पंजीकरण संख्या- UA/DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
-25] रुड़की, शनिवार, दिनांक 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्) [ संख्या-27 खण्ड
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग-अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग-अलग खण्ड बन सकें
वार्षिक चन्दा विषय
पृष्ठ संख्या
रु० 3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1500
557-561
भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति , स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500
253-255
भाग 1 -क-नियम , कार्य-विधियां , आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ -पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत्त किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
भाग ४ - सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
161-185
स्टोर्स पर्चेज-स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़- पत्र आदि
1425
557-क 558
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान -नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
राजस्व अनुभाग-3
अधिसूचना
18 जून, 2024 ई0
संख्या 248/ XVIII ( 3 ) / 2024-03 (6 ) / 2016 - राज्यपाल , उत्तर प्रदेश भू- राजस्व अधिनियम , 1901 (उ०प्र० अधिनियम संख्या 3 सन् 1901 ) (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त) की धारा 48 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये यह घोषणा करते हैं कि नीचे दी गयी अनुसूची में उल्लिखित ग्राम , जिसे अधिसूचना संख्या-70 / 1-14-2000-49 (2 )-94-81 , दिनांक 10 मार्च , 2000 द्वारा सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाओं के अधीन रखा गया था, में सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियायें इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से बन्द हो जायेंगी ।
अनुसूची
जिला
तहसील
परगना
ग्राम का नाम
1
2
3
4
ऊधमसिंह नगर
सितारगंज
किलपुरी
नकुलिया
आज्ञा से , रमेश कुमार सुधांशु , * प्रमुख सचिव , राजस्व ।
In pursuance of the provision of Clause (3 ) of the article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.248 / XVIII ( 3 )/2024-03(6)/2016 dated: June 18, 2024 for general information ..
NOTIFICATION
June 18 , 2024
No. 248/XVIII ( 3 )/2024-03 (6 )/2016 --In exercise of the powers conferred by section 48 of the UttarPradesh Land Revenue Act , 1901 ( U.P.Act No. 03 of 1901 ) ( as applicable to the State of Uttarakhand ), the Governor declare that the Survey and Record Operation in the village mentioned in the Schedule below which were placed under Survey and Record Operation Vide Govt . Notification No. 70/1-14-2000-49(2)-94- 81 , dated 10 March , 2000 shall be closed with effect from the date of publication of this notification in the official Gazette .
Schedule
District
Tehsil
Pargana
NameofVillage
1
2
3
4
Udham Singh Nagar Sitarganj
Kilpuri
Nakuliya
By Order,
RAMESH KUMAR SUDHANSHU ,
Principal Secretary, Revenue .
भाग 1 ]
559 उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
उच्च शिक्षा अनुभाग-3
अधिसूचना
14 जून, 2024 ई ०
संख्या 408 /XXIV- C - 3/ 2024-13 ( 20 ) 2023 (Comp no - 58066 )- उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम , 2023 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 02 , वर्ष 2024 ) एवं उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम , 2024 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 05 , वर्ष 2024) के माध्यम से प्रायोजक निकाय माया देवी एजुकेशनल फाउण्डेशन , 4 बलबीर रोड़, देहरादून द्वारा प्रायोजित " माया देवी विश्वविद्यालय " , एन 0 एच -72 , निकट होटल दी कॉम्पीटेन्ट पैलेस , सेन्ट्रल होप टाऊन , सेलाकुई , चकराता रोड़ , देहरादून, उत्तराखण्ड नामक एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है ।
अतएव, अब , उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 की धारा 7 की उपधारा (1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके , श्री राज्यपाल एन0एच-72 , निकट होटल दी कॉम्पीटेन्ट पैलेस, सेन्ट्रल होप टाऊन , सेलाकुई , चकराता रोड़ , देहरादून उत्तराखण्ड में विश्वविद्यालय " माया देवी विश्वविद्यालय " नाम से उत्तराखण्ड में स्थापित व संचालित किये जाने की अनुज्ञा प्रदान करतें है ।
In pursuance of the provision of Clause ( 3) of article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.408 /XXIV-C - 3/2024- 13(20) 2023( Comp no 58066) dated: June 14, 2024.
NOTIFICATION June 14, 2024.
ASOSID-OVIXXIENA
No. 408 /XXIV - C - 3 /2024-13 ( 20 ) 2023 (Comp по 58066 ) --A private University with the name " Maya Devi University " , NH - 72 , Near Hotel The Competent Palace, Central Hope Town , Selaqui , Chakrata Road , Dehradun , Uttarakhand sponsored by Maya Devi Educational Foundation , 4 Balbir Road , Dehradun has been established vide theUttarakhand Private University Act, 2023 ( Uttarakhand Act No. 02 of 2024 ) , as amendedby the Uttarakhand Private University (Amendment) Act, 2024 ( Uttarakhand Act No. 05 year 2024) . d
OTS NOW, THEREFORE , in exercise of the power under sub - section ( 1 ) of section 7 of the Uttarakhand Private UniversityAct , 2023 the Hon'ble Governor is pleased to permit the aforesaid University to establishes and operate with the name "Maya Devi University " , Uttarakhand in NH -72, Near Hotel The Competent Palace , Central Hope Town , Selaqui , Chakrata Road , Dehradun .
अधिसूचना
14 जून, 2024 ई ०
संख्या 513 /XXIV- C - 3 / 2024-13 ( 07 ) 2023 ( Comp no - 52042 ) - उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 02 , वर्ष 2024) एवं उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2024 ( उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 05, वर्ष 2024 ) के माध्यम से प्रायोजक निकाय एसके एजुकेशनल ट्रस्ट, एफ -1 , रेसकोर्स , देहरादून द्वारा प्रायोजित "डीबीएस ग्लोबल विश्वविद्यालय ' , 122 एमआई सेलाकुई, देहरादून, उत्तराखण्ड नामक एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है ।
अतएव, अब उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम , 2023 की धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन.. शक्तियों का प्रयोग करके श्री राज्यपाल 122 एमआई सेलाकुई, देहरादून , उत्तराखण्ड में विश्वविद्यालयः "डीबीएस ग्लोबल विश्वविद्यालय' नाम से उत्तराखण्ड में स्थापित व संचालित किये जाने की अनुज्ञा प्रदान करते है ।
In pursuance of the provision of Clause ( 3 ) of article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.513 /XXIV- C - 3 /2024- 13(07)2023 (Comp no 52042) dated : June 14 , 2024 .
NOTIFICATION
June 14, 2024
No. 513 /XXIV-C -3 /2024-13 ( 07 ) 2023 (Comp no 52042) --Aprivate University with the name "DBS Global University" , 560
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
122MI , Selaqui , Dehradun , Uttarakhand sponsored by Eskay Educational Trust, F -1 , Race Course , Dehradun has been established vide the Uttarakhand Private University Act , 2023 ( Uttarakhand Act No. 02 of 2024) , as amended by the Uttarakhand Private University (Amendment) Act , 2024 ( Uttarakhand Act No. 05 year 2024) .
NOW, THEREFORE , in exercise of the power under sub - section (1 ) of section 7 of the Uttarakhand Private University Act , 2023 the Hon'ble Governor is pleased to permit the aforesaid University to establishes and operate with the name " DBS Global University" , Uttarakhand in 122 MI , Selaqui , Dehradun .
अधिसूचना
14 जून, 2024 ई०
संख्या 415 /XXIV- C - 3 / 2024-13 ( 35 ) 2018 (Comp no - 33241 ) - उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम , 2023 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 02, वर्ष 2024) एवं उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2024 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 05 , वर्ष 2024) के माध्यम से प्रायोजक निकाय माइन्ड पावर एजुकेशनल , बी-2 /73 , द्वितीय तल, सेक्टर-06 , रोहिणी , दिल्ली-110085 द्वारा प्रायोजित माइन्ड पावर यूनिवर्सिटी , नैनीताल, उत्तराखण्ड नामक एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है ।
अतएव, अब , उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 की धारा 7 की उपधारा (1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके , श्री राज्यपाल ग्राम बोहराकून रोड़ , भीमताल , नैनीताल , उत्तराखण्ड में विश्वविद्यालय " माइन्ड पावर यूनिवर्सिटी" नाम से उत्तराखण्ड में स्थापित व संचालित किये जाने की अनुज्ञा प्रदान करते है ।
Inpursuance of the provision of Clause ( 3 ) of article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.415 /XXIV- C -3/2024- 13 (35)2018 ( Comp no 33241 ) dated : June 14, 2024.
NOTIFICATION
June 14, 2024
No.415 /XXIV- C -3/2024-13 (35 )2018 (Comp no 33241 ) --A private University with the name "Mind Power University" , Nainital , Uttarakhand sponsored by Mind Power Educational Society, B -2/73, 2nd Floor, Sector -06, Rohini , Delhi - 110085 has been established vide the Uttarakhand Private University Act , 2023 ( Uttarakhand Act No. 02 of 2024) , as amended by the Uttarakhand Private University (Amendment) Act , 2024 ( Uttarakhand Act No. 05 year 2024) .
NOW, THEREFORE , in exercise of the power under sub - section ( 1 ) of section 7 of the Uttarakhand Private University Act , 2023 the Hon'ble Governor is pleased to permit the aforesaid Universityto establishes and operate with the name " Mind Power University " , Uttarakhand in village Bohrakoon Road , Bhimtal , Nainital .
अधिसूचना
14 जून, 2024 ई ०
संख्या 419/XXIV- C - 3 / 2024-13 ( 13 ) 2021 (Comp no - 15482 ) - उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 02, वर्ष 2024) एवं उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2024 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 05 , वर्ष 2024) के माध्यम से प्रायोजक निकाय श्रीमती मंजीरा देवी शिक्षण एवं प्रशिक्षण समिति, डॉ० हरिशंकर नौटियाल भवन, ग्राम हिटाणु , पो ० पुजार गांव , धनारी , तहसील डूंडा, उत्तरकाशी द्वारा प्रायोजित " श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय", हिटाणू धनारी , डूण्डा, उत्तरकाशी, उत्तराखण्ड नामक एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है ।
अतएव, अब , उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 की धारा 7 की उपधारा (1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके , श्री राज्यपाल हिटाणू धनारी , डूण्डा, उत्तरकाशी , उत्तराखण्ड में विश्वविद्यालय " श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय " नाम से उत्तराखण्ड में स्थापित व संचालित किये जाने की अनुज्ञा प्रदान करते है ।
आज्ञा से, शैलेश बगौली , सचिव ।
भाग 1 ]
561 उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
Inpursuance of the provision of Clause ( 3) of article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.419/XXIV- C- 3/2024- 13(13) 2021 ( Comp no 15482) dated : June 14, 2024.
NOTIFICATION
June14, 2024
No. 419 /XXIV- C - 3 /2024-13 ( 13 ) 2021 ( Comp no 15482 ) --A private University with the name " Smt . Manjira Devi University " , Hitanu Dhanari , Dunda , Uttarkashi , Uttarakhand sponsored by Smt. Manjira Devi shikshan Evam Parshikshan Samiti , Dr. Harishankar Nautiyal Bhawan , Village Hitanu , P.O. Pujar Vil- lage , Dhanari , Tehsil Dunda , Uttarkashi has been established vide the Uttarakhand Private University Act , 2023 ( Uttarakhand Act No. 02 of 2024 ), as amended by the Uttarakhand Private University (Amendment ) Act , 2024 ( Uttarakhand Act No. 05 year 2024 ).
NOW , THEREFORE , in exercise of the power under sub - section ( 1 ) of section 7 of the Uttarakhand Private University Act , 2023 the Hon'ble Governor is pleased to permit the aforesaid University to estab- lishes and operate with the name " Smt . Manjira Devi University " , Uttarakhand in Hitanu Dhanari , Dunda , Uttarkashi .
ByOrder, SHAILESH BAGAULI , Secretary.
श्रम अनुभाग
अधिसूचना
15 जून, 2024 ई ०
संख्या 606 /VIII - 1 / 24-331 (श्रम)/ 2002- उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन ( रोजगार विनियमन एवं सेवा- शर्त ) अधिनियम, 2017 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या 03 वर्ष , 2018) की धारा-26 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके , श्री राज्यपाल जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र 04 - बद्रीनाथ तथा जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र 33 - मंगलौर विधान सभा के उप निर्वाचन-2024 हेतु दिनांक 10 जुलाई 2024 (बुधवार) को निर्धारित मतदान के लिए उक्त संबंधित क्षेत्रों में स्थित समस्त दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में मतदान की तिथि दिनांक 10 जुलाई 2024 (बुधवार) को, यदि उक्त दिवस को ऐसे दुकान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के अन्तर्गत मनाये जाने वाली सामान्य साप्ताहिक छुट्टी का दिन न हो तो मतदान दिवस को " सवेतन सार्वजनिक अवकाश " के रूप में मनाये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
2. कारखाने के विषय में निर्देश दिये जाते हैं कि-
(i ) कारखानों के विषय में यदि मतदान की तिथि दिनांक 10 जुलाई 2024 (बुधवार) साप्ताहिक अवकाश का दिन नहीं है , तो संबंधित कारखाने के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 की धारा -135 (ख) के प्रावधानों के अधीन सवेतन अवकाश का दिन मनाया जायेगा तथा श्रमिकों को मतदान हेतु सवेतन सार्वजनिक अवकाश प्राप्त होगा ।
(ii ) किन्तु अविरल प्रक्रिया (Continous Process) वाले कारखानों में कारखाना प्रबंधक अपने समस्त कर्मचारियों / कर्मकारों को मतदान का समुचित एवं पर्याप्त (Responsible and Sufficient) अवसर प्रदान करेंगे तथा उन्हें मताधिकार से वंचित नहीं करेंगे ।
आज्ञा से, आर० मीनाक्षी सुन्दरम्, सचिव ।
पी ० एस ० यू० ( आर० ई० ) 27 हिन्दी गजट / 317 -भाग 1-2024 (कम्प्यूटर/रीजियो) मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/DO/ DDN/ 30/2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
UTTARAKHAND STATE LEGAL SERVICES AUTHORITY
HIGH COURT CAMPUS , NAINITAL
NOTIFICATION
June13, 2024
No. 1061 /III - A- 08/ 2024 /SLSA--Shri Akram Ali , Secretary, District Legal Services Authority, Pauri Garhwal is hereby sanctioned earned leave for a period of 10 days w.e.f. 17.05.2024 to 26.05.2024.
By Order of the Hon'ble Executive Chairman , Sd/-
PRADEEP KUMAR MANI , Member Secretary.
HIGH COURT OF UTTARAKHAND AT NAINITAL
NOTIFICATION
June18, 2024
No.246/UHC /Admin.A-2/2024-- The Chief Judicial Magistrate , Rudraprayag shall have the additional charge of the Court of Civil Judge (Sr. Div. ) , Rudraprayag until completion of maternity leave of Ms. Suman , Civil Judge (Sr. Div. ) , Rudraprayag or till further orders , whichever is earlier, in light of the provisions of Notification No. 179/ NyayAnubhag/2001 dated 17th March , 2001 .
By Order of Hon'ble the Chief Justice , Sd/- ASHISH NAITHANI , Registrar General .
253-ख 254
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
June 21, 2024
No.247 /XIV- a - 36/Admin.A- 2 / 2023--Ms . Sonam Rawat , Judicial Magistrate - IV, Dehradun is hereby sanctioned medical leave for 09 days w.e.f. 14.03.2024 to 22.03.2024 .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
NOTIFICATION
June 20, 2024 .
21
No.248 / UHC /Admin.A/ 2024--To ensure efficiency and effectiveness in functioning of Paperless Court; henceforth-
Fresh cases filed till 01:30 P.M. shall be taken up on the same day for scrutiny so that sufficient time remains available for Digitization .
Cause List shall be published a day before the date of listing , so that a duration of at least 24 hours is maintained between date of publication of Cause List and date of listing of the case in the Hon'ble Court .
Incontingencies , Supplementary Cause List may be published.
By Order of Hon'ble the Chief Justice ,
ASHISH NAITHANI , Registrar General.
NOTIFICATION
June21, 2024
No.249 / XIV- a - 36/Admin.A- 2/ 2023--Ms . Sonam Rawat , Judicial Magistrate - IV, Dehradun is hereby sanctioned following medical leaves:
1. w.e.f. 11.01.2024 to 16.01.2024 [ 06 days ]
2. w.e.f. 19.02.2024 to 26.02.2024 [ 08 days ]
NOTIFICATION
June21, 2024
No.250 /XIV- a - 36/Admin.A - 2 / 2023--Ms . Sonam Rawat , Judicial Magistrate- IV, Dehradun) is hereby sanctioned medical leave for 97 days w.e.f. 29.08.2023 to 03.12.2023 .
NOTIFICATION
June21, 2024
No.251 /XIV- a - 32 /Admin.A/2016 --Ms . Aishwarya Bora , Judicial Magistrate , Bageshwar is hereby sanctioned medical leave for 25 days w.e.f. 18.04.2024 to 12.05.2024 .
255 भाग 1-क]
उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
June21 , 2024
No.252 /XIVa - 41/Admin.A/ 2021 -- Shri Devansh Rathore , the then Civil Judge (Jr. Div. ) , Kichha , District Udham Singh Nagar presently posted as Civil Judge ( Jr. Div . ) , Tharali District Chamoli is hereby sanctioned earned leave for 13 days w.e.f. 04.03.2024 to 16.03.2024 with permission to prefix 03.03.2024 & suffix 17.03.2024 as Sunday holidays .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge , Sd/- Registrar ( Inspection).
पी० एस ०यू० ( आर०ई० ) 27 हिन्दी गजट / 317 - भाग 1-क-2024 (कम्प्यूटर/ रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/ 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार , दिनांक 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मेरे आर्मी अभिलेख/Ex- सर्विस नं 0 4057852M RANK/ SEP में त्रुटिवश मेरा नाम ( GOVIND SINGH) दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम ( GOVING SINGH SOLANKI ) है , भविष्य में मुझे (GOVING SINGH SOLANKI ) S / O (LATE TUMMI SINGH SOLANKI ) के नाम से जाना पहचाना पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
(GOVING SINGH SOLANKI)
S / O ( LATE TUMMI SINGH SOLANKI)
निवासी-47 , ए बड़ासी ग्रान्ट रायपुर बरसी ग्रान्ट देहरादून , उत्तराखण्ड ।
161 -ट 162
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15 , 1946 शक सम्वत)
[भाग 8
कार्यालय नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद हरिद्वार
सार्वजनिक सूचना
22मार्च , 2024 ई०
पत्रांक 1835/ अना०प्र ० प०/न ०पं०ल०/ 2023-24- सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि नगर पंचायत लण्ढौरा सीमान्तर्गत उ.प्र . नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 298 क, 293 , 294 , व 296 (उत्तराखण्ड़ में यथा प्रवृत्त) की उपधारा-2 खण्ड़ (ज) (च) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत लण्ढौरा द्वारा नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-294 के तहत विभिन्न व्यवसायों पर लाइसेन्स शुल्क आरोपित करने के उद्देश्य से शासनादेश संख्या 399 / वी-95-204 (जनरल ) / 94 दिनांक 20.10.1994 के अनुसार " विभिन्न व्यवसायों हेतु व्यवसायिक लाइसेन्स एवं शुल्क वसूली उपविधि 2023 " बनायी गई है जो उपविधि नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 301 (1 ) के अन्तर्गत सरकारी गजट में प्रकाशित होने के उपरान्त लागू होगी । परन्तु इससे पूर्व इस उपविधि को जनसामान्य से आपत्ति/ सुझाव आंमत्रित करने हेतु प्रकाशन कराया जाना है । समाचार पत्र में प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर जनसामान्य को लिखित में आपत्ति / सुझाव / शिकायत देने होगें । नियत अवधि के पश्चात प्राप्त किसी भी आपत्ति/ सुझाव पर विचार नही किया जायेगा तथा जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पडने वाला हो , उनसे आपत्ति एवं सुझाव हेतु समाचार पत्र में प्रकाशित की जा रही है ।
व्यवसायिक लाइसेन्स एवं शुल्क वसूली उपविधि- 2023
संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ-
क- यह उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा जिला हरिद्वार, व्यवसायिक लाइसेन्स एवं शुल्क वसूली उपविधि 2023 कहलायेगी ।
ख- यह उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा जिला हरिद्वार की सीमा में प्रवृत्त होगी ।
ग- यह उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा जिला हरिद्वार प्रख्यापति तथा शासकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी ।
1. परिभाषाएँ-
किसी विषय या प्रसंग से कोई वादा प्रतिकुल न होने पर इस उपविधि में-
(क) "नगर पंचायत " का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा जिला हरिद्वार से है ।
(ख) "सीमा" का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार की सीमाओं से है ।
(ग) "अधिशासी अधिकारी " का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार से है ।
(घ) "अध्यक्ष" का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार के अध्यक्ष से है ।
(ड) "बोर्ड" का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा, जिला हरिद्वार के निर्वाचित बोर्ड से है ।
(च) "अधिनियम " का तात्पर्य उत्तर प्रदेश, नगर पालिका अधिनियम 1916 (उत्तराखण्ड़ में यथावृत्त) संशोधन एवं उपान्तरण आदेश-2002 से है ।
(छ) "लाइसेन्स " का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा जिला हरिद्वार की सीमान्तर्गत किये जाने वाले विभिन्न व्यवासायों के लाईसेन्स दिये जाने एवं उनसे निर्धारित शुल्क वसूली से है ।
(ज) "अवधि" का तात्पर्य प्रत्येक वित्तीय वर्ष अथवा (1 अप्रैल से 31 मार्च) 1 वर्ष के लिए दिये जाने वाले व्यवसायिक लाइसेन्स से है ।
भाग 8]
163
उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
अनुसूची
क्र०सं० मद का नाम
लाइसेन्स शुल्क की
प्रस्तावित दर वार्षिक
01 होटल लार्जिंग / गैस्ट हाउस / आश्रम 10 शैया तक
500.00
02 होटल लार्जिंग / गैस्ट हाउस / आश्रम 11 से 20 शैया तक
1000.00
03 तीन सितारा होटल अथवा बिना स्टार 20 शैया से 30 शैया तक
3000.00
04 उपरोक्त 31 शैया से 40 शैया तक
4000.00
05 उपरोक्त 41 शैया से 50 शैया तक
5000.00
06 उपरोक्त 50 से ऊपर
6000.00
07 तीन सितारा होटल
08 पॉच सितारा होटल
10000.00
09 रेस्टोरेन्ट उच्च श्रेणी
2000.00
10 रेस्टोरेन्ट मध्यम श्रेणी
1000.00
11 रेस्टोरेन्ट सामान्य श्रेणी
500.00
नर्सिंग होम
12 नर्सिंग होम (01 बैड से 20 बैड तक)
13 नर्सिंग होम (20 बैड से ऊपर)
14
प्रसूति गृह (01 बैड से 20 बैड तक)
15 प्रसूति गृह (20 बैड से ऊपर)
16
प्राइवेट अस्पताल
17
पैथोलॉजी सैन्टर
18
एक्सरें क्लीनिक
19 डेन्टल क्लीनिक
20
प्राइवेट क्लीनिक
परिवहन
21 घोडा तांगा
22
रिक्शा किराये पर
23 रिक्शा (निजी चालक)
24
ठेला/ ठेली
25
हाथ ठेली
26 बैलगाडी / भैंसा गाडी / किराये पर चलना
27 ट्रैक्टर ट्राली/ छोटा हाथी
28
अन्य चार पहिये के वाहन (व्यवसायिक प्रयोग हेतु सभी वाहन)
मोटर गैराज
29
30
स्कूटर गैराज /रिपेयरिंग शॉप
31
मोटर वाहन एजेन्सी (सैल्स / सर्विस)
32 स्कूटर एजेन्सी (दो पहिया/ तीन पहिया)
33
साईकिल की दुकान
1000.00
2000.00
1000.00
2000.00
3000.00
2000.00
1500.00
1000.00
1500,00
50.00
25.00
25.00
25.00
25.00
25.00
100.00
200.00
300.00
250.00
2000.00
1500.00
500.00
पैट्रोलियम
34 पैट्रोल / डीजल पम्प थोक विक्रेता कम्पनी
35
पैट्रोल / डीजल पम्प फुटकर विक्रेता
36 जनरेटर डीजल / पैट्रोल
37
दुकान अन्य पैट्रलियम उत्पादन
2000.00
1000.00
1000.00
500.00
अन्य व्यवसाय
38 धुलाई गृह (लान्ड्री)
39 ड्राईक्लीनर
40 फाईनैन्स कम्पनी, चिट फन्ड
41
इन्सोरेन्स कम्पनी, प्रति शाखा
42
फाउन्डिंग इंजीनियरिंग इन्ड्रस्टियल
100.00
100.00
500.00
500.00
1000.00 164
उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
भाग 8] उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत) 165
95 जनरल मर्चेन्ट की दुकान
[भाग 8 500.00
96 43 किताबों की थोक की दुकान आईस फैक्ट्री तथा कोल्ड ड्रिंक्स सोडा ऐस्टेड वाटर फैक्ट्री
500.00
97 44 किताबों की फुटकर दुकान बिर्ल्डस (रजिस्टर्ड)
200.00
2000.00
98 45 न्यूज पेपर आटा चक्की
200.00
250.00
99 46 लकडी के टाल की दुकान (थोक विक्रेता) गूदड़ गोदाम
1000.00
500.00
100 47 लकडी के टाल की दुकान (फुटकर विक्रेता)
कंकड तथा सुखी की भटटी 500,00
500.00
101 48 टिम्बर मर्चेन्ट चूना
3000.00
500.00
102 49 रेडियो/ मैकेनिक /टी ० वी० मरम्मत ईंट का भटटा
200.00
7000.00
103 50 टी०वी ० शॉप/ इलेक्ट्रोनिक वस्तुएँ साबुन की फैक्ट्री 500.00
5000.00
104 51 फर्टिलाईजर शॉप
करेसर / गन्ना कोल्हू 500.00
5000.00
105 52 चाट / बताशे की दुकान
लोहा व्यापारी , टिम्बर , सीमेन्ट, ईंटा, बालू(थोक मोरंगा, मारवल, टाईल्स, सेनेटरी , हार्डवेयर 200.00
2000.00
106 53 ड्राई फुट विक्रेता (थोक विक्रेता) फुटकर बिजली के सामान के विक्रेता 500.00
500.00
107 54 ड्राई फुट विक्रेता (फुटकर विक्रेता) कपडा थोक विक्रेता 250,00
1000.00
108 55 मिठाई की दुकान कपडा फुटकर विक्रेता 500,00
500.00
109 56 गैस फिलिंग प्लांट कैटरिंग 2000.00
500.00
110 57 सब्जी की दुकान और फल की दुकान बेकरी (भटठी) 100.00
500.00
111 58 भसाले थोक विक्रेता बेकरी (पॉवर) 500,00
1000.00
112 59 फर्नीचर की दुकान (शोरूम ) हेयर कटिंग सैलून 2500,00
200.00
113 60 फर्नीचर विक्रेता ब्यूटी पार्लर 1000.00
500.00
114 61 कॉकरी विक्रेता कुकिंग गैस एजेन्सी 500,00
1000.00
62 जनरल मर्चेन्ट थोक
500.00
115 63 चूीं विक्रेता 200.00
टेलरिंग हाउस ( 5 से अधिक कर्मचारी) 200.00
11.6 64 चप्पल जुतो के थोक विक्रेता
टेलरिंग हाउस (5 कर्मचारी तक) 500.00
100.00
117 65 चप्पल जुतो के फुटकर विक्रेता कोयला (थोक विक्रेता) 250.00
200.00
66 कोयला (फुटकर विक्रेता)
100.00
118 67 देशी शराब की दुकान पर बडी नावें , मोटर वोट 5000.00
1000.00
119 68 विदेशी शराब की दुकान पर छोटी नावें, मोटर वोट 8000.00
500.00
120 69 बार /बियर की दुकान पेन्ट की दुकान 5000.00
500.00
121 भैंसा मॉस की दुकान 1000.00
70 ज्वैर्ल्स ( बडे) 5 लाख से ऊपर टर्नओवर
1000.00
122 बकरा मॉस की दुकान 500,00
71 ज्वैर्ल्स (छोटे) 5लाख तक टर्नओवर
500,00
123 72 अन्य मॉस की दुकान विज्ञापन एजेन्सी 1000.00
1000.00
73 डेयरी ( दूध , दही , पनीर एवं दूध से बने अन्य पदार्थ) पशुपालन
500,00
124 74 प्रति पशु भूसा (थोक विक्रेता) 20.00
500.00
125 75 कान्जी हाउस में बन्द जानवरों में जुर्माना प्रति जानवर भूसा (फुटकर विक्रेता)
300.00 250.00
126 76 भोबाइल नेटवर्क टावर वार्षिक किराये का 10%
प्रतिदिन खुराक छोटे जानवरों बकरी आदि 100.00
77 मोबाईल विकेता / विभिन्न मोबाईल कम्पनियों के रिचार्ज एवं मरम्मत की दुकान
127 प्रतिदिन खुराक बड़े जानवरों गाय , भैंस, घोडा आदि 200.00 500.00
78 केबिल टी०वी०
1000.00
79 आर्किटेक्ट, कम्सलटेन्ट , विधि चार्टेड एकाउन्टेन्ट, फास्ट एकाउन्टेन्ट
2000.00
80 अनाज, तिलहन, चीनी, गुड, खण्डसारी (थोक विक्रेता)
500,00
81 अनाज , तिलहन, चीनी, गुड, खण्डसारी (फुटकर विक्रेता)
300,00
82 आईस फैक्ट्री
1. लाइसेन्स आवेदक द्वारा लाइसेन्स प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ दो फोटो (पासपोर्ट साइज ) खींची होनी चाहिए 500.00
83 टैन्ट हाउस
तथा आवेदन में व्यवसाय का मद विवरण भी देना होगा । 1000.00
84 राफ्टिग
2. प्राप्त आवेदन पत्र पर नगर पंचायत द्वारा समुचित विचारोपरान्त 15 दिवस के अन्दर शुल्क लेकर लाइसेन्स दिये जोन का 1000.00
85 जेम्स एण्ड हैण्डीक्राफ्ट इम्पोरियम ( बडी दुकान)
निर्णय लिया जायेगा, जिसकी सूचना आवेदक को विभाग द्वारा दे दी जायेगी । 1000.00
3. 86 जेम्स एण्ड हैण्डीकाफ्ट इम्पोरियम (छोटी दुकान )
सूची में वर्णित व्यवसायिक लाइसेन्स 01 अप्रैल से 31 जुलाई तक की अवधि के बीच व्यवसायों द्वारा प्रत्येक दशा में बनवाना 500.00
87 अनिवार्य होगा । प्रत्ये कमद के लाईसेन्स की अवधि 01 अप्रैल से 31 मार्च (एक वित्तीय वर्ष) तक वैद्य होगी, नियत अवधि रेडीमेट गारमेन्टस (बडी दुकान)
1000.00
88 तक अगर कोई व्यवसायीं अपना लाईसेन्स नही बनवाता है। तो उसे विलम्ब शुल्क के रूप में 20 / -रू० प्रति माह की रेडीमेट गारमेन्टस (छोटी दुकान)
500.00
89 दर से लाईसेन्स शुल्क के अतिरिक्त भुगतान करना होगा । टूर एण्ड ट्रैवल्स 2000.00
4. 90 लाईसेन्स योग एवं ध्यान केन्द्र जारी करने का अधिकार अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत लण्ढौरा में निहित होगा ।
1000.00
5. 91 जांचकर्ता को जांच के समय व्यवसाय के सम्बन्ध में सभी प्रकार की सूचना उपलब्ध कराने का उत्तरायित्व स्वयं व्यवसायी फोटोग्राफर
500.00
92 काहोगा । टूरिस्ट गाईड 500.00
दुकान
93 पान की दुकान 100.00
94 चाय की दुकान 100.00
166
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
6. व्यवसाय से सम्बन्धित व्यवसायी स्वयं अथवा अपनी एजेन्सी अधिकारी / कर्मचारी द्वारा जांच का कार्य सम्पादित करा सकता है , जो नगर पंचायत लण्ढौरा के अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वयं या अधिशासी अधिकारी द्वारा नियम कर्मी द्वारा किया जाना मान्य होगा ।
7. लाइसेन्सधारक अपना व्यवसाय बदलता है तो उसकी सूचना अनिवार्य रूप से एक माह के अन्दर नगर पंचायत भगवानपुर में अपने पुराने लाइसेन्स विवरण के साथ लिखित रूप में उपलब्ध करा देगा ।
8. उक्त सूची में वर्णित लाइसेन्सो के नियम का उल्लघंन होने की दशा में लाइसेन्स अधिकारी जनहित में किसी भी समय लाइसेन्स निरस्त कर सकता है । लाईसेन्स अधिकारी के आदेषों के विरूद्ध अपील की सुनवाई का अधिकार अध्यक्ष में निहित होगा ।
शास्ति
उपरोक्त उपनियम का उल्लंघन उ ० प्र० नगर पालिका अधिनियम, 1916, (उत्तराखण्ड मे यथा प्रवृत्त) की धारा 29 की उपधारा
(1) के अन्तर्गत दण्डनीय होगा जो मु 0 1,000,00 रूपया तक ही हो सकता है । उपनियम का उल्लंघन निरन्तर जारी रहने पर अग्रेतर जुर्माना लिया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें व्यवसायी द्वारा निरन्तर अपराध करते रहना सिद्ध हो जाता है तो रू0 25.00 प्रतिदिन तक हो सकता है । यह अधिकार नगर पंचायत लण्ढौरा जिला हरिद्वार में अन्तिम रूप से निहित होगा ।
सुरेन्द्र कुमार ,
गोपाल सिंह चौहान ,
अधिशासी अधिकारी ,
प्रशासक ,
नगर पंचायत लण्ढौरा ।
नगर पंचायत लण्ढौरा ।
भाग 8]
167 उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई , 2024 ई० (आबाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर निगम, ऋषिकेश
सूचना/विज्ञप्ति
06 मार्च , 2024 ई०
पत्रांक 4037 / (11 ) स्वा०अनु ० / डे ०प० उपविधि-2024 /2023-24- नगर निगम अधिनियम 1959 के अध्यय 16 में प्रदत्त शक्तियों के अनुपालन में अधिनियम की धारा 541 एवं धारा 453 (अध्याय XV1 - Regulation of Markets , Slauthter houses , certain tredes and acts etc) के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा व्यावसायिक डेरी परिसरों के संचालन एवं अनुज्ञा के क्रम में उपविधि-2024 प्राख्यापित की जानी है, जिसका प्रारूप निम्नवत् है-
यदि किसी भी संघटन / संस्था अथवा हितबद्ध को निम्न में किसी भी प्रकार का सुझाव / संसोधन / आपत्ति / दावे किये जाने की अपेक्षा हो तो , इस विज्ञप्ति प्रकाशन के दिनांक से 30 दिवस के भीतर लिखित रूप में अद्योहस्ताक्षरी के कार्यालय में हार्ड कॉपी अथवा ईमेल- [email protected] पर सुसंगत अभिलेख मय सुझाव प्रेषित किये जा सकते है । तदोपरान्त् प्राप्त होने वाली किसी भी आपत्ति / दावे पर विचार नही किया जायेगा ।
1- संक्षिप्त नाम: 1. नाम यह उपविधि नगर निगम, ऋषिकेश डेरी / डेरी पशु उपविधि, 2024 कहलायेगी ।
2. यह उपविधि राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी ।
2- परिभाषाएं: (क) "डेरी पशु " से तात्पर्य गाय, बैल, भैस भैसा एंव उनकी संतति से है ।
(ख) "दुग्धशाला " से तात्पर्य उस परिसर से है जहाँ दुधारू पशुओं को रखा जाता है ।
(ग ) " पशुचिकित्सा अधिकारी से तात्पर्य नगर निगम में शासन द्वारा प्रतिनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारी से है अथवा पशुचिकित्सा विज्ञान में स्नातक अथवा इससे उच्च उपाधिधारक जो संघ अथवा राज्य पशुचिकित्सा परिषद में पंजीकृत हो से है ।
(घ) "व्यावसायिक डेरी परिसर से तात्पर्य ऐसे परिसर से है , जहाँ 5 अथवा 5 से अधिक वयस्क डेरी पशु को रखा गया हो से है ।
(ड) "गौशाला से तात्पर्य पशु कल्याण हेतु राज्य पशुकल्याण बोर्ड में पंजीकृत संस्था से है, जो कि अलाभकारी गोंवश की देख - रेख के लिए स्थापित की गई हो ।
(च) अलाभकार पशु से तात्पर्य अनुत्पादक वृद्ध, बीमार एंव घायल निराश्रित गोवंश तथा पुलिस- प्रशासन / नगर निकाय द्वारा गोतस्करों अथवा पशु क्रूरता के प्रकरण में जब्त किये गये केस प्रापर्टी गोंवश से है ।
3- कोई भी व्यक्ति नगर निगम , ऋषिकेश की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार के परिसर का उपयोग उक्त प्रयोजन (डेरी) के लिये जारी की गयी अनुज्ञा के बिना नही करेगा व न ही किसी को भी उपयोग करने की अनुमति देगा ।
4- अनुज्ञा हेतु प्रतिबन्ध :-
(क) नगर निगम, ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत डेरी परिसर संचालित किये जाने हेतु अथवा डेरी पशु पालने हेतु नगर निगम, ऋषिकेश द्वारा अनुज्ञा प्राप्त करना अनिवार्य होगा ।
168
उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
(ख ) नगर निगम, ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत डेरी परिसर के संचालन हेतु अथवा डेरी पशु पालने हेतु अनुज्ञा प्राप्त किये जाने हेतु आवेदक को नगर निगम के पक्ष में नगर निगम द्वारा निर्धारित आवेदन शुल्क के साथ, प्रारूप -1 के अनुरूप निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से आवेदन करना होगा । आवेदक द्वारा जमा किया गया आवेदन शुल्क अप्रतिदाय (non refundable ) होगा ।
(ग) व्यवसायिक डेरी परिसर के संचालन हेतु उत्तराखण्ड़ राज्य प्रदूषण नियन्त्रण परिषद से नियमानुसार सी ० टी० ओ० (Conset to operate) प्राप्त कर आवेदन पत्र के साथ सलंग्न करना आवश्यक होगा ।
(घ) नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश द्वारा अधिकृत अधिकरी / अधिकरियों / दल द्वारा व्यावसायिक डेरी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा, जिसके द्वारा प्रारूप -2 पर स्थलीय निरीक्षण उपरान्त आख्या प्रस्तुत की जायेगी ।
(ङ) नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश द्वारा अधिकृत अधिकारी निरीक्षक दल की प्रारूप-02 पर प्रस्तुत स्थलीय निरीक्षण आख्या के आलोक में सम्बन्धित व्यावसायिक डेरी परिसर को अनुज्ञा प्रदान किये जाने के कम में निर्णय लेंगे । अनुज्ञा दिये जाने हेतु उपयुक्त की स्थिति में व्यावसायिक डेरी परिसर में वयस्क तथा अवयस्क पशुओं की अधिकतम अनुमन्य संख्या उल्लिखित करते हुए प्रारूप -3 के अनुरूप अनुज्ञापत्र निर्गत किया जायेगा ।
(च) अनुज्ञाधारी व्यावसायिक डेरी परिसर अनुज्ञा के प्रतिबन्धों/ शर्तों के अनुपालन हेतु बाध्य होगा ।
(छ) अनुज्ञाधारी व्यावसायिक डेरी परिसर द्वारा स्वंय के डेरी परिसर में मुख्य दीवार पर अनुज्ञापत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा । निरीक्षण के समय प्रदर्शित न किय जाने पर रू 0 500 /- का अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा ।
(ज) नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत समय - समय पर व्यावसायिक डेरी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया जा सकेगा । अनुज्ञाधारी व्यावसायिक डेरी परिसर द्वारा अनुज्ञा के प्रतिबन्धों/ शर्तों का उल्लधन किये जाने पर अनुज्ञापत्र का तात्कालिक निलम्बन अथवा पूर्णतः निरस्तीकरण किया जा सकेगा तथा अधिनियम की धारा -457 एंव धारा-451 (3 ) के अनुरूप अर्थदण्ड का आरोपण किया जायेगा जिसकी राशि 5000 / - प्रति अपराध तक हो सकेगी ।
(झ) नगर निगम, ऋषिकेश द्वारा निर्गत अनुज्ञापत्र अनुज्ञा जारी किये जाने की तिथि से कुल 01 (एक) वर्ष हेतु मान्य होगा ।
(ञ) अनुज्ञा दिये जाने हेतु अनुपयुक्ता की स्थिति में आवेदन के एक माह के भीतर सम्बन्धित प्रकरण के अस्वीकृति की सूचना निर्गत कर दी जायेगी ।
(ट) नगर निगम, ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत अनुज्ञा के बिना व्यावसायिक डेरी परिसर संचालित किये जाने की दशा में नगर निगम अधिनियम की धारा -467 एंव धारा-451 (3 ) के अनुरूप दण्ड का आरोपण किया जायेगा, जो रू0 25,000 /- तक हो सकेगा ।
(ठ) डेरी पालन के लिए समय- समय पर सक्षम न्यायालयों के पारित आदेशों / बोर्ड / प्राधिकरण / आयोग /विभाग द्वारा प्राप्त सभी जरूरी अनुमतियाँ प्राप्त करने की जिम्मेदारी 169 भाग 8] उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15 , 1946 शक सम्वत्)
अनुज्ञाधारी की होगी तथा इस आशय का शपथ - पत्र भी आवेदन के साथ सलंग्न करना अनिवार्य होगा । यदि अनुज्ञा जारी करने बाद भी किसी भी सक्षम न्यायालय / बोर्ड / प्राधिकरण / आयोग /विभाग से अनुज्ञाधारी की डेरी उनके मानकों के अनुरूप नही पायी जाती व कोई कार्यवाही की जाती है तो नगर निगम द्वारा जारी अनुज्ञा स्वतः निरस्त मानी जायेगी ।
5-अनुज्ञापत्र का नवीनीकरण:-
अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण के लिये अनुज्ञप्ति धारक की जिम्मेदारी होगी कि वह अपना आवेदन पिछली अनुज्ञप्ति के समाप्त होने के 15 दिन पहले करना अनिवार्य होगा । अनुज्ञप्ति समाप्ति के उपरान्त संचालन पर नियम 4 (ट) के तहत कार्यवाही की जाएगी ।
6- (क) इन उपविधि के तहत अनुज्ञाप्ति के लिये वार्षिक शुल्क प्रथम बार रू0 500/- प्रतिपशु व नवीनीकरण की स्थिति में रू 0 300 /- प्रतिपशु निर्धारित है ।
(ख) उत्तराखण्ड़ पशु कल्याण बोर्ड में पंजीकृत अथवा मान्यता प्राप्त गोसदन/गौशाला के लिये कोई भी शुल्क नही लिया जायेगा ।
7- उक्त उपविधि के तहत् जारी की गयी हर अनुज्ञप्ति निम्नलिखित शर्तों के अधीन होनी अर्थात्:-
(क) प्रत्येक दुग्धशाला के फर्स को पूरी तरह से सुरक्षा रखने की व्यवस्था पशु स्वामी द्वारा की जानी होगी तथा वायु के आवागमन एंव प्राकृतिक सूर्य के प्रकाश की उचित व्यवस्था हो ।
(ख) पशुओं को रखने के स्थान पर पशुओं को विपरीत प्राकृतिक दशाओं में जैसे - तेज धूप , गर्मी, सर्दी व बरसात आदि से बचाव हेतु उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी ।
(ग) डेरी स्वामी को अपनी डेरी से उपलब्ध गोबर के निस्तारण की समुचित व्यवस्था करनी होगी, जिसका प्रमाण भी अनुज्ञप्ति अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा । व गोबर को सीवर अथवा खुले नाले में नही डाला जायेगा, कम्पोस्ट बनाकर अथवा किसी कम्पोस्ट / गोबर उत्पाद बनाने वाले उपक्रम को दिया जाना अथवा बायोगैस संयंत्र के द्वारा निस्तारण ही मान्य होगा । गोबर के निस्तारण के सम्बन्ध में समय- समय पर नगर निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशो का पालन करना अनिवार्य होगा । उक्त आशय का शपथ -पत्र भी आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा ।
(घ) अनुज्ञप्तिधारी, अनुज्ञप्ति अधिकारी को किसी भी संक्रमण रोग के बारे में तुरन्त सूचित करेगा एंव अपने संघ / राज्य पशुचिकित्सा परिषद से पंजीकृत पशुचिकित्सक से समुचित उपचार हेतु बाध्य होगा अथवा संक्रमित पशुओं को बाकी पशुओं से अलग रखेगी ।
8- दुग्धशाला के सभी पशुओं को माईकोचिप लगवाकर पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा । सभी पशुओं की संतति का रिकार्ड समस्त डेरी स्वामियों द्वारा रखना अनिवार्य होगा ।
9- किसी भी डेरी पशु स्वामी द्वारा अपने पशुओं को किसी भी परिस्थिति में सडकों पर अथवा अपने परिसर के बाहर खुला नही छोडा जायेगा। पशु के बाहर खुला छोडे पाये जाने पर रू 0 2000 /- प्रतिपशु प्रतिदिन/ उत्तराखण्ड़ गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जायेगी ।
170
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत)
[भाग 8 10.-
लेखाजोखा (रिकॉर्ड) रखना- व्यावसायिक डेरी प्रतिष्ठान को अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के बाद , प्रतिष्ठान द्वारा निम्न प्रपत्रों युक्त पंजिका में अभिलेखों का लेखाजोखा रखा जायेगा:-
(क) निर्धारित प्रपत्र के अनुरूप रखे गये सभी पशुओं का विवरण ।
(ख) पशुओं का पशुचिकित्सा स्वास्थ्य का विवरण ।
(ग) पशुओं के टीकाकरण/ टोक्साईड का विवरण ।
(घ) कृमिरोधी दवापान का विवरण ।
(ड़) पशुओं का गर्भाधान/ नस्ल का विवरण ।
(च) पशुओं के कय- विक्रय का विवरण ।
11-
कोई भी डेरी स्वामी अनुज्ञप्ति अधिकारी या किसी भी अधिकारी को किसी भी समय पर , डेरी का निरीक्षण करने के लिये आपत्ति नही कर सकता ।
12-
उपरोक्त उपविधियों के उल्लघन पर रद्द की गयी अनुज्ञप्ति के निरस्तीकरण को पुनर्जीवित करने हेतु नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश के समक्ष अनुरोध प्रस्तुत किया जा सकता है जिस पर निर्णय नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अनुज्ञाप्ति अधिकारी का निर्णय अन्तिम होगा । दो बार निरस्त की गयी किसी अनुज्ञप्ति को किसी भी दशा में पुनर्जीवित नहीं कराया जा सकेगा । उक्त प्रकार के अनुरोध किये जाने हेतु अधिकतम समय सीमा प्रथम निरस्तीकरण के एक माह तक होगी ।
13-
यदि कोई पशु बेचा जाता है या मरता है या निरस्तारित किया जाता है तो उसकी जानकारी पशुपालक द्वारा नगर निगम, ऋषिकेश के कार्यालय में 15 दिनों के भीतर जमा कराना अनिवार्य होगा । यदि पशुपालक उक्तवत् अवधि में जानकारी नही देता तो पशु के कारण लगने वाले अर्थदण्ड़ का वहन पंजीकृत पशुस्वामी को ही करना हो ।
ह० (अस्पष्ट) नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश ।
आग 8 ]
171 उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर पंचायत लण्ढौरा, जनपद हरिद्वार
विज्ञप्ति
02अप्रैल, 2024 ई ०
पत्रांक 12 / न०प०ल 0/ 2024-25- नगर पंचायत, लण्ढौरा जनपद हरिद्वार द्वारा उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916) अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश की धारा 298 (2) लिस्ट (जे० ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत लण्ढौरा जिला- हरिद्वार द्वारा निर्माण कार्यों के सम्पादन हेतु ठेकेदारों के पंजीकरण एवं नियन्त्रण के लिए " ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि-2022 " बनायी गयी है, जो नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-301 उपनियम (1 ) के अन्तर्गत जन सामान्य अथवा जिस पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला है , उनसे आपत्तियां एवं सुझाव आमन्त्रित करने हेतु प्रकाशित की जा रही है ।
अतः समाचार पत्र में प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियां अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लण्ढौरा जनपद - हरिद्वार को प्रेषित की जा सकेंगी । बाद मियाद प्राप्त आपत्तियां एवं सुझावों पर विचार नही होगा ।
ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि 2023
1. परिभाषाएं
(1) यह उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा जनपद हरिद्वार के "ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि-2022" कहलायेगी , जो शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू एवं प्रभावीः होगी ।
2) निकाय -का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा जिला- हरिद्वार से है ।
( (3) बोर्ड का तात्पर्य नगर पंचायत के निर्वाचित अध्यक्ष/ सभासदों अथवा प्रशासक से है ।
(4) अधिनियम- अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) संशोधन एवं उपान्तरण आदेश 2002 से हैं ।
(5) अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा जिला- हरिद्वार के निर्वाचित अध्यक्ष अथवा प्रशासक से है ।
(6) ठेकेदार का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो नगर पंचायत लण्ढौरा जिला- हरिद्वार में समस्त निर्माण कार्य, पुनर्निर्माण, सामग्री आपूर्ति एवं अन्य कार्य जो संविदा के अन्तर्गत आते हो, को करने का इच्छुक व्यक्ति / फर्म हो ।
(7) श्रेणी का तात्पर्य ठेकेदार की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी से है ।
2. पंजीकरण की प्रक्रियाः-
नगर पंचायत लण्ढौरा जनपद हरिद्वार के निर्माण कार्य सड़क/ नाली/ नाला/ पुस्ता / अन्य निर्माण एवं भवन के निर्माण कार्यो के सम्पादन तथा सामग्री आपूर्ति हेतु ठेकेदार की तीन श्रेणियां होगी । इच्छुक व्यक्ति प्रथम , द्वितीय व तृतीय श्रेणी में निम्न शर्तों/ औपचारिकताओं को पूर्ण कर अपना पंजीकरण करा सकता हैः--
(1) वह भारत का नागरिक हो तथा नगर पंचायत लण्ढौरा जिला- हरिद्वार सीमान्तर्गत या जनपद हरिद्वार मे कम से कम 5 वर्ष से निवास करता हो, अथवा उत्तराखण्ड राज्य का निवासी हो, का प्रमाण- पत्र , दो पासपोर्ट साईज फोटो सहित देनी होगी ।
(2) जिलाधिकारी द्वास प्रदत्त अद्यतन चरित्र प्रमाण- पत्र ।
172
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई ० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
(3) जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त हैसियत प्रमाण - पत्र (श्रेणीवार हैसियत सीमा निम्न प्रकार निर्धारित कीजाती है) ।
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
15.00 लाख
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
10.00 लाख
स- तृतीय श्रेणी के लिए
05.00 लाख
(4) प्रथम श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु लोक निर्माण विभाग , जल निगम, सिचाई विभाग, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग , नगर पंचायत / नगर पालिका परिषद , जल संस्थान एवं जिला पंचायत आदि विभागो मे कम से कम सडक / नाली / नाला आदि एवं भवन निर्माण का 05 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण- पत्र एवं एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 50.00 लाख के अनुबन्ध (बाण्ड) पत्र देने होगें । इसके अतिरिक्त स्वयं का तकनीकी अभियन्ता एवं टी०एण्ड०पी० (मिक्सचर मशीन / वाईबरेटर / जे ० सी ० बी ० / रोड रोलर / प्रिमीक्सिंग मशीन) आदि होने आवश्यक होगें । अनुभव प्रमाण-पत्र अधिशासी अभियन्ता / अधिशासी अधिकारी / अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किया गया मान्य होगा ।
(5) द्वितीय श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उपरोक्त विभागों मे कम से कम 5 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण-पत्र एवं एक वित्तीय वर्ष मे 25.00 लाख के अनुबन्ध (बाण्ड) पत्र देने अनिवार्य होगें (अनुभव प्रमाण- पत्र उपरोक्तानुसार जारी ही मान्य होगा) ।
(6) तृतीय श्रेणी में पंजीकरण हेतु उत्तराखण्ड सरकार / भारत सरकार के किसी भी विभाग तथा प्रथम श्रेणी के ठेकेदार द्वारा जिसके साथ कम से कम दो वर्ष का कार्य किया हो , का अनुभव प्रमाण-पत्र देना होगा ।
(7) प्रत्येक ठेकेदार, आयकर एवं जी० एस०टी० विभाग में पंजीकृत होना अनिवार्य है, तथा आयकर एवं जी० एस ० टी० का पंजीकरण प्रमाण- पत्र प्रार्थना पत्र के साथ उपलब्ध कराना आवश्यक होगा ।
(8) नगर पंचायत लण्ढौरा जनपद- हरिद्वार में उक्तानुसार ठेकेदारी पंजीकरण का अधिकार अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद- हरिद्वार में निहित होगा ।
3. जमानत-
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार स्थायी जमानत राशि राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC)/ किसान विकास पत्र / एफ ०डी०आर० के रूप मे अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत लण्ढौरा, जनपद - हरिद्वार के पदनाम से बन्धक कर आवेदन पत्र के साथ देनी होगी ।
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
25,000.00
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
15,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
4. पंजीकरण शुल्कः-
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार पंजीकरण शुल्क की धनराशि नगद रूप में नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद- हरिद्वार के कोष मे जमा करनी होगी ।
15,000.00
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
5,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
पंजीकरण की अवधिः-
5.
प्रत्येक वर्ष मे मात्र माह 01 अप्रैल से 31 जुलाई तक ठेकेदारो के पंजीकरण किये जायेगें । पंजीकरण हेतु निर्धारित आवेदन पत्र का प्रारूप रू 0 500.00 नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद- हरिद्वार कोष मे जमा कर क्रय करना होगा तथा पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में ही मान्य होगा, जो अवर अभियन्ता की संस्तुति पर अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जायेगा ।
भाग 8]
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उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत)
नवीनीकरण की प्रक्रियाः- 6.
ठेकेदारो को प्रत्येक 01 वर्ष के बाद मे निम्न श्रेणी के अनुसार अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना होगाः-
( 1 ) नवीनीकरण प्रत्येक 01 वर्ष के बाद में 01 अप्रैल से 31 जुलाई तक ही होगा ।
(2) नवीनीकरण से पूर्व प्रत्येक ठेकेदार को निर्धारित नवीनीरण आवेदन पत्र के लागत रू ० 250.00 निकाय कोष में जमा कराकर प्राप्त करना होगा, नवीनीकरण आवेदन पत्र के साथ विगत वर्ष में किये गये निर्माण कार्यों का विवरण देना होगा ।
(3) नवीनीकरण शुल्क निम्न श्रेणी के अनुसार नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद - हरिद्वार के कोष में जमा कराने तथा विगत वर्ष मे किये गये कार्यों के विवरण पर नगर पंचायत लण्ढौरा जिला- हरिद्वार के अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वीकृति प्रदान की जायेगीः- अ- प्रथम श्रेणी के लिए
7000.00
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
5000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
(4)
अधिशासी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी ठेकेदार के पंजीकरण के नवीनीकरण को उसके त्रुटिपूर्ण कार्य के लिए रोक सकता है ।
(5) नवीनीकरण के आवेदन पत्र के साथ प्रत्येक वर्ष मे चरित्र - पत्र (जो छः माह की अवधि के अन्दर का हो) तथा नवीनतम हैसियत प्रमाण - पत्र / नवीनीकरण के समय यदि हैसियत यथावत् हो तो उसके लिये शपथ - पत्र देना होगा ।
7. निर्माण के सम्पादन के सीमाः-
प्रत्येक श्रेणी के ठेकेदारो को निम्नानुसार कार्य के टेण्डर लेने का अधिकार होगाः-
(1 ) प्रथम श्रेणी मे पंजीकृत ठेकेदार सभी प्रकार (असीमित धनराशि के) निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकार होगें ।
(2) द्वितीय श्रेणी मे पंजीकृत ठेकेदार रू0 25.00 लाख तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकार होगें ।
(3) तृतीय श्रेणी मे पंजीकृत ठेकेदार रु 15.00 लाख तक के निर्माण कार्यो के टेण्डर लेने के अधिकार होगें ।
8. निविदा प्रपत्र की लागतः-
निविदा प्रपत्र का मूल्य निर्माण कार्य के व्यय अनुमान (आगणन) धनराशि पर निम्न प्रकार निर्धारित किया जायेगा ।
कार्यो की लागत
(रूपये में)
1- रु० 1,00,000 तक 2- रु० 1,00,001 से रू0 2,00,000 तक 3- रू 0 2,00,001 से रू0 3,00,000 तक 4- रू 0 3,00,001 से रू0 4,00,000 तक 5- रू0 4,00,001 से रू0 5,00,000 तक 6- रू0 5,00,001 से रू0 6,00,000 तक 7- रू0 6,00,001 से रू0 7,00,000 तक निविदा प्रपत्र मूल्य (रूपये में)
100.00
200.00
300.00
400.00
500.00
600.00
700.00
रू0 700001 से अधिक के कार्यों के निविदा प्रपत्र का मूल्य प्रति 10000.00 पर 8- रू0 10.00 के हिसाब से गणना कर निर्धारित कर किया जायेगा ।
प्रत्येक ठेकेदार विभागीय कार्यों का ठेका लेने के लिए नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद- हरिद्वार से निविदा प्रपत्र नकद मूल्य देकर खरीदेगा । निविदा प्रपत्र का मूल्य, जमा होने के पश्चात किसी भी स्थिति मे न तो वापिस होगा और न ही आगामी निविदाओं मे समायोजित होगा। निविदा प्रपत्र नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद- हरिद्वार के पंजीकृत ठेकेदारो को ही विक्रय किये जायेंगे ।
174 उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
9. निविदा स्वीकार / अस्वीकार करने का अधिकारः-
ठेकेदार द्वारा डाली गई निविदाओं मे न्यूनतम निविदाओं को स्वीकृत करने का अधिकार अधिशासी अधिकारी / अध्यक्ष का होगा , किन्तु यदि न्यूनतम निविदा आंकलन से ठेकेदार के 10 प्रतिशत लाभ घटाने के बाद भी कम है , तो इस पर तकनीकी राय लेकर निर्णय लिया जायेगा । निविदा डालने के 6 माह तक उन्ही दरों पर कार्य करने के लिए ठेकेदार बाध्य होगा । यदि ठेकेदार को निविदा डालने की तिथि से 6 माह बाद कार्यादेश दिया जाता है तो ठेकेदार उन दरों पर कार्य करने के लिए बाध्य नही होगा । बिना कोई कारण बताये किसी एक निविदा अथवा समस्त निविदाओं को निरस्त करने का अधिकार अध्यक्ष/ प्रभारी अधिकारी , नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद - हरिद्वार में निहित होगा ।
10. धरोहर राशिः-
उत्तराखण्ड अधिप्राप्ती (प्रीक्यूरमेंट पॉलिसी) नियम 2017 मे किये गये प्राविधान के अनुसार स्थायी जमानत / धरोहर धनराशि निविदा के साथ राष्ट्रीय बचत पत्र , किसान विकास पत्र एवं एफ ०डी० आर० के रूप में जो नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद - हरिद्वार के पदनाम से बन्धक हो, देनी होगी ।
11. ठेकेदार का भुगतानः-
कार्य समाप्ति के पश्चात ठेकेदार का कार्य सन्तोषजनक होने पर नियमानुसार बिल की धनराशि से समय - समय पर निर्धारित दरों के अनुसार आयकर, जी०एस ०टी एवं जमानत आदि देय करो की राशि काटने के उपरान्त भुगतान किया जायेगा , जमानत राशि का भुगतान 1 वर्ष बाद कार्य सन्तोषजनक होने पर अवर अभियन्ता की संस्तुति पर किया जायेगा ।
12. कार्य पूर्ण करने की अवधिः-
प्रत्येक पंजीकृत ठेकेदार का यह दायित्व होगा कि निविदा फार्म में दी गयी कार्य अवधि के अन्तर्गत कार्य पूर्ण करें, यदि समय पर कार्य पूर्ण नही किया जाता हे तथा उसकी कार्य अवधि बढाने हेतु ठेकेदार द्वारा समय समाप्ति से पूर्व औचित्य स्पष्ट करते हुए प्रार्थना - पत्र दिया जाता है तो अवर अभियन्ता / अधिशासी अधिकारी की संस्तुति पर अध्यक्ष द्वारा कार्य अवधि बढाने की स्वीकृति एक बार प्रदान की जा सकती है, यदि ऐसा नही किया गया तो ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है । ऐसी अवधि के लिए अवशेष कार्य पर 5 प्रतिशत की दर से अन्तिम बिल की धनराशि से अर्थदण्ड के रूप कटौती कर ली जायेगी , यदि इस धनराशि की प्रतिपूर्ति बिल की धनराशि से नही हो पाने की स्थिति मे दण्ड की अवशेष धनराशि की वसूली भू- राजस्व के बकाया की भाँति सम्बन्धित ठेकेदार से की जायेगी ।
पंजीकरण का निरस्तीकरणः-
13.
यदि ठेकेदार निर्धारित तिथि तक कार्य प्रारम्भ नही करता है अथवा कार्य सन्तोषजनक गुण्वत्ता के अनुसार स्वीकृत स्टीमेंट व साईट प्लान के अनुरूप नही करता है अथवा नगर पंचायत के किसी कार्मिक के साथ अव्यवहार एवं अभद्रता करता है या किसी प्रकार का 175 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
अनुचित दबाव डालता है , तो ऐसी स्थिति मे अवर अभियन्ता एवं अधिशासी अधिकारी की जांच आख्या/ संस्तुति पर अध्यक्ष / प्रशासक द्वारा ठेकेदार के पंजीकरण को निरस्त कर ऐसे ठेकेदार को ब्लैक लिस्टड़ किया सकता है । पंजीकरण निरस्तीकरण के फलस्वरूप ठेकेदार का ठेका स्वतः ही निरस्त हो जायेगा और ठेकेदार द्वारा किये गये कार्यों का भुगतान नगर पंचायत को हुई हानि के समायोजन के पश्चात किया जायेगा।
14. जमानत जब्त करने का अधिकारः-
यदि ठेकेदार नगर पंचायत लण्ढौरा, जनपद - हरिद्वार के उपनियमों या ठेके की शर्तो अनुबन्ध- पत्र का उल्लघंन कर नगर पंचायत को कोई हानि पहुँचाता है या उपविधि के नियम 13 के विपरित कार्य करता है तो ऐसी दशा में अवर अभियन्ता एवं अधिशासी अधिकारी की जांच आख्या / संस्तुति पर अध्यक्ष को ठेकेदार की जमानत जब्त करने का अधिकार होगा । यदि इसके बाद भी नगर पंचायत लण्ढौरा, जनपद- हरिद्वार की क्षतिपूर्ति न हो सकें तो शेष राशि ठेकेदार की सम्पत्ति से भू- राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी ।
सुरेन्द्र कुमार , अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद हरिद्वार ।
गोपाल सिंह चौहान , प्रशासक , नगर पंचायत लग्ढौरा , जनपद हरिद्वार ।
176
उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
कार्यालय नगर पंचायत लण्ढौरा जिला हरिद्वार
सार्वजनिक सूचना
02अप्रैल, 2024 ई ०
पत्रांक 13 / न ०प०ल0 / 2024-25- नगर पंचायत. लण्ढौरा, जिला हरिद्वार सीमान्तर्गत उ ० प्र ० नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा -298 की उपधारा -2 खण्ड-(ज) का (च) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा -128 के तहत विज्ञापन पटों को नियन्त्रित करने एवं विज्ञापन शुल्क वसूली के उद्देश्य से "विज्ञापन नियन्त्रण एवं शुल्क वसूली उपविधि-2023 नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार द्वारा बनायी जाती हैं, जो नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-301 (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो , उनसे आपत्ति एवं सुझाव हेतु प्रकाशित की जा रही हैं ।
अतःसमाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार को प्रेषित की जा सकेंगी । वादमियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा ।
विज्ञापन नियन्त्रण एवं शुल्क वसूली उपविधि -2023
1. संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ-
क-यह उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार " विज्ञापन नियन्त्रण एवं शुल्क वसूली उपविधि-2023 " कहलायेगी ।
ख- यह उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा, जिला हरिद्वार की सीमा में प्रवृत्त होगी ।
ग- यह उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार द्वारा प्रख्यापित अथवा शासकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी ।
2. परिभाषाएँ-
किसी विषय या प्रसंग से कोई वाद प्रतिकूल न होने पर इस उपविधि में--
(क) " नगर पंचायत" का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार से हैं ।
(ख) " सीमा" का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार की सीमाओं से हैं ।
(ग) " अधिशासी अधिकारी" का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत लण्ढौरा से हैं ।
(घ) "अध्यक्ष" का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार के अध्यक्ष / प्रशासक से है ।
(ड़)" बोर्ड " का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार के निर्वाचित अध्यक्ष / सदस्यो अथवा प्रशासक से है ।
(च)" अधिनियम" का तात्पर्य उ ०प्र ० नगर पालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त)
संशोधन एवं उपान्तण आदेश-2002 से है ।
(छ) "विज्ञापन" का तात्पर्य नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार , लण्ढौरा की सीमान्तर्गत प्रदर्शित किये जाने वाले विज्ञापन पट, होर्डिंग , यूनिपोल, बोर्ड एवं अन्य प्रचार सामग्री से हैं ।
3. विज्ञापन पट्ट (होर्डिंग / यूनिपोल ) स्थल के अनुसार सड़कों के समानान्तर लगाये जायेंगें, छोटे यूनिपोल पेन्टेड सर्फेस से 2.5 मीटर की दूरी पर 5 × 3 फिट एवं सड़क से 8 फुट ऊंचाई पर होंगें । मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रान्तीय मार्ग पर यूनिपोल के बीच कम से कम 50 मीटर की दूरी होगी ।
4. यूनिपोल / होर्डिंग सड़क से समानान्तर लगाये जायेंगें , जिससे यातायात सुगमता से संचालित हो सके एवं होर्डिंग के कारण सड़क दुर्घटना न होने के उद्देश्य से जहां आवश्यकता होगी, वहां से इन यूनिपोल/ होर्डिंग को 25 डिग्री के कोण से कम भी किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर सड़क के समानान्तर लगाने के निर्देश भी दिये जा सकते हैं ।
5. होर्डिंग/ यूनिपोल का अधिकतम साईज 20 × 10 फिट होगा ।
6. होर्डिंग दो लोहे / पाईप के स्तम्भ एवं यूनिपोल लोहे / पाईप के स्तम्भ की संरचना मजबूत व प्रेम के आकार की होनी चाहिये जिससे आंधी, तूफान आदि से न गिर पायेगी। अतः इनकी संरचना के सम्बन्ध में स्ट्रक्चर इन्जीनियर की रिपोर्ट आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करनी होगी ।
भाग 8]
177
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
7. मुख्य चौराहों व मोड़ों पर 25-25 मीटर दूरी तक होर्डिंग/ यूनिपोल नहीं लगाये जायेंगें ।
8. प्रत्येक होर्डिंग के सम्बन्ध में सड़कवार एक यूनीक कोड नम्बर तय किया जायेगा जिसके विवरण में का आकार प्रकार होर्डिंग विज्ञापन एजेन्सी का नाम लगाने का स्थान, स्वीकृति तिथि, होर्डिंग का सड़क से एंगल भी वर्णित किया जायेगा । उस होर्डिंग रसीद नम्बर व उस
9. नगर पंचायत सीमा में विज्ञापन पट्ट लगाये जाने हेतु विज्ञापन एजेन्सियों द्वारा प्रत्येक वर्ष विज्ञापन पट्ट लगाने से पूर्व नगर पालिका कार्यालय में पंजीकरण कराया जायेगा। इस प्रकार केवल पंजीकृत एजेन्सियों को ही विज्ञापन पट्ट लगाये जाने की अनुमति दी जायेगी । पंजीकरण प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 1 जनवरी से 31 मार्च तक किया जायेगा ।
10. नगर पंचायत लण्ढौरा, जिला हरिद्वार में विज्ञापन एजेन्सियों को पंजीकृत किये जाने हेतु प्रथम बार पंजीकरण राशि रू0 20,000.00 पालिका कोष में जमा करानी होगी, तत्पश्चात् पंजीकृत एजेन्सी अगले प्रत्येक वित्तीय वर्ष हेतु रू० 5,000.00 की धनराशि नवीनीकरण के रूप में नगर पालिका कोष में जमा करनी होगी ।
11. नगर पंचायत सीमा में लगाये जाने वाले विज्ञापन पट्टों एवं अन्य प्रचार सामग्री आदि का न्यूनतम निर्धारित शुल्क मे प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी । विज्ञापन शुल्क हेतु निर्धारित दरें निम्नवत होगी अथवा निर्धारित दरों के आधार पर विज्ञापन का ठेका सार्वजनिक नीलामी द्वारा भी दिया जा सकता है ।
विज्ञापन शुल्क की दरें
क्र० विवरण दर
यूनिट
सं० (रु ० में )
1 . एन ०एच ० / प्रान्तीय मार्गों के किनारे स्थित विज्ञापन / होर्डिंग्स (जो 100.00 प्रति वर्गफिट /प्रतिवर्ष
स्ट्रक्चर खड़ा कर लगाये गये हों)
2. नगर पालिका के मुख्य मार्ग एवं आन्तरिक मोहल्लों के सार्वजनिक 50.00 प्रति वर्गफिट /प्रतिवर्ष
स्थलों पर लगने वाले विज्ञापन, होर्डिंग्स आदि (जो स्ट्रक्चर खड़ा कर
लगाये गये हों)
3. इन्डीकेटर बोर्ड (आई ०एच ०पी ०) (3 ×2 फिट) पोल क्योक्स 2 (3 ×2 1000.00 प्रति पोल / प्रतिवर्ष
फिट)
4. निजी भवनों पर लगे ग्लोसाइन बोर्ड 100.00
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
5. निजी भवनों पर लगे विज्ञापन / होर्डिंग्स 50.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
6. 50.00
फ्लाईओवर कॉलम (10 × 20 फिट) प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
7. 50.00
पुल/ पुल के कॉलम पर (10× 20 फिट) प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
8. प्रोटेक्शन स्क्रीम/ नाला कल्वर्ट (8 × 15 फिट) 50.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
9. निजी बस / पब्लिक बस एडवरटाईजिंग 4 × 15 फिट (दोनों साईड) प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
बैक साइड 3 × 3 फिट 20.00
10. डिलवरी वाहन / सर्विस वाहन / टैक्सी 50.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
11. डिमोस्टेशन वाहन 200.00 प्रतिदिन
12. बिल्डिंग रैंप 80 × 20 फिट 50.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
13. पार्किंग (दो डिसप्ले बोर्ड) 3 × 5 फिट 50.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
14. ट्री- गार्ड 1.5 ×1.5 फिट 25.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
15. ट्रैफिक बैरीकटिंग 200.00 प्रति बैरीकैटिंग
16. ट्रैफिक पोस्ट/ पुलिस बूथ के ऊपर कियोस्क 2 × 3 फिट 160.00 प्रति वर्गफिट /प्रतिवर्ष
17. सार्वजनिक शौचालय दो साईड वाल 8 × 10 फिट 100.00 प्रति वर्गफिट /प्रतिवर्ष
18. रोड डिवाईडर/ सड़क के किनारे यूनिपोल 20 × 10 लगाये जाने पर 150.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
19. गैन्ट्री (स्वागत द्वार ) रोड की सम्पूर्ण छोड़ने के पश्चात लगाये जाने 150.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
178
उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
पर
20. लाउडस्पीकर द्वारा प्रचार अतिरिक्त दिन के लिए
21.
[भाग 8
प्रतिदिन
200.00
प्रतिदिन
इवेन्ट एण्ड एक्जीबिशन / मेला एक दिन का अतिरिक्त दिन के लिए
22. स्थानीय केबल नेटवर्क पर प्रसारित विज्ञापनों पर शुल्क
23. बस शैल्टर 26 × 5 फिट
24. बिजली/टेलीफोन के खम्बों पर 3 × 2 फिट
25. बैलून ( गुब्बारा) पर विज्ञापन
5,000.00
प्रतिदिन
/500.0
वार्षिक
50.00 प्रति वर्गफिट /प्रतिवर्ष
100.00 प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
100.00 प्रति बैलून / प्रतिवर्ष
12. नगर पंचायत द्वारा विज्ञापन शुल्क का ठेका 3 वर्ष के लिए दिया जायेगा तथा प्रतिवर्ष ठेके की धनराशि मे 10 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी ।
13. निम्नलिखित क्षेत्रों मे विज्ञापन पट्ट प्रतिबन्धित रहेगा-
1. धार्मिक स्थल ।
2. नगर पालिका कार्यालय के आसपास ।
14. नगर पंचायत सीमान्तर्गत सम्प्रदर्शित किये जाने वाले ग्लोसाईन / साईन बोर्ड जो दुकानों के नाम के साथ या स्वतन्त्र रूप से किसी वस्तु के विषय , गुण आदि के बारे में उल्लेख हो, जनसाधारण को विज्ञापन की भांति आकर्षित करता हो , के विज्ञापनकर्ता से विज्ञापन शुल्क की वसूली की जायेगी का कार्य निविदा के माध्यम से ठेके पर किया जायेगा ।
15. विज्ञापन शुल्क का भुगतान प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 15 अप्रैल तक पूर्णतः अग्रिम (100 प्रतिशत ) जमा किया जायेगा । एक माह तक शुल्क जमा न होने पर सम्बन्धित विज्ञापन एजेन्सी का पंजीकरण निरस्त करते हुए ब्लैक लिस्ट कर दिया जायेगा तथा बकाया विज्ञापन शुल्क की वसूली भू- राजस्व की भांति वसूल की जायेगी ।
16. इन्डिकेटर बोर्ड या अन्य बोर्ड जहां दोनों ओर विज्ञापन लिखें होगें वहाँ निर्धारित शुल्क दुगुने हो इन्डिक्टर बोर्ड का साईज 5 × 3 फीट का होगा । जायेगें,
17. विज्ञापन शुल्क बैंक ड्राफ्ट या. बैंकर्स चैक या नकद के रूप में ही जमा किया जायेगा ।
18. प्रत्येक तिराहों एवं चौराहे में जहां कि समय- समय पर विज्ञापन पट्ट एकदम रास्ते के किनारे से एक दूसरे के अगल -बगल से आने वाले वाहनों का एक दूसरे को देखने में कठिनाई होती है तथा यातायात में बाधा उत्पन्न होती है, इन चौराहों एवं तिराहों में केन्द्र से चारों ओर पथों पर 25 मीटर तक विज्ञापन पट्ट लगाने में प्रतिबन्ध रहेगा।
पोल कियोस्क का साईज 2 × 3 फिट होगा । 19.
20. सरकार द्वारा समय - समय पर प्रतिबन्धित उत्पादों, जैसे- शराब, तम्बाकू, धूम्रपान एवं अश्लील , जातिसूचक , धार्मिक भवनाओं को उत्तेजित करने वाले, पशु क्रूरता, हिंसात्मक, विध्वंसक उत्पाद, हथियारों से सम्बन्धित उत्पाद सम्बन्धी विज्ञापनों का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा ।
21. किसी भी विज्ञापन एजेन्सी द्वारा यदि स्वीकृत पट्ट के इतर कोई विज्ञापन प्रदर्शित किया हुआ पाया गया, तो बिना किसी नोटिस के विज्ञापन एजेन्सी का पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा ।
22. जनहित अथवा यातायात की दृष्टि से एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार यदि किसी स्वीकृत विज्ञापन पट्ट हटाने की आवश्यकता होती है तो बिना किसी नोटिस के विज्ञापन पट्ट हटा दिया जायेगा, जिस पर कोई प्रतिकर देय नहीं होगा । को
23. यूनियन रोड कांग्रेस द्वरा रोड शाइन (आई ० आर०० सी० ) 67-2001 में निर्धारित कलरों / मानकों का प्रयोग ही विज्ञापन पट्टों के लिए अनुमन्य होगा । विज्ञापन पट्टों में प्रयोग किये जाने वाले रंग एवं फोन्ट साईज ऑफिशियल ट्रैफिक साइन के समान एवं वाहन चालक को भ्रमित करने वाले नहीं होगें ।
24. विज्ञापन पट्ट / यूनिपोल का आवंटन विज्ञापन शुल्क के निर्धारित न्यूनतम धनराशि पर सीलबन्द निविदायें आमन्त्रित कर सर्वोच्च बोलीदाता को किया जायेगा ।
भाग 8]
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25. रोड पटरी , निजी भवनों एवं भूमियों पर किसी भी प्रकार के विज्ञापन अवैध रूप से लगाने पर विज्ञापन एजेन्सी, ठेकेदार एवं भवन स्वामी से रू0 25,000/- जुर्माना वसूल किया जायेगा एवं अवैध विज्ञापन पट्ट को तत्काल हटाते हुए विज्ञापन एजेन्सी का पंजीकरण एवं ठेका निरस्त कर दिया जायेगा । इस पर हाने वाले व्यय की वसूली विज्ञापन एजेन्सी एवं ठेकेदार से की जायेगी ।
26. जनहित में नगर पालिका में पंजीकृत विज्ञापन एजेन्सियों को जो भी विज्ञापन पट्ट स्वीकृत किये जायेगें, उन पर सुन्दर, स्वच्छ, डोईवाला का स्लोगन प्रदर्शित किये जायेगें तथा यातायात की दृष्टि से पुलिस विभाग द्वारा लगाये जाने वाले विज्ञापन के लिए हार्डिंग्स / यूनीपोल में उनकी आवश्यकता अनुसार निःशुल्क स्थान दिया जायेगा ।
27. उपरोक्त शर्तों में से किसी भी शर्त का उल्लंघन पाये जाने पर बिना किसी नोटिस के एजेन्सी का पंजीकरण निरस्त करते हुए एजेन्सी को ब्लैक लिस्ट करने का अधिकार बोर्ड मे निहित होगा ।
शास्ति
उपरोक्त उपविधि का उल्लघंन नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-299 (1 ) के अन्तर्गत दण्डनीय होगा , जो रू 0 1000.00 तक हो सकेगा और जब ऐसा भंग निरन्तर किया जाय, तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्धि के दिनांक के पश्चात ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना सिद्ध हो, रू 0 250.00 तक हो सकेगा । यह अधिकार अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत लण्ढौरा , जिला हरिद्वार में अन्तिम रूप में निहित होगा ।
सुरेन्द्र कुमार,
गोपाल सिंह चौहान,
अधिशासी अधिकारी ,
प्रशासक ,
नगर पंचायत लण्ढौरा ।
नगर पंचायत लण्ढौरा ।
180
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[भाग 8
कार्यालय नगर पंचायत लण्ढौरा, जनपद- हरिद्वार
सार्वजनिक सूचना
23 दिसम्बर , 2023 ई ०
पत्रांक 1685/ न ०प०ल० / उपविधि /2022-23- नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद हरिद्वार , सीमान्तर्गत उ ०प्र ० नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा 298 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की उपधारा-2 खण्ड- (ज) (च) के अन्तर्गत प्रवृत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत लण्ढौरा , जनपद हरिद्वार द्वारा नगर पालिका अधिनियम 1916 की उपधारा -1 (II) (III) अन्तर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए " फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय उपनियम-2022 " बनाई जाती है जो नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-301 (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पडने वाला हो नगर पंचायत लण्ढौरा बोर्ड द्वारा दिनांक 21.03.2023 को स्वीकृति उपरान्त प्रस्ताव सं० 12 दिनांक 21.03.2023 के तहत् उपविधि का प्रकाशन आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है ।
विधिमान्य समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन अर्थात एक माह के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लण्ढौरा को प्रेषित की जा सकेगी । बाद मियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा ।
अध्याय-1
सामान्य
1. संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीखः
(1) ये उप-नियम नगर पंचायत लण्ढौरा , "फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय उपविधि- 2023 " कहलायेगा ।
(2 ) ये उपविधि सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होगी ।
2. ये उपविधि नगर पंचायत लण्ढौरा की सीमाओं के भीतर लागू होगी।
प्रसंगः 1.
देष काविगत अनुभव दिखाता है कि सेप्टिक टैंक और अवधीय जो डिजाइन से सम्बन्धित है स्थानीय संस्थओं द्वारा वर्षों से अनुपालन किया जा रहा है वह इस समय सोचनीय प्रबंधन में है । यह महत्वपूर्ण है कि एक उचित वैज्ञानिक प्रबंध इन मामलों में/सेप्टेज का अनुपालन किया जाता है, ताकि सेप्टेज/ फीकल स्लज सेप्टिक टैंक, गडढे , शौचालय , पर्यावरण नदी एवं अन्य पानी के स्रोत को प्रदूषित न करें ।
1- .1 राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय नीतिः
इस पहलू को संबोधित करने हेतु शहरी विकास मंत्रालय , भारत सरकार ने एक फार्मूला प्रकाशित किया है "राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध नीति" वर्ष 2017 में इस दृष्टिकोण के साथ कि समस्त भारतीय शहर और नगर पूर्ण रूप से स्वच्छ, तंदुरूस्त और जीवित बने रहे और अच्छी सफाई भी बनी रहे । जिसके साथ उन्नत स्थल स्वच्छता सेवा साथ ही फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधक, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर को अधिकतम प्राप्त किया जा सके और स्वच्छ वातावरण बना रहें, जिसमें गरीबों पर ध्यान केंन्द्रित किया जायें ।
शहरी नीति का मुख्य उद्धेष्य एक प्रसन्न, प्राथमिकता और दिशा निर्धारित करनी है, ताकि राष्ट्रव्यपी अनुपालन इन सेवाओं का समस्त क्षेत्र मे हो सके। जैसे कि सुरक्षित और स्थायी सफाई व्यवस्था। एक वास्तविकता प्रत्येक परिवार के लिए गलियों मे नगर और शहरों मे बनी रह सके ।
1.2 उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकालः भाग 8 ]
181 उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
'नगर पंचायत लण्ढौरा में "उचित प्रबन्ध योजना या प्रोटोकाल सीवरेज की निकासी जो की सामान्य सैपटिक टैंक या बायो डाइजेस्टर में एकत्रित की जाती है , नियमति रूप से खाली की जाये और उसका उचित प्रबन्ध किया जाये और उसके 'परिणामस्वरूप खाद जो प्रकार से एकत्रित हुई है वह निःशुल्क किसानों में वितरित की जाये। जल आपूर्ति एवं सीवरेज * अधिनियम 1975 / नगर पालिका अधिनियम 1916 शहरी विकास निदेशालय जो कि उत्तराखंड जल संस्थान के समन्वय से होगा । इसके लिए प्रोटोकोल सैप्टेज प्रबंध तैयार किया है जो कि सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सूचित किया गया है । ताकि इसका अनुपालन शहरों/ नगरों में हो सके आदेश सं0-597/ (2 )- शा0वि0-2017-50 (सा0 )/ 16 , दिनांक 22.05.2017 इस नियमावली का सैप्टेस प्रबंध प्रोटोकोल लण्ढौरा शहर को दिग्दर्शन कराना है ताकि वैज्ञानिक सैप्टेज प्रबंध बना रहे । जो कि एकत्रीकरण , परिवहन , इलाज , सेप्टेज/फीकल स्लज का निस्तारण और पुनः प्रयोग हो सके । स्पष्ट दिशा- निर्देश इस प्रोटोकोल के है कि राज्य के शहरी क्षेत्र के अधिकारियों का इस योग्य बनाया जाये कि वे अपने सेप्टेज प्रबंध का उच्चीकरण कर सके और परियोजना के पूर्ण विनियोग की पहचान कर सके। इस प्रोटोकोल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए और आंतरिक विभागीय समन्वय हेतु एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल का आयोजन किया गया है, जिसके अंतर्गत नगर पंचायत, जल निगम (पेजल निगम) , जल संस्थान, राजस्व विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड/स्वास्थय विभाग/ तकनिकीविशेषज्ञ होंगे ।
2. नगरीय उपकानून/फीकल स्लज एवं सेप्टेज का नियमितकरणः
संख्या 597/ सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल के अनुसार जो कि शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार के शासनादेश IV (2) - श० वि0-2017-50 (सा0)/16 दिनांक 22-05-2017 एवं समस्त लागू होने योग्य नियम कानून या नियमावली नगर पंचायत लण्ढौरा के नियमित ढांचा रिक्त करने, एकत्र करने परिवहन और सेप्टेज/फीकल स्लज के परिवहन एवं निस्तारण हेतु जैसा कि संदर्भित है । फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध उपनियम के अंतर्गत । जो कि यहां स्वीकृत किया जाता है और इसके अनुपालन हेतु नगर पंचायत लण्ढौरा के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सूचित किया जाता है ।
3. उद्धेश्य एवं कार्य क्षेत्रः
नियमावली के उद्धेश्य एवं कार्यक्षेत्र निम्नवत्हैः
1. निर्माण , सेप्टिक टैंक के दैनिक रखरखाव और शौचालय के गड्ढे, परिवहन, ट्रीटमेंट और सुरक्षित रखरखाव, जोकिस्लज और सेफ्टेज से सम्बन्धित है ।
क्षेत्र के मालिक द्वारा जो कार्य किया जाना है, उसको निर्देश करना जोकि सेप्टिक टैंक और शौचालय 2.
के गड्ढे से और फीकल स्लज एवं सेफ्टेज परिवहन से सम्बन्धित है, ताकि वे इन निर्देशो का अनुपालन सुनिश्चित कर सकें ।।
3. उचितनिरीक्षण प्रदान करना और मशीनरी का अनुपालन ।
4. लागत वसूली सुनिश्चित करना जोकि स्लज के और सेप्टेज प्रबंध के उचित प्रबंध हेतु है ।
5. निजी और गैर सरकारी क्षेत्र फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध में सहभागी की सुविधा देना ।
4. एकत्रीकरण , परिवहन, ट्रीटमेंट और सेप्टेज के खुर्द- बुर्द हेतु एक प्रक्रिया अपनानाः
4.1 सेप्टिकटैंक और सेप्टेज/फीकल स्लज एकत्रीकरण को रिक्तं करनाः
अ. सेप्टिक टैंक की तली में जो जमा हो गया है, उसको कटाना और एक बार उसको ठीक करना, जो
किगहराई में पंहुच गया है या बार बार के आखिर में जो डिजाइन है, जो कोई भी पहले आये ।
ब. जबकिस्लज को सुखाना और सेप्टिक टैंक में जो द्रव्य है, उसको भी सुखाना । मैकेनिकल वेक्यूमटैंकर का भी उपयोग नगरीय प्रबन्धन द्वारा सेप्टिक टैंक को खाली करने हेतु उपयोग किया जानाचाहिए ।
182
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'सं. सुरक्षा प्रक्रिया जैसा कि सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल में वणिर्त है, को सेप्टिक टैंक के खाली करते समय और सेप्टेज के परिवहन के समय इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए ।
4.2 सेप्टेज /फीकल स्लज का परिवहनः
1 फीकल स्लज और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर वाहन के सुरक्षित परिवहन हेतु उत्तरदायी होंगे । जैसा कि समय- समय पर एस ०एम०सी० द्वारा स्वीकृत किये जायेगें ।
2 फीकल स्लज और सेप्टेज परिवहन निर्माता यह आश्वासन देंगे किः
अ. पंजीकृत संग्रह वाहन जिसके अंतर्गत समस्त उपकरण जो कि परिवहन जो कि फीकल स्लज और सेप्टेज हेतु इस्तेमाल किये जायेगें । जो कि छिद्र निरोधी होगा और बंद रहेगा और लागू किये जाने योग्य मानदंड का अनुपालन करेंगे
न. कोई भी टैंक और उपकरण जो फीकल स्लज और सेप्टेज हेतु उपयोग में लाया जायेगा वह किसी अन्य वस्तुया द्रव्य को परिवहन हेतु इस्तेमाल नहीं किया जायेगा ।
4.3 सेप्टेज का निष्पादन और ट्रीटमेंट:
राज्य सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकोल के अनुसार नगर पंचायत लण्ढौरा की अपनी एक इकाई होगी । परन्तु इस निकाय में इकाई न होने के कारण सैप्टेज को निकाय से 25 कि ०मी० दूर अंतर्गत स्थित उत्तराखण्ड जल संस्थान के एस ०टी०पी० में परिवहन किया जायेगा, अन्यथा भविष्य हेतु एक अलग सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हेतु भी कार्य योजना तैयार कराने के प्रयास किये जायेंगें ।
5. सुरक्षा उपायः
1 उचित तकनीकी सयंत्र, सुरक्षा गियर ( उपकरण) का प्रयोग करते हुए मल निस्तारण किया जाना चाहिए जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधक प्रोटोकोल 2017 में वर्णित है । साथ ही फीकल स्लज एवं सैप्टेज ट्रांसपोर्टर यह आशान्वित करेंगेंकिः
अ. समस्तमल निस्तारण कर्मचारी उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सेफ्टी गेयर और यंत्र जिसके अंतर्गत कंधे की लंबाई तक पूरा कोटेड लियोप्रीन गलब्स, रबड बूट, चेहरे का मास्क और आंखों की सुरक्षा आदि समस्त उपकरण एकत्रिकरण क्षेत्र से पहले अपना लिया जाये इसके लिए जागरूकता भी की जायेगी । इसके अलावा प्रथम साहयता किट गैस का पता करने वाला लैंप और अग्निशामकयंत्र पल निस्तारण गाड़ी में रखें जायेंगें ।
ब. समस्तमल निस्तारण कार्यकर्ताओं का सुरक्षा गियर और स्वास्थ्यवर्धक उपकरण की शिक्षा दी जानी चाहिए ।
स. जब सैप्टीक टैंक और पिट लैट्रिन में काम चल रहा हो, धुम्रपान वर्जित रहेगा ।
द. मल निस्तारण कार्यकर्ता सेप्टिक टैंक में और शौचालय गड्ढे मे प्रवेश नही करेंगें और आच्छादित टैंक को हवा के लिए आना- जाना रखेंगे, जो कि इस कार्य को शुरू करने से पहले किया जाना आवश्यक है ।
ल. बच्चों को टेंकके ढक्कन से दूर रखा जायेगा, एवं टैंक के स्क्रू और ताले से सुरक्षित रखा जाये । कर्मचारी सावधान रहेंगे कि जब मल निस्तारण प्रक्रिया के समय ढक्कन पर अत्याधिक भार न हो ताकि मेन हाल ढक्कन टूटने से बचा रहे ।
6. सेप्टेज खाली करना और वाहन के पंजीकरण का परिवहनः
6.1 नगर पंचायत लण्ढौरा दर्ज करेगा और लाईसेंस निर्गत करेगा । निजी व्यवसायों के लिए जिनके पास मशीनीकरण खाली करना और परिवहन गाड़ी उपलब्ध हो । इस प्रकार का लाईसेंस निर्गत करने से पहले यह आशान्वित करेगा कि यह ट्रक उचित उपकरण और उचित सुरक्षा माप से सुसज्जित है । सेप्टेज ट्रांस्पोर्टर और उसका पंजीकरण हेतु प्रार्थना -पत्र भाग 8 ]
183 उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
प्रस्तुत करेगा जोकि गाडियों के परिवहन हेतु होगा । ये निजी व्यक्ति को भी अपने इस कार्य से उत्साहित करेंगे , पंजीकरण प्रपत्र. और परमिट परिशिष्ट-ए, 2 में संलग्न है ।
6.2 कोई भी व्यक्ति या वाहन पंजीकृत सेप्टेज ट्रांसपोर्टर द्वारा प्रयोग किया जायेगा, जो कि एकत्रीकरण परिवहन और सेप्टेज के प्रयोजन हेतु है । जब तक इसका पंजीकरण सेप्टेज ट्रांसपोट्रेशन व्हीकल एस ०एम ० सी० के साथ इन प्रोटोकोलों में जब तक पंजीकृत नहीं है ।
सारणी 1 पंजीकरण व्यय
:रू0 2,000.00 प्रति गाड़ी अ. प्रारंभिक पंजीकरण
ब. नवीनीकरण : रू0 1,500.00 प्रति गाड़ी
स. नाम परिवर्तन या स्वामित्व का परिवर्तन रू 0 1,000.00 प्रति गाड़ी
द. अन्य संशोधन आवश्यकतानुसार : रु 1,000.00 प्रति गााड़ी
(समस्त लागत दर 10 प्रतिशत वार्षिक के हिसाब से बढ़ेगा)
पंजीकरण व्यय जैसा कि सांकेतिक है नगर पंचायत लण्ढौरा बोर्ड द्वारा जो स्वीकृत है, उसमें अंतर आ सकता है ।
7. उपभोक्ता लागत और इसका संचयः
7.1 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जो सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे जिसका भुगतान उपभोक्ता करेगा जैसा कि नगर पंचायत लण्ढौरा में फीकल स्लज और सेप्टेज उपनियम में समय- समय पर दर्शाया गया है जोकि सेप्टिक टैंक के भरने, शौचालय के गड्डे , परिवहन और फीकल स्लज एवं सेप्टेज के उपाय हेतु है ।
7.2 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जिनके अपने क्षेत्र में निरर्थक पानी के निष्कासन की प्रणाली उपलब्ध है, जो कि नगर पंचायत लण्ढौरा कार्य एवं शिकायत हेतु प्रमाणित है और वे भी जो कि सीवर नेटवर्क से सम्बन्धित है, उनको उपभोक्ता के भुगतान सेविमुक्तकिया जाता है ।
7.3 नगर पंचायत लण्ढौरा अपनी लागत संशोधित करेगा, जो कि समय- समय पर इससे सम्बन्धित है । ऐसी उपभोक्ता लागत जिसके अंतर्गत मल निस्तारण लागत परिवहन एंव फीकल स्लज और सेप्टेज के निष्कासन हेतु ।
7.4 उपभोक्ता लागत क्षेत्र विशेष के स्वामी से एकत्र किये जाये , जो निम्नवत है ।
अ. उपभोक्ता लागत प्रत्यक्ष प्रत्येक रूप से सम्बन्धित भवन/ सेप्टिक टैंक मालिक से नगर पंचायत द्वारा वसूल कर नगर पंचायत लण्ढौरा में जमा किया जायेगा ।
ब - नगर पालिका किसी भी व्यक्ति को अधिकृत कर सकता है जिसके अंतर्गत फीकल स्लज और सेप्टेज परिवहन जो कि उपभोक्ता लागत से एकत्र की जायेगी। जो कि उस क्षेत्र विशेष का स्वामी है और सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे से सम्बन्धित है ।
स. उपभोक्ता लागत को सम्पत्ति कर में जोडा जायेगा या एक विशेष नगरीय पर्यावरण फीस या भुगतान जैसा कि कार्यक्रम के अंतर्गत होगा, करना होगा ।
सारणी 2 उपभोक्ता लागत
नगर पंचायत में सेप्टिक टैक एवं हर एक मकान के शौचालय गड्ढे या किसी भी शिकायत के इस आशय की शिकायत प्राप्त होने पर कि सेप्टिक टैंक ओवरफलो तो नहीं हो रहा है तुरन्त नगर पंचायत से सूपरवाईजर को भेजकर जांच करवायेंगे । इसके अलावा नगर पंचायत में सेप्टिक टैंक का खाली कराने के आवेदन के आने पर नगर पंचायत द्वारा 184
उत्तराखण्ड गजट , 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
'जांच कराई जायेगी कि सेप्टिक टैंक कितने क्षेत्रफल का और उसके खाली कराने में कितने सीवर टैंकर के चक्कर लगेंगे ।
तसदीक होने पर निम्न प्रकार शुल्क वसूला जायेगा ।
वर्ग
क्र ०' स०
प्रतियात्रा
/प्रति चक्कर
लागत
1. टीनशैड वाला मकान
कच्चा मकान
2. अन्य समस्त मकान
3.
दुकान
4.
समस्त सरकारी /निजी कार्यालय
5. बैंक
6.
सामुदायिक शौचालय/मुत्रालय
7. रेस्टोरेन्ट
8 .
होटल/गेस्ट हाउस 1-10 कमरें
9.
होटल अतिथि गृह 11-20 कमरें
10.
होटल अतिथि गृह 20 कमरें से ज्यादा
11. धर्मशाला 1-25 कमरें
12.
धर्मशाला 15 कमरे से ज्यादां
13. 3स्टार होटल
14 5स्टार होटल
15
सरकारी स्कूल/कालेज
16.
निजीस्कूल/कालेज
17.
2.व्हीलर व्हीकल शोरूम
18.
4व्हीलर वाहन शोरूम
19. होटल 0-20 कमरें
20. होटल 21 से 50 कमरें
21.
होटल 50 कमरें से अधिक
22.
विवाह हाल/बैंकट हाल
23. सरकारी हास्पिटल
24.
नर्सिंग हाम/क्लीनिक
25. पैथोलोजिकल लैब
26. निजी अस्पताल 20 विस्तर तक
27.
निजीअस्पताल 20 से 50 तक
28.
निजी अस्पताल 50 बिस्तर से अधिक
29. मिल/अन्य मिल
30.
अन्य उद्योग शिड्कुल क्षेत्र में
31.
अन्य उद्योग शिड्कुल क्षेत्र से बाहर
32 अन्य
नोटः
विराम की अधिकतम अवधि जो किसेप्टिक टैंक एवं शौचालय गड्डेके हेतु निर्धारित है ।
मसिक दंड 1.5 की दर सामान्यलागतकेलिए जोकिनिर्धारित मल निस्तारण के अनुपालन हेतुहोगा।
2000
50
कमसे कम 2-3 वर्ष में एक बार
1000
2500
100
जब टैंक दो होते है
2000
2/3जो भी पहले भरा जाये कम 125 से कम प्रत्येक 2 वर्श में एक बार जब टैंक का 2/3 भाग पहले भरा हो।
2000
250
2500
312
1500
500
2500
500
2000
250
2500
250
3000
500
2000
625
3000
200
3500
400
4000
750
1000
500
2000
500
1500
625
2000
500
2500
500
3000
500
3000
550
3000
750
2000
500
2500
500
2000
500
2500
500
3000
750
4000
750
3000
750
4000
500
3000
500
1. उपरोक्त उपभोक्ता व्यय सांकेतिक है और उनका निर्णय और स्वीकृति नगर पालिका परिषद मंगलौर बोर्ड द्वारा निर्णित किये जायेगें ।
2. मल निस्तारण समयावधि में होगा या जब टैंक 2/3 की आपूर्ति कर देता है । (जैसा कि नगर पंचायत लण्डौरा बोर्ड द्वारा स्वीकृत)
3.
उपभोक्ता लागत 5 प्रतिशत वार्षिक दर से बढाई जायेगी ।
8. मैकेनिजम कानिरीक्षण , क्रियान्वयन और मजबूती देनाः
8.1 कोई भी व्यक्ति जोकि एस ०एम ० सी ०/ नगर पंचायत लण्ढौरा द्वारा अधिकृत है, उसको पूर्ण अधिकार होगा कि वह सेप्टिक टैंक एवं हर एक मकान के शौचालय गड्ढे या सामुदायिक / संस्थागत आदि का निरीक्षण करेगा ।
भाग 8]
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उत्तराखण्ड गजट, 06 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 15, 1946 शक सम्वत्)
8.2 मल निस्तारण का अनुपालन न करना जैसा कि उपरोक्त वर्णित है, जुर्माना अलग से लगाया जायेगा और इससे प्राप्त धनराशि नगर पंचायत लण्ढौरा मे जमा होगी ।
8.3 नगर पंचायत लण्ढौरा और परिचारक अपने क्षेत्र के सेप्टिक टैंक के खाली होने का अभिलेख रखेगें ।
8.4 अवचेतना कार्यक्रम समय -समय पर चलाया जायेगा, जो कि प्रत्येक व्यक्ति, सरकार या निजी व्यवसाय के प्रशिक्षण हेतु होगी । जो कि सेप्टिक टैक बायोडाइजेस्टर मल निस्तारण सेप्टिक टैंक का एकत्रीकरण, मशीनरी, परिवहन, निष्पादन और सेप्टेज काट्रीटमेंट हेतु प्रशिक्षण होगा ।
9. दंडः
दंड का ढांचा उपकरण से रहित/अकार्यषील जी०पी ० एस ० प्रणाली निर्धन वर्ग की शिकायते, फीकल स्लज का एकत्र न करना और सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट का/ आर.एन.एल. का रजिस्ट्रीकरण न करना । सुरक्षित उपाय मल निस्तारण गाडियों का अनुपालन न करना ।
सारणी 3 दंड
क्र०सं ० शिकायत का प्रकार
दंड या कार्यवाही वर्ष में तीसरे समय पकडी गयी विशेष रूप से मलनिस्तारण वाहन
या दंड या कार्यवाही वर्ष में दुबारा पकडी गयीं मल निस्तारण वाहन से सम्बन्धित
दंड कार्यवाही प्रथम दृष्टया पकडी गयी वर्ष में एक बार मल निस्तारण वाहन
1.
2500 लोगों कीसेवा की शिकायत
2.
4000 सेप्टेज/फीकल स्लज जैसा की विशेष कार्यक्षेत्र में खाली न करने पर
3
1000 पंजीकरण न करना/पंजीकरण का नवीनीकरण न करना
4
5000 विशेष सुरक्षा उपायों का पालन न करना
5
5000 जी०पी०एस ० जो वाहन पर लगाया गया है उसका कार्य न करना
सुरेन्द्र कुमार ,
अधिशासी अधिकारी ,
नगर पंचायत लण्ढौरा ।
5000
तीन महीनेके लिए परमिट
सेवा की शिकायत परमिट का निरस्तीकरण
6 माह के लिए परमिट को स्थगित करना
20000
आर ०टी० ओ ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 3
10000
10000
महीने के लिए परमिट को स्थगित करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना।
गोपाल सिंह चौहान ,
प्रशासक ,
नगर पंचायत लण्ढौरा ।
पी०एस ०यू० (आर०ई ०) 27 हिन्दी गजट / 317-भाग 8-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।