पंजीकरण संख्या- UA/ DO/DDN/30 /2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड--25] रुड़की, शनिवार, दिनांक 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्) ( संख्या-12
फार्म नं0 4
(नियम ४ देखिये)
1-प्रकाशन
2-प्रकाशन की अवधि
3-मुद्रक का नाम
(क्याभारतीय नागरिक हैं)
(यदि विदेशी हों तो मूल देश ) पता
4-प्रकाशक का नाम
(क्याभारतीय नागरिक हैं) (यदि विदेशी हों तो मूल देश) 5- सम्पादक का नाम
(क्या भारतीय नागरिक हैं) (यदि विदेशी हों तो मूल देश ) पता
6-उन व्यक्त्तियों के नाम व पते जो
समाचार- पत्र के स्वामी हों तथा जो समस्त पूंजी के एक प्रतिशत से अधिक के साझेदार हों ।
: रुड़की ।
: साप्ताहिक ।
संयुक्त निदेशक, प्रमोद कुमार सिंह ।
भारतीय ।
संयुक्त निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
संयुक्त निदेशक, प्रमोद कुमार सिंह ।
भारतीय ।
उत्तराखण्ड शासन ।
भारतीय ।
सचिवालय, उत्तराखण्ड, देहरादून ।
:
सचिवालय, उत्तराखण्ड, देहरादून ।
मैं , प्रमोद कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक एतद्वारा घोषित करता हूँ कि मेरी अधिकतम जानकारी एवं विश्वास के अनुसार ऊपर दिये गये विवरण सत्य हैं ।
(प्रकाशक के हस्ताक्षर)
प्रमोद कुमार सिंह,
संयुक्त निदेशक,..
राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
363-क 364
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
विषय - सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु० सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
363-367
1500 भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
भाग 1 -क-नियम , कार्य- विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
97-114
1500
975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
31-37
भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
109-110
975 स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
राजस्व अनुभाग -1
अधिसूचना
14मार्च, 2024 ई ०
संख्या 138 / XVIII (1 ) / 2024-E- 63508- चूंकि , जनभावनाओं के दृष्टिगत् जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखण्ड जौनपुर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम 'भुटगांव ' का नाम परिवर्तन किया जाना आवश्यक है ;
और चूंकि, भारत सरकार के पत्र संख्या-130 / 53 पब्लिक, दिनांक 11 सितम्बर , 1953 में ग्रामों के नाम परिवर्तन के पूर्व प्रस्ताव पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय से पूर्वानुमति लिया जाना अपेक्षित हैं;
और चूंकि, गृह मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा पत्र संख्या- SM/28 / 2/2024 , दिनांक 19.01.2024 में राजस्व ग्राम " भुटगाँव ' का नाम परिवर्तन कर " द्वारिकापुरी " किये जाने सम्बन्धित अपनी सहमति दी जा चुकी है ;
:
भाग 1 ]
365 उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
अतएवं अब राज्यपाल , उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम, 1904 (अधिनियम संख्या -1 वर्ष 1904) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके इस आदेश के गजट में प्रकाशित होने की तारीख से जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखण्ड जौनपुर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम ' भुटगाव ' का नाम नीचे दी गयी अनुसूची के अनुसार परिवर्तित किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
अनुसूची
क्र०सं ०
ग्राम का वर्तमान नाम
परिवर्तन के पश्चात् ग्राम का नाम
1.
भुटगांव
द्वारिकापुरी
2- राज्यपाल यह भी निर्देश देते है कि इस आदेश के किसी बात का प्रभाव किसी विधि न्यायालय में जिसमें अब तक उक्त राजस्व ग्राम के सम्बन्ध में अधिकारिता का प्रयोग किया गया है , पहले से प्रारम्भ की गयी या अनिर्णीत किसी विधिक कार्यवाही पर नही पड़ेगा
In pursuance of the provision of Clause ( 3) of the Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English Translation of Notification No.138/ XVIII ( 1 ) /2024 -E- 63508 Dated-March 14 , 2024 for general information .
NOTIFICATION
March 14, 2024
No.138 /XVIII ( 1 ) /2024 - E- 63508 --Whereas , in view of public sentiments , it is necessary to change the name of revenue village 'Bhutgaon' located in block Jaunpur of District Tehri Garhwal ;
AND WHEREAS , in the Government of India's letter No.130 /53 Public , dated September 11 , 1953 , prior permission is required to be obtained from the Ministry of Home Affairs , Government of India on the proposal to change the name of villages;
AND WHEREAS , the Ministry of Home Affairs , Government of India has given its consent regarding the renaming of revenue village " Bhutgaon " to " Dwarikapuri " in its letter number - SM/ 28/2/2024 , dated 19.01.2024;
Now therefore , in exercise of the powers conferred by section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act , 1904 (Act No. 1 of 1904 ) , from the date of publication of this order in the Gazette , the Governor is pleased to allow to change the name of the revenue village ' Bhutgaon ' situated in block Jaunpur of District Tehri Garhwal , as per the schedule given below.
schedule
SL . No
present name of village village name after the change 1.
BHUTGAON
DWARIKAPURI
2- The Governor also directs that nothing in this order shall have effect in any court of law which has hitherto exercised jurisdiction in respect of the said revenue village . shall not affect any legal proceedings already initiated or pending .
366
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
अधिसूचना
14 मार्च , 2024 ई०
संख्या 139 / XVIII ( 1 ) / 2024 -E- 65001- चूंकि, जनभावनाओं के दृष्टिगत् जनपद चम्पावत की तहसील लोहाघाट के अन्तर्गत राजस्व ग्राम 'चौड़ीभाट' का नाम परिवर्तन किया जाना आवश्यक है;
और चूंकि, भारत सरकार के पत्र संख्या-130 / 53 पब्लिक , दिनांक 11 सितम्बर , 1953 में ग्रामों के नाम परिवर्तन के पूर्व प्रस्ताव पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय से पूर्वानुमति लिया जाना अपेक्षित हैं;
और चूंकि, गृह मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा पत्र संख्या- SM/28/4/ 2024, दिनांक 02.02.2024 में राजस्व ग्राम " चौड़ीभाट " का नाम परिवर्तन कर "चौड़ी" किये जाने सम्बन्धित अपनी सहमति दी जा चुकी है ;
अतएवं अब राज्यपाल, उत्तर प्रदेश साधारण खण्ड अधिनियम , 1904 (अधिनियम संख्या -1 वर्ष 1904 ) की धारा 21 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके इस आदेश के गजट में प्रकाशित होने की तारीख से जनपद चम्पावत की तहसील लोहाघाट के अन्तर्गत राजस्व ग्राम 'चौड़ीभाट' का नाम नीचे दी गयी अनुसूची के अनुसार परिवर्तित किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
अनुसूची
क्र०सं ०
ग्राम का वर्तमान नाम
परिवर्तन के पश्चात् ग्राम का नाम 1.
चौड़ीभाट
चौड़ी
2- राज्यपाल यह भी निर्देश देते है कि इस आदेश के किसी बात का प्रभाव किसी विधि न्यायालय में जिसमें अब तक उक्त राजस्व ग्राम के सम्बन्ध में अधिकारिता का प्रयोग किया गया है , पहले से प्रारम्भ की गयी या अनिर्णीत किसी विधिक कार्यवाही पर नही पड़ेगा ।
आज्ञा से ,
रमेश कुमार सुधांशु , प्रमुख सचिव ।
Inpursuance of the provision of Clause (3) of the Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the- publication of the following English Translation of Notification No.139/ XVIII ( 1 ) /2024 -E- 65001 Dated- March 14, 2024 for general information .
NOTIFICATION
March 14, 2024
No.139/XVIII ( 1 ) /2024-E - 65001 --Whereas , in view of public sentiments , it is necessary to change the name of revenue village ' Choudibhat' located in tehsil Lohaghat of District Champawat ;
AND WHEREAS , in the Government of India's letter No.130/53 Public , dated September 11 , 1953 , prior permission is required to be obtained from the Ministry of Home Affairs , Government of India on the proposal to change the name of villages ;
AND WHEREAS , the Ministry of Home Affairs, Government of India has given its consent regarding the renaming of revenue village " Choudibhat " to "Chauri " in its letter number - SM /28/ 4/2024 , dated 02.02.2024;
भाग 1 ]
367 उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
Now therefore , in exercise of the powers conferred by section 21 of the Uttar Pradesh General Clauses Act , 1904 (Act No. 1 of 1904) , from the date of publication of this order in the Gazette , the Governor is pleased to allow to change the name of the revenue village ' Choudibhat' situated in tehsil Lohaghat of District Champawat , as per the schedule given below.
schedule
SL . No
present name of village
village name after the change 1 .
CHOUDIBHAT
CHAURI
2- The Governor also directs that nothing in this order shall have effect in any court of law which has hitherto exercised jurisdiction in respect of the said revenue village . shall not affect any legal proceedings already initiated or pending.
By Order,
RAMESH KUMAR SUDHANSHU , Principal Secretary.
आयुष एवं आयुष शिक्षा अनुभाग
अधिसूचना
05 मार्च , 2024 ई०
संख्या 380 / XL - 1 / 2024-18 / 2004 ( E - 48206 ) -आयुष मंत्रालय, भारत सरकार , नई दिल्ली के आदेश संख्या- T-20020/ 9 / 2020 - DCC (AYUSH ) दिनांक 31.10.2022 के क्रम में श्री राज्यपाल महोदय , ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक रूल्स, 1945 के नियम-154 (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट , 1945 की धारा 33P में निहित प्राविधानान्तर्गत आयुर्वेदिक, सिद्धा एवं यूनानी पद्धति की औषधियों के विनिर्माण अनुज्ञप्ति (लाईसेंस) जारी किये जाने हेतु आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग द्वारा निर्गत अधिसूचना संख्या -228 / XL - 1 / 2024-18/2004 दिनांक 21 फरवरी , 2023 व संख्या-915 / XL-1/2024-18 / 2004 दिनांक 16 जून, 2023 के द्वारा गठित विशेषज्ञों के निम्नांकित पैनल का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से 01 वर्ष तक (दिनांक 21.02.2024 से 20.02.2025 तक ) बढाये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
अध्यक्ष 1- राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी / लाईसेंसिंग प्राधिकारी , आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें उत्तराखण्ड देहरादून ।
अनुज्ञापन अधिकारी
2-
सदस्य
द्रव्यगुण विशेषज्ञ
डॉ० दिनेश चन्द्र सिंह एम.डी. (आयु ०) पी.एच.डी. , प्रोफेसर एव विभागाध्य क्ष द्रव्यगुण विभाग उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ऋषिकुल परिसर हरिद्वार
3-
सदस्यं
रसशास्त्र विशेषज्ञ
डॉ० राजीव कुरेले एसोसिएट प्रोफेसर रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना , उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय मुख्य परिसर हरिद्वार
4-
औषधि
सदस्य
नियंत्रण तंत्र
डॉ० के ०के ० पाण्डेय , सहायक औषधि नियंत्रक / औषधि निरीक्षक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें उत्तराखण्ड देहरादून ।
सचिव
आज्ञा से,
डॉ० पंकज कुमार पाण्डेय , सचिव ।
पी० एस ० यू० (आर0 ई0 ) 12 हिन्दी गजट / 118 - भाग 1-2024 ( कम्प्यूटर / रीजियो)
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
UTTARAKHAND STATE LEGAL SERVICES AUTHORITY
HIGH COURT CAMPUS , NAINITAL
NOTIFICATION
February 14 , 2024
No. 181 / 1-2-/ 2024/ SLSA -- Shri Sahdev Singh , Member Secretary , Uttarakhand State Legal Services Authority, Nainital is hereby sanctioned :
1. Earned Leave for 59 days w.e.f. 13th December, 2023 to 09th February, 2024 .
By Order of the Hon'ble Executive Chairman ,
Sd/-
SAYED GUFRAN , Officer on Special Duty.
97-ख 98
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
21st February, 2024
No. 227 / III (4) -B -2009-10 / SLSA/ 2024 --In exercise of the powers conferred under Section 22B of the Legal Services Authorities Act , 1987 , provisions of the Permanent Lok Adalat ( Other Terms and Conditions ofAppointment of Chairman and Other Persons ) Rules , 2003 and in pursuance of the recommendation letter dated 21st February, 2024 of Hon'ble High Court of Uttarakhand , Hon'ble the Executive Chairman , Uttarakhand State Legal Services Authority, Nainital is pleased to appoint Ms. Anjali Noliyal , 7th Additional District & Sessions Judge , Dehradun as Chairman , Permanent Lok Adalat , Dehradun . Note: - The above transfer order will come into force with immediate effect .
By Order of the Hon'ble Executive Chairman ,
Sd/-
SAHDEV SINGH , Member - Secretary.
NOTIFICATION
March 02, 2024
No. 287 / III - B - 2009-10 / SLSA /2024 --In exercise of the powers conferred under Section 22B of the Legal Services Authorities Act , 1987 , provisions of the Permanent Lok Adalat ( Other Terms and Conditions ofAppointment of Chairman and Other Persons ) Rules , 2003 and in pursuance of the recommendation letter dated 29th February, 2024 of Hon'ble High Court of Uttarakhand , Hon'ble the Executive Chairman , Uttarakhand State Legal Services Authority , Nainital is pleased to appoint Sri Ramesh Singh , Judge , Family Court , Nainital as Chairman , Permanent Lok Adalat , Nainital , in addition to his present duties.
Note: The above order will come into force with immediate effect .
NOTIFICATION
March 02, 2024
No. 290 / III - A - 1/2009 / SLSA --Ms . Shachi Sharma , Secretary, District Legal Services Authority, Almora is hereby sanctioned medical leave for a period of 15 days w.e.f. 12.02.2024 to 26.02.2024 .
By Order of the Hon'ble Executive Chairman ,
Sd/- PRADEEP KUMAR MANI , Member- Secretary.
भाग 1 -क]
99 उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
निदेशालय पंचायतीराज , उत्तराखण्ड
06 मार्च , 2024 ई०
संख्या 1031 / 933 / जि0पं०अ ० को0 /2022-23 देहरादून
जिला पंचायत अल्मोड़ा द्वारा उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (अधिनियम सं0-11 , वर्ष 2016) के भाग-4 की धारा 106 , के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत, अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि-2023 को प्रस्ताव संख्या -04 दिनांक- 04.09.2023 द्वारा जनपद अल्मोड़ा, के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत , ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि-2023 निर्मित की गई हैं ।
कार्यालय जिला पंचायत, अल्मोड़ा
ग्रामीण ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं स्वच्छता उपविधि- 2023
उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा 106 में जिला पंचायतों के प्रयोजन के लिये ऐसे विषय के सम्बन्ध में जिनका उपविधियों द्वारा शासित होना इस अधिनियम द्वारा अपेक्षित है में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए व वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत " ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016" के अन्तर्गत वॉछित व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन एवं विनियमन हेतु जिला पंचायत, अल्मोड़ा द्वारा ग्रामीण ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन व स्वच्छता उपविधि, 2023 बनायी जाती है , जो जनपद अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासियों के स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सुविधा समुन्नती अनुरक्षण तथा ठोस अपशिष्टों के संग्रहण , भण्डारण, परिवहन , प्रसंस्करण एवं निपटान तथा स्वच्छता सम्बन्धी प्रकरणों के सभी मामलों के प्रयोजन हेतु जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो , उनसे आपत्ति एवं सुझाव प्राप्ति हेतु प्रकाशित की जा रहीं है । जो कि राजकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू होगी ।
अतः यदि किसी व्यक्ति को उपविधि के सम्बन्ध में कोई आपत्ति अथवा सुझाव हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के भीतर कार्यालय जिला पंचायत , अल्मोड़ा में प्रस्तुत कर सकते है । नियत तिथि के उपरान्त किसी भी सुझाव / आपत्ति पर विचार नहीं किया जायेगा ।
ग्रामीण ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं स्वच्छता उपविधि, 2023 परिभाषाएँ- जो जिला पंचायत, अल्मोड़ा की ग्रामीण क्षेत्र से सम्बन्धित है । यह कि
1- " संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ"
(क) यह उपविधि ग्रामीण ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं स्वच्छता उपविधि- 2023 कहलाएगी ।
(ख) यह उपविधि उत्तराखण्ड सरकारी गजट में प्रकाशन दिनांक से लागू/ प्रभावी होंगी।
(ग) यह उपविधि जिला पंचायत, अल्मोड़ा की ग्रामीण क्षेत्र से सम्बन्धित है ।
2- ग्रामीण ठोस अपशिष्ट के अन्तर्गत औद्यौगिक परिसंकटमय , चिकित्सकीय अपशिष्टों एवं तरल (मल) अपशिष्ट को छोड़कर किन्तु उपचारित को सम्मिलित करते हुए , ठोस व. अर्द्ध ठोस के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में पैदा किया जाने वाला जीव नाशित एवं जीव अनाशित कूड़ा- कचरा अपशिष्ट आता है ।
(क) "जीव नाशित/ जैविक अपशिष्ट" से अभिप्रेत ऐसे अपशिष्ट पदार्थों से है जिसे सूक्ष्म जीवों द्वारा निम्नकरण किया जा सकता है , जैसे बचा हुआ खाना, सब्जी एवं फलों के छिलके, फूलों -पौधों आदि के पत्ते एवं अन्य जैविक अपशिष्ट।
(ख) "जीव अनाशित / अजैविक अपशिष्ट" का तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जो जीव नाशित अपशिष्ट नहीं है और इसके अन्तर्गत प्लास्टिक भी है ।
(ग) "मिश्रित अपशिष्ट" से तात्पर्य जीव नाशित एवं जीव अनाशित अपशिष्ट के मिश्रण से है । (घ) "पुनर्चक्रणीय अपशिष्ट" ( Recyclable Waste ) से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है , जो दोबारा किसी भी प्रकार सीधे अथवा विधि से परिवर्तित करके, उसका दोबारा उपयोग किया जा सकता है । जैसे- प्लास्टिक , प्लास्टिक से निर्मित अन्य वस्तुएँ, धातू, रबड़ आदि ।
100
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
(ड़) "संग्रहण केन्द्र" ( Collection Center) से तात्पर्य है अपशिष्ट के उत्पत्ति स्थल, संग्रहण केन्द्र त्तंथा किसी अन्य स्थान से ठोस अपशिष्ट को उठाया जाना अभिप्रेत है ।
(च) "कचरा खाद्य " ( Composting ) का तात्पर्य ऐसे नियन्त्रित प्रक्रिया से है, जिसमें कार्बनिक पदार्थ का सूक्ष्म जैवीय निम्नकरण अन्तर्वलित है ।
(छ) "व्ययन" (Disposal ) से तात्पर्य भूतल सतही जल तथा परिवेषी वायु गुणवत्ता को प्रदूषण से बचाने हेतु आवश्यक सामग्री से ग्रामीण ठोस अपशिष्ट का अन्तिम रूप से व्ययन, अभिप्रेत है ।
(ज) "भूमि भरण" ( Landfilling ) भूतल सतह जल का प्रदूषण और वायु के साथ उड़ने वाली धूल, हवा के साथ उड़ने वाला कूड़ा बदबू आदि खतरे, पक्षियों का खतरा नाशी जीव / कृत्तक, ग्रीन हाउस गैस उत्पादन, ढाल स्तरर्जिता और कटाव के लिए सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ डिजाइन की गयी सुविधा में, अपशिष्ट, ठोस अपशिष्ट का भूमि भरण, अभिप्रेत है ।
(झ) "जैव चिकित्सीय अपशिष्ट" ( Biomedical Waste) से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जिसका जनन मानवों व पशुओं के रोग निदान, उपचार, प्रतिरक्षीकरण के दौरान या उससे सम्बन्धित किसी अनुसंधान, क्रियाकलापों या जैविक के उत्पादन या परीक्षण के दौरान हुआ हो ।
(ञ) "भण्डारण" से ग्रामीण ठोस अपशिष्ट के अस्थाई रूप से इस प्रकार डिबाबन्द किया जाना अभिप्रेत है, जिससे कूड़ा- करकट, रोग वाहकों के आकर्षित करने, आवारा पशुओं तथा अत्याधिक दुर्गन्ध को रोका जा सकें ।
(ट) "पृथक्करण" से ग्रामीण ठोस अपशिष्टों को कार्बनिक, अकार्बनिक , पुनःचक्ररण योग्य और परिसंकटमय अपशिष्टों को वर्गों से अलग - अलग करना अभिप्रेत है ।
(ठ) "अपशिष्ट छटाई केन्द्र" से तात्पर्य किसी ऐसी अभिहित भूमि शेड, छतरी या ढॉचे से है जो किसी सरकारी भूमि पर या अपशिष्ट को प्राप्त करने या उसकी छटाई करने के लिए प्राधिकृत किसी सार्वजनिक जगह पर स्थित हो ।
(ड) "अभिकरण या अभिकर्ता" से तात्पर्य जिला पंचायत, अल्मोड़ा द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति या संस्था या एजेन्सी या फर्म या संविदाकर्ता से है , जो उसकी ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबन्धन, संग्रहण , परिवहन, भण्डारण , पृथकीकरण, यूजर चार्ज , शमन शुल्क के संग्रह आदि कृत्य का निर्वहन करें ।
(ढ) "ग्रामीण क्षेत्र" का तात्पर्य जिला पंचायत , अल्मोड़ा के अन्तर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्र से है ।
(ण) "व्यक्ति/ स्थापन" से तात्पर्य ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत नागरिकों , व्यक्तियों एवं दुकानदारों , व्यवसायियों उद्यमियों , मकानमालिकों, किरायेदारों जो किसी न किसी प्रकार से ठोस अपशिष्ट उत्पादक है ।
(त) प्रयोग किये गये अन्य शब्दों, जो कि इस उपविधि में परिभाषित नहीं है का अर्थ वही होगा जो अधिनियम में है ।
3. अपशिष्ट उत्पन्नकर्ता के सामान्य कर्तव्य
1. कोई भी व्यक्ति/ स्थापन ग्रामीण ठोस अपशिष्टों को नाली, सड़क, फुटपाथ, किसी भी सार्वजनिक या खुले स्थान पर जो जिला पंचायत द्वारा इस प्रयोजन के लिए निर्धारित नहीं किया है न डालेगा और न डलवायेगा ।
2. ग्रामीण ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति / स्थापन , अपशिष्ट उत्पादन स्थल पर दो कूड़ेदान अनिवार्य रूप से रखेगा , जिसमें से एक जैव नाशित अपशिष्ट एवं जीव अनाशित अपशिष्ट निस्तारण हेतु संग्रहित करेगा । जीव नाशित या जैविक अपशिष्ट का निस्तारण किसी भी पद्धति द्वारा कचरा खाद्य बनाने में किया जायेगा । जीव अनाशित अपशिष्ट कूड़ेदान में केवल प्लास्टिक, पॉलीथीन, थर्माकोल व अगलनशील वस्तुऐं, जैसे- कॉच , लोहा व अन्य चीजें आदि रखनी होगी ।
3. ग्रामीण ठोस अपशिष्ट के उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन द्वारा पुनर्चक्ररीकरण अपशिष्ट को सप्ताह में जिला पंचायत के द्वारा निर्धारित दिन समय , प्रक्रिया के अनुसार जिला पंचायत के अभिकरण / अभिकर्ता / कर्मचारी / सुविधा प्रचालक को देना होगा । जिसके लिए अनुसूची में निर्धारित दरें, जो समय - समय पर संशोधित करी जा सकेगी के अनुसार उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन से प्रतिमाह उपभोक्त फीस (यूजर चार्ज) लिये जायेंगे । यदि किसी व्यक्ति द्वारा जैविक और अजैविक अपशिष्ट को मिश्रित कर दिया भाग 1 -कं]
101 उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च , 2024 ई0 (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
जायेगा तो उत्पादक व्यक्ति / स्थापन से प्रतिमाह लिये जाने वाले यूजर चार्ज को दो गुना यूजर चार्ज लिया जायेगा ।
4. ग्रामीण ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन द्वारा जहाँ तक सम्भव हो बागवानी व सभी पेड़-पौधों के कूड़े परिसर में ही कम्पोस्ट करना होगा, जहाँ ऐसा करना सम्भव ना हो तो जिला पंचायत से सम्पर्क कर जिला पंचायत द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ऐसे अपशिष्टों को उठाने के लिए निर्धारित दर पर सेवा शुल्क / यूजर चार्ज भुगतान करना होगा । किसी भी दशा में ऐसे अपशिष्ट को जलाया नहीं जायेगा ।
5. कोई व्यक्ति / संस्था / समिति यदि कोई कार्यक्रम का आयोजन करता है और उसमें ठोस अपशिष्ट जनित हो या जिसमें कम से कम सौ व्यक्तिओं से अधिक का समारोह का आयोजन करता हो तो वो अग्रिम रूप से कार्यक्रम से तीन दिवस पूर्व जिला पंचायत को सूचित करेगा । ऐसे आयोजन का आयोजक स्थल पर अपशिष्ट के पृथक्करण की व्यवस्था करेगा तथा पृथक्कृत अपशिष्ट को जिला पंचायत द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपशिष्ट संग्रहण अभिकरण को सौपेंगा ।
4. ठोस अपशिष्ट का संग्रहण
1. ग्रामीण ठोस अपशिष्ट के उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन जीव चिकित्सा अपशिष्टों का प्रबन्धन जीव - चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबन्धन एवं प्रचालन) नियम के अनुसार करेगा, बिना उपचारित जैव चिकित्सा अपशिष्ट को ग्रामीण ठोस अपशिष्ट में नहीं मिलायेगा ।
2. होटल, रेस्टोरेंट, अन्य सभी प्रकार की व्यवसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अपशिष्ट संग्रहण के लिए स्वयं की व्यवस्था की जायेगी । जिला पंचायत द्वारा यह व्यवस्था सम्पूर्ण लागत मूल्य के भुगतान के आधार पर की जा सकेगी ।
3. वधशाला अपशिष्ट तथा मृत पशुओं की अस्थियों का निस्तारण वैज्ञानिक रीति से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दिशा निर्देशों के अनुसार की जायेगी । इस अपशिष्ट को ग्रामीण ठोस अपशिष्ट में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
5. अन्य प्राविधान
1. ग्रामीण ठोस अपशिष्ट के उत्पादन, पृथक्करण, संग्रहरण , भण्डारण , परिवहन तथा व्ययन से सम्बन्धित स्थल का निरीक्षण का अधिकार अपर मुख्य अधिकारी द्वारा नामित किसी व्यक्ति/ अधिकारी को होगा ।
2. कार्य अधिकारी / कर अधिकारी, कर / राजस्व निरीक्षक , कर समाहर्ता का तात्पर्य अपर मुख्य अधिकारी के अधीन कार्यरत अधिकारी/ कर्मचारी से है । जिन्हें समय - समय पर अपर मुख्य अधिकारी के आदेशानुसार निरीक्षण के लिए अधिकृत किया गया हो ।
3. निरीक्षण अधिकारी द्वारा स्थल पर गये ग्रामीण ठोस अपशिष्ट को यदि उठाये जाने की आवश्यकता समझी जाती है और अपशिष्ट मासिक यूजर चार्ज के अन्तर्गत नहीं है, को अपशिष्ट उत्पादक के द्वारा अथवा जिला पचांयत/ सुविधा प्रचालक/ अभिकर्ता तत्काल उठवाया जा सकेगा और उसके लिए स्थल पर ही यूजर चार्जेज वसूल किया जा सकेगा ।
4. इस उपविधि के अनुसार जिला पंचायत के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को अपने घरेलू/ दुकान, प्रतिष्ठान, उद्योग आदि का अपशिष्ट सार्वजनिक स्थानों , जिला पंचायत द्वारा अधिकृत कार्मिको न देकर अन्यत्र फेंकने पर रूपयें 500 मौके पर नगद आर्थिक दण्ड किया जा सकता है ।
5. इस उपविधि के अधीन अपशिष्ट संग्रहण हेतु सेवा शुल्क/ यूजर चार्ज की दरें निम्न प्रकार होगी 102
उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
ठोस अपशिष्ट उठाये जाने हेतु प्रस्तावित प्रयोक्ता शुल्क ( यूजर चार्ज)
क्र० उत्पनकर्ता का विवरण
यूजर चार्ज की
सं०
धनराशि (प्रतिमाह)
1 आवासीय भवन (घरों से प्रति परिवार) 50.00
2 व्यवसायिक दुकाने- किराना , जनरल स्टोर, कपड़ा, जूता,
100.00
कॉपी-किताब , टेलर, मेडिकल स्टोर, सी० एस० सी० सेन्टर आदि ।
3 सब्जी एवं फल विक्रेता 100.00
4 लोहा सीमेन्ट विक्रेता 200.00
5 आटा चक्की 100.00
6 निजी स्कूल / कॉलेज / शिक्षण संस्थान / प्रशिक्षण संस्थान / बैंक
500.00
7 इलैक्ट्रॉनिक्स / इलैक्ट्रिकल्स की दुकान 150.00
8 फर्नीचर / फैब्रिकेशन की दुकान 200.00
9 मॉस विक्रेता (मीट / मछली /मुर्गा)
200.00
10 बालबर 200.00
11 आरा मशीन 200.00
12 होटल / होम स्टे / लॉज (1 से 5 कमरे तक ) 500.00
13 होटल /होम स्टे / लॉज (6 से 10 कमरे तक) 1000.00
14 बड़े होटल / रिसोर्ट ( जहाँ 10 कमरों से अधिक हो) 2000.00
15 रेस्टोरेन्ट / फास्ट फूड / बेकरी 200.00
16 बैंकट हॉल / बारात घर / टेन्ट हाउस 200.00 रूपयें प्रतिमाह
(आवश्यकतानुसार)
अतिरिक्त प्रति कार्यक्रम
रूपयें 800प्रतिदिन
17 नर्सिंग होम , क्लीनिक, प्रा ० अस्पताल 500.00 (केवल
प्लास्टिक अपशिष्ट)
18 प्रिन्टिंग प्रेस 200.00
19 | बियर बार, शराब की दुकान, (देशी /विदेशी) 500.00
20 पैट्रोल पम्प 500.00
21 लघु उद्योग व अन्य मिल 1000.00
22 अन्य किसी भी प्रकार के अपशिष्ट का निस्तारण / समारोह का 1000.00 प्रतिदिन
आयोजन / वैवाहिक कार्यक्रम / संस्था/ समितियों के मेले का (दूरी के अनुसार
आयोजन आदि ईधन का शुल्क पृथक
से)
23 फुटपाथ पर छोटे व्यवसाय 100.00
24 वर्कशॉप , कंबाड़ी 200.00
25 गन्ने का रस / जूस विक्रेता 100.00
26 मिष्ठान की दुकान 100.00
27 अन्य किसी भी प्रकार का व्यवसायिक प्रतिष्ठान 100.00
1. प्रयोक्ता शुल्क / यूजर चार्ज का भुगतान न करने की दशा में अपर मुख्य अधिकारी को इन उपविधियों में वर्णित की गयी प्रयोक्ता दरों के अनुसार देय धनराशि के अतिरिक्त उसका 10 गुना तक प्रयोक्ता शुल्क वसूल करने का अधिकार होगा ।
भाग 1 -क]
103 उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्) .
2. यदि कोई भी ठोस अपशिष्ट उत्पनकर्ता / उपभोक्ता एक वर्ष का प्रयोक्ता शुल्क अग्रिम जमा करता है तो वह 01 माह के प्रयोक्ता शुल्क की छूट प्राप्त करने का अधिकारी होगा ।
3. विधवा/ बी ०पी ० एल ० श्रेणी में पंजीकृत से (50 वर्ग गज मकान में स्वयं निवास करती हो ) प्रयोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा, जिसका प्रमाण-पत्र प्रत्येक वर्ष कार्यालय जिला पंचायत, अल्मोड़ा से प्राप्त करना होगा । यदि भवन अथवा भवन का आंशिक भाग किराये पर दिया गया है तो वह भवन स्वामी छूट प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं होगा ।
4. वह वरिष्ठ नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर हो तथा 100 वर्ग गज तक के मकान में निवास करते हो एवं शारीरिक अथवा मानसिक रूप में अस्वस्थ हो व उनके साथ वृद्ध पत्नी के अतिरिक्त अन्य कोई परिवारजन अथवा अन्य सहायक आवासित न हो उनको प्रयोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा । जिसका प्रमाण जिला पंचायत, अल्मोड़ा के क्षेत्रीय कार्मिको द्वारा कार्यालय में उपलब्ध कराया जाये ।
5. इस उपविधि में लगाये जाने वाले प्रयोक्ता शुल्क / यूजर चार्ज की दरों में प्रति तीन वर्ष में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी, जिसकी गणना रूपयें 5.00 के पूर्णाक की होगी ।
शास्ति
उपरोक्त उपविधि के अन्तर्गत किसी भी भाग का उल्लंघन करने पर उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियिम, 2016 की धारा 106 एवं 149 एवं "ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016" के अन्तर्गत दिये गये प्राविधानो में दण्डनीय होगा, जो प्रयोक्ता शुल्क (यूजर चार्ज) की निर्धारित दरों का 10 गुना तक अधिकतम हो सकता है और जब ऐसा उल्लंघन निरन्तर किया जाय तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्ध के दिनांक के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना होगा, प्रत्येक दिन रूपयें 100.00 तक हो सकेगा । यह अधिकार अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, अल्मोड़ा में निहित होगा ।
जगदीश प्रसाद,
उमा सिंह,
अपर मुख्य अधिकारी ,
अध्यक्ष,
जिला पंचायत , अल्मोड़ा ।
जिला पंचायत , अल्मोड़ा ।
निधि यादव, निदेशक ।
निदेशालय पंचायतीराज, उत्तराखण्ड
06 मार्च , 2024 ई ०
संख्या 1032 / 933 / जि0 पं०अ०को० / 2022-23 देहरादून
जिला पंचायत पिथौरागढ द्वारा उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (अधिनियम सं0-11 , वर्ष 2016) के भाग-4 की धारा 106, के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत , पिथौरागढ, के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि-2022, को प्रस्ताव संख्या-06 दिनांक- 13.04.2023 द्वारा जनपद पिथौरागढ, के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि-2022 निर्मित की गई हैं ।
104
उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च, 2024 ई0 (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
कार्यालय जिला पंचायत, पिथौरागढ
जिला पंचायत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि-2022
पत्रांक-1536 / जि0 पं0 / 2022-23 दिनांक 30.01.23
जिला पंचायत पिथौरागढ़ द्वारा उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा 127 द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए एवं वन पर्यावरण एंव जलवायू परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत " ठोस अपशिष्ट" प्रबंधन नियम 2016 के अर्न्तगत वांछित व्यवस्थाओ के क्रियान्वयन एंव विनियमन हेतु उपविधि (प्रारूप ) बनायी है । यह उपविधि ठोस अपशिष्टों के संग्रहण , भण्डारण, परिवहन, प्रसंस्करण (Processing ) एंव निपटान ( Disposal ) तथा स्वच्छता सम्बन्धी प्रकरणों के सभी मामलों एंव वस्तुओं के विनियमन के सम्बन्ध में है । इस उपविधि की स्वीकृति को जिला पंचायत पिथौरागढ़ की बोर्ड बैठक दिनांक 26.12.2022 द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है । प्रस्तावित उपविधि पर आपत्ति एंव सुझाव 30 दिवस के भीतर आमन्त्रित की जा रही है । समय सीमा उपरान्त प्राप्त आपत्ति/ सुझाव पर कोई विचार नहीं किया जायेगा ।
प्रस्तावित उपविधियाँ
1. "संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ"
(क) यह उपविधि " जिला पंचायत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि 2022" कहलाएगी तथा
(ख) यह उपविधियाँ उत्तराखंड सरकारी गजट में प्रकाशन के दिनांक से लागू/ प्रभावी होंगीं । ।
2. "लागू होना " यह उपविधियों जिला पंचायत पिथौरागढ़ के क्षेत्राधिकार की समस्त ग्राम पंचायतों की सीमा क्षेत्र में प्रभावशील होगी ।
3. "परिभाषाएं:" - इस उपविधि में जब तक कि इस संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो उपविधि एवं परिशिष्ट में प्रयुक्त शब्दों की परिभाषा निम्नवत् हैः-
(क) "अभिकरण याअभिकर्ता" से तात्पर्य जिला पंचायत पिथौरागढ़ द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति या संस्था या एजेन्सी या फर्म या संविदाकर्ता से है , जो उसकी ओर से ग्राग्य क्षेत्र में अपशिष्ट के संग्रह, प्रबंधन, परिवहन, भण्डारण, पृथक्कीरण संग्रहण, यूजर चार्ज, शमन शुल्क के संग्रह आदि कृत्य का निर्वहन करें ।
(ख) "जैवनाशित अपशिष्ट (बायोडिग्रेडिबुल वेस्ट)" से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जो जीवाणु या अन्य जीवित प्राणियों द्वारा अपघटित या नाशित किये जाने योग्य कूड़ा कचरा या अपशिष्ट सामग्री से है । उदाहरण स्वरूप पेड़ पौधों/ जानवरों से जनित अपशिष्ट जैसे रसोई अपशिष्ट, भोजन एवं फूलों का अपशिष्ट, पत्तियों, बगीचों का अपशिष्ट, जानवरों का गोबर, मीट / मछली का अपशिष्ट अथवा अन्य कोई पदार्थ जो माइक्रोआर्गेनिज्म द्वारा डिग्रेड / डिकम्पोज हो सकता है ।
(ग) "जैवचिकित्सा अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट)" से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जो किसी प्राणी या जन्तु के निदान या उपचार के दौरान या अनुसंधान क्रियाकलापों में या जीवों के उत्पादन या परीक्षण में सृजित हो । इसके अन्तर्गत अनुसूची तीन में उल्लिखित श्रेणियां भी सम्मिलित हैं
(घ) "जैव अनाशित (नानबायोडिग्रेडिबुल वेस्ट)" से तात्पर्य नानबायोडिग्रेडिबुल अपशिष्ट और गली के निष्क्रिय कूड़ा करकट से भिन्न अपशिष्ट से है और जिसके अन्तर्गत री- साइक्लेबुल अपशिष्ट , नान- रीसाइक्लेबुल अपशिष्ट, ज्वलनशील अपशिष्ट और सेनेटरी नैपकिन और डाइपर आदि से है ।
(ड़) "घरेलू परिसंकटमय (हजार्डस) अपशिष्ट" से तात्पर्य घरेलू स्तर पर उत्पन्न संक्रामक / हारिकारक अपशिष्टों जैसे फेंके हुए पेंट के ड्रम, कीटनाशी के डिब्बे , सी० एफ० एल ० बल्ब, ट्यूबलाइटें, अवधि समाप्त औषधियाँ, टूटे हुए पारा वाले थर्मामीटर, प्रयुक्त बैटरियों, प्रयुक्त सुइयाँ तथा सिरिंज और संदूषित पटिट्यॉ आदि से है ।
भाग 1-क]
105 उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
(च) "द्वार-द्वार संग्रहण से तात्पर्य" घरों , दुकानों वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों , संस्थागत या किसी अन्य गैर आवासीय परिसरों के द्वार तक जाकर ठोस अपशिष्ट का संग्रहण करना और जिसके अन्तर्गत किसी आवासीय सोसायटी, बहुमंजिले भवन या अपार्टमेन्ट, बड़े आवासीय , वाणिज्यिक या संस्थागत काम्पलेक्स या परिसरों में भूतल पर प्रवेश द्वार या किसी अभिहित स्थल से ठोस अपशिष्ट का संग्रहण करने से है ।
(छ) "जिला पंचायत" से तात्पर्य जिला पंचायत पिथौरागढ़ से है ।
(झ) "स्रोत पर संग्रहण" से तात्पर्य किसी भवन के परिसर या भवनों के किसी समूह के परिसरों के भीतर या जिला पंचायत द्वारा नियत स्थल पर संग्रहण से है । इसे " घर-घर संग्रहण" भी कहा जा सकता है ।
(ट) "निर्माण व ध्वस्तीकरण सम्बन्धी अपशिष्ट " से तात्पर्य निर्माण , पुर्ननिर्माण, मरम्मत और ध्वस्तीकरण संक्रिया से निकलने वाली भवन सामग्री, मलवा और रोड़ी से उत्पन्न अपशिष्ट से है ।
(ठ) "अपशिष्ट छँटाई केन्द्र" से तात्पर्य किसी ऐसी अभिहितं भूमि शेड छतरी, या ढाँचे से है जो किसी सरकारी भूमि पर या अपशिष्ट को प्राप्त करने या उसकी छँटाई करने के लिए प्राधिकृत किसी सार्वजनिक जगह पर स्थित हो ।
(ड) "कूड़ा कचरा से तात्पर्य" किसी प्रकार का ठोस या तरल, घरेलू या वाणिज्यिक कचरा , मलबा या कूड़ा या किसी प्रकार का शीशा धातु आदि के टुकड़े कागज कपड़ा, लकडी खाना, वाहन के परित्यक्त भाग , फर्नीचर या फर्नीचर के भाग , निर्माण से ध्वस्त सामग्री , उद्यान अपशिष्ट , कतरन, ठोस बालू या पत्थर, और किसी सार्वजनिक स्थान पर जमा की गयी कोई अन्य सामग्री पदार्थ या वस्तु से है ।
(ढ) "संग्रहण" से तात्पर्य कूड़े कचरे को ऐसे स्थान पर रखने से है, जहां पर वह गिराया या उतारा जाता है ।
(त) "अध्यासी" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो किसी भी प्रयोजन के लिए किसी भूमि या किसी भवन या उसके भाग का अध्यासी है या अन्यथा रूप से उपयोग कर रहा है ।
(थ) "स्वामी से तात्पर्य" ऐसे व्यक्ति से है जो किसी भवन भूमि या उसके भाग के स्वामी के अधिकारों का प्रयोग कर रहा है ।
(द) "प्रस्संकरण" से तात्पर्य ऐसे किसी वैज्ञानिक प्रस्रांकरण से है जिसके द्वारा ठोस अपशिष्ट पुनर्चक्रण या भू- भरण स्थल हेतु उपयुक्त बनाने के प्रयोजन के लिए प्रस्संकरण हेतु अभिक्रियित किया गया है ।
(ध) "पुनर्चक्रण" से तात्पर्य नये उत्पादों को उत्पादित करने हेतु पृथक्कृत गैर जैव विकृत ठोस अपशिष्ट को ऐसी कच्ची सामग्री में परिवर्तित करने की प्रकिया से है , जो मूल उत्पादों के समान हो सकती है या नहीं हो सकती है ।
(न) "कचरा निस्तारण प्रभार से तात्पर्य" नगर निकाय द्वारा समय समय पर विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट उत्पादकों से ग्राम्य ठोस अपशिष्ट के संग्रह, परिवहन, और निस्तारण के लिए अधिसूचित फीस या प्रभार से है । इसमें विभिन्न प्रकार के लाईसेंसी के लिए यथा प्रयोज्य व्यापार कचरा प्रभार सम्मिलित है ।
(प) "प्रयोक्ता शुल्क" से तात्पर्य कचरा निस्तारण कार्य के सन्दर्भ में निर्धारित यूजर चार्ज से है ।
(फ) "पृथक्करण" से तात्पर्य नगरीय ठोस अपषिश्ट को विनिर्दिष्टि समूह के जैव नाशित परिसंकटमय जैव चिकित्सीय निर्माण और ध्वंष सामूहिक उद्यान और बागवानी एवं समस्त अन्य अपशिष्ट को पृथक करने से है
(ब) "छंटाई" करना से तात्पर्य मिश्रित अपशिष्ट से पुर्नचक्रण योग्य विभिन्न संघटकों और प्रवर्गों जैसे कागज, प्लास्टिक, गत्ता, धातु, कॉच आदि को समुचित पुनः चक्रण सुविधा में पृथक करना सम्मिलित है ।
(भ) "भण्डारण " से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट के उस रीति से अस्थायी संग्रहण से है जिससे कि कूड़ा करकट के बिखराव, रोगवाहकों के आकर्षण, आवारा पशुओं और अतिशय दुर्गन्ध को रोका जा सके ।
(मं) "परिवहन" से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट के एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने से है ।
106
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च, 2024 ई0 (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
(य) "विहित प्राधिकारी" में अपर मुख्य अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामित समस्त स्थाई अधिकारी / कर्मचारी सम्मिलित माने जायेंगे । इस उपविधि में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होगें, जो पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबन्धनं नियम 2016 में उनके लिए क्रमशः समुनिदेशित है जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो । इस उपविधि के अन्र्तगत उपरोक्त दी गयी परिभाषा से सम्बन्धित दायित्वों / कर्तव्यों/ कार्यों का विवरण , प्रतिषेध, शास्ति एवं प्रशमन आदि का विवरण निम्नवत् हैः-
4. अपशिष्ट उत्पन्नकर्ताओं के सामान्य कर्तव्य
(1) प्रत्येक अपशिष्ट उत्पन्नकर्ताः-
(क) उनके द्वारा उत्पन्न किये गये अपशिष्ट को पृथक्कृत और दो पृथक शाखाओं अर्थात बायोडिग्रेडिबुल (गीलाकूड़ा) और नान- बायोडिग्रेबल (सूखा कूड़ा) अपशिष्ट कोअलग-अलग भंडारित करेगा और समय- समय पर जिला पंचायत द्वारा निर्गत निर्देश या अधिसूचना के अनुसार पृथक किये गये अपशिष्टों को प्राधिकृत अपशिष्ट चुनने वालों या अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं को सौंपेगा ।
(ख) प्रयोग किये गये स्वास्थ्यकर अपशिष्ट जैसे डायपरों और स्वास्थ्यकर पैडों आदि इन उत्पादों के निर्माताओं या' ब्रांड स्वामियों द्वारा उपलब्ध करायी गई थैली में या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा यथा निर्देशित उपयुक्त लपेटन (रैपर) सामग्री में शुष्क अपशिष्ट या नान- बायोडिग्रेबल अपशिष्ट हेतु बनायें गये डिब्बे में उसे डालेगा ।
(ग) अपने परिसर से उत्पन्न कृषि उद्यान अपशिष्ट और उद्यान अपशिष्ट को अपने ही परिसर में पृथक रूप से भंडारित करेगा और समय समय पर जिला पंचायत के निर्देशानुसार इसका निपटान करेगा ।
(2) कोई अपशिष्ट उत्पादक उसके द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट को गली, खुले सार्वजनिक स्थानों, नाली / नालों या जलाशयों में न फेकेगा, न जलायेगा और न गाडेगा ।
(3) सभी अपशिष्ट उत्पन्नकर्ता ऐसी उपयोक्ता फीस अनुसूची-4 का भुगतान करेंगे जो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिये जिला पंचायत की उपविधियों में विनिर्दिष्ट किया गया है ।
(4) कोई व्यक्ति अग्रिम रूप से कार्यक्रम की तिथि से कम से कम तीन कार्य दिवस पूर्व स्थानीय निकाय को सूचित किये बिना किसी गैर अनुज्ञप्ति वाले स्थान पर एक सौ व्यक्तियों से अधिक का ऐसा कोई आयोजन या समारोह आयोजित नहीं करेगा । ऐसी व्यक्ति या ऐसे आयोजन का आयोजक स्रोत पर अपशिष्ट के पृथक्करण की व्यवस्था करेगा और पृथक्कृत अपशिष्ट को जिला पंचायत द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपशिष्ट संग्रहण अभिकरण को सौपेगा तथा इस सन्दर्भ में दी गयी अनुमति की सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा ।
(5) कस्बाई बाजारों में व्यवसाइयों द्वारा अपने कार्यकलाप के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट जैसे कि खाद्य अपशिष्ट प्रयोज्य (डिस्पोजेबल) प्लेटों, कपों, डिब्बों, रैपरों, नारियल के छिलकों, शेष बचे भोजन , सब्जियों, फलों आदि के लिये उपयुक्त पात्र रखा जायेगा और ऐसे अपशिष्ट को जिला पंचायत द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपशिष्ट संग्रहण अभिकरण को सौपेगा अन्यथा समीपस्थ सम्बन्धित अपशिष्ट संग्रह पात्रों में डालेगा ।
(6) सभी बृहद् अपशिष्ट सृजक द्वारा अपशिष्ट को स्रोत पर पृथक करने, पृथक किये गये अपशिष्ट को अलग-अलग पात्रों में संग्रहण करने और पुनर्चक्रणीय सामग्री को प्राधिकृत अपशिष्ट उठाने वालों अथवा प्राधिकृत पुनर्चक्रकों को सौंपना सुनिश्चित करेंगे । बृहद् अपशिष्ट सृजक द्वारा बायोडिग्रेबल अपशिष्ट का, परिसर के अंदर संसाधित , उपचारित और कंपोस्टिंग करके अथवा बायो मिथेनाइजेशन के जरिये निपटान अनिवार्य रूप से किया जायेगा । शेष अपशिष्ट जिला पंचायत द्वारा यथा निर्देशित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं या अभिकरण को सौंप दिया जायेगा ।
(7) सैप्टिक टैंक /जल प्रवाहित शौचालय के स्वामी अथवा अध्यासी का यह कर्तव्य होगा कि जल प्रवाहित शौचालय / सैप्टिक टैंक से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नाले/ अथवा नालियो में ना गिराये , उक्त गंदे 'पानी को सोक पिट बनाकर उसमें डाले ।
भाग 1 -क]
107 उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
(8) कस्बाई बाजारों में स्थित प्राइवेट/ व्यक्तिगत भूमियो / प्लाटों के स्वामी एंव अध्यासियो का यह कर्तव्य होगा कि अपने खाली पड़े भूमि/ प्लाटो को साफ सुथरा रखें, उसमें आस पास के कूड़ा-कचरा ना डाले ना डालने दें । उक्त खाली प्लाट की बाउण्ड्री इत्यादि करा कर सुरक्षित करें जिससे जानवर इत्यादि उसमे विचरण कर गंदगी ना फैला सकें ।
(9) कोई व्यक्ति स्वयं या दूसरे व्यक्ति द्वारा किसी भी साधन से जानबूझकर या अन्य किसी सार्वजनिक स्थान, निजी या सार्वजनिक जल निकासी कार्यों से सम्बद्ध नाली, गली, गडढों, सम्वातन पाईप और फिटिगों में कोई कूड़ा कचरा , या अपशिष्ट नहीं फेंकेगा या फेंकवायेगा जिससे निम्नलिखित की सम्भावना हो (क) जल निकास और मल नालियों को क्षति पहुँचने की,
(ख) नाली एवं मल पदार्थ के निर्बाध प्रवाह या उसके उपचार और व्ययन में बाधा पडने की, (ग) खतरनाक होने या जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने की,
(10 ) कोई भी व्यक्ति विनिर्दिष्ट रूप से उपबंधित लोक सुविधाओं के सिवाय प्रसुविधाओं के किसी सार्वजनिक स्थल पर स्नान नहीं करेगा न ही थूकेगा न पेशाब करेगा न ही उसे विकृत करेगा न पशुओं और चिड़ियों के समूह को खिलाएगा और न ही , पशुओं , वाहनो बर्तनो या किसी अन्य वस्तु का प्रक्षालन करेगा ।
(11 ) कोई व्यक्ति स्वामी या अधिभोगी स्वामित्व प्राप्त था अध्यासित किसी परिसर के सामने या उससे संलग्न किसी सार्वजनिक स्थल को किसी प्रकार के अपशिष्ट चाहे वह द्रव्य, अर्द्धठोस या ठोस पदार्थ हो जिसमें मल प्रवाह और अपशिष्ट जल भी सम्मिलित है, से गन्दा नहीं करेगा । !
(12) कोई भी व्यक्ति खुले में शौच / पेशाब न तो स्वयं करेगा और न ही अपने पालक से करायेगा ।
(13 ) पालतु पशुओं के स्वामी किसी भी दशा में उन्हें खुला नहीं छोड़ेगें क्योंकि इससे मार्गों / खुले सार्वजनिक स्थलों पर उनके मलमूत्र से गंदगी , आवागमन में अवरोध एवं दुर्घटनायें होने की सम्भावना बनी रहती है ।
(14) कोई भी व्यक्ति घाटों , सीड़ियों, सडकों के डिवाडर , नाम पटों. साइनेज या मार्ग दर्शक बोर्डो अथवा इसी प्रकार के सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर या अन्य सामग्री चिपकाकर या अन्य प्रकार से गंदगी नहीं करेगा ।
(15) कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित प्लास्ट्रिक एवं थर्मोकोल आइटम्स का उत्पादन वितरण , भण्डारण एवं विक्रय नहीं करेगा ।
(16) कोई भी व्यक्ति सड़क, मार्ग या अनाधिकृत स्थल पर जानवरों का गोबर, लीद , पचौनी या अन्य इसी प्रकार के पदार्थ न तो डालेगा और न ही डलवायेगा ।
(17) कोई भी व्यक्ति, जानवरों का पालक/ स्वामी ड्रेनेज / सीवरेज सिस्टम में गोबर इत्यादि डालकर गन्दगी नहीं करेगा ।
(18) कोई भी व्यक्ति या उसका पालक किसी सार्वजनिक स्थल, सड़क, पार्क आदि में अपशिष्ट नहीं डालेगा । इन स्थानों की सफाई हो जाने के बाद अपशिष्ट डालकर गन्दगी करने पर अथवा सफाईकर्मी द्वारा घर- घर से अपशिष्ट एकत्रित करने के बाद यदि किसी व्यक्ति द्वारा गली या सड़क पर कूड़ा डालते हुये पाया जाता है तो अपशिष्ट को स्थल से हटाकर निस्तारण स्थल तक ले जाने का व्यय सम्बन्धित उल्लंघनकर्ता से वसूल किया जायेगा
6. ठोस अपशिष्ट का संग्रहण
1) घरेलू अपशिष्ट का द्वार- द्वार संग्रहण
(क) द्वार-द्वार संग्रहण में लगे प्रत्येक सफाईकर्मी को सफाई बीट मे सफाई तथा निश्चित की गई संख्या में भवनों के अपशिष्ट संग्रहण का दायित्व सौंपा जायेगा । सफाईकर्मी घण्टी या सीटी/ सायरन बजाकर सफाई तथा घरों से अपशिष्ट संग्रहण का कार्य यथा- निर्धारित समयावधि में एवं यथा-निर्धारित स्वरूप में करेगा । सफाई कर्मी सड़क / गली की सफाई से संग्रहित पेड़ों के पत्तों एवं कूड़े को जलायेगा नही और उसे जिला पंचायत द्वारा स्थापित किये गये कूड़ेदानों में डालेगा ।
108
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई ० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
(ख) जिला पंचायत वैकल्पिक रूप मे कस्बाई बाजारों से अपशिष्ट संग्रहण के लिए कन्टेनरयुक्त वाहन/ मोटरवाहन की व्यवस्था कर सकेगा । वाहन चालक , घर या बीट मे हार्न बजाकर अपने आने की सूचना देगा, स्वामी या अध्यासी अपने घरेलू अपशिष्ट को सीधे कन्टेनर मे डालेगें ।
(ग) किसी कारणवश उप नियम (क) अथवा (ख) में अंकित व्यवस्था संभव न होने पर स्वयं सेवी संगठनों, अभिकरणों अथवा ठेकेदारों द्वारा जिला पंचायत द्वारा इस हेतु बनाये गये रोस्टर प्रणाली के आधार पर अपशिष्ट संग्रहण का कार्य कराया जा सकेगा ।
(घ) भवन स्वामी या अध्यासी से प्रयोक्ता शुल्क भी वसूला जा सकेगा ।
(2) होटल या रेस्टोरेंट द्वारा अपशिष्ट संग्रहण के लिए स्वयं की व्यवस्था की जायेगी । जिला पंचायत द्वारा यह व्यवस्था सम्पूर्ण लागत मूल्य के भुगतान के आधार पर की जा सकेगी ।
(3) वधशाला अपशिष्ट तथा मृत पशुओं की अस्थियों का निस्तारण वैज्ञानिक रीति से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दिशा निर्देशों के अनुसार की जायेगी । इस अपशिष्ट को ग्राम्य ठोस अपशिष्ट में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
(4) अनुपचारित जैव चिकित्सा अपशिष्ट का विनिर्दिष्ट प्रकार के आच्छादित पात्रों में भण्डारित किया जायेगा और अपशिष्ट के प्रत्येक उत्पादक द्वारा संग्रह वाहन को सौंपा जायेगा जिसकी व्यवस्था किसी अभिकरण द्वारा की जायेगी या ऐसे अपशिष्ट के संग्रह के लिए अभिहित केन्द्र को ऐसी रीति से निस्तारण करने के लिए सौंपा जायेगा जो जैव चिकित्सा अपिशिष्ट (प्रबन्धन और व्यवस्था) उपविधि 2016 के अनुसार आदेशित हों ।
(5) सभी जैव अनाशित (नानबायोडिग्रडेबुल) अपशिष्ट पुनः प्रयोग करने योग्य और पुनः प्रयोग न करने योग्य अपशिष्ट का भंडारण अपशिष्ट के प्रत्येक उत्पादक द्वारा पृथक पृथक किया जायेगा और उसे निर्दिष्ट अपशिष्ट संग्रह वाहन को सौंपा जायेगा, जिसकी व्यवस्था जिला पंचायत या उसके अभिकर्ताओं द्वारा ऐसे स्थानों और ऐसे समय पर की जायेगी जैसा कि ऐसे अपशिष्ट को संग्रह करने के लिए समय समय पर सम्बन्धित अधिकारी द्वारा अधिसूचित किया जायेगा ।
7. ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण
(1 ) प्रत्येक व्यक्ति, स्वामी या अध्यासी या अपशिष्ट उत्पादक नगरीय ठोस अपशिष्ट को अपशिष्ट उत्पादन स्रोत के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों मे पृथक करेगाः
1- जैव नाशित (बायोडिग्रेडिबुल) अपशिष्ट (गीला कूड़ा) 2- जैव अनाशित (नॉनबायोडिग्रेडिबुल) अपशिष्ट (सूखा कूड़ा)
(2) पृथक्करण के लिए जिला पंचायत द्वारा जनजागरण एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम चलाया जाएगा । इस हेतु जन कल्याण समितियों, गैर सरकारी संगठनों, कक्ष समितियों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा नागरिक समूहों को सम्मिलित किया जायेगा ।
8. ठोस अपशिष्ट का भण्डारण
(1) जिला पंचायत ठोस अपशिष्ट के भण्डारण के सुविधाओं की स्थापना और अनुरक्षण इस नीति से करेगा कि आस-पास अस्वास्थ्यकर स्थिति न उत्पन्न हो ।
(2) भण्डारण सुविधा सुगम स्थल पर होगी ।
(3) भण्डारण सुविधा इस प्रकार की हो कि वहाँ किसी प्रकार का अपदूषण तथा गन्दगी न फैले ।
(4) जहां किसी सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र चाहे वह खुले स्थान में हो या बन्द शेड मे जो किसी परिसर में हो या सार्वजनिक स्थान पर स्थित हो , से जिला पंचायत वाहनों द्वारा सीधे ही ठोस अपशिष्ट का संग्रह किया जाता हो वहां ठोस को पृथक-पृथक किये गये अपशिष्ट के विभिन्न प्रकारों के लिए व्यवस्था किये गये अनुसार जमा किया जायेगा ।
9. सुविधा और सहायता उपलब्ध करना
अपर मुख्य अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारी कम्पोस्ट खाद्य बनाने वाले विशेषज्ञों, लाइसेंस प्राप्त कबाड़ियों, पुनः प्रयोग करने वाले व्यापारियों, कूड़ेदान विनिर्माताओं, पुनः प्रयोग करने 109 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत)
में सिद्धहस्त अभिकरणों की सूची बनायेगा और उसे प्रकाशित करेगा, जिससे कि अपशिष्ट को पुनःप्रयोग करने योग्य बनाने में नागरिकों को सुविधा और सहायता मिल सके । कर्मवारियों और पंजीकृत व्यक्तियों और संगठनो के नाम और टेलीफोन नंबर जिला पंचायत के कार्यालय से उपलब्ध कराये जायेगें । ये संगठन इस प्रक्रियाओं के सम्बन्ध में प्रशिक्षण , दिशा निर्देश और सहायता प्रदान कर सकते हैं । स्वयंसेवी संस्थाओं और क्षेत्रीय नागरिक समूहों के माध्यम से इसके बारे में जागरूकता उत्पन्न की जायेगी ।
10. ठोस अपशिष्ट का परिवहन
अपर मुख्य अधिकारी, या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारी किसी सार्वजनिक या निजी स्थल पर अपशिष्ट एकत्रीकरण का बिन्दु चिन्हित करायेगा । जहाँ जिला पंचायत द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली गाडी को दिये जाने के लिये एकत्रितं अपशिष्ट को लाया जायेगा । कूडा गाड़ी की सेवायें जिला पंचायत द्वारा मार्ग (रूट) योजना के अनुसार एकत्रित कूड़े को इकट्ठा करने के लिये उपलब्ध करायी जायेगी । अपशिष्ट के परिवहन हेतु प्रयुक्त होने वाले वाहन मे रखा गया कूड़ा ढका रहेगा ।
11. समय सारिणी तथा एकत्रीकरण का मार्ग
ठोस अपशिष्ट के एकत्रीकरण की समय सारिणी एवं मार्ग का निर्धारण सम्बन्धित अधिकारी द्वारा किया जायेगा एवं अधिसूचित किया जायेगा । इनका विवरण सम्बन्धित कार्यालयों में भी उपलब्ध रहेगा ।
12. कूड़ा कचरा निस्तारण प्रभार एवं प्रयोक्ता शुल्क का लगाया जाना
जिला पंचायत होटलों, रेस्तरां और अपशिष्ट के अन्य सृजकों पर कूड़ा कचरा निस्तारण प्रभार लगायेगा । अपशिष्ट प्रभार का निर्धारण अपर मुख्य अधिकारी द्वारा अपशिष्ट की मात्रा को दृष्टिगत रखते हुए अनुपातिक सिद्धान्त के आधार पर लगाया जायेगा । कूड़े के समुचित निस्तारण के लिए प्रयोक्ता शुल्क लगाया जाएगा जो कि अनुसूची-2 में वर्णित दरों के अनुसार होगा जोकि प्रत्येक 02 वर्ष में पुनरीक्षित किया जा सकेगा ।
अनुसूची-1
प्रशमन शुल्क तालिका (ड्राफ्ट)
उल्लंघन
क्र० सं०
प्रशमन शुल्क (रु० में) 1 व्यक्ति / संस्था द्वारा किसी अनाधिकृत स्थल पर किसी
200.00 क) अपशिष्ट फैलाना/ फेकना ।
100.00 ख) मूत्र विर्सजन करना ।
200,00 ग) वाहनों की धुलाई ।
300.00 2 सार्वजनिक स्थान , नदी, तालाब या कुंड में गंदगी फैलाना ।
300.00 3 मार्ग, पार्क, घाटों, आदि सार्वजनिक स्थल, की सफाई हो जाने के बाद अपशिष्ट डालने पर ।
300.00 4 डस्टबिन / स्टोरेज कन्टेनर के बाहर अपशिष्ट फैलाना ।
5 प्रतिबन्धित पालीथीन / थर्मोकोल आइट्मस का उपयोग , विनिर्माण, विक्रय , वितरण, भण्डारण , परिवहन, आयात या निर्यात करने पर।
500.00 क) 100 ग्राम तक
1000.00 ख) 101 ग्राम से 500 ग्राम तक
2500.00 ग) 501 ग्राम से 1 किलोग्राम तक
5000.00 घ) 1 किलोग्राम से 5 किलोग्राम तक
10000.00 ड) 5 किलोग्राम से अधिक
6 बिना पृथक्करण किये हुए तथा बिना अलग -अलग निर्धारित बिन में रखे हुए कूड़े को सौंपनाः
200.00 क) व्यक्तिगत भवन
500.00 ख) शैक्षणिक / धार्मिक / अन्य संस्था
500.00 ग) दुकान/बूथ
1000.00 घ ) माल / शापिंग आर केड / होटल 110
उत्तराखण्ड गजटं , 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
7
[भाग 1-क
500.00
शुष्क अपशिष्ट की यथा विनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर ।
8 अपशिष्ट जलाकर निस्तारण करने पर ।
9 खुले में शौच करने पर ।
11.
500.00
300.00
1000.00
मैरिज होम/ बैंकट हॉल / सार्वजनिक सम्मेलन/ समारोह के पश्चात 24 घण्टें के भीतर सफाई न करने के लिए ।
12
100.00
बिना दो डिब्बो/अपशिष्ट दो टोकरी (हरा और नीले रंग के दो डस्टिबिन /डिब्बा / टोकरी) के ठेले वालों / फेरी वाले / दुकानदारों के लिए ।
13
100.00
सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर या अन्य सामग्री चिपकाकर खराब करने पर (प्रति पोस्टर)
अनुसूची-2
कूडा उठाने के लिए प्रस्तावित प्रयोक्ता शुल्क (युजर चार्जस)
विवरण क्र० सं०
1 आवासीय भवन
( प्रति परिवार )
2
प्रयोक्ता शुल्क (युजर चार्जस)
रु० 50.00
रु ० 100.00 व्यापार दुकानें- किराना, जनरल स्टोर , कपड़ा, जूता, कॉपी - किताब आदि ।
3 सब्जी एवं फल विक्रेता
4 फुटपाथ पर छोटे व्यवसाय
5 लोहा, सीमेन्ट विक्रेता
6 आटा चक्की
7.
होटल / लॉजिग / होम स्टे ( 10 रूम तक )
8 होटल/लॉजिग
रु० 100.00
:
रु ० 50.00
रु ० 150.00
रु0 100.00
रु0 500.00
रु0 750.00
( 10 रूम से अधिक )
9
निजी शिक्षण संस्थान / प्रशिक्षण संस्थान
10
पैथोलॉजी/ क्लीनिक
11 मेडिकल स्टोर
12 वर्कशॉप /कबाड़ी
13 गन्ने का रस / जूस विक्रेता
14 बेकरी
15 गैर सरकारी कार्यालय
16 रेस्टोरेन्ट छोटा
17 रेस्टोरेन्ट बड़ा
18
पान मसाले की दुकान
19 मिष्ठान की दुकान
20
शराब की दुकान ( देशी /विदेशी )
21 बियर बार
22
इलेक्ट्रॉनिक्स / इलैक्ट्रिकल्स की दुकान
23 टैण्टहाउस
24 बैंकट हॉल
25 प्रिन्टिंग प्रेस
26
फर्नीचर की दुकान
27 पेट्रोल पम्प
28 ट्रांन्सपोर्ट कार्यालय
29 फैब्रिकेशन
30 बारबर
31 टेलर
32 मीट / मछली / मुर्गा
33 आरा मशीन
34 अन्य
रु० 500.00
रु ० 300.00
रु ० 200.00
रु0 200.00
रु ० 100.00
रु ० 200.00
रु० 200.00
रु ० 100.00
रु० 300.00
रु० 100.00
रु० 200.00
रु0 1500.00
रु० 750.00
रु० 100.00
रु0 200.00
रु0 200.00
रु० 150.00
रु0 200.00
रु० 150.00
रु० 200.00
रु० 200.00
रु0 200.00
रु० 100.00
रु0 200.00
रु० 150.00
रु० 100.00 भाग 1-क]
111 उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
1. प्रयोक्ता शुल्क भुगतान न करने की दशा में अपर मुख्य अधिकारी या उनके प्राधिकृत अधिकारी को इन उपविधियों में वर्णित की गयी दरों के अनुसार देय धनराशि के अतिरिक्त उसका 20 गुना तक शमन शुल्क (कम्पाउन्डिंग फीस) वसूल करने का अधिकार होगा ।
2. यदि कोई उपभोक्ता एक वर्ष का प्रयोक्ता शुल्क अग्रिम (एडवांस) जमा करता है तो वह 01 माह के प्रयोक्ता शुल्क की छूट प्राप्त करने का अधिकारी होगा ।
3. विधवा/ बी० पी ०एल ० श्रेणी में पंजीकृत से (50 वर्ग गज मकान में स्वयं निवास करती हो) प्रयोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा, जिसका प्रमाण-पत्र प्रत्येक वर्ष कार्यालय जिला पंचायत पिथौरागढ़ से प्राप्त करना होगा । यदि भवन अथवा भवन का आंशिक भाग किराये पर दिया गया है तो वह भवन स्वामी छूट प्राप्त करने हेतु पत्र नहीं होगा ।
4. वह वरिष्ठ नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर हो तथा 100 वर्ग गंज तक के मकान में निवास करते हों, एवं शारीरिक अथवा मानसिक रुप में अस्वस्थ हो एवं उनके साथ वृद्ध पत्नी के अतिरिक्त अन्य कोई परिवारजन अथवा अन्य सहायक आवासित न हो उनको प्रयोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा परन्तु ऐसे वरिष्ठ नागरिक को कार्यालय जिला पंचायत पिथौरागढ़ से इस सम्बन्ध में प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा तथा प्रतिवर्ष उसका नवीनीकरण कराना होगा ।
5. प्रयोक्ता शुल्क अनुसूची-2 में वर्णित शुल्क प्रत्येक 2 वर्ष में जिला पंचायत द्वारा पुनरीक्षित की जा सकेगी । पुनरीक्षण का अधिकार अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत पिथौरागढ़ में निहित होगा । उपरोक्त उपविधि में पुनरीक्षण के पश्चात् शुल्क में की गयी वृद्धि किसी भी दशा में 10 प्रतिशत से कम नहीं होगी ।
शास्ति
उपरोक्त उपविधि के अन्तर्गत किसी भाग का उल्लंल्धन करने पर पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा एवं ग्रामीण ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन नियमावली , 2013 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा, जो प्रयोक्ता शुल्क (युजर चार्जस) की निर्धारित दरों का 10 गुना तक अधिकतम हो सकता है, और जब ऐसा उल्लंघन निरन्तर किया जाय तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्धि के दिनांक के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना होगा, प्रत्येक दिन रू 0 100.00 तक हो सकेगा । यह अधिकार अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत पिथौरागढ़ में में निहित होंगा ।
राजेश कुमार ,
दीपिका बोहरा ,
अपर मुख्य अधिकारी ,
अध्यक्ष,
जिला पंचायत , पिथौरागढ़ ।
जिला पंचायत , पिथौरागढ़ ।
निधि यादव, निदेशक ।
112
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
कार्यालय मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण,
अधिसूचना
13 मार्च , 2024 ई ०
संख्या4680 / नि०अनु०-भू०उप० परि०(आर)/बी-002/ 2024-आवास विभाग के शासनादेश संख्या 1311 /V- 2/21-10 (आ0) /2020 दिनांक 26.7.2021 के क्रम में देहरादून महायोजना-2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित संशोधन करने के सम्बन्ध में आपत्तियों एवं सुझाव प्राप्त किये जाने के दृष्टि से 02 दैनिक समाचार पत्रों दैनिक हिन्दुस्तान एवं दैनिक जागरण में 06.2.2024 को विज्ञप्ति प्रकाशित करायी गयी थी । आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित 30 दिन की अवधि के भीतर प्रस्तावित भू- उपयोग परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है ।
अतएव , अब उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 (संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा 13 (2) के अधीन शासनादेश संख्या 1311 /V- 2/21-10 (आ ०) / 2020 दिनांक 26.7.2021 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए देहरादून महायोजना-2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित निम्नलिखित संशोधन करते हैं:-
स्थल / ग्राम का नाम
क्रम सं०
भू- उपयोग हेतु प्रस्तावित खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)
प्रस्तावित भू-उपयोग
महायोजना में वर्तमान भू-उपयोग
1.
1,779
आवासीय
कृषि
925 मि, 926 कमि, 982 मि. 986 ग, 987मि, 988 , 989 मि, एवं 990 मि
मौजा पौधा , तहसील विकास नगर जिला देहरादून
अधिसूचना
13मार्च , 2024 ई०
संख्या 4681 / नि०अनु०-भू० उप०परि० (आर)/बी-003 / 2024-आवास विभाग के शासनादेश संख्या 1311 /V- 2/21-10 (आ 0)/2020 दिनांक 26.7.2021 के क्रम में देहरादून महायोजना 2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित संशोधन करने के सम्बन्ध में आपत्तियों एवं सुझाव प्राप्त किये जाने के दृष्टि से 02 दैनिक समाचार पत्रों दैनिक अमर उजाला एवं दैनिक हिन्दुस्तान में दिनांक 06.2.2024 को विज्ञप्ति प्रकाशित करायी गयी थी । आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित 30 दिन की अवधि के भीतर प्रस्तावित भू- उपयोग परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है ।
अतएव, अब उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 (संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा 13 (2) के अधीन शासनादेश संख्या 1311 /V-2 /21-10 ( 0) /2020 दिनांक 26.7.2021 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए देहरादून महायोजना-2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित निम्नलिखित संशोधन करते हैं: -
स्थल/ग्राम का नाम
क्रम सं०
भू-उपयोग हेतु प्रस्तावित खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)
प्रस्तावित भू-उपयोग
महायोजना में वर्तमान भू-उपयोग
0.6711
83 , 84, 85, 86, 87, 88 , 89 , 90क ,
आवासीय
कृषि
ग्राम नालीकला, परगना परवादून, देहरादून
1
0.3858
ग्राम चलचला, परगना परवादून, देहरादून
210 , 210 , 211 च, 211 ड,
कृषि
आवासीय
बंशीधर तिवारी ,
उपाध्यक्ष ।
भाग 1 -क]
113 उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई0 (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
कार्यालय जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण, देहरादून ।
कार्य भार ग्रहण करने का प्रमाण-पत्र
15 मार्च , 2024 ई०
पत्रांक सं०-13 / जि०पु ०शि०प्रा०/2023-24- उत्तराखण्ड शासन के गृह अनुभाग -1 की अधिसूचना संख्या-48 /XX- 1-2024-13 ( 2) 2007 टीसी दिनांक 12 मार्च , 2024 के अनुपालन में अधोहस्ताक्षरी ने आज दिनांक 15 मार्च 2024 , के पूर्वाहन में सदस्य जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण , देहरादून के पद का कार्य भार ग्रहण कर लिया है ।
अवमोचक,
सुमन सिंह वल्दिया , सदस्य, जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण, उत्तराखण्ड देहरादून ।
प्रतिहस्ताक्षरित ,
के०डी० भटट, अध्यक्ष, जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण, उत्तराखण्ड, देहरादून ।
कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी
टनकपुर (चम्पावत)
आदेश
29 सितम्बर , 2023 ई०
पत्रांकः- 1438/ पंजीयन निरस्त / 2023-वाहन संख्या UK03CA1058 (Trailer Commercial) मॉडल 2017 चैचिस UK04171101261 इस कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन श्री त्रिलोक चन्द पुत्र श्री दिवान चन्द निवासी-चन्दनी टनकपुर जिला चम्पावत के नाम पंजीकृत है । दिनांक 15/09/2023 को वाहन स्वामी द्वारा वाहन के पंजीयन निरस्त हेतु (क्योंकि वाहन चलने योग्य नहीं है) आवेदन किया गया हैं । वाहन फाइनेन्स से मुक्त है । प्रवर्तन अनुभाग की आख्या के अनुसार वाहन पर कोई चैक चालान लंम्बित नहीं है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन/ चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।
अतः सुरेन्द्र कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी टनकपुर (चम्पावत) केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 55(1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये दिनांक 29.09.2023 को वाहन संख्या UK03CA1058 (Trailer Commercial ) मॉडल 2017 चैचिस UK04171101261 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करता हूँ ।
आदेश
29 सितम्बर , 2023 ई ०
पत्रांकः- 1439/ पंजीयन निरस्त / 2023- वाहन संख्या UA055571 ( MAXI CAB ) मॉडल 2007 चैचिस 73D41323 इंजन संख्या GF74D59838 इस कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन श्री सुनील कुमार पुत्र श्री विद्या राम निवासी- मकान संख्या 130 ग्राम पचपकरिया बनबसा चन्दनी जिला चम्पावत के नाम पंजीकृत है । दिनांक 16/09/2023 को वाहन स्वामी द्वारा वाहन के पंजीयन निरस्त हेतु (क्योंकि वाहन चलने योग्य नहीं है) आवेदन किया गया हैं,। वाहन फाईनैन्स से मुक्त है । प्रवर्तन अनुभाग की आख्या के अनुसार वाहन पर कोई चैक चालान लम्बित नहीं है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन / चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।
अतः सुरेन्द्र कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी टनकपुर (चम्पावत) केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 55 (1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये दिनांक 29.09.2023 को वाहन संख्या UA055571 (MAXI CAB ) मॉडल 2007 चैचिस 73D41323 इंजन संख्या GF74D59838 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करता हूँ ।
114
उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
आदेश
11 सितम्बर, 2023 ई०
पत्रांकः- 1341 / पंजीयन निरस्त/ 2023-वाहन संख्या UA032876 ( LGV) मॉडल 2004 चैचिस 41K41460 इंजन संख्या AB41K64885 इस कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन श्री भूवन चन्द्र नरियाल पुत्र श्री अम्बादत्त नरियाल निवासी-जी० आई ० सी० रोड चम्पावत के नाम पंजीकृत है । दिनांक 29/08/2023 को वाहन स्वामी द्वारा वाहन के पंजीयन निरस्त हेतु (क्योंकि वाहन दुर्घटनाग्रस्त है) आवेदन किया गया हैं ,। वाहन फाइनैन्स से मुक्त है । प्रवर्तन अनुभाग की आख्या के अनुसार वाहन पर कोई चैक चालान लम्बित नहीं है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन / चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।
अतः सुरेन्द्र कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी टनकपुर (चम्पावत ) केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 55(1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये दिनांक 11.09.2023 को वाहन संख्या UA032876 ( LGV) मॉडल 2004 चैचिस 41K41460 इंजन संख्या AB41K64885 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करता हूँ ।
आदेश
30 सितम्बर, 2023 ई०
पत्रांकः- 1444/पंजीयन निरस्त/ 2023- वाहन संख्या UK03TA0030 ( MAXI CAB ) मॉडल 2008 चैचिस 83B40906 इंजन संख्या GF84B64431 इस कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन श्री कुन्दन सिंह पुत्र श्री प्रहलाद सिंह निवासी-रैगांव छाना, पोस्ट-छाना, जिला चम्पावत के नाम पंजीकृत है । दिनांक 27/09/2023 को वाहन स्वामी द्वारा वाहन के पंजीयन निरस्त हेतु (क्योंकि वाहन चलने योग्य नहीं है) आवेदन किया गया हैं ,। वाहन फाईनेन्स से मुक्त है । प्रवर्तन अनुभाग की आख्या के अनुसार वाहन पर कोई चैक चालान लम्बित नहीं है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन/ चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।
अतः सुरेन्द्र कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी टनकपुर (चम्पावत) केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 55(1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये दिनांक 30.09.2023 को वाहन संख्या UK03TA0030 ( MAXI CAB ) मॉडल 2008 चैचिस 83B40906 इंजन संख्या GF84B64431 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करता हूँ।
आदेश
30 सितम्बर , 2023 ई ०
: पत्रांकः- 1445 / पंजीयन निरस्त/ 2023- वाहन संख्या HR38C2978 (HGV) मॉडल 1998 चैचिस 373043ERQ108319 इंजन संख्या 697D21ERQ111592 इस कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन श्री दीपक कुमार कापड़ी पुत्र श्री नन्द किशोर निवासी- बोरा किशनी खटीमा जिला उधमसिंह नगर के नाम पंजीकृत है । दिनांक 20/09/2023 को वाहन स्वामी द्वारा वाहन के पंजीयन निरस्त हेतु (क्योंकि वाहन चलने योग्य नहीं है) आवेदन किया गया हैं,। वाहन फाइनेन्स से मुक्त है । प्रवर्तन अनुभाग की आख्या के अनुसार वाहन पर कोई चैक चालान लम्बित नहीं है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन/ चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।
अतः सुरेन्द्र कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी टनकपुर (चम्पावत) केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 55(1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये दिनांक 30.09.2023 को वाहन संख्या HR38C2978 ( HGV) मॉडल 1998 चैचिस 373043ERQ108319 इंजन संख्या 697D21ERQ111592 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करता हूँ ।
सुरेन्द्र कुमार,
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी टनकपुर (चम्पावत) ।
पी ० एस ० यू० ( आर० ई ०) 12 हिन्दी गजट / 118- भाग 1- क-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो)
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड , रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN /30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
भाग 7
इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन सदन , अशोक रोड, नई दिल्ली-110001 .
अधिसूचना
16मार्च , 2024 ई०
सं.52/ 2024/ एसडीआर / खंड-॥- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 के खंड (ग) के उपबंधों के अनुसरण में निर्वाचन आयोग एतद्दवारा विनिर्दिष्ट करता है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित कोविड-19 संदिग्ध या प्रभावित ऐसे व्यक्ति, जो डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए आवेदन करते हैं और जो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उसके अनुरोध के सत्यापन की शर्त के अधीन हैं, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के भाग- ॥ क , विधि एवं न्याय मंत्रालय , भारत सरकार की अधिसूचना का.आ.सं. 1964 (अ.) दिनांक19 जून, 2020 के जरिए यथासंशोधित, इस विषय पर निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत निर्देशों एवं दिशानिर्देशों के साथ पठित , लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 की धारा 30 के अंतर्गत दिनांक 20.03.2024, 28.03.2024, 12.04.2024, 18.04.2024, 26.04.2024, 29.04.2024 और 07.05.2024 को अधिसूचित होने वाले वर्तमान लोक सभा तथा आन्ध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश , ओडिशा और सिक्किम की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों, 2024 तथा 13 राज्यों में 26 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों (अनुलग्नक के अनुसार ) के उप निर्वाचनों के लिए डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए व्यक्तियों की एक श्रेणी होंगे ।
31 -ट 32
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 7
अधिसूचना
16मार्च , 2024 ई ०
सं.52/ 2024/ एसडीआर / खंड- II- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 के खंड(ग) के उपबंधों के अनुसरण में निर्वाचन आयोग एतद्वारा विनिर्दिष्ट करता है कि 85 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचक और शारीरिक निःशक्तता (बेंचमार्क) वाले निर्वाचक, जिन्हें राज्य की निर्वाचक नामावलियों के डाटा बेस में पहले से ही चिहिनत/ इंगित किया गया हो, और जो डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए आवेदन करते हैं और जो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उसके अनुरोध के सत्यापन की शर्त के अधीन हैं , निर्वाचनों का संचालन नियम , 1961 के भाग-III क, विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना का.आ.सं. 3786 (अ.) दिनांक 22 अक्टूबर, 2019, का. आ. सं. 3778 (अ.) दिनांक 23 अगस्त, 2023 एवं का. आ. सं. 995 (अ.) दिनांक 1 मार्च, 2024 के जरिए यथा- संशोधित और इस विषय पर निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत निर्देशों एवं दिशानिर्देशों के साथ पठित, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 की धारा 30 के अंतर्गत दिनांक 20.03.2024, 28.03.2024 , 12.04.2024, 18.04.2024, 26.04.2024 , 29.04.2024 और 07.05.2024 को अधिसूचित होने वाले वर्तमान लोक सभा तथा आन्ध्र प्रदेश , अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों , 2024 तथा 13 राज्यों में 26 विधान सभाओं के उप निर्वाचनों क्षेत्रों (अनुलग्नक के अनुसार) डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए व्यक्तियों की एक श्रेणी होंगे ।
अनुलग्नक
राज्य
विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्या एवं नाम
क्रम सं .
1 . बिहार
195- अगिआंव (.जा.अ)
2. गुजरात
26-विजापुर
3 .
108- खंभात
4.
136- वाघोडिया
5 .
85- माणावदर
6 .
83-पोरबंदर
7 . हरियाणा 21-करनाल 8 . झारखण्ड 31-गाण्डे 9.
30-अकोला पश्चिम
महाराष्ट
10 . त्रिपुरा 7-रामनगर
11 . उत्तर प्रदेश 136-ददरौल
12.
173-लखनऊ पूर्व
13 .
292-गैसड़ी
14 .
403- दुद्धी(.जा.अ)
15 . पश्चिम बंगाल
62-भगवन गोला
16 .
113-बड़ानगर
17 . तेलंगाना 71-सिकंदराबाद कैंट (.जा.अ) 18 . हिमाचल प्रदेश 18-धर्मशाला 19 . 21- लाहौल और स्पीति । (.जा.ज.अ) 20.
37-सुजानपुर
21.
39- बड़सर
22.
42-गगरेट
23.
45-कुटलैहड़
24. राजस्थान 165-बागीदोरा (.जा.ज.अ) 25. कर्नाटक 36-शोरापुर (.जा.ज.अ) 26.
233-विलावानकोडे
तमिलनाडु
आदेश से,
एस०बी० जोशी,
प्रधान संचिव ।
आज्ञा से,
मस्तूदास ,
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ,
उत्तराखण्ड ।
33 भाग 7]
उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च , 2024 ई ० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
ELECTION COMMISSION OF INDIA
Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi- 110001
NOTIFICATION
16thMarch , 2024
No.52 / 2024 / SDR/Vol.II -- In pursuance of the provisions of clause ( c) of Section 60 of the Representation of the People Act , 1951 , the Election Commission hereby specifies that the Covid -19 suspect or affected person , certified by competent authority, who applies for voting by postal ballot paper, and subject to verification of his request by the Returning Officer concerned , would be a class of persons to give his vote by postal ballot in the current General Elections to the House of the People and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh , Arunachal Pradesh , Odisha & Sikkim , 2024 and bye - elections to 26 Assembly Constituencies in 13 States ( as per Annexure ) scheduled to be notified on 20.03.2024, 28.03.2024, 12.04.2024 , 18.04.2024 , 26.04.2024 , 29.04.2024 and 07.05.2024 under Section 30 of the Representation of the People Act , 1951 , as per the provisions in Part - IIIA of the Conduct of Elections Rules 1961 , as amended vide Ministry of Law & Justice , Govt. of India , Notification SO No. 1964 ( E ) , dated 19th June , 2020 read with the directions and guidelines issued by the Election Commission on the subject.
NOTIFICATION
16thMarch, 2024
No.52/ 2024/ SDR /Vol.II --In pursuance of the provisions of clause ( c ) of Section 60 of the Representation of the People Act , 1951 , the Election Commission hereby specifies that the elector above the age of 85 years and elector with physical disability (benchmark ) as already marked/ flagged in the data base of the electoral rolls of the State and , who requests for voting by postal ballot paper and subject to the verification of his request by Returning Officer concerned , would be a class of persons to give his vote by postal ballot in the current General Elections to the House of the People and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh , Arunachal Pradesh , Odisha & Sikkim , 2024 and bye elections to 26 Assembly Constituencies in 13 States ( as per Annexure ) to be notified under Section 30 of the Representation of the People Act , 1951 , as per the provisions in Part - IIIA of the Conduct of Elections Rules , 1961 , as amended vide Ministry of Law & Justice , Govt. of India , Notifications SO No. 3786 ( E ) , dated 22nd October, 2019, SO No.3778 ( E ) , dated 23rd August , 2023 and SO No. 995 ( E ) , dated 1st March , 2024.
34
उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
Name of State
S. No.
1.
Bihar
2 .
[भाग 7
Annexure
Assembly Constituency No. & Name
195-Agiaon( SC)
26- Vijapur
3 .
4.
Gujarat
5.
6 .
7.
108 Khambhat
136 Vaghodia
85 Manavadar
83 Porbandar
21-Karnal
Haryana
8.
Jharkhand 31-Gandey
9.
Maharashtra
10
Tripura 30 - Akola West
7- Ramnagar
11
136 Dadraul
12
13
Uttar Pradesh 173 Lucknow East
292 Gainsari
14
15
West Bengal
16
403 Duddhi ( ST)
62-Bhagawangola
113- Baranagar
17
Telangana
18
19
20
71- Secunderabad Cantt. ( SC)
18 Dharamshala
21- Lahaul & Spiti ( ST)
37- Sujanpur
21
39 - Barsar
22 Himachal Pradesh 42- Gagret
23
45 Kutlehar
24
Rajasthan
25
Karnataka
26
Tamil Nadu
3054
165 - Bagidora (ST)
36- Shorapur ( ST)
233 Vilavancode
By Order,
S.B.JOSHI ,
Principal Secretary.
ByOrder,
MASTU DAS ,
Assistant Chief Electoral Officer,
Uttarakhand .
भाग 7]
35 उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई ० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
भारत निर्वाचन आयोग
निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001
अधिसूचना
16मार्च , 2024 ई ०
सं .52/2024 / एसडीआर / खंड-॥- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 के खंड (ग) के उपबंधों के अनुसरण में निर्वाचन आयोग एतद्दवारा विनिर्दिष्ट करता है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित कोविड-19 संदिग्ध या प्रभावित ऐसे व्यक्ति, जो डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए आवेदन करते हैं और जो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उसके अनुरोध के सत्यापन की शर्त के अधीन हैं, निर्वाचनों का संचालन नियम , 1961 के भाग- ॥ क , विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना का.आ.सं. 1964 (अ.) दिनांक 19 जून, 2020 के जरिए यथासंशोधित , इस विषय पर निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत निर्देशों एवं दिशानिर्देशों के साथ पठित, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 की धारा 30 के अंतर्गत दिनांक 20.03.2024, 28.03.2024, 12.04.2024, 18.04.2024 , 26.04.2024, 29.04.2024 और 07.05.2024 को अधिसूचित होने वाले वर्तमान लोक सभा तथा आन्ध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश , ओडिशा और सिक्किम की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों, 2024 तथा 13 राज्यों में 26 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों (अनुलग्नक के अनुसार) के उप निर्वाचनों के लिए डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए व्यक्तियों की एक श्रेणी होंगे ।
अधिसूचना
16मार्च , 2024 ई०
सं .52/ 2024 / एसडीआर / खंड - 11 - लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 की धारा 60 के खंड( ग ) के उपबंधों के अनुसरण में निर्वाचन आयोग एतद्वारा विनिर्दिष्ट करता है कि 85 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचक और शारीरिक निःशक्तता (बेंचमार्क) वाले निर्वाचक, जिन्हें राज्य की निर्वाचक नामावलियों के डाटा बेस में पहले से ही चिहिनत / इंगित किया गया हो , और जो डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए आवेदन करते हैं और जो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उसके अनुरोध के सत्यापन की शर्त के अधीन हैं, निर्वाचनों का संचालन नियम , 1961 के भाग-1|| क, विधि एवं न्याय मंत्रालय , भारत सरकार की अधिसूचना का.आ.सं. 3786 (अ. ) दिनांक 22 अक्टूबर , 2019 , का. आ. सं. 3778 (अ. ) दिनांक 23 अगस्त, 2023 एवं का. आ. सं. 995 (अ.) दिनांक 1 मार्च , 2024 के जरिए यथा- संशोधित और इस विषय पर निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत निर्देशों एवं दिशानिर्देशों के साथ पठित , लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 की धारा 30 के अंतर्गत दिनांक 20.03.2024 , 28.03.2024, 12.04.2024, 18.04.2024 , 26.04.2024, 29.04.2024 और 07.05.2024 को अधिसूचित होने वाले वर्तमान लोक सभा तथा आन्ध्र प्रदेश , अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों , 2024 तथा 13 राज्यों में 26 विधान सभाओं के उप निर्वाचनों (अनुलग्नक के अनुसार) डाक मतपत्र द्वारा मतदान करने के लिए व्यक्तियों की एक श्रेणी होंगे ।
अनुलग्नक
क्रम राज्य
विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्या एवं नाम
सं.
बिहार
1.
195- अगिआंव (.जा.अ)
2. गुजरात
26-विजापुर
3.
108-खंभात
4.
136- वाघोडिया
5 .
85- माणावदर
6 .
83-पोरबंदर
36
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई० (चैत्र 03 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 7 7 . हरियाणा
21-करनाल
8. झारखण्ड
31-गाण्डे
9. महाराष्ट्र
30-अकोला पश्चिम
10 . त्रिपुरा
7-रामनगर
11. उत्तर प्रदेश
136-ददरौल
12.
173-लखनऊ पूर्व
13.
292-गैसड़ी
14 .
403-दुद्धी(.जा.अ)
15 . पश्चिम बंगाल
62-भगवन गोला
16 .
113-बड़ानगर
17 . तेलंगाना
71 - सिकंदराबाद कैंट (.जा.अ)
18 . हिमाचल प्रदेश
18- धर्मशाला
19 .
21-लाहौल और स्पीति । ( .जा.ज.अ)
20 .
37-सुजानपुर
21.
39-बड़सर
22.
42-गगरेट
23 .
45-कुटलैहड़
24. राजस्थान
165-बागीदोरा (.जा.ज.अ)
25 . कर्नाटक
36-शोरापुर (.जा.ज.अ)
26. तमिलनाडु
233-विलावानकोडे
आदेश से, एस०बी० जोशी, प्रधान सचिव ।
आज्ञा से, मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी , उत्तराखण्ड ।
ELECTION COMMISSION OF INDIA
Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi- 110001
NOTIFICATION
16th March, 2024
No.52/ 2024/ SDR/Vol.II -- In pursuance of the provisions of clause ( c ) of Section 60 of the Representation of the People Act , 1951 , the Election Commission hereby specifies that the Covid - 19 suspect or affected person , certified by competent authority, who applies for voting by postal ballot paper, and subject to verification of his request by the Returning Officer concerned , would be a class of persons to give his vote by postal ballot in the current General Elections to the House of the People and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh , Arunachal Pradesh , Odisha & Sikkim , 2024 and bye - elections to 26 Assembly Constituencies in 13 States (as per Annexure ) scheduled to be notified on 20.03.2024 , 28.03.2024 , 12.04.2024 , 18.04.2024, 26.04.2024 , 29.04.2024 and 07.05.2024 under Section 30 of the Representation of the People Act, 1951 , as per the provisions in Part - IIIA of the Conduct of Elections Rules 1961 , as amended vide Ministry of Law & Justice , Govt . of India , Notification SO No. 1964 ( E) , dated 19th June , 2020 read with the directions and guidelines issued by the Election Commission on the subject .
भाग 7]
37
उत्तराखण्ड गजट , 23 मार्च , 2024 ई0 (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
16thMarch, 2024
No.52 / 2024 / SDR /Vol.II -- In pursuance of the provisions of clause (c ) of Section 60 of the Representation of the People Act , 1951 , the Election Commission hereby specifies that the elector above the age of 85 years and elector with physical disability ( benchmark ) as already marked/ flagged in the data base of the electoral rolls of the State and , who requests for voting by postal ballot paper and subject to the verification of his request by Returning Officer concerned , would be a class of persons to give his vote by postal ballot in the current General Elections to the House of the People and Legislative Assemblies of Andhra Pradesh , Arunachal Pradesh , Odisha & Sikkim , 2024 and bye elections to 26 Assembly Constituencies in 13 States ( as per Annexure ) to be notified under Section 30 of the Representation of the People Act , 1951 , as per the provisions in Part- IIIA of the Conduct of Elections Rules , 1961 , as amended vide Ministry of Law & Justice , Govt . of India , Notifications SO No. 3786 ( E ) , dated 22nd October, 2019 , SO No.3778 ( E) , dated 23rd August , 2023 and SO No. 995 ( E) , dated 1st March , 2024.
Name of State
8. No.
1.
Bihar
2.
Annexure
Assembly Constituency No. & Name
195 -Agiaon ( SC)
26- Vijapur
3.
4.
Gujarat
5.
6.
7.
Haryana
8.
Jharkhand
Maharashtra
9.1
10
Tripura 108 Khambhat
136 Vaghodia
85 Manavadar
83 Porbandar
21-Karnal
31- Gandey
30 Akola West
7. Ramnagar
11
12
Uttar Pradesh
13
14
15
West Bengal
16
17
Telangana
18
19
20
21
22 Himachal Pradesh
23
24
Rajasthan
25
Karnataka
26
Tamil Nada 136 Dadraul
173 Lucknow East
292 Gainsari
403 Duddhi ( ST )
62-Bhagawangola
113- Baranagar
71- Secunderabad Cantt . (SC )
18 Dharamshala
21- Lahaul & Spiti (ST)
37-Sujanpur
39- Barsar
42Gagret
45 Kutlehar
165 Bagidora ( ST)
36- Shorapur ( ST)
233 Vilavancode
By Order,
S.B.JOSHI , Principal Secretary.
ByOrder, MASTU DAS ,
Assistant Chief Electoral Officer, Uttarakhand .
पी०एस ०यू० ( आर० ई0 ) 12 हिन्दी गजट / 118- भाग 7-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मेरे आधार कार्ड में जिसका नम्बर 741449856348 में मेरा घरेलू नाम छौन्दाडी देवी हो गया है जबकि मेरा वास्तविक नाम विमला देवी है । ये दोनों ही नाम एक व्यक्ति के है । भविष्य में मुझे विमला देवी पत्नी श्री जगत चन्द रमोला के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
विमला देवी पत्नी श्री जगत चन्द रमोला निवासी जाख , धौनिखान टिहर गढ़वाल
उत्तराखण्ड |
109- ट 110
उत्तराखण्ड गजट, 23 मार्च, 2024 ई० (चैत्र 03, 1946 शक सम्वत)
[भाग 8
सूचना
मेरे पी० पी० ओ ० नं ० S/013305/2001 आर्मी में त्रुटिवश मेरा नाम (NARAIN PARSAD THAPA ) दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम (NARAIN PRASAD THAPA) है ; भविष्य में मुझे (NARAIN PRASAD THAPA) S / O ( KARAN SINGH THAPA) के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
(NARAIN PRASAD THAPA )
S / O ( KARAN SINGH THAΡΑ)
निवासी शेर गुर्जर पो ०ओ ० नंदा की चौकी देहरादून, उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरेआर्मी अभिलेख/ सर्विस नं0 5849170K रैंक Ex RECT में त्रुटिवश मेरा नाम KAMAL SINGH KHATTRI) दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम KAMAL SINGH KHATRI) है , भविष्य में मुझे KAMAL SINGH KHATRI S / O GOPAL SINGH KHATRI के नाम से जाना पहचाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
KAMAL SINGH KHATRI
S / O GOPAL SINGH KHATRI
निवासी-केदारपुर पो ० ओ ० मोथरोवाला देहरादून, उत्तराखण्ड ।
पी० एस ०यू० (आर० ई० ) 12 हिन्दी गजट /118 - भाग 8-2024 (कम्प्यूटर/ रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।