पंजीकरण संख्या- UA/ DO /DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड
-25 ] रुड़की , शनिवार, दिनांक 28 सितम्बर , 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्) [ संख्या-39
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग - अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
सम्पूर्ण गजट का मूल्य
रु० 3075
743-765
1500 भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
भाग 1 - क- नियम, कार्य - विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
327-329
1500
975 भाग 2 -आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र , नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया , टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975
भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975
975 भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975 भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
331-353
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
743-क 744
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति- अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
वित्त (पेंशन) अनुभाग -10 कार्यालय ज्ञाप
02 अगस्त, 2024 ई ०
Finance ( Pension ) Section -10 Office Memorandum August 02 , 2024
संख्या-228931 / XXVII ( 10 ) /2024 - E- 74906/2024- No. 228931 /XXVII ( 10 ) / 2024 - E - 74906/2024--
विषयः राज्य सरकार के ऐसे सिविल / पारिवारिक पेंशनर जिनकी पेंशन सातवें वेतन आंयोग की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित नहीं की गयी है , को महंगाई राहत कीस्वीकृति।
Subject : Grant of Dearness Relief of such civil/family pensioners of the State Government whose pension is not revised in accordance with the recommendations of the 7th pay Commissions .
उपर्युक्त विषय के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्य सरकार के ऐसे पेंशनर, जिनकी पेंशन सातवें वेतनमान आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित नहीं की गयी है, को वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या- 189783 / XXVII ( 10 ) /E- 22807/2022 , दिनांक- 13:02.2024 द्वारा स्वीकृत महंगाई राहत की दरों को अतिक्रमित करते हुए दिनांक 01-01-2024 से 230 प्रतिशत के स्थान पर 239 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत अनुमन्य किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
The Undersigned is directed to say that the Governor is pleased to revise the Dearness Relief rates w.e.f. 01-01-2024 @ 239% instead of 230% superseding the earlier rates as is sanctioned vide this Office Memorandum No. 189783 /XXVII (7)/E - 22807/ 2022 , Dated 13-02-2024 for those pensioniers whose pension is not revised in accordance with the recommendation of the 7th pay Commission .
2. यह आदेश मा० उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों, स्थानीय निकायों तथा सार्वजनिक उपक्रम आदि के सिविल/ पारिवारिक पेंशनरों पर स्वतः लागू नहीं होंगे , उनके सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों द्वारा अलग से आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित होगा ।
2. These orders will not be applicable to the judges of High Court, Chairman and Members of Uttarakhand Public Service Commission, Civil/Family Pensioners of local bodies and Public Undertaking Corporation etc. in respect of whom separate orders will have to be issued by respective departments .
3. यह आदेश विद्यालयी शिक्षा/ प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के ऐसे शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर पेंशनरों, जिन्हें शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन/ पारिवारिक पेंशन अनुमन्य है, पर भी लागू होंगे ।
3. These orders will also be applicable to such teaching and non- teaching pensioners of Institutions aided from State under the Education/Technical Education Department whose Pension/Family Pension is at par with the pensioners of the State Government .
भाग 1 ]
745 उत्तराखण्ड गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
4. शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या- ए- 1-252/ दस / 10 (3 )-81 , दिनांक 27 अप्रैल, 1982 में निर्गत आदेशानुसार पेंशन पर अतिरिक्त राहत आदि के भुगतान के लिये महालेखाकार के प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं है । अतः स्वीकृत मंहगाई राहत का भुगतान उक्त कार्यालय ज्ञाप के अधीन कर दिया जाय ।
4. As per orders issued in O.M. No -A-1- 252/X/ 10 (3 ) -81 , dated April 27, 1982 the Accountant General authority is not necessary for payment of relief of pension and as such the payment, of dearness relief as admissible under, this O.M. be permitted.
5. मंहगाई राहत रवीकृत करने के सम्बन्ध में अन्य प्रतिबन्ध जो इस सम्बन्ध में इससे पूर्व निर्गत शासनादेशों में निर्धारित थे, यथावत् लागू रहेंगे ।
5. Other terms and conditions regarding dearness relief laid down in earlier goverriment orders shall remain applicable as usual .
Office Memorandum
कार्यालय ज्ञाप 02 अगस्त, 2024 ई ०
August 02 , 2024
संख्या-228935 / XXVII ( 10 )/2024 - E - 74906/ 2024- No. 228935 /XXVII ( 10 ) / 2024 - E -74906/2024--
विषयः राज्य सरकार के ऐसे सिविल / पारिवारिक पेंशनर जिनकी पेंशन छठवें/ सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित नहीं की गयी है, को महंगाई राहत की स्वीकृति ।
Subject : Grant of Dearness Relief of such civil /family pensioners of the State Government whose pension.Lis ... not revised in accordance with the recommendation of the 6th and 7th pay: Commissions .
The Undersigned is directed to say that the Governor is pleased to revise the Dearness Relief rates w.e.f. 01-01-2024 @ 443% instead of 427% superseding the earlier rates as is sanctioned vide this Office Memorandum No. 189779 /XXVII ( 7) /E - 22807/2022 , Dated 13 Febuary, 2024 for those pensioners whose pension is not revised in accordance with the recommendation of the 6th/7th pay Commissions.
उपर्युक्त विषय के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्य सरकार के ऐसे पेंशनर, जिनकी पेंशन छठवें/ सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित नहीं की गयी है, को वित्त विभाग के कार्यालय झाप संख्या-189779 / XXVII (7 )/ E - 22807/2022, दिनांक-13 फरवरी, 2024 द्वारा स्वीकृत महंगाई राहत की दरों को अतिक्रमित करते हुए दिनांक-01.01.2024 से 427 प्रतिशत के स्थान पर 443 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत अनुमन्य किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
2. यह आदेश मा ० उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्य .....क्ष तथा सदस्यों, स्थानीय निकायों तथा सार्वजनिक उपक्रम आदि के सिविल/ पारिवारिक पेंशनरों पर स्वतः लागू नहीं होंगे, उनके सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों द्वारा अलग से आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित होगा ।
2. These orders will not be applicable to the judges of High Court , Chairman and Members of Uttarakhand Public Service Commission, Civil/Family Pensioners of local bodies and Public Undertaking Corporation etc. in respect ofwhom separate orders will have to be issued by respective departments .
746
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
3. यह आदेश विद्यालयी शिक्षा/ प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के ऐसे शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर पेंशनरों, जिन्हें शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन/ पारिवारिक पेंशन अनुमन्य है, पर भी लागू होंगे ।
3. These orders will also be applicable to such teaching and non-teaching pensioners of Institutions aided from State under the Education/Technical Education Department whose Pension/Family Pension is at par with the pensioners of the State Government .
4. As per orders issued in O.M. No -A- 1-252/X/10 (3 ) -81 , dated April 27 , 1982 theAccountant General authority is not necessary for payment of relief of pension and as such the payment, of dearness relief as admissible under, this O.Mbe permitted.
4. शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या- ए-1-252 / दस / 10(3)-$1 , दिनांक 27 अप्रैल, 1982 में निर्गत आदेशानुसार पेंशन पर अतिरिक्त राहत आदि के भुगतान के लिये महालेखाकार के प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं है । अतः स्वीकृत मंहगाई राहत का भुगतान उक्त कार्यालय झाप के अधीन कर दिया जाय ।
5. मंहगाई राहत स्वीकृत करने के सम्बन्ध में अन्य प्रतिबन्ध जो इस सम्बन्ध में इससे पूर्व निर्गत शासनादेशों में निर्धारित थे, यथावत् लागू रहेंगे ।
5. Other terms and conditions regarding dearness relief laid down in earlier government orders shall remain applicable as usual .
ByOrder,
आज्ञा से,
DR . V. SHANMUGAM, Secretary.
डा० वी ० षणमुगम, सचिव ।
तकनीकी शिक्षा अनुभाग
कार्यालय ज्ञाप
29 अगस्त, 2024 ई ०
संख्या-957 /XLI -A/ 24-52 / 18 / E - 73496- उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा राजपत्रित अधिकारी सेवा नियमावली, 2009, उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली , 2020 के प्राविधानानुसार एवं उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग सपरामर्श चयनोन्नति (प्रक्रिया) नियमावली-2003 के नियम-11 , यथा संशोधित 2016 के नियम 11 (03) में विहित व्यवस्था के क्रम में विभागीय पदोन्नति हेतु गठित चयन समिति द्वारा की गयी संस्तुति के क्रम में प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित राजकीय पालीटेक्निकों में निम्नलिखित विभागाध्यक्षों / कर्मशाला अधीक्षकों की प्रधानाचार्य (वेतनमान रू. 78800-209200 , ग्रेड वेतन 7600 , लेवल -12) के पद पर पदोन्नति करते हुए उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 में निहित प्रावधान के अन्तर्गत उनके नाम के सम्मुख कॉलम-5 में अंकित संस्थान में तैनात / पदस्थापित किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः- भाग 1 ]
747
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० ( आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
क.सं. कार्मिक का नाम
जन्म तिथि वर्तमान संस्था का नाम
1
2
3
01 श्री नरेश सिंह 15.07.1971 संस्थान का नाम, जहां तैनाती /पदस्थापना की गयी है
4
5
राजकीय पालीटेक्निक ,
विकासनगर ( देहरादून )
02 श्री प्रभात कुमार 25.08.1971 राजकीय पालीटेक्निक, बड़कोट (उत्तरकाशी)
राजकीय पालीटेक्निक,
शक्तिफार्म (ऊधम सिंह नगर)
03 श्री देवेन्द्र यादव 01.06.1968 राजकीय पालीटेक्निक, उत्तरकाशी
(चमोली)
राजकीय पालीटेक्निकं, गौचर
04 श्री राजेश चौहानं 28.09.1972 राजकीय पालीटेक्निक, जाखणीधार (टिहरी )
राजकीय महिला पालीटेक्निक
देहरादून
05 श्री राकेश सिंह 17.10.1971 राजकीय ग्रामीण पालीटेक्निक, थलनदी (गढ़वाल)
राजकीय महिला पालीटेक्निक
अल्मोड़ा (अल्मोड़ा)
24.08.1969 06 श्री मिन्टूकुण्डू
राजकीय पालीटेक्निक, सल्ट (अल्मोड़ा)
राजकीय पालीटेक्निक, द्वाराह
ाट (अल्मोड़ा)
18.08.1971 07 श्री राजकुमार
राजकीय पालीटेक्निक, द्वाराहाट, (अल्मोड़ा)
राजकीय पालीटेक्निक, काशी
पुर (ऊधम सिंह नगर)
08 श्री दिनेश कन्जौलि 23.03.1971
या
राजकीय पालीटेक्निक, गौचर (चमोली)
राजकीय पालीटेक्निक, पोखरी (चमोली)
राजकीय पालीटेक्निक,
नरेन्द्रनगर (टिहरी गढ़वाल)
09 श्री धर्मेन्द्र प्रकाश 08.07.1976 राजकीय पालीटेक्निक, सल्ट (अल्मोड़ा)
10 श्री मुकेश बाबू 19.11.1973 राजकीय पालीटेक्निक , लोहाघाट, (चम्पावत)
राजकीय पालीटेक्निक, बांजपु
र (ऊधम सिह नगर)
11 श्री एस. आर. गुप्ता 01.07.1967 राजकीय पालीटेक्निक, बीरोंखाल, (पौड़ी गढ़वाल)
राजकीय ग्रामीण पालीटेक्निक
थलनदी (पौड़ी गढ़वाल)
12 श्री राम जन्म सिंह 04.12.1964
:
राजकीय पालीटेक्निक, पाबौ (पौड़ी गढ़वाल)
राजकीय पालीटेक्निक, बाजपु
र (ऊधम सिह नगर)
राजकीय पालीटेक्निक, बाडेछी ना (अल्मोड़ा)
2- उक्त पदोन्नत कार्मिकों को नियमावली के नियम-20 (1 ) के प्राविधानानुसार दो वर्ष हेतु परिवीक्षा अवधि में रखा जाता है ।
3- उक्त पदोन्नति आदेश मा० उत्तराखण्ड लोक सेवा अधिकरण खण्ड पीठ नैनीताल में योजित निर्देश याचिका सं. 82 / एन.बी. / डी.बी. / 2021 तरूण गर्ग एवं अन्य बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखण्ड एवं अन्य तथा निर्देश याचिका सं . 59 / एन.बी. /डी.बी. / 2022 मुकेश तिवाड़ी एवं अन्य बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखण्ड एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेगी ।
4- उक्त तालिका के क्रमांक 11 पर अंकित श्री एस.आर. गुप्ता की पदोन्नति उनके विरूद्ध सतर्कता न्यायालय , देहरादून में योजित / विचाराधीन वाद में पारित होने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेगी ।
5- उक्त पदोन्नत कार्मिक 07 दिवस के भीतर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे ।
आज्ञा से, डॉ० रंजीत कुमार सिन्हा,
सचिव ।
748
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
पर्यटन अनुभाग -1
अधिसूचना
30 अगस्त, 2024 ई ०
संख्या-235925 /VI/2024- पर्यटन के क्षेत्र में 01 से 05 करोड़ तक का निवेश करने वाले प्रदेश के स्थायी निवासियों / उद्यमियों को प्रोत्साहित एवं आर्थिक रूप से सबल बनाये जाने हेतु उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना 2024 ( संलग्न) प्रख्यापित की किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
संलग्नक
उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024
1 प्रस्तावना :-
राज्य पर्यटन क्षेत्र के विकास और संवर्धन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार की इकाइयों की भूमिका महत्वपूर्ण है और ऐसी एमएसएमई समकक्ष इकाइयों को समर्थन, प्रोत्साहन तथा रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए उत्तराखण्ड़ पर्यटन विभाग कृत संकल्पित है ।
प्रदेश में उच्च गुणवत्ता की विश्व स्तरीय अवसंरचना सुविधाओं के विकास एवं निजी निवेश को प्राथमिकता दिए जाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पर्यटन नीति 2023 के माध्यम से वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गई है । इस नीति के माध्यम से प्रदेश में उच्च श्रेणी के हॉस्पिटेलिटी प्रोजेक्टस को आकर्षित करने हेतु इस क्षेत्र में निवेश की न्यूनतम सीमा 05 करोड़ के साथ ही सभी पूंजीगत अनुदान को राज्य सेवा एवं वस्तु कर के साथ लिंक किया गया है ताकि देश व विदेश के निवेशक ज्यादा से ज्यादा निवेश कर प्रदेश में स्तरीय पर्यटन उत्पाद विकसित कर सके एवं राजस्व में सक्रिय वृद्धि परिलक्षित हो । किन्तु इस प्रयास के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड़ के छोटे व मंझोले स्थानीय निवेशक/व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति सुदृढ न होने के कारण पर्यटन नीति में प्राविधानित न्यूनतम सीमा 05 करोड़ के निवेश की श्रेणी में नहीं आ पा रहे हैं ।
पर्यटन नीति 2023 के अन्य उद्देश्यों के साथ ही स्थानीय समुदाय को समानुपाती पर्यटन लाभ प्रदान किये जाने व पर्यटन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढानें, आजीविका तथा रोजगार सृजन के लाभ का संतुलित वितरण किये जाने तथा वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाने की परिकल्पना' की गई है ।
भाग 1 ]
749 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
प्रदेश की भौगोलिक एवं आर्थिक परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखण्ड़ सरकार द्वारा उत्तराखण्ड़ के स्थायी निवासियों के स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा दिए जाने हेतु छोटे स्तर पर होम स्टे विकास योजना एवं वीर चन्द्रसिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार योजना का सफल संचालन किया जा रहा है, जिसमें अधिकतम 33 प्रतिशत अथवा 33 लाख की वित्तीय अनुदान का प्राविधान किया गया है , जिसमें अधिकतम 01 करोड़ तक की परियोजनाओं पर अधिकतम वित्तीय अनुदान ही प्राप्त किया जा सकता है ।
अतः प्रदेश के स्थायी निवासी उद्यमियों हेतु इस योजना में चिन्हित पर्यटन गतिविधियों / क्रियाकलापों में 01 करोड़ से 05 करोड़ तक के निवेश को बढ़ावा दिए जाने हेतु वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाना आवश्यक है । इस क्षेत्र के समावेशी विकास को केन्द्रित तरीके से बढ़ावा देने , रोजगार के अवसर सृजित करने एवं अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के दृष्टिगत वर्तमान परिदृश्य और अनुमानित भविष्य के अनुरूप, राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना -2024 प्रख्यापित की जा रही है ।
2. उद्देश्य-
स्थानीय निवासियों हेतु लघु पर्यटन इकाईयों की स्थापना और विकास को प्रोत्साहित करना तथा राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था में उनके विकास और योगदान को बढ़ावा देना ।
वित्तीय प्रोत्साहन और सहायता प्रदान कर स्थानीय निवेशकों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करना तथा क्षेत्र में समावेशी विकास और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ ही अनुकूल व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय निवेश को प्रोत्साहित करना ।
01 करोड़ से 05 करोड़ लागत के अन्तर्गत चिन्हित पर्यटन गतिविधियों / क्रियाकलापों में उच्च गुणवत्ता और स्तरीय बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देना ।
राज्य में छोटे व मंझोलें पर्यटन व्यवसायियों को पर्यटन के क्षेत्र में वित्तीय प्रोत्साहनों का अधिकतम लाभ प्रदान कर नये निवेश हेतु प्रेरित कर प्रदेश के निवेशकों के अनुकूल वातावरण प्रदान करना ।
संसाधनों और सहायता के केंद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित कर समावेशी पर्यटन विकास के माध्यम से उत्तराखंड के सभी क्षेत्रों तक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे में वृद्धि से लाभ सुनिश्चित करना ।
यह योजना उत्तराखंड पर्यटन नीति 2023 के उद्देश्यों के साथ संरेखित है, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास और कल्याण में योगदान देने वाली पर्यटन संबंधी पहलों को बढ़ावा देने और समर्थन करने का प्रयास करती है ।
750
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 3. वित्तीय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता के लिए क्षेत्रों का वर्गीकरण-
प्रदेश के जनपदों को भौगोलिक परिस्थितियों तथा इन जनपदों में हुए पर्यटन विकास को दृष्टिगत रखते हुए वित्तीय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता हेतु पर्यटन नीति 2023 मे किए गये प्राविधानों के अनुरूप निम्नांकित तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:-
श्रेणी
श्रेणीकरण के लिए मानदण्ड
ए
हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर जिलों का सम्पूर्ण क्षेत्र
देहरादून जिले के ऐसे क्षेत्र जो श्रेणी ' बी' में सम्मिलित नहीं है
अल्मोड़ा जिले की रानीखेत तथा अल्मोड़ा तहसील
बी
अल्मोड़ा जिले का शेष क्षेत्र (जो श्रेणी 'ए ' में सम्मिलित नहीं है)
देहरादून जिले की कालसी, चकराता तथा त्यूनी तहसील
बागेश्वर जिले की गरूड़ तहसील
पौड़ी गढ़वाल जिले की कोटद्वार, लेंसडाउन, यमकेश्वर तथा धूमाकोट तहसील
टिहरी गढ़वाल जिले की धनोल्टी तथा नरेन्द्रनगर तहसील
सी
उत्तरकाशी , चमोली, चम्पावत, रूद्रप्रयाग तथा पिथौरागढ़ जिलों का सम्पूर्ण क्षेत्र
बागेश्वर, पौडी गढवाल तथा टिहरी गढ़वाल जिलों का शेष क्षेत्र (जो श्रेणी 'बी' में सम्मिलित नहीं है)
4. वित्तीय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता के लिए चिन्हित गतिविधियां / क्रियाकलाप-
अर्ह/पात्र पर्यटन विकास गतिविधियां एवं एन ० आई० सी ० कोड
41002 सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक धरोहर / विरासत के अनुरक्षण मात्र से सम्बंधित कार्य
52211 पार्किंग स्थल (केवल पर्यटन स्थलों पर)
52219 रज्जु मार्ग , रस्सी पर चलने वाले प्रक्रम (Funiculars ) आदि
55101 विद्यमान होटल /रिसोर्ट का विस्तार
55101 फ्लोटल्स/ फ्लोटिंग होटल /रिसोर्ट) रिसोर्ट (पानी में तैरते हुए 55101 हेरीटेज (धरोहर / विरासत ) होटल / इकाईयां
55101 होटल , मोटल
55101 स्पा एवं स्वास्थ्य रिसोर्ट / आरोग्य रिसोर्ट
55101 पर्यटक रिसोर्ट / पर्यटक ग्राम
55101 क्रूज - बोट , नौका (Yatch ) , हाउसबोट तथा बोट क्लब की स्थापना भाग 1 ]
751 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
55200 इको लॉज तथा आवासीय टैंट्स (Tent )
56101/52211 राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजमार्गों पर गैर- ईंधन मार्गीय सुविधाएं जिनमें रेस्टोरेंट तथा पार्किंग की व्यवस्था हो
82300 एम.आई.सी.ई. (MICE ) या सम्मेलन केन्द्र
85499 पर्यटन या आतिथ्य प्रशिक्षण केन्द्र
55101 योग, आयुर्वेद तथा प्राकृतिक चिकित्सा रिसोर्ट
91020 संग्रहालय / व्यावसायिक कला दीर्घा ( Art Galleries )
93210
मनोरंजन पार्क
5. संस्थागत व्यवस्थाएँ-
5.1
व्यापार करने में सुगमता, अनुकूल वातावरण का सृजन एवं संवेदनशील प्रशासन- योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संगठनात्मक संरचना को सुदृढ़ किया जाएगा । कार्मिकों की तकनीकी क्षमता का विकास एवं पर्यटन अनुकूल वातावरण हेतु अपेक्षित संवेदनशीलता का प्रवाह किया जाएगा । नवीनतम तकनीक के माध्यम से कार्यालय में प्राप्त होने वाले आवेदन / समस्या / सुझाव को सूचीबद्ध किया जाएगा एवं उस पर की जा रही कार्यवाही का निरंतर ऑनलाइन पर्यवेक्षण किया जाएगा । इस योजना हेतु प्रदत्त सेवायें यथासम्भव ऑनलाइन की जायेंगी।
5.2
उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के स्तर पर एक समर्पित ' पर्यटन निवेश सुविधा केंद्र' (टीआईएफसी) पहले से ही कार्य कर रहा है, जो निवेशकों/ व्यवसायियों के लिए एक केंद्रित वन-स्टॉप-शॉप के रूप में कार्य करते हुए समन्वित रूप से व्यवस्थित हैण्डहोल्डिंग सपोर्ट उपलब्ध करा रहा है । जनपद स्तर पर भी निवेशकों को अपेक्षित सुविधाएं एवं सूचनाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाएं की जायेंगी । टीआईएफसी द्वारा अनुदान प्रस्तावों का वित्तीय आंकलन एवं अभिलेखों की संवीक्षा में नोडल अधिकारी , यू० टी०डी० बी ० को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा ।
5.3
उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिये वेब आधारित ऑनलाइन पोर्टल को और सशक्त किया जायेगा ।
6. वित्तीय प्रोत्साहन सहायता
उत्तराखण्ड़ के छोटे तथा मंझोलें स्थानीय उद्यमियों को पर्यटन क्षेत्र में आकर्षित करनें तथा 01 करोड़ से 05 करोड़ लागत तक की चिन्हित पात्र पर्यटन इकाईयों की स्थापना किये जानें पर उत्तराखण्ड़ सरकार द्वारा इस योजना मे उल्लेखित नियमों एवं शर्तों के अधीन निम्नानुसार वित्तीय अनुदान / प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा:-
6.1
स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्तिः
नई पात्र पर्यटन इकाईयां निम्नलिखित पर लागू 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) पर प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए पात्र होंगीः-
(क) पर्यटन परियोजना हेतु भूमि / निर्मित क्षेत्र के कय / पट्टा से संबंधित विक्रय / पट्टा विलेख पर, बशर्ते कि विक्रय पट्ट्टा / विलेख इस योजना की अवधि के दौरान किया हो ।
752
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
(ख) योजना की अवधि के दौरान परियोजना प्रारम्भ करने के लिए किये गये ऋण अनुबन्धों पर ।
(ग ) योजना की अवधि के दौरान परियोजना प्रारम्भ करने के लिए किये गये बंधक और गिरवी पर ।
6.1.1 स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) पर प्रतिपूति पर्यटन इकाई के व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ (COD ) करने के उपरान्त् एकमुश्त दिया जाएगा । स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति का आवेदन, पूंजीगत अनुदान आवेदन के साथ प्रथम किस्त के समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
6.2
पूंजीगत अनुदान /सहायताः
चिन्हित श्रेणी के अन्तर्गत प्रदेश में स्थापित होने वाले नये अथवा विस्तारीकरण करने वाले विद्यमान चिन्हित पात्र पर्यटन इकाईयों की स्थापना हेतु किये गए अनुमन्य पूंजी निवेश के आधार पर निम्नानुसार पूंजीगत अनुदान / सहायता देय होगी:-
जनपद / क्षेत्र श्रेणी
01 से 05 करोड़ तक के अनुमन्य पूंजी निवेश करने वाले पात्र पर्यटन इकाईयों हेतु अनुदान की धनराशि
श्रेणी-ए रू. 33 लाख रू. 01 करोड़ से ऊपर के अतिरिक्त अनुमन्य पूंजी निवेश का @ 15 प्रतिशत (अधिकतम रू. 80 लाख)
श्रेणी-बी रू . 33 लाख +- रू. 01 करोड़ से ऊपर के अतिरिक्त अनुमन्य पूंजी निवेश का @ 25 प्रतिशत (अधिकतम रू. 1.20 करोड़)
श्रेणी-सी रू. 33 लाख + रू. 01 करोड़ से ऊपर के अतिरिक्त अनुमन्य पूंजी निवेश का @ 30 प्रतिशत (अधिकतम रू. 1.50 करोड़)
6.2.1 पूंजीगत अनुदान/ सहायता की गणना हेतु " अनुमन्य पूंजीगत निवेश के अन्तर्गत पात्र पूंजीगत सम्पति/ आस्ति" में परिसरीय बुनियादी ढांचा (चाहरदीवारी, आंतरिक सड़कों का निर्माण तथा अन्य मूलभूत संरचनात्मक सुविधाएं) , संरचना तथा भवन, संयंत्र, स्वदेशी और आयातित मशीने तथा उपकरण, सामग्री वाहक उपकरण , यांत्रिक , विद्युत तथा नलसाजी संस्थापन , फिक्सर , फर्नीचर तथा फिटिंग , अपशिष्ट प्रबन्धन सहित अन्य सुविधाएं , ट्रांसफार्मर, जनरेटर, आबद्ध ऊर्जा संयंत्र आदि तथा परिसर में प्रयोग के लिए स्थापित अन्य सहयोगी सुविधाएं एवं तत्सम्बन्धी स्थापना में हुए व्यय को सम्मिलित किया जाएगा । अनुमन्य पूंजी निवेश के रूप में " भूमि एवं भूमि विकास " में किये गये निवेश के साथ ही निर्माण से पूर्व के व्यय तथा परामर्शदाता पर होने वाला व्यय, पूंजीकृत ब्याज तथा कार्यशील पूंजी को पूंजीगत अनुदान के लिये गणना में नहीं लिया जायेगा ।
भाग 1 ]
753 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
समस्त पूंजीगत सम्पतियों के लिए निवेशक द्वारा भुगतान कर लिया गया हो तथा परियोजना का पूर्ण स्वामित्व धारित हो । सभी पूंजीगत सम्पति परियोजना
स्थल पर ही स्थापित तथा प्रयुक्त की जायेगी । विस्तारीकरण परियोजनाओं हेतु पूंजीगत सम्पति / आस्ति की गणना उपरोक्त उल्लिखित रीति/ नियम के अनुरूप मात्र विस्तारित घटकों / कार्यों हेतु की जायेगी।
6.2.2 पूंजीगत उपादान सहायता का संवितरण -
इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली परियोजनाओं कों पूंजीगत अनुदान पर्यटन इकाई के व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने की तिथि (COD ) के उपरान्त्, आगामी 2 वर्षों में, 2 समान किश्तों में देय होगा, किन्तु इकाई को व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ होने के 10 वर्षों तक प्रतिवर्ष जी ० एस ०टी० रिटर्न, आई० टी० आर० रिटर्न ईकाई के अंशधारिता का विवरण तथा इकाई का व्यावसायिक संचालित होने का शपथपत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा ।
6.3
ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति प्रदेश में स्थापित होने वाले चिन्हित श्रेणी की पर्यटन इकाईयों को उनके द्वारा अनुमन्य पूंजी निवेश के वित्त पोषण हेतु अधिसूचित वाणिज्यिक बैंक, वित्तीय संस्था, राज्य सरकार के सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अथवा भारत सरकार/ राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्था से लिये गये सावधि ऋण (Term Loan) पर निम्नवत् ब्याज अनुदान प्रतिपूर्ति, व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने की तिथि से अधिकतम 3 वर्ष तक देय होगा:-
ब्याज दर अनुदान प्रतिपूर्ति मात्रा / सीमा
जनपद/ क्षेत्र श्रेणी
ए
3 प्रतिशत (अधिकतम रू0 4 लाख प्रतिवर्ष, प्रति इकाई)
बी
3 प्रतिशत (अधिकतम रू 0 5 लाख प्रतिवर्ष, प्रति इकाई)
सी
3 प्रतिशत (अधिकतम रू 0 6 लाख प्रतिवर्ष, प्रति इकाई)
नोटः- ब्याज अनुदान प्रतिपूर्ति के प्रतिशत की गणना सावधि ऋण के सापेक्ष इकाई द्वारा व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने के उपरान्त वार्षिक आधार पर भुगतान किये गये ब्याज से होगा ।
7. वित्तीय प्रोत्साहन सहायता हेतु निधि का सृजन
7.1
पर्यटन विभाग के आय - व्ययक में प्रत्येक वर्ष इस योजना हेतु एकमुश्त धनराशि का प्राविधान किया जायेगा , जिसका उपयोग पात्र पर्यटन इकाईयों को अनुमन्य अनुदान / वित्तीय प्रोत्साहन 754
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई ० ( आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
हेतु किया जायेगा । आय व्ययक की धनराशि निदेशक पर्यटन/ मुख्य कार्यकारी अधिकारी , उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् देहरादून् के निवर्तन पर रखी जायेगी ।
8. उद्यमिता तथा कौशल 'विकास प्रोत्साहन-
8.1
राज्य के सभी जनपदों में उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित कर , पर्यटन के क्षेत्र में उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जायेगा ताकि नवयुवकों को पर्यटन उद्यम स्थापना हेतु उन्हें प्रोत्साहित कर, रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक के रूप में स्थापित किया जा सके ।
8.2
युवा उद्यमियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए इन क्षेत्रों में काम कर रहे ख्याति प्राप्त सरकारी / गैर सरकारी संगठनों / संस्थाओं तथा बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों का सहयोग लिया जाएगा ।
9. विपणन प्रोत्साहन-
9.1
उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद द्वारा पंजीकृत पर्यटन इकाईयों को विभागीय पोर्टल / वेब - साईट तथा एप के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ कर विपणन में सहायता प्रदान की जायेगी ।
9.2
इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित पर्यटन इकाईयों के प्रचार- प्रसार हेतु विभाग द्वारा राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय ट्रैवल मार्टस् आदि में रियायती दरों पर प्रतिभाग करने का अवसर प्रदान किया जायेगा ।
10. वित्तीय प्रोत्साहनों की स्वीकृति की प्रक्रिया-
10.1
इस योजना से सम्बंधित सभी वित्तीय प्रोत्साहन सहायता प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा, जिसकी स्थिति आवेदक को ऑनलाइन प्रदर्शित होगी । इस हेतु उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद द्वारा सम्बन्धित वेबसाइट में यथा-आवश्यक परिवर्तन कराया जायेगा ।
10.2
योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु इकाइयों को निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा । सम्बंधित जिले के जिला पर्यटन विकास अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदन का परीक्षण / भौतिक सत्यापन कर अपनी संस्तुति सहित आवेदन उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद मुख्यालय को अग्रसारित किया जायेगा ।
10.3
योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों पर अनुदान / वित्तीय प्रोत्साहन की स्वीकृति के चयन हेतु निम्नवत गठित राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति उत्तरदायी होगी-
1. मुख्य कार्यकारी अधिकारी , यू० टी० डी० बी०- (अध्यक्ष)
2. अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यू.टी.डी.बी.- (सदस्य) भाग 1 ]
755 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06,1946 शक सम्वत्)
3. निदेशक वित्त, यू.टी.डी.बी.-
(संयोजक)
4. सहायक महाप्रबंधक/ मुख्य प्रबंधक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति-
(सदस्य)
5. सी०ई० ओ ० , यू० टी०डी०बी० द्वारा अधिकारी- नामित नोडल
(सदस्य सचिव)
मुख्य कार्यकारी अधिकारी , उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा आवश्यकतानुसार अन्य विशेषज्ञ विभागों को भी समिति की बैठक में आमंत्रित किया जा सकेगा । इस समिति का दायित्व योजना में अनुदान / वित्तीय प्रोत्सहान की स्वीकृति के अतिरिक्त प्रगति समीक्षा एवं अंतर विभागीय समन्वय का भी होगा । ।
10.4
जनपद स्तर पर परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन एवं अनुश्रवण हेतु पर्यटन नीति 2023 के अन्तर्गत गठित जिला स्तरीय पर्यटन समिति (DLCT) ही इस योजना के अन्तर्गत माध्यम अनुदान/वित्तीय प्रोत्साहन का दावा करने वाली इकाई हेतु सत्यापन रिपोर्ट (परियोजना की प्रगति, पूर्णता , व्यावसायिक संचालन तिथि आदि के आधार पर) जारी करेगी । जिला स्तरीय पर्यटन समिति निम्नानुसार होगीः
मुख्य विकास अधिकारी (अध्यक्ष)
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र
जिला पर्यटन विकास अधिकारी (सदस्य सचिव)
अध्यक्ष द्वारा नामित कोई अन्य अधिकारी
समिति के अध्यक्ष द्वारा अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यकतानुसार समिति की बैठक में आमंत्रित किया जा सकेगा । यह समिति योजना की प्रगति के लिये जनपद स्तर पर आवश्यक विभागीय समन्वय एवं समीक्षा के लिये भी उत्तरदायी होगी ।
10.5
उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद स्तर पर योजना के कियान्वयन हेतु नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा । नोडल अधिकारी, विभागीय पर्यटन निवेश प्रोत्साहन सेल की सहायता से अनुदान हेतु प्राप्त आवेदनों के प्रलेखन, सत्यापन तथा संवीक्षा हेतु उत्तरदायी होंगे एवं अनुदान प्रकरणों पर संवीक्षा के उपरान्त अनुदान/ वित्तीय प्रोत्सहान की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया जाएगा ।
756
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 11. सामान्य पात्रता प्राविधान एवं मार्गदर्शक सिद्धांतः
11.1
यह सामान्य प्रावधान / मार्गदर्शक सिद्धांत इस योजना के अन्तर्गत पात्र सभी पर्यटन इकाईयों पर लागू होंगें ।
11.2
योजना
इस का लाभ एकल स्वामित्व/प्रोपराईटरशिप / पार्टनरशिप / एल ०एल० पी० / प्रा० लि० अथवा अन्य किसी विधिक संस्था के रूप में पंजीकृत इकाईयों/संस्थाओं/ फर्म द्वारा प्राप्त किया जा सकेगा, परन्तु यह कि इन सभी कम्पनी/ संस्थाओं में भागीदारी केवल उत्तराखण्ड के स्थायी निवासियों/ उद्यमियों की होनी अनिवार्य होगी ।
11.3
इस योजना का लाभ 01 से 05 करोड़ तक के अनुमन्य पूंजी निवेश करने वाली चिन्हित पर्यटन गतिविधियों/ क्रियाकलाप के लिए ही मान्य होगा ।
11.4
यह योजना अधिसूचना जारी होने की तिथि से लागू होकर 31 . 03.2030 तक प्रभावी रहेगी ।
11.5
इस योजना के अन्तर्गत प्रदत्त सभी लाभ , इस योजना के प्रख्यापन की तिथि से योजना के लागू रहने की अवधि तक व्यावसायिक संचालन में आने वाले सभी पात्र इकाईयों को अनुमन्यतानुसार निर्धारित सीमा में निर्धारित अवधि तक देय होगें ।
11.6
इकाई की स्थापना हेतु पूर्ण स्वामित्व की भूमि पर होनी आवश्यक होगी, अथवा यदि इकाई पट्टे की भूमि पर निर्मित की जानी हो, तो 10 वर्ष से अधिक की पट्टा अवधि अवशेष होनी अनिवार्य होगी ।
11.7
नई इकाई की स्थापना अथवा विद्यमान इकाई के विस्तारीकरण से पूर्व उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुज्ञापन अधिनियम, 2012 (यथा संशोधित) के तहत सिंगल विन्डो पोर्टल के माध्यम से कैफ ( CAF ) की सैद्धान्तिक स्वीकृति प्राप्त करना, इस योजना के अन्तर्गत उल्लेखित अनुदान हेतु आवश्यक होगी ।
11.8
उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुज्ञापन अधिनियम, 2012 (यथा संशोधित) के तहत सिंगल विन्डो पोर्टल के माध्यम से योजना के लागू होने की तिथि के उपरान्त सैद्धान्तिक स्वीकृत कैफ ( Approved CAF ) इकाई इस योजना के अन्तर्गत अनुमन्य अनुदान /प्रोत्साहन का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगी, तथा स्वीकृत कैफ (Approved CAF ) की तिथि के बाद इकाई पर हुए व्यय घटकों को ही अनुमन्य पूंजी निवेश की गणना में शामिल किया जाएगा ।
11.9
इकाई के व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ से 10 वर्षों तक अनुमन्य प्रयोजन के अतिरिक्त किसी अन्य प्रयोजन हेतु उपयोग नही भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
757
किया जा सकेगा , न ही इकाई को 10 वर्षों तक किसी अन्य को विकय / हस्तान्तरण किया जाएगा ।
11.10
किसी इकाई के स्वामित्व या अंशधारिता में परिवर्तन की स्थिति में, इकाई द्वारा विभाग से इसकी पूर्वानुमति प्राप्त करनी आवश्यक होगी, ताकि इकाई के स्वामित्व या प्रबन्धन में परिवर्तन होने की दशा में विद्यमान इकाई को मिल रहे प्रोत्साहनों का लाभ शेष अनुमन्य अवधि तक मिलता रहे । स्वामित्व/ अंशधारिता में परिवर्तन बिंदु संख्या 11.11 के विहित शर्त के अनुरूप होगी ।
11.11
व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने के 10 वर्ष पश्चात इकाई के स्वामित्व/ प्रबन्धन अंशधारिता में परिवर्तन की दशा में नया स्वामी /अंशधारक उत्तराखण्ड़ का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा ।
11.12
इस योजना में कोई भी परिवर्तन करने का अधिकार उत्तराखण्ड शासन में निहित होगा । योजना में किसी भी परिवर्तन की स्थिति में योजना अन्तर्गत पूर्व से लाभ प्राप्त कर रही इकाईयां, उक्त लाभ प्राप्त करती रहेंगी । योजना के बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण जारी करने का अधिकार मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद को होगा ।
11.13 सम्भावित उद्यमियों / निवेशकों को उद्यम स्थापित करने और उद्यम में किये गये पूंजी निवेश पर वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक / सेबी द्वारा अनुमोदित अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों / वित्तीय संस्थानों से सावधि ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा ।
11.14 इस योजना के तहत उल्लिखित सभी वित्तीय प्रोत्साहन व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने की तिथि के पश्चात इकाई द्वारा दावा प्रस्तुत करने पर प्रदान किए जाएंगे ।
11.15 इस योजना के अन्तर्गत व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने के दिनांक से छः माह (180 दिन) के भीतर पूंजी निवेश उपादान दावा निर्धारित पोर्टल पर वांछित सूचनाओं एवं अभिलेखों सहित पूर्ण रूप से प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अपूर्ण, अशुद्ध एवं अस्पष्ट दावा स्वीकार्य नहीं होगा ।
11.16 केंद्र सरकार या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना / पैकेज के तहत समान कार्य / भाग / घटक हेतु प्रोत्साहन या अनुदान का लाभ उठाने वाली कोई भी पात्र पर्यटन इकाई इस योजना के तहत समान लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगी ।
11.17 उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद इस योजना के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए नोडल विभाग होगा ।
11.18 इस योजना में उल्लेखित नियमों / उपबन्धों को संशोधित करने अथवा हटाने अथवा नया जोड़ने तथा नई पर्यटन गतिविधियों को जोड़ने अथवा कम करने अथवा संशोधित करने का अधिकार उत्तराखण्ड़ शासन में निहित होगा ।
758
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06,1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 11.19 इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता के लिए पात्र पर्यटन इकाई को प्रदेश के स्थायी निवासियों को न्यूनतम 70 प्रतिशत स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना आवश्यक होगा ।
11.20 पर्यटन इकाई का प्रदेश के राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग में पंजीकृत होना आवश्यक होगा ।
11.21 इस योजना के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत मानक दिशा निर्देश पृथक से जारी किये जाऐंगें ।
आज्ञा से , सचिन कुर्वे, सचिव ।
श्रम अनुभाग अधिसूचना
02 सितम्बर , 2024 ई ०
संख्या -916 /VIII - 1 /2024 - E.71733 / 16 ( ESI ) 23- सेवाओं या लाभों या प्रसुविधाओं या सहायिकियों के परिदान के लिए पहचान दस्तावेज के रूप में आधार का उपयोग सरकारी परिदान प्रक्रियाओं का सरलीकरण करते हुए , पारदर्शिता और लाभार्थियों को सुविधाजनक और निर्बाध रीति से उनके हकदारियों को सीधे प्राप्त करने में समर्थ बनाता है तथा आधार किसी की पहचान को साबित करने के लिए विभिन्न दस्तावेजों को प्रस्तुत करने की आवश्यकता को समाप्त करता है । सुशासन के लिये आधार अधिप्रमाणन नियमावली 2020 ( सामाजिक कल्याण, नवाचार, ज्ञान) के नियम 05 के साथ पठित 'आधार ( वित्तीय एवं अन्य सहायिकियों , प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम 2016' , की धारा (4) की उपधारा (4) के खण्ड (ब) के उपखण्ड (ii) के अनुसार कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम , 1948 के अन्तर्गत "योजना " ( एतपश्चात श्रम चिकित्सा सेवाएं के रूप में संदर्भित ) को कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवाएं, श्रम विभाग के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है ।
2- कर्मचारी राज्य बीमा योजना , श्रम चिकित्सा सेवाएं , उत्तराखण्ड द्वारा , " योजना " से आच्छादित लाभार्थियों को द्वितीयक चिकित्सा सेवाएं नकद रहित आधार पर
अनुबन्धित चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से प्रदान करायी जा रही है, जिसमें उपचार (आकस्मिक, बाह्य रोग एवं भर्ती की दशा) की अवधि में रोगियों का आधार प्रमाणीकरण किया जाना है । इस हेतु भारत सरकार के सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय , भारत सरकार के पत्र संख्या- eF.No.13 (4 )/2020 - EG - II ( Pt )दिनांक 05 जून, 2024 द्वारा उपरोक्त पर सहमति प्रदान की गयी है । योजना का सम्पूर्ण संचालन उत्तराखण्ड की संचित निधि से किया जाता है ,, जिसमें कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारत सरकार की संचित निधि से 87.5 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति राज्य के पक्ष में की जाती है ।
अतः " आधार (वित्तीय एवं अन्य सहायिकाओं , प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम , 2016 (2016 का 18) की धारा 4 के अनुसरण में कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अन्तर्गत योजना से आच्छादित लाभार्थियों को उपचार (आकस्मिक, बाह्य रोग एवं भर्ती की दशा) की अवधि में रोगियों का आधार प्रमाणीकरण किये जाने की, श्री राज्यपाल महोदय एतद्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
आज्ञा से, आर ० मीनाक्षी सुन्दरम्, सचिव ।
759 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्) भाग 1 ]
प्रोटोकाल अनुभाग
अधिसूचना/ प्रकीर्ण
05 सितम्बर , 2024 ई ०
संख्या-604 / XXXIII / 53 ( 01 )/ 2024 - संख्या 10 / प्रोटोकाल / 2002 - उत्तरांचल शासन, प्रोटोकाल अनुभाग की अधिसूचना दिनांक 30 अप्रैल , 2002 द्वारा प्रख्यापित राज्य अतिथि नियमावली , 2002 के समस्त विद्यमान नियमों और जारी आदेशों का अतिक्रमण करते हुए श्री राज्यपाल उत्तराखण्ड, प्रोटोकाल अनुभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड में पधारने वाले राज्य अतिथियों के लिये निम्नलिखित नियमावली बनाते है:-
उत्तराखण्ड राज्य अतिथि नियमावली (संशोधित ) , 2024
1- संक्षिप्त नाम और आरम्भ - यह नियमावली उत्तराखण्ड राज्य अतिथि नियमावली ( संशोधित ) , 2024 कहलायेगी । यह तुरंत प्रवृत्त होगी ।
श्रेणी-1
2- निम्नलिखित महानुभाव जब वे उत्तराखण्ड के भ्रमण पर शासकीय अथवा अशासकीय कार्य से हों , तो राज्य अतिथि घोषित किया जायेगाः -
( 1) भारत के राष्ट्रपति।
(2) भारत के उपराष्ट्रपति।
(3) भारत के प्रधानमंत्री।
(4) लोकसभा के अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष एवं राज्य सभा के सभापति एवं उप सभापति।
(5) भारत सरकार के मंत्रीगण/ राज्य मंत्रीगण एवं उप मंत्रीगण।
(6 ) भारत के मुख्य न्यायाधीश।
(7 ) भारत के पूर्व राष्ट्रपति/ पूर्व उप राष्ट्रपतिः
(8 ) भारत के पूर्व प्रधानमंत्री।
(9 ) उपाध्यक्ष/सदस्य , नीति आयोग ।
( 10) विभिन्न राज्यों के राज्यपाल/केन्द्रशासित राज्यों के उप राज्यपाल।
( 11 ) विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री।
(12) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश।
(13 ) अध्यक्ष एवं सदस्य, वित्त आयोग/ अध्यक्ष , राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग/ मानवाधिकार आयोग (14 ) कैबिनेट सचित , भारत सरकार।
( 15 ) सैन्य बलों के चीफ आफ स्टाफ ।
( 16 ) रिजर्व बैंक के गवर्नर।
(17) भारत रत्न से सम्मानित महानुभाव।
(18 ) अन्य प्रान्तों के विधान सभा अध्यक्ष ।
(19 ) उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश।
(20) नेता प्रतिपक्ष , लोकसभा/ राज्यसभा।
(21 ) चीफ आफ डिफैन्स स्टाफ (सीडीएस )
(22 ) भारत के महान्यायवादी।
(23 ) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार।
(24) मुख्य सतर्कता आयुक्त/ सतर्कता आयुक्त।
(25) भारत के लोकपाल/सदस्य।
नोट- भारत के राष्ट्रपति, उप - राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के सम्बन्ध में उक्त महानुभावों के अतिरिक्त उनके साथ उनके सम्पूर्ण प्रवास के दौरान भ्रमण करने वाले उनके परिवार एवं टीम के सदस्यों को भी राज्य अतिथि माना जायेगा । क्रम संख्या-4 से 25 तक के महानुभावों को अधिकतम एक सप्ताह के लिए राज्य अतिथि घोषित किया जायेगा तथा इन महानुभावों के साथ भ्रमण करने वाले अधिकतम चार पारिवारिक सदस्यों को भी राज्य अतिथि घोषित किया जायेगा ।
भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति/ उप - राष्ट्रपति एवं भूतपूर्व प्रधानमंत्री के प्रदेश आगमन पर भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान सुविधाऐं व शिष्टाचार उपलब्ध कराया जायेगा।
760
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
श्रेणी-2
3- सामान्यतया निम्नानुसार उल्लिखित श्रेणी के महानुभाव जब वे शासकीय भ्रमण पर आ रहे हों , तो उन्हें राज्य अतिथि घोषित किया जायेगाः-
(1) अन्य प्रान्तों के विधान परिषद के सभापति/ उप सभापति।
(2) भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक।
(3) संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष।
(4) मुख्य चुनाव आयुक्त।
(5) भारत सरकार के मंत्रालयों के सचिव।
(6) अध्यक्ष , केन्द्रीय प्रशासनाधिकरण।
(7) अन्य प्रान्तों के मुख्य सचिव।
( 8) संसदीय समितियों के अध्यक्ष।
(9 ) अध्यक्ष , राष्ट्रीय महिला आयोग , पिछड़ा वर्ग आयोग एवं अल्पसंख्यक आयोग।
(10 ) मुख्य सूचना आयुक्त/आयुक्त, केन्द्रीय सूचना आयोग ।
(11) चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग।
(12) उपाध्यक्ष/सदस्य , राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग/ जन जाति आयोग/मानवाधिकार आयोग/राष्ट्रीय महिला आयोग/पिछडा वर्ग आयोग/अल्पसंख्यक आयोग।
नोट- श्रेणी-2 के महानुभावों को अधिकतम तीन दिन के लिए राज्य अतिथि घोषित किया जा सकता है तथा इन महानुभावों के साथ जो पारिवारिक सदस्य यात्रा कर रहे हों , उन्हें इस नियमावली में दी गयी परिभाषा के अनुसार सुविधायें प्रदान की जायेंगी ।
श्रेणी-3
4- उपरोक्त के अतिरिक्त विदेशी महानुभावों एवं अन्य विशिष्ट महानुभावों जो किसी भी श्रेणी में वर्गीकृत नहीं हैं, को राज्य सरकार द्वारा विशेष परिस्थितियों में राज्य अतिथि श्रेणी-3 घोषित किया जा सकता है । इस प्रकार के महानुभावों को भी अधिकतम 03 दिन के लिए राज्य अतिथि घोषित किया जा सकता है तथा इन महानुभावों के साथ जो पारिवारिक सदस्य यात्रा कर रहे हों , उन्हें इस नियमावली में दी गई परिभाषा के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जायेंगी।
5- राज्य अतिथि श्रेणी-2 एवं 3 के महानुभावों को निम्न प्रकार सुविधाएं प्रदान की जायेंगी।
(क) राज्य अतिथि श्रेणी 2 एवं 3 के महानुभावों की यात्रा उत्तराखण्ड राज्य के शासकीय कार्यों से सम्बन्धित हो तो उन्हें वही सुविधाएं अनुमन्य होंगी जो श्रेणी-1 के क्रमांक 4 से अग्रेतर को अनुमन्य हैं।
(ख) यदि राज्य अतिथि श्रेणी-2 एवं 3 के महानुभावों की यात्रा उत्तराखण्ड राज्य के शासकीय कार्यों से सम्बन्धित न हो अथवा निजी यात्रा हो तो उन्हें भुगतान के आधार पर आवास , भोजन एवं परिवहन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।
श्रेणी-4
6- श्रेणी-1, 2 एवं 3 के अतिरिक्त अन्य श्रेणी के महानुभावों एवं डेलीगेशन को यदि उनका भ्रमण उत्तराखण्ड के कार्य से सम्बन्धित हो तो सम्बन्धित प्रशासनिक विभाग/ मुख्य सचिव की संस्तुति एवं मा ० मुख्यमंत्री जी के अनुमोदन से राज्य अतिथि श्रेणी-4 घोषित किया जा सकता है । ऐसे महानुभावों पर हुए समस्त व्यय एवं व्यवस्थायें सम्बन्धित विभाग द्वारा ही की जायेगी ।
7- प्रोटोकाल अधिकारी जिलाधिकारी अपने जनपद में वरिष्ठतम अधिकारी को प्रोटोकाल अधिकारी नामित करेंगे तथा नामित अधिकारी का विवरण शासन को उपलब्ध करायेंगे ।
8- आहरण-वितरण अधिकारी राज्य अतिथियों के आतिथ्य सत्कार हेतु राजस्व विभाग द्वारा आवंटित बजट का आवंटन जिलाधिकारियों द्वारा की गई औचित्यपूर्ण मांग के आधार पर प्रोटोकाल विभाग द्वारा परीक्षणोपरान्त किया जायेगा। जिलाधिकारी अपने जनपदों में आहरण- वितरण अधिकारी होंगे।
9- अनुमन्य सुविधाएं- विभिन्न श्रेणी में वर्गीकृत राज्य अतिथियों के राज्य आगमन पर उनके आतिथ्य सत्कार में आवास , भोजन , सड़क परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था संबंधित जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी।
ऐसे महानुभाव जो राज्य अतिथि की किसी भी श्रेणी में वर्गीकृत नहीं है , के भ्रमण पर उन्हें भुगतान आधार पर नियमानुसार आवास , भोजन , सड़क परिवहन की सुविधा प्रदान की जायेगी।
भाग 1 ]
761 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
10- निजी स्टाफ - मा ० राष्ट्रपति , मा० उप राष्ट्रपति एवं मा ० प्रधानमंत्री जी को छोड़कर अन्य श्रेणी के राज्य अतिथियों के साथ अधिकतम दो निजी स्टाफ को ही निःशुल्क आवास/ भोजन की सुविधा अनुमन्य होगी।
11- पारिवारिक सदस्य- पारिवारिक सदस्य का तात्पर्य केवल राज्य अतिथि की पत्नी अथवा पति से होगा किन्तु विशेष परिस्थितियों में पारिवारिक सदस्यों की संख्या को अधिकतम चार तक किया जा सकता है।
12- परिवहन सुविधा- राज्य अतिथियों को परिवहन सुविधा केवल राज्य में पधारने के उपरान्त राज्यान्तर्गत ही अनुमन्य होगी। प्रदेश से बाहर परिवहन सुविधा अनुमन्य नहीं होगी । परिवहन सुविधा का तात्पर्य केवल सड़क परिवहन से है , हवाई परिवहन अनुमन्य नहीं होगा।
13- आतिथ्य अवधि- राज्य अतिथि श्रेणी-2 एवं श्रेणी-3 के महानुभावों को अधिकतम 03 दिन के लिए राज्य अतिथि घोषित किया जा सकता है । इस अवधि के उपरान्त अतिरिक्त अवधि के लिए भुगतान आधार पर ही सुविधाएं अनुमन्य होगी।
14- स्वागत- राज्य अतिथियों का स्वागत सबंधित जिला प्रशासन द्वारा किया जायेगा । विभागीय राज्य अतिथियों का स्वागत संबंधित प्रशासनिक विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा किया जायेगा।
15- आवासीय व्यवस्था- जहां तक सम्भव होगा राज्य अतिथियों को राजकीय अतिथि गृहों , राज्य शासन के निरीक्षण बंगलों एवं विश्राम गृहों में ही प्रवास उपलब्ध कराया जायेगा । जहां इस प्रकार की व्यवस्था संभव नहीं होगी वहां राज्य अतिथियों को कुमांऊ मंडल विकास निगम या गढ़वाल मंडल विकास निगम जैसी भी स्थिति हो , के अतिथि गृहों में ठहराया जायेगा ।
उपरोक्तानुसार सुविधा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ही राज्य अतिथियों को निजी होटलों मे कुमांऊ मंडल विकास निगम/गढ़वाल मंडल विकास निगम की अनुमोदित दरों की सीमा तक ठहराया जायेगा । राज्य अतिथि द्वारा उच्चतर श्रेणी के निजी होटल में रहने पर उसका किराया उनके द्वारा स्वयं वहन किया जायेगा। राज्य अतिथि के साथ पारिवारिक सदस्यों को मिलाकर चार अथवा उससे अधिक सदस्य होने की स्थिति में अधिकतम दो कक्ष उपलब्ध कराए जायेंगे।
16- दूरभाष सुविधा- मा ० राष्ट्रपति , मा ० उप राष्ट्रपति एवं मा ० प्रधानमंत्री के अतिरिक्त अन्य किसी भी राज्य अतिथि को निःशुल्क एसटीडी दूरभाष सुविधा अनुमन्य नहीं होगी ।
17- सुरक्षा व्यवस्था- अतिविशिष्ट/विशिष्ट महानुभावों/ राज्य अतिथियों को अपेक्षित सुरक्षा भारत सरकार के गृह मंत्रालय और इस विषय पर राज्य सरकार द्वारा समय - समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशानुसार पुलिस महानिदेशक द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।
18- भ्रमण कार्यक्रम की सूचना विभिन्न श्रेणीयों में वर्गीकृत राज्य अतिथि के भ्रमण की सूचना न्यूनतम तीन दिवस पूर्व शासन एवं संबंधित जिलाधिकारी को दिया जाना अनिवार्य होगा।
19- शिथिलीकरण - राज्य सरकार नियमावली के किसी भी नियम में शिथिलता प्रदान कर सकती है । राज्य सरकार राज्य अतिथि की संख्या एवं प्रवास अवधि में विशेष व्यवस्था के अंतर्गत नियमों में छूट प्रदान कर सकती है । इस सम्बन्ध में मा 0 मुख्यमंत्री जी की स्वीकृति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा ।
आज्ञा से, दीपेन्द्र कुमार चौधरी , सचिव ।
गृह अनुभाग -5
अधिसूचना
18 सितम्बर , 2024 ई ०
संख्या-880 /XX- 5-2024-03( 58 ) 2022- चूंकि, केन्द्रीय सरकार ने विधि विरूद्ध क्रिया- कलाप ( निवारण ) अधिनियम, 1967(1967 का 37) की धारा 3 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , जम्मूएवं कश्मीर पीपुल्स फ्रीडम लीग (जेकेपीएफएल ) को अधिसूचना संख्या का0 आ0 1414 (अ) तारीख 15 मार्च , 2024 द्वारा ' विधि विरूद्ध संगम' घोषित किया है ;
762
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 और, चूंकि, उक्त अधिनियम की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय सरकार ने तारीख 28 मार्च, 2024की अधिसूचना का.आ. 1582 (अ) द्वारा निदेश दिया है कि सभी राज्य सरकारें और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन भी उक्त अधिनियम की धारा 7 और धारा 8 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रयोग की जाने वाली शक्तियों का प्रयोग करेंगें;
और, चूंकि, आदेश संख्या 14017 / 32/ 2024- एन0आई - एम०एफ० ओ० तारीख 01 अप्रैल, 2024 के द्वारा यह सूचित किया गया है कि राज्य सरकार एवं संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा प्रयोग करने के लिए निदेशित शक्तियों का प्रयोग सभी राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों के किसी अधीनस्थ व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है ;
और, चूंकि उक्त अधिनियम की धारा 42 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा इस आशय के अनुमोदन की सूचना दी गयी है कि सभी राज्य सरकारें और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन, लिखित में आदेश द्वारा निदेश दे सकेंगे कि कोई शक्ति जो उसके द्वारा प्रयोग करने के लिए निदेशित है , ऐसी परिस्थितियों और शर्तों के अंतर्गत, जैसा कि निदेश में विनिर्दिष्ट हो, यथास्थिति, राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के किसी अधीनस्थ व्यक्ति द्वारा भी प्रयोग की जाएगी;
अतः अब , उपरोक्त प्रत्यायोजित शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार निदेश देती है कि सभी जिला मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ पुलिस्न अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक तद्नुसार शक्तियों को प्रयोग करेंगे ।
उत्तराखण्ड सरकार के आदेश पर और उत्तराखण्ड सरकार की ओर से ।
शैलेश बगौली , सचिव, उत्तराखण्ड शासन ।
In pursuance of the provision of clause( 3 ) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No-880 /XX - 5-2024-03 ( 58 ) /2022 Dated , September 18, 2024 for general information .
NOTIFICATION
September 18 , 2024
No.880 /XX - 5-2024-03 ( 58 ) / 2022--Whereas , the Central Government , in exercise of powers conferred by sub - section ( 1 ) of section 3 of the Unlawful Activities ( Prevention ) Act , 1967( 37 of 1967) , has declared Jammu and Kashmir Peoples Freedom League ( JKPFL) as ' unlawful association ' vide notification number S.O. 1414 ( E ) dated the 15th March, 2024;
भाग 1 ]
763 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06,1946 शक सम्वत्) And , whereas , in exercise of the powers conferred by section 42 of the said Act, the Central Government has directed vide Notification S.O. 1582 ( E) dated 28th March, 2024, that all the State and Union territory administrations shall also exercise the powers exercisable by the Central Government under section 7 and section 8 of the said Act ;
And , whereas , vide order No. 14017/32/2024 - NI - MFO dated 01st April , 2024 it has been conveyed that the powers directed to be exercised by all the State Governments and Union territory administrations , may be exercised by any person subordinate to the State Government and Union territory administrations ;
And, Whereas , the approval of the Central Government under section 42 of the said Act is hereby conveyed that State Governments and Union territory administrations may, by order in writing , direct that any power which has been directed to be exercised by it , shall, in such circumstances and under such conditions , as may be specified in the direction, be exercised by any person subordinate to the State Government or the Union territory administrations , as the case may be;
Now, Therefore , in exercise of the aforesaid delegated powers , the State Government hereby directs that all the District Magistrates and the Senior Superintendents of Police/ Superintendents of Police shall exercise the powers accordingly.
BY ORDER AND ON BEHALF OF THE GOVERNMENT OF UTTARAKHAND ,
SHAILESH BAGAULI , Secretary to the Government of Uttarakhand.
764 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई० ( आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
राजस्व परिषद्, उत्तराखण्ड
विज्ञप्ति
18 सितम्बर , 2024 ई ०
पत्रांक -3202 / तीन -301 / चक 0 सं 0 / 2017-18 - उत्तराखण्ड शासन, राजस्व अनुभाग -3 , देहरादून के शा0 सं0-177 / XVIII (3 )/ 2024-03 ( 10 )/2016 , दिनांक 08 जुलाई , 2024 से प्राप्त अनुमति के क्रम में उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी अधिनियम, 1953 (उ ० प्र ० अधिनियम संख्या -5 , सन् 1954 ) (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त ) की धारा -6 की उप धारा-( 1 ) के अधीन सरकारी विज्ञप्ति संख्या-83 / 31- A-813-1954 - Rev(A) दिनांक 19 अक्टूबर , 1956 द्वारा यथाप्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये , मैं चन्द्रेश कुमार संचालक चकबन्दी, उत्तराखण्ड, देहरादून जनपद हरिद्वार , तहसील हरिद्वार के सम्बन्ध में उपर्युक्त अधिनियम की धारा -4 (2) के अधीन जारी की गई विज्ञप्ति संख्या-65 / 41-83 (591 ) दिनांक 25.10.1985 में आंशिक संशोधन करते हुये तहसील हरिद्वार के निम्नलिखित ग्राम को चकबन्दी प्रक्रिया से पृथक करते हुये ग्राम की विज्ञप्ति को एतद्वारा निरस्त करता हूँ :-
क्र०सं ०
ग्राम का नाम
परगना
तहसील
जनपद
1
2
3
4
5
1.
मंगलौर
उल्हेड़ा
रुड़की
हरिद्वार
चन्द्रेश कुमार,
आयुक्त एवं सचिव/
संचालक , चकबन्दी,
उत्तराखण्ड, देहरादून ।
कृषि एवं कृषक कल्याण अनुभाग -1
पदोन्नति / तैनाती
02 सितम्बर , 2024 ई ०
संख्या -236346 / ई -39298 / XIII - 1 / 2024-01 (53 ) 2001 - उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तराखण्ड के अधीन उद्यान विकास शाखा के अन्तर्गत समूह- ख के प्रोन्नति के रिक्त पदों पर नियमित पदोन्नति हेतु उत्तर प्रदेश , उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण समूह 'ख ' सेवा नियमावली , 1993 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) के सुसंगत नियमों एवं उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग सपरामर्श चयनोन्नति (प्रक्रिया) नियमावली , 2003 के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार लोक सेवा आयोग , उत्तराखण्ड, हरिद्वार की संस्तुति के आधार पर श्री नवीन चन्द्र पपनै , ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक को तात्कालिक प्रभाव से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखण्ड के अधीन उद्यान विकास शाखा के अन्तर्गत समूह - ख के रिक्त पद के सापेक्ष (वेतनमान रू 0 56100-177500 / वेतन लेवल -10 ) नियमित पदोन्नति प्रदान करते हुए उनके नाम के सम्मुख अंकित पद / स्थान पर तैनाती किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं : - भाग 1 ]
765 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
क्र०सं ०
नाम
वर्तमान पदनाम / तैनाती स्थल
प्रोन्नति उपरान्त पदनाम/ तैनाती स्थल 1.
श्री नवीन चन्द्र पपनै
अधीक्षक , राजकीय उद्यान दूनागिरी, अल्मोड़ा ।
ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक, निदेशालय- मुख्यालय , रानीखेत, चौबटिया, अल्मोड़ा, सम्प्रति औद्यानिक प्रशिक्षण एवं परीक्षण केन्द्र चौबटिया- रानीखेत , अल्मोड़ा ।
2. उक्त अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे पदोन्नति के फलस्वरूप तत्काल उक्त पद पर कार्यभार ग्रहण कर कार्यभार प्रमाणक निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग एवं शासन को शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ।
आज्ञा से, महिमा रौंकली, संयुक्त सचिव।
पी० एस ० यू० (आर० ई ० ) 39 हिन्दी गजट / 404 - भाग 1-2024 ( कम्प्यूटर / रीजियो)
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की , शनिवार, दिनांक 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 - क
नियम , कार्य -विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
September 05, 2024
No. 340 /XIV - a - 41/Admin.A/ 2008 -- Ms . Kahkasha Khan , the then Registrar ( Vigilance ) , High Court of Uttarakhand , Nainital , presently posted as Registrar General is hereby sanctioned earned leave for 08 days w.e.f. 24.05.2024 to 31.05.2024 with permission to prefix 23.05.2024 as Budh Purnima holiday and suffix 01.06.2024 & 02.06.2024 holidays .
NOTIFICATION
September 05, 2024
No. 341 /XIV - a -41 / Admin.A/ 2008 -- Ms . Kahkasha Khan , Registrar General , High Court of Uttarakhand, Nainital , is hereby sanctioned earned leave for 05 days w.e.f. 20.08.2024 to 24.08.2024 with permission to prefix 18.08.2024 & 19.08.2024 as holidays and suffix 25.08.2024 & 26.08.2024 as holidays respectively.
By Order of Hon'ble the Chief Justice ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
327-ख 328 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
September 09, 2024
No. 342 / UHC / Admin . ( A) / 2024--Shri Anoop Singh , C.P.C. of the Court is hereby nominated as Nodal Officer for online RTI portal in the establishment of High Court of Uttarakhand , Nainital , in addition to his earlier assigned work .
This order shall come into force with immediate effect .
By Order of Hon'ble the Chief Justice ,
Sd/-
KAHKASHA KHAN , Registrar General .
NOTIFICATION
September 09 , 2024
No. 343 /XIV- a - 53/Admin.A/ 2020--Shri Rohit Kumar Pandey, Civil Judge ( Jr. Div. ) , Ukhimath , District Rudraprayag is hereby sanctioned earned leave for 13 days w.e.f. 07.06.2024 to 19.06.2024 .
NOTIFICATION
September 09, 2024
No. 344 / XIV- a - 35/ Admin.A/ 2015--Shri Amit Kumar, 2nd Additional Civil Judge ( Sr. Div . ) , Dehradun , is hereby sanctioned medical leave for 07 days w.e.f. 03.07.2024 to 09.07.2024 .
NOTIFICATION
September 09, 2024
No. 345 / XIV - a - 41/Admin.A/ 2016-- Shri Puneet Kumar, Civil Judge ( Jr. Div . ) , Bageshwar is hereby sanctioned earned leave for 17 days w.e.f. 04.07.2024 to 20.07.2024 with permission to Suffix 21.07.2024 as Sunday holiday.
NOTIFICATION
September 09, 2024
No. 346 /XIV- a - 16/Admin.A/ 2009 -- Shri Yogendra Kumar Sagar, the then Civil Judge (Sr. Div. ) , Karanprayag , District Chamoli presently posted as Secretary, DLSA , Udham Singh Nagar is hereby sanctioned earned leave for 13 days w.e.f. 18.06.2024 to 30.06.2024 with permission to prefix 16.06.2024 & 17.06.2024 as Sunday & Id - Ul - Zuha holidays .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० ( आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्) 329
NOTIFICATION
10th September, 2024
No. 347 / UHC / Admin.A/ 2024 -- Hon'ble Court has resolved to declare the 4th Saturday of every month as a Non-Working Day for the Registry of the High Court .
This arrangement shall come into force with immediate effect .
By Order of the Court , Sd/- KAHKASHA KHAN , Registrar General .
HIGH COURT OF UTTARAKHAND AT NAINITAL
NOTIFICATION
September 10 , 2024
No. 348 / UHC / Admin.A- 2 / 2024--Shri Vikram , Chairman , Permanent Lok Adalat , Nainital is repatriated and posted as 2nd Additional District & Sessions Judge , Nainital in the vacant Court .
This order shall come into force with immediate effect .
Note:
1. Recommendation of the name of Shri Vijayant Kumar ( HJS ), whose suspension has been revoked videOffice- Memorandum No. 64/ UHC /Admin.A - II / 2024 , dated : Sept. 09 , 2024 is being sent to the State Government for his posting as Presiding Officer , Food Safety Appellate Tribunal , Haldwani , District Nainital .
This order shall come into force on issuance of notification from the State Government in this regard.
By Order of Hon'ble the Chief Justice , Sd/-
KAHKASHA KHAN , Registrar General .
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
September 13 , 2024
No. 349 /XIV- a - 41/Admin.A/ 2013 -- Shri Manoj Garbyal , Registrar ( Judicial ) , High Court of Uttarakhand, Nainital , is hereby sanctioned earned leave for 07 days w.e.f. 29.07.2024 to 04.07.2024 with permission to prefix 28.07.2024 as Sunday holiday.
By Order of Hon'ble the Chief Justice , Sd/- Registrar ( Inspection ).
पी ०एस ०यू० ( आर ० ई ० ) 39 हिन्दी गजट / 404 - भाग 1 - क -2024 ( कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मैंने निजी कारणों से अपनी पुत्री का नाम पार्वती राणा ( PARVATI RANA ) से बदलकर PRISHA RANA कर लिया है । भविष्य में मेरी पुत्री को प्रिशा राणा ( PRISHA RANA ) पुत्री श्री हरिकृष्ण सिंह राणा के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
हरिकृष्ण सिंह राणा
निवासी-17 आई ० टी० आई ० रोड , बारकोट उपरारी उत्तरकाशी उत्तराखण्ड ।
सूचना
मैंने अपना नाम राजा राम से बदलकर आफत राम कर लिया है । भविष्य में मुझे आफत राम पुत्र स्व. राम भिखारी के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
आफत राम पुत्र स्व. राम भिखारी
निवासी म.नं. 54 चंदर रोड़ नई बस्ती डालनवाला , देहरादून ।
331 - ट 332
उत्तराखण्ड गजट, 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
सूचना
मेरे पुत्र के शैक्षिक प्रमाण - पत्र हाईस्कूल अनुक्रमांक 7938318 में पुत्र का नाम अनिकेत कुमार भगत (Anikeat Kumar Bhagat) पुत्र श्री अनिल कुमार भगत दर्ज है एवं मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं. 884447153080 में त्रुटिवश उसका नाम आदित्य कुमार भगत पुत्र श्री अनिल कुमार भगत दर्ज हो गया है , जो कि गलत है । मेरे पुत्र का वास्तविक नाम अनिकेत कुमार भगत (Anikeat Kumar Bhagat ) है । भविष्य में मेरे पुत्र को अनिकेत कुमार भगत पुत्र श्री अनिल कुमार भगत के नाम से जाना - पहचाना व पुकारा जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
अनिल कुमार भगत
निवासी - पता-क्वार्टर नं . P- 60/ 3 गौतम रोड गढ़ी कैंट, देहरादून, पिन-248003
सूचना
मैं GANGA SINGH मेरे आर्मी आभिलेखों में त्रुटिवश मेरी पुत्री का नाम ( GURIYA RAWAT) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम ( OSHINE RAWAT ) है , भविष्य में मेरी पुत्री को (OSHINE RAWAT D / O GANGA SINGH ) के नाम से जाना पहचाना पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
GANGA SINGH
निवासी 288/233 फेस -2 विजय कालोनी
रविन्द्र नाथ टैगोर मार्ग हाथीबडकला गढी कैंट, देहरादून , उत्तराखण्ड
सूचना
मेरे आधार कार्ड संख्या 511690890374 में नाम त्रुटिवश शुभम सिकदार के स्थान पर शुभम दर्ज हो गया है । जबकि सही व वास्तविक नाम शुभम सिकदार है ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
शुभम सिकदार पुत्र विशु सिकदार निवासी वार्ड नंबर 8 दिनेशपुर , उधम सिंह नगर ।
भाग 8 ]
333 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
कार्यालय , नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल)
सार्वजनिक सूचना
03जनवरी , 2022 ई०
पत्रांक 460 / स्था.नि.-एफ.एस.एस.एम./ 2022-23 - सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है , कि सचिव उत्तराखण्ड शासन के पत्र सं 0 597 / दिनांक 22 मई , 2017 के अनुपालन में नगर पंचायत कालाढूंगी जिला- नैनीताल द्वारा नगर पालिका अधिनियम 1916 (यथा प्रवृत्त उत्तराखण्ड राज्य में ) की धारा 276 में दिये गये प्राविधानों के अनुसार तथा धारा 298 के खण्ड झ ( घ) में दी गयी उपनियम बनाये जाने की शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा 301 के अन्तर्गत दी गयी शक्ति के अनुसार उपविधि का प्रकाशन करने हेतु नगर पंचायत कालाढूंगी की बोर्ड की बैठक दिनांक 15-09-2021 के प्रस्ताव सं0-01 द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के अनुसार प्रोटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमेन्ट 2021 बनाये गये जाने स्वीकृति के उपरान्त यह विज्ञप्ति आपत्ति एवं सुझाव चाहने हेतु प्रकाशित की जा रही है, जिससे नागरिकों पर प्रभावन पड़ने जा रहा है ।
अतः लोकहित में सुविधा, सुरक्षा एवं नियंत्रण व विनियमन करने हेतु प्रॉटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमेन्ट 2021 में यदि किसी संस्था, व्यक्ति विशेष, फर्म उद्योग विभाग आदि की कोई आपत्ति एवं सुझाव हो तो इस विज्ञप्ति के प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अपनी लिखित आपत्ति कार्यालय , नगर पंचायत कालाढूंगी में प्रस्तुत कर सकते है । निर्धारित समय पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्ति एवं सुझाव पर कोई विचार नहीं किया जाएगा ।
सचिव उत्तराखण्ड शासन द्वारा निर्देशनुसार (Letter No. 597 / IV (2) के अनुसार- श० वि०-2017-50 (सा0) 16 दिनांक 22 मई, 2017 ) , और उत्तराखण्ड राज्य के संबंधित कानूनों के अनुसार, नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा अपने अधिकार- क्षेत्र में फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम. ) (FSSM ) सुव्यवस्थित करने के लिए निम्नलिखित उपनियम बनाता है :-
उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 अनुसार फीकल स्लज औरसेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम ) उपनियम, नगर पंचायत कालाढूंगी(नैनीताल)
भाग 1 : उपनियम(Bylaws )
1. शीर्षक, विस्तार और प्रारंभ
यह उपनियम " नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल) स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम) उपनियम , 2021 " कहलाएँगे । ये नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) के अधिकार क्षेत्र में /पर लागू होंगे । यह उपनियम शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से मान्य होंगे |
2. अधिकार
यह उपनियम निम्नलिखित कानून के प्रावधानों को कार्यान्वयन में लाने के लिए सक्षम करते हैः
a) उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल , 2017
b) राष्ट्रीय नीति फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम) , 2017
c) CPHEEO मैनुअल ऑन सीवरेज एंड सीवेज मैनेजमेंट, 2013
d ) मॉडल बिल्डिंग उपनियम , 2016 और अन्य लागू बिल्डिंग कोड
e) मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 f) IS Code 2470 Part I & II , 1985 ( Reaffirmed 1996) Septic Tanks ( सेप्टिक टैंक की स्थापना के लिए अभ्यास संहिता ) Code of. Practice for Installation of g) केंद्रीय कानून, नियम और विनियम ( पर्यावरण संरक्षण अधिनियम , 1986)
h ) जल ( प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974
i ) उत्तराखंड के समस्त राज्य कानून पानी और स्वच्छता से संबंधित 334
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8 3. विषय क्षेत्र
यह उपनियम नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) की प्रशासनिक सीमा के भीतर FSSM में लगे सभी हितधारकों के लिए लागू है ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( ओ.एस.एस) ( OSS ) के स्वामी और उपयोगकर्ता, डीस्लजिंग और सेप्टज ट्रांसपोर्टेशन आपरेटर, सेप्टेज उपचार और निपटान के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियां , शहरी स्थानीय निकाय, सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (एस.एम.सी)- समेत।
यह उपनियम नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) में स्थित सभी भवनों पर लागू होंगे चाहे सार्वजनिक या निजी, आवासीय , वाणिज्यिक, संस्थागत , औद्योगिक, प्रस्तावित, नियोजित या मौजूदा ।
4. सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( एस.एम.सी ) ( SMC )
उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 अनुसार , नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( SMC ) का गठन करेगा जिन में निम्नलिखित सदस्य रहेंगे :
पद
सदस्य S.No.
अध्यक्ष 1.
सब -डिविजनलमजिस्ट्रेट ( SDM ) , कालाढूंगी
सदस्य सचिव 2.
अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल)
3. उत्तराखंड जल संस्थान के प्रतिनिधि ( A.E. के पद से नीचे नहीं) सदस्य 4. उत्तराखंड पेयजल निगम के प्रतिनिधि ( A.E.के पद से नीचे नहीं) सदस्य 5. सदस्य
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि
सदस्य
स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि
6.
सदस्य 7.
अन्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जा सकता है जो SMC को तकनीकी सलाह प्रदान कर सके
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) और SMC इस अधिनियम का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा इसके अंर्तगत संचालन की निगरानी करेंगे और (non-complying actors) पर पेनल्टी लगा सकते हैं। इन उपनियमों में निर्धारित कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए SMC की बैठक समय - समय पर आहूत की जाएगी। अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल) जो सदस्य सचिव हैं, SMC की बैठक बुलाएँगे ।
SMC की निगरानी जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति ( Monitoring Committee ) द्वारा की जाएगी, जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल , 2017 में उल्लिखित है।
5. ऑन साइट सैनिटेशन सिस्टम (ओ.एस.एस) (OSS ) का निर्माण और रखरखाव
यह खंड ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS) ( जैसे कि सेप्टिक टैंक , गड्डे, बायो-डाइजेस्टर आदि) के निर्माण और रखरखाव में विभिन्न हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की रूपरेखा देता है ।
5.1 . नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) में स्थित घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के स्वामी के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँः
सेप्टिक टैंक/ OSS का डिजाइन और निर्माण
5.1.1.
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके परिसर के शौचालयों में सोख गड्ढे के साथ सेप्टिक टैंक ( septic tank with soak pit) या अन्य OSS का ठीक से निर्माण किया गया है, जैसा कि IS Code 2470 भाग । & II , 1985 ( Reaffirmed 1996) और CPHEEO मैनुअल , 2013 में उल्लिखित है। (देखें अनुबंध G) स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS का समुचित कार्य हो रहा है ताकि मल या अपशिष्ट का स्राव , रिसना, रिसाव या अन्यथा बचने से पर्यावरण में कोई प्रदूषण न हो। इसके लिए OSS की समय-समय पर मरम्मत का काम ( repair or retrofitting ) मालिक द्वारा किया जाएगा।
335 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS में छत का पानी, सतह- पानी , रन-ऑफ ( run- off) या बारिश का पानी प्रवेश नहीं करेगा।
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS से अपशिष्टों ( effluents ) का सुरक्षित निपटान सोख गड्डों या सीवर नेटवर्क के माध्यम से किया जाए।
5.1.2. OSS का खाली कराना (डीस्लजिंग) (desludging )
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS को नियमित रूप से अनुबंध E के अनुसार खाली कराएँ ।
स्वामी नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) को सूचित करेंगे जब सेप्टिक टैंक या containment unit की सफाई करनी है।
जहाँ स्वामी निजी डीस्लजिंग ऑपरेटर की सेवाएँ ले रहे हैं, वे केवल उन ऑपरेटरों की सेवा लेंगें जिन के पास FSSM सेवाएँ प्रदान करने के लिए नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) द्वारा जारी परमिट या लाइसेंस है ।
5.1.3 .
उपभोक्ता शुल्क का भुगतान
स्वामी , नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) या लाइसेंस- युक्त निजी ऑपरेटरों द्वारा FSSM सेवाओं के लिए उपभोक्ता शुल्क का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित करेंगे , जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है और बाद में नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा प्रतिवर्ष 7 % बढोत्तरी की दर से अधिसूचित किया गया है ।
5.2. नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) के कर्तव्य एवं ज़िम्मेदारियाँ
5.2.1 . की रजिस्ट्री नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) में स्थित सभी OSS (septic tank , pits , biodigester etc ) नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) अपने अधिकार क्षेत्र में निर्मित सभी OSS के एक रजिस्टर बनाए रखेगा, जिसमें सभी विवरण होंगे जैसे कि स्वामी का नाम , GPS स्थान , OSS का प्रकार , आकार और स्थिति, खाली करने की आवृत्ति आदि जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है । इसके लिए नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल) सर्वेक्षण या अन्य तरीकों का उपयोग कर सकता है।
सभी नए निर्माणों को शामिल करने के लिए OSS की रजिस्ट्री को अपडेट किया जाएगा ।
5.2.2.
OSS का उचित निर्माण और डिजाइन सुनिश्चित करना
नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल) अपने अधिकार- क्षेत्र में पंजीकृत नए निर्माणों को केवल तभी अनुमोदित करेगा जब OSS का निर्माण IS Code 2470 भाग । और II और CPHEEO मैनुअल में निर्धारित मानकों के अनुसार है । यदि उल्लंघन हैं, तो नगर पंचायत कालाढूंगी दोषपूर्ण निर्माण के मालिकों को नोटिस जारी करेगा ।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) जहाँ संभव हो , OSS को डिजाइन विनिर्देशों के अनुरूप में लाने के लिए रेट्रोफिटिंग ( retrofitting ) के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगा।
5.3 . SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ
SMC नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) को समय - समय पर निगरानी करने के लिए निर्देशित करेगा यह सुनिश्चित करने के लिए कि OSS का उचित रखरखाव हो ।
SMC समय - समय पर FSSM से संबंधित सभी गतिविधियों की निगरानी करेगा जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है।
336
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
6. मल और सेप्टेज का खाली करवाना और परिवहन
यह खंड हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है ताकि नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) में स्थित OSS रोकथाम इकाइयों ( containment units ) से मल और सेप्टेज ( FSS ) का उचित संग्रह/ खाली कर न हो सके तथा उपचार और सुरक्षित निपटान/पुनः उपयोग के लिए, इसका निर्धारित साइटों ( designated sites / treatment facility) तक सुरक्षित परिवहन हो सके।
6.1 . FSS के संग्रह और परिवहन में नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ
6.1.1. डीस्लजिंग (Desludging ) और सेप्टेज परिवहन वाहनों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) अपने अधिकार-क्षेत्र में उचित पंजीकरण/ लाइसेंस /परमिट के बिना कोई भी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को काम करने की अनुमति नहीं देगा। इसमें निजी स्वामित्व के साथ- साथ सरकार के वाहन भी शामिल हैं ( नगर पंचायत कालाढूंगी , जल संस्थान आदि) । इसके अलावा यह नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) के बाहर से आने वाले वाहनों ( दोनों, निजी और सरकारी ) पर भी लागू होता है ।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों को अपने अधिकार- क्षेत्र में संचालित करने के लिए लाइसेंस /परमिट प्रदान करेगा । राज्य FSSM प्रोटोकॉल में उल्लिखित और SMC द्वारा अधिसूचित अनिवार्य तकनीकी , प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले ऑपरेटरों को ही लाइसेंस/परमिट दिए जाएँगे ( अनुबंध B देखें ) ।
नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) के बाहर से आने वाले ऑपरेटरों को भी ( दोनों, निजी और अन्य ULB , जल संस्थान आदि के स्वामित्व वाले ) अपने उद्भव के ULB ( ULB of origin ) द्वारा लाइसेंस प्राप्त होना आवश्यक है , यदि उन्हें नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) के भीतर संचालन की अनुमति प्राप्त करनी है । नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) ऐसे वाहनों के प्रवेश की एक लॉग- बुक (log book) बनाए रखेगा। नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) में इन वाहनों के संचालन की शर्तें SMC द्वारा उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएंगी।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) यह सुनिश्चित करेगा कि ऑपरेटरों के लाइसेंस समय- समय पर नवीनीकृत किए जाएं जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है । लाइसेंस का नवीनीकरण के लिए अनिवार्य तकनीकी , प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करना आवश्यक है । ( अनुबंध B देखें )
6.1.2.
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों की प्रप्तिकरण और कर्मचारियों की भर्ती नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) यह सुनिश्चित करेगा कि अपने अधिकार- क्षेत्र में FSS के संग्रह और परिवहन के लिए डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पर्याप्त संख्या में हों, या तो नगर पंचायत कालाढूंगी खुद वाहन प्राप्त करे या टेंडर आमंत्रित करके निजी ऑपरेटरों का चयन करें।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) अपने वाहनों को चलाने के लिए केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही नियुक्तकरेगा ।
यदि नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा निजी ऑपरेटरों की सेवाएँ टेंडर के माध्यम से प्राप्त करी जाएँगी तो अनुबंध प्रतिवर्ष नवीनीकृत किया जाएगा। नवीनीकरण सशर्त है ऑपरेटर के निष्पादन पर और उनके स्टेट FSSM प्रोटोकॉल में वर्णित और SMC द्वारा अधिसूचित इन वाहनों के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं का अनुपालन पर (अनुबंध B देखें ) ।
6.1.3 .
डीस्लजिंग ऑपरेटरों की निगरानी .
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन वाहन, नगर पंचायत कालाढूंगी से एकत्र किया FSS केवल SMC द्वारा चिन्हित स्थलों ( site )/ उपचार सुविधाओं ( treatment facilities ) पर निस्तारण करेंगे ।
337 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन टैंकर GPS सिस्टम से युक्त है जिससे उनकी ट्रैकिंग ( tracking ) की जा सकती है ।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) FSS के संग्रह, परिवहन और निपटान के लिए जॉब- कार्ड (job card ) पंजीकृत डीस्लजिंग ऑपरेटरों को प्रदान करेगा हर डिसग्लिंग ऑपरेशन को रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए (फार्मेट के लिये अनुबंध D देखें) । जॉब कार्ड की एक प्रति OSS के मालिक को सौंप दी जाएँगी , एक दूसरी प्रति निपटान स्थल पर, और तीसरी प्रति नगर पंचायत कांलाढूंगी (नैनीताल ) कार्यालय में जमा की जाएगी । इस जॉब - कार्ड पर OSS के मालिक , डीस्लजिंग ऑपरेटर, ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर और नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) के नोडल अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।
नगर पंचायत कालाढूंगी(नैनीताल ) भुगतान का प्रमाण दिखाने के लिए OSS मालिकों को रसीदें प्रदान करेगा।
नगर पंचायत कालाढूंगी( नैनीताल ) इन विनियमों के उल्लंघन में पाए जाने वाले ऑपरेटरों पर penalty /दंड लगाएगा। (अनुबंध F देखें)
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) किसी भी ऑपरेटर का लाइसेंस रद्द करेगा जो लाइसेंस नवीनीकृत करने में विफलता करे , या इन नियमों या मैनुअल स्कैवेंजर्स ( हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का बार - बार उल्लंघन करे ।
6.1.4. नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) की अन्य जिम्मेदारियाँ
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) निम्नलिखित जिम्मेदारियां भी निभाएगाः
अपने अधिकार-क्षेत्र में सामुदायिक / सार्वजनिक शौचालय को निर्दिष्ट अंतराल पर खाली करवाना या जब टैंक दो- तिहाई भरा हुआ हो , जो भी पहले हो ।
नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) सीमा के भीतर स्थित भवनों का सर्वेक्षण और निरीक्षण करना और उन मालिकों या भवनों को नोटिस / जुर्माना जारी करना जो इस अधिनियम के अनुरूप नहीं हैं।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) डीस्लंजिंग और सेप्टेज परिवहन परमिट के लिए अपनी वेबसाइट पर और प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) अपनी वेबसाइट और प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर समय- समय पर लाइसेंस प्राप्त /पंजीकृत ऑपरेटरों की सूची को प्रकाशित करेगा।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) प्रत्येक डीस्लजिंग ऑपरेशन के बाद घरों से एकत्र किए जाने वाले फीड बैक फॉर्म प्रदान करेगा।
नगर पंचायत कालाढूंगी( नैनीताल) App-आधारित / फोन कॉल / SMS आधारित डीस्लजिंग सेवाओं जैसे विकल्पों की खोज कर सकता है, जो नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) को वास्तविक समय ( real- time )के आधार पर डेटाबेस को अपडेट करने और उपभोक्ता फीड बैक ( user feedback ) से अवगत कराने में मदद करे ।
शेड्यूल्ड डीस्लजिंग ( Scheduled Desludging ) अधिनियम की धारा 5.1.2 में वर्णित समय- अवधि के अनुसार नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) अपने अधिकार-क्षेत्र में स्थित OSS को खाली करने के लिए मासिक कार्यक्रम ( monthly schedule ) विकसित कर सकता है ।
6.2 . डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों के कर्तव्य एवं ज़िम्मेदारियाँ 338
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
6.2.1.
परमिट / लाइसेंस के लिए आवेदन और मानकों के अनुपालन
जो भी व्यक्ति नगर पंचायत कालाढूंगी(नैनीताल ) के अधिकार- क्षेत्र में FSS के संग्रह और परिवहन के लिए सेवाएँ प्रदान करना चाहता है, वह नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) से अपेक्षित लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा । (फार्मेट के लिये अनुबंध C1 देखें)
आवेदन देने से पहले , आवेदक यह सुनिश्चित करेगा कि उन के वाहन डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिये SMC द्वारा अधिसूचित तकनीकी, प्रशासनिक , सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं । इस में यह सुनिश्चित करना शामिल होगा कि टैंकर पानी- तंग और रिसाव प्रूफ (water- tight and leak- proof tankers ) हो , और यांत्रिक desludging उपकरण ( mechanical desludging equipment )के साथ युक्त हो ( अनुबंध B देखें ) । इसके अतिरिक्त केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही काम पर रखेंगे ।
ऑपरेटरों को लाइसेंस के लिये आवेदन के समय , और नवीनीकरण के समय , SMC द्वारा परिभाषित शुल्क का भुगतान करना होगा । ( धारा 6.3.2देखें )
लाइसेंस प्राप्त/ पंजीकृत ऑपरेटर समय - समय पर अपने लाइसेंस / परमिट के नवीनीकरण के लिए आवेदन करेंगे जैसा कि SMC द्वारा तय किए गए हों।
6.2.2. संचालन के मानदंडों के अनुपालन
ऑपरेटर SMC द्वारा तय किए गए और नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल) द्वारा अधिसूचित किए गए संचालन के सभी मानदंडों का पालन करेगा । (अनुबंध C2 देखें)
ऑपरेटर नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) की सभी निगरानी आवश्यकताओं का अनुपालन करेंगे जैसे कि सेप्टेज संग्रह और परिवहन टैंकरों पर जीपीएस ट्रैकिंग ( GPS tracking ) सक्षम करना।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनाधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए ।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि सफाई के समय और निपटान के समय के बीच का अंतर 24 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए ।
6.2.3 . अधिसूचित दरों के अनुसार फीस का निर्धारण
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे डीस्लजिंग सेवाओं के लिए SMC द्वारा अधिसूचित दरों से अधिक शुल्क OSS मालिकों से नहीं लेंगे ।
6.2.4.
दस्तावेजों का रखरखाव
अधिकारी द्वारा ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेप्टेज संग्रह , परिवहन और निपटान के लिए नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा प्रदान किए गए जॉब कार्ड (job card ) OSS के मालिक, ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर/ ऑपरेटर , डीस्लजिंग ऑपरेटर , और नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल) के हस्ताक्षरित होंगे , और प्रतियाँ प्रत्येक को सौंपी जाएँगी । (फार्मेट के लिये अनुबंध D देखें)
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन पर नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल) द्वारा जारी ऑपरेटर लाइसेंस की एक प्रति और मोटर वाहन पंजीकरण (motor vehicle registration) को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
6.2.5. श्रमिकों की सुरक्षा और सेप्टेज परिवहन के दौरान सावधानियों का पालन :
लाइसेंस- युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर FSS के केवल यांत्रिक संग्रह (mechanical desludging ) और परिवहन में संलग्न होंगे , और 'मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम , 2013'के सभी नियमों का अनुपालन करेंगे।
339 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट, 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
ऑपरेटर सभी कर्मचारी को SMC द्वारा निर्धारित अपेक्षित सुरक्षा गियर ( safety gear ) प्रदान करेंगे।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS संग्रह और परिवहन में लगे सभी कर्मचारी पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से हर साल कम से कम एक बार स्वास्थ्य जांच करवाएँ और नगर पंचायत कालाढूंगी( नैनीताल ) के रिकॉर्ड में जमा करें ।
ऑपरेटर अपने द्वारा नियोजित , सेप्टेज के सफाई , परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित सभी व्यक्तियों का बीमा करेंगे।
सेप्टेज के सफाई , परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति, संपत्ति , वाहन या पर्यावरण को होने वाली किसी भी नुकसान के लिए लाइसेंस - युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर पूरी तरह से उत्तरदायी होंगे। ऑपरेटर ऐसे मामलों में मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे , जैसा कि नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) / अदालत द्वारा अधिसूचित है।
FSS के परिवहन के दौरान आकस्मिक रिसाव की स्थिति में, ऑपरेटर तुरंत उसको नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करेगा, पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेगा , और साफ- सफाई की प्रक्रियाओं को पूरा करेगा। ऑपरेटर 24 घंटे में नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) के संबंधित अधिकारियों को रिसाव और उसकी उपचारात्मक कार्रवाई के बारे में सूचित करेंगे। इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले लाइसेंस - युक्त ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
6.3 . SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ
6.3.1. सेप्टेज के संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क निर्धारित करना
सेप्टेज संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क डीस्लजिंग संचालन के ओ . &एम. की व्यय आवश्यकता (Operation & Maintenance cost ) पूरा करने के लिए प्रयुक्त होगा। SMC यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता शुल्क न्यूनतम रखा जाए। सभी दरों का निर्धारण हितधारकों के साथ उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ता ( OSS के स्वामी) पर कोई अनुचित बोझ नहीं है या ऑपरेटरों या नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) को कोई अनुचित नुकसान नहीं होगा, और FSSM गतिविधियों को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके ।
SMC नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) को निर्देश दे सकता है कि उपभोक्ता शुल्क को संपत्ति कर (property tax) में शामिल करें ।
SMC यह भी निर्धारित करेगा कि उपयोगकर्ताओं से एकत्र उपयोगकर्ता शुल्क नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल) ( सुविधा शुल्क) , जलसंस्थान बीच कैसे साझा किया जाएगा । (O & M शुल्क) और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर ( सेवा शुल्क) के SMC संबंधित हितधारकों की उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से समय -समय पर इन दरों को संशोधित करेगा और उनको सूचित करेंगे।
6.3.2.
लाइसेसिंग शुल्क को निर्धारित करना
लाइसेंस देने के लिए आवेदन के प्रसंस्करण के लिए SMC एक मामूली आवेदन शुल्क निर्धारित करेगा । शुल्क का भुगतान चेक ( cheque ) या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा किया जा सकता है जो अधिशासी अधिकारी नगर
पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) के नाम पर निम्नानुसार होगाः
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पंजीकरण शुल्क ( एक वर्ष के लिए): -
मद
क्रम संख्या
निर्धारित शुल्क/वाहन
प्रारंभिक पंजीकरण शुल्क
रु 3000.00 अ.
पंजीकरण के नवीकरण के लिए शुल्क
ब.
रु 2500.00 340
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
नोट :-प्रारंभिक पंजीकरण के पश्चात प्रति वर्ष डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन का पंजीकरण नवीनीकरण करवाना आवश्यक होगा अन्यथा की दशा मे प्रारंभिक पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।
शुल्क संशोधन के अधीन होंगे (अवधि और दरें SMC द्वारा तय की जाएँगी ) (सभी दरें उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से SMC द्वारा तय की जाएँगी और नगर पंचायत कालाढूंगी(नैनीताल) द्वारा अधिसूचित की जाएँगी) ।
6.3.3 .
निगरानी की गतिविधियाँ
SMC , आवश्यकता के अनुसार , सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिए निष्पादन मानकों (performance standards ) को जारी करेगा ।
SMC नगर पंचायत कालाढूंगी(नैनीताल ) में चलने वाले सेप्टेज परिवहन वाहनों के आवधिक निरीक्षण के लिए जिम्मेदार होगा कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रहे हैं या नहीं।
यदि ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन पाया जाता है , तो SMC नगर पंचायत कालाढूंगी को सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देगा ।
SMC कोई भी ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन के लिए दंड को परिभाषित करेगा। ( अनुबंध F देखें)
6.3.4.
शिकायत निवारण
SMC FSSM सेवाओं से संबंधित शिकायतें OSS के मालिकों , डीस्लजिंग ऑपरेटरों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से स्वीकार करेगी । यदि आवश्यक हो , SMC अपीलीय निकाय (Appellate Body) या शिकायत निवारण क्रियाविधि ( Grievance Redressal Mechanism ) बना सकते हैं ।
7. मल और सेप्टेज( FSS ) का उपचार और पुनः उपयोग/निपटान
7.1. SMC के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ :
7.1.1.
उपचार और निपटान स्थल को चिन्हित करना
SMC नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) से 20-25 कि.मी. के भीतर लाइसेंसधारी सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों द्वारा FSS के निपटान के लिए स्थान / उपचार केन्द्र को चिन्हित करेगा और उसको अधिसूचित करेगा ।
CPHEEO की Draft Advisory on Land Application of Faecal Sludge , 2020 में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार, जहां उपचार की सुविधा (STP / FSTP ) उपलब्ध नहीं है तथा अस्थायी उपाय के रूप में , SMC FSS की वैज्ञानिक लैंड एप्लिकेशन ( scientific land application ) को अधिसूचित कर सकती है ।
7.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) से एकत्र किया गया FSS , केवल SMC द्वारा अधिसूचित साइट या उपचार केन्द्र में निपटाया जाएगा ।
डीस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट- युक्त FSS ( FSS containing industrial waste ) का परिवहन या निपटान नहीं किया जाएगा।
7.3 . उपचार केन्द्र एजेंसी के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ :
उपचार केन्द्र ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर के पास नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा जारी वैध लाइसेंस या परमिट है।
उपचार केन्द्र के प्रबंधक ( plant manager) नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा जारी किए गए FSS के संग्रह , परिवहन और निपटान के रिकॉर्ड (job card ) पर हस्ताक्षर करेंगे जो निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा उत्पादित किया जाएगा ।
341 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० ( आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
उपचार केन्द्र के संचालक FSS के निपटान के लिए टिपिंग शुल्क (tipping fee ) के लिए रसीद प्रदान करेंगे ।
उपचार केन्द्र सेप्टेज के उपचार के लिए उपयुक्त तकनीक अपनाएगी। इसके अलावा , उपचार के बाद निस्तारण किया स्लज और अपशिष्ट जल (sludge and wastewater) को केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी मानदंडों का पालन करना चाहिए । समय - समय पर उपचारित अपशिष्टों का परीक्षण करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे डिस्चार्ज मानकों (discharge criteria )के अनुरूप है।
उपचार केन्द्र अंतिम उत्पाद ( उपचारित अपशिष्ट जल और स्लज सहित ) का अधिकतम पुनः उपयोग, मानकों और मानदंडों के अनुसार, सुनिश्चित करेगा । उपचारित अपशिष्ट जल का उद्योगों, बिजली संयंत्र , सिंचाई और बागवानी उद्देश्य से पुनः उपयोग किया जाएगा । उपचारित अपशिष्ट जल को विभिन्न पुनः उपयोग आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद ही नदी /जल में डाला जाएगा।
FSS के निपटान के लिए असाधारण परिस्थितियाँ : यदि उपचार केन्द्र के अधिक भार (overloading ) या FSS की अवांछनीय गुणवत्ता ( undesirable quality )के कारण उपचार केन्द्र FSS को स्वीकार करने में असमर्थ है , उपचार केन्द्र संचालक को सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को अस्वीकृति का कारण लिखित में देना होगा संबंधित कर्मियों के हस्ताक्षर के साथ । इस स्थिति में , सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर द्वारा सेप्टेज को SMC द्वारा निर्दिष्ट अन्य स्थान पर निपटान करना होगा।
7.4. नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ :
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) उत्तराखंड पेयजल निगम, उत्तराखंड जल संस्थान और उत्तराखंड सरकार द्वारा निर्देशित किसी अन्य एजेंसी की सहायता से, मौजूदा या आगामी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs ) में फीकल स्लज और सेप्टेज के सह- उपचार (co-treatment) की क्षमता की पहचान कर सकते हैं, और वैज्ञानिक तरीके से STP परिसर में सेप्टेज के उपचार और निपटान के लिए आवश्यक आधारिक संरचना तैयार कर सकते हैं ।
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) उपचारित FSS के पुनः उपयोग की संभावनाओं का पता लगाएगा। खाद के रूप में फिर से उपयोग के लिए , इसे किसानों को मुफ्त में वितरित किया जाएगा ।
8. IEC गतिविधियाँ
नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) FSSM के बारे में विभिन्न हितधारकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिये समय - समय पर निम्नलिखित IEC और क्षमता निर्माण ( capacity building ) गतिविधियों का कार्य करेगाः
OSS मालिकों, राजमिस्त्री आदि को वैज्ञानिक रूप से OSS का डिजाइन , निर्माण तकनीक, इसके आकार आदि के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए IEC को बढ़ावा देना।
FSSM में लगे कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना।
सीवरों और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए SOP ( MoHUA 2018 ) के आधार पर सभी डीस्लजिंग ऑपरेटरों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान करना ।
भाग 2: अनुबंध (Annexures)
1. अनुबंध A1 - परिभाषाएं
सेप्टेज प्रबंधन में मूल परिभाषा के लिए निम्नलिखित व्याख्याएं प्रदान की गई हैं:
फीकल स्लज - यह गड्ढे शौचालय , सेप्टिक टैंक , एक्वा प्राइवेट और ड्राई टॉयलेट जैसे ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS ) के तल पर जमा हुआ पदार्थ हैं, जो कच्चा है या आंशिक रूप से पचा हुआ है, और घोल या अर्धनिर्मित रूप में होता है ।
सेप्टेज- सेप्टिक टैंक , से सपूल , या इस तरह के ऑनसाइट उपचार सुविधा से पंप की जाने वाली तरल और ठोस (मैल , स्लज और ग्रीस) पदार्थ जब यह समय के साथ जमा हो जाता है । इसमें कई रोग पैदा करने वाले जीव के साथ ग्रीस , ग्रिट, बाल और मलबे के संदूषण होते हैं ।
342
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
एफ्लुएंट (effluent) सेप्टिक टैंक से सतह पर तैरने वाला तरल निर्वहन। इसे नालियों और सीवरों के नेटवर्क में एकत्र किया जा सकता है और उचित रूप से डिजाइन किए गए उपचार केन्द्र में उपचार किया जा सकता है ।
ऑन साइटसैनिटेशन सिस्टम (OSS) - स्वच्छता प्रणाली जहां मल और अपशिष्ट जल एकत्र किया जाता है और उसी स्थान पर संग्रहीत या उपचारित किया जाता है । गड्ढे शौचालय और सेप्टिक टैंक इसके उदाहरण हैं ।
सेप्टिक टैंक एक भूमिगत टैंक जो अपशिष्ट जल का उपचार ठोस पदार्थों के अवसादन (sedimentation ) और अवायवीय पाचन ( anaerobic digestion ) के माध्यम से करता है। अपशिष्ट को सोखता गड्डों या छोटे बोर के सीवरों में डाला जा सकता है । सेप्टिक टैंक के तल पर जमा होने वाले स्लज को समय समय पर खाली करने और उपचारित करने की आवश्यकता होती है ( जब यह निर्धारित गहराई तक पहुंच जाता है या निश्चित डीस्लजिंग आवृति ( desludging frequency) पर) ।
डीस्लजिंग (Desludging) - सेप्टिक / इम्हॉफ टैंक , इंटरसेप्टर टैंक या अवसादन टैंक जैसे उपचार टैंकों से स्लज/कीचड़ या जमा हुए ठोस पदार्थ को निकालना ।
सीवेज - शौचालय से निर्वहन किया गया अपशिष्ट जल जिस में मानव शरीर के अपशिष्ट पदार्थ ( मल और मूत्र आदि) , भंग या असंगत, होते हैं । सेप्टिक टैंक या इस तरह की किसी भी सुविधा से निकलने वाली अपशिष्ट भी सीवेज है ।
सीवरेज सिस्टम - सीवेज के संग्रह के लिए भूमिगत नाली को सीवर कहा जाता है । सीवरेज सिस्टम सीवर के नेटवर्क को कहलाता है जो प्रत्येक संपत्ति से उत्पन्न सीवेज को सीवेज पम्पिंग स्टेशन तक ले जाता है, जहां से इसे उपचार के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पंप किया जाएगा ।
उपचार (treatment) यह निर्दिष्ट सुविधाओं में सेप्टेज के आगे के प्रसंस्करण को संदर्भित करता है जिस्से इस का पुनः उपयोग या सुरक्षित निपटान हो सकता है ।
सह-उपचार (co-treatment) - STP पर फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS ) का सह -उपचार एक उपचार प्रक्रिया है जिसमें STP FSS को प्राप्त करता है, इसका पूर्व- उपचार करता है, और उचित प्रक्रिया इकाइयों ( process units ) में वितरित करता है।
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन (Septage Transportation Vehicles) - वैक्यूम पंपों से युक्त वाटर-टाइट, लीक- प्रूफ टैंकर जो OSS से FSS के सुरक्षित संग्रह, इसके सुरक्षित परिवहन और निर्दिष्ट सेप्टेज उपचार सुविधाओं में इसके निपटान के लिए उपयोग किया जाता है ।
सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (एस.एम.सी) (SMC) नगर पंचायत कालाढूंगी( नैनीताल) स्तरपर FSSM गतिविधियों की निगरानी के लिए गठित निकाय जिसमें सब- डिविजनल मजिस्ट्रेट ( SDM ), अधिशासी अधिकारी , उत्तराखंड जल संस्थान, उत्तराखंड पेयजल निगम , राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और अन्य तकनीकी सलाहकार शामिल हैं 9
II . अनुबंध A2 - लघुरूप
FSS Faecal Sludge and Septage
FSSM - Faecal Sludge and Septage Management
FSTP - Faecal Sludge Treatment Plant
OSS Onsite Sanitation Systems
SMC Septage Management Cell
STP - Sewage Treatment Plant
ULB Urban Local Body भाग 8 ]
343 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
III . अनुबंध B डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को लाइसेंस प्रदान करने के लिए नियम और शर्तें ( तकनीकी, प्रशासनिक, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताएं):
सभी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन परिचालक , निजी या नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल) के स्वामित्व वाले , सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण और परिवहन के लिए निम्नलिखित नियम और शर्तों को पूरा करेंगे । ये शर्तें नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल) द्वारा डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अनिवार्य हैं । इन प्रावधानों का उल्लंघन लाइसेंस रद्द करने के लिए उत्तरदायी होगा और उल्लंघन करने वाला ऑपरेटर निर्धारित दंड का भुगतान करने के लिए भी उत्तरदायी होगा।
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्रदान करने के लिए अनिवार्य शर्तें
तकनीकी आवश्यकताएं
हाँ नही OSS और मैनहोल का पता लगाने और मैनहोल खोलने के लिए वेलचा , pry बार, स्क्रू ड्राइवर्स और अन्य हाथ उपकरण
FSS पंपिंग और OSS में पानी मिलाने के लिए होज़ (Hose)
टैंकर रिसाव- प्रूफ , गंध- प्रूफ और स्पिल- प्रूफ ( leak- proof , odour - proof and spill - proof) है और उचित सक्शन और डिस्चार्ज उपकरण से युक्त है ।
टैंकर नगर पंचायत कालाढूंगी द्वारा ट्रैकिंग और निगरानी के लिए GPS से युक्त है ।
किसी भी औद्योगिक अपशिष्ट (industrial waste ) के परिवहन के लिए टैंकर का उपयोग नहीं किया जाता है
प्रशासनिक आवश्यकताएँ
नही
हाँ वाहन के पास मोटर वाहन विभाग से पंजीकरण प्रमाण पत्र है ।
वाहन के पास प्रदूषण नियंत्रण वोर्ड से वैध प्रमाण पत्र है ।
वाहन के सभी नामित ड्राइवरों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हैं ।
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिए नियुक्त सभी कर्मचारियों के पास पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी
अस्पताल से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (health certificate ) हैं ।
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन को नीला रंग दिया गया है जिस पर सफेद रंग में ' SEPTIC TANK WASTE' अंग्रेजी में और ' मल कुंड अपशिष्ट' हिंदी में लिखा है और स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है ।
नही
हाँ
सुरक्षा आवश्यकताएँ
सभी कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों ( personal protective gear ) से लैस हैं जैसे कि हार्ड हैट ( hard hat ) और कपड़े जो परावर्तक और रासायनिक - स्प्लैश प्रतिरोधक ( reflective and chemical splash resistant ) है ।
फेसमास्क/ रेस्पिरेटर जो धूल , धुएं, सूक्ष्म जीवों आदि से बचाता है ।
सुरक्षात्मक हाथ दस्ताने, जूते और सुरक्षा चश्मे ( glove , boot, safety goggles ) ।
आपातकालीन प्राथमिक चिकित्साकिट (first aid kit ) ।
डिसइंफेक्टेंट और स्पिल्ड सामग्रियों को इकट्ठा करने और साफ करने के लिए बैग ।
अन्य सुरक्षा गियर जो लागू है ।
अन्य आवश्यकताएं
हाँ
नही सभी कर्मचारियों / श्रमिकों को समय - समय पर प्रशिक्षण ( वर्ष में कम से कम एक बार) प्रदान किया जाना है (उपकरण के उचित उपयोग , स्लज के सुरक्षित संग्रह, परिवहन और निपटान का संचालन , और प्राथमिक चिकित्सा पर) ।
सरकारी अस्पताल में कर्मचारियों की आवधिक स्वास्थ्य जांच ( वर्ष में कम से कम एक बार ) की गई है और सेप्टेज के संग्रह, परिवहन और निपटान में लगे सभी कर्मचारियों के फिटनेस प्रमाण पत्र ( fitness certificate) प्रस्तुत की गई ।
344
उत्तराखण्ड गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
IV. अनुबंधC1 - नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल) ( नैनीताल ) में सेप्टेज संग्रह, परिवहन और निपटान की लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र
Application form for License to Collect , Transport and Dispose FSS in _ Name Of ULB_
1 Name( s ) of the applicant ( Mr./Ms . ) :
2 Nationality: (Indian/ Other) :
SelfAttested Recent Passport Size Photograph
3 Address of correspondence:
4 Address of Head Office or Registered Office:
5 Contact No.:
(0) :
(M):
6 Einail ID:
7
Details of Vehicles
Registration
Model No.
GPS Details
Type of Vehicle
Insurance Valid Upto
no of Vehicles
Tank Capacity (litres)
Pollution Certificate validUpto
i
iii
iv
Fitness Certificate of Vehicles Valid Upto : S
(1)
(ii)
(iii)
(iv)
9 List of attached documents ( self attested ) :
IdentityProof
Registration certificates
Pollution certificates
Address Proof
Fitness Certificate
DrivingLicense
Certificate of insurance and policy schedules
सेप्टेज परिवहन वाहन का मालिक नोटरी कृत रु.10 ई -स्टांप पर अपने कर्मचारियों की संख्या तथा उनके नाम, पिता का नाम, पता और शैक्षिक योग्यता का विवरण, उनके ड्राइविंग लाइसेंस के प्रति के साथ देंगे ।
पंजीकरण शुल्क का भुगतान CASH / D.D.No. दिनांकः बैंक का नामः के माध्यम से किया गया है।
मैं / हम इस बात को प्रमाणित करते हैं कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान में यथार्थ है। मैं यह भी प्रमाणित करता हूं कि मैंने 'फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम) उपनियम नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) , 2021 ' पढ़ा और समझा है। मैं सहमत हूं कि यदि मेरे द्वारा दी गई कोई भी जानकारी गलत पाई गई तो लाइसेंस के लिए प्रस्तुत किया गया मेरा /हमारा आवेदन किसी भी समय रद्द किया जा सकता है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी मेरी / हमारी होगी।
दिनांकः
संलग्न दस्तावेज की संख्याः
आवेदकों के हस्ताक्षरः
V. अनुबंध C2- नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा जारी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिये लाइसेंस / पंजीकरण भाग 8]
345 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
ULB LOGO
Municipal Corporation / Municipality / Town Panchayat of
_Name of ULB
LICENSE
In accordance with all the terms and conditions of the By- laws / Regulations and any amendments made there under, Municipalities act rules , the special lisence conditions accompanying this lisence and applicable rules and laws of Government of Uttarakhand, the permission is hereby granted to :
License Holder's Name:
Address of tead/ Regd Office:
Plioto
For the collection , transportation and disposal ( at designated sites / STPs ) of faecal sludge and septage from onsite containments in _ Name of ULB .
Lisence No .:
Issuing Authority:
Effective Date:
Valid upto:
Details of Vehicle:
Thislicense shallbe subject to the complianceby the license holder of the conditions stated overleaf.
Signature and Seal of issuing Authority 346
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
संचालनकेनियमऔरशर्तें -
1. लाइसेंसधारी ' फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम) उपनियम नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल) , 2021'के प्रावधानों का अनुपालन करेगा ।
2. लाइसेंसधारी सभी गतिविधियों को इस तरह निष्पादित करेगा ताकि नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल )/ SMC द्वारा जारी किए गए मानकों को प्राप्त कर सकें ।
3. लाइसेंसधारी सभी स्थानीय विधानों का अनुपालन करेगा, जो इस लाइसेंस के तहत की जा रही गतिविधियों के लिए समय-समय पर लागू हो सकते हैं ।
4. लाइसेंसधारी निर्दिष्ट वाहनों को अच्छी और व्यावहारिक स्थिति में बनाए रखेगा ताकि किसी भी दुर्घटना को रोका जा सके।
5. लाइसेंसधारी केवल प्रशिक्षित कर्मियों को नियुक्त करेगा और ऐसे सभी कर्मियों को सुरक्षात्मक गियर प्रदान करेगा। कर्मियों को एक ऑनसाइट रोकथाम इकाई (onsite containment unit) में प्रवेश करने और मैन्युअल स्कैवेंजिंग करने से प्रतिबंधित किया जाएगा । असाधारण स्थितियों में, यह केवल अपेक्षित सावधानियों , सुरक्षा उपकरणों और नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) की अनुमति के साथ किया जा सकता है ।
6. यह लाइसेंस किसी भी अन्य सामग्री या तरल पदार्थ या किसी भी प्रकार के औद्योगिक अपशिष्ट के संग्रह और परिवहन के लिए मान्य नहीं है ।
7. नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) इस्सुइंग अथॉरिटी / SMC इस लाइसेंस की शर्तों को बदलने या इस लाइसेंस की वैधता के दौरान समय- समय पर आगे की शर्तों को लागू करने का अधिकार रखता है ।
8. लाइसेंसधारी ऑपरेटर को नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) द्वारा निर्देशित सेप्टेज के संग्रह, परिवहन और निपटान की पर्याप्त और सही रिकॉर्ड बनाए रखना है ।
9. लाइसेंसधारी नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) की सभी निगरानी आवश्यकताओं का पालन करेंगे जैसे कि टैंकरों की जीपीएस ट्रैकिंग (GPS Tracking ) स्थापित करना । उसके एक्सेस राइट्स ( access rights ) अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) या नगर पंचायत कालाढूंगी (नैनीताल ) द्वारा अधिसूचित एजेंसी को दिए जाएंगे ताकि वाहन को ट्रैक (track)किया जा सके ।
भाग 8]
347 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
10. लाइसेंसधारी यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को केवल उन उपचार स्थलों पर ही ले जाया जाएगा जो नगर पंचायत कालाढूंगी / SMC द्वारा निर्दिष्ट हैं
11. FSS का परिवहन, सुरक्षा और दक्षता के लिए और व्यस्त सड़कों और पीक ट्रैफिक से बचने के लिए, पूर्व- निर्धारित मार्गों द्वारा किया जाएगा ।
12. लाइसेंसधारी ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए ।
13. लाइसेंसधारी ऑपरेटर द्वारा अनाधिक्रत या अन्य किसी स्थल पर सेप्टेज डाला जाने की पुष्टि पाये जानें पर लाइसेंस स्वतः हीनिरस्त माना जाएगा ।
14. लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त गतिविधियों के लिए इन उपनियमो के अंतर्गत भाग -2 के बिंदु VI (अनुबंध – D ) के अनुसार शुल्क लगाएगा।
VI . अनुबंध D - नगर पंचायत कालाढूंगी( नैनीताल ) में FSS के संग्रह, परिवहन और निपटान का रिकॉर्डः
नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) में फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS ) के संग्रह, परिवहन और निपटान का रिकॉर्ड दिनांकः
समयः
1. ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS) के स्वामी का विवरण
नामः
पता:
संपर्क नंबरः
स्थापना का प्रकार:
2. OSS सिस्टम का विवरण
निर्माण का वर्षः
पिछली डी स्लजिंग (दिनांक):
यदि हाँ, तो इस से जुड़ाः
आउटलेट(outlet ) मौजूद है (हां / नहीं):
दीवारें:
कन्टेन्मेंट ( containment) का आकारः परत(हां / नहीं): तलः
कक्षों की संख्याः प्रत्येक बाफिल वाल (baffle wall) में छिद्र की संख्याः
लंबाई: चौड़ाई: गहराई:
आयाम (मीटरमें)
व्यासः गहराई:
348
उत्तराखण्ड गजट, 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
GPSको ऑर्डिनेट
अक्षांश( Latitude):
देशांतर ( Longitude ) :
संपत्ति के भीतर कन्टेन्मेंट का स्थानः
3. डीस्लजिंग (Desludging)
FSSकी मात्रा (क्यूबिक मीटर में) :
डीस्लजिंग में समय ( घंटे में):
यात्रा की लंबाई (कि.मी.में):
आने-जाने में समय (घंटे में):
4. डीस्लजिंग सेवा प्रदाता का विवरण
ऑपरेटर का नामः
वाहन पंजीकरण नंबरः
नगरपालिका परिषद्, रामनगर लाइसेंस नंबर:
5. हस्ताक्षर
ऑपरेटर:
ड्यूटी पर कर्मचारीः
OSSस्वामी:
6. निर्दिष्ट साइट/ उपचार केंद्र पर निपटान
समय ( hh:mm):
FSS की मात्रा (क्यूबिक मीटर में ) :
सेप्टेज परिवहन कर्मचारियों का नामः
STP / FSTP ऑपरेटर का नामः
7. हस्ताक्षर
STP/FSTP ऑपरेटरः
वाहन मालिकः
ड्यूटी पर सेप्टेज परिवहन कर्मचारीः
नगर पंचायत कालाढूंगी अधिकारीः
VII . अनुबंध E - नगर पंचायत कालाढूंगी ( नैनीताल ) में डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन सेवाओं के लिये उपभोक्ता शुल्क की सूची
S. No.
वर्ग
रुपये में शुल्क ( प्रति चक्कर 3000लीटर तक)
सेप्टिक टैंक को खाली करने के लिए अंतराल
1.
Kucchahouse/Hut
1500
3-5 वर्ष
2.
All otherhouse ( Pucca House)
2500
3-5 वर्ष
3.
Shop
3000
3-5 वर्ष
4.
All govt./Privateoffices
2500
2-4 वर्ष
5.
Bank
4000
2-4 वर्ष
6.
Community Toilet/Public Toilet
3500
2-3 वर्ष
7.
Restaurant
2500
2-4 वर्ष
8.
Hotel/Guest House 01 to 10 Rooms
4000
2-4 वर्ष
9.
Hotel Guest House 11 to 20 Rooms
4500
2-3 वर्ष
10 . Hotel/Guest House above 20 Rooms
5000
2-3वर्ष
11 . Dharamshala 01 to 25 Rooms
3500
3-5वर्ष
12 .
Dharamshala above 25 Rooms
4500
3-5वर्ष
भाग 8 ] उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्) 349
13. 3-StarHotel
5000 3-5वर्ष
14. 5-StarHotel
6000 3-5वर्ष
15. Govt. school/college ( up to 1000 students )
2500 2-3 वर्ष
16. Govt. school/college ( above 1000 students)
3000 2-3 वर्ष
17. Privateschool/college ( up to 1000 students ) 3000 2-4 वर्ष
18. Privateschool /college ( up to 1000 students ) 2500 3-4 वर्ष
19. 2-wheeler vehicle showroom 2500 3-4वर्ष
20. 4-wheeler vehicle showroom 5000 3-4वर्ष
21. Multiplex 4500 2-4 वर्ष
22. Hostel 01 to 20 Rooms 4000 2-4 वर्ष
23. Hostel 21 above 4500 2-4 वर्ष
24. Marriagehall/Banquet hall 4000 2-3वर्ष
25 . Bar 4000 2-3वर्ष
26. Govt. Hospital ( upto 20 Beds) 3500 2-4वर्ष
27 . Govt. Hospital (above 20 Beds) 4500 2-4वर्ष
28. Nursing home/Clinic ( upto 20 Beds ) 3500 2-4 वर्ष
29. Nursing home/Clinic ( above 20 Beds) 4000 2-4वर्ष
30. Pathological lab 3500 3-5 वर्ष
31. PrivateHospital upto 20 beds 4000 2-4 वर्ष
32. PrivateHospital above 50 beds 8000 2-4 वर्ष
33. Ricemill/Other mill 4000 2-4 वर्ष
34. Any Industry in SIDCUL Area 4500 2-4 वर्ष
35. ANY OTHER TYPE 3000 2-4 वर्ष
36. Petrol pump 3500 2-4 वर्ष
VIII . अनुबंध F - Fines and Penalty¹
S. No. कोई अन्य दंडात्मक
प्रकार सांकेतिक जुर्माना ( Rs. में)
कार्रवाई
1. नाली/ सड़क / खुले क्षेत्र में अपशिष्ट जल का सीधा या
1500
असुरक्षितनिर्वहन
1.1. दूसरी बार उल्लंघन 2500
1.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे 5000
2. OSS का अवैज्ञानिक डिजाइन और निर्माण 1500
2.1. दूसरी बार उल्लंघन 2500
2.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे 5000
3 . बिना ULB से पंजीकरण के डीस्लजिंग और सेप्टेज
2000
परिवहन वाहनों का संचालन
3.1. दूसरी बार उल्लंघन 5000
तीसरी बार उल्लंघन और आगे वाहन का पंजीकरण निरस्त करने हेतु
3.2.
आर ० टी ० ओ ० को संस्तुति/ 3 माह के
लिए परमिट निरस्त करना
350
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
4.
2000
ट्रैफ़िक नियमों में अनुशंसित वैध प्रमाणीकरण के बिना डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों का संचालन
4.1.
3000
दूसरी बार उल्लंघन
4.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
5000
5.
1500
आकस्मिकरिसाव को नियंत्रित करने में गैर- अनुपालन
2500
5.1. दूसरी बार उल्लंघन
5.2. तीसरी बार उल्लंघन और आगे
5000
6.
3000
FSTP / STP से अनुपचारित FSS का निर्वहन
5000
6.1. दूसरी बार उल्लंघन
7.
3500
(ULB / SMC) द्वारा सूचित किए गए स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर अनुपचारित FSS का निर्वहन
5000
7.1. दूसरी बार उल्लंघन
तीसरी बार उल्लंघन और आगे
सम्बंधित डिस्लजिंग और सेप्टेज
7.2.
वाहन का पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा
1 उचित प्रक्रिया से सेप्टेज मैनेजमेंट सेल द्वारा निर्णय लिया जाना है और यूएलवी द्वारा अधिसूचित किया जाना है
1. अनुबंध G - ऑनसाइट स्वच्छता रोकथाम इकाई (Onsite Sanitation Containment Unit) का निर्माण विवरण
यह अनुबंध एक साधारण सेप्टिक टैंक के डिजाइन और निर्माण के विवरण की समझ देना है देताहै, जो कि फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) में उपयोग किए जाने वाले कई प्रकार के ऑनसाइट स्वच्छता रोकथाम इकाई में से एक है। यहां दिए गए विवरण गृह और शहरी मामलों के मंत्रालय , भारत सरकार ( MoHUA) और केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण इंजीनियरिंग संगठन (CPHEEO ) द्वारा " मैनुअल ऑन सीवरेज एंड सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम्स ", 2013 से तैयार किए गए ( http://cpheeo.gov.in/cms/manual-on-sewerage-and-sewage-treatment.php ) हैं
इस मैनुअल के भाग A- अध्याय 9 का शीर्षक 'ऑन- साइट सैनिटेशन' सेप्टिक टैंक के निर्माण , संचालन और रखरखाव के विवरण के लिए संदर्भित किया जा सकता है ।
(http://cpheeo.gov.in/upload/uploadfiles/files/engineering chapter9.pdf )
i. सेप्टिक टैंक क्याहै ?
सेप्टिक टैंक एक संयुक्त अवसादन और पाचन टैंक (combined sedimentation and digestion tank) है जहां सीवेज एक
से दो दिनों के लिए आयोजित किया जाता है। यहां , निलंबित ठोस टैंक के नीचे तक बस जाते हैं और एनारोबिक पाचन से गुजरते हैं। यह स्लज की मात्रा और जैव-निम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थों में कमी के साथ- साथ कार्बनडाइऑक्साइड, मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों की रिहाई का कारण बनता है।
सेप्टिक टैंक से बहने वाले अपशिष्ट जल आगे के उपचार की आवश्यकता होती है, और एक उचित सीवरेज सिस्टम में निपटान किया जाना चाहिए ।
सेप्टिक टैंक केवल व्यक्तिगत घरों और छोटे समुदायों और संस्थानों के लिए अनुशंसित हैं, जिनकी आबादी 300 से अधिक नहीं है।
ii. सेप्टिक टैंक का डिजाइन
सेप्टिक टैंक को पर्याप्त मात्रा में डिजाइन किया जाना चाहिए, और उचित इनलेट और आउटलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। वे आमतौर पर आकार में आयताकार होते हैं और या तो एक सिंगल टैंक या एक डबलटैंक हो सकते हैं। जहां डबल टैंक होता है , पहला कंपार्टमेंट आमतौर पर दूसरे के आकार से दो गुना होता है। तरल की गहराई 1-2 मीटर है और लंबाई से चौड़ाई का अनुपात 2-3 से 1. है (चित्र A1 देखें) भाग 8]
351
उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर , 2024 ई० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
सेप्टिक टैंक का मुख्य उद्देश्य यह है कि टॉयलेट अपशिष्ट का ठोस हिस्सा तल पर बस जाए और सतह पर मैल (scum) जमा हो जाए। इन दो परतों (स्लज और मैल , sludge and scum ) के बीच पर्याप्त अंतर होना चाहिए ताकि केवल सीवेज बहता है । इसलिए , सेप्टिक टैंक को टॉयलेट अपशिष्ट के लिए स्थिर स्थिति ( stilling conditions) प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया जाना चाहिए ताकि निलंबित ठोस वस्तु ( suspended solids )को व्यवस्थित किया जा सके ।
स्लज और मैल के संचय के लिए आवश्यक मात्रा की गणना करके, टॉयलेट अपशिष्ट सेप्टिक को 24 से 48 घंटे का अवधारण समय के लिए टैंक का डिज़ाइन किया जाना चाहिए ।
सर्वेप्टिक टैंक को नियमित रूप से खाली किया जाना चाहिए ( 1-3 वर्षों में एक बार) ।
व्यक्तिगत घरों ( 20 उपयोगकर्ताओं तक) और आवास कालोनियों ( 300 उपयोगकर्ताओं तक) के लिए सेप्टिक टैंकों के अनुशंसित आकार क्रमशःटेबल A- 1 और A- 2 में नीचे दिए गए हैं।
टेबल A- 1: 20 उपयोगकर्ताओं तक रोप्टिक टैंक के अनुशंसित आकार
उपयोगकर्ताओं की संख्या
लंबाई (m) सफाई अंतराल के संबंध में तरल गहराई ( m )
चौड़ाई (m)
5
1.5
10
2.0
15
2.0
20
2.0 2साल
3साल
0.75
1.0
1.05
0.90
1.0
1.40
0.90
2.00
1.3
1.10
नोट:
1.80
1.3
a ) यहां सिफारिश की गई क्षमताएं इस धारणा पर हैं कि सेप्टिक टैंक में केवल शौचालय अपशिष्ट का उपचार किया जाएगा। अन्य सभी अपशिष्ट जैसे कि रसोई का कचरा पानी , नहाने का पानी, सिंक से पानी का निकास, आदि को सीधे सीवेज सिस्टम में डाला जाएगा।
b) सेप्टिक टैंक के डिजाइन में कम से कम 300 मि.मी. ( mm ) का एक फ्रीबोर्ड( freeboard ) शामिल होना चाहिए ।
c) सेप्टिक टैंक का आकार IS : 2470 ( part 1) से अनुमानित पीक डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन करते समय सटीक गणना की जाएगी।
TableA- 2: 300 उपयोगकर्ताओं तक की आवासीय कॉलोनी के लिए सेप्टिक टैंक का अनुशंसित आकार
लंबाई (m) सफाई अंतराल के संबंध में तरल गहराई ( m )
चौड़ाई (m)
उपयोगकर्ताओं की संख्या
3 साल
2साल
1.24
1.0
2.00
5.0 50
1.24
1.0
2.65
7.5 100
1.24
1.0
3.00
10.0 150
1.24
1.0
3.30
12.0 200
1.24
1.0
4.00
15.0 300 352
उत्तराखण्ड गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 8
नोट:
a ) सेप्टिक टैंक के डिजाइन में कम से कम 300 मि.मी. (mm ) का एक फ्रीबोर्ड ( freeboard ) शामिल होना चाहिए।
b ) सेप्टिक टैंक का आकार IS : 2470 ( part 1 )से अनुमानित पीक डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन करते समय सटीक गणना की जाएगी।
c) 100 से अधिक की आबादी के लिए, टैंक को, रखरखाव और सफाई के लिए, स्वतंत्र समानांतर कक्षों में विभाजित किया जा सकता है ।
नग्र्मािण विवरण
सेप्टिक टैंक का निर्माण करते समय निम्नलिखित विवरणों को ध्यान में रखा जाना चाहिए
सोप्टिक टैंकों का निर्माण ईंट के काम , पत्थर की चिनाई या कंक्रीट के इन-सीटू या प्री- कास्ट सामग्रियों से किया जा सकता है। एस्बेस्टस सीमेंट / एच डी पी ई( HDPE) जैसी सामग्रियों से बने प्री-कास्ट टैंक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते वेपन रोक हों और स्थिर धरती ( static earth ) और सुपरिम्पोज्ड लोड ( superimposed loads ) को संभालने और स्थापित करने में पर्याप्त ताकत रखते हों।
सभी सेप्टिक टैंक पर्याप्त शक्ति के पनरोक कवर के साथ प्रदान किए जाएंगे । टैंक के निरीक्षण और खाली करने के लिए पर्याप्त एक्सेस मैनहोल(न्यूनतम दो, अधिक लंबी दिशा की विपरीत छोरों पर एक- एक) भी प्रदान किए जाएंगे ।
टैंक का फर्श सीमेंट कंक्रीट का होना चाहिए और स्लज आउटलेट की ओर ढलान वाला होना चाहिए। सतहों को चिकना करने और उन्हें पनरोक करने के लिए फर्श और साइड की दीवार दोनों को सीमेंट मोर्टार से प्लास्टर किया जाएगा।
टैंक के इनलेट और आउटलेट को एक- दूसरे से यथासंभव दूर और विभिन्न स्तरों पर स्थित होना चाहिए । इसके अलावा, उन्हें उन स्तरों पर स्थित नहीं होना चाहिए जहां स्लज या मैल (sludge or scum ) का निर्माण होता है।
आउटलेट पाइप के इनवर्ट को इनलेट पाइप के इनवर्ट के स्तर से 5-7 cm के नीचे रखा जाना चाहिए।
इनलेट और आउटलेट दोनों पर बाफ़ल उपलब्ध कराया जाना चाहिए और 25 cm से 30 cm तरल में डुबना चाहिए और तरल से 15 cm ऊपर रहना चाहिए। बफल्स को सीधे इनलेट पाइप के मुंह से टैंक की लंबाई के एक- पांचवें हिस्से की दूरी पर रखा जाना चाहिए।
बड़ी क्षमताओं के लिए , इनलेट से टैंक की लंबाई की दो- तिहाई की दूरी पर विभाजन- दीवार के साथ निर्मित दो-कम्पार्टमेंट टैंक उचित होगा। ये दो कम्पार्टमेंट को स्लज भंडारण स्तर से ऊपर परस्पर जुड़ा होना चाहिए , पाइप या चौकोर उद्घाटन के माध्यम से, जिसका व्यास या साइड लंबाई 75 mm से कम नहीं है।
प्रत्येक सेष्टिक टैंक को वेंटिलेशन पाइप के साथ प्रदान किया जाना चाहिए , शीर्ष एक उपयुक्त मच्छर प्रूफ वायरमेष के साथ कवर किया जा रहा है । पाइप की ऊंचाई 20 मीटर के दायरे में उच्चतम इमारत के शीर्ष से कम से कम 2 मीटर ऊपर होनी चाहिए।
भाग 8]
353 उत्तराखण्ड गजट , 28 सितम्बर, 2024 ई ० (आश्विन 06 , 1946 शक सम्वत्)
OUTLET
DEFLECTOR
150
ALLDIMENSIONSIN
पुष्करकत्यूरा, अध्यक्ष,
150-
नगरपंचायत,कालाढूंगी।
450
150
150
SCUM BOARD
300
OPENING
PENSTOCK
PENSTOCK
SECTIONXX
1500
M (OVER1200)
TWL
SLOPEIN10
BAFFLE
150
150 525πιαχ 300min
150
FigureF-1:Typicalsketchoftwocompartmentseptictankforpopulationsover50asperIS:2470(Part1),1985
BENCHING
ईश्वरसिंहरावत, अधिशासीअधिकारी,
नगरपंचायतकालाढूंगी।
CS 方
INLETCHAMBER
पी ० एस ० यू० ( आर ०ई०) 39 हिन्दी गजट/ 404 - भाग 8-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।