Servants of Knowledge
Uttarakhand Weekly Gazette · Government of Uttarakhand

Notification

Published 25 June 2024

Department
Revenue Department
Type
Weekly
Part
Bhag 1
Notification no.
332/XVIII(3)/2024-03(20)/2021
Identifier
in.gazette.uttarakhand_weekly.2024-06-25.3041-040625041517
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

खण्ड-25 ] रुड़की , शनिवार , दिनांक 20 जुलाई, 2024 ई ० (आषाढ़ 29 , 1946 शक सम्वत्) [ संख्या-29

विषय- सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग- अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु०

3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य

1500

567-572

भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

भाग 1 - क-नियम, कार्य - विधियां, आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

259-267

1500

975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975 भाग 3- स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975 भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975 भाग 8 -सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

975

189-194

स्टोर्स पर्चेज - स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि

1425

567-क 568

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई ० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 1

भाग 1

विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

राजस्व अनुभाग -3

अधिसूचना

25 जून, 2024 ई ०

संख्या 332 /XVIII (3 ) / 2024-03 ( 20 ) / 2021 - राज्यपाल , उत्तर प्रदेश भू- राजस्व अधिनियम , 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3 , वर्ष 1901 ) (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त ) की धारा 48 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये शासन की अधिसूचना सं0-1026 / XVIII (3 ) / 2022-03 (20 ) / 2021 दिनांक 25 नवम्बर , 2022 द्वारा सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाओं के अधीन रखा गया था , में सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियायें इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से बन्द हो जायेगी ।

जिला

तहसील

परगना

ग्राम का नाम

4 असैना

2 ऋषिकेश

1 देहरादून

3 परवादून

आज्ञा से , रमेश कुमार सुधांशु , प्रमुख सचिव , राजस्व ।

In pursuance of the provision of clause ( 3 ) of the article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.332/ XVIII ( 3 )/2024-03 ( 20 ) /2021 dated : June 25 , 2024 for general information .

NOTIFICATION

June 25 , 2024

No.332/XVIII ( 3 )/ 2024-03 ( 20 ) /2021 -- In exercise of the powers conferred by section 48 of the Uttar Pradesh Land RevenueAct , 1901 ( U.P.Act . No. 3 of 1901 ) , (as applicable to the State of Uttarakhand ) , the Governor declare that the Survey and Record Operation in the village mentioned in the Schedule below which were placed under Survey and Record Operation Vide Govt . Notification No. 1026/XVIII ( 3 ) /2022- 03 (20 ) /2021 , dated 25 November, 2022 shall be closed with effect from the date of publication of this notification in the official Gazette .

Schedule

District

Tehsil

Pargana

Name of Village

1

2

3

4

Dehradun

Rishikesh

Aisena

Parwadoon

By Order,

RAMESH KUMAR SUDHANSHU ,

Principal Secretary , Revenue .

भाग 1 ]

569 उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग

कार्यालय-ज्ञाप

29जून, 2024 ई 0

संख्या 656/VII - 2-24/ 81- उद्योग / 2004 - उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार की संस्तुति के आधार पर उद्योग विभाग , उत्तराखण्ड के अंतर्गत सहायक प्रबंधक उद्योग वेतनमान रु 0 35,500-1,12,400 लेवल -6 एवं अपर सांख्यिकी अधिकारी वेतनमान रु0 44,900-1,42,400 लेवल -7 के पदों पर कार्यरत निम्नलिखित कार्मिकों को उत्तर प्रदेश उद्योग सेवा नियमावली , 1993 , जो उत्तराखण्ड राज्य में उत्तरांचल (उत्तर प्रदेश उद्योग सेवा नियमावली, 1993) अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश , 2002 एवं उत्तराखण्ड उद्योग विभाग सेवा (संशोधन) नियमावली , 2016 के साथ यथा प्रवृत्त है , के सुसंगत प्राविधानों के अनुसार चयन वर्ष 2023-24 में उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष सहायक निदेशक / प्रबंधक के पद पर वेतनमान रु 0 56,100-1,77,500 लेवल -10 में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से प्रोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -

क्र०सं०

अधिकारी का नाम

1

2

पोषक संवर्ग सहायक प्रबंधक उद्योग

1 श्री गजेन्द्र सिंह

2 श्री विक्रम सिंह कुंवर

3 श्री बचन सिंह पाल

4 श्री माधो सिंह

5 श्री श्याम नारायण मिश्रा

6

श्री प्रकाश असवाल

7

श्री बद्री प्रसाद सती

पोषक संवर्ग अपर सांख्यिकी अधिकारी

1. श्रीमती तृप्ति गुप्ता

2. श्री अनिल कुमार बलूनी

2. उक्त पदोन्नत अधिकारियों को सहायक निदेशक उद्योग / प्रबंधक के पद पर 01 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाता है ।

3. उक्त पदोन्नत अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निदेशक उद्योग , उद्योग निदेशालय , देहरादून के कार्यालय में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें । पदोन्नत अधिकारियों की तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।

आज्ञा से , विनय शंकर पाण्डेय , सचिव ।

570

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 1

औद्योगिक विकास (खनन) अनुभाग -1

कार्यालय ज्ञाप

01 जुलाई , 2024 ई ०

संख्या 252/ VII - A - 1 / 2024-06 ( 02 ) / 2023- तत्काल प्रभाव से भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग , उत्तराखण्ड के अन्तर्गत निदेशक , वेतन मैट्रिक्स रू 0 144200-218200 लेवल -15 के रिक्त पद पर नियमित चयनोपरान्त श्री राजपाल लेघा, अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय को पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे ।

आज्ञा से, बृजेश कुमार संत , सचिव ।

GOVERNMENT OF UTTARAKHAND

TOURISM SECTION

NOTIFICATION

July02, 2024

No. 222092 VI / 2024-- The Governor is pleased to promulgate the amendment in Tourism Policy, 2018 for attracting private sector investment for infrastructure development and generating opportunities of employment in the Tourism Sector.

Modification of Tourism Policy, 2018

S.No Description

Amendment

Existing Provisions

1

Category Incentive Type

Category Incentive Type

B

A

B+

A

B B +

for 100 % for 100 % for 5 the first 5 the first 5 and yrs . and yrs . and 75 % 75 % %thereafter thereafter

Tax Incentives100% ( Reimbursement the first of SGST after yrs . adjustment of 90 input tax credit ) thereafter

100% 100% 100% for the first 5 ofyrs . and yrs . 90 % for and

Tax Incentives ( Reimbursement of SGST after adjustment input tax credit)

6.1 Incentives& Subsidies under MSME Policy 2015 as amended in March 2016 & 2018 ( up to investment of capital INR 10 Cr . )

Table 5:

Available

Years only after COD .

Incentives &

for the for the first 5 first 5 yrs . and 75 75 % for next 05 % for next 05 next 05 Years Years only only after after COD. COD.

Subsidies

(category wise) भाग 1 ]

571

उत्तराखण्ड गजट, 20 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

2

Large Projects

Large Projects

Mega Projects

Category Incentive Type

Mega Projects

Category Incentive Type

Ultra Mega Projects Ultra Mega Projects

of30% 50% 50%

Reimbursement of SGST after adjustment input tax credit

16.2 Incentives & Subsidies for larger tourism projects in which investment extends Rupees 10 crores under Mega Industrial & Investment Policy - 2015

Table Available 7: Incentives and Provisions: Admissibility

Reimbursement 30 of SGST after for adjustment of Yrs . input tax credit

only after COD .

%50 10 for Yrs . only after COD .

% 50 % 10 for 10 Yrs . only after COD .

ByOrder, SACHIN KURVE , Secretary.

शहरी विकास अनुभाग -3

अनन्तिम अधिसूचना

02 जुलाई , 2024 ई0

संख्या 221778 / IV ( 3 )/ 2024-1 ( 08 न0नि 0)/ 2021 - उत्तराखण्ड की नवगठित नगर पंचायत , नन्दानगर घाट , जनपद - चमोली के वार्डों के परिसीमन के सम्बन्ध में अधिसूचना का निम्नलिखित प्रारूप जिसे श्री राज्यपाल उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916) (अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश , 2007 ) की धारा -11 क एवं धारा-11 ख में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके जारी करने का प्रस्ताव करते है , उक्त धारा की उपधारा (2) की अपेक्षानुसार सम्बद्ध व्यक्तियों की सूचना के लिये आपत्तियां आमंत्रित करने के लिये एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है ।

प्रस्तावित अधिसूचना के सम्बन्ध में आपत्तियां , यदि कोई हो , तो वह लिखित रूप में जिलाधिकारी , चमोली को प्रेषित की जायेगी । केवल उन्हीं आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार किया जायेगा , जो इस अधिसूचना के प्रकाशन के दिनांक से 07 दिनों के भीतर प्राप्त होगी ।

प्रस्तावित अधिसूचना

उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916) (अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश , 2007) की धारा -11 क एवं धारा -11 ख की उपधारा ( 1 ) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री राज्यपाल संलग्न सूची में उल्लिखित नवगठित नगर पंचायत , नन्दानगर घाट , जनपद -चमोली क्षेत्र के वार्डों के परिसीमन के सम्बन्ध में निम्नलिखित आदेश जारी करते हैः-

(1 ) निर्वाचन के प्रयोजन के लिये उक्त नगर पंचायत क्षेत्र को संलग्न अनुसूची में उल्लिखित वार्डों में विभाजित किया जायेगा ।

(2) प्रत्येक वार्ड का परिसीमन ऐसा होगा , जैसा संलग्न अनुसूची के स्तम्भ -1 से 6 में उल्लिखित किया गया है ।

नगर पंचायत, नन्द्रानगर घाट, जनपद चमोली-

वार्ड की सीमा

वार्ड का नाम

क्र०सं०

वार्ड की जनसंख्या

वार्ड की संख्या

4

2

1

3

1

1 नागबगड ऊर्फ 1199 फरखेत

:

वार्ड में सम्मिलित सजस्व ग्राम का नाम

6

5

01 -नागबंगड ऊर्फ फस्खेत

पूरब- श्री विनोद सिंह

पुत्र दलवीर सिंह की

संकान

572

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

1

2

4

3

716

2

2

[भाग 1

5

6

02- कुमारतोली लगा कुमजुग

पश्चिम- स०३०का० नन्दानगर व थाना' नन्दानगर

उत्तर श्री चन्द्रीराम पुत्र

उत्तमू राम की मकान दक्षिण- नन्दाकिनी नदी

01 -धरगांव लगा उरतोली

धरगांव लगा

उस्तोली

3

3

312

धौला चक उस्तोली

4

4

612

कुन्तरी लगा फाली

5

योग

2839 दूस्ब- श्रीमती कुवंरीदेंवी पत्नी फतीराम का मकान

पश्चिम- चुफ़लागाड नदी

उत्तर- नन्दाकिनी नदीं

दक्षिण- भगतसिंह पुत्र रतनसिंह की मकान

01- धौला चक उस्तोली

पूरब- चुफलांगाड नंदी/ नन्दाकिनी नदी

02- सैंतोली

पश्चिम- नया भवन महाविद्यालय

उत्तर- भरतसिंह पुत्र बलवीरसिंह की मकान व दुकान

दक्षिण- सहकारी बैंक कार्यालय एवं श्रीमती राधादेवी पत्नी रूपसिंह का मकान तक

01- कुन्तरी लगां फाली

पूरब- चुफलागाड़ नदी पश्चिम संग्रामः सिंह पुत्र कुतालसिंह के भवन तक

उत्तर- सुमेर सिंह पुत्र खिलाप सिंह की मकान मकान/दुकान

दक्षिण- दिनेश प्रसाद पुत्र चन्द्रमणी के भवन तक

आज्ञा से ,

सुनील सिंह ,

संयुक्त सचिव ।

पी ० एस ० यू० ( आर ०ई ० ) 29 हिन्दी गजट / 319 -भाग 1-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो)

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA / DO / DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की , शनिवार, दिनांक 20 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

भाग 1 -क नियम , कार्य -विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

June 26, 2024

No. 255 / XIV- a - 39/Admin.A/ 2016 --Ms . Kalpana, 1st Additional Civil Judge ( Jr. Div. ) , Dehradun is hereby sanctioned child care leave for 09 days w.e.f. 09.02.2024 to 17.02.2024 with permission to suffix 18.02.2024 as Sunday holiday.

NOTIFICATION

June26, 2024

No. 256 / XIV / a - 33 /Admin.A/2017 --Ms . Minakshi Dubey, the then Civil Judge ( Jr. Div. ) , Doiwala , District Dehradun presently posted as Civil Judge (Jr. Div. ) , Ramnagar District Nainital is hereby sanctioned child care leave for 10 days w.e.f. 04.05.2024 to 13.05,2024 .

NOTIFICATION

June 26, 2024

No. 257 /XIV - 79/ Admin.A/ 2003--Ms . Neelam Ratra , 2nd Additional District & Sessions Judge, Haldwani , DistrictNainital is hereby sanctioned child care leave for 30 days w.e.f. 15.02.2024 to 15.03.2024.

259-ख 260

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई , 2024 ई० ( आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

NOTIFICATION

June 26, 2024

No. 258 /XIV- a - 44/Admin.A/ 2020 --Ms . Avantika Singh Chaudhary, Civil Judge, ( Jr. Div . ), Didihat , District Pithoragarh is hereby sanctioned medical leave for 29 days w.e.f. 01.03.2024 to 29.03,2024.

NOTIFICATION

June 26, 2024

No. 259 /XIV- a /56/ Admin.A/ 2012 --Ms . Seema Dungrakoti , the then Civil Judge ( Sr. Div. ) , Laksar , District Haridwarpresently posted as Secretary DLSA , Dehradun is hereby sanctioned child care leave for 34 days w.e.f. 19.02.2024 to 23.03.2024 with permission to prefix 18.02.2024 as Sunday holiday and suffix 24.03.2024 & 25.03.2024 asSunday and Holi holidays respectively.

By Order of Hon'ble the Administrative Judge , Sd/- Registrar ( Inspection) .

NOTIFICATION

June 26, 2024

No. 260 /XIV- a /45 /Admin.A/ 2012 --Ms . Lalita Singh , the then Additional Judge , Family Court, Rishikesh , DistrictDehradun presently posted as Civil Judge (Sr. Div. ) , Laksar District Haridwar is hereby sanctioned earned leave 12 days w.e.f. 12.02.2024 to 23.02.2024 with permission to prefix 10.02.2024 & 11.02.2024 as second Saturday and Sunday holidays respectively.

By Order of Hon'ble the Vacation Judge , Sd/-

Registrar ( Inspection) .

उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग

अधिसूचना

20जून, 2024 ई ०

स. F - 9 (34 ) ( i ) / RG / UERC/2024/410: विद्युत् अधिनियम 2023 की धारा 86 ( 1 ) ( e ) के साथ पठित धारा 181 के अधीन प्रदत्त शक्तियों तथा इस निमित्त समस्त सामर्थ्यकारी शक्तियों का प्रयोग करते हुए व पूर्व प्रकाशन के उपरांत उत्तराखंड विद्युत् नियामक आयोग , उविनिआ ( नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों तथा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह -उत्पादन केन्द्रों से विद्युत् आपूर्ति के लिए टैरिफ व अन्य शर्तें ) अधिनियम , 2023 ( मुख्य विनियम ) तथा उस में किये गए पश्चातवर्ती संशोधन , यदि कोई हों, में एत‌द्वारा निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात ,

1. संक्षिप्त नाम , प्रारंभ और निर्वाचनः

( 1 ) इन विनियमों का नाम उविनिआ (नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों तथा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह-उत्पादन केन्द्रों से विद्युत् आपूर्ति के लिए टैरिफ व अन्य शर्तें ) (प्रथम संशोधन ) विनियम , 2024 होगा .

(2 ) ये अधिनियम इनकी अधिसूचना की तिथि से प्रवृत्त होंगे तथा जब तक की पहले समीक्षा न कर ली जाये अथवा आयोग द्वारा इनकी अवधि बढ़ाई न जाये, प्रारंभ होने की तिथि से 5 वर्ष की अवधि हेतु प्रवृत्त होंगे.

(यह विनियम सरकारी गजट में प्रकाशित अंग्रेजी विनियम का हिन्दी रूपान्तरण है, किसी भी तरह के निर्वचन अथवा विवाद (व्याख्या) के लिए अंग्रेजी विनियम अन्तिम एवं मान्य होगा। ) भाग 1 -क]

261 उत्तराखण्ड गजट, 20 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 29 , 1946 शक सम्वत्)

2. मुख्य विनियम के विनियम 10 में संशोधनः

संशोधित विनियम 01.04.2024 से प्रवृत्त होगा तथा निम्नलिखित रूप में पढ़ा जायेगाः

" 10. 'गैर जीवाश्म आधारित सह-उत्पादन से वितरण अनुज्ञापी द्वारा क्रय की जाने वाली विद्युत् और नवीकरणीय उर्जा स्रोतों से विद्युत् के उत्पादन की न्यूनतम मात्रा'

(1) अधिनियम के उपबंधों, राष्ट्रीय विद्युत् नीति, उर्जा के नवीकरणीय और गैर परंपरागत स्रोतों के विकास की प्रोन्नति हेतु टैरिफ नीति के अनुरूप सभी वर्तमान और भविष्य के वितरण अनुज्ञापी, कैप्टिव उपयोगकर्ता और उन्मुक्त अभिगमन ग्राहक, जिन्हें इसमें इसके आगे 'बाध्य कंपनी कहा गया है, वे राज्य में विनियम 4 में परिभाषित रूप में योग्य नवीकरणीय उर्जा स्रोतों से, नीचे दिए गए अनुसार अपने स्वयं के उपभोग हेतु अपनी कुल विद्युत् आवश्यकता के न्यूनतम प्रतिशत की अधिप्राप्ति हेतु बाध्य होंगे. इसे बाध्य कंपनियों की नवीकरणीय क्रय बाध्यता (आरपीओ) कहा जायेगा.

वर्ष पवन आरपीओ जल विद्युत् क्रय बाध्यता वितरित आरपीओ अन्य आरपीओ आरपीओ का योग 2024-25

0.67%

0.38%

0.75%

28.10%

29.91%

2025-26

1.22%

1.45%

1.05%

33.01%

29.29%

2026-27

1.97%

1.34%

1.35%

31.29%

35.95%

2027-28

2.45%

1.42%

1.65%

33.29%

38.81%

2028-29

2.95%

1.42%

41.36%

1.95%

35.05%

2029-30

3.48%

1.33%

2.25%

36.27%

43.33%

(क) पवन आरपीओ 31 मार्च 2022 के पश्चात कमीशंड ऊर्जा परियोजनाओं (WPPs) से उत्पादित ऊर्जा द्वारा ही पूरा किया जायेगा.

(ख) एचपीओ 8 मार्च 2019 के पश्चात कमीशंड HHPs (जिसमें PSPs और लघु जल परियोजनाएं (SHPs) सम्मिलित हैं) से क्रय की गई ऊर्जा द्वारा पूरा किया जायेगा.

परन्तु वितरण अनुज्ञापी की एचपीओ बाध्यता को 08 मार्च 2019 के पश्चात कमीशंड HPPs (जिसमें PSPsऔर SHPs सम्मिलित हैं) से राज्य को प्रदान की जा रही निःशुल्क ऊर्जा से भी पूरा किया जा सकेगा.

परन्तु आगे यह भी कि जल-विद्युत् नवीकरणीय ऊर्जा घटक को, केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक मामले में अलग- अलग आधार पर अनुमोदित, भारत से बाहर स्थित जल-विद्युत परियोजनाओं से भी पूरा किया जा सकेगा.

(ग) वितरित नवीकरणीय ऊर्जा घटक को केवल ऐसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित ऊर्जा से पूरा किया जायेगा जो क्षमता में 10 मेगा वाट से कम की हों और इसमें केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित सभी विन्यासों (नेट मीटरिंग, सकल मीटरिंग, वर्चुअल नेट मीटरिंग, सामूहिक नेट मीटरिंग, मीटर के पीछे की संस्थापना अथवा कोई अन्य विन्यास) के अधीन सौर संस्थापनाएं सम्मिलित होंगी.

परन्तु वितरित नवीकरणीय ऊर्जा का अनुपालन सामान्यतया ऊर्जा (kWh/kW/day ) के सम्बन्ध में किया जायेगा.

परन्तु आगे यह कि यदि बाध्य कंपनी वितरित नवीकरणीय ऊर्जा संस्थापनाओं के समक्ष उत्पादन डाटा प्रदान करने में असमर्थ रहती है तो बताई गई क्षमता को 3.5 यूनिट्स प्रति kW/day के गुणक द्वारा ऊर्जा के सम्बन्ध में वितरित नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में परिवर्तित कर दिया जायेगा.

(घ) अन्य आरपीओ को किसी ऐसी आरई ऊर्जा परियोजना जो ऊपर (क), (ख) व (ग) में उल्लिखित नहीं है से उत्पादित ऊर्जा द्वारा पूरा किया जायेगा और इसमें निःशुल्क ऊर्जा सहित सभी पवन ऊर्जा परियोजनाओं, HP.Ps (जिसमें PSPS और SHPs सम्मिलित हैं) का समावेश होगा.

262

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

ऊपर अनुबंधित प्रतिशत आरपीओ, स्वयं के उपभोग हेतु वर्ष के दौरान बाध्य कंपनी द्वारा सभी स्रोतों से क्रय की गई /उत्पादित कुल ऊर्जा के प्रतिशत के रूप में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से विद्युत् के गैर -जीवाश्म ईंधन आधारित सह-उत्पादन और उत्पादन से क्रय की न्यूनतम मात्रा प्रकट करता है.

जहाँ, भिन्न- भिन्न बाध्य कंपनियों के लिए क्रय की गई कुल ऊर्जा निम्नानुसार होगी:

(क) डिस्कॉम्स के लिए स्वयं के उपभोग हेतु वर्ष के दौरान सभी स्रोतों से क्रय की गई कुल ऊर्जा; और

(ख) उन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ताओं के लिए, उन्मुक्त अभिगमन के माध्यम से क्रय की गई कुल ऊर्जा, स्वयं के उपभोग हेतु वर्ष के दौरान निकासी/उपभोग बिंदु पर रिकॉर्ड किया गया मीटर्ड उपभोग होगी.

(ग) कैप्टिव उपयोगकर्ताओं के लिए उन्मुक्त अभिगमन के माध्यम से क्रय की गई कुल ऊर्जा, स्वयं के उपभोग हेतु वर्ष के दौरान निकासी/उपभोग बिंदु पर रिकॉर्ड किया गया मीटर्ड उपभोग होगी.

परन्तु किसी वर्ष विशेष में 'पवन आरपीओ' के पूरा होने में रह गई किसी कमी को जल विद्युत् परियोजनाओं से उपभोग की गई अधिक ऊर्जा से या इसके विपरीत क्रम में पूरा किया जा सकता है तथा एक वर्ष विशेष में आरपीओ या एचपीओ के अधीन शेष अधिक ऊर्जा उपभोग को 'अन्य आरपीओ' को पूरा करने में हुई किसी कमी के समक्ष निर्धारित किया जा सकता है.

परन्तु एक वर्ष विशेष में 'अन्य आरपीओ' श्रेणी के अधीन किसी अधिक ऊर्जा उपभोग को विनिर्दिष्ट पवन आरपीओ अथवा जल विद्युत् आरपीओ को पूरा करने में हुई किसी कमी को पूरा करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है

परन्तु वे बाध्य कम्पनियाँ जो उन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ता अथवा कैप्टिव ऊर्जा संयंत्र के साथ उपभोक्ता हैं, अपनी बाध्यता को गैर जीवाश्म ईंधन स्रोत का विचार किये बिना विनिर्दिष्ट कुल नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य के अनुसार पूरा करेंगी.

(2) इस आरपीओ संरचना के प्रयोजन से, प्रत्येक बाध्य कंपनी हेतु स्वयं के उपभोग से अभिप्राय है- आपूर्ति के उस क्षेत्र के भीतर अपने उपभोक्ताओं को आपूर्ति के उद्देश्य से अपने स्वयं के उपभोग हेतु बाध्य कंपनी द्वारा सभी स्रोतों से उपभोग या क्रय की गई सकल ऊर्जा, इसमें अनुज्ञापियों या बाहर के उपभोक्ताओं के मध्य विद्युत् का परस्पर विक्रय सम्मिलित नहीं है.

(3) वितरण अनुज्ञापी अपने 'सौर आरपीओ' अनुपालन को पूरा करने के लिए अबाध्य कंपनियों के जीआरपीवी/जीएसपीवी/समूह नेट मीटरिंग/वर्चुअल नेट मीटरिंग से उत्पादित सकल सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए योग्य होगा. यह सकल ऊर्जा ऐसी जीआरपीवी/जीएसपीवी/समूह नेट मीटरिंग/वर्चुअल नेट मीटरिंग से उत्पादित मीटर रीडिंग पर आधारित होगी.

(4) उपभोग की गई कुल ऊर्जा का निम्नलिखित प्रतिशत स्टोरेज के साथ/माध्यम से सौर/पवन ऊर्जा होगी.

वित्त वर्ष

स्टोरेज (ऊर्जा आधार पर)

2024-25

1.5%

2025-26

2.0%

2.5%

2026-27

3.0%

2027-28

2028-29

3.5%

4.0%

2029-30 भाग 1 -क]

263 उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई ० (आषाढ़ 29 , 1946 शक सम्वत्)

(5) ऊर्जा स्टोरेज बाध्यता का परिकलन विद्युत् के कुल उपभोग के प्रतिशत के रूप में किया जायेगा और इसे पूरा कर लिया गया तभी समझा जायेगा जब वार्षिक आधार पर ऊर्जा स्टोरेज प्रणाली (ईएसएस) में कुल ऊर्जा स्टोरेज का न्यूनतम 85% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से अधिप्राप्त कर लिया जाएगा.

(6) आरई स्रोतों से स्टोर की गई ऊर्जा की सीमा तक ऊर्जा स्टोरेज बाध्यता को इस विनियम के उप-विनियम (1) के अधीन उल्लिखित रूप में कुल आरपीओ का आंशिक रूप से पूरा किया गया माना जायेगा.

(7) उरेडा, आरपीओ बाध्यता के अनुपालन से सम्बंधित डाटा का रखरखाव करेगा. "

3. मुख्य विनियम के विनियम 37 में संशोधनः

संशोधित विनियम को निम्नानुसार पढ़ा जायेगाः

"37 ग्रिड इंटरैक्टिव रूफ-टॉप सौर पीवी संयंत्र (जीआरपीवी) /ग्रिड इंटरैक्टिव लघु और पीवी संयंत्र (जीएसपीवी)

(1) 01.04.2023 पर कमीशंड या उसके पश्चात् कमीशंड होने वाली जीआरपीवी/जीएसपीवी के लिए सामान्य टैरिफ के अवधारण हेतु प्रौद्योगिकी विशिष्ट मापदंड निम्नानुसार होगे:

पूजीगत लागत

परियोजना आकार

कमीशनिंग के वर्ष हेतु ओ एंड एम् व्यय

क्षमता उपयोगिता कारक

रु. लाख/किलोवाट

रु. लाख/किलोवाट

2149

47691

10kW तक

43753

1912

>10kWऔर 100 kW तक

19%

1735

41276

>100 kWऔर 500 kW तक

1624

40074

>500 kWऔर 1MW तक

(2) किसी योग्य उपभोक्ता द्वारा अनुज्ञापी की वितरण प्रणाली में ऊर्जा अंत:क्षेपित करने के लिए जीआरपीवी / जीएसपीवी संस्थापित किया जा सकता है.

परन्तु किसी योग्य उपभोक्ता के परिसर पर अधिकतम जीआरपीवी/ जीएसपीवी संस्थापित क्षमता उपभोक्ता के स्वीकृत भार/संविदा मांग के अधिकतम 100% तक होगी.

परन्तु घरेलू उपभोक्ता के मामले में जीआरपीवी / जीएसपीवी की ऐसी संस्थापित क्षमता उपभोक्ता के स्वीकृत भार / संविदा मांग की अपेक्षा किये बिना होगी.

परन्तु आगे यह भी कि किसी योग्य उपभोक्ता के परिसर पर अधिकतम जीआरपीवी / जीएसपीवी संस्थापित क्षमता 1 एम् डब्ल्यू से अधिक नहीं होगी.

(3) योग्य उपभोक्ता अथवा तृतीय पक्ष के स्वामित्व वाले जीआरपीवी / जीएसपीवी से अंतःक्षेपण प्रत्येक बिलिंग अवधि के अंत में शुद्ध ऊर्जा आधार पर तय किया जायेगा.

(4) वितरण अनुज्ञापी द्वारा उपभोक्ताओं को विद्युत् की आपूर्ति के सम्बन्ध में, आयोग द्वारा टैरिफ आदेश के अनुसार टैरिफ एक बिलिंग अवधि में अनुज्ञापी द्वारा आपूर्ति की गई शुद्ध ऊर्जा के लिए लागू होगा, यदि अनुज्ञापी द्वारा आपूर्ति की गई ऊर्जा उपभोक्ता अथवा तृतीय पक्ष के जीआरपीवी / जीएसपीवी द्वारा अंतःक्षेपित ऊर्जा से अधिक है:

परन्तु ऐसे योग्य उपभोक्ताओं को परिसर पर संस्थापित जीआरपीवी / जीएसपीवी की क्षमता के बराबर न्यूनतम प्रभार / मासिक न्यूनतम उपभोग गारंटी प्रभार, यदि कोई हैं, की अदायगी पर छूट प्राप्त होगी.

264

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क परन्तु आगे यह भी कि ऐसे योग्य उपभोक्ताओं पर ऊर्जा के कैप्टिव उपयोग हेतु उन्मुक्त अभिगमन प्रभार सहित कोई अधिभार उदग्रहित नहीं किया जायेगा.

(5) यदि किसी बिलिंग अवधि में अनुज्ञापी द्वारा आपूर्ति की गई ऊर्जा, उपरोक्त उप- विनियम (3) के अधीन उपभोक्ता/प्रोस्युमर या तृतीय पक्ष के जीआरपीवी / जीएसपीवी द्वारा अंतःक्षेपित ऊर्जा से कम है तो ऐसे प्रोस्युमर को अनुज्ञापी ऐसी शुद्ध ऊर्जा की आपूर्ति हेतु आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट सामान्य टैरिफ या टैरिफ आधारित बोली प्रक्रिया के माध्यम से ज्ञात दर, दोनों में जो कम हो, पर भुगतान करेगा.

(6) जीआरपीवी / जीएसपीवी पर, मानित उत्पादन के उपबंध लागू नहीं होंगे.

(7) जीआरपीवी / जीएसपीवी की संचयी क्षमता जिसे एक सिंगल ट्रांसफार्मर से जोड़ा जा सकता हो, ऐसे ट्रांसफार्मर की क्षमता से अधिक नहीं होगी.

(8) यदि जीआरपीवी / जीएसपीवी के संयोजन के उद्देश्य से किसी आवर्धन की आवश्यकता होती है तो वितरण अनुज्ञापी समीपस्थ उप-केंद्र से अंतःसंयोजन के बिंदु तक ऐसे प्रणाली सुदृ‌ढ़ीकरण / आवर्धन पर हुए पूंजीगत व्यय की व्यवस्था करेगा और उसे वहन करेगा.

(9) घरेलू श्रेणी के अधीन उपभोक्ताओं, सरकारी कार्यालयों / सरकारी प्राधिकारियों के लिए वर्चुअल नेट मीटरिंग संरचना लागू होगी.

(10) मुख्य गतिवधियों के लिए कालक्रम समय -समय पर संशोधित विद्युत् (उपभोक्ता के अधिकार) नियम, 2020 के अधीन विनिर्दिष्ट किये गए समय के द्वारा शासित होगा.

(11) 10 kW तक की क्षमता के जीआरपीवी/जीएसपीवी के लिए सभी तरह से पूर्ण आवेदन किसी तकनीकी साध्यता रपट के बिना स्वीकार कर लिए माने जायेंगे और अपेक्षानुसार उपभोक्ता के स्वीकृत भार की कोई अनुरूप वृद्धि, समय-समय पर संशोधित उविनिआ (विद्युत् आपूर्ति संहिता, नए संयोजनों को जारी करना तथा सम्बंधित मामले) विनियम, 2020 के उपबंधों के अनुसार वितरण अनुज्ञापी द्वारा की जाएगी.

परन्तु समय-समय पर संशोधित उविनिआ (विद्युत् आपूर्ति संहिता, नए संयोजनों को जारी करना तथा सम्बंधित मामले) विनियम, 2020 के उपबंधों के अनुसार भार में वृद्धि के प्रभार और भार में वृद्धि की प्रतिभूति जमा के प्रभार का भुगतान करने के लिए प्रोस्युमर जिम्मेदार होगा.

(12) तकनीकी साध्यता रपट या आवेदन को स्वीकार मान लिए जाने से लेकर संस्थापन पूर्ण हो जाने की अवधि केदौरान यदि वितरण संरचना के उच्चीकरण जैसे कि सेवा लाइन का आवर्धन, वितरण ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता और इसी प्रकार रूफ टॉप सोलर फोटो वोल्टेक सिस्टम की अपेक्षित क्षमता की संस्थापना हेतु कोई आवश्यकता होती है तो इसे, यथास्थिति, वितरण अनुज्ञापी अथवा उपभोक्ता द्वारा पूरा किया जायेगा.

परन्तु वितरण संरचना, जिसमें रूफ टॉप सोलर फोटो वोल्टेक सिस्टम की अपेक्षित क्षमता की संस्थापना हेतु आवश्यक वितरण ट्रांसफार्मर सम्मिलित है, के सुदृढ़ीकरण की लागत को वितरण अनुज्ञापी के वार्षिक राजस्व आवश्यकताओं में सम्मिलित किया जायेगा.

(13) रूफ टॉप सोलर फोटो वोल्टेक सिस्टम की संस्थापना के पश्चात उपभोक्ता ऐसे वितरण अनुज्ञापी के पास संस्थापना प्रमाणपत्र जमा करेगा और वह वितरण अनुज्ञापी, संस्थापना प्रमाणपत्र जमा किये जाने कीतिथि से पंद्रह दिनों के भीतर रूफ टॉप सोलर फोटो वोल्टेक सिस्टम संयोजन करार पर हस्ताक्षर, मीटर की संस्थापना, रूफ टॉप सोलर फोटो वोल्टेक सिस्टम की सफल कमीशनिंग का कार्य पूरा करेगा. "

आयोग के आज्ञा से , नीरज सती, सचिव ।

265 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग

कार्यालय ज्ञाप

28 जून, 2024 ई 0

पत्रांकः 245/15/ DPC/ RO/ अधि0 / 2023-24 - उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग कार्यालय में सहायक समीक्षा अधिकारी से समीक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नति हेतु गठित चयन समिति की बैठक दिनांक 28 जून , 2024 की संस्तुति एवं मा० आयोग द्वारा प्रदत्त अनुमोदन के क्रम में निम्न कार्मिक को समीक्षा अधिकारी के पद पर लेवल-08 (वेतनमान रु0 47,600 /- रु0 1,51,100 / -) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 01 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के अधीन नियमित प्रोन्नति प्रदान की जाती है:-

क्रम संख्या

अधिकारी का नाम

01

02

1

श्री रविन्द्र सिंह राणा

गिरधारी सिंह रावत, सचिव ।

कार्यालय डॉ ० आर ० एस ० टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल

विज्ञप्ति

02 जुलाई , 2024 ई ०

पत्रांक 1536 / चार-10(2024) टी.सी.यू. - डॉ० आर० एस ० टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल द्वारा भारतीय वन सेवा ( उत्तराखण्ड कैडर - बैच 2022 ) के 03 अधिकारियों हेतु दिनांक 13 मई से 15 जून , 2024 की अवधि में 14वें व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इन अधिकारियों की विभागीय परीक्षा आयोजित की गई । प्रशिक्षण कार्यक्रम में योगदान देने वाले निम्नलिखित अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख उल्लिखित विषयों में उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-

क्र०सं०

अधिकारी का नाम

विषय

1.

A

श्री तरूण एस. , बैच 2022

B

C

D

2.

श्री आकाश गंगवार , बैच 2022

A

B

C

D

3.

B

C

A

D श्री राहुल मिश्रा , बैच 2022

विषयक संकेतः

A. Forest Act and Laws

B. Budget and Financial Administration

C. Revenue Laws and Acts

D. Public Administration

नैनीताल , दिनांकः 01 जुलाई, 2024 266

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई ० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 1 - क

विज्ञप्ति

12 जुलाई , 2024 ई ०

पत्रांक 1691 / चार-9(2024) टी.सी.यू. -डॉ ० आर ० एस ० टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (उत्तराखण्ड संवर्ग बैच -2023 ) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों हेतु दिनांक 13 मई , 2024 से 22वें व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आयोजित की गयी विभागीय परीक्षा भाग -1 व भाग -2 में योगदान देने वाले निम्नलिखित परिवीक्षाधीन अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख उल्लिखित विषयों में उत्तीर्ण घोषित किया जाता हैः-

क्र०सं०

नाम परिवीक्षाधीन अधिकारी

1. सुश्री गौरी प्रभात

2. सुश्री दिक्षिता जोशी

विषय संकेतः-

A. आपराधिक वाद निर्णय लेखन

B. राजस्व वाद निर्णय लेखन C.

विषय

ABCDEFGHIJ

J ABCDEFGHI

F. लोक प्रशासन

G बजट एवं वित्तीय प्रक्रिया

स्थानीय निकाय एवं विविध अधिनियम राजस्व नियम एवं अधिनियम तथा भू- सवेक्षण H.

D. हिन्दी टिप्पणी एवं पत्र लेखन E. जिला प्रशासन

नैनीताल , दिनांकः 12 जुलाई , 2024

I.

नियोजन एवं विकास

J. कृषि एवं ग्राम्य विकास

बी० पी ० पाण्डेय ,

महानिदेशक

कार्यालय संभागीय परिवहन अधिकारी ,

हल्द्वानी सम्भाग , नैनीताल ।

कार्यालयादेश

09 जुलाई , 2024 ई ०

पत्रांक 2374 / प्रवर्तन / लाइ०नि ० / 2024 - श्री इन्देल सिंह पुत्र श्री भीम सिंह निवासी- बेदौन तहसील धारी , ओखलकाण्डा, जिला - नैनीताल उत्तराखण्ड का दिनांक 06.06.2024 को वाहन संख्या यू० के ० 04 टी0 बी0-5610 को क्षमता से अधिक सवारी (ओवरलोडिंग) वाहन संचालन के अभियोग में उप जिला मजिस्ट्रेट धारी , द्वारा चालान किया गया है । उप जिला मजिस्ट्रेट , धारी जनपद - नैनीताल द्वारा चालक लाइसेंस संख्या UK0420190004350 के विरूद्ध निरस्तीकरण हेतु कार्यवाही की संस्तुति की गई । संस्तुति के पश्चात् वाहन चालक को उपरोक्त चालान के सम्बन्ध में कारण स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया गया । परन्तु चालक न तो कार्यालय में उपस्थित हुआ न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया ।

अतः मैं विपिन कुमार सिंह लाइसेंसिग प्राधिकारी / सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , हल्द्वानी मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा -19 उप - धारा (1 ) (ए) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त चालक के लाइसेंस संख्या UK0420190004350 को निरस्त करता हूँ ।

267 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट, 20 जुलाई , 2024 ई ० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

कार्यालयादेश

09 जुलाई , 2024 ई 0

पत्रांक 2375 / प्रवर्तन/ लाइ० नि ० / 2024- श्री नीरज कुमार पुत्र श्री संजय प्रकाश निवासी ग्राम मजूली पो ० पहाड़पानी थाना मुक्तेश्वर जिला - नैनीताल उत्तराखण्ड का दिनांक 10.06.2024 को वाहन संख्या यू० के ० 04 सी0 सी0-0661 को शराब पीकर वाहन संचालन के अभियोग में थानाध्यक्ष धौलछीना जनपद -अल्मोड़ा द्वारा चालान किया गया है । थानाध्यक्ष धौलछीना जनपद -अल्मोड़ा द्वारा चालक लाइसेंस संख्या UK0420230001226 के विरूद्ध निरस्तीकरण हेतु कार्यवाही की संस्तुति की गई । संस्तुति के पश्चात् वाहन चालक को उपरोक्त चालान के सम्बन्ध में कारण स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया गया । परन्तु चालक न तो कार्यालय में उपस्थित हुआ न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया ।

अतः मैं विपिन कुमार सिंह लाइसेंसिग प्राधिकारी / सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , हल्द्वानी मोटरयान अधिनियम -1988 की धारा -19 उप - धारा (1 ) (ए) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त चालक के लाइसेंस संख्या UK0420230001226 को निरस्त करता हूँ ।

विपिन कुमार सिंह , सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , हल्द्वानी ।

पी०एस ०यू० (आर० ई0 ) 29 हिन्दी गजट / 319 - भाग 1 - क-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो ) । मुद्रक एवम् प्रकाशक -अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की , शनिवार, दिनांक 20 जुलाई, 2024 ई ० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

सूचना

I , am Army No. 62009 Rank Asst LDR Tsering Dorjee S/ o Ngawang resident of Tibetan Women Centre , 225 Rajpur Road P.O. Rajpur- 248009 Distt. Dehradun ( Uttarakhand) . In my service record , my wife's name Wangzom Chodon has been wrongly recorded where as my wife's name is Yangzom Choedon . In future my wife's name will be registered with the correct name .

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

Tsering Dorjee S/ o Ngawang resident of Tibetan Women Centre , 225 Rajpur Road P.O. Rajpur - 248009 Distt . Dehradun

(Uttarakhand)

189- ट 190

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई , 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 8

सूचना

मेरे आर्मी अभिलेख / सर्विस नं 0 5454058N RANK EX NK में त्रुटिवश मेरा नाम ( SANTOSH KUMAR ) दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम ( SANTOSH KUMAR THAPA ) है । भविष्य में मुझे (SANTOSH KUMAR THAPA) S / O (RAN BAHADUR) के नाम से जाना पहचाना पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

(SANTOSH KUMAR THAPA)

S/ O ( RAN BAHADUR)

निवासी पेट्रोल पंप के पास लच्छिवाला डोईवाला देहरादून , उत्तराखण्ड ।

सूचना

मैंने निजी कारणों से अपना नाम विकास ( VIKAS ) से बदलकर विकास कुमार तोमर (VIKAS KUMAR TOMER ) कर लिया है , भविष्य में मुझे विकास कुमार तोमर ( VIKAS KUMAR TOMER) पुत्र स्व० चरण सिंह ( CHARAN SINGH) के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

विकास कुमार तोमर (VIKAS KUMAR TOMER )

पुत्र स्व० चरण सिंह ( CHARAN SINGH) पता -93 / 3 / 3 बीएचईएल रानीपुर हरिद्वार ।

सूचना

I, Lakshit Batta, S/ o Prem Chand Batta R/ o 07 Guru Road , Dehradun have changed my daughter name from SAANVI BATTA to ADIRA R BATTA In future she will be known as ADIRA R BATTA .

समस्त विधिक औपचारिकताएं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

Lakshit Batta , S/ o Prem Chand Batta R/ o 07 , Guru Road , Dehradun .

भाग 8]

191 उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

कार्यालय नगर पालिका परिषद पौड़ी

03 मई , 2024 ई 0

संख्या 69 / न ०पा०प०/ 2024-25/ पौड़ी-

ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियंत्रण उपविधि-2024

1- परिभाषाएं-

1. यह उपविधि नगर पालिका परिषद पौड़ी के ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियंत्रण उपविधि- कहलायेगी , जो शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू एवं प्रभावी होगी ।

निकाय - निकाय का तात्पर्य नगर पालिका परिषद पौड़ी से है । 2.

3. बोर्ड- बोर्ड का तात्पर्य नगर पालिका परिषद पौड़ी के निर्वाचित सदस्यों से है ।

4. अधिनियम- अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश , नगर पालिका अधिनियम -1916 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) संशोधन एवं उपान्तरण आदेश -2002 से है ।

5. अध्यक्ष- अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पालिका परिषद पौड़ी के अध्यक्ष/प्रशासक से है ।

6. अधिशासी अधिकारी- अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद पौड़ी से है ।

7. पंजीकरण - पंजीकरण का तात्पर्य नगर पालिका परिषद पौड़ी द्वारा कराये जाने वाले निर्माण कार्यों के सम्पादन हेतु ठेकेदारों के पंजीकरण से है ।

8. ठेकेदार - ठेकेदार का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो नगर पालिका परिषद पौड़ी में समस्त निर्माण कार्य, पुनर्निर्माण, करने के इच्छुक है ।

9 . श्रेणी- श्रेणी का तात्पर्य ठेकेदार की प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी से है ।

2- पंजीकरण की प्रक्रियाः-

नगर पालिका परिषद पौड़ी के निर्माण कार्यों के सम्पादन हेतु ठेकेदार की चार श्रेणियां होगी । इच्छुक व्यक्तिप्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में निम्न शर्तों औपचारिकताओं को पूर्ण कर अपना पंजीकरण कर सकता हैः-

1. वह भारत का नागरिक हो तथा नगर पालिका सीमान्तर्गत या जनपद पौड़ी में कम से कम 5 वर्ष से निवास करता हो , तथा उत्तराखण्ड राज्य का स्थाई निवासी हो , का प्रमाण- पत्र तथा दो पासपोर्ट साईज फोटो उपलब्ध कराना होगा ।

2. 3. जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण पत्र (जो छः महीने की अवधि के अन्दर का हो) ज़िलाधिकारी द्वारा प्रदत्त हैसियत प्रमाण पत्र (श्रेणीवार हैसियत सीमा निम्न प्रकार निर्धारित की जाती है)

अ- प्रथम श्रेणी के लिए- 10 लाख

ब- द्वितीय श्रेणी के लिए 5 लाख स- तृतीय श्रेणी 3 लाख

द- चतुर्थ श्रेणी 1 लाख

हैसियत प्रमाण पत्र हेतु पावर ऑफ एटॉर्नी मान्य नहीं होगी।

हैसियत प्रमाण पत्र के स्थान पर इच्छुक व्यक्ति द्वारा उपरोक्त धनराशि की बैंक गारण्टी भी प्रदान की जा सकती है।

4. प्रथम श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु लोक निर्माण विभाग जल निगम सिंचाई विभाग ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग नगर पालिका परिषद/नगर निगम जल संस्थान एवं जिला पंचायत आदि विभागों में कम से कम सड़क/ भवन निर्माण का 10 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण पत्र जो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो एवं विगत 5 वर्षों में न्यूनतम 25-25 लाख के दो अनुबन्ध अथवा तीन करोड़ के कुल कार्य किये जाने का प्रमाण पत्र दिया जाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त स्वयं का एक बी०टेक ० (सिविल) तथा एक डिप्लोमा होल्डर (सिविल) होने का प्रमाण पत्र दिया जाना आवश्यक होगा। साथ ही मशीनरी में प्लेटवाइब्रेटर/ पिनवाइब्रेटर/ मिक्सचरमशीन/ पानी का टैंकर तथा एक जे०सी० बी० मशीन होने का प्रमाण पत्र दिया जाना भी आवश्यक है ।

192

उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

[भाग 8

5. द्वितीय श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उपरोक्त विभागों में कम से कम 5 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण पत्र एवं विगत 5 वर्षों में 10-10 लाख के न्यूनतम 2 अनुबन्ध (बॉण्ड) पत्र अथवा कुल 50 लाख के अनुबन्ध कार्य किये जाने का अनुभव प्रमाण पत्र जो सक्षम अधिकारी के द्वारा जारी किया गया हो ही मान्य होगा । इसके अतिरिक्त स्वयं का एक डिप्लोमा होल्डर (सिविल ) होने का प्रमाण पत्र दिया जाना आवश्यक होगा। साथ ही मशीनरी में प्लेटवाइब्रेटर/ पिनवाइब्रेटर/ मिक्सचरमशीन होने का प्रमाण पत्र दिया जाना भी आवश्यक है ।

6. तृतीय श्रेणी में पंजीकरण हेतु उपरोक्त विभागों में कम से कम 3 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण पत्र एवं विगत 3 वर्षों में न्यूनतम 5-5 लाख के 2 अनुबन्ध (बाण्ड) पत्र अथवा कुल 25 लाख के अनुबन्ध के कार्य किये जाने का अनुभव प्रमाण पत्र जो सक्षम अधिकारी के द्वारा जारी किया गया हो ही मान्य होगा । साथ ही मशीनरी में प्लेटवाइब्रेटर/ पिनवाइब्रेटर/ मिक्सचरमशीन होने का प्रमाण पत्र दिया जाना भी आवश्यक है ।

7. चतुर्थ श्रेणी में पंजीकरण हेतु उत्तराखण्ड सरकार/ भारत सरकार के किसी भी विभाग तथा प्रथम श्रेणी के ठेकेदार द्वारा जिसके साथ कम से कम एक वर्ष का कार्य किया हो, का अनुभव प्रमाण पत्र देना होगा ।

8. प्रत्येक ठेकेदार का आयकर एवं व्यापार कर विभाग से पंजीकृत होना अनिवार्य है तथा आयकर एवं व्यापार कर का पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रार्थना पत्र के साथ उपलब्ध कराना आवश्यक होगा।

3- जमानतः-

ठेकेदार कोनिम्न श्रेणी के अनुसार स्थायी जमानत राशि राष्ट्रीय बचत पत्र तथा किसान विकास पत्र के रूप में अधिशासी अधिकारी के नाम बन्धक कर आवेदन पत्र के साथ देनी होगी ।

अ- प्रथम श्रेणी के लिए

ब- द्वितीय श्रेणी के लिए

25,000.00

स- तृतीय श्रेणी के लिए

द- चतुर्थ श्रेणी के लिए

4- पंजीकरण शुल्कः-

ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार पंजीकरण शुल्क की धनराशि नगद रूप में नगर पालिका परिषद पौड़ी के कोष में जमा करानी होगी ।

अ- प्रथम श्रेणी के लिए

ब- द्वितीय श्रेणी के लिए

स- तृतीय श्रेणी के लिए

2000.00

द- चतुर्थ श्रेणी के लिए

5- पंजीकरण की अवधिः-

प्रत्येक वर्ष में मात्र माह अप्रैल से जुलाई तक ठेकेदारों के पंजीकरण किये जायेगे पंजीकरण हेतु निर्धारित आवेदन पत्र का प्रारूप रू 0 100.00 नगर पालिका परिषद पौड़ी में जमा कर क्रय करना होगा तथा पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में ही मान्य होगा, जो अवर अभियन्ता /सहायक अभियन्ता की संस्तुति पर अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष/प्रशासक महोदया द्वारा स्वीकृत किया जायेगा।

6- नवीनीकरण की प्रक्रियाः-

1. ठेकेदारों को प्रत्येक 3 वर्ष में निम्न श्रेणी के अनुसार अपना नवीनीकरण कराना होगा । नवीनीकरण की अवधि 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक होगी । इसके पश्चात् नवीनीकरण कराने पर प्रतिमाह रू 0 1,000.00 विलम्ब शुल्क का भुगतान कर नवीनीकरण किया जायेगा । 2. नवीनीकरण से पूर्व प्रत्येक ठेकेदार को एक निर्धारित प्रारूप पर जिसका मूल्य रू 0 100.00 होगा , नगर पालिका परिषद पौड़ी कार्यालय से क्रय कर विगत वर्ष में किये गये कार्यों का विवरण देना होगा ।

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193 उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई० (आषाढ़ 29 , 1946 शक सम्वत्)

नवीनीकरण शुल्क निम्न श्रेणी के अनुसार पालिका कोष में जमा कराने तथा विगत वर्ष में किये गये कार्यों केविवरण पर पालिका के अधिशासी अधिकारी/ अध्यक्ष द्वारा स्वीकृति प्रदान की जायेगी : -

अ- प्रथम श्रेणी के लिए

8000.00

ब- द्वितीय श्रेणी के लिए

4000.00

स- तृतीय श्रेणी के लिए

2000.00

द- चतुर्थ श्रेणी के लिए

3. अधिशासी अधिकारी/ अध्यक्ष को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी ठेकेदार के पंजीकरण के नवीनीकरण को उसके त्रुटिपूर्ण कार्य के लिए रोक सकता है ।

4. नवीनीकरण के आवेदन पत्र के साथ चरित्र प्रमाण पत्र (जो छः माह की अवधि के अन्दर का हो) तथा हैसियत प्रमाण पत्र (नवीनीकरण के समय यदि हैसियत यथावत् हो तो उसके लिए शपथ पत्र) अथवा निर्धारित धनराशि की बैंक गारण्टी देनी होगी ।

7- निर्माण के सम्पादन की सीमा: -

प्रत्येक श्रेणी के ठेकेदारों को निम्नानुसार कार्य के टेण्डर लेने का अधिकार होगाः-

1. प्रथम श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार सभी प्रकार (असीमित धनराशि के) निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।

2. द्वितीय श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार रू 0 20 लाख तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।

3. तृतीय श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार रू 0 7.5 लाख तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।

4. चतुर्थ में पंजीकरण में पंजीकृत ठेकेदार रू 0 2.5 लाख तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।

8- निविदा प्रपत्र की लागतः-

निविदा प्रपत्र का मूल्य निर्माण कार्य के व्यय अनुमान ( आंगणन) धनराशि पर निम्न प्रकार निर्धारित किया जायेगाः-

निविदा प्रपत्र मूल्य

कार्यों की लागत (रूपये में)

(रूपये में)

अ-0 से 5.00 लाख तक

500.00+जी ०एस ०टी ०

ब- 5.00 लाख से 10.00 लाख तक

1000.00+जी ० एस ० टी ०

स- 10.00 लाख से 20.00 लाख तक

1500.00+ जी ० एस ० टी ०

द- 20.00 लाख से 30.00 लाख तक

2000.00+ जी ० एस ० टी ०

य- 30.00 लाख से 40.00 लाख तक

2500.00+ जी ० एस ० टी ०

र- 40.00 लाख से 50.00 लाख तक

3000.00+ जी ० एस ०टी ०

य- 50.00 लाख से 150.00 लाख तक

3500.00+जी ० एस ०टी०

150.00 लाख रूपये से ऊपर के कार्यों के निविदा प्रपत्रों का मूल्य प्रति 1000.00 पर 10.00/ - रूपये के हिसाब से गणना कर निर्धारित किया जायेगा।

प्रत्येक ठेकेदार विभागीय कार्यों का ठेका लेने के लिए नगर पालिका से निविदा प्रपत्र नगद मूल्य देकर खरीदेगा निविदा प्रपत्र का मूल्य जमा होने के पश्चात् किसी स्थिति में न तो वापिस होगा और न ही आगामी निविदाओं में समायोजित होगा निविदा प्रपत्र पालिका के पंजीकृत ठेकेदारों को ही बेचा जायेगा ।

9- निविदा स्वीकार करने का अधिकारः-

ठेकेदार द्वारा डाली गई निविदाओं में न्यूनतम निविदाओं को स्वीकृत करने का अधिकार अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष का होगा, ( किन्तु यदि न्यूनतम निविदा आंकलन से ठेकेदार के 10 प्रतिशत लाभ घटाने के बाद भी कम हैं, तो इस पर तकनीकी राय लेकर निर्णय लिया जायेगा। ) निविदा डालने के 6 माह तक उन्हीं दरों पर कार्य करने के लिए बाध्य होगा। यदि ठेकेदार को निविदा डालने की तिथि से 6 माह बाद कार्यादेश दिया जाता है तो ठेकेदार उन दरों पर कार्य करने के लिए बाध्य नहीं होगा ।

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उत्तराखण्ड गजट , 20 जुलाई, 2024 ई ० (आषाढ़ 29, 1946 शक सम्वत्)

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10- धरोहर राशिः-

उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति (प्रक्यूरमेंट) नियम 2017 में किये गये प्राविधान के अनुसार स्थायी जमानत / धरोहर धनराशि निविदा के साथ राष्ट्रीय बचत पत्र किसान विकास पत्र एवं एफ०डी ० आर० के रूप में अधिशासी अधिकारी के पदनाम बन्धक देनी होगी ।

11- ठेकेदार का भुगतानः-

कार्य समाप्तिके पश्चात् ठेकेदार का कार्य सन्तोषजनक होने पर नियमानुसार बिल की धनराशि से समय - समय पर निर्धारित दरों के अनुसार आयकर , व्यापार कर एवं जमानत$ जी ० एस ०टी० की राशिकाटने के उपरान्त भुगतान किया जायेगा। जमानत राशि का भुगतान 1 साल बाद कार्य सन्तोषजनक होने पर अवर अभियन्ता/ सहायक अभियन्ता की संस्तुति पर किया जायेगा ।

12- कार्य पूर्ण करने की अवधिः-

प्रत्येक पंजीकृत ठेकेदार का यह दायित्व होगा कि वह निविदा फार्म में दी गयी कार्य अवधि के अन्तर्गत कार्य पूर्ण करें। यदि समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है तथा उसकी कार्य अवधि बढ़ाने हेतु ठेकेदार द्वारा समय समाप्ति से पूर्व औचित्य स्पष्ट करते हुए प्रार्थना पत्र देना होगा नही तो अधिप्राप्ति नियमावली -2017 के अनुसार अर्थदण्ड की वसूली की जायेगी।

13- पंजीकरण का निरस्तीकरणः-

यदि ठेकेदार निर्धारित तिथि तक कार्य प्रारम्भ नहीं करता है अथवा कार्य सन्तोषजनक गुणवत्ता के अनुसार स्वीकृत आगणन व साईट प्लान के अनुरूप नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में अधिशासी अधिकारी की जांच आख्या / संस्तुति पर अध्यक्ष/प्रशासक द्वारा ठेकेदार के पंजीकरण को निरस्त कर ऐसे ठेकेदार को काली सूची में डाला जा सकता है । पंजीकरण निरस्तीकरण के फलस्वरूप ठेकेदार का ठेका स्वतः ही निरस्त हो जायेगा और ठेकेदार द्वारा किये गये कार्यों का भुगतान नगर पालिका परिषद पौड़ी को हुई हानि के समायोजन के पश्चात किया जायेगा ।

14- जमानत जब्त करने का अधिकारः-

यदि ठेकेदार नगर पालिका उपनियमों या ठेके की शर्तों, अनुबन्ध पत्र का उल्लघंन कर नगर पालिका को कोई हानि पहुंचाता है या उपविधि के नियम 13 के विपरीत कार्य करता है तो ऐसी दशा में अधिशासी अधिकारी की जांच आख्या पर अध्यक्ष/प्रशासक को ठेकेदार की जमानत जब्त करने का अधिकार होगा । यदि इसके बाद भी पालिका की क्षतिपूर्ति न हो सके तो शेष राशि ठेकेदार की सम्पत्ति से भू- राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी।

गौरव भसीन ,

सुश्री अनामिका,

अधिशासी अधिकारी श्रेणी -1 ,

संयुक्त मजिस्ट्रेट (बा० ) / प्रशासक ,

नगर पालिका परिषद पौड़ी ।

नगर पालिका परिषद पौड़ी ।

पी ० एस ० यू० ( आर ०ई ० ) 29 हिन्दी गजट / 319 -भाग 8-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

Cite this issue. Uttarakhand Weekly Gazette, Government of Uttarakhand, 25 June 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand_weekly.2024-06-25.3041-040625041517/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand_weekly.2024-06-25.3041-040625041517.