्ड अथवा अनुज्ञा का स्थायी निरस्तीकरण एवं अग्रेतर वैधानिक कार्यवाही भी की जा सकती हैं । श्वानपशुस्वामी द्वारा श्वानपशु को लापरवाहीवश सार्वजनिक स्थानों पर आवारा छोड़े जाने की दशा में नगर निगम द्वारा जेब्तकर लिये गये श्वानपशु को पशुस्वामी के पक्ष में अवमुक्त किये जाने हेतु र 100/- प्रति श्वानपशु प्रतिदिन की दर से भरण-पोषण एवं प्रबन्धन व्यय की अतिरिक्त वसूली की जायेगी । इस क्रम प्राविधानों का उल्लंघन किये जाने पर, ' प्ररूप -4 ' के अनुरूप आरोपित को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अर्थदण्ड का शमन कराये जाने सूचना दी जायेगी तथा तथा 'प्ररूप -5' के अनुरूप अर्थदण्ड का शमन किया जा जायेगा ।
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
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11. अर्थदण्ड तथा दैनिक भरण- पोषण / प्रबन्धन की दरों का पुनर्निर्धारण सम्बन्धित नगर निगम के बोर्ड द्वारा समय- समय पर, नगर निगम द्वारा जब्त किये गये श्वानपशु हेतु श्वानपशुस्वामी से वसूली हेतु निर्धारित अर्थदण्ड तथा दैनिक भरण- पोषण / प्रबन्धन की दरों का पुनर्निर्धारण किया जायेगा।
12.संक्रामक एवं सांस्पर्शिक रोग नियंत्रण एवं रोकथाम -श्वानपशु के संक्रामक अथवा सांस्पर्शिक रोग से ग्रस्त होने की आशंका की दशा में पशुस्वामी द्वारा केन्द्रीय अधिनियम " पशुओं हेतु संक्रामक एवं सांस्पर्शिक रोग अधिनियम , 2009 ( The Prevention & Control of Infectious & Contagious Diseases of Animals Act, 2009) " के प्राविधानों के अनुरूप रोग नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु सहयोग किया जायेगा । श्वानपशु के रैबीज रोग से ग्रस्त होने की आशंका की दशा में केन्द्रीय अधिनियम के तहत प्राख्यापित " पशु जन्म नियंत्रण (श्वानपशु) नियम, 2001 (Animals Birth Control (Dog ) Rules, 2001 ) ( Reference - 9) " के प्राविधानों के अनुरुप निस्तारण किया जायेगा है । क्षेत्रीय पशुचिकित्सा अधिकारी के परामर्शानुरूप, श्वानपशु के मृत्युकारी रूप से रोगग्रस्त अथवा घायल होने की दशा में, श्वानपशु को पीडाविहीन रीति से दयामृत्यु दिये जाने के क्रम में भारतीय जीव- जन्तु कल्याण बोर्ड की मार्गदर्शिका के अनुरूप (Euthanasia Guidelines from AWBI ) (Reference- 10) दी जा सकेगी ।
13. नवीन प्राविधानों का सृजन सम्बन्धित नगर निगम द्वारा इस नियम के प्राविधानों के अतिरिक्त नवीन उपविधियों का सृजन आवश्यक समझे जाने की स्थिति में उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 (उत्तरप्रदेश अधिनियम, संख्या-2 1959 ) जोकि उत्तराखण्ड राज्यान्तर्गत अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश 2002 के तहत प्रभावी है , की धारा-541 (25 एवं 31 ) के तहत नवीन उपविधियों का सृजन किया जा सकेगा ।
14. पशुप्रेमियों / पशुकल्याण संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा सामुदायिक श्वानपशुपोषण किये जाने के क्रम में स्थान एवं समय का निर्धारण पशु जन्म नियंत्रण (श्वानपशु) नियम, 2001 (Animals Birth Control (Dog ) Rules, 2001 (Reference- 9 ) के अनुरुप, निराश्रित श्वानपशुओं की बन्ध्यकरण शल्यचिकित्सा तथा प्रतिवर्ष रेबीजरोधी टीकाकरण हेतु प्रतिवर्ष श्वानपशुओं को सुगमता से पकड़ने हेतु पशुकल्याण संस्थाओं के प्रतिनिधियों / angenfte vandfinal (Representatives of Animal Welfare Organizations /Community Dog Feeders) से सक्रिय योगदान / सहयोग सुनिश्चित किये जाने हेतु नगर निकाय द्वारा प्रत्येक क्षेत्रविशेष हेतु निराश्रित श्वानपशुओं को भोजन दिये जाने के क्रम में स्थान विशेष का चिन्हांकन किया जायेगा तथा समयावधि का निर्धारण किया जायेगा। निर्धारित स्थान एवं समयावधि में ही, सामुदायिक श्वानपशुओं को भोजन दिये जाने की अनुमति (Permission for Community Dog , Feeding ) होगी (Reference- 11 ) । इस क्रम में भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड द्वारा दिनांक 28 फरवरी , 2015 को निर्गत मार्गदर्शिका (AWBI Guidelines for Pet Owners , Colony Care Takers/Dog Feeders & Resident Welfare Associations/ Apartment Owner's Associations ) का अनुपालन किया जाना अपेक्षित होगा ( Reference - 12 ) |
15. श्वानपशुओं द्वारा काटे जाने के प्रकरणों का समाधान- पशुकल्याण संस्थाओं के माध्यम से विधिमान्य रीति के अनुरूप श्वानपशुओं द्वारा काटे जाने के प्रकरणों के समाधान हेतु (Management of Dog Bite Cases through Animal Welfare Organization) , नगर निकाय बोर्ड द्वारा दरों का निर्धारण किया जायेगा (Reference- 1 ) 1
16. निराश्रित एवं केस प्रापर्टी श्वानपशुओं हेतु निःशुल्क अनुज्ञाकरण- मान्यताप्रदत्त पशुकल्याण संस्थाओं/ जिला अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपदीय पशु क्रूरता निवारण समिति ( District SPCA) के माध्यम से, निराश्रित एवं केस प्रापर्टी श्वानपशुओं को शरण दिये जाने अथवा गोद दिये जाने की स्थिति में, श्वानपशुओं का निःशुल्क अनुज्ञाकरण किया जायेगा (Reference- 1 )1| 25 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
17. निराश्रित एवं केस प्रापर्टी श्वानपशुओं को गोद दिये जाने के क्रम में प्रक्रिया- निराश्रित एवं केस प्रापर्टी- श्वानपशुओं कोशरण दिये जाने अथवा गोद लिये जाने की स्थिति में, " पशु क्रूरता निवारण, केस विषयक पशुओं की देख -रेख एवं भरण- पोषण नियम 2017 ( Prevention of Cruelty to Animals , Care & Maintenance of Case Property Animals Rules, 2017) के नियम-9 में वर्णित प्रक्रिया अपनायी जायेगी ( Reference -8 ) 1
18. पालतू श्वानपशुओं हेतु श्वानपशु बन्ध्यकरणशल्यचिकित्सा एवं रैबीजरोधी टीकाकरण हेतु दरों का निर्धारण- श्वानपशुस्वामी द्वारा अनावश्यक रूप से श्वानपशुओं का प्रजनन नहीं कराया जायेगा अपितु यथासम्भव छः माह की आयु के उपरान्तअपने श्वानपशु का बन्ध्यकरण शल्यचिकित्सा करा ली जायेगी। इस सम्बन्ध में नगर निकाय अन्तर्गत बृहद स्तर पर श्वानपशु बन्ध्यकरणशल्यचिकित्सा- रैबीजरोधी टीकाकरण कार्यक्रम (Animal Birth Control -Anti Rabies Vaccination Program) संचालित किये जाने पर पालतू श्वानपशुस्वामियों को श्वानपशु बन्ध्यकरणशल्यचिकित्सा एवं रैबीजरोधी टीकाकरण कीसुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु दरों का निर्धारण के क्रम में नगर निगम के बोर्ड द्वारा निर्णय लिया जायेगा (Reference- 5) 1
19. गोद दिये गये स्थानपशुओं हेतु निशुल्क स्थान बनाकरणशल्यचिकित्सा एवं बीजरोधी टीकाकरण- मान्यताप्रदत्त पशुकल्याण संस्थाओं /जिला अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपदीय पशु क्रूरता निवारण समिति (District SPCA) के माध्यम से निराश्रित एवं केस प्रापर्टी श्वानपशुओं को शरण दिये जाने अथवा गोद लिये जाने की स्थिति में, श्वानपशुओं हेतु निःशुल्क बन्ध्यंकरणशल्यचिकित्सा रेबीजरोधी टीकाकरण किया जायेगा (Reference - 1 )| 26
[ भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30 , 1945 शक सम्वत्)
(प्ररूप 1 नियम 5.1)
पालतूश्वानपशु के अनुज्ञाकरण/नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र का प्ररुप
सेवामें,
नगरआयुक्त,
नगर निगम---
महोदय,
निवेदन है कि. प्रार्थी नाम--
-निवासी-
-पुत्र श्री
--डाकखाना---
जनपद
--पुलिस थाना-
--के स्वामित्वाधीन निम्न पालतू श्वानपशु के अनुज्ञाकरण का प्रस्ताव है:-
लिंग
रंग नस्ल
पालतू श्वानपशुका नाम
---दिनांक संलग्न कर प्रेषित है।
अन्यविवरण आयु
माइक्रोचिप संख्या (यथास्थिति उपलब्धतानुरूप)
पालतूश्वानपशु हेतु अनुज्ञापत्र निर्गत किये जाने के क्रम में नगर निगम द्वारा निर्धारित आवेदन शुल्क रु०- ड्राफ्टसंख्या बैक
राजकीय पशुचिकित्सालय पर नियुक्त क्षेत्रीय पशुचिकित्सा अधिकारी द्वारा उक्त पशु से सम्बन्धित निम्न अभिलेख सत्यापित करवाकर आवेदन प्रकरण प्रेषित है: -
1. सम्बन्धित पालतूश्चानपशु की त्रिआयामी फोटोग्राफ्स (Three Side Photographs) .
2. व्यक्तिगत पहचान, नगर निगम द्वारा पूर्व में आबंटित टोकन नम्बर / माइक्रोचिप संख्या , रंग , आयु, नस्ल से सम्बन्धित अभिलेख
3. कृमिरोधी दवापान अभिलेख,
4. रोगरोधी टीकाकरण अभिलेख,
5. चिकित्सा अभिलेख तथा
6. अन्यनिजी देखभाल (Other Grooming Details )
"पालतू श्वानपशुओं का अनुज्ञाकरण एवं नियंत्रण नियम, 2019 के नियम 5.1 के अनुरूप उक्त पालतूश्वानपशु के अनुज्ञाकरण हेतु आवेदन प्रकरण प्रस्तुत है।
आवेदककानामः
आवेदकके हस्ताक्षर 27
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
भाग 8 ]
(प्ररूप 2नियम5.6)
पालतूश्वानपशुके अनुज्ञाकरण /नवीनीकरण हेतु प्रमाण पत्र का प्ररुप
अनुज्ञासंख्या:--
प्रार्थीनाम-
-पुत्र श्री-
--डाकखाना---
-निवासी-
-जनपद-
-पुलिस थाना--
केस्वामित्वाधीन निम्न पालतू श्वानपशु का " पालतू श्वानपशुओं का अनुझाकरण एवं नियंत्रण नियम, 2019 नियम 53 के अनुरूप नगरनिगम-
किया गया है: -
नस्ल
रंग
लिंग
पालतू श्वानपशुका नाम
आयु
नगर निगम द्वारा आबंटित टोकन नम्बर
संख्या (यथास्थिति माइक्रोचिप उपलब्धतानुरूप)
इस प्रकरण में समस्त अभिलेखों का परीक्षण कर लिया गया है । इसक्रम में "पालतूश्वानपशुओं का अनुज्ञाकरण एवं नियंत्रण नियम, 2019 केनियम 5.6 के अनुरूप अनुज्ञाकरण प्रमाणपत्र निर्गत कियेजाने / न कियेजाने की संस्तुती की जाती है।
निरीक्षण अधिकारी के हस्ताक्षर:
निरीक्षण अधिकारी कानाम
दिनांक एवं कार्यालय की मुहर
नगर आयुक्तके हस्ताक्षर
नगरआयुक्तका नाम
दिनांक एवं कार्यालय कीमुहर
28
[भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
(प्ररूप " 3" नियम 5.7)
पालतूश्वानपशुके अनुज्ञाकरण अभिलेख पंजिका का प्ररूप
स्थानीयनिकाय क्षेत्र का नाम
जनपदकानाम
अनुज्ञा प्रदत्त पालतू श्वानपशुओं का विवरण:-
लिंग रंग
नस्ल
अनुज्ञा संख्या
पालतू श्वानपशु का नाम
श्वानपशु स्वामी का पता
श्वानपशु स्वामी कानाम
निरीक्षण अधिकारी के हस्ताक्षर
निरीक्षण अधिकारी का नाम
दिनांक एवं कार्यालय की मुहर
आयु
माइक्रोत्तिप संख्या
(यथास्थिति उपलब्धतानुरूप) नगर निगम द्वारा आमंटित टोकन नम्बर 29 उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
भाग 8 ]
(प्ररूप "4" नियम 10)
शमन सूचना क्रमांक---
आरोपित को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अर्थदण्ड का शमन कराये जाने सूचना
-पिता का नाम-
आप
थाना---
निवासी-
-को सूचित किया जाता है कि आपके द्वारा आज दिनांक-
जिला-
समय- स्थान- पर, पालतू श्वानपशुओं का अनुज्ञाकरण एवं नियंत्रण नियम, 2019के निम्न नियमों के उल्लंघन हेतु अपराध होना पाया गया है जो लागू न हो उसे काट दें): -
(5.1 ) पालतू श्वानपशु (Pedigreed Pet Dog ) के अनिवार्य अनुज्ञाकरण हेतु आवेदन नहीं किया गया । (
5.3) पालतू श्वानपशु को सार्वजनिक स्थानों (सड़कों, गलियों एवं पार्क अथवा किसी भी स्थान पर खुला छोड़ा गया।
(5.4) पालतू श्वानपशु का उचित भरण- पोषण, देखभाल, आवासीय प्रबन्धन, रोगरोधी टीकाकरण एवं कृमिरोधीदवापान, कृमिरोधीदवास्नान एवं बीमारी की दशा में उचित निदान एवं उपचार नहीं कराया गया है तथा श्वानगृह / श्वानपशु को रखेजाने कास्थान कोस्वच्छ नहीं रखा गया ।
(5.9) श्वानपशु का अवैध प्रजनन किया गया है तथा श्वानपशु को घर से निस्कासित (abandon ) किया गया।
(5.10) श्वानपशु का नियमित रेबीजरोधी टीकाकरण ( Regular Anti Rabies Vavccination ) नहीं कराया गया।
(5.11 ) आक्रामक व्यवहार वाले श्वानपशु (Aggressive Dogs ) को सार्वजनिक स्थान ले जाते समय श्वानपशु की
गर्दन के कॉलर को सुरक्षित प्रकार से मजबूत पट्टे के बन्धन (Sturdy Tether fitted on Neck Collar ) एवं मुखबन्ध (muzzel ) नहीं रखा गया ।
(5.12) पालतू श्वानपशु को खुले में घुमाते समय सार्वजनिक स्थान पर शौच (defication in public ) कराया गया।
14. सामुदायिक श्वानपशु पशुपोषण हेतु निर्धारित स्थान एवं समयावधि का उल्लंघन किया गया।
(2) -
हस्ताक्षर साक्षीगण ( 1 ) -
(2) -
(1 ) -
नाम साक्षीगण
(2)
पतासाक्षीगण (1) -
के
तक नगर आयुक्त नगर निगम-
इसलिए आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप दिनांक-
समक्ष उपस्थितहोकर कारित अपराध के विपरीत आरोपित अर्थदण्ड का शमन कराते हुए दण्ड राशि का भुगतान कर भुगतान रसीद प्राप्त करें ।
ह०: प्राधिकृत अधिकारी,
नाम
मुहर-
एक प्रति प्राप्त की
(ह० आरोपित पक्ष)
आरोपित पक्ष की अनुपलब्धता की दशा में पंचनामा/ चालान को पंजीकृत डाक द्वारा प्रेषित करें ।
30
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30 , 1945 शक सम्वत्)
[भाग 8
(प्ररूप " 5" नियम 10)
आरोपित पक्ष द्वारा अर्थदण्ड के शमन हेतु आवेदन का प्ररूप
सेवामें
नगरआयुक्त,
नगरनिगम-
महोदय,
दिनांक- -के अनुरूप अधोहस्ताक्षरी को पालतू निवेदन हैकि शमन सूचना क्रमांक- श्वानपशुओं का अनुज्ञाकरण एवं नियंत्रण नियम, 2019 के तहत प्राविधानित नियमों के उल्लघन हेतु दोषी पाया गया है। भविष्य में पुनः इसदोष कीकदापि पुनरावृत्ति नहींहोगी।
अतःअनुरोध हैकि. कृपया पालतू श्वानपशुओं का अनुज्ञाकरण एवं नियंत्रण नियम, 2019 " के नियम 10 के तहत इस प्रकरण में कारित अपराध के सापेक्ष, आरोपित अर्थदण्ड का शमन स्वीकार करते हुए दण्ड की राशि रु०2.000/- मात्र (रु ० दो हजार मात्र) का भुगतान प्राप्त किये जाने तथा नगर निगम द्वारा जब्त कर लिये गये श्वानपशु को पशुस्वामी के पक्ष में अवमुक्त किये जाने हेतु 100/- प्रति श्वानपशु प्रतिदिन की दर से भरण- पोषण एवं प्रबन्धन व्यय की अतिरिक्त वसूली हेतु कुल------दिनों के सापेक्ष रू०-- - /- मात्र (रु० -मात्र) की मात्र) का भुगतान प्राप्त करते हुए कुल रु० /- मात्र (रु ० ) भुगतान प्राप्ति रसीद निर्गत करने की कृपा करेंगे।
दोषी पशु स्वामी के हस्ताक्षर---
दोषी पशु स्वामी कानाम----
दोषी पशु स्वामी का पता-- 31 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर निगम, काशीपुर
27 जुलाई 2022 ई ०
डेयरी उपविधि
पत्रांक 279/ st/ 02- सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि नगर निगम , काशीपुर क्षेत्रान्तर्गत दुधारु पशुओं के व्यावसायिक डेरी परिसरों के कारण होने वाली विभिन्न नागरिक समस्याओं के समाधान तथा निम्र उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु नगर निगम अधिनियम के अन्तर्गत उपविधि का प्राख्यापन व प्रवर्तन प्रस्तावित हैः-
पशुओं को आवारा छोड़ दिये जाने के कारण सड़क परिवहन में अवरोध/ दुर्घटनाओं/ पशु केद्रित व पशु जनित हिंसा की समस्या के निवारण , आवारा छोड़ दिये गये अनुत्पादक एवं उद्दण्ड/ आक्रामक पशुओं में परस्पर संघर्ष अथवा किंचित प्रकरणों में आमजनों पर आक्रमण से बचाव एवं जनसुरक्षा, ऐसे गोवंशीय पशुओं की तस्करी / गोहत्या/चोटिल हो जाने के कारण शांति एवं कानून व्यवस्था को सम्भावित चुनौतीए पशुओं द्वारा पॉलीथीन / कचरा खाये जाने के कारण मृत्यु होने के कारण शांति एवं कानून व्यवस्था को सम्भावित चुनौती , डेरी परिसरों के कारण गोबर/ गोमूत्र के अनुचित प्रबन्धन के कारण नालियों में अवरोध/ गन्दगी/ दुर्गन्ध/ मक्खियों तथा प्रदूषण की समस्या के समाधान हेतु ।
क. उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम , 1959 के अन्तर्गत प्राविधान:-
1 ) अधिनियम की धारा-541 एवं धारा -453 अध्याय XVI- Regulation of Markets , Slaughter- houses , certain trades and acts etc) के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा व्यावसायिक डेरी परिसरों के संचालन एवं अनुज्ञा के क्रम में उपविधि का प्राख्यापन प्रस्तावित हैं ।
2) धारा-438 एवं धारा-440 के अनुरुप नगर निगम द्वारा अनुज्ञा प्रदत डेरी स्वामियों द्वारा ही व्यावसायिक डेरी परिसरों का संचालन किया जाना अपेक्षित है ।
3) धारा-451 (3 ) के अनुरूप डेरी स्वामी द्वारा कानूनी प्राविधानों (अधिनियम / नियम / उपनियम) के अनुरूप निर्धारित प्रतिबन्ध / शर्तों का उल्लंघन हेतु सिद्धदोष पाये जाने पर, व्यावसायिक डेरी परिसरों के संचालन हेतु निर्गत अनुज्ञा को निरस्त किये जाने का प्राविधानहै।
4) धारा-467 के अनुरूप किसी भी व्यक्ति को कानूनी प्राविधानों (अधिनियम / नियम / उपनियम / उपविधि प्रतिबन्ध/ शर्त / नोटिस) के उल्लंघन हेतु सिद्धदोष पाये जाने पर दण्डित किये जाने का प्राविधान है ।
ख. उत्तराखण्ड गोवंश संरक्षण अधिनियम, 2007 एवं संशोधन अधिनियम, 2015 के अन्तर्गत प्राविधान: -
अधिनियम कीधारा 7 के अनुरूप राज्य के शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक गोवंश का पंजीकरण अनिवार्य है तथा धारा -3 के अनुरूप शही क्षेत्रों में गोवंशीय पशुओं को आवारा छोड़ने का प्रतिषेध है। इन दोनों ही प्राविधानों के उल्लंघन हेतु सिद्वदोष पाये जाने पर अधिनियम कीधारा -11 (3 ) एवं धारा-11 (क) के अनुरूप नगर आयुक्त द्वारा अर्थदण्ड आरोपित कर शमन ( compounding) की कार्यवाही किये जाने का प्राविधान है ।
ग . केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड / उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 2021 के बिन्दू संख्या-07 में नगर निकाय द्वारा डेरी/गौशालाओं कोपंजीकृत करने का प्रावधान है।
नगरनिगम, काशीपुरक्षेत्रान्तर्गत दुधारू पशुओं के व्यावसायिक डेरी प्रतिष्ठानों के संचालन हेतु अनुज्ञा दिये जाने के क्रम में प्रस्तावित अंतिम उपविधि
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा व्यावसायिक डेरी परिसरों के संचालन एवं अनुज्ञा के क्रम में उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा-540 एवं धारा -453 के अन्तर्गत निम्नानुसार उपविधि का प्राख्यापन प्रस्तावित है:-
1. नाम- यह उपविधि' ' नगर निगम, काशीपुर डेरी/डेरी पशु उपविधि, 2022 " कहलाएगी।
2. परिभाषा
(क) "डेरी पशु" से तात्पर्य गाय, बैल, भैंस, भैंसा एवं उनकी संतति से है।
(ख) "दुग्धशाला" से तात्पर्य उस परिसर से है जहाँ दुधारू पशुओं को रखा जाता है।
(ग) "पशुचिकित्सा अधिकारी " से तात्पर्य नगर निगम में शासन द्वारा प्रतिनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारी से है अथवा पशुचिकित्साविज्ञान में स्रातक अथवा इससे उच्च उपाधिधारक जो संघ अथवा राज्य पशुचिकित्सा परिषद में पंजीकृत हो से है।
[भाग 8 32
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30. 1945 शक सम्वत्)
(घ) "व्यावसायिक डेरी परिसर से तात्पर्य ऐसे परिसर से है, जहां 5 अथवा 5 से अधिक वयस्क डेरी पशु को रखा गया हो, से है।
(ङ) "गौशाला " से तात्पर्य पशु कल्याण हेतु राज्य पशुकल्याण बोर्ड में पंजीकृत संस्था से है, जो कि अलाभकारी गौवंश की देख- रेख के लिए स्थापित की गई हो।
(च) " अलाभकार पशु से तात्पर्य अनुत्पादक, वृद्ध, बीमार एवं घायल निराश्रित गोवंश तथा पुलिस प्रशासन / नगर निकाय द्वारा गोतस्करों अथवा पशु क्रूरता के प्रकरणों में जब्त किये गये केस प्रापर्टी गोवंश से है।
3. कोई भी व्यक्ति नगर पालिका की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार के परिसर का उपयोग उक्त प्रयोजन ( डेरी) के गयी अनुजा के बिना नहीं करेगा व न ही किसी को भी उपयोग करने की अनुमति देगा।
4.अनुज्ञा हेतु प्रतिबन्ध
(क) नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत डेरी परिसर संचालित किये जाने हेतु अथवा डेरी पशु पालने हेतु नगर निगम द्वारा अनुज्ञा प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
(ख) नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत डेरी परिसर के संचालन हेतु अथवा डेरी पशु पालने हेतु अनुजा प्राप्त किये जाने हेतु आवेदक को नगर निगम के पक्ष में नगर निगम बोर्ड द्वारा निर्धारित आवेदन शुल्क के साथ , प्रारूप-1 के अनुरुप निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से आवेदन करना होगा । आवेदक द्वारा जमा किया गया आवेदन शुल्क अप्रतिदाय ( non refundable) होगा।
(ग) व्यवसायिक डेरी परिसर के संचालन हेतु उत्तराखण्ड राज्य प्रदूषण नियन्त्रण परिषद से नियमानुसार सी० टी ० ओ० (Consent - Cto Operate ) प्राप्त कर आवेदन पत्र के साथ संलग्र करना आवश्यक होगा।
(घ) श्रीमान नगर आयुक्त द्वारा अधिकृत अधिकारी / अधिकारियों/दल द्वारा व्यावसायिक डेरी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा, जिसके द्वारा प्रारूप-2 पर स्थलीय निरीक्षण उपरांत आख्या प्रस्तुत की जायेगी।
(ङ) श्रीमान नगर आयुक्त द्वारा अधिकृत अधिकारी निरीक्षण दल की प्रारूप-2 पर प्रस्तुत स्थलीय निरीक्षण आख्या के आलोक में सम्बन्धित व्यावसायिक डेरी परिसर को अनुजा प्रदत्त किये जाने के क्रम में निर्णय लेगें। अनुज्ञा दिये जाने हेतु उपयुक्तता की स्थिति में, व्यावसायिक डेरी परिसर में वयस्क तथा अवयस्क पशुओं की अधिकतम अनुमन्य संख्या उल्लिखित करते हुए प्रारूप-3 के अनुरुप अनुज्ञापत्र निर्गत किया जायेगा।
(च) अनुज्ञाधारी व्यावसायिक डेरी परिसर अनुसा के प्रतिबन्धों के अनुपालन हेतु बाध्य होगा।
(छ) अनुज्ञाधारी व्यावसायिक डेरी परिसर द्वारा स्वयं के डेरी परिसर में मुख्य दीवार पर अनुज्ञापत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण के समय प्रदर्शित न पाये जाने पर रू0 500/- का अर्थदण्ड आरोपित किया जाएगा।
(ज) नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत समय- समय पर व्यावसायिक डेरी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया जा सकेगा । अनुज्ञाधारी व्यावसायिक डेरी परिसर द्वारा अनुज्ञा के प्रतिबन्धों / शर्तों का उल्लंघन किये जाने पर अनुज्ञापत्र का तात्कालिक निलम्बन अथवा पूर्णतः निरस्तीकरण किया जा सकेगा तथा अधिनियम की धारा-467 एवं धारा 451 (3 ) के अनुरूप अर्थदण्ड का आरोपण किया जायेगा जिसकी राशि 5000/- प्रति अपराध तक हो सकेगी।
(झ) नगर निगम द्वारा निर्गत अनुज्ञापत्र अनुज्ञा जारी किये जाने की तिथि से कुल । (एक) वर्ष हेतु मान्य होगा।
(ग) अनुज्ञा दिये जाने हेतु अनुपयुक्तता की स्थिति में आवेदन के एक माह के भीतर सम्बन्धित प्रकरण के अस्वीकृति की सूचना निर्गत कर दी जायेगी।
(ट) नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत अनुज्ञा के बिना व्यावसायिक डेरी परिसर संचालित किये जाने की दशा में नगर निगम अधिनियम की धारा-467 एवं धारा -451 (3 ) के अनुरुप दण्ड का आरोपण किया जायेगा , जो रू0 25,000/- तक हो सकेगा।
(ठ) डेरी पालन के लिए समय - समय पर सक्षम न्यायालयों के पारित आदेशों/ बोर्ड/ प्राधिकरण/ आयोग/ विभाग द्वारा प्राप्त सभी जरूरी अनुमतियां प्राप्त करने की जिम्मेदारी अनुज्ञाधारी की होगी तथा इस आशय का शपथ पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा । यदि अनुज्ञा जारी करने के बाद भी किसी भी सक्षम न्यायालय/बोर्ड/प्राधिकरण/आयोग / विभाग से अनुज्ञाधारी की डेरी उनके मानकों के अनुरूप नहीं पायी जाती व कोई कार्यवाही की जाती है तो निगम द्वारा जारी अनुसा स्वतः निरस्तमानी जायेगी।
33 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
5. अनुज्ञापत्र का नवीनीकरण-
अनुज्ञतिके नवीनीकरण के लिये अनुज्ञप्ति धारक की जिम्मेदारी होगी कि वह अपना आवेदन पिछली अनुज्ञप्ति के समाप्त होने के 15 दिन पहले करना अनिवार्य होगा । अनुज्ञप्ति समाप्ति के उपरान्त संचालक पर नियम 4 (ट) के तहत कार्यवाही की जाएगी।
6. (क) इन उपविधि के तहत् अनुज्ञप्ति के लिये वार्षिक शुल्क प्रथम बार रू 0 500/- प्रतिपशु व नवीनीकरण की स्थिति में रू ० 300/- प्रतिपशु निर्धारित हैं।
(ख) उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड में पंजीकृत अथवा मान्यता प्राप्त गोसदन/ गौशाला के लिये कोई भी शुल्क नहीं लिया जायेगा 1
7. उक्त, उपविधि के तहत् जारी की गयी हर अनुज्ञप्ति निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगी अर्थात्-
(क) प्रत्येक दुग्धशाला के फर्श को पूरी तरह से सूखा रखने की व्यवस्था पशु स्वामी द्वारा की जानी होगी तथा वायु के आयागमन एवं प्राकृतिक सूर्य के प्रकाश की उचित व्यवस्था हो।
(ख) पशुओं को रखने के स्थान पर पशुओं को विपरीत प्राकृतिक दशाओं में जैसे- तेज धूप , गर्मी , सर्दी व बरसात आदि से बचाव हेतु उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
(ग) डेरी स्वामी को अपनी डेरी से उत्पन्न गोबर के निस्तारण की समुचित व्यवस्था करनी होगी, जिसका प्रमाण भी अनुज्ञप्ति अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा व गोबर को सीवर अथवा खुले नाले में नहीं डाला जायेगा, कम्पोस्ट बनाकर अथवा किसी कम्पोस्ट / गोबर उत्पाद बनाने वाले उपक्रम को दिया जाना अथवा बायोगैस संयंत्र के द्वारा निस्तारण ही मान्य होगा । गोबर के निस्तारण के सम्बन्ध में समय- समय पर नगर निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। उक्त आशय का शपथ-पत्र भी आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा।
(घ) अनुज्ञप्तिधारी अनुज्ञप्ति अधिकारी को किसी भी संक्रामक रोग के बारे में तुरन्त सूचित करेगा एवं अपने संघ/ राज्य पशुचिकित्सा परिषद से पंजीकृत पशुचिकित्सक से समुचित उपचार हेतु बाध्य होगा अथवा संक्रमित पशुओं को बाकी पशुओं से अलग रखेगा।
8. दुग्धशाला के सभी पशुओं को माइक्रोचिप लगवाकर पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा। सभी पशुओं की संतति का रिकार्ड समस्तडेरी स्वामियों द्वारा रखना अनिवार्य होगा।
9. किसी भी डेरी पशु स्वामी द्वारा अपने पशुओं को किसी भी परिस्थिति में सड़को पर अथवा अपने परिसर के बाहर खुला नहींछोड़ा जायेगा । पशु के बाहर खुला छोड़े पाये जाने पर रू ० 2000/- प्रतिपशु प्रतिदिन / उत्तराखण्ड गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जायेगी।
10. लेखाजोखा (रिकॉर्ड) रखना व्यावसायिक डेरी प्रतिष्ठान को अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के बाद, प्रतिष्ठान द्वारा निम्न प्रपत्रों युक्त पंजिका में अभिलेखों का लेखाजोखा रखा जायेगाः-
(क) निर्धारित प्रपत्र के अनुरूप रखे गये सभी पशुओं का विवरण।
(ख) पशुओं का पशुचिकित्सा स्वास्थ्य का विवरण।
(ग) पशुओं के टीकाकरण/टॉक्साइड का विवरण।
(घ) कृमिरोधी दवापान का विवरण।
(ङ) पशुओं का गर्भाधान/ नस्ल का विवरण
(च) पशुओं के क्रय-विक्रय का विवरण।
11. कोई भी हैरी स्वामी अनुजसि अधिकारी या किसी भी अधिकारी को किसी भी समय पर, डेरी का निरीक्षण करने के लिये आपति नहीं कर सकता।
12. उपरोक्त उपविधियों के उल्लंघन पर रदद् की गयी अनुमति के निरस्तीकरण को पुर्नजीवित करने हेतु नगर आयुक्त, नगर निगम , काशीपुर के समक्ष अनुरोध प्रस्तुत किया जा सकता है जिस पर निर्णय नगर आयुक्त, नगर निगम, काशीपुर अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अनुमति अधिकारी का निर्णय अन्तिम होगा । दो बार निरस्त की गयी किसी अनुमति को किसी भी दशा में पुर्नजीवित नहीं कराया जा सकेगा । उक्त प्रकार के अनुरोध किये जाने हेतु अधिकतम समय सीमा प्रथम निरस्तीकरण के एक माह तक होगी।
34
[भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
13. यदि कोई पशु बेचा जाता है या मरता है या निस्तारित किया जाता है तो इसकी जानकारी पशुपालक द्वारा नगर निगम के पशुचिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 15 दिनों के भीतर जमा कराना अनिवार्य होगा । यदि पशुपालक उक्तवत् अवधि में जानकारी नहीं देता तो पशु के कारण लगने वाले अर्थदण्ड का वहन पंजीकृत पशुस्वामी को ही करना होगा ।
नगर आयुक्त
नगर निगम , काशीपुर
प्ररुप ' 1'
डेरी परिसर के संचालन हेतु अनुज्ञा के क्रम में आवेदन हेतु प्रपत्र
सेवा में ,
नगर आयुक्त, नगर निगम , देहरादून ।
महोदय ,
पासपोर्ट साईज नवीनतम फोटो
निवेदन है कि , मैं ( नाम ) पुत्र श्री वार्ड सं० जिला स्वयं के स्वामित्वाधीन अधोवर्णित डेरी परित्त आवेदन करता हूँ ( मान्य पहचान पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न ) ।
क) डेरी परिसर में रखे गये पशुओं का विवरण :
रंग
लिंग
पूंछ प्रजाति / नस्ल
ख) डेरी परिसर में रखे गये पशुओं हेतु स्थान :
( i ) छत से ढका क्षेत्रफल ( covered area ) :
( ii ) खुला क्षेत्रफल ( open area ) :
ग) आवासीय व्यवस्था :
( i ) फर्श का प्रकार ( floorong ) :
टैग नं०
सींग
व्यांत
आयु
( ii ) प्राकृतिक प्रकाश एवं हवादार वायुप्रवाह ( natural light and ventilation)
( iii ) रोगी पशुओं को अलग से रखे जाने की व्यवस्था घ) गोवर/ मूत्र के निस्तारण हेतु व्यवस्था :
ङ) उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति प्राप्त करने की तिथि ( प्रमाण- पत्र संलग्न्न सहित)
चालान सं ०...... मैं " नगर निगम , काशीपुर डेरी / डेरी उपविधि 2022 " के समस्त प्राविधानों के अनुपालन हेतु कृत संकल्प हूँ। मेरे नगर निगम कोष में जमा करा दिया गया है। अतः अनुरोध है कि, अधोहस्ताक्षरी को डेरी परिसर के संचालन हेतु अनुज्ञापत्र निर्गत करने की कृपा करेंगे। द्वारा आवेदन शुल्क रू..
नगर निगम कार्यालय में प्राप्ति तिथि मुहर :
आवेदक के हस्ताक्षर :
आवेदन तिथि :
दूरभाष संख्या :
भाग 8 ]
35 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30. 1945 शक सम्वत्)
नगर निगम काशीपुर (ऊधमसिंह नगर )
प्रेक्षागृह शुल्कउपविधि
पत्रांक- 1802/मु०कार्यालय/2022-23
दिनांक- 21-02-2023
नगर निगम, काशीपुर जिला ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड) ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 (यथा प्रवृत्त उत्तराखण्ड) की धारा 172 की उपधारा (2 ) का (झ) के अन्तर्गत नगर निगम सीमान्तर्गत स्थित समस्त प्रेक्षागृहों पर कर लगाये जाने कानिर्णय लिया गया है ।
अतःइसविज्ञप्तिके प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर आपत्ति नगर आयुक्त, नगर निगम, काशीपुर को सम्बोधित करते हुए कार्यालय नगर निगम , काशीपुर में प्रस्तुत किये जा सकते हैं, नियत अवधि के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों परकोई विचार नहींकिया जायेगा ।
प्रेक्षागृह शुल्कउपविधि
1- प्रेक्षागृह शुल्क हेतुविद्यमान उपविधियों को अवक्रमित करते हुए यह उपविधि निगम की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत स्थित प्रेक्षागृहोंपर कर लगाये जाने हेतु नगर निगम, काशीपुर, प्रेक्षागृह कर उपविधि 2023 कहलायेगी जो यह गजट प्रकाशन कीतिथिसे प्रभावी होगी । 2- परिभाषा:-
(क)- अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश अधिनियम 1959 यथा प्रभावी उत्तराखण्ड से है ।
(ख)- नगर निगम सीमा से तात्पर्य- नगर निगम काशीपुर हेतु शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्र से है ।
(ग)- नगर आयुक्तकातात्पर्य नगर निगम काशीपुर में शासन के कार्मिक विभाग से तैनात नगर आयुक्तसेहै ।
(घ)- मेयर का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित मेयर(महापौर) से है ।
(3)- प्रशासक का तात्पर्य राज्य सरकार द्वारा मेयर के स्थान पर नामित अधिकारी से होगा ।
(च)- बोर्ड का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित बोर्ड से है ।
(छ) - शासन से तात्पर्य उत्तराखण्ड शासन से है ।
(ज)- प्रेक्षागृह कर से तातार्य नगर सीमा अन्तर्गत स्थापित निजी चलचित्र गृहों से है।
(झ)- प्रतिवर्ष से तात्पर्य वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च तक है ।
2- निगम सीमान्तर्गत स्थित प्रेक्षागृह परनिम्न प्रकार प्रेक्षागृह कर लिया जाना प्राविधानित होगा । यह राशि मासिक रूप से देयहोगी।
(1)-01 सीट से 50 सीट तक का प्रेक्षागृह कर रू 0 200/- प्रति शो।
(2)-51 सीट से 100 सीट तक का प्रेक्षागृह कर रू0 300/- प्रति शो।
(3)-100से अधिक सीट तक का प्रेक्षागृह कर रू0 500/- प्रति शो ।
3- नियम-2के उपनियम (1,2,3 ) में अंकित शुल्क में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की वृद्धि प्राविधानित की जायेगी ।
4- प्रत्येक माह की प्रेक्षागृह कर की धनराशि अगले माह के प्रथम सप्ताह यानि की माह की 7 वीं तारीख को अवकाश होने की दशा में अगले कार्य दिवस में कर की धनराशि जमा करने हेतु ग्राह्य होगा । उपरोक्तानुसार निर्धारित तिथितक कर की धनराशि जमा न करने की स्थिति में प्रतिदिन रू 0500/- अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा। राजपत्रित 5- प्रेक्षागृह कर की धनराशिएवं अर्थदण्ड या दोनों जमा न करने की स्थिति में देय धनराशिभू- राजस्व कीभांति वसूलने की व्यवस्था रहेगी ।
6- अर्थदण्डआरोपित/निर्धारित करने की शक्ति नगर आयुक्त या नगर आयुक्त द्वारा इस हेतु प्राधिकृत अधिकारी कोहोगी ।
1 स्थानःकाशीपुर
दिनांकः 09.10.2023
ऊषा चौधरी,
विवेकराय,
महापौर,
नगर आयुक्त,
नगर निगम काशीपुर।
नगर निगम, काशीपुर ।
36
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
नगर निगम काशीपुर (ऊधमसिंह नगर ) निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाली पार्किंग हेतु उपविधि
दिनांक -21-02-2023 पत्रांक-1802/मु०कार्यालय/2022-23
नगर निगम काशीपुर, जिला ऊधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 ( यथा प्रवृत्त उत्तराखण्ड) की धारा 541 के अन्तर्गत नगर निगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित पार्किंग सम्बन्धी जुर्माना लगाये जाने कानिर्णय लिया गया है ।
अतः इस विज्ञप्तिके प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर आपत्ति नगर आयुक्त, नगर निगम काशीपुर को सम्बोधित करते हुए कार्यालय नगर निगम काशीपुर में प्रस्तुत किये जा सकते है, नियत अवधि के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोईविचार नहींकियाजायेगा ।
नगर निगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाली पार्किंग हेतु उपविधि
01- नगरनिगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाली पार्किंग हेतु उपविधि नगर निगम काशीपुर की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित पार्किंग को नियन्त्रित करने हेतु निजी सम्पत्ति पर पार्किंग हेतु उपविधि वर्ष 2023 कहलायेगी जो यह गजट प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।
02- परिभाषा:-
(क)- अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश अधिनियम 1959 यथा प्रभावी उत्तराखण्ड से है ।
( ख)- नगर निगम सीमा से तात्पर्य- नगर निगम काशीपुर हेतु शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्र से है ।
ग)- नगर आयुक्तका तात्पर्य नगर निगम काशीपुर में शासन के कार्मिक विभाग से तैनात नगर आयुक्त से है।
( (घ)- मेयर का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित मेयर(महापौर) से है।
(ड) - प्रशासक का तात्पर्य राज्य सरकार द्वारा मेयर के स्थान पर नामित अधिकारी से होगा ।
(च)- बोर्ड का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित बोर्ड सेहै।
(छ)- शासन से तात्पर्य उत्तराखण्ड शासन से है ।
(ज)- प्रतिवर्ष से तात्पर्य वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च तक है।
03- नगर निगम, काशीपुर की सीमा के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी निजी सम्पत्ति पर पार्किंग लगाने हेतु नगर निगम, काशीपुर द्वारा इस उपनियम के तहत निर्धारित शुल्क का भुगतान कर अनुमति उपरान्त ही पार्किंग का स्थापन/संचालन कर सकते हैं ।
04- निजी सम्पत्ति पर पार्किंग संचालन हेतु नगर निगम, काशीपुर द्वारा नगरान्तर्गत पार्किंग करने हेतु जारी किये जाने वाला ट्रेड लाईसेन्सप्राप्त करना अनिवार्य होगा।
05- पार्किंग वाले स्थान पर निर्धारित दर सार्वजनिक स्थल पर दृश्यव्य स्थान पर बड़े अक्षरों में जिसे कि आसानी से पढ़ा जासके, प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा । जिसकी एक प्रति नगर निगम कार्यालय में जमा करनी अनिवार्य होगी ।
06- पार्किंग का प्रबन्धन एवं संचालन इस प्रकार किया जायेगा कि बाजार से लगे हुए सार्वजनिक मार्ग में यातायात किसी भी प्रकार से बाधित न हो । पार्किंग के कारण यातायात बाधित होने पर लाईसेन्स प्राप्तकर्ता नियमानुसार दण्ड काभागी होगा, द्वितीय बार दण्ड की धनराशि दुगनी होगी ।
पार्किंग सम्बन्धी भूमि के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे एवं यदि भूमि किराये पर ली गयी है, तो नॉन ज्यूडिशल शपथ 07- पत्र पर किरायानामा प्रस्तुत करना होगा।
08- पार्किंग का समय -समय पर/आवश्यकतानुसार निरीक्षण करने का अधिकार नगर आयुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी ( सहायक नगर आयुक्त/कर अधीक्षक/कर निरीक्षक) को होगा।
09- पार्किंग मेंकिसी भी सामग्री की बिक्री प्रतिबन्धित पॉलीथीन/ प्लास्टिक थर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादोंमें नहींकी जायेगी तथा प्रतिबन्धित पॉलीथीन/प्लास्टिक थर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादों का उपयोग किये जाने पर नियमानुसार जुर्माना आरोपित किया जायेगा।
10- नगर निगम सीमान्तर्गत लगने वाले पार्किंग में कोई भी व्यक्ति/संस्था ऐसी वस्तुओं का व्यवसाय नहीं करेगा, जिस पर राज्य सरकार/ शासन द्वारा पूर्ण निशेध किया जा चुका हो ।
11- केन्द्रया राज्य सरकार या अन्य विधिनिहित संस्था के द्वारा निगम के नियन्त्रण हेतु लाईसेन्स इन उपविधियों से भिन्न होंगे।
12- निजी सम्पत्ति पर व्यक्ति/संस्था द्वारा पार्किंग संचालन हेतु नगर निगम में कर- विभाग के दुकान किराया अनुभाग में शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। जिस हेतु निम्न शुल्क देय होगा: -
01- चार पहियाकार हेतुः- भाग 8 ]
37 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
(01से 25 तक वाहन खड़े होने पर)
रू0 2000/- प्रतिमाह
26से 50 तक वाहन खड़े होने पर
रू0 4000/- प्रतिमाह
51से 75 तक वाहन खड़े होने पर
रू0 6000/- प्रतिमाह
76से 100 तक वाहन खड़े होने पर
रू0 8000/- प्रतिमाह
101 से अधिक वाहन खड़े होने पर
रू0 10000/- प्रतिमाह
02- दोपहियावाहनहेतुः-
(01से 25 तक वाहन खड़े होने पर)
रू0 5000/- प्रतिमाह
26से 50 तक वाहन खड़े होने पर
रू० 7000/- प्रतिमाह
51से 75 तक वाहन खड़े होने पर
रू० 9000/- प्रतिमाह
76से 100 तक वाहन खड़े होने पर
रू0 11000/- प्रतिमाह
101 से अधिक वाहन खड़े होने पर
रू0 13000/- प्रतिमाह
03- ट्रक/बस (सभी प्रकार के भारी वाहन) हेतुः-
(01 से 25 तक वाहन खड़े होने पर) रू0 4000/- प्रतिमाह
26से 50 तक वाहन खड़े होने पर
रू0 10000/- प्रतिमाह
51.से 75 तक वाहन खड़े होने पर
रू0 15000/- प्रतिमाह
76से 100 तक वाहन खड़े होने पर रू 0 25000/- प्रतिमाह 101से अधिक वाहन खड़े होने पर रू0 50000/- प्रतिमाह
13- नियम-12 में निर्धारित शुल्क का 25 प्रतिशत जमा करने के उपरान्त ही लाईसेन्सदेय होगा ।
14- नियम-12के उपनियम (1,2,3 ) में अंकित शुल्क में प्रतिवर्ष15 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी।
15- उपविधि द्वारा लिए जाने वाले शुल्क की धनराशि पूर्णांक में नहीं होने पर निकटतम अधिकतम पूर्णांक के रूप में गणना की जायेगी ।
16- स्व-निर्धारण प्रपत्र द्वारा लिया जाने वाला व्यवसायिक कर एवं पार्किंग शुल्क दोनों देय होंगे ।
17- निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाली पार्किंग का स्व- निर्धारण प्रपत्र द्वारा लिये जाने वाला कर पार्किंग स्वामी द्वारा देय होगा तथानियम-12 के उपनियम ( 1,2,3 ) के द्वारा लिये जाने वाला शुल्क पार्किंग संचालक (ठेकेदार) द्वारा संचालित पार्किंग पर लिया जायेगा ।
18- सम्पत्ति मालिक और पार्किंग संचालक एक ही होने की दशा में व्यवसायिक कर व पार्किंग शुल्क सम्पत्ति मालिक द्वारा देय होंगे ।
पार्किंग लगाये जाने हेतु उपरोक्त शर्तों में से किसी एक शर्त का भी उल्लंघन करने पर पार्किंग लगाये जाने वाले व्यक्ति/संस्था पर 25,000/- तक का अर्थदण्ड लगाया जा सकता है । आरोपित शर्तों का तीन बार से अधिक उल्लंघन करने पर अनुज्ञप्ति निरस्तकी जायेगी । अर्थदण्ड को यदि व्यक्ति/ संस्था द्वारा निगम कोष में नहीं जमा किया जाता है, तो भू- राजस्व की भांति वसूला जायेगा।
स्थानः काशीपुर
दिनांक: 09.10.2023
विवेक राय,
ऊषा चौधरी,
महापौर,
नगर आयुक्त,
नगर निगम, काशीपुर ।
नगर निगम काशीपुर।
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[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई ० (पौष 30. 1945 शक सम्वत्)
सम्पत्ति करो की दरों का पुनरीक्षण
निर्धारित दर समस्त मौहल्लों के लिये सामान्य कर (गृहकर कारपेट एरिया दर )प्रतिवर्ग फुट प्रतिमाह
पक्काभवन, आर० सी०सी०, आर० बी अन्य पक्काभवन कच्चे भवन हासी भूखण्ड जिसमें भवन न बना
से24 24 मीठ से
सेकम मी० से से कम मी० चैड़ी से कम भी० से सेकम मी० चैड़ी अधिक
क्र०सं० वार्डकानाम
चैड़ी चैड़ी अधिक चैड़ी सड़क अधिक चैड़ी सड़क अधिक सड़क
सड़क सड़क पैड़ी सड़क चैड़ी सड़क चैड़ी सड़क सड़क
सड़क सड़क सड़क
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
1 रम्पुरा नीझड़ा 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
2 जसपुर खुर्द 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
3 कृष्णा वार्ड 0,84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11. 0.16 0.20
4 खड़कपुर देवीपुरा उत्तरी 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
5 कचनाल गौसाई 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
6 हेमपुर इस्माईल उत्तरी 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
7 हेमपुर इस्माईल दक्षिणी 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
8 खड़कपुर देवीपुरा पूर्वी 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
9 खड़कपुर देवीपुरा मध्य 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
10 वैशाली वार्ड 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
11 फसियापुरा 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
12 लक्ष्मीपुर पट्टी 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
13 टाण्डा उज्जैन पश्चिमी 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
14 टाण्डा उज्जैन दक्षिणी 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
15 बाजपुर रोड 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
16 सुभाष वार्ड 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
17 आवास विकास मध्य 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
18 शक्तिनगर 0.72 1.20 1.44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
19 गंज 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
20 महेशपुरा मध्यं 0.72 1.20 1.44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
21 महेशपुरा पश्चिमी 0.72 1.20 1.44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
22 लक्ष्मीपुर पट्टी मध्य 0.72 1.20 1:44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
23 अल्लीखा० पश्चिमी 0.72 1.20 1.44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
24 अल्लीखा मध्य 0.72 1.20 1.44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
25 अल्लीखा दक्षिणी 0.72 1.20 1.44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
26 ओझान 0.48 0.96 1.20 0.36 0.60 0.84 0.24 0.36 0.48 0.08 0.11 0.14
27 सिंघान काजीबाग 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
28 लाहोरियान 0.72 1.20 1.44 0.48 0.60 0.96 0.30 0.42 0.54 0.10 0.13 0.18
29किला 0.48 0.96 1.20 0.36 0.60 0.84 0.24 0.36 0.48 0.08 0.11 0.14
30 पक्काकोट 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
31 कटोराताल पश्चिमी 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
32 कटोराताल गध्य 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
33 पटेलनगर 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
34गिरीताल 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
35 चामुडाबिहार 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
36 कटोराताल उत्तरी 0.84 1.32 1.44 0.72 0.84 1.08 0.42 0.54 0.66 0.11 0.16 0.20
37 पक्काकोट पूर्वी 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
38 आदर्श वार्ड 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
39 प्रभात कालोनी 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
40 कचनालगाजी 0.96 1.44 1.56 0.84 0.96 1.32 0.54 0.66 0.78 0.12 0.18 0.24
भाग 8 ]
39 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 19 1945 शक सम्वत्)
4000
15000
Licence_
Fees
होटललोजिंग
B01से05रूमतकनॉनए०सी०
A50बेडसेअधिक
TradTrade_name(Hindi)
1
लाईसेंसपंजीकरण/नवीनीकरणशुल्क
Trade_Categary.
Name(English)
व्यवसायिकलाईसेंस/पंजीकरणउपविधि2017संशोधितउपविधि2023
20000
Licence
Fees
उपविधि2017संशोधितउपविधि2023
कार्यालयनगरनिगम,काशीपुरजिलाउधमसिसिंहनगर
Trade_name(Hindi)
50बेडसेअधिक
1होटललोजिंग
TradeID
Trade_Categary
_Name(English)
व्यवसायिकलाईसेंस/पंजीकरणउपविधि2017
लाईसेंसपंजीकरण/नवीनीकरणशुल्क
पंजीकरण/नवीनीकरणकेरूपमेंवसूलकियाजाएगा।
संशोधनकियाजाताहै।
उत्तरप्रदेशनगरनिगमअधिनियम1959(यथाप्रवृत्तउत्तराखण्ड)कीधारा541केअन्तर्गतनगरनिगमसीमान्तर्गतविभिन्नप्रकारकेव्यवसायिकलाईसेंस/पंजीकरण
नगरनिगम,काशीपुरजिलाउधमसिंहनगर(उत्तराखण्ड)नेउत्तरप्रदेशनगरनिगम,अधिनियम1959(यथाप्रवृत्तउत्तराखण्ड)कीधारा541केअन्तर्गतनगरनिगम सीमान्तर्गतविभिन्नप्रकारकेव्यवसायिकलाइसेंस/पंजीकरणउपविधिसरकारीगजट,उत्तराखण्डखण्ड23रूडकी,शनिवारदिनांक30जुलाई2022ई०(श्रावण08, 1944शकसम्वत्)संख्या31केद्वारागजटनोटिफिकेशनउपरान्तविधिवत्कियान्वयनउपरान्तनगरनिगम,काशीपुरकीबोर्डद्वारालाईसेंसदरोमेंनागरिकोंपरपड रहेअत्याधिकव्ययकोदृष्टिगतबोर्डद्वाराकीगयीआपत्तिपरबोर्डप्रस्तावसंख्या195दिनांक25.05.2023एवंप्रस्तावसंख्या203दिनांक09.10.2023केद्वारानिम्न
4-लाईसेंसशुल्ककीदरोमेंअथदंण्डकीराशिमेंगजटनोटिफिकेशनकीतिथिसे02माहकेलिएछूटप्रदानकीजानेकीसर्वसम्मतिसेस्वीकृतिदीजातीहै।
5-अन्यनियम/दण्डव्यवसायिकपंजीकरणनियमावली2017केयथावत्रहेंगे।
1-लाईसेंसप्रपत्रशुल्करू0100.00केस्थानपररू050.00नियतकियाजाताहै।
2-सभीप्रकारकेव्यवसायोंकोनीचेतालिकामेंदायेओरकीतालिकामेंकैटेगरी/क्षमताकेआधारपरसंशोधिनकरतेहुएप्रकाशित/प्रदर्शितकियागयाहै।जिसे संशोधितलाईसेंसशुल्ककहाजाएगातथानिम्नलिखितदायीओरकीतालिकामेंसंशोधितलाइसेंसपजीकरण/नवीनीकरणशुल्कहीलाईसेंस
3-नीचेतालिकामेंदायीओरलाइसेंसपजीकरण/नवीनीकरणशुल्ककापुर्ननिर्धारणकैटेगरीबनाकरसंशोधितकियेजानेकीबोर्डद्वारासर्वसम्मतिसेस्वीकृतिप्रदान कीगयीहै।अतःसंशोधितलाईसेंसशुल्ककापुर्ननिर्धारणनिम्नतालिकाकेदार्योंओरकीकैटेगरीकोलागूकियाजाताहै।
[ भाग 8
40
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम सम्वत्)
6000
5000
5000
6000
7000 7500
6000
6000
5000
7500
6000 7500
1500
3000
3000
1500
3000
12000
13000
18750
18750 10000
15000
12000
15000
18750
10000
10000
11250
10000 22500
हॉस्टल
होटलगाईडलाईसेंस
हेल्थरिसोर्ट गेस्टहाउस
3स्टारहोटल
4स्टारहोटल
5स्टारहोटल
150बैडसेअधिकनॉनए०सी०
J50बैडसेअधिकए०सी०
F11से20रूमतकनॉनए०सी०
G30रूमसअधिकनॉनए०सी०
F21से30रूमतकए०सी०
D06से10रूमतकनॉनए०सी०
C01से05रूमतकए०सी०
G31से50बैडतकनॉनए०सी०
D11से20रूमतकए०सी०
B1से10रूमतकए०सी०
B1से10रूमतकए०सी०
A1से10रूमतकनॉनए०सी०
A1से10रूमतकनॉनए०सी०
Aरिर्सार्ट/मैरिजहॉलए०सी०रहित 120रूमसेअधिकए०सी०
F21से30रूमतकए०सी०
C11से20रूमतकनॉनए०सी०
E06से10रूमतकए०सी०
C11से20रूमतकनॉनए०सी०
G11से20रूमतकए०सी०
E21से30रूमतकनॉनए०सी०
H31से50बैडतकए०सी०
E21से30रूमतकनॉनए०सी०
D11से20रूमतकए०सी०
H30रूभसअधिकनॉनए०सी०
H20रूमसेअधिकनॉनए०सी०
7
2
5
6
8 3
4
Hotels/Lodge/
GuestHouse/Resort
8000
2000
4000 8000
8000
8000
10000
25000 30000
10000
16000
25000
15000
20000
20000
20000
25000
10रूमतक
20रूमतक
10बैडतक
20बैडतक
30बैडतक
10रूमतक
10रूमसेअधिक
30रूमतक
50बैडतक
50बैडसेअधिक
5रूमतक
23स्टारहोटल
3.4स्टारहोटल
45स्टारहोटल
6 7
5
8
Hotels/Lodge/
GuestHouse/Resort भाग 8 ]
41
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
3000
2500 2500 6000
8000
1500
1500
7000
2000 5000
3000
6000
2500
9500
9000
20000
22500
10000 18000
15000
13000
15000
नर्सिंगहोम
171सं80बैडतक
B06सं10बैडतक
F41सं50बैडतक
1181सं90बैडतक
K91सं100बैडतक
A101सं5बैडतक
G51सं60बैडतक
L100बैडसेअधिक
E31सं40बैडतक
Dसभा
C11सं20बैडतक
Cधर्मशाला/मुसाफिरखाना
D21सं30बैडतक
13000
14500
12000
14000
10000
11000
15000
22500
डायगनोस्टिकसेन्टर
L100बैडसेअधिक
171सं80बैडतक
J81सं90बैडतक
K91सं100बैडतक
A01से5बैडतक
B06से10बैडतक
G51सं60बैडतक
E31से40बैडतक
C11सं20बैडतक
F41सं50बैडतक
H61सं70बैडतक
Bडायगनोस्टिकसेन्टर(सी०टी०स्कैन) D21सं30बैडतक
Mअन्य
Bरिर्सार्ट/मैरिजहॉलए०सी०सहित
H61सं70बैडतक
9
HEALTHCARE
Aडायगनोस्टिकसेन्टर(अल्ट्रासाउण्ड)
10प्रसूतिघर
11
8000
8000
20000
30000
25000
16000
20000
डायगनोस्टिकसेन्टर(अल्ट्रासाउण्ड/सी
अन्य
100बैडतक
51से100बैडतक
100बैडतक
21सं50बैडतक
51सं100बैडतक
10प्रसूतिघर
11 [भाग 8
42
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 45 शक सम्वत्)
6000
5000
6000
4000
2000
4000
6000 3000
6000
9000
2500
6000
4000
2000
2000
1500
3000
4500
2000
4000
1500
1500 2000
3500
2000 3000
1500
ट्रान्सपोर्टएजेन्सी
ट्रान्सपोर्टएजेन्सी(दिनावाहन)
लाईटगुडस
अन्य4पहियावाहन(वाणिज्यिकइंजनकेसाथ)
अन्यकोई
G11से20वाहनतक
F1से10वाहनतक
C1से10वाहनतक
E21वाहनसेअधिक
H21वाहनसेअधिक
D11से20वाहनतक
Fनाककानगलाक्लीनिक
Bहेंवीगुड्स
Aट्रान्सपोर्टएजेन्सी(वाहनसहित)
Bमैडिकलस्टोरपशु
Cमैडिकल/आर्युवेदिकस्टोर
Cयूनानीक्लीनिक
Dदन्तक्लीनिक
Eआंखोकाक्लीनिक
Bपशुचिकित्सालयभर्तीवबेडयुक्त.
Eपैथेलॉजीसेम्पलसेन्टर
Aमैडिकलस्टोरएलौपैथिक,आर्युवेदिक
Aपशुचिकित्सालयकेवलओ०पी०डी०.
Gहोम्योपैथिकक्लीनिक
Bआर्युवेदिकक्लीनिक
Dपैथोलॉजीलेब
Aएलोपैधिकक्लीनिक
Cडायगनोस्टिकसेन्टर(एम०आर०आई०)
Hआर्युवेदिक/यूनानी/होम्योपैथिकक्लीनिक
18
13 मेडिकलस्टोर
17 ट्रॉली/वाटरटेंक/सीवेजटेंक
14पशुचिकित्सालय
15 16
12प्राईवेटक्लीनक
8000
8000
6000 8000
4000
8000
6000
12000
ट्रान्सपोर्टएजेन्सी जेन्सी(बिनावाहन)
अन्य कोई
हेंवीगुड्स
16ट्रान्सपोर्टएजेन्सी(वाहन हनसहित)
15
18अन्य4पहियावाहन(वाणिज्यिकइंजन
14पशुचिकित्सालय
12आर्युवेदिक/यूनानी/होम्योपैथिकक्लीनिव
17ट्रॉली/वाटरटेंक/सीवेजटेंक
13मैडिकल/आर्युवेदिकस्टोर भाग 8 ]
43
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30 30, 1945 शक सम्वत्
500
500
1000
2000
3000
3000 2000 3000
1500 1500
1000
1000
1000 2500
साधारणकार
धर्मकांटा
लैक्सरीकार
फैक्ट्रीबस संग्रहकेन्द्र
टैक्सीसर्विस
स्कूलबस
स्कूलवैन
अन्यकोई
100
500
200
1500
1000
5000
1000
1000 5000
1500
3000
8000 1800
3000
1:1000
रिक्शाड्राईवरलाईसेंस
रिक्शापूलरमालढुलाई
ई-रिक्शास्वामीलाईसेंस
ई-रिक्शा/ऑटोरिक्श्किरायापरलाईसेंस
B04सीट
A4सीट
Bफलवसब्जीसंग्रहकेन्द्र
Aअनाजसेग्रहकेन्द्र
Aलकडीबिकीटॉल
Bसैटरिंगटॉल
22
21
20
23ऑटोरिक्शा
19लकड्रीटॉलकर
Transport
4000
4000 3000
2000
4000GoodCarriage
संग्रहकेन्द्र
अन्यकोई
19लकड्रीटॉलकर
23ऑटोरिक्शा 20धर्मकांटा
22टैक्सीसर्विस
21
GoodCarriage Transport
C07सीटसेऊपर
B7सीट
B06से10रिक्शाकिरायेपरलाईसेंस
A01से05रिक्शाकिरायेपरलाईसेंस
C11सेअधिकरिक्शाकिरायेपरलाईसेंस
A02सीट
32मिनीबस
33बस 25ई-रिक्शा04सीटयाअधिक
29
27
31रिक्शाएम्प्लीफायरविज्ञापन
30रिक्शास्वास्थ्यलाईसेंस
28
15साईकिलरिक्शा
26
800
4000 2000
2000
3000
1000
2500
2000 3000
2000
10000
15000
रिक्शाकिरायेपरलाईसेंस
02सीट
04सीट
07सीटसेऊपर
32मिनीबस
24साईकिलरिक्शा
33बस
25ई-रिक्शा04सीटयाअधिक
31रिक्शाएम्प्लीफायरविज्ञापन
28रिक्शास्वामीलाईसेंस
27रिक्शाड्राईवरलाईसेंस
26रिक्शापूलर
30रिक्शास्वास्थ्यलाईसेंस
29 [ भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
44
200
500
500
500
1000
1500
2000
1000
5000
2500
3000
1000
1500
3000
1500
3000
5000
11250
5000
8000
13000
15000
10000
15000
11250
15000
30000
18750
साईकिलएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
चारपहियावाहनऑटोउपकरण
पैडलवोटलाईसेंस
तीनपहियावाहनआटोउपकरण
दोपहियावाहनआटोउपकरण
बोटपूलरलाईसेंस
F11याउससेअधिकतीनपहियावाहन
D01से05तीनपहियावाहन
G01से05दोपहियावाहन
B06से10चारपहियावाहन
मोटरएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
E06से10तीनपहियावाहन
C11याउससेअधिकचारपहियावाहन
A01से05चारपहियावाहन
Bडबलसीट
Bहाथठेला
Aसिंगलसीट
Bकार
Cस्कूटी/बाईक
Aहेवी
Eबस-ट्रकएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
Cट्रैक्टरएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
Dट्रैक्टरएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
Bऑटोरिक्शाएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
Aई-रिक्शाएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
43Aतांगा/बंग्गी
45गैरेजपार्किगहेतु
44ऑटोउपकरण
39स्कूटरकार्यशाला
42
40बोटस्वामीलाईसेंस
41
38मौटरकार्यशाला
37रिक्शाएजेन्सी(संल्तएण्डसर्विस)
36
34स्कूटरएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
35
Pessenger Transportation
2000
3000
2000
4000
4000
1000
2000
15000
20000
15000
20000
40000
25000
गैरेजपार्किंगहेतु
सिंगलसीट
ऑटोउपकरण
डबलसीट
साईकिलएजेन्सी(संल्तएण्डसर्विस)
स्कूटरकार्यशाला
पैडलबोटलाईसेंस
तांगा/बग्गी/हाथठेला/लकड़ीकीटो
मौटरकार्यशाला
बोटस्वामीलाईसेंस
बोटपूलरलाईसेंस
रिक्शाएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
स्कूटरएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
मोटरएजेन्सी(संल्सएण्डसर्विस)
45
44
42
43
41
40
39
38
37
36
34 35
Pessenger Transportation 45
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
भाग 8 ]
4000 1000
3000 2000
3000
2000
1500
3000
3000
1000
2000
5000
5000
8000
500
4000
6000
6000
4000
4500
3000
3000
2000
3000
15000
10000
1000
सरकारीकार्यपोषित
कोचिंगक्लासेसएण्डकोचिंगसेंटर
100छात्रसख्या
50छात्रसख्या
50छात्र
प्राईवेटस्कूल
50छात्रसेअधिक
अन्यकोई
६संबद्धसरकारद्वारासहायताप्राप्त
Dसंबद्धसरकारद्वारासहायताप्राप्त
Cप्राईवेटकोचिंगसेंटर200छात्रसख्या
Cसंबद्धसरकारद्वारासहायताप्राप्त
Dसंबद्धसरकारद्वारासहायताप्राप्त
111याउससेअधिकदोपहियावाहन
Bप्राईवेटकोचिंगसेंटर100छात्रसख्या
Aप्राईवेटकोचिंगसेटर50छात्रसख्या
Lइण्टीरमीडिएट(12वीं)500छात्रतक
H06से10दोपहियावाहन
Bप्राईवेटकम्प्यूटरकेन्द्र50छात्रसेअधिक
Aप्राईवेटकम्प्यूटरकेन्द्र50छात्र
Jइण्टीरमीहढिएट(12वी)200छात्रतक
Kइण्टीरमीडिएट(12वीं)500छात्रतक
।हाईस्कूल(10वीं)500छात्रसेअधिक
Cप्राईमरी5वीं500छात्रसेअधिक
Fजूनियरहाईस्कूल(8वीं)500छात्रसेअधिक
Hहाईस्कूल(10थी)500छात्रतक
Gहाईस्कूल(10दी)200छात्रतक
Bप्राईमरी5वीं500छात्रतक
Mइण्टीरमीडिएट(12वीं)अल्पसंख्यक
Aप्राईमरी5वीं200छात्रतक
Eजूनियरहाईस्कूल(8वीं)500छात्रतक
Dजूनियरहाईस्कूल(8वीं)200छात्रतक
48
47कम्प्यूटरशिक्षाकेन्द्र
46
Health& educationCenter
4000
6000
4000 3000
8000
6000
20000
4000
10000
इण्टीरनीहढिएट(12वीं)
सबद्ध
प्राईवेट
संबद्ध
प्राईवेट
जूनियरहाईस्कूल(8वीं)
प्राईमरीऽवीं
हाईस्कूल(10वीं)
अन्यकोई
48कोचिंगक्लासेसएण्डकोचिंगसेटर
47कम्प्यूटरशिक्षाकेन्द्र
46प्राईवेटस्कूल
Health& educationCenter 46
[भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
100
4000
3000 3000
2000
4000
4000
500
1000
3000
2000
1000
3750
2000 3000
फिजियोथैरेपीक्लीनिक/योगाक्लीनिक
मूकबधिरस्कूल
मोटरट्रेनिंगस्कूल
200छात्रसख्या
अन्यकोई
जिम/व्यायामशाला/गैम्स
A01से05वाहनद्वारा
B6सेअधिकवाहनद्वारा
Fसंबद्धसरकारद्वारासहायताप्राप्त
Cगेम्सकैरम,स्नूकर,विलियर्ड
Bयोगाकेन्दक्लीनिक
Bए०सी०लकसेव्यायामशाला
Aफिजियोथैरेपीक्लीनिक
3000 5000
4000 1000
2000
3000
4000
2000
8000
15000
12000
चायकीदुकान
Fनॉनए०सी०रेस्टोरेंट20सीटतक
B.ए०सी०रेस्टोरेंट20सीटतक
Aए०सी०बाररेस्टॉरेट
Cए०सी०रेस्टोरेंट30सीटतक
Eनॉनए०सी०रेस्टोरेंट10सीटतक
।सामान्यखानपानकीदुकान
Bहाईवेपर
Bनॉनए०सी०बाररेस्टोरेंट
Aमैनहाईवेंकेअतिरिक्त Dए०सी०रेस्टोरेंट40सीटतक
Aए०सी०रेस्टोरेंट10सीटतक
Aजिमसाधारणव्यायामशाला
53.
49
52
50 स्वीमिंगक्लोसेसकेन्द्र
51
Gनॉनए०सी०रेस्टोरेंट30सीटतक
Hनॉनए०सी०रेस्टोरेंट40सीटतक
56पब
55
54रेस्टोरेंटएण्डऑलफूड्स
6000
6000
6000 5000
2000
10000
फिजियोथैरेपीक्लीनिक/योगाकेन्द्र
अन्यकोई
52मूकबधिरस्कूल
49
50स्वीमिंगक्लोसेसकेन्द्र
51जिम/व्यायामशाला/गैम्स
57 ढाबा/भोजनालय
Restaurants
2500
4000 5000
20000
15000
10000
नॉनए०सी०
नॉनए०सी०
ए०सी०
ए०सी०
56पब
55
54रेस्टोरेंटएण्डऑलफूड्स
53मोटरट्रेनिंगस्कूल
57ढाबा/भोजनालय
Restaurants 47
भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनर जनवरी , 2024 ई ० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
500
4000
3750
1500
1000
5250
3000 6000
1500
1000
2250
2000
4000
4000
3000 3000
7500
1500
5000
8000
6000
8000
10000
10000
10000 15000
20000
कॉटनमशीन
पेट्रेल/डीजलपम्प
कोल्डड्रिक्स/सोडा/वाटरफैक्ट्री
अन्यकोई
अन्यपेट्रोलियमशॉप
सी०.एन०जी०पम्प
A4नोजिल
B8नोजिल
C12नोजिल
Aथोक
Aथोक
8खुदरा
Bखुदरा
E20नोजिलऔरअधिक
D16नोजिल
Cतेलपिसाईमशीन 8अन्यकोई
Bखुदरा
Cआईसकीमफैक्ट्री
Bमसालापीसनेकीचक्की
Bआटाचक्की
Aथोक
Gसी०.एन०जी०पम्पथोक
Hसी०एन०जी०खुदरा
8कोल्डड्रिक्स/सोडा/वाटरएजेन्सी
59
63
66स्पाईसमिल
62
69भूसास्टोर
F
61कुकिंगगैसएजेन्सी
58फास्टफूडसेन्टर
60कैरोसिन/स्प्रिट/एसिड
64 साबनफैक्ट्री
68
67पीसनेकीमशीन
65चूनाभट्टी
Petroleum
Factory/Mill
3000
3000
8000
5000
4000
3000
4000 6000 6000
7000
10000
20000
10000
25000
10000
10000
20000
खुदरा
खुदरा
खुदरा
थोक
थोक
थोक
अन्यकोई
अन्यकोई
59पंट्रोल/डीजलपम्प
69भूसास्टोर 58खानपान
64साबनफैक्ट्री
65चूनाभट्टी
66स्पाईसमिल/पल्सग्राईन्डर
67पीसनेकीमशीन
63कोल्डड्रिक्स/सोडा/वाटरफैक्ट्री
62अन्यपेट्रोलियमशॉप
60कैरोसिन/स्प्रिंट/एसिड
68कॉटनमशीन
61कुकिंगगैसएजेन्सी
Petroleum
Factory/Mill 48
[ भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
500
500
500
750
500
4000
5000
1000 4000
5000 3000
4500
6000
6000 3000 3000 3000 1000 5000 2000
2000 2000
2500
7500
5000
10000 10000
12000
10000
30000
50000
30000
10000
एल्युमिनियम/लोहाबेल्डिंगवर्कशॉप
इलैक्ट्रिीकलकार्यशाल
आरामशीनछोटी
आरामशीनबडी
आसवानी
कबाड़ी
कबाडव्यवसाय
लोहारछोटाव्यवसायी
अन्यकोई
शराबवाटलिंगप्लांट
।ब्यूटीपार्लरए०सी०ब्राण्डेड Fराईसमिल
DIसेलॅननॉनए०सी०
Cबढई
Bलकडीकाकारखाना
Eब्सेलॅनए०सी०
Fब्यूटीपार्लरनॉनए०सी०
Eएक्सपेलरछोटे
Aलकडीकीटॉल
Cतेलमिल
Gब्यूटीपार्लरए०सी० Aफलोरमिल
Hपेपरमिल
Hब्यूटीपार्लरनॉनए०सीब्राण्डेड ।पैकेजिंगफैक्टी
72
73लोहार
82 डेटिंगपैंटिंग
81 पम्पमरम्मत
84संरचना/गढाई/अन्यनिर्माणकार्य 70धानमशीन
78कम्प्रेशर/पंचरआदि
74
71
83अन्यकार्यशाला
77
80ट्रैक्टरमरम्मत
79
75 76
Workshop
4000
4000
4000
6000
4000
1000
2000
6000
6000
8000
8000
40000
10000
10000
30000
10000
अन्यकोई
72आसवानी
74कबाडी
73लोहार
78कम्प्रेशर/पंचरआदि
79एल्युमिनियम/लोहाबेल्डिंगवर्कशॉप
84संरचना/गढाई/अन्यनिर्माणकार्य
83अन्यकार्यशाला
82डेटिंगपैंटिंग
77आरामशीन
71शराबवाटलिंगप्लांट
80ट्रैक्टरनरम्मत
81पम्पमरम्मत
76इलैक्ट्रिीकलकार्यशाल
75कबाडव्यवसाय
70धानमशीन
Workshop
49
भाग 8 ]
उत्तराख खण्ड ग गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30 , 1945 शक सम्वत्)
750
7500
4500
3750 3000
6000
4500
4500 2250 5000
1000
4000 7500
3000
4500
1000 1500
1500 1500
12500 6000
15000 4500
3000
3000 2000
4000
12000
1500
4000 3000
3000
पशुधनविकत्ता(पक्षी)
पशुधनविकता(जानवर)
हड्डीकालगोदाम
मछलीमीटशॉपहोलसेलर
अन्यकोई
पशुघर
मुर्गीफार्ममांसहेतु
अन्यकोई
घी/दूधडेयरीछोटेव्यापारी
Cभैसामीटशॉप
Eमुर्गाबकरामीटशॉप
Cब्राण्डेडपैक्डदूध,ची,दहीआदिकीएजेन्सी
Fमुर्गाबकरामछलीनीटशॉप
Cमछलीमीटशॉपछोटाफड
Bमुर्गामीटशॉप
Dबकरामीटशॉप
Bधी/दूधडेयरीबडेव्यापारी
Eअन्यकोई
D50से100एच०पी०
Bमछलीमीटशॉपबड़ीदुकान
C20से40एच०पी०
A10एच०पी०
B10से20एच०पी०
92
99बैंक
100मनीलेंण्डर/एक्सचेंजर
96मुर्गीफार्मअण्डाहेतु
91पशुवधशाला
94
98चिटफण्ड/फाईनेंसकम्पनी
97
B
87 पायर
93 95
88 अण्डाशॉप
90सुअरमीटशॉप
89
86साईनबोर्ड/बेनरमेकर
85वाहनोंकीधुलाई
Livestock/
Banking/Insurance
Power
AnimalHusbandry
3000 4000 4000 2000 4000 6000 8000 4000 6000 4000 4000 6000 3000 5000 4000 1000 6000 10000 20000 15000
10000 15000
85वाहनोंकीधुलाई 86साईनबोर्ड/बेनरमेकर अन्यकोई 10एच०पी० 10से20एच०पी० 20से40एच०पी० 50से100एच०पी० अन्यकोई 88अण्डाशॉप 90सुअरवभैसामीट 91पशुवधशाला 93पशुधनविकता(पक्षी) 94पशुधनविकता(जानवर) 95घी/दूधडेयरी 96मुर्गीफार्न 97हड्डीखालगोदाम अन्यकोई 98चिटफण्ड 100मनीलेंण्डर/एक्सचेंजर
87पावर 89मछली 92पशुघर 99बैंक
Banking/Insurance
Livestock/
AnimalHusbandry
Power 50
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
3750
1000
4000
6000 7500
7500 5000
3000 7500
2000
7500
7500 1000
2000
7500
3000
3000
3000 2000
4000
4500
4500 3000
3000
7500 2000
10000
4000
15000
10000
समाचारपत्र/मुख्य/जर्नलपब्लिसर
प्रापर्टीडीलरएजेन्सी/कम्पनी
बिल्डर/कन्सट्रक्शनकम्प्नी
पान/सिगरेटशापहाथठेला
अन्यकोई
Eदैनिक
Cपाक्षिक
Eदैनिक
Cपाक्षिक
Dसाप्ताहिक
Dसाप्ताहिक
B(प्रेससहित)रेगीनफुलसाईज
Bप्रापर्टीडीलर
B(प्रेसकेबिना)रेगीनफुलसाईज
Bबिल्डर/रजिस्टरएक्लास
Cबिल्डर/रजिस्टरबीक्लास
Dबिल्डर/रजिस्टरसीक्लास
Bआर्याटैक्ट/सलाहकारकम्पनी
118पान/सिगरेटशापऔटोवेन
116व्यक्तिगतवाणिज्यिककार्यालय/चैम्बर
113सफाईठेकेदार
117अन्यकोई
114मॉडलिंगएजेन्सी
111फिल्ममैंकिंगस्टूडियों
112वैवाहिकएजेन्सी
115व्यावसाकिय/सदस्यक्लब
106स्टोनकेशर
110कालसेन्टरा/बिजनेसप्रोसेसआउटसोर्सिग
107एडवरटांईजिंगएजेन्सी
109
105
102आर्कटैक्ट/सलाहकार
108समाचारपत्र/मुख्य/जर्नलपब्लिसर
101ए०टी०एम०बैंकऑनसाईट/ऑफसाईट
103ऑनरऑफटेलीकम्प्युनिकेशनटॉवर
104
Finance
Firm/Compnies
/Agency
3000
6000
5000
8000
15000
10000 5000
10000
6000
10000
5000
10000
6000/
10000
15000
10000
20000
10000
25000
आर्कटैक्ट/सलाहकार
बिल्डर/रजिस्टरएक्लास
औनरऑफटेलीकम्प्युनिकेशनटॉवर
(प्रेसकेबिना)
अन्यकोई
113सफाईठेकेदार
114मॉडलिंगएजेन्सी
112वैवाहिकएजेन्सी
117अन्यकोई
118पान/सिगरेटशाप
106स्ओनकेशर
111फिल्मनैकिंगस्टूडियों
115व्यावसाकिय/सदस्यक्लब
116कार्यालय/चैम्बर/स्टूडियो
110कालसेन्टरा/बिजनेसप्रोसेसआउटसो
107एडवरटांईजिंगएजेन्सी
105प्रापर्टीडीलर
104
109समाचारपत्र/मुख्य/जर्नलपब्लिसर(प्रेच
108समाचारपत्र/मुख्य/जर्नलपब्लिसर(प्रेच
102 103
101ए०टी०एम०बैंकऑनसाईटऑफसाईव
Firm/Compnies /Agency
/Finence 51
भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 45 शक सम्वत्)
500
100
500
500
1500
500
2000
1500
500
1000
2000 2000
500
1500
500
500
1000 8000 6000 2000 3000
8000 3000
5000 2000
8000 1000
1000
20000
10000
15000
10000
लेदरउद्यमशॉप
जनरलस्टोरबडीथोकदुकान
किरानास्टोरबडीथोकदुकान
प्रेसस्टॉलहाथठेला
अन्यकोई
Cगन्नेकाकोल्ह
Bजूसस्टॉलफलहाथठेला
Cहाथगाडीपरखान-पान
Fआईसक्रीमपार्लरविकता
Bलेदरकार्य
Eचायकीदुकान
Gफलवसब्जीफरीवाला
Dऑटोवेनपरखान-पान
Hअन्यकोई
Fब्राण्डेडजूतोकाशौरूम
Cजनरलस्टोरछोटीफुटकरदुकान
Eजूतोकीदुकान
Gज्वेलरीशॉप
Bजनरलस्टोरबडीफुटकरदुकान
Hब्राण्डेडज्वेलरीशॉरूम
Cकिरानास्टोरछोटीफुटकरदुकान
Bस्वीट्सशापछोटीदुकान
Bकिरानास्टोरबडीफुटकरदुकान
Aस्वीट्सशापबडीदुकान
120प्रेसस्टॉल
119जूसस्टॉलशॉप
121
122विदेशीशराबगोदाम
123भांगकाठेका
125देशीशराबकीकैंटीन
124विदेशशराबकीकैंटीन
126
127
129खादीयस्त्रभण्डार
130स्वीट्सशाप
128सरकारीजनरलव्यापारी
StreetVender
LiquorRetail
2000
5000
4000
4000
4000
8000
6000
4000
25000
4000
4000
4000
10000
10000
जूसस्टॉल
विदेशशराबकीकैंटीन
अन्यकोई
देशीशराबकीकैंटीन
अन्यकोई
120स्त्रीस्टॉल
121लेदरउद्यम
119
122विदेशीशराबगोदान
123भांगकाठेका
126जनरलस्टोर
124
125
127किरानास्टोर
128सरकारीजनरलव्यापारी
129खादीवस्त्रभण्डार
130स्वीट्सशाफप
StreetVender
LiquorRetail 52
[ भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
100
500
5000
4000 500
1500 1000
1000
3000 3000
5000
1500
1500
3000
1500
1500
7500
1000
2000
3000
2000
3000
2000
1000
1:000
6000
टेलीविजन,एयरकन्डीशनर,रेफ्रिजेरेटरए
स्टेशनरी
कपासवरूईविकता
एण्डवाशिकमशीनएप्लाईसेंस-
ऊनहोजरी
फलवसब्जीकाफड
फलवसब्जीकीआढत
फलवसब्जीकीदुकान
गुड/तिलहन/खाण्डसारी
बुकपब्लिशर/विकतापुस्तकमेंआपूर्तिकर्ता
मेवेकीदुकान
Fव्यण्डेडअन्यप्रकारकेशौरूम
Eब्राण्डेंडरेडीमेडशौरूम
Cकपडेकीदुकान
Bहेण्डलूमशॉरूम
Dरेडीमेडकपडोकीदुकान
Aबॉडेडशौरूम
Aहेण्डलूमशॉप
Bनॉनबॉडेड
Bफेरीवाला
Bखुदरा
Aथोक
Cस्टेशनरीकीछोटीफुटकरदुकान
Aस्टेशनरीकीबडीथोकदुकान
Bस्टेशनरीकीबडीफुटकरदुकान
Cकन्फैक्शनरीछोटीफुटकरदुकान
Bकन्फैक्शनरीबडीफुटकरदुकान
Aकन्फैक्शनरीबडीथोकदुकान
144
142फर्नीचरहाउस
143हस्तशिल्प
138हॉकर
141
140
139चूडीविकता
135
133
137ड्राईक्लीनर्स
136
131
134
132
RetailShops/
Store
8000
4000
6000
2000 2000
2000
5000 1000
10000
5000
4000
2000
4000
6000
10000 10000
अॅडेड
एण्डवाशिकमशीनएप्लाईसेंस
खुदरा
अनाजतिलहनचीनीगुडखाण्डसारी
नॉनअॅडेड
थोक
फलवसब्जीकीआढत
बुकपब्लिशर/विकतापुस्तकमेंआपूर्तिक
142फर्नीचरहाउस
144टेलीविजन,एयरकन्डीशनर,रेफ्रिजेरेटर
143हस्तशिल्प
141ऊनहोजरी
140कपासदरूईविकता
133स्टेशनरी
137धोबी
136
138हॉकर/फेरीवाला
139चूडीविकता
134फलवसब्जीकीदुकान
135
132
131मेवेकीदुकान
RetailShops/ Store भाग 8 ]
53
उत्तराखण्ड गजट , 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शव शक सम्वत्)
500
500
4500
2000 4000
4000 1000 2000
4000
6000
3000 1000
1000
2000
3000
2000
1000
8000
7500
3000
3000
6000
3000
3000
2000
1000
3000
2000 3000
3000
2000
10000 10000
इलैक्ट्रॉनिक्सआईटमथोककीदुकान
कम्प्यूटरहार्डवेयर/साफटवेयरस्टोर
मोबाईलफोनआउटलेटशौरूम
कूरियरसर्विस/लॉजिस्टिकमैनेजमेंट
केबिल/डिशटी०बी०ऑपरेटर
क्लॉकरिपेयर/सेलर
साईबरकैफे/विडियोगेम
फोटोस्टूडियो/विडियाग्राफर
Aबडेशोरूम
Cमार्बलएवंटाईल्सशौरूम
Cहार्डवेयरशौरूम
F/सेनेटरीएण्डहाडवेयरछोटीकीदुकान
Bछोटेशोरूम
Bइलैक्ट्रिकआईटमरिटेलकीदुकान
Cमोबाईलफोनरिपेयरिंगशॉप
Cइलैक्ट्रिकआईटमकीछोटीदुकान
Bहार्डवेयरकीछोटीदुकान
Eसेनेटरीएण्डहाडवेयरबडीकीदुकान
Bइलैक्ट्रॉनिक्सआईटमरिटेलकीदुकान
Cइलैक्ट्रॉनिक्सआईटमकीछोटीदुकान
Bमार्बलएवंटाईल्सकीदुकान
Dसेनेटरीएण्डहाडवेयरकाशौरूम
Bकम्प्यूटरहार्डवेयर/साफटवेयरशौरूम
Bमोबाईलफोनशॉप
Bऑनलाईनबिजनेससप्लायर
Bफर्टीलाईजरकीछोटीदुकान
152
145हार्डवेयरकीबडीदुकान
150
148कन्स्ट्रक्शनएण्डविल्डिंग्समैटेरियल
147इलैक्ट्रिकआईटमथोककीदुकान
156समाचारपत्रवितरक
151
146
154
157फोटोकॉपीवअन्य
149
158फर्टीलाईजरकीबडीदुकान
155ई-मैल/ई-कामर्स/इन्टरनेट/साईबर
153
6000
6000
4000
6000
2000
8000
6000
1000
5000
5000 1000
20000
10000
10000
इलैक्टीकल्सआईटम
इलैक्ट्रॉनिक्सआईटम
बडेशौरूम
154कूरियरसर्विस/लॉजिस्टिकमैनेजमेंट
147
146
148कन्स्ट्रक्शनएण्डविल्डिंग्समैटेरियल
149कम्प्यूटरहार्डवेयर/साफटवेयरस्टोर
150मोबाईलफोनआउटलेट
145हार्डवेयरकीदुकान
152केबिल/डिशटी०वी०ऑपरेटर
151क्लॉकरिपेयर/सेलर
156समाचारपत्रवितरक
157फोटोकॉपीवअन्य
153फोटोस्टूडियो/विडियाग्राफर/साईबरहै
155ई-मैल/ई-कामर्स/इन्टरनेट/साईबर
158फर्टीलाईजरकीदुकान 54
[ भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी, 2024 ई० (पौष 30, 30, 1945 शक सम्वत्)
500
500
500 500
2000
5000
4000
2500
5000
2000
2000
2000 3000
1000
5000
2000
3000
5000
4000
2000
2000 1000
2000
10000
10000
15000
10000
10000
10000
20000
10000 10000
15000
लाउण्डसपीकर/एम्प्लीफायर
छापाखाना/प्रिटिंगप्रेस
सांस्कृतिकयाधार्मिकमेलायात्यौहार
संग्राहलय/आर्टगैलरी
स्मारिकास्टोर
शॉपिगमॉलसामान्य
पटाखोकीदुकान
पौधोकीनर्सरीबडी
पूजासामग्री
फूलविकंता/आपूर्तिकर्ता
डी०जे०ध्वनीहाईफाई
Eटायरछोटीशॉप
Cपेंन्टकीगलीमेंछोंटीदुकान
Dटायरबडीशॉप
Bपेंन्टकीछोंटीदुकान
Aपेंन्टकबड़ीदुकान
Bपौधोकीनर्सरीछोटी
Bकैटर्स
Bशॉपिगमॉलब्राण्डेड
Bसुपरमार्केटब्राण्डेड
Bडी०जे०ध्वनीसामान्य
Bफूलविक्रेता/माली
175सर्कस
173
177पटाखोकीगोदाम
174
179दैनिकबाजार
172
166
169टेण्डहालस
160
176प्रदर्शिनी
178साप्ताहिकबाजार
161बेण्डमास्टर
171
167सिनेमाहॉल
163टैटूपॉर्लर
170
165सुपरमार्केटसामान्य
168मल्टीप्लेक्स
159
164
162
4000
2000
2000
8000
2000
5000
4000 2000
4000 4000
5000
15000
10000
10000
25000
10000
10000
25000
20000 20000
10000
लाउण्डसपीकर/एऍप्लीफायर
सांस्कृतिकयाधार्मिकमेलायात्यौहार
शॉपिगनॉल
प्रदर्शिनी
पूजासामग्री
पौधोकीनर्सरी
सुपरमार्केट
टैटूपॉर्लर
175सर्कस
179दैनिकबाजार
176
170छापाखाना
173
172 174स्मारिकास्टोर
168मल्टीप्लेक्स
178साप्ताहिकबाजार
171संग्राहलय/आर्टगैलरी
166
169टेण्डहाउस
167सिनेमाहॉल
177पटाखोकीदुकान
161बेण्डमास्टर
159डी०जे०ध्वनी
164
165
160
163
162फूलविक्रेता/आपूर्तिकर्ता भाग 8 ]
55 उत्तराखण्ड गजट, 20 जनवरी , 2024 ई० (पौष 30, 1945 शक सम्वत्)
2500
2500 2500
2500
3000
3000
महापौर,
ऊषाचौधरी,
नगरनिगमकाशीपुर।
स्पोर्टसशॉप
Fटायरछोटीशॉपगलीमें
।चश्मेंवघड़ीकीदुकान
Kअन्यदुकान
Gबर्तनस्टोर
Hप्लास्टिककेसामानकीदुकान
विवेकराय,
नगरआयुक्त, नगरनिगम,काशीपुर।
पी०एस०यू०(आर०ई०)03हिन्दीगजट, मुद्रकएवम्प्रकाशक-अपर ट/03-भाग8-2024(कम्प्यूटर/रीजियो)। निदेशकराजकीयमुद्रणालय,उत्तराखण्ड,रुडकी।