पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-25] रुड़की, शनिवार, दिनांक 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्) [ संख्या-49
विषय- सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग - अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु० सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
1387-1393
1500 भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1267-1636
1500 भाग 1 - क-नियम, कार्य-विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975
भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975
भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975
भाग 7 -इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
399-400
भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ -पत्र आदि
1425
1387 क 1388
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
राजस्व परिषद् , उत्तराखण्ड
विज्ञप्ति
16 नवम्बर , 2023 ई ०
पत्रांक-4210 / तीन-87 / च 0 सं0 / 2024- उत्तराखण्ड शासन , राजस्व अनुभाग -3 , देहरादून के शासनादेश संख्या-561 / XVIII (3 ) / 2024-03 (07 ) / 2016, दिनांक 29 अक्टूबर , 2024 से प्राप्त अनुमति के अनुक्रम में उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी अधिनियम-1953 (उ०प्र ० अधिनियम संख्या -5 , सन् 1954 ) (उत्तराखण्ड में प्रवृत्त) की धारा -52 की उपधारा ( 1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुये , मैं चन्द्रेश कुमार, संचालक चकबन्दी , उत्तराखण्ड , देहरादून एतद्वारा विज्ञापित करता हूँ कि इस विज्ञप्ति के सरकारी गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से जनपद हरिद्वार , परगना गोरधनपुर , तहसील लक्सर के निम्न ग्राम में चकबन्दी क्रियायें समाप्त हो गयी है:-
क्र०सं ०
ग्राम का नाम
तहसील
परगना
जनपद
3
1
2
4
5
1-
लक्सर
हरिद्वार राजपुर
गोरधनपुर
विज्ञप्ति .
16 नवम्बर , 2023 ई ०
पत्रांक-4211 / तीन -78 /च 0 सं 0 /2024- उत्तराखण्ड शासन, राजस्व अनुभाग -3 , देहरादून के शासनादेश संख्या-556 / XVIII (3 ) / 2024-03 (07 ) / 2016 , दिनांक 29 अक्टूबर, 2024 से प्राप्त अनुमति के अनुक्रम में उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी अधिनियम-1953 (उ० प्र ० अधिनियम संख्या -5 , सन् 1954 ) ( उत्तराखण्ड में प्रवृत्त ) की धारा -52 की उपधारा ( 1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुये , मैं चन्द्रेश कुमार , संचालक चकबन्दी , उत्तराखण्ड, देहरादून एतद्द्वारा विज्ञापित करता हूँ कि इस विज्ञप्ति के सरकारी गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से जनपद हरिद्वार , परगना मंगलौर , तहसील लक्सर के निम्न ग्राम में चकबन्दी क्रियायें समाप्त हो गयी है:-
तहसील
क्र०सं ०
परगना
ग्राम का नाम
जनपद
1
3
4
2
5
महेशरी
लक्सर
1-
मंगलौर
हरिद्वार
चन्द्रेश कुमार,
संचालक , चकबन्दी /
आयुक्त एवं सचिव
उत्तराखण्ड, देहरादून ।
भाग 1 ]
1389 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण16, 1946 शक सम्वत्)
श्रम अनुभाग
नियुक्ति आदेश
14 अक्टूबर, 2024 ई ०
संख्या-1069 / VIII - 1 /24-35(श्रम) /2017 - उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग हरिद्वार द्वारा उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2021 के अन्तर्गत श्रम विभाग के अन्तर्गत सहायक श्रम आयुक्त के पद हेतु संस्तुत श्री सुनील तिवारी , पुत्र श्री प्रकाश चन्द्र तिवारी, ओक ओवर कॉटेज , निकट शहीद सैनिक स्कूल , नैनीताल को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सहायक श्रम आयुक्त (वेतनमान 56100-177500 लेवल-10) के पद पर अस्थायी / औपबंधिक रूप से नियुक्त करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है । यह नियुक्ति निम्नांकित शर्तों के अधीन होगीः-
1. यदि आपके स्वास्थ्य परीक्षण तथा चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन के पश्चात राज्य सेवा में नियुक्ति हेतु यदि आपको अनुपयुक्त पाया जाता है अथवा स्वास्थ्य परीक्षण में अनुपयुक्त पाया जाता है तो आपकी परिवीक्षा काल समाप्त करते हुये उक्त नियुक्ति "अस्थायी कर्मचारी सेवा समाप्त नियमावली-1975" के प्रावधानानुसार निरस्त कर दी जायेगी ।
2. संबंधित अभ्यर्थी को निर्धारित तिथि से पं० दीनदयाल उपाध्याय, वित्तीय प्रशासन प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र देहरादून में आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा । जिसकी सूचना उन्हें पृथक से प्रेषित की जायेगी ।
3. सहायक श्रम आयुक्त को वेतनमान के अतिरिक्त समय- समय पर जारी शासनादेशों के अन्तर्गत अनुमन्य मंहगाई भत्ता तथा अन्य भत्ते भी देय होंगे ।
4. आपको 02 वर्ष के लिये परिवीक्षा पर रखा जायेगा , जिसे नियमानुसार बढ़ाया भी जा सकता है ।
5. नियुक्ति स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु अभ्यर्थी को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
6. अभ्यर्थी पं० दीनदयाल उपाध्याय , वित्तीय प्रशासन प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र देहरादून में आदेश निर्गत होने से 30 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे तथा कार्यभार ग्रहण करते समय उनके द्वारा निम्न प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे:-
I. यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन की रिपोर्ट एवं अन्य जाति प्रमाण पत्र अथवा स्थायी निवास प्रमाण पत्र के सत्यापनोपरान्त कोई प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आता है तो उनका नियुक्ति आदेश निरस्त किये जाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी और उनका कोई भी दावा स्वीकार्य नहीं होगा ।
1390
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
II. अभियोजन न चलाये जाने एवं न्यायालय द्वारा दण्डित न किये जाने के संबंध में घोषणा पत्र ।
शैक्षिक योग्यता, आयु स्थायी निवास एवं जाति से संबंधित प्रमाण पत्रों की 01-01 प्रमाण प्रतियां तथा उनके सत्यापन हेतु समस्त मूल प्रमाण पत्र ।
सीक्रेट एक्ट की जानकारी होने का प्रमाण पत्र। IV.
V. चल तथा अचल सम्पत्ति का घोषणा पत्र ।
VI . लिखित रूप से एक अंण्डर टेकिंग कि यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन के पश्चात उन्हें सरकारी सेवा के लिये अनुपयुक्त पाया जाता है, तो उनकी यह नियुक्ति निरस्त की जायेगी । जिसके लिये वे किसी क्षतिपूर्ति के हकदार नहीं होंगे ।
VII. वैवाहिक स्थिति यदि विवाहित है तो 01 से अधिक जीवित पत्नी न होने के आशय का प्रमाण पत्र ।
VIII . दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण पत्र जो सक्रिय सेवा में हो, और उनके निजी जीवन से पूर्ण रूप से परिचित हों, किन्तु उनके सबंधी या रिस्तेदार न हो, संलग्न करना होगा ।
IX. केन्द्र/ राज्य सरकार के अधीन की गयी सेवाओं का घोषणा पत्र (यदि कोई हो) ।
7. यह नियुक्ति आदेश मा. उच्च न्यायालय , उत्तराखण्ड नैनीताल में दायर रिट याचिका संख्या 202/ 2022 (एस ०बी०) , रिट याचिका संख्या 219/2022 (एस ० बी०) , रिट याचिका संख्या317/2022 (एस ०बी० ), रिट याचिका संख्या 289/2022 (एस० बी०) , रिट याचिका संख्या 301/2022 (एस०बी०) , रिट याचिका संख्या 1058/2022 (एस० बी०), रिट याचिका संख्या 399/2022 (एस ०बी०), रिट याचिका संख्या 583/2022 (एस० बी०), रिट याचिका संख्या 550/2023 (एस०बी०) , रिट याचिका संख्या 644 / 2022(एस० बी०), रिट याचिका संख्या 414/2022 (एस 0 बी0), रिट याचिका संख्या 300/2022 (एस० बी०), रिट याचिका संख्या 53/2023 (एस ०बी०) , रिट याचिका संख्या 72/2023 (एस० बी०) , रिट याचिका संख्या 74/2023 (एस०बी० ), रिट याचिका संख्या 245/2023 (एस0बी0 ) , रिट याचिका संख्या 155/2024 (एस०बी०) एवं रिट याचिका संख्या 466/2024 (एस०बी०) में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी ।
भाग 1 ]
1391 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्त)
नियुक्ति आदेश
14 अक्टूबर, 2024 ई ०
संख्या-1070 / VIII - 1 /24-35(श्रम) /2017- उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग हरिद्वार द्वारा आयोजित , उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा -2021 के अन्तर्गत श्रम विभाग के अन्तर्गत सहायक निदेशक , कारखांना / बॉयलर के पद हेतु संस्तुत श्री नितीश मठपाल पुत्र श्री लक्ष्मी नारायण मठपाल , पताः टाईप- II / 132 , एफ०आर० आई० कॉलोनी, निकट बल्लुपुर चौक, देहरादून को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सहायक निदेशक , कारखाना / बॉयलर (वेतनमान 56100-177500 लेवल-10) के पद पर अस्थायी / औपबंधिक रूप से नियुक्त करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है । यह नियुक्ति निम्नांकित शर्तों के अधीन होगी: -
1. यदि आपके स्वास्थ्य परीक्षण तथा चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन के पश्चात राज्य सेवा में नियुक्ति हेतु यदि आपको अनुपयुक्त पाया जाता है अथवा स्वास्थ्य परीक्षण में अनुपयुक्त पाया जाता है तो आपकी परिवीक्षा काल समाप्त करते हुये उक्त नियुक्ति "अस्थायी कर्मचारी सेवा समाप्त नियमावली-1975 " के प्रावधानानुसार निरस्त कर दी जायेगी ।
2. संबंधित अभ्यर्थी को निर्धारित तिथि से पं० दीनदयाल उपाध्याय , वित्तीय प्रशासन प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र देहरादून में आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा । जिसकी सूचना उन्हें पृथक से प्रेषित की जायेगी ।
3. सहायक निदेशक, कारखाना / बॉयलर को वेतनमान के अतिरिक्त समय- समय पर जारी शासनादेशों के अन्तर्गत अनुमन्य मंहगाई भत्ता तथा अन्य भत्ते भी देय होंगे ।
4. आपको 02 वर्ष के लिये परिवीक्षा पर रखा जायेगा, जिसे नियमानुसार बढ़ाया भी जा सकता है ।
5. नियुक्ति स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु अभ्यर्थी को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा ।
6. अभ्यर्थी पं० दीनदयाल उपाध्याय, वित्तीय प्रशासन प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र देहरादून में आदेश निर्गत होने से 30 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे तथा कार्यभार ग्रहण करते समय उनके द्वारा निम्न प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे:-
I. यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन की रिपोर्ट एवं अन्य जाति प्रमाण पत्र अथवा स्थायी निवास प्रमाण पत्र के सत्यापनोपरान्त कोई प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आता है तो उनका नियुक्ति आदेश निरस्त किये जाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी और उनका कोई भी दावा स्वीकार्य नहीं होगा ।
1392
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
II. अभियोजन न चलाये जाने एवं न्यायालय द्वारा दण्डित न किये जाने के संबंध में घोषणा पत्र ।
Ш. शैक्षिक योग्यता, आयु स्थायी निवास एवं जाति से संबंधित प्रमाण पत्रों की 01-01 प्रमाण प्रतियां तथा उनके सत्यापन हेतु समस्त मूल प्रमाण पत्र।
IV. सीक्रेट एक्ट की जानकारी होने का प्रमाण पत्र ।
V. चल तथा अचल सम्पत्ति का घोषणा पत्र ।
VI. लिखित रूप से एक अण्डर टेकिंग कि यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन के पश्चात उन्हें सरकारी सेवा के लिये अनुपयुक्त पाया जाता है, तो उनकी यह नियुक्ति निरस्त की जायेगी । जिसके लिये वे किसी क्षतिपूर्ति के हकदार नहीं होंगे ।
VII . वैवाहिक स्थिति यदि विवाहित है तो 01 से अधिक जीवित पत्नी न होने के आशय का प्रमाण पत्र ।
vil. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण पत्र जो सक्रिय सेवा में हो, और उनके निजी जीवन से पूर्ण रूप से परिचित हों, किन्तु उनके सबंधी या रिस्तेदार न हो , संलग्न करना होगा ।
IX. केन्द्र / राज्य सरकार के अधीन की गयी सेवाओं का घोषणा पत्र (यदि कोई हो) ।
7. यह नियुक्ति आदेश मा. उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड नैनीताल में दायर रिट याचिका संख्या 202 / 2022 (एस० बी ० ) , रिट याचिका संख्या 219/2022(एस0बी0०), रिट याचिका संख्या 317/2022 (एस० बी०), रिट याचिका संख्या 289/2022 (एस ०बी०) , रिट याचिका संख्या 301/2022 (एस० बी०) , रिट याचिका संख्या 1058/2022 (एस 0बी0) , रिट याचिका संख्या 399/2022 (एस ०बी०), रिट याचिका संख्या 583/2022 (एस०बी०), रिट याचिका संख्या 550 / 2023 (एस०बी०) , रिट याचिका संख्या 644 / 2022 (एस 0बी0), रिट याचिका संख्या 414/2022 (एस 0 बी0), रिट याचिका संख्या 300/2022 (एस०बी०), रिट याचिका संख्या 53/2023 (एस ० बी०), रिट याचिका संख्या 72/2023 (एस०बी०) , रिट याचिका संख्या 74/2023 (एस ० बी०), रिट याचिका संख्या 245/2023 (एस० बी०), रिट याचिका संख्या 155/2024 (एस ०बी० ) एवं रिट याचिका संख्या 466/2024 (एस०बी०) में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी ।
आज्ञा से, डॉ० पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव ।
भाग 1 ]
1393 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 20:24 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग -1
कार्यालय आदेश
07 नवम्बर , 2024 ई ०
संख्या-1762 / XXVIII - 1 / 2024 / 01 ( 139 ) 2009- एतद्द्वारा उत्तराखण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा नियमावली, 2014 के प्रावधानुसार उत्तराखण्ड पी० एम ० एच ० एस ० संवर्ग के अन्तर्गत वरिष्ठ चिकित्साधिकारी वेतन मैट्रिक्स-12 (पूर्व वेतनमान -15,600-39,100 वेतन बैण्ड-3 , ग्रेड वेतन -7600 ) के पद पर कार्यरत निम्नांकित चिकित्साधिकारियों को नियमित चयनोपरान्त , वर्तमान तैनाती स्थान पर ही कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से संयुक्त निदेशक वेतन मैट्रिक्स -13 (पूर्व वेतनमान-37,400-67,000 , वेतन बैण्ड -4 , ग्रेड वेतन-8700 ) के पद पर पदोन्नति प्रदान करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः-
क्र०सं ०
चिकित्साधिकारी का नाम
1.
डा० बलवीर सिंह
2.
डा० राजीव उपाध्याय
3.
डा० पवन कुमार
2- उक्तानुसार पदोन्नत संयुक्त निदेशकों की तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
3- उपरोक्त पदोन्नत संयुक्त निदेशकों को एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाता है ।
कार्यालय आदेश
07 नवम्बर, 2024 ई ०
संख्या-1763 / XXVIII - 01 / 2024 / 01 (139) 2009- एतद्वारा उत्तराखण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा नियमावली, 2014 के प्रावधानुसार उत्तराखण्ड पी ०एम० एच ०एस० संवर्ग के अन्तर्गत संयुक्त निदेशक , वेतन मैट्रिक्स-13 ( पूर्व वेतनमान - 37,400-67,000 , वेतन बैण्ड -4 , ग्रेड वेतन रू0 8700 ) के पद पर कार्यरत निम्नांकित चिकित्साधिकारियों को नियमित चयनोपरान्त, वर्तमान तैनाती स्थान पर ही कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अपर निदेशक वेतन मैट्रिक्स -13 क (पूर्व वेतनमान - 37,400-67,000 , वेतन बैण्ड-4 , ग्रेड वेतन रू0 8900 ) के पद पर पदोन्नति प्रदान करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः-
क्र०सं०
चिकित्साधिकारी का नाम
1. डा० विजय सिंह
2. डा० राजेश कुमार सिन्हा
3. डा० विजयेश भारद्वाज
4. डा० हरीश चन्द्र गढ़कोटी
5. डा० पंकज माथुर
6. डा० सत्यप्रकाश त्रिपाठी
7. डा० बिन्धेश कुमार शुक्ला
2- उक्तानुसार पदोन्नत अपर निदेशकों की तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
3- उपरोक्त पदोन्नत अपर निदेशकों को एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाता है ।
आज्ञा से ,
डा० आर० राजेश कुमार, सचिव ।
पी० एस ०यू० (आर०ई०) 49 हिन्दी गजट / 553 - भाग 1-2024 (कम्प्यूटर/ रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/ 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य- विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
कार्यालय आयुक्त, राज्य कर, उत्तराखण्ड, देहरादून
संशोधित आदेश
26 अक्टूबर, 2024 ई ०
पत्रांक / 3127 / आयु ० रा ० क ० उत्तरा ० / स्था ० अनु ० / रा० कर / 2024-25 / दे ० दून - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2021 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा राज्य कर विभागान्तर्गत नवचयनित 28 राज्य कर अधिकारियों के नियुक्ति आदेश संख्या क्रमशः- 2864 , 2865 , 2866 , 2867, 2868, 2869, 2870 , 2871 , 2872 , 2873,2874 , 2875 , 2876 , 2877 , 2878 , 2879 , 2880 , 2881 , 2882 , 2883, 2884, 2885, 2886 , 2887 , 2888, 2889 , 2890 , एवं 2891 , दिनांक 14.10.2024 के प्रथम पैरा में त्रुटिवश 'लेवल-8 ' अंकित हुआ हैं , जबकि उक्त अधिकारियों की नियुक्ति लेवल -7 में हुई हैं । अतः उक्त आदेशों में त्रुटिवश अंकित लेवल -8 के स्थान पर लेवल -7 पढ़ा / समझा जाए ।
रहेंगे । उपरोक्तानुसार समस्त नियुक्ति आदेशों को उक्त सीमा तक संशोधित किया जाता हैं , शेष आदेश यथावत
डॉ० अहमद इकबाल , आयुक्त राज्य कर , उत्तराखण्ड ।
1267-ख 1268
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग
अधिसूचना
17 सितम्बर, 2024 ई०
सं० F -9(36)/RG/UERC/2024/855: विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 61 सपठित धारा 181 के अधीन प्रदत्त शक्तियों और इस निमित्त सामर्थ्यकारी सभी अन्य शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा पूर्व प्रकाशन के पश्चात् उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग एतद्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्:-
भाग-1
प्रारम्भिक
1 संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ
(1) इन विनियमों का नाम उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (बहुवर्षीय शुल्क के अवधारण हेतु निबंधन और शर्तें) विनियम, 2024 , संक्षेप में उ.वि.नि.आ. , शुल्क विनियम , 2024 होगा ।
(2) इन विनियमों का विस्तार संपूर्ण उत्तराखण्ड राज्य में होगा ।
(यह विनियम दिनांक 05.10.2024 के अंग्रेजी विनियम का हिन्दी रूपान्तरण है, किसी भी तरह के विवाद (व्याख्या) के लिए अंग्रेजी विनियम अन्तिम एवं मान्य होगा ।)
(3) ये विनियम वित्तीय वर्ष 2025-26 से वित्तीय वर्ष 2027-28 , अर्थात् 1 अप्रैल , 2025 से 31 , मार्च 2028 तक इन विनियमों के अधीन आने वाले सभी मामलों में शुल्क के अवधारण हेतु लागू होंगे ।
2 विनियमों की परिधिः
(1) ये विनियम निम्नलिखित मामलों में टैरिफ निर्धारण हेतु लागू होंगेः-
a. एक उत्पादक कंपनी द्वारा एक वितरण अनुज्ञापी को विद्युत की आपूर्ति;
परन्तु, विद्युत की आपूर्ति में कमी होने पर आयोग , विद्युत के युक्तियुक्त मूल्य सुनिश्चित करने के लिए अधिकतम एक वर्ष हेतु एक उत्पादक कंपनी और एक अनुज्ञापी या अनुज्ञापियों के मध्य हुए करार के अनुसरण में विद्युत के कय या विक्रय हेतु शुल्क की न्यूनतम और अधिकतम सीमा तय कर सकता है;
b. विद्युत का राज्यान्तर्गत पारेषण;
भाग 1 -क]
1269 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
C. एस.एल.डी.सी. प्रभार;
d. विद्युत की खुदरा आपूर्ति;
परन्तु, दो या इससे अधिक वितरण अनुज्ञापियों द्वारा एक ही क्षेत्र में विद्युत के वितरण के मामलें में, वितरण अनुज्ञापियों के मध्य प्रतिस्पर्धा विकसित करने के लिए आयोग , विद्युत के खुदरा विक्रय हेतु शुल्क की केवल अधिकतम सीमा तय कर सकता है;
परन्तु, आगे यह कि जहां आयोग ने अधिनियम की धारा 42 के अधीन उपभोक्ताओं की किसी श्रेणी के लिये उन्मुक्त अभिगमन की अनुमति दी है, वहां आयोग इन विनियमों और समय- समय पर संशोधित उविनिआ, राज्यान्तर्गत उन्मुक्त अभिगमन विनियम के अनुसार व्हीलिंग प्रभार, प्रतिसहायिकी अधिभार, अतिरिक्त प्रभार तथा अन्य उन्मुक्त अभिगमन संबंधी प्रभार अवधारित कर सकता है ।
(2) निम्नलिखित मामलों में शुल्क के अवधारण हेतु ये विनियम लागू नहीं होगेंः
a. उत्पादक स्टेशन जिनका शुल्क केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित प्रतिस्पर्धात्मक बोली दिशा निर्देशों के अनुसार पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से ज्ञात किया गया है और अधिनियम की धारा 63 के अधीन आयोग द्वारा अंगीकृत किया गया है ।
b. ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के उत्पादन स्टेशन, जो समय समय पर संशोधित उविनिआ आई०ई० विनियमों द्वारा किसी भी अधिनियम द्वारा शासित होंगे ।
(3) सभी प्रयोजनों, जिनमें 31.03.2025 तक की अवधि से संबंधित समीक्षा मामलें सम्मिलित हैं, के लिये शुल्क के अवधारण से संबंधित मुद्दे उस अवधि के दौरान प्रचलित विनियमों द्वारा शासित होंगे ।
3 परिभाषाएं
जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इन विनियमों में;
(1) "लेखा विवरण " से प्रत्येक वित्तीय वर्ष हेतु निम्नलिखित विवरण अभिप्रेत है , यथा-
a. कम्पनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-3 के भाग -1 में समावेशित प्रपत्र के अनुसार तैयार व समय-समय पर संशोधित तुलन पत्र;
b. इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउन्टेंट्स ऑफ इंडिया के नकदी प्रवाह विवरण (ए.एस-३ ) पर लेखा मानक या लेखा मानक बोर्ड द्वारा जारी तालिका 7 के रूप के अनुसार तैयार, नकदी प्रवाह विवरण;
C. कम्पनी अधिनियम , 2013 की धारा 128 (1 ) के अधीन केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित लागत अभिलेख;
1270
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क d. समय समय पर आयोग द्वारा निर्देशित जानकारी के साथ अन्य समर्थक दस्तावेज व उनकी टिप्पणियां;
e. कम्पनी अधिनियम , 2013 की अनुसूची-2 के भाग 2 में समावेशित आवश्यकताओं के अनुपालन के साथ लाभ और हानि लेखा;
f. संविधिक लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट; परन्तु विद्युत के वितरण के कारोबार में संलिप्त किसी स्थानीय प्रधिकारी के मामलों में लेखा विवरण से अभिप्राय होगा कि ऐसे प्राधिकारी पर लागू सुसंगत अधिनियमों और संविधियों के अनुसार तैयार किये गये व रखे गये उपरोक्तानुसार मदें ।
(2) "अधिनियम" से विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का 36) जिसमें उसके संशोधन भी सम्मिलित हैं, अभिप्रेत है;
(3) "अतिरिक्त पूंजीकरण " से परियोजना के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात् वास्तव में हुए या होने के लिए प्रक्षेपित तथा विनियम 22 के उपबन्धो के अधीन कुशल जांच के पश्चात् आयोग द्वारा स्वीकार किया गया पूंजीगत व्यय अभिप्रेत है ।
(4) "कुल राजस्व आवश्यकता " से इन विनियमों के अनुसार किसी वित्तीय वर्ष विशेष के लिए अपने अनुज्ञापित /विनियमित कारोबार से संबंधित सभी अनुमोदनीय व्ययों ओर रिटर्न की, शुल्कों के माध्यम से वसूली हेतु पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या उत्पादक कंपनी या एस.एल.डी.सी. की आवश्यकता अभिप्रेत है;
(5) "आवंटन विवरण " से अनुज्ञापियों/ उत्पादक कंपनी / एस.एल.डी.सी. के प्रत्येक पृथक कारोबार के संबंध में प्रत्येक वित्तीय वर्ष हेतु एक ऐसा विवरण अभिप्रेत है जिसमें किसी ऐसे राजस्व, लागतों, आस्तियों, दायित्वों, आरक्षितियों या प्रावधानों को दर्शाया गया हो जो;
a. प्रत्येक ऐसे पृथक कारोबार से या कारोबार के प्रभारित होतें हैं का तथा साथ में उस प्रभार के आधार का वर्णन; या
b. अनुज्ञापी / उत्पादक कंपनी के अनुज्ञापित /विनियमित कारोबार और प्रत्येक अन्य पृथक कारोबार के मध्य प्रभाजन अथवा आवंटन द्वारा अवधारित तथा उसके साथ प्रभाजन अथवा आबंटन के आधार का वर्णन;
परन्तु एक उत्पादक स्टेशन के संबंध में ऐसा आबंटन विवरण इस प्रकार रखा जायेगा कि शुल्क अवधारण , चरणवार, यूनिटवार या संपूर्ण उत्पादन स्टेशन के लिये किया जा सके ।
(6) "आवेदक" से एक ऐसी उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या एस.एल.डी.सी. अभिप्रेत है जिसने अधिनियम और इन विनियमों के अनूसार कुल राजस्व आवश्यकता और या शुल्क 1271 भाग 1-क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1945 शक सम्वत्)
के निर्धारण हेतु आवेदन / याचिका का वार्षिक निष्पादन समीक्षा हेतु आवेदन किया है तथा इसमें एक ऐसी उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या एस.एल.डी.सी. सम्मिलित है जिसका शुल्क स्वप्रेरणा से या किसी हितबद्ध या प्रभावित व्यक्ति या वार्षिक निष्पादन समीक्षा के भाग के रूप में आयोग द्वारा समीक्षा का विषय है;
(7) "लेखा परीक्षण " से समय- समय पर संशाधित कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1 ) की धारा 224, 233बी और 619 या कंपनी अधिनियम , 2013 (2013 का 18) का अध्याय 10 या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अनुसार, यथास्थिति, उत्पादक कंपनी या अनुज्ञापी या एस.एल.डी.सी. द्वारा नियुक्त लेखा परीक्षक अभिप्रेत है;
(8) एक उत्पादक स्टेशन के मामले में, एक अवधि के संबंध में " सहायक ऊर्जा उपभोग " से उत्पादक स्टेशन के सहायक उपकरण जैसे कि संयंत्र के प्रचालन के उद्देश्य से उपयोग किये गये , किये जा रहे उपकरण और मशीनरी जिसमें उत्पादक स्टेशन का स्विचयार्ड सम्मिलित है, द्वारा उपभोग की गई ऊर्जा की मात्रा ओर उत्पादक स्टेशन के भीतर की परिवर्तक हानियां अभिप्रेत है तथा इसे उत्पादक स्टेशन की सभी यूनिट्स के जनरेटर टर्मिनल्स पर उत्पादित सकल ऊर्जा के योग के प्रतिशत के रूप में अभिव्यक्त किया जायेगा;
परन्तु एक उत्पादक स्टेशन के कॉलोनी उपभोग और अन्य सुविधाओं तथा उत्पादक स्टेशन पर निर्माण कार्य हेतु उपभोग की गई ऊर्जा को इन विनियमों के प्रयोजन हेतु सहायक ऊर्जा के भाग के रूप में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
परंतु यह कि संशोधित उत्सर्जन मानकों सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और बाह्य ताप संचालित प्लांट (जेट्टी और सहयोगी आधारभूत ढांचे) के अनुपालन के लिये किसी भी प्रकार के ऊर्जा उपभोग को अलग से विचार मे लाया जायेगा ।
(9) किसी दी गई अवधि हेतु पारेषण प्रणाली के संबंध में "उपलब्धता " से उस अवधि में "घंटो में " समय अभिप्रेत है जिसमें पारेषण प्रणाली डिलिवरी बिंदु तक अपनी रेटेड वोल्टेज पर विद्युत के प्रेषण. हेतु सक्षम है तथा इसे दी गई अवधि में कुल घंटो के प्रतिशत के रूप में अभिव्यक्त किया जायेगा ।
(10) "आधार वर्ष" से वह वर्ष अभिप्रेत है जो नियंत्रण अवधि से दो वित्तीय वर्ष पूर्ववर्ती है, जो इन विनियमों द्वारा आवृत होगा तथा नियंत्रण अवधि हेतु आधार वर्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 होगा;
(11) एक उत्पादन स्टेशन के संबंध में "लाभार्थी" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो ऐसे उत्पादक स्टेशन पर उत्पादित विद्युत क्रय करता है जिसका शुल्क इन विनियमों के अधीन अवधारित है, तथा पारेषण कारोबार के संबंध में ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसने पारेषण प्रभारों का भुगतान कर पारेषण क्षमता की संविदा की है ।
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[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(12) एक संयुक्त चक ताप उत्पादक स्टेशन के संबंध में "ब्लॉक" में कम्बसटन टर्बाईन - जनरेटर्स, सहायक वेस्ट ताप रिकवरी ब्बायलर्स, संयोजित भाप टर्बाइन जेनरेटर्स और अनुषांगिकी सम्मिलित है;
(13) "पूंजी लागत" से विनियम 21 के अनुसार अवधारित पूंजी लागत अभिप्रेत है;
(14) "सी.ई.आर.सी. " से केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग अभिप्रेत है ।
(15) "विधि में परिवर्तन " से निम्नलिखित में से किसी घटना का अर्थ है जिसमें इन विनियमों के अन्तर्गत उत्पादन स्टेशन या पारेषण प्रणाली या वितरण प्रणाली या एस.एल.डी.सी. के प्रचालन अभिग्रस्त निहितार्थ होते होः
a. किसी विधान, प्रभाव में लाना, अंगीकरण, प्रख्यापन, संशोधन, आशोधन या निरस्त होना; या
b. किसी सक्षम न्यायालय , न्यायधिकरण या सरकारी अभिकरण जो ऐसे निर्वचन या अनुप्रयोग हेतु विधि के अधीन अंतिम प्रधिकारी हो , के द्वारा किसी भारतीय विधि के निर्वचन या अनुप्रयोग में परिवर्तन; या
C. परियोजना हेतु किसी सम्मति या अनापत्ति या अनुमोदन या उपलब्ध अथवा प्राप्त अनुज्ञप्ति में किसी शर्त या प्रसंविदा में किसी सक्षम संविधिक प्राधिकारी द्वारा परिवर्तन; या
d. भारत सरकार और किसी अन्य प्रस्तुत संपन्न स्तर के मध्य किसी द्विपक्षीय या बहुपक्षीय करार / संधि का प्रवृत्त होना या उसमें परिवर्तन होना ।
(16) "आयोग " से विद्युत अधिनियम , 2003 की धारा 82 के अधीन गठित उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग अभिप्रेत है;
(17) "नियंत्रण अवधि" से तक की तीन वित्तीय वर्ष की अवधि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च, 2028 अभिप्रेत है जिसके लिए इन विनियमों में राजस्व आवश्यकता और शुल्क के अवधारण के सिद्धांत विनिर्दिष्ट किये गये है;
(18) "पारम्परिक ऊर्जा संयंत्र" से 25 MW से अधिक क्षमता के गैस आधारित तापीय या जल विद्युत उत्पादक स्टेशन अभिप्रेत है;
(19) "कटआफ तिथि" से संपूर्ण परियोजना अथवा उसके एक भाग के वाणिज्यिक प्रचालन के दो वर्ष के पश्चात् वर्षात में 31 मार्च अभिप्रेत है और यदि संपूर्ण परियोजना या उसका भाग किसी वर्ष की अंतिम तिमाही में वाणिज्यिक प्रचालन के अधीन घोषित होता है तो कट ऑफ तिथि वाणिज्यिक प्रचालन के वर्ष में तीन वर्ष पश्चात् वर्षात की 31 मार्च होगी;
परन्तु यदि दस्तावेजी साक्ष्य से यह सिद्ध हो जाता है कि परियोजना विकासकर्ता के नियंत्रण से बाहर से कारणों से कट ऑफ तिथि के भीतर पूंजीकरण नहीं किया सका तो आयोग कटआफॅ तिथि को विस्तारित कर सकेगा;
1273 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 20:24 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
(20) "वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि" या " सी.ओ.डी. " से एक उत्पादक स्टेशन या उसकी यूनिट या ब्लॉक अथवा एक पारेषण प्रणाली या उसके तत्व की निम्नलिखित रूप से अवधारित की जायेगीः
a. एक उत्पादक यूनिट या ताप उत्पादक स्टेशन के ब्लॉक के मामले में वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से अधिकतम निरंतर रेटिंग (एम.सी.आर. ) या लाभार्थी, यदि कोई है, को नोटिस के पश्चात् एक सफल ट्रायल रन के द्वारा संस्थापित क्षमता (IC) प्रदर्शित करने के पश्चात् उत्पादक कंपनी द्वारा घोषित तिथि, और पूर्णरूप में एक उत्पादन स्टेशन के मामले में उत्पादक स्टेशन की अंतिम उत्पादक यूनिट या ब्लॉक की वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि अभिप्रेत होगीः
b. जल विद्युत उत्पादक स्टेशन की उत्पादक यूनिट के संबंध में वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से ग्रिड संहिता के अनुसार शिड्यूल प्रक्रिया पूरी तरह से लागू होने के पश्चात् 00.00 बजे से उत्पादक कंपनी द्वारा घोषित तिथि और पूर्ण रूप से एक उत्पादक स्टेशन के संबंध में, एक सफल ट्रायल रन के द्वारा उत्पादक स्टेशन की संस्थापित क्षमता के तदनुरूप पीकिंग क्षमता प्रदर्शित करने के पश्चात् उत्पादक कंपनी द्वारा घोषित तिथि अभिप्रेत होगी;
परन्तुः
(i ) जहां लाभार्थी उत्पादक स्टेशन से ऊर्जा क्रय करने की लिये बंधे हुए है, वहां ट्रायल रन उत्पादक कंपनी द्वारा लाभार्थियों को सात दिन से नोटिस के पश्चात् आरम्भ होगा तथा शिड्यूलिंग , ट्रायल रन के पूर्ण होने के पश्चात् 00.00 बजे से आरम्भ होगी ।
(ii) उत्पादक कंपनी यह प्रमाणित करेगी कि उत्पादक स्टेशन केन्द्रीय विद्युत प्रधिकरण (विद्युत संयंत्रो और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु तकनीकी मानक) विनियम, 2010 और ग्रिड संहिता के तकनीकी मानकों के मुख्य उपबंधो को पूरा करता हैः
(iii) यदि एक जल विद्युत उत्पादक स्टेशन, जिसके पास पॉन्डेज़ ओर स्टोरेज है, अपर्याप्त जलाशय या ताल स्तर के कारणों से संस्थापित क्षमता मे तद्नुसार पीकिंग क्षमता प्रदर्शित नहीं कर पाता है तो उत्पादक स्टेशन की अंतिम यूनिट की तिथि ही उत्पादक स्टेशन वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि मानी जायेगी और ऐसे जल विद्युत स्टेशन के लिये, जैसे ही और जब ऐसा जलाशय / तालाब स्तर प्राप्त हो जाये, उत्पादन यूनिट या उत्पादक स्टेशन की संस्थापित क्षमता के तद्नुसार पीकिंग क्षमता प्रदर्शित करना आवश्यक होगाः
(iv ) यदि एक रन-ऑफ-रिवर जलविद्युत उत्पादक स्टेशन या उसकी उत्पादक यूनिट, लीन इनफ्लोज अवधि के दौरान जब पीकिंग क्षमता के ऐसे प्रदर्शन हेतु जल का प्रवाह अपर्याप्त होता है वाणिज्यिक प्रचालन के अधीन घोषित होती है तो उस जल विद्युत 1274
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क उत्पादन स्टेशन या उत्पादक यूनिट के लिये जब जैसे ही जल का प्रवाह उपलब्ध हो, संस्थापित क्षमता के तद्नुरूप पीकिंग क्षमता प्रदर्शित करना आवश्यक होगा ।
(v) उत्पादक स्टेशन की कमीशनिंग और इस संबंध में सभी नियमों और विनियमों तथा साथ ही विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु सी.ई.ए. तकनीकी मानक विनियम , 2010के अनुपालन से संबंधित प्रमाण- पत्र पर संलग्नक 5 में संलग्न प्रारूप में निदेशक बोर्ड द्वारा अनुमोदन के पश्चात् कंपनी के सी.एम.डी./ सी.ई.ओ. / एम.डी. द्वारा हस्ताक्षर किय जायेंगे ।
C. एक पारेषण प्रणाली के संबंध में वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से 00.00 बजे से पारेषण अनुज्ञापी द्वारा घोषित वह तिथि अभिप्रेत है जिसका पारेषण प्रणाली का एक तत्व रेटेड वोल्टेज पर विद्युत के पारेषण हेतु सफल ट्रायल रन के पश्चात् निरंतर सेवा में हैः
परन्तुः
(i) नियमों में निर्धारित किये गये अनुसार विद्युत निरीक्षक से अनापत्ति किसी पारेषण लाईन या उप स्टेशन के चार्ज किये जाने से पूर्व आवश्यक होगी ।
(ii) जहां पारेषण लाईन या उप स्टेशन एक उत्पादक स्टेशन विशेष से ऊर्जा निष्क्रमण हेतु समर्पित है, वहां उत्पादक कंपनी और पारेषण अनुज्ञापी , जहां तक व्यवहारिक हो, एक साथ उत्पादक स्टेशन ओर पारेषण प्रणाली को चालू करने का प्रयास करेंगे और इन विनियमों के विनियम 21 (7) के अनुसार उपयुक्त पारेषण सेवा करार के माध्यम से ऐसा सुनिश्चित करेंगेः
(iii ) यदि एक पारेषण प्रणाली या उसके एक एलीमेंट को नियमित सेवा से ऐसे कारणों से रोका जाता है जिनका पारेषण अनुज्ञापी या उसके आपूर्तिकर्त्ता या उसके ठेकेदारों को दोष नही दिया जा सकता तो पारेषण अनुज्ञापी ऐसी पारेषण प्रणाली या उसके एलीमेन्ट के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के अनुमोदन हेतु एक उपयुक्त आवेदन के माध्यम से आयोग के पास निवेदन कर सकता है । ऐसे मामलों में आयोग पारेषण प्रणाली या एक एलीमेन्ट के नियमित सेवा में आने से पूर्व वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि अनुमोदित कर सकता है ।
(iv) एक वितरण अनुतापी के मामले में वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से, इसके रेटेड वोल्टेज स्तर पर एक वितरण अनुज्ञापी की विद्युत लाईन या उप स्टेशन की चार्जिंग की तिथि या वितरण अनुज्ञापी द्वारा चार्जिंग के लिये तैयार घोषित किये जाने की तिथि से सात दिन पश्चात्, किन्तु ऐसे कारणों , जिनका दोष इससे आपूर्तिकत्ताओं या ठेकेदारों को नहीं दिया जा सकता, से यह चार्ज नहीं हो पाता, दोनों में से जो पहले हो, अभिप्रेत होगीः
परन्तु नियमों में निर्धारित किये गये अनुसार किसी एच.टी. /ई.एच.टी. या उपस्टेशन को चार्ज करने से पहले विद्युत निरीक्षक की अनापत्ति आवश्यक होगी ।
1275 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
परन्तु वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि जब तक सभी पक्षों की परस्पर सहमति न हो यथास्थिति ऊर्जा क्रय करार या क्रियान्वयन करार या पारेषण सेवा करार या व्हीलिंग करार या निवेश अनुमोदन में उल्लेखित वाणिज्यिक प्रचालन की अनुसूचित तिथि से पहले की गई तिथि नहीं होगी ।
"दिन" से 00.00 बजे से आरम्भ होने वाली 24 घंटे की अवधि अभिप्रेत है; (21)
(22) "घोषित क्षमता " या "डी.सी. " से, एक उत्पादक स्टेशन के संबंध में ईंधन और जल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए और सुसंगत विनियमों में आगे की अर्हता को सम्मिलित करते हुये के अधीन, दिन में किसी टाईम ब्लॉक या पूरे दिन के संबंध में ऐसे उत्पादक स्टेशन द्वारा घोषित मेगा में एक्स- बस विद्युत प्रेषण की क्षमता अभिप्रेत है;
(23) इन विनियमों के अधीन शुल्क के उद्देश्य से "पूंजीकरण निरसान" से आयोग द्वारा स्वीकृत हटाने / निकालने के तद्नुरूप परियोजना की सकल स्थिर आस्तियों में कमी करना अभिप्रेत है;
(24) "डिजाईन ऊर्जा" से ऊर्जा की वह मात्रा अभिप्रेत है जिसे जल विद्युत उत्पादक स्टेशन की 95: प्रतिशत संस्थापित क्षमता के साथ 90 प्रतिशत विश्वसनीय वर्ष में उत्पादित किया जा सकता है;
(25) विचलन निपटान शुल्क (डीएसएम शुल्क) से अभिप्रेत उविनिआ (विचलन निपटान तंत्र और संबंधित मामलों) विनियम, 2017 एवं समय- समय पर संशोधिन या इसके बाद के किसी भी पुनः अधिनियम के द्वारा निर्धारित डीएसएम शुल्क;
(26) "वितरण कारोबार" से वितरण अनुज्ञापी के आपूर्ति क्षेत्र में विद्युत की आपूर्ति हेतु वितरण प्रणाली के प्रचालन और रखरखाव का कारोबार अभिप्रेत है;
(27) "वितरण हानि" से वितरण अनुज्ञापी की वितरण प्रणाली में ऊर्जा की हानियां अभिप्रेत है, जिसमें एयर कंडीशनिंग , लाईटिंग , बैटरी चार्जिंग , उप - स्टेशन उपकरणों के साधनों के उद्देष्य हेतु उपस्टेशन में अनुषंगी ऊर्जा उपभोग सम्मिलित है ;
(28) एक पारेषण प्रणाली के संबंध में " एलीमेन्ट" से ऐसी आस्ति आभिप्रेत होगी जिसे निवेश अनुमोदन में परियोजना की परिधि के अधीन स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है;
(29) "वर्तमान उत्पादक स्टेशन " और "वर्तमान परियोजना " से ऐसा उत्पादक स्टेशन और परियोजना अभिप्रेत है जिसने 01.04.2025 से पूर्व सी.ओ.डी. प्राप्त कर लिया है;
(30) "शुल्क और प्रभारों से अपेक्षित राजस्व" से प्रचालित शुल्कों पर अनुज्ञापित / विनियम कारोबार से अनुज्ञापी / उत्पादक कंपनी/ एस.एल.डी.सी. को जमा अनुमानित राजस्व अभिप्रेत है;
(31) "उपार्जित व्यय" से एक उपयोगी परिसंपत्ति के सृजन या अधिग्रहण हेतु वास्तव में परिनियोजित नकद या नकद समतुल्य भुगतान की गई निधि, चाहें वह इक्विटी हो या डैट या दोनों अभिप्रेत है 1276
उत्तराखण्ड गजट , 17 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
और इसमें वे प्रतिबद्धताएं और दायित्व सम्मिलित नहीं है जिनके लिए भुगतान अवमुक्त नहीं किया गया है;
(32) "विस्तारित जीवन" से प्रत्येक मामलों में अलग-अलग आयोग द्वारा अवधारित किये गये अनुसार उत्पादक स्टेशन अथवा उसकी यूनिट या पारेषण प्रणाली अथवा उसके एलीमेन्ट के उपयोगी जीवन से आगे का जीवन अभिप्रेत है;
(33) "वित्तीय वर्ष" से कैलेंडर वर्ष के 1 अप्रैल से आरम्भ होकर अगले कैलेन्डर वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होने वाली अवधि अभिप्रेत है ;
(34) " अपरिहार्य घटनाओं " से किसी पक्ष, किसी घटना या परिस्थितियों के संबंध में वे घटनाएं अभिप्रेत है जो उस पक्ष के युक्तियुक्त नियंत्रण में नहीं है, या उस पक्ष के किसी कृत्य के लोप के कारण नहीं है और जिसे युक्तियुक्त देखभाल और उचित तत्परता के प्रयोग से वह पक्ष रोक पाने में असमर्थ है जिसके पूर्वगामी की व्यापकता को सीमित किये बिना, भी सम्मिलित हैः
a. दैवीय कृत्य जैसे आकाशीय बिजली, भूस्खलन, तूफान, तत्वों के कृत्य, भूकम्प, बाढ़ , सूखा और प्राकृतिक आपदा या अतिशय रूप से प्रतिकूल मौसम की परिस्थियाँ;
b. सार्वजनिक शत्रु का कोई कृत्य, युद्ध (घोषित या अघोषित) , घेराबंधी , अवरोध, विप्लव, दंगे, क्रान्ति, तोड़- फोड़ , आतंकवादी या सैन्य कार्यवाही , बर्बरता और सिविल व्यवधान;
C. अपरिहार्य दुर्घटना, आग, धमाका, रेडिएक्टिव संदूषण और जहरीला हानिकारक रसायनिक संदूषण;
d. ग्रिड की कोई बंदी अथवा व्यवधान जो राज्य या केन्द्र सरकार द्वारा या आयोग द्वारा या राज्य भार प्रेषण केन्द्र द्वारा अपेक्षित या निर्देशित हो; और कोई बंदी या रूकावट जो किसी महत्वपूर्ण संयंत्र या उपकरण की विफलता के गंभीर और त्वरित जोखिम को टालने के लिये आवश्यक हो;
(35) "उत्पादन कारोबार " से एक उत्पादक स्टेशन से विद्युत उत्पादन का कारोबार अभिप्रेत है;
(36) "उत्पादन शुल्क" से एक उत्पादक स्टेशन विद्युत की एक्स- बस आपूर्ति हेतु शुल्क अभिप्रेत है;
(37) " उत्पादक यूनिट " के संबंध में थर्मल जनरेटिंग स्टेशन (संयुक्त चक्र थर्मल जनरेटिंग स्टेशन के अतिरिक्त) से गैस टर्बाईन- जनरेटर , स्टीम टर्बाईन- जनरेटर एंव अनुषंगी, जिसमें हीट रिकवरी यूनिट भी सम्मिलित है या अन्य ताप उत्पादक स्टेशन के संबंध में गैस टर्बाईन- जनरेटर और अनुषंगी अभिप्रेत है; तथा एक जल विद्युत स्टेशन के संबंध में टर्बाईन जनरेटर और इसकी अनुषंगी अभिप्रेत है;
1277 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० ( हाय 16, 1946 शक सम्वत्)
(38) "उत्पादन स्टेशन " से विद्युत उत्पादन हेतु कोई स्टेशन अभिप्रेत है, इसमें स्टेप -अप ट्रांसफार्मर, स्विच गियर, स्विच यार्ड, केबल्स या इस प्रयोजन हेतु उपयोग में लाया जाने वाला कोई अन्य अनुबन्ध उपकरण , यदि कोई है के साथ कोई भवन और संयंत्र और उसका स्थल तथा उत्पादक स्टेशन के प्रचालन स्टाफ के आवास हेतु उपयोग में लाया जाने वाला भवन सम्मिलित है, और जहां जल- शक्ति से विद्युत उत्पादित की जाती है वहां इसमें पेनस्टॉक्स , हैड एंड टेल वर्क्स, मेन और रेगुलेटिंग जलाशय, बांध और अन्य हायड्रॉलिक वर्क्स, सम्मिलित हैं किंतु इसमें किसी भी स्थिति में उप- स्टेशन सम्मिलित नहीं है;
(39) " ग्रिड संहिता " से समय समय पर संशोधित उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (राज्य ग्रिड संहिता) विनियम, 2016 अभिप्रेत है;
(40) एक ताप उत्पादक स्टेशन के संबंध में "ग्रॉस कैलोरिफिक वैल्यू" या " जी.सी.वी. " से गैसीय ईंधन के एक मानक धन मीटर के पूर्ण दहन द्वारा KCal में उत्पादित ताप अभिप्रेत है;
(41) "सकल स्टेशन ताप दर " या "GHR " से ताप उत्पादन स्टेशन में जनरेटर टर्मिनल्स पर विद्युत ऊर्जा का एक kwh उत्पादित करने के लिये आवश्यक Kcal के ताप ऊर्जा इनपुट अभिप्रेत है;
(42) "भारत सरकार अभिकरण ' से भारत सरकार, राज्य से सरकार (जहां परियोजना अवस्थित है) और भारत सरकार या राज्य सरकार, जहां परियोजना अवस्थित है, द्वारा नियंत्रित कोई मंत्रालय या विभाग या बोर्ड या एजेन्सी या अन्य विनियामक अथवा न्यायिक कल्प प्राधिकरण अभिप्रेत है;
(43) "अशस्त ऊर्जा" से उत्पादक स्टेशन की यूनिट अथवा ब्लॉक के वाणिज्यिक प्रचालन से पूर्व इन्जेक्ट की गई विद्युत अभिप्रेत है;
(44) " संस्थापित क्षमता " से आयोग द्वारा समय समय पर स्वीकृत, उत्पादक स्टेशन की सभी यूनिटों की नाम पट्टिका क्षमता का समेशन या उत्पादक की क्षमता जनरेटर टर्मिनल्स पर गणना किये अनुसार अभिप्रेत है;
(45) "अन्तः संयोजन बिंदु" से वह बिन्दु अभिप्रेत है जहां विक्रेता के पावर स्टेशन स्विच यार्ड बस से यथा स्थिति, अन्तर्राज्यीय / राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली में ऊर्जा इन्जेक्ट की जाती है (राज्यान्तर्गत पारेषण . प्रणाली के साथ पावर स्टेशन को जोड़ने वाली डेडिकेटड पारेषण लाईन सहित) ।
(46) " अन्तर्राज्जीय उत्पादक स्टेशन " या " ISGS" से केन्द्रीय आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता में दिया गया इसका अर्थ अभिप्रेत है;
(47) "राज्यान्तर्गत उत्पादक स्टेशन " से ऐसा उत्पादक स्टेशन या कैप्टिव उत्पादक संयंत्र (CGP) अभिप्रेत होगा जो एक अन्तर्राज्जीय उत्पादक स्टेशन नहीं है ।
1278
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
(48 ) "निवेश अनुमोदन से" परियोजना हेतु परियोजना हेतु मंजूरी , जिसमें परियोजना के क्रियान्वयन हेतु फंडिग और परियोजना के लागू होने के लिये समय सीमा बताते हुए आयोग द्वारा या एक उत्पादक कंपनी के मामले में यथास्थिति CEA या उत्पादक कंपनी के बोर्ड द्वारा अनुमोदन अभिप्रेत है;
परन्तु निवेश अनुमोदन की तिथि आयोग के अनुमोदन की तिथि से और एक उत्पादक कंपनी के मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा बोर्ड के संकल्प/ कार्यवृत्त/अनुमोदन की तिथि से मानी जायेगी;
(49) " दीर्घावधि पारेषण ग्राहक" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके पास पारेषण अनुज्ञापी के साथ सात वर्ष से अधिक का पारेषण सेवा करार है जिसमें पारेषण प्रभारों का भुगतान कर राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के उपयोग हेतु डीम्ड पारेषण अनुज्ञाप्ति सम्मिलित है;
(50) ताप उत्पादक स्टेशन की एक उत्पादक यूनिट के संबंध में " अधिकतम निरंतर रेटिंग " या "MCR " से रेटेड मानदंडों पर विनिर्माता द्वारा गारंटीशुदा जनेरेटर टर्मिनल्स पर अधिकतम निरंतर आउटपुट अभिप्रेत है , और एक संयुक्त चक्र ताप उत्पादक स्टेशन के एक ब्लॉक के संबंध में जल या वाष्प इन्जेक्शन (यदि लागू हो) के साथ विनिर्माता द्वारा गारंटीशुदा, जेनरेटर टर्मिनल्स पर अधिकतम निरंतर आउटपुट और 50 Hz ग्रिड फ्रीक्वेन्सी व विनिर्दिष्ट स्थल परिस्थितियों तक संशोधित, अभिप्रेत है;
(51) "नई परियोजना " से तात्पर्य 01.04.2025 को या उसके पश्चात् COD प्राप्त करने वाली परियोजना से है;
(52) " गैर शुल्क आय " से मुख्य कारोबार की आस्तियों के उपयोग द्वारा प्राप्त शुल्क से आय से अन्यथा आय अभिप्रेत है और इसमें अन्य कारोबार से आय का समानुपात सम्मिलित हो सकता है;
(53) एक ताप उत्पादक स्टेशन के संबंध में "मानकीय वाषिक संयंत्र उपलब्धता कारक " या " NAPAF " से विनियम 47 (1 ) (ए) में विनिर्दिष्ट उपलब्धता कारक और एक जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के संबंध में विनियम 47(1 ) (बी) और 47(1 ) (सी) में विनिर्दिष्ट उपलब्धता कारक अभिप्रेत है;
(54) "प्रचालन और अनुरक्षण व्यय " या "O&M व्यय " से कंपनी या एक परियोजना विशेष के प्रचालन और अनुरक्षण पर उपगत की ओर अभिप्रेत है और इसमें जन शक्ति, मरम्मत, स्पेयर्स, उपभोज्य, बीमा और ऊपरी खर्च पर व्यय सम्मिलित है , किन्तु ईंधन व्यय और जल प्रभार इसमें सम्मिलित नहीं है;
(55) " मूल परियोजना लागत" से आयोग द्वारा स्वीकृत वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि तक परियोजना की मूल परिधि की भीतर यथास्थिति, उत्पादक कंपनी या अनुज्ञापी या SLDC द्वारा उपगत पूंजीगत व्यय अभिप्रेत है;
(56) "अन्य कारोबार " से अधिनियम की धारा 41 के अधीन पारेषण अनुज्ञापी द्वारा या अधिनियम की धारा 51 के अधीन वितरण अनुज्ञापी द्वारा आरम्भ किया गया हो और जिसे ऐसे पारेषण अनुज्ञापी या ऐसे वितरण अनुज्ञापी की अस्तियों के अधिकतम उपयोग हेतु हाथ में लिया गया हो; अभिप्रेत है;
1279 भाग १-क] उत्तराखण्ड गजट, 17 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(57) किसी अवधि हेतु उत्पादक स्टेशन के संबंध में "संयंत्र उपलब्धता कारक (PAF) " मानकीय अनुषंगी ऊर्जा उपभोग द्वारा कम किए गए हुए MW में संस्थापित क्षमता के प्रतिशत के रूप में अभिव्यक्त उस अवधि के दौरान सभी दिनों के लिये दैनिक घोषित क्षमता (DCs) का औसत अभिप्रेत है;
(58 ) एक दी गई अवधि हेतु ताप उत्पादक स्टेशन या यूनिट के संबंध में, "संयंत्र उपलब्धता कारक (PAF )" से उस अवधि में संस्थापित क्षमता के तद्नुरूप निष्कासित ऊर्जा के रूप में अभिव्यक्त उस अवधि के दौरान अनुसूचित उत्पादन के तद्नुरूप कुल निष्कासित ऊर्जा अभिप्रेत है जिसकी संगणना निम्नलिखित फॉर्मूला से की जायेगीः
PLF =10000 * Σ1 SGi NxICx ( 100 - AUXn ) } %
जब कि,
1C = उत्पादक स्टेशन या यूनिट की संस्थापित क्षमता MW में
SGi = अवधि के पवें टाईम ब्लॉक हेतु MW में अनुसूचित उत्पादन,
N = अवधि के दौरान टाईम ब्लॉक्स की संख्या, और
AUXn = सकल ऊर्जा उत्पादन के रूप में मानकीय अनुषंगी ऊर्जा उपभोग;
(59) "परियोजना" से यथास्थिति , SLDC या वितरण प्रणाली के मामले में एक उत्पादक स्टेशन या पारेषण प्रणाली या अव्यव अभिप्रेत है और एक बहु- उद्देशीय जल विद्युत स्टेशन में उत्पादन सुविधा के सभी अवयव जैसे बांध , ऊर्जा उत्पादन को प्रभाजित इन्टेक- वॉटर की उत्पादक यूनिट्स सम्मिलित होती है;
(60) " कुशल जांच " से उपगत हुए या उपगत होने के लिये प्रस्तावित पूंजीगत व्यय की युक्तियुक्ता की संवीक्षा, वित्तीय योजना, दक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग, लागत और समय में अधिक वृद्धि और अन्य कारक जो शुल्क के अवधारण हेतु आयोग द्वारा उपयुक्त समझी जाये अभिप्रेत है । कुशल जांच कराते समय आयोग यह देखेगा कि वह उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC अपने निर्णयों में सावधान ओर परियोजना के निष्पादन में सतर्क रही है;
(61) "एक पारेषण या वितरण प्रणाली में "रेटेड वोल्टेज " से वह डिजाइन वोल्टेज अभिप्रेत है जिस पर पारेषण और वितरण प्रणाली प्रचालन हेतु डिजाइन की गई है और इसमें ऐसी लोअर वोल्टेज सम्मिलित है जिस पर दीर्घावधि पारेषण ग्राहको या उपयोगकर्त्ताओं के साथ परामर्श कर तत्समय लाईन चार्ज की जाती है;
(62) "नियमित सेवा " से सफल ट्रायल परिचालन के पश्चात् एक पारेषण प्रणाली या उसके तत्व को उपयोग में लाना और उस प्रभाव का प्रमाण पत्र संबंधित राज्य / क्षेत्रीय लोड डिस्पैच सेन्टर (एस.एल. डी.सी. /आर.एल.डी.सी. ) द्वारा जारी किया गया हो अभिप्रेत है;
1280
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
(63) "रन-ऑफ- रिवर उत्पादक स्टेशन " से ऐसा जल विद्युत स्टेशन अभिप्रेत है जिसमें अप- स्ट्रीम पाँडेज नहीं है;
(64 ) "पाँडेज के साथ रन -ऑफ - रिवर उत्पादक स्टेशन " से ऐसा जल विद्युत उत्पादक स्टेशन अभिप्रेत है जिस में ऊर्जा मांग के दैनिक परिवर्तन को पूरा करने के लिये पर्याप्त पाँडेज है;
(65) "अनुसूचित ऊर्जा " से एक दिन में एक उत्पादक स्टेशन द्वारा ग्रिड में इन्जेक्ट करने के लिये संबंधित भार प्रेषण केन्द्र द्वारा अनुसूचित ऊर्जा की मात्रा अभिप्रेत है;
(66 ) "अनुसूचित वाणिज्यिक प्रचालन तिथि या 'SCOD ' से यथास्थिति, निवेश अनुमोदन में इंगित या ऊर्जा क्रय करार या पारेषण सेवा करार जो पहले हो में सहमत एक उत्पादक स्टेशन या उत्पादक यूनिट या उसके ब्लॉक अथवा पारेषण प्रणाली या उसके तत्व के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि (यां) अभिप्रेत है;
(67) किसी समय पर अथवा किसी अवधि या टाईम ब्लॉक के लिये " अनुसूचित उत्पादन " या "SG" से संबंधित भार प्रेषण केन्द्र द्वारा दिया हुआ MW या MWh एक्स- बस में उत्पादन की अनुसूची अभिप्रेत है;
(68) " लघु गैस " टर्बाईन उत्पादक स्टेशन " से ओपन सायकल गैस टर्बाईन या 50 MW अथवा इससे कम क्षमता के गैस टर्बाइन के साथ कम्बाईन्ड उत्पादक स्टेशन अभिप्रेत है;
(69) "आरम्भ तिथि या शून्य तिथि से परियोजना के क्रियान्वयन के प्रारम्भ हेतु निवेश अनुमोदन में इंगित तिथि अभिप्रेत है और जहां कोई तिथि इंगित नहीं की गई है वहां निवेश अनुमोदन की तिथि आरम्भ तिथि या शून्य तिथि मानी जायेगी;
(70) " स्टोरेज प्रकार का उत्पादक स्टेशन " से मांग के अनुसार विद्युत में उत्पादन में परिवर्तन कर सकने की स्टोरेज क्षमता के साथ संबंद्ध एक जल विद्युत उत्पादक स्टेशन अभिप्रेत है ।
(71) " शुल्क" से उत्पादन या पारेषण या व्हीलिंग और विद्युत की आपूर्ति हेतु प्रभारों की अनुसूची के साथ उनकी प्रयोज्यता के निबंधन और शर्ते, अभिप्रेत है ।
(72) "शुल्क अवधि" से वह अवधि अभिप्रेत है जिसके लिये शुल्क या कुल राजस्व आवश्यकता इन अधिनियमों के अधीन आयोग द्वारा अवधारित की जाती है ।
(73) "टाईम ब्लॉक " से , जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो , 00.00 बजे से आरम्भ होकर 15 मिनट का ब्लॉक अभिप्रेत है ।
(74) "ट्रेडिंग कारोबार" से अन्य अनुज्ञापी या उपभोक्ताओं या उपभोक्ताओं की श्रेणी को विद्युत से री- सेल हेतु ट्रेडिंग अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी द्वारा विद्युत के क्रय का कारोबार अभिप्रेत है ।
(75) "पारेषण कारोबार " से पारेषण लाईनें स्थापित करने या प्रचालित करने का कारोबार अभिप्रेत है ।
1281 भाग -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अपडायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(76) " पारेषण हानि" से अभिप्रेत पारेषण अनुज्ञापी की पारेषण प्रणाली में ऊर्जा हानियों से है ।
(77) करार" से पारेषण अनुज्ञापी और पारेषण सेवा/ लाईनों के उपभोगकर्ता के साथ किया गया करार, संविदा, समझौता ज्ञापन या ऐसी कोई प्रसंविदा अभिप्रेत है ।
(78) " पारेषण प्रणाली " से संलग्न उप- स्टेशन के साथ अथवा उसके बिना लाईन या लाईनों का समूह अभिप्रेत है जिसमें उपस्टेशनों तथा पारेषण लाईनों के साथ संलग्न उपकरण सम्मिलित हैं ।
(79) एक उत्पादक स्टेशन या उसकी यूनिट के संबंध में "ट्रायल रन" से ताप उत्पादक स्टेशनया उसकी यूनिट के मामले में 72 घंटे की निरंतर अवधि हेतु अधिकतम निरंतर रेटिंग या संस्थापित क्षमता पर उत्पादक स्टेशन या उसकी यूनिट की सफल रनिंग तथा जल विद्युत स्टेशन या उसकी यूनिट के मामलें में 12 घंटे की सफल रनिंग अभिप्रेत है ।
परन्तु जहां लाभार्थी उत्पादक स्टेशन से ऊर्जा क्रय हेतु बंधे हुए हैं वहां ट्रायल रन उत्पादक कंपनी द्वारा लाभार्थियों को सात दिन का नोटिस देने के पश्चात आरम्भ होगा ।
(80) एक पारेषण प्रणाली या उसके तत्व के संबंध में "ट्रायल प्रचालन " से, सेवा में आवश्यक मीटरिंग प्रणाली, टेलीमेट्री और सुरक्षा प्रणाली के साथ, ऊर्जा के निरंतर प्रवाह पर 24 घंटे के लिये पारेषण प्रणाली या उसके तत्व की सफल चार्जिंग अभिप्रेत होगी ।
(81) एक उत्पादक स्टेशन की यूनिट और COD से पारेषण / वितरण प्रणाली के संबंध में "उपयोगी जीवन" से निम्नलिखित अभिप्रेत होगा, यथा:
a. जल-विद्युत उत्पादक स्टेशन 40वर्ष
b. गैस / तरल ईंधन आधारित ताप उत्पादक स्टेशन 25 वर्ष
C. पारेषण लाईन 35 वर्ष
d. AC और DC उप- स्टेशन 35 वर्ष
e. गैस इन्सुलेटेड उप- स्टेशन (GIS ) 35 वर्ष
f. वितरण लाईन और वितरण प्रणालियां 35 वर्ष
g. ऑपटिकल ग्राउड वायर (OPGW) 15 वर्ष
h. आई०टी० सिस्टम, स्काडा और संचार प्रणाली (OPGW को छोड़कर ) 7 वर्ष
परन्तु आगे यह कि अपने उपयोगी जीवन के पूरा हो जाने के पश्चात परियोजना के जीवन का विस्तार आयोग द्वारा तय किया जायेगा ।
(82) " उपयोगकर्ता" से पारेषण या वितरण अनुज्ञापी, एक उत्पादक कंपनी, एक व्यक्ति जिसने एक कैप्टिव उत्पादक संयंत्र स्थापित किया हुआ हो या एक ऐसा उपभोक्ता जो एक पारेषण अनुज्ञापी की पारेषण 1282
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
प्रणाली अथवा वितरण अनुज्ञापी की वितरण प्रणाली का उपयोग कर उन्मुक्त अभिगमन प्राप्त कर रहा हो, अभिप्रेत है,
"वर्ष" से अभिप्रेत है, 31 मार्च को समाप्त होने वाला वित्तीय वर्ष, और
(83)
a. "वर्तमान वर्ष " से वह वर्ष अभिप्रेत होगा जिसमें शुल्क के अवधारण हेतु याचिका दायर की गई है,
b. "पूर्व वर्ष" से वर्तमान वर्ष से ठीक पहले का वर्ष अभिप्रेत होगा,
c. " आगामी वर्ष" से वर्तमान वर्ष से अगला वर्ष अभिप्रेत होगा ।
इन विनियमों में उपयोग किये गये शब्द और अभिव्यक्तियां जो यहां परिभाषित नहीं किये गये हैं किन्तु अधिनियम में परिभाषित किये गये हैं, उनका वही अभिप्राय होगा जो समय- समय पर संशोधित विद्युत अधिनियम, 2003 या आयोग में किसी अन्य विनियम में दिया गया है ।
भाग- II
बहुवर्षीय शुल्क संरचना सामान्य सिद्धांत
4 बहु- वर्षीय संरचनाः
बहु वर्षीय शुल्क संरचना निम्नलिखित पर आधारित होगी:
a. नियंत्रण अवधि के प्रारम्भ होने से पहले आयोग में अनुमोदन हेतु संपूर्ण नियंत्रण अवधि के लिये आवेदक द्वारा प्रस्तुत कारोबार योजना ।
b. नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्कों के अवधारण हेतु MYT याचिका के साथ जमा किये गये, इन विनियमों के अधीन नियत युक्तियुक्त धारणाओं और वित्तीय एवं प्रचालक सिद्धांतों/ मानदंडों पर आधारित नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु अपेक्षित ARR की आवेदक का पूर्वानुमान;
C. आगामी नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु ARR/ शुल्क याचिका के साथ 31.03.2025 को समाप्त होने वाली नियंत्रण अवधि की समीक्षा भी की जायेगी ।
d. विशिष्ट मानदडों हेतु ट्रैजेक्टरी - जैसी कि अनुज्ञापी द्वारा दी गई प्रस्तुतियों, आवेदकों में वास्तविक निष्पादन डाटा और समान स्थिति वाली युटिलिटीज द्वारा प्राप्त निष्पादन के आधार पर आयोग द्वारा नियत की गई है ।
e. निष्पादन की वार्षिक समीक्षा अनुमोदित पूर्वानुमान के सापेक्ष में नियंत्रणनीय कारकों व अनियंत्रणनीय कारकों में निष्पादन में परिवर्तनों के वर्गीकरण द्वारा संचालित की जायेगी ।
f. इन विनियमों के उपबन्धों के अनुसार नियंत्रणनीय और अनियंत्रणनीय कारकों के कारण अतिरिक्त लाभ या हानि को बांटना ।
1283 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
5 नियंत्रण अवधिः
इन विनियमों के अधीन नियंत्रण अवधि तीन (3) वित्तीय वर्षों की होगी , इन विनियमों के अधीन प्रथम आवेदन 01 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2028 तक तीन वित्तीय वर्षों की नियंत्रण अवधि हेतु किया जायेगा ।
6 प्रचालन मानक अधिकतम सीमा के मानक होंगेः
यहां इसमें विनिर्दिष्ट प्रचालन में नॉर्म्स अधिकतम सीमा के नॉर्म्स है और इसके कारण प्रचालक के संशोधित नॉर्म्स नियत करने के लिये आयोग और उन संशोधनों से सहमत होने के लिये उत्पादक कंपनी, पारेषण अनुज्ञापी , वितरण अनुज्ञापियों, SLDC और लाभार्थियों को रोका नहीं जायेगा और ऐसी स्थिति में ऐसे संशोधित नॉर्म्स शुल्क के अवधारण हेतु प्रयोज्य होंगे ।
7 आधार रेखा का अवधारणः
नियंत्रण अवधि के आधार वर्ष हेतु आधार रेखा मूल्य (प्रचालन और लागत मानदंड) आयोग द्वारा अवधारित किये जायेंगे तथा आयोग द्वारा अनुमोदित मूल्यों, नवीनतम परीक्षित लेखन, सुसंगत वर्ष हेतु अनुमान, कुशल जांच और आयोग द्वारा विचारित अन्य कारकों पर आधारित होंगे ।
आयोग , आधार वर्ष के वास्तविक रुप से संपरीक्षित लेखे पर आधारित आधार वर्ष हेतु आधार रेखा मूल्यों का पुनःनिर्धारण कर सकेगा ।
8 व्यापार योजनाः
(1) आवेदक , 1 अप्रैल , 2025 से 31 मार्च, 2028 तक तीन (3 ) वित्तीय वर्षों की नियंत्रण अवधि हेतु 30 नवंबर , 2024 तक व्यापार योजना, समय- समय पर संशोधित उविनिआ कारोबार का संचालन विनियम, के अनुसार शपथपत्र के अधीन प्रस्तुत करेगा:
a. उत्पादक कंपनी हेतु व्यापार योजना संपूर्ण नियंत्रण अवधि के लिये होगी और इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित का समावेश होगाः
(i ) पूंजी निवेश योजना, जिसमें वर्तमान स्टेशनों के लिये उत्पादक कंपनी द्वारा नियोजित निवेशों, फंडिंग के स्रोत के लागत - लाभ विश्लेषण के साथ पूंजीगत क्रय के वार्षिक चरण , वित्त पोषण योजना और तदनुरुप पूंजीकरण अनुसूची के विवरण सम्मिलित होंगे । यह योजना कंपनी के विभिन्न संयत्रों के लिये आर एड एम योजनाओं और प्रस्तावित दक्षता सुधार के अनुरुप होगी;
(ii) पूंजी निवेश योजना , उन प्रचलित परियोजनाओं, जो वर्षों तक समीक्षा के अधीन रहेंगी और नई परियोजनाओं (औचित्य के साथ) जो समीक्षा के अधीन वर्षों में प्रारम्भ होगी किन्तु शुल्क अवधि के भीतर या शुल्क अवधि के आगे पूरी होंगी, पृथक रुप से दर्शायेगी;
1284
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1-क
(iii) उत्पादक कंपनी, वर्तमान बाजार परिस्थितियों , वर्तमान ऋण करारों के निबंधकों, उत्पादन कारोबार से जुड़े जोखिमों और विश्वसनीयता पर विचार करने के पश्चात पूंजी संरचना और वित्त पोषण की लागत (उधार पर ब्याज और इक्विटी पर रिटर्न) का संयंत्र वार विवरण प्रस्तुत करेगी;
(iv) मशीन की बड़ी बंदी, यदि कोई हो, से संबंधित विवरण;
(v) निष्पादन मानदडों की ट्रेजेक्टरी;
b. पारेषण अनुज्ञाप्तियों के लिये व्यापार योजना संपूर्ण नियंत्रण अवधि के लिये होगी और इसमें अन्य बातों के अतिरिक्त निम्नलिखित का समावेश होगाः
(i) पूंजी निवेश योजना, जो व्यापार योजना में प्रस्तावित भार वृद्धि और गुणवत्ता सुधार के साथ इसके लागत लाभ विश्लेषण के अनुरुप होनी चाहिये । निवेश योजना में पूंजीगत व्यय के चरणों के साथ फंडिंग का स्रोत, वित्त पोषण योजना और तदनुरुप पूंजीकरण अनुसूची भी सम्मिलित होने चाहिये । पारेषण अनुज्ञापी द्वारा पूंजी निवेश योजना के एक भाग के रुप में जमा की जाने वाली प्रणाली संवर्धन /विस्तार योजना, नियंत्रण अवधि के दौरान भार वृद्धि फोरकास्ट / उत्पादन निष्क्रमण आवश्यकता के अनुरुप होनी चाहिये । इसके अतिरिक्त पूंजी निवेश योजना CEA/CTU / STU /वितरण अनुज्ञापी द्वारा निर्मित योजनाओं की संपुष्टि में होनी चाहिये ।
(ii) प्रस्तावित प्रत्येक योजना की उपयुक्त पूंजीगत संरचना तथा वित्त पोषण (उधार पर ब्याज) और इक्विटी पर रिटर्न , वर्तमान ऋण करार के निबंधन इत्यादि ।
(iii) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु पारेषण हानि घटाने की ट्रेजेक्टरी, जिसमें लक्ष्य हानि प्राप्त करने के लिये प्रस्तावित उपायों का विवरण सम्मिलित है ।
C. वितरण अनुज्ञाप्तियों के लिये व्यापार योजना संपूर्ण नियंत्रण अवधि के लिये होगी और उसमें अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित का समावेश होगा:
(i) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु प्रत्येक ग्राहक श्रेणी और उप- श्रेणी हेतु विक्रय / मांग फोरकास्ट;
(ii) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु वितरण हानि घटाने की ट्रेजेक्टरी जिसमें लक्ष्य हानि प्राप्त करने के लिये प्रस्तावित उपायों का विवरण सम्मिलित है ,
(iii) व्यापार योजना अवधि के प्रत्येक वर्ष के लिये विक्रय फोरकास्ट और वितरण हानि ट्रेजेक्टरी पर आधारित दीर्घावधि, मध्यम अवधि और लघु अवधि मामले में ऊर्जा की अधिप्राप्ति, योजना ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना में ऊर्जा दक्षता और मांग की ओर में प्रबंधन उपाय भी सम्मिलित होंगे,
(iv ) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु संग्रहण दक्षता सुधार ट्रेजेक्टरी ,
(v ) विक्रय / मांग फोरकास्ट, ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना, वितरण हानि ट्रेजेक्टरी, आपूर्ति की गुणवत्ता हेतु लक्ष्य, इत्यादि का विचार करते हुए पूंजी निवेश योजना पूंजी निवेश योजना, राज्य पारेषण 1285 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
युटिलिटी (STU) द्वारा बनाई गई विस्तृत योजना के अनुकूल होगी और निवेश योजना में फंडिंग के स्रोत, वित्त पोषण योजना और तदनुरुप पूंजीकरण अनुसूची के साथ - साथ पूंजीगत व्यय के वार्षिक चरण सम्मिलित होने चाहिये,'
(vi) प्रस्तावित प्रत्येक योजना की उपयुक्त संरचना और वित्त पोषण की लागत (उधार पर ब्याज और इक्विटी पर रिटर्न) , वर्तमान ऋण करारों में निबंधन , इत्यादि,
(vii) नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से ऊर्जा की उपलब्धता से संबंधित विवरण और आयोग द्वारा विनिदिष्ट RPO के अनुपालन हेतु प्रस्तावित कार्रवाईयां ।
d . राज्य भार प्रेषण केन्द्र हेतु व्यापार योजना संपूर्ण नियंत्रण अवधि के लिये होगी और इसमें अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित सम्मिलित होगाः
(i ) पूंजी निवेश योजना जिसमें व्यय के चरण और फंडिंग पैटर्न सम्मिलित होंगे ,
(ii) नियंत्रण अवधि हेतु अनुमानित बजट,
(2) आवेदक , व्यापार योजना के एक भाग के रुप में नियंत्रण अवधि हेतु अपनी जनशक्ति योजना के संबंध में विवरण भी प्रस्तुत करेगा ।
(3) आयोग उचित परामर्श प्रक्रिया अपनाने के पश्चात व्यापार योजना की समीक्षा करेगा और इसका अनुमोदन करेगा।
9 निश्चित परिवर्तियों के लिये विशिष्ट ट्रेजेक्टरीः
(1) आयोग , पिछले निष्पादन और साथ ही समरुप स्थित अनुज्ञापियों/ उत्पादक कंपनियों के निष्पादन को ध्यान में रखते हुए निश्चित परिवर्तियों हेतु एक ट्रेजेक्टरी नियत करेगाः
परन्तु वे परिवर्तियां जिनके लिये ट्रेजेक्टरी नियत की जायेगी, में निम्नलिखित सम्मिलित होंगे किन्तु उन तक सीमित नहीं होंगेः
a. उत्पादक स्टेशनों के मामले मेंः
उत्पादक स्टेशन की उपलब्धता, स्टेशन ताप दर, अनुषंगी उपभोग , इत्यादि ।
b. पारेषण अनुज्ञापी के मामले मेंः
पारेषण हानियां, पारेषण प्रणाली उपलब्धता, इत्यादि ।
C. वितरण अनुज्ञापी के मामले मेंः
आपूर्ति उपलब्धता, वायर्स की उपलब्धता, वितरण हानियां, संग्रहण दक्षता, इत्यादि ।
परन्तु आगे यह कि इस ट्रेजेक्टरी को निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष उच्चतर और निम्नतर निष्पादन के कारण उपभोक्ताओं के साथ लाभों और हानियों को साझा करने हेतु उपबंध करना चाहिये ।
1286
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क (2) इन विनियमों के अनुसार आयोग द्वारा नियत ट्रेजेक्टरी को आवेदक द्वारा अपनी MYT याचिका में सम्मिलित किया जायेगा ।
10 नियंत्रण अवधि हेतु MYT याचिकाः
(1) आवेदक, शपथ पत्र के अधीन और समय- समय पर संशोधित UERC कारोबार का संचालन विनियम, के अनुसार , आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट संलग्नक-I प्रारुप में नियंत्रण अवधि के आरम्भ में पिछले वर्ष की अधिकतम 30 नवम्बर तक, प्रयोज्य शुल्क के साथ, नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष के लिये कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्क से अपेक्षित राजस्व की फोरकास्ट प्रस्तुत करेगा ।
परन्तु नई परियोजना (ओ) संबंधित यूनिट (टों) और तत्व (वों ) के मामलों में, आवेदक अग्रिम रुप से ऊपर विनिर्दिष्ट तरीके से वाणिज्यिक प्रचालन की प्रत्याशित तिथि से 180 दिन पूर्व या उससे पहले अनन्तिम दर निर्धारण के लिए आवेदन करेगा ।
परन्तु उत्पादन करने वाली कंपनी वाणिज्यिक संचालन की तिथि तक वास्तविक पूंजी लागत को दर्शाने वाले लेखा परीक्षक प्रमाणपत्र और कंपनी के, निदेशक स्तर से नीचे के नहीं, किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित प्रबंधन प्रमाणपत्र के साथ, नियंत्रण अवधि के संबंधित वर्षों, यानी वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए अनुमानित अतिरिक्त पूंजीगत व्यय की ओर संकेत करते हुए, इन विनियमों के अनुसार किसी नए उत्पादन स्टेशन या उसकी इकाई के लिए शुल्क निर्धारण के लिए आवेदन कर सकती है, जो वाणिज्यिक संचालन की वास्तविक तिथि से 120 दिनों के भीतर किया जा सकता है ।
(2) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिये कुल राजस्व आवश्यकता की फोरकास्टः
a . नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु कुल राजस्व आवश्यकता के विभिन्न घटकों के प्रक्षेपण हेतु आवेदक एक गणितीय मॉडल विकसित करेगा । इस प्रयोज्य हेतु आवेदक उपयुक्त मैक्रो- इकॉनॉमिक-वेरिएबल्स, बाजार सूचकांक, पिछले वर्षों के चलन इत्यादि का उपयोग कर सकता है । इसके अतिरिक्त आवेदक अपनी वार्षिक समीक्षा और शुल्क अवधारण हेतु याचिका और MYT याचिका के साथ सभी फॉर्मूलों और लिंकिजेस सहित उपरोक्त मॉडल की एक सॉफ्ट कॉपी भी जमा करेगा ।
(3) शुल्क और प्रभारों से अपेक्षित राजस्व की फोरकास्टः
a. आवेदक , शुल्क और प्रभारों से अपेक्षित राजस्व के प्रक्षेपण हेतु एक गणितीय मॉडल विकसित करेगा जो निम्नलिखित पर आधारित होगाः 1287 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(i) एक उत्पादक कंपनी के मामले में, आवेदन करने की तिथि पर प्रचलित उत्पादन शुल्कों और वितरण अनुज्ञापी तथा उन्मुक्त अभिगमन ग्राहकों को आबंटित क्षमता के अनुमानों और नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु अपेक्षित ऊर्जा उत्पादन के आधार पर ।
(ii) एक पारेषण अनुज्ञापी के मामले में, आवेदन करने की तिथि पर प्रचलित शुल्कों और पारेषण प्रणाली के उपयोगकर्ताओं , जिसमें नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु उन्मुक्त अभिगमन ग्राहक सम्मिलित हैं , को आबंटित पारेषण क्षमता के अनुमानों के आधार पर ।
(iii) एक वितरण अनुज्ञापी के मामले में, आवेदन करने की तिथि पर प्रचलित खुदरा एवं व्हिलिंग शुल्कों और नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को आपूर्ति की गई और उन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ताओं को व्हील की गई विद्युत की मात्रा के अनुमानों के आधार पर ।
(iv) SLDC के मामले में, आवेदन करने की तिथि पर लागू फीस और प्रभारों तथा राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के उपयोगकर्ताओं को आबंटित पारेषण क्षमता के आधार पर ।
(v) आवेदक, अपनी MYT याचिका और वार्षिक निष्पादन समीक्षा तथा शुल्क अवधारण हेतु याचिका के साथ सभी फॉर्मूलों और लिंकिजेससहित उपरोक्त मॉडल की एक सॉफ्ट कॉपी जमा करेगा ।
आवेदन की जांच करने के पश्चात आयोग या तो-
(4)
a. नियंत्रण अवधि हेतु कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्क व प्रभारों से अपेक्षित राजस्व की फोरकास्ट को अनुमोदित करते हुए आदेश पारित करेगा जो उक्त आदेश में विनिर्दिष्ट आशोधनों और शर्तों के अधीन होगा, या
b. कारण अभिलिखित कर आवेदन को अस्वीकार करेगा ।
c. परन्तु आवेदन अस्वीकार करने से पहले आवेदक को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिया जायेगा ।
(5) अपने MYT आदेश में आयोग , आवेदक की कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्क व प्रभारों से अपेक्षित राजस्व में सम्मिलित उन परिवर्तियों को विनिर्दिष्ट करेगा, जिनकी वार्षिक निष्पादन समीक्षा के एक भाग के रुप में आयोग द्वारा समीक्षा की जायेगी,
परन्तु ऐसी परिवर्तियां आवेदक की लागत और राजस्व फोरकास्ट की उन मुख्य मदों तक सीमित रहेंगी जिनका, आयोग की राय में, नियंत्रण अवधि के दौरान राज्य के उपभोक्ताओं को विद्युत की आपूर्ति की लागत पर भौतिक प्रभाव पड़ सकता है, 1288
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण, 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1-क
परन्तु आगे यह कि नीचे दिये गये विनियमों के अधीन आयोग द्वारा नियत परिवर्तियों को जब तक कि आयोग द्वारा अपने आदेश में ऐसी समीक्षा से छूट प्रदान न की गई हो, वे वार्षिक निष्पादन समीक्षा का एक भाग होगी ।
11 वार्षिक लेखे, रिपोर्ट्स इत्यादि की तैयारी और उनको जमा करना:
(1) प्रत्येक आवेदक एक वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा और साथ ही वर्तमान और पूर्व वर्ष के दौरान और MYT नियंत्रण अवधि के शेष वर्षों , जिनमें आगामी वर्ष भी सम्मिलित है , में संभावित रुप से किये जाने वाले कार्य - कलापों का विवरण प्रदान करते हुए वार्षिक रिपोर्ट और आंकड़े तैयार करेगा । विभिन्न प्रदर्शन Parameters के संदर्भ में कार्य - कलापों की रिपोर्ट में इंगित लक्ष्यों तथा सफलताओं को भी सम्मिलित किया जायेगा ।
(2) आयोग, आवेदकों को वित्तीय निष्पादन की समीक्षा हेतु आयोग द्वारा अपेक्षित अर्ध वार्षिक लेखा विवरण जमा करने के लिये भी निर्देश दे सकता है ।
(3) आयोग , आवेदक को आयोग या किसी अन्य प्राधिकारी जिसे वह इस निमित्त अभिहित करे, के समक्ष ऐसी अतिरिक्त जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दे सकता है जिसे वह अपने कृत्यों केनिष्पादन हेतु आवश्यक समझे ।
(4) आयोग , एक उपयुक्त समय पर पृथक विनियामक लेखे तैयार करने के लिये प्रपत्र विनिर्दिष्ट कर सकेगा।
12 वार्षिक निष्पादन समीक्षा:
(1) बहु वर्षीय शुल्क संरचना के अधीन उत्पादक कंपनी या पारेषण और वितरण अनुज्ञापी या स्क्क का निष्पादन एक वार्षिक निष्पादन समीक्षा के अधीन होगा ।
(2) आवेदक शपथ पत्र के अधीन और समय- समय पर संशोधित उ.वि.नि.आ. कारोबार का संचालन विनियम के अनुसार प्रत्येक वर्ष 30 नवंबर तक वार्षिक निष्पादन समीक्षा हेतु आवेदन करेगा ।
परन्तु आवेदक समय -समय पर आयोग द्वारा नियत रुप में आयोग को जानकारी प्रस्तुत करेगा जिसके साथ लेखा पत्रक, लेखों के अंश और ऐसे अन्य विवरण होंगे जिनकी आयोग को कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्क व प्रभारों से अपेक्षित राजस्व के अनुमोदित पूर्वानुमान से वित्तीय निष्पादन में किसी अंतर के कारणों और विस्तार का आंकलन करने के लिये आवश्यकता हो ।
परन्तु आगे यह कि वार्षिक निष्पादनं समीक्षा हेतु आवेदन आयोग को जमा किया जायेगा और आयोग द्वारा ऐसे आवेदनों के निपटान हेतु विनियमों में विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर, शुल्क अवधारण हेतु 1289 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -कं]
एक आवेदन के जमा करने व उसके निपटान हेतु इन विनियमों में दिये गये तरीके से आयोग उसका निपटारा करेगा ।
(3) वार्षिक निष्पादन समीक्षा की परिधि, आवेदक के वास्तविक निष्पादन के साथ कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्क व प्रभारों से अपेक्षित राजस्व की फोरकास्ट की तुलना होगी और इसमें निम्नलिखित का समावेश होगाः-
पिछले वित्तीय वर्ष हेतु आवेदक के संपरीक्षित निष्पादन के साथ उस पिछले वित्त वर्ष हेतु अनुमोदित फोरकास्ट की तुलना और अनियंत्रणनीय कारकों के प्रभाव के पास थ्रू सहित कुशल जांच के अधीन व्ययों और राजस्व का सहीकरण ।
b. अनुमोदित फोरकास्ट के संदर्भ में आवेदक के नियंत्रण के भीतर के कारकों ( नियंत्रणनीय कारक) और आवेदक से नियंत्रणनियंत्रण सेसे बाहरबाहर केके कारकोंकारकों (अनियंत्र(अनियंत्रणनीयं कारक) के निष्पादन में अंतरों का वर्गीकरण ।
C. पिछले वित्त वर्ष के लिये संपरीक्षित वित्तीय परिणामों के आधार पर, यदि आवश्यक हो तो वर्तमान और / या आगामी वित्त वर्ष हेतु अनुमानों का पुनरीक्षण ।
d. पिछले वर्ष के लिये नियंत्रणीय कारकों के कारण लाभों और हानियों के बंटवारे का संगणन ।
(4) समीक्षा पूर्ण हो जाने पर आयोग, आवेदक से नियंत्रण के भीतर के कारकों ( नियंत्रणीय कारक) और आवेदक के नियंत्रण से बाहर के कारकों (अनियंत्रणीय कारक) के लिये इस विनियम के अधीन नियत परिवर्तियों हेतु, निष्पादन में किन्हीं परिवर्तनों या अपेक्षित परिवर्तनों का आरोपण करेगा ।
(5) "अनियंत्रणीय कारको" में वे कारक शामिल होंगे जो आवेदक के नियंत्रण से बाहर हैं, आवेदक द्वारा स्थापित सीमा तक और उचित विवेकपूर्ण जांच के बाद आयोग द्वारा स्वीकार किए गए हैं । अनियंत्रित कारकों के कुछ उदाहरण निम्नलिखित है :-
a. अपरिहार्य घटनाएं जैसे युद्ध की कार्रवाई, आग , प्राकृतिक आपदा इत्यादि,
b. विधि, केन्द्र सरकार, सरकार या आयोग के न्यायिक निर्णयों में परिवर्तन, ..
* c. आर्थिकी के प्रभाव जैसे स्फीति दरं, बाजार ब्याज दरों, करों और कानूनी लेवीज में अकल्पित परिवर्तन;
d. वितरण अनुज्ञापियों इत्यादि के लिये ऊर्जा क्रय व्ययों में परिवर्तन,
e. भाड़ा दरों में परिवर्तन,
f. प्रतिकूल प्राकृतिक घटनाओं के कारण जल विद्युत ताप मिश्रण में परिवर्तन के फलस्वरुप परिवर्तन और
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g. उपभोक्ताओं की संख्या या मिश्रण में या उपभोक्ताओं को आपूर्ति की गई विद्युत की मात्राओं में
परिवर्तन,
h. प्राथमिक ईंधन लागत ।
i. अशोध्य ऋण ।
(6) "नियंत्रणीय कारकों" में वे कारक शामिल होंगे जो आवेदक के नियंत्रण में हैं, आवेदक द्वारा स्थापित
सीमा तक और उचित विवेकपूर्ण जांच के बाद आयोग द्वारा स्वीकार किए गए हैं । नियंत्रणीय कारकों
के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:-
a. भू अधिग्रहण मुद्दों के कारण समय और / या लागत बढ़ने के फलस्वरुप पूंजीगत व्यय में
परिवर्तन,
b. एक परियोजना को लागू करने में दक्षता जिसके लिये ऐसी परियोजना की परिधि में अनुमोदित
परिवर्तन, कानूनी लेवीज़ में परिवर्तन या अपरिहार्य घटनाओं और उत्पादक कंपनी या पारेषण
अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC के ठेकेदार , आपूर्तिकर्ता या एजेन्सी के कारण
परियोजना के निष्पादन में विलम्ब को आरोपित नहीं किया जा सकता ।
C. तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों में परिवर्तन,
d. अशोध्य ऋण,
e. निष्पादन मानदंडों में परिवर्तन,
f. कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं में परिवर्तन ,
g. समय- समय पर संशोधित उविनिआ (निष्पादन के मानक) विनियम, 2007 के विनिर्दिष्ट मानकों
को पूरा करने में विफलता, सिवाय उसके जहां ऐसे विनियमों के अनुसार छूट प्राप्त हो,
h. पूंजीगत व्ययों में परिवर्तन के कारण वित्त पोषण पद्धति में परिवर्तन,
i. आपूर्ति की गुणवत्ता में परिवर्तन,
j. प्रचालन और अनुरक्षण व्ययों में परिवर्तन,
k. विद्युत खरीद के देयता के निर्वहन पर अर्जिज छूट;
1. विद्युत खरीद के देयता के विलंबित निर्वहन के कारण देर से भुगतान अधिभार;
(7) आवेदकों को विनियम 10 (2) के अधीन पूर्वानुमान विकसित होते के समय जो उनको ज्ञात या उपलब्ध
नहीं थी , ऐसी जानकारी के फलस्वरुप वे वार्षिक निष्पादन समीक्षा के एक भाग के रुप में, नियंत्रण
अवधि की शेष अवधि हेतु से कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्क व प्रभारों से अपेक्षित राजस्व की
अनुमोदित फोरकास्ट में आशोधन हेतु आवेदन कर सकते हैं ।
(8) आवेदकों को विनियम 10 (2) के अधीन फोरकास्ट विकसित होने के समय जो जानकारी ज्ञात या उपलब्ध नहीं थी , ऐसी जानकारी के फलस्वरुप , आयोग यदि उपयुक्त समझे तो स्वप्रेरणा से अथवा किसी हितबद्ध या प्रभावित पक्ष के आवेदन पर, वार्षिक निष्पादन समीक्षा के एक भाग के रुप में, नियंत्रण अवधि की शेष अवधि हेतु कुल राजस्व की अनुमोदित फोरकास्ट आशोधित कर सकता है ।
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भाग 1 -क]
(9) ऊपर दिये गए विनियम 8 और उप- विनियम (2) के अधीन किये गये आवेदन पर आयोग उसी प्रकार विचार करेगा जिस प्रकार शुल्क के अवधारण हेतु मूल आवेदन पर किया जाता है और ऐसी समीक्षा के पूर्ण हो जाने पर , या ऐसे परिवर्तनों जिन्हें वह उपयुक्त समझे, के साथ प्रस्तावित आशोधन को अनुमोदित करेगा या कारण अभिलिखित कर आवेदन को अस्वीकार करेगा ।
(10) वार्षिक निष्पादन समीक्षा के पूरा हो जाने पर आयोग निम्नलिखित को अभिलेखित करते हुए एक आदेश पारित करेगा :
a. अनियंत्रणीय कारकों के कारण आवेदक को अनुमोदित कुल लाभ अथवा हानि और वह तंत्र जिसके द्वारा विनियम 13 के अनुसार ऐसे लाभ या हानियां आवेदक को अनुमन्य की जायेगी ।
b. नियंत्रणीय कारकों के कारण आवेदक को अनुमोदित लाभ अथवा हानि और विनियम 14 के अनुसार बांटे जाने वाले ऐसे लाभ या ऐसी हानियों की हिस्सेदारी ।
C. वर्तमान और / या आगामी वर्ष हेतु आवेदक के पूर्वानुमान का अनुमोदित आशोधन, यदि कोई है ।
आवेदक के ARR को सही करने के कारण इन विनियमों के अनुसार आयोग द्वारा निर्धारित अधिशेष/घाटे को आगामी वित्तीय वर्ष में आगे ले जाया जाएगा, साथ ही टैरिफ अवधि के संबंधित वर्ष के 1 अप्रैल को प्रचलित 1 वर्ष के SBI MCLR प्लस 100 आधार अंकों के बराबर दर पर साधारण ब्याज पर गणना की गई वहन लागत भी शामिल होगी ।
13 अनियंत्रणीय कारकों के कारण लाभ और हानियों में हिस्सेदारी :
(1 ) अनियंत्रणीय कारकों के कारण आवेदक को अनुमोदित कुल लाभ अथवा हानि आयोग के आदेश में विनिर्दिष्ट अवधि में आवेदक को शुल्क प्रभारों के समायोजन के रुप में अनुज्ञात किया जायेगा ।
(2) ऊपर दिए गये उप- विनियम (1 ) में समावेशित कुछ भी ईंधन मूल्य में परिवर्तन के कारण किसी लाभ या हानि के संबंध में लागू नहीं होगा, जिसका निपटारा विनियमों के सुसंगत भाग के अधीन विनिर्दिष्ट रुप में किया जायेगा ।
14 नियंत्रणीय कारकों के कारण लाभ और हानि में हिस्सेदारी:
(1) नियंत्रणीय कारकों के कारण आवेदक को अनुमोदित कुल लाभ और हानि का निपटारा निम्नलिखित तरीके से किया जायेगा:
a. ऐसे लाभ या हानि का 1/3 छूट के रुप में पास ऑन किया जायेगा या उतनी अवधि, जितनी कि आयोग के आदेश में विनिर्दिष्ट की जाये, में वसूली हेतु अनुज्ञात किया जायेगा,
b. ऐसे लाभ या हानि की शेष राशि आवेदक द्वारा उपयोग में लाई जायेगी या आमेलित की जायेगी ।
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15 शुल्क अवधारण की आवर्तिता :
(1) आयोग , निम्नलिखित को ध्यान में रखते हुए , नियंत्रण अवधि के दौरान प्रत्येक वित्त वर्ष के लिये एक बहु वर्षीय शुल्क संरचना के अधीन एक उत्पादक कंपनी / पारेषण अनुज्ञापी / वितरण अनुज्ञापी/ SLDC के शुल्क/ प्रभार अवधारित करेगा:
a. इन विनियमों में विनिर्दिष्ट MYT सिद्धांत , और
b. ऐसे वित्त वर्ष के लिये कुल राजस्व आवश्यकता और शुल्क व प्रभारों से अपेक्षित राजस्व की अनुमोदित फोरकास्ट, जिसमें ऐसी फोरकास्ट का अनुमोदित आशोधन सम्मिलित है, और
C. पिछले वित्त वर्ष हेतु सहीकरण का प्रभाव और वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिये निष्पादन समीक्षा, और
d. शुल्कों के पाय थू के रुप में अनुज्ञात करने के लिये अनुमोदित लाभ और हानियां,
(2) एक पारेषण अनुज्ञापी या एक वितरण अनुज्ञापी या एक उत्पादक कंपनी या SLDC के लिये ARR की वसूली हेतु शुल्क और प्रभार सामान्यतया वर्ष में एक बार से अधिक अवधारित नहीं होंगे , सिवाय ईंधन लागत और ऊर्जा क्रय लागत के कारण इन विनियमों के अधीन विनिर्दिष्ट ईंधन अधिभार फार्मूला के निबंधनों के अधीन व्यक्त रुप से अनुमति प्राप्त परिवर्तनों के संबंध में ।
16 शुल्क के अवधारण हेतु याचिका
(1) अधिनियम के अधीन शुल्क के अवधारण हेतु आवेदन ऐसे प्रपत्र में और ऐसे तरीके से किया जायेगा जैसा कि इन विनियमों में विनिर्दिष्ट किया गया है और उसमें साथ , समय- समय पर संशोधित उविनिआ (फीस और जुर्माना) (संशोधन) विनियम, 2002 के अधीन विनिर्दिष्ट फीस संलग्न की जायेगी ।
(2) नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु शुल्क के अवधारण के लिये आवेदन विनियम 10 के अधीन नियंत्रण हेतु बहुवर्षीय शुल्क याचिका के साथ किया जायेगा और नियंत्रण अवधि के पश्चात्वर्ती वर्षों के लिये शुल्क के अवधारण हेतु याचिका विनियम 12 के अधीन वार्षिक निष्पादन समीक्षा हेतु याचिका के साथ कीजायेगी ।
(3) आगामी वर्ष हेतु अनुज्ञापियों या SLDC द्वारा नियोजित प्रस्तावित योजनाओं / परियोजनाओं के लिये निवेश अनुमोदन हेतु आवेदन के साथ, समय- समय पर संशोधित UERC (कारोबार का संचालन ) विनियम, 2014 के अध्याय V1 में विनिर्दिष्ट उपबंधों के अनुसार आगामी वर्ष के लिये शुल्क में अवधारण हेतु आवेदन संलग्न होगा ।
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भाग 1 -क]
(4) अपेक्षित राजस्व और व्यय की गणना हेतु जानकारी प्रस्तुत करने के लिये और शुल्क अवधारण हेतु प्रारुप , उत्पादन, पारेषण , वितरण और SLDC हेतु विनिर्दिष्ट प्रारुपों में प्रस्तुत किये जायेंगे । इन प्रारुपों में प्रस्तुत जानकारी के साथ समर्थित दस्तावेज / गणनाएं और सॉफ्ट कॉपी संलग्न होनी चाहिये ।
(5) शुल्क के अवधारण हेतु याचिका में निम्नलिखित सम्मिलित होगा:
a. नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु वर्तमान शुल्क का विवरण और सभी लागू निबंधन एवं शर्तें और वर्तमान शुल्क से अपेक्षित राजस्व ।
b. प्रस्ताविक शुल्कों का विवरण , जिसमें किसी प्राप्त सहायकी, राज्य सरकार से शोध्य या शोध्य होने के लिये कल्पित सहायकी की गणना, प्रयोजन ग्राहक जिसकी ओर यह निर्देशित है तथा यह दर्शाते हुए कि उन उपभोक्ताओं पर लागू वर्तमान और प्रस्ताविक शुल्क पर सहायकी किस प्रकार प्रक्षेपित है, पूर्ण विवरण का समावेश होगा । इस विवरण में उन उपभोक्ताओं के लिये सहायकी का विचार किये बिना परिकलित शुल्क भी सम्मिलित होगा ।
C. वार्षिक राजस्वों में अनुमानित परिवर्तन का विवरण जो उस अवधि, जिसमें वे लागू होने हैं, में प्रस्तावित शुल्क परिवर्तनों से परिणामित होंगे ।
d. यदि प्रस्तावित शुल्क एक वित्त वर्ष आरम्भ होने के पश्चात प्रारम्भ होना है तो वित्त वर्ष के शेष माहों के दौरान अपेक्षित राजस्व और प्रस्तावित शुल्क आशोधन के अधीन आपूर्ति की गई विद्युत की मात्रा के अनुपात के विवरण को सम्मिलित किया जायेगा ।
e. एक वितरण अनुज्ञापी के मामले में आपूर्ति की वोल्टेज - वार लागत की विस्तृत गणनाएं जिसमें उपभोक्ता की प्रत्येक श्रेणी के संबंध में वाह्य सहायकियां और प्रति सहायकियां सम्मिलित नहीं हैं ।
f. एक वितरण अनुज्ञापी के मामले में , वर्तमान शुल्क में और प्रस्ताविक शुल्क में प्रति- सहायकी की राशि की गणना दर्शाते हुए विवरण । ऐसा अवधारण आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा ।
g. प्रस्तावित शुल्क परिवर्तनों के लिये औचित्य प्रदान करते हुए एक स्पष्टीकारक नोट ।
h. सुसंगत अनुज्ञापी शर्तों द्वारा अपेक्षित या आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट कोई अन्य जानकारी ।
(6) यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक अनुज्ञापी रखता है और / या वितरण अथवा पारेषण के एक से अधिक क्षेत्र का अनुज्ञापी समझा जाता है तो वह प्रत्येक अनुज्ञापी या पारेषण अथवा वितरण के क्षेत्र के संबंध में उपरोक्तानुसार पृथक गणना प्रस्तुत करेगा । इसी प्रकार एक उत्पादक कंपनी उत्पादक स्टेशन वार गणना प्रस्तुत करेगी ।
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(7) एक उत्पादक स्टेशन का स्वामी और प्रचालक वितरण अनुज्ञापी उत्पादन कारोबार , अपने अनुज्ञापित कारोबार और अन्य कारोबारों के लिये पृथक लेखे रखेगा और प्रस्तुत करेगा ।
(8) पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनूज्ञापी या SLDC को ऐसी सभी परियोजनाओं /योजनाओं के 'सैद्धांतिक' अनुमोदन हेतु विनियम 21 (6) में विनिर्दिष्ट तरीके से याचिका दायर करना आवश्यक है जिनकी पूंजी लागत उनके संबधित अनुज्ञापी की शर्तों में आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट राशि से अधिक हो । परन्तु जहां आयोग ने अनुमानित पूंजी लागत और वित्त पोषण योजना को 'सैद्धांतिक' स्वीकृति दी है वहां यह वास्तविक पूंजीगत व्यय पर कुशल जांच लागू करने के लिये दिशा- निर्देशक कारक के रुप में कार्य करेगा ।
(9) शुल्क याचिकाएं अंग्रेजी में प्रस्तुत की जायेंगी । याचिका की सॉफ्ट कॉपी और प्रारुप के साथ एम.एस. वर्ड और एम.एस. एक्सेल फॉर्मेंट में कम्प्युटेशन शीट्स और समर्थित दस्तावेज भी आयोग के पास प्रस्तुत किये जायेंगे ।
(10) इन विनियमों में किसी बात से समावेशित होते हुए भी जमा करने की अनुसूचित तिथि से एक माह के पश्चात भी शुल्क के अवधारण और वार्षिक निष्पादन समीक्षा हेतु आवेदन में विलंब / जमा न करने की दशा में आयोग उक्त आवेदनों को दायर किये जाने हेतु स्वप्रेरित कार्यवाही आरम्भ कर सकता है ।
परन्तु उपर्युक्त कार्यवाही के पश्चात भी आवेदक द्वारा आवेदन दायर न करने की स्थिति में, आयोग जैसे उपयुक्त समझे वैसे उपयुक्त समायोजन सम्मिलित करने के पश्चात आयोग स्वयं उसके पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर शुल्क तय कर सकता है ।
परन्तु आगे यह कि यदि आवश्यक है तो आयोग, अधिनियम की धारा 129 और/ या धारा 142 के अधीन निर्देश भी पारित कर सकता है ।
17 नियंत्रण अवधि के अंत में समीक्षा
(1) एक नियंत्रण अवधि की समाप्ति दूसरी नियंत्रण अवधि का आरम्भ हो सकती है; अथवा जैसा आयोग तय करे । आयोग , नियंत्रण अविध के आरम्भ में नियत किये गये लक्ष्यों के संबंध में निष्पादन का विश्लेषण करेगा और प्राप्त वास्तविक निष्पादन, अपेक्षित सुधार और अन्य सुसंगत कारकों के आधार पर अगली नियंत्रण अवधि हेतु आधार मूल्य अवधारित करेगा ।
(2) आयोग , पश्चात्वती नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु दायर की गई ARR / शुल्क याचिका के साथ नियंत्रण अवधि के अंतिम वर्ष के निष्पादन की वार्षिक समीक्षा और नियंत्रण अवधि के ठीक पिछले अंतिम वर्ष का सहीकरण करेगा । नियंत्रण अवधि के अंतिम वर्ष के निष्पादन की वार्षिक समीक्षा और 1295 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
नियंत्रण अवधि के ठीक पिछले अंतिम वर्ष का सहीकरण , वित्त वर्ष हेतु प्रचलित विनियमों में परिभाषित आदर्शों के आधार पर किया जायेगा ।
(3) आयोग , सभी स्टेक होल्डर्स की जानकारी के लिये , याचिका के संबंध में आवेदक से मांगी गई और प्राप्त की गई जानकारी के विवरण के साथ , अपनी वेब साईट पर ऊपर विनियम 8 , 10 , 12 और 16 के अधीन दायर की गई याचिका अपलोड करेगा । आयोग , आवेदक से ऐसी जानकारी अपनी वेबसाईट पर अपलोड करने के लिये भी कह सकता है ।
18 आयोग द्वारा आदेश
(1) आयोग एक पूर्ण आवेदन की प्राप्ति अर्थात इसकी स्वीकृति से एक सौ बीस ( 120) दिन के भीतर और जनता से प्राप्त सभी सुझाव और आपत्तियों पर विचार करने के पश्चातः
a. ऐसे आदेश में समावेशित और आशोधनों और ऐसी शर्तों के साथ आवेदन स्वीकार करते हुए आदेश जारी करेगा, या
b. यदि ऐसा आवेदन, अधिनियम और उसके अधीन निर्मित नियमों और विनियमों के उपबंधों या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अनुरुप नहीं है तो कारण अभिलिखित कर आवेदन को अस्वीकार करेगा,
परन्तु एक आवेदक को, उसका आवेदन अस्वीकार करने से पहले, सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान किया जायेगा ।
(2) आयोग द्वारा अवधारित शुल्क, शुल्क आदेश में विनिर्दिष्ट तिथि से प्रवृत्त होगा ।
19 शुल्क का प्रकाशन
आवेदक, आयोग द्वारा अनुमोदित शुल्क या शुल्कों का प्रकाशन कम से कम दो (2 ) अंग्रेजी और दो (2 ) स्थानीय भाषा में ऐसे दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित करायेगा जिनका / अनुमोदित शुल्क / शुल्क अनुसूची को अपनी वेब साईट में डालेगा और युक्तियुक्त रिप्रोडक्शन प्रभारों का भुगतान करने पर किसी व्यक्ति को यथा स्थिति ऐसे शुल्क या शुल्कों के समावेश के साथ एक पुस्तिका क्रय हेतु उपल्ब्ध करायेगा ,
परन्तु जहां आवेदक एक उत्पादक कंपनी है वहां यह प्रकाशन ऐसे समाचार पत्रों में किया जायेगा, जिनका उस वितरण अनुज्ञापी , जिसको शुल्क आदेश के निबंधनों के अन्तर्गत विद्युत की आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है, के क्षेत्र में व्यापक प्रसार हो और ऐसा उत्पादक कंपनी की वेबसाईट में भी इसे डाला जायेगा ।
20 शुल्क आदेशों की संसूचना
आयोग , आदेश पारित करने के सात दिनों के भीतर, आदेश की एक प्रति उत्तराखण्ड सरकार, केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, आवेदक और उत्तरवादियों को भेजेगा ।
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[भाग 1 -क
भाग-3
लागत और रिटर्न के संगणन हेतु वित्तीय सिद्धांत
21 पूंजी लागत और पूंजी संरचना
(1) इस विनियम के अनुरुप कुशल जांच के पश्चात् आयोग द्वारा अवधारित पूंजी लागत उत्पादक कंपनी, पारेषण अनुज्ञापी , वितरण अनुज्ञापी और SLDC की वर्तमान और नई परियोजनाओं के लिये शुल्क के अवधारण का आधार निर्मित करेगी ।
(2) वर्तमान परियोजना की पूंजी लागत में निम्नलिखित सम्मिलित होगा :
a. 01.04.2025 से पूर्व आयोग द्वारा स्वीकृत पूंजी लागत 01.04.2025 को विधिवत सहीकृत,
b. विनियम 22 के अनुसार अवधारित शुल्क के संबंधित वर्ष हेतु अतिरिक्त पूंजीकरण और पूंजीकरण निरसन, और
C. विनियम 23 के अनुसार इस आयोग द्वारा स्वीकृत नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के कारण हुए व्यय ,
(3) नयी परियोजनाओं की पूंजी लागत में निम्नलिखित सम्मिलित होगा
a. परियोजना के वाणित्यिक प्रचालन की तिथि तक उपगत या उपगत होने के लिये प्रक्षेपित व्यय ,
b. ऋण की वास्तविक राशि पर निर्माण की अवधि में ब्याज और वित्तीय प्रभार,
C. निर्माण के दौरान ब्याज और निर्माण के दौरान आकस्मिक व्यय, जो इन विनियमों के विनियम 21(9) व 21 (10) के अनुसार संगणित हो,
d. इन विनियमों के विनियम 21 (11 ) में विनिर्दिष्ट अधिकतम सीमा दरों के अधीन पूंजीकृत प्रारम्भिक स्पेयर्स,
e. इन विनियमों के विनियम 22 के अनुसार अवधारित अतिरिक्त पूंजीकरण और पूंजीकरण निरसन के कारण व्यय ,
f. इन विनियमों के विनियम 45 के अधीन विनिर्दिष्ट CoD से पूर्व ईंधन लागत से अधिक अशक्त ऊर्जा के विक्रय के कारण राजस्व का समायोजन, और
g. CoD से पहले आस्तियों का उपयोग कर उत्पादक कंपनी, पारेषण अनुज्ञापी और वितरण अनुज्ञापी द्वारा अर्जित किसी राजस्व का समायोजन ।
(4) एक नये जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के मामले में पूंजी लागत में निम्नलिखित भी सम्मिलित होगा:
1297 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
a. अनुमोदित रुप में राष्ट्रीय R&R पॉलिसी और R&R पैकेज की संपुष्टि के साथ परियोजना के अनुमोदित पुनर्वासन और पुनः स्थापन (R&R) योजना की लागत और,
b. प्रभावित क्षेत्र में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (RGGVY) परियोजना की ओर विकासकर्ता के 10% योगदान की लागत,
C. सरकार द्वारा समय- समय पर जारी नीतियों के अनुसार लागत को प्रभावित करने वाला कोई अन्य योगदान ।
(5) वर्तमान और नयी परियोजना की पूंजी लागत में से निम्नलिखित को अलग कर दिया जायेगा या हटा दिया जायेगाः
a. परियोजना का भाग संरचित करने वाली आस्तियां जो उपयोग में नहीं है ,
b. आस्तियोंका पूंजीकरण- निरसन
C. जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के मामलों में, द्विचरण पारदर्शी बोली प्रक्रिया अपना कर राज्य सरकार द्वारा आबंटित परियोजना स्थल प्राप्त करने के लिये परियोजना विकासकर्ता द्वारा हुए व्यय या होने के लिये प्रतिबद्ध व्यय , और
d. उस भूमि की अनुपातिक लागत जिसे नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित उत्पादक स्टेशन से ऊर्जा के उत्पादन हेतु उपयोग में लाया जा रहा हैः
परन्तु परियोजना के निष्पादन हेतु केन्द्र या राज्य सरकार या कोई कानूनी निवाद या प्राधिकरण जिस पर पुनर्भुगतान का दायित्व नहीं है उसे ऋण पर व्याज इक्विटी पर रिटर्न और ह्रास की संगणना के प्रयोजन से पूंजी लागत से अलग रखा जायेगा,
(6) पूंजी लागत के 'सैद्धांतिक' अनुमोदन हेतु याचिका:
कोई अनुज्ञापी जो एक पारेषण प्रणाली या वितरण या SLDC की क्षमता को स्थापित, प्रचालित बनाये या वृद्धि करना चाहता है, परियोजना आरम्भ करने से पहले परियोजना की पूंजी लागत और वित्त पोषण योजना के 'सैद्धतिक' अनुमोदन हेतु समय - समय पर संशोधित उविनिआ (कारोबार का संचालन) विनियम, 2014 के अनुसार शपथ पत्र के अधीन एक आवेदन/ याचिका दायर करेगा । निवेश अनुमोदन हेतु पारेषण प्रणाली या वितरण प्रणाली या SLDC का आवेदन / याचिका, परियोजना का प्रयोजन स्पष्ट रुप से निम्नानुसार उपबंधित करेगी :
a. पारेषण आवेदन /याचिका में युटिलिटी विशेष हेतु सुसंगत प्रणाली सशक्तिकरण , भार वृद्धि इत्यादि, इसके लागत- लाभ विश्लेषण और अन्य विवरण जैसे परियोजना की अवस्थिति, स्थल विशिष्ट विशेषताएं , पूंजी लागत का ब्रेकअप , वित्तीय पैकेज, निष्पादन मानदंड, कमीशनिंग 1298
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
शिड्यूल , संदर्भ मूल्य स्तर , अनुमानित पूर्णता लागत जिस में विदेशी- विनियम घटक , (यदि कोई है) निर्धारित और प्राप्त किये जाने वाले पर्यावरण मानकों, इत्यादि का समावेश होगा ।
b. वितरण आवेदन / याचिका में प्रणाली सशक्तिकरण , हानि कम करने, भार वृद्धि पूरी करने , उविनिआ (निष्पादनों के मानक) विनियम, 2022 के अधीन दायित्व पूरा करने इत्यादि, वित्तीय पैकेज, निष्पादन मानदंड, कमीशनिंग शिड्यूल , संदर्भ मूल्य स्तर, अनुमानित पूर्णता लागत जिसमें विदेशी विनिमय घटक (यदि कोई है) , निर्धारित और पूरा किये जाने वाले पर्यावरणीय मानक, इत्यादि की जानकारी का समावेश होगा ।
परन्तु जहां आयोग ने अनुमानित पूंजी लागत और वित्त पोषण योजना को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया है, वहां यह एक युटिलिटी विशेष के लिये ARR और शुल्कों का अवधारण करते समय वास्तविक पूंजीगत व्यय पर कुशल जांच लागू करने के लिये एक दिशा- निर्देशक कारक के रुप में कार्य करेगा ।
(7) शुल्क अवधारण के लिये अनुमोदित पूंजी लागत का विचार किया जायेगा और यदि परियोजना लागत में किसी वृद्धि हेतु पर्याप्त औचित्य प्रदान किया जाता है तो कुशल जांच के अधीन आयोग द्वारा इस पर विचार किया जायेगा:
परन्तु यदि वास्तविक पूंजी लागत अनुमोदित पूंजी लागत से कम है तो वास्तविक पूंजी लागत विचारित की जायेगी,
परन्तु एक पूंजी लागत की कुशल जांच समय- समय पर आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट बेंचमार्क मानकों के आधार पर की जायेगी,
परन्तु आगे यह कि ऐसे मामलों में जहां बेंच मार्क मानक विनिर्दिष्ट नहीं किये गये हैं, वहां कुशल जांच में पूंजीगत व्यय की संवीक्षा, वित्त पोषण योजना, निर्माण के दौरान ब्याज , इसकी युक्तियुक्तता के लिये निर्माण के दौरान हुए आकस्मिक व्यय , दक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग , लागत का बढ़ना एवं समय का बढ़ना , अधिप्राप्ति हेतु बोली और ऐसे अन्य मामले जो शुल्क अवधारण हेतु आयोग द्वारा उपयुक्त समझे जाये, सम्मिलित होंगे;
परन्तु आगे यह भी कि यदि उत्पादक स्टेशन SCOD या वास्तविक COD जो भी संबंद्ध पारेषण प्रणाली के बाद में है, पर कमीशन्ड नहीं किया जाता है तो उत्पादक स्टेशन के कमीशन्ड होने तक इन विनियमों के विनियम 3 के उप- विनियम (20) के खण्ड (c) के द्वितीय परन्तुक के अनुसार पारेषण प्रणाली द्वारा वाणिज्यिक प्रचालन के अधीन घोषित किये जाने पर , उत्पादक कंपनी IDC और IEDC या पारेषण प्रभार वहन करेगी, भाग 1 -क]
1295 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
नियंत्रण अवधि के ठीक पिछले अंतिम वर्ष का सहीकरण, वित्त वर्ष हेतु प्रचलित विनियमों में परिभाषित आदर्शों के आधार पर किया जायेगा ।
(3) आयोग , सभी स्टेक होल्डर्स की जानकारी के लिये, याचिका के संबंध में आवेदक से मांगी गई और प्राप्त की गई जानकारी के विवरण के साथ, अपनी वेब साईट पर ऊपर विनियम 8 , 10, 12 और 16 के अधीन दायर की गई याचिका अपलोड करेगा । आयोग , आवेदक से ऐसी जानकारी अपनी वेबसाईट पर अपलोड करने के लिये भी कह सकता है ।
18 आयोग द्वारा आदेश
(1) आयोग एक पूर्ण आवेदन की प्राप्ति अर्थात इसकी स्वीकृति से एक सौ बीस ( 120 ) दिन के भीतर और जनता से प्राप्त सभी सुझाव और आपत्तियों पर विचार करने के पश्चातः
a. ऐसे आदेश में समावेशित और आशोधनों और ऐसी शर्तों के साथ आवेदन स्वीकार करते हुए आदेश जारी करेगा, या
b. यदि ऐसा आवेदन , अधिनियम और उसके अधीन निर्मित नियमों और विनियमों के उपबंधों या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अनुरुप नहीं है तो कारण अभिलिखित कर आवेदन को अस्वीकार करेगा,
परन्तु एक आवेदक को, उसका आवेदन अस्वीकार करने से पहले , सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान किया जायेगा ।
(2) आयोग द्वारा अवधारित शुल्क, शुल्क आदेश में विनिर्दिष्ट तिथि से प्रवृत्त होगा ।
19 शुल्क का प्रकाशन
आवेदक, आयोग द्वारा अनुमोदित शुल्क या शुल्कों का प्रकाशन कम से कम दो (2) अंग्रेजी और दो (2) स्थानीय भाषा में ऐसे दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित करायेगा जिनका/ अनुमोदित शुल्क/ शुल्क अनुसूची को अपनी वेब साईट में डालेगा और युक्तियुक्त रिप्रोडक्शन प्रभारों का भुगतान करने पर किसी व्यक्ति को यथा स्थिति ऐसे शुल्क या शुल्कों के समावेश के साथ एक पुस्तिका क्रय हेतु उपल्ब्ध करायेगा,
परन्तु जहां आवेदक एक उत्पादक कंपनी है वहां यह प्रकाशन ऐसे समाचार पत्रों में किया जायेगा, जिनका उस वितरण अनुज्ञापी , जिसको शुल्क आदेश के निबंधनों के अन्तर्गत विद्युत की आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है, के क्षेत्र में व्यापक प्रसार हो और ऐसा उत्पादक कंपनी की वेबसाईट में भी इसे डाला जायेगा ।
20 शुल्क आदेशों की संसूचना
आयोग , आदेश पारित करने के सात दिनों के भीतर , आदेश की एक प्रति उत्तराखण्ड सरकार, केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण , आवेदक और उत्तरवादियों को भेजेगा ।
1296
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
भाग-3
लागत और रिटर्न के संगणन हेतु वित्तीय सिद्धांत
21 पूंजी लागत और पूंजी संरचना
(1) इस विनियम के अनुरुप कुशल जांच के पश्चात् आयोग द्वारा अवधारित पूंजी लागत उत्पादक कंपनी, पारेषण अनुज्ञापी , वितरण अनुज्ञापी और SLDC की वर्तमान और नई परियोजनाओं के लिये शुल्क के अवधारण का आधार निर्मित करेगी ।
(2) वर्तमान परियोजना की पूंजी लागत में निम्नलिखित सम्मिलित होगा :
a. 01.04.2025 से पूर्व आयोग द्वारा स्वीकृत पूंजी लागत 01.04.2025 को विधिवत सहीकृत,
b. विनियम 22 के अनुसार अवधारित शुल्क के संबंधित वर्ष हेतु अतिरिक्त पूंजीकरण और पूंजीकरण निरसन , और
C. विनियम 23 के अनुसार इस आयोग द्वारा स्वीकृत नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के कारण हुए व्यय,
(3) नयी परियोजनाओं की पूंजी लागत में निम्नलिखित सम्मिलित होगा:
a. परियोजना के वाणित्यिक प्रचालन की तिथि तक उपगत या उपगत होने के लिये प्रक्षेपित व्यय ,
b. ऋण की वास्तविक राशि पर निर्माण की अवधि में ब्याज और वित्तीय प्रभार ,
C. निर्माण के दौरान ब्याज और निर्माण के दौरान आकस्मिक व्यय , जो इन विनियमों के विनियम 21 (9) व 21 (10 ) के अनुसार संगणित हो,
d. इन विनियमों के विनियम 21 (11 ) में विनिर्दिष्ट अधिकतम सीमा दरों के अधीन पूंजीकृत प्रारम्भिक स्पेयर्स,
e. इन विनियमों के विनियम 22 के अनुसार अवधारित अतिरिक्त पूंजीकरण और पूंजीकरण निरसन के कारण व्यय ,
f. इन विनियमों के विनियम 45 के अधीन विनिर्दिष्ट CoD से पूर्व ईंधन लागत से अधिक अशक्त ऊर्जा के विक्रय के कारण राजस्व का समायोजन , और
g. CoD से पहले आस्तियों का उपयोग कर उत्पादक कंपनी, पारेषण अनुज्ञापी और वितरण अनुज्ञापी द्वारा अर्जित किसी राजस्व का समायोजन ।
(4) एक नये जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के मामले में पूंजी लागत में निम्नलिखित भी सम्मिलित होगा :
1297 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
a. अनुमोदित रुप में राष्ट्रीय R&R पॉलिसी और R& R पैकेज की संपुष्टि के साथ परियोजना के अनुमोदित पुनर्वासन और पुनः स्थापन (R&R) योजना की लागत और ,
b. प्रभावित क्षेत्र में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (RGGVY) परियोजना की ओर विकासकर्ता के 10% योगदान की लागत,
C. सरकार द्वारा समय - समय पर जारी नीतियों के अनुसार लागत को प्रभावित करने वाला कोई अन्य योगदान ।
(5) वर्तमान और नयी परियोजना की पूंजी लागत में से निम्नलिखित को अलग कर दिया जायेगा या हटा दिया जायेगाः
a. परियोजना का भाग संरचित करने वाली आस्तियां जो उपयोग में नहीं है,
b. आस्तियों का पूंजीकरण-निरसन
C. जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के मामलों में, द्विचरण पारदर्शी बोली प्रक्रिया अपना करें राज्य सरकार द्वारा आबंटित परियोजना स्थल प्राप्त करने के लिये परियोजना विकासकर्ता द्वारा हुए व्यय या होने के लिये प्रतिबद्ध व्यय, और
d. उस भूमि की अनुपातिक लागत जिसे नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित उत्पादक स्टेशन से ऊर्जा के उत्पादन हेतु उपयोग में लाया जा रहा हैः
परन्तु परियोजना के निष्पादन हेतु केन्द्र या राज्य सरकार या कोई कानूनी निवाद या प्राधिकरण जिस पर पुनर्भुगतान का दायित्व नहीं है उसे ऋण पर व्याज इक्विटी पर रिटर्न और ह्रास की संगणना के प्रयोजन से पूंजी लागत से अलग रखा जायेगा ,
(6) पूंजी लागत के 'सैद्धांतिक' अनुमोदन हेतु याचिका:
कोई अनुज्ञापी जो एक पारेषण प्रणाली या वितरण या SLDC की क्षमता को स्थापित, प्रचालित बनाये या वृद्धि करना चाहता है, परियोजना आरम्भ करने से पहले परियोजना की पूंजी लागत और वित्त पोषण योजना के 'सैद्धतिक' अनुमोदन हेतु समय- समय पर संशोधित उविनिआ (कारोबार का संचालन) विनियम, 2014 के अनुसार शपथ पत्र के अधीन एक आवेदन / याचिका दायर करेगा । निवेश अनुमोदन हेतु पारेषण प्रणाली या वितरण प्रणाली या SLDC का आवेदन / याचिका, परियोजना का प्रयोजन स्पष्ट रुप से निम्नानुसार उपबंधित करेगी :
a. पारेषण आवेदन / याचिका में युटिलिटी विशेष हेतु सुसंगत प्रणाली सशक्तिकरण , भार वृद्धि इत्यादि, इसके लागत लाभ विश्लेषण और अन्य विवरण जैसे परियोजना की अवस्थिति, स्थल विशिष्ट विशेषताएं , पूंजी लागत का ब्रेकअप , वित्तीय पैकेज, निष्पादन मानदंड, कमीशनिंग 1298
[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
शिड्यूल, संदर्भ मूल्य स्तर, अनुमानित पूर्णता लागत जिस में विदेशी- विनियम घटक , (यदि कोई है) निर्धारित और प्राप्त किये जाने वाले पर्यावरण मानकों, इत्यादि का समावेश होगा ।
b. वितरण आवेदन / याचिका में प्रणाली सशक्तिकरण , हानि कम करने, भार वृद्धि पूरी करने, उविनिआ (निष्पादनों के मानक) विनियम, 2022 के अधीन दायित्व पूरा करने इत्यादि, वित्तीय पैकेज, निष्पादन मानदंड, कमीशनिंग शिड्यूल, संदर्भ मूल्य स्तर , अनुमानित पूर्णता लागत जिसमें विदेशी विनिमय घटक (यदि कोई है) , निर्धारित और पूरा किये जाने वाले पर्यावरणीय मानक, इत्यादि की जानकारी का समावेश होगा ।
परन्तु जहां आयोग ने अनुमानित पूंजी लागत और वित्त पोषण योजना को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया है, वहां यह एक युटिलिटी विशेष के लिये ARR और शुल्कों का अवधारण करते समय वास्तविक पूंजीगत व्यय पर कुशल जांच लागू करने के लिये एक दिशा- निर्देशक कारक के रुप में कार्य करेगा ।
(7) शुल्क अवधारण के लिये अनुमोदित पूंजी लागत का विचार किया जायेगा और यदि परियोजना लागत में किसी वृद्धि हेतु पर्याप्त औचित्य प्रदान किया जाता है तो कुशल जांच के अधीन आयोग द्वारा इस पर विचार किया जायेगा:
परन्तु यदि वास्तविक पूंजी लागत अनुमोदित पूंजी लागत से कम है तो वास्तविक पूंजी लागत विचारित की जायेगी,
परन्तु एक पूंजी लागत की कुशल जांच समय - समय पर आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट बेंचमार्क मानकों के आधार पर की जायेगी,
परन्तु आगे यह कि ऐसे मामलों में जहां बेंच मार्क मानक विनिर्दिष्ट नहीं किये गये हैं, वहां कुशल जांच में पूंजीगत व्यय की संवीक्षा, वित्त पोषण योजना, निर्माण के दौरान ब्याज, इसकी युक्तियुक्तता के लिये निर्माण के दौरान हुए आकस्मिक व्यय , दक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग, लागत का बढ़ना एवं समय का बढ़ना, अधिप्राप्ति हेतु बोली और ऐसे अन्य मामले जो शुल्क अवधारण हेतु आयोग द्वारा उपयुक्त समझे जाये , सम्मिलित होंगे ;
परन्तु आगे यह भी कि यदि उत्पादक स्टेशन SCOD या वास्तविक COD जो भी संबंद्ध पारेषण प्रणाली के बाद में है , पर कमीशन्ड नहीं किया जाता है तो उत्पादक स्टेशन के कमीशन्ड होने तक इन विनियमों के विनियम 3 के उप- विनियम (20) के खण्ड (c) के द्वितीय परन्तुक के अनुसार पारेषण प्रणाली द्वारा वाणिज्यिक प्रचालन के अधीन घोषित किये जाने पर , उत्पादक कंपनी IDC और IEDC या पारेषण प्रभार वहन करेगी, 1299 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
परन्तु यह भी कि यदि पारेषण प्रणाली को उत्पादक कंपनी से SCOD पर कमीशन्ड नहीं किया जाता तो पारेषण अनुज्ञापी अपनी स्वयं की व्यवस्था व लागत से उत्पादक स्टेशन से निष्क्रमण की व्यवस्था करवायेगा जब तक कि संबंद्ध पारेषण प्रणाली कमीशन्ड न हो जाये ।
परन्तु आगे यह भी कि ऐसे मामलों में जहां बेंचमार्क मानक विनिर्दिष्ट किये गये हैं वहां उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी बेंचमार्क मानकों से ऊपर की लागत की अनुमति हेतु आयोग की संतुष्टि के लिये , बेंचमार्क मानकों से पूंजी लागत अधिक होने के कारण प्रस्तुत करेंगे ।
परन्तु आगे यह भी कि यदि एक जल विद्युत उत्पादक स्टेशन का स्थल, द्विचरण पारदर्शी बोली प्रक्रिया अपनाकर राज्य सरकार द्वारा एक विकासकर्ता (जो राज्य के स्वामित्व या नियंत्रण के अधीन कंपनी न हो) को प्रदान किया जाता है तो कोई उपगत व्यय या उपगत होने के लिये वचनबद्ध व्यय जो परियोजना विकासकर्ता द्वारा किया गया हो और जिसमें परियोजना स्थल आंबंटित कराने के लिये भुगतान की गई / देय प्रीमियम सम्मिलित है को पूंजी लागत में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
(8) जहां ऊर्जा क्रय करार या पारेषण या व्हीलिंग करार पूंजी लागत की अधिकतम सीमा उपबंधित करता है वहां आयोग द्वारा स्वीकृत पूंजीगत व्यय शुल्क के अवधारण हेतु ऐसी अधिकतम सीमा पर विचार करेगा ।
(9) निर्माण के दौरान ब्याज (IDC)
a. निर्माण के दौरान ब्याज का संगणन, ऋण निधि के भरने की तिथि से उधार के तद्नुरूप तथा SCOD तक निधियों की कुशल चरणबद्धता को हिसाब में लेने के पश्चात् होगा ।
b. SCOD प्राप्त करने में विलंब के कारण IOC को अमल में लाने हेतु अतिरिक्त लागतों के मामलों में यथा स्थिति उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC को फंड्स की कुशल चरणबद्धता सहित ऐसे विलंब हेतु समर्थक दस्तावेजों के साथ विस्तृत औचित्य प्रस्तुत करना आवश्यक होगा ।
परन्तु यदि विलंब यथास्थिति उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC पर उपारोप्य नहीं है और इन विनियमों के विनियम 12 (5) में विनिर्दिष्ट अनियंत्रणीय कारकों के कारण है, तो उचित कुशल जांच और फंड्स की कुशल चरणबद्धता को ध्यान में रखते हुए IDC अनुमोदित की जा सकेगी ।
(10) निर्माण के दौरान आकस्मिक व्यय ( IEDC):
a. निर्माण के दौरान आकस्मिक व्यय का संगणन शून्य तिथि से और SCOD तक प्रचालन पूर्व व्ययों को हिसाब में लेते हुए किया जायेगा:
1300
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
परन्तु जमा या अग्रिमों या किन्हीं अन्य प्राप्तियों पर ब्याज के कारण SCOD तक निर्माण अवधि के दौरान अर्जित कोई राजस्व, निर्माण के दौरान हुए आकस्मिक व्यय के कारण हिसाब में लिया जायेगा ।
b. SCOD प्राप्त करने में विलंब के फलस्वरुप IEDC के कारण अतिरिक्त लागतों के मामले में यथा स्थिति उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC को ऐसे विलंब हेतु समर्थक दस्तावेजों के साथ विस्तृत औचित्य प्रस्तुत करना होगा जिसमें विलंब की अवधि के दौरान आकस्मिक व्यय और वसूल किये गये या तद्नुरुप वसूली योग्य तद्नुरुप विलंब सम्मिलित हैं:
परन्तु यदि विलंब यथा स्थिति उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC पर उपारोप्य नहीं है , और विनियम 12 (5) में विनिर्दिष्ट अनियंत्रणीय कारकों के कारण है तो उचित कुशल जांच के पश्चात् IEDC अनुज्ञात की जा सकेगी ।
परन्तु आगे यह कि जहां विलंब उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC द्वारा नियुक्त एजेन्सी या ठेकेदार या आपूर्तिकर्ता पर उपारोप्य है वहां ऐसी एजेन्सी या ठेकेदार या आपूर्तिकर्ता से वसूली गई निर्णीत नुकसान को पूंजी लागत की संगणना करने समय ध्यान में रखा जायेगा ।
C. यदि SCOD से आगे के समय हेतु वृद्धि सम्यक कुशलता के पश्चात स्वीकार्य नहीं है तो समय वृद्धि के दौरान तदनुरुप लागत परिवर्तन के कारण पूंजी लागत में वृद्धि को उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC के आपूर्तिकर्ता या ठेकेदार के साथ संविदाओं में मूल्य परिवर्तन उपबंधों के होते हुए भी पूंजीकरण से अलग रखा जायेगा ।
( 11) प्रारम्भिक स्पेयर्स : प्रारम्भिक स्पेयर्स को कट-ऑफ तिथि तक वास्तविकों के अनुसार संयंत्र और मशीनरी के प्रतिशत के रुप में निम्नलिखित अधिकतम सीमा मानकों के अधीन पूंजीकृत किया जायेगाः
(i) ताप उत्पादक स्टेशन्स 4.0%
40: (ii) जल विद्युत उत्पादक स्टेशन्स
(iii) पारेषण प्रणाली
a) पारेषण लाईन 1.00%
b) पारेषण उप - स्टेशन - 4.00%
(12) इक्विटी और ऋण के सापेक्ष शेयर के रुप में पूंजी की पुनः संरचना शुल्क अवधि के दौरान अनुज्ञेय होगी बशर्ते कि इसका शुल्क पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े । ऐसी पुनः संरचना से हुए किसी भी लाभ को, एक उत्पादक कंपनी के मामले में क्षमता प्रभार शेयर करने वाले व्यक्तियों के साथ और ऐसे अनुज्ञापियों के मामले में पारेषण या वितरण अनुज्ञापी या उपभोक्ताओं के दीर्घावधि राज्यान्तर्गत
भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) 1301
उन्मुक्त अभिगमन ग्राहकों के साथ 2: 1 के अनुपात में , 2/ 3rd आवेदक द्वारा रखकर और 1 / 3rd
लाभार्थियों के पास ऑन कर शेयर किया जायेगा ।
22 अतिरिक्त पूंजीकरण और पूंजीकरण निरसन
(1) वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात और कट-ऑफ तिथि तक वास्तव में उपगत या उपगत
होने के लिये मूल परिधि के भीतर निम्नलिखित पूंजीगत व्यय, कुशल जांच के अधीन आयोग द्वारा
स्वीकार किये जायेंगे :
a. अनिष्पादित दायित्व;
b. मूल कार्य क्षेत्र के अंतर्गत निष्पादन हेतु स्थगित किए गए कार्य ;
C. विनियम 21 (11 ) के उपबंधों के अधीन , कार्य की मूल परिधि के भीतर प्रारम्भिक पूंजीगत स्पेयर्स
की अधिप्राप्ति;
d. मध्यस्थ का अधिनिर्णय पूरा करने के लिये या किसी न्यायालय के आदेश या डिक्री के
अनुपालन हेतु दायित्व, ओर
e. विधि में परिवर्तन के कारण
f. अप्रत्याशित घटनाएँ ।
परन्तु व्यय के अनुमानों, आस्थगित दायित्वों और निष्पादन हेतु आस्थगित कार्यों के साथ कार्य
की मूल परिधि में सम्मिलित विवरण को , शुल्क के अवधारण हेतु आवेदन के साथ जमा किया
जायेगा ।
(2) कट-ऑफ तिथि के पश्चात वास्तव में किए गए या किए जाने का अनुमान लगाए गए निम्नलिखित
प्रकृति के पूंजीगत व्यय को आयोग द्वारा विवेकपूर्ण जांच के अधीन स्वीकार किया जा सकता है:
a. मध्यस्थ का अधिनिर्णय पूरा करने या किसी न्यायालय के आदेश अथवा डिक्री के अनुपालन के
दायित्व,
b. विधि में परिवर्तन के कारण ,
C. कार्य की मूल परिधि के भीतर आस्थगित कार्य,
d. वास्तविक भुगतान द्वारा ऐसे दायित्वों के निष्पादक के विस्तार तक कट- ऑफ तिथि के पश्चात
आयोग द्वारा स्वीकृत कार्यों हेतु कोई दायित्व,
e . कोई अतिरिक्त पूंजीगत व्यय जो यथास्थिति उत्पादक स्टेशन या पारेषण प्रणाली के दक्ष
प्रचालन हेतु आवश्यक हो गया हो । दावों के साथ तकनीकी औचित्य सिद्ध करना होगा जिसके
1302
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
साथ उचित समर्थक दस्तावेजी साक्ष्य संलग्न करने होंगे जैसे आस्तियों को अवनति के मामले में एक स्वतंत्र एजेन्सी द्वारा परीक्षण के परिणाम, प्राकृतिक आपदाओं से हुई हानि, प्रौद्योगिकी के पुराने हो जाने, फॉल्ट स्तर में वृद्धि जैसे तकनीकी कारण हेतु क्षमता के उच्चीकरण के मामले में स्वतंत्र एजेन्सी की रिपोर्ट,
f. जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों के मामले में , किसी बीमा योजना से प्राप्तियां और सफल व दक्ष संयंत्र प्रचालन हेतु आवश्यक हो चुके किसी अतिरिक्त कार्य के कारण उपगत व्यय के लिये समायोजन के पश्चात कोई अतिरिक्त व्यय जो प्राकृतिक आपदाओं द्वारा क्षतिग्रस्त होने के कारण आवश्यक हो चुके हों ( किन्तु उत्पादक स्टेशन की लापरवाही के कारण पावर हाउस में जल प्लावन के कारण नहीं) जिसमें भूगर्भीय घटनाओं के कारण सम्मिलित है ,
परन्तु इस अकाउंट में अतिरिक्त पूंजीकरण केवल तभी अनुज्ञात होगा जब ऊपर लिखित प्राकृतिक आपदाओं के समय उपयुक्त और पर्याप्त बीमा कवर उपलब्ध था,
g. पारेषण और वितरण प्रणाली के मामले में , मदों पर आए कोई अतिरिक्त व्यय जैसे रिलेज़, कन्ट्रोल व इन्स्ट्रुमेंटेशन, कम्प्यूटर सिस्टम , पावर लाईन कैरियर कम्युनिकेशन, डीसी बैटरीज , स्विचयार्ड का बदलाव, फॉल्ट स्तर में वृद्धि के कारण उपकरण, इमरजेंसी रेस्टोरेशन सिस्टम , इन्सुलेटर्स क्लीनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, बीमा द्वारा कवर न किये गये क्षतिग्रस्त उपकरण का बदलाव और कोई अन्य व्यय जो पारेषण और वितरण प्रणाली के सफल और दक्ष प्रचालन हेतु आवश्यक हो गया है,
यदि किसी परिसंपत्ति / उपकरण (जैसे ट्रांसफर्मर, सर्किट ब्रेकर, सी.टी, पी.टी. आदि को उसके गैर प्रदर्शन विफलता के कारण प्रतिस्थापित किया जाता है, तो निम्नलिखित दृष्टिकोण अपनाया जायेगा ।
(i ) अनिष्पादन/अस्तियों के विफल होने/ उपकरण के मामले में इसे इस जांच हेतु स्टोर में भेजा जायेगा कि क्या यह शून्य लागत पर मरम्मत योग्य है अथवा नहीं,
(ii) यदि आस्ति मरम्मत योग्य है तो ऐसी आस्ति / उपकरण को आस्तियों की पुस्तक से हटाया नहीं जायेगा,
परन्तु अवस्थिति, आस्ति संख्या इत्यादि जैसी सामग्री के लिये उचित ट्रैकिंग उपलब्ध होनी चाहिये ,
(iii) यदि आस्ति मरम्मत योग्य नहीं है, तो निम्नलिखित प्रक्रिया अपनायी जायेगी :
आस्ति को अवक्षयित मूल्य पर आस्तियों की पुस्तिका से हटा दिया जायेगा ।
विफल आस्ति / उपकरण को विफल से स्क्रैप सामग्री में स्थानांतरित किया जाये ।
1303 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
इसे लोहे , पीतल इत्यादि जैसी स्क्रैप इन्वेन्टरी में खंडित किया जाये ।
स्क्रैप इन्वेन्टरी निर्मित की जाये ।
परन्तु स्क्रैप इन्वेन्टरी को खंडित करने और स्क्रैप इन्वेन्टरी निर्मित करने का कार्य एक साथ किया जायेगा। खंडित स्क्रैप मूल्य पिछले स्क्रैप विक्रय मूल्य के आधार पर तय किया जायेगा । नियंत्रण लेखा (खंडन ) व्यय लेखा होगा । नियंत्रण लेखा का अंतर अर्थात लाभ अथवा हानि को तदनुसार अंकित किया जायेगा ।
(iv) यदि कोई नई आस्ति/ उपकरण जारी किया जाता है तो इसे भारित औसत लागत पर जारी किया जायेगा व क्रमशः पूंजीकृत किया जायेगा तथा तदनुसार नई आस्तियां संरचित की जायेगी और लेखा पुस्तकों में तदनुरुप प्रविष्टियां की जायेगी ।
(3) यथास्थिति एवं उत्पादन कंपनी या वितरण लाइसेंसधारी या ट्रांसमिशन लाइसेंसधारी या SLDC की परिसंपत्तियों के डी- पूंजीकरण के मामले में, जैसा भी मामला हो, डी- कैपिटलाइजेशन की तिथि पर ऐसी परिसंपत्ति की मूल लागत से कटौती की जाएगी जिस वर्ष ऐसा डी- पूंजीकरण होता है, उस वर्ष सकल अचल संपत्ति और संबंधित ऋण के साथ- साथ इक्विटी का मूल्य क्रमशः बकाया ऋण और इक्विटी से काटा जाएगा , जिसमें संचयी मूल्यह्रास और ऋण के संचयी पुनर्भुगतान में सम्बन्धित समायोजन के साथ , जिस वर्ष इसे पूंजीकृत किया गया था, उसे ध्यान में रखते हुए ।
(4) वितरण लाइसेंसधारियों के मामले में 2.50 करोड़ रुपये से अधिक और उत्पादन कंपनियों /ट्रांसमिशन लाइसेंसधारियों के मामले में 5 करोड़ रुपये से अधिक की मौजूदा परिसंपत्तियों में कोई भी वृद्धि / संशोधन आयोग की पूर्व स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा । आयोग की स्वीकृति के लिए आवेदन के साथ यूईआरसी (कारोबार का संचालन ) विनियम , 2014 के अनुसार निदेशक मंडल की स्वीकृति भी होनी चाहिए ।
23 नवीनीकरण और आधुनिकीकरण
(1) उत्पादक स्टेशन के उपयोगी जीवन के आगे के जीवन में विस्तार के उद्देश्य से नवीनीकरण और आधुनिकीकरण (R & M) पर व्यय पूरे करने के लिये उत्पादक कंपनी अपने प्रस्ताव के सैद्धांतिक अनुमोदन हेतु आयोग के समक्ष एक आवेदन करेगी जिसमें विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के साथ इसकी पूर्ण परिधि, औचित्य, लागत लाभ विश्लेषण , संदर्भ तिथि से अनुमानित जीवन विस्तार, वित्तीय पैकेज , व्यय के चरण , पूर्णता की अनुसूची , संदर्भ मूल्य स्तर, अनुमानित पूर्णता लागत जिसमें विदेशी विनिमय घटक, यदि कोई है, लाभार्थियों के साथ परामर्श का रिकॉर्ड, और कोई अन्य जानकारी जिसे उत्पादक कंपनी द्वारा सुसंगत समझा जाये, सम्मिलित है, प्रदान की जायेगी ।
(2) जहां उत्पादक कंपनी नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिये सैद्धांतिक अनुमोदन हेतु आवेदन करती है वहां सैद्धांतिक अनुमोदन, लागत अनुमानों की युक्तियुक्तता, वित्त पोषण योजना, पूर्णता की 1304
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
अनुसूची, निर्माण के दौरान ब्याज , दक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग , लागत- लाभ विश्लेषण, और अन्य ऐसे कारकं जो आयोग द्वारा सुसंगत समझे जायें, का विचार करने के पश्चात प्रदान किया जायेगा ।
(3) नवीनीकरण और आधुनिकीकरण व्ययों के अनुमानों व जीवन विस्तार के आधार पर कुशल जांच के पश्चात तथा बदली गई आस्ति की मूल राशि बट्टे खाते में डालने व संचित अवक्षय घटाने , जिसमें मूल परियोजना लागत से पहले ही वसूले गये अवक्षय के सापेक्ष अग्रिम सम्मिलित है, के पश्चात उपगत या उपगत होने के लिये प्रक्षेपित तथा आयोग द्वारा स्वीकृत व्यय, शुल्क अवधारण का आधार संरचित करेगा ।
ऋण- इक्विटी अनुपात
24
(1) 01.04.2025 पर या उसके पश्चात वाणित्यिक प्रचालन के अधीन घोषित परियोजना के लिये ऋण - इक्विटी अनुपात 70:30 होगा । जहां नियोजित इक्विटी 30% से अधिक है वहां शुल्क के उद्देश्य से इक्विटी की राशि 30 % एक मानवीय तक सीमित होगी तथा शेष राशिऋण के रुप में विचारित की जायेगी । जहां वास्तविक नियोजित इक्विटी 30% से कम है वहां वास्तविक इक्विटी का उपयोग शुल्क संगणनाओं में इक्विटी पर रिटर्न के अवधारण हेतु किया जायेगा ।
स्पष्टीकरण: शेयर पूंजी जारी करते समय उत्पादक कंपनी, या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC द्वारा लगाया गये प्रीमियम और खुली आरक्षितियां, यदि कोई हैं, से संरचित आंतरिक संसाधनों के निवेश की भी इक्विटी पर रिटर्न की संगणना के उद्देश्य से समादत्त पूंजी के रुप में गणना की जायेगी , बशर्ते कि ऐसी प्रीमियम राशि और आंतरिक संसाधनों का वास्तविक उपयोग पूंजी व्यय पूरा करने के लिये किया जाये ।
(2) विदेशी मुद्रा में निवेश की गई इक्विटी, इसके हस्ताक्षरित होने की तिथि (यों) पर प्रचलित विनियम- दर के आधार पर रुपये में परिवर्तित की जायेगी ।
(3) परियोजना के निष्पादन हेतु प्राप्त कोई अनुदान, ऋण इक्विटी अनुपात के उद्देश्य से पूंजी संरचना का भाग नहीं समझा जायेगा ।
(4) उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या SLDC या वितरण अनुज्ञापी यथास्थिति अपने पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिये , उपयोग किये गये या उपयोग किये जाने के लिये प्रस्ताविक के समर्थन में आंतरिक संसाधनों के संचार संबंध में कंपनी के बोर्ड का संकल्प या राज्य सरकार का अनुमोदन प्रस्तुत करेंगे ।
(5) 01.04.2025 के पश्चात उपगत या उपगत होने के लिये प्रक्षेपित कोई व्यय जिसे शुल्क के अवधारण हेतु अतिरिक्त पूंजीगत व्यय के रुप में आयोग द्वारा स्वीकार किया गया हो और जीवन विस्तार हेतु 1305 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई (अग्रहायण 18, 1946 शक सम्वत्)
नवीनीकरण और आधुनिकीकरण व्यय , इन विनियमों के विनियम 22 और 23 और इस उप-विनियम 24 के पूर्वगामी प्रावधानों में निर्दिष्ट तरीके से सेवित की जाएगी ।
(6) उत्पादन कंपनी , पारेषण अनुज्ञापी , वितरण अनुज्ञापी , या SLDC के मामले में जहां निवेश 01.04.2025 से पहले किये गये है, ऋणः इक्विटी अनुपात पिछले आदेशों में आयोग द्वारा अनुमोदित रुप में होगा ।
25 उपभोक्ता अंशदान, जमा कार्य और अनुदान /सहायकी
(1) उत्पादन कंपनी , अनुज्ञापियों या SLDC द्वारा किये गये निम्नलिखित प्रकृति के कार्य इस श्रेणी के अन्तर्गत श्रेणीबद्ध किये जायेंगे :
a. जमा कार्यों के संदर्भ में उपयोगकर्ताओं से निधियां या उनका एक भाग प्राप्त करने के पश्चात कार्य ।
b. राज्य और केन्द्र सरकारों से प्राप्त अनुदानों, जिसमें RGGVY, APDRP , इत्यादि सम्मिलित है, के उपयोग द्वारा हाथ में लिये गये पूंजीगत कार्य ।
(2) ऐसे पूंजीगत व्यय पर व्यय के व्यवहार हेतु सिद्धांत निम्नलिखित होंगे :
a. इन विनियमों में विनिर्दिष्ट मानकीय O &M व्यय अनुज्ञात होंगे ।
b. विनियम 28 में विनिर्दिष्ट अवक्षय से संबंधित उपबंध वित्तीय समर्थन की परिधि तक लागू होंगे जिसमें यथास्थिति अनुज्ञापी या SLDC या उत्पादक कंपनी द्वारा प्रदान किये गये ऋण और इक्विटी अंशदान सम्मिलित है । उपभोक्ता अंशदान या पूंजीगत अनुदान/ सहायकियों के माध्यम से निधि पोषित आस्तियों पर अवक्षय अनुज्ञात नहीं होगा ।
C. विनियम 26 में विनिर्दिष्ट, इक्विटी पर रिटर्न से संबंधित उपबंध यथास्थिति अनुज्ञापी या SLDC या उत्पादक कंपनी पर 70:30 के मानकीय ऋण इक्विटी या वास्तविक इक्विटी, जो कम हो, की परिधि तक लागू होंगे ।
26 इक्विटी पर रिटर्न
(1 ) इक्विटी पर रिटर्न की संगणना, विनियम 24 के अनुसार अवधारित इक्विटी आधार पर की जायेगी ।
परन्तु इक्विटी पर रिटर्न, प्रत्येक वितीय वर्ष के आरम्भ में उपयोग में लाई गयी आस्तियों के लिये अनुज्ञात इक्विटी पूंजी की राशि पर अनुमोदित होगा ।
परन्तु, यदि उत्पादन केन्द्र / अनूज्ञापियी की संपत्ति के उपयोग की वास्तविक तिथि को प्रदर्शित करने में सक्षम हैं और दस्तावेजी साक्ष्य के माध्यम से इसके द्वारा किए गए व्यवसाय से प्रयोजनों के लिए प्रत्येक परिसंपत्ति के अपने खातों में पूंजीकृत किया जा रहा है, जो शामिल है, लेकिन सीमित नहीं है ' एसेट पुट टू यूज सर्टिफिकेट' , 'पूंजी लेख' आदि, जो ऐसे मामलों में, आयोग की उचित 1306
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
संतुष्टि के बाद, इक्विटी पूंजी में से वर्ष के दौरान किए गए अतिरिक्त पूंजीकरण पर विचार करने के बाद , आरओई को अनुपातिक आधार पर अनुमति दी जाएगी ।
(2) इक्विटी पर रिटर्न की संगणना ताप उत्पादक स्टेशनों, पारेषण अनुज्ञापी , SLDC और रन ऑफ द रिवर जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के लिये 15.5% की आधार दर पर तथा स्टोरेज प्रकार के जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों और पैंडिज के साथ रन ऑफ रिवर उत्पादक स्टेशन और वितरण अनुज्ञापी के लिये 16.50% की आधार दर पर पोस्ट टैक्स आधार पर की जायेगी ।
परन्तु कि कानून में परिवर्तन के कारण अतिरिक्त पूंजीकरण को छोड़कर मूल कार्य क्षेत्र से परे 01.04 . 2025 के बाद अतिरिक्त पूंजीकरण के संबंध में इक्विटी पर रिटर्न की गणना भारतीय स्टेट बैंक की वर्ष के 1 अप्रैल को एक वर्षीय सीमांत उधार लागत दर (एमसीएलआर) के आधार दर के साथ 350 आधार अंकों के आधार पर की जाएगी , जो 14 % की अधिकतम सीमा के अधीन होगी ।
(i) 1 अप्रैल 2025 के पश्चात कमीशन्ड उत्पादन और पारेषण परियोजनाओं के मामले में 0.5 % का एक अतिरिक्त रिटर्न अनुज्ञात किया जायेगा यदि ऐसी परियोजनाएं इन विनियमों के परिशिष्ट -1 में विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर पूर्ण कर ली जाती है ।
(ii) 0.5% का अतिरिक्त रिटर्न स्वीकार्य नहीं होगा यदि परियोजना किन्हीं भी कारणों से ऊपर विनिर्दिष्ट समय रेखा के भीतर पूरी नहीं की जाती है ।
(iii) 0.5% का अतिरिक्त RoE अनुज्ञात किया जायेगा यदि पारेषण परियोजना के किसी भी तत्व को विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाये और उत्तर क्षेत्रीय ऊर्जा समिति द्वारा यह प्रमाणित किया जाये कि तत्व विशेष की कमीशनिंग से क्षेत्रीय / राष्ट्रीय ग्रिड में प्रणाली प्रचालन को लाभ होगा:
(iv) 50 किलो मीटर्स से कम लम्बाई वाली पारेषण लाईनों के लिये अतिरिक्त RoE स्वीकार्य नहीं होगी ।
27 ऋण पूंजी पर और प्रतिभूति निक्षेप पर ब्याज और वित्त प्रभार
(1) विनियम 24 में इंगित तरीकों से ज्ञात ऋणों को ऋण पर ब्याज की गणना हेतु सकल मानकीय ऋण के रुप में विचारित किया जायेगा ।
(2) 01.04.2025 पर बकाया मानकीय ऋण, अनुमोदित सकल मानकीय ऋण से 31.03.2025 तक आयोग स्वीकृत संचयी चुकौती घटा कर ज्ञात किया जायेगा ।
(3) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु चुकौती ऐसे वर्ष के लिये अनुज्ञात अवक्षय के बराबर समझी जायेगी । आस्तियों के पूंजीकरण- निरसन के मामले में चुकौती को, आनुपातिक आधार पर संचयी 1307 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 165, 1946 शक सम्वत्)
चुकौती को हिसाब में लेकर समायोजित किया जायेगा और यह समायोजन, ऐसी आस्ति के पूंजीकरण निरसन की तिथि तक वसूले गये संचयी अवक्षय से अधिक नहीं होना चाहिये ।
(4) यथास्थिति उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC द्वारा उपयोग की गई किसी अधिस्थगन अवधि के होते हुए भी ऋण की चुकौती परियोजना के वाणिज्यिक प्रचालन के प्रथम वर्ष से अनुज्ञात की जाएगी तथा वर्ष या वर्ष के भाग के लिए स्वीकृत अवक्षय के. बराबर होगी ।
(5) ब्याज दर , पूंजीकृत ब्याज हेतु उपयुक्त लेखांकन समायोजन प्रदान करने के पश्चात पिछले वर्ष में वास्तविक ऋण पोर्ट फोलियों के आधार पर परिकलित ब्याज की भारित औसत दर होगीः
परन्तु यदि किसी वर्ष विशेष के लिये कोई वास्तविक ऋण नहीं है किन्तु मानकीय ऋण अब भी बकाया है तो पिछली उपलब्ध भारित औसत ब्याज दर विचारित की जायेगी ।
परन्तु आगे यह कि यदि यथा- स्थिति उत्पादक स्टेशन या पारेषण प्रणाली या वितरण प्रणाली या SLDC के पास वास्तविक ऋण नहीं है तो एक संपूर्ण रुप में उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC की भारित औसत ब्याज दर विचारित की जायेगी ।
(6) ऋण पर ब्याज , भारित औसत ब्याज दर लागू कर वर्ष के मानकीय औसत ऋण पर परिकलित किया जायेगा ।
परन्तु, वर्ष के दौरान अतिरिक्त पूंजीकरण के कारण, अतिरिक्त ऋण की गणना आनुपातिक आधार पर की जाएगी ।
(7) यथास्थिति , उत्पादक कम्पनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC जहां तक ब्याज पर शुद्ध बचत होती है इसे पुनः वित्त पोषित करने का पूरा प्रयास करेंगे और ऐसी स्थिति में ऐसे पुनः वित पोषण से संबंद्ध लागतों को लाभार्थियों द्वारा वहन किया जायेगा तथा ब्याज पर शुद्ध बचत लाभार्थियों और यथा- स्थिति उत्पादक कम्पनी या पारेषण अनुज्ञापी या वितरण अनुज्ञापी या SLDC के मध्य 1: 2 के अनुपात में साझा की जायेंगी ।
(8) ऋण के निबंधनों और शर्तों में परिवर्तन को ऐसे पुनः वित्तं पोषण की तिथि से प्रक्षेपित किया जायेगा ।
(9) समय समय पर आयोग द्वारा तय की गई ब्याज दर पर उपभोक्ताओं से वितरण अनुज्ञापी द्वारा प्रतिभूति निक्षेप के रूप में रखी गयी राशि पर ब्याज अनुज्ञात किया जायेगा ।
परन्तु किसी वर्ष की सही- करण कार्यवाहियों के दौरान यह पाया जाता है कि उपभोक्ताओं को भुगतान किया गया वास्तविक ब्याज अनुज्ञापी द्वारा अपने लेखों में प्रदान किये गये से कम है तो भुगतान किया गया वास्तविक ब्याज प्रतिभूति निक्षेप पर ब्याज के रूप में अनुज्ञात किया जायेगा ।
1308
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1-क
28 अवक्षय
(1) अवक्षय के उद्देश्य से मूल्य आधार आयोग द्वारा स्वीकृत आस्ति की पूंजी लागत होगा ।
परन्तु उपभोक्ता अंशदान और पूंजी सहायकियों/ अनुदानों के द्वारा निधि पोषित आस्तियों पर कोई अवक्षय अनुज्ञात नहीं होगा ।
(2) आस्ति का सैल्वेज मूल्य 10 % के रूप में विचारित किया जायेगा और अवश्रय आस्ति की पूंजी लागत के अधिकतम 90 % तक अनुज्ञात होगा ।
परन्तु उत्पादक स्टेशनों के मामले में साल्वेज मूल्य , स्थल के सृजन हेतु राज्य सरकार के साथ विकास कर्ताओं द्वारा हस्ताक्षरित करार में उपबंधित रूप में होगा ।
परन्तु आगे यह कि इन विनियमों के अधीन, शुल्क अवधारण हेतु अवक्षीय मूल्य के संगणन के उद्देश्य से उत्पादक स्टेशन की आस्तियों की पूँजी लागत विनियमित शुल्क पर दीर्घावधि ऊर्जा क्रय करार के अधीन विद्युत के विक्रय के प्रतिशत के तदनुरूप होगी ।
परन्तु यह भी कि यथास्थिति, उत्पादक स्टेशन या उत्पादक यूनिट या पारेषण प्रणाली की निम्न उपलब्धता के कारण अनानुज्ञात कोई अवक्षय उपयोगी जीवन या विस्तारित जीवन के दौरान व इसके पश्चात् के चरण पर वसूली हेतु अनुज्ञात नहीं किया जायेगा ।
परन्तु सूचना प्रौद्योगिकी उपकरण और सॉफ्टवेयर हेतु साल्वेज मूल्य ' कुछ नहीं' के रूप में विचारित किया जायेगा और आस्तियों का 100 % मूल्य अवक्षीय विचारित किया जायेगा ।
(3) पट्टे के अधीन धारित भूमि से अन्य भूमि और जलविद्युत उत्पादक स्टेशन के मामले में जलाशय हेतु भूमि अवक्षीय आस्ति नहीं होगी तथा उसके मूल्य को, आस्ति के अवक्षीय मूल्य की संगणना करते समय, पूँजी लागत में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
(4) अवक्षय का परिकलन स्ट्रेंथ लाईन मैथड या सीधी रेखा कार्य विधि के आधार पर और इन विनियमों के परिशिष्ट- II में विनिर्दिष्ट दरों पर वार्षिक रूप से किया जायेगा ।
परन्तु वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से 12 वर्ष की अवधि के पश्चात् वर्ष समाप्ति की 31 मार्च पर शेष अवक्षीय मूल्य, आस्तियों के शेष उपयोगी जीवन में विस्तारित होगा ।
(5) अवक्षय वाणिज्यिक प्रचालन के प्रथम वर्ष से प्रभारित होगा । वर्ष के एक भाग हेतु आस्ति के वाणिज्यिक प्रचालन के मामले में अवक्षय आनुपातिक आधार पर प्रभारित होगा ।
(6) उत्पादक स्टेशन या उसकी यूनिट या वितरण अनुज्ञापी या SLDC या पारेषण प्रणाली या उसके तत्त्व के संबंध में, संचयी अवक्षय , पूँजीकरण निरसित आस्ति को उपयोगी सेवाओं द्वारा शुल्क में वसूले गये अवक्षय को दृष्टिगत रखकर समायोजित किया जायेगा ।
1309 भाग 1-क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
29पट्टा प्रभार
उत्पादक कम्पनी , SLDC या पारेषण अथवा वितरण अनुज्ञापी द्वारा पट्टे पर ली गई आस्तियों के लिये पट्टा प्रभार, पट्टा करार के अनुसार विचारित किया जायेगा बशर्ते कि इन्हें आयोग द्वारा युक्तियुक्त समझा जाये ।
30 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
(1) 'प्रचालन एवं अनुरक्षण या O&M व्ययों में जन - शक्ति, मरम्मत एवं अनुरक्षण (R&M) और प्रशासकीय व सामान्य व्ययों सहित बीमा व्ययों का समावेश होगा ।
(2) प्रचालन और अनुरक्षण व्यय , पश्चातवर्ती इन विनियमों में आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट कार्य विधि पर आधारित नियंत्रण अवधि हेतु अवधारित होंगे ।
(3) पट्टे पर ली गई और उपभोक्ता के अंशदान से सृजित आस्तियों पर O &M व्यय विचारित किये जायेंगे, यदि उत्पादक कंपनी या पारेषण या वितरण अनुज्ञापी या SLDC के पास इसके O &M का दायित्व है और वे O& M व्यय वहन करते हैं ।
(4) वर्ष के दौरान जोड़ी गयी सकल स्थिर आस्तियों के लिये वार्षिक O &M व्यय आनुपातिक आधार पर, कमीशनिंग की तिथि से विचारित किये जायेंगे ।
(5) युद्ध, विद्रोह, विधि में परिवर्तन या ऐसी घटनाओं के कारण O&M प्रभारों में वृद्धि एक विनिर्दिष्ट अवधि हेतु आयोग द्वारा विचारित की जायेगी ।
(6) मानकीय O &M व्ययों और वास्तविक O&M व्ययों में परिवर्तन , नियंत्रणीय कारकों के कारण लाभ/हानि का भाग माने जायेंगे ।
31 अशोध्य और संदिग्ध ऋण
(1) आयोग पिछले वर्ष में वितरण अनुज्ञापी द्वारा अशोध्य ऋणों को वास्तव में बट्टे खाते डालने की शर्त के अधीन उसके अनुमानित वार्षिक राजस्व का एक प्रतिशत ( 1 % ) तक अशोध्य और संदिग्ध ऋणों के लिये उपबंध अनुज्ञात कर सकता है ।
परन्तु जहां अशोध्य और संदिग्ध ऋणों के लिये पूर्व वर्षों में अनुज्ञात ऐसे उपबंधीकरण की कुल राशि वर्ष के आरम्भ में प्राप्तियों के पांच (5) प्रतिशत से अधिक होता है वहां ऐसा कोई विनियोजन अनुज्ञात नहीं किया जायेगा जिसका उक्त अधिकतम से आगे उपबंधीकरण बढ़ाने का प्रभाव हो सकता है ।
32 विदेशी मुद्रा विनियम दर परिवर्तन ( FERV)
(1) ब्याज भुगतान और ऋण की चुकौती के लिये विदेशी मुद्रा विनियम दर परिवर्तन हेतु बचाव व्यवस्था की लागत वर्ष- दर- वर्ष आधार पर अनुज्ञात की जाएगी और भुगतान की देय तिथि पर देय होगी 1310
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1-क
तथा आयोग की कुशल जांच के अधीन होगी । आवेदक आयोग को प्रतिरक्षा की ऐसी लागत का पूर्ण विवरण प्रदान करायेगा ।
(2) यदि मान्य कारणों से प्रतिरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई है तो FERV , शुल्क अवधारण के उद्देश्य से आयोग द्वारा अस्थायी रूप से अनुमानित की जायेंगी और वास्तविक के अनुसार समायोजन के अधीन होगी ।
33कार्यशील पूँजी पर ब्याज
कार्यशील कामकाजी पूँजी पर ब्याज की दर मानकीय आधार पर होगी और टैरिफ सहीकरण और वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के निर्धारण के लिए शुल्क के अवधारण हेतु किये जाने वाले आवेदन 'एक साल की सीमांत लागत आधारित उधार दर (एमसीएलआर) के लिए समय समय पर भारतीय स्टेट बैंक की स्टेट बैंक (SBAR) के अग्रिम दर जमा 350 अंको के आधार के औसत के बराबर होगी ।
परन्तु कि सहीकरण के मामले में, कार्यशील पूंजी पर ब्याज दर, उस वित्तीय वर्ष के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा समय-समय पर घोषित 'एक वर्ष की सीमांत निधि लागत आधारित उधार दर (एमसीएलआर) ' के भारित औसत, प्लस 350 आधार अंक , के बराबर होगी , जिसके लिए सहीकरण किया जा रहा है ।
(1) उत्पादन, पारेषण प्रणाली और SLDC :
a . ओपन साईकल गैस टर्बाईन / कम्बाईन्ड साईकल ताप उत्पादक स्टेशन्स के मामले में कार्यशील पूँजी में निम्नलिखित सम्मिलित होगाः
(i) गैस ईंधन और तरल ईंधन पर उत्पादक स्टेशनों के प्रचालन की रीति को उचित रूप से हिसाब में लूते हुए NAPAF के तदनुरूप 1 (एक) माह की भू- ईंधन लागत ।
(ii) NAPAF के तदनुरूप 1/2 (आधे) माह के लिये तरल- ईंधन भण्डार और एक से अधिक तरल ईंधन के उपयोग के मामले में गैस और तरल ईंधन के उत्पादक स्टेशनों की प्रचालन रीति को विधिवत दृष्टिगत रखते हुए हुए मुख्य तरल ईंधन की लागत ।
(iii) एक माह के लिए प्रचालन और अनुरक्षण व्यय ।
(iv) प्रचालन और अनुरक्षण व्यय को 30 % की दर से अनुरक्षण स्पेयर्स ।
(v) गैस ईंधन और तरल ईंधन पर उत्पादक स्टेशन के प्रचालन की रीति को विधिवत हिसाब में लेते हुए NAPAF पर परिकलित विद्युत के विक्रय हेतु क्षमता प्रभार और ऊर्जा प्रभार के 2 (दो) माह के बराबर प्राप्तियां ।
b. जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों और पारेषण प्रणाली और SLDC के मामले में कार्यशील पूँजी में निम्नलिखित सम्मिलित होगाः 1311 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(i) एक माह के लिये प्रचालन और अनुरक्षण व्यय ।
(ii) प्रचालन और अनुरक्षण व्ययों का 15 % की दर से अनुरक्षण स्पेयर्स, और
(iii) वार्षिक स्थिर प्रभारों के दो माह के बराबर प्राप्तियां ।
c. स्वयं के उत्पादक स्टेशन के मामले में , इन विनियमों के अनुसार कार्यशील पूँजी की संगणना में खुदरा आपूर्ति कारोबार को उत्पादन कारोबार द्वारा ऊर्जा की आपूर्ति की परिधि तक, प्राप्तियों के लिये कोई राशि अनुज्ञात नहीं होगी ।
d . उपरोक्त उप विनियम 1 ( a) के अधीन आच्छादित मामलों में ईंधन की लागत, उत्पादक कम्पनी द्वारा उपगत भू लागत (मानकीय ट्रांजिट और हैंडलिंग हानियों को हिसाब में लेते हुए) और शुल्क अवधारित किये जाने वाले माह से पूर्व के तीन माहों के लिये वास्तविकों के अनुसार ईंधन के सकल कैलोरिफिक मूल्य पर आधारित होगी और शुल्क अवधि के दौरान कोई ईंधन मूल्य वृद्धि प्रदान नहीं की जायेगी ।
परन्तु ऊपर उप- विनियम के 1 ( a) अधीन आच्छादित नये उत्पादक स्टेशन्स के मामले में , जहां पिछले तीन माह के लिये डाटा उपलब्ध नहीं है वहां ईंधन की भू लागत और ईंधन का कैलोरिफिक सकल मूल्य वह लिया जायेगा जो उत्पादक स्टेशन द्वारा वास्तव में उपगत किया गया है ।
(2) वितरण
a. वितरण अनुज्ञापी को वितीय वर्ष हेतु कार्यशील पूँजी के अनुमानित स्तर पर ब्याज अनुज्ञात होगा, जिसे निम्नानुसार संगणित किया जायेगाः
(i ) एक माह के लिए प्रचालन और अनुरक्षण व्यय;
(ii) प्रचालन और अनुरक्षण व्यय का 15 % की दर से अनुरक्षण स्पेयर्स; धन
(iii) प्रचलित शुल्कों पर विद्युत के विक्रय से अपेक्षित राजस्व के दो माह के बराबर;
( iv) आयोग द्वारा अनुज्ञात वर्तमान देयोंके संग्रहण में ऐसी कमी के वित पोषण हेतु आवश्यक पूँजी; ऋण
(v) वार्षिक ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना पर आधारित , क्रय की गई ऊर्जा की लागत के एक माह के बराबर ।
बशर्ते कि जहां उपभोक्ताओं को आपूर्ति प्रीपेड मीटरों के माध्यम से की जाती है, वहां यदि 100% आपूर्ति प्रीपेड मीटरों के माध्यम से की जाती है तो वितरण लाइसेंसधारी को कार्यशील पूंजी की अनुमति नहीं दी जाएगी अथवा यदि आंशिक आपूर्ति प्रीपेड मीटरों तथा आंशिक 1312
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
आपूर्ति पोस्टपेड मीटरों के माध्यम से की जातीं है तो उसे आनुपातिक रूप से कम किया जाएगा ।
34 आय पर कर
उत्पादक कंपनियों, पारेषण अनुज्ञापियों वितरण अनुज्ञापियों और SLDC के विनियमित कारोबार की आय शाखा पर आयकर की, यदि कोई है, तो उसकी कुशल जांच के अधीन, नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष के सहीकरण के समय पर प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर, वास्तव में भुगतान किये गये आय कर के अनुसार उत्पादक कंपनियों, पारेषण अनुज्ञापियों, वितरण अनुज्ञापियों और SLDC को प्रतिपूर्ति की जायेगी ।
35 विनियामक आस्तियाँ
आय और व्यय के असामान्य परिवर्तन के फल -स्वरूप पर्याप्त राजस्व अंतर है, जिसकी पूरी वसूली एक वर्ष में व्यवहार्य नहीं है, के मामले में , आयोग शुल्क नीति के खण्ड 8.2.2 में उपबंधित दिशा- निर्देशों के अनुसार विनियामक आस्तियों का सृजन अनुज्ञात कर सकेगा और शुल्क या अधिभार के माध्यम से इसकी वसूली अधिकरण सात वर्ष की अवधि तक उपयुक्त रूप से उपबंधित कर सकता है ।
इस प्रकार सृजित विनियामक आस्तियों का परिशोधन शुल्क नीति के अनुसार किया जायेगा बशर्ते कि आयोग ऐसी दरों पर विनियामक आस्ति पर वह लागत अनुज्ञात करे जिसे वह उचित समझे ।
भाग IV
राजस्व
36 शुल्क आय
यथास्थिति विद्युत के उत्पादन, पारेषण , व्हीलिंग और खुदरा आपूर्ति, SLDC प्रभारों के लिये आयोग द्वारा अवधारित सभी प्रभारों से उत्पन्न उत्पादक कंपनी , पारेषण अनुज्ञापी , वितरण अनुज्ञापी और SLDC की आय शुल्क आय के रूप में विचारित की जाएगी ।
37 अन्य राजस्व
( 1) शुल्क राजस्व से अन्य सभी राजस्व जिनमें विद्युत के अनाधिकृत उपयोग हेतु प्रभार और कंपाउंडिंग के माध्यम से वसूली गई धन- राशि सम्मिलित है, को अन्य राजस्व के रूप में समूहबद्ध किया जायेगा ।
(2) पावर स्टेशन / उप - स्टेशन बस बार से ली गई, अपने प्रचालन स्टाफ हेतु आवासीय कॉलोनी या टाउन- शिप्स को आपूर्ति की गई ऊर्जा के लिये उत्पादन कंपनी / पारेषण अनुज्ञापी / वितरण अनुज्ञापी / SLDC द्वारा एक पृथक अकाउंट रखा जायेगा और लागू शुल्क के अनुसार मान्य दर से प्राप्त राजस्व, जहां लागू हो , वहां ARR / शुल्क याचिका में आयोग को वार्षिक रूप से रिपोर्ट किया जायेगा ।
1313 भाग 1-क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(3) उत्पादन / पारेषण शुल्क का अवधारण करते समय , इस प्रकार प्राप्त किया गया राजस्व, अर्थात् उत्पादक कंपनी के मामले में वितरण अनुज्ञापी के सम्बन्ध में श्रेणीवार उपभोक्ताओं के लिए शुल्क या पारेषण अनुज्ञापी के मामले में जहां उप - स्टेशन स्थित है , को आयोग द्वारा उत्पादक कंपनी / पारेषण अनुज्ञापी / SLDC की अन्य आय के एक घटक के रूप में समझा जायेगा और उसे वार्षिक स्थिर प्रभारों में से घटाया जायेगा ।
38 अधिभार और अतिरिक्त अधिभार
विद्युत अधिनियम , 2003 की धारा 39 , 40 , 42 के अधीन अधिभार और अतिरिक्त अधिभार को आय के रूप में विचारित किया जायेगा और आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट तरीके से व्यवहारित किया जायेगा
39 अन्य कारोबार से राजस्व
(1) अन्य कारोबार से राजस्व को , विद्युत अधिनियम , 2003 की धारा 41 और 51 के अधीन , आयोग द्वारा प्राधिकृत परिधि तक आय के रूप में माना जायेगा ।
(2) उत्पादक कंपनी , पारेषण अनुज्ञापी , वितरण अनुज्ञापी और SLDC , याचिका के साथ आयोग को निम्नलिखित जानकारी प्रस्तुत करेंगेः
क्या उत्पादक कंपनी या SLDC या अनुज्ञापी EA 2003 की धारा 41 और 51 के अधीन निर्धारित अभिप्राय के भीतर किसी अन्य कार्य में संलिप्त है?
यदि हां, तो आवेदक निम्नलिखित जानकारी प्रस्तुत करेगा ।
a. उन सभी अन्य कारोबारों का नाम और विवरण जिन में आवेदक संलिप्त है;
b . प्रत्येक ऐसे अन्य कारोबार के लिये पिछले वर्ष में उत्पादित, वर्तमान वर्ष में अनुमानित और आगामी वर्ष के लिये प्रक्षेपित राजस्व की राशिः
C. उपरोक्त राजस्व उत्पन्न करने के लिये आवेदक द्वारा उपयोग में लायी गई कारोबार की आस्तियां ।
d . उपरोक्त राजस्व उत्पन्न करने के लिए हुए व्यय , प्रत्येक अन्य कारोबार के लिए पृथक रूप से , e. क्या ये व्यय पूर्ण अथवा आंशिक रूप से आवेदक के ARR में पहले से सम्मिलित किये गये हैं? यदि आंशिक रूप से , तो प्रभाजन का अनुपात और आधार प्रस्तुत किया जाये ।
40 स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) क्रेडिट को साझा किया जाना
अनुमोदित CMD परियोजना से कार्बन क्रेडिट की प्राप्तियों को निम्नलिखित तरीके से साझा किया जाएगा, यथा- 1314
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क a. CMD के कारण सकल प्राप्तियों का 100 % यथास्थिति , उत्पादक स्टेशन या पारेषण प्रणाली के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात् प्रथम वर्ष में परियोजना विकासकर्ता द्वारा रखा जायेगा;
b. द्वितीय वर्ष में लाभार्थियों का अंश 10 % होगा जिसे क्रमशः 10 % प्रति वर्ष बढ़ाया जायेगा जब तक कि यह 50 % तक न पहुंच जाये । उसके पश्चात् प्राप्तियां यथा स्थिति उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी, और लाभार्थियों द्वारा बराबर अनुपात में बांटी जायेगा ।
भाग- V
उत्पादन शुल्क का संगणन
41 प्रयोज्यता
(1) इस भाग में विनिर्दिष्ट विनियम , उत्तराखण्ड मे अवस्थिल पारंपरिक उत्पादक स्टेशनों से वितरण अनुज्ञापी को विद्युत की आपूर्ति हेतु शुल्क के अवधारण के लिये लागू होंगे ।
(2) आयोग को, उत्पादक कंपनी द्वारा एवं वितरण अनुज्ञापी को विद्युत की आपूर्ति हेतु शुल्क के अवधारण में, इस भाग में समावेशित निबंधनों और शर्तों से दिशा- निर्देशित किया जाएगा ।
42 उत्पादन शुल्क के अवधारण हेतु याचिका
(1) एक उत्पादक कंपनी, इन विनियमों के भाग II के उपबंधों का अनुपालन कर वितरण अनुज्ञापियों को विद्युत की आपूर्ति हेतु शुल्क के अवधारण के लिये याचिका फाईल कर सकेगी ।
(2) इन विनियमों के अधीन उत्पादक कंपनी के संबंध में शुल्क चरण - वार, यूनिट- वार या संपूर्ण उत्पादक स्टेशन के लिये अवधारित किया जायेगा । इस भाग में विनिर्दिष्ट उत्पादक यथा स्थिति चरणों या यूनिटों पर उसी तरीके से लागू होगी जिस तरीके से उत्पादक स्टेशन पर लागू हो ।
(3) जहां उत्पादक स्टेशन के चरण या यूनिट हेतु शुल्क का अवधारण किया जा रहा है वहां उत्पादक कंपनी , यथास्थिति, सामान्य सुविधाओं संबंधित पूंजी लागत का आबंटन तथा संयुक्त व. सामान्य मूल्यों का आबंटन, सभी चरणों या यूनिटों हेतु, एक युक्तियुक्त आधार अपनायेगी ।
परन्तु उत्पादक कंपनी ऐसी लागतों के आवंटन हेतु आधार प्रदान करते हुए एक आवंटन विवरण रखेगी और शुल्क अवधारण हेतु आवेदन के साथ इसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेगी ।
(4) एक उत्पादक कंपनी एक उत्पादक स्टेशन की कमीशनिंग की पूर्वानुमानित तिथि से अग्रिम में अस्थायी शुल्क के अवधारण की तिथि या याचिका करने से पूर्व की तिथि तक वास्तव में हुए पूँजीगत व्यय पर धारित होगी जिन्हें विधिक संपरीक्षकों द्वारा विधिवत संपरीक्षित व प्रमाणित होना चाहिये तथा अस्थायी शुल्क, उत्पादक स्टेशन में वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से प्रभारित होगा ।
भाग 1 -क]
1315 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(5) एक उत्पादक कंपनी जिसके लिये आयोग ने अस्थायी शुल्क अवधारित किया है, उसे वार्षिक संपरीक्षित लेखों जो विधिक संपरीक्षकों द्वारा विधिवत प्रमाणित हो, के आधार पर उत्पादक स्टेशन के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि तक हुए वास्तविक पूँजीगत व्यय पर आधारित अंतिम शुल्क के अवधारण हेतु इन विनियमों के अनुसार एक नई याचिका दायर करनी होगी ।
43 शुल्क के घटक
(1) एक ताप ऊर्जा उत्पादक स्टेशन से विद्युत के विक्रय हेतु शुल्क में दो भागों का समावेश होगा, यथा, वार्षिक स्थायी प्रभारों की वसूली और ऊर्जा (परिवर्तन) प्रभार (प्राथमिक ईंधन लागत की वसूली हेतु) ।
(2) एक जल विद्युत उत्पादक स्टेशन से विद्युत के विक्रय हेतु शुल्क में दो भागों का समावेश होगा, यथा, वार्षिक क्षमता प्रभार की वसूली और ऊर्जा प्रभार ।
(3) उत्पादक कंपनी द्वारा क्षमता प्रभार, ऊर्जा प्रभार की वसूली और इन्सेन्टिव विनियम 47 में विनिर्दिष्ट प्रचालन मानकों की प्राप्ति पर आधारित होंगे ।
44 वार्षिक स्थिर प्रभार
वार्षिक स्थिर प्रभारों में निम्नलिखित तत्वों का समावेश होगाः
a. ऋण पूँजी पर ब्याज और वितीय प्रभार;
b. अवक्षय;
C. पट्टा प्रभार-
d. प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय;
e. इक्विटी पर रिटर्न;
f. कार्यशील पूँजी पर ब्याज;
1. घटा करः
a . गैर- शुल्क आय , भूमि या भवन का किराया और पारिस्थितिकी पर्यटन के व्यवसाय से आय को छोड़कर ।
परन्तु ताप एवं जलविद्युत उत्पादक स्टेशनों के लिये अवक्षय , ऋण पूँजी पर व्याज और वित्त प्रभार, कार्यशील पूँजी पर ब्याज और इक्विटी पर रिटर्न इन विनियमों के भाग III में विनिर्दिष्ट उपबंधों के अनुसार अनुज्ञात होंगे ।
45 अशक्त ऊर्जा का विक्रय
अशक्त शक्ति की आपूर्ति को विचलन के रूप में माना जायेगा और राज्य विचलन पूल खाते में उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ( विचलन निपटान तंत्र और संबंधित मामलों) विनियम, 2017 के अनुसार समय- समय पर संशोधित अथवा अधिनियमित किया जायगा ।
1316
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
परन्तु अशक्त ऊर्जा के विक्रय से उत्पादक कंपनी द्वारा अर्जित ईंधन लागत की वसूली से अन्य कोई राजस्व, पूँजी लागत में घटाव के लिये उपयोग में लाया जायेगा और उसे राजस्व के रूप में नहीं माना जायेगा ।
46 गैर शुल्क आय
आयोग द्वारा अनुमोदित उत्पादन कारोबार से संबंधित गैर शुल्क आय की राशि को उत्पादक कंपनी के शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभारों के अवधारण में वार्षिक स्थिर प्रभारों में से घटाया जायेगा ।
परन्तु उत्पादक कंपनी आयोग को गैर शुल्क आय के अपने पूर्वानुमान का पूर्ण विवरण ऐसे स्वरूप में प्रस्तुत करेगी जैसा कि समय- समय पर आयोग द्वारा नियत किया जाये ।
गैर शुल्क आय हेतु विचारित किये जाने वाले विभिन्न शीर्षों की सांकेतिक सूची निम्नलिखित रूप में हैं:
a. स्क्रैप के विक्रय से आय;
b. सांविधिक निवेशों से आय और एफडीआर / बैंक जमा पर अर्जित ब्याज;
C. बिलों पर विलंबित या आस्थगित भुगतान पर ब्याज;
आपूर्तिकर्ताओं / ठेकेदारों को अग्रिमों पर ब्याज; d.
स्टाफ क्वाटर्स से किराये की राशि; e.
f. ठेकेदारों से किराये की राशि;
g. ठेकेदारों और अन्यों से भाड़ा प्रभारों से आय;
h. विज्ञापनों इत्यादि से आय;
i. कोई अन्य गैर शुल्क आय;
परन्तु उत्पादक कंपनी के विनियमित कारोबार के तदनुरूप इक्विटी पर रिटर्न से किये गये निवेशों से अर्जित ब्याज को गैर शुल्क आय में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
आगे यह भी प्रावधान है कि, भूमि या भवन के किराये से उत्पादन केन्द्र की शुद्ध आय तथा पारिस्थितिकी पर्यटन के कारोबार से प्राप्त आय को उत्पादन कम्पनी और लाभार्थियों के बीच 1 : 1 के अनुपात में बांटा जाएगा ।
47 उत्पादक स्टेशनों के लिये प्रचालन के मानक
ताप उत्पादक स्टेशनों के लिये नीचे दिये गये प्रचालन के मानक लागू होंगेः
(1) मानकीय वार्षिक संयंत्र उपलब्धता कारक ( NAPAF ) :
a. सभी ताप उत्पादक स्टेशनों के लियेः 85%
b. वर्तमान जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों के लियेः 1317 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पिछली नियंत्रण अवधि में, वर्तमान जल - विद्युत उत्पादक स्टेशनों के मामले में, आयोग द्वारा तय की गई NAPAF हेतु ट्रेजेक्टरी का लागू रहना जारी रहेगा । तथापि RMU के अधीन स्टेशन्स के NAPAF का समायोजन RMU के प्रभाव का विचार करते हुए तदनुसार किया जायेगा ।
C. नये जल-विद्युत उत्पादक स्टेशनों के लियेः
मानकीय संयंत्र उपलब्धता कारक
विवरण
90%
पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) और 8 % तक के न्यूनतम ड्रॉ डाउन स्तर (MDDL) के मध्य शीर्ष परिवर्तन के साथ स्टोरेज और पाँडेज प्रकार के संयंत्र और जहां संयंत्र उपलब्धता सिल्ट द्वारा प्रभावित न हो ।
परियोजना प्राधिकारियों द्वारा प्रधान DPR में सम्मिलित माहवार पीकिंग सामर्थ्य (सी० ई० ए ० या राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित) NAPAF को तय करने का आधार बनाएगी ।
8% से अधिक के FRL और MDDL के मध्य शीर्ष परिवर्तन के साथ स्टोरेज और पाँडेज प्रकार के संयंत्र और जहां संयंत्र उपलब्धता सिल्ट द्वारा प्रभावित न हो ।
85%
पाँडेज प्रकार के संयंत्र जहां संयंत्र उपलब्धता सिल्ट द्वारा पर्याप्त रूप से प्रभावित हो ।
रन-आफ रिवर प्रकार के संयंत्र
10 दिन के डिज़ाईन एनर्जी डाटा, (जहां उपलब्ध/ सुसंगत हो) पूर्व अनुभव द्वारा आधुनिकीकृत , के आधार पर संयंत्र वार अवधारित किया जाये ।
(i ) विशेष परस्थितियों जैसे असामान्य स्थल समस्याएं या अन्य प्रचालन स्थितियां और ज्ञात संयंत्र स्थितियों के अधीन NAPAF निर्धारण में आयोग द्वारा और छूट दी जा सकती है ।
परन्तु एक नये जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के मामले में विकासकर्ता के पास ऊपर सारणी में दिये गये सिद्धांत के आधार पर NAPAF तय करने के लिये अग्रिम में आयोग से संपर्क करने काविकल्प रहेगा ।
परन्तु आगे यह कि उत्पादक कंपनियां, आयोग का अनुमोदन प्राप्त करने के लिये, इन विनियमों के परिशिष्ट- III में नियत किये गये NAPAF के परिकलन हेतु दिशा निर्देशों के अनुसार विस्तृत परिकलन और उनके कारणों के साथ संयंत्रवार NAPAF प्रस्तुत करेगी ।
(2) इन्सेन्टिव हेतु ताप उत्पादक स्टेशनों के लिए मानकीय वार्षिक संयंत्र भार कारक (NAPLF ) 85 % होगा ।
(3) गैस-आधारित /तरल-आधारित ताप उत्पादक यूनिट (यूनिटों) के लिये सकल स्टेशन ताप दरः
= 1.05x प्राकृतिकगैस एवं RLNG (Kcal/ kwh) हेतु यूनिट की डिजाईन ताप दर
= 1.071x तरल ईंधन (kcal/ kwh) हेतु यूनिट की डिजाईन ताप दर
जहाँ एक यूनिट की डिजाईन ताप दर से अभिप्राय होगा 100 % MCR पर एक यूनिटके लिये गारंटीड ताप दर और स्थल पर परिवेशी स्थितियां; और एक ब्लॉक की डिजायन ताप दर से 1318
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
अभिप्राय होगा 100 % MCR पर एक ब्लॉक के लिये गारंटीड ताप दर, स्थल परिवेशी स्थितियां, शून्य प्रतिशत मेक अप डिजाईन कूलिंग जल तापमान बैक प्रैशर ।
(4) अनुषंगी ऊर्जा उपयोग
i. गैस टर्बाईन / कंबाइन्ड साईकल उत्पादक स्टेशन्सः
कम्बाइन्ड साईकल : 2.5 %
ओपन साईकल: 1.0 %
परन्तु आगे यह कि यांत्रिक ड्राफ्ट पंखों के साथ प्रत्यक्ष शीतलन वायु - शीतित कंडेनसर वाले संयुक्त चक्र उत्पादन स्टेशनों के लिए 0.35 % की अतिरिक्त सहायक ऊर्जा खपत की अनुमति दी जाएगी ।
ii. जल विद्युत उत्पादक स्टेशन्सः
(a) सतह जल विद्युत ऊर्जा उत्पादक स्टेशन्स
(a.1) स्थापित क्षमता 200 मेगावाट से अधिक ।
i. जनेरेटर शैफ्ट पर माउंटेड , रोटेटिंग एक्साइटर्स के साथः 0.7 %
ii. स्टैटिक एक्साइटेशन सिस्टम के साथः 1 %
(a.2) स्थापित क्षमता 200 मेगावाट तक ।
i. जनेरेटर शैफ्ट पर माउंटेड, रोटेटिंग एक्साइटर्स के साथः 0.7 %
ii. स्टैटिक एक्साइटेशन सिस्टम के साथः 1.2 %
(b) भूमिगत जल विद्युत उत्पादक स्टेशन
(b.1) स्थापित क्षमता 200 मेगावाट से अधिक ।
i.
जनेरेटर शैफ्ट पर माउंटेड, रोटेटिंग एक्साइटर्स के साथः 0.9 %
ii. स्टैटिक एक्साइटेशन सिस्टम के साथः 1.2%
(b.2) स्थापित क्षमता 200 मेगावाट तक ।
i. जनेरेटर शैफ्ट पर माउंटेड, रोटेटिंग एक्साइटर्स के साथः 0.9%
ii. स्टैटिक एक्साइटेशन सिस्टम के साथः 1.3 %
48 प्रचालन और अनुरक्षण व्यय
प्रचालन और अनुरक्षण व्यय निम्नानुसार होंगे , यथाः
(1) ओपन साईकल गैस टार्बाइन / कम्बाइन्ड साईकल गैस आधारित उत्पादक स्टेशनों के लिये मानकीय प्रचालन एवं ओ एंड एम व्यय निम्नानुसार होंगे:
भाग 1 -क]
1319
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(रू० लाख/MW में)
गैस टर्बाईन / कम्बाइन्ड सायकल उत्पादक स्टेशन
वर्ष
लघु गैस टर्बाईन
अग्रिम एफ क्लास मशीनें
वारंटी स्पेयर्स के बिना
10 वर्षों के लिये वारंटी स्पेयर्स के साथ
2024-25
15.40 ऊर्जा उत्पादक स्टेशन (50 मेगावाट यूनिट आकार से छोटे)
23.10
2025-26
15.79 28.01
47.69
23.68
2026-27
16.18 28.71
48.88
24.27
2027-28
16.58 29.43
50.10
24.88
(2 ) जल विद्युत उत्पादक स्टेशन्स 30.16
51.36
a . आधार वर्ष से पूर्व पांच वर्ष से अधिक के लिये प्रचालन में उत्पादक स्टेशनों के लिये
नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु प्रचालन एवं अनुरक्षण व्ययों को संपरीक्षित तुलन पत्र पर आधारित , आधार वर्ष तक पिछले पांच वर्षों के लिये वास्तविक ओ एंड एम व्ययों को हिसाब में लेते हुए आयोग द्वारा अनुमोदित किया जायेगा, जिसमें असामान्य प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय , यदि कोई है , सम्मिलित नहीं है तथा ये अनुमोदन कुशल जॉच और आयोग द्वारा विचारित किन्हीं अन्य कारकों के अधीन होगा ।
b. आधारं वर्ष से पूर्व 5 वर्ष से कम प्रचालन में उत्पादक स्टेशन्स के लियेः
ऐसे जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों के मामले में जो कि आधार वर्ष, अर्थात वितीय वर्ष 2023-24 से पूर्व पांच वर्ष की अवधि के लिये विद्यमान नहीं रहे हैं , वितीय वर्ष 2023-24 के आधार वर्ष हेतु प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय, प्रचालन के प्रथम वर्ष हेतु 200 मेगावाट से कम परियोजनाओं के लिए और 200 मेगावाट से अधिक स्टेशनों के लिए आयोग द्वारा स्वीकृत पूंजी लागत (पुनर्वास और पुनर्वास कार्यों की लागत को छोड़ कर) 4% और 2.5% पर तय किया जायेंगे तथा पश्चातवर्ती वर्ष में, नीचे खण्ड (e ) में विनिर्दिष्ट वृद्धि सिद्धांतों के अनुसार बढ़ाये जायेंगे ।
C. 01.04.2025 को या उसके पश्चात वाणिज्यिक प्रचालन के अधीन घोषित उत्पादक स्टेशनों के लियेः नये जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों, अर्थात 01.04.2025 को या उसके पश्चात् वाणिज्यिक प्रचालन के अधीन घोषित जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों के मामले में, कमीशनिंग के वर्ष के लिये आधार प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय , 200 MW परियोजनाओं से कम स्टेशनों और 200 MW से अधिक स्टेशनों के लिये आयोग द्वारा स्वीकृत वास्तविक पूंजी लागत (पुनर्वासन और पुनः स्थापन कार्यों को छोड़कर) क्रमशः 4% और 2.5% पर तय किया जायेगा तथा पश्चातवर्ती वर्ष में, नीचे खण्ड (e ) में उल्लिखित वृद्धि सिद्धांतों के अनुसार बढ़ाये जायेंगे ।
d. आधार वर्ष अर्थात वितीय वर्ष 2023-24 के लिये आधार O&M व्ययों, nवें वर्ष के लिये और साथ ही नियंत्रण अवधि अर्थात 2024-25 से ठीक पहले वर्ष के लिये O &M व्ययों का पश्च निर्धारण नीचे दिये गये फॉर्मूला के आधार पर अनुमोदित किया जायेगाः- 1320
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क O& Mn = R & Mn + EMPn + A & Gn
जहाँ
O&Mn - nवें वर्ष के लिये प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय ;
EMPn - nवें वर्ष के लिये कर्मचारी लागतें;
R&Mn - nवें वर्ष के लिये मरम्मत और अनुरक्षण लागतें;
A&Gn - nवें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागतें;
उपरोक्त घटकों की संगणना निम्नलिखित तरीके से की जायेगीः EMPn = ( EMPn-1) x ( 1 + Gn) x (1 + CP Inflation) R& Mn = KX ( GFA n - 1) x ( 1 + WP Inflation) तथा A &Gn = ( A & Gn - 1 ) x (1 + WP Inflation ) + Provision जहाँ-
EMPn- 1-(n- 1 ) वें वर्ष के लिये कर्मचारी लागतें ;
A & Gn-1 (n -1 ) वें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागतें;
प्रावधानः उत्पादक कंपनी द्वारा प्रस्तावित और कुशल जांच के पश्चात आयोग द्वारा अनुमोदित पहलों या अन्य एक बारी व्ययों के लिये लागत
' K' आयोग द्वारा % में विनिर्दिष्ट किया जाने वाला स्थिरांक है । नियंत्रण अवधि, के प्रत्येक वर्ष हेतु k का मूल्य, उत्पादक कंपनी की फाईलिंग , मरम्मत और अनुरक्षण व्ययों की बेंच माकिंग , पूर्व में आयोग द्वारा अनुमोदित GFA के मुकाबले अनुमोदित मरम्मत और अनुरक्षण व्यय और कोई अन्य कारक जो आयोग द्वारा उपयुक्त समझे गये हों , के आधार पर MYT शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अवधारित किया जायेगा ।
परन्तु जिन परियोजनाओं का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण किया जा चुका है, उनके लिए nवें वर्ष और उस वित्तीय वर्ष के बाद के वर्ष के लिए नवीनीकरण और आधुनिकीकरण व्यय , जिसमें आरएमयू कार्य पूरा किया गया था, आयोग द्वारा स्वीकृत पूंजीगत लागत के 4 % से अधिक नहीं होगा, और 4 % की उक्त सीमा को बाद के वर्षों के लिए बढ़ाया जाएगा ताकि नियंत्रण अवधि के लिए नवीनीकरण और आधुनिकीकरण व्यय का पता तुरंत पूर्ववर्ती तीन वर्षों के लिए डब्ल्यूपीआई में औसत वृद्धि को लागू किया जा सके ।
CP इन्फ्लेशन - तीन वर्षों से ठीक पहले के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में औसत वृद्धि है;
1321 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्).
WP इन्फ्लेशन औसत वृद्धि है; यह तत्काल पूर्ववर्ती तीन वर्षों के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI ) में
GFAn-1 - nवें वर्ष के लिये उत्पादन कंपनी की सकल स्थिर आस्ति;
Gnवें वर्ष के लिये वृद्धि कारक है और यह वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर शून्य से अधिक या कम हो सकता है । Gn का मूल्य, कंपनी की फाईलिंग , बेंच मार्किंग और कोई अन्य कारक जिन्हें आयोग उपयुक्त समझे और यह वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर के आधार पर अतिरिक्त जनशक्ति आवश्यकता को पूरा करने के लिये MYT शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अवधारित होगा ।
परन्तु अवधारित मरम्मत और अनुरक्षण व्ययों का उपयोग केवल मरम्मत और अनुरक्षण कार्यों पर किया जायेगा ।
e. ऊपर उप-विनियम 2 (b) व 2(c ) में अवधारित O&M व्ययों में नियंत्रण अवधि के लिये O &M व्ययों पर पहुंचने के लिये, पश्चातवर्ती वर्षों में वृद्धि की जायेगी जिसके लिये वर्ष विशेष ( kवां वर्ष) हेतु वृद्धि कारक ( EFk) लागू किया जायेगा जिसका परिकलन निम्नलिखित फॉर्मूला का प्रयोग कर किया जायेगाः
EFk = 0.55xWPIInflation + 0.45xCPIInflation
f. सिंचाई , बाढ़ नियंत्रण और ऊर्जा घटकों के साथ बहु- उद्देशीय जल विद्युत स्टेशनों के मामले में स्टेशन के ऊर्जा घटक पर प्रभारित O&M व्यय ही शुल्क के अवधारण हेतु विचारित किये जायेंगे ।
परन्तु कि जल विद्युत उत्पादन स्टेशनों के मामले में उत्पादन स्टेशन अपने अनुमानित व्ययों के साथ सुरक्षा आवश्यकता और बीमा व्यय का मूल्यांकन प्रस्तुत करेगा, जिसे उचित औचित्य के साथ या आयोग द्वारा उपयुक्त समझे जाने वाले तरीके से , वर्षवार वास्तविक बीमा और सुरक्षा व्यय के पिछले रुझानों के आधार पर संबंधित टैरिफ आदेशों में सहीकरण किया जाएगा ।
49 ताप उत्पादक स्टेशनों के लिये वार्षिक स्थिर प्रभार और ऊर्जा प्रभारों का संगणन और भुगतान
(1) ताप उत्पादक स्टेशन की स्थिर लागत इन विनियमों के अधीन विनिर्दिष्ट मानकों के आधार पर और क्षमता प्रभार के अधीन मासिक आधार पर वसूली गई , वार्षिक आधार पर संगणित की जायेगी । एक उत्पादक स्टेशन हेतु देय कुल क्षमता प्रभार उत्पादक स्टेशन की क्षमता में उनके संबंधित प्रतिशत अंश/आवंटन के अनुसार इसके लाभार्थियों द्वारा शेयर किया जायेगा ।
1322
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
(2) एक कैलेंडर माह हेतु एक ताप उत्पादक स्टेशन को देय क्षमता प्रभार निम्नलिखित फॉर्मूला के अनुसार परिकलित किया जायेगाः
CC1= (AFC/12) ( PAF1/ NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा (AFC/12)
CC2 = (AFC/6) (PAF2/NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा (AFC/6) - CC₁ )
CC3 = (AFC/4) (PAF3/NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा ((AFC/4) - (CC1 + CC₂) )
CC₁= (AFC/3 ) (PAF /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा (AFC/3) - (CC1 + CC2 + CC3 ))
CC3 = (AFC x 5/12) (PAFs / NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा ((AFC x 5/12) - (CC1 + CC2 + CC3 + CC4))
CC6= (AFC/2) (PAF /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा (AFC/2) - ( CC1 + CC2 + CC3 + CC + CCs ))
CC1 = (AFCx7/12) (PAF /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा ((AFCx7/12)-( CC1 + CC2 + CC3 + CC + CCs + CC6))
CCs= (AFCx2/3 ) (PAF /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा (AFCx2/3 )- (CC1 + CC2 + CC3 + CC + CCs + CC + CC7))
CC9 = (AFCx3/4) (PAF /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा((AFCx3/4))-(CC1 + CC2 + CC3 + CC + CC5 + CC + CC+ CCs))
CC10- (AFCx5/6) (PAF1 /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा ((AFCx5/6 )-(CC1+ CC2 + CC3 + CC + CC5 + CC + CC + CC +CC )) CC11 = (AFCx11 /12 ) (PAF1 /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा((AFCx11/12) -( CC₁+ CC2 + CC3 + CC + CC + CC + CC + CC + CCg + CC10)) CC12= (AFC) (PAF /NAPAF) के अधीन अधिकतम सीमा ((AFC) -(CC1 + CC2 + CC3 + CC + CCs + CC6+ CC ++ CC + CCg + CC10 + CC11 ) )
परन्तु नवीकरण और आधुनिकीकरण के कारण बंदी के अधीन यथास्थिति उत्पादक स्टेशन या उसकी यूनिट अथवा पारेषण प्रणाली या उसके किसी तत्व के मामले में उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी को AFC के एक भाग की वसूली करना अनुज्ञात होगा जिसमें केवल O&M व्यय और ऋण पर ब्याज सम्मिलित होगा ।
जहाँ,
AFC= वार्षिक निर्दिष्ट तय लागत , रूपये में ।
NAPAF = प्रतिशत में सामान्य वार्षिक संयंत्र उपलब्धता कांरक ।
PAFN= प्रतिशत संयंत्र उपलब्धता कारक महीने के अन्त तक प्राप्त किया गया ।
PAFY= वर्ष के दौरान प्राप्त प्रतिशत संयंत्र उपलब्धता कारक ।
CC1 , CC2, CC3 , CC4, CC5 , CC6 , CC7, CC8 , CC9 , CC10 , CC11 और CC12 क्रमशः 1 , 2 , 3, 4, 5वें, 6वें, 7वें, 8 वें, 9 वें, 10वें , 11 वें और 12 वें महीने की क्षमता शुल्क है ।
(3) PAFM की संगणना एक विशेष महीने के अन्त तक निम्नलिखित फॉर्मूला के अनुसार की जायेगीः N PAFM or PAFY = 10000 x 2 DCi / { Nx IC x ( 100 - AUX ) } % i= 1 1323 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्त)
जहाँ,
AUX = प्रतिशत में मानकीय अनुषंगी ऊर्जा उपभोग ।
DCi = दिन की समाप्ति के पश्चात राज्य भार प्रेषण केन्द्र द्वारा प्रमाणित, अवधि के वें दिन के लिए , अर्थात, यथास्थिति, माह या वर्ष औसत घोषित क्षमता । (एक्स - वस मेगावॉट में) ।
IC = उत्पादक स्टेशन की संस्थापित क्षमता (मेगावॉट में)
N = अवधि, अर्थात, यथास्थिति माह या वर्ष के दौरान दिनों की संख्या ।
नोट: DCi और IC में वाणिज्यिक प्रचालन के अधीन घोषित न की गई उत्पादक यूनिटों की क्षमता सम्मिलित नहीं होगी । संबंधित अवधि में IC में किसी परिवर्तन की दशा में इसका औसत मूल्य लिया जायेगा ।
(4) एक उत्पादक स्टेशन या उसकी यूनिट को इन्सेन्टिव , विनियम 47 (2 ) में विनिर्दिष्ट मानकीय वार्षिक संयंत्र भार कारक (NAPAF) के तदनुरूप एक्स - बस ऊर्जा से अधिक अनुसूचित उत्पादन के तदनुरूप एक्स- बस अनुसूचित ऊर्जा के लिये 50 पैसा / kWh की समान दर से देय होगा ।
(5) ऊर्जा प्रभार में प्राथमिक ईंधन लागत सम्मिलित होगी और यह माह की ऊर्जा प्रभार दर (ईंधन मूल्य समायोजन के साथ) पर एक्स ऊर्जा संयंत्र आधार पर कैलेंडर माह के दौरान ऐसे लाभार्थियों को आपूर्ति किये जाने हेतु वास्तिविक कुल ऊर्जा के लिये प्रत्येक लाभार्थी द्वारा देय होगा ।
एक माह के लिये उत्पादक कंपनी को देय कुल ऊर्जा प्रभार होगा:-
(रु० में ऊर्जा प्रभार दर / kWh) X kWh में माह हेतु अनुसूचित ऊर्जा (एक्स- बस) }
(6) एक्स - ऊर्जा संयंत्र आधार पर रुपये प्रति kWh में ऊर्जा प्रभार दर ( ECR) निम्नलिखित फार्मूला के अनुसार तीन दशमलव स्थान तक अवधारित की जायेगी :
a. गैस और तरल ईंधन आधारित स्टेशनों के लिये
ECR = GHR x LPPF x 100 / { CVPF × ( 100 – AUX) }
जहां,
AVX = प्रतिशत में मानकीय अनुषंगी ऊर्जा उपभोग
CVPF = गैस और तरल ईंधन आधारित स्टेशनों के लिये लागू kCal प्रति किलो, प्रति लीटर या प्रति मानक घन मीटर में प्राप्त प्राथमिक ईंधन का भारित औसत सकल कैलोरिफिक मूल्य ।
ECR = रुपये प्रति kWh सेंट आउट में ऊर्जा प्रभार दर
GHR = kCal प्रति kWh में सकल स्टेशन हीट दर 1326
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
उत्पादन स्टेशन तत्काल अगले वित्तीय वर्ष में छह समान ब्याज मुक्त मासिक किस्तों में कमी की उक्त राशि वसूलने का हकदार होगा ।
परन्तु कि, ऊर्जा में कमी के कारण राशि का दावा करने का उत्पादन स्टेशन का अधिकार समाप्त हो जाएगा यदि वह उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से 3 महीने के भीतर याचिका दायर करने में विफल रहता है जिसमें कमी हुई है ।
यदि जल विद्युत स्टेशन से वास्तविक उत्पादन, हाईड्रोलॉजी कारक कारणों से 4 वर्ष की निरंतर अवधि हेतु डिजाईन ऊर्जा से कम है तो उत्पादक स्टेशन उस स्टेशन की डिजायन ऊर्जा के पुनरीक्षण हेतु सुसंगत हायड्रोलॉजी डाटा के साथ CEA से संपर्क कर सकता है ।
(7) यदि एक जल विद्युत स्टेशन के लिये ऊर्जा प्रभार दर (ECR ) उपरोक्त संगणना के अनुसार एक सौ तीस पैसे प्रति kWh से अधिक होती है और वर्ष में वास्तविक विक्रय योग्य ऊर्जा {DE x (100- AUX) x (100- FEHS- LADF ) / 10000 } MWh से अधिक होती है तो उपरोक्त से अधिक में ऊर्जा के लिये ऊर्जा प्रभार केवल एक सौ तीस पैसे प्रति kWh पर बिल्ड किया जायेगा ।
परन्तु एक वर्ष जिसमें उत्पादित कुल ऊर्जा, उत्पादक कंपनी के नियंत्रण से बाहर के कारणों से डिजायन ऊर्जा से कम थी, से अगले वर्ष में ऊर्जा प्रभार दर, पिछले वर्ष की ऊर्जा प्रभार घटत को पूरा करने के पश्चात, एक सौ तीस पैसे प्रति kWh कर दिया जायेगा ।
(8) उत्तराखण्ड राज्य भार प्रेषण केन्द्र, उपलब्ध होने के लिये घोषित सभी ऊर्जा के अधिकतम उपयोग हेतु, लाभार्थियों के साथ परामर्श कर , जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों के लिये अनुसूची को अंतिम रूप देगा जिसे सभी लाभार्थियों के लिये , उत्पादक - स्टेशन में उनके संबंधित आवंटन के अनुपात में अनुसूचित किया जायेगा ।
(9) उत्तराखण्ड राज्य भार प्रेषण केन्द्र उत्पादक स्टेशनों की घोषित क्षमता को दैनिक आधार पर प्रमाणित करेगा और वर्ष के दौरान PAFY को प्रमाणित करते हुए वर्ष के अंत में उत्पादक स्टेशन को एक प्रमाण पत्र भी जारी करेगा ।
51 घोषित क्षमता का प्रदर्शन
(1) समय- समय पर संशोधित उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (विचलन निपटान तंत्र और संबंधित मामलों) विनियम , 2017 द्वारा इसे पूर्ण किया जायेगा ।
52 अनुसूचीकरण
उत्पादक स्टेशन के लिये अनुसूचीकरण और प्रेषण हेतु कार्य- विधिं ग्रिड संहिता में विनिर्दिष्ट किये गये अनुसार होगी ।
1327 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गज़ट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
53 मीटरिंग और लेखाकरण
समय- समय पर संशोधित उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (राज्य ग्रिड संहिता) विनियम, 2016 और केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (मीटरों का संस्थापन और प्रचालन) विनियम, 2006 लागू होंगे ।
54 प्रभारों की बिलिंग और भुगतान
प्रभारों की बिलिंग और भुगतान मासिक आधार पर निम्नलिखित तरीके से किया जायेगा:-
(1) उत्पादक स्टेशनों के लिये वार्षिक स्थिर प्रभार , ऊर्जा प्रभार और इन्सेन्टिव की बिलिंग और भुगतान वर्ष के अंत में समायोजन के अधीन मासिक आधार पर किया जायेगा ।
(2) वितरण अनुज्ञापी और ऐसे व्यक्ति जिनके पास एक वर्ष से अधिक के लिये फर्म ऊर्जा हेतु ऊर्जा कय करार हो, उत्पादक स्टेशन को संस्थापित क्षमता में अपने प्रतिशत शेयर, आवंटन या संविदा के अनुपात में स्थिर / क्षमता प्रभारों का भुगतान करेंगे ।
(3) यदि किसी अवधि में कोई क्षमता अनध्यपेक्षित (un - requisitioned) रह जाती है तो पूर्ण क्षमता प्रभार उप- विनियम (2) के अधीन उप- विनियम (4) में विनिर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा साझा किये जायेंगे ।
(4) यदि किसी अवधि में कोई क्षमता अनध्यपेक्षित (un- requisitioned) रह जाती है तो उत्पादन स्टेशन राज्य से बाहर के किसी व्यक्ति सहित किसी भी व्यक्ति को विद्युत का विक्रय करने के लिये स्वतंत्र होगा और ऐसा व्यक्ति जिसे विद्युत का विक्रय किया गया है वह भी, उप- विनियम (2) में उल्लिखित व्यक्तियों के अतिरिक्त , उस के द्वारा उपयोग की गई क्षमता के अनुपात में स्थिर / क्षमता प्रभारों को साझा करेगा ।
54A. छूट और देर से भुगतान पर अधिभार
(1) छूट
(i ) उत्पादक कंपनी और पारेषण अनुज्ञप्तिधारी द्वारा बिलों की प्रस्तुति के पांच दिनों की अवधि के अन्दर राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक निधि अंतरण (एनईएफटी) या वास्तविक समय सकल व्यवस्थापन (आरटीजीएस) भुगतान मोड के माध्यम से प्रस्तुति पर साख पत्र के माध्यम से उत्पादक कंपनी और पारेषण अनुज्ञप्तिधारी द्वारा बिलों के भुगतान के लिए, 1.50 % की अनुमति होगी ।
परन्तु कि यदि विभिन्न छूट तंत्र पीपीए में प्रदान की जाती है तो उसे पीपीए के उपबंधों द्वारा अधिशासित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरणः '5 दिनों की की संगणना के मामले में , किसी भी अवकाश पर विचार किए बिना दिनों की संख्या को लगातार गिना जाएगा । हालांकि , यदि अंतिम दिन या पांचवे दिन आधिकारिक अवकाश है, तो छूट के प्रयोजन से दिन को तत्काल उत्तरवर्ती कार्यदिवस के रूप में माना जाएगा 1328
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16,1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
(आधिकारिक राज्य सरकार के कैलेंडर के अनुसार, जहां बिल की पावती या प्राप्ति के प्रयोजन के लिए प्राधिकृत हस्ताक्षर कर्ता या लाभार्थी के प्रतिनिधि का कार्यालय स्थित है) ।
(ii ) जहां उत्पादन कंपनी या पारेषण अनुज्ञप्तिधारी द्वारा बिल प्रस्तुत किए जाने के 5 दिनों के पश्चात और 30 दिनों की अवधि के अन्दर भुगतान किया जाता है वहां 1 प्रतिशत की छूट अनुमति होगी ।
(2) विलंब भुगतान अधिभार
( i ) इन विनियमों के अधीन संदेय प्रभारों के लिए किसी बिल का भुगतान में किसी बिलों की प्रस्तुति की तारीख से 45 दिनों की अवधि के आगे लाभार्थी या दीर्घकालिक ग्राहक, यथास्थिति, द्वारा विलंब होता है, समय- समय से, यथासंशोधित , विद्युत मंत्रालय- विद्युत (विलंब भुगतान अधिभार और संबद्ध मामले) नियमावली 2022 में यथाविनिर्दिष्ट विलंब भुगतान अधिभार उत्पादन कंपनी या पारेषण अनुज्ञप्तिधारी , यथास्थिति, द्वारा उद्गृहीत किया जाएगा ।
परन्तु यह कि यदि भिन्न एलपीएस तंत्र पीपीए में उपलब्ध करवाया जाता है तो उसे पीपीए के उपबंधों द्वारा अधिशासित किया जाएगा ।
(ii) जब तक कि पार्टियों द्वारा अन्यथा करार न हो, लाभार्थी या दीर्घकालिक ग्राहक द्वारा संदेय प्रभारों को बकाया प्रभारों पर विलंब भुगतान अधिभार के लिए पहले समायोजित किया जाएगा और उसके बाद दीर्घकालित अतिदेय बिल से आरंभ होने वाले, उत्पादन कंपनी या पारेषा अनुज्ञप्तिधारी, यथास्थिति, द्वारा बिल किए गए मासिक प्रभारों के लिए किया जाएगा ।
55 उत्पादक कंपनी / स्टार्ट अप ऊर्जा द्वारा विद्युत का क्रय :-
(1) कोई व्यक्ति एक उत्पादक स्टेशन स्थापित करता है , उसका रखरखाव और प्रचालन करता है तथा उसे सामान्यतया वर्ष भर अनुज्ञापी से ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती है, अर्थात जो अनुज्ञापी का उपभोक्ता नहीं है, किसी भी उत्पादक कंपनी या वितरण अनुज्ञापी से विद्युत क्रय कर सकता है यदि उसका संयंत्र अपनी स्वयं की आवश्यकताओं का पूरा करने या स्टार्ट अप के लिये विद्युत उत्पादन करने की स्थिति में नहीं है और फल स्वरूप वितरण अनुज्ञापी से ऊर्जा की निकासी आवश्यक है ।
(2) यदि संयंत्र से उत्पादित विद्युत का राज्य वितरण अनुज्ञापी की विक्रय किया जाता है तो स्टार्ट अप ऊर्जा की अपनी आवश्यकता को पूरा करने के लिये राज्य वितरण अनुज्ञापी से उत्पादक स्टेशन द्वारा अधिप्राप्त ऊर्जा (kWh) को वितरण अनुज्ञापी को विक्रय की गई ऊर्जा से समायोजित किया जायेगा । वितरण अनुज्ञापी, उत्पादक कंपनी द्वारा उसको विक्रय की गई शुद्ध ऊर्जा , अर्थात वितरण अनुज्ञापी को उत्पादक कंपनी द्वारा आपूर्ति की गई कुल ऊर्जा और उत्पादक कंपनी को वितरण अनुज्ञापी द्वारा आपूर्ति की गई ऊर्जा के अंतर हेतु भुगतान करेगा ।
1329 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
(3) यदि संयंत्र से उत्पादित विद्युत का राज्य वितरण अनुज्ञापी से अन्य किसी तृतीय पक्ष को विक्रय किया जाता है तो राज्य वितरण अनुज्ञापी से उत्पादक कंपनी द्वारा विद्युत का ऐसा क्रय, उस माह के लिये संविदाकृत मांग के रूप में माह के दौरान अधिकतम मांग का विचार करते हुए औद्योगिक उपभोक्ता के लिये उपयुक्त " शुल्क की दर अनुसूची " के अधीन अस्थायी आपूर्ति हेतु आयोग द्वारा अवधारित शुल्क के अनुसार प्रभारित होगा । उस माह के लिये स्थिर / मांग प्रभार उतने दिनों के लिये देय होंगे जिस दौरान ऐसी आपूर्ति की निकासी की गई । तथापि, ऐसी कंपनी को मासिक न्यूनतम प्रभार या मासिक न्यूनतम उपभोग गारंटी प्रभार या किन्हीं अन्य प्रभारों के भुगतान से छूट प्राप्त होगी ।
भाग VI
पारेषण हेतु शुल्क
56 प्रयोज्यता
इस भाग में समावेशित विनियम, पारेषण अनुज्ञापी के साथ पारेषण प्रणाली उपयोगकर्ता द्वारा किये गये थोक ऊर्जा पारेषण करार या अन्य किसी व्यवस्था के अनुसरण में पारेषण अनुज्ञापी की राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली तक पहुंच और उसके उपयोग हेतु शुल्क के अवधारण में लागू होंगे ।
परन्तु आयोग इस भाग में समावेशित मानकों में विचलन करता है या कुछ विशेष मामलों के लिये वैकल्पिक मानक तय कर सकता है जहां मामलो की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे ऐसा उपयुक्त लगे; परन्तु आगे यह भी कि ऐसे विचलन के कारणों को लिखित में रिकॉर्ड किया जाएगा ।
बर्शत आगे कि ऐसे विचलन के कारणों को लिखित रूप में दर्ज किया जायेगा ।
परन्तु आगे यह भी कि एक वर्तमान पारेषण प्रणाली के संबंध में, आयोग , ऐसी पारेषण प्रणाली के ऐतिहासिक निष्पादन को ध्यान में रखते हुए और निष्पादन में सुधार के युक्तियुक्त अवसर, यदि कोई हैं, के साथ नियंत्रण अवधि के आरम्भ में पारेषण अनुज्ञापियों द्वारा प्रस्तुत कारोबार योजना और बहु वर्षीय शुल्क याचिका के आधार पर शुल्क अवधारित करेगा ।
आयोग , विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 36 के परन्तुक के अधीन अनुज्ञापी द्वारा इस संबंध में किये गये आवेदन के अनुसरण में मध्यवर्ती पारेषण सुविधाओं के उपयोग हेतु दरें, प्रभार, निबंधन एवं शर्तें विनिर्दिष्ट किए जाने हेतु इस भाग में समाहित निबंधनों एवं शर्तों से दिशा निर्देशित होगा ।
57 नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु वार्षिक पारेषण प्रभार
नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु वार्षिक पारेषण प्रभार , आयोग द्वारा अनुमोदित गैर शुल्क आय, अन्य कारोबार और लघु-अवधि उन्मुक्त अभिगमन प्रभारों से आय की राशि से कम कर नियंत्रण अवधि से संबंधित 1330
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वित्त वर्ष हेतु पारेषण अनुज्ञापी की कुल राजस्व आवश्यकता की वसूली हेतु उपबंध करेंगे और इनका संगणन निम्नलिखित तरीको से किया जायेगाः
कुल राजस्व आवश्यकता निम्नलिखित का योग हैः
a. प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय;
b. पट्टा प्रभार;
C. ऋण पूंजी पर ब्याज और वित्त प्रभार;
d. इक्विटी पूंजी पर रिटर्न;
e. आय-कर;
f. अवक्षय;
g. कार्यशील पूंजी और पारेषण प्रणाली उपयोग कर्ताओं से जमा राशि पर ब्याज , और पारेषण अनुज्ञापी के वार्षिक पारेषण प्रभार = कुल राजस्व आवश्यकता उपरोक्तानुसार ;
घटा कर :
h. गैर- शुल्क आय;
i. लघु-अवधि उन्मुक्त अभिगमन प्रभार और;
j. इन विनियमों में विनिर्दिष्ट परिधि तक अन्य कारोबार से आय ।
परन्तु अधिनियम की धारा 63 के अनुसरण में और पारेषण हेतु प्रतिस्पर्धात्मक बोली के लिये दिशा- निर्देशों के अनुसार प्रतिस्पर्धात्मक रूप से प्रदान पारेषण प्रणाली परियोजनाओं के मामले में, वार्षिक पारेषण प्रभार ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक रूप से प्रदान पारेषण परियोजनाओं द्वारा उद्धरित किये गये वार्षिक पारेषण सेवा प्रभारों (TSC) के अनुसार होंगे ।
पारेषण अनुज्ञापी के वार्षिक पारेषण प्रभारों का अवधारण आयोग द्वारा इन विनियमों के भाग- II के अनुसार पारेषण अनुज्ञापी द्वारा किये गये , यथास्थिति, कुल राजस्व आवश्यकता के अवधारण हेतु आवेदन या प्रतिस्पर्धात्मक रूप से प्रदान पारेषण प्रणाली परियोजना के मामले में, वार्षिक पारेषण प्रभारों को अपनाने हेतु आवेदन के आधार पर किया जायेगा ।
58 पूंजी निवेश योजना
(1) पारेषण अनुज्ञापी , भार वृद्धि, पारेषण हानियों में कमी , आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार, विश्वसनीयता, मीटरिंग , संकुलता में कमी इत्यादि की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये व्यापार योजना के एक भाग के रूप में नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु एक विस्तृत पूंजी निवेश योजना, वित्त पोषण
:
1331 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
योजना और भौतिक लक्ष्य दायर करेगा । व्यापार योजना के साथ पूंजी निवेश योजना, इन विनियमों के भाग- II में समावेशित विनियम 8 में विनिर्दिष्ट सभी पहलुओं का विवरण देते हुए , नियंत्रण अवधि के आरंभ में दायर की जानी चाहिये ।
(2) भार वृद्धि, पारेषण हानियों में कमी , आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार, विश्वसनीयता, मीटरिंग , संकुलता में कमी , इत्यादि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और संवर्धन पर हाथ में लिये गये निवेश हेतु निवेश योजना एक न्यूनतम लागत योजना होगी ।
(3) निवेश योजना में , MYT अवधि में पारेषण अनुज्ञापी द्वारा हाथ में ली गई सभी पूंजीगत व्यय परियोजनाएँ सम्मिलित होंगी और ऐसे स्वरूप में होंगी जिसे समय- समय पर आयोग द्वारा नियत किया जाये ।
(4) पारेषण अनुज्ञप्ति में आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट अधिकतम सीमा से अधिक मूल्य की सभी पूंजीगत व्यय योजनाओं के लिये आयोग का पृथक पूर्व अनुमोदन आवश्यक होगा ।
(5) निवेश योजना के साथ ऐसी जानकारी , विवरण और दस्तावेज संलग्न किये जायेंगे जैसा कि आवश्यक हो, प्रस्तावित निवेश की आवश्यकता, विचारित विकल्प, लागत / लाभ विश्लेषण और अन्य पहलू जिनका पारेषण प्रभारों पर प्रभाव पड़ता हो , दर्शाये जायेंगे । निवेश योजना में पूंजीकरण अनुसूची और वित्त- पोषण योजना भी सम्मिलित होगी ।
(6) पारेषण अनुज्ञापी , यथास्थिति MYT याचिका के साथ या वार्षिक निष्पादन समीक्षा हेतु याचिका के साथ पूंजीगत व्यय परियोजनाओं की प्रगति का विवरण तथा ऐसी अन्य जानकारी , विवरण या दस्तावेज जो ऐसी प्रगति के मूल्यांकन हेतु आयोग द्वारा अपेक्षित हों, प्रस्तुत करेगा ।
(7) यदि आवश्यकता हो तो आयोग आशोधनों के साथ पारेषण अनुज्ञापी की पूंजी निवेश योजना का अनुमोदन करेगा । एक वर्ष हेतु दी गयी पारेषण अनुज्ञापी की अनुमोदित निवेश योजना के तदनुरूप लागतें उसकी राजस्व आवश्यकताओं हेतु विचारित की जायेंगी ।
59पूंजी लागत
(1) शुल्क उद्देश्यों हेतु कुशल जांच के पश्चात ही ऐसे पूंजीगत व्यय पर विचार किया जायेगा जो आयोग के अनुमोदन के अनुमोदन से उपगत हुए हों या उपगत होने के लिये प्रस्तावित हों, इसमें उविनिआ (कारोबार का संचालन ) विनियम, 2014 में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया अनुसार पूर्व अनुमोदन से छूट प्राप्त पूंजीगत व्यय भी सम्मिलित हैं ।
(2) अंतिम शुल्क, पारेषण प्रणाली के स्वीकृत पूंजीगत व्यय के आधार पर तय किया जायेगा और इसमें अधिकतम सीमा मानकों के अधीन पूंजीकृत प्रारम्भिक रिपेयर्स सम्मिलित होंगे ।
1332
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क (3) लेखांकन मानकों (AS 10) के उपबंध : समय - समय पर संशोधित इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट्स ऑफ इंडिया की IAS16 लेखा मानक बोर्ड द्वारा जारी संपत्ति, संयंत्र और उपकरण स्थिर आस्तियों हेतु लेखांकन, पूंजीगत व्यय परियोजनाओं और / या पूंजीकृत स्थिर आस्तियों की मूल लागत के अवधारण में, इन विनियमों से असंगत न हो उस परिधि तक लागू होगी ।
60 पारेषण शुल्क के अवधारण हेतु याचिका
पारेषण अनुज्ञापी , ऐसी पारेषण प्रणाली के एतिहासिक निष्पादन के अनुसार और प्रस्तुत की गई व्यापार योजना याचिका पर आयोग के आदेश के आधार पर अपनी राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के लिये शुल्क तय करने हेतु एक आवेदन कर सकता है जो विनियम के अनुसार ऐसे प्रारूप में और ऐसी जानकारी के साथ होगा जिसे इन विनियमों के भाग- II के उपबंधों के अनुपालन में आयोग द्वारा समय- समय पर पैसा आवश्यक हो, मांगा जाए ।
61 प्रचालन के मानक
समय- समय पर उनके आशोधन के अधीन, प्रचालन के मानक निम्नलिखित होंगे:-
(1) उप- स्टेशन में अनुषंगी ऊर्जा उपभोग
a. AC प्रणाली
एयर कंडीशनिंग , प्रकाश, उपभोग इत्यादि के प्रयोजन से AC उप- स्टेशन में अनुषंगी ऊर्जा उपभोग हेतु प्रभार पारेषण अनुज्ञापी द्वारा वहन किये जायेंगे और मानकीय प्रचालन तथा अनुरक्षण व्ययों में सम्मिलित किये जायेंगे तथा संचालन और रखरखाव व्यय के तहत अनुज्ञापी द्वारा अलग से दावा प्रस्तुत किया जायेगा ।
(2) पूर्ण पारेषण प्रभारों की वसूली हेतु लक्ष्य उपलब्धता
a) AC प्रणाली
: 98%
नोटः-
a. उपलब्धता लक्ष्य के स्तर से नीचे स्थिर प्रभारों की वसूली आनुपातिक आधार पर होगी। शून्य उपलब्धता पर कोई पारेषण प्रभार देय नहीं होंगे ।
b. लक्ष्य उपलब्धता का परिकलन इन विनियमों के परिशिष्ट-IV में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा और उत्तराखण्ड राज्य भार प्रेषण केन्द्र द्वारा प्रमाणित किया जायेगा ।
परन्तु 99.75 % से अधिक की उपलब्धता हेतु कोई इन्सेन्टिव देय नहीं होगा ।
परन्तु आगे यह भी कि AC प्रणाली के लिये प्रति वर्ष दो ट्रिपिंग अनुज्ञात होंगी । एक वर्ष में दो ट्रिपिंगस के पश्चात 12 घंटे की अतिरिक्त आउटेज, वास्तविक आउटेज के अतिरिक्त विचारित की जायेगीः भाग 1 -क]
1333 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
परन्तु यह भी कि एक उत्पादक स्टेशन से ऊर्जा के निष्क्रमण को प्रभावित करने वाले पारेषण तत्व के आउटेज के मामले में आउटेज घंटे को 2 के फैक्टर से गुणा किया जायेगा।
62 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
(1) नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु O &M व्यय , कुशल जांच और कोई अन्य कारकों जो आयोग द्वारा उपयुक्त समझे जायें , के अधीन आधार वर्ष तक पिछले पांच वर्षों के लिये वास्तविक O &M व्ययों को हिसाब में लेते हुए आयोग द्वारा अनुमोदित किये जायेंगे ।
(2) nth वर्ष के लिये और साथ ही नियंत्रण अवधि से ठीक पहले के वर्ष अर्थात वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये O&M व्यय नीचे दिये गये फॉर्मूला के आधार पर अनुमोदित किये जायेंगे :-
O& Mn = R & Mn + EMPn + A &Gn
जहाँ
O&Mn- nवें वर्ष के लिये प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय;
EMPn - n वें वर्ष के लिये कर्मचारी लागतें;
R&Mn- n वें वर्ष के लिये मरम्मत और रखरखाव लागते;
A&Gn - nवें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागतें;
(3) उपरोक्त घटकों का संगणन निम्नलिखित तरीके से किया जायेगा;
EMPn = (EMPn - 1 ) x (1 + Gn ) x (1 + CPI इन्फ्लेशन)
R & Mn = K x (GFAn- 1) × (1+ WPI इन्फ्लेशन) और
A & Gn = ( A & Gn - 1 ) × (1 + WPI इन्फ्लेशन) + प्रावधान
जहाँ,
EMPn -1 - (n- 1 )वें वर्ष के लिये कर्मचारी लागतें;
A&G n -1 - (n- 1)वें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागतें;
प्रावधान : पारेषण अनुज्ञापी द्वारा प्रस्तावित और कुशल जांच के पश्चात् आयोग द्वारा अनुमोदित पहलों हेतु लागत या एक - बारी व्यय ।
'K' आयोग द्वारा % में विनिर्दिष्ट स्थिरांक है । नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु K का मूल्य, पारेषण अनुज्ञापी की फाईलिंग , मरम्मत और रखरखाव व्ययों की बेंच मार्किंग , अनुमोदित मरम्मत और रखरखाव व्ययों के मुकाबले पूर्व में आयोग द्वारा अनुमोदित GFA और आयोग 1334
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
द्वारा उपयुक्त समझे गये किन्हीं अन्य कारकों पर आधारित MYT शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अवधारित किया जायेगा ।
CPI इन्फ्लेशन – ठीक पिछले तीन वर्षों के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI ) में औसत वृद्धि है;
WPI इन्फ्लेशन - ठीक पिछले तीन वर्षों के लिये थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में औसत वृद्धि है;
GFAn- 1 - n- 1 वें वर्ष के लिये पारेषण अनुज्ञापी की सकल स्थिर आस्ति;
Gn , n- 1 वें वर्ष के लिये एक वृद्धि कारक है और यह वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर शून्य से अधिक या उससे कम हो सकता है । Gn का मूल्य , पारेषण अनुज्ञापी की फाईलिंग , बेंच- मार्किंग और अन्य किसी कारक, जिसे जिन्हें आयोग उपयुक्त समझता हो, पर आधारित अतिरिक्त जन - शक्ति आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये MYT शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अवधारित किया जायेगाः
परन्तु अवधारित मरम्मत और रखरखाव व्ययों का उपयोग केवल मरम्मत और रखरखाव कार्यों के लिये किया जायेगा ।
63गैर शुल्क आय
(1) आयोग द्वारा अनुमोदित पारेषण कारोबार से संबंधित गैर- शुल्क आय की राशि, पारेषण अनुज्ञापी के वार्षिक पारेषण प्रभारों के अवधारण में कुल राजस्व आवश्यकता में से घटायी जायेंगी :
परन्तु पारेषण अनुज्ञापी अपनी गैरं शुल्क आय के पूर्वानुमान का पूर्ण विवरण आयोग को प्रस्तुत करेगा जो ऐसे स्वरूप में होगा जैसा समय- समय पर आयोग द्वारा नियत किया जाये ।
गैर शुल्क आय हेतु विचारित किये जाने वाले विभिन्न शीर्षों की सांकेतिक सूची निम्नलिखित होगीः (2)
a. भूमि या भवन पर किराये से आय;
b. स्क्रैप के विक्रय से आय;
C. संविधिक निवेशों से आय और एफडीआर/ बैंक जमा पर अर्जित ब्याज;
d. बिलों पर विलंबित या आस्थगित भुगतान पर ब्याज;
e. आपूर्तिकर्ताओं / ठेकेदारों की अग्रिमों पर ब्याज;
f. स्टाफ क्वाटर्स से किराया आय;
g. ठेकेदारों से किराया आय;
h. ठेकेदारों और अन्यों से भाड़ा प्रभार से आय;
i. विज्ञापनों इत्यादि से आय;
भाग 1 -क]
1335 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
j. विविध प्राप्तियां;
k. भौतिक सत्यापन पर प्राप्त आधिक्य;
1. निवेशों , सावधि जमा व कॉल जमाओं और बैंक के अतिशेष पर ब्याज;
m. पूर्वअवधि आय;
परन्तु पारेषण अनुज्ञापी के विनियमित कारोबार के तदनुरूप इक्विटी पर रिटर्न से किये गये निवेश से अर्जित ब्याज को गैर शुल्क आय में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
64 अन्य कारोबार से आय
जहां पारेषण अनुज्ञापी अधिनियम की धारा 41 के अधीन अन्य कारोबार में संलग्न है , वहां ऐसे अन्य कारोबार पर हुई सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लागतें घटाने के पश्चात ऐसे अन्य कारोबार से प्राप्त राजस्व के एक तिहाई के बराबर राशि को, पारेषण अनुज्ञापी के वार्षिक पारेषण प्रभारों का परिकलन करते समय कुल राजस्व आवश्यकताओं में से घटाया जायेगाः
परन्तु पारेषण अनुज्ञापी , पारेषण कारोबार और अन्य कारोबार के मध्य सभी संयुक्त और सामान्य लागतों के आबंटन के लिये एक युक्तियुक्त आधार अपनायेगा तथा शुल्क के अवधारण हेतु अपने आवेदन के साथ आयोग को विधिक लेखा परीक्षक द्वारा विधिवत् संपरीक्षित और प्रमाणित कर आवंटन पत्रक प्रस्तुत करेगा;
परन्तु आगे यह कि जहां ऐसे कारोबार की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लागतों का कुल योग किन्हीं भी कारणों से ऐसे अन्य कारोबार से प्राप्त राजस्व से अधिक होता है, वहां ऐसे अन्य कारोबार के कारण पारेषण अनुज्ञापी की कुल राजस्व आवश्यकताओं में किसी राशि को जोड़ना अनुज्ञात नहीं किया जायेगा ।
65 पारेषण प्रभारों का संगणन और भुगतान
(1 ) पारेषण अनुज्ञापी के लिये वार्षिक पारेषण प्रभार इन विनियमों में विनिर्दिष्ट मानकों के आधार पर अवधारित होगा और उपयोगकर्ताओं से पारेषण प्रभार के रूप में मासिक आधार पर वसूला जायेगा जो आवंटित पारेषण क्षमता के अनुपात में पारेषण प्रभार साझा करेंगे ।
परन्तु पारेषण प्रणाली उपयोगकर्ता द्वारा देय प्रभारों में, वोल्टेज, दूरी , दिशा, प्रवाह की मात्रा और उपयोग का समय जैसे कारकों पर भी आयोग द्वारा अपने आदेश में विनिर्दिष्ट रूप से विचार किया जायेगा ।
(2) एक कैलेंडर माह हेतु AC प्रणाली या उसके भाग के लिये देय पारेषण प्रभार (इन्सेन्टिव सहित ) निम्नलिखित समीकरणों के अनुसार संगणित किये जायेंगेः
(a) For TAFM ≤ 98 % ATC X (NDM/ NDY) X (TAFM/ 98 % )
(b) For TAFM: 98 % < TAFM≤ 98.5 % ATC X (NDM/ NDY) X (1 ) 1336
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क (c) ForTAFM : 98.5 % < TAFM ≤ 99.75 % ATC X ( NDM/ NDY) X (TAFM/ 98.5% )
(d) For TAFM : ≥ 99 75% ATC X [NDM/ NDY] X [99.75 % / 98.5 % ]
जहाँ,
ATC = वर्ष हेतु विनिर्दिष्ट वार्षिक पारेषण प्रभार, रूपयों में ।
NATAF = मानकीय वार्षिक पारेषण उपलब्धता कारक , प्रतिशत में ।
NDM = माह में दिनों की संख्या ।
NDY = वर्ष में दिनों की संख्या ।
TAFM = परिशिष्ट IV के अनुसार संगणित, माह हेतु पारेषण प्रणाली उपलब्धता कारक , प्रतिशत में ।
(3) ऊपर उप- विनियम (2) के अनुसार आयोग द्वारा अवधारित रूप में मासिक पारेषण शुल्क, अपनी आवंटित क्षमताओं के अनुपात में मासिक आधार पर सभी दीर्घावधि और मध्यम-अवधि उन्मुक्त अभिगमन ग्राहकों (वर्तमान वितरण अनुज्ञापियों सहित ) द्वारा साझा किया जायेगा ।
(4) पारेषण अनुज्ञापी अपने TAFM के अनुमान पर आधारित एक माह के लिये पारेषण प्रभार (इन्सेन्टिव सहित) हेतु बिल जारी करेगा । यदि कोई समायोजन हैं तो वे TAFM के आधार पर किये जायेंगे जिसे सुसंगत माह के अंतिम दिन से 30 दिन के भीतर SLDC द्वारा प्रमाणित किया जायेगा।
(5) पारेषण प्रभारों का परिकलन , विभिन्न NATAF वाली पारेषण प्रणाली के भाग हेतु पृथक रूप से किया जायेगा, और उसके पश्चात दीर्घावधि पारेषण ग्राहकों DICs द्वारा अपनी शेयरिंग के अनुसार संकलित किया जायेगा ।
66 उन्मुक्त अभिगमन लेनदेन
उन्मुक्त अभिगमन से संबंधित सभी मामलों का निपटारा समय- समय पर लागू और संशोधित उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (राज्यान्तर्गत उन्मुक्त अभिगमन हेतु निबंधन और शर्तें) विनियम, 2015 के अनुसार किया जायेगा ।
67 पारेषण हानियां
राज्य भार प्रेषण केन्द्र द्वारा अवधारित और आयोग द्वारा अनुमोदित, पारेषण अनुज्ञापी की पारेषण प्रणाली में ऊर्जा हानियां , राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के उनके उपयोग के अनुपात में पारेषण प्रणाली उपयोगकर्ताओं द्वारा वहन की जायेंगी ।
1337 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
परन्तु आयोग , पारेषण अनुज्ञापी को लागू बहु वर्षीय शुल्क संरचना के भाग के रूप में, विनियम 9 के अनुसार पारेषण हानियों में कमी के लिये एक ट्रेजेक्टरी नियत करेगा ।
भाग VII
वितरण खुदरा आपूर्ति हेतु शुल्क
68 प्रयोज्यता
(1) ये विनियम , अपने उपभोक्ताओं को वितरण अनुज्ञापी द्वारा विद्युत के खुदरा विक्रय हेतु शुल्क के अवधारण के लिये लागू होंगेः
परन्तु अपनी प्रणाली के उपयोग हेतु उन्मुक्त अभिगमन ग्राहकों द्वारा वितरण अनुज्ञापी को देय व्हीलिंग प्रभार और वितरण हानियों का अवधारण , समय- समय पर लागू और संशोधित उविनिआ राज्यान्तर्गत उन्मुक्त अभिगमन अधिनियम के अनुसार होगा ।
69 नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु कुल राजस्व आवश्यकता
(1) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु कुल वार्षिक व्यय और इक्विटी पर रिटर्न इन विनियमों के निबंधनों में अनुज्ञात व्यय और रिटर्न के आधार पर ज्ञात किये जायेंगे ।
(2) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु एक वितरण अनुज्ञापी की खुदरा आपूर्ति शुल्क आयोग द्वारा अनुमोदित सुसंगत वर्ष हेतु गैर शुल्क आय , उन्मुक्त अभिगमन के मामले में व्हीलिंग से आय , अन्य कारोबार से आय , प्रति सहायकी अधिभार और अतिरिक्त अधिभार से प्राप्तियों की राशि और राज्य सरकार से इस वित्तीय वर्ष हेतु यदि कोई सहायकी प्राप्त है, को कम कर नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु वितरण अनुज्ञापी के कुल राजस्व आवश्यकता की वसूली उपबंधित करेगा और इसमें निम्नलिखित का समावेश होगाः
a. ऊर्जा क्रय की लागत;
b. पारेषण प्रभार;
c. प्रणाली प्रचालन प्रभार , अर्थात NLDC/ RLDC/SLDC को भुगतान की गई फीस और प्रभार;
d. ऋण पूंजी और उपभोक्ता प्रतिभूति जमा पर ब्याज और वित्त प्रभार;
e. अवक्षय , जिसमें अमूर्त आस्तियों का परिशोधन सम्मिलित है;
f. पट्टा प्रभार;
g. प्रचालन और अनुरक्षण व्यय;
1338
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
h. कार्यशील पूंजी पर ब्याज; और
i. इक्विटी पूंजी पर व्याज;
j. आय कर;
k . अशोध्य और संदिग्ध ऋणों के लिये प्रावधान और यदि मौजूदा प्रावधान राइट-ऑफ को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है तो अशोध्य ऋण जो वास्तव में बट्टे खाते में डाल दिए गए;
(3) विद्युत के विक्रय से शुद्ध राजस्व आवश्यकता = कुल राजस्व आवश्यकता उपरोक्तानुसार, में से निम्नलिखित घटा कर:
a. गैर शुल्क आय;
b. उन्मुक्त अभिगमन ग्राहकों से वसूली गयगए व्हीलिंग प्रभारों से आय;
c. इन विनियमों में विनिर्दिष्ट परिधि तक अन्य कारोबार से आय;
d. उन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ताओं से प्रति सहायकी अधिभार से प्राप्तियां; और
e. उन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ताओं से व्हीलिंग के प्रभारों पर अतिरिक्त अधिभार से प्राप्तियां ।
f. विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 65 के अधीन सहायकी से अन्य राज्य सरकार से प्राप्त कोई राजस्व सहायकी या अनुदान ।
70व्यापार योजना
(1) प्रत्येक वितरण अनुज्ञापी, समय- समय पर आयोग द्वारा नियत और इन विनियमों के भाग- II में समावेशित विनियम 8 में विनिर्दिष्ट तरीके से, पूर्ण विवरण के साथ 1 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च , 2028 तक तीन (3 ) वित्तीय वर्षों की नियंत्रण अवधि हेतु 30 नवंबर, 2024 तक एक व्यापार योजना प्रस्तुत करेगा ।
(2) व्यापार योजना में अन्य विवरणों के साथ- साथ, समय- समय पर आयोग द्वारा नियत दिशा निर्देशों और प्रारूपों के अनुसार पूंजी निवेश योजना, वित्त पोषण योजना और भौतिक लक्ष्यों का समावेश होगा ।
71 पूंजी निवेश योजना
(1) वितरण अनुज्ञापी , व्यापार योजना के भाग के रूप में अनुमोदन हेतु आयोग के पास भार वृद्धि, वितरण हानियों में कमी , आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार , विश्वसनीयता, मीटरिंग , उपभोक्ता सेवाएं , इत्यादि में सुधार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये, नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित्त वर्ष हेतु एक विस्तृत पूंजी निवेश योजना, वित्त पोषण योजना और भौतिक लक्ष्य दायर करेगा ।
1339 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
(2) भार वृद्धि, वितरण हानियों में कमी , आपूर्ति, विश्वसनीयता, मीटरिंग इत्यादि की गुणवत्ता में सुधार, इत्यादि की आवश्यकता को पूरा करने के लिये वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और संवर्धन हेतु निवेश योजना, एक न्यूनतम लागत योजना होगी ।
(3) निवेश योजना में, नियंत्रण अवधि में वितरण अनुज्ञापी द्वारा हाथ में ली जाने वाली सभी पूंजीगत व्यय परियोजनांए सम्मिलित होंगी और वे ऐसे स्वरूप में होंगी जैसा समय- समय पर आयोग द्वारा नियत किया जाये ।
(4) वितरण अनुज्ञप्ति में आयोग विनिर्दिष्ट अधिकतम सीमा से अधिक की सभी पूंजीगत व्यय योजनाओं के लिये आयोग की पूर्व अनुमोदन आवश्यक होगा ।
(5) निवेश योजना के साथ ऐसी जानकारी , विवरण और दस्तावेज संलग्न किये जायेंगे जो प्रस्तावित निवेश की आवश्यकता, विचारित विकल्प, लागत / लाभ विश्लेषण और अन्य पहलू जिनका व्हीलिंग शुल्क और खुदरा शुल्कों पर प्रभाव हो, दर्शातें हुए अपेक्षित हों । निवेश योजना में पूंजीकरण अनुसूची और वित्त पोषण योजना भी सम्मिलित होगी ।
(6) वितरण अनुज्ञापी , MYT के साथ या वार्षिक निष्पादन समीक्षा हेतु आवेदन के साथ पूंजीगत व्यय परियोजनाओं की प्रगति तथा साथ ही ऐसी अन्य जानकारी , विवरण या दस्तावेज प्रस्तुत करेगा जो ऐसी प्रगति के मूल्यांकन हेतु आयोग द्वारा अपेक्षित हों ।
72ऊर्जा अधिप्राप्ति दिशा-निर्देश
(1) वितरण अनुज्ञापी , नियंत्रण अवधि हेतु ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना के अनुसार वर्ष के दौरान अपनी ऊर्जा अधिप्राप्ति का उत्तरदायित्व लेगा जिसमें इन विनियमों के अनुसार आयोग द्वारा अनुमोदित लघु-अवधि, मध्यम-अवधि और दीर्घावधि ऊर्जा अधिप्राप्ति सम्मिलित होगी ।
(2) वितरण अनुज्ञापी निम्नलिखित के संबंध में इस भाग में समाहित दिशा निर्देशों को अपनायेगा;
a. सात (7) वर्षो से अधिक (अर्थात दीर्घावधि ऊर्जा अधिप्राप्ति) की अवधि के साथ किसी व्यवस्था या करार के अधीन ऊर्जा की अधिप्राप्ति;
b. एक (1 ) वर्ष से अधिक किंतु अधिकतम सात वर्ष (अर्थात मध्यम अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति) की अवधि के साथ किसी व्यवस्था या करार के अधीन ऊर्जा की अधिप्राप्ति; और
C. एक (1 ) वर्ष के बराबर या उस से कम अवधि (अर्थात लघु अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति) के साथ किसी व्यवस्था या करार के अधीन ऊर्जा की अधिप्राप्ति;
1340
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क 73ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना
(1) वितरण अनुज्ञापी , अपने आपूर्ति क्षेत्र में विद्युत की मांग की सेवा हेतु ऊर्जा की अधिप्राप्ति के लिये एक योजना तैयार करेगा और उस योजना को आयोग के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करेगाः
परन्तु ऐसी ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना 1 अप्रैल , 2025 से प्रारम्भ होने वाली पंचम् नियंत्रण अवधि के लिये प्रस्तुत की जायेगीः
परन्तु आगे यह भी कि व्यापार योजना के एक भाग के रूप में अनुमोदित ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना , शुल्क के अवधारण हेतु आवेदन के साथ प्रस्तुत की जायेगी ।
परन्तु वितरण अनुज्ञापी द्वारा प्रस्तुत ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना में इन विनियमों के अनुसार ऊर्जा के दीर्घावधि, मध्यम- अवधि और लघु अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति स्रोत सम्मिलित हो सकेंगे । तथापि, वितरण अनुज्ञापी को, जहां तक संभव हो, सिवाय विनियम 75 में विनिर्दिष्ट शर्तों के लघु अवधि कयों के लिये योजना नहीं बनानी चाहिये और दीर्घावधि तथा मध्यम अवधि ऊर्जा अधिप्राप्तियों से अपनी आवश्यकता पूरी करने का प्रयास करना चाहिये तथा तदनुसार योजना बनानी चाहिये ।
(2) वितरण अनुज्ञापी की ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना में निम्नलिखित का समावेश होगाः
a. नियंत्रण अवधि के दौरान आपूर्ति के क्षेत्र के भीतर प्रत्येक शुल्क श्रेणी हेतु विद्युत के लिये अबाधित मांग का मात्रात्मक पूर्वानुमान ;
b. उत्पादन और ऊर्जा क्रय के चिहिनत स्रोतों से विद्युत आपूर्ति की मात्राओं का एक अनुमान;
c. आधार भार और पीक भार आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये ऊर्जा की उपलब्धता का एक अनुमान;
परन्तु वह अनुमान मेगा वॉट (MW ) और साथ ही मिलियन यूनिट्स (MUs) दोनों में अभिव्यक्त मांग और आपूर्ति का मासिक प्राक्कलन होना चाहिये ।
d. समय- समय पर संशोधित उविनिआ (मानकों का निष्पादन) विनियम , 2007 के अनुसार आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता के संबंध में मानकों को बनाये रखना;
e. ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के संदर्भ में क्रियान्वित किये जाने के लिये प्रस्तावित उपाय;
f. ऊपर (a) से (d) पर आधारित ऊर्जा उत्पादन और / या अधिप्राप्ति, जिसमें उत्पादन क्षमता का संवर्धन और आपूर्ति के नये चिन्हित स्रोत सम्मिलित हैं, के नये स्रोतों की आवश्यकता;
g. ऊर्जा की अधिप्राप्ति हेतु योजना जिसमें ऐसी अधिप्राप्ति के लिये मात्राएं और लागत अनुमान सम्मिलित है;
1341 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
परन्तु दीर्घावधि अधिप्राप्ति योजना में समाहित पूर्वानुमान / अनुमान, अधिप्राप्त की जाने वाली ऊर्जा की मात्रा (विद्युत की मिलियन यूनिट्स में) और अधिकतम मांग (MW/MVA में) के संबंध में पीक और ऑफ- पीक अवधि पृथक रूप से उल्लिखित की जायेगी ।
परन्तु आगे यह कि पूर्वानुमान/ अनुमान, नियंत्रण अवधि के प्रत्येक माह हेतु तैयार किये जायेंगें;
परन्तु यह भी कि दीर्घावधि अधिप्राप्ति योजना, आपूर्ति के विभिन्न स्रोतों की लागतों के संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर लागत प्रभावी योजना होगी ।
h. प्रस्तावित लघु-अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति इन विनियमों के विनियम 75 के अनुसार होगी ।
(3) पूर्वानुमान / अनुमान पूर्व डाटा और भविष्य के संबंध में युक्तियुक्त धारणाओं पर आधारित पूर्वानुमान तकनीकों का उपयोग कर तैयार किये जायेंगे ।
परन्तु पूर्वानुमान / अनुमान हेतु ये कारक अमल में लाये जायेंगे जैसे- कुल आर्थिक संवृद्धि, विद्युत- सघन क्षेत्रों की उपभोग संवृद्धि, विद्युत उद्योग में प्रतिस्पर्धा का आगमन , कैप्टिव ऊर्जा में चलन, हानि घटाने हेतु की गयई पहलों का प्रभाव, उत्पादक स्टेशन संयंत्र भार कारकों में सुधार और अन्य सुसंगत कारक ।
(4) जहां आयोग ने वितरण अनुज्ञापी के क्षेत्र में विद्युत के कुल उपभोग का प्रतिशत सह- उत्पादन और ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों से क्रय करना नियत किया है, वहां ऐसे वितरण अनुज्ञापी की ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना में कम से कम नियत स्तर तक ऐसे स्रोतों से अधिप्राप्ति की योजना सम्मिलित होगी ।
(5) वितरण अनुज्ञापी के लिये, राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली हेतु पारेषण प्रणाली योजना के साथ अपनी सुसंगतता के सत्यापन हेतु राज्य पारेषण युटिलिटी को ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना की एक प्रति अग्रसरित करना आवश्यक होगा;
परन्तु वितरण अनुज्ञापी , पारेषण प्रणाली योजना के साथ ऐसी योजना की सुसंगत्ता सुनिश्चित करने के लिये ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना की तैयारी के समय पर राज्य पारेषण युटिलिटी से भी परामर्श कर सकेगा ।
(6) वितरण अनुज्ञापी , ऊपर उप- विनियम (1 ) के अधीन अधिप्राप्ति योजना की प्रस्तुति के समय पर उसको अतिरिक्त जानकारी पहले से ज्ञात या उपलब्ध न होने के फल- स्वरूप वार्षिक निष्पादन समीक्षा हेतु आवेदन के भाग के रूप में नियंत्रण अवधि के शेष भाग के लिये ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना में आशोधन हेतु आवेदन करेगाः
(7) आयोग , उप - विनियम (1 ) के अधीन अधिप्राप्ति योजना की प्रस्तुति के समय पर आयोग को अतिरिक्त जानकारी पहले से ज्ञात या उपलब्ध न होने के फलस्वरूप , यदि वह ऐसा समझे, तो स्वप्रेरणा आधार 1342
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
पर या किसी हितबद्ध अथवा प्रभावित व्यक्ति द्वारा किये गये आवेदन पर, वार्षिक निष्पादन समीक्षा के भाग के रूप में नियंत्रण अवधि के शेष भाग हेतु वितरण अनुज्ञापी की अधिप्राप्ति योजना का आशोधन कर सकता है;
(8) आयोग , वितरण अनुज्ञापी की ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना, या उसके किसी प्रस्तावित आशोधन की समीक्षा करेगा , और ऐसी समीक्षा पूरी हो जाने पर आयोग-
a. जैसा कि उपयुक्त समझे , ऐसे आशोधनों और शर्तों के अधीन ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना , या उसके आशोधनों को अनुमोदित करते हुए आदेश जारी करेगा; या
b. यदि ऐसी योजना इस भाग मे समाहित दिशा निर्देशों के अनुसार नहीं है तो कारण अभिलिखित कर ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना या उसके आशोधन हेतु आवेदन को अस्वीकार करेगा और वितरण अनुज्ञापी को, आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट प्रतिफल पर आधारित एक संशोधित योजना प्रस्तुत करने का निर्देश देगाः परन्तु वितरण अनुज्ञापी को उसकी ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना के अस्वीकार किये जाने से पहले युक्तियुक्त अवसर प्रदान किया जायेगा ।
74 ऊर्जा क्रय करार / व्यवस्था का अनुमोदन
(1) इन विनियमों के प्रभावी होने के पश्चात उत्पादक कंपनी से या अनुज्ञापी से या आपूर्ति के अन्य स्रोत से वितरण अनुज्ञापी द्वारा ऊर्जा अधिप्राप्ति हेतु प्रत्येक करार या व्यवस्था केवल आयोग के पूर्वानुमोदन से ही प्रभावी होंगे;
परन्तु आपाती आधार पर उत्पादक कंपनी से या अनुज्ञापी से या आपूर्ति के किसी अन्य स्रोत से वितरण अनुज्ञापी द्वारा ऊर्जा की अधिप्राप्ति हेतु किसी करार या व्यवस्था के संबंध में आयोग की पूर्वानुमति आवश्यक होगीः
परन्तु आगे यह कि ऊर्जा अधिप्राप्ति हेतु वर्तमान व्यवस्था या करार में किसी परिवर्तन के लिये आयोग की पूर्वानुमति की आवश्यकता होगी , चाहे ऐसा वर्तमान करार / व्यवस्था आयोग द्वारा अनुमोदित की गई थी या नहीं ।
(2) आयोग, वितरण अनुज्ञापी की अनुमोदित ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना और निम्नलिखित कारकों को दृष्टिगत रखते हुए ऊर्जा अधिप्राप्ति करार / व्यवस्था के अनुमोदन हेतु आवेदन की समीक्षा करेगाः a. अनुमोदित ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना के अधीन ऊर्जा अधिप्राप्ति के लिये आवश्यकता;
b. केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुसार बोली की पारदर्शी प्रक्रिया का अनुसरण ;
c. जहां ऊपर ( b) में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया नहीं अपनायी गयी है, वहां इन विनियमों के अधीन विनिर्दिष्ट शुल्क के अवधारण हेतु निबंधन और शर्तों का अनुपालन;
1343 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
d. करार / व्यवस्था के अधीन अधिप्राप्त ऊर्जा की आपूर्ति और निष्क्रमण हेतु राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली में क्षमता की उपलब्धता (या अपेक्षित उपलब्धता) ।
e. ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों से विद्युत के सह- उत्पादन और उत्पादन को प्रोन्नत करने की आवश्यकता ।
75अतिरिक्त लघु अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति
(1) वितरण अनुज्ञापी वर्ष के दौरान इन विनियमों के अनुसार आयोग द्वारा अनुमोदित नियंत्रण अवधि के लिये ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना से अधिक अतिरिक्त लघु अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति का उत्तरदायित्व ले सकता है ।
(2) जहां वित्त वर्ष के दौरान आपूर्ति के किसी अनुमोदित स्रोत से विद्युत की आपूर्ति में कमी या विफलता रही है, वहां वितरण अनुज्ञापी ऊर्जा की अधिप्राप्ति हेतु अतिरिक्त लघु अवधि व्यवस्था या करार कर सकता है (लघु अवधि से अभिप्राय है एक वर्ष की अवधि तक);
परन्तु यदि कुल ऊर्जा क्रय लागत या छः माह के किसी ब्लॉक की मात्रा जिसमें ऐसी लघु- अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति सम्मिलित है , ऊर्जा क्रय लागत या छः माह के संबंधित ब्लॉक हेतु आयोग द्वारा अनुमोदित मात्रा के 105% से अधिक होती है तो वितरण अनुज्ञापी आयोग का पूर्वानुमोदन प्राप्त करेगा;
(3) जहां वितरण अनुज्ञापी ने आपूर्ति का एक नया लघु अवधि स्रोत चिन्हित किया है जिससे ऐसे शुल्क पर ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है जिससे इसकी अनुमोदित कुल ऊर्जा अधिप्राप्ति लागत कम होती है तो वितरण अनुज्ञापी , आयोग की पूर्वानुमति के बिना ऐसे आपूर्तिकर्ता के साथ एक लघु अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति करार या व्यवस्था कर सकेगा ।
(4) वितरण अनुज्ञापी के समक्ष यदि ऐसी आपातकालीन स्थितियां आती है जिससे वितरण प्रणाली के स्थायित्व को खतरा पैदा हो या ग्रिड की विफलता को रोकने के लिये राज्य भार प्रेषण केन्द्र द्वारा ऐसा निर्देश दिया जाये तो वितरण अनुज्ञापी आयोग की पूर्वानुमति के बिना ऊर्जा की अधिप्राप्ति हेतु एक लघु-अवधि व्यवस्था या करार कर सकता है ।
(5) लघु-अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति हेतु एक करार या व्यवस्था, जिस के लिये पूर्वानुमति आवश्यक नहीं है, करने की तिथि से पन्द्रह (15) दिन पहले वितरण अनुज्ञापी आयोग को ऐसे करार या व्यवस्था का पूर्ण विवरण प्रदान करेगा जिसमें मात्रा, शुल्क परिकलन , अवधि, आपूर्तिकर्ता का विवरण , आपूर्तिकर्ता के चयन का तरीका और ऐसे अन्य विवरण जो ऐसे करार / व्यवस्था के संबंध में यह मूल्यांकन करने के लिये आवश्यक हों कि विनियम में विनिर्दिष्ट शर्तों का अनुपालन किया गया हैः 1344
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
परन्तु जहां आयोग के पास यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि वितरण अनुज्ञापी द्वारा की गई व्यवस्था या करार ऊपर उप- विनियम (2) से उप- विनियम (4) तक में विनिर्दिष्ट मानदंड को पूरा नहीं करते हैं वहां आयोग , उससे उत्पन्न अनुमोदित स्तर के ऊपर ऊर्जा अधिप्राप्ति की कुल लागत (अतिरिक्त राजस्व का शुद्ध) में वृद्धि अथवा वितरण अनुज्ञापी की उपगत कोई हानि जो फलस्वरूप उपभोक्ताओं के ऊपर डाली जा रही हो, को नामंजूर कर सकेगा ।
(6) ऊपर उप- विनियम (2) से उप -विनियम (4 ) में विनिर्दिष्ट मामलों के अधीन जहां वितरण अनुज्ञापी आयोग के अनुमोदन के बिना लघु अवधि ऊर्जा अधिप्राप्ति हेतु करार या व्यवस्था करता है, वहां उससे उत्पन्न अनुमोदित स्तर के ऊपर ऊर्जा अधिप्राप्ति की कुल लागत (अतिरिक्त राजस्व का शुद्ध) में किसी वृद्धि को निष्पादन में ऐसा परिवर्तन समझा जायेगा जो संपूर्ण रूप से नियंत्रणीय कारकों के कारण हो ।
76 वितरण खुदरा आपूर्ति शुल्क के अवधारण हेतु याचिका
(1) एक वितरण अनुज्ञापी इन विनियमों के भाग- II के उपबंधों का अनुपालन करते हुए वितरण के खुदरा शुल्क के अवधारण हेतु याचिका करेगा ।
(2) आगामी वर्ष के लिये शुल्क के अवधारण हेतु वितरण अनुज्ञापी द्वारा दायर की गई शुल्क याचिका में, वितरण अनुज्ञापी की व्यापार योजना और इन विनियमों मे समाहित सिद्धातों पर आधारित आधार वर्ष हेतु डाटा, वर्तमान वर्ष के लिये वास्तविक और अनुमानित डाटा, और नियंत्रण अवधि के सभी वर्षों के लिये पूर्वानुमान और लक्ष्यों का समावेश होगा ।
(3) आयोग , इन विनियमों में विनिर्दिष्ट नियंत्रण अवधि हेतु, इन विनियमों में नियत किये गये MYT सिद्धांतों पर वितरण अनुज्ञापी की कुल राजस्व आवश्यकता का निर्धारण करेगा ।
77 विक्रय पूर्वानुमान
(1) मौसमी परिवर्तनों की पकड़ के महत्व का विचार करते हुए नियंत्रण अवधि के लिये मासिक विक्रय पूर्वानुमान, जहां तक संभव हो पिछले चलनों पर आधारित , प्रत्येक उपभोक्ता श्रेणी / उप- श्रेणी के संबंध में और ऐसी उपभोक्ता श्रेणी / उप - श्रेणी के भीतर शुल्क स्लैब के लिये की जायेगी तथा व्यापार योजना के साथ अनुमोदन हेतु आयोग को प्रस्तुत की जायेगी । पिछले डाटा में किसी असामान्यता को दूर करते हुए, उपभोक्ताओं की संख्या, संयोजित भार और ऊर्जा उपभोग के संबंध में ज्ञात और मापीय परिवर्तनों का प्रभाव प्रक्षेपित करने के लिये उपयुक्त समायोजन किये जायेंगे;
परन्तु जहां आयोग ने किसी विशेष शुल्क श्रेणी के पूर्वानुमान हेतु कार्यविधि नियत कर रखी है, वहां वितरण अनुज्ञापी ऐसी शुल्क श्रेणी हेतु विक्रय पूर्वानुमान विकसित करने में ऐसी कार्यविधि को सम्मिलित करेगा ।
1345 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(2) विक्रय पूर्वानुमान, इन विनियमों के अधीन व्यापार योजना के भाग के रूप में प्रस्तुत दीर्घावधि ऊर्जा अधिप्राप्ति योजना के एक भाग के रूप में तैयार भार पूर्वानुमान से सुसंगत होगा और पूर्व डाटा तथा भविष्य के संबंध में युक्तियुक्त धारणाओं पर आधारित होगा ।
(3) आयोग , उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि, पिछले वर्षों में संयोजित भार और ऊर्जा उपभोग तथा ** अगले वर्ष में अपेक्षित वृद्धि और कोई अन्य कारक जिसे आयोग सुसंगत समझे, के आधार पर युक्तियुक्तता के पूर्वानुमान की जांच करेगा और ऐसे आशोधनों, जिन्हें वह उचित समझे, के साथ उपभोक्ताओं को विद्युत का प्रक्षेपित विक्रय अनुमोदित करेगा ।
78 उपभोक्ताओं को विद्युत के विक्रय का अनुश्रवण
(1) वितरण अनुज्ञापी, अनुमोदित विक्रय पूर्वानुमान के आधार पर वर्ष के दौरान मांग में मौसमी परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों को मासिक विक्रय की आवश्यकता ज्ञात करेगा ।
(2) वितरण अनुज्ञापी विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों को विक्रय का अनुश्रवण करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता की किसी श्रेणी को विक्रय अनुचित रूप से प्रतिबंधित न हो ।
(3) वितरण अनुज्ञापी, विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों को विद्युत के विक्रय के संबंध में आयोग के समक्ष मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा ।
79वितरण हानियाँ
वितरण प्रणाली में ऊर्जा हानि से वितरण हानि अभिप्रेत होगा ।
(1)
(2) एक विशेष वोल्टेज स्तर तक और उस से ऊपर वितरण हानि का परिकलन वितरण प्रणाली में आरम्भ में इन्जेक्टेड ऊर्जा तथा उस स्तर तक विक्रय की गई ऊर्जा और अगले वोल्टेज स्तर तक भेजी की गई ऊर्जा के योग के मध्य अंतर के रूप में किया जायेगा ।
एक विशेष वोल्टेज स्तर तक और उस से ऊपर % वितरण हानि , वितरण प्रणाली में आरम्भ में इन्जेक्टेड ऊर्जा के प्रतिशत के रूप में उस स्तर तक वितरण हानि के रूप में अभिव्यक्त की जायेगी ।
(3) आयोग सर्किल-वार / डिवीजन- वार और / या माह- वार वितरण हानि परिकलन पर जानकारी मांग सकता है ।
(4) वितरण हानि परिकलनों को सिद्ध करने के लिये आयोग वितरण अनुज्ञापी से उचित और विश्वसनीय ऊर्जा संपरीक्षित करवाने के लिये कह सकता है ।
(5) वितरण अनुज्ञापी , आपूर्ति की वोल्टेज- वार लागत के अवधारण हेतु आगे नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष के लिये वोल्टेज वार हानियां भी प्रस्तावित करेगा । आयोग, नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु
:
1346
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1-क
वितरण हानि ट्रेजेक्टरी के लिये अनुज्ञापी द्वारा की गई फाईलिंग्स की जांच करेगा और जैसे आवश्यक समझे वैसे आशोधन के साथ अनुमोदित करेगा ।
(6) आयोग वितरण अनुज्ञापी से, तकनीकी हानि (अर्थात लाईनों, उप- स्टेशनों और उपकरण में ओहमिक /कोर हानि) तथा वाणिज्यिक हानि (अर्थात मीटरिंग अशुद्धता / अपर्याप्तता, ऊर्जा की चोरी, इत्यादि के कारण अलेखीकृत ऊर्जा) को पृथक करते हुए वोल्टेज - वार हानियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के लिये कह सकता है । आयोग , वितरण हानि (तकनीकी हानि और वाणिज्यिक हानि को पृथक कर) के संबंध में वितरण अनुज्ञापी द्वारा की गई फाईलिंग्स की जांच करेगा और जैसे आवश्यक समझे वैसे आशोधन के साथ उसे अनुमोदित करेगा ।
(7) आयोग , दक्षता के स्वीकार्य मानकों तक वितरण हानि स्तरों (तकनीकी और वाणिज्यिक दोनों) को क्रमिक रूप से नीचे लाने के लिये , हानि में कमी हेतु नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष के लिये दीर्घावधि और लघु अवधि लक्ष्य तय कर सकता है ।
80 ऊर्जा की उपलब्धता
(1) शुल्क वर्ष के लिये , ऊर्जा की मासिक उपलब्धता निम्नलिखित के आधार पर सुनिश्चित की जायेगीः i. केन्द्र/ राज्य क्षेत्र उत्पादक स्टेशनों से
a) केन्द्र/ राज्य क्षेत्र उत्पादक स्टेशनों में आवंटित और अनावंटित क्षमता में वितरण अनुज्ञापी का शेयर;
b) उत्पादकों द्वारा प्रदान प्रक्षेपणों और उत्पादकों से आपूर्ति के ऐतिहासिक डाटा पर आधारित प्रत्येक उत्पादक स्टेशन से ऊर्जा की संभावित उपलब्धता; या
c) केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा निर्धारित स्टेशन के लिये PLF / उत्पादन लक्ष्य ; या d) किसी नियोजित अनुरक्षण या बंदी के लिये समायोजित स्टेशन का ऐतिहासिक निष्पादन ।
ii . अन्य स्रोतों से:
a ) किसी अन्य वितरण अनुज्ञापी , बोर्ड या ट्रेडिंग अनुज्ञापी के साथ वितरण अनुज्ञापी की बैंकिंग व्यवस्था ।
b) ऊर्जा के क्रय के संबंध मे किसी वितरण अनुज्ञापी, बोर्ड, उत्पादक कंपनी या ट्रेडिंग अनुज्ञापी के साथ वितरण अनुज्ञापी का करार ।
(2) वितरण अनुज्ञापी , आयोग द्वारा अपने समय - समय पर संशोधित उविनिआ (नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों और गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह- उत्पादक स्टेशनों से विद्युत की आपूर्ति हेतु शुल्क एवं अन्य निबंधन) विनियम, 2018 में विनिर्दिष्ट नवीकरणीय क्रय दायित्व की अपनी वार्षिक आवश्यकता और नियंत्रण अवधि हेतु अपने RPO का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु उपाय भी सम्मिलित करेगा ।
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भाग 1 -क]
81 ऊर्जा क्रय लागत
(1) आयोग द्वारा अनुमोदित ऊर्जा क्रय / बैंकिंग / ट्रेडिंग करारों का, वितरण अनुज्ञापी की ऊर्जा क्रय लागत के अवधारण हेतु विचार किया जायेगा ।
(2) नियंत्रण अवधि हेतु वितरण अनुज्ञापी की अपने उपभोक्ताओं को विक्रय किए जाने हेतु ऊर्जा क्रय की आवश्यकता, नियंत्रण अवधि हेतु विक्रय पूर्वानुमान, पारेषण हानि और वितरण हानि स्तर के लक्ष्य के आधार पर अनुमानित की जायेगी ।
(3) नियंत्रण अवधि के लिये राज्य उत्पादक स्टेशनों से अधिप्राप्त विद्युत की लागत ऐसे उत्पादक स्टेशनों से विद्युत के क्रय हेतु आयोग द्वारा अनुमोदित दरों के आधार पर अवधारित होगी और केन्द्रीय क्षेत्र के उत्पादक स्टेशन से अधिप्राप्त विद्युत का अवधारण , ऐसे उत्पादक स्टेशनों के लिये केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित शुल्कों के आधार पर किया जायेगा । अन्य स्रोतों से ऊर्जा की लागत आयोग द्वारा अनुमोदित ऊर्जा क्रय / बैंकिंग / ट्रेडिंग करारों के अनुसार होगी ।
(4) नियंत्रण अवधि के अधीन विभिन्न वर्षों के लिये वितरण अनुज्ञापी की ऊर्जा क्रय लागत योग्यता क्रम सिद्धांत के आधार पर आंकलित की जायेगी । सभी ऊर्जा क्रय लागतों को वैध समझा जायेगा जब तक यह स्थापित नहीं हो जाता कि योग्यता क्रम सिद्धांत का भौतिक रूप से उल्लंघन हुआ है या ऊर्जा का क्रय अनुचित दरों पर हुआ है ।
(5) नियंत्रण अवधि के विभिन्न वर्षों के लिये वितरण अनुज्ञापी की कुल ऊर्जा क्रय लागत अवधारित करने के लिये आयोग वितरण अनुज्ञापी के नवीकरणीय क्रय दायित्व और सुसंगत विनियमों / आदेशों के अधीन विभिन्न प्रकार के नवीकरणीय स्रोतों हेतु आयोग द्वारा अवधारित शुल्कों का भी विचार करेगा ।
(6) जबकि अन्तर्राज्यीय पारेषण प्रभारों का प्राक्कलन केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग के आदेशों के अनुसार किया जायेगा, वहीं राज्यान्तर्गत पारेषण प्रभार का प्राक्कलन समय- समय पर आयोग द्वारा अनुमोदित पारेषण शुल्कों के अनुसार किया जायेगा । इसके अतिरिक्त भार प्रेषण सेवाओं का उपयोग करने के लिये प्रणाली प्रचालकों (राष्ट्रीय भार प्रेषण केन्द्र, क्षेत्रीय भार प्रेषण केन्द्र, राज्य भार प्रेषण केन्द्र इत्यादि) को देय भार प्रेषण प्रभारों का प्राक्कलन समय- समय पर उपयुक्त आयोग द्वारा अनुमोदित फीस एवं प्रभारों के अनुसार किया जायेगा । राज्य से बाहर विक्रय की गई ऊर्जा के लिये भुगतान किये गये SLDC प्रभारों का शुल्क अवधारण हेतु विचार नहीं किया जायेगा ।
82 ऊर्जा क्रय में परिवर्तन
(1) आयोग द्वारा अनुमोदित ऊर्जा की आवश्यकता से अधिक वितरण अनुज्ञापी द्वारा क्रय की गई ऊर्जा या किसी भी वर्ष में क्रय की ऊर्जा के मिश्रण में परिवर्तन पर आयोग द्वारा विचार किया जायेगा यदि 1348
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ऐसा वितरण अनुज्ञापी के युक्तियुक्त नियंत्रण के बाहर के कारणों से हुआ हो और इसके फलस्वरूप हुए वित्तीय हानि या लाभ अगले वर्ष के शुल्क में समायोजित किये जायेंगे ।
83 "ईंधन और उर्जा क्रय समायोजन (एफपीपीसीए)
(1) एफपीपीसीए प्रभार उपभोक्ता को कोई छूट दिए बिना वितरण अनुज्ञापी के सम्पूर्ण विक्रय पर लागू होंगे.
(2) एफपीपीसीए प्रभारों को, इन विनियमों के अनुसार, स्वयं के उत्पादक स्टेशनों से उत्पादित उर्जा से सम्बंधित वितरण अनुज्ञापी की परिधि पर डिलीवरी हेतु ईंधन और उर्जा क्रय लागतों में और ऐसी लागतें उपगत होने के पश्चात किसी माह के दौरान अधिप्राप्त उर्जा में वास्तविक परिवर्तन के आधार पर, संगणित व प्रभारित किया जायेगा तथा ईंधन लागतों में अनुमानित या अपेक्षित परिवर्तनों के आधार पर संगणित नहीं किया जायेगा,
(3) एन माह हेतु एफपीपीसीए प्रभार आयोग के पूर्व अनुमोदन के बिना अगले (एन2) माह से ही माह हेतु संगणित और प्रभारित किया जायेगा तथा कम या अधिक वसूली को अगले उपभोग माह हेतु अग्रेनीत किया जायेगा. उदाहरण के लिएः
जून माह हेतु एफपीपीसीए प्रभार सितम्बर में बिल किये गए अगस्त के उपभोग हेतु प्रभारित किये जायेंगे तथा कोई कम या अधिक वसूली नवम्बर में बिल किये गए अक्टूबर के उपभोग के साथ प्रभारित किये जाने के लिए अग्रेनीत की जाएगी.
परन्तु ऐसी अग्रेनीत राशि को वर्ष की सम्बंधित तिमाही की अगली तिमाही के भीतर समायोजित किया जायेगा. यदि तीन माह की अवधि के पश्चात, अर्थात सम्बंधित तिमाही की अगली तिमाही के अंत में एफपीपीसीए के अधीन समायोजित किये जाने के लिए कोई राशि अब भी लंबित रहती है तो अनुज्ञापी नीचे उप- विनियम (4 ) में विनिर्दिष्ट नियामक प्रक्रिया के माध्यम से राशि के समयोजन हेतु योग्य होगा.
(4) वितरण अनुज्ञापी, आयोग के कार्योत्तर अनुमोदन के लिए तिमाही के अंत में 45 दिनों के भीतर आयोग द्वारा सत्यापन हेतु अपेक्षित विस्तृत संगणन और समर्थक दस्तावेजों के साथ , सम्पूर्ण तिमाही के लिए सभी उपभोक्ताओं को प्रभारित या वापस लिए जाने वाले प्रभार और उपगत हुई एफपीपीसीए का विवरण प्रस्तुत करेगा.
(5) आयोग एफपीपीसीए की जांच करेगा और यदि आवश्यक हो तो तीसरी तिमाही के अंत से पहले इसे आशोधनों के साथ अनुमोदित करेगा. वितरण अनुज्ञापी, द्वारा प्रभारित या लौटाए गए एफपीपीसीए और आयोग द्वारा अनुमोदित एफपीपीसीए में किसी भी परिवर्तन को आयोग द्वारा अवधारित रूप में अगले माहों की एफपीपीसीए संगणनाओं में समायोजित किया जायेगा.
भाग 1 -क]
1349 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(6) यदि वितरण अनुज्ञापी , लगातार (3 ) माह तक उपभोक्ताओं पर अनुचित एफपीपीसीए प्रभारित करने का दोषी पाया जाता है तो आयोग उन अनुचित प्रभारों पर ब्याज के साथ उनका समायोजन करेगा जिस को पास-थ्रू किये जाने की अनुमति नहीं होगी. इस प्रकार अधिरोपित ब्याज को पास -थ्रू किये जाने की अनुमति नहीं होगी.
(7) वितरण अनुज्ञापी टैरिफ डिजाईन में एक घटक के रूप में एफपीपीसीए को सम्मिलित करने के लिए अपनी बिलिंग व आईटी प्रणाली को उच्चीकृत करेगा तथा इस पृथक रूप से दर्शाया जायेगा.
(8) एफपीपीसीए के परिकलन हेतु फार्मूला नीचे दिए गए रूप में होगाः
FPPCA (करोड़ रुपये) = C + B , जहाँ, FPPCA = ईंधन और ऊर्जा क्रय लागत समायोजन C = इन लागतों और ईंधन लागत में परिवर्तन के कारण स्वयं के उत्पादन की लागत और कुल ऊर्जा लागतों (अंतर्राज्यीय और राज्यान्तर्गत पारेषण प्रभारों सहित) में परिवर्तन. B = पिछले माह ६ तिमाही हेतु अधिक वसूली / कम वसूली के लिए समायोजन कारक. C (करोड़ रुपये) = AGen + APP जहाँ,
AGen: स्वयं के उत्पादन की ईंधन लागत/ उत्पादन लागत में परिवर्तन. इसकी संगणना आयोग के मानकों और निर्देशों के आधार पर किया जायेगा जिनमें ताप दर, अनुषंगी उपभोग , उत्पादन और उर्जा क्रय मिश्रण, इत्यादि सम्मिलित हैं.
App: स्वयं के उत्पादन को छोड़ कर, सभी स्रोतों से अधिप्राप्त ऊर्जा (अंतर्राज्यीय और राज्यान्तर्गत पारेषण प्रभारों सहित) के ऊर्जा प्रभार और ऊर्जा क्रय लागत में परिवर्तन. यह परिवर्तन प्रयोज्य मानकों के अधीन उस परिधि तक अनुज्ञात होगा जिस तक यह इन विनयमों में निर्धारित मानदंड और प्रचलित शुल्क आदेश को संतुष्ट करता हो. इसका संगणन निम्नलिखित रूप में किया जायेगा,
राज्य परिधि में एन माह के दौरान क्रय की गई / अधिप्राप्त ऊर्जा (kWh) x (ऊर्जा क्रयों की वास्तविक भारित औसत दर (रू / kwh) - ऊर्जा क्रयों की अनुमोदित भारित औसत दर (रु./ kwh) नोटः
1. अंतर्राज्यीय और राज्यान्तर्गत हानियों को शुल्क आदेश में अनुमोदित किया गया माना जायेगा.
2 . कम निकासी अथवा अधिक निकासी के कारण अधिरोपित दंड या डीएसएम दंड, एफपीपीसीए संगणन के भाग के रूप में अनुज्ञात नहीं होगा.
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[भाग 1 -क
(9) किसी भी श्रेणी के लिए एफपीपीसीए प्रभार उस श्रेणी हेतु शुल्क आदेश में अनुमोदित किये गए रूप में आधार औसत बिलिंग दर के 20 % अथवा समय - समय पर आयोग द्वारा नियत की गयी ऐसी किसी सीमा से अधिक नहीं होगाः
परन्तु एफपीपीसीए प्रभार में उपरोक्त सीमा से किसी अधिकता को वितरण अनुज्ञापी द्वारा अग्रेनीत किया जायेगा तथा भविष्य में उस अवधि में वसूल किया जायेगा जो आयोग द्वारा निर्देशित की जाये.
(10) एफपीपीसीए प्रभार का परिकलन निम्न लिखित फार्मूला द्वारा किया जायेगाः औसत एफपीपीसीए प्रभार (रु. / kwh) = एफपीपीसीए / (शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अनुमोदित रूप में सम्बंधित माह हेतु राज्य के भीतर अनुमानित बिक्री) * 10.
(11 ) श्रेणीवार एफपीपीसीए प्रभार (रु. / kwh) का परिकलन निम्न लिखित फार्मूला द्वारा किया जायेगाः वर्ष हेतु शुल्क आदेश में अनुमोदित रूप में उपभोक्ता श्रेणी की औसत बिलिंग दर (ABR ) (रु./ kwh में) / वर्ष हेतु शुल्क आदेश में अनुमोदित रूप में वितरण अनुज्ञापी की औसत बिलिंग दर (ABR) (रु/ kwh में) x औसत एफपीपीसीए (रु ./kwh में).
परंतु यह भी कि यदि वितरण अनुज्ञप्तिधारक , किसी अप्रत्याशित घटना के मामले के सिवाए, आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट समय- सीमा के भीतर, ईधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार की संगणना करने और प्रभारित करने में विफल रहता है, इसका ईंधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार के कारण लागत की वसूली का अधिकार वापस ले लिया जाएगा और ऐसे मामलों में, सहीकरण के दौरान निर्धारित ईंधनके दौरान निर्धारित ईंधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार की वसूली का अधिकार भी वापस ले लिया जाएगा और किसी वित्तीय वर्ष के लिए, आयोग द्वारा ईंधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार का सहीकरण , वितरण अनुज्ञापी के सुसंगत वित्त वर्ष हेतु संपरीक्षित लेखों के आधार पर अन्य लागतों और राजस्वों के सहीकरण के साथ किया जायेगा.
बशर्ते कि वितरण अनुज्ञापी को सभी उपभोक्ताओं की जानकारी के लिए उस माह के प्रारम्भ में कम से कम 1 सप्ताह पहले, जिसके लिए एफपीपीसीए प्रभार लागू होने हैं, अपनी वेबसाइट पर एफपीपीसीए शुल्क प्रकाशित करना आवश्यक होगा.
(12) वितरण अनुज्ञापी , अगले वर्ष के लिए शुल्क याचिका फाईल करते समय , परिकलित माह-वार एफपीपीसीए प्रभारों और उनके संग्रहित राजस्व का विवरण प्रदान करेगा.
(13) सभी एफपीपीसीए परिकलन तथा उपभोक्तावार एफपीपीसीए संग्रहण वितरण अनुज्ञापी की वेबसाईट पर भी दर्शाए जाने चाहिए. " 1351 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
84 प्रचालन और अनुरक्षण व्यय
(1) नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु O&M व्यय , कुशल जांच और कोई अन्य कारक जिन्हें आयोग उपयुक्त समझे, के अधीन , आधार वर्ष तक पिछले पांच वर्षों हेतु वास्तविक O &M व्ययों को दृष्टिगत रखते हुए आयोग द्वारा अनुमोदित किये जायेंगे ।
(2) nवें वर्ष के लिये और साथ ही नियंत्रण अवधि से ठीक पहले वर्ष अर्थात 2024-25 के लिये O&M व्यय निम्नलिखित फॉर्मूला के आधार पर अनुमोदित किये जायेंगेः
O& Mn = R & Mn + EMPn + A &Gn
जहां-
O&Mn = nवें वर्ष के लिये प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय;
EMPn = nवें वर्ष के लिये कर्मचारी लागतें;
R&Mn = nवें वर्ष के लिये मरम्मत और रखरखाव लागतें;
A&Gn = nवें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागतें;
(3 ) उपरोक्त घटकों को निम्नांकित विनिर्दिष्ट तरीके से संगणित किया जायेगाः
EMPn = (EMPn - 1 ) x (1 + Gn) x (1 + CPI इन्फ्लेशन)
R& Mn = K x (GFAn- 1 ) × (1+ WPI इन्फ्लेशन) और
A&Gn = (A& Gn-1 ) × (1 + WPI इन्फ्लेशन)+प्रावधान
जहां-
EMPn -1 = (n-1)वें वर्ष के लिये कर्मचारी लागतें;
A&Gn- 1 = ( n- 1 ) वें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागतें;
प्रावधानः वितरण अनुज्ञापी द्वारा प्रस्तावित और आयोग द्वारा प्रमाणीकृत पहलों या अन्य एकबारी व्ययों के लिये लागत ।
'K' % में आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट स्थिरांक है । नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु K का मूल्य , अनुज्ञापी की फाईलिंग , मरम्मत और रखरखाव व्ययों की बेंचमार्किंग , अनुमोदित मरम्मत और रखरखाव व्ययों के मुकाबले पूर्व मे आयोग द्वारा अनुमोदित GFA और कोई अन्य कारक जो आयोग द्वारा उपयुक्त समझे जायें, पर आयोग के आदेश द्वारा अवधारित MYT शुल्क आदेश के आधार पर किया जायेगा;
CPI इन्फ्लेशन ठीक पिछले तीन वर्षों के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में औसत वृद्धि है;
WPI इन्फ्लेशन ठीक पिछले तीन वर्षों के लिये थोक मूल्य सूचकांक (WPI ) में औसत वृद्धि है;
1352
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क GFAn- 1- nवें वर्ष के लिये वितरण अनुज्ञापी की सकल स्थिर आस्ति;
Gn nवें वर्ष के लिये एक वृद्धि कारक है और यह वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर शून्य से अधिक या उससे कम हो सकता है । Gn का मूल्य अनुज्ञापी की फाईलिंग , बेंचमार्किंग , और कोई अन्य कारक जिन्हें आयोग उपयुक्त समझे, पर आधारित अतिरिक्त जनशक्ति की आवश्यकता पूरी करने के लिये MYT शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अवधारित किया जायेगाः
परन्तु अवधारित मरम्मत और रखरखाव व्ययों का उपयोग केवल मरम्मत और रखरखाव कार्यों के लिये किया जायेगा ।
परन्तु, आई.टी. से संबंधित परिसंपत्तियों और गैर - आई.टी. संबंधित परिसंपत्तियों के लिए मरम्मत और रखरखाव व्यय की गणना विनियमों के तहत अलग से की जाएगी यदि वितरण उपयोगिता इन विनियमों के तहत दावा किए गए आर.एण्ड.एम. के संपत्त्रि वार विवरण का अलग से रिकॉर्ड रखती है ।
85 गैर शुल्क आय
आयोग द्वारा अनुमोदित वितरण कारोबार और / या खुदरा आपूर्ति कारोबार से संबंधित गैर शुल्क आय की राशि, वितरण अनुज्ञापी के विद्युत के खुदरा विक्रय से राजस्व आवश्यकता का परिकलन करते समय कुल राजस्व आवश्यकता में से घटायी जायेगीः
परन्तु वितरण अनुज्ञापी , शुल्क के अवधारण हेतु अपने आवेदन के साथ आयोग को गैर शुल्क आय के अपने पूर्वानुमान फोरकास्ट का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करेगा ।
गैर शुल्क हेतु विचार किये जाने वाले विभिन्न शीर्षों की सांकेतिक सूची निम्नलिखित रूप से होगीः
a. भूमि या भवन के किराये से आय ;
b. स्क्रैप के विक्रय से आय;
c. विलंबित भुगतान अधिभार ;
d. बिलों के समय पर भुगतान हेतु छूट;
e. सांविधिक निवेशों से आय और एफडीआर / बैंक जमा पर अर्जित ब्याज;
f. बिलों पर बिलंबित या अस्थगित भुगतान पर व्याज;
g . आपूर्तिकर्ताओं / ठेकेदारों को अग्रिमों पर ब्याज;
h. स्टाफ क्वाटर्स से किराया आय ;
i. ठेकेदारों से किराया आय;
भाग 1 -क]
1353 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
j . ठेकेदारों और अन्यों से किराया प्रभारों से आय;
k . विज्ञापनों इत्यादि से आय;
1. विविध प्राप्तियां;
m. आपूर्तिकर्ताओं को अग्रिमों पर ब्याज;
n. भौतिक सत्यापन पर प्राप्त आधिक्य;
०. पूर्वअवधि आय; (पूर्व अवधि के व्यय का योग )
86 व्हीलिंग प्रभारों से आय
व्हीलिंग प्रभारों से कोई आय , जो समय - समय पर संशोधित उविनिआ (राज्यान्तर्गत उन्मुक्त अभिगमन की निबंधन एवं शर्तें) विनियम , 2015 के अनुसार आयोग द्वारा अनुमोदित की गई है , को वितरण अनुज्ञापी की विद्युत के खुदरा विक्रय से राजस्व आवश्यकता के परिकलन में कुल राजस्व आवश्यकता में से घटाया जायेगा ।
87 अन्य व्यापारों से आय
जहां वितरण अनुज्ञापी किसी अन्य कारोबार में संलग्न है वहां ऐसे अन्य कारोबार की सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लागतों को घटाने के पश्चात ऐसे अन्य अन्य कारोबार से प्राप्त राजस्व के एक तिहाई के बराबर राशि को, वितरण अनुज्ञापी की विद्युत के खुदरा विक्रय से राजस्व आवश्यकता के परिकलन में कुल राजस्व आवश्यकता में से घटाया जायेगाः
परन्तु वितरण अनुज्ञापी , वितरण कारोबार और अन्य कारोबार के मध्य सभी संयुक्त और सामान्य लागतों के आवंटन के लिये एक युक्तियुक्त आधार अपनायेगा और शुल्क के अवधारण हेतु अपने आवेदन के साथ आयोग को विधिक लेखा परीक्षाओं द्वारा विधिवत संपरीक्षित और प्रमाणित आवंटन पत्रक प्रस्तुत करेगा ।
परन्तु आगे यह कि आयोग द्वारा विनियामक लेखों की प्रस्तुति हेतु विनियम अधिसूचित कर दिये जाने पर शुल्क अवधारण और सहीकरण हेतु आवेदन, विनियामक लेखों पर आधारित होंगेः
परन्तु आगे यह कि जहां ऐसे अन्य कारोबार की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लागतों का कुल योग ऐसे अन्य कारोबार से प्राप्त राजस्व से या किसी अन्य कारण से अधिक हो जाता है तब ऐसे अन्य कारोबार के कारण वितरण अनुज्ञापी की कुल राजस्व आवश्यकता में किसी भी राशि को जोड़ने की अनुमति नहीं दी जायेगी ।
88 प्रति- सहायकी अधिभार और अतिरिदत अधिभार के कारण हुई प्राप्तियां
(1 ) वितरण अनुज्ञापी द्वारा , समय - समय पर संशोधित उविनिआ राज्यान्तर्गत उन्मुक्त अभिगमन विनियम के अनुसार आयोग द्वारा अनुमोदित प्रति - सहायकी अधिभार द्वारा प्राप्त राशि, ऐसे वितरण अनुज्ञापी के विद्युत 1354
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
के खुदरा विक्रय से राजस्व आवश्यकता का परिकलन करते समय कुल राजस्व आवश्यकता में से घटायी जायेंगी ।
(2) ऐसे वितरण अनुज्ञापी जिसने एक उत्पादक कंपनी से विद्युत की आपूर्ति प्राप्त करना चयनित किया है या ऐसे अनुज्ञापी से , अन्यथा कोई अनुज्ञापी, जो समय- समय पर संशोधित उविनिआ (राज्यान्तर्गत उन्मुक्त अभिगमन के निबन्धन एवं शर्ते) विनियम, 2015 के अनुसार आयोग द्वारा अनुमोदित हो, के उपभोक्ताओं से अतिरिक्त अधिभार के रूप में वितरण अनुज्ञापी द्वारा प्राप्त की गई राशि, ऐसे वितरण अनुज्ञापी के विद्युत के खुदरा विक्रय से राजस्व आवश्यकता का परिकलन करते समय कुल राजस्व आवश्यकता में से घटायी जायेगी ।
89 राजस्व सरकार की सहायकी
(1) यदि राज्य सरकार अग्रिम में अथवा शुल्क फाईलिंग की कार्यवाही के दौरान उपभोक्ताओं की निश्चित श्रेणियों के लिये विद्युत अधिनियम , 2003 की धारा 65 के अधीन सहायकी घोषित करती है तो आयोग दो शुल्क अनुसूचियां जारी करेगा, एक सहायकी के साथ और दूसरी बिना सहायकी के ।
(2) यदि राज्य सरकार शुल्क आदेश जारी करने के पश्चात उपभोक्ताओं की निश्चित श्रेणी के लिये सहायकी घोषित करती है तो अनुज्ञापी इसे शुल्क में सम्मिलित कर आयोग के अनुमोदन हेतु संशोधित शुल्क अनुसूची प्रस्तुत करेगा ।
परन्तु सरकार की घोषित या उपबंधित सहायकी, भुगतान की समय अनुसूची, सहायकी के भुगतान के तरीके और सहायकी प्राप्त श्रेणियों में सहायकी राशि की श्रेणीबद्धता के दस्तावेजी साक्ष्य द्वारा समर्पित होगी ।
(3) सरकार द्वारा सहायकी के अनावंटन या आवंटन के मामले में अनुज्ञापी ऐसी शुल्क अनुसूची के अनुसार उपभोक्ताओं पर प्रभार लगायेगा जिसे आयोग द्वारा बिना सरकारी सहायकी के अनुमोदित किया गया हो ।
90 वर्तमान शुल्क पर राजस्व
(1) उपभोक्ताओं को विद्युत की आपूर्ति से प्राप्त राजस्व का आंकलन उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों पर लागू वर्तमान शुल्क और उनको विक्रय किये जाने के लिये अनुमानित विद्युत की मात्रा के आधार पर किया जायेगा ।
(2) शुल्क वर्ष के लिये, शुद्ध ARR और प्रचलित शुल्क पर पूर्वानुमान किया गया राजस्व का अंतर राजस्व- अंतर कहलायेगा ।
1355 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजंट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
(3) राजस्व अंतर को आयोग द्वारा अनुमोदित उपायों जैसे- दक्षता में सुधार, आरक्षितियों का उपयोग , शुल्क परिवर्तन इत्यादि द्वारा पूरा किया जायेगा ।
91 आपूर्ति की लागत
विभिन्न श्रेणियों / वोल्टेजेज के लिये शुल्कों को बेंचमार्क किया जायेगा और ये वितरण अनुज्ञापी के प्रचालन में उसके द्वारा कुशलता पूर्वक उपगत हुई लागतों पर आधारित आपूर्ति की लागत को उत्तरोत्तर प्रक्षेपित करेंगे । आपूर्ति की श्रेणी- वार / वोल्टेज - वार लागत, भार कारक, वोल्टेज , तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों की परिधि इत्यादि जैसी विशेषताओं में प्रभाव डालेगी । उच्च वोल्टेज पर विद्युत प्राप्त करने वाले उपभोक्ता आयोग द्वारा नियत किये गये अनुसार छूट प्राप्त करने के पात्र होंगे । तथापि, ऐसी जानकारी , जिससे आपूर्ति की श्रेणीवार / वोल्टेज- वार लागत युक्तियुक्त रूप से स्थापित होती हो, की उपलब्धता लंबित रहने पर आपूर्ति की औसत लागत का शुल्क अवधारण हेतु बेंच मार्क के रूप में उपयोग किया जायेगा ।
92खुदरा आपूर्ति शुल्क का अवधारण
(1) विद्युत की खुदरा आपूर्ति हेतु शुल्क का अवधारण करते समय आयोग , अधिनियम की धारा 61 और 62के उपबंधों से दिशा निर्देश प्राप्त करेगा ।
(2) शुल्क का अवधारण करते समय आयोग विद्युत के किसी भी उपभोक्ता के प्रति अनुचित प्राथमिकता नहीं दर्शायेगा किन्तु उपभोक्ता के भार कारक, वोल्टेज, किसी विनिर्दिष्ट अवधि या समय जब विद्युत आवश्यक हो , पर विद्युत के कुल उपभोग या किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आपूर्ति की प्रकृति और विद्युत की आवश्यकता के उद्देश्य के अनुसार भेद कर सकेगा ।
(3) शुल्क याचिका में वितरण अनुज्ञापी उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणी के लिये उपयुक्त शुल्क संरचना प्रस्तावित करेगा । विवरण अनुज्ञापी ऐसे क्रियान्वयन हेतु इसके द्वारा उपयुक्त विचारित श्रेणियों के लिये आगे kVAh /ToD आधारित शुल्क प्रस्तावित कर सकता है ।
(4) आयोग एक सरल , समझने में आसान और तर्क संगत शुल्क संरचना विकसित करने के लिये श्रेणियों और उप- श्रेणियों का मेल कर सकता है ।
93वितरण अनुज्ञापी का निष्पादन
(1) वितरण अनुज्ञापी आपूर्ति प्रणाली और वितरण संहिता के अनुरूप अनुपालन में अपने सिस्टम का संचालन करेगा ।
(2) अपने उपभोक्ताओं को वितरण अनुज्ञापी द्वारा प्रदान की गई सेवाएं एक महत्वपूर्ण प्रतिफल होंगी और इसका निर्णय आयोग द्वारा नियत किये निष्पादन के मानकों का वितरण अनुज्ञापी द्वारा अनुपालन किये जाने की परिधि से होगा ।
71356
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
(3) आयोग एक पृथक आदेश द्वारा आपूर्ति उपलब्धता, वायर्स की उपलब्धता, ट्रांसफॉर्मर की विफलता दर में कमी, वोल्टेज असंतुलन में कमी, अकार्यशील / त्रुटिपूर्ण मीटरों में कमी जैसे वितरण प्रणाली में तकनीकी सुधार हेतु दीर्घावधि लक्ष्य तय कर सकता है ।
भाग IX
SLDC प्रभार
94प्रयोज्यता
इस भाग के विनियम राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के उपयोग- कर्ताओं (अर्थात उत्पादक कंपनी , अनुज्ञापियों (अर्थात पारेषण, वितरण व ट्रेडिंग कंपनियों) और उन्मुक्त अभिगमन ग्राहकों) जो राज्य भार प्रेषण केन्द्र (SLDC) द्वारा अनुश्रवित / सेवित होते हैं और जिनका उपयोग SLDC द्वारा संग्रहित की जाने वाली फीस और प्रभारों के अवधारण हेतु किया जाता है ।
95 SLDC के साथ पंजीकरण के लिये आवेदन
(1) राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली का प्रत्येक उपयोगकर्ता, अर्थात सभी उत्पादक स्टेशन्स, वितरण अनुज्ञापी राज्यान्तर्गत पारेषण अनुज्ञापी, ट्रेडर्स और ग्रिड पहुंच का उपयोग करने के आशयित क्रेता व विक्रेता, रू0 10,000 (रू० दस हजार मात्र) या समय- समय पर आयोग द्वारा तय संशोधित फीस के साथ SLDC को एक आवेदन दायर कर इन विनियमों के प्रवृत होने के एक माह के भीतर स्वयं को SLDC के साथ पंजीयन करवायेंगे ।
परन्तु उत्पादक कंपनियां, अनुज्ञापी, क्रेता और विक्रेता जो उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (शुल्क के अवधारण हेतु निबंधन और शर्ते) विनियम, 2011 , 2015 और 2018 के अनुसार पंजीकृत हुए हैं, उन्हें इन विनियमों के अधीन SLDC के साथ पंजीकृत हुआ समझा जायेगा और उन्हें ऊपर उप-विनियम (1 ) के अधीन अपेक्षित पंजीकरण फीस का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी ।
(2) SLDC के सीमा क्षेत्र के अधीन आने वाले राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के नये उपयोगकर्ता उक्त लिखित फीस के साथ संयोजन की प्रस्तावित तिथि से कम से कम एक माह पूर्व SLDC के पास आवेदन प्रस्तुत करेंगे ।
(3) आवेदन में प्रस्तुत जानकारी की पूर्णता और उसके सही होने की संतुष्टि हो जाने के पश्चात, SLDC अपने रिकार्डस में आवेदन को पंजीकरण करेगा और आवेदक को इस पंजीकरण के संबंध में विधिवत सूचित करेगा ।
(4) SLDC , राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली से जुड़े और इसके द्वारा अनुश्रवित सेवित सभी उपयोगकर्ताओं के संबंध में समेकित जानकारी अपनी वेबसाईट के एक पृथक वेब पेज पर रखेगा ।
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भाग 1 -क]
96 SLDC प्रभारों के अवधारण हेतु याचिका
(1) SLDC, आयोग को आगामी वित वर्ष हेतु अपनी कुल राजस्व आवश्यकता के अपने परिकलनों का पूर्ण विवरण प्रदान करेगा जिसे उक्त आगामी वर्ष के आरम्भ होने से अधिकतम चार माह पूर्व प्रदान किया जायेगा ।
(2) नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वित वर्ष हेतु SLDC के कुल वार्षिक व्यय और इक्विटी पर रिटर्न को इन विनियमों के निबंधनों के अनुसार अनुज्ञात व्ययों और रिटर्न के आधार पर ज्ञात किया जायेगा ।
(3) SLDC, इन विनियमों के अनुसार इसके द्वारा अनुश्रवित और सेवित हो रहे राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के सभी उपयोगकर्ताओं को प्रस्तावित प्रभारों का आवंटन भी दायर करेगा । इसके साथ- साथ SLDC उसके द्वारा अनुश्रवित और सेवित हो रहे राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के सभी उपयोगकर्ताओं को प्रभार के आवंटन हेतु प्रस्ताव के साथ कुल राजस्व आवश्यकता के अवधारण हेतु याचिका की एक प्रति भी अग्रसारित करेगा ।
(4) SLDC, समय- समय पर आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट प्रारूप में व्ययों के परिकलन और अन्य संबंधित जानकारी का विवरण प्रदान करेगा ।
(5) SLDC, नियंत्रण अवधि के लिये पूंजी निवेश योजना का विवरण भी प्रस्तुत करेगा । आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट राशि से अधिक की पूंजी निवेश योजना के लिये, कार्य आरम्भ होने से पूर्व ऐसी प्रत्येक योजना के संबंध में आयोग का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा ।
(6) SLDC द्वारा दायर की गई कुल राजस्व आवश्यकत्ता और अन्य विवरणों की संवीक्षा की जायेगी और ऐसी संबीक्षा के फलस्वरूप, आयोग ऐसी जानकारी और स्पष्टीकरण मांग सकता है जिसे वह आवश्यक समझे ।
(7) SLDC द्वारा प्रस्तुत जानकारी के आधार पर और विधिवत जांच , संवीक्षा और परामर्श के पश्चात आयोग के SLDC व्ययों को कवर करते हुए कुल राजस्व आवश्यकता का अनुमोदन करेगा और SLDC प्रभारों का अवधारण करेगा ।
(8) किसी वर्ष में SLDC प्रभारों का पुनरीक्षण न होने की स्थिति में SLDC प्रभारों की वसूली में किसी परिवर्तन (कमी या आधिक्य) को अगले वित्त वर्ष के लिए अग्रेनीत किया जायेगा और आयोग द्वारा तय किये गये अनुसार समायोजित किया जायेगा ।
(9) SLDC आयोग द्वारा निर्धारित आवधिक रिटर्न प्रस्तुत करेगा जिस में प्रचालन संबंधी और लागत डाटा का समावेश होगा ।
(10) . SLDC प्रभारों के लिये सभी फाईलिंग्स और आवेदन इन विनियमों में नियत किये गये अनुसार किये जायेंगे ।
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उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16,1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
97 SLDC प्रभारों का उद्ग्रहण
अधिनियम की धारा 31 के अधीन राज्य सरकार द्वारा स्थापित , SLDC द्वारा उपगत सभी व्ययों को पृथक रूप से लेखीकृत किया जायेगा ।
परन्तु यदि इन विनियमों की प्रकाशन की तिथि पर राज्य पारेषण युटिलिटी (STU) राज्य भार प्रेषण केन्द्र को प्रचालित कर रही है और अधिनियम की धारा 31 के उप - खण्ड (2) के अधीन उपबंधित किये गये अनुसार , अधिनियम के अधीन कार्य निष्पादित कर रही है तो STU , राज्य भार प्रेषण केन्द्र के प्रचालन से संबंधित व्ययों के लिये पृथक लेखे रखेगी;
परन्तु आवंटन पत्रक के आधार पर , जो आयोग को प्रस्तुत किया जायेगा, यह कि जब तक लेखों को पृथक नहीं कर लिया जाता तब तक STU , सभी सुसंगत विवरणों के साथ लागतों का प्रभाजन करेगा ।
LDC विकास निधि
98
(1) SLDC भार प्रेषण केन्द्र विकास निधि (LDCD निधि) नाम से एक पृथक निधि का सृजन एवं इसका रखरखाव करेगा ।
(2) SLDC की सभी अन्य आय जैसे- लघु अवधि उन्मुक्त अभिगमन प्रभार , पंजीकरण प्रभार , अनुसूचीकरण और प्रचालन प्रभार, इत्यादि LDCD निधि में जमा किये जायेंगे ।
(3) SLDC, LDCD निधि में उपलब्ध धन को नई आस्तियों के सृजन, आस्ति सृजन मे नियत इक्विटी भाग को पूरा करने, वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने के लिये मार्जिन राशि और R & D परियोजनाओं के निधि पोषण हेतु उपयोग करने का पात्र होगा ।
(4) LDCD निधि का उपयोग आयोग द्वारा अनुज्ञात वार्षिक प्रभारों में किसी कमी, यदि है, को पूरा करने या उन आकस्मिक व्ययों, जो फीस और प्रभारों हेतु आवेदन करते समय पूर्व कल्पित नहीं किये गये थे किन्तु अब दक्ष ऊर्जा प्रणाली प्रचालन के लिये आवश्यक रूप से विचारित हैं, के सिवाय राजस्व व्यय हेतु नहीं किया जायेगा । तथापि उक्त निधि में से ऐसी निकासी , सहीकरण के समय संबंधित शीर्षों के अधीन आयोग द्वारा अनुज्ञात व्ययों से भरी जायेगी ।
(5) LDCD निधि में जमा की गई धनराशि से सृजित कोई आस्ति, इक्विटी पर रिटर्न , ऋण पर ब्याज और उन्हीं सिद्धान्तों , जो अनुदान से संबंधित है , पर अवक्षय के लिये पात्र नहीं होगी । SLDC ऐसी आस्तियों का विवरण CAPEX योजना में प्रस्तुत करेगा ।
(6) SLDC, उन स्रोतों जिन से निधि प्राप्त की गई, के ब्रेक- अप के साथ संचित धनराशि को LDC विकास निधि में जमा करेगा । आयोग प्रत्येक वर्ष LDC विकास निधि की समीक्षा करेगा और यदि आवश्यक हो तो निधियों के प्रभावी उपयोग हेतु SLDC को निर्देश जारी करेगा ।
1359 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
99 वार्षिक SLDC प्रभार
SLDC द्वारा वसूल किये जाने वाले वार्षिक प्रभारों में इक्विटी पर रिटर्न के घटक और निम्नलिखित व्यय भी सम्मिलित होंगेः
a . O&M व्यय;
b. इक्विटी पर रिटर्न;
c. अवक्षय;
d. पट्टा प्रभार;
e. ऋण पूंजी पर ब्याज और वित प्रभार;
f. आय कर, यदि है;
g. कार्यशील पूंजी पर ब्याज , यदि है ;
h. कोई अन्य व्यय जो SLDC के कार्यों के निष्पादन में प्रासंगिक हो और आयोग द्वारा उपयुक्त समझे गये हों;
100 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
(1) नियंत्रण अवधि के प्रथम वर्ष हेतु O&M व्यय , कुशल जांच और कोई अन्य कारक, जो आयोग उपयुक्त समझे, के अधीन आधार वर्ष तक पिछले पांच वर्षों के लिये वास्तविक O &M व्ययों को हिसाब में लेते हुए आयोग द्वारा अनुमोदित किये जायेंगे ।
(2) nवें वर्ष के लिये और साथ ही नियंत्रण अवधि के ठीक पिछले वर्ष अर्थात 2024-25 के लिये भी निम्नलिखित फॉर्मूला के आधार पर O&M व्यय अनुमोदित किये जायेंगेः-
O&Mn = R & Mn + EMPn + A & Gn
जहां,
O&Mn- nवें वर्ष के लिये प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय;
0 EMPn - nवें वर्ष के लिये कर्मचारी लागत;
0 R&Mn- n वें वर्ष के लिये मरम्मत और रखरखाव लागतें;
0 A&Gn - nवें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागतें;
(3) उपरोक्त घटकों का संगणन निम्नांकित विनिर्दिष्ट तरीके से किया जायेगाः
EMPn = ( EMPn - 1 ) × (1 + Gn) x (1 + CPI इन्फ्लेशन )
R & Mn = K x ( GFAn - 1) x (1 + WPI इन्फ्लेशन) और A &Gn = (A & Gn- 1 ) x (1+ WPI इन्फ्लेशन) + प्रावधान जहां- 1360
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
EMPn.1 . (n- 1) कें वर्ष के लिये कर्मचारी लागतें;
A&Gn-1- ( n- 1 ) वें वर्ष के लिये प्रशासकीय और सामान्य लागते;
प्रावधान : (SLDC द्वारा प्रस्तावित और आयोग द्वारा मान्य किये गये अनुसार) पहलो या अन्य एक बारी व्ययों के लिये लागत ।
'K'% में आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट एक स्थिरांक है । नियंत्रण अवधि के प्रत्येक वर्ष हेतु K का मूल्य SLDC की फाईलिंग , मरम्मत और रखरखाव व्ययों की बेंचमार्किंग , अनुमोदित मरम्मत और रखरखाव व्ययों के मुकाबले में पूर्व में आयोग द्वारा अनुमोदित GFA और कोई अन्य कारक, जिसे आयोग द्वारा उपयुक्त समझा जाये , पर आधारित MYT शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अवधारित किया जायेगा ;
CPI इन्फ्लेशन – ठीक पिछले तीन वर्षों के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक ( CPI) में औसत वृद्धि है ;
WPI इन्फ्लेशन - ठीक पिछले तीन वर्षों के लिये थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में औसत वृद्धि है;
GFAn-1 - n - 1 वें वर्षों के लिये पारेषण अनुज्ञापी की सकल स्थिर आस्ति ;
Gn- n वें वर्ष के लिये एक वृद्धि कारक है और यह वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर शून्य से अधिक या उससे कम हो सकता है । Gn का मूल्य , SLDC की फाईलिंग , बेंचमार्किंग और कोई अन्य कारक, जिसे आयोग उपयुक्त समझे, पर आधारित अतिरिक्त जन शाक्ति आवश्यकता को पूरा करने के लिये MYT शुल्क आदेश में आयोग द्वारा अवधारित किया जायेगा :
परन्तु अवधारित मरम्मत एवं रखरखाव व्ययों का उपयोग केवल मरम्मत और रखरखाव कार्यों पर ही किया जायेगा ।
101 SLDC प्रभारों के संकलन हेतु आधार
(1) आयोग द्वारा अवधारित वार्षिक SLDC प्रभार , राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली का उपयोग करने वाले लाभार्थियों के मध्य संविदाकृत पारेषण क्षमता के आधार पर आवंटित किये जायेंगे ।
परन्तु SLDC , किन्हीं अन्य विनियमों में विनिर्दिष्ट की गयी कोई अन्य सेवाएं जो उपयोगकर्ता और ऊर्जा विनिमयों को प्रदान की गई हों, के लिये फीस और प्रभार उद्ग्रहित करने और उनका संकलन करने का पात्र होगा ।
1361 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 15, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
(2) तथापि, लघु अवधि उन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ता जो राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं , SLDC को केवल उन्हीं अनुसूचीकरण प्रभारों का भुगतान करेगा जिन्हें आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट किया गया हो ।
102 SLDC प्रभारों की बिलिंग
(1) SLDC , पिछले माह के अंतिम दिन के पश्चात सात दिन के भीतर प्रत्येक बिलिंग माह हेतु उसके द्वारा अनुश्रवित और सेवित किये जा रहे राज्यान्तर्गत पारेषण प्रणाली के उपयोगकर्ताओं को, आयोग द्वारा अनुमोदित वार्षिक प्रभारों के बाहर की दर पर आवश्यक मासिक बिल्स प्रस्तुत करेगा ।
परन्तु निर्धारित प्रभारों की बिलिंग एवं संकलन के उद्देश्य से MW का एक अंश भी एक पूर्ण MW माना जायेगा ।
(2) लाभार्थी, SLDC के देय राशि का भुगतान बिल प्राप्ति की तिथि से एक माह के भीतर करेंगे ।
(3) SLDC प्रभारों की बिलिंग को लेकर उठने वाले कोई विवाद यथासंभव परस्पर बातचीत से सुलझाये जायेंगे । यदि बिलों की प्राप्ति की तिथि से साठ (60) दिनों के भीतर परस्पर बातचीत द्वारा विवाद नहीं सुलझता है तो किसी भी पक्ष द्वारा याचिका के माध्यम से मामले को आयोग के समक्ष लाया जायेगा । आयोग का निर्णय दोनों पक्षों के लिये अंतिम और आबद्धकारी होगा ।
(4) . विवाद का निपटारा लंबित रहने तक बिल की 90 % राशि का भुगतान देय तिथि के भीतर प्रतिवाद के अधीन किया जायेगा ।
भाग x
विविध
103 बचतें
(1) न्याय का उद्देश्य पूरा करने की दृष्टि से आवश्यक ऐसे आदेश बनाने की आयोग की शक्ति को इन विनियमों में कहीं सीमित या अन्यथा प्रभावित करने वाला नहीं समझा जायेगा ।
(2) यदि आयोग किसी मामलें अथवा मामलों की श्रेणी की विशेष परिस्थितियों के दृष्टिगत ऐसे मामले या मामलों की श्रेणी का विनिश्चय करने के लिये न्याय संगत और समीचीन समझे तो अधिनियम के . किसी भी उपबंधों की संपुष्टि में ऐसी प्रक्रिया जो इन विनियमों के किसी उपबंध से भिन्न है, को अपनाने में , इन विनियमों में आयोग के लिये कुछ भी बाधक नहीं होगा ।
(3) जिसके लिए कोई विनियम नहीं बनाये गये हैं, ऐसे किसी मामले में या अधिनियम के अधीन किसी शक्ति का निर्वाह करने में कार्यवाही करने पर इन विनियमों में कुछ भी अभिव्यक्त या अन्तर्निहित रुप 1362
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
से आयोग के लिए बाधक नहीं होगा तथा ऐसे मामलों में आयोग जैसा उचित व सही समझे , उस प्रकार से इन मामलों, शक्तियों व कर्त्तव्यों का निर्वाह करेगा ।
104 कठिनाईयां दूर करने की शक्तियाँ
यदि इन विनियमों के किन्हीं उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है तो आयोग सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा ऐसे निर्देश दे सकता है जो कठिनाईयां दूर करने के लिये आवश्यक व समीचीन प्रतीत हों और अधिनियम से असंगत न हों ।
105 संशोधन की शक्ति
आयोग किसी भी समय इन विनियमों के किसी उपबंध में जोड़, परिवर्तन , बदलाव , आशोधन या संशोधन कर सकता है ।
आयोग के आदेश से
(नीरज सती) सचिव
उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग 1363 भाग 1 - क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
परिशिष्ट -1
परियोजनाओं को पूरा करने के लिये समय सीमा
(विनियम 26 (2) (i ) के प्रथम परन्तुक को संदर्भ लें)
(1) पूर्णता समय अनुसूची, लागू होने वाली पारेषण परियोजना के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि तक ब्लॉक या यूनिट्स या तत्व तकयथा स्थिति बोर्ड (उत्पादक कंपनी या पारेषण अनुज्ञापी का) के निवेश अनुमोदन या CEA की अनापत्ति द्वारा निवेश की तिथि से गिनी जायेगी ।
निम्नलिखित पैराग्राफ्स और सारिणियों में समय अनुसूची माह में इंगित की गई है : (2)
ताप ऊर्जा परियोजनाएं -कंबाईन्ड सायकल ऊर्जा संयंत्र
i)
गैस टरबाईन आकार 100 मेगावॉट तक (ISO रेटिंग)
a ) ग्रीन फील्ड परियोजनाओं के प्रथम ब्लॉक क लिये 26 माह । पश्चातवर्ती ब्लॉक प्रत्येक 02 माह के अंतराल पर ।
b ) विस्तार परियोजनाओं के प्रथम ब्लॉक के लिये 24 माह । पश्चातवर्ती यूनिट्स प्रत्येक 02 माह के अंतराल पर ।
गैस टरबाईन आकार 100 मेगावॉट से अधिक (ISO रेटिंग)
a ) ग्रीन फील्ड परियोजनाओं के प्रथम ब्लॉक के लिये 30 माह । पश्चातवर्ती ब्लॉक के लिये प्रत्येक 4 माह के अंतराल पर ।
b ) विस्तार परियोजनाओं के प्रथम ब्लॉक के लिये 28 माह । पश्चातवर्ती यूनिट्स प्रत्येक 4 माह के अंतराल पर ।
ii) जल विद्युत परियोजनाएं
जल विद्युत परियोजनाओं के लिये अर्ह समय अनुसूची, अधिनियम की धारा 8 के अधीन केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी मूल सहमति में उल्लिखित होगी ।
iii) पारेषण योजनाएं
क्रम.सं.
पारेषण कार्य
मैदानी क्षेत्र (माह ) पहाड़ी भू-भाग (माह)
हिमाच्छादित क्षेत्र / अत्यंत दुर्गम भू-भाग (माह)
a. 400 kV D/ C चतुष्क पारेषण लाईन 38 44 48 b. 400 kV D/ C तिहरी पारेषण लाईन 36 42 46 C. 400kV D/ C दोहरी पारेषण लाईन 34 40 44 d. 400kV S/ C दोहरी पारेषण लाईन 30 36 40 e. 220kV D / C दोहरी पारेषण लाईन 34 40 44 f. 220kV D/ C पारेषण लाईन 30 36 40 g. 220kV S/ C पारेषण लाईन 26 32 36 h. 132 kV पारेषण लाईन 22 28 32 i. नया 400 kV AC उप- स्टेशन 30 33 36 j. नया 220 kV AC उप- स्टेशन 24 27 30 k. नया 132 kV AC उप - स्टेशन 16 19 22
1364
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
नोट्स:
(i) ऊपर लिखित परियोजनाओं के प्रकार वाले संयोजन के मामले में अधिकतम अवधि वाली गतिविधि की अर्ह समय अनुसूची , योजना के लिये एक संपूर्ण रुप से विचारित की जायेगी ।
(ii) यदि पारेषण लाईन एक मैदानी क्षेत्र के साथ- साथ पहाड़ी भू- भाग / हिमाच्छादित क्षेत्र / अत्यन्त दुर्गम क्षेत्र में पड़ती है तो सम्मिश्र अर्ह समय अनुसूची का परिकलन प्रत्येक क्षेत्र में पड़ने वाली लाईन की लंबाई को आनुपातिक भारित प्रदान करते हुए किया जायेगा ।
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उत्तराखण्ड गजटं, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
परिशिष्ट -II : अवक्षय अनुसूची
(विनियम 28(4) का संदर्भ ले)
क्र.सं.
विवरण
A | पूर्ण स्वामिात्व के अधीन भूमि B पट्टे के अधीन भूमि ( a ) भूमि में निवेश के लिये (b ) स्थल की सफाई की लागत हेतु ( c ) जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के मामले में जलाशय हेतु भूमि C नई क्रय की गई आस्तियां ( a) उत्पादन स्टेशनों में P1 और मशीनरी (i) जल विद्युत ( ii ) ||
अवक्षय दर (निस्तारण मूल्य = 10 %)
1366 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
अवक्षय दर
क्र.सं. विवरण
(निस्तारण मूल्य = 10 %)
h बैटरीज 9.50%
(i) अंडरग्राउंड केबल सहित ज्वाइंट बॉक्सेस और असंयोजित बॉक्सेस 5.28%
(ii) केबल डक्ट प्रणाली 5.28%
i केबल सपोर्ट सहित ओवर हैड लाईन्स
SLM
( i) 66kV से अधिक टर्मिनल वोल्टेज पर प्रचालित फैबरिकेटेड स्टील सपोर्ट पर लाईनें 5.28%
0.00%
13.2 kV से अधिक किंतु अधिकतम 66kV तक की टर्मिनल वोल्टेज पर 5.28%
(ii) प्रचालित स्टील सपोर्ट पर लाईनें
3.34%
( iii ) पुनर्गठित कंक्रीट सपोर्ट पर स्टील पर लाईनें 5.28%
3.34%
(iv) उपचारित लकड़ी की सपोर्ट पर लाईनें 5.28%
3.34%
j मीटर्स 5.28%
k सेल्फ प्रोपेल्ड वाहन 9.50%
-5.28%
1 एयर कंडीशनिंग संयंत्र
स्टीम इलेक्ट्रिक नॉन हीट रिकवरी ब्वायलर ( NHRB ) एवं वेस्ट हीट रिकवरी 5.28%
(i) स्थिर 5.28%
(iii) डीजल इलेक्ट्रिक और गैस संयंत्र 5.28%
(ii) पोर्टेबल 9.50%
(b) कूलिंग टावर्स व सर्कुलेटिंग वाटर सिस्टम्स 5.28%
m(i) कार्यालय फर्नीचर और फर्निशिंग 6.33%
(ii) कार्यालय उपकरण 6.33%
( c ) हायड्रो का भाग संरचित करने वाले हाईड्रॉलिक कार्य
( iii) आंतरिक वायरिंग सहित फिटिंग्स और उपस्कर 6.33%
(i ) बांध , स्पिलवेज , वीयर्स , नहरें, पुर्नगठित कंक्रीट फ्लूम्स और साइफन्स 5.28%
(iv) स्ट्रीट लाईट फिटिंग 5.28%
पुर्नगठित कंक्रीट पाईपलाईन्स और सर्ज टैक्स , स्टील पाईप लाईन्स, स्लूस 5.28%
(ii) गेट्स, स्टील सर्ज टैक्स, हाईड्रॉलिक कन्ट्रोल वॉल्वस और हाईड्रॉलिक कार्य
n किराये पर दिये उपस्कर
(i) मोटर से अन्यथा 9.50%
(d) भवन और सिविल इन्जीनियरिंग कार्य-
(i) (ii) कार्यालय और शोरुम्स मोटर्स 6.33%
3.34%
(ii) | ताप विद्युत उत्पादन संयंत्र समाहित 3.34%
0 संचार उपकरण
(iii) जल विद्युत उत्पादन संयंत्र समाहित 3.34%
(i ) रेडियो और उच्च फ्रीक्वेंसी कैरियर प्रणाली 6.33%
( iv) अस्थायी संरचनायें जैसे लकड़ी से निर्मित संरचनाएं 100.00%
(v) ( ii) कच्चे मार्गों से अन्यथा मार्ग टेलीफोन लाईन्स और टेलीफोन 6.33%
3.34%
( iii) फाईबर ऑप्टिक 6.33%
(vi) अन्य 3.34%
(e) p ट्रांसफॉमर्स, किऑस्क, उप- स्टेशन उपकरण व अन्य स्थिर उपस्कर आई.टी. उपकरण सहित सॉफ्टवेयर 15.00%
q कोई अन्य आस्ति जो ऊपर सम्मिलित नहीं है 5.28%
( i ) ट्रांसफॉमर्स के साथ 100kVA और अधिक की रेटिंग वाले फाउंडेशन 5.28%
(ii) अन्य 5.28%
f स्विच गियर के साथ केबल कनेक्शन 5.28%
g लाईटिंग एरेस्टर
(i) स्टेशन प्रकार 5.28%
(ii) पोल प्रकार 5.28%
(iii) सिंक्रोनस कंडेंसर 5.28%
1367 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
परिशिष्ट III
विभिन्न जल उत्पादक स्टेशनों के मानकीय वार्षिक संयंत्र उपलब्धता कारक (NAPAF) के अवधारण
हेतु दिशा-निर्देश
(विनियम 47 (1 ) के द्वितीय परंतुक का संदर्भ लें)
विभिन्न जल विद्युत उत्पादक स्टेशनों का मानकीय वार्षिक संयंत्र उपलब्धता कारक (WAPAF) निम्नलिखित मानदंडो/दिशा-निर्देशों के आधार पर अवधारित किया जायेगा:
(i) पूर्ण जलाशय स्तर (FRL ) और 8 % तक के न्यूनतम ड्रॉ डाउन स्तर (MDDL ) के मध्य हैड वैरियेशन के साथ स्टोरेज और पाँडेज प्रकार के संयंत्रों में और जहां संयंत्र उपलब्धता तलछट से प्रभावित नहीं होती है : 90%
(ii) पूर्ण जलाशय स्तर और 8 % से अधिक के न्यूनतम ड्रॉ डाउन स्तर के मध्य हैड वैरियेशन के साथ स्टोरेज और पाँडेज प्रकार के संयंत्रों और जहां संयंत्र उपलब्धता तलछट से प्रभावित नहीं होती है, के मामले में DPR (CEA या राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित) में परियोजना प्राधिकारियों द्वारा प्रदान माहवार पीकिंग क्षमता, NAPAF तय करने के लिये आधार संरचित करेगी ।
इसे निम्नलिखित उदाहरण द्वारा स्पष्ट किया गया है,
संस्थापित क्षमता: 4x250 MW
माह
दैनिक 3 घंटे पीकिंग क्षमता की अपेक्षित औसत
701
अप्रैल
मई
448
133
जून
497
जुलाई
अगस्त
544
सितंबर
990
1000
अक्टूबर
नवंबर
1000
दिसंबर
1000
1000
जनवरी
फरवरी
1000
मार्च
693
अपेक्षित दैनिक पीकिंग क्षमता का भारित औसत = 790 MW
पीकिंग क्षमता इस धारणा पर आधारित है कि एक यूनिट् मई, जुलाई, फरवरी और मार्च के महीने में वार्षिक अनुरक्षण के अधीन रहेगी ।
1368
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वर्ष के दौरान जबरन आउटेज के कारण संयंत्र क्षमता पर 2 % छूट का विचार करते हुए , अपेक्षित औसत पीकिंग क्षमता = 770 MW
इस प्रकार , NAPAF = 770/ 1000 = 77 %
(iii) पाँडेज प्रकार के संयंत्र जहां संयंत्र उपलब्धता तलछट द्वारा पर्याप्त रुप से प्रभावित होती है वहां 5 % का मार्जिन अनुज्ञात किया गया है और NAPAF 85 % होगा ।
(iv) शुद्ध रुप से रन-ऑफ- रिवर प्रकार के संयंत्रों के मामले में, NAPAF , का निर्धारण परियोजना की DPR में अनुमोदित उसके 90 % आज्ञित 10- दैनिक इन्फ्लोज़ पैटर्न के आधार पर संयंत्रवार किया जायेगा ।
(v) विशेष परिस्थितियों, अर्थात् असामान्य तलछट समस्या या अन्य परिचालक स्थितियां और ज्ञात संयंत्र सीमाओं के अधीन NAPAF का अवधारण करते समय आयोग द्वारा और छूट दी जा सकती है ।
(vi ) जब FRL और MDDL के मध्य अंतर 5 % से अधिक हो, निम्नलिखित गुणक कारकों को लागू किया जाएगाः हैड वैरिएशन हेतु गुणक कारक =( MDDL / रेटेड हैड पर हैड ) x 0.51 + 0.52 1369 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
परिशिष्ट- IV
पारेषण प्रणाली उपलब्धता के परिकलन हेतु प्रक्रिया
(विनियम 61 (2) के नोट (b) का संदर्भ लें)
(1) पारेषण प्रणालियों की उपलब्धता का परिकलन करने के उद्देश्य से पारेषण तत्व को निम्नलिखित श्रेणियों में समूहबद्ध किया जायेगाः
i) AC पारेषण लाईनें : AC पारेषण लाईन का प्रत्येक सर्किट एक तत्व माना जायेगा ।
ii) अन्तः संयोजित ट्रांसफॉर्मर्स (ICTs ) : प्रत्येक ICT बैंक (तीन सिंगल फेज़ ट्रांसफार्मर एक साथ) एक तत्व संरचित करेंगे ।
स्टैटिक VAR कम्पन्सेटर (SVC) : SVC के साथ SVC ट्रांसफार्मर एक तत्व संरचित करेंगे । तथापि, इन्डक्टिव को 50 % और कैपेसिटिव रेटिंग को 50 % क्रेडिट दिया जायेगा ।
iv) स्विच्ड बस रिएक्टर: प्रत्येक स्विच्ड बस रिएक्टर को एक तत्व माना जायेगा ।
(2) पारेषण प्राणली की उपलब्धता का परिकलन निम्नलिखित रुप से किया जायेगाः
AC प्रणाली के लिये % प्रणाली उपलब्धता = 0xAVo + q × AVq + r × AVr + s × AVs -× 100 o+ q + r + s
जहां,
0 AC लाईनों की कुल संख्या है ।
AVo AC लाईनों की ० संख्या की उपलब्धता है ।
ICTs की कुल संख्या है ।
AVq ICTs की q संख्या की उपलब्धता है ।
r SVCs की कुल संख्या है ।
AVr SVCs की संख्या की उपलब्धता है ।
S स्विच्ड बस रिएक्टर्स की कुल संख्या है ।
AVs संख्या स्विच्ड बस रिएक्टर्स की संख्या की उपलब्धता है ।
(3) पारेषण तत्वों की प्रत्येक श्रेणी हेतु भारित कारक निम्नलिखित के अनुसार होगा:
a. AC लाईन के प्रत्येक सर्किट के लिये 1370
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
(i) अन्कॉम्पेन्सेटेड लाईन के लिये सर्ज इम्पीडेंस लोडिंग (SIL) का सर्किट किमी से गुणक
(ii) विभिन्न वोल्टेज स्तरों और कंडक्टर कन्फिगरेशन के लिये SIL रेटिंग नीचे दी गई है । तथापि, वोल्टेज स्तर और / या कंडक्टर कन्फिगरेशन जो यहां सूचीबद्ध नहीं हैं , के लिये तकनीकी प्रतिफलों पर आधारित उपयुक्त SIL का उपयोग लाभार्थी को सूचना के अधीन उपलब्धता परिकलन के लिये किया जा सकेगा ।
AC लाईन्स की सर्ज इम्पीडांस लोडिंग
क्र.सं. लाईन वोल्टेज ( kV ) कंडक्टर कन्फिगरेशन|
1
765 SIL ( MW )
2250
चतुष्क बर्सिमिस
2
400 691
चतुष्क बर्सिमिस
3
400
दोहरी मूज
4
400 515
दोहरी AAAC
5
400 425
647
चतुष्कजेब्रा
6
400 646
चतुष्क AAAC
7
400
तिहरी स्नोबर्ड
8
400 605
556
AAKC (500/26)
9
400
दोहरी ACAR
10
220 557
दोहरी जेब्रा
11
220 175
सिंगल जेब्रा
12
132 132
सिंगल पैंथर
13
66 50
सिंगल डॉग 10
b. प्रत्येक ICT बैंक के लिये रेटेड MVA क्षमता ।
C. SVC के लिये- रेटेड MVAR क्षमता (इन्डक्टिव और कैपेसिटिव) ।
d. स्विच्ड बस रिएक्टर के लिये रेटेड MVAR क्षमता ।
(4) पारेषण तत्वों की प्रत्येक श्रेणी के लिये उपलब्धता का परिकलन भारित कारक, विचाराधीन कुल घंटे और उस श्रेणी के प्रत्येक तत्व हेतु अनुपलब्ध घंटों के आधार पर किया जायेगा । पारेषण तत्वों की प्रत्येक श्रेणी की उपलब्धता के परिकलन हेतु फार्मूला निम्नलिखित है :
Wi (Ti - TNAI ) AVO (AC लाईनों की ० संख्या की उपलब्धता)- = Ti M Wi 1-1
Wk (Tk -TNAK) AVq ( ICTs की q संख्या की उपलब्धता) - M M Tk Wk 1371 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
0.5 × W1 (T1 - T²) + 0.5 × Wcl (Tcl - Tacl) + AVr (SVCs की r संख्या की उपलब्धता)- = . 1=1 T₁l 1=1 Tel 20.5 × W1 + 0.5 × W1 1=1 1=1 Wm(Tm - TNAM) AVs ( स्विच्ड बस रिएक्टर्स की संख्या की उपलब्धता) = Tm m=1 wm
जहां
Wi iवीं पारेषण लाईन के लिये भारित कारक
Wk = k वीं ICT के लिये भारित कारक
WI1 & WC1 = 1वें SVC के इंडक्टिव और कैपेसिटिव प्रचालन के लिये भारित कारक
Wm = m वें बस रिएक्टर के लिये भारित कारक
Ti , Tk , TI1 , TC1 , Tm व Tn = विचाराधीन अवधि के दौरान (नीचे पैरा 6 में प्रक्रिया में दिये गये कारणों से पारेषण अनुज्ञापी पर आरोपित न होने वाली आउटेजेज की समयावधि को छोड़कर ) i वीं AC लाईन, kवीं ICT, 1 वें SVC (इन्डक्टिव प्रचालन) , I वीं SVC (कैप्टिव प्रचालन) और mवें स्विच्ड बस रिएक्टर लिए कुल घंटे के, TNAi , TNAK , TNAII , TNACI , TNAM, TNAn- i वीं AC लाईन , kवीं ICT , 1 वीं SVC (इन्डक्टिव प्रचालन) , 1वीं SVC (कैपसिटिव प्रचालन) व mवें स्विचड बस रिएक्टर के लिये अनुपलब्ध घंटे (पारेषण अनुज्ञापी पर आरोपित नहीं की गई आउटेजेज के लिये समयावधि, जिसे नीचे पैरा 5 में दी गई प्रक्रिया के अनुसार मानी गई, उपलब्धता के रुप में लिया गया है, को छोड़कर) ।
(5) पारेषण अनुज्ञापी पर आरोपित न किये जाने वाले निम्नलिखित कारणों से आउटेज के अधीन पारेषण तत्वों को उपलब्ध है, माना जायेगा :
a. अपनी पारेषण प्रणाली के अनुरक्षण या निर्माण के लिये अन्य एजेन्सी / एजेन्सीज द्वारा उपयोग लाई गई पारेषण अनुज्ञापी के पारेषण तत्वों की बंदी ।
b. SLDC/ RLDC के निर्देशों के आदेशों के अनुसार ओवर वोल्टेज के कारण पारेषण अनुज्ञापी की मैनुअल ट्रिपिंग ओर स्विच्ड बस रिएक्टर की मैनुअल ट्रिपिंग ।
(6) निम्नलिखित आकस्मिकताओं के लिये पारेषण अनुज्ञापी के पारेषण तत्वों के आउटेज समय को विचाराधीन अवधि के तत्व के कुल समय में सम्मिलित नहीं किया जायेगा:
a. पारेषण अनुज्ञापी के नियंत्रण से बाहर की अपरिहार्य घटनाओं और प्राकृतिक आपदा के कारण तत्वों की आउटेज । तथापि SLDC को यह संतुष्टि प्रदान कराने की जिम्मेदारी पारेषण 1372
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
अनुज्ञापी की होगी कि तत्व आउटेज उपरोक्त घटनाओं के कारण थी न कि डिजायन विफलता के कारण । तत्व की बहाली के लिये SLDC द्वारा युक्तियुक्त समय अनुज्ञात किया जायेगा और पारेषण अनुज्ञापी द्वारा इस युक्तियुक्त समय से अधिक का समय तत्व की बहाली हेतु उस अतिरिक्त समय को पारेषण अनुज्ञापी के कारण हुई आउटेज के समय के रुप में लिया जायेगा । SLDC, बहाली के समय का अनुमान लगाने के लिये पारेषण अनुज्ञापी या कियी विशेषज्ञ से परामर्श कर सकता है । ERS (आपातकालीन बहाली प्रणाली) के माध्यम से बहाल किये गये सर्किट्स को उपलब्ध हैं, समझा जायेगा ।
b. जो पारेषण अनुज्ञापी पर आरोपित न हों ऐसी ग्रिड घटना/ व्यवधान के कारण आउटेज, उदाहरण के लिये , अन्य एजेन्सियों के स्वामित्व वाले उप - स्टेशन या बेज में त्रुटि के कारण पारेषण अनुज्ञापी के तत्वों की आउटेज , ग्रिड में व्यवधान के कारण लाईनों , ICTS , HVDC बैक- टु- बैक स्टेशन्स इत्यादि की ट्रिपिंग । तथापि, यदि युक्तियुक्त समय के भीतर , ग्रिड घटना / व्यवधान के पश्चात प्रणाली को सामान्य स्थिति में लाते समय SLDC/ RLDC से निर्देश प्राप्ति पर तत्व बहाल नहीं होता है तो तत्व को आउटेज की संपूर्ण अवधि हेतु उपलब्ध नहीं माना जायेगा और आउटेज समय पारेषण अनुज्ञापी पर आरोपित होगा ।
(7) यदि किसी तत्व की आउटेज के कारण केन्द्र / राज्य क्षेत्र के स्टेशन (स) में उत्पादन में हानि होती है, तो उस तत्व के लिये आउटेज अवधि, उस / दिन(दिनों) , जिनमें यह हानि हुई है , के लिये वास्तविक आउटेज अवधि से दो गुनी समझी जायेगा ।
(8) यदि किसी तत्वों की आउटेज के कारण वितरण अनुज्ञापी के आपूर्ति क्षेत्र में पावर कर होता है तो उस एलीमेन्ट के लिये आउटेज अवधि उस/ दिन (दिनों) जिनमें यह पावर कट हुआ है, के लिये वास्तविक आउटेज अवधि से दो गुनी समझी जायेगा ।
(9) आयोग से निवेश योजना का अनुमोदन कराते समय दी गई अनुसूचित तिथि से आगे किसी पारेषण तत्व की कमीशनिंग में देरी होने पर पारेषण तत्व को उस तिथि से कमीशन्ड हुआ समझा जायेगा और पारेषण प्रणाली की पूर्ण उपलब्धता का परिकलन करने के प्रयोजन हेतु जबरन आउटेज के कारण अनुपलब्ध समझााजायेगा ।
परन्तु अपवादी अपरिहार्य मामलों में जहां अनुज्ञापी आयोग को उसकी संतुष्टिकारक ऐसे साक्ष्य / कारण प्रस्तुत करता है कि विलंब उसके नियंत्रण से बाहर के कारणों से हुआ है, वहां आयोग द्वारा विलंब को उस परिधि तक माफ किया जा सकेगा जिस परिधि तक आयोग उचित समझे ।
1373 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
परिशिष्ट-V
(गैस आधारित उत्पादक स्टेशनों के लिये)
[विनियम 3 (20 ) (b ) (v ) का संदर्भ लें]
प्रमाणित किया जाता है कि (स्टेशन का नाम) ने उविनिआ ( बहुवर्षीय शुल्क के अवधारण हेतु निबंधन और शर्ते) अधिनियम, 2021 के विनियम 3 (20) के अनुसार नीचे निर्धारित मुख्य उपबंधों को पूरा कर लिया है ।
(1) विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA तकनीकी मानक, विनियम, 2010 के विनियम 3 (8 ) में निर्धारित सभी दस्तावेज स्थल पर प्रतिधारित किये हुए हैं और स्थल पर उपलब्ध हैं ।
(2) विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA तकनीकी मानक विनियम , 2010 के विनियम 5 के अनुसार सभी आवश्यकताओं का अनुपालन कर लिया गया है ।
(3) यूनिट प्रचालन क्षमता विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA मानक विनियम , 2010 के विनियम 14 (2) , 14(3), 14(4), 14(5) और 14(7) की संपुष्टि में होगी ।
(4) विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA तकनीकी मानक विनियम , 2010 के विनियम 17 और विनियम 9 (2) , 9 (4) , 9 (9) , 9 (15) , 9(16) , 9(18) के अनुसार स्टीम टर्बाईन हेतु सभी आवश्यकताओं का अनुपालन कर लिया गया है
नाम:
(CMD/CEO/MD) 1374
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
जल-विद्युत आधारित उत्पादक स्टेशनों के लिये
(विनियम 3 (20 ) ( b) (v) का संदर्भ लें)
प्रमाणित किया जाता है कि (स्टेशन का नाम) ने उविनिआ (शुल्क के अवधारण हेतु निबंधक और शर्ते) अधिनियम, 2021 के विनियम 3 (20 ) के अनुसार नीचे निर्धारित सभी मुख्य उपबंधों को पूरा कर लिया है ।
(1) विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA तकनीकी मानक विनियम , 2010 के विनियम 3 (8 ) में निर्धारित सभी दस्तावेज स्थल पर प्रतिधारित किये हए हैं और स्थल पर उपलब्ध हैं ।
(2) विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA तकनीकी मानक विनियम, 2010 के विनियम 30(1 ), 30(2) और 30(5) के अनुसार सभी आवश्यकताओं का अनुपालन कर लिया गया है ।
(3) यूनिट प्रचालन क्षमता, विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA तकनीकी मानक विनियम 2010 के विनियम 32(1 ), 32(3 ), 32(4), 32(6) और 32(8) की संतुष्टि में होगी ।
(4) हायड्रॉलिक टर्बाईन हेतु विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाईनों के निर्माण हेतु CEA तकनीकी मानक विनियम 2010 के विनियम 33 (6) , 33 (7) एवं 33 (8 ) के अनुसार सभी आवश्यकताओं का अनुपालन कर लिया गया है ।
नाम:
(CMD/CEO/MD)
आयोग के आदेश से
(नीरज सती)
सचिव
उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग 1375 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 - क]
संलग्नक-I
वितरण के लिए प्रारूप
Hydro के लिए प्रारूप
थर्मल/ गैस के लिए प्रारूप
ट्रांसमिशन के लिए प्रारूप
SLDC के लिए प्रारूप
1376 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
संलग्नक- I
वितरण के लिए प्रारूप
प्रारूपों की सूची
क०सं० प्रपत्र संख्या विवरण
1 प्रारूप एफ-1 वार्षिक राजत्त्व आवश्यकता का सार
2 प्रारूप एफ-2.1 ग्राहक विकय पूर्वानुमान
3 प्रारूप एफ -2.2 उपभोक्ता पूर्वानुमानों की संख्या
4 प्रारूप एफ-2.3 भार पूर्वानुमान
5 प्रारूप एफ-2.4 वितरण हानियां
6 प्रारूप एफ -2.5 ऊर्जा वितरण
7 प्रारूप एफ-2.6 ऊर्जा की उपलब्धता
8 प्रारूप एफ -2.7 केन्द्रीय उत्पादक स्टेशनों से ओवर ड्रॉउल / अंडर ड्रॉउल के लिए देय / प्राप्त यूआई प्रभार व अतिरिक्त यूआई प्रभार का विवरण
9 प्रारूप एफ-2.8 ऊर्जा शेष
10 प्रारूप एफ-2.9 ऊर्जा कय व्यय
11 प्रारूप एफ-3 पारेषण व भार प्रेषण प्रभारों का विवरण
12 प्रारूप एफ-4 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
13 प्रारूप एफ-4.1 कर्मचारी व्यय
14 प्रारूप एफ -4.2 मरम्मत एवं रख- रखाव व्यय
15 प्रारूप एफ-4.3 प्रशासकीय एवं सामान्य व्यय
16 प्रारूप एफ-5.1 कुल स्थिर आस्ति आधार तथा वित्त पोषण योजना का पत्रक
17 प्रारूप एफ -5.2 आस्तिकर अवक्षय का पत्रक
18 प्रारूप एफ-5.3 अवक्षय का पत्रक
19 प्रारूप एफ-5.4 पूंजीगत आस्तियों की लागत के लिए अंशदान , अनुदान एंव सहायिकी
20 प्रारूप एफ-6.1 पूंजीगत व्यय का पत्रक
21 प्रारूप एफ-6.2 प्रगतिरत पूंजीगत कार्यों का पत्रक
22 प्रारूप एफ-6.3 पूंजी लागत व वित्त पोषण सरंचना का विवरण
23 प्रारूप एफ-6.4 प्रगतिरत पूंजी गत कार्य का पत्रक
24 प्रारूप एफ-6.5 निर्माण/आपूर्ति/सेवा पैकेजों का ब्यौरा
25 प्रारूप एफ-6.6 वितरण के लिए परियोजना आस्ति / तत्व लागत/ के तत्व घटक- बार ब्यौरे
26 प्रारूप एफ-6.7 वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात अतिरिक्त पूंजीकरण का पत्रक
27 प्रारूप एफ-6.8 अतिरिक्त पूंजीकरण का वित्तपोषण
28 प्रारूप एफ-6.9 निमार्ण के दौरान प्रासंगिक व्यय
29 प्रारूप एफ-6.10 पूंजीकरण निरसन का पत्रक
30 प्रारूप एफ-7.1 वित्तीय पैकेजेज का विवरण
31 प्रारूप एफ-7.2 आईडीत्ती व वित्त पोषण प्रभारों के परिकलन हेतु ड्रॉ डाउन अनुसूची
32 प्रारूप एफ-7.3 बकाया ऋणों का पत्रक
33 प्रारूप एफ-7.4 वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भारित औसत व्याज दर का परिकलन
34 प्रारूप एफ -7.5 मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
35 प्रारूप एफ-8 कार्यशील पूंजी पर ब्याज का विवरण
36 प्रारूप एफ-9 अशोध्य ऋणों के लिए प्रावधान
37 प्रारूप एप्फ-9.ए पूंजीगत व्यय का योजनाबद्ध विवरण
38 प्रारूप एफ-10 इक्विटीपर रिटर्न
39 प्रारूप एफ-10.1 अतिरिक्त आर.ओ.ई का विवरण
40 प्रारूप एफ-11 गैर शुल्क आय का विवरण
41 प्रारूप एफ-12 व्हीलिंग प्रभारों से आय
42 प्रारूप एफ-13 वर्तमान शुल्कों पर ऊर्जा के विकय से राजस्व
43 प्रारूप एफ-14 आगामी वर्ष के लिए प्रस्तावित शुल्क से राजस्व
44 प्रारूप एफ-15 संग्रहण दक्षता
45 प्रारूप एफ-16 सहीकरण का सार
46 प्रारूप एफ -17.1 प्रणाली औसत व्यवधान आवृत्ति सूचकांक ( एसएआईएफआई)
47 प्रारूप एफ -17.2 प्रणाली औसत व्यवधान अवधि सूचकांक (एसएआईडीआई)
48 प्रारूप एफ -17.3 क्षणिक औसत व्यवधान आवृत्ति सूचकांक ( एमएआईएफआई)
49 प्रारूप एफ-18.1 शंट कैपेसिटर परिवर्धन/ मरम्मत कार्यकम
50 प्रारूप एफ-18.2 विद्युत दुर्घटनाएं
51 प्रारूप एफ-18.3 पोषक ट्रिपिंग के कारण आउटेज का सार
52 प्रारूप एफ-18.4 वर्ष की अवधि में की गई श्रेणीवार लोड शैडिंग
53 प्रारूप एफ -18.5 अति भारित पोषक
54 प्रारूप एफ-18.6 परिवर्तकों की विफलता
55 प्रारूप एफ -18.7 अति भारित वितरण प्रवर्तक (डीटीआर्स )
56 प्रारूप एफ-18.8 प्राप्यों की आयुकारक अनुसूची
57 प्रारूप एफ-18.9 मीटरिंग की प्रास्थिति
58 प्रारूप एफ-18.10 ग्राहक बिलों का जारी करना
59 प्रारूप एफ-18.11 लंबित सेवा संयोजन आवेदनों की संख्या
60 प्रारूप एफ-18.12 एचटी कार्यों का कार्यकारी सारांश
भाग 1 -क]
1377 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रारूप एफ-1
वार्षिक राजस्व आवश्यकता का सार
(आकड़े ए० करोड़ मे
पूर्ववर्ष (एन-1)
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (एन+1)
गद
गागामी वर्ष आगामी वर्ष (एन+3)
(एन+2)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
प्रक्षेपित
प्रवेपिव प्रक्षेपिव
अगटूबर -मार्च (मांकलित)
अप्रैल-सितम्बर (वास्तविक)
ठुल (प्रैल-माध)
व्यय
1 ऊर्जा क्रय याय
2
पारेषण प्रभार
एनएलडीसी / आरएलडीसी / एसएलडीसी प्रभार
4 ओ एण्ड एम ाय
4.1 कर्मचारी व्य्यय
प्रशासनिक व सामान्य याय
42
मरम्मत एवं रख- रखाव व्यय
5 म्याज प्रभार
पट्टा प्रभार
7 अवक्षय
कार्यशील पूंजी पर व्याज
सकल व्यय
पटाकर व्यय पूंजीकरण
पूंजीगत व्याज
कुल व्यय पूंजीकरण
अन्य व्यय / प्रभाजन
अशोध्य व संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान
इनिवटी पर रिटर्न
शुद्ध व्यय
घटाकर : गैर शुल्क आय
घटाकर हीलिंग प्रभार से आय
घटाकर: अन्य व्यवसायों से आय (विद्युत अधिनियम 2003
की धारा 51 )
घटाकर: प्रति सहायिकी अधिभार से प्राप्ति
5 घटाकर हीलिंग के प्रभार पर अतिरिक्त अधिभार से प्राप्ति
घटाकर:विद्युत अधिनियम, 2003 की पारा 65 से अधीन सहायिकी से अन्यथा राज्य सरकार से प्राप्त कोई राजस्व व
सहायिकी अनुवाद
शुद्ध वार्षिक राजस्व नावश्यकता
नोट:
एन =वित्तीय वर्ष 2024-25
याचिकाकर्ता 1378
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
आपूर्ति अनुयत क्षेत्र
2.1
সপ্ন ধর্ম (ফুল-1)
पूर्वविक्रय बैंकले
-
पर्तनान पर्व (एन) 1379 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
धागाची पर्व (एल+1 )
-एल
पानी पर्व ( ए + )
20-1 1380
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
Format forDistribution वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 2.2
उपभोक्ता पूर्वानुमान की संख्या
गत वर्ष (एन-1)
पूर्वभार याटा
प्रपनोयण श्रेणी म
पपभोच्छा देगी ब
बन गई णून पुलाई नगर सितम्बर स्टूबर यावर दिसत्वरं पनवरी फरवरी मार्च
उपभोग स्लैब
रहसेब-1
रीब-2
श्रेणी- एन
श्रेणी - एन
एसटी
रसेब-1
रलेब-2
श्रेणी-एन
(वनुज्ञापियों से अपेशा है कि ये उनके प्यार में लागू प्राणियों का विवरण प्रदान करें 1381 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
Format for Distribution पर्तमाग वर्ष (पुन)
उपगोण्या श्रेणी व
यौन गई णून पुलाई बगस्त सितम्बर
!
श्रेणी- एन
एसटी
येगी-1
स्लेब-1
स्लेय-2
श्रेणी-एन
पूगवाईटी नियन्त्रण अवधि
(एन+न) की
(एन +1) थी
( + ) যা
उपभोग स्लैब
एचटी
नी-एन
एसटी
स्लेब-1
ग्लेब-2
श्रेणी -एन 1382
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
fleen spot of ex
प्रपत्र पृद्ध 23
भार पूर्णनमान
(आकड़े ए० करोड़ में)
of liter
and do route the
enter 24 only sor
MW/MVA 1383 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
enter deeply the
e ( ) 1384
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
sept on sugar in
प्रपत्र एफ 2.4
वितरण हानियों
(आंकड़े रू० करोड़ में)
( 1)
()
Formy Sood st she wo mut
rder on (10
()
ちゃ
pour
धोटेच पल
and
م حريم كريم احد المعمري you used food
( 1)
pay tood ut
चाटेच पर
other soul
पुम प्रतिद्ध ( कर्चा
पुत्र धनिर्च you find and om भाग 1 -क]
1385 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
( )
()
( )
()
मिन्न मेटार्स चो
धोन्टेप पर
ग्रुब निर्णय
Tor wed for
كم مردم
ঘুর মনিটি পুর চালি
gourd The Effed fond not toin nળ
enamed 1386
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
Format for Distribution
वितरण अनुगची का नाখ आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 2.5
ऊर्जा वितरण
गत वर्ष ( হল )
(आकड़े रू० करोड़ में)
संस्थापित
स्टेशन से प्राथ
ऊर्जा था घोष (एटेशन पार
युटिलिटी बंश (मगावॉट)
एटेशन से प्रेरिय ऊर्जा(नगारॉट)
राज्य पराना क्षेत्र में प्राप्त मुनिद्य ( न
(%)
चाणक्षेत्र धनियाँ (%)
2
पर्तमान वर्ष (एन)
संस्थारित
वर्षों का घोष ( एटेशन चार
युटिलिटी अंश (% )
टिप्पणी
दर्जा (मेगावॉट)
एटेशन से प्रेरित कर्जा (गाय )
प्रधान्द्र क्षेत्र में प्राप्त यूनिट्स ( यू)
(%) 1387
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
Formatfor Distribution
नागामी वर्ष (पुल +1 )
पचाग्द्र क्षेत्र में प्राप्य
टिपणी
तथा चोच (स्टेशन पा
चुरिनिटी बंध (%) यूटिलिटी मेरा
(नेगावॉट)
(%)
(नगाॉट)
बागामी वर्ष (रण+०)
પળજ વેશે મેં જ
फर्जा का घोष (स्टेशन पाएं
(मगावॉट
(%)
पुटिलिटी बंड (%)
बापानी मर्च ( एल ०)
उपान्त क्षेत्र में प्राप्त
धर्म था घोष (स्टेशन मा
पुधिसिटी बंस (%) निगाॉट)
स्टेशन से प्रपनथ चर्चा (नगाधीट)
बाइय झनियाँ (%)
स्टेशन से प्रेरित अर्जा (नगाॉट) 1388
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नान आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 2.6
ऊर्जा की उपलब्धता
(एमयू में) * वर्तमान वर्ष (एन)
कुल उपतव्यधा
स्रोत एन
स्रोत 2
माड
अप्रैल
मई
जून
जुलाई
अगस्त
सितम्बर
अक्टूबर
नवम्बर
दिसम्बर
जनवरी
फरवरी
मार्च
कुल
आगामी वर्ष (एन+1 )
(एमयू में)
कुल उपलंथता
स्रोत पुन
स्रोत 3
स्रोत
स्रोत 2
नोव 1
अप्रैल
नई
जून
जुलाई
अगस्त
सितम्बर
अक्टूबर
नवम्बर
दिसम्बर
जनवरी
फरवरी
मार्च
कुल 1389 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
आगामी वर्ष (एन+2)
(एमयू गे)
स्रोत
स्रोत एन कुल उपलभ्यता
स्रोत 3
स्रोत 1
स्रोत 2
माइ
अप्रैल
मई
जून
जुलाई
अगस्त
सितम्बर
अक्टूबर
नवम्बर
दिसम्बर
जनवरी
फरवरी
मार्च
कुल
आगामी वर्ष (एन+3)
(एमयूमें)
चोव
सोत एन कुल उपलथता
स्रोत 2
योत 3
योत 1
माड
अप्रैल
जून
जुलाई
अगस्त
सितम्बर
अक्टूबर
नवम्बर
दिसम्बर
जनवरी
फरवरी
नार्च
कुल युटिलिटी प्रत्येक स्रोत के संबन्ध में वर्तमान वर्ष य आगामी वर्ष की आकलित अवधि के प्रत्येक माह हेतु उपरोक्त प्रारूप में डाटा उपलब्ध करेगी ।
उपरोक्त प्रारूप में एक स्टेशन की संविदाकृत कोई पीकिंग क्षमता, प्रारूप में व आधार नोट में फूटनोट्स के द्वारा विशिष्ट रूप से चिन्हित की जायें।
निम्नलिखित सहित प्रत्येक प्रविष्टि के लिए समर्थित दस्तावेज संलग्न करें ।
प्रत्येक ऊर्जा कय तथा/ या पारेषण/ व्हीलिंग प्रभार करार ।की एक कॉपी
मिलिंग, विवाद, यदि कोई हो, के वितरण के साथ, ऊर्जा आपूर्ति करने की सभी कम्पनियों / राज्य विद्युत बोडों के लिए पिछले बारह माह हेतु ऊर्जा तथा/ या पारेषण/ व्हीलिंग प्रभारों के बिलों की प्रतियां ।
अवधारणाएं, यदि कोई है. याचिका याद में आधार नोट में स्पष्ट रूप से इगित की जानी चाहिए ।
याचिकाकर्ता
1 1390
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
Format forDistribution
वितरण अनुद्रापी का সাম आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 2.7
केन्द्रीय उत्पादक स्टेशनों से ओवर ड्राउल / अंडर ड्राचल हेतु देय / प्राप्य यू० आई० प्रभार व अतिरिक्त यू० आई० प्रभार का विवरण
(आकड़े रू० करोड़ में)
गत वर्ष(एन-1)
यंदर प्राचल्त
धोषर गाउला की अवधि
शुद्ध प्राप्य/ देव
कुल प्राप्य कुल यूआई प्रभार
यूआई प्रभार देव
49.50-50.20
4950 से नीचे एवं 49.20 एक
42:20 से नीचे
(रु० करोड)
(स० करोड)
(१० करोड़)
(१० करोड)
मूआई प्रभार
एमयू
यूआई प्रभार
यूआई प्रभार एमयू
अतिरिका यूआई प्रभार
प्रभार
वर्ष के लिए योग
वर्तमान वर्ष (एन )
संदर ड्रावन्य
बोदर ड्रावना की यावि
शुद्ध प्राण / देव
गुत प्राप्य फुल यूआई० प्रभार
49.50-50.20
49.20 से नीचे
(रु नरोउ)
अतिरिका यूआई
(० करोड)
यूभाई प्रभार (ए० करोड) (स० करोड)
यूआई प्रभार एनयू
दूआई प्रभार
यूआई प्रभार
एनपू
अतिरिक्त यूलाई प्रभार
प्रत्येक प्रविष्टि हेतु समर्थित दस्तावेज संलग्न करें।
अध्धारगर यदि कोई है, उपयुक्त स्थानों पर स्पष्ट रूप से इनित की जाए।
याचिकाकर्ता 1391 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
and an spots dr प्रपत्र पूफ 20 ऊर्जा शेष पूर्व ( 1)
Om mi am puts you its of oil Id
ent and to voose you tod
ut Gor શૂષ્ટ Rિo ષ
()
(%)
oom wor or if rod Game 1392
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
aam ni e Grea for to al વિષ્ટ આ
પર છે Gor પૂછ Kor भाग 1 -क]
1393 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
(৮৯)
રરિત પરિશ ગાય ( uter your tir at Raષ્ટિ આ
ovow of or seat from
Kal
For box Tu ROR
विपत्नानि (%)
overloo titor and ( % )
Dor vote drifted mommer
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sets soul of infer arm/ ain svie earl
Sameere, afe alf of at ease a sour to o o on if shrut coll refere
यापिकाऊर्जा
تر 1394
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
Format for Distribution
वितरण अनुज्ञापी का गाम आपूर्ति का अनुशापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 2.9
ऊर्जा कय व्यय पूर्ववर्ष( एन-1 )
ऊर्जा वा चोव (स्टेशन यार)
प्राय ऊर्जा की यूत नागव ( ७० करोद)
कुल वार्षिक रिथर प्रभार (रुपय करोड़)
कोई धन्य प्रभार (प्रभार का प्रकार विनिर्दिष्ट करें)
युत परिवर्ती प्रभार ( १०० करोड़)
युटिलिटी द्वारा शंदाय/देव धमधा प्रभार (रुपये करोड़ )
ईपन मूख्य समायोजन परिवर्षी लागत (०/केवलूएच)
राण्यडपान्य क्षेत्र में प्राप्त ऊर्जा की बीरात लागव (ए०/वेवम्सूरय)
विवरण उपान्त क्षेत्र में प्राप्त ऊर्जा की बौराव नागत (७० /केडम्लूएच)
स्टेशन / चात 1
स्टेशन /चात 2
स्टेशन /चोत एन
युन
वर्तमान वर्ष (एन) "
ऊर्जा का चोव (स्टेशन वार)
प्राप्य ऊर्जा की कल नागव ( व० करोर)
मूल परिवर्ती प्रणार ( ० करोड़)
कोई बन्य प्रभार (प्रभार या प्रकार विनिर्दिष्ट करें)
प्राप्य ऊर्जा की बीसव जागव (९०/केडब्लूएच)
इंपन मूल्य समायोजन सहित प्रति यूनिट परिवर्ती लागव (क/ डब्लूएच)
कुल वार्षिक रियर प्रभार (रूपम करोड़)
युटिलिटी द्वारा पांदाय/देय প্রगवा प्रभार (रुपये करोड़ )
स्टेशन /ग्रोत 1
स्टेशन / स्रोत 2
प्रथम के लिए वास्तविक वर्तमान वर्ष के द्वितीय वर्ष के लिए आकालेत पृथक रूप से प्रदान करें ।
भाग 1 -क]
1395
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
Format forDistribution
सागामी वर्ष (एन+1)
ऊिर्जा का चोष (स्टेशन पार)
प्राप्य ऊर्जा की कुत लागत ( फ० करोड़)
कुल वार्षिक रियर प्रभार रुपय करोड़)
कुल परिवधी प्रमार( ए० ਕਦੇਰ )
कोई धन्य प्रभार
(प्रभार का प्रकार
विनिर्दिष्ट करे)
प्राप्य ऊर्जा थी धीराव लागव (৩০/ উত্তমুখে)
झ्यन मूल्य समायोजन सहित प्रधि यूनिट परिवर्ती नागप (७०/वेडब्लूएष)
युटिलिटी द्वारा संवाय/देव श्रमवा प्रभार (रुपये करोड़)
स्टेशन /योत 1
स्टेशन ग्रोत 2
बागामी वर्ष (एन-12)
उर्जा का ग्रोव (स्टेशन वार)
प्राप्य ऊर्जा की सुन नागत ( च० करोड़)
कुल वार्षिक स्पिर प्रमार (रुपय करोड़)
कुल परिवर्ती प्रभार ( ० करोड़ )
कोई जन्य प्रमार (प्रमाद का प्रकार विनिर्दिष्ट करें)
प्राप्य ऊर्जा की वीराय नागव (रु०/केडस्लूएच)
इंथन मूल्य समायोजन सदिय प्रधि यूनिट परिवर्ती नागव ( ७०/ केवम्लूएच)
युटिलिटी द्वारा पशंदाय/देव क्षमता प्रभार (ऊपये करोड़ )
स्टेशन /चोत 1
स्टेशन /स्रोत 2
यागागी यर्भ ( एन+3)
प्राप्य ऊर्जा को दून लागत ( ए० करोड़)
कुल धार्मिक रियर प्रगार (रुपय करोड़)
गुल परियठी प्रभार ( एय करोग)
उर्जा का स्रोत (स्टेशन पार)
प्राप्य ऊर्जा की बौराव भागव (४० /फेडग्लूएच)
कोई अन्य प्रभार (प्रभार का प्रकार विनिर्दिष्ट करें)
युटिलिटी द्वारा शंदाय/ देव धगवा प्रभार (वपये करोड़ )
ईयन मूल्य समायोजन परादिष प्रति यूनिट परिवर्ती जागत ( / डब्लूएच)
स्टेशन / यांत
स्टेशन /खोत 2
याचिकाकर्ता 1396
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
Format forDistribution
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 3
पारेषण व भार प्रेषण प्रभारों का विवरण
(आंकड़े रु० करोड़ में )
पूर्व वर्ष(एन -1 )
पर्तनान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (एन +1) आगानी वर्ष(एन+2) आगामी वर्ष (रन+3) गद
टिप्पणी (वास्तविक/संपरीक्षित)
प्रक्षेपित
योग(अप्रैल-माध)
प्रोपित
अप्रैल-सितम्बर (वास्तविक)
गक्टूबर-गार्च (गांकलिए)
पीजीसीआईएल पारेषण प्रभार
2पिटकुल पारेषण प्रभार
3 एसएलडीची प्रभार
4 एनआरएलडीसी प्रभार
राजस्व को शुद्ध प्रगारित
याचिकाकर्ता 1397 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
Format for Distribution
प्रपत्र एफ 4
प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
( 4)
पूर्व (-)
पूर्व বর্ষ (সে -২ )
पूर्व पर्व(एक-3)
पूर्व ( -2 )
(+2)
ए 21
1
माचिकाकर्ता 1398
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
प्रपत्र एक 4.1 कर्मचारी व्यव
note tre/ries ryot
Sation sites fire in set que 1399 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
Format forDistribution
Born angurt an a an en supplton dev
प्रपत्र एक 4.2
मरम्मत एवं श्व-रवार व्यव
12 ( 31)
of profe 1400
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
प्रपत्रएप43
12 1401 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
FormatforDistribution
नितरण अनुप्रापी का गाय
आपूर्ति का अनुभाषित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 5.1
सकलस्थिर गास्ति आवार व वित्त पोषण योजना का पत्रक
petlast to order to
परियोजना काविवरण
पूंजीगत व्यय
पूजीकरण की टियि
(टी) परियोजन
गुज वित चौरण योजना (परियोजना
गत वर्ष (पुन-1)
वर्ष थे दौरान बारियों की
बारियों का विवरण
प्रारणिक विशेष
दर्भ ची बदवि में परिक
पर्यागान वर्ष (रण+1)
वर्ष के दौरान वारिवयों की नियुि
धन्य विशेष 1402
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
Format for Distribution
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 6.1 सकलस्थिर आस्ति आधार व वित्त पोषण योजना का पत्रक
( करोड कारये में
आगामी वर्ष (एन +1 )
वर्ष के दौरान परिष
(गांफड़े करोड रुपये में)
आगामी वर्ष (एन +2)
वर्ष थे दौरान बारितयों को
दर्ष के दौरान परिषर्भन
बारियों का विवरण
आगामी वर्ष (पुन+3)
वर्ष के दौरान परिवर्धन
निवृति
बावियों था विवरण
याचिकाकर्ता
मूख्या पर्व के दौरान स्थिर अति के परिवृति की गिरे ।
1403 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
Format forDistribution
वितरण अनुज्ञापी का নাগ आपूर्ति का अनुशापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 5.2 आस्तिवार अवक्षय का पत्रक
(आकडे रुपये करोड में)
गत वर्ष (एन-1)
पर्व के प्रारम्भ में एकन
पर्व के दौरान निकासी
वर्ष हेतु उपबंधित यययय
बारिवयों का विवरण
वर्ष के न्द्र में सकल यावय का अविशेष
बच्चन की दर % में
হ) গুণি
बी) भवन
ची) आगे इसी तरह (विनिषणों में दिवं वर्गीकरण के अनुसार)
(आकडे सपने करोड गर्धनान वर्ष (एन)
वर्ष के दौरान निकासी
वर्ष हेतु उपरन्धित अच्क्षय
वर्ष के प्रारम्भ में रायस
वर्ष के बन्द में राठ व्याय कायधिशेष बारिवनों का विवरण
वयाय की दर % में
अक्टूबर- गार्थ (आंकलित)
अक्टूबर - मार्च (आंकलित)
अप्रैल - सितम्बर (वास्तविक)
(बास्तविक)
की भवन शी) आगे इसी तरह (चिनिगमों में दिये वर्गीकरण के अनुसार) 1404
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
Format for Distribution
आपूर्ति का अनुशाषित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 5.2
आस्तिवार अवक्षय का पत्रक
बागामी वर्ष (एन+1 )
(आरांडे रुपये करोड में
वर्ष के प्रारम्भ में सकल
बारितयों का विवरण
बक्क्षय की दर %
वर्ष हेतु उपबंधित बमक्षय वर्ष के दौरान निकासी
वर्ष के अन्त में राकल वध्य का अधिशेष
भीआये इसी तरह (दिनिधनों में दिये वर्गीकरण के अनुसार )
आगामी वर्ष ( एन+2)
(आकडे रूपये करोड़ में
वर्ष के प्रारम्भ में राकत
बास्तियों का विवरण
वनाय की दर %
वर्ष के दौरान निकासी
वर्ष के अन्त में सकत अवधय का अधिशेष
২) সুপি
बी) भवन सी) जागे इसी तरह (विनियमों में दिये वर्गीकरण के अनुसार)
आगामी वर्ष (एन+3)
(आकडे रूपये करोड में)
वर्ष के प्रारम्भ में चकल
बास्तियों काविवरण
बदाय की दर %
यर्न के दौरान निकासी
वर्ष के बन्छ में सकज धयशय का वदिशेष
बी) भवन शी) आगे इसी तरह (दिनियों में दिवे वर्गीकरण के अनुसार )
याचिकाकर्ता 1405 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
याचिकाकर्ता
2014-152015-16
FormatforDistribution
(आकडेरूपयेकरोडमें)
2001-022002-032003-042004-052005-062006-072007-082008-092009-102010-112011-122012-132013-14
2000-01
वित्तीयवर्ष
चशि
एफआरपीकीराशिजिसपरअक्षयप्रभारितहै
एकद्वारचीकाविवरण
अतिरिक्तपूंजीकरणपरबयाय अतिरिक्तपूंजीकरणकीराति
वर्षकेदौरानवसूलागयाअक्षय
वर्षतकवसूलेगयेअक्षयकेसम्मुखअप्रियवसकलअपक्षय
वर्षकेदौरानवसूलेगयेअवक्षयकेसम्मुखअधिय वर्षकेदौरानपल्लेगयेअपक्षयकेसभ्युद्धअनिवअक्षय
प्रपत्रएफ5.3 अवक्षयकावितरण
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र [भाग 1 -क 1406
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
टिप्पणी
प्रक्षेपित
याचिकाकर्ता
(आकंडेरूपयेकरोडमें)
आगामीवर्ष(एन+3)
FormatforDistribution
आगामीवर्ष(एन+2) प्रक्षेपित
आगामीवर्ष(एन+1) प्रक्षेपित
योग(अप्रैल-मार्च)
वर्तमानवर्ष(एन)
अक्टूबर-मार्च (आंकलित)
अप्रैल/सितम्बर (वास्तविक)
वास्तविक/संपरीक्षित
गतवर्ष(एन-1)
पूंजीगतआस्तियोंकीलागतकेलिएअंशवान,अनुवानएवंसहायिकी
प्रपत्रएफ5.4
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
योग
उप-योग
1 पूंजीगतआस्तियोंकीलागतकेलिएसहायिकियां
1पूंजीगतआस्तियोंकीलागतकेलिएउपभोक्ताअंशदान उप-योग
2पूंजीगतआस्तियोंकीलागतकेलिएअनुदान भाग 1 -क]
गजट, 07 दिसम्बर,
1407
2024 ई०
उत्तराखण्ड
टिप्पणी+
(आंकड़ेरूपयेकरोड़में)
उपगतकुलव्यय वास्तवमें
FormatforDistribution
सक्षमप्राधिकारीद्वारा अनुमोदितकुतव्यय
टिप्पणी+
प्रथेपित
बागानीवर्ष (एक्+७)
प्रथेपित
आगामी (एन+2) वर्ष
आगामीवर्ष (+)
योग(अप्रैल-गार्च)
अक्टूबर-मार्च (आंकलित)
वर्तमानवर्ष(एन)
अप्रैल/सितम्बर (वास्तविक)
वास्ताविक/संपरीधित
गतवर्ष(एन-1)
वित्तियवर्षका
विवरण
ए)भूमि
बी)भवन
सी)मुख्यसिविलकार्य
एक)फर्नीचरवफिववर्त जी)कार्यालयउपकरणवअन्य
डी)संयत्रवमशीनरी ई)वाहन
प्रपत्रएफ6.1 पूंजीगतव्ययकापत्रक
वितरणअनुज्ञापीकानाम जापूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
रुपयाआवधिकग्राण
ऋऋण1
विदेशीमुद्राऋण
ऋण2
योग(२)
ए)व्ययविवरण
नी)वित्तपोषणकेचोतोंकाविवरण 1946 शक सम्वत्)
(अग्रहायण 16,
याचिकाकर्ता
योग(बी)
टिप्पणियां++:यदिकुलवास्तविकव्यय,यूईआरसीयाप्राधिकृतअभिकरणोंद्वाराअनुमोदितसेभिन्नहै,तोवियलनकेकारणोंकोस्पष्टकरें।
उपमोक्वाअंशदान
চলে2
सी)अन्य(कृपयाविनिर्दिष्टकरें) पूंजीगतअनुदान/सहायिकियां
रुपयेमें
विदेशीमुद्रामें
-
टिप्पणी:
1) जहांकहीविवरणकीआवश्यकहैसंयधितदस्तावेजोंकेसाथऋणोंवइस्पिटीवित्तपोषणकेसम्बन्धमेंदीजाए।
२) सक्षमप्राधिकारियोंसेअनुमोदनकीप्रतिया,परियोजनाकीलागत,इसकेघटकोंववित्तपोषणयोजनाकेसन्बन्धमेंप्रस्तुतकीजाए। 3) टिप्पणियां+:यदिवर्तमानवर्षकीअवधिकेदौरानवातापितकव्यय,यूईआरसीयाअन्यप्राधिकृतअभिकरणोंद्वाराअनुमोदितसेभिन्नहोनेकीअपेक्षाहैतोविचलनकेकारणोंकोस्पष्टकरे।
1408
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
टिप्पणी
प्रक्षेपित
आगामीवर्ष (एन+3)
याचिकाकर्ता
FormatforDistribution
प्रक्षेपित
(आंकड़ेरूपयेंव-रोड़में)
आगामीवर्ष (एन+2)
प्रक्षेपित
आगामीवर्ष (एन+1)
योग(अप्रैल-मार्च)
अक्टूबर-म -मार्च (आंकलित)
वर्तमानवर्ष(एन)
अप्रैल/सितम्बर (वास्तविक)
वास्तविक/संपरीक्षित
गतवर्ष(एन-1)
वर्ष1
विवरण
पूंजीगतव्यय
पूंजीकृतव्यय
सीडब्लूआईपीकाप्रारंभिकअभिशेष
सीडब्लूआईपीकाअंतअधिशेष
निर्माणकेदौरानब्याज
पूंजीगतप्रगतिरतकार्योंकापत्रक
जोड़कर:नयेनिवेश
घटाकर:पूंजीकृतनिवेश
प्रपत्रएफ6.2
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
3 4
क०सं० 1409 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
प्रक्षेपित
(आकडेरुपयेकरोड
आगामीवर्ष (DHA)
श्रगाधीवर्ष (+2)
प्रक्षेपित
आगामीवर्ष (+1)
योग (अप्रैल-ग्राम)
(यांकलिय)
वर्तमानवर्ष(एन)
(वास्तविक)
परीशिव)
गतवर्ष (एन-१)
वितीयवर्षकासीबोको
ऋणउप-योग-(सी)
वर्षकीअवधिमेंपरिवर्धन
वर्षकीअवधिमेंपरिवर्धन इक्विटीउप-योग(बी)
वर्षकीअवधिमेंपरिवर्धन वर्षकीअवधिमेंविलोपन
अनुदानउप-योग(डी) कुलवित्तपोषण(बी+त्ती+डी)
वर्षकीअवधिमेंजुड़ेनयेऋण
वर्षान्तमार्च
लागत
सकलपूंजीलागत(-)
नोट
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
प्रपत्रएफ6.3 पूंजीलागतववित्तपोषणसंरचनाकाविवरण
मूलपरियोजनावित्तीयमानदंड
मूलपरियोजनालागतकेबकायाइक्विटी
मूलपरियोजनालागतसेबकायाअनुदान
मूलपरियोजनासागतकेबकायाऋण
1.*अनुमोदितयावास्तविकपूजीलागतजोभीकमहो।
2.इस्पिटीवप्रऋणयदिलागूहो,योविदेशीवघरेलूघटकमेंविभाजितकीजायेगी।
1410
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
टिप्पणी
याचिकाकर्ता
प्रयोपित
(आंकड़ेरू०करोडमें)
आगामीवर्ष (एन+3)
प्रक्षेपित
आगामीवर्ष (एन+2)
प्रक्षेपित
आगामीवर्ष (एन+1)
योग(अप्रैल-मार्च)
अक्टूबर-मार्च (आंकलित)
वर्तमानवर्ष(एन)
अप्रैल-सितम्बर (वास्तविक)
गतवर्ष(एन-1)
रीक्षित) (वास्तविक/संप
विवरण
प्रगतिरतपूंजीगतकार्यकापत्रक
पूँजीकृतव्यय
सीडब्ल्यूआईपीकाअन्तिमअधिशेष
सीडब्ल्यूआईपीकीप्रारंभिकअधिशेष
वितरणअनुज्ञापीकानाम
प्रपत्रएफ6.4
जोड़ःपरिवर्धन/समायोजन
क)बहियोंकेअनुसारअंतिमसीडब्ल्यूआईपीराशि
क)अवधिकेदौरानसीडब्ल्यूआईपीकीराशिनियतआस्तियोंकापूंजीकरण/स्थानांतरण
ख)उपरोक्त(क)मेंपूंजीदेयताओंकीराशि
क)बहियोंकेअनुरूपप्रारंभिकसीडब्ल्यूआईपीकाप्रारंभिकअधिशेष
क)अवधिकेदौरानसीडब्ल्यूआईपीराशिमेंपरिवर्धन/समायोजन ख)उपरोक्त(क)मेंपूंजीदेयताओंकीराशि
ग)उपरोक्त(क)में(1)आईडीसी,(ii)एफसी,(iii)एफईआरवी)और(iv)हैजिंगलागतकीराशि
ग)उपरोक्त(क)में(i)आईडीसी,(ii)एफसी,(iii)एफईआरपी)और(iv)हैजिंगलागतकीराशि
(ख)उपरोक्त(क)मेंपूंजीदेयताओंकीराशि
( न)उपरोक्त(क)में(1)आईडीसी,(ii)एफसी,(iii)एफईआरवी)और(iv)हैजिंगलागतकीराशि
(ग)उपरोक्त(क)में(i)आईडीसी,(ii)एफसी,(iii)एफईआरवी)और(iv)हैजिंगलागतकीराशि
(छ)उपरोक्त(क)मेंपूंजीदेयताओंकीराशि 1411 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उप-योग(लाख रूपयेमें)
याचिकाकर्ता
(आकड़ेरून्येकरोडमें)
आईबी०सी०/९ फसी/ सागव (रु०सारसाबमे
करतथा
पूराहोनेयावाणिज्यिक भीपहलेकरे,यक प्रणालनकीविधि,जो रूपयेमें)
मूल्यवृद्धिके चाथयाफर्न
कार्यकामूल्य (लाखरु०में)
कार्यकोपूराकरने
कार्यप्रारम्भ करनेकीविधि
प्रदानकरनेकी
प्राप्तमोलियोंकी
आईसी/बी/बोसीबी/दि भागीय/निशेपकार्य आदिकेमाध्यमसे प्रदानकियागयाहै
कार्यकीपरिधि। (यथ्यलागूलागत ब्यौरेकेशीर्षके आधारपर)
नाग/निर्माणकीचं/बापूर्तिशेवापैकेज
निर्माण/आपूर्ति/सेवापैकेजोंकाब्यौरा
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
प्रपत्रएफ8.5
टिप्पणी
1किसीभीपैकेजमेंकार्यकीपरिधिसभावितसीमातकप्रारूप8मेंलागतकीब्योरेवारपुष्टिनेउपदर्शितकीजाएगी। २.यदियहींकोईऐसापेकेजहो,जिसेभारतीयरूपयेऔरविदेशीमुदामेंदर्शितकिएजानेकोआवश्यकताहै,तोउसेमुद्राविनिमयदरऔरयहविधिजैसे01.04.2014कोयूएस$62रुपयेपर800लाखरुपय+मूरत$5mm3000लाखरुपयेकेसाथपृथकरूपसेदर्शितकियाजाना यहिए।
1412
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वितरण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 6.6
वितरण प्रणाली के लिए परियोजना / आरित / तत्व लागत के घटक-वार ब्यौरे
सागद (रुपये लाख में
(आंकडे स० करोड
मूल अनुमान के अनुचार (3)
सोभोवी यारतविक पूँजी के रूप में (4)
देयता/ चपरंथ ( 5)
स्वीकृत नागव (8 )
बेवर(6-3-4-5)
इंटर के लिए कारण (7) (1)
यर
दर
A पारेषण लाईन
1.0 प्रारंभिक कार्य डिजाइन एवं इंजीनियरिंग
1.1
1.2
प्रारंभिक निरीक्षण, मार्गधिकार, यन अनापत्ति पीटीसीसी, साधारण सिविल कार्य आदि।
1.3 जुल प्रारंभिक कार्य
पारेषण लाईन सामग्री
2.0
2.1 इस्पात
2.2 कंडक्टर
2.3 अर्थ तार
24 इतुलेटर्स
2.5 हार्डवेयर फिटिंगस
2.6 संडक्टर और अर्थ तार सामग्री
2.7
2.8
गर्मा तारबंदी और सिविल कार्य जितने नींद भी सम्मिलित हे
ठूल पारेषण लाईन सामग्री
3.0 कर और शुल्क
3.1 सीमा शुल्क
3.2 अन्य कर और शुल्क
गुल कर और शुल्क
कुल कर और शुल्क
कुल- पारेषण साईन
उप-स्टेशन्ना
B.
4.0 प्रारंभिक कार्य और भूमि
डिजाइन एवं इंजीनियरिग
4.1
4.2 দুনি
4.3 स्थल को हमारी
पुल प्रारंभिक कार्य धीरं भूमि 1413 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत)
सागत (रुपये साव में)
(आंकडे रु० करोड़ी
मूत बनुमान के अनुसार (3)
शीथोवी गारटविक पूँजी के रूप में (4)
(1)
देगधा/उपरांव (5)
अंतर(6-3-4-5)
अंतर के लिए कारण (7) पीयूष सागव( 8) दर
दर
बनुमानित राशि
5.0 सिदित कार्य
5.1
नियंत्रण कक्ष और कार्यालय भवन, जिसमें एमपीएसी भी है
गगर और कालोनी
5.2
सड़क और जल निवास
5.3
5.4 संरपना के लिए नींद
5.5 प्रकीर्ण सिविल कार्य
कुल सिविल संकर्म
6.0 उप-स्टेशन उपकरण
रिचय गियर (सी.टी. पीटी, सर्पिट प्रेकर
6.1
आईसोलेटर आदि)
6.2 ट्रांसफौरगर्न
6.3 यतिपूरक उपरकर (रिएक्टर एसपीती आदि)
6.4 नियंत्रण रिले और संरक्षण पैनल
6.5 वस -बार/ मान्दण्टर्स / इन्सुलेटर्स
6.6 गहरी प्रणाश
6.7 आपातकालीन डीजी सेंट
6.8 उंडिंग प्रणाली
6.9 स्विमवार्ड के लिए संरयना
6.10
6.11
कुल उप-स्टेशन उपकरण
7.00
8.00 कर और शुल्क
8.1 सीमा शुल्क
8.2 अन्य कर और शुल्क
8.3 कुल कर और शुल्क
गुल (उप -स्टेशन)
C
9.1
संचार प्रणाली प्रारंभिक कार्य
9.2 संबार प्रणाली उपकरण
9.3 कर एवं शुल्क
गुल
(संचार प्रणाली)
निमार्ण और जगाए जाने के पूर्व
10.0 1414
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
सागष्ठ (रुपये साथ में
(आंवाडे रु० करोड में
मूल अनुमान के अनुसार (১ )
शीलोकी यारतविक पूँजी के रूप में (4)
देयता/ उपबंध ( 5 )
अंदर(6-3-4-5)
स्वीकृत जागव (8)
यंवर के लिए कारण (7) (1)
-दर
दर
अनुमानित राशि
स्थत पर्यदक्षण और स्थल प्रशासन जादि
10.1
10.2 उपकरण एवं संवत्र
10.3 निर्माण बीमा कुल निश्वर्ग और लगाए जाने के पूर्व सर्वे
उपरिशीर्ष
11.0
स्थापना
11.1
11.2 संपरीक्षा और लेखा
11.3 आकस्निक व्यय
कुल उपरिशीर्ष
12.0 संयंत्र तथा उपस्कर की लागत
13.0
पूंजी लागत संयंत्र तथा छपरकर सम्मिलित है
13.1 निमार्ण के दौरान व्याज (आईडीसी )
13.2 वित्तपोषण प्रनार (एफसी)
13.3 विदेशी मुदा दर परिवर्तन (एफईआरपी)
13.4 प्रतिरक्षा लागत
मूल माईचीती एकती, एकवारवी एवं प्रविरथा सागव
पूंजी सागव जितने वाईडीसी, एकती पर्द्धभारणी राधा प्रतिरक्षा लागत भी सम्मिलिव है
1. लागत अतर के संबंध में इस अंतर के कारणों का उल्लेख करते हुए एक विस्तृत टिपणी प्रस्तुत करती चाहिए जिसमें इसका राजेत हो कि क्या यह आधिग्य पारेषण अनुशशिधारी के नियंत्रण से बाहर था । 2.फीहोल्ड/ पट्टे पर भूमि का अलग-अलग विवरण दे ।
1415 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 6.7
वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात अतिरिक्त पूंजीकरण का पत्रक
(आंकड़े रू० करोड में)
किस विनियम के अधीन आच्छादित
क्र० सं०
वर्ष
औचित्य
स्वीकृत लागत 1
पूंजीकृत/पूंजीकृत किए जाने
के लिए प्रस्तावित राशि
अंतिम तिथितक / अंतिम तिथि के बाद वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात जोड़े जाने के लिए प्रस्तावित कार्य /उपकरण
4
1. यदि परियोजना पूरी कर ली गई है और कोई टैरिफ अधिसूचना पूर्व में ही जारी की गई है, तो (प्राधिकारी का नाम) द्वारा पहले से जारी की गई टैरिफ अधिसूचना के प्रयोजन के लिए यथा स्वीकृत लागत देते हुए स्तंभ 7 को भरे (टैरिफ आदेश की प्रति संलग्न करें) ।
टिप्पणीः
प्रारूप को क्रमानुसार वर्ष- वार भरें जिसमें लाभार्थियों की आवश्यकता और प्रोद्धत लाभ का ब्यौरा औचित्यपूर्ण तथा स्पष्ट रूप से दर्शित करें ।
। यदि आरंभिक पुर्जे किसी भी उपकरण के साथ क्रय किये जाते है तो ऐसे पुजों की लागत पृथक रूप से इंगित की जानी चाहिए ।
आस्तियों के पूंजीकरण विहीनता के बारे में पृथक विवरण प्रस्तुत किये जाने चाहिए । इसके अतिरिक्त इन आस्तियों का बहियों में दर्ज मूल मूल्य एवं ऐसी आस्ति के पूंजीकरण का वर्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए । जहाँ डिस्कैप्स अनुमानित आधार पर है, उन्हें अलग से प्रदर्शित किया जाना चाहिए ।
याचिकाकर्ता 1416
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
11
वर्ष5और उरासेआगे
10
याचिकाकर्ता
वर्ष4
कृत
कड़ेरू०करोडमें)
9
वर्ष3
8
वर्ष2
वर्ष1
6
वर्ष5और उससेआगे
5
वर्ष4
4
वर्ष3
(वास्तविक/अनुमानित)
3
वर्ष2
2
वर्ष1
वित्तीयवर्ष(वाणिज्यिकप्रचालनकीतिथिसेआरंम)
अतिरिक्तपूंजीकरणकेवित्तपोषण
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
प्रपत्रएफ6.8
आंतरिकसंसाधन
इक्विटी
वित्तीयविवरण
ऋण-1
ऋण-2
ऋण-3औरउससेआगे
अन्य
कार्य/उपकरणमेंपूंजीकृतराशि
कुलत्राण
योग टिप्पणीः
1नयेघटकोंकेसंबंधसम्बन्धमेंवर्ष।वाणिज्यिकप्रचालनकीतिथिकेवित्तीयवर्षकोनिर्दिष्टकरताहै।प्रचलितघटकोंकेलिएयह20.04.15सेऔरवर्ष2तथावर्ष3आदिक्रमशःपश्चातवर्तीवर्षहै। 2अतिरिक्तपूंजीकरणआवश्यकताकेलिएऋणकाब्यौराप्रारूप9या9(a),जोभीसुसंगतहो,केअनुसारदिएजानेचाहिए।
1417 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
वितरण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 6.9
निमार्ण के दौरान प्रासंगिक व्यय
(आंकड़े रू० करोड में)
मानदण्ड
वर्ष 2 वर्ष 3 वर्ष 4 वर्ष 5
क्र०सं०
वर्ष 1
A
य्ययः
1
कर्मचारी के पारिश्रमिक एवं लाभ
2
वित्तलागत
3
जल प्रभार
संचार खर्च
5 विद्युत प्रभार
अन्य कार्यालय एवं प्रशासनिक व्यय
अन्य (कृपया विवरण दें)
अन्य पूर्वप्रचालन व्यय
B कुल व्यय
घटाएं: निविदाओं की विकी से आय
घटाएं: अतिथि गृह से आय
घटाएंः ठेकेदार से वसूली गई आय
घटाएं: जमा पर ब्याज
टिप्पणीः आईडीसी का लेखा परीक्षक के प्रमाण पत्र के समनुरूपी आंकड़ों के साथ विधिवत मिलान किया जाना चाहिए ।
याचिकाकर्ता 1418
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
औचित्य
(9)
याचिकाकर्ता
(आंकड़ेरु०करोडमें)
(8)
पूंजीकरणनिरसनके समनुरूपत्रऋणका संचयीअदायगी
(7)
पूंजीकरणनिरसनके समनुरूपीसंचयी अवदाया
(6)
पूंजीकरणकेसमय त्राणइक्विटीअनुपात
(5)
पूंजीकरणनिरसित कीजारहीआस्ति कामूलबहीमूल्य
(4)
पूंजीकरणनिरसितकी जारही आस्ति/उपकरणके पूंजीकरणकावर्ष
(3)
पूंजीकरणनिरसनके लिएप्रस्तावित कार्य/उपकरण
(2)
पूंजीकरण निरसनकावर्ष
वितरणअनुज्ञापीकानाम
पूंजीकरणनिरसनकापत्रक
क्र०सं०
प्रपत्रएफ6.10
1112345 1419 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
कुलपीसी
%)
याधिका琉
कुलइक्विटी का%
(%)
(आंकड़ेरू०करोडमें)
कुलऋण কা%
अपफ्रंटफीस/ प्रदर्शनप्रीनियन
(करोड़रू०में)
गारंटीकमीरान
(करोड़रू०में)
(%)
व्याज /इक्विटीपर प्रतिफल
(वर्ष)
प्रेसअवधिदर
(वर्ष)
वापसीकेनिबंधन
(करोड़रू०में)
भारतीयमुदामेराशि
विनिमयदर
(रु०/एफसी)
एफसीमेंराशि
(मुदाकानाम)
निवियोंकास्रोत
कुलवित्तपोषण(एवी+सी)
कुलअनुदान(सी)
হলে।
ऋण।
ऋणIVइत्यादि
ऋण॥इत्यादि
परियोजनाओंजिन्हेंपूंजीकृतकियाजानाहै.केमामलेमेंसक्षमप्राधिकारीद्वाराअनुमोदितवित्तीयपैकेजविवरणसमर्थितदस्तावेजोकेसाथप्रारूपमेंप्रस्तुतकियाजायोगा।
वित्तीयपैकेजेजकाविवरण
भारतीयः
प्रपत्रएफ7.1
वितरणअनुज्ञापीकानाন आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
भारतीय
विदेशः
विदेशी भारतीय
फुलऋण(ए)
(बी)इविवटी विदेशी:
कुलपरियोजनालागत नोट
कुल(बी)इक्विटी (सी)अनुदान
4.पीसीपरियोजनालागत
2 3. एफसीविदेशीमुद्रा
1.सीओडीसाधितकरचुकीपरियोजनाओंकेमामलेमेंपरियोजनाकेसीओजीपरसक्षमप्राधिकारीद्वारास्वीकृतवित्तीयपैकेपणविवरण,समर्थकदस्तावेजोकेसाथप्रारूपमेंप्रत्युतकियेजायेगे।
1420
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
वितरण अनुप्रापी का गा
પૂર્તિ આ મુશિ લેજ
प्रपत्र एफ 7.2
आई सी सी एवं वित्त पोषण प्रमारों के परिकलन के लिए ड्रॉ याउन अनुसूची
विगाठी- एन (थो बो की)
ड्रॉ बापन शिवि
विवरण
विदेशी मुषा में मात्रा
गरतीय घरचे में
गाठीय रूपये में प्रति
अवगन विधि पर विनिमय दर
और विनिमयदरतीय अपये में विदेशी में मात्रा
रिदेशी बुध में मात्रा
विनिगय यह शिविर
1.1 विदेशी
1.1.1 विदेशी ক্ষণ -1
८ बउन समि
les & are a દતિરી વાળત
1.1.2 विदेशी ক্ষণ -1
एफआर
प्रतिस्था सापत
1.1.0 विदेशी ণ - ছল
आई दीदी
एफआरपी
प्रतिरक्षा लागल
1.1
वित्त पोषण प्रगार
प्रणिच्या सातव
1.2 भारतीय अ
1.2.1 भरतीय अণ ।
भजन राति
आई की सी
1.2.2 भरतीय ল 2
राउन राशि
आई की सी
भारतीय प्रण एन याउन राशि
आई भी सी 1421 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
10-1
आा काउन
विगाडी एन ( थी को थी)
विवरण
गरतीय प्रपये में
मरचीच फपये में राशि विदेशी युद्ध में मात्रा द्रावानीधि पर नरतीय प्रपये में घरो दिपेशी भुषा में मात्रा ड्रॉ वापण विधि पर दिनिगय पर
पर विनिमय पर ड्रॉ गपग विवि
मुद्र में गात्रा विदेशी
1.2 एस गारठीय ऋण
निवाशी किये गये भी का योग
वित्त पोषण प्रभार
निकासी की गई विदेशी इसिटी
2.2 निधाती की गई भारतीय इरिष्टी
। अभइभिटी की निकासी कमीशन अनुसू से पूरा करने के लिए तिभाहरी बार उसकी आधार पर होगी । शरभ में उन इनिटी की निलगी अनुदेव है ।
संगणन देतु उपयोग की गई निगल लिहितगूज रूप से प्रातुत की जायें । यूनिट परियोजना के मामले में उपसिया गया पूँजी अनुप्रस्तुत किया जाये ।
1422
[भाग 1 -क
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुप्रापी का নাম
आपूर्ति का अनुशाषित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 7.3
बकाया ऋणों का पत्रक
गत वर्ष (एन -1 )
यापढी की बयमि (वर्ष) वर्ष के बारम्भ में विशेष
(अकड़े करोड में)
पर्याग्व में देव मूल पर्व के चीरान मूल यापती वर्षात में बंदिशोष्य
पर्व के दौरान पेय मूल
वर्ष के दौरान प्राय चरि
माज की यर (%)
ক্ষণ এনিथर (प्रणचा प्रो ०)
(वास्तविक / तपशिल
(3) (वास्तदिशा/ संपरीशित)
(4)
(वास्तविक/ सपरीक्षेत) (2)
(1)
(२) राष्य सरकार से अन्यथा
प्रण । धरता कर गान)
ऋण III (उधारदाता का भाग ) इत्यादि
पप-योग (२) (না) গ্রरकारी ऋण
प्रकार
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
पप-योग (थ)
(ती) गानकीय अ
वर्तमान वर्ष (एग)
पोरन में सतिरोष ( विक / सपरीशित )
(9)=(4)+(5)-(6)
(10)
(8) =( 6)-( 7)
(7)
(6)
(5)
वर्षात में येच मूल पर्ष के दौरान भूल पापती पर्यान्त में चविगोव्य
पर्ष के चौरान पेय मूल
पर्व के दौरान प्राप्त राशि
पापडी ही जयधि (वर्ष)
म्याज की यर (%)
গ্রুপ অণিতহল (ক্ষপ का फो०)
(4)
(3)
(2)
(1) (१) राज्य सरकार से यथा
प्रण (उधारदाता का गाम)
চলে III (उभरता काव्य ) इत्यादि
उप- योग (५)
(যাঁ) चरकारी আলে
बजार III इत्यादि
उप- योग (4) उप-योग (एभी)
(सी) मागचीय प्रপে
योग (एथी चो)
बागाभी चर्च (एग +1 )
पर्व के बार में विशेष
धनुनानिध
(10)
অনুমনিয় (9) = ( 4 ) + ( 5 )-( 6 )
धनुमानिव (8) =(6)- (7)
(7)
(6)
(5)
धर्मान्त मे देप मूल पर्व के दौरान भूल पापसी वर्षान्त में बढ़ियोध्य
वर्ष के दौरान देव मूल
वर्ष के दौरान प्राप्य परि
वापसी की व्यववि (वर्ष)
व्याज की दर (%)
হলে অমিতলে ( ণে था घोउ)
बनुमानिव
(3)
(4)
(2)
(1) राज्य घरवार से धन्यवा
उप-योग (ए)
(वी) सरकारी न
प्रकार ।
प्रकार इत्यादि
पद- गोग (M) उप -योग (एथो)
योग ( भोचो
(9) = ( 4)+ ( 5) -(6 ) ( 10 )
(8) = (6)-(7)
(7)
(6)
(5) 1423
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
बागामी पर्ष ( एण +2)
वर्ष थे बासन में सविशेष
पर्यान्त ने देय मूल
वर्ष के दौरान प्राप्थ राशि
वापसी की बयवि (पत्र)
म्याज की दर (%)
গ্রুপ অণিতহল (গ্রুপ का चोट)
(3)
(2)
अनुनानिव (4) (1)
(२) राज्य चरचार चे बन्यभा
ऋण उधारदाता का गान
पप-दोन
(4) सरकारी আলে
प्रकार ।
प्रकार II इत्यादि
उप- योग (40)
योग भो
यागामी वर्ष (एग -3)
वर्ष में अति मर्ष के पौराण देय मूल पर्व के दौरान मूल पापणी मर्चन्त में सदियोध्य
अनुमानित (9)=(4)+(5)-(6) (10)
अनुमानिव (8)=( 6)-( 7)
अनुमानिय (6)
धनुनानिव (7)
मनुयानिव (5)
दर्यान्त में पेप मूल
वर्ष के पौरान प्राप्त चाशि
पापदी की वववि (प )
माज की यर (%)
প্রাণে অনিভলে (গ্রুপ का घोट)
(4)
(2)
(3)
(1)
(२) राज्य सरकार से बन्पचा
प्रण (गजरात का गाम)
(उधारदाता का नाम)
योग (ए)
प्रकार ।
प्रकार III इत्यादि
पप-योग उप-योग ( एडी)
(রা) সানভীর্য স্কুল
योग (एथोघो)
वर्ष के धीराग येथ मूल वर्ष के धौरान मूल पापसी मर्याना में बवितोव्य
टिपणे
(7)
(8) = (6)-( 7) (9 ) = ( 4) + ( 5) -( 6) (10) অনুশানিত (6)
(5)
। यदि किसो अण का पुक अनुनुकरण किया गया है तो पुन्न अनुसूचीकरण से निबंधन रेखानि कमी हुए उधारदाता से पत्र की प्रो के साथ संत के माध्यम से अनुसूचीकरण के निधन को राष्ट रूप से विनिर्दिष्ट किया जागे ।
मूल पिता पोषण योजना के अनुसार प्राण हेतु मूल पिता पोरोना एवं संचयी वापसीदा जायेगी।
योगान वर्ष के लिए निकास किये गये वर्षात एक निकासी हेतु प्राणसे दो ।
कांगान या नये उधारदाता से कोई नयोजन के रूप में यक रूप से दर्शाये जायें।
5 दिरंगों गुदरा अगों के मामले में गुल के नाथ के साथ उधार को मुज्ञ के डाटा प्रदान किया जागे ।
याचिकाकर्ता 1424
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
वितरण अनुपका गान आपूर्ति का अनुज्ञात क्षेत्र
प्रपत्र 74
2014-15
2012-13
2013-14
2011-12
( 1)
जाटकर के दौरान निकालिय
पराज
गतवर्ष तक सब्ज भुगतान
जोहर के दौरान निकलता
एक आधार पर ग पर बयाज की दर
সং মল আংশিক
2G DOM NMS 4
धरण पर मज की हर
पराज
आधार पर अपराज की दर
परम्प की भारत औसत दर
विदेशीमान गरिनगरीय प्रस्तुत किया पाय तथापि मून तुहा में परिवलन भी पसी से किया जाये।
1425 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 7.5
मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
(आंकड़े स० करोड में )
वर्तमान
विवरण
2012-13
2013-14
2014-15 (1)
2011-12 (2)
(3)
(4)
(5)
सकल ऋण आरम्भिक
गत वर्ष तक मानकीय ऋण का सकल भुगतान
शुद्ध मानकीय ऋण आरम्भिक
वर्ष के दौरान वृद्धि या कमी
घटाकर: वर्ष के दौरान मानकीय ऋण की वापसियां
शुद्ध मानकीय ऋण अंत में
औसत मानकीय ऋण
वार्षिक आधार पर वास्तविक ऋण पर ब्याज की भारित दर
मानकीय ऋण पर व्याज
याचिकाकर्ता 1426
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 8
कार्यशील पूंजी पर ब्याज का विवरण
(प्राढ़े रु० करोड में)
पूर्व वर्ष (एन-1)
दगान वर्ष (एन)
वर्ष (एन+2)
वर्ष (एन +1)
पर्ष(एन +3)
टिपणी
অব -অর্থমাজনিত) चोग(बप्रैल-चार्क)
(रारठविक/ संशित)
अप्रैल- सिता (पारदरिछ)
ओ एवं एक व्यय (1) माह के बरावर )
1
अनुरक्षण स्पेयर्स (प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय का 15%)
2
प्राप्य (उपभोक्ता चितों के दो माह)
3
घटाकर:
प्रतिभूति जमा के रूप में रखे गये समायोजन
4
क्रय की गई ऊर्जा की लागत का एक माह रामतुल्य
5
व्याज दर (स्टेट बैंक अग्रिम दर एस (वी ए आर)
7
8 कार्यशील पूंजी पर थान 1427 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 9
अशोध्य ऋणों के लिए प्रावधान
(आकडे स० करोड में )
वर्तमान वर्ष ( एन )
पूर्ववर्ष (पुन-1)
बागामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष पुन+2)
आगामी वर्षपून+3) सं०
मद
प्रभेपिव
प्रयोपित
योग(अप्रैल-गार्च )
बटू -गार्थ (आंकलित)
(वास्तविक/ शेयरीशिए) शप्रैल -सिक (वास्तविक)
1 प्राप्यों का आरम्भिक अधिशेष
वर्ष के आरम्भ में उपलब्ध कुल प्रावधान
2
3 उपलब्ध प्रावधानों का कुल (2/ 1x100)
विल किया गया राजस्व
5 अशोध्य ऋणों के लिये प्रावधान ( 4 का 1 %)
अशोध्य ऋणों के लिये प्रावधान पर केवल तब तक विचार किया जायेगा जब तक कम संख्या 3 , 5.00% से अधिक नहीं हो ।
मापिकाकर्ता 1428
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
beveryse
पीकानाम
stewSure
काअनुभ
पूंजीगतव्ययकापोचनाब्यविवरण भाग 1 -क]
1429 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 10
इक्विटी पर प्रतिफल
(आमडे रु० करोड ५)
वर्तमान वर्ष (एन )
पूर्ववर्ष (सन -1)
मद
वर्ष ( एन +1)
बागामी वर्ष पून+2)
प्रक्षेपित
(पारखनिक/ संपरीचित)
प्रथेपिठ
साप्रैल -सित० (पात्त्ताविक) অযত্ন-गार्च (यांकलित) योग (अप्रैल -गार्च ० )
1 वर्ष के आग्म में इनिपटी
पूंजीगत व्यय
3 पूंजीगत व्यय का इरिण्टी भाग
वर्ष के अंत में इचिवटी
प्रतिफल संगणन
इक्विटी के आरम्भिक अधिशेष पर दचिवटी पर प्रतिफल 1430
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 10.1
अतिरिक्त आर.ओ.ई का विवरण
समापन समय निवेश अनुमोदन के अनुसार
परियोजना/तत
व प्रारंभ की तिथि
माह
[भाग 1 -क
(आंकड़े रू ० करोड में)
वास्तिविक समापन समय
प्रारंभ की तिथि
अनुसूचित सीओडी (तिथि)
1
2
3
4
माह
अर्डक समय अनुसूची (विनियम के अनुसार) (माह में)
वास्तविक सीओडी (तिथि)
याचिकाकर्ता 1431
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
टिप्पणी
(आकड़ेरु०करोडमें)
याचिकार्ता
आगामी वर्षएन+3) प्रयोपिठ
आगामी वर्षएन+2) प्रथेपित
आगामी वर्ष(पुन+1) प्रक्षेपिव
(आंकलित)योग(अप्रैल-गार्ष०)
र्म(एन) वर्तमानवर्ष(
अप्रैल-सितव(वास्तविक)
पूर्ववर्ष(एन-1)
(वास्तविक/संपरीशिव)
मद
उपभोक्ताजोंसेविविधआय
उपभोक्ताओंसेविविधप्रभार
उपकरणोंवरद्दीकाविळ्य
अंतर्राज्यीविक्रय/ग्रिडविकय
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
हैंडलिंगप्रभार
व्हीलिंगप्रभार
प्रपत्रएफ11
निवेशोंसेआय
विविधप्राप्तियोंसेआय
मीटर/सेवालाईनकिराया
अन्यविविधप्रमार
गैरशुल्कआयकाविवरण
डीपीएस पप-योन
उप-योग(बी)
योग
कम
8
सी) ट्रेडिंग/यूआई 1432
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एक 12
व्हीलिंग प्रभारों से आय
पूर्व पर्व ( एन -1)
छन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ता
संविदाबूत क्षमता (के उम्यू)
रियर प्रणार (०/ के उम्ल्यू कीत की गई ऊर्जा
[भाग 1-क
कर्जा प्रभार थे जन्य प्रभार से
स्थिर प्रभार से प्रास्व
ऊर्जा प्रभार (एम / के. डबलु एट)
पालघर्ष (एन)
धन्युरत प्रगिगगन उपभोक्ता
संविदादूत क्षमता (উ বদলু)
स्थिर प्रभार (৫০/ के उम्ल्यू कील की गई ऊर्जा शायोग द्वारा बनुमोदितकोई धन्य प्रभार (विनिर्दिष्ट करें)
10-7+8+9
अन्य प्रणार से
स्थिर प्रगार से राजस्व
पुत्र राजस्व
कर्जा प्रगार से राजस
ऊर्जा प्रभार (७० / के.बल, एप)
व्ययोग द्वारा अनुगोदित कोई अन्य प्रभार (विनिर्दिष्ट करें)
S
10-7-8-9 भाग 1 - क]
1433
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत)
पानी पर्व ( +1)
उन्मुक्त अभिगमन उपयोक्ता
संविदादूध धगता (के उम)
स्थिर प्रमार (७०/ के उस्यू जील की गई ऊर्जा
ऊर्जा प्रभार से अन्य प्रभार से
स्विर प्रभार से राजस्व
दूत राजस्व
कर्जा प्रगार ( ७०/ के. डगलू एव)
पानी वर्ष ( +2)
उन्मुक्त अभिगमन उपभोक्ता
संविदायूद्ध बामता (डे उम्ल्यू)
त्थिर प्रभार के उम्ल्यू खोल की गई ऊर्जा गायोग द्वारा बनुमोदित कोई अन्य प्रभार (विनिर्दिष्ट करें)
9
10-7+8+9
एर्जा प्रभार से जन्य प्रभार से
स्विर प्रनार से राजव
मूल चणस्व
ऊर्जा प्रभार (९० / के.उबल १८)
( +3)
কম
सं०
उन्मुक्त अभिगमन उपनोक्ता
संविदाकृत (के उम्ल्यू)
व्हील की गई ऊर्जा
स्थिर प्रगार डब्ल्यू/माह) आयोग द्वारा धनुगोदितकोई अन्य प्रभार (विनिर्दिष्ट करें)
8
10-7+8 +9
कुल राजस्व
ऊर्जा प्रमार से राजस्व
अन्य प्रभार से राजस्व
स्थिर प्रभार से राजस्व
ऊर्जा प्रभार (रू०/के. चबलू एप.)
फुल
आयोग द्वारा अनुगोदित कोई अन्य प्रमार (विनिर्दिष्ट करें)
6
10-7+8+9
याचिकाकर्ता 1434
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
عدان من عشيه وه free age of 19
suor grol Se Ed for corr
/ भाग 1-क]
1435 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
44 1436
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) 1437 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
مدعمر
cove
evtuxt
BRORSOT
(mand
৯৫
आगामीवर्षहेतुप्रस्तावितशुल्कसेराणस्व
आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
वितरणअनुज्ञापीकानाम
प्रपत्रएफ14
B 1438
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 15
संग्रहण दक्षता
(आंकड़े रू ० करोड में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष ( एन -1)
वर्ष ( एन+1) आगामी
वर्ष एन+2) आगामी आगामी वर्ष (एन+3)
विवरण
टिप्पणी कम सं०
अक्षेपित अक्षेपित
अक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल- सिव० (वास्तविक)
अक्टू०- मार्च (आंकलित )
योग (अप्रैल- मार्च०)
एच टी श्रेणी
श्रेणी-1
श्रेणी-n
एल टी श्रेणी
श्रेणी-1
श्रेणी-एन
योग
याचिकाकर्ता 1439 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 16
सहीकरण का सार
अंतिम राधीकरण के लिये पूर्व वर्म (एन+1)
(आंकड़े रु० करोड 4)
विपनन
नियंत्रणीय
धनुगोदिव
विपलन हेतु कारण
1 ऊर्जा कय व्यय
2 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
2.1 कर्मचारी व्यय
2.2 प्रशासन एवं सामान्य व्यय
23 नरम्मत एवं रखरखाव व्यय
3 अवक्षय के समक्ष अग्रिम सहित अवक्षय
4 दीर्घावधि ऋण पूँजी पर व्याज
5 कार्यशील पूंजी व उपभोक्ता प्रतिभूति जमा पर ब्याज
पट्टा प्रभार
7 अन्य व्यय (कृपया विवरण तैयार करे)
8 आय कर
9 पारेषण अनुज्ञापी का संदाय पारेषण प्रमार
10 एन एल डी सी/ आर एल डी सी/ एसएलडीसी प्रभार
11 अशोव्य व संदिग्ध ऋणों के लिए प्राध्यान
कुल व्यय
एविदटी पर प्रतिफल
सी राजस्व
विद्युत के विकय से राजस्व
अन्य आय
नोटः कृपया अनियन्त्रणीय अयोग्य कारकों के कारण आएविचलन हेतु पृथक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण दे ।
1440
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
अस्थायी सहीकरण के लिये वर्तमान वर्ष (एन)
(आंकड़े ए० करोड में) कम सं०
विवरण
वास्तविक
नियंत्रणीय
यनियंत्रणीय
अनुमोदित
विचलन
विचलन हेतु कारण
1 ऊर्जा कय व्यय
2 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
2.1 कर्मवारी व्यय
2.2 प्रशासन एवं सामान्य व्यय
2.3 मरम्मत एवं रखरखाव व्यय
3 अवक्षय के समक्ष अग्रिम सहित अवक्षय
4 दीर्घावधि ऋण पूँजी पर ब्याज
5 कार्यशील पूंजी व उपभोक्ता प्रतिभूति जमा पर व्याज
6 पट्टा प्रभार
7 अन्य व्यय (कृपया विवरण तैयार करे )
आय कर
8
9 पारेषण अनुज्ञापी का संदाय पारेषण प्रभार
10 एन एन डी सी/ आर एल डी सी / एसएलडीसी प्रभार
11 अशोच्य व संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान
कुल व्यय
इविवटी पर प्रतिफल
सी राजस्व
1
अन्य आय विद्युत के विकय त्ते राजत्त्व
नोटः कृपया अनियन्त्रणीय अयोग्य कारकों के कारण आए विचलन हेतु पृथक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण दें ।
याधिकाकर्ता भाग 1 -क]
1441
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 17.1
प्रणाली औसत वयवधान आवृत्ति सूचकांक (एस ए आई एफ आई ई)
माढ
N₁ = प्रत्येक व्यवधान के कारण यां प्रभावित पोषक का संयोजित भार A-पत्रमाह हेतु वें पोषक पर धारित व्यवधान (प्रत्येक 5 मिनट से अधिक) की कुल संख्या
SAIFIE
n
(AxNi) N
n= आपूर्ति के अनुज्ञापित क्षेत्र में 11 केवी पोगकों की संख्या (मुख्य रूप से कृषि भार सेवा करने वाले पोपकोंको छोड़कर)
N. वितरण अनुक्षापी के आपूर्ति क्षेत्र में 11 के भी में कुल संयोजित भार
अप्रैल
मई
जून
जुलाई
अगस्त
सितम्बर
अक्टूबर
नवम्बर
दिसम्बर जनवरी
फरवरी
मार्च
खुल
नोटः 1. पोषकों का शहरी व ग्रामीण के रूप में पृथक्करण किया जाये तथा सूचकांकों का मूल्य प्रत्येक माह हेतु पृथक रूप से रिपोर्ट किया जाये ।
2. सूचकांकों का परिकलन उविनिआ (कार्य निष्पादन के मानक) विनियम, 2007 में विनिर्दिष्ट कार्यावधि के अनुसार किया जाये ।
याधिकाकर्ता 1442
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 17.2
प्रणाली औसत व्यवसाय अवधि सूचकांक (एस ए आई डी आई)
SAIDI
माह
B₁ = माह हेतु ८वें पोषक पर समी धारित वयवधानों की कुल अवधि
a Σ. (ΒιΧΝ.) -1 R
N₁ = प्रत्येक व्यवधान के कारण प्रनायित पोषक का संयोजित भार
n = आपूर्ति के अनुज्ञापित क्षेत्र में 11 केवी पोषकों की संख्या (मुख्य रूप से कृषि भार सेवा करने वाले पोपकों कोछोड़कर)
N₁ =वितरण अनुज्ञापी के आपूर्ति क्षेत्र में 11 के० वी० पर कुल संयोजित भार
अप्रैल
नई
जून
जुलाई
अगस्त
सितम्बर
अक्टूबर
नवम्बर
दिसम्बर
जनवरी
फरवरी
मार्च
Total
नोट 1. पोषकों का शहरी व ग्रामीण के रूप में पृथक्करण किया जाये तथा सूचकांकों का मूल्य प्रत्येक माह हेतु पृथक रूप से रिपोर्ट किया जाये ।
2. सूचकांकों का परिकलन उविनिआ (कार्य निष्पादन के मानक ) विनियम, 2007 में विनिर्दिष्ट कार्यावधि के अनुसार किया जाये।
याचिका भाग 1 -क]
1443
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 17.3
क्षणिक औसत व्यवधान आवृत्ति सूचकांक (एम ए आई एफ आई)
माह
N₁ = प्रत्येक व्यवधान के कारण प्रभावित iवें पोषक का संयोजित भार
MAIFI
En Ai x Ni Ne i=1
N₁= वितरण अनुज्ञापी के आपूर्ति क्षेत्र में 11 के वी पर कुल संयोजित भार
C₁ = माह हेतु वें पोषक पर सभी धारित व्यवधानों की कुल संख्या (प्रत्येक 5 मिनट के बराबर या उससे कम)
अप्रैल
मई
जून
जुलाई
अगस्त सितम्बर
अक्टूबर
नवम्बर दिसम्बर
जनवरी
फरवरी
मार्च
योग
नोटः
n= आपूर्ति के अनुज्ञापित क्षेत्र में 11 केवी पोगकों की संख्या (मुख्य रूप से कृषि भार सेवा करने वाले पोषकों कोछोड़कर)
1. पोषकों का शहरी व ग्रामीण के रूप में पृथक्करण किया जाये तथा सूचकांकों का मूल्य प्रत्येक माह हेतु पृथक रूप से रिपोर्ट किया जाये ।
2. सूचकांकों का परिकलन उविनिआ (कार्य निष्पादन के मानक) विनियम, 2007 में विनिर्दिष्ट कार्यावधि के अनुसार किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1444
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.1
शंट कैपेसिटर परिवर्धन / मरम्मत कार्यक्रम
कम सं०
विवरण
क्षमता (एम वी ए आर)
कैपेसिटर परिवर्धन
1 पूर्व वर्ष के अंत में कुल कैपेसिटर्स आवश्यक
2 पूर्व वर्ष के अंत में वास्तविक रूप से संस्थापित कैपेसिटर्स
3 पूर्व वर्ष के अंत में बैक लॉग/ कमी (1-2)
4 वर्तमान वर्ष के लिए अतिरिक्त आवश्यकता
5 वर्तमान वर्ष के दौरान जोड़े जाने के लिए आवश्यक कुल क्षमता (3 +4)
6 वर्तमान वर्ष के प्रथमार्ध के दौरान वास्तव में संस्थापित
7 वर्तमान वर्ष के द्वितीयार्ध हेतु लक्ष्य
वर्तमान वर्ष की अवधिके दौरान जोडे जाने के लिये संभावित कुल कैपेसिटर्स (6 +7)
8
9
वर्तमान वर्ष के अंत तक उपलब्ध होने वाली संभावित कुल क्षमता (2-11)
10 कमी यदि कोई है (5-9)
त्रुटिपूर्ण शंट कैपेसिटर्स की मरम्मत
11 पूर्व वर्ष के अंत में
12 पूर्व वर्ष के अंत तक उपलब्ध शुद्ध क्षमता (2-8)
13 वर्तमान वर्ष के प्रथमार्ध में क्षतिग्रस्त कैपेसिटर्स
14 वर्तमान वर्ष के प्रथमार्ध में मरम्मत किये गये कैपेसिटर्स
15 वर्तमान वर्ष के प्रथमार्ध के अंत तक उपलब्ध शुद्ध क्षमता (12-13 + 14)
16 वर्तमान वर्ष के अंत क्षतिग्रस्त कैपेसिटर्स का लक्ष्य स्तर
17 वर्तमान वर्ष के अंत तक उपलब्ध होने वाली संभावित शुद्ध क्षमता (9-16)
18 वर्तमान वर्ष के अंत तक शुद्ध कमी (5-17)
उपरोक्त पत्रक के साथ , उसके कारणों एवं सुधार हेतु किये गये उपायों/ नियोजित उपायों का विस्तृत नोट संलग्न किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1445 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.2
विद्युत दुर्घटनाऐं
दुर्घटनाओं की संख्या
दुर्घटना का प्रकार
पूर्ववर्ष
वर्तमान वर्ष
घातक
अघातक
घातक
योग
अघातक
योग
मानवीय
पशु
योग
उपरोक्त वियरन के साथ उसके कारणों, सुधार हेतु किये गये उपार्या/नियोजित उपायों का विस्तृत नोट सलग्न होना चाहिये ।
याचिकाकर्ता 1446
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.3
पोषक ट्रिपिंग के कारण आउटैजेज का सार
पूर्ववर्ष
वर्तमान वर्ष (वास्तविक)
कम सं०
मद
पोषकों की संख्या
पोषकों की संख्या ट्रिपिंगस की संख्या
ट्रिपिंगस की संख्या
ट्रिपिंगस की (घंटे) कुल अवधि
ट्रिपिंगस (घंटे) की कुल अवधि
1 पोषक वोल्टेज स्तर - 1
2 पोषक वोल्टेज स्तर - 2
3 पोषक वोल्टेज स्तर - 3
4
वोल्टेज स्तर-1 के लिए प्रति पोषक व्यवधान की औसत अवधि
वोल्टेज स्तर -2 के लिए प्रति पोषक व्यवधान की औसत अवधि
5
वोल्टेज स्तर-3 के लिए प्रति पोषक व्यवधान की औसत अवधि
6
विवरण अनुज्ञापी के लिए वोल्टेज स्तर 66 केवी, 33 केवी और 11 केवी है प्रति पोषक औसत व्यवधान व्यक्धानों की कुल अवधि/(पोषकों की संख्या × ट्रिपिंग की संख्या) उपरोक्त पित्रकके साथ उसके कारणों, सुधार हेतु किये गये उपायों नियोजित उपायों का विस्तृत नोट संलग्न होना चाहिये ।
याचिकाकर्ता 1447 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.4
वर्ष के दौरान की गई श्रेणीवार लोड शैडिंग
(एमयू में)
श्रेणी-2
विवरण
अन्य विक्रय योग
श्रेणी -1
श्रेणी -3
पूर्ववठी पर्ष
1 एस एल डी सी के अनुदेशों पर (ड्राउन के नियंत्रण हेतु)
एस एल डी सी के अनुदेशों पर ( पारेषण अनुज्ञापी के नेटवर्क में अतिभार टालने के लिये)
2
3 एस एल डी सी के अनुदेशों पर (डी पी सी एल नेटवर्क में कम वोल्टेज के कारण )
पारेषण अनुज्ञापी के नेटवर्क में आउटेज के कारण
स्वंय के नेटवर्क में आउटेज के कारण
किसी अन्य विवरण अनुज्ञापी के नेटवर्क में आउटेज के कारण
पारेषण अनुज्ञापी के नेटवर्क में पारेषण माध्यता के कारण
स्वयं के नेटवर्क में अतिभार टालने के लिए
9 किसी अन्य वितरण अनुज्ञापी के नेटवर्क में अतिभार टालने के लिये
10 कोई अन्य कारण
पर्तमान वर्ष (
पूर्व धर्म के लिये योग उस अवधि के निये जित्त के लिये पारखविक डाटा उपलम्व है)
एस एल डी सी के अनुदेशों पर (ड्राउन के नियंत्रण हेतु)
एस एल डी सी के अनुदेशों पर ( पारेपण अनुज्ञापी के नेटवर्क में अतिभार टालने के लिये)
2
3 एस एल डी सी के अनुदेशों पर (डी पी सी एल नेटवर्क में कम वोल्टेज के कारण )
4 पारेषण अनुज्ञापी के नेटवर्क में आउटेज के कारण
5
स्वंय के नेटवर्क में आउटेज के कारण
6 किसी अन्य विवरण अनुज्ञापी के नेटवर्क में आउटेज के कारण
पारेषण अनुज्ञापी के नेटवर्क में पारेषण बाध्यता के कारण
स्वयं के नेटवर्क में अतिभार टालने के लिए किसी अन्य वितरण अनुज्ञापी के नेटवर्क में
9 किसी अन्य वितरण अनुज्ञापी के नेटवर्क में अतिभार टालने के लिये
10 कोई अन्य कारण
वर्तामार्न पर्ष के लियेयोग
पूर्ववर्ती वर्ष/ का पत्रक तथा वर्तमान वर्ष हेतु वास्तविक उपलब्ध डाटा की अवधि प्रस्तुत की जाये ।
तीव्र योल्टेज उतार चढ़ाव व चकीय साप्ताहिक अवकाश को लोड शैडिंग न माना जाये ।
उपरोक्त पत्रक के साथ उसके कारणों, सुधार हेतु किये गयेउपायों/नियोजित उपायों का विस्तृत नोट संलग्न होना चाहिये ।
याचिकाकर्ता 1448
दिसम्बर, 2024 ई०
,1946 शक सम्वत्)
उत्तराखण्ड गजट, 07
(अग्रहायण16
[भाग 1 -क
क्षेत्रमेंबतिभारित
याचिकाकर्ता
क्षेत्रमेंअतिभारित
साईनसंकाईबचिरित
बतिभारितपोच्चों
साईनकीसंघाई
पोच्चथी
क्षेत्रमेंअतिभारित
क्षेत्रमेंविभारित
साईनसंचाईधिगारित
कीसंख्धा विधिभारितोषकों
संाईतीथेटो
आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
अतिभारितपोषक
वितरणअनुज्ञापीकानाम आपूर्तिकाअनुज्ञापितक्षेत्र
जनपद-।
प्रपत्रएफ18.5
जनपद-1
जनपद-1
जनपद-3
जनपद-2
जनपद-3
जनपद-2
सर्किल2
जनपद-2
उपयोगसर्किल७७केपी
जनपद-2
जनपद-3
जनपद-3
जनपद-1
जनपद-2
जनपद-1
जनपद-3
जनपद-2
जनपद-1
जनपद-3
उप-योगसर्किल11केवी
उप-योगसर्पित66.केवी
उप-योगसर्किल33केवी
08केवी
33केवी
उप-योगसर्किल11केवी
11केवी
उप-योगसर्किल33केपी
१००केवी
वजनएपेअरीभातिकेसभीमानाजायेयदियहप्रतिदिनऔसतएकघंटेकेलियेरेटेडभारके110%सेअधिकसेवाहोजातीपूर्वप अधिहेतुप्रदानकीजाये।
सी11केवी
भी33केवी
एक
०७कोवीपरसभीशक्तिकायोग 23कीपरसभीसर्जितकायोग
11सेदीपरभीसर्किलाकायोग 1449 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.6
परिवर्तकों की विफलता
पूर्ववर्ती वर्ष
वर्तमान वर्ष (वास्तविक)
कम सं०
मद
परिवर्तकों की संख्या
परिवर्तकों की संख्या
विफलताओं की संख्या
विफलताओं की संख्या
विफलताओं की कुल अवधि (घंटे)
विफलताओं की कुल अवधि(घंटे)
परिवर्तन अनुपात
1 रूपांतरण अनुपात 1
2 रूपांतरण अनुपात - 2
3 रूपांतरण अनुपात 3
4 रूपांतरण अनुपात 4
व्यवधान की औसत अवधि
5 रूपांतरण अनुपात 1 के लिए प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
6 रूपांतरण अनुपात 2 के लिए प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
7 रूपांतरण अनुपात 3 के लिए प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
8 रूपांतरण अनुपात 4 के लिए प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
विवरण अनुज्ञापी के लिए रूपांतरण अनुपात 66/33 केवी, 66/11 केपी, 33/11 केवी, और 11 केवी/400 हैं। फेथी, और 11 केवी/400 हैं।
उपरोक्त पत्रक के साथ उसके कारणों व सुधार हेतु किये गये उपायों/ नियोजित उपायों का विस्तृत नोट संलग्न होना चाहिये ।
याचिकाकर्ता 1450
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.7
अतिभारित वितरण परिवर्तक (डी टी आस)
पूर्ववर्ष
वर्तमान वर्म
कम रा०
क्षेत्र
क्षेत्र में डी टी आर्स की संख्या
अतिभारित की टी
आर्स की संख्या % में
क्षेत्र में की टी आर्स की संख्या
क्षेत्र में अतिभारित ढी थी गार्स की संख्या
क्षेत्र नै अतिभारित को टी आर्स की संख्या
अतिभारित से टी मार्स की संख्या % में
सर्किल 1
I
ए 33के ची
जनपद-1
जनपद-2
जनपद-3
उप-योग सर्किल 33 केवी
11 के वी
जनपद -1
जनपद-2
जनपद-3
उप-योग सर्किल 11 केवी
II सर्किल 2
A 33के वी
जनपद-1
जनपद-2
जनपद-3
उपयोग सर्किल 66 केवी
B 11 के वी
जनपद-1
जनपद-2
जनपद-3
उप-योग सर्किल 11 केवी
33के वी पर सभी सर्किल्त के लिये योग
11 के वी पर सभी सर्किल्स के लिये योग
एक उपकरण को अतिभारित केवल तभी माना जाये यदि यह प्रतिदिन औसत एक घंटे के लिये रेटेड भार के 110% के अधिक ले रहा हो ।
जानकारी पूर्व वर्ष के लिये तथा वर्तमान वर्ष की वास्तविक अवधि हेतु प्रदान की जाये।
उपरोक्त पत्रक के साथ उसके कारणों सुधार हेतु किये गये उपायों/नियोजित उपायों का विस्तृत गोट संलग्न होना चाहिये ।
याचिकाकर्ता 1451 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
वितरण अनुज्ञापी का नाम
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.8
प्राप्यों की आयुकारक अनुसूची
(आंकड़े रू० करोड में)
(वर्तमान वर्ष के 30 सितम्बर पर)
आयु के साथ अनुज्ञापी के प्राप्य
कम सं०
प्राप्य
2से 3 वर्ष 3 से 4 वर्ष > 4 वर्ष
1 माह से 2 वर्ष
6 माह से 1 वर्ष
< 6 माह
सर्किल 1
श्रेणी -1
श्रेणी -2
श्रेणी -3
1
श्रेणी -4
श्रेणी -5 इत्यादि
सर्किल के लिये उप योग
सर्किल 2
श्रेणी-1
श्रेणी -2
2 श्रेणी-3
श्रेणी -4
श्रेणी -5 इत्यादि
सर्किल के लिये उप योग
योग
उपरोक्त पत्रक के साथ उसके कारणों, सुधार हेतु किये गये उपायों/नियोजित उपायों का विस्तृत नोट संलग्न होना चाहिये ।
याचिकाकर्ता 1452
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.9
नीटरिंग की प्रास्थिति
अन्य विक्रय
योग
श्रेणी-1
श्रेणी-2
श्रेणी-3 इत्यादि
मद
कम सं०
1
पूर्व वर्ष पूर्व वर्ष के आरम्भ पर मीटरीकृत उपभोक्ताओं की संख्या
पूर्व वर्ष के आरम्न पर गैर मीटरीकृत
2 उपगोक्ताओं की संख्या
3
पूर्व वर्ष के आरम्भ पर उपभोक्ताओं की कुल संख्या
पूर्व वर्ष के आरम्म पर त्रुटिपूर्ण मीटरों पाले
4
उपभोक्ताओं का संख्या
5
पूर्व वर्ष के आरम्भ पर मीटरीकृत उपभोक्ताओं के % के रूप में त्रुटिपूर्ण मीटर वाले उपभोक्ता (4/1)
6
पूर्व वर्ष के आरम्भ में कुल उपभोक्ताओं के % के रूप में गैर मीटरीकृत उपभोक्ता(2/3 ) वर्तमान पर्ष
1
वर्तमान वर्ष के आरम्भ पर मीटरीकृत उपभोक्ताओं की संख्या
2
वर्तमान वर्ष के आरम्भ पर गैर मीटरीकृत उपभोक्ता
3
वर्तमान वर्ष के आरम्भ पर उपभोक्ताओं की कुल संख्या (1+2)
4
वर्तमान वर्ष के आरम्भ पर त्रुटिपूर्ण मीटर वाले उपभोक्ताओं की संख्या
5.
वर्तमान वर्ष के आरम्भ पर मीटरीकृत उपभोक्ताओं के % के रूप में त्रुटिपूर्ण मीटर वाले उपभोक्ता ( 4/1)
6
वर्तमान वर्ष के आरम्भ में कुल उपभोक्ताओं के % के रूप में गैर मीटरीकृत उपभोक्ता (2/3 )
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1453
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वितरण अनुज्ञापी का नाम
आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.10
ग्राहक बिलों का जारी करना
पूर्व वर्ष
क्रम सं०
श्रेणी
वर्तमान वर्ष (वास्तविक )
बिलिंग अवधि के 30 दिनों के पश्चात् जारी किये गये ग्राहक बिलों की संख्या
बिलिंग अवधि के 30 दिनों के भीतर जारी किये गये ग्राहक बिलों की संख्या
1 श्रेणी - 1
2 श्रेणी - 2
3 श्रेणी - 3
4 श्रेणी- 4
5 श्रेणी - 5
श्रेणी - 6
6
7 श्रेणी - 7 इत्यादि
योग
बिलिंग अवधि के 30 दिनों के भीतर जारी किये गये ग्राहक बिलों की संख्या
बिलिंग अवधि के 30दिनों के पश्चात्जारी किये गये ग्राहक बिलों की संख्या
याचिकाकर्ता 1454
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
वितरण अनुज्ञापी का नाम आपूर्ति का अनुज्ञापित क्षेत्र
प्रपत्र एफ 18.11
लंबित सेवा संयोजन आवेदनों की संख्या
पूर्ववर्ष (एन -1 )
अवधि के आरम्भ में संबंधित भार (रम
कम पठ
संबंधित पार (एम
संबंधित भारः (एम अवधि के डांत में संबंधित भार (एम
भवधि के दौरान प्राप्त
आवेदनों का संख्या
अवधि के दौरान जारी संयोजनों की संख्या
श्रेणी - 1
1
श्रेणी- 2
2
श्रेणी - 3
3
श्रेणी - 4
4
श्रेणी- 5
5
श्रेणी - 6
6
7 श्रेणी- 7 इत्यादि
योग
पूर्ववर्ष (एन )
अरधि के आरम्भ में
संबंधित भार (एग
संबंधित मार (एम
श्रेणी
कम सं०
अवधि के दौरान प्राप्य
वावेदनों का संख्या
अवधि के अंत में संविव
संबंधित भार (एम राम्ल्यू)
संबंधित भार (एन उम्ल्यू)
अवधि के दौरान पारी संयोजनों की संख्या
श्रेणी -1
1
श्रेणी- 2
2
श्रेणी- 3
3
श्रेणी - 4
4
श्रेणी- 5
5
श्रेणी - 6
7 श्रेणी- 7 इत्यादि
योग
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1455
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
विवरण अनुज्ञापी का नाग आपूर्ति अ अनुभाषित क्षेत्र
प्रपत्र पृष्ठ 16.12
एफ.टी. कार्यों का कार्यकारी सारांत
पिण्या वर्ष (एल-1 )
चाथों की
दो
चार्य का स्थान (विशिष्ट)
बायोग द्वारा धनुमोदन की हैसिय निरीगण किये गये पायी था विवरण
पच योजना का गान जिराचा ऐसा कार्य भाग
योग
निरीक्षण थी परितंपतियों के पूंजीकरण
अनुपानन किया गया
विद्युत निरोधक पा यक्सोकन/ सिफारिशें
निरीक्षण है करने की विधि
परिसंपतियों के चार्जिग की 1456
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
हायड्रो के लिये प्रारूप
क्रम प्रारूप संख्या विवरण
सं०
1. प्रपत्रः एफ 1.1 प्रति यूनिट दर का संगणन
2.
प्रपत्रः एफ 1.2 राजस्व एवं राजस्व आवश्यकता का सारांश
3. प्रपत्रः एफ 2.1
विक्रय योग्य ऊर्जा व पी ए एफ
4.
प्रपत्रः एफ 2.2 विद्युत उत्पादन ( एम यू) पर जानकारी
5. प्रपत्रः एफ 2.3
जल विद्युत परियोजना की मुख्य विशेषताएं
6. प्रपत्रः एफ 2.4
आरओआर प्रकार स्टेशन्स डिज़ाईन ऊर्जा एवं एमडब्ल्यू निरंतर (माहवार)
7. प्रपत्रः एफ 3 शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभारों का संगणन
8.
प्रपत्रः एफ 4 सकल स्थिर आस्ति आधार व वित्त पोषण योजना का पत्रक
9. प्रपत्रः एफ 5.1 आस्तिवार अवक्षय का पत्रक
10. प्रपत्रः एफ 5.2 अवक्षय का पत्रक
11. प्रपत्रः एफ 6.1 पूँजीगत व्यय का पत्रक
12. प्रपत्रः एफ 6.2 पूँजीगत प्रगति अधीन कार्यों का पत्रक
13. प्रपत्रः एफ 6.3 पूँजीगत व्यय व नयी योजनाओं व सी ओ डी की अनुसूची का पत्रक
14.
प्रपत्रः एफ 6.4 नयी योजनाओं के लिए पूँजीगत व्यय का ब्यौरा
15. प्रपत्रः एफ 6.5 सी ओ डी पर जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के लिए पूँजी लागत का ब्यौरा (नये
स्टेशनों के लिये)
16. प्रपत्रः एफ 6.6
सी ओ डी पर निर्माण / आपूर्ति / सेवा पैकेजों का ब्यौरा (नये स्टेशनों के लिए)
17.
प्रपत्रः एफ 6.7 आई डी सी एवं वित्त पोषण प्रभारों के परिकलन हेतु ड्रॉ डाऊन अनुसूची
18. प्रपत्रः एफ 6.8 परियोजना के अंतान्त के दौरान अतिरिक्त पूंजीकरण का पत्रक
19. प्रपत्रः एफ 6.9 अवधि के दौरान गैर - पूँजीकृत आस्ति का विवरण
20. प्रपत्रः एफ 6.10 बहियों के अनुरूप पूँजी संवर्धन सहित दावाकृत एसीई का मिलान दर्शाने वाला
पत्रक
21. प्रपत्रः एफ 6.11 निर्माण के दौरान प्रासंगिक व्यय
22. प्रपत्रः एफ 7 पूँजी लागत व वित्त पोषण संरचना का विवरण
23. प्रपत्रः एफ 8 वित्तीय पैकेजों का विवरण
24. प्रपत्रः एफ 9.1 बकाया ऋणों का पत्रक
25. प्रपत्रः एफ 9.2 वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भारित औसत ब्याज दर का परिकलन
26. प्रपत्रः एफ 9.3 मानकीय ऋण पर ब्याज परिकलन
27. प्रपत्रः एफ 10 . कार्यशील पूँजी पर ब्याज का विवरण
28. प्रपत्रः एफ 11 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्ययों का विवरण
29. प्रपत्रः एफ 11.1 मरम्मत एवं रखरखाव व्ययों का विवरण
30. प्रपत्रः एफ 11.2 कर्मचारी व्ययों का विवरण
31. प्रपत्रः एफ 11.3 प्रशासनिक व सामान्य व्ययों का विवरण
32. प्रपत्रः एफ 12 गैर शुल्क आय
33 . प्रपत्रः एफ 13 सहीकरण का साराशं
34. प्रपत्रः एफ 14 इक्विटी पद प्रतिफल दर्शाने वाला पत्रक
35. प्रपत्रः एफ 14A इक्विटी पर प्रतिफल
1457
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
उत्पादक कम्पनी का नाम उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ:1.1
प्रति यूनिट दर का संगणन
(आकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष ( एन)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+1)
पूर्ववर्ष (एन-1)
मद
यूनिट
क्रम सं०
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-मार्च)
अक्टू० -मार्च
(आंकलित)
अप्रैल-सित० (वास्तविक)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
करोड़ रू०
वार्षिक स्थिर लागत
1
एम यू
2
विक्रय योग्य ऊर्जा (अनुषंगी उपभोग एवं गृह राज्यांश का डिजाईन ऊर्जा शुद्ध)
रु०/ यूनिट
3
विक्रय योग्य ऊर्जा की प्रति यूनिट दर
नोट:
याचिकाकर्ता एन -वित्तीय वर्ष 2024-25 1458
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ:1.2
राजस्व एवं राजस्व आवष्यकता का सारांश
पूर्ववर्ष (एन-1 )
मद
कम सं
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
[भाग 1 -क
(आकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (+2)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित अक्टू०-मार्च (आंकलित)
अप्रैल-सित०
(वास्तविक)
ए उत्पादन
1 सकल उत्पादन ( एम यू)
2 अनुषंगी उपभोग (%)
3 अनुषंगी उपभोग (एम यू)
4 शुद्ध उत्पादन (एम यू) (13)
बी राजस्व
1 ऊर्जा के विक्रय से राजस्व
2 गैर शुल्क आय
कुल राजस्व (1+2)
सी व्यय
1 ओ एंड एम व्यय
ए. आर एंड एम व्यय
वी. कर्मचारी व्यय
ए.एंड जी व्यय
सी.
अवक्षय
2
3 पट्टा प्रभार
4 ऋणों पर ब्याज
5 कार्यशील पूँजी पर व्याज
कुल व्यय ( 1+2+3+4+5)
इक्विटी पर प्रतिफल
डी
ई राजस्व आवश्यकता (सी+डी)
आधिक्य (+) कमी (-) (वी- ई)
नोट:
एन =वित्तीय वर्ष 2024-25
योग (अप्रैल-मार्च)
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1459
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 2.1
विक्रय योग्य ऊर्जा व पी ए एफ
पूर्व वर्ष (एन-1 )
विवरण
यूनिट
कम सं०
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(आकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-मार्च)
अक्टू०-मार्च (आंकलित)
अप्रैल-सित०
(वास्तविक)
1 डिजाईन ऊर्जा
(एम य)
2 अनुषंगी उपभोग
(ए) उत्पादित ऊर्जा के (% ) में (%)
(बी) एम यू में (एम यू)
3 बाह्य प्रेषित ऊर्जा (ए-2वी) (एम यू)
4 गृह राज्यांश (%)
5 विकय योग्य ऊर्जा (( (3) × [1- (4) ] ] (एम यू)
6 संयंत्र उपलब्धता कारक (%)
याचिकाकर्ता 1460
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 2.2
ऊर्जा उत्पादन (एम यू) पर जानकारी
(आकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष(एन+1)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3))
आगानी वर्ष(एन+1)
माह
डिजाईन ऊर्जा
कम सं०
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल-सित०
(वास्तविक)
अक्टू-मार्च (आंकलित)
1. अप्रैल
2. मई
3. जून
4. जुलाई
5. अगस्त
सितम्बर
6.
7. अक्टूबर
8.
नवम्बर
9 . दिसम्बर
जनवरी
10.
फरवरी
11.
मार्च
12.
याचिकाकर्ता 1461 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र 2.3
जल विद्युत परियोजना की मुख्य विषेषताएँ
(आकड़े करोड़ों में)
विवरण
आगामी वर्ष (एन+3))
वर्तमान वर्ष (एन)
क्रम सं०
आगामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+2)
पूर्ववर्ष (एन+1)
1 संस्थापित क्षमता (एम डब्लू)
(ए) यूनिट-1
(बी) यूनिट-2
यूनिट-3
(सी)
यूनिट-4 इत्यादि
(डी)
2 वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि (दिन/ माह /वर्ष)
यूनिट-1
(ए)
यूनिट-2
(बी)
यूनिट-3
(सी)
यूनिट-4 इत्यादि
(डी)
3 बंधे हुए लाभार्थियों का विवरण / लाक्षित लाभार्थियों/ प्रत्येक लाभार्थी श्रेणी के लिए संस्थापित क्षमता के संदर्भ में. प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ व्यापारिक क्षमता
(%)
(i) लाभार्थी -1
लाभार्थी -1
(%)
(ii)
(iii)
(iv)
4
(एम यू)
डिज़ाइन ऊर्जा
5 अपेक्षित वार्षिक ऊर्जा उत्पादन (एम यू)
संबंधित पारेषण प्रणाली विवरण या प्रस्तावित निकासी
6
व्यवस्था
ए) वोल्टेज स्तर
बी) कंडक्टर का नाम और सर्किट की संख्या
सी) तार की लम्बाई किमी में
डी) अतः सम्बद्ध सब- स्टेशन का नाम
निर्माणकर्ता का नाम
7
ए) टर्बाइन (फ्रांसिस / कापलान/पेल्टन)
बी) उत्पादक
8 कार्य-क्षमता
टरबाइन की कार्य क्षमता का गांरटीड डिजायन
ए)
बी) उत्पादक की कार्य क्षमता का गांरटीड डिजायन
संचालन प्रणाली के प्रकार
9
स्टेशन के प्रकार
10
ए) धरातल/ भूमिगत
बी) शुद्ध रुप से आरओआर / पौण्डेज / स्टोरेज
सी) पीकिंग/ गैर पीकिंग
डी) पीकिंग के घंटों की संख्या
11 उत्तेजन के प्रकार
(हाँ / नहीं)
ए) जनरेटर पर रोटेटिंग उत्तेजना
(हाँ / नहीं)
(हाँ/ नहीं)
(हाँ/ नहीं)
बी) स्थिर उत्तेजना
12अवस्थिति
राज्य/जनपद
नदी
13 विपथन सुरंग
माप , आकार
लंबाई
14 बांध
प्रकार
अधिकतम बांध ऊंचाई 1462
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
15 स्पिल वे
प्रकार
स्पिल वे का केस्ट स्तर
16 जलाषय
पूर्ण जलाशय स्तर ( एफ आर एल)
न्यूनतम ड्रॉ डाउन स्तर (एम डी डी एल )
लाईव स्टोरेज (एम सी एम)
17 डिस्टिलिंग व्यवस्था
प्रकार
संख्या व माप
हटाये जाने वाले कणों की संख्या (एम एम)
18 गाद निकाले जाने वाले कक्ष का सिल्ट स्तर का डिजाईन
प्रवेश पर अधिकतम
(पीपीएम)
निकास पर अधिकतम
(पीपीएम)
19 हैंड रेस सुरंग
माप व प्रकार
डिज़ाईन डिस्चार्ज (क्यूमेक्स)
20 सर्ज शैफ्ट
प्रकार
ब्याज
व्यास व ऊंचाई
21 पैनस्टॉक/प्रेषर शैफ्ट्स
प्रकार
ब्याज व लंबाई
22 पावर हाउस
प्रकार
संस्थापित क्षमता (यूनिटों की संख्या x एम डब्ल्यू)
मंद अवधि के दौरान पीकिंग क्षमता ( एम डब्ल्यू)
टर्बाइन का प्रकार
रेटेड हैड ( एम)
औसत हैड (एम)
रेटेड डिस्चार्ज (क्यूमेक्स)
पूर्ण जलाशय स्तर पर हैड ( एम)
न्यूनतम ड्रा डाउन स्तर पर हैड (एम)
एफ आर एल पर एम डब्लू क्षमता (एम डब्लू)
पूर्ण जलाशय स्तर एवं न्यूनतम डॉ डाएन स्तर (एम डब्ल्यू)
के मध्य विभिन्न स्तरों पर मशीन आउटपुट में परिवर्तन
23 टेल रेस चैनल
व्यास , आकार
लंबाई
24 स्विचयार्ड
स्विच गियर का प्रकार
जेनरेटर बेज़ की संख्या
बस कपलर बेज़ की संख्या
लाईन बेज़ की संख्या
25 जेनरेटर ट्रांसफार्मर का विवरण
1. निर्माण
2. ट्रांसफार्मर की संख्या
3. रेटिंग
4. वोल्टेज अनुपात
नोट-सिंचाई, पेयजल , औधौगिक , पर्यावरणीय, सरोकारों इत्यादि के कारण जल के उपयोग पर प्रतिबंधों के कारण विशिष्ट समय अवधि के दौरान उत्पादन पर परिसीमन को विनिर्दिष्ट करें ।
याचिकाकर्ता 1463 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
उत्पादक कम्पनी का नाम उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 2.4
आरओआर प्रकार स्टेशन्स डिजाईन ऊर्जा एवं एम डब्ल्यू निरंतर (माहवार)
(आकड़ें करोड़ों में)
माह
एमडब्ल्यूनिरंतर *
डिज़ाईन ऊर्जा * (एम यूएस)
अप्रैल
1
2
3
मई
1
2
3
1
जून
2
3
1
जुलाई
2
3
1
अगस्त
2
3
1
सितम्बर
2
3
1
अक्टूबर
2
3
नवम्बर
1
2
3
दिसम्बर
1
2
3
1
जनवरी
2
3
1
फरवरी
2
3
मार्च
1
2
3
कुल
*सीईए तिथि की डीपीआर / टीईसी के अनुसार
याचिकाकर्ता 1464
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
उत्पादक कम्पनी का नाम उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-3
शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभारों का संगणन
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+1)
वर्षान्त मार्च
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3) क्रम सं०
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल-सित०
(वास्तविक)
योग (अप्रैल-मार्च)
अक्टू-मार्च (आंकलित)
1 ऋण पर व्याज (मानकीय ऋणों पर ब्याज सहित)
2 अवक्षय
पट्टा प्रभार
3
4 इक्विटी पर प्रतिफल
(ए) इक्विटी पर प्रतिफल की दर
(बी) इक्विटी
(सी) इक्विटी पर प्रतिफल (4 ए) * (4थी)
5 ओ एंड एम व्यय
5.1 कर्मचारी लागतें
5.2 मरम्मत एवं रखरखाव व्यय
5.3 प्रशासकीय एवं सामान्य लागतें
8 कार्यशील पूँजी पर ब्याज
7 सकल वार्षिक स्थिर प्रभार (1+2+3 +4(सी) + 5+6)
8 घटा कर अन्य आय (विवरण प्रदान करें)
9 शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभार (7-8)
याचिकाकर्ता 1465 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 4
सकल स्थिर आस्ति आधार व वित्त पोषण योजना का पत्रक वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि पर अंतिम अनुमोदित लागत
(आंकड़े करोड़ों में)
पूंजीगत व्यय
याणिज्यिक प्रचालन की तिथि
(ए) यूनिट -1
(दिन/माह/वर्ष)
(बी) यूनिट -2
(दिन/ माह/वर्ष)
(सी) यूनिट -3
(दिन/माह/ वर्ष)
(दिन/भाह/वर्ष)
(डी) यूनिट -4
(दिन/माह/वर्ष)
(ई) यूनिट 5 इत्यादि*
मूल वित्त पोषण योजना (यूनिट वार)
रूपया आवधिक ऋण
ऋण 1
ऋण 2 *
विदेशी मुद्रा ऋण
ऋण 1
ऋण 2 *
इक्विटी
रूपये में
विदेशी मुद्रा में
पूर्ववर्ष(एन-1)
(आंकड़े करोड़ों में)
अंत अधिशेष
आरम्भिक अधिषेष
आस्तियों का विवरण
वर्ष के दौरान आस्तियों का सेवांत
वर्ष के दौरान परिवर्धन *
ए) भूमि
बी) भवन
सी) और आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग-
सकल स्थिर आस्तितों का विवरण
वर्तमान वर्ष (एन)
(आंकड़े करोड़ों में)
वर्ष के दौरान आस्तियों का सेवांत *
वर्ष के दौरान आस्तियों का परिवर्धन *
आस्तियों का विवरण
आरम्भिक अधिपेष
अंत अधिषेष
अक्टू० मार्च (आंकलित)
अप्रैल-सित ० (वास्तविक)
अप्रैल-सित० (वास्तविक)
अक्टू० गार्च (आंकलित)
ए भूमि
बी- भवन
सी- और आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग 1466
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
आगामी वर्ष (एन-1)
आंकड़ें करोड़ों में)
आस्तियों का विवरण
आरम्भिक अधिशेष वर्ष के दौरान परिवर्धन *
अंत अधिशेष
वर्ष के दौरान आस्तियों का सेवांत *
ए) भूमि
वी) भवन
सी) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग
आगामी वर्ष (एन +2)
(आंकड़ें करोड़ों में)
आस्तियों का विवरण
आरम्भिक अधिशेष
अंत अधिशेष
वर्ष के दौरान परिवर्धन *
वर्ष के दौरान आस्तियों का सेवांत *
ए) भूमि
बी) भवन
सी ) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग-
आगामी वर्ष (एन+3)
(आकड़ें करोड़ों में) आस्तियोंका विवरण
अंत अधिशेष
आरम्भिक अविशेष वर्ष के दौरान परिवर्धन *
वर्ष के दौरान आस्तियों का सेवांत *
ए) भूमि
बी) भवन
सी) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग
* कृपया वर्ष के दौरान आस्तियों में परिवर्धन एवं सेवान्त की वास्तविक / प्रस्तावित तिथियां उपलब्ध करें ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1467 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 5.1
आस्तिवार अवक्षय का पत्रक
पूर्ववर्ष (एन-1)
(आंकड़े करोड़ों में)
आस्तियों का विवरण
वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
अवक्षय की दर % में
वर्ष के आरम्भ पर संचित अवक्षय
वर्ष के दौरान निकासियां
वर्ष के अंत पर संचित अवक्षय काअधिषेष
ए) भूमि
बी) भवन
सी) और आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग-
वर्तमान वर्ष (एन)
(आंकड़ें करोड़ों में)
आस्तियों का विवरण
वर्ष के दौरान निकासियां
वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
अवक्षय की दर % में
वर्ष के आरम्भ पर संचित अवक्षय
वर्ष के अंत पर संचित अवक्षय का अधिषेष
अप्रैल-सित ०
(वास्तविक)
अवटू०-मार्च (आंकलित)
अक्टू०-मार्च (आंकलित)
(वास्तविक) अप्रैल-सित०
ए) भूमि
बी) भवन
सी) और आगे इसी प्रकार (विनियमों में
दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग-
आगामी वर्ष (एन+1 )
(आंकड़े करोड़ों में)
आस्तियों का विवरण
अवक्षय की दर % में
वर्ष के आरम्म पर संचित अवक्षय
वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
वर्ष के दौरान निकासियां
वर्षके अंत पर संचित अवक्षय का अधिषेव
ए) भूमि
बी) भवन
सी) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग 1468
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
आगामी वर्ष (एन+2)
आस्तियों का विवरण
अवक्षय की दर % में
[भाग 1 -क
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्ष के आरम्भ पर
संचित अवक्षय
ए) भूमि
बी) भवन
सी) और आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण
अनुसार)
योग
आगामी वर्ष (एन+3)
आस्तियोंका विवरण
अवक्षय की दर :में वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
वर्ष के दौरान निकासियां
वर्ष के अंत पर संचित अवक्षय का अधिषेष
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्ष के आरम्भ पर
संचित अवक्षय
ए) भूमि
बी) भवन
सी) और आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये
वर्गीकरण अनुसार)
योग
वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
वर्ष के दौरान निकासियां
वर्षके अंत पर संचित अवक्षय का अधिषेष
याचिकाकर्ता 1469 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः 5.2
(आंकड़े करोड़ों में) अवक्षय का पत्रक
2013-2014-2015- 2001-2002-2003-2004-2005-2006-2007-2008-2009-2010-2011-2012-
तक
16
14 15
13
12
11
1009
0807
06
03 04 05
वित्तीय वर्ष
01
पूंजी लागत पर अवक्षय
अतिरिक्त पूंजीकरण पर अवक्षय
अतिरिक्त पूंजीकरण की राशि
अवक्षय राशि
एफ ई आर वी का विवरण
एफ ई आर वी की राशि जिस पर अवक्षय अवक्षय प्रभारित है ।
वर्ष के दौरान वसूली किया
गया अवक्षय
वर्ष के दौरान वसूल किये गये अवक्षय के विरूद्ध अग्रिम
वर्ष के दौरान वसूल किये गये अवक्षय के विरूद्ध अवक्षय राशि अवक्षय व अग्रिम
वर्ष तक वसूल किये गये अवक्षय के विरुद्ध संचयी
अवक्षय एवं अग्रिम
याचिकाकर्ता 1470
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 6.1
(आंकड़े करोड़ों में) पूंजीगत व्यय का पत्रक
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-1)
टिप्पणी++
टिप्पणी+
विवरण
सीओडी का वित्तीय वर्ष
वास्तव में उपगत कुल व्यय
आगामी वर्ष (एन+3) प्रक्षेपित
आगामी वर्ष (एन+2) प्रक्षेपित
आगामी वर्ष (एन+1) प्रक्षेपित
सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित कुल व्यय
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
योग (अप्रैल- मार्च)
अक्टू०- मार्च (आंकलित)
अप्रैल- सित० (वास्तविक)
(ए) व्यय विवरण
ए) भूमि
बी) भवन
सी) मुख्य सिविल कार्य
डी) संयंत्र एवं मशीनरी
ई) वाहन
| एफ) फर्नीचर्स व फिक्सचर्स
जी) कार्यालय उपकरण व अन्य
योग (ए)
बी) वित्त पोषण के स्रोतों का ब्यौरा
रूपया आवधिक ऋण
ऋण -1
ऋण-2
विदेशी मुद्रा ऋण
ऋण-1
ऋण-2
इक्विटी
रूपये में
विदेशी मुद्रा में
सी) अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें)
योग (बी)
नोट:1. जहां आवश्यक व अपेक्षित हो वहां समर्पित दस्तावेजों के साथ ऋणों व इक्विटी के वित्त पोषण के संबंध में ब्यौरा दिया जाय । 2. परियोजना की लागत , इसके घटकों व वित्त की योजना के संबंध में, सक्षम प्राधिकारियों के अनुमोदन की प्रतियां प्रस्तुत की जायें ।
3. टिप्पणी+: यदि वर्ष के दौरान वास्तविक व्यय , यूईआरसी या अन्य प्राधिकृत अभिकरणों द्वारा अनुमोदित से भिन्न होना अपेक्षित हो तो विचलन के कारणों को स्पष्ट करें ।
4. टिप्पणी++: यदि कुल वास्तविक व्यय, यूईआरसी या अन्य प्राधिकृत अभिकरणों द्वारा अनुमोदित से भिन्न हो तो विचलन के कारणों को स्पष्ट करें ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1471 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः 6.2
पूँजीगत प्रगति अधीन कार्यों का पत्रक
(आंकड़ें करोड़ों में)
टिप्पणी
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (एन+3) पूर्ववर्ष (एन-1)
आगामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+2)
विवरण
कम सं०
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
योग (अप्रैल-मार्च)
अक्टू मार्च (आंकलित)
अप्रैल- सित० (वास्तविक)
1 सी डब्ल्यू आई पी का आरम्भिक अधिषेष
2 जोड़कर: नये निवेष
पूंजीगत व्यय
निर्माण पूँजीकृत खर्चे के दौरान में ब्याज
3 घटाकरः पूँजीकृत निवेष
4 सी डब्ल्यूआई पी का अंत अधिषेष
याचिकाकर्ता 1472
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः 6.3
पूँजीगत व्यय व नयी परियोजनाओं के सी ओ डी की अनुसूची का पत्रक
ऊर्जा स्टेशन का
परियोजना लागत आंकलन का अनुमोदन करने वाले अभिकरण का नाम
पूजी लागत आकलन के अनुमोदन की तिथि
सक्षम प्राधिकारी द्वारा
वर्तमान दिवस पर लागत
तिथि पर)
अनुमोदित रूप में
पूंजी लागत
पूंजी लागत आकलनों हेतु विचारित विदेशी विनियम दर
(आकड़ें करोड़ों में)
विनिमय दर राशि (करोड़ रूपये)
| राशि
लागत विवरण
ए) प्राथमिक लागत
विदेशी घटक ( विदेशी मुद्रा में)
घरेलू घटक
प्राथमिक लागत योग
बी) आई डी सी व एफ सी
विदेशी घटक (विदेशी मुद्रा में)
भारतीय घटक
बी
कुल आई डी सी व एफ सी
सी-(ए+बी)
सी) कुल लागत (आई डी सी व एफ सी सहित)
कमीषनिंग की अनुसूची
कमीशनिंग की अनुसूची
यूनिट 1 का सी ओ डी
यूनिट -2 की सी ओ डी
अंतिम यूनिट का सी ओ डी
नोटः ⅰ) अनुमोदन की प्रति संलग्न की जाये
याचिकाकर्ता भाग 1 - क]
1473 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 6.4
नयी परियोजनाओं के लिये पूंजीगत व्यय का ब्यौरा
ऊर्जा स्टेशन का नाम
परियोजना लागत आंकलनों का अनुमोदन करने वाले अभिकरण का नाम
पूंजी लागत आकलन के अनुमोदन की तिथि
(आंकड़ें करोड़ों में)
स्वंग 6
आगामी वर्ष
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष
आगामी वर्ष पूर्व वर्ष (एन-1)
विवरण
7 के टिप्पणीयां+
सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित कुल व्यय
वर्तमान वर्ष तक हुआ उपगत कुल-व्यय
मव्य अंतर
अनुमोदित योजना के अनुसार वर्तमान वर्ष तक उपगत समझे गये कुल व्यय
अप्रैल- सित० (वास्तविक)
अक्टू०- मार्च (आंकलित )
वास्तव में हुआ उपगत व्यय
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
ए) व्यय विवरण
ए) भूमि
बी) भवन
सी) मुख्य सिविल कार्य
(डी) संयंत्र एवं मशीनरी
ई) वाहन
एफ) फर्नीचर व फिक्सचर्स
जी) कार्यालय उपकरण व अन्य
योग (ए)
बी) वित्त पोषण के स्रोतों का
ब्यौरा
ए) ऋण/ उधार
बी) इक्विटी
सी) अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट
करे)
योग-बी
नोट - 6 व 7 के मध्य अंतर के कारणों को स्पष्ट करें ।
याचिकाकर्ता 1474
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफः 6.5
[भाग 1 -क
सी ओ डी पर जल विद्युत उत्पादक स्टेशन के लिए पूँजीं लागत का ब्यौरा (नये स्टेशनों के लिये)
कार्यों काशीर्ष क्रम सं०
(आंकड़ें करोड़ों में)
परिवर्तन
परिवर्तन के कारण सी ओ डी पर वास्तविक लागत
कट ऑफ तिथि तक अतिरिक्त पूंजीकरण
कुल पूर्ण की गई पूंजी लागत
प्राधिकारी द्वारा
अनुमोदित रूप में
मूल लागत
1
2
1.0 अवस्थापना कार्य
1.1 विकास सहित प्राथमिक कार्य
1.2 भूमि
1.3 भवन
नगरीय
1.4
1.5 अनुरक्षण
1.6 औजार एवं संयंत्र
1.7 संप्रेषण
1.8 पर्यावरण व पारिस्थिकी
1.9 स्टॉक्स पर हानियां
प्राप्तियां व वसूलीयां
1.10
1.11 योग (अवस्थापना कार्य)
2.0 मुख्य सिविल कार्य
2.1 बांध , इन्टेक व डिस्टटिंग चैम्बर्स 4
5
8 3
7-3-6
6-4+ 5
एचआरंटी, टीआरटी, सर्ज शैफ्ट्स व प्रैशर शैफ्ट्स
2.2
ऊर्जा संयंत्र सिविल कार्य 2.3
अन्य सिविल कार्य (विनिर्दिष्ट किये जाये) 2.4
2.5 योग (मुख्य सिविल कार्य) 3.0 हायड्रो मेकनिकल उपकरण 4.0 संयंत्र एवं उपकरण
4.1 संयंत्र व उपकरण के प्रारंभिक स्पेयर्स
4.2 योग (संयंत्र व उपकरण )
5.0
कर व शुल्क
5.1 सीमा शुल्क
अन्य कर व शुल्क
5.2
5.3 कुल कर व शुल्क
6.0 निर्माण व पूर्व कमीषनिंग व्यय
6.1 इरेक्शन , परीक्षण व कमीशनिंग 6.2निर्माण बीमा
स्थल पर्यवेक्षण
6.3
6.4 योग (निर्माण व पूर्व कमीशनिंग) 7.0 उपरिशीर्ष
7.1 स्थापना
7.2 डिजायन व अभियांत्रिकी
7.3 लेखा परीक्षण व लेखा
7.4 आकस्मिकता
7.5 पुर्नवास व पुनःस्थापन
7.6 योग (उपरिशीर्ष)
8.0 आई डी सी व एफ सी के बिना पूंजी लागत 9.0 वित्त पोषण प्रभार (एफ सी) 10.0 निर्माण के दौरान ब्याज (आई डी सी) 11.0 आई डी सी व एफ सी के साथ पूंजी लागत
नोट- परियोजना का समय व लागत बढ़ जाने पर ऐसी बढ़त का औचित्य बताते हुए एक विस्तृत नोट प्रस्तुत किया जाना चाहिये जिसमें स्पष्ट रूप से उत्तरदायी अभिकरण का उल्लेख हो व यह भी कि क्या ऐसी समय व लागत की बढ़त उत्पादक कंपनी के नियन्त्रण से बाहर थी ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1475
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.6
सी ओ डी पर निर्माण/ आपूर्ति/सेवा पैकेजजें का ब्यौरा (नये स्टेषनों के लिये)
(आंकड़ें करोड़ों में)
कम सं०
कार्य पूर्ण होनेकी तिथि
नाम/निर्माण की संख्या/ आपूर्ति/सेवा पैकेज
प्राप्त बोलियों की संख्या
प्रदान किये जाने की तिथि
प्रदान कार्य का मूल्य (करोड़ रू. में)
स्थिर या वृद्धि के साथ मूल्य
कार्य आरम्भ होने की तिथि
कायों की परिधि (लागूअनुसार लागत ब्योरे के शीर्ष केअनुरूप)
क्याआई सी बी/ डी सी बी/विभागीय जमा कार्य द्वारा प्रदान किया गया है । (4)
(5)
(7)
कार्य पूर्ण होने या सी ओ डी, जो पहले ही, तक वास्तविक व्यय (करोड़ रू. में) (11) (2)
(6)
(8)
(9)
(10)
(ε)
1 यदि कोई ऐसा पैकेज है, जिसे भारतीय रूपये या विदेशी मुद्राओं में दर्शाया जाना है तो उसे मुद्रा, विनिमय, दर व तिथि के साथ पृथके रूप से दर्शाया जाये ।
याचिकाकर्ता 1476
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.7
आई डी सी एवं वित पोषण प्रभारों के परिकलन हेतु ड्रॉ डाऊन अनुसूची
तिमाही-1 ड्राडाउन
विवरण
कम संग्
[भाग 1 -क
(आंकड़ें करोड़ों में)
तिमाही-2
तिमाही- एन (सी ओ डी)
ड्रॉ डाऊन तिथि परविनिमय दर
भारतीय रूपये में राषि
विदेशी मुद्रा में मात्रा
विदेशी मुद्रा में
मात्रा
विदेशी मुद्रा में मात्रा
भारतीय रूपये में राषि
ड्रॉ डाऊन तिथि पर विनिमय दर
1.1
ऋण विदेशी ऋण
विदेशी त्रऋण-1
ड्राडाउन राशि आई डीसी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर वी प्रतिरक्षा लागत
1.1.2 विदेशी ऋण-1
ड्राडाउन राशि
आई डीसी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर वी
प्रतिरक्षा लागत
1.1 . पुन विदेशी ऋण- एन
ड्रा डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर वी प्रतिरक्षा लागत
1.1 कुल विदेशी ऋण
ड्रॉ डाऊन राषि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर वी
प्रतिरक्षा लागत
12
भारतीय ऋण
भारतीय रूपये में राषि ड्राडाउन तिथिपर विनिमय दर 1477 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
1.2.1 भारतीय ऋण-1
ड्रॉ डाऊन राशि
आईडी सी
वित्त पोषण प्रभार
1.2.2 भारतीय ऋण-2
ड्रा डाउन राशि
आईडी सी
वित्त पोषण प्रभार
1.2.एन भारतीय ऋण- एन
ड्रा डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
1.2 कुल भारतीय ऋण
ड्रॉडाऊन राषि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
निकासी किये गये ऋणों का योग
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ. ई आर वी
प्रतिरक्षा लागत
2 इक्विटी
2.1 निकासी की गई विदेष इक्विटी
2.2 निकासी की गई भारतीय इक्विटी
कुल अभिनियोजित इक्विटी
नोट-
1. ऋण व इक्विटी की निकासी, कमीशनिंग अनुसूची को पूरा करने के लिए तिमाही वार समरुपी के आधार पर होगी । प्रारम्भ में उच्च इक्विटी की निकासी अनुमेय है ।
2. संगणन एवं उपयोग की गई पुनः नियत तिथि सहित लागू ब्याज दरें पृथक रूप से प्रस्तुत की जायें ।
3. बहु यूनिट परियोजना के मामले में , उपयोग किया गया पूंजीकरण अनुपात प्रस्तुत किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1478
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.8
परियोजना के अंतान्त के दौरान अतिरिक्त पूंजीकरण का पत्रक
কন
वर्ष
[भाग 1 -क
(आंकड़े करोड़ों में)
प्रस्तावित पूंजीकरण के लिए औचित्य
पूंजीकृत/ पूंजीकृत के लिए
प्रस्तावित राशि (लाख रूपये)
प्रत्येक यूनिट / स्टेशन के पिछले पांच वर्ष के उपयोगी जीवनकाल के दौरान जोड़ा गया कार्य /उपकरण
1
2
3
2
3
4
5
6
नोट:
जीवनकाल विस्तार पर प्रभाव
4
5
6
1- पूंजी संवृद्धि के लिए किए गए लागत लाभ विश्लेषण ऐसी योजनाओं के अनुमोदन के लिए याचिका के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए ।
2. प्रत्येक आस्ति के लिए अतिरिक्त पूंजीगत व्यय दावा हेतु औचित्य उस विनियम के संगत होना चाहिए जिसके अन्तर्गत दावा किया गया है और साथ में आस्ति के पूंजीकरण की आवश्यकता का भी उल्लेख हो ।
याचिकाकर्ता 1479 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.9
(आंकड़ें करोड़ों में) अवधि के दौरान गैर- पूंजीकृत आस्ति का विवरण
गैर- पूंजीकरण की तिथि तक वसूल किया गया अवक्षय
पूंजीकृत आस्ति का मूल मूल्य
वह वर्ष जब उसका प्रारंभ हुआ
आस्तिका नाम
क्र.सं.
गैर पूंजीकरण की प्रकृति (क्या अपवर्जन के अन्तर्गत या अतिरिक्त पूंजीगत व्यय के रूप में दावा किया गया)
1
2
3
4
5
6
आवेदक नोटः वर्षवार विवरण प्रस्तुत दिया जाए ।
1480
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1-क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.10
बहियों के अनुरूप पूंजी संवर्धन सहित दावाकृत एसीई का मिलान दर्षाने वाला पत्रक
(आंकड़ें करोड़ों में)
2018-19
2017-18
2015-16 2016-17
2014-15
विवरण
क्र०सं०
(7)
(5)
(6)
(3)
(4)
(2)
(1)
अन्तिम सकल ब्लॉक
घटाएं: प्रारंभिक सकल ब्लॉक
बहियों के अनुसार कुल संवर्धन
घटाएंः अन्य चरणों से सम्बंधित सम्वर्धन (कृपया चरण- वार ब्यौरा दें ।
तत्कालिक परियोजना / यूनिट / स्टेज से सम्बन्धित शुद्ध संवर्धन
घटाएं: अपवर्जन (मदें जो अनुमन्य नहीं है/ जिनका दावा नहीं किया गया ।
शुद्ध अतिरिक्त पूँजीगत व्यय दावाकृत
नोट: किसी भी व्यय का अपवर्जन करने का कारण स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1481 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.11
निर्माण के दौरान प्रासंगिक व्यय
(आंकड़ें करोड़ों में)
क्र०सं०
मापदण्ड
अनुसूचित सीओडी तक वास्तविक/ पूर्वानुमानित सीजोडी तक
व्ययः
ए
1
कार्मचारी लाभ व्यय
2
वित्त लागत
3
जल प्रभार
4
संचार व्यय
5
विद्युत प्रभार
6
अन्य कार्यालय एवं प्रशासनिक व्यय
7
अन्य (कृपया विवरण दें)
8
अन्य पूर्व प्रचालन व्यय
वी कुल व्यय
घटाएं: निविदा की विकी से आय
घटाएं : अतिथि गृह से आय
घटाएं : टेकेदार से वसूली गई आय
घटाएं जमा पर ब्याज
याचिकाकर्ता 1482
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 7
पूँजी लागत व वित्त पोषण संरचना का विवरण
[भाग 1 -क
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन -1)
वर्षान्तमार्च
सीओ डी का वित्तीय वर्ष
(वास्तविक / संपरीक्षित)
आगामी वर्ष (एन-1)
आगामी वर्ष (एन-3)
आगामी वर्ष (एन-2)
टिप्पणी
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
अक्टूए-मार्च (आंकलित )
अप्रैल-सित० (वास्तविक) आधारभूत परियोजना वित्तीय मानदंड
पूँजी लागत *
वर्ष के दौरान परिवर्धन
वर्ष के दौरान विलोपन
सकल पूँजी लागत (ए)
मूल परियोजना लागत के विरूद्ध इक्विटी
वर्ष के दौरान परिवर्धन
इक्विटी उप- योग (वी)
मूल पूँजी लागत के विरुद्ध बकाया ऋण
वर्ष के दौरान जुड़े नये ऋण
ऋण उप-योग (सी)
मूल परियोजना लागत के विरूद्ध अनुदान
वर्ष के दौरान परिवर्धन
अनुदान उप-योग (डी)
कुल वित्त पोषण (बी+सी+ डी)
नोट:
*अनुमोदित या वास्तविक पूंजी लागत, जो भी कम हो ।
1 . 2. इक्विटी व ऋण , यदि लागू हो, तो घरेलू विदेशी वघटक में विभाजित किया जायेगा ।
योग (अप्रैल-मार्च)
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1483
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 8
वित्तीय पैकेजेज का विवरण
एस सी में राषि
दर विनिमय
में राषि भारतीय मुद्रा
निधियों का स्रोत
(करोड़
(आंकड़ें करोड़ों में)
ग्रेस अवधि
गांरटी कमीषन
कुल इक्विटी का %
अपफ्रंट फीस/ प्रदर्षन प्रीमियम
कुल कर्ज का %
व्याज दर/वापसी पर प्रतिफल
कुल पी सी का % (%) (वर्ष)
(%)
(करोड़ रू० में) (%) (%)
वापसी के निबंधन (वर्ष)
(मुद्राकानाम) (रू०/ एफ सी)
(ए)कर्ज
विदेशी:
ऋण I
ऋण II
ऋण III
ऋण IV इत्यादि
भारतीय:
ऋण 1
ऋण II इत्यादि
कुल ऋण (ए)
(बी) इक्विटी
विदेशी:
भारतीय:
कुल इक्विटी (बी)
(सी) अनुदान
विदेशी:
भारतीय:
कुल अनुदान (सी)
कुल वित्त पोषण (ए + बी +सी)
कुल परियोजना लागत
(करोड़ रू० में)
नोट: 1. सी ओ डी प्राप्त कर चुकी परियोजनाओं के मामले में परियोजना के सी ओ डी पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत वित्तीय पैकेज विवरण , समर्पित दस्तावेजों के साथ प्रारूप प्रस्तुत किये जायेंगे ।
2. सी ओ डी प्राप्त न की हुई परियोजनाओं के मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित वित्तीय पैकेज विवरण समर्पित दस्तावेजों के साथ प्रारूप में प्रस्तुत किया जायेगा।
3. एफ सी विदेशी मुद्रा ।
4. पी सी परियोजना लागत
याचिकाकर्ता 1484
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 9.1
बकाया ऋणों का पत्रक
पूर्ववर्ष (एन -1)
त्रऋण अभिकरण (त्रऋण स्रोत)
ब्याज की दर (%) वापसी की अवधि वर्ष के आरम्न पर
[भाग 1 -क
वर्ष के दौरान प्राप्त
(वास्तविक/ संपरीचित)
अधिपेष (वास्तनिक/ संपरीशित)
(2)
(वर्ष) (वास्तविक संपरीक्षित) (3)
(4) .
(१) राज्य सरकार से अन्यथा
(1)
ऋण I (ऋण दाता का नाम)
ऋण II (ऋऋण दाता का नाम)
ऋण III (ऋण दाता का नाम) इत्यादि
उप-योग (ए)
(नी) सरकारी ऋण
प्रकार I
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (बी)
उप-योग (ए+भी)
(सी) मानकीय ऋण
योग (ए +थी+सी)
वर्तमान वर्ष (एन)
वर्ष के शारग्म पर वर्ष के दौरान मूल
वर्ष के दौरान मूल
(आंकड़े वर्ष के अंत पर देय
करोड़ों में) टिप्पणी
वर्ष के अंत पर
राषि (वास्तविक/ संपरीक्षित)
वापसी (वास्तविक/ संपरीक्षित)
अतिदेय मूल (वास्तविक/ संपरीशित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित) (6)
(5)
(7)
(8)=(6)-(7)
मूल (वास्तविक/ संपरीक्षित) (9) = (4)+(5) -(6)
(वास्तविक/ संपरीक्षित) (10)
वर्ष वर्ष के दौरानरान मूल
वर्ष के अंत पर देय
वर्ष के दौरान प्राप्त
वापत्ती की अवधि
व्याज की दर (%)
ग्राण अनिकरण ऋण स्रोत
अधिषेष (आंकलित)
(1)
(आंकलित) (2)
(आंकलित) (3)
(4)
(२) राज्य सरकार से अन्यथा
ऋण (त्रऋण दाता का नाम) ऋण II ( ऋण दाता का नाम)
অলে III ( ऋण दाता का नाम ) इत्यादि
उप-योग ( ए)
(बी) सरकारी त्राण
प्रकार I
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (बी)
उप-योग (ए + की)
(सी) मानकीय ऋण
योग (ए+बी+सी)
वर्ष के दौरान नदेय
टिप्पणी रापि (आंकलित)
मूल (आंकलित)
(9)=(4)+(5)-(6)
वर्ष के अंत पर आतिदेय मूल (सांधलिव) (8)=(6)-(7)
(5)
वापसी (आंकलित) (7)
(आंकलिव) (6)
(সাকলিন) (10) 1485
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
वर्तमान वर्ष ( एन +1 )
वापसी की अवधि
ब्याज की दर (%)
ऋऋण अभिकरण ऋण स्रोत
वर्षके आरम्भ पर अधिषेष
टिप्पणी
वर्ग के अंत पर देय मूल
वर्ष की अवधि में होने पाली मूल वापसी
वर्ष के दौरान देय मूल
वर्ष की अवधि में
प्राप्त होने वाली
राषि
(आंकलित) (2)
(आंकलित) (4)
(आंकलित ) (3)
(आंकलित)
(7)
(आंकलित) (9 ) = (4 ) + (5) -(6) (आंकलित) (6)
वर्ष के अंत पर अतिदेय मूल (गांकलित) (8) =(6)- (7)
(आंकलित) (10)
(गांकलित) (5)
(1) (९) राज्य सरकार से अन्यथा
ऋण 1 ( ऋण दाता का नाम)
ऋऋण II (ऋऋण दाता का नाम)
ऋण III (त्रण दाता का नाम ) इत्यादि
उपयोग (ए)
(बी) सरकारी ब्राण
प्रकार I
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (बी)
उप- योग (ए भी)
(सी) मानकीय ब्राण
योग (ए+ भी+सी)
वर्तमान वर्ष (एन +2)
भापसी की जयधि
ब्याज की दर ( %)
श्रण अभिकरण ग्राण स्रोत
(आंकलित) (2)
वर्षके आरम्म पर अधिषेप (आंकलित) (4)
(आंकलित) (3)
टिप्पणी वर्ष की अवधि में होने पाली मूल वापसी
वर्ष के अंत पर देय मूल
(आंकलित) (7)
(गांकलित) (9) = (4) +(5) -(6)
वर्ष के अंत पर अतिदेय मूल (आंकलित) (8)=(6)- (7)
वर्ष की अवधि में
प्राप्त होने वाली
राषि
(आंकलित)
(5)
(1) (२) राज्य सरकार से अन्यया
ऋण I ( त्रण दाता का नाम)
ऋण II (ऋण दाता का नाग)
ऋण III (ऋण दाता का नाम ) इत्यादि
उप -योग (ए )
(नी) सरकारी ऋण
प्रकार I
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
छप-योग (बी)
उप-योग (ए + भी)
(सी) मानकीय ग्रऋण
योग (एबीसी)
वर्ष के दौरान देय मूल (आंकलित) (6)
(मांकलित) (10) 1486
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
वर्तमान वर्ष ( एन +3)
वापसी की गवधि
टिप्पणी ब्याज की दर (%)
ऋण अभिकरण त्राण स्रोत
वर्ष के आरम्भ पर अधिवेय
वर्षके अंत पर देय मूल
वर्ष की अवधि में छोने वाली मूल वापसी
वर्ष के अंव पर आतिदेय मूल
वर्ष के दौरान देय मूल
वर्ष की अवधि में प्राप्त होने वाली राषि
(जांकलित)
(आंकलित)
(आंकलित)
(आंकलित) (आंकलित)
(आंकलित)
(आंकलित)
(आंकलित)
(गांकलित)
(9) = (4)+ (5)- (6)
(8) =(6) -( 7)
(2)
(4)
(7)
(10)
(3)
(5)
(6)
(1) (५) राज्य सरकार से अन्दया
ऋण 1 ( ऋण दाता का नाम)
ऋण II ( ऋण दाता का नाम)
ऋण III ( ऋण दाता का नाम ) इत्यादि
उप-योग (२)
(नी) सरकारी ऋण
प्रकार 1
प्रकार 11
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (नी)
उप-योग(ए+बी)
(सो) मानकीय ऋऋण
योग (एबी+सी)
नोट-
यदि ऋण का पुनः अनुसूचीकरण किया गया है तो पुनः अनुसूचीकरण के निबंधन रेखांकित करते हुए उधार दाता से पत्र की प्रति के साथ संलग्नक के माध्यम से पुनः अनुसूचीकरण के निबंधनों को स्पष्ट रूप से विनिर्दिष्ट किया जाये ।
2. कोई ऋण, जो किसी उत्पादक स्टेशन को आवंटित न किया गया हो तथा अनुमोदित वित्तीय पंकेज का भाग न हो , कारणों सहित पृथक रूप से दर्शाये जायें । मूल वित्तीय योजना के अनुसार मूल वित्तीय योजना तथा इसके अनुसार संचयी वापसी, प्रत्येक ऋण हेतु दर्शायी जाये ।
वर्तमान वर्ष के लिए निकासी किये गये ऋण व वर्षान्त तक निकासी हेतु प्रस्तावित ऋण पृथक रूप से दर्शाये जाये ।
5. वर्तमान या नये उधारदाता से कोई नवीन ऋण, ऋण के रूप में पृथक रूप से दर्शाये जाये ।
6. विदेशी मुद्रा ऋणों के मानले में, भुटा के नाम के साथ उधार की मुद्रा के डाटा प्रदान किया जाये ।
7.
याचिकाकर्ता 1487 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 9.2
वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भारित औसत व्याज दर का परिकलन
(आंकड़ें करोड़ों में)
आगामी वर्ष विवरण
आगामी वर्ष (ए+1 )
पूर्ववर्ष (एन-1)
क्रम सं०
वर्तमान (एन)
(एन+3)
प्रक्षेपित
आगामी वर्ष (एन+2) प्रक्षेपित
प्रक्षेपित ऋण-1
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण - आरम्भिक
जोड़कर - वर्ष के दौरान निकासियां
घटाकर - वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋण-2
सकल ऋण - आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण - आरम्भिक
जोड़कर - वर्ष के दौरान निकासियां
घटाकर - वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋण- एन
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्ववर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण - आरम्भिक
जोड़कर वर्ष के दौरान निकासियां
घटांकर - वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण - अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
कुल ऋण
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण- आरम्भिक
जोड़कर - वर्ष के दौरान निकासियां
घटाकर वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋणों पर ब्याज की भारित औसत दर
विदेशी ऋणों के मामले में परिकलन भारतीय रूपये में प्रस्तुत किया जाये, तथापि मूल मुद्रा में परिकलन भी उसी प्रारूप में पृथक रूप से प्रस्तुत किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1488
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्र: एफ 9.3
(आंकड़ें करोड़ों में) मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
विवरण
वर्तमान वर्ष (एन )
पूर्ववर्ष (एन -1)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
सकल मानकीय ऋण - आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक मानकीय ऋण के संचयी भुगतान
शुद्ध मानकीय ऋण- आरम्भिक
वर्ष के दौरान वृद्धि या कमी
घटाकर वर्ष के दौरान मानकीय ऋण की वापसी
शुद्ध मानकीय ऋण अंत में
औसत मानकीय ऋण
वार्षिक आधार पर वास्तविक ऋण पर ब्याज की भारित औसत दर
मानकीय ऋण पर ब्याज
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1489
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 10
कार्यशील पूंजी पर ब्याज का विवरण
पूर्ववर्ष
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (n)
विवरण
कम सं०
टिप्पणी
आगामी वर्ष (n+2)
आगामी वर्ष (n+3)
आगामी वर्ष (n+1)
अक्टू० मार्च
(आंकलित)
(n-1) (वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल-सित ० (वास्तविक)
ओ एंड एम व्यय 1 माह
1.
स्पेयर्स (ओ एंड एम व्ययों का 15 %)
2
3 प्राप्य- 2 माह
4 कुल कार्यशील पूँजी (1+2+3)
5 मानकीय ब्याज दर (% )
6 कार्यशील पूँजी पर मानकीय व्याज (4x5)
योग (अप्रैल-मार्च)
याचिकाकर्ता 1490
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 11
(आंकड़ें करोड़ों में) प्रचालन एवं अनुरक्षण व्ययों का विवरण
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्व वर्ष (एन+3)
पूर्व वर्ष (एन+2)
पूर्व वर्ष (एन +1)
पूर्ववर्ष (एन+4)
टिप्पणी विवरण
कम सं०
आगामी वर्ष (एन+1) आकलित
आगामी वर्ष (एन+3) आकलित
आगामी वर्ष (एन+2) आकलित
अक्टू-मार्च
पूर्ववर्ष (एन+6) (वास्तविक/ संपरीक्षित)
पूर्ववर्ष (एन+5) (वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक / (वास्तविक/ संपरीक्षित) संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक / संपरीक्षित)
अप्रै-सित (वास्तविक) (अनुमानित)
अप्रै- मार्च (कुल)
(९) मरम्मत एवं रख-रखाव व्यय
संयंत्र व मशीनरी
भवन
सिविल कार्य
हायड्रोलिक कार्य
लाईन्स, केबल नेट वर्क्स इत्यादि
वाहन
फर्नीचर्स व फिक्सचर्स
कार्यालय उपकरण एवं अन्य मदें
स्टोर्स व स्पेयर्स का उपभोग
- जनरेटर्स, टर्याईन्स व उपस्करों से संबंधित
-अनुषंगी विद्युत उपकरणों से संबंधित
अनुषंगी उपकरण व उर्जा स्टेशन के लिए सेवाओं से संबंधित
उप-योन
(बी) प्रषासनिक व्यय
-बीमा
किराया
-विद्युत प्रभार
यात्रा व यातायात
स्टाफ कार
टेलीफोन, टेलेक्स एवं पोस्टेज
-विज्ञापन
मनोरंजन
कार्पोरेट प्रबंधक व्यय
- विधिक व्यय
अन्य (अवयव विनिर्दिष्ट करे)
उप-योग
(सी कर्मचारी लागत
- मूल वेतन
मंहगाई भत्ता
अन्य भत्ते
बोनत 1491 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
स्टाफ कल्याण व्यय
चिकित्सा भत्ता
अन्य व्यय (अवयव विनिर्दिष्ट करे)
सेवांत लाम
उप-योग
कार्पोरेट कार्यालय व्यय आवंटित
कर्मचारी व्यय
मरम्मत एवं रखरखाय
प्रशिक्षण एवं भर्ती
संप्रेषण
यात्रा
सुरक्षा
- किराया
अन्य (अवयय विनिर्दिष्ट करें)
उप-योग
कुल ओ एंड एम व्यय
घटाकर ओ एंड एम व्यय पूंजीकृत
शुद्ध ओ एंड एम व्यय
नोट-
1. उत्पादक स्टेशनों को कार्पोरेट व्यय आबंटित करने की प्रक्रिया को विनिर्दिष्ट किया जाये ।
2. डाटा को सांविधिक लेखा परीक्षकों द्वारा प्रमाणित किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1492
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 11.1
मरम्मत एवं रखरखाव का विवरण
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी
ऋण अभिकरण ऋण स्रोत
पूर्ववर्ष (एन+6)
पूर्व वर्ष (एन+5)
पूर्व वर्ष (एन+4)
पूर्व वर्ष (एन+3)
पूर्व वर्ष (एन+2)
पूर्व वर्ष (एन+1)
टिप्पणी कम सं०
(एन +1) प्रक्षेपित
आगामी वर्ष वर्ष (एन+2) प्रक्षेपित
आगामी वर्ष (एन+3) प्रक्षेपित
(वास्तविक / संपरीक्षित)
(वास्तविक / संपरीक्षित)
वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक / संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रै-सित (वास्तविक)
अवटू -मार्च (अनुमानित)
अप्रै -गार्च (कुल)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
1
संयंत्र एवं मशीनरी
2
भवन
3
सिविल कार्य
4 हायड्रोलिक कार्य
5 लाईन्स. केबल नेट वर्क्स इत्यादि
वाहन
6
7
फर्नीचर्स व फिक्सथर्स
8
कार्यालय उपकरण
9
स्टेशन आपूर्ति, स्टोर्स व उपभोज्य
- जनरेटर्स, टर्बाईन्स व उपसाधनों से संबंधित
- उपकरण -अनुशंगी उपकरण व उर्जा स्टेशन के लिए
सेवाओं से संबंधित
11 अन्य कोई मद
12 घटाकर: पूंजीकरण
योग
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1493 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 11.2
कर्मचारी व्ययों का विवरण
(आंकड़े करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-6)
पूर्व वर्ष (एन-3)
पूर्व वर्ष ( 2)
विवरण
एन- पूर्व वर्ष (एन- 1)
पूर्व वर्ष (एन-5)
पूर्व वर्ष (एन-4)
टिप्पणी कम सं०
आगामी आगानी आगामी वर्ष वर्ष वर्ष (एन+1) प्रक्षेपित
(एन+2) प्रक्षेपित
(एन+3) प्रक्षेपित (वास्तविक / संपरीवित)
(वास्तविक / संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक / संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रै-सित (वास्तविक)
अप्रै-मार्च (कुल)
अक्टू-मार्च (अनुमानित)
(ए)
कर्मचारी लागत " सी"वडी" में उल्लिखित से अन्यथा)
1 वेतन
2 अतिरिक्त वेतन/ महंगाई भत्ता (डीए)
3 अन्य भत्ते व राहत
4 अंतरिम / राहत/मजदूरी संशोधन
5 मानदेय/ ओवर टाईम
6 संथिधिक बोनस /एक्स ग्रेशिया
उप-योग
अन्य लागतें
1 चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति
2 यात्रा भत्ता (यातायात भत्ता)
3 अवकाश यात्रा सहायता
अर्जित अवकाश नकदीकरण
5 कर्मकार प्रतिकार अधिनियम के अधीन
भुगतान व ग्रेच्यूटी
6 कर्मचारियों को सहायता रूप में विद्युत
7 अन्यकोई मद
8 स्टाफ कल्याण व्यय उप-योग
(सी)
प्रशिक्ष व अन्य प्रशिक्षण व्यय
सेवांत लाभों के लिये अंशदान
1 भविष्य निधि अंशदान
2 भविष्य निधि हेतु प्राविधान
3 कोई अन्य मद
कुल सी
कुल योग
कर्मचारी व्यय पूंजीकृत
(जी)
शुद्ध कर्मचारी व्यय (ई)-(एक)
याचिकाकर्ता 1494
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
बी. कर्मचारियों की संख्या का विवरण
(आंकड़े करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
क्रम
पूर्व वर्ष (एन- 2)
पूर्व वर्ष (एन- 1)
पूर्व वर्ष (एन-5)
पूर्व वर्ष (एन -4)
पूर्ववर्ष (एन-3)
मद
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3) टिप्पणी
आगामी वर्ष (एन +1) प्रक्षेपित प्रक्षेपित प्रक्षेपित
(वास्तविक/
(वास्तविक/
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक / संपरीक्षित )
(वास्तविक / संपरीक्षित )
(वास्तविक / संपरीक्षित)
अप्रै- सित (वास्तविक)
अवटू -मार्च (अनुमानित)
अप्रै-मार्च (कुल)
पूर्ववर्ष (एन-6) संपरीक्षित) संपरीक्षित)
अधिकारी/ प्रबंधक संवर्ग
1
तकनीकी
2 प्रशासकीय
3
लेखा एवं वित्त
4 अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें)
स्टाफ संवर्ग
5 तकनीकी
5.1 श्रेणी I
5.2 श्रेणी II
5.3 श्रेणी III
5.4 श्रेणी IV
6 प्रयासकीय
6.1 श्रेणी I
6.2 श्रेणी II
6.3 श्रेणी III
6.4 श्रेणी IV
7 लेखा एवं वित्त
7.1 श्रेणी I
7.2 श्रेणी II
7.3 श्रेणी III
7.4 श्रेणी IV
अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करे)
8.1 श्रेणी I
8.2 श्रेणी II
8.3 श्रेणी III
8.4 श्रेणी IV
कुल कर्मचारी
याचिकाकर्ता 1495 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 11.3
प्रशासकीय एवं सामान्य व्ययों का विवरण
(आंकड़े करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी आगामी वर्ष वर्ष
पूर्ववर्ष (एन -6)
पूर्व वर्ष (एन-5)
पूर्ववर्ष (एन-4) (एन-3) पूर्ववर्ष पूर्व वर्ष (एन- 2)
पूर्व वर्ष (एन- 1)
विवरण
टिप्पणी क्रम सं०
(एन+1) प्रक्षेपित
(एन+2) प्रक्षेपित
आगामी वर्ष (एन +3) प्रक्षेपित (वास्तविक / संपरीक्षित)
(वास्तविक / संपरीक्षित)
( वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रै-सित (वास्तनिक)
अक्टू-गार्च (अनुमानित)
अप्रै-मार्च (कुल)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
प्रशासकीय व्यय
किराया दरें व कर
पट्टा/ दरें व कर किराया
2 बीमा
3 राजस्व स्टैम्प व्यय लेखा
4 टेलीफोन , पोस्टेज , टेलीग्राम , टेलेक्स प्रभार
5 कर्मचारियों/ बाहरी व्यक्तियों को प्रोत्साहन य ईनाम
6 परामर्श प्रभार
तकनीकी फीस
7
8 अन्य वृत्तिक प्रभार
6 यातायात व यात्रा
10
संयंत्र व मशीनरी
लाइसेन्स व पंजीकरण फीस
11
वाहन वाहन चालित व्यय
वाहन व्यय (ट्रक्स व
पेट्रोल व ईंधन
डिलीवरी चैन से अन्यथा)
वाहनों का किराया
12 वाह्य अभिकरण को संदेय सुरक्षा/सेवा प्रभार
उप-योग "ए" (1 से 12)
(बी) अन्य प्रगार
1 पुस्तक व पत्रिकाओं की फीस व चंदा
2 छपाई व लेखन सामग्री
3 विज्ञापन व्यय (कय संबंधी से अन्यथा ) प्रदर्शनी एवं डेमो
4 वाह्य संस्थाओं /संघों को अंशदान / दान
5 कार्यालयों को विद्युत प्रभार 1496
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
जल प्रभार
मनोरंजन प्रभार
विविध प्रभार
उप-योग "बी" (1 से 8)
(सी) विधिक प्रगार
(डी) लेखा परीक्षक की फीस
सामग्रग्रीसंबंधी व्यय
(3)
1 पूँजीगत उपकरणों पर माड़ा
2 कय संबंधी विज्ञापन व्यय
3 वाहन चालित व किराया व्यय (ट्रक डिलीवरी चैन)
4 अन्य भाड़ा
5 पारगमन बीमा
चुंगी
आकस्मिक स्टोर्स व्यय
फेन्द्रीकेशन प्रभार
उप-योग "ई" ( 1 से 8 )
कुल योग (ए से ई)
(एफ
ए एवं जी व्यय पूंजीकृत
(जी)
शुद्ध ए एंड जी व्यय (एफ - जी)
(एच
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1497
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 12
गैर शुल्क आय
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-1)
विवरण
कम सं०
(वास्तविक / संपरीक्षित)
अप्रैल-सित० (वास्तविक)
टिप्पणी
आगामी वार्ष (एन+2)
आगामी वार्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
अक्टू०-मार्च
(आंकलित)
ए निवेश, स्थिर व मांग जमाओं से आय
1 निवेश से व्याज आय
2 सविधि जमाओं से ब्याज
3 साविधि जमाओं से अन्यथा बैंकों से व्याज
4 (किन्ही अन्य मदों) पर ब्याज
उप-योग
बी अन्य गैर शुल्क आय
1 स्टाफ को ऋणों व अग्रिमों पर ब्याज
2 अनुज्ञापी को ऋणों व अग्रिमों पर व्याज
3 पट्टा दाताओं को ऋणों व अग्रिमों पर व्याज
4 आपूर्तिकर्ताओं संविदाकारों को अग्रिमों पर व्याज
5 ट्रेडिंग से आय (विद्युत से अन्यथा)
6 स्थिर आस्तियों के विकय से प्राप्ति
7 स्टाफ कल्याण कियाकलापों के द्वारा फीस/आय /संग्रह
8 विविध प्राप्तियां
9 लाभार्थी से विलंबित भुगतान प्रभार
10 यू आई प्रभारों से शुद्ध लाभ
11 विलंब इत्यादि के लिये संविदाकार / आपूर्तिकर्ता हेतु दंड
12 लाभार्थी से विविध प्रभार
उप-योग
योग-
योग (अप्रैल-मार्च)
याचिकाकर्ता 1498
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 13
सहीकरण का सारंष
अंतिम सहीकरण हेतु पूर्व वर्ष (एन +1)
(आंकड़े करोड़ों में) क्रम सं.
विवरण
अनियंत्रणीय
वास्तविक विचलन
अनुमोदित
नियंत्रणीय
विचलन हेतु कारण
ए शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभार
1 ऋण पर व्याज (मानकीय ऋणों पर ब्याज सहित)
2 अवक्षय
3 पट्टा प्रभार
4 इक्विटी पर प्रतिफल
5 ओ एंड एम व्यय
6 कार्यशील पूंजी पर ब्याज
7 आय कर
8 सकल वार्षिक स्थिर प्रमार ( 1+2+3+4+5+6+7)
9 घटाकर अन्य आय (कृपया विनिर्दिष्ट करें)
10 शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभार (8-9)
वी ऊर्जा के विक्रय से राजस्व
अधिशेष /(अंतर)
सी
नोटः कृपया अनियंत्रणीय कारकों के कारण हुए विचलन हेतु पृथक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण दें ।
वार्षिक कार्य निष्पादन समीक्षा हेतु वर्तमान वर्तमान वर्ष (एन)
(आंकड़े करोड़ों में)
विवरण
अनुमोदित
विचलन हेतु कारण
अनियंत्रणीय
विचलन
नियंत्रणीय कम सं०
अर्धवार्षिक वास्तविक कार्य निष्पादन पर
आधारित संषोचित आंकलन
ए शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभार
1 ऋण पर व्याज (मानकीय ऋणों पर व्याज सहित )
2 अवक्षय
3 पट्टा प्रभार
4 इक्विटी पर प्रतिफल
5 ओ एंड एम व्यय
6 कार्यशील पूंजी पर व्याज
आय कर
7
8 सकल वार्षिक स्थिर प्रभार
9
घटाकर अन्य आय
10 शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभार
बी ऊर्जा के विकय से राजस्व
सी अधिशेष/ (अंतराल)
नोट: कृपया अनियंत्रणीय कारकों के कारण हुए विचलन हेतु पृथक रुप से विस्तृत स्पष्टीकरण दें ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1499
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 14
इक्विटी पर प्रतिफल दर्षाने वाला पत्रक
क्र०सं०
विवरण (1)
(2) प्रारंभिक इक्विटी
(आंकड़ें करोड़ों में)
2015-16 2016-17 2017-18
2014-15
(4)
(5)
(6)
(ε)
जोड़ेः वर्ष/ अवधि के दौरान संवृद्धि के कारण हुई वृद्धि
घटाएंः वर्ष/ अवधि के दौरान हुए पूँजीकरण के कारण
घटोत्तरी
घटाएं: वर्ष/अवधि के दौरान तकदीली के कारण हुई कमी
जोड़ेः वर्ष/ अवधि के दौरान निर्वहन के कारण हुई वृद्धि
अन्तिम इक्विटी
औसत इक्विटी
आरओई की दर
इक्विटी पर प्रतिफल
याचिकाकर्ता 1500
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक कम्पनी का नाम
उत्पादन स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 14 ए
इक्विटी पर प्रतिफल
[भाग 1 -क
(आंकड़ें करोड़ों में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन -1)
मद
कम सं०
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एंन+1)
टिप्पणी
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
(आंकलित) अवटू०-मार्च
(वास्तविक) अप्रैल-सित०
1 वर्ष के प्रारंभ में इक्विटी
पूंजीगत व्यय
2
3 पूंजीगत व्यय का इक्विटी भाग
4 वर्ष के अंत में इक्विटी
प्रतिफल संगणना
5
इक्विटी के प्रारम्भिक अधिशेष पर इक्विटी
6
पर प्रतिफल
योग (अप्रैल-मार्च० )
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1501 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत)
प्रारूपों की सूची
थर्मल/ गैस हेतु प्रारूप
क०स
विवरण
प्रपत्र संख्या
0
1. प्रपत्रः एफ 1.1 प्रति यूनिट दर का संगणन
2. प्रपत्रः एफ 1.2 राजस्व एवं राजस्व आवश्यकता का सारांश
विक्रय योग्य ऊर्जा व पी ए एफ
3. प्रपत्रः एफ 2.1
4. प्रपत्रः एफ 2.2 ऊर्जा उत्पादन (एम यू) पर जानकारी
5.
तापीय परियोजना की मुख्य विशेषताएं
प्रपत्रः एफ 2.3
प्रपत्रः एफ 3
शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभारों का परिकलन
6.
ऊर्जा प्रभारों व ईंधन भंडारों का संगणन
प्रपत्रः एफ 4.1
7.
प्रपत्रः एफ-4.2 ए
8
ऊर्जा प्रभार दर की संगणना के लिए ईंधर के संदर्भ मे प्रस्तुत किए जाने वाला विवरण/जानकारी
सकल स्थिर आस्ति आधार व वित्त पोषण योजना का पत्रक
9 प्रपत्रः एफ 5.1
नई परियोजनाओं के लिए प्राक्कलित पूंजी लागत तथा कमीशनिंग की अनुसूची का सारांश फार्म: एफ-5.1 ए
10
आस्तिवार अवक्षय का पत्रक
प्रपत्रः एफ 5.2
11 .
अवक्षय का विवरण
12 . प्रपत्रः एफ 5.3
प्रपत्रः एफ 6.1
13.
पूँजीगत व्यय का पत्रक
पूँजीगत प्रगति- अधीन कार्य का पत्रक
प्रपत्रः एफ 6.2
14.
पूँजीगत व्यय का पत्रक व नयी योजनाओं व सी ओ डी की अनुसूची
प्रपत्रः एफ 6.3
15.
नयी योजनाओं के लिए पूँजीगत व्यय का ब्यौरा
प्रपत्रः एफ 6.4
16.
सी ओ डी पर गैस आधारित परियोजनाओं के लिए पूँजीलागत का ब्यौरा
प्रपत्रः एफ 6.5ए
17.
19 . प्रपत्रः एफ 6.6 सी ओ डी पर निर्माण/ आपूर्ति / सेवा पैकेजों का ब्यौरा (नये स्टेशनों के लिए)
आई डी सी एवं वित्त पोषण प्रभारों इत्यादि परिकलन हेतु ड्रॉ डाउन अनुसूची
प्रपत्रः एफ 6.7
20.
लागत की अधिकता होने की स्थिति में
21 प्रपत्र एफ-6.8
वास्तविक नगद व्यय
22 प्रपत्रः एफ 6.9
समय की अधिकता होने की स्थिति में
23 प्रपत्रः एफ 6.10
साओडी के पश्चात अतिरिक्त पूँजीकरण का वर्षवार पत्रक
24 प्रपत्रः एफ 6:11
परियोजना के उपयोगी जीवनकाल के अन्तान्त के दौरान अतिरिक्त पूँजीकरण का पत्रक 25 प्रपत्रः एफ 6.12
26 प्रपत्रः एफ 6.13 बहियों के अनुरुप पूंजी संवर्धन सहित दावाकृत एसीई का मिलान दर्शाने वाला पत्रक
27 प्रपत्रः एफ 6.14 पूँजीकरण निरसन पत्रक
28 प्रपत्रः एफ 6.14A अपवर्जन के अन्तर्गत दावाकृत मदों / आस्तियों/ कार्यों को दर्शाने वाला पत्रक
इक्विटी पर लाभांश
29 प्रपत्रः एफ-6.15
अतिरिक्त आरओई का दावा किए जाने की स्थिति में
30 प्रपत्र: एफ-6.15ए
31 प्रपत्रः एफ 7
पूँजी लागत व वित्त पोषण संरचना का विवरण
वित्तीय पैकेजों का विवरण
32 प्रपत्रः एफ 8
बकाया ऋणों का पत्रक
33 प्रपत्रः एफ 9.1
वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भारित औसत ब्याज दर का परिकलन
34 प्रपत्रः एफ 9.2
मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
35 प्रपत्रः एफ 9.3
गैस आधारित स्टेशनों के लिये कार्यशील पूंजी पर ब्याज का विवरण
36 प्रपत्रः एफ 10.ए
प्रचालन एवं अनुरक्षण व्ययों का विवरण
37 प्रपत्रः एफ 11
मरम्मत एवं रखरखाव के खर्चों का विवरण
38 प्रपत्रः एफ 11.1
कर्मचारी खर्चों का विवरण
39 प्रपत्रः एफ 11.2
प्रशासन एवं सामान्य खर्चों का विवरण
40 प्रपत्रः एफ 11.3
41 प्रपत्रः एफ 12 गैर शुल्क आय
सहीकरण का साराशं
42 प्रपत्रः एफ 13 1502
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-1.1
प्रति यूनिट दर का संगणन
कम
पूर्ववर्ष (एन -1)
यूनिट
मद
सं०
(वास्तविक/संपरीक्षित)
[भाग 1 -क
( पढेरठ करोड़ में)
वर्तमान वर्ष (५१)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
अवटू०-मार्च (आंकलित) (अप्रैल-सित०) योग
अप्रैल-सिव० (वास्तविक)
करोड़ रू०
वार्षिक स्थिर लागत
1
करोड़ रू०
2 प्राथमिक ईंधन लागत
एमयू
3 विक्रय योग्य ऊर्जा (अनुषंगी उपभोग का सकल उत्पादन शुद्ध)
रु० / यूनिट
4 विक्रय योग्य ऊर्जा की प्रति यूनिट दर
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1503
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-1.2
राजस्व एवं राजस्व आवश्यकता का सारांश
पूर्ववर्ष (एन-1)
मद
(वास्तविक/ संपरीक्षित )
(आकड़े ए० करोड १)
वर्तमान वर्ष (एन)
आगानी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (+1)
आगामी वर्ष (एन्न+3)
अक्टू०-मार्च
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित योग (अप्रैल-सित०)
अप्रैल-सित०
(वास्तविक) (आंकलित)
उत्पादन
सकल उत्पादन ( एम यू)
अनुषंगी उपभोग (% )
अनुषंगी उपभोग (एम यू)
शुद्ध उत्पादन (एम यू) (1 से 3 )
व्यय
ऊर्जा के विक्रय से राजस्व
2 गैर शुल्क आय
कुल राजत्त्व (1+2)
सी राजस्व
1 प्राथमिक ईंधन प्रभार
2 ओ एंड एम व्यय
ए.
आर एंड एम व्यय
बी.
कर्मचारी व्यय
सी.
ए एंड जी व्यय
3 द्वितीयक ईंधन तेल लागत
अवक्षय
पट्टा प्रभार
ऋणों पर व्याज
कार्यशील पूंजी पर ब्याज
कुल व्यय ( 1+ 2+4+5+6+7)
इाक्पटा पर प्रातफल
राजस्व आवश्यकता (सी+डी)
अधिशेष (+)/ कमी(-) ( बी-ई)
नोटः
एन= वित्तीय वर्ष 2024-25
याचिकाकर्ता 1504
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-2.1
विक्रय योग्य ऊर्जा व पी ए एफ
पूर्व(एन-1 )
मद
यूनिट
Sl. No.
[भाग 1 -क
(आंकड़े ए० करोड़ है)
आगामी वर्ष (एन +2) आगामी वर्ष (एन+3 )
आगामी वर्ष (एन+1 )
वर्तमान वर्ष (एन )
योग (अप्रैल-सित०)
प्रक्षेपित
प्रोपित
प्रक्षेपित
अक्टू०-मार्च (आंकलित)
अप्रैल-सित० (वास्तविक)
(वास्तविक / संपरीक्षित)
सफल उत्पादन विवरण
(%)
अनुषंगी उपभोग (९) उत्पादित ऊर्जा % में (वी) एम यू में
(एम यू)
विकय योग्य ऊर्जा 1-2यी)
3
%
संयंत्र उपलब्धता कारक 1505
भाग 1 - क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
Formatfor Thermal/Gas उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-2.2
ऊर्जा जानकारी पर जानकारी (एम यू)
(आंकड़ें रू ० करोड़ में)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन +1 )
वर्तमान वर्ष ( एन)
पूर्ववर्ष (एन-1)
माह
शुद्ध उत्पादन सं०
सकल उत्पादन
अनुषगा उपनोग
सकल उत्पादन
उत्पादन
अनुषगा उपभोग
शुद्ध उत्पादन
अनुषगा उपमोग
उत्पादन
सकल उत्पादन
अनुपगा उपभोग उत्पादन
सकल उत्पादन
अनुषगा उपभोग
सकल उत्पादन
1 अप्रैल
2मई
3जून
4 जुलाई
5 अगस्त
6 सितम्बर
7 अक्टूबर
8 नवम्बर
9 दिसम्बर
10 जनवरी
11 फरवरी
12मार्च
कुल
आवेदक 1506
[भाग 1 -क
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-2.3
तापीय परियोजना की मुख्य विशेषताएं
विवरण कम संग्
यूनिट (हो) ब्लाक (को) मानदंड
1 दाब
2 तापमान
सुपर हीटर आउटलेट पर
रीहीटर आउटलेट पर
3 गारंट्रीड डीसियन हीट रेट
शर्ते जिन पर गारंट्रीड है
एम सी आर %
ए
मेक अप %
सी डिजायन ईंधन
डी डिजायन कूलिंग जल तापमान
बैंक प्रेशर
(आंकड़ें रू० करोड़ ने)
यूनिट III
यूनिट II
यूनिट I
(Kg/Cm2) (°C)
(kCal/Kwh)
नोटः यदि गारंट्रीड हीट दर उपलब्ध नहीं है तो गारंट्रीड टर्बाइन सायकल हीट दर तथा गारंट्रीड बॉयलर कुशलता, गांरटी की शर्तों के साथ पृथक रूप से प्रस्तुत करें ।
4 कूलिंग टावर का प्रकार
वाणिल्विक क्षमता (आई सी)
5
वणिज्यिक प्रचालन की तिथि
6
मेगावॉट
प्रत्येक लाभार्थी / श्रेणी के लिए संस्थापित क्षमता के संदर्भ में प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ-साथ बंधे लाभार्थियों / लक्षित लाभार्थियों/ व्यापारी क्षमता का विवरण
कूलिंग प्रणाली का प्रकार 1
7
8 बॉयलर फीड पम्प का प्रकार2
संबंद्ध पारेषण प्रणली या प्रस्तावित निकासी व्यवस्था 1) वोल्टेज स्तर
2) कंडक्टर का नाम एवं सर्किटों की संख्या 3) लाईन की लम्बाई कि० नी० ने
4) सम्बद्ध सबस्टेशन का नान
9 ईधन विवरण
मुख्य ईंधन का विवरण और उत्तके स्रोत (स्वदेशी /आयातित) परिवहन के तरीके
उपयोग/उपयोग में लाने जाने वाले ईंधन का सकल कैलोफिटीक मूल्य (जी सी वी)
-प्राथमिक ईधन
ए
बी - द्वितीयक इंधन
उपयोग/ उपयोग हेतु प्रस्तावित द्वितीयक इंधन सी - वैकल्पिक इंधन
10 विशेष विशेषताएं / स्थल विशिष्ट विशेषताएं 11 विशेष प्रौद्यौगिक विशेषताएं
12 पर्यावरणीय विनियम संबंधी विशेषताएं
13 अन्य कोई विदीत विशेषताएँ
14 वायेंलर फीड पंप की संख्या और प्रकार 15 शासी प्रणाली के प्रकार
16 उत्तेजन न प्रणाली के प्रकार
17 जनरेटर ट्रांसफार्मर का विवरणः
a) मेक
b) ट्रांसफार्मर की संख्या
C) मूल्यांकन
d) वोल्टेज अनुपात
1. लोज सर्किट ठंडा, एक बार ठंडा करने माध्यम से, प्राकृतिक मसौदा ठंडा, प्रेरित मसौदा ठंडा आदि
2 मोटर खलित, भाप खलित आद
3. कोयला या प्राकृतिक गैस मिट्टी का जेल या लिग्नाइट आदि बनाम 4. ऐसे प्रमुदित जाना दौर, सागर को आसपास के क्षेत्र, सेवन /मेकअप पानी की व्यसत्था विनियम... आदि के रूप में किसी भी साइट विशिष्ट सुविधा इस तरह के सभी सुविधाओं को निर्दिष्ट करें ।
5. गैस टवाई, आदि के क्षेत्र में उन्नत प्रौद्योगिकी वर्ग एफए की तरह कोई विशेष तकनीकी सुविधा ।
6. एफ जी डी तरह पर्यावरण विनियमन से संबंधित सुविधाओं, ईएसपी आदि ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1507 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र-एफ 3
शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रमार का परिकलन
(आंकड़े रू० करोड़ में)
पूर्ववर्ष (एन-1)
वर्तमान बर्ष (एन)
কস
आगामी वर्ष ( एन +1 ) आगामी वर्ष (एन +2) आगामी वर्ष (एन+3) वर्षान्छ मार्च
योग
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
अप्रैल-सित ० (वास्तविक)
अक्टू०- मार्च (सांकलित) (अप्रैल- सित ०)
प्रक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
1 ऋण पर ब्याज ( नानकीय ऋणों पर व्याज सहित)
2 अवक्षय
3 पटटा प्रभार
4 इक्विटी पर प्रतिफल
(९) इक्विटी पर प्रतिफल की दर
(वी) इविवटी
(सी) इक्विटी पर प्रतिफल (4 ए ) * (4थी )
5 ओ एंड एम व्यय
मूल्य द्वास का विवरण
5.1- कर्मचारी लागतें
5.2- मरम्मत एवं रखरखाव व्यय
5.3- प्रशासकीय एवं सामान्य लागतें
6 कार्यशील पूँजी पर व्याज
7 द्वितीयक ईंधन लागत
8 संकल यार्षिक रिवर प्रमार (1 + 2+3+4 (सी) +5+6+7
9 घटा कर अन्य आय (विवरण प्रदान करें)
10 शुद्ध वार्षिक स्थिर प्रभार (3-9 ) 1508
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ-4.1
ऊर्जा प्रमारों व ईधन भंडारों का संगणन
विवरण
रेटेड क्षमता
लक्ष्य उपलब्धता (पी एल एफ )
मानकीय पी एल एफ पर उत्पादन की यूनिट
सकल स्टेशन हीट दर (जी.एच.आर)
5 विशिष्ट इंधन तेल उपभोग ( एस एफ सी)
6 द्वितीयक ईंधन का कैलोरिफिक मूल्य (सी बी एस एफ)
प्राधनिक इंधन का भारित औसत भू मूल्य ( एल.पी.पी.एक)
8 द्वितीयक इंधन का भारित औसत मू मूल्य
9 धरेलू गैस, का जी.सी.वी. गैस कन्पनी के बिल के अनुत्तार (सी.पी.पी.एफ.)
10 परेतू गैत्, गैत्त का जी.सी.पी. कम्पनी के बिल के अनुसार (सी.पी.पी.एफ.)
11 आयातित गैस, का जी.सी.पी. गैस कम्पनी के बिल के अनुसार (सी.वी.पी.एफ )
12 मानकीय अनुषंगी उपभोग (% )
13
एक्स- मस प्राथमिक ईंधन प्रभार
14 एक माह में ऊर्जा उत्पादन
15 एक माह में वाह्य प्रेषित ऊर्जा
16 प्रति माह प्रायनिक ईंधन की औसत लागत
17 प्रति माह द्वितीयक ईंधन की औसत लागत
18 प्रति माह मुख्य द्वितीयक इंधन की औसत लागत (डब्ल्यू ती के लिए)
[भाग 1-क
(जांउदै रु० करोड में
आगामी वर्ष
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्व वर्ष (एन-1 )
(2+)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
अप्रैल- सित ० (वास्तविक ) अक्टू० - मार्च (आंकलित)
(वास्तविक / संपरीक्षित )
एम डब्यू
%
एप यू
कैलरी/ किलोवाट
अवक्षय का पत्रक
Rs./MT or Rs./KL
Rs./KL
केसीएएल/लीटर
केसीएएल/लीटर
केसीएएल /लीटर
%
Ps./Kwh
MU
MU
करोड़ रू०
करोड २०
करोड रु०
याधिकायत भाग 1 -क]
1509 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ-4.2 ए
ऊर्जा प्रभार/ गैस की संगणना के लिए ईंधन के संदर्भ में प्रस्तुत किए जाने वाला विवरण/जानकारी
(आंकड़े रू० करोड़ में)
कम
पूर्ववर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-1)
आगामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+2) विवरण
आगामी वर्ष (एन+3)
यूनिट
सं०
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित प्रक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल-सित ० (वास्तविक)
अक्टू० -मार्च (आंकलित)
योग (अप्रैल-मार्च)
1 किए गए ईंधन की मात्रा
(एमएमएससी एम/केएल)
2 ईधन आपूर्तिकर्ता को देय राशि
(करोड़ रू०)
3 कुल परिवहन प्रभार
(करोड़ रू०)
कुल ईंधन लागत
(करोड़ रू०)
4 ईधन की भारित औसत जीवीसी
(kCal/Kg) / (kCal/KL)
याचिकाकर्ता 1510
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-5.1
सकतस्थिर आस्ति वापार व वित्त पोषण योजना का पत्रक
पाणिन्धिक प्रधान थी वियि पर बिनुगोदिव सागव
पूंजीगत व्यय
यानिष्यिक प्रयासन की विवि
(৩) মুनेি ट/मঝাঁক -1
(4) मूलेट / क्सांक -2
(सी) यूनिट/ भली -3
दिन / पा/ पर्व
(ড) মুনিত /মবাবা-
(ई ) यूनिट/ मक - इत्यादि
(दिन / माह/वर्ष
मूल निव्व पोषण योजना (यूनिट गार)
विदेशी मुदा भ
रुपये में
पूर्व वर्ष (एम-1)
आसिंतों का विश्वन
আংশিক অতিशेष
वर्ष के दौरान का रोांच संत आरोग
वर्ग के दौरान
बी) भवन
ही आगे इसी प्रकार भनियों में दिये गये पर्णाकरण अनुसार )
चगान चर्च (एन)
वर्ष के दौरान वारियों का परिवर्धन
वर्ष के दौरान मारितयों या चेयंव
शारियों का विवरण
वारम्भिक यविशेष
(पारवदि८)
(आंचलिए)
(वारवदिक)
(संकलित)
सो) आगे इसी प्रकार दिये गये अनुसार) भाग 1-क]
1511 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-5.1
राकल रिवर सास्ति बापार व वित्व पोषण योजना का पत्रक
उत्पादन कंपनी का माम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ-5.1
सकल स्थिर गारित आधार व वित्त पोषण योजना का पत्रक
पूर्व वर्ष(एलन )
व्यस्वियों का विवरण
वर्ग के दौरान परिपर्यंन वर्ष के दौरान कारियों
भवन
सीआइसी प्रकार में दिये गये प्रगीकरण अनुसार )
पूर्व वर्ष (एन+2)
बरितयों का विवरण
वर्ष के दौरान परिवर्धन
वर्ष के दौरान आरि গুণী
सी- आगे इसी प्रकार निमणों ने दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग
pared to ready
पूर्वधर्व (एक+3 ) आसाभों का विवरण
मर्ष के पौरान परिषर्मन
केोधन आवियों
आगे इसी प्रकार अनुसार
* कृपया पर्व के दौरान स्थिर आस्तियों के परिवर्धन व उनके सेवा की वास्तविक/ प्रस्तारित विदिवं उपलब्ध कराये ।
याचिकाकर्ता 1512
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन या नाभ
फार्ग: एक-८.१ ए
नई परियोजनाओं के लिए प्राक्कलित पूंजी लागत यथा कमीशनिंग की बनुसूची का सारांश
नई परियोजनाएं
प्राक्कलित पूंजी लागव
post ve via ty
प्राक्कलित पूंजी सागत को अनुमोदित करणे पाला निर्देशक बोर्ड / अभिकरण।
प्रक्कलित पूँजी लागत के अनुमोदन की तिथि
वर्षगान दिवस की जागव
पूर्ण नागव
अनुमोदित प्राक्कलन का कीगत स्तर
साल के तिमाही पर
स्टेशन के अनुसूचित सीओडी पर
पूंजी सागत प्रवफलन के लिए विचारित विदेशी विनिमय दर
पूंजी लागत आईडीसी , वाईईडीसी पूर्व एकसी को छोड़कर
विदेशी पटण, यदि कोई हो, (मिलियन मू.एस. S या सुतंगत मुद्रा में)
परेलू पटक (लाख रूपये)
पूँजी नागर, जिसने गाईबीसी, साईईसीसी, एफसी, एफआरवी पूर्व प्रतिखणा लागत शामिल नहीं है । (रूपये करोड़ में
साईडीसी, गाईईकोसी, एफसी, एफईआरसी तथा प्रधिरखा जागत
विदेशी घटक, पदि कोई हो, (विलियन यूएस. या गुंतंगत मुद्रा में)
परेलू पटक (स० लाख)
यूज वाईडीसी, आईईडीसी, एफसी, एफईजारयी तथा प्रतिच्या ज्ञागत (रूपये ज्ञाख में)
विचार किये गए फरी और गुल्को की दर
पूंजी लागत जिसमें आईडीसी, एफसी, एफईआरपी एवं डेटिंग लागव भी है
विदेशी घटक, यदि काई हा, (भिलियन यूएस. 5 या गुंतंगात मुद्रा १)
परेलू पटक ( लाख रुपये में)
वैजी नागव जिसमें साईडीसी, बाईईडीसी, एफसी भी है (रू० लाख भे)
कनीशनिंग जाने की अनुसूपी
यूनिट-1 / साज -1 की पाणिज्यिक प्रचालन की विधि निषेश अनुमोदक के अनुसार
यूनिट-1 / महज । की षाणिज्यिक प्रचालन की तिथि निवेश अनुमोदक के अनुसार
अन्तिम यूनिट/ साक की वाणिज्यिक प्रचालन की शिथि
नोटः-
1. निदेश अनुमोदन पत्र की प्रति संलग्न की जानी चाहिए ।
2. पूंजी सागत के ब्यौरे यथालागू प्रारूप ड्यो या ऽसी के के अनुसार दिए जाएँ । 3. आईडीसी और दित्त प्रभारों के गौरे प्रारूप 14 के अनुसार दिए जाएँ ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1513 उत्तराखण्ड गजटं , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपाक पूफ 5.2
आस्तिवार अवाय का पत्रक
पूर्व वर्ग (एन-१)
आस्तियों का विवरण
अवशय की दर % में वर्ष के आरम्भ पर संचित अयवाय
वर्ष छेतु उपबंधित
अवक्षय
वर्ष के दौरान निकासियां
वर्ष के अंत पर संचित अवक्षय का अधिशेष
ए) भूनि
वी) भवन
सी) आगे इसी प्रकार (धिनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार )
योग
वर्तमान वर्ष (एन) आस्तियों का विवरण
अवक्षय की दर में वर्ष के आरम्न पर संषित अवक्षय
वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
वर्ष के दौरान निकालियां
(राशि २० क वर्ष के अंत पर संधिव बदाय का अधिरोम
अप्रैल-सित० (वास्तविक)
जवटू -गार्थ (गांकलित)
अप्रैल-सितम (वास्तविक)
अपटू-गार्च (आंकलित)
(৫) মুনি
भी) भवन
सी) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
भोग 1514
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादक स्टेशन का गाभ
प्रपत्रः एफ 5.2
आस्तिवार अवक्षय का पत्रक
पूर्ववर्ष (एन -1)
आस्तियों का विवरण
अवशय की दर में
वर्ष के आरम्भ पर संधित
अवक्षय
वर्ष हेतु उपबंधित अददाय
वर्ष के दौरान निकासियां
वर्ष के अंव पर संभित अवक्षय का अधिशेष
ए) भूমি
भवन
बी)
सी) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग
पूर्ववर्ष ( एन+2)
वर्ष के गारम्भ पर संचित
आस्तियों का विवरण
अवक्षय की दर % में
अवक्षय
वर्ष के दौरान निकात्तियां
वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
भ ० करो वर्ष के जंत पर संधित अवशय का अधिशेष
৫) মুদি
बी) भयन
सी) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग
पूर्व वर्ष (एन +3)
वर्ष के आरम्म पर संभित
आस्तियों का विवरण
अवक्षय की दर % में
अवदाय
वर्ष हेतु उपबंधित अवक्षय
वर्षके दौरान निकासियां
वर्ष के अंत पर संचित अवक्षय का शविशेष
बी) भवन
सी) आगे इसी प्रकार (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण अनुसार)
योग
याचिकाकर्ता 1515 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ 5.3
अवक्षय का पत्रक
मा ० करोड
2000-01 तक 2001-02 2002-03 2003-04 2004-05 2005-06 2006-07 2007-08 2008-09 2009-10 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16 वित्तीय वर्ष
पूँजी लागत पर अवक्षय
अतिरिक्त पूँजीकरण पर अवक्षय
अतिरिक्त पूंजीकरण की राशि
अवक्षय राशि
एफ ई आर वी का विवरण
एफ ई आर वी की राशि जिस पर अदक्षय प्रभारित है।
अवक्षय राशि
वर्ष के दौरान वसूल किया गया अवक्षय
वर्ष के दौरान वसूले गए अवक्षय के विरुद्ध अग्रिन
यर्क के दौरान बसूले गए अवक्षय के विरुद्ध अवक्षय एवं अग्रिम
अवक्षय के विरुद्ध संचयी अवक्षय एवं अग्रिम
अपक्षय के विरुद्ध संचयी अवक्षय एवं अग्रिम 1516
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
FormatforThermal /Gas
प्रपत्रः एफ 8.1
पूंजीगत व्यय का पत्रक
( दै ० करोड़
वर्तमान वर्ष (एन)
सीओ डी पूर्व वर्ष (एन-1 )
आगार्मी वर्ष (एन+1)
आगार्मी वर्ष (+)
(एन+1) आगार्मी वर्ष
टिप्पणियां
वास्तव में उपगत कुल
टिप्पणियां+
मद
टिप्पणिया+ +
सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित कुल व्यय कावित्तीय वर्ष
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-गार्च०)
अप्रैल-सित ० (वास्तविक)
अक्टू०- मार्च (आंकलित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(ए ) व्यय विवरण
৫) মুমি
दी) भवन
सी) मुख्य सिबिल कार्य
डी) संयंत्र एवं मशीनरी
ई) बाहन
अवक्षय का पत्रास
एफ) फनीवर्स व फिक्सपर्स
(जी) कार्यालय उपकरण व अन्य
योग (२)
बी) वित्त पोषण के सोठों का म्यौरा
रूपया अवधिक आण
ऋण-1
विदेशी मुद्रा ऋण
ऋण-1
ऋण-2
इक्विटी
नकद रूपये में
विदेशी मुद्रा में
सी) अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें)
कुल (बी)
नोटः
Patel + at fer of oી પ્રરિ 4 nor yearned over affered gem seller if former selfie it at fore darest at presti भाग 1 -क]
1517
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.2
पूँजीगत प्रगति-अधीन-कायर्यों का पत्रक
पूर्ववर्ष (एन-1 )
(आकड़े रु० करोड़ में)
पूर्ववर्ष (एन).
कम सं०
विवरण
(वास्तविक / संपरीक्षित)
आगार्मी वर्ष (एन+1)
आगार्मी वर्ष (एन+3)
आगार्मी वर्ष (एन+2)
टिप्पणियां
प्रदक्षेपित प्रक्षेपित प्रक्षेपित योग (अप्रैल-मार्च)
अप्रैल-सित ०
(वास्तविक)
सी डब्ल्यूआई पी का आरम्भिक अधिशेष
1
2 जोड़कर नये निवश
पूंजीगत व्यय
व्यय पूंजीकृत
निर्माण के दौरान ब्याज
3 घटाकरः निवेश पूंजीकृत
4 सी डब्ल्यूआई पी का अंत अधिशेष
अक्टू०-मार्च (आंकलित)
याचिकाकर्ता 1518
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.3
पूँजीगत व्यय का पत्रक व नयी योजनाओं के सी ओ डी की अनुसूची का विवरण
(आंकड़ों रू ० करोड़ में)
ऊर्जा स्टेशन का नाम
परियोजना लागत आंकलनों का अनुमोदन करने वाले अभिकरण का नाम
पूंजी लागत आंकलन के अनुमोदन की तिथि
वर्तमान दिवस पर लागत
(......तिथि पर)
सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित
पूँजी लागत
पूँजी लागत आकलनों हेतु विचारित विदेशी विनियम दर
लागत विवरण
राशि
विनिमय दर
राशि(करोड़ रूपये) ए) प्राथमिक लागत
विदेशी घटक (विदेशी मुद्रा में)
घरेलू घटक
कुल प्राथमिक लागत
ए
बी) आई डी सी व एफ सी
विदेशी घटक़ (विदेशी मुद्रा में)
भारतीय घटक
कुल आई डी सी व एफ सी
बी
सी) कुल लागत (आई डी सी व एफ सी सहित)
सी=(ए+बी)
कमीशनिंग की अनुसूची
यूनिट/ब्लॉक-1 का सी ओ डी
यूनिट/ ब्लॉक-2 का सी ओ डी
अंतिम यूनिट/ब्लॉक का सी ओ डी
नोट
1) अनुमोदन की प्रति संलग्न की जाये
याचिकाकर्ता 1519 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.4
नयी परियोजनाओं के लिये पूंजीगत व्यय का ब्यौरा
ऊर्जा स्टेशन का नाम
परियोजना नागड बायनों का गोदन करने वाले वनिकरण का नाग
पूंजी सागढ़ वायतन के बनुमोदन थी विवि
गर्तगान वर्ष (एन )
पूर्वपर्ष (एन-1)
वर्तमान वर्ष वक
यागार्थी वर्ष ( +3)
स्तंभ व 7 के मध्य अंतर
विवरण
आगार्गी वर्ष (H)
(आंकलित)
(वास्तनिक)
यागार्थी वर्ष (Hk)
रायन प्राधिकारी द्वारा धनुगोरित कुल व्यथ
अनुमोदित योजना के अनुसार वर्तमान वर्ष तक उपगत होना माना गया कुल म्यय
मास्तव में उपगव
12
10
6
2
(५) व्यय विवरण
२री) भवन
सी) मुख्य सिविल फार्म
डी) संयंत्र एवं मशीनरी
ई) वाहन
एक) फर्नीचर्स प फिक्सपर्स
जी) कार्यालय उपकरण व अन्य
योग(२) मी) वित्त पोषण के चोतों का स्थौरा
९) ऋण/ उपार
नी) इक्विटी
सी) अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें)
योग (बी)
नोट-
टिप्पणियां + 6 व 7 के मध्य अंतर के कारणों को स्पष्ट करें ।
1520
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.5-ए
सीओ ची पर गैस/आयारित परियोजनाओं के लिए पूँजी लागत का ब्यौरा
कार्यों का शीर्ष
वास्तविक/ आंकतिव पेंगत व्यय
शरवरिक दूची यय(4)
संवाएं/प्राविधान परिर्वतन
5)
(3-4-5)
परिवर्तन के विशेष কালে" (7)
मनुवार मूल कितनों निवेश बनुमोदन के के धनुरुप
3
2 1.0 भूमि व स्थल विकास को सागव
1.2 पुर्नवास एवं पुनः स्थापन (आर एवं आर)
1.3 प्रारम्भिक अन्वेषण व स्थल विजात
कुल भूमि व स्थल विकाव
2.0 संपन्द्र एवं उपकरण
2.1 स्टीन टर्वाइन जनरेटर साईक
2.2
2.3 वमयू एच आर वी वाईसेक
2.4 भी वो पी गैकेनिकल
2.4.1 ईधन हैडलिंग व स्टोरेज प्रणाली
2.4.2 पाइय जल आपूर्ति प्रणाली
2.4.3 सो बथयू प्रणाली
2.4.4 जूलिणं टायर्स
24.5 को एग जल संयात्र 2.4.6 सफाई संयंत्र
2.4.7 क्लोरिनेशन संयंत्र
2.4.8 एयर कंडीशन चपेटीलेशन प्रणाली
2.4.9 अग्नि शपन प्रणाती
2.4.10 एवं पी/ एल पी पाइपिंग
कुल भी को पी नेथेनियन्त
2.5. 2.5 भो जो भी बद्रिक
2.5.1 रिवय यार्ड पंज
2.5.2 ट्रांसफार्गरत पैशेज
2.5.3 स्चिय गियर पैकेज
2.5.4 कंवला, केबल सुविधाएं उग
2.5.5 लाईटिग
2.5.6 आपातालीन डी पी सेंट
युत वी को पी इसैस्ट्रियत
2.6 कण्ट्रोल व इनामेटेशन (सी एवं वाई पैकेज
गुज्वरोको कर यूल संयंत्र एवं उपकरण
2.7 शुल्क एवं कर
2.7.1 सीता गुण/पंधी मुल्क/विधी गार
2.7.2अन्य कर शुल्ला-(पं )
कुन शुल्क व कर
मूल संयंत्र पूर्व उपकरण
4.0 सिविल कार्य 4.1 मुख्य संपत्र/ प्रशासनिक
4.2 वाढ्य जल आपूर्ति प्रणाली 1521 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 - क]
वास्तविक/वितिव
संघठाएं/ प्राविमान(
कार्यों का शीर्ष
निवेश मनुमोदन के धनुसार गूज आंकलनों
परिर्वतन (3-4-5)
परिवर्धन के विशेष चारण" (7)
वास्तविक पूँजी व्यप (4)
5)
3
बनुगोदन रिवारविक पूँजी
मास्तविक/यांकनिव पेंगत व्यय
परिगर्सन के विशेष कारण" (7)
परिर्वतन (3-4-5)
व्यय (4)
चंवाई/ प्राविधान 5)
4.3 सी डब्ल्यू प्रणाली
4.4 कूलिंग टावर्स
4.5डी एम जल संयंत्र
4.6 सफाई संयंत्र
4.7 इंधन हैंडलिंग प स्टोरेज प्रणाली
4.8 नगरीय व कॉलोनी
4.9 अस्थायी निर्माण व समर्थक कार्य
4.10 गार्ग व जल विकास
4.11 अग्निशमन प्रणाली
यूल सिविल कार्य
5.0 निर्माण व गीनिंग पूर्व व्यव 5.1 दरेशान परीक्षण व कमीशनिंग
5.3 धारक प्रशिक्षण
5.4 निभांग बीमा
5.5औजार एवं संयंत्र
5.6 स्टार्ट अप इंधन
5.7अन्य व्यय
खुल निर्माण व कपीशनिंग पूर्व गय
6.0 उपरिशीर्ष
6.2 डिजायन में इंजीनियरिण
6.3 सेवा परीक्षा व लेखा
6.4आकरिभक्ता
इस उपरिशीर्ष
7.0 आई थी ही में एक शो को घोड़कर पूंजी लागत
वाई की सी, एक सी. एफ ई वार भी व प्रतिरक्षा नागय
8.1 निर्माण के दौरान गाज ( आई डी सी
0.2 प्रभार (एक )
8.3 विदेशी विनिमय दर परिवर्तन ( एफ ईआर दी )
8.4प्रतिरक्षा सागत
आई डी सी. एफ सी एफसी एफआर
प्रतिरक्षण सागत का योग
2.0 आई थी ती एक एकरी विच्या
सहित पूंजीलागव 1522
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.6
सी ओ की पर निर्माण/ आपूर्ति/सेवा पैकेज का ब्यौरा (नये स्टेशनों के लिये)
( रु० करोड़ में
प्राय सेलियों की प्रदान किये कार्य द्वारभ
कार्यों की परिधि (लागू बनुज्ञाग म्योरे के
पूर्णपिरपूर्ण होने को जी को पहले करोड़ हो, एक बार
रत्च मूल्य
जान/निर्माण की // ज
भी/ दिचानीय/पना कार्य द्वारा प्ररान किया गया है
(11)
(10)
(9)
(7)
(8)
(6)
(5)
(3)
(2)
(1)
(3)
यदि कोई ऐसा पैज है, जिसे भारतीय रुपये या विदेशी मुद्राओं में दर्शाया जाना है तो उसे मुदा, विनिभव, दर व विधि के साथ पृथक रूप से दर्शाया जाये ।
1523 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.7
आई डी सी एवं वित्त पोषण प्रभारों इत्यादि के परिकलन हेतु ड्रा डाउन अनुसूची
(आंरुन्छे रू० करोड़ में)
विगाडी- व (सी को डी)
विमाढी-2
विगाढी-1
विदेशी मुद्रा में
भारतीय रूपये में विदेशी मुद्रा में
भारतीय रूपये में चचि
मारतीय रूपये में राशि
द्रों वाचण तिथि पर विनियम घर विदेशी मुद्रा में गावा
विवरण
पाशि
ड्रॉ काचन तिथि पर विनियन दर
द्रों गउन तिथि पर विनियम दर
1.1 विदेशी ब्रऋण
1.1.1 विदेशी त्राण-1
अवक्षय का पत्रक
द्रा डाउन राशि आई थी त्ती
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर भी
प्रतिरक्षा लागत
1.1.2 विदेशी त्रणে-1
द्रा दाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर पी
प्रतिरक्षा लागत
1.1.n विदेशी त्राण- एम द्रा डाउन राशि
आई डी ती
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर पी
प्रतिरक्षा लागत
1.1 कुल विदेशी ऋण
यो ठाउन राशि
आई डी सी
दित्व पोषण प्रभार
एफ ई आर वी
प्रविक्षा लागत 1524
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
विनाही-द (सी जो डी)
तिमाही-2
विमाठी-1
भारतीय रूपये में
भारतीय रूपये में विदेशी मुदा में
भारतीय रूपये में विदेशी गुदा में
ड्रॉ सउन वियि पर विनियन दर विवरण
विदेशी मुद्रा में मात्रा
द्रों बाचनग विधि पर विनियम दर
द्रों याउन तिथि पर विनियम दर
1.2 भारतीय ऋण
1.2.1 भारतीय आण -1
ड्रॉ डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
1.2.2 भारतीय ऋण-2
द्रा ढाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
1.2. भारतीय अऋण- एम ड्रॉ दाउन राशि
आई डी ची
वित्त पोषण प्रभार
1.2 गुल भारतीय ऋण
ड्रो डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
निकासी किये गये ऋणों का योग
आई थी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर थी
प्रतिरक्षा लागत
इक्विटी
2.1 निकासी की गई विदेशी इक्विटी
22 निकात्ती की गई भारतीय इक्विटी
मुल अभिनियोजित इक्विटी
नौट प्राण व इरियटी की निकासी, कभीशनिंग अनुसूची को पूरा करने के लिए विगादी वार रामवधी के आधार पर होगी । प्रारम में उच्य इरिष्टी की रियाती अनुमेय है ।
2. संगगन हेतु उपयोग की गई पुन्टः नियत तिथियों सहित लागू म्याज दरे पृथक रूप से प्रस्तुत की जायें ।
3. ग्यु यूनिट परियोजना के मामले में उपयोग किये गये पूंजीकरण अनुपात का विवरण प्रस्तुत किया जाये ।
1525 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत)
भाग 1 -क]
उत्पादन कपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र : एक -०.०
लागत की अधिकता दाने की स्थिति में
मादिक/बांवलित
फारन शौष्ट जागध में दूचि
/चरण होने चे
बंदर के कारण पदार्थका संगणन और को प्रत
भू (साव,छपने में)
रिरेठी में
1 भूषविकास को साग
1.1 মুষি
1.2 gate of meters pure you str)
13 Atom str we are
2.1 स्टीलो
2.2 रसईगोटर आइलेक
2.3
2.3.1 इंधन स्वरखाव और भंडारण प्रणाली
2.3.2 पादरी यहा
2.3.3 एष
1234 Rapar ite 2.3.5 लां
2.3.6 एंव भरण प्रণালী
2.3.7 राप्राली
2.3.8 सोचता त्यां
2.3.9 रोलिंग स्टाफ और लोकोचेोटिय
2.3.10
2.3.11 दारा
2.3.12
2.3.13 अप
2.4 यूनियन
2.4.1 रिज
2.4.2 / crN sta 2.1.3 रिचय निदा हिंज
24.4 सेवा केस्त सुनिि
24.5
25 Rise form ( t so tha
on tir at grasen નિતર્ષે સર ડોર મુખ્ય રભિતિ શ્રી કે
4.1 you ten / Amor પત્ર
4.2 ते 1526
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
नंतर थे कारण (युच्यनकारी
चौपट सागय में वृदि
4.4
4.5 विष्णुदीकरण संवंद्र
4.6
4.7 ove vorrom she wore geet
4.9 एवजीर और गालियाई
4.11 सवनिन क्षेत्र विज्ञा
4.12 अभिप्रणाली
4.13 और
4.14 और दाई
4.15 सक और
गुल शिविज कार्य
5 निर्माण और पूर्व
5.1 निर्धन और मा
5.2
5.3 प्रस
5.4 निर्माण दीक्षा
5.5औजार
5.6आकारने पनि
फूज निर्माण और पूर्व कौनिय
16 Foresterd
6.1 सपना
6.2 डिजाईन एवं इंजीनियरि 1 63 sisters Rom
6.4 আক
8.1 निर्माण के दौरा (आई )
8.2 निती प्रभा ( )
8.3 विदेशी विनिदरअंतर ( आ )
meets of altered n ની મરું પૂત્ર થી શિરા 11
for EYE ORVI & fire and see por or veteform or ST of food or exter only be oriend wider me for E 1527 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.9
वास्तविक नगद व्यय
(आंकड़ें रु० करोड़ में )
तिमाही -III
तिमाही -II
तिमाही -I
तिमाही-एन (सीजोडी) विवरण
सकल ब्लाक पर व्यय
जोड: सीडब्ल्यूआईपी पर व्यय
जोडे:पूंजीगत अग्रिम यदि कोई हो
घटाएँ:असम्पादित देयताएं (उपर्युक्त शामिल )
जोड़े/घटाएँ: अन्य
पूँजीगत आस्तियों हेतु संविदाकर्ताओं/ आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान
संचयी भुगतान
नोटः यदि भुगतान एव नियोजित निधि के बीच कोई अंतर है तो औचित्य प्रस्तुत करें ।
याचिकाकर्ता 1528
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.10 समय की अधिकता होने की स्थिति में
(आंकड़े रु० करोड़ में )
लिया गया अधिक समय
वास्तविक अनुसूची (वास्तविक अनुसार)
मूलअनुसूची
(योजना के अनुरूप)
क्र०सं०
कियाकलाप /कार्यों/सेवा का विवरण
विलंब के कारण
अन्य प्रमावित क्रियाकलाप ( प्रभावित क्रियाकलापों की क्रम संख्या का उल्लेख करें)
प्रारम्भिक तिथि
दिन
प्रारम्भिक तिथि
पूरा करने की वास्तविक तिथि
पूरा करने की तिथि
2
3
1. समय की अधिकता होने के मामले में प्रत्येक कारण से हुए विलम्ब को संगणित करना घहिए और उसके प्रमाण स्वरूप आवश्यक दस्तावेजों एवं समर्थनकारी कामकाज का उल्लेख होना चाहिए ।
2. विशेष क्रियाकलापों का उल्लेख करें ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1529
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.11
सीओडी के पश्चात अतिरिक्त पूंजीकरण का वर्ष वार पत्रक
सीओडी वर्ष के
(आंकड़े रु० रुपये में )
दावा किया गया एसीई (वास्तविक / प्रक्षेपित)
क्र०सं
औचित्य
आयोग द्वारा स्वीकृत लागत, यदिकोई हो विनियम जिसके अंतर्गत दावा किया गया
स्तंग 3 में शामिल की गई आईडीसी
कार्य/ उपकरण का शीर्ष
नकद आधार
स्तंभ 3 में शामिल असम्पादित देयता
प्रोद्धवान आधार
(5-3-4)
(4)
(3)
(2)
(1)
(7)
(9)
(8)
(6)
1. यदि परियोजना पूरी का ली गई है और लागत को विगत को किसी टैरिफ अधिसूचना के अन्तर्गत स्वीकार किया गया है तो (प्राधिकारी का नाम ) द्वारा पहले ही जारी टैरिफ अधिसूचना के प्रयोजनार्थ यथास्वीकृत लागत का विवरण देते हुए स्तंभ 10 भरें । (टैरिफ आदेश की प्रति संलग्न करे)
2. उपर्युक्त सूचना टैरिफ अवधि 2014-19 के प्रत्येक वर्ष / अवधि के लिए अलग से प्रस्तुत किये जाने की आवश्यकता है ।
3. आस्तियो के पूँजीकरण निरसन के मामले में स्तंभ 1.2.3 और 4 में अलग से विवरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए । इसके अतिरिक्त, इन आस्तियों की मूल बही मूल्य और ऐसी आस्ति के पूँजीकरण का यर्ष को स्तंभ 8 में
प्रस्तुत किया जाना चाहिए। जहां पूँजीगरण निरसन अनुमानित आधार पर है, उन्हें अलग से दर्शाया जाना चाहिए।
4. यदिकिसी आस्ति को गैर - सेवा योग्य ठहराया गया है उसे उस वर्ष के दौरान गैर पूंजीकृत माना जायेगा और ऐसी आस्ति की मूल मूल्य स्तंभ 3 में दर्शाया जाना चाहिए । और यदि कोई इम्पेयर्ड कीमत है तो इसके
पूंजीकरण के वर्ष का उल्लेख स्तंभ 8 में किया जाना चहिए ।
5. प्रत्येक आस्ति के पूंजीकरण का औचित्य उस विनियम के अनुरूप होना चाहिए जिसके अंतर्गत दावा किया गया है और उस आस्ति के पूंजीकरण की आवश्यकता का उल्लेख किया जाना चाहिए ।
टिप्पणीः
1. प्रारूप को क्रमानुसार वर्षवार भरे जिसमे लाभार्थियों की आवश्यकता और प्रोद्धत लाभां का विस्तृत ब्यौरा विस्तृत स्पष्टीकरण सहित स्पष्ट रूप से दर्शित हो ।
2. यदि आरंभिक पुर्जे किसी भी उपकरण के साथ क्रय किये जाते है तो ऐसे पुर्जों की लागत पृथक रूप से इंगित की जानी चाहिए अर्थात रोटर 50 करोड़ आरंभिक पुर्जे 5 करोड़ रूपये ।
याचिकाकर्ता 1530
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.12
[भाग 1-क
परियोजना के उपयोगी जीवनकाल के अन्तान्त के दौरान अतिरिक्त पूंजीकरण का पत्रक
सीओडी
(आंकड़े रु० करोड़ में )
दावाकृत एसीई (वास्तविक/प्रदोपित)
वर्ष
क्र०सं०
प्रोद्धवन आधार
औचित्य
जीवन विस्तार पर प्रगाव
विनियम जिसके अंतर्गत दावा किया गया
स्तंग 4 में सम्मिलित जसम्पादित
देयता
प्रत्येक इकाई/ केन्द्र के उपयोगी जीवन काल के अंतिम पांच वर्षों के दौरान जोड़ा गया कार्य संकर्म/उपकरण
(3)
(2)
(4) (1)
टिप्पणीः
स्तंभ 4 में शामिल आईडीसी
(9)
(10) नकद आधार (6-4-5)
(7)
(8)
(5)
1- पूंजी संवर्धनों के लिए किए गये लागत लाभ विश्लेषण को इन योजनाओं के अनुमोदन हेतु याचिका के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए ।
गया है और आस्ति के पूंजीकरण की आवश्यकता का उल्लेख किया जाये ।
2. प्रत्येक आस्ति के लिए अतिरिक्त पूंजीगत व्यय दावा हेतु औचित्य उस विनियम के साथ सुसंगत होना चाहिए जिसके अंतर्गत दावा किया
योधिकाकर्ता भाग 1 -क]
1531
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.13
बहियों के अनुरूप पूंजी संवर्धन सहित दावाकृत एसीई का मिलान दर्शाने वाला पत्रक
सीओडी
2014-15
विवरण
क्र.सं०
(3) (1)
(2)
अन्तिम सकल ब्लॉक
घटाएँ: प्रारंभिक सकल ब्लॉक
बाहियों के अनुसार कुल संवर्धन
घटाएंः अन्य चरणों से सम्बंधित संवर्धन (कपया चरण वार ब्यौरा दें ।)
तत्काल परियोजना / यूनिट/ घरण से संबंधित शुद्ध संवर्धन
घटाएं: अपवर्जन (मदें जो अनुमेय नहीं है/जिनका दावा नहीं किया गया)
शुद्ध अतिरिक्त पूँजीगत व्यय दावाकृत
टिप्पणीः किसी भी व्यय का अपवर्जन का कारण स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए ।
(आंकड़ें रु ० करोड़ में )
2018-19
2017-18
2015-16
2016-17
(6)
(7) (5)
(4)
याचिकाकर्ता 1532
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.14
पूँजीकरण निरसन का पत्रक
पूंजीकरण निरसन के लिए प्रस्तावित कार्य/उपकरण
पूँजीकरण क्र.सं. निरसन का वर्ष
पूंजीकरण निरासित की जा रही आस्ति/उपकरण के पूंजीकरण निरसन का वर्ष
[भाग 1 -क
(आंकड़ें रु० करोड़ में)
औचित्य पूंजीकरण निस्तन के समनुरूप संचयी अवक्षय
पूंजीकरण के समय ऋण इन्विटी अनुपात
पूंजीकरण निरासित
की जा रही आस्ति
का मूल बढी मूल्य
(1) (2)
(3)
(4)
पूंजीकरण निरसन के समनुरूप ऋण का संचयी प्रतिसंदाय
(5)
1
(6)
(7)
(8)
(9)
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1533
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 6.14 ए
अपवर्जन के अन्तर्गत दावाकृत मदों/आस्तियों / कार्यों को दर्शाने वाला पत्रक
क्र०सं०
(आआंकड़े रु ० करोड़ में )
अपवर्जन के अंतर्गत दावाकृत एसीई
औचित्य
स्तंग 3 में शामिल आईडीसी
नकद आधार
स्तंम 3 में शामिल असम्पादित देयता
प्रोद्ववान आधार पिछले पाँच ताल के दौरान प्रत्येक यूनिट/स्टेशन के उपयोगी जीवन से जोड़ा गया कार्य/ उपकरण
(3)
(2)
(1)
(7)
(6)
(5=3-4)
(4)
टिप्पणीः 1. टैरिफ में अनुमति न दी गई आस्ति पर दावाकृत अपवर्जन को विशेष संदर्भ में आयोग के टैरिफ आदेश की तिथि, याचिका सं. , राशि जिसकी अनुमति नहीं दी गई आदि के साथ उल्लेखित होना
चाहिए ।
2. अंतर इकाई अंतरण, अंतरण की प्रकृति अर्थात अस्थाई या स्थायी , का उल्लेख होना चाहिए । यह प्रमाणित किया जाए कि अपवर्जन की मांग केवल प्राप्तकर्ता केन्द्र के लिए की गई है न प्रेषण केन्द्र या दोनों केन्द्रो के लिए ।
याचिकाकर्ता 1534
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ-6.15
इक्विटी पर लाभांश
[भाग 1 -क
(आंकड़ें रू० करोड़ में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्व वर्ष (एन-1 )
मद
क्रम
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+1)
टिप्पणी
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-मार्च)
(आंकलित) अक्टू०-मार्च
(वास्तविक) अप्रैल-सित ०
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
1 वर्ष के आरम्भ पर इक्विटी
2 पूँजीगत व्यय
3 पूंजीगत व्यय का इक्विटी भाग
4 वर्ष के अन्त में इक्विटी
प्रतिफल का संगणन
इविविटी के प्रारम्भिक अधिशेष पर इक्विटी पर
प्रतिफल
याचिकाकर्ता भाग 1 क]
1535
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र: एफ-6.15ए
अतिरिक्त आरओई का दावा किए जाने की स्थिति में
निवेश अनुमोदन के अनुरूप पूरा किए जाने का समय (माह)
परियोजना
संस्थापित क्षमता
Formatfor Thermal /Gas
(राशिरू० करोड़ में)
वास्तविक पूर्णतः समय
अर्हक समय अनुसूची (विनियम के अनुसार)
माह
जांची गई क्षमता
प्रारम्भिक तिथि
पूरा करने का समय महीनों में
प्रारम्भिक तिथि
अनुसूचित सीओडी (तिथि)
ईकाई 1
ईकाई 2
ईकाई 3
ईकाई 4
पूरा करने का समय महीनों में
अनुसूचित सीओडी (तिथि)
याचिकाकर्ता 1536
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 7
पूँजी लागत व वित्त पोषण संरचना का विवरण
पूर्व वर्ष (एन-1) वर्षान्द्र गार्च
सीओ डी का वित्तीय वर्ष
वास्तविक/ संपरीक्षित
[भाग 1 -क
(आंकड़े रू० करोड़ मे )
वर्तमान वर्ष(एन)
आगानी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+1)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
अक्टू०-मार्च (आंकलित) (अप्रैल-मार्च) योग
अप्रैल-सिव० (वास्तविक)
प्राथमिक परियोजना वित्तीय मानदंड
पूंजी लागत
वर्ष के दौरान परिवर्धन
वर्ष के दौरान विलोपन
सकल पूँजी लागत (ए)
मूल परियोजना लागत के विरुद्ध इक्विटी
वर्ष के दोरान परिवर्धन
इक्विटी उप- योग (बी)
मूल पूँजी लागत के विरूद्ध बकाया ऋण
वर्ष के दौरान जुड़े नये ऋण
त्राण उप-योग (सी)
नूल परियोजना लागत के विरूद्ध अनुदान
वर्षके दौरान परिवर्धन
अनुदान उप-योग (डी)
कुल वित्त पोषण (बीसी+डी)
नोट:
i) *अनुमोदित या वास्तयिक पूंजी लागत, जो भी कम हो
2. इक्विटी व ऋण, यदि लागू हो, तो विदेशी व घरेलू घटक में विभाजित किये जायेंगे ।
भाग 1 -क]
1537
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 8
वित्तीय पैकेजों का विवरण
विनिमय दर
(आंकडे रू ० करोड़ में)
गांरटी कमीशन
ग्रेस अवधि
एफ सी में राशि
वापसी के निबंधन
भारतीय मुद्रा मेंराशि निधियों का स्रोत
कुल इक्विटी का%
कुल पी सी का%:
कुल त्राण का %
अपफंट फीस / प्रदर्शन प्रीमियम
व्याज दर / इक्विटी पर प्रतिफल
(करोड़ रू० में)
(%) (करोड़ रू ० मे)
(%)
(%)
(वर्ष)
(वर्ष)
(रू० / एफ सी) (करोड़ रू ० में)
(मुद्रा का नाम)
(९)ऋण
विदेशी%
ऋण I
ऋण II
ऋण III
ऋण IV इत्यादि
भारतीय:
त्रऋण I
ऋण II इत्यादि
कुल ऋण (ए)
(मी) इविवटी
विदेशी
भारतीय
कुल इक्विटी (बी)
(सी) अनुदान
विदेशी:
भारतीय:
कुल अनुदान (सी)
कुल वित्त पोषण (एबी+सी)
कुल परियोजना लागत
(%)
नोट 1. सी ओ डी प्राप्त कर चुकी परियोजनाओं के मामले गेपरियोजना की सी ओ डी पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत वित्तीय पैकेज विवरण, समर्पित दस्तावेजों के साथ प्रारूप में प्रस्तुत किये जायेंगे ।
2. सी ओ डी प्राप्त न हुई परियोजनाओं के मागले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित वित्तीय पैकेज विवरण समर्पित दस्तावेजों के साथ प्रारूप में प्रस्तुत किया जायेगा ।
3. एफ सी विदेशी मुद्रा।
4. पी सी परियोजना लागत
याचिकाकर्ता 1538
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ 9.1
बकाया ऋणों का विवरण
पूर्ववर्ष (एन-1 )
वर्ष के आरण पर
वापसी की अवधि (वर्ष)
व्याज की दर (%)
[भाग 1 -क
(आंकड़ें रू० करोड़ में)
वर्ष के अंत पर देय मूल
वर्ष के दौरान प्राप्त राशि
আপে अभिकरण (अण का स्रोत)
(वास्तविक/ संपरीक्षित) (नास्तविक , 'संपरीक्षित ) वर्ष के दौरान देय मूल वर्ष के दौरान मूल वापसी
वर्ष के अंत पर आधिदेय मूल
टिप्पणी
(वास्तविक / संपरीक्षित )
(वास्तविक/ संपरीक्षित )
(4)
(3)
(2)
(वास्तविक / संपरीशिव) (वास्तविक / संपरीक्षित ) (वास्तविक/संपरीक्षित) (वास्तविक/ संपरीहिट)
(8)-(6)-(7)
(10) (6)
(9)-(4)+(5)-(6)
(5)
(1)
(२) राज्य सरकार से अन्यथा
प्राण ( उधारदाता का नान)
त्रऋण II ( उपारदाता कन नान)
ऋण III (उधारदाता का नाम)
उप-योग(ए)
अवक्षय का पत्रक
(बी) सरकारी त्राण
प्रकार I
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (नी)
उप-योग (ए+बी)
(सी) मानकीय त्राण
योग (९+थी+ सी)
वर्तमान वर्ष (एन)
वापसी की अवधि (वर्ष)
व्याज की दर (%)
वर्ष के अंत पर देय मूल वर्ष के दौरान देय मूल बर्ष के दौरान मूल वापसी
वर्ष के दौरान प्राप्त राति
वर्ष के आरम्भ पर अधिशेष ब्राण अनिकरण (ऋण का स्रोत)
अनुमानित
अनुनानिव
अनुमानित
(4)
(3)
वर्ष के अंव पर आदिदेय मूल
टिप्पणी
अनुगानित
अनुगानिव
अनुमानिव
अनुमानित
(8)-(6)-(7) (9)-(4)+(5)-(6)
(10) (6)
の
अनुमानित (5)
(1)
(2)
(२) राज्य सरकार से जन्यथा
ऋण (उधारदाता তা দাদ)
प्राण II (उधारदाता का नाम)
(৯)
(२) तरकारी ऋण
प्रकार I
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (बी)
उप- योग (ए + री)
(सी) সানকীয় আলে
योग (एवीसी) भाग 1 -क]
1539
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
आगामी वर्ष (एन +1)
वापसी की अवधि (वर्ष)
वर्ष के जंव पर देय मूल
वर्ष के दौरान प्राप्त होने
प्याज की दर (%)
वर्ष के आरम्भ पर अपिशेष आण अभिकरण (ऋण का चोत)
अनुमानित (4) (1)
अनुमानित (2)
अनुमानित (3)
(२) राज्य सरकार से अन्यथा
ऋण I (उपारदाता का नाम)
त्राण II (उधारदाता का नाम)
ऋऋण III (उधारदाता का नाम)
उप -योग (२)
(बी) सरकारी ऋण
प्रकार I
प्रकार II प्रकार III इत्यादि
उप-योग (बी)
उप-योग(र+२री)
(सी) मानकीय ऋण
योग (ए+ थी + सी)
आगानी वर्ष (पुन+2)
वर्ष के आरम्म पर
वापसी की अवधि (वर्ष)
व्याज की दर (% )
वर्ष के दौरान देय मूल
टिप्पणी वर्ष के दौरान छोने वाली मूल भापसी
पर्व के अंव पर आधिदेव मूल
बाली राशि अनुमानित
अनुमानित (9)-(4)+(5)-(6)
अनुमानिव (8)-(6)-(7)
अनुमानित (6)
(10) (5)
अनुमानित 7
वर्ष के दौरान होने वाली
वर्ष के गंव पर देव मूल वर्ष के दौरान देय मूल
वर्ष के दौरान प्राप्त होने
वाली राशि
अधिरोष
রणে श्रमिकरण (ऋण का चोत)
अनुमानित
अनुमानित (4)
(2)
अनुमानित (3)
(1)
(ए) राज्य सरकार से अन्यथा
श्रण 1 (उपारदाता का नाम)
त्राण II ( उधारदाता का नान)
अरण III ( उधारदाता का नाम)
उप -योग(२)
(बी) सरकारी ग्राण
प्रकार 1
प्रकार 11
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (भी)
उप-योग (ए + मी)
(শ্রী) মাদকীয় অলে
योग (ए +थी + सी )
मूल वापसी
वर्ष के अंत पर माधिदेव मूल
टिप्पणी
अनुनानित
अनुमानित
अनुमानित
(9)-(4)+(5)-(6) चनुमानित (6)
(8)-(6)-(7)
(10) अनुमानित (5) 1540
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
आगामी वर्ष(एन+3)
वर्षके दौरान होने वाली वर्ष के अंत पर
म्याज की दर (% ) वापसी की अवधि (वर्ष)
वर्ष के दौरान देव मूल
वर्ष के अंत पर देव मूल
वर्ष के आग्न पर अधिरोष
वर्ष के दौरान प्राप्त होने वाली राशि
त्राण अनिकरण (त्रण का ग्रोत)
मूल यापत्ती
आधिदेय मूल
टिप्पणी
अनुमानित
अनुमानित
अनुमानिव
अनुमानित
अनुमानित
(1)
(2)
अनुमानित (3)
अनुमानित (4)
(5)
(6)
(9) -(4)+ (5) -(6)
(10)
(8)-(6)-(7)
(२) राज्य से जलावा अन्य
प्राण ( उधारदाता का नाम)
अत्ण II ( उपारदाता का नाम)
ऋण III ( उधारदाता का नाम)
उप-योग (ए)
(वी) सरकारी आण
प्रकार I
प्रकार II
प्रकार III इत्यादि
उप-योग (वी)
उप-योग (ए+भी)
(सी) नानकीय प्राण
योग (ए+बी+ सी)
नोटः । यदि किसी श्रणका अनुसूचीकरण किया गया है तो अनुकरण के निधन को स्पष्ट से रेखावित करते हुए उधारा से पत्र की प्रति के साथ के अनुकेको सन्ट रूप से विनिर्दिष्ट किया जाये। 2 कोई अन जिसे जिसी अपादक स्टेशन को आनटित किय गयाहो तथा अनुदित वित्तीय रोज का भागहीको सहित पृथक रूप से दांव जाये ।
मूलवित पोषण घेजना के अनुसार दशांची लाये । 3 मूल विद्यीय योजना तथा इसके अनुसार संघीय
कांचन वर्ष के लिए निकायेतात से दर्शाये जाये ।
3 माचिन या गये पारसे कोई नवीन से जाये । विदेशी मुद्रा गों के नाम के साथ उपार की मुद्रा का डाटा प्रदान किया जाये ।
भाग 1 -क]
1541 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः 9.2
वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भारित औसत ब्याज दर का परिकलन *
(आंकड़ें रू० करोड़ में)
कम
आगामी वर्ष (एन+3) विवरण
पूर्ववर्ष (एन-1)
आगामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+2)
वर्तमान वर्ष (एन)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित ऋण-1
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोड़कर वर्ष के दौरान में निकासियां
अवक्षय का पत्रक
घटाकर वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋण-2
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोड़कर वर्ष के दौरान में निकासियां
घटाकर वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋण-एन
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोड़कर वर्ष के दौरान में निकासियां
घटाकर वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण - अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर व्याज की दर
ऋण पर ब्याज
कुल ऋण
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोड़कर : वर्ष के दौरान में निकासियां
घटाकर वर्ष के दौरान ऋण की वापसियां
शुद्ध ऋण- अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋणों पर ब्याज की भारित औसत दर
*विदेशी ऋणों के मामले में भारतीय रूपये में परिकलन प्रस्तुत किया जाये तथापि, मूल मुद्रा में परिकलन भी उसी प्रारूप में पृथक रूप से प्रस्तुत किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1542
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 9.3
मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
(आंकड़े रू० करोड़ में)
आगामी वर्ष
आगामी वर्ष विवरण
पूर्ववर्ष (एन-1 ) वर्तमान वर्ष (एन ) (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+2)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
(एन+3) प्रक्षेपित
सकल मानकीय ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋण के संचयी भुगतान
शुद्ध मानकीय ऋण आरम्भिक
वर्ष के दौरान ए सी ई के कारण वृद्धि या कमी
घटाकर वर्ष के दौरान मानकीय ऋण की वापसियां
शुद्ध मानकीय ऋण अंत में
औसत मानकीय ऋण
वार्षिक आधार पर वास्तविक ऋण पर ब्याज की भारित औसत दर
मानकीय ऋण पर ब्याज
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1543
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 10 ए
गैस आधारित स्टेशनों के लिये कार्यशील पूंजी पर ब्याज का विवरण
(आंकड़े रू ० करोड़ में )
आगामी वर्ष (एन +2) वागामी वर्ष (एन+3 ) आगामी वर्ष (एन +1 )
आगामी वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-1 )
कम
विवरण
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-मार्च)
(आंकलित)
अप्रैल-सित० (पास्तविक)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
1
एन ए पी ए एफ के अनुरूप एक ( 1 ) माह के लिए भूईधन लागत
एन ए पी ए एफ के अनुरूप आधे (1/2) माह के
2
लिए तरल ईंधन लागत
3 ओ एवं एम व्यय माह
अनुरक्षण स्पेयर्स (ओ एंड एम व्ययों का 20 % )
4
5 प्राप्य क्षमता व परिवर्तनीय प्रभारों के 2 माह
6 कुल कार्यशील पूंजी (1+2+3+4+5)
मानकीय व्याज दर (% )
7
8 कार्यशील पूंजी पर मानकौय म्याज (6X7)
याधिकाकर्ता 1544
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
उत्पादन कंपनी का नাম
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपट पुछ 11
प्रपालन एवं वनुरक्षण व्ययों का विवरण
(आआंकड़े स ० करोड़ में)
पगान गर्ने (इन)
पूर्वपर्न (२१-० )
(ফুল ) (হল-৩ ) ( -2 ) ( 1 )
बागामी वर्ष (+1) (FHO)
पारविच/ बरैल-सित
प्रथेपिव
सिविल कार्य
साईला फेल नेट वां इरणदि
कार्यालय उपकरण एवं अन्य गदे
स्टोर्स व स्पेयर्स का उपभोग
-अनुरंगी विद्युत उपकरणों से समर्पित
अनुकरण पर्जा स्टेशन के लिए रोकों से
पप- योग
- बीता
-किराण
-दियुत प्रभार
- स्टाफ कार
- टेलीफोन, टेलेक्त एवं पोस्टेज
-
- कार्यारेट प्रधनाय
- अन्य अध्यय निर्दिष्ट कर
एक-योग
(सी) कर्मचारी लागव
- भूत पेशन
-विकित्सा भत्ता
- अन्याय (अदिदिष्ट कर
एप-योग
-कधारी खर्च
- मरणा एवं रखरखाय - प्रशिक्षण एवं नीं
- अदिनिर्दिष्ट करे ) घप- योग
पूज यो एंड एन चाय पटाकर जो एडए व्यय पूंजीकृत
शुद्र को पूड एन व्यच
फोक 1. उत्पादन स्टेशनों को कापरिट व्यय आबंटित करने की प्रकिया को विनिर्दिष्ट किया जाये । 2. वादा को , सादिधि लेखा परीक्षकों द्वारा प्रचणित किया जाये ।
भाग 1 - क]
1545 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उाप्पादन कंपनी का नাণ
उत्पादक स्टेशन कা পাগ
प्रपाक एक 11.1
मरम्णव धौर स्वरवाद के वर्षों का निरन
(आकडे १० करोड़
( দুর্বল ) ( -2) পূর্ব বই ( -1 )
(대)
टिप्पणी
(+3)
पित
प्रोपिव
1 महीन
2
3 दल कार्य
5 इन संपत नेट परदे
7
ল
8
- anted, exitin vita
-अनुवंगी उपकर उर्जा स्टेशन के दिल्य
11 1546
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क 1547 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कपनी का नाम उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एक 11.3
प्रशारान एवं सामान्य खर्चा का विवरण
(আকর ২০ কর্তড় যা দুর্ব হর্ব (লে -৩ ) দুর্ব (গে ) পূর্ব মর্গ (লে-৩ ) দুর্ব বর্ষ (২-২) দুর্ব হার্ব (পে-১ )
বর্তतान वर्ष (ফল)
पूर्व হর্ব (লে-৩ )
feature vice cllste to ene ર
7 is wid
साईना पजीकरण फीत
बाइनों का वितया
ગુરા શાશ્વય થી પીય
Nive to te
(1 ) 1548
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1-क
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्रः एफ 12
गैर शुल्क आय
(आंकड़ें रू० करोड़ में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-1)
आगामी वर्ष (एन+1) आगामी वर्ष (एन+2) आगामी वर्ष (एन+3) क्र.सं.
विवरण
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-मार्च) प्रक्षेपित,
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अक्टू० -मार्च (आंकलित)
अप्रैल-सित० (वास्तविक)
ए निवेश, स्थिर व मांग जमाओं से आय
1निवेशों से ब्याज आय
2सावधि जमाओं से ब्याज
3 साविधि जमाओं से अन्यथा बैंकों से व्याज
4 (किन्ही अन्य मदों) पर ब्याज
उप-योग
बी अन्य गैर शुल्क आय
1 स्टाफ को त्रऋणों व अग्रिमों पर ब्याज
2अनुज्ञापी को त्रऋणों व अग्रिमों पर व्याज
3 पट्टाकारों को ऋणों व अग्रिमों पर व्याज
4आपूर्तिकर्ताओं/ संविदाकारों को अग्रिमों पर ब्याज
5 लेनदेन (विद्युत से अन्यथा) से आय
6स्थिर आस्तियों के विक्रय से प्राप्ति
7 स्टाफ कल्याण कियाकलापों से संग्रहित आय /फीस
8 विविध प्राप्तियां
9लाभार्थी से विलंबित भुगतान प्रभार
10 यू आई प्रभारों से शुद्ध लाभ
12विलंय इत्यादि के कारण संविदाकार / आपूर्तिकर्ता हेतु पैनल्टी
13 लाभार्थी से विविध प्रभार
उप-योग
योग भाग 1 -क]
1549 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
उत्पादन कंपनी का नाम
उत्पादक स्टेशन का नाम
प्रपत्र एफ 13
सहीकरण का सारांश
अंतिम सहीकरण हेतु पूर्व वर्ष (एन-3)
(आकड़े रु० करोड़ में)
विवरण
वास्तविक
विचलन
अनुमोदित
विचलन हेतु कारण नियत्रंणीय मोग अनियंत्रणीय अयोग्य क्र.सं.
कुल वार्मिक स्थिर प्रगार
ए
1 प्राण पर व्याज ( मानकीय त्राणों पर ब्याज सहित)
2 अवक्षय
पट्टा प्रभार
4 इविवटी पर प्रतिफल
अपक्षय का पत्रक
5 ओ एंड एम व्यय
कार्यशील पूंजी पर प्याज
7 द्वितीयक इंधन लागत
8 आय कर
9 राकत बार्षिक स्थिर प्रभार (1 + 2+ 3+4+5+6+7+8)
10 घटाकर अन्य आय (विवरण प्रस्तुत करें)
11 शुद्ध याचिक स्थिर प्रभार (9-10)
भी उर्जा प्रभार (मापणिक ईयन साग )
सी ऊजों के विक्रय से राजस
ढी आधियय/(अंतर) (सी- दी -ए)
नोट अनियंत्राणीय कारकों के कारण विचलन हेतु पृथक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण दें ।
वार्षिक कार्य निष्पादन समीक्षा हेतु वर्तमान वर्तमान वर्ष (एन)
(आकड़ो स० करोड़
क्र.सं.
विवरण
विपलन विचलन हेतु कारण
अनुमोदित
नियत्रंणीय योग अनियंत्रणीय अयोग्य
छः माही वास्तविक प्रदर्शन के
आधार पर संशोधित अनुमान
ए मूल वार्षिक स्थिर प्रभार
ऋण पर व्याज ( मानकीय ऋणों पर व्याज सहित)
2 अपक्षय
3 पट्टा प्रभार
इविवटी पर प्रतिफल
5 ओ एंड एग व्यय
कार्यशील पूंजी पर म्याज
7 द्वितीयक इंधन लागत
आप कर
सकल वार्षिक स्थिर प्रभार (1 + 2+3 +4 +5+6+7+8)
9
पटाकर अन्य आय (दिवरण प्रस्तुत करे)
10 शुद्ध वार्षिक रिधर प्रभार (9-10)
11
ऊर्जा प्रभार (प्रायनिक ईयन जागः)
ऊर्जा के विकय से राजख
सी
आधिक्य /(अंतर)(सी-की-९)
थी अधिशेष/ (अंतरात ) (सी बी ए)
नोट अनियंत्रणीय कारकों के कारण विचलन हेतु पृथक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण दें ।
यापिका 1550
[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी हेतु प्रारूप की सूची
क्रम सं०
प्रपत्र सं०
विवरण
1
2
3
1 प्रपत्र : एफ 1
कुल राजस्व आवश्यकता का सारांश
2
प्रपत्र : एफ 2
पूँजी अंशदान, अनुदान, सहायिकियां
3
प्रपत्र : एफ 3
प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
4 प्रपत्र: एफ 3.1 ए- कर्मचारी व्यय
5 प्रपत्र एक 3.2 प्रशासनिक एवं सामान्य व्यय
6 प्रपत्र : एफ 3.3 मरम्मत एवं रखरखाव व्यय
7 प्रपत्र : एफ 4.1 सकल स्थिर आस्ति
8 प्रपत्र: एफ 4.2 आस्तिवार अवक्षय
9 प्रपत्र : एफ 5
इक्विटी पर प्रतिफल
10 प्रपत्र: एफ 6.1 पूँजीगत व्यय का पत्रक
11 प्रपत्र : एफ 6.1 ए
पूँजीगत प्रगति अधीन कार्यों का पत्रक
12
प्रपत्र: एफ 6.1 बी संनिर्माण / प्रदाय / सेवा पैकेजों का ब्यौरा
13 प्रपत्र : एफ 6.2
पूँजीगत प्रगति-अधीन कार्यों का पत्रक
14 प्रपत्र : एफ 6.3 पारेषण प्रणाली या संचार प्रणाली के लिए परियोजना/ आस्ति/ घटक लागत के
घटक-वार ब्यौरे
15 प्रपत्र : एफ 6.4
वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात अतिरिक्त पूँजीकरण का पत्रक
16 प्रपत्र : एफ 6.5 अतिरिक्त पूँजीकरण के वित्त पोषण
17 प्रपत्र : एफ 6.6 निर्माण के दौरान आकस्मिक व्यय
18 प्रपत्र : एफ 6.7 पूँजीकरण निरसन का पत्रक
19 प्रपत्र: एफ 7
आई.डी.सी. एवं वित्त पोषण के परिकलन हेतु ड्रॉ डाऊन अनुसूची
20 प्रपत्र : एफ 8
पूँजी लागत व वित्तपोषण संरचना का विवरण
21 प्रपत्र : एफ 9 वित्तीय पैकेजेज का विवरण
22 प्रपत्र एफ 10.1 बकाया ऋणों का पत्रक
23 प्रपत्र एफ 10.2
वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भास्ति औसत ब्याज दर का परिकलन
24 प्रपत्र एफ 10.3 मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
25 प्रपत्र : एफ 11 कार्यशील पूँजी आवश्यकता
26 प्रपत्र : एफ 12 एल डी सी डी निधि
27 प्रपत्र: एफ 13 आगामी 3 वर्षों के लिए निवेश योजना
भाग 1-क]
1551
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्रः एफ 1
कुल राजस्व आवश्यकता का सारांश
पूर्ववर्ष (एन-1 )
क्रम सं०
विवरण
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
आंकड़े रू0 करोड़ में
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (एन -1)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3)
टिप्पणी
प्रक्षेपित प्रक्षेपित प्रक्षेपित
अप्रैल-सित. (वास्तविक)
1
2
3
ए ओ एण्ड एम व्यय
नी अवक्षय
सी व्याज व वित्त प्रमार
डी कार्यशील पूंजी पर ब्याज
ई
पट्टा प्रभार
आर को ई
एफ
कुल योग
अक्टू-मार्च (आंकलित) (अप्रैल -मार्च) योग
4
5
7
6= 514
8
9
10
याचिकाकर्ता 1552
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्रः एफ 2
पूंजी अंशदान, अनुदान, सहायिकियां
पूर्ववर्ष (एन-1)
क्रम सं०
विवरण
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
[भाग 1 -क
आंकड़े रू० करोड़ में
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+2)
(एन+1) आगामी वर्ष
टिप्पणी
अप्रै-सित. (वास्तविक)
1
2
3
11
पूंजी आस्ति की लागत हेतु सहायिकी
2
पूंजीगत आस्ति की लागत हेतु अनुदान
3
अनुदान / सहायिकी के रूप में किसी योजना के अधीन राज्य सरकार से प्राप्तियां
योग(1+2+3)
अक्टू-मार्च (आंकलित)
योग (अप्रैल-मार्च) प्रक्षेपित प्रक्षेपित प्रक्षेपित
4
5
6=4+5
7
8
9
10
याचिकाकर्ता 1553 भाग 1-क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्रः एफ 3
प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय
आंकड़े रू ० करोड़ में
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-1)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
टिप्पणी क्रम सं०
विवरण
प्रक्षेपित प्रक्षेपित प्रक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल-सित. (वास्तविक)
अक्टू-मार्च (गांकलित)
योग (अप्रैल-मार्च)
2
4
5
7
8
9
10
3
6=4+5
कर्मचारी व्यय
1
2 प्रशासकीय व सामान्य व्यय
3 मरम्मत व रखरखाव व्यय
योग
याचिकाकर्ता 1554
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
एच एस की थी
बांकड़े करोड़
पूर्ववर्ष (एन-6) पूर्ववर्ष (एन-5) पूर्ववर्ष (एन -4 )
पर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-3) पूर्ववर्ष (रन -2) पूर्ववर्ष (एन-1)
विवरण
(गरखविक/
(राश्वविष्ठ/ (पारवदिक/ (वास्तविक/
(वास्तविक/ संपरीचित)
शंपरीक्षित)
(पारविड) (আভনিত)
7
योन (স -স্যান্ড) 11-9-10
कर्मचारी सागत (IV V में वाच्छादित से बन्यवा)
अतिरिका वेतन/ महंगाई गता (की ९)
अन्य भत्ते रात
अभिजदूरी संशोधन
मानदेय /ओवर हाई
सादिधिक रोगत / एक्स प्रेशिया
चिकित्सा प्रयय प्रतिपूर्ति
2 मात्र तापातायात भत्ता)
भार प्रेषण मता
अर्जित अवकाश का नकदीकरण
कर्मकार प्रतिकार को अधीन भुगतान च प्रेच्युटी कोई अन्य गद
मजदूरी संशोधन का बकाया
स्टाफ करयाग गय
उप-योग III शिरा वन्य प्रशिक्षण यय
गविष्य निधि स्टाफ पेंशन व प्रेप्युटी का
IV
भुगवान/ अंशदान
शेयांव लाभ
2 दिन निधि अंशदान
भविष्य निधि हेतु प्रशन्धान
4 पेंशन भुगतान
5 अधिपिंकी पर प्रेच्युटी सुगतान
अतिरिकी निधि, यदि कोई है
7 कोई अन्य सेवांत लाभ (नदीकरण)
कोई अन्य नरें
उप- योग
V प्रोत्साहन भुगतान
VI कुल योग (I + II+ NI + IV+V)
VII घटाघर वध पूंजीकृत
VIII राद्ध कर्मचारी व्यध (VI -VII) 1555
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
प्रपत्रः एफ 3.1
आंकड़े एक करोड़ में
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्व वर्ष (पुन -1)
वर्ष (एन +3)
पूर्व वर्ष (एन -3 )
(ফুল+1) ( +2)
पूर्व वर्ष (एन -4)
(2)
पूर्व वर्ष (एन-6) पूर्ववर्ष (पुन -5)
टिपनी
विवरण
(वास्तविक/
(वास्तविक/
(वास्तविक/ संपरी सिउ)
(वास्तविक/ संपरीविठ
(वास्तविक/ संपरौशिक)
13
11-9-10 12
10
बी-कर्मचारियों की संख्या का विवरण
पपिकारी /प्रभंपक संवर्ग
A
2 प्राधाराणीच
सेया एवं वित्त
अन्य विनिर्दिष्ट करें)
स्टाक संवर्ग
5.2 श्रेणी
5.4 श्रेणी IV
प्रशासकीय
4IV
7 सेवा एवं वित्त
72 श्रेणी ॥
7.4 श्रेणी IV
0.2 बेनी ॥
8.4 येणी IV
याचिकाकर्ता 1556
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
प्रशासकीय पूर्व
बांदेकरोड़ में
वर्तमान धर्म ( पून)
দুর্ব হর্ব (ফুল-৩) पूर्व वर्ष ( न ) पूर्व ( न ) पूर्व ( -3) पूर्व वर्ष (एन -2) पूर्व वर्ष ( एन -1 )
(1)
विवरण
7
11-9-10
12
दरें कर
दरे व कर
राजस्व स्टाम्प याच तेथा
पहरा प्रभार
7
अन्तरिक प्रभार
लाइसेना दजीकरण फौत
राहतव्य (क दिलीसी बैनातितान पेट्रोल व इंधन पाइनों का किराया
12 वाड्य अभिकरण को संदेय सुत्यारो
उप- योग ( 1 से 12)
काओं का गुस्क मंदा
2 पाई सेवन सामग्री
कार्यालयों को दिद्युत प्रभार
पप-योग भी(1से )
की लेखा परीक की फीत
जीतकरणों पर भाड़ा
द्रिशेशन प्रभार
एचयूल योग से
एष शुद्ध १ एन्ड पी प्यय (एफपी) 1557
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 - क]
एटा इन की थी
गरम्मत पूर्व रखवाय म्यय
দুর্ব ধর্থ (ফুল -৩) দুর্ব ধর্ম (যুল-5 ) पूर्ववर्ष (एन -३ )
बच्चे करोड़ में
वर्तमान वर्ष (पून)
(एन+1)
पूर्व वर्ष (एन-१ )
विपरण
दारवादिक/ पारादिक/ पूर्व वर्ष (एन-2) पूर्व वर्ष (एन -1 )
पारववि
कारवादिक/
(वास्तविक/
भवन एवं सरयता / सिरिस फार्व
संयंत्र एवं गोगरी
नेटवर्क
संप्रेषण उपकरण
7 कार्यालय उपकলে
अधिगृहित आस्तियों एवं सरित
विविध उपकरण/भदे
गरम्भव एवं रखरखाव कार्यों पर हुन प्रभारिज
बीस- सिक (वारदिक)
पगार्थ कति)
योग ( स- मार्च)
(पारविा/ संधित
15
10 11-9-10
याचिकाकर्ता 1558
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
एस एल डी सी हेतु प्रारूप
प्रपत्रः एफ 4.1
सकल स्थिर आस्ति
पूर्ववर्ष (एन-1)
वास्तविक/संपरीक्षित
आंकड़े रू० करोड़ में
सकल स्थिर आस्तियां
अवक्षय की दर
क्रम सं०
विवरण
समायोजन व कटौती
वर्ष के अंत पर
वर्ष के आरम्भ में
वर्ष की अवधि में परिवर्धन
7
4
6
5
2
1
3
1 भूमि व अधिकार
2 भवन एवं संरचना / सिविल कार्य
3 संयंत्र एवं मशीनरी
केबल्स व नेटवर्क
4
5 संप्रेषण उपकरण
6 एयर कंडिशनिंग संयंत्र
फर्नीचर व फिक्सचर्स
7
कार्यालय उपकरण
8
9 वाहन
10 एस सी ए डी ए व आई टी प्रणाली
11 अन्य उपकरण
योग
वर्तमान वर्ष (एन)
वास्तविक/संपरीक्षित
सकल स्थिर आस्तियां
अवक्षय की दर
विवरण
क्रम सं०
वर्ष के अंत
पर
समायोजन व कटौती
वर्ष के आरम्भ में
वर्ष की अवधि में परिवर्धन
6
7
4
3
5
2
1
1 भूमि व अधिकार
2 भवन एवं संरचना/ सिविल कार्य
संयंत्र एवं मशीनरी
3
4 केबल्स व नेटवर्क
संप्रेषण उपकरण
5
6 एयर कंडिशनिंग संयंत्र
7
फर्नीचर व फिक्सचर्स
कार्यालय उपकरण
8
9 वाहन
10 एस सी ए डी ए व आई टी प्रणाली
अन्य उपकरण
11
योग
आगामी वर्ष (n+1)
वास्तविक /संपरीक्षित
सकल स्थिर आस्तियां
अवक्षय की दर
विवरण
क्रम सं०
समायोजन व कटौती
वर्ष के अंत पर
वर्ष की अवधि में परिवर्धन
वर्ष के आरम्भ में
7
6
4
5
3
2
1 भूमि व अधिकार
2 भवन एवं संरचना / सिविल कार्य
संयंत्र एवं मशीनरी
3
4 केबल्स व नेटवर्क
संप्रेषण उपकरण
5
6 एयर कंडिशनिंग संयंत्र
7 फर्नीचर व फिक्सचर्स
कार्यालय उपकरण
8
9 वाहन
10 एस सी ए डी ए व आई टी प्रणाली
11 अन्य उपकरण
योग 1559 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
आगामी वर्ष (एन +2)
वास्तविक/संपरीक्षित
सकल स्थिर आस्तियां
क्रम सं०
विवरण
अवक्षय की दर
वर्ष के अंत पर
वर्ष की अवधि में परिवर्धन
समायोजन व कटौती
वर्ष के आरम्भ में
1
2
3
4
5
6
7
1 भूमि व अधिकार
2 भवन एवं संरचना/ सिविल कार्य
3 संयंत्र एवं मशीनरी
4 केवल्स व नेटवर्क
5 संप्रेषण उपकरण
6 एयर कंडिशनिंग संयंत्र
7 फर्नीचर व फिक्सचर्स
8 कार्यालय उपकरण
9 वाहन
10 एस सी ए डी ए व आई टी प्रणाली
11 अन्य उपकरण
योग
आगामी वर्ष(एन+3)
वास्तविक/संपरीक्षित
सकल स्थिर आस्तियां
अवक्षय की दर
विवरण
क्रम सं०
समायोजन व कटौती
वर्ष के अंत पर
वर्ष की अवधि में परिवर्धन
वर्ष के आरम्भ में
6
1
4
5
7
2
3
1 भूमि व अधिकार
2 भवन एवं संरचना / सिविल कार्य
3 संयंत्र एवं मशीनरी
4 केवल्स व नेटवर्क
5 संप्रेषण उपकरण
6 एयर कंडिशनिंग संयंत्र
7 फर्नीचर व फिक्सचर्स
कार्यालय उपकरण
8
9 वाहन
10 एस सी ए डी ए व आई टी प्रणाली
11 अन्य उपकरण
योग
याचिकाकर्ता 1560
[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
दिसण
ofName of the vir of sim
stop sombay & No de ve
बच्चन की पह
(ए )
eled covide &
પછી વાર & Prort
ves to fo
ने
আগাগস্ট বই (পে -১ )
atel creds
मिलन
of unused by rader doctrine or 1561 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 20:24 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
do
O oo Teleg
of cor of two oOO
or Waxરિય
( ১)
eived over
પરમ દુ પય /રમ થે
undan
ए 1562
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्र एफ 5
इक्विटी पर प्रतिफल
पूर्ववर्ष (एन -1)
मद
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
वीत- (वास्तविक)
1 वर्ष से आरम्भ में इविक्टी
2 पूंजीगत व्यय
3 पूंजीगत व्यय का इक्विटी भाग
वर्ष के अंत में इक्विटी
4
प्रतिफल संगणन
5 इक्विटी के आरम्भिक अतिशेष पर इक्विटी पर प्रतिफल
[भाग 1-क
एस एल थी शी हेतु प्रारूप
आंकड़े रू० करोड़ में
वर्तमान वर्ष (एन)
यागानी वर्ष (एन +1)
आगामी वर्ष (एन +2) वर्ष(एन+3)
योग (अप्रैल-
प्रथेपित
प्रथेपित (আখনিত) (-) 1563
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
एस एज की सी
प्रपक एफ 0.1
सांकड़े रू० करोड़ में पूंजीगत व्यय का प्रपत्र
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+3)
पूर्व वर्ष (एन -1)
टिप्पणी++
टिप्पणी+
वास्तव में उपगत कुत व्यय पूंजीकरण का वर्ष
विवरण
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
(अप्रैल-मार्च) योग
(आंकलित) जक्टू-गार्च
अप्रैल -सित. (यास्तविक)
(वास्त्वविक/ संपरीशित)
14
13
प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित कल गय 12
11
10
6
5
2
ए) व्ययों का विवरण
भूनि य अधिकार
भवन एवं संरयना / सिथित कार्य
संयंत्र एवं मशीनरी
केवल्स व नेटवर्क
संप्रेषण उपकरण
एयर कंडिशनिंग संयंत्र
फर्नीवर व फिक्तवर्स
कार्यालय उपकरण
वाहन एस सी ए डी ए व आई टी प्रणाती
अन्य उपकरण
योग (ए)
भी) वित्त पोषण के स्रोतों का ब्यौरा
रुपया आवधिक ऋण
সणে 1
ऋण 2
विदेशी मुद्रा ऋण
অणে 1
হলে2
इचिवटी
रुपयों में
विदेशी मुद्रा में सी) अन्य ( कृपया विनिर्दिष्ट करें)
योग (नी)
नोट
की लागत इसके घटको तथा वित्त पोषण योजना के संबंध में, यदि अपेक्षित हो तो सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन की प्रतियां दी जाये ।
1 ) जहां कहीं म्योरा अपेक्षित आयश्यक हो वहां यह संबंधित दस्तावेजों के साथ त्राणों व इविवटी के संदर्भ में दिये जायें। 2) प्रत्येक योजना
3) टिप्पणी : यदि वर्तमान वर्ष की अवधि में वास्तविक व्यय, यू ई आर सी या अन्य प्राधिकृत अनिकरणों द्वारा अनुमोदित से भिन्न होना अपेशित हो तो विचलन के कारणों को स्पष्ट करे ।
4) टिप्पणी ++: यदि कुल यासादिक व्यय, यू ई आर सी गा अन्य प्राधिकृत अभिकरणों द्वारा अनुमोदित से भिन्न हो तो विचलन के कारणों को स्पष्ट पारे ।
याचिकाकर्ता 1564
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्र एफ 6.1A
पूंजीगत प्रगति अधीन कार्यों का पत्रक
[भाग 1-क
(आंकड़े ए० करोड़ में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष(एन-1 )
विवरण
(वास्तविक/संपरीक्षित)
अप्रैल-सिवम्बर (वास्तविक)
आगामी पर्व ( पुन+3 ) आगामी वर्ष (रन +1 ) आगामी वर्ष (पुन+2)
टिप्पणी प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-माध)
अक्टूबर-मार्च (आंकतिए)
(२) धीबमल्यू आईपी का प्रारंभिक अधिशेष
(क) बहियों के अनुरूप सीडब्ल्यू आईपी क अधिशेष
या) उपरोका ( ए) में पूजी देवताओं की राशि
ग) उपरोक्त (९ ) में (1 ) आईटीसी, (ii ) एफसी, (iii ) एफआरवी
और (iv) प्रतिरक्षा लागत की राति
(भी) सीचब्ल्यू आईपी संवृद्धि/समायोजन क) पाढ अवधि के दौरान सीडब्ल्यूआईपी राशि में संवृद्धि/सनायोजन
(ख) उपरोका ( ९) में पूजी देवताओं की राशि
(ग ) उपरोक्त (९ ) में (1) आईडीसी (ii ) एकासी, (iii ) ऍफईआरपी और (iv ) प्रतिरक्षा लागत की राशि
(सी) पूँजीकृत व्यय
क) अवधि के दौरान सीडब्ल्यू आईपी सांसे की स्थिर आस्तियो का पूंजीकरण / स्थानांतरण
ख) उपरोक्त (९) में पूजी देयताओं की राशि
ग) उपरोक्त ( ९) में (i ) आईडीसी ( ii ) एफसी, (iii ) एफईआरपी
और (iv ) प्रतिरक्षा लागत की राति
(डो) सीयम्ल्यू आईपी को अन्तिम अधिशेष
क) वहियों के अनुसार अंशिन सीडब्ल्यू आईपी राशि ख) उपरोक्त (२) में पूंजी देयताओं की सांगे
(ग) उपरोक्त में (1 ) आईडीसी, (ii) एपन्सी, (iii ) एफईआरपी और
(iv) प्रतिरक्षा सागत की राशि
याभिकाकर्ता 1565 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
पुरा पुल थी सी
प्रपत्र एफ 0.1वी
संनिर्माण/ प्रदाय/सेवा पैकेजों का ब्यौरा
पप-योग
1 fond to vod eરે જ for 1 To Ne GJ 4 of attorn પુષ્ટિ of pom of curv 2 बादि गहा कोई ऐसा पैडेज हो यूएस 55- 2100 साजसथतिकादिए।
1566
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
एस एल डी सी
प्रपत्रः एफ 6.2
पूंजीगत प्रगति-अधीन कार्यों का पत्रक
आंकड़े रू० करोड़ में
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन -1)
आगामी वर्ष आगामी वर्ष (एन+1) (पुन+2)
आगामी वर्ष (एन+3) क्रम सं०
वर्ष 1
विवरण
टिप्पणी
प्रक्षेपित प्रक्षेपित प्रक्षेपित
अक्टू-मार्च (आंकलित)
योग (अप्रैल-मार्च)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल-सित. (वास्तविक)
10
75+6
3
5
8
9
11 2
6
सी डब्ल्यू आई पी का आरम्भिक अतिशेष
2 जोड़ करः नये निवेश
पूंजीगत व्यय
व्यय पूंजीकृत
निर्माण के दौरान ब्याज
घटा कर : निवेश पूंजीकृत
सी डब्ल्यूआई पी का अंत अतिशेष
नोट
1) वर्ष 1 योजना के पूर्ण होने के पश्चात् वित्तीय वर्ष का अंत है ।
याचिकाकर्ता 1567
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
एस एल डी सी
प्रपत्र एफ 6.3
पारेषण प्रणाली या संचार प्रणाली के लिए परियोजना / जास्ति/ घटक लागत के घटक- वार ब्यौरे
सागत राथि तात्र रु में
(मांक ए० करोड़ में)
सी.ओ.डी. (1 ) पर गास्तविक पूँजीगत व्यय
मूल अनुमान के अनुसार (3 )
(1)
स्वीकृय लागत (8)
देयता/उपगंध(0)
बेवर के लिए कारण (7)
अंतर ( 6-3-4- 5)
दर
मात्रा
दर
अनुनानित राशि
A
प्रारंभिक कार्य
1.0
1.1
डिजाईन एवं इंजीनियरिंग
1.2
प्रारंभिक निरीक्षण, मागधिकार, वन निर्वाधन, पीटीसीसी, साधारण सिविल कार्य आदि।
कुल प्रारंभिक कार्य
1.3
सामग्री
2.0
2.1
निर्माण और सिवित कार्य जिसमें
2.2
नीय भी सम्मिलित है
2.3
कुल सामग्री
3.0
कर और शुल्क
3.1
3.2
अन्य कर और शुल्क
गुल कर और शुल्क
टिप्पणी
धनुमानित राशि
1. लागत अंतर के संबंध में इस अंतर के कारणों का उल्लेख करते हुए एक विस्तृत टिप्पणी प्रस्तुत करना चाहिए जिसमें इसका संकेत हो कि क्या यह सागत आधिक्य एस ० एल ० टी० सी० के नियंत्रण से बाहर था । 2.फीहोल्ड / पट्टे पर भूमि का अलग -अलग विवरण दे ।
याचिकाकर्ता 1568
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्) [भाग 1 -क
एस एल डी सी
प्रपत्र एफ 6.4
वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात् अतिरिक्त पूंजीकरण का पत्रक
आंकड़े रू० करोड़ में
औचित्य
स्वीकृत लागत
किस विनियम के अधीन आच्छादित है
पूंजीकृत/ पूंजीकृत किए जाने के लिए प्रस्तावित राशि (लाख रूपये में)
अंतिम तिथि तक/ अंतिम तिथि के नाद वाणिज्यिक प्रचालन की वियि के पश्वात जोड़े जाने के लिए प्रस्तावित कार्य/ उपस्कर
1
4
5
1. यदि परियोजना पूरी कर ली गई है और टैरिफ अधिसूधना (अधिसूचनाएं) पूर्व में ही जारी कर दी गई है, तो (प्राधिकारी का नाम ) द्वारा पहले ही से जारी की गई टैरिफ अधिसूपना के प्रयोजन के लिए यथा स्वीकृत सागत देते हुए स्तंभ 7 को भरें (टैरिफ आदेश की प्रति संलग्न कर) ।
टिप्पणीः
प्रारूप को क्रमानुसार वर्ष वार भरें जिसमें लाभार्थियों की आवश्यकता और प्रोद्धत लाभ का ब्योरा स्पष्ट रूप से दर्शित करें।.
यदि आरंभिक पुर्जे किसी भी उपकरण के साथ क्रय किये जाते है तो ऐसे पुजों की लागत पृथक रूप से इंगित की जानी चाहिए ।
आस्तियों के पूंजीकरण निरसन के वारे में पृथक विवरण प्रस्तुत किए जाने चाहिए । इसके अतिरिक्त इन आस्तियों का बाहियों में दर्ज मूल यही मूल्य सना पुंजीकरण का वर्व प्रस्तुत किया जाना
बाहिए । जहां डिस्कैप्स अनुमानित आधार पर है, उन्हें अलग से प्रदार्शि किया जाना चाहिए ।
याचिकाकर्ता 1569 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्र एफ 0.5
अतिरिक्त पूंजीकरण का वित्त पोषण
(आंकड़े रू ० करोड़ मे)
(वास्तविक/ धनुमानित)
वर्ष 5 और
वर्ष 4
वर्ष 3
यर्म 1 वर्ष 2
वर्ष 1
वर्ष2 वर्ग 3 वर्ष 4
वित्तीय वर्ष (वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से वारण)
वर्ष ८ चौर घरासे आगे
11
10
कार्य/उपकरण में पूणीष्व चचि
विलीयधीरे
7-2 अग-3 वीर चराते वागे
इरिपटी
जांउरिक संख्यन 1570
[भाग १ -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्र एफ 6.6
निमार्ण के दौरान प्रासंगिक व्यय
आंकड़े रू० करोड़ में
वर्ष 5
वर्ष 4
वर्ष 2
वर्ष 3
मापदंड
वर्ष 1
क्र०सं०
क
1 कर्मचारी कार्मिकों को परिश्रमिक एवं लाभ
2 वित्तीय लागत
3 जल प्रभार
4 संचार व्यय
विद्युत प्रभार
अन्य कार्यालय एवं प्रशासनिक व्यग
7 अन्य (कृपया विवरण दे)
अन्य पूर्व प्रयालन व्यय
8
ख कुल खर्च
घटाएं: निविदाओं की विकी से आय
पटाएं: गेस्ट हाउत्त से आय
घटाएं ठेकेदारों सेवसूली गई आय
पटाएं जमा पर ब्याज
टिप्पणीः आईडीत्तीसी का लेखा परीक्षक के प्रभाभ पत्र के तमनुरूपी आंकड़ों के साथ विधिवत मिलान किया जाना घाहिए ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1571 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्रः 6.7
पूंजीकरण निरसन का पत्रक
(आंकड़े रू० करोड़ में)
पूंजीकरण निरसन का
क्र.सं.
प्ररवाविव कार्य/ उपकरण पूंजीकरण निरसन के लिए
पूंजीकरण विहीन की जा पूंजीकरण विहीनता का रही बारित / उपकरण के
पूंजीकरण के समय
ग्रहण इक्विटी अनुपात
पूंजीकरण निरसनके शक्नुरूप शंषयी अवक्षय
पूंजीकरण निरसित की जा रही गास्ति का मूल यही मूल्य
पूंजीकरण निस्सान के सगनुरूप क्रम का संचयी प्रविरांदाय
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6)
(7)
(8)
(9)
2
3
4
5 1572
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्रः एफ 7
आई.सी.सी. एवं वित्त पोषण के परिकलन हेतु ड्रॉ चाउन अनुसूची
(आंकड़े रु०करोड़ म)
त्रैमासिक एक (सी.ओ.डी. )
त्रैमासिक 1
त्रैमासिक 1
द्रा चाउन
क्रम सं०
भारतीय मुद्रा में शशि
विदेशी मुद्रा मैं मात्रा
तिथि परर ड्रॉडाउन की
भारतीय मुद्रा में राशि
विदेशी मुदा में मात्रा
विदेशी मुद्रा मेंमात्रा
नया में राशि भारतीय
ड्रॉ याउन की तिथिपर विनिमय दर
ड्रॉडाउन की विथिपर विनिमय दर
1
विदेशी ऋण
1.1
1.1.1 विदेशी त्रলে -1
ड्रॉडाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर भी
प्रतिरक्षा लागत
1.1.2 विदेशी ऋ
डॉ डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर वी
प्रतिरक्षा लागत
1.1.n विदेशी ऋण-1
ड्रॉ डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर यी
प्रतिरक्षा लागत
1.1 कुल विदेशी त्राण
डॉ डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एफ ई आर वी
प्रतिरक्षा लागत
1.2 भारतीय त्राण
1.2.1 भारतीय ऋण ।
ड्रॉ डाउन राशि
आई थी सी
वित्त पोषण प्रभार
1.2.2 भारतीय ऋण 2
ड्रॉडाउन राशि
आई डीसी
वित्त पोषण प्रभार
1.2.0 भारतीय त्राण एन
ड्रॉ डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
1.2 कुल भारतीय ऋण
ड्रॉ डाउन राशि
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
निकाती किये गये कुल ऋण
आई डी सी
वित्त पोषण प्रभार
एक ई आर वी
प्रतिरक्षा लागत
इविवटी
2
निकासी की गई विदेशी
इक्विटी
2.1
निकासी की गई भारतीय
22 इक्विटी
2 कुल अगिनियोजित इक्विटी
नोट 1. ऋण व इक्विटी की निकासी, पूर्णतया अनुसूची प्राप्ति हेतु समरूप्आधार पर तिमाही यार होगी ।
2. संगणन हेतु उपयोग किये गये पुनः नियत डाटा सहित लागू ब्याज दरों को पृथक रूप से प्रत्तुत करें ।
याचिकाकर्ता 1573 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
एस एल की सी
प्रपत्र एफ पूंजीलागत व वित्तपोषण संरचना का विवरण
(गांकड़े रू० करोड़ म)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन -1)
वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष आगामी (एन+2)
टिप्पणी पूंजीकरण वर्ष
वर्षान्त मार्च
क्रम सं०
प्रक्षेपित प्रक्षेपित प्रक्षेपित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल-सित (वास्तविक)
योग (अप्रैल-मार्च)
अक्टू-गार्च (आंकलित)
9
10
11
6
75+6
5
8
3
2
आधारभूत परियोजना वित्तीय मापदण्ड
पूंजी लागत
वर्ष के दौरान परिवर्धन
वर्ष के दौरान विलोपन
सकल पूंजीलागत (९)
मूल परियोजना लागत के विरूद्ध इक्विटी
वर्ष के दौरान परिवर्धन
इविवटी उप-योग (पी)
मूल परियोजना लागत के विरुद्ध बकाया ऋण
वर्ष के दौरान जुड़े नये ऋण
त्रऋण उप-योग (सी)
मूल परियोजना के विरुद्ध अनुदान
वर्ष के दौरान परिवर्धन
अनुदान उप-योग (डी)
कुल वित्त पोषण (बीसी+डी)
नोट
*अनुमोदित या वास्तविक पूंजी लागत, जो भी कम हो ।
1)
2) इक्विटी व ऋण , यदि लागू हो, तो विदेशी व घरेलू घटक में विभाजित किये जाएंगे ।
याचिकाकर्ता [भाग 1 -क 1574
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस पुल की सी
प्रपक एक
वित्तीय पैकेज का विवरण
(সাক ক০ ফরীর ন্য
गारंटी कगौरान
प्रेत्त अवधि
फूल इनिवटी का प्रधिरात
विनिमय दर
प्रविशव कुल ऋण का
दूत पी ची का प्रतिराव एफ सी में राशि
वपफ्रंट फौस एक्सपोजर प्रीमियम
वापसी के निरंधन
भारतीय मुद्रा में राशि
प्याज दर/ इक्विटी पर प्रतिफल
निधियों का चोव
(%)
(%)
वर्ष
(%)
(एक करोड़ गे) (रूठ करोड़ में)
(वर्ष)
(%)
(रु० करोड़ गे)
(এয়া কা নান) (रु०/ एफ सी)
(२) ऋण
विदेशी
त्राण IV इत्यादि
भारतीक
ऋण 1
त्रण II इत्यादि
गुल अण (९)
(बी) इविवटी
विदेशी
भारतीक
कुत इक्विटी (बी)
(सी) अनुदान
विदेश
भारतीयः
कुल अनुदान (सी)
कुल वित्त पोषण (ए +पी +सी)
कुल परियोजना नागव
1. सीओडी प्राप्त कर चुकी परियोजनाओं के मागले में परियोजना की सीओडी पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित विधीय पैकेज विवरण समर्नित दरसावेजों यो साथ प्रारूप में प्रस्तुत किये जायेगे । सीओडी प्रापा न की हुई परियोजनाओं के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुगोदित वित्तीय पैकेज विवरण समर्थन दस्तावेजों के साथ प्रारूप में प्रस्तुत किये जायेंगे ।
3. एफ सी विदेशी मुद्रा
4. पी.सी. परियोजना लागत
याचिकाकर्ता 1575
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
एस पुल की ची
प्ररक एफ 10.1
बठाया ऋणों का पत्रक
पूर्व वर्ष(n-1)
वर्ष के अंत में देश मूल
गर्भ के दौरान देव गूल वर्ष के दौरान वसूल मूल
पर्व के धौरान प्राप्य शशि
वर्ष के वारंभ पर वातिशेष
यापती को बरवि (प )
प्याज की दर (%)
अण अभिकरण (कण या धोः)
वर्ग के अंत पर बद्धि देव मूल
(पारवरिक /संपरीचित )
(पादिक/संपति)
(वास्तविक/ संपरीशिक)
(वारवरिक/संपरीक्षिठ)
(वास्तविक /संपरीक्षित)
(4)
(2)
(6)
(1)
२) राज्य सरकार से अन्यवा
ऋण ३ (कण दाता का नाम इत्यादि
उपयोग (५)
नी) सरकारी ऋण
प्रकार 1
प्रकार 2
प्रणार 3 इत्यादि
उप-योग (41)
उप-योग ( डी)
ची गानकीय ऋण
वर्तमान वर्ष (एन )
10
(9) -(4)+(5) +(6)
(8)-(6)-(7)
(0)
(7)
(চ)
(योपदे प७ करोड़ म
नर्म के अंव पर वति देव
वर्ष के बंड में देय मूल वर्ष के दौरान वसूल मूल
वर्ष के दौरान देय मूल
वर्ष के दौरान प्राप्त राशि
वर्ष के रंग पर विशेष
वापसी की अवधि (व )
म्याज की दर (%)
আসে প্রণিভহণ (সে था चोट)
मूल
टिप्पणी
(वासरामिक/ संपरीक्षित) ( साविक परी
(पास्तविक/ संपरीसित
वास्तवि स्वामिक/ परीविक)
(वास्तविक/ चंपरीनिट) (पारवरिक/ संपरीक्षित)
(4)
(3)
(2)
(1)
अण (श्रण पाता था नाग ) इत्यादि
उप-योग (२)
प्रकार 2
प्रकार 3 इत्यादि
उप-दोष(बी)
उप-योग (ए )
(पास्तविक/ संपरीसिल (वास्तविक/ पपरीक्षित)
10
(8)-( -(7)
(9) -( 0) + ( 5) +( 6)
() 1576
[भाग 1 -क
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
बागामी वर्ष (एन +1)
(অতিड़े करोड़ भ
वर्ष के बंव में देव मूत्र
वर्ष के दौरान प्राप्त राशि
वर्ष के आरंभ पर अतिशेष
वापसी की अवधि (वर्ष)
व्याज की दर (%)
गर्न के दौरान पेय मूल
वर्ष के बंपर वति देव मूल
गर्न के दौरान किये जाने वाले पसूल मूल
टिपनी
(वास्तविक/ पिरोधिक)
(कस्तविक/ संपरीशित)
(शरठरिक / संपरीचित
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
(स्वपिक/ संपरीठि)
(वास्तविक/ संपरीक्षक)
(परवरिश/ संपरीक्षित)
(वास्तविक/ संपरीधिठ)
(4)
(1)
(2)
(1)
२) राज्य सरकार चे अन्यथा
গ্রুপ । (ऋण दाता का नाम
ऋण 2 (ऋण दाता का ना
ऋण 3 (ऋण दावा का नाम इत्यादि
एय-योग (ए)
मी) सरकारी प्रभ
प्रकार
प्रकार 2
प्रकार 3 इरणदि उप-योग (बी)
उप-योग (एबी)
शी मानकीय ऋण
बागानी वर्ष (रन+2)
10
(8)-(6)-(7)
(9) -(4 ) + (5) +( 0) (0)
()
(c)
( करोड़
वर्ष के अंत पर अति देय
पर्व के बंद में देय मूल
वर्ग के दौरान प्राप्त राशि
वर्ष के जारंग पर वतिरोष
वापसी की यात्रि (वर्ष)
ग्याज की दर (%)
স্লগ অণিকরণ (স্লগ का चो ०)
वर्ष के दौरान किये जाने याने यशूज मूल
वर्ग के दौरान देव मूल
(पारतविक/ ि
( परिचित संररीधित
(पारवादिक/ शेपरीक्षित )
(पास्तविक/ संपरीशिल)
(वाश्तादिक/ संपरीटिक)
(वास्तविक/ संपरोधिक)
(वास्तविक/ परी
(6)
(1)
२) राज्य पारकार से अन्यथा
ऋण । (ऋण वाता था দাশ)
ऋण 2 (श्रम बाता का नाम
ऋण 3 (अण दाहाका नान इत्यादि
उप-योग (२)
भी) घरवारी अण
प्रकार 1
प्रकार 2
मकार -३ इत्यादि
उप-योग (एथी)
सी मानकीय ऋण
पुल (एनपीपी)
(9)-(4)+(5)+(6)
10
(8)-(6)-(7)
(0)
(7)
(0) भाग 1 -क]
1577
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
वागामी वर्ष (एन +3)
(আতিड़े घर करोड़ ग
वर्ष के अंत पर गति देय वर्ष के बाँध में देव मूल
पर्च के दौरान प्राप्त राशि
वर्ष के आरंग पर अतिशेष
वापसी की अवधि (वर्ग)
माय की दर (%)
ऋण वनिकरण (ऋण वा चोउ)
(वास्तविक/ संपरीधित)
(पाररिक / संपरीक्षक पर्व के दौरान देव मूल
वर्ष के दौरान किये धाने वाले वसूल मूल
(वास्तविक/ संपरी
(वास्तविक/ संपरीचित)
(4) (1)
(6)
२) राज्य सरकार से दापया
অল । (ক্ষণ যারা का नाम
ऋण 2 (ऋण दावा का ना
ऋण 3 (ऋण दावा का ना इत्यादि
उप- योग (ए)
पी) सरकारी ऋण
प्रकार 1
प्रकार 2
प्रकार 3 इत्यादि
उपयोग (वी)
उप-योग ( मी)
नोट
(वारविक/ संपरीक्षित) (गरतविक / संपरीक्षित (वारयनिक संपतितविक संपि
10
(6) - ( 6) -( 7)
(9) - (4) +(5) + ( 6) (5)
(3)
(1)
१) यदि किसी प्राण का पुनः अनुसूयीकरण किया गया है वो पुनः अनुसूयीकरण के निबंधन को रेखासित करते हुए ग्रहण दाता से पत्र की प्रति के साथ एक सलग्नक के माध्यम से इसके पुन्नः अनुसूयी करण के निबंधन स्पष्ट रूप से विनिर्दिष्ट किये जायें ।
2 ) ऐसा बटण जो किसी विशिष्ट योजना को आवंटित गढ़ीं किया गया है हाथा अनुमोदित वित्तीय पैकेज का भाग संरमित नहीं करता, इसके कारणों सहित पृथक रूप से दर्शाया जाये ।
) वर्तमान वर्ष हेतु पहले से निकासी किये गये ऋण तथा वर्षात एक निकासी हेतु प्रस्तावित चरण पृथक रूप से दर्शाए जाये।
3) भूल वित्त पोषण योजना तथा मूल वित्त पोषण योजना के अनुसार संबंधी वापसी प्रत्येक श्रहण हेतु रेखांपिन्त किये जाये । 4
5 ) वर्तमान या नये ऋणदाता से गये ऋणों को ग्रहण के रूप में पूजक्ष रूप से विन्धित किया जाये ।
७) विदेशी मुद्रा प्राणों के मामले में मुद्रा के नाम के साथ, श्रान की मुद्रा में सटा प्रदान किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1578
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी
प्रपत्रः एफ 10.2
वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भास्ति औसत ब्याज दर का परिकलन
(आंकड़े रू ० करोड़ म)
टिप्पणी
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+1)
आगामी वर्ष (एन+2)
विवरण
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन-1)
क्रम सं०
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
ऋण 1
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋणों का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण- आरम्भिक
जोडकरः वर्ष के दौरान निकासी
घटाकरः वर्ष के दौरान ऋण की वापसी
शुद्ध ऋण अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋण 2
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋणों का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोडकरः वर्ष के दौरान निकासी
घटाकरः वर्ष के दौरान ऋण की वापसी
शुद्ध ऋण - अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण' पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋण 3
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋणों का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोडकरः वर्ष के दौरान निकासी
घटाकरः वर्ष के दौरान ऋण की वापसी
शुद्ध ऋण अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
कुल ऋण
सकल ऋण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋणों का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोडकरः वर्ष के दौरान निकासी
घटाकरः वर्ष के दौरान ऋण की वापसी
शुद्ध ऋण - अंत में
औसत शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
ऋण पर ब्याज
ऋणों पर ब्याज की भारित औसत दर
*विदेशी ऋणों के मामले में, परिकलन भारतीय रूपये में किया जाये तथापि मूल मुद्रा में भी परिकलन उसी प्रारूप में पृथक रूप से प्रस्तुत किया जाये ।
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1579
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
एस एल डी सी प्रपत्रः एफ 10.3 मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
(आंकड़े रू० करोड़ म)
टिप्पणी
आगामी वर्ष (एन+3)
आगामी वर्ष (एन+2)
आगामी वर्ष (एन+1)
वर्तमान वर्ष (एन )
पूर्ववर्ष (एन-1) विवरण
3
2
सकल मानकीय ऋण-आरंभिक
पूर्व वर्ष तक मानकीय ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध मानकीय ऋण-आरंभिक
ए.सी.ई. के कारण वृद्धि या कमी
घटाकरः वर्ष के दौरान माननीय ऋण की वापसी
शुद्ध मानकीय ऋण-अंत में
औसत मानकीय ऋण
वार्षिक आधार पर वास्तविक ऋण पर ब्याज की भारित औसत दर
मानकीय ऋण पर व्याज
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
10
9
8
7
4
याचिकाकर्ता 1582
[भाग 1 -क
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत)
एस एल डी सी
प्रपत्रः एफ 13
आगामी 3 वर्षों के लिए निवेश योजना
(आंकड़े रू ० करोड़ में)
आगामी वर्ष (एन+3) आगामी वर्ष (एन +2)
आगामी वर्ष (एन +1)
योजना का नाम/ निवेश का विवरण
क्रम सं०
कुल परियोजना लागत
3
2
1
1
वास्तविक समय डाटा अधिग्रहण क्षमता की वृद्धि
2
एल डी केन्द्र पर प्रशिक्षण व प्रणाली अध्ययन सुविधाओं की स्थापना
3
प्रचालक सहायता हेतु एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का विकास
4 प्रभावी संप्रेषण प्रणाली
5 ऊर्जा लेखा संतुलन व व्यवस्थापन तंत्र
6 संरचनीय विकास
7 कोई अन्य निवेश (कृपया विनिर्दिष्ट करें)
योग
6
4
5
याचिकाकर्ता 1583 भाग 1-क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
क्रम सं ०
विवरण
प्रपत्र संख्या
1 प्रपत्र 1 कुल राजस्व आवश्यकता 2 प्रपत्र 2 इक्विटी पर प्रतिफल 3 प्रपत्र 2.2 अतिरिक्त आर.ओ.ई का विवरण 4 प्रपत्र 3 पारेषण लाइनों उप- स्टेशनों का विवरण 5 प्रपत्र 4 पारेषण हानियां 6 प्रपत्र 5 पारेषण उपलब्धता कारक 7 प्रपत्र 6
निवेशों, गैर शुल्क आय व अन्य व्यापारों से आय
8 प्रपत्र 7 उन्मुक्त अभिगमन संबंधी प्रभार 9 प्रपत्र 8 प्रचालन एवं अनुरक्षण व्यय 10 प्रपत्र 8.1 कर्मचारी व्यय 11 प्रपत्र 8.2 मरम्मत एवं रखरखाव व्यय 12 प्रपत्र 8.3 प्रशासन एवं सामान्य व्यय 13 प्रपत्र 9.1 कुल सकल स्थिर आस्तियों का पत्रक 14 प्रपत्र 9.2 पूँजीगत आस्तियों की लागत के लिये जमा कार्य व अनुदान/ सहायिकियां 15 प्रपत्र 9.3 जमा कार्यों/ पूँजी सहायकी/ अनुदान के माध्यम से निधि पोषित जीएफए का पत्रक 16 प्रपत्र 9.4 जमा कार्यों/ पूँजी सहायिकी/ अनुदान के द्वारा निधि पोषित आस्तियों को छोड़कर जीएफए का पत्रक 17 प्रपत्र 9.5 पारेषण प्रणाली या संचार प्रणाली के लिए परियोजना/ आस्ति/ घटक लागत के घटक- वार ब्यौरे 18 प्रपत्र 9.6 निर्माण/ आपूर्ति/सेवा पैकेजों का ब्यौरा 19 प्रपत्र 9.7 परियोजना के घटक वार लागत के ब्यौरे 20 प्रपत्र 9.8
वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात् अतिरिक्त पूँजीकरण का पत्रक
21 प्रपत्र 9.9 अतिरिक्त पूँजीकरण का वित्त पोषण 22 प्रपत्र 9.ए पूंजीगत व्यय का योजनाबद्ध विवरण 23 प्रपत्र 9. बी निमार्ण के दौरान प्रासंगिक व्यय 24 प्रपत्र 9.सी पूँजीकरण निरसन का विवरण 25 प्रपत्र 10.1 आस्तिवार अवक्षय का पत्रक 26 प्रपत्र 10.2 अवक्षय का पत्रक 27 प्रपत्र 11.1 पूँजीगत व्यय का पत्रक 28 प्रपत्र 11.2 पूंजीगत प्रगति अधीन कार्यों का पत्रक 29 प्रपत्र 11.3
पूँजीगत व्यय का पत्रक एवं नई योजनाओं की पूर्णता अनुसूची
30
प्रपत्र 11.4
नयी योजनाओं में लिये योजना- वार पूँजीगत व्यय का व्योरा
31 प्रपत्र 12 आईडीसी के परिकलन हेतु ड्रॉ डाउन अनुसूची एवं वित्त पोषण प्रभार
32 प्रपत्र 13 पूँजी लागत व वित्त पोषण संरचना का विवरण
33 प्रपत्र 14 वित्तीय पैकेज का विवरण
34 प्रपत्र 14.1 सीओडी तक वित्तीय पैकेज
35 प्रपत्र 15.1 वकाया ऋणों का पत्रक
36 प्रपत्र 15.2 वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भारित औसत ब्याज दर का परिकलन
37 प्रपत्र 15.3 मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
38 प्रपत्र 16 ब्याज व वित्त प्रभार
39 प्रपत्र 17 कार्यशील पूँजी पर ब्याज का विवरण
40 प्रपत्र 18 निवेश योजना
41 प्रपत्र 19 निवेश योजना
42 प्रपत्र 20 सहीकरण का सार
43 प्रपत्र 21.1 शंट कैपेसिटर परिवर्धन/ मरम्मत कार्यकम
44 प्रपत्र 21.2 विद्युत संबंधी दुर्घटनाएँ
प्रपत्र 21.3 परिवर्तकों की विफलता
1584
[भाग 1 - क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 1
कुल राजस्व आवश्यकता
आंकड़े रू० करोड़ में
आगामीवर्ष (एन +2) आगामी पर्ष (एन +3)
आगामीवर्ष ( एग +1 )
वर्तमान वर्ष(एन)
पूर्ववर्ष (एन -1 )
संदर्भ प्रपत्र
विवरण
क०संप
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
गोपित
(वास्तविक / संपरीक्षित )
योग (अप्रैल- माध)
अवटू, मार्च (आकलित)
अप्रैल-सित. (वास्तविक)
ए ऊर्जा
1 उपलब्ध ऊजो (एम यू)
2 पारेषित ऊजा(एम यू)
3 पारषण हानि %
बी राजस्व
टेरिफ से राजस्व
1
गर शुल्क आय सहित अन्य प्रभारा स राजस्व
2
कुल राजस्व (1 +2)
सी व्यय
1 ओ एण्ड एम व्यय
आर एण्ड एम व्यय
ए
वी कर्मचारी व्यय
सी ए एण्ड जी व्यय
2 अवक्षय
3 पट्टा प्रभार
4 ऋणों पर ब्याज
5 कार्यशील पूंजी पर ब्याज
कुल व्यय ( 1 + 2+3 +4+5)
डी इक्विटी पर प्रतिफल
ई कुल राजस्व आवश्यकता (सी) + (डी)
एच अधिशेष (+) /कमी (-) (वी) - (इ)
एफ पारेषण प्रणाली की क्षमता (एम डब्ल्यू में)
नोट
एन एफ वाय 2024-25
याचिकाकर्ता भाग 1-क]
1585 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 2
इक्विटी पर प्रतिफल
आंकड़े रु० करोड़ भे
बर्तमान वर्ष (एन)
वागामीवर्ष ( एन +1)
जागानीयर्भ (एन +2) धागाभी वर्ष (एन +3) पूर्ववर्ष (एन-1 )
क्रम सं
मद
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल- गार्च)
(वास्तविक /संपरीक्षित )
अक्टू -गार्च (आकलित)
अप्रैल-सित. (वास्तविक)
1 वर्ष के आरम्भ पर इक्विटी
2 पूंजीगत व्यय
3 पूंजीगत व्यय का इक्विटी भाग
4 वर्ष के अन्त पर इक्विटी
प्रतिफल संगणन
5 इविवटी पर प्रतिफल
याचिकाकर्ता 1586
[भाग 1 -क
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 2.2
अतिरिक्त आर.ओ.ई का विवरण
निवेश अनुमोदन के अनुसार पूरा करने का रामय
परियोजना/ घटक
प्रारंभ की तिथि
अनुसूचित शीगोठी (तिथि)
आंकड़े रु ० करोड़ में
वास्तविक समापन समय
अर्हक समय अनुसूची (विनियम के अनुसार) (गाह में)
वास्तविक चीजोनी
प्रारंभ की तिथि
(तिथि) 1587
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 3
पारेपण लाईनों व उपस्टेशनों का विवरण
पारेषणलाईने
वर्तगान याचिका में आच्छादित
क्रम
सब कंडक्टर की संख्या
लाईने कानाम
वोल्टेज स्तर के वी
याणिज्यिक प्रचालन की तिथि
एसी/ एच वी डी सी में लाईनों का प्रकार
सं०
एस /सी या ची /सी
लाईन की लंबाई सी. के. टी. कि. भी.
हां/ नहीं
यदिनहीं तो याचिका संख्या व वर्ष
2
3
उप-स्टेशन्स
वेज कीसंख्या
वर्तमान याविका में आच्छादित
यानिष्यिक प्रचालन
वोल्टेज सार के
घप- स्टेशन का नाम
क्रम सं
परिवर्तकों/ रिएक्टर्स/ एस ची सी इत्यादि की चंख्या (वमता सदिव)
उप-स्टेशन का प्रकार पारंपरिक जी आई एस/ एच की भी सी टर्मिनल/ एच भी थी सी बैंक दुबैक
132 केवी या इससे
220 केवी
400 केवी
यदि नहीं वो याचिका संख्या व वर्ष
याचिकाकर्ता 1588
[भाग 1 -क
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 4
पारेषण हानियां
पूर्व वर्ष (एन- 1)
हानि परिकलन
क्रम सं०
आगामी वर्ष(एन +3)
आगामीवर्ष (एन +2 )
आगानीवर्ष(पून+1 )
वर्तमान वर्ष(एन)
प्रदोपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल-मार्च)
अक्टू-मार्च (आकलित)
अप्रैल-त्तिव. (वास्तविक)
(वास्तविक संपरीक्षित)
1 अनुज्ञापी की पारेषण प्रणाली को उत्पादक स्टेशनों द्वारा राज्यान्तर्गत टाई लाईनों एवं राज्य में प्रेषित कुल ऊर्जा (एम यू)
2
वितरण अनुज्ञापियों/ ई एच टी उपभोक्ताओं को ग्रिड उपस्टेशनों द्वारा प्रेषित ऊर्जा (एम यू)
3 प्रणाली में पारेषण हानि (1-2)
4 प्रणाली में पारेषण हानि (%) ((1-2)/1]
याचिकाकर्ता
अवधारणा, यदि कोई है, तो उपयुक्त स्थानों पर स्पष्ट रूप से इंगित की जाये ।
1589
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 5
पारेषण उपलब्धता कारक
पूर्ववर्ष (एन -1 )
क्रम सं०
विवरण
(वास्तविक/ संपरीक्षित )
(आंकने रु० करोड में)
वर्तमान वर्ष( एन)
आगामी वर्ष (एन आगामीवर्ष (एन +1 ) आगामीवर्ष (एन+2) +3 )
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल- मार्च)
अप्रैल-सित. (वास्तविक)
पारेषण उपलब्धता कारक
अक्टू-मार्च (आकलित)
याचिकाकर्ता [भाग 1 -क 1590
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 6
निवेशों, गैर शुल्क आय व अन्य व्यापारों से आय
(आंकड़े रु० करोड़ में)
आगामी वर्ष
आगागौवर्ष (एन +1 ) आगामीवर्ष ( एन +2)
बर्तमान वर्ष(एन)
(एन +3)
पूर्ववर्ष (एन -1 )
विवरण
क्रम सं०
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
योग (अप्रैल गाध)
अक्टू -मार्च (आकलित)
(वास्तविक/ संपरीक्षित)
अप्रैल- सित. (वास्तविक)
ए निवेशों से आय
निवेशों से ब्याज की आय
1
सावधि जमा पर ब्याज
2
सावधि जमा से अन्यथा बैंको से व्याज
3
4 किन्हीं अन्य मदों पर ब्याज
उप -योग (२)
बी अन्य गैर शुल्क आय
1 स्टाफ को अग्रिमों व ऋणों पर ब्याज
2 पट्टादाता को ऋणों व अग्रिमों पर व्याज
3 आपूर्तिकर्ताओं / संविदाकारों को अग्रिम पर व्याज
स्थिर आस्तियों के विक्रय से प्राप्ति
4
स्टाफ कल्याण किया- कलापों से आय/फीस/ संग्रह
5
बिलवित भुगतान हेतु अधिभारी से राजस्व
6
निम्न ऊजो कारक व अन्य दंडनीय प्रभारी के लिये अधिभार से राजस्व
7
विभिन्न प्राप्तियां
8
9 उपभोक्ताओं से विविध प्रभार
उप-योग (बी)
सी अन्य व्यापरों से आय
ई ए. 2003 की धारा 41 के अधीन अन्य व्यापारों से आय
योग (ए)+(बी) ( सी)
याचिकाकती 1591
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 7
उन्मुक्त अभिगमन संबंधी प्रभार
पूर्व वर्ष (एन-1 )
क्रम सं०
विवरण
(आंकड़े रू ० करोड़ में)
वर्तमान वर्ष( एन)
आगामीवर्ष ( एन +2) जागाभी वर्ष (एन +3)
आगामीवर्ष( एन +1 )
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
अक्टू, मार्च (आकलित)
योग (अप्रैल - मार्च)
अप्रैल सित.
(वास्तविक)
(वास्तविक संपरीक्षित)
1 ग्रिड समर्थन प्रभार
2 रिएक्टिव ऊर्जा ड्रउल प्रभार
3 अनुसूचीकरण व प्रणाली प्रचालन प्रभार
अन्र्तराज्यीय पारेषण प्रभार (उन्मुक्त अभिगमन
4 उपभोक्ताओं के लिये)
5 हैंडलिंग व सेवा प्रभार
6 आयोग द्वारा अनुमोदित कोई अन्य उदग्रहण योग
याचिकाकर्ता [भाग 1 -क 1592
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
Format for Transmission
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 8
प्रघालन एवं अनुरक्षण व्यय
( +3)
वर्तमान वर्ष ( एन)
দুর্ব (ন) দুর্গ (হল-5) पूर्वपर्व(ফুল-৭) দু (৩) (-2) (-1)
गर्दै
(আভনিত)
बौल - शिव (वास्तविक)
1 कर्मचारी व्यय
प्रशासनिक एवं सामान्य लागतें
3 मरम्मत एवं रखरखाव व्यय
उप- योग (1 से 3) 1593 भाग 1 - क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
athe 1594
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत) 1595 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
to eve acrepe of nice your om per
I just ane lesl 1596
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत)
पारेषण अनुशापी का गাব
कुल फक्त स्थिर शारितयों का पत्रक
My after
of or vikr
चारियों छा विपरन
बी) भवन
शी) इसी प्रकार आगे (विनियों में दिये गये वर्गीकरण अर
योग
place to witz 4
वर्तमान वर्ष (एन)
of or afted or wrody
बारियों का स्टिल्ल
( स ) अप्रैल- सित ( सादिक)
सी) इसी प्रकार आगे (विनियमों में दिये गये वर्गीकरण के अनुसार
वागामी वर्ष (एन +1 )
Ro પરિભ
২)খুণি
बी) भएन
जी) इसी प्रकार आगे (दिनिवर्षों में दिये गये वर्गीकरण के अनुसार) भाग 1 -क]
1597 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुद्री एप वाप
गुत सकल स्थिर वास्तियों का पत्रक
वर्ष के दौरान परिवर्धन
बी) भवन
शीं इसी प्रकार आगे (दिनिगमों में दिये गये वर्गीकरण के अनुसार )
of or test er body
पी) भयन
सी) इसी प्रकार आगे (दिनियमों में दिये गये पगीकरण के अनुसार) 1598
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 9.2
पूंजीगत आस्तियों की लागत के लिये जमा कार्य व अनुदान / सहायिकियां
(आंकड़े रू० करोढ़ में)
धागानी पर्व एन +3 )
आगामी वर्ष ( एन +2)
सागाणी वर्ष (एन +1)
पर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष (एन -1)
विवरण
वर्ष के अंत में अधिशेष
वर्ष के अंत में अधिशेष
वर्ष के अंत में विशेष
वर्ष के नंत में जतिरोष
वर्ष के दौरान परिवर्धन
पर्म के अंत में अधिशेष
पर्व के दौरान परिवर्धन
वर्ष के दौरान परिवर्धन
पर्ष के दौरान परिवर्धन
वर्ष के धौरान परिवर्धन
वर्ष के गारम्भ में अधिशेष
1
पूंजीगत आस्तियों की लागत के लिये उपभोक्ता अंशदान / जमा कार्य
2
पूंजीगत आस्तियों की लागत के लिये अनुदान /सहायिकियां
योग 1599 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाग
जीएफए का पत्रक
प्रपत्र 0.3 जगा कार्यों/पूंजी सहायकी/ अनुदान के गाध्यम से निधि पोषित
(अधिन्छे रू० करोड़ में)
गंत अधिशेष
वर्ष के दौरान परिवर्धन
आस्तियों का विवरण
धारंभिक जधिशेष
वर्ष के दौरान आस्तियों का सेयांत
९)भूमि
बी) गवन
सी) मुख्य सिविल कार्य
डी) संयंत्र एवं मशीनरी
ई) लाईन्स व केबल नेटवर्क
एफ) वाहन
जी) फर्नीचर्स व फिक्सपर्स
एच) कार्यालय उपकरण व अन्य मदें
योग
(आंकड़े रू० करोड़ में) वर्तमान वर्ष (एन)
वर्ष के दौरान बास्तियों का सेवांत
वर्ष के दौरान वास्तियों का परिवर्धन
अंत वविशेष यारंगिक अधिशेष
वारिवयों का विवरण
अक्टू - गार्च (आकलित)
अप्रैल- सित (वास्तविक)
जक्टू, गार्च (आकलित)
शील- सित . (वास्तविक)
बी) भवन
सी) मुख्य सिविल कार्य
डी) संयंत्र एवं गशीनरी
ई) लाईन्स व केवल नेटवर्क
एफ) वाहन
जी) फर्नीचर्स व फिक्सपर्स
एघ) कार्यालय उपकरण व अन्य गर्दै
येग 1600
[भाग 1 - क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 0.3
जगा कार्यों/ पूंजी सदायकी/ अनुदान के माध्यम से निवि पोषित जीएफए का पत्रक
(आंकड़े ९० करोड़ में)
आगामी वर्ष (एन +1 )
अंत अधिशेष
वर्ष के दौरान परिवर्धन
आरंभिक अधिशेष
आस्तियों का विवरण
वर्ष के दौरान आस्तियों का सेवांत
২) মুমি
बी) भवन
सी) मुख्य सिविल कार्य
डी) संयंत्र एवं मशीनरी
ई) लाईन्स व केबल नेटवर्क
एक) वाहन
जी) फर्नीचर्स व फिक्सचर्स
एच) कार्यालय उपकरण व अन्य गर्दै
योग
(आंकड़े रू० करोड़ में)
आगामी वर्ष (एन +2)
अंत अविशेष
वर्ष के दौरान परिवर्धन
गारंभिक अधिशेष
आस्तियों का विवरण
वर्ष के दारान आत्तिया का सेवांत
९) भूमि
बी) भवन
शी) गुख्य सिविल कार्य
डी) संयंत्र एवं गशीनरी
ई) लाईन्स व केवल नेटवर्क
एफ) बाहन
जी) फर्नीचर्स व फिक्राचर्स
एच) कार्यालय उपकरण व अन्य गर्दै
योग
आगामी वर्ष (n +3 )
(आंकने रू० करोड़ में)
अंत अधिरोग
वर्ष के दौरान परिवर्धन
धारंभिक अधिरोष
बास्तियों का विवरण
वयं के वारान आस्तिया का सेवांत
९) भूगि
बी) भयन
सी) मुख्य सिविल कार्य
डी) संयंत्र एवं गशीनरी
ई) लाईन्स व केवल नेटवर्क
एक) शहन
जी) फर्नीचर्स व फिक्सचर्स
एच) कार्यालय उपकरण व अन्य गर्दै
योग 1601 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
Fermat for Transmission
पारेषण अनुझाभी का नाम
प्रपत्र 9.4
जगा कार्यों/ पूंजी सष्ठायिकी/ जनुदान के द्वारा निधि पोषित शास्तियों को छोड़कर जीएफए का पत्रक
पूर्व दर्भ( n-1)
(आंकड़े रू० करोड़ में)
आस्तियों का विवरण
आरंभिक अधिशेष वर्ष के दौरान परिवर्धन
अंत अधिशेष
वर्ष के दौरान थास्थियों का सेयांत
वर्तमान वर्ष (एन)
(जांकड़े ७० करोड़ में )
वर्ष के दौरान जास्तियों का परिवर्धन
पर्ष के दौरान बास्तियों का सेवांत
आस्तियों का विवरण
आरंगिक अधिशेष
अंत अविशेष
अप्रैल- सित. (वास्तविक)
अवटू -मार्च (आकलित)
(गाकलित)
अप्रैल- सित (वास्तविक)
आगामी वर्ष (एन +1 )
(आंकड़े रू० करोड़ में)
शास्तियों का विवरण
आरंभिक अधिरोष
वर्ष के दौरान परिवर्धन
अंत अधिशेष
वर्ष के दौरान बास्तियों का सेवांत
भवन
एवं
ईगावल नेटवर्क 1602
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
FormatforTransmission
पारेषण अनुज्ञाधी का नाम
का पत्रक
प्रपत्र 9.4 जगा कार्यों/पूंजी सहायिकी/ अनुदान के द्वारा निधि पोषित क्षत्तियों को छोड़कर पीएफए
(आंकड़े रू० करोड़ में)
आगामी वर्ष (एन +2)
अंत अधिशेष
वर्ष के दौरान परिवर्धन
आरंभिक अधिशेष
आस्तियों का विवरण
वर्षके दौरान आस्तियों का सेवांत
સી) પતંત્ર વધી મશીગરી
(आंकड़े रु० करोड़ में )
आगामी वर्ष ( एन +3)
अंत अधिशेष
वर्ष के दौरान परिवर्धन
आरंभिक अधिशेष
आस्तियों का विवरण
वर्ष के दौरान नारितयों का सेवांत
2) hing murd 1603 भाग 1 - क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 0.5
पारेपन प्रगाली या संचार प्रणाली के लिए परियोजना/ आत्ति /घटक तागत के पटक-वार धीरे
(आंकड़े रू० करोड़ में)
मारिद्रविक प्रपातन की लिपि पर मारतविक पूंजीगत
ग (1)
मूत बनुगों के धनुसार (१ )
र (6-3-4-5)
पेपता/ पर्थन (5 )
बंदर के लिए कारण (7)
(0)
दर
९
1.0 प्रारंभिक कार्य
डिजाईन और इंजीनियरिंग
1.1
1.2
निरीक्षणाधिकार , यर निर्वाधन, पीटीसीसी, साधारण सिविल कार्य, यारि
कुत्त प्रारंभिक कार्य
1.3
पारेषण लाईन सामग्री
2.0
2.1 टावर्स इ য়র
2.2 इंडक्टर
2.3 अर्थ सार
2.4 अरारोटर
2.5 छपेगर फिटिंगरा
2.6 कंडक्टर एवं अर्थ तार सतगष्ट्री
2.7
2.8
निर्माण , सार बंदी और सिविल गवर्य जिसमें नीय भी सम्मिलित है
कुल पारेरणा साईन चागधी
3.0 कार और शुल्क सीगा शुल्क
3.1
3.2 अन्य कर और मुल्क
कूल कर वीर शुल्क
उप-क्षेन्द्र
4.0
4.1 एवं निरि
4.2
4.3 [भाग 1-क 1604
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत् )
मूत्र बत्रुधानों थे धनुधार (1)
म्यय (4 )
र ( 0-3-4-5)
देता (1 )
(1)Ak
अंतर के लिए কালে (7)
(0)
5.0 सिविल सर्व
नियंत्रण कक्ष और कार्यालय
5.1 जिसमें एसपीएसी की है
गर और कालोनी
5.2
औरत निकासी
5.3
5.4
5.5
उपकेन्द्र उपकरण
6.0
6.1 बेकार आइसोलेटर आरि
6.2
6.3
नियंत्रण रिले और सरल
6.4
6.5
6.6
6.7
6.8
6.9
6.1 प्रणाली
6.11
दूल धप-केन्द्र उपकरण
7.00 पू
8.00 गार और शुल्क
सीमा शुल्या
8.1
8.2 अन्य कर और शुल्क
8.3 कुल कर और गुल्क
योग (उप - केन्द्र)
9.0 संचार व्यवस्था
9.1 प्रारनिक कार्य
संचार प्रणाली उपकरण
9.2
कार और शुल्क
9.3
कुल योग 1605 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
मूल धनुषाओं के बनुसार (3 )
(1)
म्यप (4 )
देवता/ चपर्णव (3 ) नंतर(6-3-4-5)
भंवर के लिए चारण (7)
(8)
10.0 निर्माण धीर लगाए जाने से पूर्व
स्थल पर्यवैधन और स्थल प्रशासन
10.1
आदि
10.2 टूला एवं संपत्र
10.3 निर्माण बीगा मूल निर्मान धौर सगाए जाने थे पूर्वचयें
11.0 जगरीभी
11.1 स्थापना 11.2 संपरीक्षा और लेखा
11.3 आकरिगकता फूल छपरीशीर्भ
12.0
संयंत्र एवं मशीनरी की लागत
संयंत्र एवं मशीनरी समेत पूँजी
13.0
सागव
13.1 मार्च के दौ
13.2 )
13.3 विदेशी परी
13.4 प्रतिरक्षा लागत
दूल बाईबीसी, एफसी, एफईआरची पूर्व प्रतिरखा ज्ञागत
पूंजी सागत जिसमें वाईडीसी, एफसी एफईबारवी प्रपा प्रतिस्था सागय भी शन्मिलित है
1. सात अंतर के राख्प ने इस आर के कारणों का उल्लेख करते हुए एक विस्तृत टिपणी प्रस्तुत कर पाए जितने इसका सचेत हो कि यया सात अधिस्य पारेषण अनुज्ञापी के निधन से शहर था । 2. पौढ़ोत्त/पट्टे पर भूमि का अलग -अलग विवरण दें ।
[भाग 1 -क 1606
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेपण अनुज्ञापी का नाग
प्रपत्र एफ 0.0
निर्माण/ आपूर्ति/सेवा पैकेजों का ब्यौरा
(মাকন্ঠ অ० करोड़ में)
-गोग (साथ anthelite// ાલ સ્ટેસિયરો એ
out
wid or you came
tommittee or w
ત્યારે બિ to a कीशिरिए भी पढ़ने
wid some wound or wist on
without andwht થી
en / artment
mid or wife to an Emritdet
Few of or
1 Added cod of it marter or move a mot attern yle & stem of copi 2 रियां कोई 1607 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 9.7
परियोजना के घटक-वार लागत के ब्यौरे
(आंकड़े रू० करोड़ में)
वर्तमान याचिका में आच्छादित लाईन का नाम
पूंजीकृत राशि/ प्रस्तावित पूजीकृत राशि
संशोधित लागत प्राक्कलन ,
यदिलागू हो
(रू ० लाख)
संविभाजित अनुमोदित लागत (रू० लाख)
वर्तमान याचिका में आच्छादित
उप-स्टेशन का नाम
पूरी की गई लागत (लाख रूपए)
संविभाजित अनुमोदित लागत (रू० लाख)
संशोधित लागत प्राक्कलन,
यदि लागू हो
(रू० लाख)
हाँ/नहीं
अगर नहीं तो याचिका संख्या
वर्तमान याचिका में आच्छादित
संचार प्रणाली का नाम
संविभाजित अनुमोदित लागत (रु० लाख)
पूरी की गई लागत (लाख रूपए)
संशोधित लागत प्राक्कलन,
यदिलागूहो
(रू० लाख)
हाँ/नहीं
अगर नहीं तो याचिका संख्या
याचिकाकर्ता 1608
[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 9.8
वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात् अतिरिक्त पूंजीकरण का पत्रक
क्र० सं०
वर्ष
(आंकड़े रू० करोड़ में)
औचित्य
स्वीकृत लागत 1
किस विनियम के अधीन आच्छादित है
पूंजीकृत/पूंजीकृतकिए
जाने के लिए प्रस्तावित
राशि (लाख रूपये में)
अंतिम तिथि तक/ अंतिम तिथि के भाद वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के पश्चात जोड़े जाने के लिए प्रस्तावित कार्य/उपकर्ण
1
3
1. यदि परियोजना पूरी कर ली गई है और टैरिफ अधिसूचना (अधिसूचनाएं) पहले ही जारी कर दी गई है, तो ( प्राधिकारी का नाग ) द्वारा पहले ही जारी की गई टैरिफ अधिसूचना के प्रयोजन के लिए यथा स्वीकृत लागत देते हुए स्तंग 7 को भरें (टैरिफ आदेश की प्रति संलग्न कर) ।
टिप्पणी:
प्रारूप को क्रमानुसार वर्ष वार भरें जिसमें लाभार्थियों की आवश्यकता और प्रोद्धत लाभ का ब्यौरा स्पष्ट रूप से दर्शित करें ।. यदि आरंगिक पुर्जे किसी भी उपकरण के साथ क्रय किये जाते है तो ऐसे पुजों की लागत पृथक रूप से इंगित की जानी चाहिए ।
] आस्तियों के पूंजीकरण निरसन के बारे में पृथक विवरण प्रस्तुत किए जाने चाहिए । इसके अतिरिक्त इन आस्तियों का बाहियों में दर्ज गूल यही मूल्य प्रस्तुत किया जाना चाहिए । जहां
डि-कैप्स अनुमानित आधार पर है, उन्हें अलग से प्रदर्शि किया जाना चाहिए ।
याचिकाकर्ता भाग 1-क]
1609
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 9.9
अतिरिक्त पूँजीकरण का वित्त पोषण
(आंकड़े रू० करोड़ में)
(वास्तविक / अनुमानित)
वर्ष 1
वर्ष 2 वर्ष 3 वर्ष 4 वित्तीय वर्ष (वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि से आरम्भ)
1
2
3
4
5
कार्य/उपकरण में पूंजीकृत राशि
वित्तीय ब्यौरे
ऋण-1
ऋण-2
ऋण-3 और उससे आगे
कुल ऋण
इक्विटी
आंतरिक संसाधन
अन्य
कुल नोट
स्वीकृत
वर्ष 1 वर्ष 2 वर्ष 3 वर्ष4
वर्ष 5 और उससे आगे
वर्ष 5 और उससे आगे
6
7
8
9
10
11
1. वर्ष 1 नए घटकों के सम्बन्ध में वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि के वित्तीय वर्ष को निर्दिष्ट करता है । वर्तमान घटकों के लिए यह 2014-15 से है तथा वर्ष 2, वर्ष 3 आदि क्रमशः पश्चातवर्ती वित्तीय वर्ष है ।
2 अतिरियत पूंजीकरण की आवश्यकता को पूरा करने थाले ऋण का विवरण प्रारूप 7 या 8 , जो भी सुसंगत हो , के अनुसार दिए जाने चाहिए ।
याचिकाकर्ता 1610
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
PoorvegeBir
steveAns
पारेषणअनुज्ञापीकानाग
पूँजीगतव्ययकायोजनाच्यविवरण
प्रपत्रएक७.९ 1611 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफ 9.ए
निमार्ण के दौरान प्रासंगिक व्यय
(आंकड़े रू० करोड़ में)
क्र०सं०
मापदंड
वर्ष 1 वर्ष 2 वर्ष.3 वर्ष 4 वर्ष 5
ए
व्ययः
1 कार्मिकों को परिश्रमिक एवं लाभ
2
वित्तीय लागत
3
जल प्रभार
4
संचार व्यय
5 विद्युत प्रभार
6 अन्य कार्यालय एवं प्रशासनिक व्यय
7 अन्य ( कृपया विवरण दें)
8 अन्य प्रचालन पूर्व व्यय
भी कुल व्यय
घटाएं: निविदाओं के विक्रय से आय
घटाएं: गेस्ट हाउस से आय
घटाएंः ठेकेदारों से वसूली गई आय
घटाएं: जमा पर ब्याज
टिप्पणीः आईडीसीसी का लेखा परीक्षक के प्रमाण पत्र के समनुरूपी आंकड़ो के साथ विधिवत गिलान किया जाना चाहिए ।
याचिकाकर्ता 1612
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र एफः 9. डी
पूंजीकरण निरसन का विवरण
(आंकड़े रू० करोड़ में)
पूंजीकरण निरसन का पर्व
पूंजीकरण विहीनता के परागगुरुप ऋण का संचमी प्रतितंबाय
पूंजीकरण निरसन के गनुरूप षयी कायण
पूंजीकरण के चगय
ऋण इक्विटी बनुपात
पूंजीकरण पूंजीकरण निरसन की जा यी थारिट/ पपकरण के पूंजीकरण का गर्भ
पूंजीकरण निस्तन की जा रही वास्ति का मूल मठी मूल्य
पूंजीकरण निरसन के लिए प्ररवादिय कार्य /पपकरण
(9)
(7)
(8)
(4)
(6)
(2)
(5)
(3)
यापिकाक भाग 1 -क]
1613 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुझापी का नाम
प्रपत्र 10.1
गास्तियार अयदाय का पत्रक
()
(আভड़े ७० करोड़ में)
वक्ाय की घर में पर्व के धारंण पर
गास्तियों का विवरण
पर्ष हेतु उपयंधित सयक्षय
पर्व के बंतपर संगयी धष्ाय का
वर्ष के भौरान निकासी
वर्तमान वर्ष (पन)
(यांकले १० करोड़ में)
पर्व हेतु उपबंधित शय्क्षय
वर्ष खेदौरान निकासी
बास्तियों का विवरण
याय की दर % में पर्ष के कारंग पर
वर्ष के बंट पर संचयी
अप्रैल- शिव (वास्तविक) (औकलित )
बप्रैल -शित( वारतविक )
0) હળ e a ( નિયનો ને વિશે પને પડીયર છે am)
आगामी वर्ष (एन +1 )
(यांकड़े फ० करोड़ में)
बास्तियों का विवरण
वर्षके बारंग पर
वयराम की पर % में
पर्म के त पर संचयी धयाय का
दर्भ के दौरान निकासी
પી) જુની my son thod 4 દિલે મરે વીરાય છે. ઝ ure) 1614
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञाभी का नाम
प्रपत्र 10.1
आरितयार अवशय का पत्रक
(बांकड़े एक करोड़ गे
वागामी वर्ष (एन +2)
वर्ष के वारंग पर
वर्ष के बंवपर संषयी वक्षय का
अवक्षय को पर %
आरितयों का विवरण
पर्व के दौरान निकासी
(वांकड़े ए० करोड़ में)
आगामी वर्ष (एन +3)
वर्ष के बंत पर
बदाय की वर % में पर्ण के बारंभ पर वर्ष हेतु उपयंधित सक्शय
आस्तियों काविवरण
वर्ष के धौरान निकाती 1615 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
Format forTransmission
गारेषण अनुज्ञापी का नाग
प्रपत्र 10.2
अवक्षय का पत्रक
(धांकडे ए० करोड़ गे)
वित्तीय वर्ष
2000-01 2001-02 2002-03 2003-04 2004-05 2005-08 2006-07 2007-08 2008-09 2009-10 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14 2014-16 2015-10
पूंजी जागव पह चच्चय
अतिरिगत पूंजीकरण पर बवाय
अतिरिक्त पूंजीकरण की राशि
अपक्षय यशि
एक ई बार भी का विवरण
एफ है आर पी की राशि जिस पर अन्क्षण प्रभारित किया जाता है
अपक्षय राशि
पर्व के दौरान मसूल किये गये अवक्षय
वर्ष के दौरान मसूल किये गये अवध के समय अधिक
एर्ष के दौरान वसूल किये गये अक्षय मशवाय के रगध अमि
गर्न एक वसूल किये गये सध्यक्ष के पागल टाधिग [भाग 1 -क 1616
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
Formal kos Transmissio
पारेचन अनुज्ञापी का দাশ
प्रपत्र 11.1
पूंजीगत व्यय का पत्रक
टिप्पणी++
टिपणी +
pifte
)-(محمد
মধ্যর মর্ব (হল)
विवरण
विदेशी मुदा अभ
2) aave alive :- gord acol now or en elaઝા જે સરંપ છે, ભટમ દ્રાકારી છે ડાઉપોરલ હી પ્રતિર્ણ (હરિ મરેલા ફl) પ્રસ્તુત હી બાપપેર
4) દિવાની ** - ઘરે સુત્ર શાસ્ત oિ r are y of save થી par marutier in form of atRare of and of we off भाग 1 -क]
1617
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम..
प्रपत्र एफ 11.2
पूंजीगत प्रगति अधीन कार्यों का पत्रक
(आंकड़े रू० करोड़ में)
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्व वर्ष(एन-1)
विवरण
(वास्तविक/संपरीशित)
बप्रैल-सितम्बर (वास्ताविक) बागागी वर्ष (एन+1 ) बागामी वर्ग ( एन +2) धागागी वर्ष (रन +3)
टिप्पणी
प्ररोपिय
योग (लप्रैल-गाध)
बगदूरर-गार्च (आंकलित)
(२) सीडब्ल्यू वाई भी की प्रारंभिक जमा राशि
क) बहियों के अनुरूप अधिशेष सीडब्ल्यू आईपी राशिका ख) उपरोक्त (क ) में पूंजी देवताओं की राशि
(ग) उपरोक्त (क ) में (1 ) आईडीसी (ii) एफसी, (iii) एफईआरपी, ( iv ) होशिंग लागत की राशि
(श्री) घोडे: संवृद्धि /समायोजन क) अवधि के दौरान सीडब्ल्यू आई पी राशि में
संवृद्धि/ रामायोजन ७) उपरोक्त (क ) में पूंजी देयताओं की राशि
(ग ) उपरोक्त (क) में (1) आईडीसी, (ii) एफसी, (iii) एफईआरवी (iv) प्रतिक्षा लागत की राति (सी) पूँजीकृत व्यय
क) अवधि के दौरान सीडब्ल्यू आई पी राति कीस्थिर आस्तियों का पूंजीकरण / स्थानांतरण
ख) उपरोक्त (क) में पूजी देवताओं की राशि
ग) उपरोक्त (क) में (1) आईडीसी, ( ii) एफसी, (iii) एफईआरपी, (iv ) फोगिंग लागत की राशि
(टी) धीवम्कयू माई भी का संधिग अधिशेष
क) महियों के अनुसार अगि सोडल्यूआईपी राशि छ) उपरोका (क ) में पूंजी पेयताओं की शशि
५) उपवेगत ( क) में (1) आईडीसी (ii) एफसी, (iii)
एफईआरवी, (iv ) प्रतिरक्षा लागत की राशि [भाग 1 -क 1618
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 11.3
पूँजीगत व्यय का पत्रक एवं नई योजनाओं की पूर्णता अनुसूची
(आंकड़े रू ० करोड़ में)
वर्णन / सप फटेशन न नाम
पूंजी सागव
पूंजी लागत बॉकलन हेतु विचारिख गयी विदेशी विनिमय यर
राशि
विनिमय दर
राशि(करोड़ रू० में) लागत विवरण
ए) मूल लागत
विदेशी घटक (विदेशी मुद्रा में )
घरेलू घटक
कुल मूल लागत
बी) आई सी सी एवं एफ सी
विदेशी घटक (विदेशी मुद्रा में )
भारतीय घटक
कुल आई डी सी एवं एफ सी
सी (९+दी)
सी) कुल लागत (आई डी सी एवं एफ सी सहित)
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1619 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 11.4
नयी योजनाओं में लिये योजना-वार पूंजीगत व्यय का व्योरा
लाईन घय स्टेशन का नाम
(आंकड़े स० करोड़ में)
पूर्व पर्व (एन 1)
वर्तमान वर्ष ( एन)
विवरण
टिव्थगी +
मध्य अंतर
(एन +2) सभक्षम प्राधिकारी द्वारा धनुमोदित कुल व्यय
प्रचगट कुल व्यय
(एन +1)
वर्तमानपर्वबभौरिस पोजना के अनुसार चगने जाने गाने मूल व्यय
गायामी वर्ष (एन +3)
पारण्य में उपगम्यय
10
11
12 २) प्यय विवरण
बी) भवन
सी) भुष्य सिविल कार्य
डी) संयंत्र एवं मशीनरी
ई) लाईन्स व केबल नेटवर्क
एफ) याहन
जी) फर्नीचर व कियवर्स
एच ) कार्यालय उपकरण एवं अन्य मदे योग(२)
बी) वित्त पोषण के सोवों का ब्यौरा
९) प्राण/ उपार
भी) इनिचटी
शी ) अन्य ( कृप्या विनिर्दिष्ट करें)
योग (बी)
नोट:
ii) टिप्पणी 7 के मध्य अंतर के कारणों को स्पष्ट करें ।
1620
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाग
प्रपत्र 12 आई डी सी परिकलन हेतु ग्रॉ याउन अनुसूची
রাঅতল
विदेशी मुद्रा में
विवरण
(आंकड़े फ० करोड़ में)
विगाडी एन पूर्णा म विद्युतीकरण की विडी
लिगाड़ी 2
विदेशी चुदा में
में शशि
भारतीय मेंचसि
ब्रा बाउन थी विनिमय दर
1.1
1.1.1 विदेशी भ
वित्त पोषण प्रभार
एक ई आर वी
1.1.2 विदेशी ন্য ।
ड्रा दाउन राशि
एक आर पी
1.1.0 विदेशी प्राण एব
द्वा बाउन राशि
आई की सी दिला पोषण प्रभार
एक ई आर ची
1.1 यूल विदेशी অপ
वित्तपोषण प्रार
एक ई बार को
1.2 भारतीय ণ
1.2.1 गारतीय श्रण ।
आई की सी दिशा पोषण प्रभार
दिनिषय दर
द्रा बावन की दिनिधव यर 1621 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्दत्)
विगाधी 1
द्रा राउन
तिमाही पूण पूर्णता प विद्युतीकरण की विभा
विदेशी मुद्रा में
विदेशी मुदा में
भारतीय झपपै
विपरण
विदेशी मुदा में
भारतीय रूपये मेंपाति
भारतीय पलये में राधि
तिथि पर ब्रा गाउन को विनिमय दर
ब्रा चाउन थी विवि पर विनिगय दर
ब्रा वाहन को दिपि पर विनिषय वर
1.2.2 लीग 2 दादाउन राशि
आई की सी
1.2.एन भारतीय ছলে হল
निताबोधन प्रभार
1.2 मूल भारतीय আলে
रिता पोषण प्रगार
कित्ता पोषण प्रगार
2.1 बाहरित विदेशी इण्टिी
2.2 पाइरित भारतीय इस्पिटी
भोट: 1. अरण व इविवटी का आहरण, समापन अनुसूची को पूरा करने के लिये तिमाही चार सगरुपी आधार पर होगा ।
[भाग 1 -क 1622
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 13
पूंजी लागत व वित्त पोषण संरचना का विवरण
(आंकड़े रू० करोड़ में )
वर्तमान वर्ष (एन)
पूर्ववर्ष(एन -1 )
आगामी वर्ष (एन +3)
यागामी वर्ष (एन + 1)
शामागी वर्ष (एन +2)
टिप्पणी वर्षांत मार्च
पूजीकरण का वित्तीय वर्ष
प्रोपित
प्रक्षेपित
(पास्तविक / संपरीक्षित )
योग(अप्रैल- मार्च)
अक्टू -गार्थ (आकलित)
अप्रैल -सित. (पास्तविक)
मूलपरियोजना वित्तीय मानदंड
पूंजी लागत
वर्ष के दौरान परिधर्धन
वर्ष के दौरान विलोपन
सकल पूंजी लागत (९) मूल परियोजना लागत के विरुद्ध इथ्विटी
वर्ष के दौरान परिवर्धन
ऋण उप- योग (री)
मूल परियोजना लागत के विरुद्ध इक्विटी ऋস
यर्न के दौरान जुड़े नमें प्राण
त्राण उप- योग (सी)
मूल परियोजना लागत के विरूद्ध अनुदान
वर्ष के दौरान परिवर्धन
अनुदान उपयोग (डी)
गुल वित्तपोषण (बी+ शी + ढी)
नोट:
*अनुमोदित या वास्तविक पूंजी लागत, जो भी कम हो ।
1) इविक्टी व चरण यदि लागू हो, तो विदेशी व घरेलू पटकों में विभाजित किये जायेंगे।
1623 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्रः 14
वित्तीय पैकेजेज का विवरण
(आंकड़े रू ० करोड़ में)
गुल पीसी
गुल इक्विटी
भारतीय मुद्रा में
गारंटी कमीशन
एफ सी में राशि विनिमय दर
यापती के निबंधन ग्रेस अवधि
कुल ऋण का %
व्याजदर / एविवटी पर प्रतिफल
अपर्णाटफीस एक्सपोजर प्रीमियम
आय के स्रोत
(रु०/ एफसी) (करोड़ रु० में) (वर्ष)
(वर्ग)
(%)
(करोड़ रू० में)
(%)
(%)
(%) (मुद्रा का नाम)
(करोड़ स्तुमें)
अप-1
আল -2
আপে-3
আणে इत्यादि
भारतीयाः
श्रण -2 इत्यादि
ফুল গणে (९)
(सी) इनिपटी
विदेशीः
भारतीयः
कुल इक्विटी (बी)
(सी) अनुदान
विदेशी
भारतीय
कुल अनुदान (सी)
कुल वित्त पोषण (एची +शी)
कुल परियोजना जागत
2
(1 ) योजनाओं की पूर्णता के मामले में योजनाओं की पूर्णता एवं ऊर्जाकरण एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत विषय पैकेज विवरणसनिंदावेजों के साथ प्राण में प्रस्तुत किये जायेंगे ।
(2) उन योजनाओं के भागले में जो अभी पूरी नहीं हुई है वितीय पैकेज विवरण सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित रूप में रागर्नित दस्तावेजों के साथ प्रारूप में प्रस्तुत किये जायेगे ।
(3) एफ सी विदेशी मुद्रा
(4) पी सी लागत ।
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत् )
1624
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्रः 14.1
सीओडी तक वित्तीय पैकेज
(आंकड़े रू० करोड़ में)
वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि को यथा स्वीकृत
वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि को वित्तीय पैकेज
यथा अनुमोदित वित्तीय पैकेज
7
6
5
4
3
2
कुल
इक्विटी
ऋण
मानकीय
वास्तविक
मानकीय
वास्तविक
याचिकाकर्ता 1625
उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
FormultorTransmis
यकाया प्राणों का पत्रक
( -1)
End vide
de ve este of els of f
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শুणে अभिकरण ( कम या घो ०)
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ग धपिकरण (क्रम या धो [भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
1626
Cated to the l
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later aNal and Quer carsofthe sand ofqua ayatManyonface andte VE THAT OW મામાને તેપુરીછેરાજછે રાત નીofa fan form for ot 1627 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 - क]
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 15.2
वास्तविक ऋणों पर ब्याज की भारित औसत व्याज दर का परिकलन
(आंकड़े रू० करोड़ में )
आगामी वर्ष (एन +3)
आगामीवर्ष (एन +2)
आगागीवर्ष (एन +1 )
विवरण
पूर्ववर्ष (एन-1) वर्तमान वर्ष (पून)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
आण 1
राक्त त्राण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक आणों मन संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोड़ कर वर्ष के दौरान निकासी (या)
घटा कर वर्ष के दौरान त्राण की चुकौती (या)
शुद्ध आण- अन्त में
औरात शुद्ध त्राण
वार्षिक आधार पर त्रऋण पर व्याज की दर
त्राण पर व्याज
ऋण 2
सफल त्राण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक ऋणों का संचयी भुगतान
शुद्ध प्राण- आरम्भिक
जोड़ कर वर्ष के दौरान निकासी (गा)
घटा कर वर्ष के दौरान त्राण की चुकौती (या)
शुद्ध ब्राभ- अन्त में
औरात शुद्ध त्राण
वार्षिक आधार पर त्राण पर व्याज की दर
त्राण पर व्याज
হলে n
सकल त्राण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक आणों का संचयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्भिक
जोड़ कर वर्ष के दौरान निकासी (या)
पटा कर वर्ष के दौरान ऋण की चुकौती ( या)
शुद्ध ऋण- अन्त में
औरात शुद्ध ऋण
वार्षिक आधार पर ऋण पर व्याज की दर
ग्राण पर ब्याज की दर
कुल ऋण
सकल प्राण आरम्भिक
पूर्व वर्ष तक प्राणों का संबयी भुगतान
शुद्ध ऋण आरम्मिক
जोड़ कर वर्ष के दौरान निकासी (या)
घटा कर वर्ग के दौरान ऋण की चुकौती (या)
शुद्ध ऋण- अन्त में
औरात शुद्ध त्राण
वार्षिक आधार पर ऋण पर ब्याज की दर
त्रऋण पर प्याज की दर
श्रणों पर ब्याज की गारित औसत दर
"विदेशी आणों के मामले में परिकलन भारतीय रूपये में प्रस्तुत किया जाये तथापि उसी प्रारूप में मूल मुद्रा में भी परिकलन पृथक रूप से प्रस्तुत किया जाये ।
याचिकाकर्ता 1628-
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 15.3
मानकीय ऋण पर ब्याज का परिकलन
(आंकड़े रू० करोड़ में)
आगामी वर्ष
विवरण
पूर्ववर्ष ( एन-1 ) वर्तमान वर्ष (एन)
आगामीवर्ष ( एन+1 )
आगामीवर्ष (एन+2) (एन+3)
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
सकल मानकीय ऋण आरम्भिक
पिछले वर्ष तक मानकीय ऋण का संचयी भुगतान
शुद्ध मानकीय ऋण आरम्भिक
वर्ष के दौरान वृद्धि या कमी
पटा कर वर्ष के दौरान मानकीय त्राण की चुकौती
शुद्ध गानकीय त्राण अन्त में
औसत गानकीय ऋण
वार्षिक आधार पर वास्तविक ऋण पर ब्याज की भारित औसत दर
गानकीय ऋण पर व्याज
याचिकाकर्ता भाग 1 -क]
1629 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 16
व्याज एवं वित्त प्रभार
(आंकड़े रू० करोड़ में)
पूर्ववर्ष (एन-1 )
वर्तमान वर्ष (एन)
आगामीगर्ष (एन आगामीवर्भ +1)
+2)
(एन आगामीवर्ष (एन +3) क्रम
त्रऋण विवरण
प्रक्षेपित
प्रक्षेपित
प्रयोपित
योग (अप्रैल मार्च)
(वास्तविक /संपरीक्षित)
अप्रैल-सित. (वास्तविक)
अवद्ध -मार्च (गांकलित)
ए राज्य सरकार के ऋणों, बाँड्स एवं अग्रिनों पर ब्याज प्रभार
राज्य सरकार के ऋण
1
2 विदेशी मुद्रा ऋण/केडिट्स
डिवेन्चर्स
3
उप-योग ए
राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित वित्तीय संस्थान /बैंक्स/ संगठनों से दीर्घावधि
भी ऋणों/ क्रेडिट्स पर ब्याज
सधित ऋण
2
3
रक्षित ऋण
1
2
3
उप-योग बी
सी मानकीय त्राण
डी कुल ब्याज प्रभार (ए+भी +सी)
ई परियोजना ऋणों पर वित्त व बैंक प्रमार जारी करने की लागत
एफ ब्याज एवं वित्त प्रमार का कुल योग (डी+६)
जी घटा कर पूंजी लेखे को प्रगारित ब्याज व वित्त प्रभार
एच राजस्व लेखा को प्रभारित कुल ब्याज व वित्त प्रभार (एफ-जी)
भाचिकाकर्ता 1630
[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेपण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 17
कार्यशील पूंजी पर ब्याज का विवरण
(প্রতিই চত যকাথায় में)
बागामी वर्ष (एन व्यागागीयर्ष
मर्तगान वर्ष (एन)
+3)
+2)
+1)
पूर्ववर्ष (एन-1)
विवरण
घोग (डील मार्च)
(पास्वषिक/ संपपरीशिए)
अक्टू-गार्च (बांकलित)
बरेत-सिव (पास्तविक)
1 ओ एंड एन प्यয়
स्पेयर्स ( ओ एंड एम ायों को 15 % )
2
प्राप्य 2 गाउ
4 मूल कार्यशील पूंजी (1+2 +3)
कार्यशील पूंजी आण
6 गानकीय ब्याज दर (2 )
कार्गशील पूंजी पर मानकीय व्याज (5X6 ) भाग 1 -क]
1631 उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 18
निवेश योजना
1
(आंकड़े रू० करोड़ में) भाग ए : प्रस्तावित पारेषण कार्य
क्रम
पारेषण लाईन व संबंधित उप स्टेशनों का नाम
पूर्णता कार्यक्रम / टिप्पणी
पूर्ण होने की अनुसूचित तिथि
अनुमानित लागत (करोड़ रू० में)
लाईन की लंबाई (सी
के टी/ कि.मी.)/
S/S. CAP.-(एमवीए)
1
2
4
3
5
6
I. 400 के वी लाईनें
1
2
3
उप- योग (II) ( 400 के वी लाईनें )
II. 400 के वी उप स्टेशन्स
1
2
3
उप- योग (II) ( 400 के वी उपस्टेशन )
III. 220 के वी लाईनें
1
2
3
उप -योग (III ) (220 के वी लाईन)
IV. 220 के वी उप-स्टेशन्स
1
2
3
उप-योग (iv) (220 के वी उप- स्टेशन्स)
V. 132 के वी लाईनें
1
2
3
उप-योग ( iv ) (132 के वी लाईने)
VI . 132 केवी उप-स्टेशन्स
1
2
3
उप-योग (vi ) (132 के वी उप-स्टेशन्स)
VII . विविध कार्य
1
2
3
उप -योग (vii) विविध कार्य
कुल योग ( I.VIII)
याचिकाकर्ता 1632
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
पारेषण अनुज्ञापी का नाग
प्रपत्र 10
निदेश योजना
failed to site i
भाग ए : पारतविक पारेषण कार्य
पारेषण लाईन म भिधित एपटेशनका गा
(
12
10
11
L 400 के भी साईने
2
एप- घोग (11 ) ( 400 के पी साईने )
11. 400 के पी एप स्टेशन्स
1
2
घर - पोग (11 ) ( 400 को पो पपरटेशन)
IIL 220 के दो साईन
2
पप -योग ( 111 ) ( 220 केवी लाई )
IV. 220 के पी पप-स्टेशन्स
1
2
उप-योग (iv) (220 के वो एप-पटेशन्स)
V. 132 के भी लाईने
6
उप-योग (1 ) (122 के वी साईने)
VI . 122 केवी छप -स्टेशन्त
1
2
3
उप- योग (vi ) (122 के की उप -स्टेराना)
VII. विविध कार्य
3
उपयोग ( vii ) विविध कार्य
मूल योग ( L.VII)
tirN 2011-12 mod Room or ob
जीकरण की विधि पानी जायेगी ।
विद्युत निरीक्षक द्वारा अनुगोदन की विकार भाग 1 - क]
1633 उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर , 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 20
सहीकरण का सार
अंतिम सहीकरण के लिये पूर्व वर्ष ( एन -1)
(आंकड़े रू० करोड़ में)
क्र.सं.
विवरण
नियन्त्रण अयोग्य
अनुमोदित वास्तविक विचलन
नियन्त्रण येग्य
विचलन के कारण
ए वार्षिक पारेषण प्रभार
1 ऋण पर ब्याज ( मानकीय ऋणों पर ब्याज राहित)
2 अवक्षय
3 पट्टा प्रभार
+ इक्विटी पर प्रतिफल
5 ओ एंड एम व्यय
6 कार्यशील पूंजी पर ब्याज
7 आय कर
8 अन्य व्यय (कृपया विवरण दें)
9 सकल वार्षिक पारेषण प्रभार ( 1+ 2+ 3+4+5+6+7+8)
10घटा कर अन्य आय (विवरण दे)
वार्षिक पारेषण प्रभार
भी राजस्थ
1 पारेषण प्रभारों से राजरव
2 अन्य व्यापारों से आय , विद्युत अधिनियम्, 2003 की धारा 41 के अधीन
कुल राजस्व
सी अधिशेष/( अन्तराल )
नोट: अनियन्त्रणीय आयोग कारकों के कारण विचलनों हेतु विस्तृत स्पष्टीकरण पृथक रूप से प्रदान करें
वर्तमान वर्ष (एन) वार्षिक कार्य निष्पादन समीक्षा
राशिकरोड़ रू० में
क्र.सं.
विवरण
परिवर्तन
नियन्त्रण अयोग्य
वास्तविक
नियन्त्रण येग्य
अनुमोदित्त
परिवर्तन के कारण
* वार्षिक पारेषण प्रभार
ऋण पर व्याज (मानकीय ऋणों पर व्याज सहित)
1
2 अवक्षय
3 पट्टा प्रभार
इक्विटी पर प्रतिफल
ओ एंड एम व्यय
5
6 कार्यशील पूंजी पर व्याज
7 आय कर
अन्य व्यय (कृपया विवरण दें)
8
9 सकल वार्षिक पारेषण प्रभार (1 + 2+3+4+5+6+7+8)
10 घटा कर अन्य आय (विवरण दें 9
वार्षिक पारेषण प्रभार
राजस्व
1 पारेषण प्रभारों से राजरय
2 अन्य व्यापारों से आय, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 41 के अधीन
कुल राजस्थ
श्री अधिशेष /(अंतर)
नोट : अनियन्त्रणीय आयोग कारकों के कारण विचलनों हेतु विस्तृत स्पष्टीकरण पृथक रूप से प्रदान करें
याचिकाकर्ता 1634
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
पारेषण अनुज्ञापी का नान
प्रपत्र 21.1
शंट कैपेसिटर परिवर्धन/मरम्मत कार्यकम
(आंकड़े रू ० करोड़ में)
क्षमता (एगयीएआर)
क्र.सं.
विवरण
कैपेसिटर्स परिवर्धन
1 पूर्व वर्ष के अंत पर कुल कैपेसिटर्स आवश्यकता
2 पूर्व वर्ष के अंत पर वास्तविक संस्थापित कैपेसिटर्स
3 पूर्व वर्ष के अंत पर बैक लौग / कमी (1-2 )
4 वर्तमान वर्ष हेतु अतिरिक्त आवश्यकता
5 वर्तमान वर्ष के दौरान जोड़े जाने के लिये आवश्यक कुल क्षमता (3+4)
6 वर्तमान वर्ष के प्रथमार्ध के दौरान वास्तव में संस्थापित
7 वर्तमान वर्ष के द्वितीयार्ध हेतु लक्ष्य
8 वर्तमान वर्ष के दौरान जोड़े जाने के लिये संभावित कुल कैपेसिटर्स (6 +7 )
9 वर्तमान वर्ष में अंत तक उपलब्ध होने के लिये संभावित कुल क्षमता (2 +8 )
10 कमी, यदि कोई है (5-9)
त्रुटिपूर्ण शंट कैपेसिटर्स की मरम्मत
11 पूर्व वर्ष की समाप्ति के अंत में
12 पूर्व वर्ष के अंत तक उपलब्ध शुद्ध क्षमता (2-11)
13 वर्तमान वर्ष के प्रथमार्ध के दौरान क्षतिग्रस्त कैपेसिटर्स
वर्तमान वर्ष में प्रथमार्ध के दौरान मरम्मत किये गये कैपेसिटर्स
14
वर्ष के प्रथमार्ध के अंत तक उपलब्ध शुद्ध क्षमता (12-13+14)
15
16 वर्तमान वर्ष के अंत तक क्षतिग्रस्त कैपेसिटर्स का लक्ष्य स्तर
वर्तमान वर्ष के अंत तक उपलब्ध होने के लिये संभावित शुद्ध क्षमता (9-16)
17
18 वर्ष के अंत तक शुद्ध कमी (5-17)
उपरोक्त विवरण के साथ इसके कारणों व उसके सुधार हेतु किये गये उपायों /नियोजित उपायों को रेखांकित करते हुए विस्तृत नोट संलग्न किया जाये ।
1635 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई ० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 21.2
विद्युत संबंधी दुर्घटनाएँ
(आंकड़े रू० करोड़ में)
दुर्घटनाओं की संख्या
वर्तमान वर्ष
पूर्ववर्ष
दुर्घटना का प्रकार
घातक
योग
योग
अघातक
अघातक
घातक
मानवीय
पशु योग
याचिकाकर्ता 1636
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16 , 1946 शक सम्वत्)
पारेषण अनुज्ञापी का नाम
प्रपत्र 21.3
परिवर्तकों की विफलता
(आंकड़े रू० करोड़ में)
पूर्ववर्ष
वर्तमान वर्ष (वास्तविक)
क्र.सं.
मद
परिवर्तकों की संख्या
परिवर्तकों की संख्या
विफलतागों की संख्या
विफलताओं की संख्या
विफलता की गुल अवधि (घंटे)
विफलता की कुल अवधि (घंटे)
परिवर्तक अनुपात
परिवर्तन अनुपात 1
1
2 परिवर्तन अनुपात 2
3 परिवर्तन अनुपात 3
4 परिवर्तन अनुपात 4 व्यवधान की औसत अवधि
5
परिवर्तन अनुपात 1 के लिये प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
6
परिवर्तन अनुपात 2 के लिये प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
7
परिवर्तन अनुपात 3 के लिये प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
8
परिवर्तन अनुपात 4 के लिये प्रति परिवर्तक व्यवधान की औसत अवधि
याचिकाकर्ता
आयोग के आदेश से ,
नीरज सती,
सचिव,
उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ।
पी ० एस० यू० (आर० ई ०) 49 हिन्दी गजट / 553 - भाग 1 -क-2024 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की , शनिवार, दिनांक 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
भाग 8 सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि कार्यालय नगर निगम ऋषिकेश
29 अक्टूबर, 2024 ई ०
पत्रांक-2927 / भवनकर/ 2024-2025
नामान्तरण के विभिन्न शुल्कों में नियमानुसार संशोधन हेतु प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के सम्बन्ध मे दिनांक-25/09/2024 को बैठक आहूत की गयी ।
क्र० सं०
आपत्तिकर्ता द्वारा सुझाव
शुल्क विवरण
नगर निगम में पूर्वसे प्रचलित दरें
नगर निगम द्वारा प्रस्तावित दरें ।
1
2
3
1
रु0-1000/ - प्रकाशन रू0-400/- शुल्क
सुनवाई उपरान्त अन्तिम निस्तारण ।
4
5
समाचार पत्र शुल्क के दुष्टिगत रू0-1000/- पर सहमति व्यक्त की गयी ।
रू0-10 लाख तक के विक्रय-पत्रों पर रु0-1000/-
रू0-10 लाख तक के विक्रय-पत्रों पर रू0-5000/-
सुनवाई उपरान्त समाचार पत्र प्रकाशन शुल्क रू0 1000/- प्रति आवेदन निर्धारित किया जाना स्वीकृत किया जाना उचित होगा ।
सुनवाई उपरान्त नगर गिनम द्वारा राजस्व अर्जन के दृष्टिगत रू0 5000 /- यथावत रखे जाने का निर्णय लिया जाना यथोचित पाया गया ।
रू0-10 लाख तक के विक्रय-पत्रों पर रू0-5000/- की इस वृद्धि को बढ़ाकर रू0-2500/- करने पर सहमति व्यक्त की गयी ।
प्रक्रिया शुल्क
2
रू0-10 लाख से अधिक तक के विक्रय- पत्रों पर रजिस्ट्री मूल्य का 1 % रु0-10 लाख से अधिक तक के विक्रय- पत्रों रजिस्ट्री मूल्य का 0.1% पर
रू0-10 लाख से अधिक तक के विक्रय-पत्रों पर रजिस्ट्री मूल्य का 1 प्रतिशत की इस वृद्धि को 0.3 प्रतिशत पर सीमित करने पर सहमति प्रदान की गयी ।
सुनवाई उपरान्त नगर गिनम द्वारा राजस्व अर्जन के दृष्टिगत प्रक्रिया शुल्क 10 लाख से अधिक तक के विक्रय- पत्रों पर रजिस्ट्री मूल्य का 1 प्रतिशत यथावत रखे जाना यथोचित पाया गया ।
ह० (अस्पष्ट) नगर आयुक्त,
नगर निगम ऋषिकेश ।
399- ट 400
[ भाग 8
उत्तराखण्ड गजट , 07 दिसम्बर , 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर निगम ऋषिकेश
20 नवम्बर, 2024 ई०
पत्रांक-3147/ भ०क 0(07) /2024-2025
कार्यालय नगर निगम, ऋषिकेश
कच्चे भवन
अन्य पक्काभवन
भूखण्ड जिसमें भवन न बना हो क्र. सं.
मौहल्लों के नाम
पक्काभवन आर० सी० सी० छत
सड़क की चौड़ाई
सड़क की चौड़ाई
सड़क की चौड़ाई
सड़क की चौड़ाई
24 मी० से अधिक
12 मी० से कम
12 मी० से कम
24 मी० से अधिक
12 मी० से कम
24 मी० से अधिक
24 मी० से अधिक
12 मी० से कम
12 मी० से 24 मी०
12 मी० से 24 मी०
12 मी० से 24 मी०
12 मी० से 24 मी०
13
12
11
10
14 2
3
4
5
6
7
8
9
1
0.35 0.25 0..25 0.25
0.50
1.30
2.00 1.50
1.15 0.90 0.70 0.65
1.
नगर निगम द्वारा प्रस्तावित दर
आपत्तिकर्ताओं द्वारा कहा गया है कि सभी प्रस्तावित दरों का 1/3 लिया जाय ( एच०आर० ए० का 1/3 ) एवं सभी
-खण्ड का 0.05 पैसा प्रति वर्ग फुट लिया जाय ।
आपत्तिकर्ता द्वारा सुझाव
खाली भू
वीरभद्र मन्दिर(28) प्रगति विहार(12) बैराज रोड(27)
0.23
0.23 0.23
0.45
0.32
1.17 1.04 0.81 0.63
0.59
1.80 1.35
सुनवाई उपरान्त अन्तिम निस्तारण
प्रस्तावित
रोड एवं वीरभद्र मार्ग के समीप होने के कारण पूर्व से दरों में सुनवाई उपरान्त 10 % की कमी के अनुसार प्रस्ताव) (देहरादून
0.25
0.45
0.45
0.25 0.15 0.25 0.25 1.50 1.15 0.90 0.80 0.70
नगर निगम द्वारा प्रस्तावित दर
2. बापू ग्राम (31) मन्शादेवी (37),बीस मीरा नगर बीघा (29),
आपत्तिकर्ताओं द्वारा कहा गया है कि सभी प्रस्तावित दरों का 1/3 लिया जाय (
एच ०आर०ए० का 1/3) एवं सभी
खाली भू- खण्ड का 0.05 पैसा प्रति वर्ग फुट लिया जाय ।
आपत्ति कर्ता द्वारा सुझाव
0.18
0.33
0.11
0.18 0.18 0.18
0.86 0.67 0.60 0.52 0.33
1.12
(30) शिवाजी नगर(26) सुमनविहार (32), अमित सुनवाई उपरान्त अन्तिम निस्तारण
ग्राम पूर्व (35) , अमितग्राम पश्चिम (36) इन्दिरा नगर
(पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण नगर निगम द्वारा प्रस्तावित दरों में 25% की कमी के अनुसार प्रस्ताव) (38) टी० एच ०डी०सी० (40), नेहरू ग्राम (39) मालवीय नगर (34)
3.
0.25 0.15 0.10
0.90 0.70 0.65 0.45 0.40 0.25 0.15 0.10
1.25
गीता नगर (33)
नगर निगम द्वारा प्रस्तावित दर
सभी आपत्तिकर्ताओं द्वारा कहा गया है कि सभी प्रस्तावित दरों का 1/3 लिया जाय (एच० आर० ए० का 1/3 ) एवं खाली भू- खण्ड का 0.05 पैसा प्रति वर्ग फुट लिया जाय ।
आपत्तिकर्ता द्वारा सुझाव
0.07
0.30
0.18
0.11
0.07 0.18 0.11
0.52
0.67
0.93
0.48 0.33
सुनवाई उपरान्त अन्तिम निस्तारण
(पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण नगर निगम द्वारा प्रस्तावित दरों में 25 % की कमी के अनुसार प्रस्ताव)
ह० (अस्पष्ट) नगर आयुक्त,
नगर निगम ऋषिकेश ।
पी० एस ० यू० (आर० ई ० ) 49 हिन्दी गजट / 553 - भाग 8-2024 ( कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड , रुड़की ।